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भारत और सिंगापुर के सेमीकंडक्टर सहयोग में वृद्धि, उद्योग लगाएंगे नए निवेश की उम्मीद

नई दिल्ली   सेमीकंडक्टर क्षेत्र में रणनीतिक सहयोग को मजबूत करने के उद्देश्य से इंडिया सेल्युलर एंड इलेक्ट्रॉनिक्स एसोसिएशन (आईसीईए) ने सिंगापुर सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री एसोसिएशन (एसएसआईए) के साथ मिलकर शुक्रवार को सिंगापुर में एक उच्च स्तरीय उद्योग बैठक आयोजित की। इस बैठक में भारत और सिंगापुर के प्रमुख हितधारकों ने हिस्सा लिया और सेमीकंडक्टर तथा इलेक्ट्रॉनिक्स वैल्यू चेन में सहयोग को और गहरा करने पर चर्चा की। बैठक में दोनों देशों की पूरक ताकतों पर जोर दिया गया। जहां सिंगापुर सेमीकंडक्टर निर्माण, उपकरण और वैश्विक सप्लाई चेन में अग्रणी है, वहीं भारत अपनी बढ़ती मैन्युफैक्चरिंग क्षमता, नीतिगत समर्थन और बड़े बाजार के कारण एक मजबूत साझेदार के रूप में उभर रहा है। यह पहल आईसीईए और एसएसआईए के बीच हुए समझौता ज्ञापन (एमओयू) के बाद आगे बढ़ी है, जिसका उद्देश्य दीर्घकालिक औद्योगिक सहयोग के लिए एक संरचित ढांचा तैयार करना है।बैठक में दोनों देशों की कंपनियों के बीच साझेदारी, निवेश के अवसर और तकनीकी सहयोग पर सीधी बातचीत हुई। इस दौरान भारत-सिंगापुर के बीच एक भरोसेमंद सेमीकंडक्टर कॉरिडोर विकसित करने पर भी जोर दिया गया। चर्चा में सप्लाई चेन को मजबूत करने, तकनीकी सह-विकास, संयुक्त उपक्रम (जॉइंट वेंचर), निवेश प्रवाह और फैब्रिकेशन, उपकरण, सामग्री तथा प्रिसिजन इंजीनियरिंग जैसे क्षेत्रों में अवसरों पर फोकस किया गया।उद्योग जगत के नेताओं ने नीतिगत समर्थन, कौशल विकास और पूरे इकोसिस्टम की तैयारी पर भी विचार-विमर्श किया।आईसीईए के चेयरमैन पंकज मोहिंद्रू ने कहा कि यह साझेदारी दोनों देशों के बीच मजबूत तालमेल को दर्शाती है। उन्होंने बताया कि जहां सिंगापुर उन्नत मैन्युफैक्चरिंग और वैश्विक सप्लाई चेन विशेषज्ञता लाता है, वहीं भारत पैमाना, मांग और नीतिगत गति प्रदान करता है, जो एक मजबूत और विविध सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम बनाने के लिए महत्वपूर्ण है। वहीं, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव और इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन के सीईओ अमितेश कुमार सिन्हा ने कहा कि भारत की सेमीकंडक्टर यात्रा को पहले ही गति मिल चुकी है।  

रॉबर्ट कियोसाकी की भविष्यवाणी हुई सच, बोले- मैंने पहले ही चेतावनी दी थी!

