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वाराणसी की दुकान में चोरी का मामला, महिला ने चुराए महंगे अंडरगारमेंट्स, CCTV फुटेज से होगी पहचान

वाराणसी उत्तर प्रदेश के वाराणसी में एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है। यहां तीन महिलाएं एक कपड़े के शोरूम में गईं और वहां लेडीज अंडरगारमेंट्स चुरा लिए। यह पूरी घटना वहां लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। यह फुटेज अब सोशल मीडिया में जमकर वायरल हो रहा है। वीडियो वायरल होने के बाद सुनीता सोनी नाम की महिला का बयान सामने आया है, जो कि व्यापार मंडल वाराणसी की अध्यक्ष हैं। उन्होंने कहा कि मुझे रास्ते में 2 महिलाएं मिली थीं, चोरी उन्होंने की है। मैं उनसे सामान वापस करवा दूंगी। वहीं, दुकान मालिक की तहरीर पर पुलिस ने एक अज्ञात महिला के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। 10 हजार रुपये चोरी के आरोप पुलिस को दी गई तहरीर के मुताबिक, सुदीप सिंह के नाम के युवक ने आरोप लगाए हैं कि लाहुराबीर स्थित उनके कपड़े के शोरूम में मंगलवार की शाम अज्ञात महिलाएं पहुंची थीं। करीब 10 हजार रुपये चुरा ले गई हैं। इस घटना का सीसीटीवी फुटेज पुलिस को दिया। पुलिस ने जब फुटेज को देखा तो पैसे के अलावा एक महिला लेडीज अंडरगारमेंट्स चुराते हुए नजर आ रही है। वाराणसी व्यापार मंडल अध्यक्ष ने कहा- कपड़े वापस करवा दूंगी चेतगंज पुलिस ने दुकान मालिक से मिली तहरीर के आधार पर अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। साथ ही जांच में जुट गई है। वहीं, वीडियो वायरल होते ही व्यापार मंडल वाराणसी की अध्यक्ष सुनीता सोनी का बयान सामने आ गया है। उन्होंने कहा कि मैं मंगलवार शाम को शॉपिंग करने के लिए दुकान में गई हुई थी। मेरे साथ जौनपुर से आई कुछ महिलाएं भी थीं। जैसा कि सीसीटीवी फुटेज में दिख रहा है कि महिलाएं कपड़े चुरा रही हैं। मुझे इस बात की जानकारी नहीं है। मैं उनसे सामान वापस करवा दूंगी समाजसेविका ने घटना को शर्मनाक बताया समाजसेविका चांदनी श्रीवास्तव ने इस घटना को बेहद शर्मनाक बताया है. उन्होंने आरोप लगाया कि सुनीता सोनी रसूखदार लोगों से संबंधों के कारण पहले भी बचती रही हैं, लेकिन इस बार साक्ष्य पूरी तरह स्पष्ट हैं. उन्होंने मांग की है कि नामचीन हस्तियों के साथ फोटो खिंचवाने और बड़े पदों पर रहने वाली महिला पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए. आरोपी पक्ष की सफाई दूसरी ओर, सुनीता सोनी ने अपना बचाव करते हुए कहा कि वह अपनी जौनपुर से आई महिला रिश्तेदारों के साथ दुकान गई थीं, लेकिन उन्हें नहीं पता कि उनके पीछे उन महिलाओं ने क्या रखा. उन्होंने दावा किया कि जानकारी मिलते ही वह दुकानदार से संपर्क करने की कोशिश कर रही हैं ताकि सामान का भुगतान किया जा सके. उन्होंने विरोध करने वाली महिलाओं को 'तथाकथित संगठन' का हिस्सा बताते हुए कहा कि वे उन्हें बदनाम करने की कोशिश कर रही हैं. फिलहाल, सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है और रसूखदार नाम सामने आने से यह मामला शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है.  

