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अदालत में सनसनी: महिला ने चाकू लहराकर अधिवक्ता को डराया, जज भी रह गए सन्न

वाराणसी वाराणसी कचहरी परिसर स्थित एसीजेएम षष्ठम (ACJM VI) के कोर्ट रूम में गुरुवार को उस समय अफरातफरी मच गई, जब एक महिला ने जज के सामने ही अपने बैग से चाकू निकाल लिया। महिला एक पुराने मारपीट के मामले में पैरवी के लिए पहुंची थी। इसी दौरान एक महिला अधिवक्ता से उसकी तीखी नोकझोंक हुई तो चाकू निकाल लिया। गनीमत रही कि वहां मौजूद सुरक्षाकर्मियों और वकीलों ने तत्परता दिखाते हुए महिला को काबू में कर लिया। पुलिस ने फिलहाल महिला को हिरासत में ले लिया है। मिली जानकारी के अनुसार, मिर्जामुराद थाने के चंगवार बेनीपुर की रहने वाली महिला एसीजेएम षष्ठम की अदालत में पहुंची थी। बताया जा रहा है कि करीब दो माह पहले महिला के परिजनों ने उसके साथ मारपीट की थी। महिला इसी मामले का मेडिकल रिपोर्ट (मुआयना) बनवाकर कोर्ट में अपनी बात रखने पहुंची थी। कोर्ट रूम के भीतर वह एक महिला अधिवक्ता से मिली और उनसे अपने मामले में कड़ी कार्रवाई कराने की जिद करने लगी। जब महिला अधिवक्ता ने कानूनी प्रक्रिया का हवाला देते हुए तुरंत कार्रवाई से असमर्थता जताई तो महिला उग्र हो गई। बहस के दौरान ही उसने अचानक अपने बैग से चाकू निकाल लिया और वकील को धमकाने लगी। जज के सामने हुई इस घटना से कोर्ट रूम में खलबली मच गई। घटना की सूचना मिलते ही कैंट थाना पुलिस मौके पर पहुंची और महिला को हिरासत में ले लिया। पुलिस ने उसके पास से मिले चाकू को कब्जे में ले लिया है। शुरुआती जांच और पूछताछ के बाद पुलिस अधिकारियों का कहना है कि महिला की मानसिक स्थिति ठीक नहीं लग रही है। कैंट पुलिस के अनुसार, महिला अपने पारिवारिक विवाद को लेकर काफी तनाव में थी। वह बार-बार अपने साथ हुई मारपीट का जिक्र कर रही थी। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि इतनी कड़ी सुरक्षा के बावजूद महिला चाकू लेकर कोर्ट रूम के भीतर तक कैसे पहुंच गई। फिलहाल पुलिस आगे की विधिक कार्रवाई में जुटी है। सुरक्षा में बड़ी चूक महिला का चाकू लेकर कचहरी परिसर ही नहीं कोर्ट रूम में पहुंचना सुरक्षा में बड़ी चूक माना जा रहा है। पिछले कुछ दिनों से लगातार कोर्ट में बम धमाके की धमकी मिल रही है। इसे देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था चौकस रखने का दावा किया जा रहा है। पिछले तीन चार दिनों से लगातार चेकिंग अभियान भी चलाने की बात कही जा रही है। इसके बाद भी महिला का चाकू लेकर पहुंचना गंभीर सवाल खड़ा कर रहा है।

माघ मेले की घटना पर अविमुक्तेश्वरानंद का कटाक्ष, बोले—बटुक पूजन से नहीं मिलेगा प्रायश्चित

वाराणसी प्रदेश के उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक द्वारा 101 बटुकों को घर पर बुलाकर अंगवस्त्रम और तिलक लगाकर पैर छूकर सम्मान करने पर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा। कहा कि उन्होंने ये करके अपनी भावना दिखाई है और जताया कि जो प्रयागराज में हुआ वह पाप था उसको धोने के लिए मैं अपना प्रयास कर रहा हूं। इससे प्रयागराज में घटना का पाप नहीं धुल सकता है। 101 बटुकों पर पुष्पवर्षा कर और तिलक कर सम्मानित करना कोई कार्रवाई नहीं है, ये राजनीति है। कहा कि जो वास्तविक पीड़ित है, जिस बटुक की चोटी खींची गई उसके पास जाते कि अपने पसंद के बटुक बुला लिए और चंदन लगा दिए। ये राजनीति नहीं है तो क्या है। उन्होंने कहा कि 20 दिन का अल्टीमेटम 11 मार्च को पूरा हो रहा है। इस दिन लखनऊ जाएंगे और वहीं जांच के बाद जो निष्कर्ष निकलेगा वही घोषित करेंगे। कहा कि गोरक्षा की मांग को लेकर 11 मार्च को लखनऊ में साधु- संतों और सनातनियों के साथ जाएंगे। कहा कि भाजपा के 100 से ज्यादा कार्यकर्ता, पूर्व विधायक, अध्यक्ष जैसे पदाधिकारी रक्षा को लेकर प्रदेश सरकार की मनसा स्पष्ट न होने के कारण मेरे शरण में आ रहे हैं और पार्टी को भी छोड़ रहे हैं।

