samacharsecretary.com

160 km/h की रफ्तार, 40 मिनट में मेरठ‑दिल्ली: रैपिड रेल से बढ़ेगा यात्रा का रोमांच, पीएम देंगे सौगात

मेरठ  मेरठ और एनसीआर के लिए 22 फरवरी का दिन ऐतिहासिक साबित होने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नमो भारत रैपिड रेल और मेरठ मेट्रो को जनता को समर्पित करेंगे। इससे दिल्ली से मेरठ के बीच सफर का समय घटकर लगभग 40 मिनट रह जाएगा। शुक्रवार को एनसीआरटीसी ने मीडिया के लिए विशेष ट्रायल रन आयोजित किया। सराय काले खां से दोपहर 12 बजे रवाना हुई नमो भारत ट्रेन ने 160 किमी प्रति घंटा की अधिकतम रफ्तार से दौड़ते हुए मात्र 39 मिनट में बेगमपुल स्टेशन तक का सफर तय किया। यह सफर नॉन-स्टॉप रहा। स्टॉपेज के साथ 55 मिनट में दिल्ली टू मेरठ सामान्य संचालन के दौरान ट्रेन प्रत्येक स्टेशन पर लगभग एक मिनट के ठहराव के साथ करीब 55 मिनट में दिल्ली से मेरठ पहुंचेगी। ट्रायल के दौरान नमो भारत ने सराय काले खां से गाजियाबाद की दूरी लगभग 15 मिनट में पार की और फिर अगले 15 मिनट में मेरठ साउथ पहुंच गई। वहां से कुछ ही मिनटों में शताब्दीनगर को पार करते हुए बेगमपुल स्टेशन पहुंच गई। इस तेज रफ्तार और समयबद्ध संचालन से रोजाना दिल्ली-गाजियाबाद आने-जाने वाले हजारों यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी। ट्रायल के दौरान 120 की स्पीड से दौड़ी मेरठ मेट्रो बेगमपुल स्टेशन का दृश्य बेहद आकर्षक रहा। जमीन से लगभग 70 मीटर नीचे बने इस अंडरग्राउंड स्टेशन पर एक ओर नमो भारत खड़ी थी तो सामने मेरठ मेट्रो इंटरचेंज के लिए तैयार दिखाई दी। फ्लोरोसेंट ग्रीन, ब्लू और ऑरेंज थीम वाली तीन कोच की मेरठ मेट्रो 120 किमी प्रति घंटा की रफ्तार तक पहुंचने में सक्षम है। बेगमपुल से मेरठ साउथ तक का सफर मेट्रो से करीब 10 मिनट में पूरा होगा। बिजली बचाने का रोल मॉडल बनेगी रैपिड रेल मेरठ साउथ से नमो भारत के जरिए सात स्टेशनों को पार कर सीधे आनंद विहार तक पहुंचा जा सकेगा। आनंद विहार आरआरटीएस स्टेशन, आईएसबीटी और मेट्रो स्टेशन आपस में जुड़े हुए हैं, जिससे यात्रियों को निर्बाध कनेक्टिविटी मिलेगी। 82 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर में पर्यावरण संरक्षण पर विशेष ध्यान दिया गया है। स्टेशन और डिपो की छतों पर सौर पैनल लगाए गए हैं, जिनसे 15 मेगावॉट सौर ऊर्जा उत्पादन का लक्ष्य है। वर्तमान में 5.5 मेगावॉट ऊर्जा तैयार की जा रही है। भविष्य में 110 मेगावॉट का कैप्टिव सोलर प्लांट स्थापित किया जाएगा, जो कुल बिजली जरूरत का लगभग 60 प्रतिशत हिस्सा पूरा करेगा। इससे हर वर्ष करीब 1.77 लाख टन कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में कमी आएगी। पर्यावरण संतुलन की मिसाल बनेंगे स्टेशन साहिबाबाद और गुलधर स्टेशन देश के पहले ऐसे स्टेशन हैं जिन्हें आईजीबीएस नेट जीरो एनर्जी (ऑपरेशन) रेटिंग प्राप्त हुई है। इन स्टेशनों पर जितनी बिजली खपत होती है, उतनी ही सौर ऊर्जा से उत्पादन कर ग्रिड को वापस भेज दी जाती है। साथ ही, पूरे कॉरिडोर में वर्षा जल संचयन की व्यवस्था की गई है, जिससे पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में मदद मिलेगी। नमो भारत और मेरठ मेट्रो के संचालन से न केवल यात्रा समय कम होगा, बल्कि यह परियोजना आधुनिक, तेज और पर्यावरण अनुकूल सार्वजनिक परिवहन का नया मॉडल भी बनेगी।