पावर गोलियों के सेवन के बाद अस्पताल में मौत, परिवार में शोक की लहर

गुरुग्राम  गुरुग्राम शहर के बस स्टैंड के पास स्थित एक होटल में गर्लफ्रेंड के साथ ठहरे 56 वर्षीय व्यक्ति की बुधवार को संदिग्ध हालात में मौत हो गई। पुलिस को घटनास्थल से शक्तिवर्धक दवाइयों के कुछ खाली रैपर मिले थे। ऐसे में दवाओं के ओवरडोज से मौत होने का अंदेशा जताया जा रहा है। हालांकि, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मौत का कारण हार्ट अटैक बताया गया है। पुलिस के मुताबिक, मृतक व्यक्ति हरियाणा में सोहना के पास एक गांव का रहने वाला था, जो एक लॉजिस्टिक्स कंपनी में ड्राइवर का काम करता था। बुधवार को वह अपने स्कूल की एक महिला दोस्त के साथ गुरुग्राम बस स्टैंड के पास एक होटल में ठहरा हुआ था। महिला के बयान के अनुसार, कमरे में उस व्यक्ति को अचानक से सीने में तेज दर्द उठा। महिला ने तुरंत एंबुलेंस बुलाई और पुलिस को भी इस बारे में सूचित किया। उसे पास के एक प्राइवेट अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने व्यक्ति को मृत घोषित कर दिया। मृतक व्यक्ति के शव का पोस्टमॉर्टम किया गया। डॉक्टरों की टीम ने पोस्टमॉर्टम की प्रारंभिक रिपोर्ट में मौत का कारण हार्ट अटैक बताया है। हालांकि, कमरे से मिले दवाइयों के रैपर इस ओर इशारा कर रहे हैं कि व्यक्ति ने बिना डॉक्टरी सलाह के शक्तिवर्धक दवाओं का सेवन किया था, जिसका असर उनके दिल पर पड़ा होने का अंदेशा है। बेटे की शादी होने वाली थी मृतक के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। बताया जा रहा है कि 12 मार्च को उनके बेटे की शादी तय थी। घर में मेहमानों का आना-जाना और खुशियों का माहौल था, लेकिन पिता की अचानक मौत की खबर ने परिवार को सदमे में डाल दिया है। गुरुवार को शव परिजनों को सौंप दिया गया।

गांव में PAC तैनात, आंदोलन की चेतावनी के बीच कशिश-आजम की फरारी से तनाव बढ़ा

 सहारनपुर   सहारनपुर के गंगोह क्षेत्र स्थित सांगाठेड़ा गांव में एक युवती के दूसरे समुदाय के युवक के साथ लापता होने के बाद ग्रामीणों और हिंदू संगठनों ने सड़क पर बैठकर पांच घंटे तक विरोध प्रदर्शन किया. युवती के पिता ने 24 फरवरी को तहरीर दी थी कि गांव का ही आजम नामक युवक उनकी नाबालिग बेटी को बहला-फुसलाकर ले गया है. पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर तलाश शुरू की, लेकिन युवती का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद तनाव बढ़ गया. स्थिति को नियंत्रित करने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया और अधिकारियों के आश्वासन पर जाम खुला. युवती का वीडियो वायरल और परिजनों के आरोप लापता युवती कशिश ने एक वीडियो जारी कर दावा किया है कि वह बालिग है और अपनी मर्जी से आजम के साथ गई है. उसने बताया कि वह डेढ़ साल से युवक को जानती है और घर वालों के टॉर्चर से बचने के लिए उसने यह कदम उठाया.  युवती ने कोर्ट के कागज तैयार होने की बात कहते हुए पुलिस से सुरक्षा की गुहार लगाई है. दूसरी ओर, परिजनों का आरोप है कि युवती की उम्र करीब 17 साल 5 महीने है, जिससे मामला कानूनी रूप से पेचीदा हो गया है. हिंदू संगठनों का तीखा तेवर और प्रदर्शन प्रदर्शन के दौरान राम विशाल दास (तथाचार्य) ने इसे 'जिहादी मानसिकता' का हिस्सा बताया. उन्होंने आरोप लगाया कि एक एजेंडे के तहत हिंदू बेटियों को निशाना बनाया जा रहा है. संगठनों ने पुलिस को कल शाम तक का अल्टीमेटम दिया है. उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि तय समय तक युवती की बरामदगी नहीं हुई, तो आंदोलन को पूरे उत्तर प्रदेश और भारत स्तर पर उग्र रूप दिया जाएगा. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि एकजुटता के दबाव में ही प्रशासन ने ठोस कार्रवाई का भरोसा दिया है. आपसी संवाद और शांति की अपील रणवीर धर्माचार्य ने प्रदर्शन के दौरान दोनों समुदायों से शांति बनाए रखने की अपील की. उन्होंने कहा कि मामला गंभीर है, लेकिन समाधान आपसी संवाद और कानूनी प्रक्रिया से ही निकलना चाहिए. उन्होंने स्थानीय नेताओं से भी शांति बहाली में सहयोग करने की उम्मीद जताई. रणवीर का तर्क है कि युवती की उम्र के आधार पर लड़के के खिलाफ मुकदमा बनता है. उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रशासन के आश्वासन पर ही फिलहाल धरना स्थगित किया गया है ताकि व्यवस्था बनी रहे. पुलिस की कार्रवाई और सुरक्षा के इंतजाम एसपी देहात सागर जैन ने बताया कि पुलिस की तीन टीमें, सर्विलांस और स्वाट टीम के साथ युवती की तलाश में जुटी हैं. परिजनों से लगातार समन्वय स्थापित किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि गांव में एहतियात के तौर पर पुलिस पिकेट तैनात कर दी गई है और वर्तमान में स्थिति शांतिपूर्ण है. वायरल वीडियो की भी बारीकी से जांच की जा रही है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि साक्ष्यों और उम्र के तथ्यों के आधार पर जल्द ही नियमानुसार बरामदगी सुनिश्चित की जाएगी.  