यूपी विधान परिषद में गंगा क्रूज मुद्दे पर तीखी बहस, सरकार ने दी सफाई

लखनऊ उत्तर प्रदेश विधान परिषद में वाराणसी की गंगा नदी पर संचालित सरकारी और निजी क्रूजों को लेकर बुधवार को जोरदार चर्चा हुई। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने विपक्ष के सवालों का विस्तृत जवाब देते हुए कहा कि राज्य सरकार पूरी पारदर्शिता और निर्धारित मानकों के अनुरूप कार्य कर रही है। समाजवादी पार्टी के सदस्य आशुतोष सिन्हा ने सदन में प्रश्न उठाते हुए पूछा कि वाराणसी में कितने सरकारी और निजी क्रूज संचालित हो रहे हैं, उनके संचालन के मानक क्या हैं और क्या संबंधित विवरण सदन के पटल पर रखा जाएगा। इस पर मंत्री जयवीर सिंह ने स्पष्ट किया कि वाराणसी में 5 सरकारी और 2 निजी क्रूज संचालित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि इनके संचालन के मानक भारतीय अन्तर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण तथा उत्तर प्रदेश अन्तर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण द्वारा निर्धारित किए गए हैं और उनका पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित कराया जा रहा है। मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि 6 दिसंबर 2023 को अधिसूचना जारी कर उत्तर प्रदेश अन्तर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण संबंधी विधेयक पारित किया गया, जिसमें परिवहन विभाग को नोडल विभाग बनाया गया। इसके बाद 6 दिसंबर 2024 से अग्रिम कार्यवाही प्रारंभ कर दी गई। उन्होंने कहा कि इस संबंध में सभी आवश्यक जानकारियां सार्वजनिक रूप से उपलब्ध हैं और सदन को उपलब्ध कराने में कोई आपत्ति नहीं है। चर्चा के दौरान मंत्री ने विपक्ष पर पर्याप्त जानकारी के अभाव में सवाल उठाने का आरोप लगाया और तंज कसते हुए कहा कि अगर थोड़ा पढ़ लेते तो यह प्रश्न नहीं उठता। उनके इस बयान से सदन में कुछ देर के लिए राजनीतिक तल्खी बढ़ गई। मंत्री जयवीर सिंह ने पर्यटन के आंकड़े प्रस्तुत करते हुए दावा किया कि वर्ष 2017 के बाद प्रदेश में पर्यटन क्षेत्र में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि यह बढ़ोतरी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व और मार्गदर्शन का परिणाम है। उनके अनुसार, वाराणसी समेत प्रदेश के धार्मिक और आध्यात्मिक नगर पर्यटन के नए आयाम स्थापित कर रहे हैं।

यीडा ने शासन को भेजी सूचना, सेक्टर-5ए में जापानी सिटी, सेक्टर-7 में सिंगापुर सिटी का प्रस्ताव

