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विरोध के बाद कम हुई बढ़ोतर,अब 21% हाउस टैक्स, कई राहतें लागू

गाजियाबाद  उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में गृह कर (हाउस टैक्स) को लेकर लंबे समय से चल रहा विवाद अब नई दरों के ऐलान के साथ काफी हद तक स्पष्ट हो गया है। नगर निगम ने पुराने रेट के मुकाबले 21 प्रतिशत वृद्धि लागू करने का फैसला किया है, जबकि पहले 200 से 300 प्रतिशत तक बढ़ोतरी को लेकर भारी विरोध दर्ज किया गया था। नई व्यवस्था में जहां एक ओर करदाताओं को राहत देने के लिए कई तरह की छूटों का प्रावधान किया गया है, वहीं कुछ शर्तें और प्रक्रियाएं अब भी लोगों के बीच चर्चा और असंतोष का विषय बनी हुई हैं। पहले के भारी विरोध के बाद घटाई गई वृद्धि दर नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने स्पष्ट किया कि पूर्व में हाउस टैक्स में 200 से 300 प्रतिशत तक की वृद्धि प्रस्तावित थी, जिस पर पार्षदों, आरडब्ल्यूए और जनप्रतिनिधियों ने आपत्ति जताई थी। अब संशोधित व्यवस्था में केवल 21 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है। नगर निगम का दावा है कि यह निर्णय संतुलन बनाकर लिया गया है ताकि राजस्व भी प्रभावित न हो और जनता पर अतिरिक्त बोझ भी न पड़े। करदाताओं को कई तरह की छूटों का लाभ नई व्यवस्था के तहत गाजियाबाद नगर निगम ने टैक्स भुगतान में कई राहतें दी हैं। ऑनलाइन टैक्स जमा करने पर 2 प्रतिशत की छूट, समय पर भुगतान करने पर 20 प्रतिशत की छूट और गीला व सूखा कूड़ा अलग-अलग देने पर 10 प्रतिशत की अतिरिक्त छूट का प्रावधान किया गया है। निगम का कहना है कि इन सुविधाओं का उद्देश्य करदाताओं को डिजिटल भुगतान और स्वच्छता व्यवस्था से जोड़ना है। 10 साल तक पुराने मकानों पर 25% छूट नई नीति के अनुसार 0 से 10 वर्ष पुराने मकानों पर 25 प्रतिशत तक की छूट स्वतः लागू होगी। इसके लिए किसी प्रकार का प्रमाण पत्र देने की आवश्यकता नहीं होगी। यह छूट सीधे हाउस टैक्स बिल में जुड़कर दिखाई देगी, जिससे करदाताओं को अलग प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ेगा। 10 से 40 साल पुराने मकानों के लिए अलग-अलग स्लैब 10 से 20 साल पुराने मकानों पर 32.5 प्रतिशत और 20 से 40 साल पुराने मकानों पर 40 प्रतिशत तक की छूट दी जाएगी। हालांकि इन दोनों श्रेणियों में मकान की उम्र का प्रमाण देना अनिवार्य होगा। इसके लिए रजिस्ट्री की कॉपी, पुराना बिजली बिल, भवन का नक्शा या पुराना हाउस टैक्स बिल मान्य दस्तावेज के रूप में स्वीकार किए जाएंगे। कमर्शियल संपत्तियों पर भी राहत नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि कमर्शियल संपत्तियों पर टैक्स दर घरेलू संपत्तियों की तुलना में 3 से 6 गुना तक बनी रहेगी, लेकिन कुल मिलाकर विभिन्न श्रेणियों में लगभग 32 प्रतिशत तक राहत का लाभ मिल सकता है। निगम का कहना है कि टैक्स कैलकुलेशन घरेलू दरों के आधार पर ही किया जाएगा, जिससे कुछ वर्गों को अप्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। कूड़ा अलग देने पर 10% छूट सबसे अधिक चर्चा में रहने वाली व्यवस्था गीला और सूखा कूड़ा अलग देने पर मिलने वाली 10 प्रतिशत छूट है। इसके लिए करदाताओं को रोजाना कूड़ा गाड़ी पर लगे QR कोड को मोबाइल ऐप से स्कैन करना होगा, जिससे यह दर्ज किया जाएगा कि कचरा अलग-अलग दिया गया है। आलोचकों का कहना है कि यह प्रक्रिया जटिल है और आम नागरिकों के लिए नियमित रूप से इसका पालन करना मुश्किल हो सकता है। टैक्स विवाद समाधान के लिए बनेगी कमेटी नगर निगम ने यह भी घोषणा की है कि हाउस टैक्स से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए एक विशेष कमेटी बनाई जाएगी, जिसमें निगम अधिकारी और पार्षद दोनों शामिल होंगे। यह कमेटी समय-समय पर कैंप आयोजित कर लोगों की समस्याओं का समाधान करेगी और टैक्स प्रक्रिया को सरल बनाने की दिशा में काम करेगी। नई व्यवस्था से राहत और असमंजस दोनों बरकरार नई दरों के लागू होने के बाद जहां एक ओर करदाताओं को पहले की तुलना में राहत मिलने की उम्मीद है, वहीं कुछ शर्तों और डिजिटल प्रक्रियाओं को लेकर असमंजस भी बना हुआ है। नगर निगम का दावा है कि यह व्यवस्था लंबे समय में पारदर्शिता और राजस्व दोनों को मजबूत करेगी।  