जापान की सुपरफास्ट मैग्लेव ट्रेन ने CM योगी को किया इम्प्रेस, 500 KM/H स्पीड पर दिया थम्स अप

लखनऊ जापान दौरे पर गए यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने यामानाशी में मैग्लेव ट्रेन में सफर किया। इस दौरान ट्रेन की स्पीड 500 किमी/घंटे की थी। हवा से बातें करती ट्रेन की रफ्तार देख योगी भी दंग रह गए। उन्होने ट्रेन के स्पीड बोर्ड के साथ फोटो भी खिचवाई। और फिर थम्स अप का साइन दिखाया। इस दौरान वे बार-बार ट्रेन की स्पीड देख रहे थे। जो वाकई चौंकाने वाली थी। मुख्यमंत्री ने करीब 100 किमी की दूसरी ट्रेन से तय की। मैग्लेव ट्रेन को आधुनिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम का भविष्य माना जा रहा है। चुंबकीय तकनीक के कारण ट्रेन और ट्रैक के बीच प्रत्यक्ष संपर्क समाप्त हो जाता है,जिससे घर्षण लगभग शून्य हो जाता है। यही कारण है कि यह ट्रेन 500 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक की गति हासिल करने में सक्षम है। आपको बता दें सीएम योगी की जापान यात्रा का आज आखिरी दिन है। किस तकनीक पर दौड़ती है मैग्वेल ट्रेन? मैग्लेव ट्रेन शक्तिशाली चुंबकों की मदद से पटरियों के ऊपर तैरते हुए चलती है। ट्रेन और ट्रैक के बीच सीधा संपर्क नहीं होता। यह ट्रेन 500 किमी/घंटा या उससे अधिक की गति हासिल कर सकती है। जापान की मैग्लेव प्रणाली, जिसे Central Japan Railway Company संचालित करती है, विश्व की सबसे तेज़ ट्रेनों में शामिल है। पहियों और पटरी के बीच संपर्क न होने से घर्षण बहुत कम होता है, जिससे गति अधिक और ऊर्जा दक्षता बेहतर होती है। भविष्य की हाई स्पीड ट्रांसपोर्ट तकनीक पारंपरिक ट्रेनों की तुलना में मैग्लेव में कंपन और शोर कम होता है,जिससे सफर अधिक आरामदायक बनता है। उन्नत नियंत्रण प्रणाली और ट्रैक डिजाइन के कारण दुर्घटना की संभावना बेहद कम मानी जाती है। यांत्रिक घिसावट कम होने से रखरखाव की आवश्यकता भी अपेक्षाकृत कम होती है। तेज, सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल विकल्प होने के कारण मैग्लेव को भविष्य की हाई-स्पीड ट्रांसपोर्ट तकनीक माना जाता है। ग्रीन हाइड्रोजन तकनीक को लेकर MoU साइन जापान दौरे के दौरान यूपी सरकार और यामानाशी प्रांत के बीच ग्रीन हाइड्रोजन तकनीक को लेकर ऐतिहासिक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इस समझौते के तहत उत्तर प्रदेश के उच्च तकनीकी संस्थानों के छात्रों को जापान में उन्नत प्रशिक्षण दिया जाएगा और सीखी गई तकनीक को प्रदेश की इंडस्ट्री, सार्वजनिक परिवहन और ऊर्जा क्षेत्र में लागू किया जाएगा। यामानाशी में आयोजित यूपी इन्वेस्टमेंट रोड शो को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश ने शासन की कार्यप्रणाली को ‘रिएक्टिव’ से बदलकर ‘प्रोएक्टिव’ बनाया है। उन्होंने जोर दिया कि यही बदलाव प्रदेश की तेज आर्थिक प्रगति की नींव बना है। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रतिनिधिमंडल ने टोक्यो में जी2जी (गवर्नमेंट टू गवर्नमेंट) और जी2बी (गवर्नमेंट टू बिजनेस) स्तर की बैठकों में भाग लिया, जहां जापानी उद्योग समूहों के साथ व्यापक संवाद हुआ।  

बटुकों से यौन शोषण की पुष्टि, स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पर शिकंजा कसता हुआ

