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योगी सरकार में महिला सुरक्षा: दावों से आगे, ज़मीन पर दिख रहा बड़ा बदलाव

लखनऊ.  उत्तर प्रदेश में वर्ष 2017 से पहले महिला सुरक्षा एक बड़ा मुद्दा रहा। इससे पहले महिला अपराध के चलते यूपी का नाम देश ही नहीं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर छाया रहता था। वहीं बीते 9 वर्षों में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महिला सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन के लिए बड़े कम उठाए हैं। इससे प्रदेशभर की बहन-बेटियों में सुरक्षा का भाव देखने को मिल रहा है। योगी आदित्यनाथ के कार्यकाल में महिला अपराधों पर अंकुश लगना शुरू हुआ। इसके साथ ही अपराधियों में भय देखने को मिल रहा है। योगी सरकार में महिला अपराध से जुड़े मामलों की सुनवाई भी तेजी से की जा रही है, ताकि कोई अपराधी बच न पाए। इस सरकार में महिला सुरक्षा केवल दावा नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर दिखने वाला बदलाव भी है। इसके उदाहरण के तौर पर बीट पुलिसिंग, मिशन शक्ति, पिंक बूथ, एंटी रोमियो स्क्वाड, फास्ट ट्रैक कोर्ट जैसे कई अहम प्रयास को देखा जा सकता है। 9 साल में 218 फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाए गए सपा सरकार के 5 वर्षों के शासन में एक भी फास्ट ट्रैक पॉक्सो कोर्ट नहीं बना, जबकि पॉक्सो एक्ट 2012 में ही लागू हो गया था। योगी सरकार में फास्ट ट्रैक कोर्ट और पॉक्सो विशेष न्यायालयों ने महिलाओं और बच्चियों को तेजी से न्याय दिलाया। योगी सरकार के 9 वर्षों में 218 फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट (एफटीएसटी) बनाए गए, जिनके जरिए बलात्कार और पॉक्सो मामलों में त्वरित कार्रवाई की जा रही है। वहीं 75 जिलों में स्थापित पॉक्सो विशेष न्यायालय के जरिए 6 महीने में निर्णय का लक्ष्य रखा गया है। योगी सरकार में 2017 से ऑपरेशन शक्ति के जरिए छेड़छाड़ रोकने के लिए विशेष पुलिस अभियान जारी है। वहीं वर्ष 2020 से मिशन शक्ति के तहत महिला सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन से जुड़ा एकीकृत अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत 40 हजार पुलिसकर्मियों को अपराध रोकने के लिए प्रशिक्षण भी दिया गया। 5 करोड़ शिकायतों का निवारण किया महिला हेल्पलाइन 1090 के जरिए 5 करोड़ से ज्यादा बहन-बेटियों की शिकायतों का निवारण किया गया है। साथ ही यही से एफआईआर दर्ज कराने की भी सुविधा दी गई। योगी सरकार में पहली बार महिला पुलिस थानों की स्थापना की गई। हर जिले में कम से कम एक महिला पुलिस थाना संचालित है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 2017 में जिम्मेदारी संभालते ही छेड़खानी रोकने के लिए एंटी रोमियो स्क्वाड का गठन किया। आंकड़ों के मुताबिक फरवरी 2026 तक इन टीमों ने करोड़ों लोगों की चेकिंग की और हजारों की संख्या में मनचलों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की। महिलाओं की सुरक्षा के लिए इसी सरकार में पिंक बूथ और आउटपोस्ट की शुरूआत की गई। इसके तहत 2500 से ज्यादा पिंक बूथ बनाए गए। साथ ही पिंक पेट्रोलिंग (दोपहिया और चौपहिया वाहनों से) की शुरुआत की गई। दूसरी तरफ सेफ सिटी प्रोजेक्ट के जरिए लखनऊ समेत कई जिलों को हजारों सीसीटीवी कैमरों की निगरानी से जोड़ा गया, ताकि महिलाओं की सुरक्षा के लिए ऑनलाइन निगरानी भी सुनिश्चित की जा सके। अभियोजन में आया सुधार योगी सरकार की मंशा है कि महिलाओं से जुड़े अपराध की सिर्फ रिपोर्ट ही न हो बल्कि उन पर कार्रवाई और सजा भी सुनिश्चित हो। जहां वर्ष 2012 में चार्जशीट दर 58.3 प्रतिशत थी, वो 2022 में बढ़कर 76.2 प्रतिशत तक पहुंच गई है। इसमें लगातार सुधार किया जा रहा है। दोषसिद्धि दर 17.2 प्रतिशत से बढ़कर 27.8 प्रतिशत हो गई।  सपा शासन में न्यायालयों में महिलाओं के प्रति अपराधों के औसतन 78 प्रतिशत मामले लंबित रहते थे। योगी सरकार फास्ट ट्रैक और पॉक्सो कोर्ट के माध्यम से इसे 65 प्रतिशत तक ला चुकी है। योगी सरकार में महिलाओं के लिए कई अहम कदम उठाए गए। इससे पीड़िता खुद को दोषी नहीं समझती, बल्कि बिना डरे अपराध के खिलाफ आवाज उठा रही हैं। उन्होंने प्रदेश सरकार का साथ और भरोसा मिल रहा है।

