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सेंसेक्स में गिरावट: होर्मुज संकट, क्रूड के उछाल और IT शेयरों का संकट, 755 अंक की गिरावट

मुंबई  शेयर मार्केट में जारी तूफानी तेजी पर ब्रेक लग गया है. सप्ताह के तीसरे कारोबारी दिन बुधवार को बीएसई का सेंसेक्स और एनएसई का निफ्टी इंडेक्स तेज गिरावट के साथ ओपन हुआ. होर्मुज स्ट्रेट को लेकर अमेरिका और ईरान में मचे घमासान और क्रूड ऑयल की कीमत में अचानक आए उछाल ने दुनियाभर के शेयर बाजारों में फिर हलचल और खौफ बढ़ा दिया है।  भारत की बात करें, तो बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला Sensex 300 अंक की गिरावट के साथ ओपन हुआ और कुछ देर में ये 755 अंक से ज्यादा टूट गया. वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का Nifty करीब 200 अंक की गिरावट लेकर कारोबार करता दिखा. इस गिरावट के बीच टेक कंपनियों के शेयर क्रैश (IT-Tech Stock Crash) नजर आए. HCT Tech Share तो खुलने के साथ ही करीब 10 फीसदी टूट गया।  खराब शुरुआत, फिर बिखरे इंडेक्स  Share Market में बुधवार को कारोबार की शुरुआत खराब रही और कुछ देर में ही गिरावट तेज हो गई. बीएसई का सेंसेक्स अपने पिछले बंद 79,273 की तुलना में 79,019 पर ओपन हुआ और फिर अचानक कुछ मिनटों में ही 755 अंक से ज्यादा की गिरावट लेकर 78,518 के लेवल पर कारोबार करने लगा।   सेंसेक्स की तरह ही एनएसई निफ्टी की भी शुरुआत खराब रही और ये 50 शेयरों वाला इंडेक्स अपने पिछले बंद 24,576 की तुलना में गिरावट के साथ 24,470 पर खुला. इसके बाद NSE Nifty भी तेजी से फिसलता चला गया और करीब 200 अंक की गिरावट लेकर 24,352 पर ट्रेड करता दिखा।  Tech Share खुलते ही क्रैश  शेयर बाजार में अचानक आई इस बड़ी गिरावट के बीच आईटी और टेक कंपनियों के शेयर बुरी तरह क्रैश नजर आए. बीएसई लार्जकैप कैटेगरी में शामिल HCL Tech Share खुलते ही 10 फीसदी के आसपास टूट गया. इसके अलावा Infosys Share (3%), Tech Mahindra Share (2.50%), TCS Share (2.10%) तक गिरावट के साथ ट्रेड कर रहे थे।  बाजार क्रैश होने के बड़े कारण बात करें, शेयर बाजार में मची तबाही के पीछे के कारणों के बारे में, तो मिडिल ईस्ट युद्ध की टेंशन फिर हाई पर है, डोनाल्ड ट्रंप होर्मुज को लेकर अड़े हुए हैं और ईरान दूसरी ओर से लगातार धमकियां दे रहा है. इसके चलते क्रूड की कीमतों में फिर से उबाल आने लगा है. इसका असर एशियाई बाजारों में उथल-पुथल के तौर पर देखने को मिला और विदेशों से मिले निगेटिव सिग्नल के चलते सेंसेक्स-निफ्टी भी बिखर गए।  ये शेयर भी धराशायी आईटी-टेक शेयरों के अलावा अन्य गिरावट वाले स्टॉक्स की बात करें, तो ICICI Bank Share (2%), BEL Share (1.50%) की गिरावट में ट्रेड कर रहा था. इसके अलावा मिडकैप में शामिल Coforge Share (2.70%), MPhasis Share (1.90%) फिसलकर ट्रेड कर रहा था। 

टेक कंपनियों ने 2026 में 73,000 कर्मचारियों को क्यों निकाला? वजह है चिंता का विषय

