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तेज रफ्तार कार ने अंबेडकरनगर में मचाई तबाही, 8 लोगों की मौत

 अंबेडकरनगर अंबेडकरनगर में मानवता दिखाने पहुंचे लोगों पर तेज रफ्तार कार काल बनकर टूटी. जलालपुर-अकबरपुर मार्ग पर घायल बाइक सवारों की मदद कर रहे ग्रामीणों को अनियंत्रित कार ने कुचल दिया. इस हादसे में कुल 8 लोगों की जान चली गई है, जिससे पूरे इलाके में मातम पसरा है।  अशरफपुर भुआ गांव के पास  यूपी के अंबेडकरनगर जिले के जलालपुर कोतवाली क्षेत्र में जलालपुर-अकबरपुर मार्ग पर भीषण सड़क दुर्घटना हुई. दो बाइकों की टक्कर में घायल हुए लोगों की मदद करने के लिए स्थानीय लोग मौके पर जमा हुए थे. तभी जलालपुर की ओर से आ रही एक तेज रफ्तार स्विफ्ट डिजायर कार ने अनियंत्रित होकर भीड़ को रौंद दिया।  हादसे में मौके पर और इलाज के दौरान कुल 8 लोगों की मौत हो गई. पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस घटना पर दुख व्यक्त किया है।  मदद के दौरान बरपा काल जलालपुर में अकबरपुर मार्ग पर स्थित अशरफपुर भुआ भट्ठे के पास पहले दो मोटरसाइकिलों की आपस में भिड़ंत हुई थी. इस भिड़ंत में दो लोग गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़े. आसपास के लोग तुरंत घायलों को अस्पताल भेजने और उनकी मदद करने के लिए सड़क पर इकट्ठा हुए. इसी मानवीय मदद के दौरान पीछे से आ रही कार ने लोगों को अपनी चपेट में ले लिया।  अस्पताल में तोड़ा दम हादसे के बाद पुलिस ने घायलों को तत्काल सीएचसी नगपुर पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने 6 लोगों को मृत घोषित कर दिया. वहीं, दो अन्य गंभीर घायलों को पहले जिला अस्पताल और फिर टांडा मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया. हालांकि, इलाज के दौरान इन दोनों ने भी दम तोड़ दिया. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को परिजनों की हर संभव सहायता के निर्देश दिए हैं। 

मुख्यमंत्री का आह्वान, हर विद्यार्थी एक पौधा जरूर लगाए, हर आंगनबाड़ी केंद्र 05 सहजन के पौधे रोपे जाएं

