samacharsecretary.com

Hyundai ने बंद किए 2 Creta वैरिएंट्स, ADAS फीचर का खर्च बढ़ा; कार प्रेमियों में मायूसी

मुंबई  भारत में मिड-साइज SUV सेगमेंट की सबसे मजबूत खिलाड़ी मानी जाने वाली Hyundai Creta को लेकर एक बड़ा बदलाव सामने आया है, जिसने संभावित खरीदारों को चौंका दिया है। अगर आप भी इस SUV को खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो यह जानकारी आपके फैसले को प्रभावित कर सकती है। कंपनी ने बिना ज्यादा प्रचार किए अपने लाइनअप में बदलाव करते हुए दो लोकप्रिय वैरिएंट्स को हटा दिया है, जिससे अब विकल्प सीमित हो गए हैं और कुछ फीचर्स पहले से महंगे हो गए हैं। कौन से वैरिएंट्स हुए बंद, क्या बदला लाइनअप? हुंडई ने अपने पोर्टफोलियो से Creta के SX Tech और SX (O) वैरिएंट्स को पूरी तरह हटा दिया है। पहले जहां इस SUV के कुल 9 वैरिएंट्स बाजार में उपलब्ध थे, अब उनकी संख्या घटकर 7 रह गई है। मौजूदा समय में E, EX, EX (O), S (O), SX, SX Premium और King वैरिएंट्स ही ग्राहकों के लिए उपलब्ध हैं। SX Tech वैरिएंट खासतौर पर उन ग्राहकों के बीच लोकप्रिय था, जो कम कीमत में एडवांस सेफ्टी फीचर्स चाहते थे। वहीं SX (O) लंबे समय तक इस SUV का टॉप-एंड विकल्प रहा, जिसे प्रीमियम फीचर्स के लिए पसंद किया जाता था। ऐसे में इन दोनों विकल्पों का हटना सीधे तौर पर मिड-रेंज ग्राहकों को प्रभावित करता है। ADAS फीचर हुआ महंगा, जेब पर बढ़ा बोझ इस बदलाव का सबसे बड़ा असर उन ग्राहकों पर पड़ा है, जो ADAS यानी Advanced Driver Assistance Systems जैसे आधुनिक सुरक्षा फीचर्स लेना चाहते हैं। पहले SX Tech वैरिएंट के साथ यह सुविधा करीब 15.69 लाख रुपये की शुरुआती कीमत में मिल जाती थी। अब जब यह वैरिएंट बंद कर दिया गया है, तो ADAS पाने के लिए ग्राहकों को सीधे टॉप मॉडल ‘King’ का विकल्प चुनना होगा, जिसकी शुरुआती कीमत लगभग 17.27 लाख रुपये है। इसका मतलब साफ है कि अब वही फीचर पाने के लिए करीब 1.5 लाख रुपये ज्यादा खर्च करने पड़ेंगे। यह बदलाव उन खरीदारों के लिए बड़ा झटका है जो सीमित बजट में ज्यादा सेफ्टी और टेक्नोलॉजी चाहते थे। फीचर्स और इंजन में नहीं हुआ कोई बदलाव हालांकि वैरिएंट्स में कटौती के बावजूद कंपनी ने गाड़ी के इंजन या बेसिक फीचर्स में कोई बदलाव नहीं किया है। Hyundai Motor Company ने साफ किया है कि बाकी सभी वैरिएंट्स में पहले की तरह ही इंजन ऑप्शन और सुविधाएं मिलती रहेंगी। इसके अलावा, ग्राहक अगर अतिरिक्त फीचर्स चाहते हैं तो कंपनी के स्पेशल एडिशन, जैसे समर एडिशन, का विकल्प चुन सकते हैं। हालांकि इसके लिए अतिरिक्त कीमत चुकानी होगी, जिससे कुल लागत और बढ़ सकती है। कंपनी की रणनीति या मजबूरी? ऑटो एक्सपर्ट्स के अनुसार, यह कदम महज एक सामान्य बदलाव नहीं बल्कि एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा हो सकता है। कंपनी का फोकस अब ग्राहकों को टॉप-एंड वैरिएंट्स की ओर शिफ्ट करने पर है, जहां उसका प्रॉफिट मार्जिन ज्यादा होता है। इस रणनीति का सीधा असर मिड-सेगमेंट पर पड़ा है, जहां पहले ग्राहकों के पास संतुलित कीमत और फीचर्स वाले विकल्प मौजूद थे। अब उन्हें या तो कम फीचर्स वाले सस्ते मॉडल लेने होंगे या फिर ज्यादा कीमत देकर प्रीमियम वैरिएंट चुनना होगा। क्या बिक्री पर पड़ेगा असर? Hyundai Creta लंबे समय से भारतीय बाजार में बेस्ट-सेलिंग SUVs में शामिल रही है और इसकी बिक्री लगातार मजबूत रही है। लेकिन वैरिएंट्स में यह बदलाव ग्राहकों के निर्णय को प्रभावित कर सकता है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या ग्राहक बढ़ी हुई कीमत के बावजूद टॉप मॉडल की ओर रुख करते हैं या फिर वे प्रतिस्पर्धी कंपनियों के विकल्पों की ओर मुड़ते हैं। फिलहाल इतना तय है कि इस बदलाव ने बाजार में हलचल जरूर पैदा कर दी है और Creta खरीदने का प्लान बना रहे लोगों को अब पहले से ज्यादा सोच-समझकर फैसला लेना होगा।