कैटरर ने शादी में रसगुल्ला खाने पर 11 साल के चमन को तंदूर में फेंका, हुआ फरार

बस्ती  यूपी के बस्ती का छावनी थाना क्षेत्र, जहां गुरुवार शाम मलौली गोसाई गांव में एक शादी का कार्यक्रम चल रहा था. शादी के जश्न में बाराती, नाते-रिश्तेदार मौजूद थे. सब कुछ सामान्य था. इस बीच अपनी नानी के साथ पहुंचा 11 साल का चमन बार-बार काउंटर पर जाकर रसगुल्ले मांग रहा था. रसगुल्ला खाने की उसकी चाहत उसकी जान पर बन आएगी शायद उसने सोचा नहीं था. चमन के बार-बार रसगुल्ला मांगने पर नाराज कैटरर ने उसे जलती तंदूर पर बैठा दिया। लेकिन चमन फिसलकर तंदूर के अंदर गिर गया. उसकी चीख-पुकार सुनकर जब तक लोग पहुंचे, चमन बुरी तरह झुलस गया था. इस बीच आरोपी कैटरर मौके से फरार हो गया. अब सवाल यह उठता है कि शादी में शामिल सैकड़ों लोगों की मौजूदगी में कैसे यह घटना हुई और आरोपी कैसे फरार हो गया।  गोंडा जिले के नवाबगंज थाना दुर्जनपुर गांव का रहने वाला मासूम चमन अपनी मां के निधन के बाद से ही अपने ननिहाल बस्ती के बाघानाला में रह रहा है. गुरुवार को रिश्तेदारी में एक शादी के कार्यक्रम में वह नानी के साथ मलौली गोसाई गांव गया था. चारों तरफ ख़ुशी का माहौल था और लोग शादी के जष्न में मग्न थे.  11 साल का मासूम बार-बार काउंटर पर जाकर रसगुल्ला मांग रहा था. पहले तो कैटरर ठेकेदार ने उसे डराया फिर उसे जलती तंदूर पर बैठा दिया। जिसके बाद चमन फिसलकर तंदूर में जा गिरा. चमन की चीख पुकार सुनकर लोग जब तक पहुंचे वह बुरी तरह झुलस गया था।  गंभीर हालत में लखनऊ रेफर परिजनों ने उसे आनन-फानन में अयोध्या मेडिकल कॉलेज में एडमिट कराया, जहां से उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने लखनऊ मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया. इन सब के बीच किसी की नजर कैटरर पर नहीं गई जिसने यह जघन्य अपराध किया था. वह मौके से फरार हो गया. इस मामले में चमन के मां देवीदीन निषाद की तरफ से मुकदमा दर्ज करवाया गया है. जिसके बाद से पुलिस आरोपी की तलाश में दबिश दे रही है. एक रसगुल्ले के लिए मासूम अब जिंदगी और मौत से जूझ रहा है।   

