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खुशखबरी: 8वें वेतन आयोग में प्रमोशन की बौछार, इंक्रीमेंट और वेतन पर बड़ा अपडेट

नई दिल्ली केंद्रीय कर्मचारियों को आठवें वेतन आयोग की सिफारिशों का इंतजार है। वैसे तो वेतन आयोग की सिफारिशों के लागू होने में 18 महीने या उससे ज्यादा का समय लग सकता है लेकिन इससे पहले कर्मचारियों की डिमांड जारी है। इसी कड़ी में नेशनल काउंसिल (स्टाफ साइड) और NC-JCM की मीटिंग हुई है। इस मीटिंग में 8वें वेतन आयोग से जुड़े कई अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में रक्षा, रेलवे, डाक, आयकर, लेखा एवं लेखा परीक्षा सहित विभिन्न विभागों के कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए। क्या है डिमांड? इस बैठक में केंद्र सरकार के सैलरी स्ट्रक्चर, प्रमोशन पॉलिसी, एनुअल सैलरी इंक्रीमेंट और पेंशन सुधार जैसे विषय पर चर्चा हुई। बैठक में फिटमेंट फैक्टर को लेकर भी व्यापक चर्चा की गई। कर्मचारी संगठनों ने प्रत्येक कर्मचारी को सेवा अवधि में कम से कम पांच प्रमोशन सुनिश्चित करने की मांग रखी। उनका कहना है कि निचले स्तर पर काम कर रहे प्रतिभाशाली कर्मचारियों में सीमित प्रमोशन अवसरों के कारण निराशा बढ़ रही है। संगठनों की मांग है कि कर्मचारियों और लगभग 68 लाख पेंशनरों/पारिवारिक पेंशनरों के लिए समान फिटमेंट फैक्टर लागू किया जाए। इसके अलावा, पेंशन व्यवस्था पर भी जोरदार बहस हुई। प्रतिनिधियों ने नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) और यूनिफाइड पेंशन सिस्टम (UPS) को समाप्त कर पुरानी पेंशन योजना (OPS) बहाल करने की पुरानी मांग दोहराई। बैठक में फैमिली यूनिट की संख्या तीन से बढ़ाकर पांच करने का प्रस्ताव है। कर्मचारी संगठनों का कहना है कि सैलरी निर्धारण में माता-पिता को भी शामिल किया जाना चाहिए, इसलिए परिवार इकाई का दायरा बढ़ाया जाए। 18 सवालों के जवाब देने पर बनी सहमति ऑल इंडिया डिफेंस एम्प्लॉइज फेडरेशन के महासचिव सी. श्रीकुमार के मुताबिक 8वें वेतन आयोग द्वारा वेबसाइट पर पूछे गए 18 सवालों के जवाब तय समयसीमा के भीतर भेजने पर सहमति बनी है। अगले 10 से 15 दिनों में सभी कर्मचारी संगठनों की मांगों को समेटते हुए एक ज्ञापन तैयार किया जाएगा, जिसे आयोग की अध्यक्ष जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई को सौंपा जाएगा। स्वास्थ्य सुविधाओं के तहत केंद्र सरकार स्वास्थ्य योजना (सीजीएचएस) से वंचित शहरों में कर्मचारियों को वर्तमान में 1,000 रुपये मासिक भत्ता मिलता है। कर्मचारी संगठनों ने इसे बढ़ाकर 20,000 रुपये प्रति माह करने और इंटरनेट जैसी सेवाओं के लिए भत्ता शामिल करने का प्रस्ताव भी रखा गया। बता दें कि 10 मार्च को अगली बैठक में साझा ज्ञापन को अंतिम रूप दिया जाएगा, जिसके बाद इसे 1-2 सप्ताह के भीतर 8वें वेतन आयोग को सौंपे जाने की संभावना है।