युद्ध के चलते अमेरिका में पेट्रोल महंगा, 44% की बड़ी बढ़ोतरी; भारत में स्थिरता

वाशिंगटन/ नई दिल्ली ईरान युद्ध शुरू होने के बाद से दुनियाभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भारी उथल-पुथल देखने को मिली है। लेटेस्ट आंकड़ों के अनुसार, ब्रेंट क्रूड तेल की कीमत 71 डॉलर प्रति बैरल से बढ़कर 107 डॉलर पर पहुंच गई, जिसका सीधा असर आम लोगों की जेब पर पड़ा है। ग्लोबल पेट्र्रोल प्राइस डॉट कॉम के ताजा अपडेट के मुताबिक लाओस में डीजल 149.7% और पेट्रोल की कीमतों में 35.8% की उछाल दर्ज की गई है। म्यांमार में पेट्रोल की कीमतें 89.7% और डीजल 112.7% तक बढ़ गईं। न्यूजीलैंड में डीजल 88.6 प्रतिशत और पेट्रोल 30.7 प्रतिशत महंगा हुआ है। यूएई में पेट्रोल में 52.4% और डीजल में 86 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। ग्लोबल पेट्र्रोल प्राइस डॉट कॉम के ताजा अपडेट के मुताबिक दुनिया में सबसे महंगा पेट्रोल हांगकांग में 394.95 रुपये लीटर है। वहीं, इजरायल में 269.19 रुपये। अमेरिका और यूरोप में भी बढ़ी तेल की कीमतें जिन देशों में फ्यूल मार्केट पूरी तरह से खुला है, वहां कीमतें आसमान छू रही हैं। अमेरिका में पेट्रोल की कीमत में 44.5% की भारी बढ़ोतरी हुई है। यहां एक लीटर पेट्रोल की कीमत 119.55 रुपये है। यूरोपीय देशों में फ्रांस (20.9%), बेल्जियम (25.3%) और यूके (19.2%) में बढ़ोतरी हुई है। यूके में 1 लीटर पेट्रोल की कीमत 202.15 रुपये है। एक लीटर पेट्रोल की कीमत आयरलैंड में 202.35 रुपये, इटली में 213.49 रुपये, फ्रांस में 223.36 रुपये, जर्मनी में 223.67 रुपये लीटर है। भारत में क्यों नहीं बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम पाकिस्तान में भी पेट्रोल 54.9% और श्रीलंका में 38.2% महंगा हुआ है। जहां दुनिया जल रही है, वहीं भारत में स्थिति बिल्कुल विपरीत रही। भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है। भारत में कीमतें स्थिर रहने के पीछे सरकार का हस्तक्षेप है। केंद्र सरकार ने साफ कहा है कि देश में पेट्रोल, डीजल और घरेलू एलपीजी सिलेंडरों के दाम फिलहाल नहीं बढ़ाए जाएंगे। आमतौर पर भारत में कीमतें युद्ध या संकट के तुरंत बाद नहीं बढ़ाई जातीं। सरकार और तेल कंपनियां कुछ हफ्तों तक इंतजार करती हैं कि कहीं कीमतें वापस गिर तो नहीं रही हैं। इसके अलावा, चुनाव या जनता के दबाव में सरकारें एक्साइज ड्यूटी में कटौती करके कीमतों को नियंत्रित रखती हैं। हालांकि, अगर क्रूड की कीमतें 110 डॉलर पर टिकी रहीं, तो यह राहत लंबे समय तक नहीं टिकेगी। आगे का रास्ता एक्सपर्ट्स का कहना है कि ईरान युद्ध जारी रहने तक तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव बना रहेगा। अमेरिका और यूरोप में महंगाई बढ़ना तय है। जिन देशों ने अब तक कीमतें नहीं बढ़ाई हैं (जैसे भारत), वहां सरकारों के पास दो विकल्प हैं या तो सब्सिडी देकर खजाना खाली करें, या फिर कीमतें बढ़ाकर जनता पर बोझ डालें।

