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मुख्यमंत्री ने किया पोस्ट- नारी की सुरक्षा, सम्मान व स्वाभिमान ही सशक्त-समृद्ध समाज का आधार

नारी के सम्मान, स्वाभिमान और गरिमापूर्ण जीवन के लिए समर्पित है सरकार: मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री ने किया पोस्ट- नारी की सुरक्षा, सम्मान व स्वाभिमान ही सशक्त-समृद्ध समाज का आधार नारी सशक्तीकरण के नित नए कीर्तिमान स्थापित कर रही डबल इंजन सरकार: मुख्यमंत्री 2017 से पहले अराजकता के तांडव ने महिलाओं की सुरक्षा व सम्मान पर लगा रखा था ग्रहण लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शारदीय नवरात्रि की तृतीया पर मां चंद्रघंटा के स्वरूप की आराधना की। इसके महत्व पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने 'एक्स' पर लिखा कि डबल इंजन सरकार की हर पहल नारी के सम्मान, स्वाभिमान और गरिमापूर्ण जीवन के लिए समर्पित है। मां चंद्रघंटा के दिव्य स्वरूप का संदेश मुख्यमंत्री ने लिखा कि नारी शक्ति के तेज, गरिमा और अदम्य साहस के प्रतीक के रूप में मां चंद्रघंटा का दिव्य स्वरूप हमें यह संदेश देता है कि नारी की सुरक्षा, सम्मान व स्वाभिमान ही सशक्त और समृद्ध समाज का आधार है। इसी भावना को आत्मसात कर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के मार्गदर्शन में प्रदेश की डबल इंजन सरकार सुशासन के माध्यम से नारी सशक्तीकरण के नित नए कीर्तिमान स्थापित कर रही है। 2017 से पहले सत्ताधीशों के परिवारों का होता था सशक्तीकरण  मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में फैले अराजकता के तांडव ने महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान पर ग्रहण लगा रखा था। उस समय माताओं-बहनों के सशक्तीकरण के बजाय सत्ताधीशों के परिवारों का सशक्तीकरण ही मुख्य उद्देश्य हुआ करता था। मातृत्व को सहारा, इज्जत घर से गरिमा की रक्षा मुख्यमंत्री ने कहा कि अब 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' से बेटियों के अस्तित्व की रक्षा, शिक्षा के प्रति जागरूकता, मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना से उनके उज्ज्वल भविष्य को संबल, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना से विवाह को गरिमापूर्ण आधार, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना से मातृत्व को सहारा, उज्ज्वला से धुएं से मुक्ति, इज्जत घर से गरिमा की रक्षा, घरौनी से संपत्ति का अधिकार, 60 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं के लिए आजीवन निःशुल्क बस यात्रा और वृद्धावस्था पेंशन के माध्यम से सामाजिक सुरक्षा तक, डबल इंजन सरकार की हर पहल नारी के सम्मान, स्वाभिमान और गरिमापूर्ण जीवन के लिए समर्पित है।