शेयर बाजार में भारी गिरावट: सेंसेक्स 1000 अंक टूटा, 5 लाख करोड़ का नुकसान

मुंबई  सप्‍ताह का आखिरी कारोबारी दिन शेयर बाजार निवेशकों के लिए काफी दर्दनाक रहा. इंट्राडे के दौरान सेंसेक्‍स 1000 अंक और निफ्टी 320 अंक से ज्यादा टूट गए थे. हालांकि कारोबार बंद होने पर शेयर बाजार में थोड़ी रिकवरी रही, फिर भी सेंसेक्‍स 961 अंक या 1.17 फीसदी टूटकर 81287 लेवल पर बंद हुआ और निफ्टी 317 अंक या 1.25 फीसदी गिरकर 25178 पर आ गया.  बीएसई टॉप 30 शेयरों में से 25  शेयर लाल निशान पर बंद हुए. सबसे ज्‍यादा गिरावट सनफार्मा, महिंद्रा एंड महिंद्रा, भारती एयरटेल, बजाज फिनसर्व और इंडिगो के शेयरों में रही. एफएमसीजी के साथ ही कुछ आईटी शेयरों में भी दबाव दिखाई दिया. बैंकिंग स्‍टॉक भी दबाव में कारोबार करते हुए दिखाई दिए.  क्‍यों आई ये बड़ी गिरावट?     एक्‍सपर्ट्स इस गिरावट को जियो-पॉलिटिकल टेंशन से जोड़ रहे हैं. अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत को लेकर अपडेट सामने आया है, जिसमें दोनों पक्षों के बीच अभी कोई समझौता होता हुआ नहीं दिख रहा है. उधर, अमेरिकी सेना  अपनी तैयारियों में जुटी हुई है.      इसके अलावा, अफगानिस्तान और पाकिस्‍तान के बीच जंग छिड़ गई है, जिस कारण एशियाई बजारों में भी दबाव दिखा है, जिस कारण भारतीय शेयर बाजार भी प्रभावित हुआ है.     अमेरिकी S&P 500 और यूरोपीय बाजारों में कमजोरी देखने को मिली है.  टेक-हेवी एशियाई बाजारों ने भी NASDAQ की कमजोरी को फॉलो किया, जिससे भारतीय बाजार दबाव दिखाई दिया.     विदेशी निवेशकों की ओर से लगातार बिकवाली हो रही है.गुरुवार को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने करीब 3,465.99 करोड़ रुपये की बिकवाली की, जिससे शेयर बाजार में गिरावट हावी हुई.  5 लाख करोड़ स्‍वाहा भारतीय शेयर बाजार में गिरावट के कारण बीएसई कैपिटलाइजेशन 468.49 लाख करोड़ से घटकर 463.51 लाख करोड़ हो चुका है. इस हिसाब से देखा जाए तो निवेशकों की वैल्‍यूवेशन में 5 लाख करोड़ रुपये की कटौती हुई है. 2,528  शेयरों में गिरावट  बीएसई पर 4,369 एक्टिव शेयरों में से आज 1,660 शेयरों में तेजी रही, जबकि 2,528  शेयर गिरावट पर बंद हुए और 181 शेयर अनचेंज रहे. 340  शेयर 52 सप्‍ताह के निचले स्‍तर पर थे और 100 शेयर 52 वीक के हाई पर पहु्ंच गए. 9 शेयरों में लोअर सर्किट रहा और 10 शेयर 52 वीक के हाई पर पहु्ंच गए. 

जैक डोर्सी ने अपनी कंपनी से 4000 लोगों को निकाला, AI के प्रभाव से बढ़ी छंटनी

 नई दिल्ली टेक दुनिया से बड़ी खबर सामने आई है. Twitter के को-फाउंडर जैक डॉर्सी की कंपनी Block Inc. ने करीब 4,000 कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया है. यह संख्या कंपनी के कुल स्टाफ का लगभग 40 फीसदी बताई जा रही है. सबसे अहम बात यह है कि कंपनी ने इस बड़े कदम के पीछे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI को वजह बताया है. अब तक कंपनियां छंटनी करते वक्त ये साफ तौर पर नहीं बताती थीं कि जॉब AI की वजह से जा रही है. लेकिन Jack Doresey ने ये साफ किया है कि उन्होंने अपनी कंपनी से लोगों को AI की वजह से ही निकाला है. Block एक फिनटेक कंपनी है जो Cash App और Square जैसी सेवाएं चलाती है. कंपनी का कहना है कि वह अब AI पर ज्यादा फोकस कर रही है और काम करने का तरीका बदल रही है. आर्थिक संकट में नहीं है कंपनी, फिर भी निकाले गए लोग जैक डॉर्सी  ने अपने संदेश में कहा कि कंपनी आर्थिक संकट में नहीं है. बिजनेस ठीक चल रहा है, लेकिन AI की वजह से अब कम लोगों के साथ ज्यादा काम संभव हो रहा है. डोर्सी ने कहा कि टेक्नोलॉजी तेजी से बदल रही है और कंपनियों को समय रहते बदलाव करना होगा. उनके मुताबिक कई कंपनियां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अपनाने में देर कर रही हैं. Block ने एक साथ बड़ा फैसला लेकर अपनी टीम का आकार छोटा कर दिया ताकि आगे की रणनीति साफ रहे. इस खबर के बाद शेयर बाजार में Block के शेयरों में तेज उछाल देखने को मिला. रिपोर्ट्स के मुताबिक कंपनी के शेयर करीब 20 से 25 फीसदी तक चढ़ गए. निवेशकों को लग रहा है कि AI के इस्तेमाल से कंपनी की लागत घटेगी और मुनाफा बढ़ सकता है. हालांकि कर्मचारियों के लिए यह बड़ा झटका है. इतनी बड़ी संख्या में नौकरी जाने से टेक सेक्टर में चिंता बढ़ गई है. पिछले कुछ समय से दुनिया भर में टेक कंपनियां स्टाफ कम कर रही हैं, लेकिन इस बार साफ तौर पर AI को वजह बताया जाना चर्चा का विषय बन गया है. कर्मचारियों को मिलेगा मुआवजा और सपोर्ट जैक डॉर्सी  ने यह भी कहा कि जिन कर्मचारियों की नौकरी गई है, उन्हें नियमों के मुताबिक मुआवजा और कुछ समय तक सपोर्ट दिया जाएगा. अलग-अलग देशों में नियम अलग होने की वजह से यह पैकेज भी अलग हो सकता है. इस फैसले ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है. क्या AI अब सच में इंसानों की नौकरियां ले रहा है? टेक एक्सपर्ट्स का मानना है कि AI पूरी तरह नौकरियां खत्म नहीं करता, बल्कि काम की प्रकृति बदल देता है. जिन भूमिकाओं में दोहराव वाला काम ज्यादा है, वहां AI तेजी से जगह बना रहा है. Block का यह कदम संकेत देता है कि आने वाले समय में और कंपनियां भी इसी दिशा में जा सकती हैं. अगर AI से कम स्टाफ में ज्यादा काम हो सकता है, तो कंपनियां लागत कम करने के लिए ऐसे फैसले ले सकती हैं. टेक इंडस्ट्री में यह बदलाव सिर्फ एक कंपनी तक सीमित नहीं है. यह एक बड़े ट्रेंड की तरफ इशारा करता है, जहां AI अब सिर्फ चर्चा का विषय नहीं, बल्कि बिजनेस रणनीति का हिस्सा बन चुका है. आने वाले महीनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि दूसरी बड़ी कंपनियां क्या कदम उठाती हैं.