मेरठ में पीएम मोदी की जनसभा आज, शहर में लागू हुआ रूट डायवर्जन प्लान

मेरठ मेरठ में 22 फरवरी को प्रस्तावित प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम को देखते हुए ट्रैफिक पुलिस ने व्यापक डायवर्जन प्लान जारी किया है। इसके तहत कार्यक्रम के दिन भारी वाहनों (कमर्शियल) के साथ-साथ निजी कारों और बसों के लिए भी रास्तों में बदलाव किया गया है। यह प्लान सुबह 08:00 बजे से शाम 06:00 बजे तक पूरी तरह प्रभावी रहेगा। गाजियाबाद से मेरठ: राजनगर एक्सटेंशन, दुहाई, मुरादनगर और मोदीनगर से मेरठ की ओर आने वाले भारी वाहन प्रतिबंधित रहेंगे। ये वाहन दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे या पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे का उपयोग कर सकेंगे।  मुजफ्फरनगर से मेरठ: सठेड़ी पुलिस चौकी पुल से भारी वाहन एनएच-58 होकर अपने गंतव्य को जा सकेंगे।  मुरादाबाद/हापुड़ से मेरठ: टियाला अंडरपास से भारी वाहन किठौर और परीक्षतगढ़ होते हुए बिजनौर या मुजफ्फरनगर की ओर निकाले जाएंगे।  शहर के अंदर: बिजली बम्बा चौराहा से शाप्रिक्स माॅल की ओर सभी प्रकार के वाहन प्रतिबंधित रहेंगे। परतापुर इंटरचेंज और काशी टोल प्लाजा पर भी भारी वाहनों के लिए विशेष पाबंदियां रहेंगी। मेरठ-परतापुर से मोदीनगर की ओर जाने वाली सड़क रहेगी बंद मेरठ शहर से दिल्ली जाने वाले वाहन: मेरठ शहर से दिल्ली जाने वाले वाहन मेरठ शहर से रुड़की रोड, मोदीपुरम पुल, सरधना पुल, रोहटा पुल, बागपत पुल- एनएच-58 से काशी टोल प्लाजा से दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे होते हुए जा सकेगे। मेरठ शहर से दिल्ली जाने वाले वाहन :  बिजली बंबा चौराहे से होते हुए हापुड़ से दिल्ली-मुरादाबाद हाईवे मार्ग से भी दिल्ली जा सकेगे। दिल्ली से मेरठ शहर में आने वाले वाहन: दिल्ली से मेरठ शहर आने वाले वाहन दिल्ली मेरठ एक्सप्रेस-वे से काशी टोल प्लाजा से एनएच-58 होते हुए बागपत पुल, रोहटा पुल, सरधना पुल, मोदीपुरम, रुड़की रोड होते हुए मेरठ शहर में आ सकेगे। दिल्ली से मेरठ शहर आने वाले वाहन : दिल्ली-मुरादाबाद हाईवे होते हुए हापुड़ से बिजली बंबा चौराहे से भी मेरठ शहर में आ सकेगे। मेरठ से दिल्ली आने व जाने वाले वाहन : परतापुर इन्टरचेंज से दिल्ली रोड होते हुए मेरठ शहर में प्रवेश नहीं कर सकेगे। यातायात प्रबंधन के दौरान किसी भी प्रकार की आपात कालीन सेवाऐ एवं एम्बुलेंस बाधित नहीं रहेंगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भ्रमण कार्यक्रम के कारण मेरठ-परतापुर से मोदीनगर की ओर कोई भी वाहन नहीं चलेगा। मेरठ-मोदीनगर-दिल्ली मार्ग बंद रहेगा। अभी तक दिल्ली के न्यू अशोक नगर तक पहुंच रही नमो भारत रेल अगले तीन दिनों में सराय काले खां तक पहुंचने लगेगी। इससे यात्रियों की नमो रेल के साथ भारतीय रेलवे, दिल्ली मेट्रो और बस तक सीधी पहुंच होगी। शुक्रवार को इस ट्रेन का ट्रायल रन होगा। अधिकारियों का कहना है कि शुक्रवार पहली बार नमो रेल सरायकाले खां से बेगमपुल तक चलेगी।उद्घाटन के साथ ही आम लोग के लिए कॉरिडोर खोल दिया जाएगा जिससे सराय काले खां मेगा ट्रांसपोर्ट हब से यात्री अपनी मंजिल के लिए आसानी से दूसरा वाहन पकड़ सकेंगे। मेरठ साउथ नमो स्टेशन से आगे बेगमपुल स्टेशन तक जाना भी संभव होगा।   बस, कार और निजी वाहनों के लिए मार्ग  दिल्ली/गाजियाबाद से: मोदीनगर से कादराबाद पुलिस चौकी से आगे बाएं मुड़कर कार/बस पार्किंग स्थल की ओर जा सकेंगे।  मुजफ्फरनगर/शामली से: गंगनहर पटरी होते हुए सिवालखास पुल से बाएं मुड़कर पार्किंग की ओर जा सकेंगे।  हापुड़ से: थाना खरखौदा तिराहे से मोहिउद्दीनपुर होते हुए पार्किंग स्थल पहुंचेंगे।  मवाना/परीक्षितगढ़ से: मवाना से आने वाले वाहन दौराला और गंगनहर पटरी मार्ग से होते हुए सिवालखास पुल के रास्ते पार्किंग तक जा सकेंगे। बार-बार बदलता रहा ट्रैफिक प्लान यातायात पुलिस ने बृहस्पतिवार देर रात करीब 10 बजे ट्रैफिक प्लान जारी किया था। इसके कुछ देर बाद इस प्लान को बदल दिया गया और रात 12 बजे नया प्लान जारी किया। इसके कुछ देर बाद इसमें भी संशोधन कर दिया गया।  