   नई दिल्ली दुनिया भर की टेक कंपनियों में इस समय एक बड़ा बदलाव चल रहा है और इसका सबसे बड़ा असर नौकरियों पर दिख रहा है. 2026 की शुरुआत से अब तक 73,000 से ज्यादा लोगों की नौकरी जा चुकी है. यह आंकड़ा सिर्फ एक-दो कंपनियों का नहीं, बल्कि करीब 90 से ज्यादा टेक कंपनियों का है।  सबसे बड़ी बात यह है कि यह सिर्फ एक नॉर्मल फायरिंग नहीं है. इसे टेक इंडस्ट्री का रीसेट कहा जा रहा है. कई कंपनियां सिर्फ AI के नाम पर ही छंटनी कर रही हैं. यानी कंपनियां अपने काम करने का तरीका बदल रही हैं और उसी के हिसाब से कर्मचारियों की जरूरत भी बदल रही है।  इस पूरे बदलाव के पीछे सबसे बड़ा कारण है आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI. पहले जिन कामों के लिए बड़ी टीम की जरूरत होती थी, अब वही काम AI टूल्स की मदद से कम लोगों में हो रहा है. कंपनियां अब ज्यादा तेज, सस्ती और इफिशिएंट बनने की कोशिश कर रही हैं।  Meta से लेकर Oracle तक.. अगर इस आंकड़े को ध्यान से समझें, तो सबसे पहले नजर जाती है Meta Platforms पर. रिपोर्ट्स के मुताबिक Meta करीब 8,000 कर्मचारियों को निकालने की तैयारी में है. यह उसकी कुल वर्कफोर्स का लगभग 10 प्रतिशत हिस्सा माना जा रहा है।  यह छंटनी एक ही बार में नहीं, बल्कि अलग-अलग फेज में की जा रही है, जिससे साफ है कि कंपनी लंबे समय के लिए अपने खर्च को कम करना चाहती है।  इसके बाद बात आती है ऐमेजॉन की, जहां पिछले कुछ महीनों में बड़ी संख्या में नौकरियां कम की गई हैं. रिपोर्ट्स में यह संख्या करीब 30,000 तक बताई जा रही है।  ऐमेजॉन का यह कदम इसलिए अहम है क्योंकि यह अकेले इस पूरे 73,000 के आंकड़े का बड़ा हिस्सा कवर करता है. इसी तरह Block Inc. ने भी करीब 4,000 कर्मचारियों को हटाया है. कंपनी ने अपने बिजनेस को लीन बनाने और खर्च कम करने के लिए यह फैसला लिया। सोशल मीडिया कंपनी Snap Inc. ने भी करीब 1,000 कर्मचारियों को निकालने का फैसला किया है. Snap ने साफ कहा है कि वह AI और ऑटोमेशन पर ज्यादा फोकस कर रही है, जिससे कुछ रोल्स की जरूरत कम हो गई है।  Oracle ने हाल ही में की है छंटनी इन बड़ी कंपनियों के अलावा Oracle और दूसरी कई टेक कंपनियों में भी हजारों की संख्या में कटौती की गई है, हालांकि हर कंपनी ने सटीक आंकड़े सार्वजनिक नहीं किए हैं. हाल ही में ओरैकल ने भारत से ही 10 हजार लोगों को बाहर का रास्ता दिखाया और आगे चल कर 20,000 और जॉब्स जा सकती हैं।  अब अगर इन सभी को एक साथ देखें, तो तस्वीर साफ हो जाती है. Amazon के करीब 30,000, Meta के लगभग 8,000, Block के 4,000 और Snap के 1,000 के साथ बाकी 80-90 कंपनियों में हुई छोटी-बड़ी छंटनी मिलाकर कुल आंकड़ा 73,000 के पार पहुंच जाता है. इसमें ओरैकल द्वाारा फायर किए गए लोग भी हैं।  यह भी समझना जरूरी है कि यह सिर्फ उन नौकरियों का आंकड़ा है जो आधिकारिक तौर पर सामने आए हैं. कई कंपनियां बिना ऐलान के भी टीम कम कर रही हैं, हायरिंग रोक रही हैं या कॉन्ट्रैक्ट खत्म कर रही हैं. ऐसे मामलों को जोड़ दिया जाए, तो असली संख्या इससे भी ज्यादा हो सकती है।  कोरोना में हुई ज्यादा हायरिंग? इस पूरे ट्रेंड के पीछे कई कारण एक साथ काम कर रहे हैं. सबसे पहले, कोरोना के समय कंपनियों ने बहुत तेजी से हायरिंग की थी. उस समय डिजिटल सर्विसेज की मांग बढ़ी थी, लेकिन अब ग्रोथ धीमी हो गई है. ऐसे में कंपनियां एक्स्ट्रा स्टाफ को कम कर रही हैं।  दूसरा बड़ी वजह है खर्च कम करना. ग्लोबल इकॉनमी लगातार बदल रही है, महंगाई और निवेश में कमी ने कंपनियों को ज्यादा सतर्क बना दिया है. अब वे हर खर्च को ध्यान से देख रही हैं और जहां जरूरत नहीं है, वहां कटौती कर रही हैं।  तीसरा और सबसे बड़ा कारण है AI का तेजी से बढ़ता इस्तेमाल. अब कंपनियां यह समझ चुकी हैं कि कई काम मशीन से कराए जा सकते हैं. इससे उन्हें कम लोगों में ज्यादा काम करने का मौका मिल रहा है। 

