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नागिन 7 में अक्षय कुमार का नाग गुरु अवतार, टेलीप्रॉम्पटर को लेकर हुए ट्रोल

नागिन 7 दर्शकों का फेवरेट बना हुआ है. बीते वीकेंड में अक्षय कुमार अपनी अपकमिंग फिल्म भूत बंगला को प्रमोट करने पहुंचे थे. वो नाग गुरु के रूप में दिखे. अपने करियर में इससे पहले शायद ही खिलाड़ी कुमार ने कभी नाग गुरु का रोल किया होगा. शो की नागिन अनंता यानी प्रियंका चाहर चौधरी को खिलाड़ी कुमार ने ड्रैगन यमन को खात्म करने का रास्ता सुझाया. ट्रोल हुए अक्षय कुमार शो की क्लिप वायरल हो रही है. लेकिन इंटरनेट यूजर्स ने अपनी पैनी नजरों से खिलाड़ी कुमार की एक गलती पकड़ ली है. एक क्लिप सामने आई है जिसमें वो टेलीप्रॉम्पटर देखकर अपनी लाइन्स पढ़ते दिखे. इंडस्ट्री में इतने सालों का करियर होने के बाद अक्षय का अपनी लाइनों को याद करने की बजाय उन्हें टेलीप्रॉम्पटर की मदद से पढ़ना यूजर्स को खटका है. वायरल वीडियो में अक्षय कुमार जिस तरह से अपनी आंखों को मूव करते हुए डायलॉग रीड कर रहे हैं, वो कई यूजर्स को फनी लगा है. साफ नजर आता है अक्षय किसी चीज को देखकर लाइन्स पढ़ रहे हैं. शख्स ने लिखा- डायलॉग को न्यूज एंकर की तरह पढ़ना अजीब है. थोड़ी और मेहनत करने से ये लाइन्स नैचुरल लग सकती थीं. एक्टर्स अपनी लाइनें ही अच्छे से नहीं पढ़ पा रहे हैं. हालांकि फैंस ने एक्टर को डिफेंड किया. यूजर ने लिखा- उनका कहना है अक्षय ने फिल्म प्रमोशन के बिजी शेड्यूल की वजह से नागिन 7 में अपने पार्ट को जल्दी से रैप किया होगा. वो इतने बिजी एक्टर हैं कि लाइनें याद करने का उन्हें टाइम नहीं होगा. तभी उन्होंने टेलीप्रॉम्पटर देखकर अपना शूट खत्म किया. वैसे टेलीप्रॉम्पटर देखकर डायलॉग बोलना आम बात है. कई एक्टर्स ऐसा करते हैं. लेकिन सीन करते हुए ये नजर आना कि आप टेलीप्रॉम्पटर को देख रहे हैं, यहां भारी चूक हो जाती है. खिलाड़ी कुमार के साथ भी ऐसा ही हुआ है. इससे पहले मूवी सरफिरा और कनप्पा में यूजर्स ने एक्टर को टेलीप्रॉम्पटर की मदद से अपनी लाइनें पढ़ते हुए नोटिस कर लिया था. अक्षय के वर्कफ्रंट की बात करें तो उनकी फिल्म भूत बंगला सिनमाघरों में 17 अप्रैल को रिलीज हो रही है. फिल्म में तब्बू, परेश रावल, वामिका गब्बी, राजपाल यादव अहम रोल में हैं. एक्टर की वेलकम टू द जंगल, हेरा फेरी 2, हैवान और स्त्री 3 पाइपालइन में हैं.

