samacharsecretary.com

लखनऊ में 65 वर्षीय अशोक बहार ने दी NEET परीक्षा, बोले सपनों की कोई उम्र नहीं होती

लखनऊ लखनऊ माण्टेसरी स्कूल में रविवार एक परीक्षा केंद्र पर रविवार को 65 वर्षीय अशोक बहार ने नीट (NEET) दी। परीक्षा कक्ष में परीक्षा दे रहे दूसरे युवा परीक्षार्थियों में चर्चा का विषय रहा। युवाओं ने अशोक हौसले का सलाम किया। अधिक उम्र होने पर परीक्षा केन्द्र पर प्रवेश के दौरान तलाशी के समय पुलिस व कर्मियों को संदेह होने पर पूछताछ की, लेकिन एडमिट कार्ड व आधार के मिलान कराने पर सब कुछ सही पाए जाने पर परीक्षा की अनुमति दी। इस उम्र में अशोक की यह पहल उन युवाओं के किसी प्रेरणा से कम नहीं है। जो एक व दो बार नीट देने पर चयन न होने पर निराश हो जाते हैं। परीक्षा केन्द्र पर मौजूद परीक्षार्थियों ने अशोक की इस हिम्मत और लगन को सलाम किया। परीक्षा देकर बाहर निकले अशोक ने बताया कि वो लखनऊ विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र रहे हैं। उनके पास एलएलबी और एमबीए की डिग्री है। अशोक बहार ने यह साबित कर दिया है कि सीखने की ललक और अपने सपनों को जीने का जज्बा किसी उम्र का मोहताज नहीं होता। अशोक बहार ने बताया कि वह एक खाद बनाने वाली कंपनी में मार्केटिंग प्रमुख के पद पर तैनात रहे हैं। परिवार में शिक्षा और चिकित्सा का माहौल रहा है। पत्नी डॉ. मंजुल बहार एक चिकित्सक हैं, और अमेरिका में हैं। उनके कई रिश्तेदार भी डॉक्टर हैं। इसी वातावरण ने उन्हें भी चिकित्सा क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। कहा कि मैंने वर्ष 2000 हजार में कंपनी से स्वैच्छिक सेवानिवृत्त ले लिया था। कहा कि नीट जैसी परीक्षा के लिए तय उम्र नहीं होती। कहा कि सिर्फ उम्र या परिस्थितियों को देखकर अपने सपनों को मत छोड़िए। लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत करने का साहस हो, तो कोई भी मुकाम हासिल किया जा सकता है। कहा कि मैं दवाओं के बारे में बहुत कुछ जानता हूं, लेकिन दवाएं लिख नहीं सकता। दवा लिखने के लिए डॉक्टर की डिग्री होनी चाहिए। इसलिए परीक्षा दी। परीक्षा में सफलता मिले न मिले, प्रयास करते रहना चाहिए। इससे पहले ओडिशा के सेवानिवृत्त बैंक अधिकारी 64 वर्षीय किशोर प्रधान 2020 में नीट पास कर चुके हैं। इसके अलावा अलीगढ़ के 69 वर्षीय मोहन लाल नीट दे चुके हैं।

युवाओं से कहा- सरकार खूब नौकरियां निकाल रही, मेहनत से तैयारी कीजिए, किसी के पास जाने की आवश्यकता नहीं, योग्यता है तो नौकरी अवश्य मिलेगी

लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को ‘जनता दर्शन’ किया। इस दौरान उन्होंने प्रदेश भर से पहुंचे फरियादियों से मुलाकात की और आश्वस्त किया कि सरकार हर उचित समस्या का समाधान कराएगी। जनता दर्शन में माता-पिता के साथ आए बच्चों की शिक्षा के बारे में पूछा और अभिभावकों से कहा कि बच्चों को अवश्य पढ़ाइए। शिक्षित बच्चा ही समृद्ध भारत का निर्माण करेगा। अवैध कब्जे की शिकायत पर मुख्यमंत्री सख्त हो गए, उन्होंने तत्काल जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए।  सरकार सुविधा दे रही, आप बच्चों को पढ़ाइए जनता दर्शन में अभिभावकों के साथ कुछ छोटे बच्चे भी पहुंचे। मुख्यमंत्री ने पूछा कि किस क्लास में पढ़ रहे हैं। इस पर जवाब आया कि अभी एडमिशन नहीं कराया है। सीएम ने इसकी वजह जाननी चाही, लेकिन उन्हें संतुष्टिपरक जवाब नहीं मिला तो उन्होंने अभिभावकों से कहा कि प्रदेश में पिछले 9 साल में शिक्षा का स्तर काफी सुधरा है। बेसिक हो या माध्यमिक, हर जगह बच्चों को गुणवत्ता के आधार पर शिक्षा प्रदान की जा रही है। बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों के बच्चों को शिक्षा के साथ ही ड्रेस, कॉपी-किताब, जूते-मोजे आदि के लिए अभिभावकों के खाते में 1200 रुपये दिए जा रहे हैं। बच्चों को ताजा पौष्टिक मिड-डे मील भी मिल रहा है। आप बच्चों का एडमिशन कराइए और हर हाल में स्कूल भेजिए। सरकार लाखों नौकरियां दे रही, आप मेहनत से तैयारी कीजिए जनता दर्शन में कुछ युवा भी पहुंचे। उन्होंने मुख्यमंत्री से नौकरी को लेकर चर्चा की। मुख्यमंत्री ने सभी की बातें ध्यान से सुनीं। फिर बताया कि 9 साल में 9 लाख से ज्यादा युवाओं को सरकारी नौकरी दी गई है और सभी विभागों में नियुक्ति प्रक्रिया निष्पक्षता व पारदर्शिता से संपन्न कराई गई है। इस साल भी सरकार कई विभागों में नियुक्ति करने जा रही है। इसके जरिए लाखों युवाओं को नौकरी मिलेगी। आप लोग सिर्फ मेहनत से तैयारी कीजिए। किसी के पास जाने की आवश्यकता नहीं है। हमारी सरकार में सिफारिश नहीं चलती, पारदर्शिता से भर्ती होती है। योग्यता है तो आपको नौकरी अवश्य मिलेगी। मुख्यमंत्री से वार्ता के उपरांत युवाओं ने सकारात्मक भाव के साथ तैयारी करने का विश्वास दिलाया। साथ ही आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए इन युवाओं ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार भी जताया।  अवैध कब्जे की शिकायत पर सख्त हुए मुख्यमंत्री, बोले- कार्रवाई कीजिए और अवगत कराइए  मुख्यमंत्री के सामने अवैध कब्जे की भी शिकायत आई। सीएम ने फरियादियों से प्रार्थना पत्र लिया, उसे पढ़ा और अफसरों को देते हुए कहा कि इन मामलों की जांच कराइए। राजस्व, प्रशासन व पुलिस संयुक्त रूप से देखे कि इन प्रकरणों में क्या कार्रवाई होनी है। उचित कार्रवाई कराइए, पीड़ित पक्ष को संतुष्ट कराइए और फिर शासन को अवगत भी कराइए। ऐसी शिकायतें किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएंगी।