Apple में बदलाव: टिम कुक देंगे इस्तीफा, 15 साल बाद नया CEO नियुक्त

वाशिंगटन  टिम कुक ने ऐपल में 15 साल तक CEO पद की जिम्मेदारी संभालने के बाद इस्तीफा देने का फैसला किया है. औपचारिक रूप से कुक के पद छोड़ने के बाद जॉन टर्नस Apple के नए सीईओ होंगे.  कुक कंपनी में एग्जीक्यूटिव चेयरमैन की भूमिका निभाएंगे।  जॉन टर्नस मौजूदा समय में ऐपल में हार्डवेयर इंजीनियरिंग के चीफ हैं. वे पिछले 25 वर्षों से Apple के साथ जुड़े हुए हैं. वे एक सितंबर से सीईओ की जिम्मेदारी संभालेंगे।  ऐपल में यह बदलाव बेहद अहम माना जा रहा है. पिछले कई सालों से ऐसी चर्चा थी कि टिम कुक सीईओ पद छोड़ सकते हैं. आखिरकार इस पर मोहर लग गई. कुक साल 2011 से कंपनी का नेतृत्व कर रहे थे, जब स्टीव जॉब्स ने स्वास्थ्य कारणों से पद छोड़ दिया था।  65 वर्षीय कुक एक सितंबर को सीईओ की जिम्मेदारी जॉन टर्नस को सौंपेंगे. इसके बाद Apple में बतौर एग्जीक्यूटिव चेयरमैन के रूप में जुड़े रहेंगे।  स्टीव जॉब्स की जगह कुक ने जब कंपनी की जिम्मेदारी संभाली थी, तब उनके सामने कई चुनौतियां थीं. उन्होंने Apple को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया और उनकी अगुवाई में कंपनी ने कामयाबी की नई गाथा लिखी।  ऐपल के साथ Tim Cook का सफर टिम कुक ने साल 2011 में स्टीव जॉब्स के पद छोड़ने के बाद ऐपल की कमान संभाली थी. उन्होंने साल 1998 में Apple को जॉइन किया था. उस वक्त कंपनी कई तरह की मुश्किलों से गुजर रही थी. स्टीव जॉब्स ने टिम कुक को ऐपल की ऑपरेशन टीम को नई दिशा में ले जाने के लिए हायर किया था।  साल 2005 से 2011 तक उन्होंने कंपनी चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर की जिम्मेदारी निभाई. इस दौरान उन्होंने iPod, MacBook, iPhone और iPad जैसे प्रोडक्ट्स की सप्लाई चेन को ग्लोबल स्टेज पर मजबूत किया. माना जाता है कि टिम कुक की वजह से ही ऐपल बड़े पैमाने पर प्रोडक्ट्स को लॉन्च कर पाया।  2011 में बने थे CEO स्टीव जॉब्स की बीमारी के दौरान टिम कुक ने कंपनी के CEO के रूप में इंटेरिम भूमिका निभाई. 24 अगस्त 2011 को स्टीव जॉब्स ने टिम कुक.को Apple का CEO अपॉइंट किया. टिम कुक की लीडरशिप में ऐपल ने कई बड़े मुकाम हासिल किए।  कुक के CEO रहते हुए कंपनी ने Apple Watch, AirPods, M1, M2, M3 सिलिकॉन चिप्स, Apple Vision Pro जैसे नए प्रोडक्ट्स को लॉन्च किया. इसके साथ ही ऐपल पहली कंपनी बनी जिसकी वैल्यूएशन 3 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंची. टिम की लीडरशिप में iCloud, Apple Music, Apple TV+, App Store जैसे सर्विस बिजनेसेस का विस्तार हुआ। 

MG Windsor EV का नया Commute वेरिएंट लॉन्च, कीमत और फीचर्स पर एक नजर

मुंबई  JSW MG Motor India ने अपनी नई MG Windsor EV रेंज का विस्तार करते हुए, एक नया 'Commute' वेरिएंट जोड़ा है. कंपनी ने इस वेरिएंट की कीमत 13.49 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) रखी है. इस नए वेरिएंट को मौजूदा Excite ट्रिम से नीचे रखा जाएगा, जिसकी कीमत उससे लगभग 61,000 रुपये कम है. हालांकि यह मुख्य रूप से फ्लीट ऑपरेटरों के लिए है, लेकिन इसे निजी इस्तेमाल के लिए भी रजिस्टर कराया जा सकता है।  MG Windsor EV Commute वेरिएंट का डिजाइन Windsor EV के नए Commute वेरिएंट में LED प्रोजेक्टर हेडलाइट्स, ORVM पर लगे टर्न इंडिकेटर्स और फ्लश डोर हैंडल्स बरकरार रखे गए हैं. हालांकि, इसमें अलॉय व्हील्स की जगह 17-इंच के स्टील व्हील्स का इस्तेमाल किया गया है, जिन पर कोई कवर नहीं मिलता है।  MG Windsor EV Commute वेरिएंट का इंटीरियर इंटीरियर की बात करें तो नए Commute वेरिएंट में एक आसान केबिन लेआउट मिलता है. इस नए वेरिएंट में Excite वेरिएंट में मिलने वाली 10.1-इंच की सेंट्रल टचस्क्रीन नहीं है. इसके बजाय, इसमें 7-इंच का LCD इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर मिलता है, जो मुख्य डिस्प्ले का काम करता है।  केबिन में मिलने वाली बेसिक फ़ैब्रिक अपहोल्स्ट्री, मैनुअल सीट एडजस्टमेंट और एक मिनिमल डैशबोर्ड लेआउट मिलता है, जबकि गोल्डेन कलर के हाइलाइट्स सिर्फ़ इसके डोर की ट्रिम्स पर ही मिलते हैं. कार में एयर-कंडीशनिंग मैनुअल है, और ORVMs भी मैनुअली एडजस्ट करने वाले हैं।  इसके अलावा, इस वेरिएंट में स्टीयरिंग-माउंटेड गियर सेलेक्टर, क्रूज़ कंट्रोल और डिस्प्ले सेटिंग बटन वाला 2-स्पोक स्टीयरिंग व्हील, और कपहोल्डर व स्टोरेज वाला एक सेंटर कंसोल मिलता रहेगा।  अन्य दिखाई देने वाले एलिमेंट्स में पावर विंडो स्विच, हेडलाइट बीम की हाइट एडजस्ट करने के कंट्रोल, ट्रैक्शन कंट्रोल, आगे की फॉग लाइट्स, ऑटो होल्ड और इलेक्ट्रॉनिक पार्किंग ब्रेक शामिल हैं. इसके अलावा, पीछे की सीटों में भी ऊपर के वेरिएंट्स की तरह ही रिक्लाइनिंग फ़ंक्शन मिलता है।  MG Windsor EV Commute वेरिएंट का बैटरी पैक और रेंज नए Commute वेरिएंट के बैटरी पैक की बात करें तो इसमें वही 38 kWh का बैटरी पैक इस्तेमाल किया गया है, जो इसके निचले ट्रिम्स – Excite, Exclusive और Essence में भी मिलता है. एक बार फुल चार्ज करने पर यह कार 332 km तक की रेंज प्रदान करता है।  इस बैटरी पैक को 7.4 kW AC चार्जर से चार्ज करने पर 10 से 100 प्रतिशत तक चार्ज करने में लगभग 7 घंटे लगते हैं, जबकि 45 kW DC फास्ट चार्जर से यह लगभग 45 मिनट में 20 से 80 प्रतिशत तक चार्ज हो जाता है। 