यूपी में शिक्षामित्रों की बढ़ी सैलरी, ₹18,000 मासिक मानदेय; अनुदेशकों को भी राहत

लखनऊ यूपी बजट सत्र के दौरान विधानसभा में बोल रहे सीएम योगी ने शिक्षामित्रों और अनुदेशकों को लेकर बड़ी घोषणा कर दी। सीएम योगी ने कहा, शिक्षामित्रों का मानदेय बढ़ा दिया है। अप्रैल से शिक्षामित्रों को अब 18 हजार रुपये मिलेंगे। पहले इन्हें 10 हजार रुपये मिलते थे। साथ ही अनुदेशकों का मानदेय नौ हजार रुपये से बढ़ाकर 17 हजार रुपये कर दिया गया है। अप्रैल से दोनों लोगों को बढ़ा हुआ मानदेय मिलना शुरू हो जाएगा। इसके अलावा सीएम योगी ने कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय के लिए 580 करोड़ रुपये, 16 लाख ट्यूबवेल को 3000 करोड़ के खर्च से फ्री बिजली देने की घोषणा की है। हर न्याय पंचायत में बनाए जाएंगे डिजिटल उद्यमी, 50 प्रतिशत होंगी महिलाएं महिलाओं को लेकर घोषणा करते हुए सीएम योगी ने कहा, प्रदेश में आठ हजार न्याय पंचायत हैं। हर न्याय पंचायत में डिजिटल उद्यमी बनाए जाएंगे। इसके अलावा हर न्याय पंचायत पर महिला उद्यमी विपणन केंद्र बनाए जाएंगे। इसमें 50 प्रतिशत महिलाएं होंगी। जिन्हें 10 लाख तक का मुफ्त ऋण दिया जाएगा। उत्तर प्रदेश के एक करोड़ सेल्फ हेल्प ग्रुप के लिए न्याय पंचायत स्तर पर 100 करोड़ के खर्च से महिलाओं के लिए शॉपिंग कॉम्पलेक्स खोले जाएंगे। सीएम योगी ने कहा, हर साल यूपी में 60 लाख संस्थागत प्रसव करवाने के लिए अस्पतालों को इंपैनल किया जाएगा। इसमें लिए 1000 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। 25 लाख युवाओं को फ्री टूल किट देगी यूपी सरकार युवाओं को लेकर घोषणा करते हुए सीएम योगी ने कहा, यूपी में अब एआई गेम चेंजर होने वाला है। सीएम योगी ने कहा, कामकाजी युवाओं को एआई टूल किट्स उपलब्ध करवाए जाएंगे। यूपी सरकार 25 लाख युवाओं को फ्री टूल किट देगी। साथ ही स्टार्टअप और इनोवेशन में सहयोग भी किया जाएगा। एआई कृषि क्षेत्र में भी बड़ी भूमिका निभाएगा। यूपी में रोबोटिक्स तकनीकी को बढ़ावा दिया जाएगा। 50 प्रतिशत शहरीकरण का काम होगा। माल ढुलाई, खाद का छिड़काव भी एआई रोबोट से होगा। सीएम योगी ने विपक्ष पर बोला हमला विधानसभा में बजट सत्र पर बोल रहे सीएम योगी ने विपक्ष पर निशाना साधा। सीएम योगी ने कहा, सपा सरकार में चेहरा देखकर समाजवादी पेंशन दी जाती थी। समाजवादी पेंशन स्कीम केवल समाजवादियों को ही मिलती थी। कम से कम गरीब ब्राह्मण को पेंशन दे देते। सीएम योगी कहा, सपा सरकार में हर साल इंसेफेलाइटिस से 1500 से 1700 SC- ST बच्चों की मौतें होती थीं। 2019 के बाद से इंसेफेलाइटिस का उन्मूलन हो चुका है। हमने किसी की जाति नहीं देखी। सपा की 4 बार सरकार बनी, लेकिन आपने विचार तक नहीं किया। उन्होंने नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय पर तंज कसा। कहा, आप सच्चे समाजवादी हैं। समाजवादी विचारधारा के साथ चले, वो अलग बात है कि आपके साथ शिवपाल जी जैसे लठैत ने भी चलने की कोशिश की। आपने कुछ जनपदों की पहचान ऐसी बना दी थी कि लोग होटल में कमरा नहीं देते थे, लेकिन हम लोगों ने व्यवस्था बदली, परसेप्शन बदल गया। आज लोग कहते हैं, अच्छा आप यूपी से आए हैं।  