प्रयागराज नाबालिग बटुकों से कथित यौन शोषण के आरोपों में घिरे स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की मुश्किलें बढ़ती दिख रही हैं। सूत्रों के मुताबिक पुलिस द्वारा कराई गई मेडिकल जांच रिपोर्ट में पीड़ित दोनों नाबालिग बच्चों के साथ कुकर्म की पुष्टि होने की बात सामने आई है। बुधवार को पुलिस ने दोनों बच्चों का मेडिकल परीक्षण कराया था। शिकायतकर्ता आशुतोष ब्रह्मचारी ने भी दावा किया है कि रिपोर्ट में यौन शोषण के संकेत स्पष्ट रूप से दर्ज हैं। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की बढ़ेंगी मुश्किलें मामले के तूल पकड़ने के बाद पुलिस ने जांच की रफ्तार तेज कर दी है। सूत्रों के मुताबिक, मेडिकल रिपोर्ट को अहम साक्ष्य के तौर पर केस डायरी में शामिल किया जा रहा है। यदि जांच में आरोप पुष्ट होते हैं तो स्वामी के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की गिरफ्तारी की आशंका के बीच स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की है। इस याचिका पर कल जस्टिस जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ में सुनवाई होनी है। अदालत में पुलिस मेडिकल रिपोर्ट और अब तक जुटाए गए साक्ष्यों को प्रस्तुत कर सकती है। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि अगर हाईकोर्ट से राहत नहीं मिली तो पुलिस उन्हें किसी भी समय गिरफ्तार कर सकती है। अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ पॉक्सो एक्ट में केस दर्ज यह मामला प्रयागराज के झूंसी थाने में दर्ज है। स्वामी और उनके शिष्य मुकुंदानंद गिरी सहित अन्य के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने बताया है कि मामले की विवेचना जारी है और अन्य संदिग्धों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। आगे की कार्रवाई अदालत के निर्देश और जांच के निष्कर्षों पर निर्भर करेगी। अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ पर्याप्त सबूत- आशुतोष ब्रह्मचारी वहीं पॉक्सो कोर्ट के आदेश पर अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ यौन शोषण का मुकदमा दर्ज कराने वाले आशुतोष ब्रह्मचारी ने दावा किया है कि उनके पास आरोपों से संबंधित पर्याप्त प्रमाण मौजूद हैं। मीडिया से बात करते हुए उन्होंने यह बात कही। इस दौरान उन्होंने एक लैपटॉप दिखाते हुए बताया कि इसमें नाबालिगों से यौन शोषण की फोटो और वीडियो सहित अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य मौजूद हैं। उन्होंने इस मामले में दो अन्य नाम का खुलासा करते हुए राजनीतिक पार्टियों के बड़े नेताओं व वीआईपी के शामिल होने का भी दावा किया। उन्होने कहा कि दोनों पीड़ितों ने कोर्ट में कलमबद्ध गवाही दी और इनकी मेडिकल जांच पूरी हो चुकी है। कहा कि पीड़ितों में करीब 20 लड़के व महिलाएं भी शामिल हैं। उन्होंने इस मामले में साक्ष्य (स्वीमिंग पुल आदि) को मिटाने और आश्रम में करीब तीन से चार करोड़ रुपये का घोटाला करने का भी आरोप लगाया।  

संस्कृत श्लोक सुनाकर जापान के बच्चे ने जीता CM योगी का दिल, भावुक कर गया पल

लखनऊ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दो दिवसीय दौरे पर जापान गए हैं। मुख्यमंत्री के साथ मंत्री नंद गोपाल नंदी सहित अन्य अधिकारी भी गए हैं। इस दौरान सीएम योगी और एक बच्चे की शानदार तस्वीर सामने आई है। इस पल का वीडियो सीएम योगी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट भी किया है। दरअसल, जापान के यामानाशी की ओर जाते समय रास्ते में भारतीय मूल के लोग सीएम योगी से मिलने पहुंचे, जिनमें एक बच्चा भी शामिल था। इस दौरान सीएम योगी ने बच्चे को चॉकलेट दी, तो उसने दंडवत प्रणाम करते हुए उनके पैर छुए। इस पर सीएम योगी ने खुश होते हुए आशीर्वाद दिया। इसके बाद बच्चे ने संस्कृत में श्लोक भी सुनाए। सीएम योगी ने इस पल के वीडियो को एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, "संस्कारों की पावन परंपरा का स्पंदन, सनातन संस्कृति के स्वर्णिम आलोक से आलोकित उगते सूरज की पावन धरा।" बताया जा रहा है कि ये वीडियो उस समय का है, जब सीएम योगी अपनी टीम के साथ टोक्यो से यामानाशी जा रहे थे। तभी रास्ते में कुछ भारतीय मूल की महिलाएं और बच्चे मिलने पहुंचे थे। मुख्यमंत्री से मिलने पहुंची एक महिला उपहार भी लेकर आई थी, जिसे सीएम योगी ने स्वीकार किया। इससे पहले सीएम योगी ने जापान में भारतीय मूल के समुदाय को भी संबोधित करते हुए भाजपा सरकार में हुए कामों को गिनाया। इसके साथ ही सपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले यूपी की पहचान कर्फ्यू, दंगों और बिजली संकट से होती थी। बता दें कि सीएम योगी का जापान दौरा आज खत्म हो रहा है। सीएम योगी का ये दौरा यूपी में निवेश और रोजगार की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सीएम ने जापान दौरे के दौरान कई बड़ी कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ मुलाकात की और यूपी में निवेश के लिए आमंत्रित किया। सीएम योगी ने कंपनियों के प्रतिनिधियों को आश्वासन दिया कि अब यूपी में कोई दिक्कत नहीं होगी, क्योंकि उनकी सरकार ने इंफ्रास्ट्रक्चर और कानून व्यवस्था को लेकर बड़े स्तर पर काम किया है।