यमुना एक्सप्रेस-वे : जापान सिटी और सिंगापुर सिटी के लिए 500-500 एकड़ भूमि प्रस्तावित यीडा ने शासन को भेजी सूचना, सेक्टर-5ए में जापानी सिटी, सेक्टर-7 में सिंगापुर सिटी का प्रस्ताव दोनों सेक्टर मल्टीपर्पज औद्योगिक क्षेत्र के रूप में होंगे विकसित प्राधिकरण के सीईओ आरके सिंह ने कहा कि भूमि अधिग्रहण को लेकर तैयारी पूरी   लखनऊ,   यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) ने जापान सिटी और सिंगापुर सिटी के विकास को लेकर औपचारिक प्रस्ताव शासन को भेज दिया है। 18 फरवरी 2026 को जारी पत्र में प्राधिकरण ने अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त, उत्तर प्रदेश शासन को अवगत कराया है कि प्राधिकरण क्षेत्र में इन दोनों प्रस्तावित सिटीज के लिए भूमि चिन्हित कर ली गई है। प्राधिकरण के सीईओ आरके सिंह ने बताया कि इन दोनों सिटी को लेकर भूमि अधिग्रहण से संबंधित योजना तैयार कर ली गई है। पत्र के अनुसार मुख्यमंत्री योगी आधिकारिक प्रस्तावित जापान और सिंगापुर यात्रा के संदर्भ में प्राधिकरण क्षेत्र के अंतर्गत जापान सिटी और सिंगापुर सिटी हेतु क्षेत्र चिन्हित कर सूचना उपलब्ध कराए जाने की अपेक्षा की गई थी। इसी क्रम में प्राधिकरण ने सेक्टर-5ए और सेक्टर-7 को इन परियोजनाओं के लिए प्रस्तावित किया है। प्राधिकरण की महायोजना के अंतर्गत सेक्टर-7 और सेक्टर-5ए मल्टीपर्पज औद्योगिक क्षेत्र के रूप में नियोजित हैं। इन क्षेत्रों में औद्योगिक उपयोग न्यूनतम 70 प्रतिशत निर्धारित है। इसके साथ ही आवासीय उपयोग अधिकतम 12 प्रतिशत, वाणिज्यिक उपयोग अधिकतम 13 प्रतिशत तथा संस्थागत सुविधाएं न्यूनतम 5 प्रतिशत तक निर्धारित हैं। पत्र में कहा गया है कि इन सेक्टरों को एक इंटीग्रेटेड औद्योगिक सिटी के रूप में विकसित किया जा सकता है। जापानी सिटी के लिए सेक्टर-5ए  ग्रेटर नोएडा में 500 एकड़ क्षेत्र प्रस्तावित है। इसी प्रकार सिंगापुर सिटी के लिए सेक्टर-7, ग्रेटर नोएडा में 500 एकड़ भूमि प्रस्तावित की गई है। दोनों ही परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण किया जाना प्रस्तावित है। इन सेक्टरों का विकास ईपीसी (इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन) मोड पर किए जाने का प्रस्ताव है।

बुंदेलखंड पर विशेष फोकस, सातों जिलों में जलधारण क्षमता बढ़ने से खेती अधिक टिकाऊ बनेगी और लागत घटेगी