धुरंधर 2 ने तोड़े बॉक्स ऑफिस रिकॉर्ड, 3000 करोड़ क्लब में फ्रेंचाइजी

रणवीर सिंह की धुरंधर 2 को रिलीज हुए 27 दिन हो चुके हैं. एक महीना पूरा होने से पहले ही धुरंधर 2 ने बॉलीवुड और हिंदी सिनेमा के लगभग सारे टॉप रिकॉर्ड अपने नाम कर लिए हैं. अब ये फिल्म साउथ की सबसे बड़ी फिल्मों बाहुबली 2 और पुष्पा 2 को पीछे छोड़कर एक नया रिकॉर्ड बनाने की तरफ बढ़ रही है. बॉलीवुड फैन्स के लिए सबसे बड़ी खबर ये है कि सिर्फ धुरंधर 2 ही टॉप इंडियन फिल्मों को पछाड़ने जा रही है, बल्कि एक फिल्म सीरीज के तौर पर धुरंधर ने इंडियन सिनेमा को एक नई ऊंचाई दे दी है. आदित्य धर की धुरंधर फ्रेंचाईजी, वर्ल्डवाइड बॉक्स ऑफिस पर 3000 करोड़ से ज्यादा कमाई कर चुकी है. अब ये इंडिया की सबसे बड़ी फिल्म सीरीज है. धुरंधर के 3000 करोड़ दिसंबर 2025 में आई धुरंधर ने वर्ल्डवाइड 1300 करोड़ से थोड़ा ज्यादा कलेक्शन किया था. जबकि धुरंधर 2 पिछले गुरुवार तक 1680 करोड़ रुपये से ज्यादा ग्रॉस कलेक्शन कर चुकी थी. इस बीते वीकेंड और मंडे के कलेक्शन के साथ धुरंधर 2 का वर्ल्डवाइड 1750 करोड़ से ज्यादा हो चुका है. एक फ्रेंचाईजी के तौर पर धुरंधर का टोटल वर्ल्डवाइड कलेक्शन 3000 करोड़ से ज्यादा हो चुका है. धुरंधर से पहले सबसे बड़ी इंडियन फिल्म सीरीज बाहुबली थी. S. S. Rajamouli की एपिक का पहला पार्ट वर्ल्डवाइड 650 करोड़ से ज्यादा ग्रॉस कलेक्शन लेकर आया था. जबकि दूसरे पार्ट ने करीब 1788 करोड़ ग्रॉस कलेक्शन किया था. बाहुबली के दोनों पार्ट्स ने वर्ल्डवाइड करीब ऑलमोस्ट 2440 करोड़ का ग्रॉस कलेक्शन किया था. इसी तरह Allu Arjun की दोनों पुष्पा फिल्मों ने मिलकर 2092 करोड़ ग्रॉस कलेक्शन किया था. इसमें पहली फिल्म के 350 करोड़ और दूसरी फिल्म के 1742 करोड़ शामिल थे. धुरंधर ने इन बाहुबली-पुष्पा का रिकॉर्ड सिर्फ तोड़ा नहीं है, बल्कि इन्हें मीलों पीछे छोड़ दिया है. इंडियन सिनेमा में पहली बार किसी फिल्म सीरीज ने वर्ल्डवाइड 3000 करोड़ का लैंडमार्क पार किया है. बाहुबली 2 का ऑल टाइम रिकॉर्ड भी ध्वस्त! आमिर खान की दंगल 2000 करोड़ वर्ल्डवाइड कलेक्शन के साथ अभी तक सबसे बड़ी इंडियन फिल्म है. इसके बाद दूसरे नंबर पर करीब 1788 करोड़ के साथ बाहुबली 2 थी. लेकिन धुरंधर 2 बहुत जल्द 1800 करोड़ तक पहुंचने वाली है. रणवीर की फिल्म जिस तरह आगे बढ़ रही है, जल्द ही 1900 करोड़ के पार नजर आएगी. हालांकि 2000 करोड़ अभी इसके लिए थोड़ा दूर नजर आ रहा है क्योंकि अपनी मेन मार्केट, इंडिया में धुरंधर 2 थोड़ी स्लो पड़ने लगी है. चौथे सोमवार को स्लो पड़ी धुरंधर 2 चौथे हफ्ते की शुरुआत में शुक्रवार को 7 करोड़ नेट इंडिया कलेक्शन करने वाली धुरंधर 2 ने शनिवार-रविवार को 13-14 करोड़ तक कमाई की. लेकिन सोमवार सुबह से ही फिल्म स्लो नजर आई. सैकनिल्क का डेटा बताता है कि चौथे सोमवार को धुरंधर 2 ने 5.20 करोड़ कलेक्शन किया है. संडे के मुकाबले ये गिरावट बड़ी जरूर नजर आती है. शुक्रवार के मुकाबले फिल्म वर्किंग डेज में ठीकठाक पकड़ बनाए नजर आ रही है. लेकिन ये क्लियर है कि बॉक्स ऑफिस पर धुरंधर 2 अब स्लो पड़ रही है. अब तक 26 दिनों में धुरंधर 2 का नेट कलेक्शन 1088 करोड़ से ज्यादा हो चुका है. जिसमें सिर्फ हिंदी वर्जन से ही फिल्म ने 1000 करोड़ का बिजनेस किया है. अब देखना है कि आने वाले दिनों में धुरंधर 2 1900 करोड़ से और कितना आगे जा पाती है.