नई दिल्ली मशहूर किताब 'रिच डैड पुअर डैड' के लेखक रॉबर्ट कियोसाकी (Robert Kiyosaki) सोशल मीडिया पर खासे एक्टिव रहते हैं और आए दिन अपनी पोस्ट के जरिए लोगों को अमीर बनने की गुर बताते नजर आते हैं. उन्होंने ट्विटर (अब X) पर की गई नए पोस्ट में क्रैश की चेतावनी (Crash Warning) को दोहराते हुए कहा है कि उनके द्वारा साल 2002 में की गई भविष्यवाणियां अब सच हो रही हैं और अमेरिका से टोक्यो तक फाइनेंशियल क्रैश देखने को मिल रहा है।   'बबल फट जाते हैं, फिर…' Robert Kiyosaki ने अपनी पोस्ट में साल 2002 में रिलीज की गई अपनी कितान 'रिच डैड प्रोफेसी' का हवाला देते हुए लिखा, 'मैंने सबको चेतावनी दी थी, अब 2026 में प्रोफेसी में की गईं भविष्यवाणियां सच साबित हो रही हैं. आपको भी 'Everything Bubble' का शिकार होने की जरूरत नहीं है, क्योंकि बबल फट जाते हैं और दुनिया के इतिहास में सबसे बड़ी मंदी (Biggest Recession) की ओर ले जाते हैं।  Rich Dad Poor Dad के राइटर ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में आगे लिखा कि दुबई से वेगास तक और टोक्यो से न्यूयॉर्क सिटी तक इकॉनमिक क्रैश देखें, लेकिन दुनिया की Economy Crash होने पर भी आप विनर बन सकते हैं. इसलिए निवेश करते समय स्टडी करें, सजग रहें और समझें कि जानें कि दुनिया की इकॉनमी अभी भी आपको फाइनेंशियल विनर बना सकती है. फाइनेंशियल फ्रीडम के लिए लड़ने के लिए जो जरूरी है, वो करें और अपना ख्याल रखें।  अक्सर देते हैं गिरावट में खरीद की सलाह रॉबर्ट कियोसाकी इससे पहले भी क्रैश वार्निंग दे चुके हैं. इस साल फरवरी महीने में उन्होंने एक्स पोस्ट (Robert Kiyosaki X Post) के जरिए उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा था कि, 'मैं आपको चेतावनी दे रहा हूं, रिच डैड्स प्रोफेसी (Rich Dad’s Prophecy) में मैंने इतिहास के सबसे बड़े स्टॉक मार्केट क्रैश के बारे में चेतावनी दी थी, जो अभी भी आ रहा है और अब आने वाला ही है. जो लोग तैयार नहीं हैं, उनके लिए ये आने वाला क्रैश सबसे बुरा सपना होगा।  बता दें कि कियोसाकी अपनी ज्यादातर पोस्ट में निवेशकों को सोना-चांदी (Gold-Silver) के साथ ही क्रिप्टोकरेंसी बिटकॉइन (Bitcoin) में निवेश की सलाह देते हैं. खासतौर पर वे सोना-चांदी का संकट में सबसे बड़ा सहारा बताते नजर आते हैं और इनके क्रैश होने की स्थिति में खरीदारी की सलाह देते हैं। 

Gold-Silver Rate Update: चांदी ₹1.81 लाख कम, सोना ₹48,000 सस्ता, 24 कैरेट का ताजा रेट

 नई दिल्ली सोना-चांदी की कीमतों (Gold-Silver Rate) में बीते सप्ताह बड़ा चेंज देखने को मिला है और दोनों कीमती धातुओं के दाम में तेजी दर्ज की गई है. हालांकि, पांच दिन की बढ़ोतरी के बाद भी एमसीएक्स (MCX) पर सोना अपने हाई लेवल से 48000 रुपये प्रति 10 ग्राम से ज्यादा सस्ता मिल रहा है. चांदी की अगर बात करें, तो ये कीमती धातु भी अपने हाई लेवल से अभी भी 1.81 लाख रुपये सस्ती मिल रही है. बीते पांच कारोबारी दिनों में 1 Kg Silver Price 14000 रुपये से ज्यादा कम हुआ है।  चांदी चमकी, फिर भी हाई से सस्ती सबसे पहले बताते हैं चांदी की कीमत के बारे में, एमसीएक्स पर 5 मई की एक्सपायरी वाली चांदी का रेट बीते सप्ताह के पांच कारोबारी दिनों में 14,805 रुपये बढ़ा है. पिछले 10 अप्रैल को 1 किलो चांदी की कीमत 2,43,274 रुपये थी, जो बीते शुक्रवार को 2,58,079 रुपये प्रति किलो पर बंद हुई।  अगर हाई से तुलना करें, तो हफ्तेभर के उछाल के बाद भी सिल्वर प्राइस क्रैश (Silver Price Crash From High) नजर आ रहा है. दरअसल, इस साल जनवरी महीने में एमसीएक्स पर पहली बार चांदी का वायदा भाव 4 लाख रुपये के पार निकला था और इस कीमती धातु ने 4,39,337 रुपये प्रति किलो का लाइफ टाइम हाई लेवल छुआ था, यहां पहुंचने के बाद से ये लगातार बिखरी नजर आई है और इस स्तर से अभी भी 1,81,258 रुपये प्रति किलो सस्ती मिल रही है।  सोना भी पिछले हफ्ते इतना चढ़ा  बात Gold Rate की करें, तो ये भी चांदी की तरह पिछले हफ्ते चमका है. 10 अप्रैल को 10 Gram 24 Karat Gold Rate एमसीएक्स पर 1,52,652 रुपये पर क्लोज हुआ था और बीते शुक्रवार को ये उछलकर 1,54,605 रुपये पर बंद हुआ. इस हिसाब से देखें, तो हफ्तेभर में सोना 1953 रुपये प्रति 10 ग्राम महंगा हुआ है।  चांदी की तरह ही सोने का भाव भी जनवरी महीने में तेज रफ्तार से भागते हुए पहली बार 2 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के पार निकला था. इस कीमती पीली धातु का एमसीएक्स पर लाइफ टाइम हाई लेवल 2,02,984 रुपये प्रति 10 ग्राम है. इस स्तर से वर्तमान रेट की तुलना करें, तो सोना अभी भी 48,379 रुपये सस्ता मिल रहा है। 