शादी के मंडप में बवाल: कुत्ते को लेकर भिड़े दोनों पक्ष, लाठी-डंडे चले, चार घायल

फतेहपुर यूपी के फतेहपुर जिले से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। जहां एक शादी समारोह में कुत्ते को लेकर जमकर बवाल हो गया। वर और वधू पक्ष के बीच विवाद इतना बढ़ा कि मामला हाथापाई तक आ गया। दोनों तरफ से हुई मारपीट में चार लोग घायल हो गए। इसके अलावा शादी भी टूट गई। वहीं, दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। ये मामला खागा क्षेत्र के कैनाल स्थित एक मैरिज हॉल की है। जानकारी के मुताबिक कल रात 19 फरवरी इस मैरिज हॉल में शादी थी। रात करीब तीन बजे वरमाला के बाद वैवाहिक रस्मों की तैयारी चल रही थी। चर्चा रही कि इसी दौरान कन्या पक्ष के साथ आया पालतू कुत्ता मंडप के पास पहुंच गया। उसे हटाने को लेकर शुरू हुई कहासुनी ने देखते ही देखते उग्र रूप ले लिया। आरोप प्रत्यारोप के बीच दोनों पक्षों में मारपीट शुरू हो गई। लोगों को कमरों में बंद करना पड़ा। इस लेकर मौके पर अफरा तफरी मच गई। दोनों तरफ से हुई मारपीट में महिला समेत चार लोग घायल हो गए। वहीं, महिलाएं बचाव के लिए चिल्लाती रहीं। मैरिज हॉल में मारपीट की सूचना पर पहुंची पुलिस ने हालात काबू में किए और घायलों को आनन-फानन में अस्पताल पहुंचाया। जहां हालत गंभीर देख प्राथमिक उपचार के बाद सभी को जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया। इस मामले में कोतवाली प्रभारी रमेश पटेल ने बताया कि सूचना पर पुलिस गई थी। कुत्ते को लेकर वर एवं वधू पक्ष में झगड़ा और मारपीट हो गया था। बाद में दोनों ने आपसी समझौता करते हुए शादी तोड़ने का फैसला किया है। लेनदेन कर तोड़ दी शादी गुरुवार को मारपीट के बाद दोनों पक्षों ने आपसी समझौते के अंतर्गत शादी न करने का फैसला किया। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पक्षों से मिले उपहार एवं आभूषणों को लौटा दिया। घटना के बाद चर्चा का विषय यही रहा कि जहां विवाह जैसे पवित्र संस्कार को केंद्र में होना चाहिए था, वहां एक कुत्ते की एंट्री ने पूरा माहौल बिगाड़ दिया।  

तंबाकू पर सख्ती: सरकारी कार्यालयों में पूरी तरह बैन, पढ़ाई में जुड़ेगा एंटी-टोबैको पाठ