संभल में सरकारी जमीन पर कब्जे को लेकर मस्जिद और मदरसे पर चला बुलडोजर

 संभल संभल के असमोली थाना क्षेत्र के मुबारकपुर बंद गांव में जिला प्रशासन ने अवैध रूप से बनी मस्जिद, गौसुल मदरसा और पांच दुकानों को हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी है. तहसीलदार धीरेंद्र कुमार सिंह के नेतृत्व में राजस्व टीम ने खाद के गड्ढे और खेल के मैदान के लिए आरक्षित 700 वर्गमीटर सरकारी भूमि को चिन्हित किया था।  पैमाइश के बाद अवैध निर्माण हटाने के लिए 15 दिन का समय दिया गया था, जिसके बाद मदरसे को ध्वस्त कर दिया गया. अब मस्जिद की 35 फीट ऊंची मीनार को गिराने के लिए बुलडोजर पहुंचा है. ग्रामीणों और मस्जिद कमेटी ने खुद ही प्रशासन से अवैध निर्माण हटाने में मदद मांगी थी।  भारी सुरक्षा के बीच ध्वस्तीकरण मस्जिद पर बुलडोजर चलने से पहले सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए. सीओ कुलदीप सिंह के साथ दो थानों की पुलिस और आरपीएफ (RRF) के जवान मौके पर तैनात रहे. राजस्व रिकॉर्ड के अनुसार, यह निर्माण खेल के मैदान और खाद के गड्ढे की जमीन पर किया गया था. 31 मार्च से ही कमेटी के लोगों ने खुद दुकानों और मदरसे को हटाना शुरू कर दिया था, लेकिन मस्जिद का हिस्सा बाकी रहने पर अब प्रशासन ने इसे पूरी तरह ध्वस्त करने की कमान संभाली है।  प्रशासन का लैंड बैंक प्लान संभल के डीएम डॉ. राजेंद्र पेंसिया ने साफ किया है कि सरकारी भूमि पर हुए सभी अवैध निर्माण हटाए जाएंगे. जिले में सवा सौ हेक्टेयर भूमि को अब तक कब्जा मुक्त कराया जा चुका है. प्रशासन अब इन जमीनों को सुरक्षित रखने के लिए एक 'लैंड बैंक' बना रहा है, ताकि भविष्य में दोबारा अतिक्रमण न हो सके. डीएम ने चेतावनी दी है कि अवैध अतिक्रमण करने वालों को चिन्हित कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई का सिलसिला आगे भी जारी रहेगा। स्थानीय प्रशासन का कहना है कि सरकारी जमीन पर किसी भी प्रकार के अवैध निर्माण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. भारी पुलिस बल की तैनाती के कारण मौके पर शांति बनी हुई है. यह कार्रवाई संभल जिले में अवैध कब्जों के खिलाफ चल रहे अभियान का हिस्सा बताई जा रही है. पूरा मामला अब तहसील स्तर पर निगरानी में है. गौरतलब है कि संभल जिला प्रशासन लगातार अवैध कब्जे पर बुलडोजर की कार्रवाई कर रहा है. जिलाधिकारी ने खुद कहा है कि जिले में किसी भी अवैध कब्जे को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. 31 जनवरी को बेदखली का आदेश मामले में लेखपाल स्पर्श गुप्ता ने 18 जनवरी, 2026 को तहसीलदार न्यायालय में धारा 67 के तहत वाद दायर किया। इसके बाद 31 जनवरी को सार्वजनिक नोटिस जारी कर अखबार में प्रकाशन कराया गया। ताकि संबंधित पक्ष सामने आकर अपना दावा पेश कर सके। हालांकि तय समय सीमा में कोई भी व्यक्ति स्वामित्व का दावा करने या अपत्ति दर्ज करने के लिए नहीं आया। अदालत ने इसके बाद अवैध कब्जा हटाने के निर्देश दिए, लेकिन जब आदेश का पालन नहीं हुआ तो 31 जनवरी को ही बेदखली का आदेश पारित कर दिया गया। पर्याप्‍त समय दिए जाने के बाद भी नहीं हटाया गया अवैध निर्माण उल्लेखनीय है कि इस आदेश के खिलाफ किसी भी स्तर पर कोई आपत्ति सामने नहीं आई। इससे प्रशासनिक कार्रवाई का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया। गुरुवार को एसडीएम निधि पटेल और नायब तहसीलदार दीपक कुमार जुरैल की मौजूदगी में कार्रवाई शुरू हुई। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि पर्याप्त समय दिए जाने के बावजूद अवैध निर्माण नहीं हटाया गया। इसलिए अब बुलडोजर कार्रवाई अनिवार्य हो गई थी। प्रशासन का कहना है कि सरकारी जमीन पर अतिक्रमण किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और अवैध कब्जों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।  

लखनऊ में सस्ते फ्लैट का मौका: 1BHK-2BHK के लिए आवेदन शुरू, लॉटरी से आवंटन

लखनऊ  उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में अगर आप घर खरीदने की सोच रहे हैं तो आपके लिए एक अच्छी खबर है। लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) की अटल नगर योजना के तहत 630 अफोर्डेबल फ्लैटों के लिए 18 अप्रैल से ऑनलाइन पंजीकरण शुरू होगा। इस संबंध में एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने आदेश जारी कर दिए हैं। योजना में 539 फ्लैट 1 बीएचके और 91 फ्लैट 2 बीएचके के हैं। इच्छुक आवेदक एक महीने तक आवेदन कर सकेंगे। फ्लैटों का आवंटन पारदर्शी तरीके से लॉटरी प्रणाली के जरिए किया जाएगा। लखनऊ विकास प्राधिकरण उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बताया कि देवपुर पारा स्थित अटल नगर आवासीय योजना में 12 से लेकर 19 मंजिल के 15 टावरों में कुल 2,496 फ्लैट्स हैं। 30 वर्गमीटर से लेकर 54.95 वर्गमीटर क्षेत्रफल के इन फ्लैटों की कीमत लगभग 9.82 लाख रुपये से शुरू होती है। पूर्व में लॉटरी के माध्यम से फ्लैटों का आवंटन किया गया था, जिसमें शेष 630 फ्लैटों के लिए 18 अप्रैल से 17 मई तक पुनः पंजीकरण खोला जा रहा है। पंजीकरण शुल्क तय अपर सचिव सीपी त्रिपाठी ने बताया कि इस अफोर्डेबल हाउसिंग स्कीम में स्वच्छ जल एवं विद्युत आपूर्ति, लिफ्ट, पावर बैकअप, सुरक्षा व्यवस्था, ग्रीन एवं किड्स प्ले एरिया व पार्किंग की सुविधा दी गई है। उन्होंने बताया कि 1 बीएचके के फ्लैट के लिए 55,658 रुपये और 2 बीएचके के फ्लैट के लिए 1,00852 रुपये पंजीकरण शुल्क निर्धारित किया गया है, जोकि आवंटन न होने की दिशा में आवेदक को वापस कर दिया जाएगा। LDA उपाध्यक्ष ने किया निरीक्षण एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने अटल नगर योजना का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने योजना में लगभग 500 चार पहिया वाहनों के लिए मल्टीलेवल पार्किंग बनाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि पार्किंग के लिए ले-आउट में उपयुक्त स्थान चिह्नित करते हुए 15 दिन के अंदर प्रस्ताव प्रस्तुत किया जाए। इस क्रम में उपाध्यक्ष ने वाह्य विकास कार्यों की भी समीक्षा की, जिसमें उन्होंने 1 माह के अंदर ड्रेनेज, रेन वॉटर हार्वेस्टिंग और एसटीपी से सीवर लाइन को जोड़ने का कार्य कराने के निर्देश दिए गए हैं।  