एक दिन में 35 करोड़ से अधिक पौधरोपण कर यूपी फिर बनाएगा रिकॉर्ड: मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री का आह्वान, हर विद्यार्थी एक पौधा जरूर लगाए, हर आंगनबाड़ी केंद्र 05 सहजन के पौधे रोपे जाएं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने की वृहद पौधरोपण अभियान- 2026 की तैयारियों की समीक्षा, कहा पौधे लगाएं भी-बचाएं भी जनभागीदारी से सफल होंगे हरित क्रांति के प्रयास: मुख्यमंत्री विगत 09 वर्ष में वन एवं वृक्ष आवरण में 3 लाख 38 हजार एकड़ की ऐतिहासिक वृद्धि दर्ज की गई वर्तमान में हरित आवरण 9.96%, वर्ष 2030 तक 15% और 2047 तक 20% हरित आवरण का लक्ष्य: मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री का निर्देश, इस वर्ष गंगा एक्सप्रेस-वे के दोनों किनारों पर हो वृहद पौधरोपण हरित उत्तर प्रदेश की दिशा में बड़ा कदम: नदियों के किनारे 4.35 करोड़ पौधरोपण की तैयारी रिकॉर्ड वृक्षारोपण के बाद अब फोकस जीवितता पर, टेक्नोलॉजी से होगी हर पौधे की निगरानी लखनऊ ख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस वर्ष एक दिन में 35 करोड़ पौधरोपण का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है। उन्होंने कहा है कि विगत वर्षों में जनभागीदारी से प्रदेश ने वृक्षारोपण में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं और अब इसे जनआंदोलन के रूप में आगे बढ़ाया जाएगा। रविवार को वृहद पौधरोपण अभियान-2026 की तैयारियों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने आह्वान किया कि ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र में न्यूनतम 05 सहजन के पौधे लगाए जाएं, जबकि स्कूल-कॉलेजों में हर छात्र कम से कम एक पौधा लगाए। मुख्यमंत्री ने गंगा एक्सप्रेस-वे के दोनों किनारों पर बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण को केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि सतत जन-अभियान के रूप में विकसित किया जाए। बैठक में बताया गया कि प्रदेश में पिछले वर्षों में वृक्षारोपण के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। वर्ष 2009 से 2016 के बीच जहां 51.48 करोड़ पौधे लगाए गए थे, वहीं वर्ष 2017 से 2025 के बीच यह संख्या बढ़कर 242.13 करोड़ हो गई। इसी अवधि में वन एवं वृक्ष आवरण में 3 लाख 38 हजार एकड़ की ऐतिहासिक वृद्धि दर्ज की गई है और हरित आवरण लगभग 9.96 प्रतिशत तक पहुंच गया है। कार्बन स्टॉक में वृद्धि के मामले में भी प्रदेश राष्ट्रीय औसत (1.13 प्रतिशत) से आगे है और 2.46 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश को हरित क्रांति की दिशा में तेजी से आगे बढ़ाते हुए वर्ष 2030 तक 15 प्रतिशत और 2047 तक 20 प्रतिशत हरित आवरण का लक्ष्य हर हाल में हासिल करना है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि वर्ष 2026 के अभियान को पूरी तरह वैज्ञानिक, योजनाबद्ध और परिणामोन्मुख बनाया जाए। उन्होंने माइक्रो प्लानिंग को अभियान की आधारशिला बताते हुए ग्रामीण और शहरी स्तर पर तैयार सभी माइक्रो प्लानों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने को कहा।  मुख्यमंत्री ने पौधों की गुणवत्ता और उपलब्धता पर विशेष जोर देते हुए निर्देश दिए कि सभी विभागों को वन विभाग की नर्सरियों से निःशुल्क एवं उच्च गुणवत्ता वाले पौधे उपलब्ध कराए जाएं। बैठक में बताया गया कि प्रदेश में 1935 विभागीय नर्सरियां संचालित हैं और 50 करोड़ से अधिक पौधों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है, जिसके लिए 34 नई नर्सरियों की स्थापना भी की गई है। उद्यान, रेशम और निजी क्षेत्र की नर्सरियों को भी इस अभियान से जोड़ा गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वृक्षारोपण के साथ-साथ पौधों की सुरक्षा और उनकी जीवितता सुनिश्चित करना सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने आधुनिक तकनीक के माध्यम से सतत मॉनिटरिंग के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि ‘हरीतिमा’ ऐप, जीआईएस मैपिंग, क्यूआर कोड आधारित ट्रैकिंग तथा प्लांटेशन मॉनीटरिंग सिस्टम (पीएमएस) और नर्सरी मैनेजमेंट सिस्टम (एमएमएस) जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से वृक्षारोपण की निगरानी की जा रही है। वर्ष 2025 के विशेष सर्वेक्षण में वन विभाग द्वारा लगाए गए पौधों की जीवितता 80 प्रतिशत दर्ज की गई। मुख्यमंत्री ने शहीदों, स्वाधीनता संग्राम सेनानियों व अन्य हुतात्माओं के नाम पर वन/वाटिका के स्थापित करने पर बल दिया, नदियों के किनारे, हाइवे आदि के किनारे भी पौधे लगाए जाएं। मुख्यमंत्री ने इस वर्ष अयोध्या में रामायणकालीन पौधे लगाने पर जोर दिया।  मुख्यमंत्री ने सभी विभागों को निर्देशित किया कि 30 मई तक अपनी-अपनी विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर लें और निर्धारित समयबद्ध कार्यक्रम के अनुसार वृक्षारोपण सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि इस अभियान को सफल बनाने के लिए जनप्रतिनिधियों, स्वयंसेवी संस्थाओं, शैक्षणिक संस्थानों और आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए।  बैठक के दौरान वन एवं पर्यावरण विभाग की ओर से मुख्यमंत्री को 'शेखा झील पक्षी विहार, अलीगढ़' के रामसर साइट घोषित किए जाने का प्रमाण पत्र भी सौंपा गया। बता दें कि उत्तर प्रदेश में कुल 12 रामसर स्थल नामित किए जा चुके हैं, जो कुल 38,992.25 हेक्टेयर क्षेत्रफल आच्छादित करते हैं। शेखा झील पक्षी विहार रामसर स्थल 40.309 हेक्टेयर क्षेत्रफल के साथ प्रदेश का सबसे छोटा रामसर स्थल है। 2016 में इसे पक्षी विहार के रूप में अधिसूचित किया गया था।