लखनऊ से बहराइच तक मौसम का तांडव, पेड़ गिरे, बिजली ठप और जनजीवन अस्त-व्यस्त

लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार सुबह लखनऊ, अयोध्या, बहराइच समेत प्रदेश के कई जनपदों में आंधी-बारिश से हुई भीषण तबाही का संज्ञान लेते हुए अफसरों को तत्काल लोगों की मदद का निर्देश दिया है। सीएम योगी ने मौसम से प्रभावित जनपदों के जिलाधिकारियों को निर्देश दिया कि पूरी मशीनरी सक्रिय रहे, हर हाल में प्रयास करें कि विपरीत मौसम का न्यूनतम असर हो। जनहानि, पशुहानि, घायलों व आपदा प्रभावितों को 24 घंटे में मुआवजा दिलाना सुनिश्चित करें। इसमें किसी तरह की लापरवाही नहीं नहीं होनी चाहिए। सीएम योगी ने कहा कि सरकार हर प्रतिकूल परिस्थिति में किसानों व समस्त प्रदेशवासियों के साथ निरंतर खड़ी है। प्रशासनिक अधिकारियों को अलर्ट मोड पर रहने का निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि विपरीत मौसम में कई जनपदों में सड़क दुर्घटनाएं हुईं। वहां राहत-बचाव कार्य तेज गति से हों। घायलों का निकटवर्ती अस्पतालों में त्वरित इलाज सुनिश्चित किया जाए। आंधी-बारिश की वजह से किसानों व आमजनों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पूरा प्रयास किया जाए कि प्रतिकूल मौसम का न्यूनतम प्रभाव हो। मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देशित किया कि वे निरंतर फील्ड में रहें, वस्तुस्थिति का जायजा लें। फील्ड अधिकारी भी खराब मौसम से प्रभावित क्षेत्रों में लोगों के बीच जाएं और उनसे सीधा संपर्क करें और राहत कार्यों के लिए समन्वय बनाएं। किसी भी विपरीत स्थिति या आवश्यकता पर सभी सूचनाएं समय पर एकत्र कर शासन को उपलब्ध कराएं, ताकि प्रभावितों को जल्द से जल्द राहत सुनिश्चित की जा सके। कहां कैसा रहा मौसम सुबह नौ बजे बाराबंकी में छाया अंधेरा, झमाझम बारिश बाराबंकी में सोमवार की सुबह से ही काले बादल छाए रहे। कुछ देर बाद ही ठण्डी हवाएं चलने लगीं। नौ बजते ही अंधेरा छा गया। ऐसे में हेडलाइट जलाकर वाहन सड़कों पर गुजरने लगे। आंधी शुरू होते ही ओलावृष्टि शुरू हो गई। दस मिनट के बाद तेज बारिश शुरू हो गई। बाहर निकले लोग बारिश से बचने के लिए इधर-उधर भागने लगे। गोंडा में आंधी के कहर से सैकड़ों पेड़ और खंभे टूटे गोंडा में सोमवार सुबह करीब दस बजे आंधी और बारिश के कहर से सैकड़ों पेड़ और खंभे टूट गए है। जगह जगह बिजली लाइनें टूटने से हजारों घरों की बिजली गुल हो गई है। गोंडा उतरौला मार्ग पर मेहनौन बिजली उपकेंद्र से आने वाली 33 केवी की लाइन पर जामुन के पेड़ की मोटी डाल टूटकर गिर गए। इसे क्षेत्र की बिजली आपूर्ति बाधित हो गए है। गोंडा उतरौला मार्ग पर कई जगह पेड़ गिरने से यातायात बाधित है। अयोध्या हाइवे पर भी पेड़ गिरने से यातायात थमा रहा। मोतीगंज कस्बे में स्थित एक निजी स्कूल के बाउंड्री पर गिरा यूकेलिप्टस का पेड़ 11000 केवी की लाइन पर गिर गया । वही सीहागांव में भी पेड़ गिरने से पांच पोल वा तार टूटने से बिजली सप्लाई बाधित है। आर्य नगर खरगूपुर मार्ग पर स्टेट बैंक सामने लगा शीशम का पेड़ मुख्य सड़क पर गिर जाने से आवागमन बाधित हुआ। अयोध्या में झमाझम बारिश, दिन में जलानी पड़ी लाइट रामनगरी अयोध्या में एक बार फिर सुबह झमाझम बारिश से नजारा बदल गया। सुबह पौने ग्यारह बजे तेज हवाओं के साथ काले बादलों से दिन में अंधेरा छा गया। झमाझम बरसात शुरू होते ही जो जहां था थम गया। तापमान गिरने से मौसम सुहावना हो गया। मौसम विभाग ने अभी सात तारीख तक बीच-बीच में इसी तरह बदलाव के संकेत दिए हैं। जेठ के महीने में हुई इस बरसात ने लोगों को राहत दे दी है। इस बार अप्रैल के पहले हफ्ते में बरसात ने थोड़ी राहत दी लेकिन इसके बाद लगातार दस दिनों तक मौसम तपने से लोग परेशान हो गए। बलरामपुर में तेज हवाओं के साथ बारिश बलरामपुर में तेज हवाओं के साथ सोमवार को सुबह करीब 11: 10 बजे से भारी बारिश शुरू हो गई है। बिजली भी कड़कती रही। सड़क पर अंधेरा छा गया है। राष्ट्रीय राजमार्ग पर चलने वाले वाहन दिन में बिजली जलाकर चलाने पड़े। बहराइच लखनऊ मार्ग पर जरवल में बीच सड़क पर विशालकाय पेड़ गिर गया। इसके चलते आवागमन रुक गया। सूचना पर पहुंचे वन और पुलिस विभाग के अधिकारियों ने पेड़ काट कर हटवाया। तब आवागमन बहाल हो सका। बहराइच में मूसलाधार बारिश से शहर व कस्बे हुए लबालब बहराइच में मूसलाधार बारिश ने सोमवार की सुबह शहर और आसपास के कस्बों की रफ्तार थाम दी। एक घंटे से तेज बारिश अभी नहीं थमी, जिससे जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। इसके पहले सुबह करीब 9:30 बजे आसमान में घने काले बादल छाए और हालात ऐसे बने कि मानो रात का अंधेरा हो। जिले में सोमवार की सुबह 9:00 अचानक मौसम बदला और बादल छा गए। जिससे घनघोर अंधेरा छा गया। आधे घंटे बाद बूंदाबांदी शुरू हुई और 9:35 बजे मूसलाधार बारिश शुरू हुई। लगातार हो रही बारिश के कारण सड़कों पर पानी भर गया और कई निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई। श्रावस्ती में सुबह धूप और फिर छा गया अंधेरा, आंधी के साथ झमाझम बारिश श्रावस्ती में सोमवार सुबह धूप के बाद मौसम ने पलटी मारी और घने बादलों से अंधेरा छा गया। देखते ही देखते तेज पछुआ आंधी के साथ झमाझम बारिश शुरू हो गई। इससे बिजली गुल हो गई। कासगंज में आंधी बारिश से मकान धराशाई कासगंज में तेज आंधी-बारिश से मकान धराशाई हो गया। इससे एक बच्ची की मौत हो गई और तीन लोग घायल हो गए। गंजडुंडवारा ब्लॉक क्षेत्र के गांव घबरा में हादसा हुआ। तेज आंधी और बारिश एक घर पर कहर बनकर टूटी। आंधी-बारिश से पक्का मकान गिरने से पांच वर्षीय लड़की सोनाली पुत्री जितेश की दबकर मृत्यु हो गई। बरेली में मूसलाधार बारिश से हाल बेहाल, घरों में घुसा पानी बरेली में हुई मूसलाधार बारिश ने जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया। शहर की सड़कों, रिहायशी इलाकों और निचले क्षेत्रों में भीषण जलभराव हो गया, जिससे लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सेटेलाइट बस अड्डे जैसे प्रमुख स्थानों पर पानी भर जाने से यातायात व्यवस्था चरमरा गई। नगर निगम की जल निकासी व्यवस्था इस बारिश में पूरी तरह फेल नजर आई। जिन इलाकों में जलभराव रोकने के लिए पंप लगाए जाने थे, वहां या तो पंप … Read more