भारत में कदम रखने जा रही चीन की इलेक्ट्रिक कार कंपनी, पेश करेगी Chery QQ3 SUV, डिजाइन पेटेंट किया

मुंबई  चीनी कार निर्माता कंपनी Chery भारतीय बाजार में एंट्री करने वाली है. इसके लिए कंपनी ने अपनी नई Chery QQ3 SUV के डिजाइन को भारत में पेटेंट कराया है. कार निर्माता Chery, JSW के साथ मिलकर, इस साल के आखिर में Jetour T2 SUV लॉन्च करने वाली है. इसके बाद Jaecoo J5, iCar V23, Tiggo 7L और Lepas L6 जैसी अन्य गाड़ियां भी लॉन्च होने की उम्मीद है।  Chery QQ3 का आकार Chery QQ3 के चीन-स्पेसिफिक मॉडल की बात करें तो इसकी लंबाई 4,195 मिमी, चौड़ाई 1,811 मिमी और ऊंचाई 1,569 मिमी है, जबकि इसका व्हीलबेस 2,700 मिमी है. Chery QQ3 में 375 लीटर का बूट स्पेस मिलता है, जिसे बढ़ाकर 1,450 लीटर तक किया जा सकता है. इसके अलावा, इसमें 70 लीटर का स्मार्ट फ्रंक भी मिलता है, जिससे इस कॉम्पैक्ट SUV की कुल स्टोरेज क्षमता बढ़ जाती है।  Chery QQ3 का एक्सटीरियर कार के एक्सटीरियर की बात करें तो Chery QQ3 के सामने वाले बम्पर के निचले हिस्से पर एक छोटी, गोल-आयताकार ग्रिल लगाई गई है, जो इस इलेक्ट्रिक SUV को एक 'स्माइली फेस' देता है. इसके अलावा, Chery QQ3 में एक फ्रंट व्यू कैमरा और फ्रंट पार्किंग सेंसर भी मिलते हैं, और साथ ही Q-आकार की LED हेडलाइट्स लगाई गई हैं, जो इस कार को एक खुशनुमा और आकर्षक डिज़ाइन प्रदान करती हैं।  कार के साइड प्रोफ़ाइल की बात करें तो इसमें 17-इंच के टू-टोन स्टार शील्ड व्हील्स, व्हील आर्च पर ब्लैक क्लैडिंग, सेमी-फ़्लश दरवाज़े के हैंडल और बॉडी के कलर वाले एक्सटीरियर रियर-व्यू मिरर (ORVMs) जैसे कई फीचर्स दिए गए हैं. इसके पिछले हिस्से में Q-आकार की LED टेललाइट्स और एक स्पॉइलर लगा है।  Chery QQ3 का इंटीरियर चीन-स्पेसिफिक QQ3 के इंटीरियर को देखें तो इस कार में 15.6-इंच का डिजिटल टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम, AI असिस्टेंट, Qualcomm Snapdragon 8155 कॉकपिट चिप, ड्राइवर फटीग वॉर्निंग, USB चार्जिंग पोर्ट और रिमोट व्हीकल कंट्रोल जैसे फीचर्स मिलते हैं।  इसके अलावा, इस कार के अन्य फीचर्स की बात करें तो इसमें मल्टी-कलर एम्बिएंट लाइटिंग, वायरलेस स्मार्टफोन चार्जर, पीछे के AC वेंट्स, ब्लूटूथ-की, की-लेस एंट्री, पेट मोड, 10-स्पीकर ऑडियो सेटअप, 540-डिग्री पैनोरमिक कैमरा, क्रूज़ कंट्रोल, पार्क असिस्ट और Level-2 ADAS फीचर्स मिलते हैं।  Chery QQ3 का बैटरी पैक और पावर चीन-स्पेसिफिक Chery QQ3 एसयूवी में दो अलग-अलग बैटरी पैक मिलता है, जिनमें पहला 29.48-kWh का बैटरी पैक और दूसरा 41.28-kWh का बैटरी पैक है. ये बैटरी पैक कार के पिछले एक्सल पर लगे एक इलेक्ट्रिक मोटर को पावर देती है।  यह कार पिछले व्हील्स पर मिलता है. पावर आउटपुट की बात करें तो इसमें पहला बैटरी पैक 77.77 bhp की पावर और 90 Nm का टॉर्क देता है, जबकि दूसरा बैटरी पैक 128.69 bhp की पावर और 115 Nm का टॉर्क देता है। 