गंगा एक्सप्रेसवे पर खुशखबरी: योगी सरकार ने 15 दिन का टोल माफ किया

लखनऊ.  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनहित में बड़ा निर्णय लेते हुए गंगा एक्सप्रेसवे को कमर्शियल ऑपरेशन डेट (सीओडी) से 15 दिनों तक टोल-फ्री रखने की घोषणा की है। इस फैसले के तहत प्रदेश की जनता बिना किसी शुल्क के यूपी के सबसे लंबे व अत्याधुनिक एक्सप्रेसवे का अनुभव कर सकेगी। मुख्यमंत्री के निर्देश पर उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (यूपीडा) ने तत्काल कार्रवाई करते हुए परियोजना के कन्सेशनैयर्स आईआरबी इन्फ्रास्ट्रक्चर और अदाणी इन्फ्रास्ट्रक्चर को 15 दिनों तक टोल कलेक्शन स्थगित रखने के निर्देश जारी कर दिए हैं। यूपीडा द्वारा जारी आदेश के अनुसार इस अवधि में यात्रियों से किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाएगा। सीओडी के साथ लागू हुआ फैसला यह निर्णय उस समय लिया गया है, जब इंडिपेंडेंट इंजीनियर द्वारा कंसेशन एग्रीमेंट के अनुच्छेद 14.3.1 के तहत प्रोविजनल सर्टिफिकेट जारी किया गया, जिससे एक्सप्रेसवे की कमर्शियल ऑपरेशन डेट निर्धारित हो गई। इसके साथ ही एक्सप्रेसवे आम जनता के उपयोग के लिए पूरी तरह तैयार माना गया। जनता को मिलेगा ‘फ्री राइड एक्सपीरियंस’ योगी सरकार का उद्देश्य है कि शुरुआती चरण में अधिक से अधिक लोग इस अत्याधुनिक एक्सप्रेसवे का अनुभव कर सकें। 594 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे पर बिना टोल के यात्रा करने का अवसर लोगों को इसकी गुणवत्ता, गति और जन-सुविधाओं से सीधे रूबरू कराएगा। यह पहल न केवल पर्यटन को बढ़ावा देगी, बल्कि एक्सप्रेसवे के प्रति जनविश्वास को भी मजबूत करेगी। पीपीपी मॉडल पर विकसित, 27 साल का कंसेशन पीरियड गंगा एक्सप्रेसवे को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) के तहत डीबीएफओटी (टोल) मॉडल पर विकसित किया गया है। इसके तहत कन्सेशनैयर्स को 27 वर्षों तक टोल वसूली का अधिकार दिया गया है। हालांकि, 15 दिन की इस टोल छूट से होने वाले राजस्व नुकसान की भरपाई राज्य सरकार अथवा यूपीडा द्वारा कंसेशन एग्रीमेंट के प्रावधानों के अनुसार की जाएगी। मेंटेनेंस पर सख्त निर्देश यूपीडा ने स्पष्ट किया है कि टोल-फ्री अवधि के दौरान भी ऑपरेशन एवं मेंटेनेंस से संबंधित सभी मानकों का सख्ती से पालन किया जाएगा। अनुच्छेद 17 सहित कंसेशन एग्रीमेंट के अन्य प्रावधानों के तहत सड़क की गुणवत्ता, सुरक्षा, ट्रैफिक मैनेजमेंट और सुविधाओं में किसी प्रकार की कमी नहीं आने दी जाएगी। विकास, कनेक्टिविटी को मिलेगा बढ़ावा मेरठ से प्रयागराज तक फैला यह एक्सप्रेसवे प्रदेश के 12 जनपदों को जोड़ता है और इसे उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था के लिए गेमचेंजर माना जा रहा है। 15 दिन की यह टोल छूट न केवल आमजन को राहत देगी, बल्कि इस मेगा प्रोजेक्ट के प्रति सकारात्मक माहौल भी तैयार करेगी। इस फैसले को प्रदेश सरकार की ‘जनहित प्रथम’ नीति के रूप में देखा जा रहा है, जो राज्य में इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास के साथ-साथ नागरिकों को ‘फील गुड’ कराने को भी प्राथमिकता देती है।