चांदी ने पकड़ी रफ्तार, सोने के भाव में उछाल, US की नीतियों का असर

 नई दिल्‍ली सोना और चांदी की कीमतों में एक बार फिर उछाल देखी जा रही है. मल्‍टी कमोडिटी मार्केट (MCX) पर सोना 400 रुपये चढ़कर 1.60 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया है, जबकि चांदी के दाम में भी 8000 रुपये से ज्‍यादा की तेजी आई है. 5 मार्च वायदा वाली चांदी 2.75 लाख रुपये के ऊपर कारोबार कर रही है.  वहीं कुछ दिन पहले चांदी की कीमत 2.25 लाख रुपये के करीब थी और सोने के दाम 1.37 लाख रुपये पर बने थे, लेकिन कुछ ही दिनों में इन मेटल्‍स ने एक बार फिर तेजी दिखाई है. सोने चांदी के दाम में तेजी को लेकर एक्‍स्‍पर्ट्स का मानना है कि अमेरिका अलग- अलग खबरें आने के कारण इनके दामों में उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है.  सोने-चांदी के दाम में फिर क्‍यों आई तेजी?  सोने और चांदी के दाम में तेजी का बड़ा कारण अमेरिका में हुए दो बड़े अपडेट हैं. अमेरिका में टैरिफ को लेकर अनिश्‍चितताएं बनी हुई हैं. इसके अलावा, निवेशक अमेरिका और ईरान  के बीच बातचीत में लेटेस्‍ट डेवलपमेंट को भी देख रहे हैं, जिस कारण निवेशक सेफ निवेश की ओर बढ़ रहे हैं. यही कारण है कि आज सोने और चांदी के भाव में तेजी देखने को मिली है.  जिनेवा में मीडिएटर ओमान के मुताबिक अमेरिका और ईरान ने तेहरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम पर बातचीत में कुछ प्रोग्रेस की खबर दी है. हालांकि, गुरुवार को घंटों की बातचीत के बावजूद, कोई साफ नतीजा नहीं निकला जिससे अमेरिका संभावित हमलों की संभावना को खारिज किया जा सके, जबकि इस इलाके में मिलिट्री की बड़ी तैयारी जारी है. सीधे शब्‍दों में कहें तो अभी अमेरिका और ईरान दोनों बातचीत में सहमत नहीं हो सके हैं, जिस कारण सोने और चांदी जैसे मेटल में तेजी देखी जा रही है.  दूसरी ओर, अफगानिस्‍तान और पाकिस्‍तान के बीच भी वॉर शुरू हो गया है, जिस कारण गोल्‍ड सिल्‍वर के दाम तेजी पर हैं और एशियाई शेयर बाजारों में गिरावट देखने को मिली है.   इंटरनेशनल मार्केट में सोने-चांदी के दाम इंटरनेशनल मार्केट में शुक्रवार को सोने की कीमतें काफी हद तक स्थिर बनी रहीं.  स्पॉट गोल्ड 5,187.39 डॉलर प्रति औंस के आसपास बना रहा, जबकि स्पॉट सिल्वर 0.6% बढ़कर $88.81 प्रति औंस पर पहुंच गया, जो बुधवार को तीन हफ्ते के हाई पर पहुंचने के बाद की तेजी है. 