शेयर बाजार में तेज उछाल, अमेरिका से आई खबर ने किया असर, वॉर का डर खत्म

मुंबई  मंगलवार को शेयर बाजार (Stock Market) में मंगल ही मंगल नजर आ रहा है. ओपनिंग के साथ ही मार्केट के दोनों इंडेक्स सेंसेक्स-निफ्टी रॉकेट की रफ्तार से भाग रहे हैं. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स (BSE Sensex) जहां खुलते ही 500 अंक से ज्यादा की छलांग लगा गया, तो वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी (NSE Nifty) भी जोरदार तेजी पकड़े हुए नजर आया. मिडिल ईस्ट में टेंशन फिर से बढ़ने के बाद भी बाजार बमबम है और इसके पीछे भारत-अमेरिका में ट्रेड डील को लेकर आया बड़ा अपडेट माना जा सकता है, जिससे US-Iran War का खौफ धुआं-धुआं हो गया है. शुरुआती कारोबार में Axis Bank, Adani Ports से लेकर IndiGo तक के शेयर बढ़त में कारोबार करते नजर आए।  सेंसेक्स-निफ्टी में तगड़ी उछाल  बीएसई का सेंसेक्स इंडेक्स मंगलवार को अपने पिछले कारोबारी बंद 78,520 की तुलना में तेज रफ्तार के साथ ओपन हुआ और 78,617 पर खुला. इसके बाद कुछ ही मिनट के कारोबार के दौरान Sensex 79 हजार का आंकड़ा पार कर गया और 500 अंक से ज्यादा की तेजी लेकर 79,032 पर ट्रेड करता दिखा।  दूसरी ओर एनएसई निफ्टी की बात करें, तो ये भी सेंसेक्स के कदम से कदम मिलाकर चलता दिखाई दिया है. अपने पिछले बंद 24,364 की तुलना में इसकी ओपनिंग भी तेजी के साथ 24,374 पर हुई और फिर करीब 150 अंक की तगड़ी उछाल के साथ ही Nifty भी 24,500 का आंकड़ा पार कर गया।  शेयर बाजार में ये रैली ऐसे समय में देखने को मिल रही है, जबकि अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्ध फिर से बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं. होर्मुज स्ट्रेट को लेकर तनातनी चरम पर है और दूसरे दौर की शांति वार्ता पर भी संकट मंडरा रहा है।  इस रैली की ये बड़ी वजह  बात करें, शेयर बाजार में आई इस तूफानी तेजी के पीछे के बड़े कारण के बारे में, तो अमेरिका से आई एक खबर को माना जा सकता है. दरअसल, India-US Trade Deal का नया दौर शुरू हो रहा है. 20 अप्रैल से शुरू हुई चर्चा के तहत बड़े बदलाव की उम्‍मीद जताई जा रही है।  खासकर टैरिफ को लेकर फिर से बातचीत हो सकती है, क्‍योंकि अमेरिका कोर्ट ने टैरिफ को गैर-कानूनी बताते हुए रद्द कर दिया था. इस चर्चा में मुख्य वार्ताकार दर्पण जैन के लीडरशिप में करीब एक दर्जन भारतीय अधिकारियों का एक प्रतिनिधिमंडल तीन दिनों तक अमेरिकी अधिकारियों के साथ बातचीत करेगा. इसके अलावा कच्चे तेल की कीमतों में भी गिरावट देखने को मिली है और ब्रेंट क्रूड की कीमत अंतरराष्ट्रीय मार्केट में 95 डॉलर प्रति बैरल के नीचे आ गई है, जिसका असर भी बाजार पर दिखा है।  इन शेयरों में दिखी तेजी  शेयर मार्केट में तेजी के बीच सबसे ज्यादा भागने वाले स्टॉक्स की बात करें, तो बीएसई लार्जकैप कैटेगरी में शामिल AsianPaints Share (2%), Axis Bank Share (2%), Adani Ports Share (1.50%) की तेजी लेकर कारोबार कर रहे थे. इसके अलावा मिडकैप कैटेगरी में शामिल AU Bank Share (4%), Godrej Properties Share (2.50%), Phoenix Share (2.10%), Voltas Share (1.70%) की तेजी में दिखे. Paytm, Dixon, Zentech, Suzlon जैसे शेयर भी तेजी में कारोबार करते हुए नजर आए। 