शेयर बाजार में तूफान: क्रूड 6% फिसला, सेंसेक्स 1000 अंक उछला

मुंबई   देश भर के पांच राज्यों में विधानसभा चुनावों के नतीजों के बीच शेयर बाजार में आज (4 मई) जो हफ्ते का पहला ट्रेडिंग दिन है. तेजी देखने को मिल रही है। सेंसेक्स लगभग 1,000 अंकों की बढ़त के साथ 77,850 के स्तर पर कारोबार कर रहा है. निफ्टी में भी लगभग 300 अंकों की बढ़त हुई है. यह 24,250 के स्तर से ऊपर कारोबार कर रहा है।  सेंसेक्स में शामिल 30 शेयरों में से 23 में बढ़त देखने को मिल रही है, जबकि 7 में गिरावट दर्ज की जा रही है. मारुति, हिंदुस्तान यूनिलीवर और अडानी पोर्ट्स जैसे शेयरों में 4% तक की बढ़त देखी जा रही है. इस बीच, निफ्टी के सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो मीडिया सेक्टर को छोड़कर बाकी सभी सेक्टरों में तेजी का रुख देखने को मिल रहा है. ऑटो, FMCG, मेटल, फार्मा, पब्लिक सेक्टर बैंक और रियल्टी जैसे सेक्टरों में लगभग 2% तक की बढ़त देखने को मिल रही है।  लेकिन शुरुआती तेजी ज्यादा देर टिक न सकी,  दोपहर 12 बजे तक बाजार की रफ्तार कमजोर पड़ गई. ऊपरी स्तरों पर मुनाफावसूली बढ़ी और सेंसेक्स-निफ्टी दोनों लाल निशान में फिसल गए. बाजार में कमजोरी की वजह वेस्ट एशिया तनाव और ग्लोबल अनिश्चितता बनी हुई थी. निवेशक लगातार क्रूड ऑयल की कीमतों और अमेरिका-ईरान से जुड़ी खबरों पर नजर रखे हुए थे।  लेकिन दोपहर करीब 2 बजे अचानक बाजार का मूड बदल गया. AXIOS की एक रिपोर्ट सामने आई, जिसमें कहा गया कि अमेरिका और ईरान युद्ध खत्म करने को लेकर लगभग सहमत हो गए हैं. इस खबर का असर सीधे क्रूड ऑयल पर दिखाई दिया।  कच्चे तेल यानी क्रूड का भाव करीब 3 फीसदी टूट गया. क्रूड की कीमतों में गिरावट आते ही भारतीय बाजार में खरीदारी लौट आई. क्योंकि भारत जैसे बड़े आयातक देश के लिए सस्ता क्रूड बड़ी राहत माना जाता है. इससे महंगाई कम होने, कंपनियों की लागत घटने और अर्थव्यवस्था को राहत मिलने की उम्मीद बढ़ जाती है।  सेंसेक्स 941 अंक उछलकर 77,959 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 298 अंक चढ़कर 24,331 के पार पहुंच गया. सबसे ज्यादा दम बैंकिंग शेयरों में दिखा।  बैंक निफ्टी 1,434 अंक की बड़ी छलांग लगाकर 55,981 पर बंद हुआ. भारती एयरटेल, फाइनेंशियल शेयर और एमएंडएम ने बाजार को ऊपर की ओर खींचने में बड़ी भूमिका निभाई।  तेल की कीमतों में गिरावट ने भी बाजार में जान फूंक दी. ब्रेंट क्रूड 102 डॉलर प्रति बैरल के नीचे फिसल गया. इसका असर ऑयल कंपनियों पर साफ दिखा. डाउनस्ट्रीम ऑयल कंपनियों में तेजी आई, जबकि अपस्ट्रीम कंपनियों में दबाव दिखा।  मिडकैप शेयरों में तो मानो त्योहार जैसा माहौल रहा. कोफोर्ज शानदार तिमाही नतीजों के बाद 10% उछल गया. वॉकहार्ट में लगातार दूसरे दिन जोरदार खरीदारी हुई और शेयर 13% चढ़ गया. फर्स्टसोर्स 12% और अरविंद फैशंस 10% उछले।  निफ्टी में इंटरग्लोब एविएशन सबसे बड़ा स्टार रहा. शेयर 6% से ज्यादा भागा. वहीं, एलएंडटी के नतीजे अनुमान से कमजोर रहे, जिससे शेयर 1% से ज्यादा टूट गया।  एसआरएफ 8% चढ़ा, जबकि हीरो मोटोकॉर्प में मैनेजमेंट की पॉजिटिव टिप्पणी के बाद तेजी दिखी. दूसरी तरफ एक्साइड इंडस्ट्रीज पर बढ़ती कमोडिटी लागत का दबाव दिखा और शेयर 2% से ज्यादा फिसल गया।  एनएसई का एडवांस-डिक्लाइन रेश्यो 3:1 पर रहा, यानी हर गिरने वाले शेयर के मुकाबले तीन शेयर चढ़े. इससे साफ है कि आज की तेजी सिर्फ कुछ बड़े शेयरों तक सीमित नहीं थी, बल्कि पूरे बाजार में खरीदारी का माहौल था।  निफ्टी की दिनभर की चाल: कब आई गिरावट और कब बाजार ने पकड़ी रफ्तार सुबह 9:00 बजे: प्रीओपन में निफ्टी ने मजबूत शुरुआत की. इंडेक्स करीब 24,171 के आसपास खुला और शुरुआती मिनटों में ही 24,200 के ऊपर निकल गया. बाजार में शुरुआती उत्साह दिखा।  सुबह 10:00 बजे से 12:30 बजे तक: बाजार में धीरे-धीेरे मुनाफावसूली हावी हुई. निफ्टी लगातार दबाव में रहा और इंडेक्स फिसलकर 24,100 के नीचे पहुंच गया. ट्रेडर्स सतर्क नजर आए।  दोपहर 1:00 बजे: बाजार ने दिन का निचला स्तर छुआ. निफ्टी करीब 23,998 तक फिसल गया. इस दौरान बाजार में हल्की घबराहट दिखी, लेकिन बड़ी बिकवाली नहीं आई।  दोपहर 1:30 बजे से 2:15 बजे तक: निचले स्तरों से खरीदारी शुरू हुई. धीरे-धीरे निफ्टी ने रिकवरी पकड़ी और 24,100 के ऊपर वापस पहुंच गया।  दिनभर हाल एक मिनट में जानिए दोपहर 2:30 बजे: बाजार में अचानक तेज खरीदारी देखने को मिली. निफ्टी ने जोरदार उछाल के साथ 24,250 का स्तर पार कर लिया. बैंकिंग और बड़े शेयरों में तेजी बढ़ी।  दोपहर 3:00 बजे के बाद: निफ्टी ने दिन का उच्च स्तर करीब 24,356 छुआ. बाजार में बुल्स पूरी तरह हावी दिखे.बाजार बंद होने के समय: निफ्टी 24,330.95 पर बंद हुआ. इंडेक्स में 298 अंकों यानी 1.24 फीसदी की मजबूत तेजी दर्ज हुई। 