Renault Duster 2026: 17 मार्च को बाजार में दस्तक, जानें नई Duster में क्या नया है

मुंबई   कार निर्माता कंपनी Renault India भारतीय बाजार में अपनी सबसे लोकप्रिय एसयूवी रही, Renault Duster को एक बार से लॉन्च करने वाली है. ताजा जानकारी के अनुसार भारत में इस एसयूवी को 17 मार्च, 2026 को उतारा जाएगा, जो अपने थर्ड-जेनरेशन अवतार में होगी. इंडिया-स्पेक Renault Duster को बीती 26 जनवरी, 2026 को पेश किया गया था. आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इसकी पिछली जनरेशन की बिक्री साल 2022 में बंद कर दी गई थी, जिसके बाद अब इस मिडसाइज़ SUV की वापसी हो रही है. नई Duster, कंपनी के लिए एक ज़रूरी मॉडल है, जिसके बारे में मैन्युफैक्चरर को उम्मीद है कि यह धीरे-धीरे भारत में बेस्टसेलिंग कारों की लिस्ट में वापस आ जाएगी. 2026 Renault Duster पावरट्रेन विकल्प इंजन की बात करें तो भारत में, Renault Duster दो टर्बो-पेट्रोल इंजन और एक स्ट्रॉन्ग-हाइब्रिड पेट्रोल पावरट्रेन के ऑप्शन के साथ उतारा जाएगा. टर्बो-पेट्रोल इंजन में Renault Kiger में मिलने वाला छोटा 1.0-लीटर टर्बो-पेट्रोल इंजन शामिल है, जो 100hp की पावर देता है. इसके अलावा, इसमें सेगमेंट-बेस्ट 1.3-लीटर टर्बो-पेट्रोल इंजन मिलेगा, जो 163hp की पावर प्रदान करेगा. दोनों इंजन के साथ 6-स्पीड मैनुअल ट्रांसमिशन मिलेगा, लेकिन बड़े इंजन के साथ 6-स्पीड DCT ऑप्शन भी मिलेगा. इसके अलावा, साल 2026 की दिवाली के आस-पास एक नया 1.8-लीटर स्ट्रॉन्ग-हाइब्रिड पेट्रोल इंजन लाइनअप में शामिल किया जाएगा, जो 109hp की पावर प्रदान करेगा. यह 49hp इलेक्ट्रिक मोटर और 20hp हाइब्रिड स्टार्टर जनरेटर के साथ काम करता है, जो 1.4kWh (280V) बैटरी से चलता है. कंबाइंड सिस्टम आउटपुट 160hp पावर का है. 2026 Renault Duster का एक्सटीरियर डिजाइन की बात करें तो इंडिया-स्पेसिफिक डस्टर का ओवरऑल लुक तीसरी जेनरेशन के ग्लोबल-स्पेसिफिक मॉडल जैसा ही है, लेकिन Renault ने इंडियन मॉडल में लोकल पसंद के हिसाब से कुछ बदलाव किए हैं. इस कार में एक है रीडिजाइन की गई हेडलाइट्स लगाई है, जिनमें आइब्रो के आकार की LED डे-टाइम रनिंग लैंप (DRLs) मिलती हैं, जो टर्न इंडिकेटर का भी काम करती हैं. कार के ग्रिल का डिज़ाइन भी अलग है और इसमें एक बड़ा Duster बैज दिया गया है, जिससे फ्रंट एंड से Renault लोगो को पूरी तरह हटा दिया गया है. इसके अलावा, फ्रंट बंपर में पहली जेनरेशन के मॉडल की तरह उभरा हुआ सिल्वर सराउंड दिया गया है, और बंपर के किनारों पर पिक्सेल के आकार की फॉग लैंप लगाई गई हैं. साइड प्रोफाइल की बात करें तो, नई Renault Duster में व्हील