नौकरी मांगने के बजाय रोजगार दे रहे युवा, यूपी राइज में दिखा नया नजरिया

नौकरी मांगने के बजाय अब रोजगार देने वाले… यूपी राइज में दिखी युवा नवाचार की ताकत – पोल्ट्री फार्मिंग में बीमारी की पहचान के नवाचार पर डॉ. अजय यादव को 25 हजार रुपये का पुरस्कार – एआई आधारित शिक्षा और ग्लोबल स्टार्टअप से जुड़ने के समाधान भी प्रस्तुत, दो रनर अप को ट्रॉफी ग्रेटर नोएडा  युवाओं को नौकरी तलाशने के बजाय रोजगार देने वाला बनाने और उत्तर प्रदेश को नवाचार व स्टार्टअप का केंद्र बनाने की योगी सरकार की सोच को सोमवार को यूपी राइज कार्यक्रम में नई दिशा मिली। बेनेट यूनिवर्सिटी में आयोजित कार्यक्रम में युवाओं ने पोल्ट्री फार्मिंग में बीमारियों की शुरुआती पहचान, एआई आधारित शिक्षा और विदेश में पढ़ाई के साथ स्टार्टअप पर काम करने जैसे समाधान प्रस्तुत किए। हरियाणा के महेंद्रगढ़ निवासी डॉ. अजय यादव ने प्रथम पुरस्कार जीता। उन्हें 25 हजार रुपये का नकद पुरस्कार दिया गया, जबकि सोनल कुकरेजा फर्स्ट रनर अप और सना शर्मा सेकेंड रनर अप रहीं। दोनों को ट्रॉफी प्रदान की गई। कार्यक्रम का शुभारंभ कुलपति डॉ. राज सिंह, प्रो. सिद्धार्थ शंकर तथा मेंटर हर्षित देसाई, ज्योति तिवारी और राहुल जैन ने किया। युवाओं ने ड्रोन तकनीक, विज्ञान, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), शिक्षा और पशुपालन सहित विभिन्न क्षेत्रों में नवाचार प्रस्तुत किए। इनका उद्देश्य सामाजिक समस्याओं का समाधान तलाशने के साथ रोजगार और उद्यमिता के नए अवसर तैयार करना रहा। बीमारी की शुरुआती पहचान और समाधान ने बनाया विजेता पेशे से एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अजय यादव ने पोल्ट्री फार्मिंग में पक्षियों की बीमारियों की शुरुआती चरण में पहचान और निदान के लिए तकनीक आधारित समाधान प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि उनके नवाचार में हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर सहित विभिन्न तकनीकों को शामिल किया गया है। इसका उद्देश्य बीमारी का समय रहते पता लगाकर नुकसान कम करने में मदद करना है। मेंटर ने उनके नवाचार को प्रथम स्थान के लिए चुना और 25 हजार रुपये का नकद पुरस्कार दिया। दिल्ली की सोनल कुकरेजा ने दूसरे और तीसरे स्तर के शहरों में रहने वाले बच्चों की पढ़ाई आसान बनाने के लिए एआई आधारित ऐप तैयार किया है। उनके अनुसार, बच्चे यूट्यूब सहित अलग-अलग ऑनलाइन मंचों पर अध्ययन सामग्री तलाशते हैं, जिससे कई बार भ्रम की स्थिति बनती है और समय भी अधिक लगता है। उनका ऐप विभिन्न पाठ्यक्रमों से जुड़ी समस्याओं के समाधान एक ही मंच पर उपलब्ध कराने का प्रयास करता है। वह फर्स्ट रनर अप रहीं। दिल्ली की सना शर्मा ने ‘ट्रैवल्सी’ नाम से ऐसा मंच बनाया है, जिसके माध्यम से विदेश में पढ़ाई करने वाले विद्यार्थी अपनी शिक्षा के दौरान दूसरे देशों के स्टार्टअप के साथ काम कर सकते हैं। इससे उन्हें व्यावहारिक अनुभव मिलता है। स्टार्टअप के साथ काम करने की अवधि पूरी होने के बाद उन्हें अपना कारोबार शुरू करने में भी मदद मिल सकती है। सना सेकेंड रनर अप रहीं। दोनों रनर अप को ट्रॉफी प्रदान की गई। एआई और कौशल विकास पर जोर बेनेट यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ. राज सिंह ने शिक्षा में एआई और तकनीकी बदलाव के महत्व पर जोर दिया। एआई शिक्षा को अधिक प्रभावी बनाने, समस्याओं के समाधान तलाशने और विद्यार्थियों को भविष्य की जरूरतों के लिए तैयार करने में उपयोगी हो सकता है। नवाचार को व्यावहारिक अनुभव और कौशल विकास से जोड़ना युवाओं को रोजगार और उद्यमिता के लिए तैयार करने में मददगार है। कार्यक्रम में सॉफ्टवेयर इंजीनियर एवं शिक्षाविद् सौम्या सिंह, एआई एजुकेटर और वनरोडमैप डॉट एआई के संस्थापक गौरव घई तथा शिक्षा मंत्रालय के अंतर्गत बोर्ड ऑफ अप्रेंटिसशिप ट्रेनिंग के कंसल्टेंट चैतन्य के. चौबे और मोहम्मद दाऊद भी मौजूद रहे। मेंटर हर्षित देसाई, ज्योति तिवारी और राहुल जैन ने भी युवाओं को मार्गदर्शन दिया। 12 स्टार्टअप ने प्रस्तुत किए नवाचार कार्यक्रम में ट्रिप्ज़ी, एनॉर्थ, स्टेपकोड, वर्डियोनेक्स, चिल्ड्रेन हू कोड, ज़ोरियन इंडस्ट्रीज़ प्राइवेट लिमिटेड, स्यिंक, वेलकोरिस इंडस्ट्रीज़, प्रानिक्स टेक्नोलॉजी/स्मार्ट, पोल्ट्री फार्मिंग, ट्रैवल्सी और टेरासोल्स से जुड़े स्टार्टअप एवं नवाचार प्रस्तुत किए गए। इन पहलों ने तकनीक, शिक्षा, यात्रा और पशुपालन के क्षेत्र में समस्याओं के समाधान तथा रोजगार सृजन की संभावनाएं सामने रखीं।

बाढ़ का पानी उतरते ही एक्शन में लखनऊ नगर निगम, 70 एकड़ में ड्रोन से एंटी लार्वा का छिड़काव