30 दिनों में 1.13 लाख बाइक्स की बिक्री, Royal Enfield ने बनाया रिकॉर्ड

मुंबई  रॉयल एनफील्ड के लिए अप्रैल 2026 एक बेरतरीन महीना रहा है. इसके साथ ही कंपनी ने वित्तवर्ष 2027 की दमदार शुरुआत की है. कंपनी ने अप्रैल 2026 में 1,13,164 बाइक्स को बेचा है. पिछले साल के मुकाबले ये आंकड़ा 31 परसेंट ज्यादा है।   पिछले साल अप्रैल में कंपनी ने 86,559 यूनिट्स को बेचा था. ब्रांड ने घरेलू मार्केट में 1,04,129 बाइक्स को बेचा है. अप्रैल 2025 में घरेलू मार्केट का आंकड़ा 76,002 यूनिट्स पर था. यानी देश में कंपनी की सेल 37 परसेंट बढ़ी है।         ब्रांड की मजबूत शुरुआत दिखाती है कि कंपनी भारतीय बाजार को अच्छी तरह से समझ रही है और सही दिशा में आगे बढ़ रही है. हालांकि, एक्सपोर्ट के मामले में कंपनी को इस महीने नुकसान हुआ है. ब्रांड ने 9,035 यूनिट्स को शिप किया है, जो पिछले साल 10,557 यूनिट्स तक पहुंच गया था। अप्रैल 2026 रॉयल एनफील्ड के लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि कंपनी ने अपनी पहली इलेक्ट्रिक बाइक को पेश किया है. ब्रांड ने रॉयल एनफील्ड की पहली इलेक्ट्रिक बाइक Flying Flea C6 को लॉन्च कर दिया है।  ये बाइक रेट्रो लुक और मॉडर्न टेक्नोलॉजी के कॉम्बिनेशन के साथ आती है. Flying Flea C6 को चरणबद्ध तरीके से मार्केट में उतारा जाएगा. ब्रांड इसकी शुरुआत बेंगलुरू से करेगी।  ब्रांड का 350सीसी से सेगमेंट में अभी भी दबदबा है. हाल में ही कंपनी ने हंटर 350 का नया बेस वेरिएंट पेश किया है. साथ ही ये बाइक नए कलर ऑप्शन में भी आ रही है. इन अपडेट्स के जरिए कंपनी अर्बन यूजर्स को टार्गेट कर पा रही है।        ग्लोबल मार्केट में कंपनी की Himalayan 450 अच्छा परफॉर्म कर रही है. ये अपनी कैटेगरी में बेस्ट सेलिंग बाइक्स की लिस्ट में भी जगह बना सकती है. इस मॉडल की ग्रोथ लगातार देखने को मिल रही है। 