‘जुमांजी: ओपन वर्ल्ड’ का ऐलान, 25 दिसंबर को रिलीज होगी फिल्म

‘जुमांजी’ के तीसरे पार्ट की घोषणा लॉस एंजेलिस में नहीं, बल्कि लास वेगास में हुए सोनी के सिनेामकॉन इवेंट के दौरान की गई, जहां फिल्म की पहली झलक और ट्रेलर भी दिखाया गया। इस खास मौके पर केविन हार्ट, ड्वेन जॉनसन और जैक ब्लैक खुद मौजूद थे। जानिए क्या होगा ‘जुमांजी’ के तीसरे पार्ट का ऑफिशियल टाइटल। क्या होगा मूवी का नाम? केविन हार्ट, ड्वेन जॉनसन और जैक ब्लैक स्टारर इस फिल्म का नाम ‘जुमांजी: ओपन वर्ल्ड’ होगा। फिल्म 25 दिसंबर को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। इसमें कैरन गिलन भी अहम भूमिका निभाती नजर आएंगी। फिल्म का निर्देशन जेक कसडन ने किया है, जबकि इसे मैट टोलमैक, ड्वेन जॉनसन, डेनी गार्सिया, हीराम गार्सिया और जेक कसडन ने मिलकर प्रोड्यूस किया है। फिल्म की कहानी जेफ पिंकनर और स्कॉट रोसेनबर्ग ने लिखी है, जो पहले भी इस सीरीज के पार्ट्स लिख चुके हैं।

क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2 में बड़ा ट्विस्ट, नोयना का सच आया सामने

क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2' में बड़ा धमाका होने वाला है. नोयना की साजिश का पर्दाफाश होने को है. मिहिर को पाने की चाहत में जिस तरह से उनसे शांति निकेतन की 'शांति' भंग की और तुलसी का घर उजाड़ा है, आने वाले एपिसोड में नोयना के गलत इरादों पर पानी फिरने वाला है. क्योंकि तुलसी को सच पता चल चुका है. वो जान गई है कि नोयना को कैंसर नहीं है. वो मिहिर संग शादी के लिए झूठ बोल रही है. टूटेगी मिहिर-नोयना की शादी? शो का नया प्रोमो सामने आया है जिसमें तुलसी, नोयना और मिहिर की शादी तोड़ते हुए दिखती है. इतना ही नहीं वो नोयना को धक्का मारकर शांति निकेतन से बाहर करती है. ओरिजनल तुलसी को पर्दे पर गर्दा उड़ाते देख फैंस की खुशी का ठिकाना नहीं है. वहीं नोयना का भंडाफोड़ होते देख फैंस ने राहत की सांस ली है. कई दिनों से शो में मिहिर और तुलसी की जिंदगी में नोयना नाम का ग्रहण लगा हुआ था. अब नोयना की खोल खुलने के बाद तुलसी-मिहिर फिर से एक होंगे. आज के एपिसोड में दिखाया जाएगा कि तुलसी की डॉक्टर से मुलाकात होगी. तब जाकर उसके सामने नोयना का सच सामने आएगा. तुलसी ने वीरानी हाउस जाकर नोयना की घटिया चाल का पर्दाफाश किया. मंडप पर तुलसी और मिहिर दूल्हा-दुल्हन के गेटअप में बैठे हुए हैं. दोनों की वरमाला हो गई है. फेरे होने से पहले तुलसी लौटती है और शादी को रोकने का ऐलान करती है. तुलसी को देखकर नोयना के होश उड़ जाते हैं. वो नोयना की चुनरी लेकर उसे जला देती है. ये देखकर नोयना भड़कती है. तुलसी ने नोयना से पूछा– तुम्हें कौन सी बीमारी है. गुस्से में नोयना ने बताया कि उसे ब्लड कैंसर है. तब तुलसी ने कहा कि तुम्हें कोई कैंसर नहीं बल्कि अल्सर है. मिहिर नोयना की एक बात नहीं सुनता. तुलसी गुस्से में नोयना को शांति निकेतन से बाहर निकालती है. उसे खींचकर गेट के बाहर करती है. शो का प्रोमो देखकर फैंस की एक्साइटमेंट बढ़ गई है. मिहिर और नोयना की शादी के ट्रैक ने शो की टीआरपी को और बुलंद किया है. इसने रुपाली गांगुली के शो अनुपमा की बादशाहत को खत्म कर नंबर 1 शो का ताज अपने नाम किया है. फैंस को क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2 के ट्विस्ट एंड टर्न्स पसंद आ रहे हैं.