बाढ़ प्रभावित इलाकों में सफाई अभियान तेज, योगी सरकार का जलनिकासी और स्वास्थ्य सुरक्षा पर जोर बाढ़ का पानी उतरते ही एक्शन में लखनऊ नगर निगम, 70 एकड़ में ड्रोन से एंटी लार्वा का छिड़काव जीआईएस मैपिंग के आधार पर जोन-3 और जोन-6 में सेक्टरवार कार्ययोजना तैयार नालियों की सफाई, कीचड़ हटाने और जलनिकासी व्यवस्था सुधारने पर जोर ब्लीचिंग पाउडर, चूने और एंटी लार्वा के छिड़काव से मच्छरजनित बीमारियों पर नियंत्रण की तैयारी लखनऊ योगी सरकार बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जनजीवन सामान्य बनाने और लोगों को संक्रामक व मच्छरजनित बीमारियों से बचाने के लिए राहत एवं स्वच्छता संबंधी कार्यों पर जोर दे रही है। इसी क्रम में लखनऊ नगर निगम ने बाढ़ का पानी उतरने के साथ ही प्रभावित इलाकों में सफाई, जलनिकासी और स्वास्थ्य सुरक्षा के कार्य तेज करने की तैयारी शुरू कर दी है। नगर आयुक्त गौरव कुमार ने जोन-3 के जोनल कार्यालय में अपर नगर आयुक्त अरुण कुमार गुप्त और संबंधित अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर अभियान को तत्काल गति देने के निर्देश दिए। बैठक में जोन-3 और जोन-6 के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जलस्तर कम होने के बाद किए जाने वाले कार्यों की समीक्षा की गई। नगर आयुक्त ने निर्देश दिए कि जिन इलाकों से पानी उतर चुका है, वहां मड पंप लगाकर डीसिल्टिंग और सफाई कराई जाए। ताकि ताकि प्रभावित गलियों और नालियों से जमा मिट्टी, कीचड़ और गंदगी को हटाया जा सके। जीआईएस मैपिंग से तैयार हुई सेक्टरवार कार्ययोजना बाढ़ प्रभावित इलाकों में सफाई अभियान को व्यवस्थित और प्रभावी बनाने के लिए नगर निगम ने जीआईएस मैपिंग के आधार पर कार्ययोजना तैयार की है। प्रभावित क्षेत्रों को अलग-अलग सेक्टरों में बांटकर प्रत्येक सेक्टर के लिए प्रभारी नियुक्त किए गए हैं। इंजीनियरिंग, स्वास्थ्य और जलकल विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की तैनाती के साथ गलीवार सुपरवाइजरों की जिम्मेदारी भी तय की गई है। इससे विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित करने और कार्यों की नियमित निगरानी में मदद मिलेगी। 400 से 500 अतिरिक्त सफाई कर्मचारियों लगाए जा रहे बड़े पैमाने पर सफाई अभियान संचालित करने के लिए नगर निगम के अन्य जोनों से भी अतिरिक्त मानवबल बुलाया जाएगा। बैठक में एलएसए और एलएसजी से कर्मचारियों की तैनाती के निर्देश दिए गए। प्रारंभिक आकलन के अनुसार प्रभावित क्षेत्रों में सफाई कार्यों के लिए करीब 400 से 500 अतिरिक्त कर्मचारियों की आवश्यकता है। संबंधित एजेंसियों को आवश्यक मानवबल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। जलस्तर कम होने के अनुसार अलग-अलग क्षेत्रों में चरणबद्ध तरीके से अभियान चलाया जाएगा। 70 एकड़ क्षेत्र में ड्रोन से एंटी लार्वा का छिड़काव जलभराव के बाद मच्छरों के प्रजनन और मच्छरजनित बीमारियों की आशंका को कम करने के लिए नगर निगम एंटी लार्वा का छिड़काव करा रहा है। जोन-3 और जोन-6 में कुल 70 एकड़ क्षेत्र में ड्रोन के माध्यम से दवा का छिड़काव किया गया है। जोन-3 के फैजुल्लागंज में 44 एकड़ क्षेत्र में ड्रोन से एंटी लार्वा का छिड़काव कराया गया। घैला रोड पर टैंकर से भी दवा का छिड़काव किया गया। दाउदनगर की 60 फीट रोड पर सोडियम हाइपोक्लोराइट और ब्लीचिंग का छिड़काव करने के साथ सफाई तथा झाड़ियों की कटाई कराई गई। गणेश बाग, सन्मंत विहार और मिल्लत नगर में भी ड्रोन से दवा का छिड़काव किया गया। मामा कॉलोनी और पुराने दाउदनगर में पानी उतरने के बाद सूख चुकी गलियों में ब्लीचिंग का छिड़काव, नालियों की सफाई और झाड़ियों की कटाई कराई गई। जोन-6 में भी स्वच्छता और जलनिकासी पर जोर जोन-6 के सैथा में 18 एकड़ और हयात नगर में 8 एकड़ क्षेत्र में ड्रोन से एंटी लार्वा का छिड़काव कराया गया। इस प्रकार जोन-6 में कुल 26 एकड़ क्षेत्र को कवर किया गया। हयात नगर, सैथा, टांड़खेड़ा और दौलतखेड़ा में जलभराव वाले क्षेत्रों तथा पानी के किनारे ब्लीचिंग पाउडर, चूने और एंटी लार्वा का छिड़काव किया गया। हरि नगर और मिश्री की बगिया में भी सफाई एवं स्वास्थ्य सुरक्षा संबंधी कार्य कराए गए। हयात नगर और दौलतखेड़ा में सड़क किनारे की नालियों की सफाई कर जलनिकासी व्यवस्था सुधारने पर जोर दिया गया। जलभराव के बाद स्वच्छता और स्वास्थ्य सुरक्षा पर विशेष ध्यान बाढ़ का पानी उतरने के बाद प्रभावित क्षेत्रों में जमा गंदगी, कीचड़ और मच्छरों के प्रजनन की आशंका को देखते हुए नगर निगम द्वारा सफाई एवं स्वास्थ्य सुरक्षा संबंधी कार्यों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। एंटी लार्वा छिड़काव के साथ ब्लीचिंग पाउडर, चूने और सोडियम हाइपोक्लोराइट का प्रयोग किया जा रहा है। वहीं, नालियों की सफाई और झाड़ियों की कटाई के माध्यम से प्रभावित इलाकों को स्वच्छ बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। नगर निगम की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति के अनुसार कार्य कर रही हैं, ताकि बाढ़ के बाद स्वच्छता बनाए रखने और मच्छरजनित बीमारियों की आशंका कम करने में सहायता मिल सके।