जन्म प्रमाण पत्र बनाने के लिए रिश्वत की मांग पर एंटी करप्शन का कारगर एक्शन

  गोंडा उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में बभनजोत ब्लॉक परिसर में गुरुवार को एक पीड़ित की शिकायत पर पहुंची एंटी करप्शन की टीम ने घंटो मशक्कत के बाद एक पंचायत सचिव को दस हजार रुपए रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। पकड़ने के बाद आरोपी को मनकापुर कोतवाली लाया गया, जहां उसके विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया है। इस कार्रवाई के बाद ब्लाक में हडकंप मचा रहा। लोग आरोपी पंचायत सचिव के बारे में ही चर्चा करते नजर आए। गुरुवार को एंटी करप्शन देवीपाटन मंडल की टीम सुबह ही ब्लाक पर पहुंच गई और अपना जाल बिछाना शुरु कर दिया। एंटी करप्शन के जाल में ग्राम पंचायत सचिव उमेश कुमार भारती फंस गए और जन्म प्रमाण पत्र बनाने के नाम पर 10 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़े गए। टीम द्वारा आरोपी ग्राम पंचायत सचिव की जेब से रिश्वत के पैसे निकालते और पूरी कार्रवाई का एक वीडियो भी सामने आया है। गिरफ्तारी के बाद एंटी करप्शन टीम सचिव को सीधे मनकापुर कोतवाली ले गई, जहां उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया। पीड़ित ने एंटी करप्शन में कई थी शिकायत बताया जाता है कि खोडारे थाना क्षेत्र के कोल्हीगरीब निवासी अजमल पुत्र मोहम्मद अख्तर ने शिकायत की थी कि उनके मित्र अजहरुद्दीन के तीन बच्चे महमुदुद्दीन, समसू निशा खान और फरहीन खान के जन्म प्रमाण पत्र बनाने के लिए सचिव उमेश कुमार भारती लगातार 10 हजार रुपए की रिश्वत मांग रहे हैं । बिना रूपये के प्रमाण नहीं दे रहे थे। एंटी करप्शन देवीपाटन मंडल थाने के प्रभारी धनंजय सिंह ने बताया कि सचिव को मनकापुर कोतवाली लाकर मुकदमा दर्ज कराया गया है। उन्होंने बताया कि उमेश कुमार भारती जन्म प्रमाण पत्र बनाने के लिए रिश्वत ले रहे थे। रिश्वत के मामले में पेशकार को गिरफ्तार कर लिया गया वहीं हमीरपुर में नक्शा दुरुस्तीकरण के नाम पर सेवानिवृत्त फौजी से 25 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए उप संचालक चकबंदी न्यायालय के पेशकार को गिरफ्तार कर लिया गया। यह कार्रवाई बांदा से आई एंटी करप्शन टीम ने की। पेशकार को कार्यालय के अंदर से दबोचकर टीम अपने साथ बांदा ले गई। आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया। हरियाणा के फतेहाबाद निवासी सेवानिवृत्त फौजी धर्मवीर सिंह ने बताया कि उन्होंने करीब एक साल पूर्व सरीला तहसील के कुपरा गांव में साढ़े 13 बीघा जमीन खरीदी थी। इसका नक्शा दुरुस्त कराने को लेकर उन्होंने उपसंचालक चकबंदी न्यायालय में प्रार्थना पत्र दिया था। छह माह से वह बराबर चक्कर लगा रहे थे।

गोमती नदी पर बने दो नए पुल, 212 मीटर लंबे सेतु से गांवों को मिलेगा फायदा

 लखनऊ  आगामी विधानसभा चुनाव से पहले पीएम टेक्सटाइल तक जाने वाले मार्ग, सेतु से जुड़े सभी काम को कराने के निर्देश शासन ने कार्यदायी संस्था को दिए थे। इसमें सेतु निगम ने तो गोमती नदी के ऊपर सेतु बनाने का काम समय से पूरा कर लिया। वहीं भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) आउटर रिंग रोड के नीचे से दो लेन के अंडरपास को चार लेन करने का काम भी कर रहा है। इस काम को पंद्रह जुलाई 2026 तक खत्म करने का लक्ष्य रखा गया है। दस करोड़ की लागत से बनाए जा रहे अंडरपास को, जो 18 मीटर है, उसे बढ़ाकर 36 मीटर किया जा रहा है। फोर लेन से भी अधिक यह चौड़ा होगा। भविष्य की योजनाओं को देखते हुए प्राधिकरण इसे बनवा रहा है। खासबात है कि दिसंबर 2026 तक प्रोजेक्ट पूरा करवाने के लिए शासन लगा हुआ है, इस अंडरपास से जुड़े काम को जल्द करवाने के लिए एनएचएआइ को भी दस करोड़ की धनराशि प्रदेश सरकार द्वारा दी गई है। आईआईएम रोड से पीएम टेक्सटाइल तक करीब 14.28 किमी. सड़क बनाई जानी है। इसमें छह किमी. की सड़क का चौड़ीकरण लोक निर्माण विभाग करवा चुका है। बाकी आठ किमी. की सड़क का काम अभी तक नहीं शुरू हो पाया है। लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जमीन अधिगृहण का काम चल रहा है। खातेदार ज्यादा होने के कारण शासन यहां भी मुआवजे की प्रकिया पूरी नहीं करवा पाया है। वहीं दिसंबर तक फोर लेन सड़क लोक निर्माण विभाग को बनाकर देना है। क्योंकि विधानसभा चुनाव से पहले पीएम टेक्सटाइल पार्क का उद्घाटन करने की तैयारी है। सेतु निगम ने 212 मीटर के दो पुलों को निर्धारित समय से पहले बनाकर किया तैयार उत्तर प्रदेश राज्य सेतु निगम ने पीएम टेक्सटाइल पार्क को कनेक्ट करने वाले पुल से जुड़ा काम निर्धारित अवधि से तीन से चार माह पहले ही खत्म कर लिया था। गोमती नदी के ऊपर से यह सेतु पीएम टेक्सटाइल पार्क को जोड़ने के लिए बनाया गया है। इस सेतु के बनने से सबसे अधिक लाभ एक दर्जन से अधिक गांवों के लोगों को होगा। खास बात है कि एक सेतु से लोग चढ़ सकेंगे और दूसरे सेतु से उतर सकेंगे। अगल-बगल बने प्रत्येक सेतु की लंबाई 212 मीटर रखी गई है। इन सेतु के बन जाने से मलिहाबाद के अटारी गांव में बन रहे प्रधानमंत्री टेक्सटाइल पार्क तक पहुंचना बेहद आसान हो जाएगा। वर्तमान में लोगों को अटारी तक पहुंचने के लिए जेहटा गांव का रास्ता अपनाना पड़ता है। पुल से नौ किमी. दूरी पर है पीएम टेक्सटाइल पार्क रैथा सेतु से पीएम टेक्सटाइल पार्क मात्र नौ किमी. की दूरी पर है। उत्तर प्रदेश राज्य सेतु निगम इस प्रोजेक्ट पर करीब 44.11 करोड़ खर्च करके इसे बनाया है। सेतु निगम के अभियंता बताते हैं कि पीएम टेक्स्टाइल पार्क बनने की घोषणा हाेने के चंद सप्ताह में ही इस सेतु का खाका तैयार कर लिया गया था। यह सेतु रैथा गांव से उठेगा और कोलवा गांव में उतरेगा।  