जालौन में भीषण एक्सीडेंट, 7 की मौत, 3 की हालत नाज़ुक

जालौन जालौन जनपद के कालपी कोतवाली क्षेत्र में सोमवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे में मृतकों की संख्या सात हो गई है।, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायलों का इलाज जारी है। उरई से गंभीर हालत में कानपुर रेफर किए गए शिवानंद ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। हादसा जोल्हुपुर मोड़ के पास हुआ, जहां अयोध्या से उरई लौट रही एक कार चालक को झपकी आने से अनियंत्रित होकर आगे चल रहे वाहन से जा भिड़ी। इस दर्दनाक हादसे से क्षेत्र में कोहराम मचा हुआ है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं स्थानीय लोगों में भी शोक की लहर दौड़ गई है। मिली जानकारी के अनुसार, ललितपुर जनपद के महरौनी निवासी शशिकांत तिवारी अपने परिजनों के साथ अयोध्या दर्शन करने गए थे। दर्शन के बाद सभी लोग कार से वापस लौट रहे थे। सोमवार सुबह करीब 6 बजे जैसे ही उनकी कार कालपी क्षेत्र के जोल्हुपुर मोड़ के पास पहुंची, चालक को अचानक झपकी आ गई, जिससे वाहन अनियंत्रित होकर सामने चल रहे वाहन से टकरा गया। टक्कर इतनी भीषण थी कि चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। वहीं शिवानंद की हालत नाजुक होने पर उन्हें कानपुर भेजा गया था, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। हादसे में तीन लोग गंभीर रूप से घायल हैं, उनका इलाज जारी है। बताया जा रहा है कि हादसे के बाद घायलों को बाहर निकालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। कुछ घायल करीब एक घंटे तक कार के केबिन में फंसे रहे, जिन्हें स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से बाहर निकाला गया।   हादसे के बाद मची चीख-पुकार कार में कुल 10 लोग सवार थे, जिनमें शशिकांत तिवारी, कृष्णकांत, दीपक तिवारी, हरिमोहन तिवारी, भूषण तिवारी, अंशुल तिवारी, स्वामी प्रसाद तिवारी, मनोज और देशराज शामिल बताए जा रहे हैं। सभी एक ही परिवार के सदस्य बताए जा रहे हैं। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही कालपी कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। 10 मिनट तक मेडिकल कॉलेज के बाहर तड़पते रहे मरीज घायलों को लेकर एम्बुलेंस मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी के बाहर पहुंची, लेकिन मरीज को उतारने के लिए वहां पर कोई भी वार्ड बॉय नहीं नहीं था। हालत यह रही कि मरीज 10 मिनट तक एंबुलेंस में ही तड़पते रहे इसके बाद वहां मौजूद लोगों ने किसी तरह मरीजों को बाहर निकाला और इमरजेंसी के अंदर पहुंचा जहां वह जिंदगी और मौत से जूझ रहे हैं।  

मुख्यमंत्री ने विपरीत परिस्थितियों में आमजन को तत्काल मदद उपलब्ध कराने का दिया निर्देश

लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार सुबह लखनऊ समेत प्रदेश के कई जनपदों में हुई आंधी-बारिश व विपरीत मौसम की स्थितियों को देखते आम नागरिकों को होने वाली परेशानियों को लेकर प्रशासन को निर्देश दिए हैं। सीएम ने मौसम से प्रभावित जनपदों के जिलाधिकारियों को निर्देश दिया कि पूरी मशीनरी सक्रिय रहे, हर हाल में प्रयास करें कि विपरीत मौसम का न्यूनतम असर हो। जनहानि, पशुहानि, घायलों व आपदा प्रभावितों को 24 घंटे में मुआवजा दिलाना सुनिश्चित करें। इसमें किसी तरह की लापरवाही नहीं नहीं होनी चाहिए। सीएम योगी ने कहा कि सरकार हर प्रतिकूल परिस्थिति में किसानों व समस्त प्रदेशवासियों के साथ निरंतर खड़ी है। प्रशासनिक अधिकारियों को अलर्ट मोड पर रहने का निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि विपरीत मौसम में कई जनपदों में सड़क दुर्घटनाएं हुईं। वहां राहत-बचाव कार्य तेज गति से हों। घायलों का निकटवर्ती अस्पतालों में त्वरित इलाज सुनिश्चित किया जाए। आंधी-बारिश की वजह से किसानों व आमजनों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पूरा प्रयास किया जाए कि प्रतिकूल मौसम का न्यूनतम प्रभाव हो।  मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देशित किया कि वे निरंतर फील्ड में रहें, वस्तुस्थिति का जायजा लें। फील्ड अधिकारी भी खराब मौसम से प्रभावित क्षेत्रों में लोगों के बीच जाएं और उनसे सीधा संपर्क करें और राहत कार्यों के लिए समन्वय बनाएं। किसी भी विपरीत स्थिति या आवश्यकता पर सभी सूचनाएं समय पर एकत्र कर शासन को उपलब्ध कराएं, ताकि प्रभावितों को जल्द से जल्द राहत सुनिश्चित की जा सके।

निलंबन और पदोन्नति रोकने के आरोपों पर उबाल, मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की मांग तेज

लखनऊ बिजली विभाग में दलित अभियंताओं पर कार्रवाई से उबाल है। पावर ऑफिसर्स एसोसिएशन ने साफ किया है कि अगर एकतरफा कार्रवाई पर दलित अभियंताओं को जल्द न्याय नहीं मिलता तो इस मसले पर आंदोलन होगा, जिसकी सारी जिम्मेदारी पावर कॉरपोरेशन की होगी। एसोसिएशन की प्रांतीय कार्यकारिणी की आपात बैठक रविवार को फील्ड हॉस्टल में हुर्ह। संगठन ने उत्पीड़नात्मक कार्रवाइयों पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से हस्तक्षेप की मांग की है। संगठन ने कहा कि अगर उच्च स्तरीय कमेटी से जांच करवाई जाए तो स्पष्ट हो जाएगा कि दलित अभियंताओं को निशाना बनाया जा रहा है। अभियंताओं पर कार्रवाई न केवल सेवा नियमों के विपरीत हैं बल्कि सामाजिक न्याय की मूल भावना के विपरीत भी। एसोसिएशन ने अभियंताओं पर निलंबन, पदोन्नति रोके जाने और अनुचित दंड के आरोप लगाए हैं। साथ ही यह भी कहा कि ज्यादातर मामलों में अभियंताओं को राहत के लिए उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाना पड़ रहा है। बैठक में एसोसिएशन के कार्यवाहक अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा, उपाध्यक्ष नेकीराम, पीएम प्रभाकर अतिरिक्त महासचिव , अजय कुमार (ट्रांसको), अध्यक्ष सुशील कुमार वर्मा, अजय कुमार आदि उपस्थित रहे। इनपर अनुचित कार्रवाई का आरोप -नेकीराम (अधीक्षण अभियंता) को मात्र 6 दिन की तैनाती के भीतर प्रतिकूल प्रविष्टि देकर मुख्य अभियंता पद पर पदोन्नति रोक दी गई। -पूरन चंद (अधीक्षण अभियंता) व नरेश कुमार (अधिशासी अभियंता) को लगभग एक वर्ष से निलंबित रखा गया, वह भी घटिया ट्रांसफार्मर जलने के मामले में, जिससे उनकी पदोन्नति बाधित हुई। -अजय कुमार (अधीक्षण अभियंता) को फर्जी शिकायतों, जिनमें बामसेफ व पीडीए लोगों की मदद करने के आरोप में निलंबित किया गया। -निर्भय कुमार (अधिशासी अभियंता) को एक ही मामले में दोहरा दंड दिया गया। -हरिश्चंद्र वर्मा (मुख्य अभियंता, मध्यांचल) को पिछले 6 माह से गलत आरोपों के आधार पर निलंबित रखा गया, जिनकी पत्नी की लगातार डायलिसिस हो रही है। -मुकेश बाबू (अधीक्षण अभियंता) को हाई कोर्ट के आदेश के बाद भी पदोन्नत नहीं किया गया। -सुनील कुमार, सुधाकर व एनपी सिंह के मामले भी लंबित हैं, जिससे पदोन्नति और टाइम स्केल बाधित। -पवन कुमार अधिशासी अभियंता लंबे समय से निलंबित