नेचुरल फॉर्मिंग हब बन रहा यूपी प्रदेश के सभी 75 जिलों में अब तक 94,300 हेक्टेयर तक पहुंची नेचुरल फॉर्मिंग, योगी सरकार 298 करोड़ रुपये से करेगी विस्तार बुंदेलखंड पर विशेष फोकस, सातों जिलों में जलधारण क्षमता बढ़ने से खेती अधिक टिकाऊ बनेगी और लागत घटेगी जीवामृत और घनजीवामृत के उपयोग से रासायनिक खाद एवं कीटनाशकों पर निर्भरता घटेगी अन्नदाता को 'आरोग्यदाता' बनाएगी योगी सरकार लखनऊ  उत्तर प्रदेश में प्राकृतिक खेती को मिशन मोड में आगे बढ़ाते हुए योगी सरकार ने बड़ी पहल की है। सक्रिय रणनीति बनाकर प्रदेश के सभी 75 जनपदों में कुल 94,300 हेक्टेयर क्षेत्रफल तक प्राकृतिक खेती का विस्तार किया गया है। यह जल्द ही एक लाख हेक्टेयर तक पहुंचने वाला है। इस व्यापक अभियान में बुंदेलखंड पर फोकस रखा गया है, जहां विशेष कार्यक्रम के जरिए इसे सफल मॉडल के रूप में विकसित किया जा रहा है। योगी सरकार रासायनिक निर्भरता कम कर टिकाऊ कृषि व्यवस्था स्थापित करने के लिए नेचुरल फार्मिंग पर विशेष जोर दे रही है। बुंदेलखंड में 23,500 हेक्टेयर क्षेत्र में गो-आधारित प्राकृतिक खेती योगी सरकार ने बुंदेलखंड के सभी जनपदों झांसी, ललितपुर, जालौन, हमीरपुर, महोबा, बांदा और चित्रकूट में 23,500 हेक्टेयर क्षेत्र पर गो-आधारित प्राकृतिक खेती का विशेष कार्यक्रम शुरू किया है। इस क्षेत्र में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देकर योगी सरकार कृषि को अधिक टिकाऊ और लाभकारी बनाने की दिशा में ठोस कदम उठा रही है। योगी सरकार के फोकस में कम लागत, ज्यादा लाभ वाले कृषि मॉडल जीवामृत और घनजीवामृत के प्रयोग से रासायनिक खाद और कीटनाशकों पर निर्भरता घटेगी। इससे खेती की लागत कम होगी और किसानों की आय बढ़ाने का रास्ता मजबूत होगा। योगी सरकार का फोकस 'कम लागत, ज्यादा लाभ' वाले कृषि मॉडल पर है। कम वर्षा वाले क्षेत्रों के लिए वरदान गोसेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता ने बताया कि प्राकृतिक खेती से मिट्टी की संरचना सुधरती है और जलधारण क्षमता बढ़ती है। बुंदेलखंड के साथ ही कम वर्षा वाले क्षेत्रों में यह पहल खेती को अधिक टिकाऊ बनाएगी। यह कदम क्षेत्रीय कृषि अर्थव्यवस्था के लिए गेमचेंजर साबित हो सकता है। प्रशिक्षण से किसानों का सशक्तिकरण योगी सरकार किसानों को प्राकृतिक खेती की तकनीकों से जोड़ने के लिए बड़े पैमाने पर प्रशिक्षण कार्यक्रम चला रही है। इससे प्राकृतिक कृषि प्रणाली को मुख्यधारा में लाने और किसानों को आत्मनिर्भर बनाने में मदद मिल रही है। स्वास्थ्य, पर्यावरण और आय पर सकारात्मक असर प्राकृतिक उत्पादों की ब्रांडिंग और पर्यावरण-अनुकूल कृषि प्रणाली के प्रसार से किसानों की आय में वृद्धि के साथ-साथ मानव स्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण को भी बल मिलेगा। गोसेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता ने बताया कि योगी सरकार की दूरदर्शी नीति के चलते उत्तर प्रदेश प्राकृतिक खेती की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है, जिसमें बुंदेलखंड परिवर्तन का अग्रदूत बनकर उभर रहा है।

आवास पर तिलक और सम्मान समारोह: ब्रजेश पाठक ने 101 बटुकों को किया सम्मानित, सियासी मायने तेज

लखनऊ प्रयागराज में माघ मेला के दौरान शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को पवित्र स्नान से रोके जाने का मामला चर्चा में रहा. इस दौरान शंकराचार्य के साथ जा रहे बटुकों की शिखा खींचे जाने की कथित घटना को लेकर यूपी सरकार पर सवाल उठ रहे थे. विपक्षी दल हमलावर थे. इसे लेकर यूपी सरकार अब डैमेज कंट्रोल के मोड में नजर आ रही है. हाल ही में यूपी सरकार के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने शिखा पकड़ने को बड़ा पाप बताया था. अब ब्रजेश पाठक ने 101 बटुकों को अपने आवास पर बुलाकर उनका सम्मान कर आशीर्वाद लिया है. ब्रजेश पाठक ने गुरुवार की सुबह लखनऊ के अपने सरकारी आवास पर 101 बटुकों को बुलाया. डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने अपने आवास पर बटुकों का फूल-माला पहनाकर स्वागत किया. उन्होंने बटुकों को तिलक लगाया और उनकी शिखा का सम्मान कर उनसे आशीर्वाद लिया. गौरतलब है कि डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने एक प्रोग्राम में यह कहा था कि शिखा का सम्मान होना चाहिए. उन्होंने यह भी कहा था कि परंपराओं का आदर समाज की जिम्मेदारी है. 101 बटुकों को बुलाकर उनका सम्मान करना सांस्कृतिक मूल्यों के प्रति सम्मान का प्रतीक है. बता दें कि प्रयागराज की घटना के बाद सरकार की किरकिरी हो रही थी. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी हाल ही में यह कहा था कि सभी को मर्यादा में रहना चाहिए. ब्रजेश पाठक ने क्या कहा था यूपी सरकार के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने किसी ब्राह्मण की शिखा छूने को बेहद गंभीर अपराध बताया था. उन्होंने कहा था कि यह सनातन संस्कृति और परंपराओं का अपमान है. ब्रजेश पाठक ने इस तरह की घटना को बड़ा पाप बताते हुए कहा था कि इसमें शामिल लोगों को सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिए.