जया बच्चन और पैपराजी का रिश्ता क्यों रहता है तनावपूर्ण?

बॉलीवुड सेलेब्स का पैपराजी से अलग ही नाता है. कोई इनके कैमरा में कैद होने के लिए टिप्स देता है, कोई खूब पोज करता है, तो कोई इग्नोर करके चला जाता है. वहीं जया बच्चन जब भी पैप्स को देखती हैं, गुस्सा हो जाती हैं. आखिर ऐसा क्यों होता है, जबकि बच्चन परिवार के बाकी सदस्य-ऐश्वर्या, अभिषेक आराम से पोज देते हैं या फिर चुपचाप निकल जाते हैं. इसका जवाब हाल ही में मिला. जया को पैप कल्चर समझने में दिक्कत बॉलीवुड के पैप अकाउंट होल्डर ने हाल ही में बच्चन परिवार और मीडिया के रिश्ते को लेकर खुलकर बात की. उन्होंने बताया कि अभिषेक बच्चन और ऐश्वर्या राय पैप्स के साथ काफी अच्छे और फ्रेंडली हैं, जबकि अमिताभ बच्चन रिस्पेक्टफुल तो रहते हैं, लेकिन थोड़ा दूरी बनाए रखते हैं. वहीं जया आज भी इस नए तरह के मीडिया को पूरी तरह समझ नहीं पाई हैं. उन्होंने बताया कि अभिषेक और ऐश्वर्या पैपराजी को अच्छे से समझते हैं और उनसे घुल-मिल जाते हैं. अमिताभ बच्चन भी उन्हें जानते हैं, लेकिन ज्यादा बातचीत नहीं करते. लेकिन जया बच्चन अभी भी पुराने समय के मीडिया (जैसे अखबार और पत्रकार) वाली सोच में हैं, इसलिए उन्हें ये नया पैप कल्चर थोड़ा अजीब लगता है. शुरुआत में तो जया बच्चन पूछती थीं कि ये लोग कौन हैं और उनकी फोटो क्यों ले रहे हैं. अब वो धीरे-धीरे इसकी आदत डाल रही हैं, लेकिन उनकी एक शर्त रहती है- कोई उनके बहुत करीब आकर फोटो न ले. वो कहती हैं कि एक जगह खड़े रहो, मैं आकर पोज दे दूंगी, लेकिन चलते-चलते फोटो मत लो. अगर कोई गलत एंगल से फोटो लेता है, तो वो नाराज भी हो जाती हैं. इवेंट में दिए बयान पर हुआ था विवाद कुछ समय पहले मुंबई में हुए वी द वुमन इवेंट में जया बच्चन ने पैपराजी को लेकर काफी सख्त टिप्पणी की थी. उन्होंने कहा था कि ये लोग कौन हैं, क्या ये देश का प्रतिनिधित्व करने के लिए ट्रेन किए गए हैं? सिर्फ मोबाइल हाथ में लेकर कोई भी फोटो खींचने लगता है और मनचाही बातें करता है- ये सही नहीं है. उनके इस बयान के बाद पैप कम्यूनिटी में नाराजगी फैल गई और कई लोगों ने बच्चन परिवार के बायकॉट तक की बात भी कही थी. इस पर पैपराजी ने कहा कि उन्हें भी समझ नहीं आया कि जया बच्चन ने ऐसा क्यों कहा, शायद उस समय उनका मूड ठीक नहीं था. हालांकि बाकियों ने इस बयान को दुखद बताया था. उन्होंने बताया कि हर रविवार अमिताभ बच्चन अपने घर के बाहर फैंस से मिलते हैं और उस कवरेज में पैप्स का बड़ा योगदान होता है, ना कि बड़े मीडिया हाउस का. उन्होंने ये भी कहा कि ये भी एक तरह का मीडिया ही है. सोशल मीडिया, जो आज के समय में बहुत तेजी से लोगों तक पहुंचता है. इसलिए किसी के पहनावे या काम के आधार पर उन्हें जज करना सही नहीं है.