UP के 1.43 लाख शिक्षामित्रों के लिए खुशखबरी, बढ़े मानदेय के बाद सम्मान कार्यक्रम

 लखनऊ उत्तर प्रदेश के 1:43 लाख शिक्षा मित्रों के लिए 5 मई का दिन बेहद खास होने जा रहा है। योगी सरकार ने शिक्षामित्रों के मानदेय में वृद्धि के बाद अब उनके सम्मान को भी प्राथमिकता देते हुए व्यापक तैयारी शुरू कर दी है। इस पहल को प्रदेशव्यापी स्वरूप देते हुए आगामी 5 मई को गोरखपुर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ राज्यस्तरीय भव्य कार्यक्रम का शुभारंभ करेंगे। 18,000 रुपए प्रतिमाह मानदेय के साथ लगभग 1.43 लाख शिक्षामित्रों को इस प्रक्रिया से जोड़ा जाएगा, जिसके माध्यम से पूरे प्रदेश में स्पष्ट तौर पर यह संदेश देने की कोशिश की जाएगी कि शिक्षा व्यवस्था की नींव को मजबूत करने वाले शिक्षामित्रों को अब उचित पहचान और संबल मिल रहा है। योगी कैबिनेट की मंजूरी के बाद प्रदेश के शिक्षा मित्रों को अप्रैल महीने से ही बढ़े हुए मानदेय का लाभ मिलना शुरू हो चुका है। अब 5 मई को गोरखपुर के बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह से मुख्यमंत्री इसका औपचारिक शुभारंभ करेंगे। इसके साथ ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शिक्षा मित्रों के साथ संवाद भी करेंगे। पांच मई को सुबह 11 बजे होने वाले इस कार्यक्रम के समानांतर प्रदेश के सभी जनपदों में भी आयोजन कर इसे व्यापक रूप दिया जाएगा। उत्तर प्रदेश के परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत लगभग 1.43 लाख शिक्षामित्रों के लिए लिया गया यह निर्णय अब पूरी तरह लागू हो चुका है। 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी इस व्यवस्था के अंतर्गत बेसिक शिक्षा के 13,597 और समग्र शिक्षा के 1,29,332 शिक्षामित्रों को 18,000 रुपए प्रतिमाह की दर से भुगतान किया जा रहा है। योगी सरकार का कहना है कि इससे उनका आर्थिक सशक्तीकरण हुआ है। योगी सरकार का कहना है कि प्रदेश के शिक्षा क्षेत्र में सुधार और बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने के लिए निरंतर प्रयास किया जा रहा है। पहले मानदेय में वृद्धि और अब उन्हें सम्मान देने के लिए की जा रही यह पहल शिक्षामित्रों के मनोबल को बढ़ाने के साथ-साथ विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता को भी नई दिशा देगी। गोरखपुर में पांच मई को होने जा रहा यह आयोजन शिक्षा सुधार के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है। लाइव प्रसारण और व्यापक भागीदारी शिक्षा मित्रों के लिए गोरखपुर के आयोजित इसा कार्यक्रम का सीधा प्रसारण दूरदर्शन और मुख्यमंत्री के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर किया जाएगा, जिससे प्रदेश भर के शिक्षा मित्र इस अवसर के साक्षी बन सकें। साथ ही, सभी जनपदों में भी समानांतर रूप से आयोजन किए जाएंगे, जहां स्थानीय स्तर पर जन-प्रतिनिधियों, अधिकारियों, शिक्षकों और शिक्षा मित्रों की भागीदारी उल्लेखनीय होगी।

नई बिजली टैरिफ नीति से 35 लाख उपभोक्ताओं को फायदा, घरेलू दरों पर मिल सकती है राहत

लखनऊ अब घर में छोटी दुकान चलाने वालों को अलग से कॉमर्शियल बिजली कनेक्शन लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी। नई बिजली टैरिफ नीति में इस तरह के उपभोक्ताओं के लिए नई श्रेणी का प्रावधान किया जा सकता है। इससे प्रदेश के लगभग 35 लाख बिजली उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी। राज्य विद्युत नियामक आयोग इस दिशा में गंभीरता से विचार कर रहा है प्रदेश में करीब 3.5 करोड़ बिजली उपभोक्ता हैं। – इसमें से लगभग 2.94 करोड़ घरेलू कनेक्शनधारी हैं। इनमें बड़ी संख्या (करीब 35 लाख) ऐसे लोगों की है, जो अपने घरों में किराना, स्टेशनरी, सब्जी या अन्य छोटे व्यवसाय संचालित करते हैं। वर्तमान व्यवस्था के तहत, इन दुकानों के लिए अलग से कॉमर्शियल कनेक्शन लेना अनिवार्य है। ऐसा न करने पर बिजली चोरी के आरोप में कार्रवाई होती है। प्रस्तावित नई टैरिफ नीति के तहत ऐसे छोटे दुकानदारों के लिए अलग श्रेणी निर्धारित की जा सकती है। उदाहरण के तौर पर जो उपभोक्ता 300 यूनिट तक बिजली खर्च करते हैं, उनसे घरेलू दरों पर ही शुल्क लिया जा सकता है। साथ ही नए कनेक्शन लेने वालों के लिए भी कुछ रियायत देने पर विचार किया जा रहा है। अभी घरेलू कनेक्शन पर बिजली की दर लगभग 4 से 5 रुपये प्रति यूनिट है, जबकि कॉमर्शियल कनेक्शन के लिए यह दर करीब 8 रुपये प्रति यूनिट तक पहुंच जाती है। इसके अलावा न्यूनतम अधिभार शुल्क भी लगभग 500 रुपये होता है। यदि अलग कनेक्शन की अनिवार्यता समाप्त होती है, तो छोटे दुकानदार जो केवल बल्ब और पंखे जैसी सीमित बिजली उपकरणों का उपयोग करते हैं उन्हें घरेलू दरों पर ही बिजली मिल सकेगी। दरों में बढ़ोतरी की संभावना नहीं बिजली दरों में बढ़ोतरी के फिलहाल आसार नहीं दिख रहे। पॉवर कॉर्पोरेशन ने 1.15 लाख करोड़ रुपये की वार्षिक राजस्व आवश्यकता का प्रस्ताव दिया है, जबकि बिजली आपूर्ति की लागत 8.50 से 8.80 रुपये प्रति यूनिट आंकी गई है। हालांकि, उपभोक्ताओं के पक्ष में लगभग 51 हजार करोड़ रुपये का सरप्लस बताया जा रहा है। ऐसे में संभावना है कि जून माह में जारी होने वाली नई दरों में वृद्धि न की जाए।  