तेल और गैस की कीमतों में गिरावट: होर्मुज खुलने से 11% कमी, नया संकट?

नई दिल्‍ली हार्मुज खुलने के ऐलान के बाद इंटरनेशनल मार्केट में भारी उलटफेर देखने को मिला है, जहां कल तक कच्‍चे तेल के दाम 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर बने हुए थे. वहीं अब इसकी कीमत अचानक से सस्‍ती हो चुकी हैं. मार्केट समय के दौरान इसकी कीमत 86 डॉलर के करीब चुकी थीं. हालांकि कुछ देर बाद तेल की कीमतें 90 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर आ गईं।  दरअसल, ईरान ने कहा कि जबतक सीजफायर लागू है, तबतक कमर्शियल जहाजों से होर्मुज से गुजरने की मंजूरी रहेगी. वहीं ट्रंप ने भी कहा कि अब ईरान कभी भी होर्मुज को बंद नहीं करेगा. ईरान ने सहमति जताई है. इस खबर के आते ही तेल-गैस की कीमतें तेजी से गिरें।  11 फीसदी तक सस्‍ता हुआ तेल ब्रेंट क्रूड वायदा रात में 10.42 डॉलर या 10.48% गिरकर 88.97 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया, सत्र के दौरान यह 86.09 डॉलर के निचले स्तर पर भी पहुंचा था. WTI क्रूड वायदा 11.48 डॉलर या 12.12% गिरकर 83.21 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया, जो 80.56 डॉलर तक पहुंच गया था. हालांकि, कारोबार बंद होने तक क्रूड ऑयल 90.38 डॉलर पर पहुंच गया. तेल की कीमतों में एक दिन में यह सबसे बड़ी गिरावट रही।  गैस की कीमतों पर भी असर  खबर आते ही गैस की कीमतों में भी गिरावट देखने को मिली. एलएनजी की की कीमत 2.624 डॉलर आ गईं. हालांकि ईरानी राष्‍ट्रपति की ओर से अपडेट आने के बाद यह वायदा बाजार में 2.674 डॉलर पर पहुंच गया. इसका मतलब है कि नेचुरल गैस की कीमतों में कोई खास बदलाव नहीं हुआ।  होर्मुज को लेकर फिर बना संकट?  शनिवार की सुबह ईरान के सांसद अध्‍यक्ष मोहम्मद बगेर गालिबफ ने कहा कि होर्मुज को अमेरिका के इशारे पर नहीं, बल्कि ईरान के नियम के आधार पर संचालित किया जाएगा. साथ ही उन्‍होंने कहा कि अगर अमेरिका ईरानी पोर्ट पर प्रतिबंध लगाकर रखता है तो होर्मुज बंद कर दिया जाएगा. उन्‍होंने ट्रंप के बयानों की आलोचना की. इस खबर के बाद सोमवार को तेल की कीमतों पर असर दिखाई दे सकता है. तेल-गैस की कीमतों में फिर से तेजी दिख सकती हैं।  बाजार में क्‍या होगा असर?  स्‍ट्रेट ऑफ होर्मुज खुलने से अमेरिकी बाजार में शानदार तेजी देखने को मिली. अमेरिकी बाजार 2 फीसदी से ज्‍यादा चढ़ गया. वहीं भारतीय बाजार का इंडिकेटर गिफ्ट निफ्टी भी शानदार तेजी का संकेत दे रहा है. सोमवार को भारतीय बाजार में करीब 300 अंकों का गैपअप देखने को मिल सकता है। 