शादी जा रहे चार भाइयों की बाइक दुर्घटना में तीन की दुखद मौत, फतेहपुर से रिपोर्ट

 फतेहपुर  यूपी के फतेहपुर जिले में एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया. ऐरायां मशायक गांव के पास स्थित एक कोल्ड स्टोर के समीप दो मोटरसाइकिलों की आमने-सामने जोरदार टक्कर हो गई. इस भीषण भिड़ंत में एक ही परिवार के तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हैं. हादसे की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया और गांव में मातम पसर गया. खुशी के सफर का अंत मातम में जानकारी के अनुसार हुसैनगंज थाना क्षेत्र के पतरहा गांव निवासी श्याम सिंह (45) अपने भाई मनथाल सिंह (40), गोरेलाल (32) और चचेरे भाई राजेंद्र सिंह (30) के साथ एक ही मोटरसाइकिल पर सवार होकर सुल्तानपुर घोष क्षेत्र के एक गांव में शादी समारोह में शामिल होने जा रहे थे. परिवार में उत्सव का माहौल था. शाम ढल रही थी और वे समय से पहुंचने की जल्दी में थे. इसी दौरान ऐरायां मशायक गांव के पास सामने से आ रही दूसरी मोटरसाइकिल से उनकी सीधी भिड़ंत हो गई. दूसरी बाइक पर मोतीलाल पासवान (50) निवासी गौती, थाना सुल्तानपुर घोष सवार थे. प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दोनों बाइकों के परखच्चे उड़ गए और सवार कई फीट दूर जा गिरे. मौके पर बिखरा खून और चीख-पुकार टक्कर के बाद कुछ पल के लिए सड़क पर सन्नाटा छा गया, फिर चीख-पुकार मच गई. आसपास के ग्रामीण दौड़कर मौके पर पहुंचे. दृश्य बेहद भयावह था. तीन लोगों ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया था, जबकि दो लोग गंभीर रूप से घायल हालत में तड़प रहे थे. ग्रामीणों ने तुरंत पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी. पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर शवों को कब्जे में लिया और घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हथगांव भिजवाया. प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर देखते हुए डॉक्टरों ने दोनों को जिला अस्पताल रेफर कर दिया, जहां उनका इलाज जारी है. मृतकों की पहचान और गांव में शोक हादसे में जिन तीन लोगों की मौत हुई, वे एक ही परिवार से थे. श्याम सिंह, मनथाल सिंह और गोरेलाल की मौके पर ही जान चली गई. राजेंद्र सिंह और मोतीलाल पासवान गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं. जैसे ही यह खबर पतरहा गांव पहुंची, घरों से रोने की आवाजें आने लगीं. शादी में शामिल होने की तैयारी कर रहे परिवार को अचानक अंतिम संस्कार की तैयारी करनी पड़ी.  पुलिस की प्रारंभिक जांच पुलिस के अनुसार प्रथम दृष्टया मामला तेज रफ्तार और ओवरलोडिंग का प्रतीत होता है. एक मोटरसाइकिल पर चार लोग सवार थे, जिससे संतुलन बिगड़ने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता. साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि सड़क पर मोड़ या दृश्यता की कोई समस्या तो नहीं थी. थाना प्रभारी ने बताया कि शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और आगे की कार्रवाई की जा रही है. दुर्घटना के कारणों की स्पष्ट जानकारी जांच रिपोर्ट आने के बाद ही सामने आएगी. सड़क सुरक्षा पर फिर उठे सवाल यह हादसा एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क सुरक्षा की स्थिति पर सवाल खड़े करता है. अक्सर लोग छोटी दूरी समझकर हेलमेट नहीं पहनते और एक ही बाइक पर तीन-चार लोग सवार हो जाते हैं. तेज रफ्तार और लापरवाही मिलकर जानलेवा साबित होती है. स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐरायां मशायक के पास वाली सड़क पर भारी वाहनों की आवाजाही रहती है और शाम के समय दृश्यता भी कम हो जाती है. ऐसे में थोड़ी सी चूक बड़ा हादसा बन जाती है. परिजनों की आंखों में सवाल मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. घर के आंगन में जहां शादी में जाने की तैयारी थी, वहां अब शोक की चादर बिछी है. महिलाएं बेसुध हैं और बच्चे सहमे हुए. परिवार के एक सदस्य ने बताया कि हम लोग खुशी में जा रहे थे, किसे पता था रास्ते में ऐसा हो जाएगा.  घायलों की हालत नाजुक बताई जा रही है. डॉक्टरों की टीम लगातार निगरानी कर रही है. परिजन जिला अस्पताल के बाहर दुआ कर रहे हैं कि कम से कम बाकी दो जिंदगियां बच जाएं. प्रशासन की अपील हादसे के बाद स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि यातायात नियमों का पालन करें, बाइक पर निर्धारित संख्या से अधिक सवारी न बैठाएं और हेलमेट का अनिवार्य रूप से उपयोग करें. पुलिस ने कहा कि सड़क दुर्घटनाएं अक्सर छोटी लापरवाही के कारण होती हैं, जिनकी कीमत पूरी जिंदगी चुकानी पड़ती है.