‘कम से कम तीन बच्चे हों’ — मोहन भागवत का आह्वान, बोले किसी से खतरा नहीं

लखनऊ  राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने मंगलवार को कहा कि हिंदू समाज को किसी से खतरा नहीं है, लेकिन उसे सजग और संगठित रहना चाहिए। उन्होंने यह बात लखनऊ स्थित विद्या भारती के भारतीय शिक्षा शोध संस्थान, सरस्वती कुंज, निराला नगर में आयोजित सामाजिक सद्भाव बैठक के दौरान कही। डॉ. भागवत ने कहा कि हिंदू परिवारों को कम से कम तीन बच्चों का संकल्प लेना चाहिए। उनका तर्क था कि जिन समाजों में जनसंख्या वृद्धि दर बहुत कम हो जाती है, वे धीरे-धीरे कमजोर पड़ जाते हैं। 'घर वापसी' अभियान को गति देने की आवश्यकता इसके बाद माधव सभागार में आयोजित 'कार्यकर्ता कुटुंब मिलन' कार्यक्रम में उन्होंने 'घर वापसी' अभियान को गति देने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि जो लोग पुनः हिंदू धर्म में लौटते हैं, उनके साथ संवाद और सहयोग बनाए रखना चाहिए। हम सभी एक ही देश और मातृभूमि के पुत्र अपने संबोधन में उन्होंने कहा, हम सभी एक ही देश और मातृभूमि के पुत्र हैं। जो हमारे विरोधी हैं, उन्हें समाप्त करना हमारा विचार नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि मंदिर, कुआं और श्मशान जैसे सार्वजनिक धार्मिक स्थल सभी हिंदुओं के लिए समान रूप से खुले होने चाहिए। कार्यक्रम में विभिन्न संगठनों की भागीदारी इस कार्यक्रम में सिख, बौद्ध और जैन समाज के प्रतिनिधियों के साथ कई धार्मिक और सामाजिक संगठनों के सदस्य भी उपस्थित रहे। इनमें रामकृष्ण मिशन, इस्कॉन, जय गुरुदेव, शिव शांति आश्रम, आर्ट ऑफ लिविंग, संत निरंकारी आश्रम, संत कृपाल आश्रम, कबीर मिशन, गोरक्षा पीठ, आर्य समाज, संत रविदास पीठ, दिव्यानंद आश्रम और ब्रह्म विद्या निकेतन सहित विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधि शामिल हुए।  

योगी आदित्यनाथ सिंगापुर और जापान जाएंगे, निवेश और उद्योग को बढ़ावा देने की तैयारी

लखनऊ  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 22 फरवरी से सिंगापुर और जापान के चार दिवसीय दौरे पर रवाना होंगे। प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार 23 और 24 फरवरी को सिंगापुर तथा 25 और 26 फरवरी को जापान में विभिन्न उच्चस्तरीय बैठकों और निवेशक सम्मेलनों में भाग लेंगे। राज्य सरकार का मानना है कि इन विदेशी दौरों से उत्तर प्रदेश में औद्योगिक निवेश को नई गति मिलेगी और रोजगार सृजन के अवसर बढ़ेंगे। भारतीय समुदाय से भी संवाद करेंगे राज्य में वैश्विक निवेश आकर्षित करने के उद्देश्य से यह मुख्यमंत्री की महत्वपूर्ण विदेश यात्रा मानी जा रही है। इससे पहले वह म्यांमार, मॉरीशस, नेपाल और रूस की यात्राएं कर चुके हैं। इस दौरे के दौरान मुख्यमंत्री दोनों देशों के प्रमुख निवेशकों के साथ बैठक करेंगे और वहां रह रहे भारतीय समुदाय से भी संवाद करेंगे। प्रतिनिधिमंडल में वरिष्ठ मंत्री और अधिकारी शामिल मुख्यमंत्री के साथ राज्य सरकार का उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी जाएगा। इसमें वित्त मंत्री सुरेश खन्ना, औद्योगिक विकास मंत्री नंदगोपाल गुप्ता 'नंदी', मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव संजय प्रसाद, सचिव अमित सिंह समेत कुल 18 अधिकारी शामिल रहेंगे। सिंगापुर में शहरी विकास और स्मार्ट सिटी पर जोर जापान की राजधानी टोक्यो में 'विनिर्माण, गतिशीलता और प्रौद्योगिकी के लिए जापान-उत्तर प्रदेश साझेदारी' विषय पर गोलमेज सम्मेलन आयोजित करने का प्रस्ताव है। इस सम्मेलन में ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रिक वाहन, इलेक्ट्रॉनिक्स, रेलवे, इंजीनियरिंग, रसायन और लॉजिस्टिक्स क्षेत्रों की अग्रणी जापानी कंपनियों के शामिल होने की संभावना है। इन्वेस्ट यूपी (Invest UP) की टीम निवेशकों के समक्ष औद्योगिक अवसंरचना, हरित हाइड्रोजन, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC), पर्यटन सर्किट, ऑटोमोबाइल सेक्टर, कौशल विकास और व्यापार सुगमता सुधारों पर विस्तृत प्रस्तुति देगी। उपमुख्यमंत्री के नेतृत्व में यूके-जर्मनी दौरा उधर 22 फरवरी को ही उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के नेतृत्व में 15 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल यूनाइटेड किंगडम और जर्मनी के दौरे पर रवाना होगा। इस दल में आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के मंत्री सुनील शर्मा तथा औद्योगिक विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव आलोक कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल रहेंगे। सरकार को विशेष रूप से आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में बड़े निवेश प्रस्ताव मिलने की उम्मीद है।  