जाह्नवी कपूर ने बैकलेस ड्रेस में दिखाया बोल्ड अवतार, किलर पोज से मचाई धूम

मुंबई  बोनी कपूर की बेटी जाह्नवी कपूर ने कम समय में इंडस्ट्री में कदम जमा लिए हैं. जाह्नवी करियर में काफी अच्छा कर रही हैं. मगर फिल्मों के साथ वो अपने फैशन सेंस को लेकर भी चर्चा में रहती हैं।  जाह्नवी ने अब अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर अपनी सुपर सिजलिंग तस्वीरें शेयर की हैं, जिनसे नजरें हटाना भी मुश्किल है। जाह्नवी व्हाइट फ्लोई बैकलेस ड्रेस में कहर ढाती दिखीं. उन्होंने स्टेटमेंट ईयररिंग्स कैरी करके अपना लुक कंप्लीट किया. बालों में उन्होंने मेसी बन बनाया। व्हाइट ड्रेस संग जाह्नवी ने अपने मेकअप को काफी लाइट और सटल रखा. मस्कारा, ब्लश और न्यूड पिंक लिपस्टिक लगाकर उन्होंने अपना लुक कंप्लीट किया।  बैकलेस ड्रेस में जाह्नवी किसी डीवा से कम नहीं लगीं. उन्होंने इस इलेक्ट्रिफाइंग लुक में कभी जमीन पर बैठकर तो कभी टशन दिखाते हुए पोज दिए। जाह्नवी का लुक, उनके एक्सप्रेशन्स, अदाएं हर चीज ऑन पॉइंट है. उनके हुस्न पर फैंस दिल हार रहे हैं। कमेंट सेक्शन में फैंस जाह्नवी की तारीफ करते थक नहीं रहे हैं. फैंस उन्हें गॉर्जियस, डीवा, आसमान से आई अप्सरा जैसे टैग्स दे रहे हैं।          वैसे कहना पड़ेगा जाह्नवी का स्टाइल स्टेटमेंट हमेशा सुपर स्टनिंग होता है. वो बॉलीवुड की सबसे ग्लैमरस एक्ट्रेसेस में से एक हैं. फैंस का भी उन्हें भरपूर प्यार मिलता है। 

‘साज’ और मंगेशकर बहनों की कहानी: सच या महज संयोग?