ईशा अंबानी ने मेट गाला में बताया, ये हैं दूसरी बार प्रेग्नेंट

मुंबई  सबसे बड़े फैशन इवेंट मेट गाला 2026 में अंबानी परिवार की लाडली ईशा ने फैशन के जलवे बिखेरे. उनके स्टाइलिश लुक ने सबका ध्यान अपनी ओर खींचा. वो गौरव गुप्ता की कस्टम मेड गोल्ड टिश्यू साड़ी में दिखीं. उनका ये लुक ट्रैडिशनल और मॉर्डन क्रिएटिविटी का मिक्स था. अपनी साड़ी को ईशा ने ड्रामेटिक गोल्डन कैप के साथ कंप्लीट किया. उनका ब्लाउज हीरे-मोतियों से जड़ा था।  ईशा का इंटनेट पर एक वीडियो वायरल हो रहा है जहां वो एक लेडी की सेकंड प्रेग्नेंसी अनाउंस करती हुई दिख रही हैं. न्यूयॉर्क की फेमस जूलरी डिजाइन जूलिया कैफे से ईशा मेट गाला इवेंट के दौरान मिलीं. ईशा वीडियो में तैयार हो रही हैं. वो रेड कारपेट पर जाने से पहले टचअप ले रही हैं. तभी रूम में जूलिया की एंट्री होती है. दोनों एक-दूसरे को ग्रीट करती हैं. ईशा उनके पहले बेबी का हाल चाल लेती हैं।  लेकिन तभी ईशा ने जूलिया का बेबी बंप नोटिस किया. वो उनकी सेकंड प्रेग्नेंसी को लेकर सवाल करती हैं. जूलिया बताती हैं कि उनका दूसरा बेबी सितंबर में आने वाला है. जूलिया ने कैप्शन में लिखा- बेबी कैफे सितंबर 2026 में आ रहा है. कभी नहीं सोचा था ईशा अंबानी मेट गाला के दिन मेरी प्रेग्नेंसी अनाउंस करेंगी. फैंस और सेलेब्स ने जूलिया को प्रेग्नेंट होने पर बधाई दी है।  कौन हैं जूलिया? जूलिया जानी मानी न्यूयॉर्क बेस्ड जूलरी इंफ्लुएंसर, डिजाइनर और कंटेंट क्रिएटर हैं. वो सोशल मीडिया पर काफी फेमस हैं. उनके इंस्टा पर 902K फॉलोअर्स हैं. जूलिया की अंबानी परिवार संग अच्छी बॉन्डिंग है. जूलिया कैफे फाइन जूलरी नाम से उनकी जूलरी लाइन है. वो अपने एनर्जेटिक और फास्ट इंफोर्मेटिव जूलरी ब्रेकडाउन वीडियोज के लिए फेमस हैं. वो वीडियोज में सेलेब्स की पहनी गई जूलरी की कीमत, उनकी क्वॉलिटी और कैरेट्स की जानकारी देती हैं. उनके वीडियो लाइफस्टाइल और फैशन को लेकर अपडेट देते हैं।  कैसा है ईशा का मेट गाला लुक? ईशा का मेट गाला लुक भारतीय संस्कृति की झलक दिखाता है. उनके आउटफिट को 50 कारीगरों ने 1200 घंटों में बनाया. उनके लुक को अनीता श्रॉफ अदजानिया ने स्टाइल किया है. जूलरी से जड़ा उनका ब्लाउज सबसे बड़ा हाईलाइट रहा. ईशा ने मां नीता अंबानी के प्राइवेट कलेक्शन की जूलरी को मेट गाला के लिए चुना. उनका ब्लाउज 1800 कैरेट डायमंड, एमराल्ड, पोलकी और कुंदन से सजा है. ईशा का मल्टीलेयर्ड कुंदन नेकलेस, ईयरिंग्स, रिंग्स मां के कलेक्शन से थीं। 

Gold और Silver के रेट में गिरावट, निवेशकों के लिए अलर्ट

नई दिल्ली Gold-Silver Prices Today: भारतीय सर्राफा बाजार में सोना-चांदी की कीमतों में आज (मंगलवार) फिर सोना-चांदी की कीमतों में  गिरावट देखने को मिली है. इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) की आधिकारिक वेबसाइट ibjarates.com के मुताबिक, 5 मई 2026 को जारी रेट्स में सोना-चांदी सस्ता हुआ है. ताजा कीमतों की बात करें तो 999 शुद्धता वाले यानी 24 कैरेट सोने का रेट गिरावट के साथ 147557 रुपये प्रति 10 ग्राम तक आ गया है. वहीं, चांदी का भाव भी अब 2 लाख 40 हजार रुपये प्रति किलो से नीचे है।  ibjarates.com पर सुबह जारी किए गए रेट्स के मुताबिक, 995 शुद्धता वाले यानी 23 कैरेट सोने का रेट 146966 रुपये प्रति 10 ग्राम है. वहीं, 22 कैरेट सोने का रेट 1 लाख 35 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम है।  05 May 2026 को कितने रुपये सस्ता हुआ 22-24 कैरेट सोना और चांदी?     शुद्धता सोमवार, 4 मई शाम का भाव मंगलवार, 5 मई सुबह का भाव रेट में कितना बदलाव सोना (प्रति 10 ग्राम) 999   (24 कैरेट) 148100 147557  543 रुपये सस्ता सोना (प्रति 10 ग्राम) 995   (23 कैरेट) 147507 146966  541 रुपये सस्ता  सोना (प्रति 10 ग्राम) 916  (22 कैरेट)  135660 135162  498 रुपये सस्ता सोना (प्रति 10 ग्राम) 750   (18 कैरेट) 111075 110668  407 रुपये सस्ता सोना (प्रति 10 ग्राम) 585    (14 कैरेट) 86638 86321  317 रुपये सस्ता चांदी(प्रति 1 किलो) 999      240120 239502 Advertisement     618 रुपये सस्ती बीते कारोबारी दिन यानी 4 मई को क्या था 22-24 कैरेट सोने का रेट? 24 कैरेट गोल्ड सुबह का रेट- 148357 शाम का रेट-  148100 22 कैरेट गोल्ड सुबह का रेट-  135895 शाम का रेट-  135660 इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) द्वारा जारी किए गए दाम पूरे देश में मान्य होते हैं. केंद्रीय सरकार द्वारा घोषित छुट्टियों के अलावा ibjarates.com पर सोमवार से शुक्रवार रोज सुबह और शाम रेट जारी नहीं किए जाते हैं. गोल्ड-सिल्वर की इन कीमतों में जीएसटी शामिल नहीं होता और ज्वैलरी खरीदने पर मेकिंग चार्ज अलग से देने होते हैं    