घर बैठे प्लॉट की बकाया, लोकेशन और डिटेल्स देख सकेंगे खरीदार और निवेशक

नोएडा उत्तर प्रदेश के हाईटेक शहर नोएडा में प्रॉपर्टी से जुड़े लेनदेन को पारदर्शी और आसान बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। अब यहां किसी भी प्लॉट या संपत्ति की पूरी जानकारी जैसे बकाया राशि, आवंटन की तारीख, क्षेत्रफल, लोकेशन और विभागीय देनदारियां घर बैठे एक क्लिक पर उपलब्ध होगी। नोएडा प्राधिकरण ने जियोग्राफिकल इंफॉर्मेशन सिस्टम (GIS) आधारित यह प्लेटफॉर्म तैयार कर लिया है, जिसे जल्द ही वेबसाइट पर लाइव किया जाएगा। इस नई व्यवस्था से न केवल आम खरीदारों और विक्रेताओं को राहत मिलेगी, बल्कि निवेशकों के लिए भी नोएडा में निवेश करना अधिक सुरक्षित और भरोसेमंद बन जाएगा। GIS सिस्टम से बढ़ेगी पारदर्शिता और सुविधा नोएडा प्राधिकरण द्वारा तैयार किया गया GIS सिस्टम शहर की संपत्तियों का डिजिटल डेटा एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराएगा। इसमें यूजर प्लॉट नंबर डालते ही संबंधित प्लॉट का प्रकार, सेक्टर, क्षेत्रफल और अन्य जरूरी जानकारियां आसानी से देख सकेगा। इससे प्रॉपर्टी खरीदने या बेचने से पहले पूरी जानकारी हासिल करना आसान होगा और किसी भी तरह की अनिश्चितता कम होगी। बकाया और NOC से जुड़े झंझट होंगे आसान नोएडा में अधिकतर संपत्तियां लीज पर होती हैं और उनके ट्रांसफर के लिए ट्रांसफर ऑफ मेमोरेंडम (TM) प्रक्रिया अपनाई जाती है। इसमें प्रॉपर्टी ट्रांसफर तभी संभव होता है, जब मूल आवंटी का पूरा बकाया साफ हो और उसे एनओसी जारी हो। GIS सिस्टम के जरिए अब प्रॉपर्टी पर बकाया राशि और अन्य देनदारियों की जानकारी पहले से उपलब्ध होगी, जिससे खरीदार धोखाधड़ी से बच सकेंगे और ट्रांसफर प्रक्रिया भी तेज होगी। रियल टाइम डेटा से निवेशकों को मिलेगा भरोसा प्राधिकरण के अनुसार, इस सिस्टम में रेसिडेंशियल, कमर्शियल और इंस्टीट्यूशनल प्रॉपर्टी का डेटा रियल टाइम में अपडेट किया जा रहा है। इससे निवेशकों को सटीक और ताजा जानकारी मिलेगी, जो निवेश के फैसलों को अधिक सुरक्षित बनाएगी। हालांकि, ग्रुप हाउसिंग प्रॉपर्टी को अभी पूरी तरह रियल टाइम नहीं किया जा सका है, क्योंकि कई सोसाइटियों में रजिस्ट्री प्रक्रिया अधूरी है। इसे भी जल्द सिस्टम में शामिल करने की तैयारी है। सैटेलाइट मैप से दिखेगी शहर की पूरी तस्वीर GIS प्लेटफॉर्म में सैटेलाइट मैपिंग की सुविधा भी दी गई है, जिससे यूजर शहर की भौगोलिक स्थिति को समझ सकेगा। फिलहाल इसमें वर्ष 2022 तक का डेटा उपलब्ध है, जिसे लगातार अपडेट किया जा रहा है। यूजर्स बिना किसी रजिस्ट्रेशन के नोएडा प्राधिकरण की वेबसाइट पर जाकर GIS लिंक के माध्यम से यह जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। रियल एस्टेट और निवेश को मिलेगा बढ़ावा नोएडा प्रदेश के राजस्व में बड़ी हिस्सेदारी रखता है। ऐसे में यह सिस्टम विदेशी और घरेलू निवेशकों के लिए बेहद उपयोगी साबित होगा। पारदर्शी डेटा उपलब्ध होने से निवेशकों का भरोसा बढ़ेगा और रियल एस्टेट सेक्टर को नई गति मिलेगी।