लखनऊ  उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने तंबाकू के बढ़ते प्रभाव को रोकने और युवा पीढ़ी को इसके चंगुल से बचाने के लिए एक 'ब्लूप्रिंट' तैयार किया है। अब प्रदेश के सभी सरकारी कार्यालयों को 'तंबाकू मुक्त क्षेत्र' (Tobacco Free Zone) घोषित किया जाएगा। इसके साथ ही शिक्षण संस्थानों की मान्यता के लिए अब तंबाकू मुक्त परिसर के नियमों का पालन करना अनिवार्य शर्त होगी। मुख्य सचिव एसपी गोयल की अध्यक्षता में हुई 'राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम' की बैठक में राज्य स्तरीय समन्वय समिति ने कई फैसलों पर मुहर लगाई। तंबाकू की दुकानों के बीच 500 मीटर की दूरी का प्रस्ताव राज्य सरकार अब तंबाकू की उपलब्धता को कम करने के लिए लाइसेंसिंग व्यवस्था को और सख्त करने जा रही है। मुख्य सचिव ने प्रस्ताव दिया है कि: दो तंबाकू विक्रेताओं की दुकानों के बीच कम से कम 500 मीटर की दूरी सुनिश्चित करने के नियम पर विचार किया जाए।      बिना वैध लाइसेंस के तंबाकू बेचना अब और भी मुश्किल होगा। स्कूली पाठ्यक्रम का हिस्सा बनेंगे दुष्प्रभाव मुख्य सचिव ने जोर देकर कहा कि तंबाकू के खिलाफ जंग की नींव बचपन में ही रखनी होगी। इसके लिए रणनीति तैयार की गई है: प्राथमिक स्तर से ही तंबाकू के दुष्प्रभावों को पढ़ाई और सह-पाठ्यक्रम (Co-curricular) गतिविधियों में शामिल किया जाएगा। सभी विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में विशेष अभियान चलाए जाएंगे, ताकि तंबाकू के साथ जुड़े 'तथाकथित ग्लैमर' के भ्रम को तोड़ा जा सके।    किसी भी नए शिक्षण संस्थान को मान्यता तभी मिलेगी, जब वह 'तंबाकू मुक्त शैक्षणिक संस्थान' के कड़े दिशानिर्देशों का पालन करेगा। स्वास्थ्य ढांचे को और प्रभावी बनाने के लिए भी निर्देश जारी किए गए हैं: चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा ताकि वे हर मरीज को तंबाकू छोड़ने की प्रभावी सलाह दे सकें।      सभी मेडिकल और डेंटल कॉलेजों में एक तय समय सीमा के भीतर 'तंबाकू निषेध केंद्र' (Cessation Centers) स्थापित किए जाएंगे।      तंबाकू के खिलाफ लड़ाई की शुरुआत बच्चों से ही करनी होगी। युवाओं में इसके बढ़ते आकर्षण को रोकने के लिए हमें इसके ग्लैमरस विज्ञापन वाले चेहरे को बेनकाब करना होगा।- एसपी गोयल, मुख्य सचिव, उत्तर प्रदेश बैठक में ये रहे मौजूद इस उच्च स्तरीय बैठक में अपर मुख्य सचिव (चिकित्सा शिक्षा) अमित कुमार घोष, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन आयुक्त रोशन जैकब सहित कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। बैठक में 'कोटपा' (COTPA) अधिनियम, 2003 के प्रभावी क्रियान्वयन की भी समीक्षा की गई।  