होली 2026: यूपी-बिहार रूट पर Indian Railways चलाएगी स्पेशल ट्रेनें, समय और लिस्ट जारी

 चंदौली रंगों का त्योहार होली नजदीक आ रहा है. देश के अलग-अलग हिस्सों में रहने वाले लोग इस त्योहार को मनाने के लिए अपने घरों का रुख करते हैं. ऐसे में भारतीय रेलवे ने भी होली स्पेशल ट्रेनों का परिचालन शुरू कर किया है.  पूर्व मध्य रेल के सीपीआरओ सरस्वती चंद्र ने बताया कि होली के अवसर पर यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ के मद्देनजर भारतीय रेलवे ने 9 जोड़ी यानी 18 होली स्पेशल ट्रेनें चलाने का फैसला किया है. इन ट्रेनों के परिचालन से यूपी-बिहार के लोगों को होली के दौरान घर आने में काफी सहूलियत मिलेगी.  आइए देखते हैं उन ट्रेनों की लिस्ट और रूट… > गाड़ी संख्या 08439/08440 पुरी-पटना-पुरी स्पेशल: खड़गपुर-आसनसोल-झाझा के रास्ते चलने वाली गाड़ी संख्या 08439 पुरी-पटना स्पेशल 28 फरवरी से 28 मार्च, 2026 तक प्रत्येक शनिवार को पुरी से 14.55 बजे खुलकर अगले दिन 10.45 बजे पटना पहुंचेगी. वहीं, गाड़ी संख्या 08440 पटना-पुरी स्पेशल 01 से 29 मार्च, 2026 तक प्रत्येक रविवार को पटना से 13.30 बजे खुलकर अगले दिन 09.45 बजे पुरी पहुंचेगी. > गाड़ी संख्या 09031/09032 उधना-हसनपुर रोड-उधना स्पेशल: डीडीयू-पाटलिपुत्र-हाजीपुर- मुजफ्फरपुर-समस्तीपुर के रास्ते चलने वाली गाड़ी संख्या 09031 उधना-हसनपुर रोड स्पेशल 22 फरवरी से 29 मार्च, 2026 तक प्रत्येक रविवार को उधना से 11.25 बजे खुलकर अगले दिन 10.30 बजे डीडीयू, 14.15 बजे पाटलिपुत्र, 17.10 बजे मुजफ्फरपुर रुकते हुए 20.00 बजे हसनपुर रोड स्टेशन पहुंचेगी.   वहीं, गाड़ी संख्या 09032 हसनपुर रोड-उधना स्पेशल 23 फरवरी से 30 मार्च, 2026 तक प्रत्येक सोमवार को हसनपुर रोड स्टेशन से 21.45 बजे खुलकर अगले दिन 00.25 बजे मुजफ्फरपुर, 02.15 बजे पाटलिपुत्र, 05.40 बजे डीडीयू रुकते हुए तीसरे दिन 15.00 बजे उधना पहुंचेगी. > गाड़ी संख्या 07005/07006 चर्लपल्ली-रक्सौल-चर्लपल्ली स्पेशल: रांची-बोकारो-धनबाद -झाझा-बरौनी-समस्तीपुर-दरभंगा-सीतामढ़ी के रास्ते चलने वाली गाड़ी संख्या 07005 चर्लपल्ली- रक्सौल स्पेशल 23 एवं 28 फरवरी तथा 01 मार्च, 2026 को चर्लपल्ली से 22.00 बजे खुलकर तीसरेे दिन 03.50 बजे धनबाद, 10.50 बजे बरौनी, 13.33 बजे दरभंगा रुकते हुए 16.50 बजे रक्सौल पहुंचेगी. वहीं, गाड़ी संख्या 07006 रक्सौल-चर्लपल्ली स्पेशल 26 फरवरी तथा 03 एवं 04 मार्च, 2026 को रक्सौल से 03.15 बजे खुलकर 07.10 बजे दरभंगा, 09.30 बजे बरौनी, 16.00 बजे धनबाद रुकते हुए अगले दिन 19.40 बजे चर्लपल्ली पहुंचेगी. > गाड़ी संख्या 09451/09452 गांधीधाम-भागलपुर-गांधीधाम स्पेशल:  गोरखपुर-नरकटियागंज -बापूधाम मोतीहारी-मुजफ्फरपुर-बरौनी के रास्ते चलायी जा रही गाड़ी संख्या 09451/52 गांधीधाम-भागलपुर-गांधीधाम स्पेशल का परिचालन विस्तार होली स्पेशल के रूप में किया जा रहा है. गाड़ी संख्या 09451 गांधीधाम-भागलपुर स्पेशल 06 मार्च से 27 मार्च तक प्रत्येक शुक्रवार तथा गाड़ी संख्या 09452 भागलपुर-गांधीधाम स्पेशल 09 मार्च से 30 मार्च तक प्रत्येक सोमवार को अपने पुराने समय एवं