जिस मां पर था शक, उसी का घर से कुछ दूर मिला शव, मामले ने लिया नया मोड़

उत्तर प्रदेश उत्तर प्रदेश के अम्बेडकरनगर के अकबरपुर कोतवाली क्षेत्र के मुरादाबाद मीरानपुर में चार सगे भाई-बहनों की निर्मम हत्या के सनसनीखेज मामले में रविवार को नया मोड़ सामने आ गया। जिन बच्चों की हत्या का आरोप उनकी मां पर लगाया जा रहा था, उसी महिला का शव भी घटना स्थल से करीब 100 मीटर दूर नाले से बरामद हुआ है। पुलिस ने ड्रोन की मदद से सर्च ऑपरेशन चलाया, जिसके दौरान महिला का शव मिला। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। शनिवार को इसी घर के अंदर चारों बच्चों के शव मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया था और शुरुआती जांच में मां पर ही हत्या का शक जताया गया था, जो घटना के बाद से लापता थी। अब मां का शव मिलने के बाद पूरा मामला और पेचीदा हो गया है। यह सवाल खड़ा हो रहा है कि क्या मां ने ही बच्चों की हत्या के बाद आत्महत्या कर ली, या फिर इस वारदात के पीछे कोई तीसरा व्यक्ति है, जिसने बेहद सुनियोजित तरीके से पूरे परिवार को निशाना बनाया और फरार हो गया। क्या कह रही है पुलिस पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर ही घटना की असली वजह निकल कर सामने आएगी। फिलहाल महिला का शव बरामद होने के बाद पूरे इलाके में दहशत और तरह-तरह की चर्चाएं बनी हुई हैं। एक साल से सऊदी अरब में है पति अम्बेडकर नगर के अकबरपुर कोतवाली क्षेत्र के मुरादाबाद मोहल्ले में शनिवार को सामने आई दिल दहला देने वाली इस घटना की पूरे प्रदेश में चर्चा हो रही है। शनिवार को घटना सामने आने के बाद मां के घर में न मिलने पर उसे फरार बताया जाने लगा लेकिन रविवार को मां की लाश मिल गई। बताया जा रहा है कि मृतक बच्चों का पिता मो. नियाज पिछले एक वर्ष से रोजगार के सिलसिले में सऊदी में रह रहा है। मुरादाबाद मोहल्ले में जिस स्थान पर चार बच्चों की सनसनीखेज तरीके से हत्या की गई, दरअसल वह काफी शांत इलाका है। वारदात के बारे में जिसको भी जानकारी हुई वह वहां पहुंचा। हर कोई बच्चों की निर्मम हत्या पर हैरान था। पुलिस के आने के बाद एक के बाद एक बच्चों का शव जब बाहर लाया गया तो हर किसी का कलेजा कांप उठा। गले पर कटे, सिर पर ईंट से कुचलने के निशान पुलिस को मोहल्ले के लोगों से शनिवार को दिन में 3.40 बजे सूचना मिली कि गाजिया खातून के घर पर असमान्य स्थिति है तो पुलिस मौके पर पहुंची। इससे पहले पहुंचे दूध वाले ने दरवाजा खटखटाया था लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं मिला था। सूचना पर पहुंची पुलिस ने तीन मंजिला मकान के प्रथम तल पर पहुंच कर देखा तो कमरे के अंदर चार शव खून से लथपथ मिले। कुछ के गले पर कटे का निशान था तो बाकी के सिर पर ईंट से कुचलने के निशान थे। चार बच्चों की मौत से पुलिस महकमे में खलबली मच गई।

यूपी में मौसम का कहर: 5 दिन तक बारिश के साथ तेज हवाएं और वज्रपात का अलर्ट, IMD ने दी चेतावनी

उतर प्रदेश उत्तर भारत में कई राज्यों में बारिश और आंधी का दौर चल रहा है। उत्तराखंड समेत तमाम राज्यों में तेज बारिश से मौसम बदला हुआ नजर आ रहा। उत्तर प्रदेश में पांच दिनों तक यानी कि तीन से सात मई और दिल्ली में तीन से पांच मई तक बारिश, आंधी, बिजली कड़कने का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने बताया है कि तीन से पांच मई के दौरान उप हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, पूर्वोत्तर भारत में गरज, बिजली कड़कने और तेज हवाओं जिनकी स्पीड 60 किलोमीटर प्रति घंटे रह सकती है के साथ काफी भारी बारिश होने वाली है। इसमें से कुछ जगहों पर बहुत भारी बरसात होगी। इसके अलावा, तीन से पांच मई के दौरान उत्तर पश्चिम, मध्य और पूर्वी भारत में छिटपुट से बिखरी हुई गरज, बारिश, बिजली कड़कने और 60 की स्पीड से हवाएं, व ओले गिरने की चेतावनी जारी की गई है। इस हफ्ते के दौरान तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, तटीय आंध्र प्रदेश, यनम, केरल, माहे में छिटपुट से लेकर बिखरी हुई बारिश, बिजली कड़कने की संभावना है। पूर्वोत्तर भारत की बात करें तो अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय में तीन और चार मई को, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा में तीन से पांच मई के दौरान, गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बारिश होगी। इसके अलावा, असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश में पांच से सात मई के दौरान, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा में छह मई को बिजली गिरने की चेतावनी है। यूपी, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड, हर जगह होगी बारिश उत्तर भारत के लिए मौसम विभाग ने कहा, 'तीन से पांच मई के दौरान, जम्मू कश्मीर में, तीन से सात मई के दौरान हिमाचल प्रदेश, तीन से आठ मई के दौरान उत्तराखंड में गरज, बिजली कड़कने और तेज हवाओं के साथ कहीं-कहीं बारिश और बर्फबारी होने वाली है। तीन से छह मई को पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली में बारिश, बिजली कड़कने की संभावना है। इसके अलावा, 50 की स्पीड से हवाएं भी चलेंगी। तीन से सात मई के दौरान उत्तर प्रदेश में, तीन मई और पांच से सात मई के दौरान राजस्थान में गरज, बिजली कड़कने और आंधी के साथ मध्यम स्तर की बारिश होगी। चार मई को राजस्थान में, चार और पांच मई को पंजाब हरियाणा, चंडीगढ़ में गरज के साथ तेज हवाओं जिनकी स्पीड 70 किमी तक हो सकती है, की संभावना है। तीन और चार मई को जम्मू कश्मीर, तीन से पांच मई के दौरान हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में, तीन और चार मई को उत्तर प्रदेश में कहीं-कहीं ओले गिरने वाले हैं। बिहार-झारखंड में भी बारिश का अलर्ट चार मई को राजस्थान में धूलभरी आंधी चलने की भी संभावना है। इसके अलावा, चार मई को उत्तराखंड में भारी बारिश होगी। पूर्वी भारत के लिए IMD के अनुसार, छह और सात मई को पश्चिम बंगाल, सिक्किम में गरज, बिजली और तेज हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बारिश होगी। छह से नौ मई के दौरान बिहार, ओडिशा, तीन, छह और सात मई को झारखंड में गरज, बिजली और तेज हवाओं की संभावना है। तीन से पांच मई के दौरान पश्चिम बंगाल, सिक्किम, बिहार और ओडिशा में, चार और पांच मई को झारखंड में तूफानी हवाओं के साथ आंधी चलने की संभावना है।  

नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम में बोले सीएम, भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी हुई

लखनऊ यूपी में पिछले नौ वर्षों में 9 लाख से अधिक नौजवानों को सरकारी नौकरी दी गई है। यह किसी भी राज्य में सर्वाधिक नियुक्तियों की प्रक्रिया को सकुशल एवं पारदर्शी तरीके से संपन्न करने का रिकॉर्ड है। ये बातें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को लोक भवन में उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के लिए नवचयनित 357 कनिष्ठ विश्लेषकों (औषधि) तथा चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के नवचयनित 252 दंत स्वास्थ्य विज्ञानियों को नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम में कहीं। सीएम योगी ने कहा, सिर्फ अधीनस्थ चयन आयोग इस वर्ष 32 हजार से अधिक नियुक्तियों की प्रक्रिया संपन्न करेगा। शिक्षा चयन आयोग हजारों शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया पूरी करेगा। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग को लगभग 15 हजार भर्तियां करनी है। इस प्रकार चालू वित्तीय वर्ष (2026-27) में डेढ़ लाख से अधिक सरकारी भर्तियों की प्रक्रिया संपन्न होनी है। प्रक्रिया में किसी प्रकार की सेंध न लगे, इसके लिए सख्त कानून भी बनाया है, जिसके तहत सेंधमारी करने वालों को आजीवन कारावास की सजा और उसकी पूरी संपत्ति को जब्त किया जाता है। युवाओं के सपने का टूटना आने वाली पीढ़ियों के भविष्य के साथ धोखा मुख्यमंत्री ने कहा कि हर माता-पिता की इच्छा होती है कि उनका बच्चा अच्छी शिक्षा प्राप्त कर एक सुरक्षित और बेहतर भविष्य की ओर आगे बढ़े। इसके लिए वे हरसंभव प्रयास करते हैं, लेकिन जब अपेक्षित परिणाम नहीं मिलते, तो न केवल उस युवा के सपने टूटते हैं, बल्कि उसके माता-पिता और परिवार से जुड़े अन्य लोगों की उम्मीदें भी चकनाचूर हो जाती हैं। किसी युवा के सपनों का टूटना केवल एक व्यक्ति के साथ अन्याय नहीं है, बल्कि यह आने वाली पीढ़ियों के भविष्य के साथ धोखा है। उत्तर प्रदेश की ‘बीमारू राज्य’ के रूप में पहचान बनाने में चयन प्रक्रियाओं में भेदभाव, बेईमानी और भ्रष्टाचार की भूमिका थी। भर्ती प्रक्रियाओं में अनियमितताएं इतनी अधिक थीं कि न्यायालय को बार-बार हस्तक्षेप करना पड़ता था। फर्जी डिग्री वाले लोग करते थे चयन प्रक्रिया का नेतृत्व मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले लगभग हर नियुक्ति प्रक्रिया पर कहीं न कहीं कोर्ट स्टे लगते थे, न्यायालय से कड़ी टिप्पणियां मिलती थीं। स्थिति यह थी कि जो व्यक्ति पात्र नहीं था, वह भी आयोग का चेयरमैन बन जाता था। यहां तक कि फर्जी डिग्री वाले लोग चयन प्रक्रिया का नेतृत्व कर रहे थे। पैसे के लेनदेन के कारण भर्तियां प्रभावित होती थीं और योग्य उम्मीदवारों को अवसर नहीं मिल पाता था। वर्तमान समय में कई युवा उस दौर से अनभिज्ञ हैं, क्योंकि वे तब नाबालिग थे। वर्ष 2017 के बाद भर्ती प्रक्रियाओं को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाया गया है। इसका परिणाम यह है कि अब तक पुलिस विभाग में 2,20,000 से अधिक भर्तियां सफलतापूर्वक की जा चुकी हैं। गत 9 वर्षों में हम लोगों ने निष्पक्ष एवं पारदर्शी तरीके से रिकॉर्ड 9 लाख से अधिक युवाओं