सीएम योगी ने भारत मंडपम में कांग्रेस की हरकतों की निंदा की

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बजट 2026-27 में चर्चा में भाग लेते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश ने पहली बार सदन के अंदर अपना आर्थिक सर्वेक्षण भी प्रस्तुत किया है। इसके लिए काफी दिनों से काम चल रहा था। मैंने वित्त मंत्री से कहा कि काम किया है तो आंकड़े सभी के सामने आने ही चाहिए।  सीएम योगी ने कहा कि सरकार द्वारा निरंतर किए जाने वाले प्रयासों का परिणाम है कि यूपी ने लॉ एंड ऑर्डर, रिस्क से स्टेबल व निवेश के ड्रीम डेस्टिनेशन के रूप में खुद को स्थापित करने में सफलता पाई है। यह यूपी की नई पहचान बनी है। अब हमें हर स्तर पर ट्रिपल टी (टेक्नोलॉजी, ट्रस्ट, ट्रांसफॉर्मेशन) देखने को मिलता है।  सीएम ने कहा कि इंडस्ट्री 4.0 ने ऑटोमेशन, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, बिग डाटा व एआई के माध्यम से हमारी बढ़त बनाई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के अंदर पहली बार एआई इंपैक्ट समिट दिल्ली में चल रहा है। इसमें 20 से अधिक देशों के राष्ट्राध्यक्ष, 100 से अधिक देशों के प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं। भारत इस फील्ड का नया लीडर बनकर उभरा है। सीएम ने सदन का ध्यान आकृष्ट कराते हुए इंडस्ट्री- 5.0 की चर्चा की, बोले- इंडस्ट्री 5.0 के जरिए टेक्नोलॉजी केंद्रित नया मॉडल आ रहा है, यह मानव केंद्रित व मूल्य आधारित औद्योगिक व्यवस्था की स्थापना पर आधारित होना है। सीएम ने एआई की भूमिका पर भी चर्चा की।  सीएम योगी ने कहा कि पूरा देश व दुनिया भारत की तरफ देख रही है। एक तरफ पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत ने दुनिया में खुद को बड़ी ताकत के रूप में स्थापित किया है तो वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस के युवा संगठन ने भारत मंडपम में शर्मनाक घटना करने का प्रयास किया है। दुनिया में भारत की छवि को खराब करने का प्रयास हुआ है, जिसकी हम निंदा करते हैं। कांग्रेस नेता देश की कीमत पर खिलवाड़ करना चाहते हैं। सीएम ने कहा कि राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप होते हैं, लेकिन जहां 100 से अधिक देश के लोग भागीदार बन रहे हैं, वहां देश की छवि के साथ खिलवाड़ और उत्पात मचाकर अराजकता फैलाने का प्रयास हुआ है, हर भारतवासी को इसकी निंदा करनी चाहिए। भारत की छवि को खराब करने वालों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जानी चाहिए।

प्रख्यात अमेरिकी वैदिक विद्वान ने लखनऊ में की मुख्यमंत्री से मुलाकात

योग, आयुर्वेद और सनातन संस्कृति पर चर्चा, बोले- नाथ परंपरा से प्रशस्त हो रही वैश्विक कल्याण की नई राह लखनऊ,  अमेरिका के प्रख्यात वैदिक विद्वान डॉ. डेविड फ्रॉले ने राजधानी में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की। उन्होंने मुख्यमंत्री से योग, आयुर्वेद व सनातन संस्कृति पर चर्चा की। मुख्यमंत्री के बहुआयामी व्यक्तित्व के प्रशंसक डॉ. फ्रॉले ने कहा कि योगी आदित्यनाथ राजनीति का शुद्धिकरण कर रहे हैं। उन्होंने नाथ परंपरा का उदाहरण देते हुए कहा कि इससे वैश्विक कल्याण की नई राह प्रशस्त हो रही है। अमेरिकी विद्वान ने योगी सरकार द्वारा अयोध्या का पुरातन गौरव लौटाने की सराहना की और कहा कि अयोध्या का कायाकल्प वेदों की ओर लौटने का मार्ग है। डॉ. फ्रॉले ने कहा कि सीएम योगी आदित्यनाथ के साथ समय बिताना मेरे लिए अत्यंत सम्मान और सौभाग्य की बात रही। गोरक्ष पीठाधीश्वर योगी उस नाथ परंपरा से जुड़े हुए हैं, जो प्राचीन योग संस्कृति से जुड़ी है और इसे भारत में जीवंत बनाए हुए है। वे इन परंपराओं को न केवल संरक्षित कर रहे हैं, बल्कि उन्हें वैश्विक स्तर पर विस्तार भी दे रहे हैं। साथ ही वे शरीर, मन, समाज के स्वास्थ्य एवं कल्याण के लिए कार्य कर रहे हैं। योगी आदित्यनाथ राजनीति का शुद्धिकरण भी कर रहे हैं। भारत की वे सभी परंपराएं, जो संपूर्ण मानवता के लिए प्रासंगिक हैं, योगी आदित्यनाथ के माध्यम से नई ऊर्जा प्राप्त कर रही हैं। सीएम योगी से मिलकर प्रफुल्लित डॉ. डेविड फ्रॉले ने ‘नई अयोध्या’ की प्रशंसा करते हुए कहा कि अयोध्या का कायाकल्प अत्यंत प्रसन्नता की बात है। प्रभु श्रीराम का दर्शन आध्यात्मिक रूप से अत्यंत सुखद अनुभव देता है। भगवान राम भारत की आत्मा के प्रतीक हैं। वे हमें सूर्यवंश से जोड़ते हैं और समस्त धार्मिक परंपराओं को एक सूत्र में पिरोते हैं। आज विश्व धीरे-धीरे अपनी आध्यात्मिक चेतना खोता जा रहा है। ऐसे में वेद, योग, आयुर्वेद और अन्य भारतीय परंपराओं तक, सबका नवोन्मेष और पुनर्जीवन मौजूदा परिवेश में अत्यंत आवश्यक है। ऐसे समय में योगी जी जैसा नेतृत्व मिलना भारत ही नहीं, पूरे विश्व के लिए वरदान है। डॉ. फ्रॉले ने कहा कि योगी जी में तेज है, क्योंकि वे ‘आदित्य’ हैं, सूर्य तत्व से जुड़े हैं। आत्मविद्या के लिए हम आदित्य की ओर देखते हैं और सूर्य ही योग का आधार है। योगी जी के साथ कुछ क्षण बिताना भी जीवनभर के लिए यादगार पल है। विसकॉन्सिन (अमेरिका) में एक कैथोलिक परिवार में जन्मे डॉ. डेविड फ्रॉले की गिनती अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हिंदुत्व के प्रमुख विचारकों में होती है। उन्होंने करीब एक दशक तक आयुर्वेद का भी अध्ययन किया है। उन्होंने वेद, हिंदू धर्म, योग, आयुर्वेद व ज्योतिष शास्त्र पर कई पुस्तकें लिखी हैं। वर्ष 2015 में भारत सरकार ने उन्हें पद्मभूषण से सम्मानित किया। उसी वर्ष मुंबई में साउथ इंडियन एजुकेशन सोसायटी ने भी आयुर्वेद, योग व वैदिक ज्योतिष शास्त्र के क्षेत्र में डॉ. फ्रॉले के उल्लेखनीय योगदान को देखते उन्हें ‘नेशनल एमिनेंस अवार्ड’ से सम्मानित किया था।