हिंदूवादी नेताओं की हत्या और घरों पर ग्रेनेड हमले की साजिश रचने वाले दो आरोपी गिरफ्तार

लखनऊ पाकिस्तानी अपराधी शहजाद भट्टी और आईएसआई के संपर्क में रहने वाले संदिग्ध आतंकी भारत में बड़ी वारदात को अंजाम देने वाले थे। इन्होंने पांच हिंदूवादी नेताओं की गला रेतकर हत्या करने की साजिश रची थी। इन नेताओं के घरों पर ग्रेनेड से हमला करने की भी तैयारी में थे। एटीएस की जांच में इसका खुलासा हुआ है। अब एटीएस शुक्रवार से आरोपियों को कस्टडी रिमांड पर लेकर और गहनता से पूछताछ करेगी। एटीएस ने 23 अप्रैल को नोएडा से बागपत के तुषार चौहान उर्फ हिजबुल्लाह अली खान व एटा के समीर को गिरफ्तार किया था। वर्तमान में तुषार मेरठ और समीर दिल्ली में रह रहा था। ये दोनों पाकिस्तानी अपराधी शजहाद भट्टी और आईएसआई एजेंट मेजर हमीद, मेजर इकबाल, मेजर अनवर, मोहम्मद हमाद बरकाती व आबिद जट के संपर्क में थे। उनके इशारे पर भारत में आतंकी वारदातों को अंजाम देने की साजिश रच रहे थे। एटीएस की जांच में सामने आया कि आरोपियों को शहजाद भट्टी ने हिंदूवादी नेता दक्ष चौधरी, अभिषेक ठाकुर, पिंकी चौधरी, युद्धि राणा और गौरव राजपूत की हत्या करने का टास्क दिया था। ये टास्क शहजाद ने आबिद जट के माध्यम से दिया था। ये भी कहा गया था कि इन सभी के घरों पर ग्रेनेड भी फेंकने हैं जिससे दहशत फैल सके। तीन लाख में करनी थीं पांच हत्याएं पाकिस्तानी हैंडलर्स ने तुषार और समीर को इन सभी की हत्या करने के लिए तीन लाख रुपये देने का वादा किया था। साथ ही उन्होंने दोनों को आश्वासन दिया था कि पासपोर्ट बनवाकर दुबई भेजा जाएगा। वहीं पर सेटल कर दिया जाएगा जिससे भारत की जांच एजेंसी उन तक नहीं पहुंच पाएंगी। एक्स मुस्लिमों को कॉन्फ्रेंस कॉल पर दी थी धमकी एटीएस की जांच में पता चला कि तुषार और समीर ने एक्स मुस्लिम इमरोज आलम, अंजली आर्या, समीर व सलीम वास्तिक को व्हाट्सएप व अन्य सोशल मीडिया के जरिये कॉल की थी। कॉल में कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये शहजाद भट्टी भी जुड़ा था। उसने इन सभी को धमकी दी थी। इससे संबंधित कॉल रिकॉर्डिंग भी मिली हैं। छह दिन की मिली कस्टडी रिमांड आतंकी साजिश की तह तक पहुंचने के लिए एटीएस ने आरोपियों की रिमांड मांगी थी। एनआईए की विशेष अदालत में अर्जी दी थी। बृहस्पतिवार को अर्जी पर सुनवाई करते हुए न्यायाधीश नीतू पाठक ने आरोपियों की छह दिन की कस्टडी रिमांड मंजूर की।  