ठहराव के अनुसार होली स्पेशल के रूप में परिचालित की जाएगी. > गाड़ी संख्या 03009/03010 दानकुनी-आनंद विहार-दानकुनी स्पेशल: झाझा-किउल- नवादा-गया-डीडीयू के रास्ते चलाई जाने वाली गाड़ी संख्या 03009 दानकुनी-आनंद विहार स्पेशल 28 फरवरी तथा 07 मार्च, 2026 को दानकुनी से 00.20 बजे खुलकर 07.40 बजे किउल, 09.13 बजे नवादा, 10.35 बजे गया एवं 14.00 बजे डीडीयू रुकते हुए अगले दिन 11.00 बजे आनंद विहार पहुंचेगी. वहीं, गाड़ी संख्या 03010 आनंद विहार-दानकुनी स्पेशल 01 तथा 08 मार्च, 2026 को आनंद विहार से 15.00 बजे खुलकर अगले दिन 08.40 बजे डीडीयू, 11.45 बजे गया, 13.00 बजे नवादा एवं 14.30 बजे किउल रुकते हुए 23.30 बजे दानकुनी पहुंचेगी. > गाड़ी संख्या 03435/03436 मालदा टाउन-आनंद विहार-मालदा टाउन स्पेशल: भागलपुर-किउल-नवादा-गया-डीडीयू के रास्ते चलाई जाने वाली गाड़ी संख्या 03435 मालदा टाउन-आनंद विहार स्पेशल 02, 09 तथा 16 मार्च, 2026 सोमवार को मालदा टाउन से 09.30 बजे खुलकर 15.15 बजे किउल, 16.25 बजे नवादा, 18.15 बजे गया एवं 21.40 बजे डीडीयू रुकते हुए अगले दिन 13.40 बजे आनंद विहार पहुंचेगी. वहीं, गाड़ी संख्या 03436 आनंद विहार-मालदा टाउन स्पेशल 03, 10 तथा 17 मार्च, 2026 मंगलवार को आनंद विहार से 15.35 बजे खुलकर अगले दिन 08.30 बजे डीडीयू, 11.40 बजे गया, 12.58 बजे नवादा एवं 15.20 बजे किउल रुकते हुए 22.30 बजे मालदा टाउन पहुंचेगी. > गाड़ी संख्या 03131/03132 सियालदह-गोरखपुर-सियालदह स्पेशल: किउल-बरौनी-शाहपुर पटोरी-हाजीपुर-छपरा के रास्ते चलाई जाने वाली गाड़ी संख्या 03131 सियालदह-गोरखपुर स्पेशल 26 फरवरी तथा 02 एवं 05 मार्च, 2026 को सियालदह से 23.50 बजे खुलकर अगले दिन 10.15 बजे बरौनी, 12.05 बजे हाजीपुर रुकते हुए 18.00 बजे गोरखपुर पहुंचेगी. वहीं, गाड़ी संख्या 03132 गोरखपुर-सियालदह स्पेशल 27 फरवरी तथा 03 एवं 06 मार्च, 2026 को गोरखपुर से 21.00 बजे खुलकर अगले दिन 02.20 बजे हाजीपुर, 04.20 बजे बरौनी रुकते हुए 16.20 बजे सियालदह पहुंचेगी. > गाड़ी संख्या 03525/03526 आसनसोल-गोरखपुर-आसनसोल स्पेशल: किउल-बरौनी-शाहपुर पटोरी-हाजीपुर-छपरा के रास्ते चलाई जाने वाली गाड़ी संख्या 03525 आसनसोल-गोरखपुर स्पेशल 28 फरवरी एवं 02 मार्च, 2026 को आसनसोल से 19.15 बजे खुलकर अगले दिन 00.30 बजे बरौनी, 02.30 बजे हाजीपुर रुकते हुए 09.15 बजे गोरखपुर पहुंचेगी. वहीं, गाड़ी संख्या 03526 गोरखपुर- आसनसोल स्पेशल 01 एवं 03 मार्च, 2026 को गोरखपुर से 12.15 बजे खुलकर 17.10 बजे हाजीपुर, 20.20 बजे बरौनी रुकते हुए अगले दिन 04.30 बजे आसनसोल पहुंचेगी. > गाड़ी संख्या 03527/03528 आसनसोल-गोरखपुर-आसनसोल स्पेशल किउल-बरौनी-शाहपुर पटोरी-हाजीपुर-छपरा के रास्ते चलाई जाने वाली गाड़ी संख्या 03527 आसनसोल-गोरखपुर स्पेशल 01 मार्च, 2026 को आसनसोल से 13.20 बजे खुलकर 19.15 बजे बरौनी, 21.15 बजे हाजीपुर रुकते हुए अगले दिन 03.30 बजे गोरखपुर पहुंचेगी. जबकि गाड़ी संख्या 03528 गोरखपुर-आसनसोल स्पेशल 02 मार्च, 2026 को गोरखपुर से 06.30 बजे खुलकर 11.00 बजे हाजीपुर, 13.20 बजे बरौनी रूकते हुए उसी दिन 21.00 बजे आसनसोल पहुंचेगी.