चुनावी नतीजों के बाद शेयर बाजार में उछाल, सेंसेक्स में 900 अंक की बढ़त

मुंबई   मजबूत ग्लोबल सेंटिमेंट और पश्चिम बंगाल (West Bengal Election Result, 2026) सहित पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव नतीजों के बीचआज बाजार रफ्तार में है। खासतौर पर पश्चिम बंगाल में BJP की जीत की उम्मीद को बाजार घरेलू पॉलिटिकल डायनेमिक्स के हिसाब से एक पॉजिटिव संकेत मान रहा है। इसके चलते Sensex जहां, 900 अंक से ज्यादा की तेजी के साथ 77,910.75 पार चला गया है। वहीं, निफ्टी करीब 300 अंक के उछाल के साथ 24,290.20 तक पहुंच गया है। शुरुआती गैप-अप के बाद से ही बाजार में तेजी बरकरार है, जिससे साफ है कि ग्लोबल संकेतों के सपोर्ट से निवेशकों का सेंटीमेंट पॉजिटिव बना हुआ है और खरीदारी का दायरा बढ़ रहा है। गैप अप हुई ओपनिंग आज घरेलू शेयर बाजार की शुरुआत पॉजिटिव लेकिन सतर्कता के साथ हुई है। Sensex जहां 343.77 अंकों की बढ़त के साथ 77,257.27 पर खुला, वहीं Nifty 66 अंकों की तेजी के साथ 24,063.55 पर ओपन हुआ है। हालांकि, आज ग्लोबल संकेत पॉजिटिव हैं। लेकिन, पश्चिम बंगाल सहित 5 राज्यों के चुनाव नतीजों को लेकर निवेशक सतर्क नजर आ रहे हैं। हालांकि, ओवरऑल अब भी क्रूड और यूएस-ईरान युद्ध ही बाजार के प्रमुख ड्राइविंग फैक्टर बने हुए हैं। ब्रॉड मार्केट में चौतरफा खरीदारी ब्रॉड मार्केट में आज मजबूती का व्यापक संकेत दिखा, जहां Nifty 500 करीब 0.44% और Nifty 200 0.40% की बढ़त के साथ ट्रेड कर रहे हैं। खास बात यह रही कि मिडकैप और स्मॉलकैप सेगमेंट में ज्यादा तेजी दिखी, जहां Nifty Midcap 100 लगभग 0.75% और Nifty Smallcap 100 करीब 0.78% ऊपर हैं। यह संकेत देता है कि बाजार में जोखिम लेने की क्षमता बढ़ी है और निवेशक बड़े शेयरों के साथ-साथ ब्रॉड-बेस्ड खरीदारी कर रहे हैं। हालांकि India VIX में उछाल (करीब 5.8%) यह भी दिखाता है कि वोलैटिलिटी अभी बनी हुई है। सेक्टोरल मार्केट में IT, Auto में तेजी सेक्टोरल इंडेक्स में आज मिलाजुला लेकिन पॉजिटिव रुख देखने को मिला, जहां Nifty IT (0.86%), Nifty Auto (0.83%) और Nifty Realty (0.87%) ने बाजार को सपोर्ट दिया। इसके अलावा FMCG, मेटल और फार्मा सेक्टर में भी हल्की खरीदारी देखने को मिली। हालांकि बैंकिंग स्पेस में कमजोरी दिखी, जहां Nifty Private Bank हल्की गिरावट में रहा और Nifty Bank में सीमित बढ़त दर्ज हुई। इससे साफ है कि बाजार की तेजी फिलहाल सेक्टर-विशिष्ट है, जिसमें IT और रियल्टी जैसे सेक्टर लीड कर रहे हैं, जबकि बैंकिंग अभी भी दबाव में है। निवेशकों की संपत्ति में ₹6 लाख करोड़ का इजाफा निफ्टी मिडकैप 150 और स्मॉलकैप 250 में भी 1-1% से ज्यादा का उछाल देखा गया. इस शानदार रैली के कारण निवेशकों की संपत्ति में एक ही सत्र में लगभग ₹6 लाख करोड़ का इजाफा हुआ, जिससे बीएसई में लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन ₹463 लाख करोड़ से बढ़कर ₹469 लाख करोड़ के पार पहुंच गया. पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम और पुडुचेरी के रुझान जैसे-जैसे साफ होंगे, बाजार  में हलचल और तेज होने की उम्मीद है।  रियल्टी और आईटी शेयरों में बंपर तेजी सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो शुरुआती कारोबार में रियल्टी और आईटी शेयरों में खरीदारी देखी गई.निफ्टी रियल्टी और निफ्टी आईटी टॉप गेनर था. निफ्टी ऑटो, निफ्टी एफएमसीजी, निफ्टी मेटल, निफ्टी इंडिया डिफेंस, निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और निफ्टी फार्मा के साथ करीब सभी इंडेक्स हरे निशान में थे।  विदेशों से मिले थे अच्छे संकेत  भारतीय शेयर बाजार में कारोबार की शुरुआत से पहले ही विदेशों से सेंसेक्स निफ्टी के लिए अच्छे संकेत मिल रहे थे, ज्यादातर एशियाई शेयर बाजारों में तेजी के साथ कारोबार हो रहा था, तो वहीं Gift Nifty भी ग्रीन जोन में नजर आया।  सभी सेक्टर ग्रीन-ग्रीन  शेयर बाजार में तेजी के बीच लगभग सभी सेक्टर ग्रीन जोन में नजर आए. निफ्टी ऑटो, निफ्टी रियल्टी, निफ्टी एफएमसीजी, निफ्टी मेटल्स और निफ्टी पीएसयू बैंक में तेजी के साथ कोराबार हो रहा था।  दिग्गज कंपनियों के शेयर दौड़े शेयर बाजार में तेजी के बीच बीएसई लार्जकैप में शामिल Maruti Share (4.10%), HUL Share (3.95%), LT Share (2.50%), Asian Paints Share (2.40%), Adani Ports Share (2.35%) की तेजी लेकर कारोबार कर रहे थे. तो वहीं बैंकिंग शेयरों में भी उछाल देखने को मिला. Axis Bank Share (1.80%), HDFC Bank Share (1.60%) और SBI Share (1.30%) की तेजी में नजर आया। 