यूपी सरकार की पहल: श्रमिक कल्याण योजनाओं का लोकार्पण और मुफ्त राशन उपलब्ध

लखनऊ राजधानी लखनऊ में शुक्रवार को श्रमवीर गौरव समारोह 2026 का शुभारंभ हुआ। इस मौके पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने श्रमिक कल्याण की विभिन्न योजनाओं का लोकार्पण/शिलान्यास किया। इस मौके पर सीएम ने श्रमिकों को प्रमाणपत्र और टूल किट देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित हुआ। इस अवसर पर सीएम योगी ने कहा कि अटल आवासीय छात्रों को मेरिट सूची में स्थान हासिल करने पर बधाई। प्रधानाचार्यों को भी शुभकामनाएं। हमारा श्रमिक किसी भी मौसम में काम करता है। वह न रुकता है, न थकता है, न डिगता है। आपके पसीने की बूंद से धरती माता सोना उगलता है। जो श्रमिक दूसरे के घरों में इज्जत घर बनाते थे, उनकी इज्जत सड़कों पर दिखती थी। जो दूसरे के लिए अन्न उपजाते थे, उनके बच्चे खाने को परेशान थे। जो बड़े बड़े अस्पताल बनाते थे, उन्हें ही इलाज नहीं मिलता था। आज ऐसा नहीं है। श्रमिक भी सरकारी एजेंडे का हिस्सा बन सकता है, ये तभी संभव है जब संवेदनशील सरकार बनती है। आज भी फ्री में राशन उपलब्ध कराया जा रहा सीएम ने आगे कहा कि कोरोना कालखंड में सारे विपक्षी रातनेता रजाई तानकर घरों में छिप गए थे। उस समय केवल और केवल डबल इंजन सरकार थी। हम लोगों ने एक साथ 14 हजार बसें भेजीं। हमने कहा यहां पर कहीं का भी श्रमिक आए सबको फ्री में रहना और खाना देंगे। आज कोरोना के बाद भी सबको फ्री में राशन उपलब्ध कराया जा रहा है। पीएम मोदी ने श्रमिकों के लिए सामाजिक गारंटी की व्यवस्था की। उन्होंने कहा कि यूपी में श्रम एवं सेवायोजन मंत्रालय द्वारा बेहतर काम किया गया। आज गोरखपुर में 200 श्रमिकों के बेटियों की शादी खुद मंत्री उपस्थित रहकर उनकी आवभगत करेंगे। विधायक के घर की शादी में जाएं या न जाएं, लेकिन श्रमिकों की बेटियों की शादी में मंत्री खुद जा रहे हैं। आज यूपी के लोगों को यूपी के अंदर ही काम मिल रहा है। 9 वर्षों में 18 हजार से अधिक नए उद्योग लगे। 65 हजार से अधिक लोगों को रोजगार मिला है। आज यूपी भारत का ग्रोथ इंजन बनकर खड़ा है। काम के बदले दाम देना पड़ेगा सीएम ने कहा कि पहले लोग काम करा लेते थे, पैसे देने के समय टरका देते थे। लेकिन, हमने कहा कि काम कराओगे तो काम के बदले दाम देना पड़ेगा। यदि कोई दाम देने में हीलाहवाली करेगा तो उसका इलाज सरकार करेगी। 80 लाख के आसपास लोगों को पांच लाख तक के निशुल्क इलाज की व्यवस्था की है। हमने अभी उद्योगों में काम करने वाले श्रमिकों का कुछ मानदेय बढ़ाया है। दुर्घटना में मृतक श्रमिकों के लिए पांच लाख का बीमा कवर देने जा रहे हैं। सबकी इज्जत की पूरी ठेकेदारी सरकार की- ब्रजेश पाठक डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा कि आज प्रदेश हर क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने देशी अंदाज में लोगों से संवाद किया। कहा कि आज पहिले से अच्छी व्यवस्था है कि नहीं। काम करै के बाद जौन गारी गुप्ता करत रहे, आज उईं डेरात हैं कि नहीं? तुम्हार इज्जत की पूरी ठेकेदारी सरकार की है। कौनो दिक्कत होए तो हमका लिख भेजेएव। पीएम मोदी ने श्रमिकों के पैर धोकर सम्मानित किया डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि पहली बार 2019 के अर्द्ध कुंभ में पीएम मोदी ने खुद जमीन पर बैठकर श्रमिकों को कुर्सी पर बैठाकर उनके पैर धोकर सम्मानित किया। यह दृश्य हृदय को द्रवित करने वाला था। इसी तरह काशी विश्वनाथ धाम के शुभारंभ में पीएम मोदी ने गंगा स्नान करके सबसे पहले श्रमिकों का सम्मान किया। आप सबका बेहतर करना ही डबल इंजन की सरकार का प्रयास है। इस मौके पर मंत्री अनिल राजभर ने कहा कि भाजपा सरकार ने श्रमिकों की जीवन बदला है। ये बात दुनिया में चर्चा का विषय है। सरकार का सपना है कि आज मजदूर का बेटा मजदूर ही नहीं बनेगा। मजदूर का बेटा डॉक्टर बनेगा, इंजीनियर बनेगा, अधिकारी बनेगा। अटल आवासीय विद्यालय में बच्चे बेहतर शिक्षा ले रहे हैं। प्रदेश के श्रमिकों को बाहर न जाना पड़े, यहीं पर उन्हें काम मिले ये प्रयास जारी है।  

गीडा के उद्यमियों ने उठाए बिजली, मेंटेनेंस शुल्क और सीईटीपी मुद्दे; तत्काल निस्तारण का आदेश