नई BMW F 450 GS भारत में 23 अप्रैल को होगी लॉन्च, कंपनी ने खोली प्री-बुकिंग

मुंबई   प्रीमियम दोपहिया वाहन निर्माता कंपनी BMW Motorrad भारतीय बाजार में अपनी नई BMW F 450 GS एडवेंचर मोटरसाइकिल को 23 अप्रैल को आधिकारिक पर लॉन्च करने वाली है. लेकिन इससे पहले कंपनी ने अपनी इस मोटरसाइकिल की प्री-बुकिंग शुरू कर दी है. यह मिडिलवेट एडवेंचर मोटरसाइकिल, TVS Motor Company द्वारा BMW Motorrad के साथ अपनी लंबे समय से चली आ रही साझेदारी के तहत स्थानीय रूप से निर्मित की जाएगी. BMW-TVS साझेदारी के तहत स्थानीय रूप से निर्मित दोनों कंपनियों के सहयोग से पहले ही BMW G 310 R और BMW G 310 RR जैसे मॉडल तैयार किए जा चुके हैं, और इसके साथ ही इनके TVS समकक्ष — TVS Apache RR 310 और TVS Apache RTR 310 — भी आए हैं. भारत में BMW G 310 GS को रिप्लेस करेगी नई F 450 GS नई BMW F 450 GS, भारत की लाइनअप में BMW G 310 GS की जगह लेगी. बाजार में लॉन्च होने के बाद, संभावना जताई जा रही है कि यह देश में बिकने वाली सबसे किफ़ायती BMW Motorrad एडवेंचर मोटरसाइकिल बन जाएगी. यह मॉडल पहले से ही अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों में बेचा जा रहा है. BMW F 450 GS का इंजन इस मोटरसाइकिल में मिलने वाले इंजन की बात करें तो नई BMW F 450 GS में 420 cc का वॉटर-कूल्ड, ट्विन-सिलेंडर इंजन इस्तेमाल किया गया है, जो 8,750 rpm पर 48 hp की पावर और 6,750 rpm पर 32 Nm का टॉर्क उत्पन्न करता है. इस इंजन में 13.0:1 का हाई कम्प्रेशन रेश्यो मिलता है, और यह थ्रॉटल-बाय-वायर के साथ इलेक्ट्रॉनिक फ्यूल इंजेक्शन का इस्तेमाल करता है. इस इंजन को 6-स्पीड गियरबॉक्स और स्लिपर क्लच के साथ जोड़ा गया है, जबकि ट्रैक्शन कंट्रोल को BMW Motorrad DTC के ज़रिए मैनेज किया जाता है. यह मोटरसाइकिल एक स्टील ट्यूब फ्रेम पर बनाई गई है, जिसमें इंजन एक 'स्ट्रेस्ड मेंबर' (stressed member) के तौर पर काम करता है. BMW F 450 GS का हार्डवेयर बाइक में मिलने वाले सस्पेंशन की बात करें तो इसमें आगे की तरफ 43 mm के अपसाइड-डाउन फोर्क लगाए गए हैं, जबकि पीछे की तरफ एडजस्टेबल कम्प्रेशन और रिबाउंड डैम्पिंग वाले मोनोशॉक का इस्तेमाल किया गया है. इस बाइक में आगे की तरफ 19-इंच के व्हील्स और पीछे की तरफ 17-​​इंच के क्रॉस-स्पोक व्हील्स लगाए गए हैं. बाइक में ब्रेकिंग का काम 310 mm की फ्रंट डिस्क से लिया जाता है, जिसमें Brembo का चार-पिस्टन वाला कैलिपर लगाया गया है, और इसके साथ ही इसमें 240 mm की रियर डिस्क भी मिलती है, इन दोनों को BMW Motorrad ABS Pro का सपोर्ट मिलता है. इसके डाइमेंशन की बात करें तो, BMW F450 GS की सीट की ऊंचाई 33.3 इंच और व्हीलबेस 57.7 इंच है. इसमें 13.6 लीटर का फ्यूल टैंक मिलता है, और इसका वज़न 178 kg होने वाला है.

शेयर बाजार में बड़ा बदलाव, आज 71 हजार करोड़ का स्वाहा, आगे क्या होने वाला है?