बाजार में आई शानदार तेजी, 5 लाख करोड़ की कमाई, इन शेयरों ने किया धमाल

मुंबई  सप्‍ताह के आखिरी कारोबारी द‍िन भी शेयर बाजार में शानदार तेजी रही. शुरुआती कारोबार में निफ्टी और सेंसेक्‍स दबाव में खुले थे, लेकिन दोपहर बाद इनमें अच्‍छी तेजी आई और मार्केट ने निवेशकों के पोर्टफोलियो को बढ़ा दिया. सेंसेक्‍स 504.86 अंक या 0.65% चढ़कर 78,493.54 पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 156.80 अंक या 0.65% चढ़कर 24,353.55 पर पहुंच गया।  बीएसई के 5 शेयरों को छोड़कर बाकी टॉप 25 शेयरों में अच्‍छी तेजी रही. सबसे ज्‍यादा तेजी HUL में करीब 4.75 फीसदी की रही. इसके बाद पावरग्रिड, रिलायंस और बीईएल के शेयरों में भी करीब 2 फीसदी तक उछाल आई. सनफार्मा और महिंद्रा के शेयरों में 1 फीसदी तक की कमी आई।  सेक्‍टर की बात करें तो आईटी और कंज्‍यूमर ड्यूरेबल को छोड़कर बाकी सभी सेक्‍टर में तेजी रही. मिडकैप और स्‍मॉलकैप में शानदार तेजी रही. विप्रो के शेयरों में 2.5 फीसदी की गिरावट के कारण आईटी सेक्‍टर 0.22 फीसदी तक गिर गया. हालांकि, ओभरऑल मार्केट में अच्‍छी ग्रोथ देखने को मिली।  5 लाख करोड़ रुपये की कमाई इसी कारण निवेशकों के पोर्टफोलियो में उछाल भी देखने को मिला. निवेशकों ने शुक्रवार को करीब 5 लाख करोड़ रुपये की कमाई की, क्‍योंकि बीएसई मार्केट कैप 460.80 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 465.59 लाख करोड़ रुपये हो गया।  क्‍यों आई शेयर बाजार में तेजी?      इजरायल-लेबलान के बीच सीजफायर का ऐलान होने और ईरान अमेरिका के बीच बातचीत की चीजें आगे बढ़ने के कारण जियो-पॉलिटिकल टेंशन कम हुआ है.     तनाव कम होने के कारण कच्‍चे तेल के दाम में गिरावट देखने को मिली और ये 100 डॉलर प्रति बैरल के नीचे बना हुआ है. जिसने मार्केट को सपोर्ट दिया है.      विदेशी संस्‍थागत निवेशकों (FII) की खरीदारी फिर से बढ़ रही है. गुरुवार को एफआईआई ने भारतीय बाजार में 382.36 करोड़ रुपये का निवेश किया है.      रुपये में भी तेजी देखने को मिली है. डॉलर की तुलना में रुपया 28 पैसा चढ़कर 92.86  मार्क पर पहुंच गया. रुपये की इस तेजी ने मार्केट को सपोर्ट दिया.  तेजी से भागे ये शेयर  अपोलो माइक्रो सिस्‍टम के शेयरों में 17 फीसदी तक की तेजी आई. इसके साथ ही नावा में 12 फीसदी, MMTC में 10 फीसदी, एंजेल वन में 10 फीसदी और एचडीएफसी एएमसी के शेयरों में 5 फीसदी की उछाल देखने को मिली. इसके साथ ही एवेन्‍यू सूपरमार्ट में 4 फीसदी, अडानी टोटल गैस में 5 फीसदी और कोचिन शपिर्याड में 4 फीसदी से ज्‍यादा की तेजी आई। 