आर्च और बॉडी के निचले हिस्से पर रग्ड ब्लैक क्लैडिंग लगाई गई है. पीछे के दरवाज़े के हैंडल C-पिलर पर लगे हैं. कंपनी ने इस कार में फंक्शनल ब्लैक रूफ रेल्स दी हैं, जिनकी लोड उठाने की क्षमता 50kg है, साथ ही 18-इंच तक के ब्लैक अलॉय व्हील्स और 212mm का ग्राउंड क्लीयरेंस दिया गया है. इंडिया-स्पेक मॉडल की कुछ खास डिटेल्स में फ्रंट फेंडर्स पर हिमालयन मोटिफ्स और बॉडी क्लैडिंग पर एक पीली पट्टी है, जिस पर ‘आइकॉनिक’ लिखा हुआ है. रियर प्रोफाइल की बात करें तो, पीछे ट्राई-एंगुलर टेल-लाइट्स एक LED लाइट बार से जोड़ी गई हैं, जो ग्लोबल-स्पेक मॉडल में नहीं है. कंपनी ने नई Renault Duster में रूफ-माउंटेड स्पॉइलर भी दिया है, और लाइसेंस प्लेट ब्रैकेट को एक यूनिक टेक्सचर्ड फिनिश दिया गया है. 2026 Renault Duster का इंटीरियर एक्सटीरियर की तरह ही, कंपनी ने कार के अंदर भी भारतीय ग्राहकों की पसंद का ख्याल रखा है और इसे भी यूरोपियन-स्पेक मॉडल से काफी अलग बनाया है. इंडिया-स्पेक Renault Duster में पूरी तरह से यूनिक डैशबोर्ड मिलता है, जिसमें डुअल-स्क्रीन सेटअप, प्रीमियम दिखने वाले ट्रिम इंसर्ट और सॉफ्ट-टच मटीरियल इस्तेमाल किया गया है. इसमें सिल्वर ट्रिम्स और कंट्रास्ट ग्रीन स्टिचिंग का भरपूर इस्तेमाल किया गया है, जो केबिन को और भी आकर्षक बनाते हैं. सबसे ज़रूरी बात, इसके इंटीरियर में डिजिटल और फिजिकल कंट्रोल्स के बीच अच्छा बैलेंस रखा गया है, जिसमें ज़रूरी गाड़ी के फंक्शन्स के लिए सेंटर कंसोल पर बटन्स का एक सेट है. 2026 Renault Duster के फीचर्स इसमें मिलने वाले फीचर्स की बात करें तो नई Renault Duster में वायरलेस एंड्रॉयड ऑटो और Apple CarPlay के साथ 10.1-इंच का टचस्क्रीन, 10.25-इंच का डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर, पैनोरमिक सनरूफ, वायरलेस फोन चार्जर और डुअल-ज़ोन क्लाइमेट कंट्रोल दिया गया है. इसमें पावर्ड टेलगेट और 6-वे पावर्ड और वेंटिलेटेड फ्रंट सीट्स भी दी गई हैं. 2026 Renault Duster के सेफ्टी फीचर्स कार में सेफ्टी फीचर्स की भी भरमार दी गई है. कार में छह एयरबैग (स्टैंडर्ड), एक 360-डिग्री कैमरा, आगे और पीछे पार्किंग सेंसर, एक टायर-प्रेशर मॉनिटरिंग सिस्टम (TPMS), लेवल-2 ADAS, इलेक्ट्रॉनिक पार्किंग ब्रेक और चारों व्हील्स पर डिस्क ब्रेक लगाए गए हैं. खास बात यह भी है कि Renault Duster भारत में पहली Renault कार है, जिसमें ADAS सूट मिलता है. Renault ने जानकारी दी कि वह नई Duster के साथ पूरे 5-स्टार क्रैश सेफ्टी रेटिंग हासिल करने का लक्ष्य रखेगी और क्लास में सबसे अच्छी 7-साल/1,50,000 किमी की स्टैंडर्ड वारंटी देगी.