योगी सरकार का युवाओं को तोहफा, अवर अभियंता के 1536 पदों पर भर्ती शुरू

योगी सरकार में तकनीकी युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर, अवर अभियंता के 1536 पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू यांत्रिक के 1156 और विद्युत के 380 पदों के लिए ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित पीईटी 2025 (PET-2025) के स्कोर के आधार पर होगी शॉर्टलिस्टिंग लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में युवाओं को पारदर्शी एवं योग्यता आधारित रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूपीएसएसएससी) ने अवर अभियंता (यांत्रिक) और अवर अभियंता (विद्युत) के कुल 1536 रिक्त पदों पर भर्ती के लिए अलग-अलग विज्ञापन जारी किए हैं। इससे प्रदेश के तकनीकी योग्यता रखने वाले युवाओं के लिए सरकारी सेवा में प्रवेश का नया अवसर उपलब्ध होगा। आयोग द्वारा सोमवार को अवर अभियंता (यांत्रिक) के 1156 पदों के लिए तथा अवर अभियंता (विद्युत) के 380 पदों के लिए विज्ञापन जारी किया गया है।  यांत्रिक के 1156 पदों के लिए 3 नवंबर से आवेदन अवर अभियंता (यांत्रिक) मुख्य परीक्षा के लिए ऑनलाइन पंजीकरण और शुल्क जमा करने की प्रक्रिया 3 नवंबर 2026 से शुरू होगी। अभ्यर्थी 25 नवंबर 2026 तक ऑनलाइन आवेदन और शुल्क जमा कर सकेंगे। शुल्क समायोजन एवं आवेदन में अनुमन्य संशोधन की अंतिम तिथि 2 दिसंबर 2026 निर्धारित की गई है। विद्युत के 380 पदों पर 6 नवंबर से आवेदन अवर अभियंता (विद्युत) मुख्य परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 6 नवंबर 2026 से शुरू होगी। आवेदन और शुल्क जमा करने की अंतिम तिथि 27 नवंबर 2026 तथा शुल्क समायोजन एवं आवेदन संशोधन की अंतिम तिथि 4 दिसंबर 2026 निर्धारित की गई है। पीईटी-2025 के आधार पर होगी मुख्य परीक्षा के लिए शॉर्टलिस्टिंग दोनों भर्तियों में वही अभ्यर्थी आवेदन कर सकेंगे, जिन्होंने प्रारम्भिक अर्हता परीक्षा (पीईटी)-2025 में प्रतिभाग किया है और आयोग द्वारा उन्हें पीईटी-2025 का स्कोर कार्ड जारी किया गया है। मुख्य परीक्षा के लिए अभ्यर्थियों की शॉर्टलिस्टिंग पीईटी-2025 के नार्मलाइज्ड स्कोर और मेरिट के आधार पर की जाएगी। आयोग ने स्पष्ट किया है कि पीईटी-2025 में वास्तविक अथवा नार्मलाइज्ड स्कोर शून्य या उससे कम/नकारात्मक होने वाले अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा के लिए शॉर्टलिस्ट नहीं किया जाएगा। पारदर्शी चयन प्रक्रिया पर सरकार का जोर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार लगातार सरकारी भर्तियों में पारदर्शिता, निष्पक्षता और योग्यता आधारित चयन पर जोर दे रही है। अवर अभियंता के 1536 पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू होने से प्रदेश के तकनीकी रूप से दक्ष युवाओं को सरकारी विभागों में सेवा का अवसर मिलेगा और विभिन्न विभागों के तकनीकी मानव संसाधन को भी मजबूती मिलेगी। आयोग ने पीईटी-2025 के परिणाम में अंडर इंवेस्टिगेशन (यूआई) और प्रोविजनल श्रेणी में चिह्नित अभ्यर्थियों को भी अंतिम निर्णय होने तक मुख्य परीक्षाओं में आवेदन की सशर्त अनुमति दी है। हालांकि, ऐसे अभ्यर्थियों की शॉर्टलिस्टिंग और चयन संबंधी आगे की कार्रवाई आयोग स्तर पर चल रही जांच के अंतिम निर्णय के अधीन होगी। अभ्यर्थी आयोग की आधिकारिक वेबसाइट upsssc.gov.in पर विज्ञापन, पात्रता एवं आवेदन संबंधी विस्तृत जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

UPPCL की नई सुविधा शुरू, मोबाइल से WhatsApp पर करें बिजली संबंधी शिकायत, जल्द मिलेगी मदद

प्रयागराज  बिजली उपभोक्ताओं के लिए अच्छी खबर है। अब आपको बिजली से संबंधित छोटे-छोटे कामों के लिए विभाग के कार्यालयों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। उप्र पावर कारपोरेशन लिमिटेड (UPPCL) ने वाट्सएप चैटबाट सेवा की शुरुआत की है। इसकी मदद से अब आप घर बैठे बिजली विभाग से संबंधित काम आसानी से निपटा सकते हैं। बिजली बिल अधिक आने, पावर कट समेत अन्य शिकायतें दर्ज करा सकते हैं। साथ ही खुद बिजली का बिल भी बना सकते हैं। डिस्काम वार वाट्सएप चैटबाट सेवा उप्र पावर कारर्पोरेशन लिमिटेड ने बिजली उपभोक्ताओं के लिए डिजिटल सेवाओं को और आसान बनाते हुए डिस्काम वार वाट्सएप चैटबाट सेवा की शुरुआत की है। इसकी मदद से अब उपभोक्ता घर बैठे अपने मोबाइल पर वाट्सएप संदेश भेजकर बिजली बिल की जानकारी, ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराने और सेल्फ बिल जनरेट जैसी सेवाओं का 24 घंटे लाभ उठा सकते हैं। मीटर रीडिंग, बिल संबंधी काम स्मार्टफोन से करें उपभोक्ता अपने स्मार्टफोन के माध्यम से कुछ ही देर में अपनी समस्या का समाधान पा सकतेहैं। इस नई व्यवस्था से अब उपभोक्ताओं को बिल संबंधी सामान्य जानकारियों, नया बिल निकलवाने या मीटर रीडिंग की शिकायत दर्ज कराने के लिए उपकेंद्र या अधिकारियों के कार्यालयों तक जाने की जरूरत नहीं होगी। घर बैठे बिलिंग देख भुगतान कर सकेंगे  बिजली विभाग के अधीक्षण अभियंता केके सारस्वत ने बताया कि वाट्सएप चैटबाट से उपभोक्ताओं को काफी लाभ मिलेगा। वे घर बैठे बिजली संबंधित शिकायतों को दर्ज कराने के साथ ही बिलिंग देखकर भुगतान कर सकते हैं। वाट्सएप चैटबाट सेवा को ऐसे करें डाउनलोड – डिस्काम का वाट्सएप नंबर अपने मोबाइल में सेव करें। – वाट्सएप खोलकर उस नंबर पर हैलो लिखकर भेजें। – चैटबाट द्वारा मांगे जाने पर अपना बिजली उपभोक्ता खाता नंबर दर्ज करें। – यदि चैटबाट संदेश भेजने के लिए कहता है तो उसके निर्देश के अनुसार संदेश भेजें। – उपलब्ध विकल्पों में से अपनी जरूरत की सेवा चुनें। ये मिलेंगी सुविधाएं – बिजली बिल देखना। – ऑनलाइन बिजली बिल भुगतान करना। – सेल्फ बिल जनरेशन। – बिल सुधार अनुरोध दर्ज करना। – मीटर संबंधी शिकायतें दर्ज करना। – सेवा अनुरोध की स्थिति देखना। – पंजीकृत मोबाइल नंबर से संबंधित कुछ अन्य सुविधाओं का उपयोग करना।  