 गोरखपुर मंडलीय उद्योग बंधु की बैठक में गीडा औद्योगिक क्षेत्र में बिजली आपूर्ति में गड़बड़ी का मामला छाया रहा।उद्यमियों के द्वारा ट्रिपिंग, कटौती और बिजली संबंधी समस्याओं के दूर करने में विभाग की लापरवाही संबंधी मामला उठाने पर कमिश्नर ने सख्त रूख अपनाया। उन्होंने मुख्य अभियंता को तत्काल प्रभाव से एक्सईएन से नोडल की जिम्मेदारी हटाने और एसडीओ की तैनाती सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। साथ ही संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि उद्योगों की स्थापना एवं संचालन में आने वाली बाधाओं को प्राथमिकता के आधार पर दूर किया जाए तथा निवेशकों को अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराया जाए। गुरुवार को कमिश्नर अनिल ढींगरा की अध्यक्षता में हुई मंडलीय उद्योग बंधु की बैठक आयोजित हुई। बैठक में चैंबर आफ इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष आरएन सिंह ने कहा कि गीडा के उद्यमी लंबे समय से बिजली संकट झेल रहे हैं। इस दौरान अन्य उद्यमियों ने बताया कि गीडा में तैनात एक्सईएन के पास नोडल अधिकारी की जिम्मेदारी भी है, लेकिन बार-बार शिकायत के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हो रहा। एक्सईएन से संपर्क करने पर अक्सर वह शहर से बाहर या बैठक में होने की बात कहते हैं, जिससे समस्याओं का समाधान लंबित रहता है। इस पर डीएम दीपक मीणा ने भी एक्सईएन से नोडल प्रभार हटाने की जरूरत बताई, जिसे स्वीकार करते हुए विभाग ने कार्रवाई का आश्वासन दिया। इस पर कमिश्नर के तत्काल प्रभाव से एक्सईएन से नोडल की जिम्मेदारी हटाने और एसडीओ की तैनाती सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। मुख्य अभियंता ने मौके पर ही इस आदेश का पालन करने का भरोसा दिया। एलपीजी टैंकर का मामला सुलझा, मेंटेनेंस शुल्क व सीईटीपी अटका बैठक में उद्यमियों ने गीडा क्षेत्र में सड़कों पर अवैध रूप से खड़े एलपीजी टैंकरों का मुद्दा भी जोर-शोर से उठाया। इसे गंभीरता से लेते हुए कमिश्नर ने एसपी ट्रैफिक और आरटीओ को संयुक्त रूप से स्थलीय निरीक्षण करने और नियमों के तहत कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इसके अलावा उद्योगों की स्थापना और संचालन में आ रही बाधाओं को लेकर भी चर्चा हुई। कमिश्नर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि निवेशकों को अनुकूल माहौल देने के लिए सभी विभाग आपसी समन्वय से काम करें और समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करें। हालांकि, गीडा क्षेत्र में उद्यमियों की समस्याएं लगातार उठने के बावजूद समाधान नहीं निकल पा रहा है। मेंटेनेंस शुल्क का मुद्दा लगातार तीन बैठकों से लंबित है। उद्यमियों का कहना है कि गीडा एक्ट के अनुसार लैंड कास्ट का एक प्रतिशत से अधिक शुल्क नहीं लिया जा सकता, जबकि प्रशासन हर वर्ष करीब 13 प्रतिशत वसूल रहा है। इसके बावजूद इस बार भी कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया। वहीं, कामन इफ्लूएंट ट्रीटमेंट प्लांट (सीईटीपी) का मामला करीब 12 बैठकों से एजेंडे में होने के बावजूद अधर में है। इसके संचालन को लेकर स्पष्ट नीति नहीं बन सकी है। निवेश मित्र पोर्टल पर लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश बैठक में निवेश मित्र पोर्टल पर लंबित स्वीकृतियों, अनापत्तियों और अनुमोदनों की समीक्षा भी की गई। कमिश्नर ने स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी लंबित मामलों का शत-प्रतिशत निस्तारण तय समय सीमा के भीतर प्राथमिकता के आधार पर किया जाए। इस दौरान सांख्यिकी विभाग से जुड़े मामलों में भी बेहतर समन्वय पर जोर दिया गया। बैठक में जिलाधिकारी दीपक मीणा, सीईओ गीडा अनुज मलिक, उद्यमी प्रवीण मोदी, भोला जायसवाल, अशोक साव, उमेश छापड़िया समेत कई अधिकारी और उद्यमी मौजूद रहे। कमिश्नर सभागार में हो गई उद्योग बंधु की बैठक बुधवार को विकास भवन स्थित सभागार में शाम पांच बजे से जिला उद्योग बंधु की बैठक आयोजित होनी थी। जबकि चार बजे से मंडलीय उद्योग बंधु की बैठक। मंडलीय उद्योग बंधु की बैठक में सभी अधिकारी व उद्यमी भी मौजूद रहे। इस दौरान डीएम ने मौके पर उद्यमियों से उनकी परेशानियों और मुद्दों पर चर्चा की। वहां भी बिजली के अलावा कुछ मामले उठाए गए। डीएम ने सभी मामलों पर बातचीत कर उनके तत्काल निस्तारण का भरोसा दिया।  

डॉ. बी.आर. आंबेडकर मूर्ति विकास योजना: पार्कों में नई छत्र, बाउंड्री और रोशनी का प्रावधान

