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देशवासियों के विश्वास, स्नेह और आशीर्वाद की सामूहिक अभिव्यक्ति है यह कीर्तिमान: मुख्यमंत्री

लखनऊ  सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री के रूप में देश की सेवा करने वाले पीएम नरेंद्र मोदी को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बधाई दी है। गौरतलब है कि निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में लगातार 4399 दिन पूरा कर  मोदी सबसे लंबे समय तक इस पद पर रहने वाले जनसेवक बन गए हैं। 145 करोड़ भारतवासियों की सेवा, सुरक्षा और समृद्धि के लिए सतत समर्पित हैं प्रधानमंत्री मुख्यमंत्री ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट 'एक्स' पर पोस्ट कर प्रधानमंत्री को बधाई दी। उन्होंने लिखा कि 145 करोड़ भारतवासियों की सेवा, सुरक्षा और समृद्धि के लिए सतत समर्पित, अमृतकाल के सारथी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भारत के इतिहास में सबसे लंबी अवधि तक निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में सेवा देने वाले जननेता बनने पर हार्दिक बधाई। भारतीय लोकतंत्र का यह अभूतपूर्व कीर्तिमान संपूर्ण देशवासियों के विश्वास, स्नेह और आशीर्वाद की सामूहिक अभिव्यक्ति है। युग की चेतना का प्रतीक मुख्यमंत्री ने लिखा कि इतिहास में ऐसे अवसर विरले ही दिखते हैं, जब कोई नेतृत्व केवल सरकार का नहीं, बल्कि एक युग की चेतना का प्रतीक बन जाता है। यह सम्मान उसी तप, त्याग, दूरदृष्टि और राष्ट्रनिष्ठा का अभिनंदन है, जिसने करोड़ों देशवासियों को 'विकसित भारत' के स्वप्न से जोड़ा है। प्रधानमंत्री के लिए की मंगलकामना मुख्यमंत्री ने लिखा कि राष्ट्रसेवा को समर्पित आपकी यह अविराम साधना भारत की प्रगति, प्रतिष्ठा और पराक्रम की नई गाथाएं लिखती रहे, यही मंगलकामना है।