शाकिब उर्फ डेविल नेटवर्क बेनकाब: दिल्ली-NCR से लखनऊ तक प्लानिंग

लखनऊ देश में रेलवे ट्रैक और अन्य महत्वपूर्ण ठिकानों पर आतंकी हमलों की साजिश रचने वाला शाकिब उर्फ डेविल इंस्टाग्राम पर 'RADHA KRISHNA' नाम से आईडी बनाकर जिहादियों को जोड़ रहा था। इसके लिए उसने वॉट्सऐप पर 'MUSLIM ARMY GROUP' भी बना रखा था। इंस्टाग्रम पर उसकी KING DEVIL 315 नाम की भी आईडी थी। शाकिब और उसके साथी पाकिस्तान में बैठे हैंडलर के निर्देश पर दिल्ली-एनसीआर से लेकर लखनऊ तक आगजनी और तोड़फोड़ कर दहशत फैलाने की तैयारी में थे। पाकिस्तानी हैंडलर से सीधा कनेक्शन एटीएस द्वारा बरामद मोबाइल फोन की जांच में खुलासा हुआ है कि पाकिस्तानी हैंडलर भारत में 'मुसलमानों पर जुल्म' का नरेटिव बनाकर सरकारी संपत्तियों और सार्वजनिक सुविधाओं को आग के हवाले करने के लिए उकसाता था। शुरुआती चरण में 'छोटी आगजनी' कर भरोसा जीतने और फिर 'बड़ी घटना' अंजाम देने की योजना बताई गई। जांच में खुलासा हुआ कि पाकिस्तानी हैंडलर गूगल मैप के जरिए टारगेट की स्क्रीन रेकॉर्डिंग भेजता था। इन्हें शाकिब अपने साथियों विकास उर्फ रौनक, लोकेश उर्फ पपला पंडित और अरबाब तक पहुंचाता था। अलीगढ़ के कार शोरूम को बनाया टारगेट इस तरह दिल्ली, अलीगढ़, गजियाबाद और लखनऊ में अलग-अलग ठिकानों की रेकी करवाई गई। बरामद डिजिटल साक्ष्यों में मेरठ बाईपास स्थित 'ऑटो टाइटन्स' शोरूम (राज्जनगर एक्सटेशन, गाजियाबाद) की लोकेशन विडियो, शालीमार गार्डन साहिबाबाद इलाके की रेकी तस्वीरें, और अन्य संवेदनशील जगहों के मैन व क्लिप शामिल हैं। अलीगढ़ में एक कार शोरूम को टारगेट के रूप में चुना गया था। खड़े ट्रकों को आग लगाने को लेकर हुई हैंडलर से बात एटीएस को आरोपितों के मोबाइल फोन की जांच के दौरान ऐसी ऑडियो और चैट मिली, जिनसे स्पष्ट होता है कि गिरोह सड़क किनारे खड़े ट्रकों को आग लगाने की साजिश बना रहे थे। इसके अलावा आरोपित लोकेश उर्फ पपला पंडित ने पूछताछ में बताया कि उसने चार मार्च को गाजियाबाद में सड़क किनारे खड़े ट्रकों का विडियो बनाकर विकास उर्फ रौनक को भेजा था और उसके बाद पूछा था- 'क्या इन ट्रकों में आग लगा दें?' हैंडलर ने भेजे ऑडियो संदेश इन बातचीतों से यह साफ होता है कि गिरोह योजनाबद्ध तरीके से ऐसे ठिकानों को चुन रहा था, जहां सुरक्षा कम हो और आगजनी से अधिक दहशत व नुकसान पैदा किया जा सके। इसके अलावा बातचीत में 'विडियो बनाकर भेजो', 'लोकेशन मिली या नहीं', और 'अगर तुम नहीं करोगे तो दूसरा शोरूम फूंका जाएगा' जैसे वाक्य सामने आए। एक ऑडियो में बाजार/शोरूम को को किस तरह आग के हवाले करने की 'तरतीब' बताने का जिक्र है। पांच दिन की कस्टडी रिमांड के दौरान शाकिब और रौनक ने पुष्टि की कि ये पाकिस्तानी हैंडलर के भेजे ऑडियो संदेश है। 'जुल्म और अत्याचार का जवाब देना हमारा हक' एटीएस को शाकिब और उसके साथियों के पास से हिंदी भाषा में छपे हुए पंफ्लेट मिले थे। इन पंफ्लेटों का उद्देश्य घटना के बाद इलाके में दहशत और आतंक का माहौल बनाना था। पंपलेट में लिखा संदेश इस प्रकार था 'हम यह एलान करते हैं कि जो जुल्म और अत्याचार हमारे लोगों पर किए जा रहे हैं, उनका जवाब देना हमारा हक है। हम अपने मकसद से पीछे हटने वाले नहीं हैं और अपने रास्ते पर चलते रहेंगे। यह केवल एक शुरुआत है, आगे और भी कदम उठाए जाएंगे।' एक रेकी के लिए भेजे 13 हजार रुपये एटीएस की पूछताछ में आरोपितों ने स्वीकार किया कि वे वारदात को अंजाम देने के बाद ऐसे पम्पलेट घटनास्थल के आसपास फेंकते थे, ताकि लोगों में भय फैले। इसके साथ-साथ पम्पलेट फेंकने और आगजनी की पूरी घटना का विडियो बनाकर पाकिस्तान में बैठे हैंडलर को भेजा जाता था, जिससे वहां बैठे साजिशकर्ताओं को यह संदेश जा सके कि उनके निर्देशों र काम किया गया है। पूछताछ में यह भी उजागर हुआ कि गाजियाबाद की एक रेकी के लिए हैंडलर ने क्यूआर कोड के जरिए 13,000 भेजे थे।