जापान में हाई-स्पीड ट्रेन पर CM योगी का रोमांचक अनुभव, 600 किमी/घंटा की रफ्तार में मुस्कुराहट बनी यादगार

लखनऊ / टोक्यो   सीएम योगी आदित्यनाथ ने अपनी जापान यात्रा के आखिरी दिन यामानाशी में हाई स्पीड मैग्लेव ट्रेन का सफर किया. हाइड्रोजन ग्रीन एनर्जी प्लांट के बाद 600 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हाई स्पीड मैगलेव ट्रेन का अनुभव योगी आदित्यनाथ के लिए रोमांच भरा रहा. लीनियर मैग्लेव ट्रेन 500 किमी की स्पीड से चलती है. अभी जापान की बुलेट ट्रेन 300 किमी की स्पीड से दौड़ती है. लीनियर मोटर कार 500 की स्पीड से चलती है. अभी की जो जापान की बुलेट ट्रेन है, उसकी स्पीड 300 किलोमीटर प्रतिघंटा है. वहीं यह लीनियर मैग्लेव ट्रेन चुंबकीय बल से चलती है या कहें हवा में 500 की स्पीड में उड़ती है. सीएम योगी आदित्यनाथ के साथ इस रोमांचक ट्रेन पर सफर तय किया.  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जापान यात्रा के दूसरे दिन यामानाशी प्रांत में ग्रीन हाइड्रोजन प्लांट का दौरा किया. इस दौरान योगी ने पानी से हाइड्रोजन और बिजली बनाने की तकनीक को समझा. टोक्यो से यामनाशी जाते हुए तुलसी नाम की एक साध्वी तुलसी अपने साथियों से योगी से मिलीं. साध्वी तुलसी ने बताया कि वे जापान में हिंदू और जैन धर्म का प्रचार कर रही हैं. उनके साथ मौजूद एक छोटे बच्चे ने योगी आदित्यनाथ के चरण स्पर्श करके संस्कृत में मंत्र भी सुनाया. योगी को यह दृश्य देखकर प्रसन्नता हुई और उन्होंने जापानी भक्तों को प्रसाद रूप में चॉकलेट दी. सीएम योगी आदित्यनाथ यामानाशी प्रांत पहुंचे तो वहां बड़ी संख्या में स्कूल के बच्चों ने उनका स्वागत किया. हाथों में भारत-जापान का झंडा पकड़े बच्चों के साथ योगी ने कुछ समय बिताया. इसके अलावा यामानाशी में रहने वाले स्थानीय लोगों ने योगी को एक खास पेंटिंग भी भेंट की. यामानाशी जापान में आधुनिक खेती और तकनीक के लिए जाना जाता है. यहां हाइड्रोजन एनर्जी, रोबोटिक सेंटर और हाई स्पीड ट्रेन का सेंटर है. इसके साथ ही विश्व प्रसिद्ध माउंट फ्यूजी पहाड़ भी आकर्षण का केंद्र है. मैग्लेव ट्रेन का सफर न सिर्फ रोमांचक रहा, बल्कि भविष्य की परिवहन तकनीक की झलक भी लेकर आया. जापान की अत्याधुनिक मैग्लेव ट्रेन चुंबकीय शक्ति पर आधारित है, जो इसे पारंपरिक ट्रेनों से बिल्कुल अलग बनाती है. यह ट्रेन पटरियों से ऊपर उठकर चलती है, यानी घर्षण लगभग खत्म हो जाता है और यही वजह है कि इसकी रफ्तार 500 से 600 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच जाती है. यामानाशी टेस्ट ट्रैक पर इस ट्रेन ने अपनी उच्चतम क्षमता का प्रदर्शन किया, जिसे देखकर मुख्यमंत्री भी प्रभावित नजर आए. वर्तमान में जापान की बुलेट ट्रेन लगभग 300 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलती है, लेकिन मैग्लेव तकनीक इस गति को दोगुना करने की दिशा में एक बड़ा कदम है. शिंकानसेन पहले ही दुनिया में तेज और सुरक्षित यात्रा का प्रतीक बन चुकी है, और अब मैग्लेव इसे और आगे ले जाने की तैयारी में है. इस दौरान मुख्यमंत्री ने हाइड्रोजन आधारित ग्रीन एनर्जी प्लांट का भी अवलोकन किया.  मैग्लेव ट्रेन का सफर पूरी तरह से स्मूद और झटकों से मुक्त होता है. ट्रेन के अंदर बैठकर ऐसा महसूस होता है जैसे कोई विमान जमीन के बेहद करीब उड़ रहा हो. इस अनुभव को साझा करते हुए मुख्यमंत्री ने इसे भविष्य की यात्रा बताया. 9 साल के कार्यकाल में सीएम योगी का दूसरा विदेश दौरा जिस हाई-स्पीड मैग्लेव ट्रेन में योगी आदित्यनाथ ने सफर किया, वह पारंपरिक ट्रेनों से बिल्कुल अलग है. यह ट्रेन पटरी को छूती नहीं, बल्कि चुंबकीय तकनीक के सहारे ट्रैक से ऊपर हवा में तैरते हुए तेज रफ्तार से दौड़ती है. बता दें कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 22 फरवरी से सिंगापुर और जापान के दौरे पर हैं, जो उनके नौ साल के कार्यकाल की दूसरी विदेश यात्रा है. इससे पहले 2017 में उन्होंने म्यांमार का सीमित दौरा किया था. लंबे अंतराल के बाद यह विदेश दौरा खास माना जा रहा है, क्योंकि इसका उद्देश्य प्रदेश में निवेश आकर्षित करना और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर को नई गति देना है.  