Netflix के सह-संस्थापक का इस्तीफा, 1997 में शुरू हुआ था इस प्लेटफॉर्म का सफर

 नई दिल्ली ओवर द टॉप (OTT) इंडस्ट्री के दिग्गज प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स के को-फाउंडर रीड हेस्टिंग्स ने इस्तीफे का ऐलान कर दिया है. आने वाले जूम महीने में उनके चेयरमैन पद का कार्यकाल समाप्त हो रहा है, जिसके बाद वह कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स से भी इस्तीफा दे देंगे. इसकी जानकारी खुद कंपनी की तरफ से दी गई है।  को-फाउंडर इस्तीफे के बाद लोगों की भलाई के लिए काम करना चाहते हैं. हालांकि वह क्या काम होगा, वो तो आने वाले दिनों में ही पता चलेगा. साल 2023 में भी उन्होंने सीईओ पद से इस्तीफा दिया था, जो काफी चर्चा में रह चुका है।  रीड हेस्टिंग ने 1997 में अपने दोस्त और सह-संस्थापक मार्क रैंडोल्फ के साथ इस प्लेटफॉर्म की शुरुआत की थी. इसके बाद साल 2023 तक यानी करीब 20 साल तक उन्होंने नेटफ्लिक्स की जिम्मेदारी संभाली. इसके बाद हेस्टिंग ने सीईओ पद से इस्तीफा दे दिया।  रीड हेस्टिंग ने कहा रीड हेस्टिंग ने कहा कि Netflix में मेरा असली योगदान कोई एक फैसला नहीं था. असल में यह मेंबर्स की खुशी पर फोकस करना और एस ऐसे कल्चर को बनाना, जिसे लोग आगे बेहतर बना सकें।  नेटफ्लिक्स क्या है?  नेटफ्लिक्स, असल में एक वीडियो स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म है. अब यह इंटरनेट के माध्यम से काम करता है, जबकि शुरुआत DVD के जरिए हुई थी. अब नेटफ्लिक्स वेब सीरीज, टीवी शो और डॉक्यूमेंट्रीज आदि उपलब्ध कराता है और यह प्लेटफॉर्म दुनियाभर में पॉपुलर है।  कंपनी अपने इस प्लेटफॉर्म को सब्सक्रिप्शन बेस्ड सर्विस के रूप में देती है. भारत समेत दुनियाभर में इसके करोड़ों यूजर्स हैं. भारत में टीवी के लिए शुरुआती वर्जन 199 रुपये का है, जो विज्ञापन के साथ आता है. आज यह 190 से अधिक देशों में उपलब्ध है।  OTT प्लेटफॉर्म क्या होते हैं?  ओवर द टॉप (OTT), असल में वे प्लेटफॉर्म होते हैं, जो इंटरनेट के जरिए सीधे स्मार्टफोन, टीवी, लैपटॉप और टैबलेट आदि पर वीडियो कंटेंट स्ट्रीमिंग की सुविधा देते हैं. इसमें नेटफ्लिक्स, प्राइम वीडियो, जियो हॉटस्टार, जी5 आदि का नाम शामिल है। 