हाईटेक टाउनशिप में गड़बड़ी पर कार्रवाई तय, सुविधाओं की होगी सख्त जांच

लखनऊ  यूपी की योगी सरकार हाईटेक टाउनशिप योजनाओं में सुविधाओं के नाम पर खानापूर्ति करने वाले बिल्डरों के खिलाफ शिकंजा कसने जा रही है। टाउनशिप में सुविधाओं की जांच कराई जाएगी और देखा जाएगा कि आवंटियों को वादे के मुताबिक चीजें मिली हैं या नहीं। इसके साथ ही यह भी देखा जाएगा कि विस्तार या क्षेत्रफल कम करने वाले बिल्डरों ने अब तक कितना काम कराया है। संशोधित डीपीआर देने की क्या स्थिति है। इसमें खामियां मिलने पर सख्त कार्रवाई की तैयारी है। हाईटेक टाउनशिप योजना में विकास प्राधिकरणों द्वारा 13 बिल्डरों को निजी क्षेत्र में टाउनशिप विकसित करने का लाइसेंस दिया गया था। इनमें से सात परियोजनाएं ही शुरू हुईं और शेष शुरू नहीं हो पाईं। आवास विभाग रुकी हुई परियोजनाओं को शुरू करने के लिए हाईटेक टाउनशिप नीति में संशोधन किया और बिल्डरों को एक बार फिर से काम करने का मौका दिया। टाउनशिप में 1500 एकड़ तक क्षेत्रफल करने की सुविधा बिल्डरों को दी गई। परियोजना अवधि में समय विस्तार शुल्क देकर संशोधित डीपीआर स्वीकृत कराने और पांच साल तक काम करने का मौका दिया गया। बिल्डरों को रुकी हुई टाउनशिप पूरी करने का पूरा मौका दिया गया। शासन को इसके बाद भी जानकारी मिल रही है कि कुछ बिल्डर इसमें रुचि नहीं ले रहे हैं और रुकी हुई योजनाओं को पूरा करने व डीपीआर देने में हीला हवाली कर रहे हैं। पिछले दिनों बुलंदशहर-खुर्जा विकास प्राधिकरण द्वारा नोएडा में टाउनशिप लाने के लिए उत्तम स्टील्स एंड एसोसिट का लाइसेंस निरस्त किया गया है। लाइसेंस निरस्त करने का कारण बताया गया कि कंपनी ने परियोजना की स्वीकृति के लगभग 17 वर्ष बाद टाउनशिप स्थल पर केवल 10 प्रतिशत ही विकास कार्य कराया। इसीलिए उच्च स्तर पर प्रदेश के सभी विकास प्राधिकरणों से रिपोर्ट मांगी गई है। उनसे पूछा गया है कि उनके द्वारा हाईटेक टाउनशिप लाइसेंस लेकर कितने बिल्डरों ने काम कराया है। विस्तार करने या फिर संशोधित डीपीआर देने की क्या स्थिति है। इसके आधार पर गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी है। बताया जाता है कि हाईटेक टाउनशिप नीति के तहत निजी बिल्डरों को बड़े भूखंडों पर अत्याधुनिक सुविधाएं देने के लिए लाइसेंस दिए गए थे, लेकिन जमीनी हकीकत इसके उलट नजर आ रही है। शासन के संज्ञान में आया है कि कई बिल्डरों ने टाउनशिप के क्षेत्रफल को 1500 एकड़ तक बढ़ाने की सुविधा तो ली, लेकिन इसके लिए आवश्यक संशोधित विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) अब तक जमा नहीं की है। बुलंदशहर में उत्तम स्टील्स एंड एसोसिएट्स का लाइसेंस रद्द होना एक बड़ी चेतावनी है, क्योंकि इस कंपनी ने 17 साल में केवल 10 प्रतिशत काम किया था।