मुंबई  अमेरिका और ईरान के बीच होने वाली दूसरे दौर की शांति वार्ता से पहले शेयर बाजार में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला. अब खबर है कि अमेरिका ने ईरानी जहाज पर कब्‍जा जमाया है. इस बीच, होर्मुज को लेकर टेंशन बनी हुई है. अमेरिका का कहना है कि अभी नाकबंदी जारी है, जबकि ईरान का कहना है कि होर्मुज उसके कंट्रोल में है।  वहीं शुक्रवार रात में खबर आई थी कि होर्मुज को खोल दिया गया है, जिसके बाद अमेरिकी बाजार में शानदार तेजी देखने को मिली थी. भारतीय बाजार में भी तेजी का संकेत दिख रहा था. गिफ्ट निफ्टी सोमवार को 400 अंक ऊपर खुलने का संकेत दे रहा था, लेकिन फिर शनिवार को फिर से होर्मुज के बंद होने की खबर के बाद शेयर बाजार का गेम पूरी तरह पलट गया।  इन्‍हीं सभी चीजों को लेकर भारतीय शेयर बाजार में काफी उठा-पटक रही, लेकिन अंत तक यह ग्रीन जोन में क्‍लोज हुआ.सेक्‍टर वाइज बात करें तो आईटी और रियल्‍टी सेक्‍टर में काफी दाव देखने को मिला, दूसरी ओर ऑटो और पीएसयू बैंक ने मार्केट को ऊपर लाने की काफी कोशिश की, लेकिन मिड और स्‍माल कैप के शेयरों में भारी बिकवाली रही।  इन सभी चीजों के बीच ओवरऑल BSE पर लिस्‍टेड कंपनियों का मार्केट कैप आज 71 हजार करोड़ रुपये कम हो गया यानी निवेशकों की रकम 71 हजार करोड़ रुपये कम हो गई. कारोबार बंद होने तक सेंसेक्‍स 26.7 अंक या 0.03 फीसदी की मामूली तेजी के साथ 78,520.30 और निफ्टी 11.30 अंक या 0.05 फीसदी की तेजी के साथ 24,364.85 पर बंद हुआ।  बीएसई के टॉप 30 शेयरों में से 18 शेयरों में गिरावट रही. 12 शेयर मामूली तेजी पर बंद हुए. टाटा ट्रेंट जैसे शेयर 3 फीसदी से ज्‍यादा तेजी पर रहे. वहीं एल एंड टी के शेयर में 1 फीसदी से ज्‍यादा की गिरावट रही।  क्‍यों आई शेयर बाजार में गिरावट?      होर्मुज रुकावट के बाद तेल की कीमतों में उछाल से महंगाई संबंधी समस्‍याएं बढ़ गईं, जिस कारण मार्केट का सेंटिमेंट बदल गया. ब्रेंट क्रूड 95-98 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बना रहा.      भू-राजनीतिक अनिश्चितता के बीच वैश्विक संकेत सतर्क रहे. ग्‍लोबल मार्केट भी रिकॉर्ड ऊंचाई पर जाने के बाद अब गिरावट का संकेत दे रहा है.      सत्र के दौरान भारतीय VIX में 10 प्रतिशत से अधिक की तेजी रही, जो भू-राजनीतिक जोखिमों और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी से उतार-चढ़ाव के कारण निवेशकों की प्रतिक्रिया से उत्पन्न उच्च अस्थिरता का संकेत है.      मिड और स्‍मॉल कैप सेक्‍टर में भारी बिकवाली देखने को मिली, जिसने मार्केट को और नीचे की ओर खींच दिया. शेयर बाजार में अब आगे क्‍या?  भारतीय शेयर बाजार अब पूरी तरह से होर्मुज और तेल कीमतों पर निर्भर दिखाई दे रहा है. अगर होर्मुज खुलता है तो शेयर बाजार में तेजी आ सकती है, लेकिन अगर ईरान अमेरिका के बीच फिर से तनाव बढ़ता है तो गिरावट देखने को मिल सकती है. फिलहाल, निफ्टी का इंडिकेटर गिफ्ट निफ्टी 350 अंकों से ज्‍यादा की गिरावट का संकेत दे रहा है। 

ब्रेजा की कीमत ₹1.55 लाख तक घटी, नेक्सन से मुकाबला करने वाली SUV पर मचेगी लूट!