1998 में सई परांजपे ने एक संगीतमय फिल्म 'साज' बनाई। यह कहानी दो बहनों मानसी और बंसी की है। उनके माता-पिता की मौत के बाद दोनों मुंबई आ जाती हैं। कई मुश्किलों के बाद मानसी और बंसी संगीत की दुनिया में बहुत मशहूर गायिकाएं बन जाती हैं। लेकिन साथ ही वे एक-दूसरे की बड़ी प्रतिद्वंद्वी भी बन जाती हैं। क्या फिल्म 'साज' की कहानी लता मंगेशकर और आशा भोसले की जिंदगी से प्रेरित थी? क्या 'साज' की कहानी लता और आशा की असली कहानी से है प्रेरित लता और आशा भी 1942 में अपने पिता पंडित दीनानाथ मंगेशकर की अचानक मौत के बाद मुंबई आई थीं। पिता एक प्रसिद्ध शास्त्रीय गायक और रंगमंच कलाकार थे। उनके जाने के बाद परिवार के पास पैसों का कोई सहारा नहीं बचा। उस समय आशा सिर्फ नौ साल की थीं। बड़ी बहन लता और छोटी आशा ने परिवार चलाने के लिए गाना शुरू कर दिया। 'साज' से मिलती है दोनों बहनों की असली कहानी? जैसे फिल्म 'साज' में मानसी और बंसी को मजबूरी में गाना पड़ा, वैसे ही मंगेशकर बहनों को भी अपनी असल जिंदगी में राोजाना खर्चों के लिए गाना पड़ा। लेकिन उनकी प्रतिभा ने उन्हें बॉलीवुड की सबसे बड़ी गायिकाएं बना दिया। साठ के दशक की शुरुआत तक लता और आशा ही रेडियो और फिल्मों में सबसे ज्यादा सुनाई देती थीं। कल्पना की कहानी है फिल्म 'साज' अरुणा ईरानी ने फिल्म 'साज' में मानसी का रोल निभाया है। वे बहुत सफल गायिका बन जाती हैं। शबाना आजमी बंसी का रोल करती हैं। बंसी भी गाना चाहती है, लेकिन मानसी कहती है कि उसे शादी करनी चाहिए और जिंदगी में आगे बढ़ना चाहिए। फिर क्या बंसी की शादी हो जाती है। फिर एक संगीतकार इंद्रनील उसकी आवाज को पहचानता है और उसे मौका देता है। बंसी सफल हो जाती है। लेकिन मानसी को यह पसंद नहीं आता। खासकर तब जब एक युवा संगीतकार हिमन देसाई बंसी से प्यार करने लगता है। सई परांजपे का इनकार फिल्म निर्माता सई परांजपे ने कभी आधिकारिक तौर पर यह नहीं कहा कि फिल्म 'साज' लता और आशा के ऊपर आधारित है। फिल्म रिलीज होने के बाद से यह बहस काफी समय तक चर्चा में रही थी। 'साज' दो भावनाओं को दिखाती है, जिसमें दो बहनों के बीच गहरा प्यार और देखभाल। लता मंगेशकर ने क्या कहा? नसरीन मुन्नी कबीर की किताब में लता जी ने कहा, 'यह गलत है कि प्रतिद्वंद्विता ने हमारे रिश्ते को खराब कर दिया। हम बहनें हैं और पड़ोस में रहती हैं। हम बात करती हैं, साथ खाना खाती हैं। खुशी-गम में एक-दूसरे के साथ हैं।' उन्होंने आशा की तारीफ करते हुए कहा, 'जितने तरह के गाने आशा गा सकती हैं, कोई और गायक उनकी बराबरी नहीं कर सकता।'      कब आशा भोसले का मिली पहचान आशा की बहुमुखी प्रतिभा ने उन्हें लता की छाया से बाहर निकाला। साठ के दशक में ओ.पी. नैयर के साथ उनके गाने जैसे 'आओ हुजूर तुमको' और 'कजरा मोहब्बत वाला' ने उन्हें अलग पहचान दी। फिर साठ के बीच में राहुल देव बर्मन (पंचम) आए। उनके संगीत में पश्चिमी ताल थी। आशा की आवाज उससे बहुत अच्छे से मिली। 'आजा आजा मैं हूं प्यार तेरा', 'पिया तू अब तो आजा', 'चुरा लिया है तुमने' और 'दम मारो दम' जैसे गाने हिट हो गए। 1981 में फिल्म 'उमराव जान' आई। आशा ने इसमें शाहरयार के गीतों पर खय्याम का संगीत गाया। 'दिल चीज क्या है' गाने के लिए उन्हें पहला राष्ट्रीय पुरस्कार मिला। इस फिल्म ने दुनिया को आशा की नई छवि दिखाई।  ठीक उसी तरह, 1982 में 'डिस्को 82' में लता जी ने भी डिस्को स्टाइल गाना गाया। दोनों बहनें हमेशा यह याद दिलाती हैं कि संगीत उनके जीवन का सबसे बड़ा प्यार है। बाकी सब सिर्फ कहानियां हैं।

गिरफ्तारी के बाद बड़ा कदम, ब्रिटनी स्पीयर्स ने इलाज शुरू किया

 ब्रिटनी स्पीयर्स ने अपने आपको एक ट्रीटमेंट सेंटर में भर्ती करा लिया है। बताया जाता है कि वह अपने नशे की आदत का इलाज करा रही हैं। नशे की लत का इलाज करा रहीं सिंगर ग्रैमी-विजेता गायिका का यह फैसला ऐसे समय में आया है, जब उनके करीबी लोग उनकी सेहत को लेकर चिंता जता रहे थे। स्पीयर्स अपनी नशे की लत छुड़ाने का इलाज करवा रही हैं। जज को अच्छी लग सकती है इलाज की बात मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक स्पीयर्स का नशे की हालत में गाड़ी चलाने का केस ही उनके मदद लेने के फैसले की वजह बना। टीएमजेड ने एक सूत्र के हवाले से लिखा है 'उन्हें पता है कि रणनीतिक तौर पर, जज के सामने यह बात अच्छी लगेगी कि वह इस मामले को गंभीरता से ले रही हैं।' स्पीयर्स या उनके प्रतिनिधियों की ओर से उनके रिहैब में भर्ती होने के बारे में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। कब तक चलेगा इलाज? बताया जाता है कि स्पीयर्स ने अपने करीबी लोगों के कहने के बाद, इलाज कराने का फैसला किया है। यह इलाज लगभग 30 दिनों तक चलेगा। यह भी बताया गया कि अपनी प्रगति के आधार पर वह वहां अपना समय बढ़ा भी सकती हैं। मई में कोर्ट में पेश होंगी गायिका 4 मार्च को कैलिफोर्निया हाईवे पेट्रोल के अधिकारियों ने स्पीयर्स को नशे में गाड़ी चलाने के शक में गिरफ्तार किया था। उन्हें उसी दिन रिहा कर दिया गया और मई में कोर्ट में पेश होने की तारीख तय की गई।