इंदिरापुरम के कनावनी में आग का तांडव, 4 घंटे की मशक्कत के बाद काबू

गाजियाबाद  उत्तर प्रदेश में गाजियाबाद के इंदिरापुरम क्षेत्र के कनावनी इलाके में गुरुवार दोपहर एक भयावह आग की घटना ने पूरे इलाके को दहला दिया। खाली प्लॉट पर बनी करीब 125 झुग्गियां आग की चपेट में आ गईं और कुछ ही देर में आग ने विकराल रूप ले लिया। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि करीब 200 मीटर दूर तक उनकी तपिश महसूस की गई। इस हादसे में 50 से अधिक छोटे-बड़े गैस सिलेंडर विस्फोट के साथ फट गए, जिससे पूरे इलाके में दहशत फैल गई। कई परिवारों के आशियाने जलकर राख हो गए और करीब 125 परिवार बेघर हो गए। घटना के दौरान अफरा-तफरी मच गई और लोग अपने बच्चों व सामान की तलाश में इधर-उधर भागते नजर आए। 200 मीटर तक महसूस हुई आग की तपिश आग इतनी भीषण थी कि उसकी गर्मी और लपटें दूर-दूर तक महसूस की जा रही थीं। लगातार एक के बाद एक 50 से अधिक गैस सिलेंडरों में विस्फोट हुआ, जिसकी आवाजें आसपास के इलाकों तक सुनाई दीं। धमाकों के चलते स्थिति और भी भयावह हो गई और लोग जान बचाने के लिए झुग्गियों से बाहर निकलकर भागने लगे। 4 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू सूचना मिलते ही फायर विभाग की टीम मौके पर पहुंची। शुरुआत में वैशाली, साहिबाबाद और कोतवाली फायर स्टेशन से दमकल गाड़ियां भेजी गईं, लेकिन आग की भयावहता को देखते हुए मेट्रोसिटी, लोनी और गौतमबुद्ध नगर से भी अतिरिक्त फायर टेंडर बुलाए गए। कुल मिलाकर 22 फायर टेंडर्स की मदद से करीब 4 घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। झुग्गी बस्ती में मचा हाहाकार, लोग बच्चों को खोजते रहे कनावनी गांव के किनारे टिन शेड से बनी इस बस्ती में हजारों लोग अपने परिवारों के साथ रहते हैं। आग लगने के बाद पूरे इलाके में चीख-पुकार मच गई। लोग अपने बच्चों, बुजुर्गों और जरूरी सामान को ढूंढते नजर आए। कई लोग सुरक्षित स्थानों की ओर भागे, लेकिन तब तक उनका घर और सामान पूरी तरह जल चुका था। 20 से अधिक बच्चों के लापता होने की सूचना घटना के दौरान शुरुआती सूचना में 20 से अधिक बच्चों के लापता होने की बात सामने आई थी, जिससे अफरा-तफरी और बढ़ गई। हालांकि पुलिस ने बाद में स्पष्ट किया कि सभी बच्चों को सुरक्षित बरामद कर लिया गया है और किसी के फंसे होने की पुष्टि नहीं हुई है। नोएडा तक दिखा धुएं का गुबार आग की भयावहता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि धुएं का विशाल गुबार दूर नोएडा तक दिखाई दिया। आसपास के इलाकों में भी धुआं फैलने से लोगों को सांस लेने में परेशानी हुई। जांच में जुटी टीम, आग के कारणों की तलाश जारी फायर विभाग और पुलिस प्रशासन ने आग पर काबू पाने के बाद राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया है। आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है। प्रशासन का कहना है कि फिलहाल प्राथमिकता सभी प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और नुकसान का आकलन करने की है।  