‘बद से बदतर’ होती सुरक्षा व्यवस्था: यूपी में पुलिस थाने के पास किशोरी को जिंदा जलाने की सनसनीखेज वारदात

बाराबंकी  एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है. जहां एक किशोरी पर पेट्रोल डालकर जिंदा जला दिया गया. घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई. परिजनों ने रेप कर हत्या करने की आशंका जताते हुए मामले की शिकायत पुलिस से की है. पुलिस मामले की जांच में जुट गई है. जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई करने की बात कही जा रही है. बता दें कि पूरा मामला मोहम्मदपुर खाला थाना का है. थाने से करीब 100 मीटर दूरी पर युवती पर पेट्रोल डालकर आग लगा दिया गया. घटना तब घटी, जब किशोरी गुरुवार को दोपहर के वक्त शौच करने के लिए घर से निकली थी. कुछ देर बाद किशोरी की बड़ी बहन को किसी ने जानकारी दी कि उसकी बहन खेत में जली पड़ी है. जानकारी मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे. मौके पर पहुंचे परिजनों ने देखा कि किशोरी के शरीर में कपड़े नहीं थे. वहीं लड़की के जलने की जानकारी मिलते ही पुलिस और गांव के लोग मौके पर पहुंचे. परिजनों ने तत्काल पास में पड़ी रजाई को उठाकर लड़की के शरीर को ढका और इलाज के लिए अस्पताल लेकर पहुंचे. मौके से पुलिस को एक पेट्रोल की बॉटल मिली है. होश आने पर किशोरी ने पुलिस को एक युवक का नाम बताया है, जिसने उसे जलाया. इलाज के दौरान किशोरी की मौत हो गई है. पुलिस ने किशोरी की लाश को पीएम के लिए भेजा है. मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है.

यूपी की सियासत गरम: मोहन भागवत से मिले दोनों डिप्टी CM, 2027 चुनाव की रणनीति पर चर्चा?