बरेली में 68,000 ग्राम प्रहरी सम्मानित करेंगे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार को बरेली में करेंगे 68,000 ग्राम प्रहरियों का सम्मान ग्राम सुरक्षा और अपराध नियंत्रण में उल्लेखनीय भूमिका निभाने वाले प्रहरियों का बढ़ेगा मान रिजर्व पुलिस लाइन में आयोजित होगा समारोह, कई मंत्री और जनप्रतिनिधि रहेंगे मौजूद लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार, 13 अक्टूबर को नाथ नगरी बरेली में आयोजित कार्यक्रम के दौरान प्रदेश के 68,000 ग्राम प्रहरियों का सम्मान करेंगे। पुलिस प्रशासन के सूचना तंत्र को मजबूत करने और अपराध नियंत्रण में सराहनीय भूमिका निभाने के उपलक्ष्य में ग्राम प्रहरियों का यह सम्मान समारोह रिजर्व पुलिस लाइन में होगा। इस दौरान वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना और पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह उपस्थित रहेंगे। इनके साथ ही सहकारिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जेपीएस राठौर, वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अरुण कुमार सक्सेना, गन्ना विकास एवं चीनी मिल राज्य मंत्री संजय सिंह गंगवार सहित बरेली के महापौर डॉ. उमेश गौतम, सांसद छत्रपाल सिंह गंगवार, राज्यसभा सदस्य श्रुति गंगवार, विधायक डॉ. राघवेंद्र शर्मा, संजीव अग्रवाल, डॉ. डी.सी. वर्मा, डॉ. एम.पी.आर्य व विधान परिषद सदस्य बहोरन लाल मौर्य, कुंवर महाराज सिंह भी मौजूद रहेंगे।