अनुपमा का नया प्रोमो: गोवा कैफे में पहले दिन ही दिग्विजय से टकराव

अनुपमा सीरियल का नया प्रोमो वीडियो जारी कर दिया गया है। अपकमिंग एपिसोड में आप देखेंगे कि अनुपमा गोवा पहुंचकर दिग्विजय का कैफे संभालेगी। उसका इस कैफे में पहला ही दिन काफी मुश्किल रहने वाला है। क्योंकि वो जब यहां पहुंचकर कैफे को शुरू करने लायक बनाने पर काम शुरू करेगी तो एक-एक करके उसके सामने ऐसी शॉकिंग चीजें आएंगी कि उसे कुछ सख्त फैसले लेने पड़ेंगे। अनुपमा के ये फैसले दिग्विजय को जरा भी रास नहीं आएंगे। नतीजा यह होगा कि पहले ही दिन दिग्विजय अनुपमा पर बरस पड़ेगा और उसे कुछ ऐसी कड़वी बातें कह देगा, जिसके बाद देखना होगा कि आगे कहानी क्या मोड़ लेगी। रेस्त्रां में पहले ही दिन टूट पड़ी यह आफत सीरियल के नए प्रोमो वीडियो में दिखाया गया है कि अनुपमा सावी कैफे पहुंचकर सबसे पहले बोर्ड पर मैन्यू लिखेगी और फिर जब साफ सफाई और बाकी चीजें कर रही होगी, तभी सोफा पर बैठा बंकू गिर पड़ेगा। अनुपमा उसे संभालने पहुंचेगी और पूछेगी कि वह गिरा कैसे? मालूम चलेगा कि कैफे में पड़े हुए फर्नीचर की हालत ठीक नहीं है। कहीं कोई सोफा अकड़ चुका है, तो कहीं किसी बेंच की लकड़ियां टूट चुकी हैं। अनुपमा बातचीत के दौरान बंकू से कहेगी कि उसे यह सब फर्नीचर आज ही बदलना होगा। दिग्विजय ने रखी अनुपमा के सामने यह शर्त अनुपमा जहां इस रेस्त्रां को प्रोफेशनली चलाना चाहती है और इसे कॉम्पटिशन में हिस्सा लेने के लिए एक मौके के तौर पर देख रही है, वहीं दिग्विजय इस रेस्त्रां में अपनी बेटी की यादें देखता है। वह चाहता है कि इस रेस्त्रां में कुछ भी बदला नहीं जाए और यह जैसा है इसे वैसा का वैसा ही रखा जाए। यही वजह है कि अनुपमा का कैफे का फर्नीचर बदलने का विचार उसे जरा भी पसंद नहीं आएगा। वह अनुपमा पर बरस पड़ेगा और कहेगा- आपने आते ही यहां पर चीजें बदलना शुरू कर दिया। इस कैफे में कुछ भी बदला नहीं जाएगा। क्या दिग्विजय को समझा पाएगी अनुपमा? दिग्विजय जाकर वो मैन्यू भी मिटा देगा जो अनुपमा ने बोर्ड पर लिखा होगा। वह कहेगा कि सावी कभी भी इस तरह मैन्यू नहीं लिखती थी। वह अनुपमा से साफ कहेगा कि अगर आपको बिना कोई बदलाव किए यह कैफे उसे तरह चलाना है जैसे सावी चलाया करती थी तो चलाइए, वरना मैं किसी और को ढूंढ लूंगा। अनुपमा सन्न रह जाएगी। वह नहीं समझ पाएगी कि दिग्विजय को क्या जवाब दे। अब देखना यह है कि क्या अनुपमा अपनी बात दिग्विजय को समझा पाएगी या नहीं। सीरियल के अपकमिंग एपिसोड में और क्या उतार चढ़ाव आने वाले हैं? जानने के लिए जुड़े रहिए लाइव हिन्दुस्तान के साथ।