जनसंख्या संतुलन पर मोहन भागवत की चिंता, हिंदू समाज से कम से कम तीन बच्चे पैदा करने की अपील

लखनऊ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने मंगलवार को कहा कि हिंदू समाज को किसी से खतरा नहीं है, लेकिन उसे सजग और संगठित रहना चाहिए। उन्होंने यह बात लखनऊ स्थित विद्या भारती के भारतीय शिक्षा शोध संस्थान, सरस्वती कुंज, निराला नगर में आयोजित सामाजिक सद्भाव बैठक के दौरान कही। डॉ. भागवत ने कहा कि हिंदू परिवारों को कम से कम तीन बच्चों का संकल्प लेना चाहिए। उनका तर्क था कि जिन समाजों में जनसंख्या वृद्धि दर बहुत कम हो जाती है, वे धीरे-धीरे कमजोर पड़ जाते हैं। 'घर वापसी' अभियान को गति देने की आवश्यकता इसके बाद माधव सभागार में आयोजित 'कार्यकर्ता कुटुंब मिलन' कार्यक्रम में उन्होंने 'घर वापसी' अभियान को गति देने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि जो लोग पुनः हिंदू धर्म में लौटते हैं, उनके साथ संवाद और सहयोग बनाए रखना चाहिए। कार्यक्रम में विभिन्न संगठनों की भागीदारी इस कार्यक्रम में सिख, बौद्ध और जैन समाज के प्रतिनिधियों के साथ कई धार्मिक और सामाजिक संगठनों के सदस्य भी उपस्थित रहे। इनमें रामकृष्ण मिशन, इस्कॉन, जय गुरुदेव, शिव शांति आश्रम, आर्ट ऑफ लिविंग, संत निरंकारी आश्रम, संत कृपाल आश्रम, कबीर मिशन, गोरक्षा पीठ, आर्य समाज, संत रविदास पीठ, दिव्यानंद आश्रम और ब्रह्म विद्या निकेतन सहित विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधि शामिल हुए।