कीमती धातुओं में भूचाल: चांदी सस्ती, सोना लुढ़का और बाजार में हलचल

मुंबई  सोना-चांदी की कीमतों (Gold-Silver Rates) से लेकर शेयर बाजार के दोनों इंडेक्स सेंसेक्स-निफ्टी (Sensex-Nifty) में गुरुवार को ओपनिंग के साथ ही सुस्ती देखने को मिल रही है. बीते कारोबारी दिन तक तेज रफ्तार से भागती नजर आ रही चांदी, मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी MCX पर खुलने के साथ ही अचानक 5000 रुपये प्रति किलो से ज्यादा सस्ती (Silver Price Fall) हो गई, तो वहीं सोने का भाव भी धड़ाम (Gold Rate Fall) नजर आया. दूसरी ओर सेंसेक्स-निफ्टी की चाल बदली-बदली नजर आई, दोनों जोरदार तेजी के साथ खुले, लेकिन मिनटों में ये रफ्तार धीमी पड़ गई और रेड जोन में आ गए.  चांदी खुलते ही हुई इतनी सस्ती  कमोडिटी मार्केट में गुरुवार को सुस्ती देखने को मिल रही है. चांदी की अगर बात करें, तो MCX Silver Price अपने पिछले बंद भाव 2,78,364 रुपये प्रति किलोग्राम की तुलना में ओपनिंग के साथ ही टूटकर 2,72,560 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गया. इस हिसाब से 1 Kg Silver Price झटके में 5,804 रुपये कम हो गया. वहीं इस गिरावट के बाद अपने 29 जनवरी के हाई 4,20,048 रुपये से चांदी अभी भी 1,47,488 रुपये प्रति किलोग्राम तक सस्ती मिल रही है.  Gold Rate में भी आई नरमी चांदी के साथ ही सोना भी फिसला है. एमसीएक्स पर 2 अप्रैल की एक्सपायरी वाला वायदा सोना बीते कारोबारी दिन बुधवार को बंद 1,61,145 रुपये प्रति 10 ग्राम के अपने स्तर से फिसलकर 1,60,516 रुपये प्रति 10 ग्राम पर ओपन हुआ. मतलब अचानक 10 Gram 24 Karat Gold 629 रुपये सस्ता हो गया. अगर हाई से सोने की कीमत में आई गिरावट पर गौर करें, तो चांदी की तरह सोना भी बीते 29 जनवरी को ही 1,93,096 रुपये प्रति 10 ग्राम के लाइफ टाइम हाई पर पहुंचा था और वहां से अब तक ये कीमती पीली धातु 32,580 रुपये टूट चुकी है.  शेयर बाजार की बदली-बदली चाल सोना-चांदी की कीमतों में गुरुवार को जहां नरमी देखने को मिली है, तो वहीं शेयर बाजार की चाल भी बदली-बदली नजर आ रही है. सेंसेक्स-निफ्टी दोनों इंडेक्स अपने पिछले बंद के मुकाबले जोरदार तेजी के साथ खुले और अगले ही पल रेड जोन में आ गए, इसके कुछ देर बाद फिर से ग्रीन जोन में ट्रेड करते दिखने लगे. BSE Sensex पिछले बंद 82,276 की तुलना में तेजी लेकर 82,418 के स्तर पर ओपन हुआ और फिर मिनटों में ही ये फिसलकर 82,244 के लेवल पर आ गया. इसके कुछ मिनटों बाद ही सेंसेक्स की चाल ने फिर कन्फ्यूज किया और 200 अंक चढ़ गया. ऐसा ही हाल NSE Nifty का भी दिखा. ये इंडेक्स पिछले बंद 25,482 के मुकाबले बढ़त लेकर 25,556 पर खुला और फिर 25,487 तक टूट गया. खबर लिखे जाने तक ये भी 50 अंक की बढ़त लेकर कारोबार कर रहा था. 

Apple का नया आलीशान ऑफिस बेंगलुरु में, ₹2.84 करोड़ मासिक किराया

बेंगलुरु  Apple बेंगलुरु में 10 साल के लिए ऑफिस स्पेस लीज पर लेकर भारत में अपना विस्तार कर रहा है. रिपोर्ट के अनुसार, दिग्गज टेक कंपनी ने 'एम्बेसी जेनिथ' (Embassy Zenith) नाम की कमर्शियल ऑफिस टावर में 1.21 लाख वर्ग फुट का वर्कस्पेस हासिल किया है, जिसका मासिक किराया 2.84 करोड़ रुपये है. इस विस्तार के बाद, एप्पल अब इस पूरी इमारत में कुल 3.89 लाख वर्ग फुट क्षेत्र का उपयोग कर रहा है. रियल एस्टेट डेटा एनालिटिक्स फर्म 'प्रॉपस्टैक' (Propstack) द्वारा प्राप्त दस्तावेजों के मुताबिक, नया लीज समझौता सटीक रूप से 1,21,203 वर्ग फुट के चार्जेबल एरिया के लिए है. एप्पल ने पूरे 10 साल के लिए  ऑफिस लीज पर लिया है. इस जगह का कुल किराया लगभग 1,333 करोड़ रुपये होगा. यह ऑफिस स्पेस इमारत की ग्राउंड फ्लोर से लेकर चौथी मंजिल तक फैला हुआ है. 14.24 करोड़ की सिक्योरिटी जमा की यह प्रॉपर्टी मैक चार्ल्स (इंडिया) द्वारा लीज पर दी गई है और इस लीज की शुरुआत 25 सितंबर 2025 से हो चुकी है. आधिकारिक दस्तावेजों के अनुसार, एप्पल पहले ही सिक्योरिटी डिपोजिट के रूप में 14.24 करोड़ रुपये का भुगतान कर चुका है.  यह भी रिपोर्ट किया गया है कि 3 अप्रैल 2026 से किराए में हर साल 4.5% की वृद्धि होगी. समझौते में यह भी उल्लेख किया गया है कि एप्पल 2 अप्रैल 2030 से पहले इस लीज को समाप्त नहीं कर सकता है. इसके अलावा, एप्पल 123 पार्किंग स्लॉट के लिए अलग से मासिक शुल्क का भुगतान करेगा, जिसकी कीमत 11.07 लाख रुपये तय की गई है. हालांकि रियल एस्टेट डेटा एनालिटिक्स ने विस्तार के इस विवरण का खुलासा किया है, लेकिन एप्पल ने इस नए जोड़े गए स्पेस के बारे में अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है. फिर भी, कंपनी धीरे-धीरे अपने ऑफिस और रिटेल स्टोर नेटवर्क को बढ़ाकर भारत में अपनी उपस्थिति का विस्तार कर रही है.