फिरोजाबाद  यूपी के फिरोजाबाद सुहागनगरी में कहीं पर बगैर छतरी के आंबेडकर की प्रतिमा है तो कहीं पर पार्क की बाउंड्रीवॉल टूटी पड़ी है, लेकिन अब इनकी दशा बदलेगी। फिरोजाबाद के करीब 50 पार्कों के दिन बदलने वाले हैं। यूपी सरकार का ध्यान अब आंबेडकर पार्क की तरफ गया है तथा डॉ.बीआर आंबेडकर मूर्ति विकास योजना के तहत इन पार्कों के सौंदर्यीकरण के निर्देश दिए हैं। यूपी सरकार के प्रमुख सचिव राजेश कुमार सिंह ने सभी मंडलायुक्त को पत्र भेजा है जो जिला स्तर पर भी पहुंच गया है। पत्र में कहा है कि समाज सुधारकों एवं सांस्कृतिक विभूतियों की मूर्तियां राष्ट्री की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं सामाजिक विरासत है। वर्तमान में कई प्रतिमाएं स्थापित हैं, लेकिन कहीं पर छत्र नहीं है तो कहीं पर बाउंड्री। मौसम की मार के साथ अतिक्रमण भी होता है। प्रतिमाओं की गरिमा भी प्रभावित होती है। इसे देखते हुए डॉ.बीआर आंबेडकर मूर्ति विकास योजना को लागू किया है। इसके तहत इनका सौंदर्यीकरण किया जाएगा। जिले स्तर पर भी इसके तहत कार्य किया जाएगा। इसके साथ में लोगों में जनजागरूकता फैलाई जाएगी, ताकि लोगों में सामाजिक न्याय के ध्वज वाहक डॉ.आंबेडकर एवं महान विभूतियों के प्रति सम्मान की भावना विकसित हो सके। कहीं मूर्ति हुई जीर्ण-शीर्ण तो लगाएंगे नई मूर्ति योजना के तहत निर्देश दिए हैं कि अगर कहीं पर पुरानी लगी हुई मूर्ति जीर्ण शीर्ण हो गईहै तो उसके स्थान पर नई मूर्ति भी लगाई जा सकती है। हर विधानसभा में दस-दस पार्क, मिलेंगे एक करोड़ योजना के तहत हर विधानसभा में दस-दस आंबेडकर पार्क का चयन किया जाएगा। एक पार्क के सौंदर्यीकरण पर करीब दस लाख रुपये खर्च आने का अनुमान है। हालांकि जिले को अभी तक बजट करीब एक करोड़ रुपये की ही स्वीकृति हुई है। बीते दिनों विभागीय बैठक में मंत्री ने इस संबंध में निर्देश दिए। इस स्थिति में जिला प्रशासन अपने स्तर से परीक्षण करेगा कि किस पार्क में कितनी धनराशि खर्च हो। स्थल निरीक्षण के बाद होगा चयन इसके लिए पहले आवेदन मांगे जाएंगे। इसके बाद में अधिकारी पार्क में पहुंच कर स्थिति का जायजा लेंगे। स्थलीय निरीक्षण के बाद आने वाले आवेदनों में विकास संबंधी आगणन डीएम द्वारा चिन्हित कार्यदायी संस्थाओं द्वारा किया जाएगा। जिसकी मांग शासन को भेजी जाएगी। यह होंगे कार्य ● टिकाऊ एवं मौसम प्रतिरोधी छत्र का निर्माण। ● अनाधिकृत प्रवेश रोकने के लिए पांच फीट ऊंची बॉउंड्रीवाल, रेलिंग या फेसिंग। ● हरित क्षेत्र का निर्माण। ● मूर्ति के प्लेटफॉर्म का निर्माण। ● बेंच एवं पाथ वे की व्यवस्था। ● रात्रि में प्रकाश की व्यवस्था। ● मूर्ति के नाम एवं इतिहास को संक्षिप्त रूप से प्रदर्शिता करता हुआ बोर्ड। लेखक के बारे में

शोरूम में पुलिसवाले की हरकत: महिलाओं के अंडरगारमेंट्स को छूने का मामला सामने आया

लखीमपुर खीरी उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले से एक वायरल वीडियो ने पुलिस विभाग को कठघरे में खड़ा कर दिया है. सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहे इस वीडियो में पढ़ुआ थाने में तैनात एक हेड कांस्टेबल शॉपिंग मॉल के अंदर महिलाओं के अंडरगारमेंट्स सेक्शन में आपत्तिजनक हरकत करते नजर आ रहा है. वीडियो सामने आते ही लोगों में नाराजगी फैल गई और पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे।  बताया जा रहा है कि वीडियो में दिख रहा पुलिसकर्मी हेड कांस्टेबल प्रमोद कुमार वर्मा है, जो मॉल में टंगे महिलाओं के अंडरगार्मेंट्स को छूते हुए मुस्कुराता नजर आ रहा है. शुरुआती तौर पर पुलिस विभाग ने सफाई दी कि संबंधित कर्मचारी अपने परिवार के साथ खरीदारी के लिए मॉल गया था, लेकिन जैसे-जैसे वीडियो वायरल हुआ, मामला गंभीर होता चला गया।  जांच के दौरान जो तथ्य सामने आए, उन्होंने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया. पुलिस को पता चला कि 27 अप्रैल 2026 को होमगार्ड भर्ती परीक्षा के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए तैनात पढ़ुआ थाने के पांच पुलिसकर्मी अपनी ड्यूटी छोड़कर मॉल में घूमने चले गए थे. इसे कर्तव्य के प्रति घोर लापरवाही और अनुशासनहीनता माना गया।  इस मामले में जिले की पुलिस अधीक्षक ख्याति गर्ग ने कड़ा रुख अपनाते हुए पांचों पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया. निलंबित किए गए कर्मियों में हेड कांस्टेबल प्रमोद कुमार वर्मा, हेड कांस्टेबल राशीद चौधरी, कांस्टेबल विक्रांत चौधरी, कांस्टेबल रचित राजपूत और कांस्टेबल लोकेश पांडे शामिल हैं. पुलिस मीडिया सेल द्वारा इस कार्रवाई की जानकारी आधिकारिक व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से साझा की गई।  हालांकि, इस पूरे मामले पर पुलिस अधिकारियों ने मीडिया के सामने कोई औपचारिक बयान नहीं दिया है. सिर्फ निलंबन की सूचना जारी कर विभाग ने अपनी कार्रवाई का संकेत दिया है. इस घटना ने एक बार फिर पुलिसकर्मियों की जिम्मेदारी और आचरण को लेकर बहस छेड़ दी है। 