‘लोहिया के आदर्शों से सपा का कोई लेना-देना नहीं’, अनिल राजभर ने अखिलेश को घेरा

'परिवारवाद और अपराधियों को संरक्षण देना सपा का एजेंडा', कैबिनेट मंत्री धर्मपाल सिंह का आरोप 'फर्जी मतदाताओं के नाम हटने से परेशान है विपक्ष', धर्मपाल सिंह का तीखा वार ‘चुनाव आयोग पर सवाल उठाकर अभी से 2027 की हार का बहाना बनाने में जुट गए हैं अखिलेश’, दिनेश प्रताप सिंह का हमला 'साढ़े चार साल सोते हैं, चुनाव आते ही जाति-धर्म की राजनीति करते हैं अखिलेश': बीजेपी के मुख्य प्रवक्ता दिनेश सिंह लखनऊ उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर और धर्मपाल सिंह के साथ बीजेपी के मुख्य प्रवक्ता दिनेश प्रताप सिंह ने सोमवार को समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला। तीनों ने सपा के परिवारवाद, PDA, महिला सुरक्षा और चुनाव आयोग को लेकर अखिलेश यादव की राजनीति पर सवाल उठाए। 'लोहिया के समाजवाद से अखिलेश का कोई लेना-देना नहीं' कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर ने कहा कि डॉ. राममनोहर लोहिया परिवारवाद की राजनीति के विरोधी थे और उन्होंने सनातन परंपरा के सम्मान की बात की थी। राजभर ने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी अब लोहिया के सिद्धांतों से दूर हो चुकी है। उनके मुताबिक, अखिलेश यादव की राजनीति का लोहिया के समाजवाद से कोई संबंध नहीं रह गया है। राजभर ने चुनाव आयोग पर अखिलेश यादव के सवालों को लेकर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सपा को आगामी विधानसभा चुनाव में हार का अंदेशा है, इसलिए वह पहले से ही हार के बहाने तैयार कर रही है। 'फर्जी मतदाताओं के नाम हटने से परेशान है विपक्ष' कैबिनेट मंत्री धर्मपाल सिंह ने एसआईआर और चुनाव आयोग को लेकर विपक्ष के आरोपों पर कहा कि विपक्ष के पास विकास और जनकल्याण का कोई ठोस एजेंडा नहीं है। उनके मुताबिक, जनता के बीच स्वीकार्यता घटने के कारण विपक्ष एसआईआर को मुद्दा बना रहा है। धर्मपाल सिंह ने कहा कि फर्जी नाम हटने से विपक्ष परेशान है और इसी वजह से चुनाव आयोग पर सवाल उठा रहा है। 'जहां दिखा सपाई, वहां बिटिया घबराई' धर्मपाल सिंह ने कहा कि सपा सरकार के दौरान महिलाओं  के सुरक्षा की क्या स्थिति थी ये पूरा प्रदेश जानता है। उन्होंने कहा कि सपाई को देखकर ही बेटियां सहम जाती थीं। कैबिनेट मंत्री ने कहा कि आज भाजपा सरकार में महिलाओं, बेटियों, व्यापारियों और आम लोगों की सुरक्षा प्राथमिकता है। 'चुनाव जीतने पर आयोग ठीक, हारने पर सवाल' भाजपा प्रवक्ता दिनेश प्रताप सिंह ने चुनाव आयोग के प्रमुख को हटाने की मांग और विपक्ष के प्रदर्शनों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि एनडीए को हराने के लिए विपक्ष कई तरीके आजमा चुका है, लेकिन उसे सफलता नहीं मिली। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष अपनी कमियों पर विचार करने के बजाय सत्ता हासिल करने के लिए दूसरे रास्ते तलाश रहा है। उन्होंने अखिलेश यादव और राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि जिन राज्यों में विपक्ष चुनाव जीतता है, वहां चुनाव आयोग, ईवीएम और मतगणना की व्यवस्था पर सवाल नहीं उठाए जाते, लेकिन हार मिलने पर पूरी व्यवस्था पर आरोप लगाए जाते हैं। उन्होंने इसे विपक्ष का दोहरा रवैया बताते हुए कहा कि जनता ऐसे नैरेटिव को समझती है। 'साढ़े चार साल सोते हैं, चुनाव आते ही जाति-धर्म याद आता है' दिनेश प्रताप सिंह ने अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि सपा प्रमुख चुनाव नजदीक आने पर जाति और धर्म के आधार पर राजनीति करने लगते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अखिलेश अपनी कमियों पर विचार करने के बजाय भाजपा और सरकार पर आरोप लगा रहे हैं। दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि सपा प्रमुख अखिलेश यादव को लोहिया जी के विचारों से कोई लेना-देना नहीं है। वो मुख्तार और अतीक के विचारों को फॉलो करते हैं।

अयोध्या से चुनाव लड़ने की सीएम योगी की चुनौती पर राजभर ने अखिलेश को घेरा

अयोध्या और जहूराबाद आपको पुकार रहा है', ओपी राजभर ने अखिलेश पर साधा निशाना, बोले-उम्मीद है भगोड़े साबित नहीं होंगे   लखनऊ सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) प्रमुख और यूपी सरकार में कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट कर राजभर ने सपा सुप्रीमो पर निशाना साधते हुए कहा कि इतिहास गवाह है कि ललकार कर भागने वाले को ‘भगोड़ा’ बोलते हैं!” उन्होंने कहा कि उम्मीद है अखिलेश भगोड़े साबित नहीं होंगे। ‘जिस मुद्दे पर बोलना होता है, उस पर क्यों नहीं बोलते?’ राजभर ने अखिलेश यादव से सवाल किया कि जिन मुद्दों पर बोलना चाहिए, उन पर आप चुप क्यों रहते हैं? उन्होंने कहा, “क्यों बढ़-चढ़कर और बड़ी-बड़ी करते हैं महाराज? जिस मुद्दे पर बोलना होता है, उस पर क्यों नहीं कुछ बोलते?” राजभर ने सपा प्रमुख से कांग्रेस नेताओं से जुड़े विवाद पर खुलकर अपना पक्ष रखने की चुनौती दी। कैबिनेट मंत्री ने कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अजय राय, महिला नेता और इमरान मसूद से जुड़े विवाद का जिक्र करते हुए अखिलेश से पूछा कि इमरान मसूद के गिरेबान पर हाथ लगाना सही था या नहीं। उन्होंने कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी के हाथ जोड़कर माफी मांगने के मामले पर भी सवाल उठाया। राजभर ने लिखा कि अखिलेश को यह भी बताना चाहिए कि कांग्रेस नेताओं की कथित गाली-गलौज उचित थी या नहीं। ‘2027 में बड़बोलापन और अहंकार मटियामेट होगा’ राजभर ने अपने पोस्ट में 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव का जिक्र करते हुए सपा प्रमुख और उनके सहयोगियों पर निशाना साधा। उन्होंने लिखा, “खैर, आ रहा है 2027, इस बार आपका और आपके दोस्तों का बड़बोलापन और अहंकार दोनों मटियामेट हो जाएगा।” उन्होंने कहा, “यूपी का स्वाभिमान जीतेगा, 27 यूपी जीतेगा।”

‘जनता 2027 में अखिलेश को फिर सबक सिखाएगी’, डॉ. अरुण कुमार सक्सेना ने सपा पर बोला हमला’