सुप्रीम कोर्ट का अहम फैसला, Rooh Afza को फ्रूट ड्रिंक माना, Hamdard को मिलेगी 4% VAT छूट

  नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को हमदर्द (वक्फ) लैबोरेटरीज के लोकप्रिय ड्रिंक 'रूह अफ़ज़ा' (Rooh Afza) को लेकर बड़ा और अहम फैसला सुनाया. शीर्ष अदालत ने स्पष्ट किया कि रूह अफ़ज़ा को फ्रूट ड्रिंक/प्रोसेस्ड फूड प्रोडक्ट की कैटेगरी में रखा जाएगा और इस पर 12.5% के बजाय केवल 4% वैट लगेगा. यह फैसला उत्तर प्रदेश वैल्यू एडेड टैक्स एक्ट, 2008 (यूपी वैट अधिनियम) के तहत कर निर्धारण से जुड़ा है. जस्टिस बी. वी. नागरत्ना और जस्टिस आर. महादेवन की पीठ ने कहा कि कई राज्यों में रूह अफ़ज़ा को पहले से ही रियायती दर पर टैक्स के दायरे में रखा गया है, जिससे हमदर्द की दलील मजबूत होती है. पीठ ने यह भी माना कि उत्पाद को फ्रूड ड्रिंक मानने की व्याख्या 'न तो कृत्रिम थी और न ही अव्यावहारिक, बल्कि व्यावसायिक रूप से मान्य और वास्तविक' थी. अदालत ने कहा कि रूह अफ़ज़ा को अधिनियम की अनुसूची-II की प्रविष्टि 103 के तहत फ्रूट ड्रिंक/प्रोसेस्ड फूड प्रोडक्ट के रूप में वर्गीकृत किया जा सकता है. इसलिए संबंधित आकलन वर्ष के दौरान यह उत्पाद 4 प्रतिशत की रियायती वैट दर पर कर योग्य होगा. इस फैसले के साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने हमदर्द (वक्फ) लैबोरेटरीज की अपील स्वीकार कर ली और इलाहाबाद हाई कोर्ट के उस फैसले को रद्द कर दिया, जिसमें रूह अफ़ज़ा को नॉन-फ्रूट और कृत्रिम तत्वों से तैयार ड्रिंक मानते हुए अधिक वैट लगाने की बात कही गई थी. असेसमेंट ईयर 2007-08 और 2008-09 के लिए, हमदर्द ने रूह अफ़ज़ा की बिक्री पर 4 प्रतिशत की कम दर से वैट का भुगतान किया, यह दावा करते हुए कि यह प्रोसेस्ड या प्रिजर्व्ड फ्रूट, फ्रूट स्क्वैश, फ्रूट ड्रिंक और फ्रूट जूस की श्रेणी में आता है. कर अधिकारियों ने इससे असहमति जताई और रूह अफ़ज़ा को नॉन-फ्रूट और कृत्रिम तत्वों से तैयार ड्रिंक माना जिस पर उच्च वैट लागू होता है. प्रथम अपीलीय प्राधिकरण और कमर्शियल टैक्स ट्रिब्यूनल के समक्ष हमदर्द की अपीलें खारिज हो गईं. ट्रिब्यूनल ने माना कि आम बोलचाल और व्यावसायिक भाषा में, हमदर्द के इस उत्पाद को फ्रूट ड्रिंक के बजाय शरबत के रूप में समझा जाता है. जुलाई 2018 में, इलाहाबाद हाई कोर्ट ने हमदर्द द्वारा दायर रिव्यू पिटीशन याचिकाओं को खारिज कर दिया और ट्रिब्यूनल के निर्णय को बरकरार रखा. हमदर्द ने इलाहाबाद हाई कोर्ट के इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी. सुप्रीम कोर्ट ने कर अधिकारियों और हाई कोर्ट के तर्क को खारिज कर दिया और हमदर्द के पक्ष में फैसला सुनाया.