चिलुआताल में हंगामा, अपहरण केस के बाद फिर प्रेमी से मिलने पर अड़ी किशोरी

गोरखपुर गोरखपुर के चिलुआताल थाना क्षेत्र के एक गांव में गुरुवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब एक किशोरी प्रेमी के घर जाने की जिद में हाईटेंशन पोल पर चढ़ गई। घटना की सूचना फैलते ही मौके पर बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जुट गई। पुलिसवालों ने किसी तरह से समझा-बुझाकर ढाई घंटे बाद उसे नीचे उतारवाया। इससे पहले किशोरी की मां ने युवक पर अपहरण का केस दर्ज कराया था, जिसमें पुलिस ने बेटी को बरामद कर आरोपी युवक को जेल भेज दिया था। अब किशोरी फिर उसी के साथ जाना चाहती है। जानकारी के अनुसार, गुरुवार को किशोरी चिलुआताल इलाके में स्थित हाईटेंशन बिजली पोल पर चढ़ गई। देखते ही देखते आसपास के ग्रामीणों की भीड़ लग गई। पुलिस ने किशोरी को समझाने का प्रयास शुरू किया, लेकिन वह जिद पर अड़ी रही। इससे पहले इलाके के एक गांव की रहने वाली महिला ने 26 मार्च 2026 को तहरीर देकर आरोप लगाया था कि बालापार निवासी शिवम उर्फ गणेश उसकी नाबालिग बेटी को बहला-फुसलाकर भगा ले गया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए किशोरी को बरामद कर परिजनों को सौंप दिया था, जबकि आरोपी को जेल भेज दिया गया था। गुरुवार को किशोरी दोबारा प्रेमी के पास जाने की जिद पर अड़ गई और हाईटेंशन पोल पर चढ़ गई। पुलिस ने काफी देर तक उसे फोन के माध्यम से समझाया, लेकिन वह नहीं मानी। करीब ढाई घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस ने उसे आश्वासन दिया, जिसके बाद वह नीचे उतरने को तैयार हुई। पुलिस किशोरी को थाने ले गई, जहां समझाने-बुझाने के बाद उसे उसकी मां के सुपुर्द कर दिया गया। दुष्कर्म के आरोपी प्रेमी को जेल, 24 घंटे में चार्जशीट पीपीगंज थाना क्षेत्र के एक गांव में 15 वर्षीय किशोरी से दुष्कर्म के आरोपी प्रेमी विपिन विश्वकर्मा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को पुलिस ने गुरुवार को कोर्ट में पेश किया, जहां से जेल भेजा गया। उधर, पुलिस ने पीड़िता का कोर्ट में बयान दर्ज कराने के साथ ही मेडिकल परीक्षण भी करा दिया है। इस प्रकरण में 24 घंटे में ही पुलिस ने चार्जशीट भी लगा दी। घटना 28 अप्रैल की है। किशोरी के परिजन एक शादी समारोह में शामिल होने गए थे। घर पर केवल महिलाएं थीं, जो विवाह समारोह में व्यस्त थीं। इसी दौरान कैंपियरगंज थाना क्षेत्र के ग्राम गजरहिया निवासी विपिन विश्वकर्मा ने किशोरी को बहला फुसलाकर गांव में स्थित अपने मामा के घर ले जाकर कमरे में बंद कर दुष्कर्म किया। किशोरी इसके बाद घर चली गई और बुधवार को इसकी भनक भाई को लग गई। वह किशोरी को लेकर थाने पहुंच गया और सामूहिक दुष्कर्म का आरोप लगाया। लेकिन बाद में किशोरी की मां थाने पहुंच गई और प्रेमी विपिन विश्वकर्मा पर आरोप लगाते हुए तहरीर दी। पुलिस ने केस दर्ज कर आरोपी को हिरासत में ले लिया था। एसओ अरुण कुमार सिंह के मुताबिक, आरोपी को कोर्ट में पेश कर जेल भिजवा दिया गया। किशोरी का मेडिकल परीक्षण व मजिस्ट्रेट बयान दर्ज कराकर चार्जशीट लगा दिया गया। एसपी नार्थ, ज्ञानेंद्र ने कहा कि पुलिस महिला अपराध के प्रति संवेदनशील है। किशोरी से दुष्कर्म के आरोपी को जेल भिजवाने के साथ ही 24 घंटे में चार्जशीट लगा दी गई। पुलिस सजा दिलाने के लिए कोर्ट में भी मजबूत पैरवी करेगी।