AI के क्षेत्र में कदम रखने वाली जूते बेचने वाली कंपनी, स्टॉक में 870% का उछाल

 नई दिल्‍ली एक कंपनी अपना काम बदलने जा रही है. इस ऐलान के बाद कंपनी के शेयरों में रिकॉर्डतोड़ उछाल देखी गई है. देखते ही देखते कंपनी के शेयर  870% चढ़ चुका है. यह कंपनी कल तक जूते बेच रही थी, लेकिन अचानक इसने अपना बिजनेस बदल दिया है और कहा है कि वह अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की दुनिया में कदम रख रही है।  इस ऐलान के बाद इसके शेयर एक टेक कंपनी की तरह वैल्‍यू दिखाने लगे. 15 अप्रैल 2026 की रात शेयर ने धुंआधार तेजी दिखाई, जिसे देखकर बड़े-बड़े निवेशक भी हैरान दिखाई दिए.  यह शेयर सिर्फ कुछ मिनटो में 400 फीसदी और आखिरी घंटे तक आते-आते 800 फीसदी से ज्यादा चल गया।  कुछ ही दिनों में इस शेयर ने शानदार तेजी दिखाई है. बुधवार को यह शेयर अमेरिकी बाजार में 6.82 डॉलर पर खुला और जैसे ही कंपनी ने अपने बिजनेस रणनीति को साफ किया, कुछ ही घंटों में शेयर 24.3 डॉलर तक पहुंच गया. यह ओपनिंग प्राइस से 870 फीसदी की उछाल थी।  इसे ऐसा भी कह सकते हैं कि कुछ ही घंटे में इस शेयर ने 9 गुना से ज्‍यादा का रिटर्न दिया. आखिर में यह शेयर 16.99 डॉलर पर बंद हुआ, जो पिछले बंद भाव के मुकाबले 582% की वन डे उछाल थी. कंपनी का मार्केट कैप बढ़कर करीब 176 मिलियन डॉलर पहुंच गया।  किस कंपनी ने किया ये कमाल  यह कंपनी ऑलबर्ड्स है, जिसने ऐलान किया कि वह अब खुद को NewBird AI के तौर पर रीब्रैंड करने जा रही है. साथ ही ये कंपनी एआई कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर बिजनेस में काम करेगी. कंपनी का यह फैसला अचानक नहीं आया, बल्कि कंपनी ने मार्च 2026 के आखिरी में अपना जूते वाला बिजनेस 39 मिलियन डॉलर में अमेरिकन एक्‍सचेंज ग्रुप को बेच दिया था, जिसका मतलब था कि कंपनी अपने पुराने बिजनेस से बाहर निकल रही थी. हालांकि अब उसने पूरी तरह से बिजनेस बदल चुका है।  गौरलब है कि इस कंपनी के शेयरों में ऐसे समय में तेजी आई है, जब ग्‍लोबल सेंटिमेंट बदल रहे हैं. ईरान और अमेरिका जंग को खत्‍म करने को लेकर बातचीत करने जा रहे हैं. ऐसे में शेयर बाजार का नजरिया बदला है और निवेशक अच्‍छा दाव लगा रहे हैं। 

Maruti का बड़ा कदम: महिला भागीदारी बढ़ाने के लिए फैक्ट्री में ‘वुमन पावर’ का हुआ विस्तार

 नई दिल्ली जिस वक्त देश की राजनीति में महिलाओं की हिस्सेदारी बढ़ाने की बात चल रही है, उसी समय देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी ने एक बड़ा ऐलान किया है. मारुति सुजुकी ने जेंडर डाइवर्सिटी को बढ़ावा देने के लिए बड़ा कदम उठाया है. कंपनी ने अपनी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स में महिलाओं की भागीदारी को तेजी से बढ़ाया है, जिससे अब ऑटो इंडस्ट्री में एक नया बदलाव देखने को मिल रहा है।  मारुति सुजुकी ने आज अपने एक बयान में कहा कि, कंपनी अपने कारखानों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ा रही है. कंपनी ने गुरुग्राम और मानेसर स्थित अपने प्लांट्स के शॉपफ्लोर पर महिलाओं को बड़ी संख्या में शामिल किया है. अब महिलाएं सीधे वाहन असेंबली और इंजन ट्रांसमिशन जैसे कोर कामों में हिस्सा ले रही हैं. इस कदम से मारुति का नाम उन गिनी-चुनी भारतीय ऑटो कंपनियों में शामिल हो गया है, जहां महिलाएं बड़े स्तर पर प्रोडक्शन रोल्स निभा रही हैं।  तेजी से बढ़ी महिला भर्ती मारुति सुजुकी के अनुसार, पिछले दो सालों में कंपनी ने व्हीकल मैन्युफैक्चरिंग और इंजन ट्रांसमिशन के लिए महिलाओं की भर्ती तेजी से बढ़ाई है. केवल पिछले एक साल में ही 190 से ज्यादा महिलाओं को शॉपफ्लोर की जिम्मेदारी दी गई है. इसके साथ ही कंपनी में कुल महिला कर्मचारियों की संख्या 1300 के पार पहुंच गई है. ये महिलाएं असेंबली लाइन और क्वालिटी कंट्रोल जैसे काम संभाल रही हैं, जहां सटीकता बेहद जरूरी होती है।  कंपनी का कहना है कि, महिलाओं को वही ट्रेनिंग और स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम दिए गए हैं जो पुरुष कर्मचारियों को मिलते हैं. उन्हें करियर ग्रोथ और प्रमोशन के भी बराबर अवसर मिल रहे हैं. इस पहल का मकसद महिलाओं को अलग या सीमित रोल देने के बजाय उन्हें पूरी तरह समान अवसर देना है. महिलाओं की बढ़ती भागीदारी को ध्यान में रखते हुए कंपनी ने अपने प्लांट्स में कई जरूरी बदलाव भी किए हैं. इनमें अलग रेस्ट रूम, चेंजिंग एरिया, क्रेच सुविधा और बेहतर सुरक्षा इंतजाम शामिल हैं।  शाम की शिफ्ट में गार्ड और पेट्रोलिंग की व्यवस्था भी की गई है. इसके अलावा सभी कर्मचारियों को सुरक्षित और सम्मानजनक माहौल देने के लिए POSH ट्रेनिंग भी दी जा रही है. कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ हिसाशी ताकेउची ने कहा कि, "महिलाएं पहले से इंजीनियरिंग, मार्केटिंग और फाइनेंस जैसे क्षेत्रों में काम कर रही हैं, लेकिन असली बदलाव तब आता है जब वे सीधे व्हीकल मैन्युफैक्चरिंग में भाग लेती हैं. उन्होंने कहा कि कंपनी का टार्गेट सिर्फ आंकड़े बढ़ाना नहीं, बल्कि महिलाओं के डेली लाइफ में समानता को मजबूत करना है। 