की भर्तियां कीं। आज औषधि विभाग के पास जांच के लिए मंडल स्तर पर ए ग्रेड की लैब मौजूद सीएम ने कहा कि अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा 4 और 6 मई को नियुक्त पत्र वितरिण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। ये लगातार चलेगा। सरकार बिना भेदभाव पिछले नौ वर्षों में कोरोना महामारी के बावजूद प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय तीन गुना करने में सफल रही है। प्रदेश में आज देश का सबसे अच्छा इंफ्रास्ट्रक्चर, एक्सप्रेसवे, हाइवे आदि मौजूद हैं। आज वे विभाग अच्छा काम कर रहे हैं, जिन्हें पहले लोग जानते तक नहीं थे। लगभग हर जनपद में मेडिकल कॉलेज हैं, दो एम्स कार्यरत हैं। 2017 से पहले सब भगवान भरोसे था, परिणाम भी उसी प्रकार से आते थे। उस दौरान पूरा सिस्टम ही बीमारू था। खाद्य सुरक्षा और औषधि प्रशासन विभाग के पास दवा की क्वालिटी एवं खाद्य पदार्थों में मिलावट जांचने के उपकरण व लैब्स नहीं थीं। अब विभाग के पास जांच के लिए मंडल स्तर पर ए-ग्रेड की लैब हैं। प्रशिक्षित मैनपॉवर है, जो समय-सीमा में जांच के नतीजे बता देंगे। वर्ष 2017 से पहले पांच प्रयोगशालाएं थीं, आज आधुनिक उपकरणों के साथ 18 प्रयोगशालाएं हैं। कनिष्ठ विश्लेषकों (खाद्य) की भर्ती भी जल्द सीएम ने कहा कि पहले 5 प्रयोगशालाओं में 12,000 नमूने प्रतिवर्ष लिए जाते थे। अब इनकी संख्या बढ़कर 55,000 हो गयी है। आज 357 कनिष्ठ विश्लेषकों (औषधि) की भर्ती प्रक्रिया संपन्न हुई है, जिसके साथ ही इनकी संख्या 44 से बढ़कर 401 हो गयी है। वर्तमान में कनिष्ठ विश्लेषकों (खाद्य) की संख्या अभी केवल 58 है। हमने 417 पदों के लिए अधियाचन भेजा है, जो उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग में विचाराधीन है। जल्द ही भर्ती प्रक्रिया संपन्न होगी। वर्तमान में 36 हजार खाद्य नमूने प्रतिवर्ष लिये जाते हैं। भर्ती प्रक्रिया संपन्न होने से इनकी संख्या बढ़कर प्रतिवर्ष 1,08,000 से अधिक हो जाएगी। आज 252 डेंटल हाइजीनिस्ट को भी नियुक्ति पत्र वितरित किए गए हैं।

चीखों से गूंजा गांव: मिट्टी का टीला गिरने से 8 दबे, 3 की मौत

कौशांबी एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है. जहां मिट्टी का टीला महिलाओं के ऊपर भर-भराकर गिर गया. घटना में 3 महिलाओं की मौत होने की जानकारी सामने आई है. घटना के बाद मौके पर हड़कंप मच गया है. मौत के आंकड़ों की ऑफिशियल पुष्टि नहीं हुई है. पुलिस बचाव कार्य में जुट गई है. बता दें कि घटना मंझनपुर कोतवाली क्षेत्र के थाभां गांव में उस वक्त घटी, जब महिलाएं एक तालाब में मिट्टी खोदने के लिए गईं थी. इसी दौरान मिट्टी का टीला अचानक महिलाओं के ऊपर ढह गया. टीला ढहने से 8 महिलाएं उसके नीचे दब गईं. घटना की जानकारी मिलते ही गांव के लोग मौके पर पहुंचे और पुलिस को जानकारी दी. जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और गांव वालों की मदद से बचाव अभियान शुरू किया. महिलाओं को निकालकर अस्पताल भिजवाया गया. जानकारी है कि 8 में से 3 महिलाओं की मौत हो गई. मौत को लेकर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आय़ा है. घायलों का इलाज जारी है. मृतकों की पहचान 45 वर्षीय गीता देवी, बेटी अंकिता देवी और 40 वर्षीय उत्तरा देवी के रूप में हुई है.