Gold Silver Rate Today: सोना शादी के सीजन में महंगा, चांदी खरीदने का सही समय

इंदौर  मध्य प्रदेश के सर्राफा बाजार में बुधवार, 25 फरवरी 2026 की सुबह सोने और चांदी की कीमतों में अलग-अलग रुझान देखने को मिला। राजधानी भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर में सुबह-सुबह सोने के दाम बढ़े हुए नजर आए, जबकि चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। शादी-ब्याह के सीजन में सोने की कीमतों में आई तेजी से ग्राहकों की चिंता बढ़ गई है। वहीं, चांदी सस्ती होने से निवेशकों और आम खरीदारों को कुछ राहत मिली है। आज का सोने का भाव (Gold Rate Today) 22 कैरेट सोना 1 ग्राम: ₹14,880 (कल ₹14,840) 8 ग्राम: ₹1,19,040 (कल ₹1,18,720) 10 ग्राम: ₹1,48,800 (कल ₹1,48,400) 24 कैरेट सोना 1 ग्राम: ₹15,624 (कल ₹15,582) 8 ग्राम: ₹1,24,992 (कल ₹1,24,656) 10 ग्राम: ₹1,56,240 (कल ₹1,55,820) भोपाल और इंदौर जैसे बड़े शहरों में 24 कैरेट सोना करीब ₹1.56 लाख प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया है। आज का चांदी का भाव (Silver Rate Today) 1 ग्राम चांदी: ₹290 (कल ₹300) 1 किलो चांदी: ₹2,90,000 (कल ₹3,00,000) चांदी के दाम में 10 रुपये प्रति ग्राम की गिरावट आई है, जिससे आज चांदी खरीदना फायदेमंद माना जा रहा है। खरीदारी से पहले ये जरूर जान लें सर्राफा बाजार में रोज़ाना दाम बदलते रहते हैं। शहर और ज्वैलर के हिसाब से रेट में थोड़ा फर्क हो सकता है। खरीदारी से पहले अपने नजदीकी ज्वैलर से ताजा भाव जरूर कन्फर्म करें। निवेश और शादी की खरीदारी करने वालों के लिए आज का दिन खास हो सकता है!

Royal Enfield की BS3 और BS4 बाइक्स के लिए आई E20 कंवर्जन किट, पुराने मॉडल्स को मिलेगा अपडेट

मुंबई  भारतीय मोटरसाइकिल निर्माता कंपनी Royal Enfield ने पुरानी मोटरसाइकिलों के लिए E20 रेट्रोफिट किट पेश की है, जिससे 20 प्रतिशत इथेनॉल-ब्लेंडेड फ्यूल के साथ कम्पैटिबिलिटी की समस्याओं को ठीक किया जा सके. जानकारी के अनुसार यह किट BS3 और BS4 कार्बोरेटेड UCE मॉडल के लिए हैं, जिनमें Royal Enfield Classic 350, Bullet 350 और Thunderbird जैसे मॉडल शामिल हैं. 350cc और 500cc इंजन के लिए मिलेगी Royal Enfield की रेट्रो किट Royal Enfield ने पहले जानकारी दी थी कि साल 2020 में BS6 नॉर्म्स लागू होने के बाद से उसका पूरा पोर्टफोलियो E20-कम्प्लायंट रहा है. इसलिए, मौजूदा समय में जो कन्वर्ज़न किट बाजार में बेची जा रही है, वह BS3 और BS4 मोटरसाइकिलों के लिए है, खासकर उन 350cc UCE इंजनों के लिए जिनमें कार्बोरेटर का इस्तेमाल किया गया था. बता दें कि मौजूदा समय के फ्यूल में इथेनॉल की मात्रा बढ़ने से इन मोटरसाइकिलों के रबर और कुछ मेटल पार्ट्स जल्दी घिसने की समस्या सामने आ रही है, और इसके लिए इस किट में रिप्लेसमेंट पार्ट्स शामिल हैं. इस किट में कंपनी ने एक O-रिंग, ट्यूब और सील दिए हैं, जो लंबे समय तक ज़्यादा रेसिस्टेंट होते हैं. कीमत की बात करें तो डीलरशिप से मिली जानकारी के अनुसार, BS4 मॉडल के लिए E20 कन्वर्ज़न किट को 1,700 रुपये की कीमत पर उतारा गया है. हालांकि कंपनी ने 500cc इंजन के लिए कोई खास किट पेश नहीं की है, लेकिन कंपनी ने लंबे समय में होने वाली रुकावटों से बचने के लिए कुछ फ्यूल सिस्टम पार्ट्स को अपग्रेड करने की सलाह दी है. ध्यान देने वाली बात यह है कि यह किट ऑथराइज़्ड Royal Enfield सर्विस सेंटर पर उपलब्ध कराई गई है, हालांकि उपलब्धता को लेकर अभी कोई जानकारी नहीं मिली है. अगर किसी ग्राहकों को अपनी BS3 और BS4 Royal Enfield बाइक्स में इस किट को लगवाना है, तो वह अपने नजदीकी Royal Enfield सर्विस सेंटर से संपर्क सकते हैं.