18 अप्रैल तक इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में होगा आयोजन, नवाचार व निवेश पर होगा मंथन

17 से होगा दुग्ध स्वर्ण महोत्सव-2026: एक साथ एकत्र होंगे 10 हजार पशुपालक/दुग्ध उत्पादक  18 अप्रैल तक इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में होगा आयोजन, नवाचार व निवेश पर होगा मंथन  दुग्ध स्वर्ण महोत्सव-2026 का बुधवार को जारी किया गया आधिकारिक कर्टेन रेजर लखनऊ  दुग्धशाला विकास विभाग की स्थापना के 50 वर्ष पूर्ण होने पर 17 व 18 अप्रैल को दुग्ध स्वर्ण महोत्सव-2026 होगा। यह आयोजन इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान के मार्स हॉल में किया जाएगा। इसमें प्रदेश के 10 हजार पशुपालक/दुग्ध उत्पादक व निवेशक प्रतिभाग करेंगे। विभिन्न योजनाओं में उत्कृष्ट उपलब्धि अर्जित करने वाले पशुपालकों व निवेशकों को पुरस्कृत भी किया जाएगा। दो दिवसीय आयोजन में नवाचार व निवेश पर भी मंथन होगा। बुधवार को दुग्ध स्वर्ण महोत्सव-2026 का बुधवार को आधिकारिक कर्टन रेजर जारी किया गया।  नवाचार को बढ़ावा देने के लिए विषय विशेषज्ञों द्वारा नवीनतम प्रौद्योगिकी समेत अन्य महत्वपूर्ण जानकारियाँ साझा की जाएंगी। महोत्सव में स्वदेशी व्यंजनों का फूड कोर्ट भी लगाया जायेगा।  दुग्ध क्षेत्र के उद्यम को बढ़ावा देने हेतु सिंगल विंडो के माध्यम से निवेशकों के साथ एमओयू भी होगा। कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री दुग्ध विकास, पशुधन एवं राजनैतिक पेंशन धर्मपाल सिंह रहेंगे। साथ ही अपर मुख्य सचिव (पशुधन, मत्स्य एवं दुग्ध विकास) मुकेश कुमार मेश्राम, दुग्ध आयुक्त धनलक्ष्मी के. आदि की भी मौजूदगी रहेगी।  इसमें प्रदेश के समस्त जनपदों के साथ-साथ देश-विदेश के लाखों गौ पालक/निवेशकों को ऑनलाइन जोड़ा जायेगा। विभिन्न योजनाओं में उत्कृष्ट उपलब्धि अर्जित करने वाले पशुपालकों एवं निवेशकों को सम्मानित/पुरस्कृत किया जाएगा। निजी क्षेत्र के निवेशकों द्वारा अपने स्टॉल कियोस्क के माध्यम से दुग्ध उत्पाद/नवाचार इत्यादि का प्रदर्शन किया जायेगा। साथ ही डेयरी क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देने के लिए नवीनतम प्रौद्योगिकी, स्वदेशी नस्ल के गौ पालन, ग्रामीण अर्थव्यवस्था के सुदृढ़ीकरण पर विचार विमर्श एवं अन्य महत्वपूर्ण जानकारियाँ विशेषज्ञों द्वारा साझा की जायेगी।  कार्यक्रम के प्रथम सत्र में ‘गौ पूजन, प्रदर्शनी का उद्घाटन एवं अवलोकन, प्रगतिशील गौ पालकों एवं निवेशकों की सफलता की कहानी की पुस्तिका का विमोचन, नन्द बाबा दुग्ध मिशन के अन्तर्गत विकासखण्ड स्तरीय विजेताओं को डीबीटी के माध्यम से पुरस्कार धनराशि का वितरण, प्रगतिशील गौपालकों, अग्रणी निवेशकों एवं प्रतिभाशाली नवाचारों का सम्मान, गौशाला एवं गोबर गैस के महत्व का प्रस्तुतिकरण किया जाएगा। द्वितीय सत्र में श्री बाबा गोरखनाथ कृष्ण तथा बलिनी एम०पी०सी० का प्रस्तुतिकरण, दुग्ध विज्ञान क्षेत्र के प्रख्यात शिक्षाविदों, नंद बाबा दुग्ध मिशन एवं दुग्ध नीति-2022 के लाभार्थियों द्वारा प्रस्तुतिकरण किया जाएगा।