चांदी के भाव में ₹3500 से अधिक की बढ़ोतरी, सोना भी महंगा, 18-22-24 कैरेट गोल्ड के ताजा रेट जानें

इंदौर  भारतीय सर्राफा बाजार में आज फिर सोना-चांदी की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है.  22 कैरेट सोने का रेट 1 लाख 40 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम के पार है. वहीं, 24 कैरेट सोने का रेट 1 लाख 53 हजार रुपये से अधिक पहुंच गया है, जो बीते कारोबारी दिन यानी बुधवार (15 अप्रैल) की शाम के समय 1 लाख 52 हजार रुपये के पार था।  इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन की आधिकारिक वेबसाइट ibjarates.com पर 16 अप्रैल 2026 की सुबह जारी रेट्स के मुताबिक, 24 कैरेट सोने की कीमत 153305 रुपये प्रति 10 ग्राम है. जबकि 18 कैरेट सोने का दाम 89683 रुपये प्रति 10 ग्राम है।  चांदी का रेट क्या है? चांदी की कीमत में भी भारी उछाल देखने को मिला है. आज (गुरुवार), 16 अप्रैल की सुबह चांदी का भाव 2 लाख 52 हजार रुपये प्रति किलो के पार पहुंच गया है. जो बीते दिन 2 लाख 50 हजार रुपये से कम था. बता दें कि ibja की ओर से जारी रेट्स सर्वमान्य हैं. केंद्र सरकार द्वारा घोषित छुट्टियों के अलावा सोमवार से शुक्रवार सुबह और शाम दिन में दो बार सोना-चांदी के रेट्स अपडेट किए जाते हैं. वहीं, शनिवार और रविवार को रेट जारी नहीं किए जाते।  आइए जानते हैं बीते कारोबारी दिन की तुलना में आज कितना महंगा हुआ सोना-चांदी   शुद्धता बुधवार शाम के रेट गुरुवार सुबह का रेट कितने महंगा हुआ गोल्ड-सिल्वर सोना (प्रति 10 ग्राम) 999     152865 153305 440 रुपये महंगा सोना (प्रति 10 ग्राम) 995      152253 152691 438 रुपये महंगा सोना (प्रति 10 ग्राम) 916      140024 140427  403 रुपये महंगा सोना (प्रति 10 ग्राम) 750      114649 114979 330 रुपये महंगा सोना (प्रति 10 ग्राम) 585      89426 89683 257 रुपये महंगा चांदी (प्रति 10 ग्राम) 999      249019 252675 3656 रुपये महंगी बीते दिन यानी 15 अप्रैल को क्या था 22-24 कैरेट सोने और चांदी का रेट? 24 कैरेट गोल्ड सुबह का रेट- 152949 शाम का रेट- 152865   22 कैरेट गोल्ड सुबह का रेट-  140101 शाम का रेट-  140024   चांदी की कीमत सुबह का रेट- 250855 शाम का रेट- 249019 बता दें कि इंडियन बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन (Indian Bullion Jewelers Association) की ओर से जारी कीमतों से अलग-अलग प्योरिटी के सोने के स्टैंडर्ड भाव की जानकारी मिलती है. इसमें टैक्स, मेकिंग चार्ज एवं जीएसटी शामिल नहीं होता है.