अविमुक्तेश्वरानंद केस में बड़ा अपडेट: पुलिस सक्रिय, पीड़ित नाबालिग का मेडिकल कराया गया

प्रयागराज शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ प्रयागराज के झूंसी थाने में दर्ज पॉक्सो एक्ट के हाई प्रोफाइल मुकदमे में मंगलवार को जांच ने रफ्तार पकड़ ली। पुलिस ने एक नाबालिग पीड़ित का मेडिकल परीक्षण कराया, जबकि दूसरे पीड़ित के बयान और साक्ष्यों के मिलान की प्रक्रिया जारी है। टीम ने माघ मेला क्षेत्र में कथित घटनास्थल का दोबारा निरीक्षण कर शिविरों की स्थिति, वहां की आवाजाही और उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज की पड़ताल की। यह मुकदमा अविमुक्तेश्वरानंद, उनके शिष्य मुकुंदानंद ब्रह्मचारी और तीन अज्ञात के खिलाफ दर्ज हुआ है। शिकायतकर्ता आशुतोष ब्रह्मचारी ने अदालत में दो नाबालिगों को बयान के लिए प्रस्तुत किया था, जिसके आधार पर पॉक्सो की विशेष अदालत के आदेश पर झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, मेडिकल रिपोर्ट और पूर्व में दर्ज कराए गए बयानों का मिलान किया जा रहा है। साथ ही मोबाइल कॉल डिटेल, लोकेशन डेटा और मेला क्षेत्र के सीसीटीवी फुटेज को खंगाला जा रहा है। जांच टीम यह भी पता लगा रही है कि कथित घटनाओं के समय संबंधित लोग किस स्थान पर मौजूद थे। साधु-संतों और चश्मदीदों से होगी पूछताछ पुलिस की विवेचना अब केवल तकनीकी साक्ष्यों तक सीमित नहीं है, बल्कि सामाजिक और प्रत्यक्षदर्शी साक्ष्यों को भी जुटाया जा रहा है। जांच टीम ने उस शिविर क्षेत्र का मानचित्र तैयार किया है जहाँ कथित अनुष्ठान आयोजित होने की बात कही गई है। पुलिस अब आसपास के शिविरों के संचालकों, वहां तैनात सुरक्षाकर्मियों और नियमित आने-जाने वाले साधु-संतों से पूछताछ की तैयारी कर रही है। पुलिस का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि क्या उस विशेष अवधि में नाबालिगों की उपस्थिति वहां देखी गई थी और क्या किसी संदिग्ध गतिविधि की भनक आसपास के लोगों को थी। उच्चाधिकारियों ने निर्देश दिए हैं कि जांच के हर चरण की वीडियोग्राफी कराई जाए ताकि भविष्य में किसी भी पक्ष द्वारा साक्ष्यों से छेड़छाड़ या पक्षपात का आरोप न लगाया जा सके। उच्चाधिकारियों की निगरानी में हो रही है जांच मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए उच्चाधिकारियों की निगरानी में जांच जारी है। जांच के अगले चरण में आरोपित पक्ष से भी विस्तृत पूछताछ की तैयारी है। पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं की निष्पक्ष और गहन जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। उधर, अविमुक्तेश्वरानंद ने सोशल मीडिया पर प्रयागराज के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और शिकायतकर्ता आशुतोष ब्रह्मचारी की केक काटते हुए फोटो वायरल की है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस और शिकायतकर्ता की मिलीभगत से उन्हें साजिश के तहत फंसाया जा रहा है। हालांकि, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वायरल फोटो की सत्यता और संदर्भ की जांच की जा रही है। इससे विवेचना की निष्पक्षता पर कोई असर नहीं पड़ेगा। एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि ‘जांच तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे बढ़ेगी, न कि आरोप-प्रत्यारोप के आधार पर।’ अविमुक्तेश्वरानंद ने दाखिल की अग्रिम जमानत की अर्जी प्रयागराज। अविमुक्तेश्वरानंद ने पॉस्को एक्ट में मुकदमा दर्ज़ होने के बाद गिरफ्तारी से बचने के लिए हाईकोर्ट का रुख किया है। उनकी ओर से हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत अर्जी दाखिल की गई है, जिस पर जल्दी सुनवाई होने की संभावना है। आशुतोष ब्रह्मचारी की अर्जी पर प्रयागराज में नियुक्त विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट के आदेश के क्रम में रविवार को झूंसी थाने में पॉस्को एक्ट व बीएनएस की धाराओं में मुकदमा दर्ज़ किया गया था, जिसके बाद अविमुक्तेश्वरानंद की गिरफ्तारी की संभावना भी जताई जा रही है। इसे देखते हुए गिरफ्तारी से बचने के लिए उनकी ओर से अग्रिम जमानत अर्जी दाखिल की गई है। झूंसी पुलिस ने मुकदमा दर्ज़ होने के बाद विवेचना को तेज कर दिया है। पीड़ितों का बयान लेने के लिए पुलिस हरदोई गई थी। ऐसे में मुकदमे की गंभीर धाराओं को देखते हुए हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत अर्जी दाखिल की गई है।