रिंकू सिंह को अब तक नई जिम्मेदारी नहीं—क्या सरकार ले रही है “बदला”?

लखनऊ उत्तर प्रदेश के IAS अफ़सर रिंकू सिंह राही ने यह इल्ज़ाम लगाते हुए इस्तीफा दे दिया था कि उनको लंबे समय से पोस्टिंग नहीं दी जा रही है. नहीं कोई काम दिया जा रहा है. वो उत्तर प्रदेश राजस्व परिषद से संबद्ध है. उनके पास न कोई काम और न ही गरिमापूर्ण कार्य आवंटन. अपने विस्तृत पत्र में उन्होंने आरोप लगाया था कि उन्हें काम करने का अवसर नहीं दिया गया और “संवैधानिक व्यवस्था के समानांतर एक अलग सिस्टम” चल रहा है. इन सबके बाद अब IAS अफ़सर रिंकू सिंह राही ने अपना इस्तीफा 20 अप्रैल को वापस ले लिया था. हालांकि, इस्तीफा वापस लेने के 13 दिन बाद भी उन्हें पोस्टिंग नहीं मिली है. रिंकू सिंह राही ने कहा, मुझे सिर्फ काम चाहिए. सरकार कहीं भी पोस्टिंग दे दे, मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता. मुझे काम न करके सिर्फ वेतन लेना ठीक नहीं लग रहा. सरकार ने रिंकू सिंह राही को राजस्व परिषद में अटैच किया है. परिषद के अध्यक्ष अनिल कुमार हैं. सोर्स के मुताबिक, पिछले दिनों अनिल कुमार ने रिंकू सिंह को कुछ विभागीय काम सौंपे थे. जिन्हें IAS अधिकारी ने पूरा भी कर दिया. वेतन मिल रहा था, लेकिन जनसेवा का मौका नहीं शाहजहांपुर में SDM रहते हुए कार्रवाई के बाद उन्हें साइडलाइन किया गया था. राही ने कहा वेतन मिल रहा था, लेकिन जनसेवा का मौका नहीं. इसे उन्होंने नैतिक निर्णय बताया था. 2009 में घोटाला उजागर करने पर राही को 7 गोलियां लगी थीं, फिर भी वे बच गए थे. शाहजहांपुर वकीलों के एक प्रदर्शन में उठक बैठक का उनका वीडियो वायरल हुआ था तब सरकार ने उनको अटैच कर दिया था. वकीलों के सामने की थी उठक-बैठक रिंकू सिंह शाहजहांपुर में जॉइंट मजिस्ट्रेट के पद पर तैनात थे. वहां वकीलों से उनका विवाद हुआ था. जिसके बाद सार्वजनिक रूप से उन्होंने उठक-बैठक करके वकीलों से माफी मांगी थी. इसके बाद उन्हें शाहजहांपुर से हटाकर राजस्व परिषद से संबद्ध कर दिया गया था. फिलहाल रिंकू सिंह ने गुपचुप तरीके से अपना इस्तीफा वापस ले लिया है. कहा जा रहा है कि जल्द ही उन्हें नई तैनाती दी जा सकती है.

लोक भवन में नियुक्ति पत्र वितरण: सीएम योगी के नेतृत्व में निष्पक्ष प्रक्रिया बनी भरोसे की पहचान