मुंबई  दिग्गज कार निर्माता कंपनी किआ अपने अलग-अलग मॉडलों पर अप्रैल, 2026 के दौरान बंपर छूट दे रही है। इसी क्रम में कंपनी अपनी कॉम्पैक्ट एसयूवी किआ साइरोस (Kia Syros) पर भी भारी डिस्काउंट दे रही है। बता दें कि ग्राहक इस दौरान साइरोस खरीदने पर अधिकतम 1.55 लाख रुपये तक की बचत कर सकते हैं। इस ऑफर में 70 हजार रुपये के कैश डिस्काउंट के अलावा दूसरे बेनिफिट्स भी शामिल हैं। डिस्काउंट की अधिक जानकारी के लिए ग्राहक अपने नजदीकी डीलरशिप से संपर्क कर सकते हैं। आइए जानते हैं साइरोस के फीचर्स, पावरट्रेन और कीमत के बारे में विस्तार से। कुछ ऐसी है डिजाइन साइरोस में डिजाइन के तौर पर वर्टिकल एलईडी हेडलाइट्स, 17-इंच का अलॉय व्हील्स, साइड प्रोफाइल में ऑल-ब्लैक A-, C- और D-पिलर्स, रूफ रेल्स, फ्लश-फिटिंग डोर हैंडल्स और एक फ्लैट ग्लास एरिया के बीच बॉडी-कलर वाले B-पिलर्स दिए गए हैं। जबकि एसयूवी के रियर में हाई-माउंटेड L-शेप्ड टेल-लैंप मौजूद हैं। वहीं, नीचे की तरफ चंकी रियर बम्पर में टू-टोन ब्लैक और सिल्वर फिनिश है जिसके दोनों तरफ वर्टिकल स्टॉप लैंप और टर्न इंडिकेटर्स हैं। धांसू फीचर्स से लैस है एसयूवी दूसरी ओर फीचर्स के तौर पर एसयूवी में 12.3-इंच इन्फोटेनमेंट सिस्टम और इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर दिया गया है। इसके अलावा, कार में सभी 4 सीटों के लिए वेंटिलेशन, एम्बिएंट लाइटिंग, सेंटर आर्मरेस्ट, पैनोरमिक सनरूफ, पावर्ड ड्राइवर सीट और इलेक्ट्रॉनिक पार्किंग ब्रेक मिलता है। जबकि सेफ्टी के लिए एसयूवी में फ्रंट एंड रियर पार्किंग सेंसर, एक 360-डिग्री कैमरा और लेवल-2 ADAS सूट दिया गया है। बता दें कि साइरोस को भारत NCAP क्रैश टेस्ट में सेफ्टी के लिए पूरे 5-स्टार रेटिंग मिली हुई है। कुछ ऐसा है एसयूवी का पावरट्रेन अगर पावरट्रेन की बात करें तो एसूयवी में 1.0-लीटर 3-सिलेंडर टर्बो-पेट्रोल इंजन दिया गया है जो 120bhp की अधिकतम पावर औ 172Nm का पीक टॉर्क जनरेट करने में सक्षम है। वहीं, एसयूवी में 1.5-लीटर 4-सिलेंडर डीजल इंजन भी दिया गया है जो 116bhp की अधिकतम पावर और 250Nm का पीक टॉर्क जनरेट करने में सक्षम है। इन कारों से होता है मुकाबला किआ साइरोस कुल 8 कलर ऑप्शन में मौजूद है जिसमें ऑरोरा ब्लैक पर्ल, फ्रॉस्ट ब्लू, ग्लेशियर व्हाइट पर्ल, ग्रेविटी ग्रे, इंपीरियल ब्लू, इंटेंस रेड, प्यूटर ऑलिव और स्पार्कलिंग सिल्वर शामिल है। मार्केट में इस एसूयवी का मुकाबला टाटा नेक्सन, मारुति ब्रेजा, नई स्कोडा काइलाक और हुंडई वेन्यू जैसी कॉम्पैक्ट एसयूवी से होगा। भारतीय मार्केट में किआ साइरोस की एक्स-शोरूम कीमत 8.67 लाख से 15.94 लाख रुपये तक जाती है।

चांदी ₹5000 टूटी, गोल्ड रेट्स में 1.87 लाख रुपये की कमी, जानें नए रेट्स

इंदौर  सोना-चांदी की कीमतों में फिर बड़ी गिरावट (Gold-Silver Rate Fall) देखने को मिली है. बीते सप्ताह दोनों कीमती धातुओं के दाम में जोरदार तेजी देखने को मिली थी, लेकिन हफ्ते के पहले कारोबारी दिन सोमवार को जैसे ही मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी MCX पर वायदा कारोबार शुरू हुआ, एक झटके में चांदी 5357 रुपये सस्ती हो गई. इस ताजा गिरावट के बाद अब 1 Kg Silver अपने हाई लेवल से 1.87 लाख रुपये से ज्यादा सस्ती हो गई है।    चांदी ही नहीं एमसीएक्स पर सोने की कीमत में भी गिरावट आई है. 10 Gram 24 Karat Gold का रेट अपने पिछले कारोबार बंद के मुकाबले ओपनिंग के साथ ही 1780 रुपये कम हो गया और इस गिरावट के साथ अब सोना अपने हाई से 50000 रुपये प्रति 10 ग्राम से ज्यादा सस्ता मिल रहा है।  खुलते ही धड़ाम हो गई चांदी  एमसीएक्स पर 5 मई की एक्सपायी वाली चंदी का भाव बीते शुक्रवार को तेजी के साथ 2,57,142 रुपये प्रति किलोग्राम पर क्लोज हुई थी और सोमवार को जब कारोबार की शुरुआत हुई, तो ये धड़ाम होकर 2,51,785 रुपये पर आ गई. इस हिसाब से चांदी 5,357 रुपये प्रति किलो सस्ती हो गई.  अगर चांदी के हाई लेवल से तुलना करें, तो ये हफ्ते के पहले दिन की गिरावट के बाद अब 1,87,552 रुपये प्रति किलोग्राम तक सस्ता हो गया है. बता दें कि इस साल जनवरी महीने में ही पहली बार चांदी का वायदा भाव 4 लाख रुपये के पार निकला था और 4,39,337 रुपये प्रति किलो का लाइफ टाइम हाई लेवल छुआ था।  US-Iran जंग के बाद कितनी गिरावट?  अगर बात करें, मिडिल ईस्ट युद्ध की शुरुआत के बाद अब तक फिसले चांदी के भाव के बारे में, तो 28 फरवरी को पहली बार अमेरिका-इजरायल ने ईरान पर स्ट्राइक्स की शुरुआत की थी और इससे एक दिन पहले यानी 27 फरवरी को MCX Silver Price 2,82,644 रुपये पर ट्रेड कर रहा था और ताजा कीमत से तुलना करें, तो ये कीमती धातु इस दौरान 30,859 रुपये प्रति किलो सस्ती हो चुकी है।  सोना भी चांदी की तरह फिसला अब MCX Gold Rate पर नजर डालें, तो पिछले शुक्रवार को 5 जून की एक्सपायरी वाले वायदा सोना का भाव 1,54,609 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था और सोमवार को खुलने के साथ ही ये 1780 रुपये की गिरावट लेकर  1,52,829 रुपये पर आ गया।   इस गिरावट के बाद सोना अपने लाइफ टाइम हाई लेवल 2,02,984 रुपये से  50,155 रुपये सस्ता हो गया है. वहीं अमेरिका-ईरान युद्ध की शुरुआत से अब तक Gold Rate में 12,830 रुपये की कमी आ चुकी है. 27 फरवरी को सोना 1,65,659 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था।  बीते हफ्ते खूब भागा Gold-Silver अगर बीते सप्ताह गोल्ड-सिल्वर रेट्स की बात करें, तो एमसीएक्स पर 5 मई की एक्सपायरी वाली चांदी का रेट चार कारोबारी दिनों में 14,805 रुपये बढ़ा था. पिछले 10 अप्रैल को 1 किलो चांदी की कीमत 2,43,274 रुपये थी, जो बीते शुक्रवार को 2,58,079 रुपये प्रति किलो पर बंद हुई।   चांदी की तरह सोना भी पिछले हफ्ते चमका थी. ये कीमती पीली धातु 10 अप्रैल के 1,52,652 रुपये की तुलना में बीते शुक्रवार को 1,54,605 रुपये पर बंद हुआ था. यानी ये चार दिन में 1953 रुपये प्रति 10 ग्राम महंगा हुआ था। 