योगी सरकार ने होली से पहले यूपी के छात्रों को दिया तोहफा, 38 लाख स्टूडेंट्स को मिलेगा लाभ

लखनऊ  उत्तर प्रदेश में होली से पहले प्रदेश के छात्रों के लिए योगी सरकार ने बड़ी सौगात का ऐलान किया गया है. जिसमें कक्षा 9 और 10वीं के विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति राशि में वृद्धि करने का फैसला लिया है. इस निर्णय से खास तौर पर पिछड़ा वर्ग के लाखों छात्रों को सीधा लाभ मिलेगा. सरकार के नए आदेश के अनुसार अब पिछड़ा वर्ग के छात्रों को तीन हजार रुपये की छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी. पहले की तुलना में यह राशि बढ़ाई गई है, जिससे विद्यार्थियों को अपनी पढ़ाई जारी रखने में आर्थिक सहारा मिलेगा. सरकार का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को शिक्षा से जोड़कर रखना और ड्रॉपआउट दर को कम करना है. छात्र हित में लिया गया फैसला प्रदेश सरकार के मंत्री नरेंद्र कश्यप ने इस फैसले का श्रेय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को देते हुए कहा कि यह निर्णय छात्रों के हित में लिया गया है. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की मंशा है कि प्रदेश का कोई भी छात्र आर्थिक अभाव के कारण शिक्षा से वंचित न रहे. छात्रवृत्ति की बढ़ी हुई राशि सीधे पात्र विद्यार्थियों के खातों में ट्रांसफर की जाएगी, जिससे पारदर्शिता भी सुनिश्चित होगी. 38 लाख छात्रों को मिलेगा लाभ सरकारी आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश के लगभग 38 लाख छात्र इस योजना से लाभान्वित होंगे. इससे न सिर्फ छात्रों को आर्थिक सहायता मिलेगी, बल्कि उनके अभिभावकों पर भी आर्थिक बोझ कम होगा. होली से पहले आई इस घोषणा को सरकार की ओर से छात्रों के लिए एक बड़े तोहफे के रूप में देखा जा रहा है. शिक्षा के क्षेत्र में यह फैसला प्रदेश सरकार की प्राथमिकताओं को भी दर्शाता है, जिसमें युवाओं के भविष्य को मजबूत करना प्रमुख लक्ष्य है. पिछड़े वर्ग के छात्रों के लिए यह कदम बड़ा बताया जा रहा है.सरकार जनहित के फैसले लगातार ले रही है, ताकि ज्यादा से ज्यादा योजनाओं का लाभ जरूरतमंदों को मिल सके.