योगी बोले- यूपी में ‘नो कर्फ्यू नो दंगा’, बंगाल में BJP सरकार का किया दावा

लखनऊ पश्चिम बंगाल में चुनाव को लेकर सियासी पारा अपने चरम पर है। सीएम योगी आदित्यानाथ एनडीए के लिए ताबड़तोड़ रैलियां कर रहे हैं। गुरूवार को बाराबनी में योगी ने चुनावी रैली को संबोधित किया। इस दौरान उनके निशाने पर टीएमसी और ममता बनर्जी रहीं। योगी ने समाजवादी पार्टी का नाम लेकर तृणमूल कांग्रेस(TMC) पर हमला बोला। उन्होने कहा कि जिस तरह ममता दीदी को राम और दुर्गा के नाम से चिढ़ होती है। वैसी है यूपी में भी थी। लेकिन न सपा के विरोध से और न ही कांग्रेस विरोध से राममंदिर का आंदोलन रुका। योगी ने एक कार सेवक का जिक्र करते हुए कहा कि उसने मुझे बताया कि 1990 में टीएमएस की ही समर्थित पार्टी सपा ने उन पर गोलियां चलवाईं थी। सपा सरकार में गोलियां चली थीं। दंगा नहीं होगा ये सिर्फ बीजेपी गारंटी दे सकती है- योगी योगी ने कहा कि लेकिन जब डबल इंजन की सरकार आई तो अयोध्या में भगवान राम का भव्य मंदिर बनकर खड़ा हो गया। मोदी है तो मुमकिन है। ये गारंटी सिर्फ बीजेपी दे सकती है कि दंगा नहीं होगा, कर्फ्यू नहीं लगेगा, गौमाता को कटने नहीं देंगे, और हिंदुओं को बंटने नहीं देंगे। बंगाल में बुलडोजर का जिक्र करते हुए कहा कि बुलडोजर सिर्फ सड़कें नहीं बनाता, माफियाओं का भी इलाज करता है। बेटियों की इज्जत से खिलवाड़ करने वालों की पसलियों को मसल डालता है। नो कर्फ्यू, नो दंगा, यूपी में सब चंगा- योगी उन्होने कहा कि यूपी में अब दंगा नहीं होता। नो कर्फ्यू, नो दंगा, यूपी में सब चंगा। अब कोई सड़क पर नमाज नहीं पढ़ सकता है। जितने माफिया थे, सब जहन्नुम की यात्रा पर चले गए। अब कोई माफिया नहीं है। कोई गुंडा नहीं है। अब वहां पर हर नागरिक सुरक्षित है। गुंडे-माफिया का इलाज सिर्फ भाजपा ही कर सकती है। कल्चरल कैपिटल को क्राइम कैपिटल बना दिया- योगी टीएमसी पर निशाना साधते हुए योगी ने कहा कि एक समय बंगाल कल्चरल कैपिटल था, लेकिन आज क्राइम कैपिटल बन गया है। टीएमसी ने बंगाल को भ्रष्टाचार और अराजकता का केंद्र बना दिया। यहां के संसाधनों पर माफिया हावी हो रहे हैं। टीएमसी के गुंडे क्या कह रहे हैं, कोई माफिया क्या कह रहा है, उससे डरने की जरूरत नहीं है। आने दीजिए बंगाल में डबल इंजन की सरकार। ये लोग आपको सड़कों पर झाडू लगाते दिखाई देंगे। देखिए यूपी में कितना परिवर्तन हो गया है। कोई सड़क पर नमाज नहीं पढ़ सकता है। सभी पर्व- त्यौहार शांति से बनाए जाते हैं। उज्जवल भविष्य की गारंटी सिर्फ भाजपा है। इस मौके पर योगी आदित्यनाथ ने एनडीए प्रत्याशी को लिए वोट देने की अपील की।

सीएम युवा योजना को गति देने के लिए क्रेडिट काउंसलर्स की ट्रेनिंग शुरू, जिलों में तैनात होंगे 90 सर्टिफाइड काउंसलर