US-Iran संघर्ष की पुनरावृत्ति, तेल कीमतों में जबरदस्त बढ़ोतरी

मुंबई  अमेरिका और ईरान के बीच फिर जंग (US-Iran War) शुरू हो गई है. होर्मुज स्ट्रेट (Hormuz Strait) पर अमेरिकी नाकाबंदी और ईरान के पलटवार ने ग्लोबल टेंशन को एक बार फिर से बढ़ा दिया है. इस बीच क्रूड की कीमतें फिर छलांग लगाने लगी हैं और ब्रेंट क्रूड करीब 6% महंगा हो गया. सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को इस टेंशन का असर शेयर बाजार में भी देखने को मिली. शुरुआती कारोबार के दौरान सेंसेक्स-निफ्टी में गिरावट दिखी, तो अगले ही पल तेज रिकवरी भी नजर आई।  लेकिन कुछ ही मिनटों में बाजी पलटी नजर आई और जंग की आहट व तेल के झटके से उबरते हुए सेंसेक्स-निफ्टी ने तेज रिकवरी करनी शुरू कर दी. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 200 अंक से ज्यादा चढ़कर कारोबार करता हुआ नजर आया. हालांकि, ये तेजी भी कुछ देर के लिए कायम रही और दोनों इंडेक्स फिर से फिसलते हुए नजर आए।  सेंसेक्स-निफ्टी की बदली चाल  सोमवार को शेयर मार्केट में कारोबार की शुरुआत गिरावट के साथ रेड जोन में हुई. बीएसई का सेंसेक्स अपने पिछले शुक्रवार के बंद 78,493 की तुलना में खुलने के साथ ही फिसलकर 78,203 के लेवल पर आ गया. हालांकि, कुछ देर बाद ही ये इंडेक्स रिकवरी मोड में आ गया और उछलकर 78,733 के लेवल पर कारोबार करने लगा. वहीं कुछ देर तेजी में कारोबार के बाद अचानक फिर गिरावट आई और सेंसेक्स 140 अंक से ज्यादा फिसल गया। NSE Nifty भी सेंसेक्स की तरह ही चलता हुआ नजर आया. 50 शेयरों वाला ये इंडेक्स अपने पिछले बंद 23,353 की तुलना में ओपनिंग के साथ ही गिरकर 24,241 के लेवल पर आ गया, लेकिन फिर अचानक इसकी गिरावट पर भी ब्रेक लग गया और ये उछलकर 24,420 के स्तर पर कारोबार करता नजर आने लगा और फिर सेंसेक्स की चाल से चाल मिलाकर ग्रीन से रेड जोन में आ गया।  इन शेयरों ने दिया बाजार को सपोर्ट  मिडिल ईस्ट में फिर टेंशन बढ़ने के साथ ही होर्मुज पर तनातनी के चलते कच्चे तेल की कीमतों में आए उछाल से गिफ्ट निफ्टी बुरी तरह टूटकर ट्रेड कर रहा था और इससे आशंका जताई जा रही थी कि सेंसेक्स-निफ्टी में भी गिरावट देखने को मिली. लेकिन शुरुआती गिरावट के बाद कुछ दिग्गज कंपनियों ने बाजार को सपोर्ट दिया और दोनों इंडेक्स रिकवरी मोड में आ गए।  सबसे तेज भागने वाले शेयरों पर नजर डालें, तो लार्जकैप कैटेगरी में शामिल SBI Share (2.10%), ICICI Bank Share (2%) और Trent Share (1.10%) की उछाल के साथ कारोबार कर रहे थे. इसके अलावा मिडकैप में शामिल BHEL Share (3%), AU Bank Share (1.50%), Voltas Share (1.40%) चढ़कर कारोबार कर रहे थे. स्मॉलकैप कैटेगरी पर नजर डालें, तो यहां पर CUB Share (3%), Radico Khetan Share (2.50%) की बढ़त में थे।