लखनऊ खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के 357 कनिष्ठ विश्लेषक (औषधि) तथा चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के 252 दंत स्वास्थ्य विज्ञानियों के चेहरे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों नियुक्ति पत्र पाकर खुशी से दमक उठे। उन्होंने योगी सरकार की पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया की सराहना की। पारदर्शिता और समयबद्धता से बढ़ा युवाओं का विश्वास कनिष्ठ विश्लेषक (औषधि) के पद पर चयनित औरैया के प्रतीक कुमार दीक्षित ने कहा कि भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से हुई है। उन्होंने मुख्यमंत्री का आभार जताते हुए कहा कि समयबद्ध तरीके से चयन प्रक्रिया पूरी होना युवाओं के लिए बड़ी राहत है। प्रतीक ने यह भी कहा कि पहले प्रयोगशालाओं की संख्या कम थी, लेकिन योगी सरकार ने लैब बढ़ाकर रोजगार के नए अवसर सृजित किए हैं। दंत स्वास्थ्य विज्ञानी (डेंटल हाइजीनिस्ट) के पद पर चयनित लखनऊ की साक्षी सिंह ने नियुक्ति पत्र पाकर कहा कि यह पूरे परिवार के लिए गौरव का क्षण है। उन्होंने कहा कि पूरी चयन प्रक्रिया पारदर्शी रही, जिसके कारण योग्य अभ्यर्थियों को अवसर मिला है। मुख्यमंत्री के संबोधन से उन्हें प्रेरणा मिली है और वे अपने दायित्व का पूरी निष्ठा से निर्वहन करेंगी। रोजगार के अवसरों से मजबूत हो रहा प्रदेश दंत स्वास्थ्य विज्ञानी (डेंटल हाइजीनिस्ट) के पद पर चयनित कानपुर नगर की सभ्या कटियार ने कहा कि योगी सरकार में युवाओं को लगातार रोजगार के अवसर मिल रहे हैं। उन्होंने इसे अपने जीवन का गौरवपूर्ण दिन बताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के विचारों से प्रेरित होकर वो अपने पद की जिम्मेदारियों को पूरी ईमानदारी से निभाएंगी।  कनिष्ठ विश्लेषक औषधि के पद पर चयनित गाजीपुर के राकेश कुमार यादव ने कहा कि नियुक्ति पत्र पाकर मुझे बहुत खुशी है। भर्ती प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से हुई है। जो योग्य अभ्यर्थी हैं सिर्फ वही चयनित हुए हैं। राकेश ने कहा कि सीएम योगी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने नया मुकाम हासिल करके पूरे देश में अग्रणी राज्य के रूप में जाना जा रहा है। महिलाओं और युवाओं को मिला सम्मान कनिष्ठ विश्लेषक औषधि के पद पर चयनित मुरादाबाद की प्रियंका गौतम ने कहा कि मुख्यमंत्री के हाथों नियुक्ति पत्र मिलना उनके लिए सौभाग्य की बात है। उन्होंने बताया कि वर्तमान सरकार में सभी वर्गों, खासकर महिलाओं को सम्मान मिल रहा है। पहले जहां जानकारी तक नहीं मिल पाती थी, वहीं अब सरकार स्वयं बुलाकर सम्मान दे रही है। दंत स्वास्थ्य विज्ञानी (डेंटल हाइजीनिस्ट) के पद पर चयनित बस्ती के ऋषभ प्रताप सिंह और सीतापुर की पूजा वर्मा ने भी मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताते हुए कहा कि भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष रही और इससे युवाओं का भरोसा मजबूत हुआ है। कार्यक्रम के दौरान अभ्यर्थियों ने एक स्वर में कहा कि योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने देश में एक नई पहचान बनाई है।

अजय राय ने दी हेल्थ अपडेट: ‘बाबा विश्वनाथ की कृपा’, जानिए कब मिल सकता है डिस्चार्ज

वाराणसी/लखनऊ राजधानी लखनऊ के एक निजी अस्पताल में भर्ती उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय राय की हालत में सुधार आया है। कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने एक्स पर पोस्ट किया और स्वास्थ्य के बारे में जानकारी दी है। अजय राय ने कहा कि बाबा विश्वनाथ की असीम कृपा और आप सभी की प्रार्थनाओं के आशीर्वाद से मैं अब बिल्कुल स्वस्थ महसूस कर रहा हूं। आप सभी के प्रेम और शुभकामनाओं के लिए हृदय से आभार। जल्द ही पूरी ऊर्जा के साथ जन सेवा में उपस्थित रहूंगा। पीएम मोदी और राहुल गांधी ने किया पोस्ट इससे पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को ‘एक्स’ पर पोस्ट किया कि उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय जी के अस्वस्थ होने का समाचार प्राप्त हुआ है। मैं उनके जल्द से जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूं। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने अजय राय के जल्द स्वस्थ होने की कामना की है। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट में लिखा, "उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय राय के अस्वस्थ होने के समाचार से चिंतित हूं। उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करता हूं। आशा है कि वो जल्द से जल्द स्वस्थ हों और फिर से पूरी शक्ति के साथ जन सेवा में सक्रिय हों।" अविनाश पांडे और सुरेंद्र राजपूत स्वस्थ होने की कामना की अजय राय के स्वास्थ्य के बारे में कांग्रेस के महासचिव अविनाश पांडे ने कहा, "अब उनकी तबीयत ठीक और स्थिर है। वहीं, कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने पोस्ट किया, "उत्तर प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष अजय राय की तबीयत कल रात अचानक खराब हुई। अब उनकी हालत स्थिर और बेहतर है। ईश्वर से प्रार्थना है कि अजय भाई जल्द स्वस्थ हो।" कांग्रेस के नेता सचिन पायलट ने भी अजय राय के जल्द स्वस्थ होने की कामना की अजय राय की शुक्रवार को एक कार्यक्रम के दौरान तबीयत बिगड़ी थी। अचानक सीने में दर्द, बेचैनी और बेहोशी की शिकायत के बाद उन्हें लखनऊ के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। फिलहाल, उन्हें डॉक्टर्स की निगरानी में रखा गया है।