लखनऊ.  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दिशा-निर्देशों के तहत प्रदेश सरकार ने सीएम युवा योजना में युवाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए इस वर्ष 1.5 लाख युवाओं को जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसी क्रम में युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने और उन्हें बैंकिंग प्रक्रिया में सक्षम बनाने के उद्देश्य से गोमतीनगर में सर्टिफाइड क्रेडिट काउंसलर्स (सीसीसी) की विशेष ट्रेनिंग आयोजित की गई। पहले बैच में 50 जिलों और दूसरे बैच में 25 जिलों को शामिल किया गया है। यूपीकॉन के सभी कर्मचारियों को इस प्रशिक्षण से जोड़ा जा रहा है, ताकि वे जमीनी स्तर पर युवाओं को बेहतर मार्गदर्शन दे सकें। प्रशिक्षण पूर्ण होने के बाद कुल 90 सर्टिफाइड क्रेडिट काउंसलर प्रदेश के विभिन्न जिलों में तैनात किए जाएंगे। ये काउंसलर सीएम युवा योजना के तहत ऋण लेने वाले लाभार्थियों को बैंकिंग प्रक्रियाओं, दस्तावेजीकरण और प्रोजेक्ट तैयार करने में मदद करेंगे, जिससे युवाओं को आसानी से ऋण प्राप्त हो सके। काउंसलर्स निभाएंगे सेतु की भूमिका यूपीकॉन के एमडी प्रवीण सिंह ने बताया कि सर्टिफाइड क्रेडिट काउंसलर एमएसएमई उद्यमियों और बैंकों के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में कार्य करेंगे। वे न केवल उद्यमियों को उपयुक्त ऋण योजनाओं की जानकारी देंगे, बल्कि प्रोजेक्ट रिपोर्ट, वित्तीय विवरण और आवश्यक दस्तावेज़ तैयार करने में भी सहयोग करेंगे। प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान उन्होंने अपने संबोधन में क्रेडिट रेटिंग, सिबिल स्कोर और ग्रीन एवं नए प्रोजेक्ट्स के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि सही वित्तीय योजना और बेहतर क्रेडिट प्रोफाइल के माध्यम से युवा उद्यमी न केवल आसानी से ऋण प्राप्त कर सकते हैं, बल्कि अपने व्यवसाय को भी सफल बना सकते हैं। रोजगार और वित्तीय समावेशन को मिलेगा बढ़ावा यह पहल न केवल युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है, बल्कि अनुभवी पेशेवरों विशेषकर सेवानिवृत्त बैंक अधिकारियों को भी अपनी विशेषज्ञता का उपयोग करने का अवसर प्रदान करती है। प्रदेश सरकार की यह पहल वित्तीय समावेशन को सुदृढ़ करते हुए एमएसएमई सेक्टर को नई ऊर्जा देने का कार्य करेगी। आने वाले समय में यह मॉडल प्रदेश में रोजगार सृजन और आर्थिक सशक्तीकरण का मजबूत आधार बनेगा। एमएसएमई सेक्टर को मिलेगा मजबूती का आधार यह प्रशिक्षण कार्यक्रम स्मॉल इंडस्ट्रीज डेवलपमेंट बैंक ऑफ इंडिया (सिडबी) और इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ बैंकिंग एंड फाइनेंस (आईआईबीएफ) के सहयोग से संचालित किया जा रहा है। खास बात यह है कि यह सीसीसी कोर्स रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया  द्वारा अनुमोदित है, जिसे प्रदेश में व्यापक स्तर पर लागू किया जा रहा है। सर्टिफाइड क्रेडिट काउंसलर योजना आरबीआई की वित्तीय समावेशन समिति की सिफारिशों पर आधारित है। इसका उद्देश्य एमएसएमई उद्यमियों को बैंकिंग प्रणाली से जोड़ना और उन्हें ऋण प्राप्त करने में आने वाली कठिनाइयों को दूर करना है। इस ढांचे के अंतर्गत सिड्बी को एक्रीडिटिंग एजेंसी और इंप्लीमेंटिंग एंड रजिस्टरिंग अथॉरिटी की भूमिका दी गई है, जबकि आईआईबीएफ  द्वारा इस कोर्स को विकसित किया गया है। यह सर्टिफिकेशन प्राप्त करना सीसीसी बनने के लिए अनिवार्य है।

परीक्षाओं में नकल पर सख्ती: चयन आयोग की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति, AI कैमरों से होगी लाइव निगरानी

प्रयागराज/लखनऊ. प्रतियोगी परीक्षाओं को पारदर्शी और नकलविहीन बनाए रखने की मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप उत्तर प्रदेश शिक्षा चयन आयोग ने सख्त कदम उठाए हैं। आयोग के अध्यक्ष डॉ प्रशांत कुमार ने बताया कि आगामी परीक्षाओं में जीरो टॉलरेंस नीति को पूरी तरह लागू किया जाएगा, जिससे शुचिता, पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित की जा सके।  उन्होंने बताया कि इसके लिए आयोग मुख्यालय में अत्याधुनिक एकीकृत कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है, जहां से सभी परीक्षा केंद्रों की सघन निगरानी की जाएगी। इस कंट्रोल रूम में दो दर्जन से अधिक हाई-क्वालिटी स्क्रीन और एआई कैमरों की व्यवस्था की गई है, जिससे परीक्षा केंद्रों की गतिविधियों पर रियल-टाइम नजर रखी जा सकेगी। यह व्यवस्था परीक्षा प्रक्रिया को पूर्णतः पारदर्शी एवं नकलविहीन बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। डॉ. प्रशांत कुमार ने कहा कि आयोग द्वारा परीक्षा प्रणाली को तकनीकी रूप से सुदृढ़ बनाने के साथ-साथ आधुनिक निगरानी तंत्र को अपनाया जा रहा है, जिससे किसी भी प्रकार की अनियमितता को तुरंत चिन्हित कर आवश्यक कार्रवाई की जा सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि परीक्षा में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या अनुचित साधनों के प्रयोग पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने अभ्यर्थियों से अपील की कि वे परीक्षा को पूर्ण ईमानदारी एवं नियमों के अनुरूप दें तथा किसी भी प्रकार की अफवाहों या भ्रामक सूचनाओं पर ध्यान न दें। आयोग द्वारा सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पारदर्शिता एवं निष्पक्षता के साथ सुनिश्चित की जा रही हैं।