शादी के मौसम में सोने की कीमत में 26,778 रुपये की गिरावट, चांदी भी सस्ती हुई

इंदौर  शादियों के इस सीजन में सोने और चांदी की कीमतों में भारी गिरावट देखने को मिली है। आल टाइम हाई से सोने का रेट 26778 रुपये के स्तर पर लुढ़क चुका है। वहीं, चांदी 143106 रुपये सस्ता हो गया है। आइए डीटेल्स में जानते हैं कि सोने और चांदी का क्या रेट चल रहा है? आज सोने का क्या है रेट? (Gold price today) इंडियन बुलियंस ज्वैलर्स एसोसिएशन की रिपोर्ट के अनुसार गुरुवार को 24 कैरेट 148652 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया है। 23 कैरेट गोल्ड का रेट 148057 रुपये प्रति 10 ग्राम, 22 कैरेट गोल्ड का रेट 136165 रुपये प्रति 10 ग्राम और 18 कैरेट गोल्ड का रेट 111489 रुपये 10 ग्राम के स्तर पर था। वहीं, 14 कैरेट गोल्ड का रेट 86961 रुपये प्रति 10 ग्राम था। चांदी दाम कितना गिरा? (Silver Rate Today) ibjarates के अनुसार गुरुवार को चांदी का रेट 236882 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर था। बता दें, शुक्रवार को छुट्टी थी। इस वजह से नए रेट जारी नहीं किए गए थे। वहीं, शनिवार और रविवार को सप्ताहिक की होने की वजह से अब सोमवार को नए रेट जारी किए जाएंगे। सोने की कीमतों में गिरावट की क्या वजह? (Why Gold price falling) मौजूदा समय में वैश्विक स्तर ईरान युद्ध की वजह से काफी उथल-पुथल मचा हुआ है। जिसकी वजह से निवेशक सोने की जगह डॉलर में इनवेस्टमेंट कर रहे हैं। मौजूदा समय में डॉलर काफी मजबूत हो चुका है। डॉलर की कीमतों में जारी तेजी की वजह से भी सोने पर बुरा असर पड़ा है। बढ़ती महंगाई ने भी स्थिति को बिगाड़ा सोने के रेट में गिरावट के पीछे की वजह महंगाई को भी माना जा रहा है। कच्चे तेल की कीमतों में जारी बढ़ोतरी की वजह से दुनिया भर में महंगाई बढ़ रही है। इसकी वजह से भी कीमतों में गिरावट देखने को मिली है। महंगा होने की वजह से भी बनाई दूरी सोने की कीमतों में अचानक से एक साल के दौरान बहुत तेजी आई है। जिसके बाद आम-आदमी की पहुंच से सोना दूर होने लगा। निवेशकों ने इसकी वजह से भी दूरी बनाई है। गिरावट के पीछे एक वजह यह भी है। (यह निवेश की सलाह नहीं है। सोने और चांदी की कीमतों में जारी तेजी के पीछे कई कारण होते हैं। यहां प्रस्तुत जानकारी के आधार पर लाइव हिन्दुस्तान गोल्ड और सिल्वर में इनवेस्टमेंट की सलाह नहीं देता है।)

फ्लाइट्स में कटौती की तैयारी, एयर इंडिया घटाएगी सुविधाएं – यात्रियों को मिलेगी राहत