लखनऊ . उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी की जीत की हैट्रिक के लिए खुद आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत मैदान में उतर चुके हैं. गोरखपुर प्रवास के बाद वे लखनऊ पहुंचे।  जहां पहले वे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ 40 मिनट तक मुलाक़ात की. गुरुवार को मेरठ रवानगी से पहले उनकी मुलाक़ात दोनों डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पटाहक से हुई. इन मुलाकातों को राजनीतिक और संगठनात्मक दृष्टि से काफी अहम माना जा रहा है. सूत्रों के मुताबिक, आरएसएस प्रमुख ने हिंदुत्व के अजेंडे को धार देने और जाति की राजनीति को ख़त्म करने को लेकर चर्चा की है. इसकी वजह यह है कि हाल के दिनों में जिस तरह से यूजीसीबिल और स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का मुद्दा उठा उससे, हिन्दू वोट बंटने का खतरा है. इसका सीधा नुकसान बीजेपी को इसलिए भी है, क्योंकि बीजेपी 80 बनाम 20 की राजनीति करती है. यानी सपा का पीडीए और बीजेपी का दलित वोट भी सिका हिस्सा है. सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निराला नगर स्थित सरस्वती शिशु मंदिर में मोहन भागवत से करीब 30-40 मिनट तक बातचीत की. यह मुलाकात आरएसएस के शताब्दी वर्ष के संदर्भ में बताई जा रही है, लेकिन सियासी गलियारों में इसे 2027 के चुनावी रोडमैप, हिंदुत्व एजेंडा, संगठन-सरकार समन्वय और सामाजिक समीकरणों पर रणनीति बनाने के रूप में देखा जा रहा है. मुलाकात के दौरान प्रदेश की राजनीतिक स्थिति, संगठन की भूमिका और आगामी चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा होने की संभावना जताई जा रही है. किस मुद्दे पर हुई होगी चर्चा? मुख्यमंत्री के साथ मुलाकात के बाद, गुरुवार सुबह मोहन भागवत ने उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक से भी अलग-अलग मुलाकात की. सरस्वती कुंज में हुई इन बैठकों में हिंदुत्व से जुड़े मुद्दों, जातिगत राजनीति, सामाजिक समरसता और चुनावी रणनीति पर विचार-विमर्श होने की बात कही जा रही है. हालांकि, इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन जिस तरह से मोहन भागवत ने जाति को भूलने और खुद को हिंदू बताने का आह्वान किया है उससे साफ़ है कि 2027 के लिए सियासी बिसात तैयार की जा रही है. इन मुलाकातों से स्पष्ट है कि आरएसएस 2027 के चुनाव को लेकर प्रदेश स्तर पर मजबूत समन्वय और तैयारी में जुटा हुआ है. आरएसएस और बीजेपी के बीच समन्वय मजबूत होगा यह मुलाकातें ऐसे समय हो रही हैं जब उत्तर प्रदेश में सामाजिक-राजनीतिक माहौल गर्म है और विभिन्न दल अपनी-अपनी रणनीतियां तैयार कर रहे हैं. आरएसएस की ओर से हिंदू समाज में एकता, सतर्कता और सामाजिक सद्भाव पर जोर दिया जा रहा है, जबकि सरकार-संगठन के बीच बेहतर तालमेल को चुनावी सफलता की कुंजी माना जा रहा है. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ये मुलाकातें न केवल भाजपा की चुनावी तैयारियों को मजबूती देंगी, बल्कि संगठन और सरकार के बीच संतुलन बनाए रखने में भी अहम भूमिका निभाएंगी.

‘जनहित भूल चुकी है सरकार’— शिवपाल यादव ने बीजेपी पर साधा निशाना

लखनऊ उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर बयानबाज़ी तेज हो गई है। शिवपाल यादव ने राज्य सरकार और उपमुख्यमंत्री पर तीखा हमला बोलते हुए कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि सत्ता में बैठी सरकार जनता के मूल मुद्दों से भटक चुकी है और जमीनी हकीकत से पूरी तरह कटी हुई है। सरकार को जनता के प्रति जवाबदेही तय करनी होगी समाजवादी पार्टी के महासचिव एवं वरिष्ठ नेता शिवपाल यादव ने डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि केवल बयानबाज़ी से काम नहीं चलेगा, सरकार को जनता के प्रति जवाबदेही तय करनी होगी। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर सरकार गंभीर नहीं है। शंकराचार्य का अपमान हुआ शिवपाल यादव ने हाल ही में शंकराचार्य से जुड़े विवाद का जिक्र करते हुए कहा कि “पूजनीय शंकराचार्य जी का अपमान हुआ है।” उन्होंने यह भी कहा कि “डिप्टी सीएम बटुको को लाकर कितना भी ढकने की कोशिश कर लें, लेकिन अपमान हो चुका है।” साथ ही उन्होंने कहा कि डिप्टी सीएम भी सरकार का हिस्सा हैं, इसलिए इस पूरे प्रकरण की जिम्मेदारी सरकार पर है। नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई हो वेब सीरीज को लेकर भी उन्होंने टिप्पणी की। शिवपाल यादव ने कहा कि किसी भी वेब सीरीज या फिल्म के निर्माण में कानून का पालन अनिवार्य है। जो लोग नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं, उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। वहीं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और भारतीय जनता पार्टी से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा कि यह उनका आंतरिक मामला है और इस पर उन्हें कुछ नहीं कहना है। शिवपाल यादव के इस बयान के बाद प्रदेश की सियासत में एक बार फिर गर्माहट बढ़ गई है और आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाज़ी और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।