उत्तर प्रदेश में आंधी-बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त, कई इलाकों में बिजली गुल

लखनऊ उत्तर प्रदेश में मौसम का मिजाज लगातार बिगड़ा हुआ है और आंधी-बारिश का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा। राजधानी लखनऊ में सोमवार सुबह करीब 8:30 बजे अचानक मौसम ने करवट ली और तेज तूफान के साथ मूसलाधार बारिश शुरू हो गई। हालात ऐसे हो गए कि दिन में ही रात जैसा अंधेरा छा गया। आसमान में घने काले बादल छा गए, तेज गर्जना के साथ बिजली कड़कती रही, जिससे लोगों में डर और दहशत का माहौल बन गया। तेज हवाओं का असर शहर के कई हिस्सों में साफ दिखाई दे रहा है। सैकड़ों पेड़ उखड़ गए हैं, जिससे कई जगहों पर सड़कें अवरुद्ध हो गईं और यातायात प्रभावित हुआ। लखनऊ में अचानक बदला मौसम, सुबह होते अंधेरा इसके अलावा कई बिजली के पोल भी गिर गए, जिसके चलते शहर के कई इलाकों में बिजली आपूर्ति ठप हो गई है। बिजली कटौती के कारण लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मौसम के इस अचानक बदले रुख ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। दफ्तर जाने वाले लोग रास्ते में फंस गए, वहीं स्कूल-कॉलेज जाने वाले छात्र भी प्रभावित हुए। कई जगहों पर जलभराव की स्थिति बन गई है, जिससे स्थानीय लोगों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। मौसम जारी किया था अलर्ट मौसम विभाग ने पहले ही आंधी और बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया था। विशेषज्ञों के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ और स्थानीय मौसमीय सिस्टम के सक्रिय होने की वजह से यह स्थिति बनी हुई है। आने वाले कुछ घंटों में भी मौसम इसी तरह खराब रहने की संभावना जताई जा रही है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि बिना जरूरत घरों से बाहर न निकलें और सुरक्षित स्थानों पर रहें। साथ ही बिजली के खंभों और पेड़ों से दूर रहने की सलाह दी गई है, ताकि किसी भी तरह की दुर्घटना से बचा जा सके। रविवार को भी बिगड़ा था मौसम, कई इलाकों की बिजली हुई थी गुल इससे पहले आंधी और बारिश के कारण रविवार को भी लखनऊ की बिजली व्यवस्था ध्वस्त हो गई। कहीं पेड़ गिरने से तार टूट गए, तो कहीं अंडरग्राउंड केबल में फाल्ट आ गया। इससे गोमतीनगर, चिनहट, बीकेटी और रहीमाबाद जैसे बड़े इलाकों को अंधेरे में डूब गए। आंधी इतनी तेज थी कि कई स्थानों पर पोल उखड़ गए और भारी पेड़ बिजली की लाइनों पर गिर पड़े। बिजली गुल होने का सुबह के समय घरों में पानी न आने से लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। नाराज लोगों ने उपकेंद्रों पर हंगामा किया। निगोहां में बाधित रही बिजली निगोहां के दयालपुर फीडर अंतर्गत बरवालिया टी-ऑफ के पास रविवार को एक कौए के हाईटेंशन लाइन से टकराने के कारण आपूर्ति बाधित हो गई। मौके पर ही कौए की मौत हो गई। विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुंचे और पेट्रोलिंग कर फॉल्ट का पता लगाया। कर्मचारियों ने आपस में चिपके तारों को अलग कर लाइन को दुरुस्त किया, जिसके बाद आपूर्ति बहाल की जा सकी। इस दौरान दयालपुर फीडर से जुड़े क्षेत्रों में करीब 1 घंटा 50 मिनट तक बिजली आपूर्ति ठप रही। मलिहाबाद में आम की फसल को नुकसान हुआ मलिहाबाद में रविवार तड़के आई आंधी से फलपट्टी क्षेत्र के कुछ हिस्सों में आम की फसल को नुकसान हुआ। तेज हवाओं के कारण बड़ी संख्या में कच्चे आम (कैरियां) टूटकर कर असमय गिर गए। कई बागों में तो आम जमीन पर बिछ गया। आंधी का असर रहीमाबाद और माल क्षेत्र में अधिक देखा गया। माल क्षेत्र के बागवान सर्वेश ने बताया कि आंधी से क्षेत्र में लाखों रुपये का आम टूट कर गिर गया है। बाग में बड़े आकार का आम गिर जाने से काफी नुकसान हो गया है। रहीमाबाद क्षेत्र में भी तेज हवाओं ने बागों को नुकसान पहुंचाया।