TRP कैसे तय होती है? जानिए BAR-O-Meter और वाटरमार्क टेक्नोलॉजी का पूरा सिस्टम

टीवी इंडस्ट्री के लिए टेलीविज़न रेटिंग पॉइंट यानी TRP रिपोर्ट अहम मानी जाती है। हर हफ्ते आने वाली ये रिपोर्ट ही मेकर्स को बताती है कि कौनसे शो को क्या रेटिंग मिली है। इसी रेटिंग के आधार पर ये तय होता है कि इस हफ्ते कौनसा शो नंबर 1 पर है। लेकिन की आप जानते हैं ये TRP रेटिंग जानने के लिए एक लंबी प्रक्रिया है। देशभर में करोड़ों दर्शक अपने का पसंद का शो या चैनल देख रहे हैं। इसके लिए BAR-O-Meter और वाटर मार्क टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जाता है। TRP आसान शब्दों में समझते हैं- जानिए क्या है BAR-O-Meter डिवाइस टेलीविज़न रेटिंग पॉइंट एक तरह का मापदंड है जिससे ये पता चलता है कि कौनसे शो को इतने लोग देख रहे हैं। ये सब TRP से पता चलता है। अगर किसी शो की TRP ज्यादा है तो मतलब वो शो हिट है। TRP रिपोर्ट निकालने का काम BARC इंडिया का है। TRP की रिपोर्ट देखने के लिए BAR-O-Meter डिवाइस का इस्तेमाल होता है। BAR-O-Meter से ये पता चलता है कि किस चैनल को कब औए कितनी देर के लिए देखा गया गया। क्या होता हो पैनल होम लेकिन देश में करोड़ों लोग टीवी देखते हैं ऐसे में सभी घरों की रिपोर्ट निकालना मुश्किल है। इसलिए BAR-O-Meter को 58,000 (रिपोर्ट के मुताबिक) से ज्यादा घरों में लगाया जाता है। इसमें शहरी और ग्रामीण घर शामिल हैं। जिन घरों में इस डिवाइस का इस्तेमाल होता है उन्हें पैनल होम कहा जाता हैं। इन घरों का जो डाटा होता है उसी आधार पर TRP की रिपोर्ट बनती है। ये है पूरी प्रक्रिया अब बड़ा सावला ये कि BAR-O-Meter नाम की ये डिवाइस काम कैसे करती है? इससे पहले ये समझते हैं कि TRP जानने के लिए वाटर मार्क टेक्नोलॉजी क्या है और इसका इस्तेमाल क्यों होता है? जैसे BAR-O-Meter एक डिवाइस है इसे लोगों के घरों में लगाया जाता है। वहीं वाटर मार्क टेक्नोलॉजी एक तरह का छुपा हुआ कोड है। ये किसी शो या चैनल के अंदर डाला जाता है। TRP पता करने के लिए वाटर मार्क टेक्नोलॉजी BAR-O-Meter को सिग्नल भेजती है। जैसे ही टीवी चलता है डिवाइस ऑडियो या वीडियो में मौजूद छुपे हुए कोड को पकड़ता है। इससे पहचान होती है कि कौनसा शो देखा गया। हर सेकंड का डाटा हर टीवी चैनल अपने शोज, मूवी या न्यूज में छुपे हुए कोड यानी वाटर मार्क टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करता है। ये कोड हर चैनल और शो का अलग होता है। जब वाटर मार्क टेक्नोलॉजी सिग्नल भेजती है तो BAR-O-Meter हर सेकंड का डाटा रिकॉर्ड करता है। फिर इस डाटा को सर्वर पर भेजा जाता है। इसी के आधार पर हर हफ्ते की वीकली रिपोर्ट बनती है। अगर किसी चैनल या शो की अधिक TRP है तो इससे ब्रांड वैल्यू बढ़ती है, अधिक विज्ञापन मिलते हैं। आर्थिक रूप से TRP बेहद खास हो जाती है।