'हारने पर ही EVM और चुनाव आयोग पर उठाते हैं सवाल', भाजपा प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी का अखिलेश पर पलटवार 'लोहिया के आदर्शों से कोई तालमेल नहीं', राजेश चौधरी ने अखिलेश की राजनीति पर उठाए सवाल 'PDA के नाम पर समाज को बांट रही सपा', भाजपा विधायक राजेश चौधरी का आरोप लखनऊ समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव पर उत्तर प्रदेश सरकार के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. अरुण कुमार सक्सेना, भाजपा प्रदेश प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी और भाजपा विधायक राजेश चौधरी ने तीखा हमला बोला है। बीजेपी ने कहा कि महिलाओं के सम्मान का ढोंग करने वाले अखिलेश यादव की असलियत पूरे प्रदेश को पता है। उनका पीडीए महज एक छलावा है और 2027 में यूपी की जनता उन्हें फिर से सबक सिखाएगी। महिला पत्रकारों के सम्मान और सुरक्षा को लेकर अखिलेश यादव के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए उत्तर प्रदेश सरकार के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. अरुण कुमार सक्सेना ने कहा कि महिला पत्रकारों का सम्मान होना चाहिए। हर महिला का सम्मान होना चाहिए। हमारी पार्टी (भाजपा) ने महिलाओं का हमेशा सम्मान किया है। मंत्री ने कहा कि समाजवादी पार्टी अपना दौर भूल गई है जब महिलाओं के साथ खुलेआम दरिंदगी होती थी। हर दिन प्रदेश में दंगा होता था। यूपी की जनता तीसरी बार अखिलेश यादव को सबक सिखाएगी। 'महिला सुरक्षा पर बोलने का सपा को नैतिक अधिकार नहीं' भाजपा प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने अखिलेश यादव पर पलटवार करते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी को महिला सुरक्षा पर बोलने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा के शासनकाल में महिलाओं के खिलाफ दुर्व्यवहार करने वालों को संरक्षण दिया जाता रहा। भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि आज अखिलेश पत्रकारों के सम्मान की बात कर रहे हैं, जबकि अपनी हर प्रेस कॉन्फ्रेंस में वो पत्रकारों को अपमानित करते हैं। चुनाव आयोग पर अखिलेश के सवालों पर पलटवार चुनाव आयोग और EVM को लेकर अखिलेश यादव के सवालों पर राकेश त्रिपाठी ने सपा पर सुविधानुसार राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जब सपा को चुनाव में अच्छे परिणाम मिलते हैं, तब उसे चुनाव आयोग से शिकायत नहीं होती, लेकिन नतीजे प्रतिकूल होने पर आयोग और EVM पर सवाल उठाए जाते हैं। त्रिपाठी ने कहा कि चुनाव जीतने के लिए जनता का दिल जीतना जरूरी है। उनके अनुसार, चुनाव आयोग पर आरोप लगाना और EVM को दोष देना लोकतंत्र को मजबूत करने के बजाय कमजोर करने का प्रयास है। केवल लोहिया का नाम लेने के बजाय उनके आदर्शों पर चलें राकेश त्रिपाठी ने कहा कि लोहिया रामायण मेलों की बात करते थे, जबकि सपा नेताओं पर रामचरितमानस को फाड़ने और जलाने के आरोप लगे। त्रिपाठी ने आरोप लगाया कि लोहिया परिवारवाद की राजनीति के विरोधी थे, जबकि समाजवादी पार्टी आज परिवारवाद को समर्पित हो गई है। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव को केवल लोहिया का नाम लेने के बजाय उनके बताए आदर्शों पर चलकर दिखाना चाहिए। अखिलेश और लोहिया के आदर्शों में कोई तालमेल नहीं भाजपा विधायक राजेश चौधरी ने कहा कि अखिलेश यादव और डॉ. राममनोहर लोहिया के आदर्शों में कोई तालमेल नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव लोहिया के नाम का दुरुपयोग करते हैं। चौधरी ने कहा कि लोहिया सद्भावना और सामूहिकता की बात करते थे, जबकि अखिलेश यादव की राजनीति समाज को जातियों में विभाजित करने वाली है। उन्होंने PDA के नारे को विभाजन का नारा बताते हुए आरोप लगाया कि सपा प्रमुख एक धर्म और एक जाति विशेष को ध्यान में रखकर राजनीति करते हैं और अपने राजनीतिक हितों के लिए दूसरे समाजों में भी विघटन और विद्रोह पैदा करना चाहते हैं।

2030 तक 5-6 लाख युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित करने का लक्ष्य