नई दिल्ली मौजूदा संकट के बीच एयर इंडिया की तरफ से ग्राहकों को बड़ी राहत दी जा सकती है। एयर इंडिया छोटी घरेलू और इंटरनेशनल फ्लाइट्स में भोजन की व्यवस्था वैकल्पिक बनाने का विचार करने जा रहा है। ऐसे में अगर कोई पैसेंजर खाना का विकल्प नहीं चुनता है तब की स्थिति में टिकट का किराया 250 रुपये तक कम हो सकता है। दी टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार एयर इंडिया मौजूदा परिस्थितियों से निपटने के लिए अन्य कई फैसले ले सकती है। कंपनी में इसको लेकर काफी मंथन चल रहा है। एक सुविधा देने पर विचार कर रही है कंपनी रिपोर्ट के अनुसार खाना का चयन ना करने पर पैसेंजर्स को सस्ता एयर इंडिया का टिकट मिल जाएगा। कंपनी इसके अलावा बिजनेस क्लास के पैसेंजर्स के लिए लाउंज एक्सेस अनबंडलिंग करने की तैयारी भी कर रही है। मौजूदा समय में लाउंज ऑपरेटर्स मेट्रो सिटी में 1100 रुपये से 1400 रुपये तक और नॉन मेट्रो शहर में 600 रुपये से 700 रुपये तक वसूल रहे हैं। औसतन 1000 रुपये एक लाउंज एक्सेस पर खर्च होता है। बहुत से बिजनेस क्लाइस की फ्लाइट्स काफी तेजी के ऑपरेट होती हैं। ऐसे में कई बार पैसेंजर एयरपोर्ट पर लाउंज एक्सेस नहीं कर पाते हैं। ऐसे में यह सुविधा अगर हटती है तो टिकट का किराया कम हो जाएगा। मामले की जानकारी रखने वाले व्यक्ति के अनुसार, “एयर इंडिया पहले दिन से ही भोजन को टिकट में जोड़ती आ रही है। लेकिन अब एविएशन टरबाइन फ्यूल का रेट बढ़ने और रुपये की कीमत घटने की वजह से हवाई जहाज का रेट बढ़ गया है। भारत एक प्राइस सेसंटिव देश है। ऐसे में कीमतें अधिक होने की स्थिति में पैसेंजर्स ट्रेन या रोड का विकल्प चुन सकते हैं। जिसकी वजह से कंपनी इस भोजन की व्यवस्था पर विचार कर रही है।” जुलाई से एयर इंडिया की इंटरनेशनल फ्लाइट्स में होगी कटौती पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार एयर इंडिया जुलाई के महीने से इंटरनेशनल फ्लाइट्स में कटौती करेगा। कंपनी बढ़ते तेल के खर्च और हवाई पाबंदियों की वजह से यह फैसला लेने के लिए मजबूर है। मौजूदा समय में एयर इंडिया घाटे में चल रही है। वित्त वर्ष 2026 में एयर इंडिया को 22000 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था। शुक्रवार को कंपनी के चीफ एग्जीक्यूटिव और एमडी Campbell Wilson ने कहा, “हमने ने अप्रैल और मई के महीने में कुछ फ्लाइट्स की कटौती की है। इसके पीछे की वजह बढ़ता तेल का खर्च और एयरस्पेस की पाबंदियां हैं। जिसके कारण हमारी इंटरनेशनल फ्लाइट्स मुनाफा नहीं कमा पा रही हैं।”

SBI से 40 लाख का घर लोन: आपकी इनकम कितनी होनी जरूरी, EMI का पूरा हिसाब

नई दिल्ली एक आम आदमी के लिए होम लोन सबसे अधिक रकम का और सबसे अधिक अवधि वाला लोन होता है। ऐसे में कभी भी जल्दबाजी में होम लोन नहीं लेना चाहिए। होम लोन लेने से पहले सभी बैंकों द्वारा ऑफर की जा रही ब्याज दर और दूसरे चार्जेज की तुलना कर लें। जहां आपको सबसे सस्ता पड़ रहा हो, वहां से होम लोन लें। अगर आपका क्रेडिट स्कोर अच्छा नहीं है, तो होम लोन लेने से पहले इसे जरूर ठीक कर लें। इससे आपको कर्ज पर कम ब्याज दर पाने में मदद मिलेगी। SBI की होम लोन पर ब्याज दरें देश का सबसे बड़ा सरकारी बैंक एसबीआई होम लोन पर 7.25 फीसदी से 8.45 फीसदी ब्याज दर ऑफर कर रहा है। होम लोन मैक्सगेन (OD) में ब्याज दर 7.75 फीसदी से 8.95 फीसदी है। टॉप अप लोन पर 7.75 फीसदी से 10.50 फीसदी ब्याज दर मिल रही है। वहीं, योनो इंस्टा होम टॉप अप लोन पर बैंक 8.10 फीसदी ब्याज दर ऑफर कर रहा है।   40 लाख के होम लोन पर कितना बनेगा ब्याज अगर आप एसबीआई से 40 लाख रुपये का होम लोन 7.25 फीसदी ब्याज दर पर 30 साल के लिए लेते हैं, तो मंथली ईएमआई 27,287 रुपये की बनेगी। यहां आप 30 साल में कुल ब्याज 58,23,338 रुपये चुकाएंगे। अगर आप यह लोन 25 साल के लिए लेते हैं, तो मंथली ईएमआई 28,912 रुपये की बनेगी। यहां आप कुल ब्याज 46,73,682 रुपये चुकाएंगे। अगर आप यह लोन 20 साल के लिए लेते हैं, तो मंथली ईएमआई 31,615 रुपये की बनेगी। इस लोन में आप कुल ब्याज 35,87,609 रुपये चुकाएंगे। अवधि (Tenure)    मासिक EMI    कुल ब्याज 30 साल    ₹27,287    ₹58,23,338 25 साल    ₹28,912    ₹46,73,682 20 साल    ₹31,615    ₹35,87,609 अवधि (Tenure)    ब्याज दर    न्यूनतम मंथली सैलरी 30 साल    7.25%    ₹54,574 25 साल    7.25%    ₹57,824 कितनी होनी चाहिए आपकी सैलरी? बैंक आपकी मंथली सैलरी के 50 फीसदी तक की रकम के बराबर ईएमआई वाला लोन आसानी से दे देते हैं। एसबीआई से 40 लाख रुपये का होम लोन 7.25 फीसदी ब्याज दर पर 30 साल के लिए लेने के लिए न्यूनतम मंथली सैलरी 54,574 रुपये होनी चाहिए। इसमें एक शर्त यह है कि आपके ऊपर पहले से कोई दूसरा लोन नहीं होना चाहिए। अगर आप यह लोन 25 साल के लिए लेते हैं, तो न्यूनतम मंथली सैलरी 57,824 रुपये होनी चाहिए।