निवेश और रोजगार के नए केंद्र के रूप में विकसित होगा न्यू नोएडा, औद्योगिक विस्तार को मिलेगी नई रफ्तार योगी सरकार के निवेश-अनुकूल माहौल का असर, डेटा सेंटर, इलेक्ट्रॉनिक्स और लॉजिस्टिक्स सेक्टर में बढ़ेगी गतिविधियां मजबूत कनेक्टिविटी और विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर से नोएडा को मिलेगी ग्लोबल इंडस्ट्रियल हब की नई पहचान सेमीकंडक्टर, एआई और बैटरी तकनीक जैसे भविष्य के क्षेत्रों पर जोर, न्यू नोएडा बनेगा नई औद्योगिक अर्थव्यवस्था का आधार नोएडा/लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश को देश-दुनिया के प्रमुख निवेश गंतव्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में नोएडा औद्योगिक विकास का नया केंद्र बनकर उभर रहा है। योगी सरकार की निवेश-अनुकूल नीतियों, बेहतर कानून-व्यवस्था, मजबूत कनेक्टिविटी और विश्वस्तरीय औद्योगिक इंफ्रास्ट्रक्चर का असर अब नोएडा के विस्तार की महत्वाकांक्षी योजना के रूप में दिखाई दे रहा है। औद्योगिक मांग में लगातार बढ़ोतरी को देखते हुए प्राधिकरण लगभग 20 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में ‘न्यू नोएडा’ विकसित करने की तैयारी कर रहा है। नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी कृष्णा करुणेश के अनुसार, इस विस्तार से औद्योगिक एवं व्यावसायिक गतिविधियों को नई गति मिलने के साथ वर्ष 2030 तक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से 5 से 6 लाख युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित करने का लक्ष्य है। वहीं, आगामी पांचवीं ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी (जीबीसी) में नोएडा अथॉरिटी के करीब ₹35 हजार करोड़ के 120 प्रोजेक्ट शामिल होंगे। इसमें डेटा सेंटर, इलेक्ट्रॉनिक्स, वाणिज्यिक रियल एस्टेट, लॉजिस्टिक्स और संस्थागत विकास से जुड़ी परियोजनाएं शामिल हैं। औद्योगिक विस्तार को मिलेगी नई दिशा प्राधिकरण के सीईओ करुणेश ने बताया कि वर्ष 1976 में दिल्ली के निकट औद्योगिक नगरी के रूप में स्थापित नोएडा आज उत्तर भारत के प्रमुख आर्थिक केंद्रों में शामिल है। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र से निकटता, बेहतर बुनियादी ढांचे और मजबूत कनेक्टिविटी के कारण यहां विनिर्माण, सूचना प्रौद्योगिकी और वाणिज्यिक गतिविधियों में लगातार निवेश बढ़ा है। मौजूदा शहरी क्षेत्र में भूमि की उपलब्धता सीमित होने के कारण अब ‘न्यू नोएडा’ के विकास की तैयारी की जा रही है। इसके लिए जल्द ही चरणबद्ध तरीके से भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। साथ ही राज्य सरकार मौजूदा नोएडा क्षेत्र में अतिरिक्त फ्लोर एरिया रेशियो (एफएआर) की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए नीतिगत विकल्पों पर भी काम कर रही है। न्यू नोएडा के विकास से औद्योगिक गतिविधियों के लिए अतिरिक्त भूमि उपलब्ध होगी और नए निवेशकों को आधुनिक औद्योगिक आधारभूत सुविधाएं मिल सकेंगी। इससे विनिर्माण, तकनीक, लॉजिस्टिक्स और अन्य उभरते क्षेत्रों में निवेश को और गति मिलने की उम्मीद है। ₹35 हजार करोड़ के 120 प्रोजेक्ट्स धरातल पर मुख्य कार्यपालक अधिकारी के अनुसार, आगामी पांचवें ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी (जीबीसी) में नोएडा से जुड़े करीब ₹35 हजार करोड़ के 120 प्रोजेक्ट्स धरातल पर उतरेंगे। इनमें डेटा सेंटर, इलेक्ट्रॉनिक्स, वाणिज्यिक रियल एस्टेट, लॉजिस्टिक्स और संस्थागत विकास से जुड़ी परियोजनाएं शामिल हैं। योगी सरकार द्वारा लगातार आयोजित किए जा रहे ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट और ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी के माध्यम से निवेश प्रस्तावों को वास्तविक परियोजनाओं में बदलने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। नोएडा में प्रस्तावित ये परियोजनाएं इसी निवेश प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए स्थानीय स्तर पर रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देंगी। तीन प्रस्तावित मेट्रो कॉरिडोर से बढ़ेगी कनेक्टिविटी न्यू नोएडा के साथ कनेक्टिविटी को भी विस्तार देने की योजना है। शहर को बेहतर सार्वजनिक परिवहन सुविधा से जोड़ने के लिए तीन प्रस्तावित मेट्रो कॉरिडोर पर योजना बनाई जा रही है। इनके जरिए नोएडा को बोड़ाकी के मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट हब, बॉटनिकल गार्डन और चार मूर्ति के रास्ते गौर सिटी से जोड़ने का प्रस्ताव है। नोएडा पहले से ही नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे, यमुना एक्सप्रेसवे, डीएनडी फ्लाईवे और ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे के जरिए प्रमुख आर्थिक एवं औद्योगिक क्षेत्रों से जुड़ा हुआ है। प्रस्तावित मेट्रो कनेक्टिविटी से आवागमन और औद्योगिक लॉजिस्टिक्स को और मजबूती मिलने की उम्मीद है। 168 सेक्टरों में फैला मजबूत औद्योगिक आधार करीब 20 हजार हेक्टेयर में फैला नोएडा 168 सेक्टरों में विभाजित है और इसका लगभग 90 प्रतिशत क्षेत्र विकसित हो चुका है। पिछले तीन दशकों में यहां करीब 9,500 औद्योगिक, 5,000 वाणिज्यिक और 250 से अधिक संस्थागत आवंटन किए गए हैं। इन गतिविधियों के परिणामस्वरूप पिछले 30-35 वर्षों में 12 लाख से अधिक रोजगार सृजित हुए हैं। अब न्यू नोएडा के विस्तार के साथ रोजगार और निवेश के इस आधार को और व्यापक बनाने की तैयारी है। इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी निर्यात में बड़ी हिस्सेदारी नोएडा का उत्तर प्रदेश के सकल राज्य घरेलू उत्पाद में करीब 10 प्रतिशत योगदान है। राज्य के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी निर्यात में इसकी हिस्सेदारी लगभग 60 प्रतिशत, जबकि परिधान निर्यात में करीब 80 प्रतिशत बताई जाती है। नोएडा में सैमसंग, डिक्सन, टीसीएस, इन्फोसिस, एचसीएल, माइक्रोसॉफ्ट, विप्रो और एडोबी जैसी प्रमुख कंपनियों की मौजूदगी ने इसे देश के प्रमुख औद्योगिक और तकनीकी केंद्रों में स्थापित किया है। डेटा सेंटर क्षेत्र में सिफी और अडानीकनेक्स के निवेश से भी नोएडा के तकनीकी इकोसिस्टम को मजबूती मिली है।