यूपी पंचायत चुनाव से पहले बड़ा अपडेट, अंतिम मतदाता सूची में 40 लाख नाम हटाए गए

लखनऊ  यूपी पंचायत चुनाव के करोड़ों वोटर्स के लिए अच्छी खबर है. उत्तर प्रदेश पंचायत चुनाव की अंतिम मतदाता सूची 10 जून को जारी हो गई है. जिला स्तर पर ये अंतिम मतदाता सूची जारी की गई है. प्रत्येक पंचायत मतदाताओं को 9 अंक का पहचान नंबर दिया गया है. दावे-आपत्तियों के निस्तारण और सत्यापन के बाद अंतिम मतदाता सूची जारी की गई है. राज्य निर्वाचन आयोग ने 18 दिसंबर 2025 को अनंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की थी।  इसके अलावा, अप्रैल और मई माह के दौरान मतदाता सूची में दर्ज डुप्लीकेट नामों के सत्यापन का विशेष अभियान भी चलाया गया, जिसकी प्रक्रिया अब पूरी हो चुकी है। आयोग के अधिकारियों के अनुसार सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद बुधवार को अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा। पहली बार आयोग पंचायत चुनाव में तकनीकी का भरपूर प्रयोग करेगा। सभी मतदाताओं को स्टेट वोटर नंबर जारी किए गए हैं। मतदाताओं का फोटो सहित ब्योरा आनलाइन उपलब्ध रहेगा। कोई भी व्यक्ति दो बार वोट नहीं डाल सकेगा। मोबाइल एप की मदद से मतदाता की पोलिंग बूथ पर फोटो खींचते ही यह पता चल जाएगा कि इसने पहले वोट डाल दिया है। फाइनल वोटर लिस्ट में करीब 1.81 करोड़ नए मतदाता जोड़े गए हैं. मतदाता सूची से करीब 1.41 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं. पंचायत चुनाव मतदाता सूची में करीब 40.19 लाख वोटर्स की बढ़ोतरी हुई है. अंतिम मतदाता सूची जारी होने के बाद पंचायत चुनाव गतिविधियां तेज हो सकती हैं।  गौरतलब है कि इससे पहले अंतिम मतदाता सूची जारी करने की तारीख में पांच बार बदलाव किया जा चुका है। आज देर शाम तक इस सूची को राज्य निर्वाचन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर पूरी तरह अपलोड कर दिया जाएगा। ​डिजिटल तकनीक से लैस होगा इस बार का चुनाव ​राज्य निर्वाचन आयोग इस बार पंचायत चुनाव में बड़े स्तर पर आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करने जा रहा है। चुनाव को पूरी तरह पारदर्शी और फर्जी वोटिंग से मुक्त बनाने के लिए निम्नलिखित कदम उठाए गए हैं:     ​स्टेट वोटर नंबर: इस बार पहली बार सभी मतदाताओं को एक यूनिक 'स्टेट वोटर नंबर' जारी किया जा रहा है।     ​ऑनलाइन फोटो ब्योरा: सभी मतदाताओं का पूरा विवरण फोटो सहित ऑनलाइन उपलब्ध रहेगा।     ​फर्जी वोटिंग पर लगाम: कोई भी व्यक्ति दो बार वोट न डाल सके, इसके लिए विशेष मोबाइल ऐप का इस्तेमाल किया जाएगा। मतदान केंद्र पर वोटर की फोटो खींचते ही ऐप तुरंत बता देगा कि इस व्यक्ति ने पहले कहीं वोट डाला है या नहीं। ​वोटर लिस्ट का गणित: 40 लाख से अधिक बढ़े मतदाता ​23 दिसंबर 2025 को जारी की गई अनंतिम (provisional) मतदाता सूची के अनुसार, इस बार मतदाताओं की संख्या में भारी इजाफा हुआ है। ​वर्ष 2021 की मतदाता सूची में कुल 12.29 करोड़ मतदाता थे, जबकि इस बार की अनंतिम सूची में यह संख्या बढ़कर 12.69 करोड़ हो गई है। इस प्रकार पिछले चुनाव की तुलना में 40.19 लाख नए मतदाता बढ़े हैं। इस सूची को तैयार करने के लिए बड़े पैमाने पर फेरबदल किया गया था, जिसमें 1.81 करोड़ नए नाम जोड़े गए, 1.41 करोड़ मतदाताओं के नाम सूची से काटे गए और लगभग 21.08 लाख मतदाताओं के नामों में संशोधन किया गया। ​कहाँ और कैसे देख सकेंगे फाइनल वोटर लिस्ट? ​अंतिम मतदाता सूची जारी होने के बाद ग्रामीण क्षेत्र के नागरिक अपना और अपने परिवार का नाम नीचे दिए गए तरीकों से चेक कर सकते हैं:     ​आधिकारिक वेबसाइट: मतदाता राज्य निर्वाचन आयोग (State Election Commission, UP) की ऑफिशियल वेबसाइट sec.up.nic.in पर जाकर 'Search Voter' या 'Voter List Download' के विकल्प पर क्लिक कर अपना नाम देख सकते हैं।     ​जिला/ब्लॉक मुख्यालय: इसके अलावा यह सूची जिला निर्वाचन कार्यालय, विकास खंड (ब्लॉक) कार्यालय और ग्राम पंचायत स्तर पर भी उपलब्ध रहेगी, जहाँ जाकर ग्रामीण अपनी सूची देख सकते हैं। ​ग्राम प्रधानों (प्रशासकों) के लिए जारी हुई नई गाइडलाइन ​यूपी के इतिहास में यह पहली बार हुआ है जब पंचायत चुनाव समय पर न हो पाने के कारण 57,694 निवर्तमान ग्राम प्रधानों को ही प्रशासक की जिम्मेदारी सौंपी गई है। 27 मई से प्रशासक के रूप में कार्यभार संभालने के बाद अब उनके लिए कड़े दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं: ​नए कार्यों के लिए लेनी होगी DM की मंजूरी: प्रशासक बने पूर्व प्रधान अब अपनी मर्जी से कोई भी नया विकास कार्य शुरू नहीं करा सकेंगे। नया काम कराने के लिए उन्हें जिला पंचायत राज अधिकारी (DPRO) के माध्यम से जिलाधिकारी (DM) को प्रस्ताव भेजना होगा। DM की अनुमति के बाद ही नया काम शुरू हो सकेगा। ​हालांकि, जो कार्य 27 मई से पहले स्वीकृत और अनुमोदित हो चुके हैं, जो निर्माण या मरम्मत कार्य वर्तमान में चल रहे हैं, अथवा जो पूरे हो चुके हैं, उनका भौतिक और तकनीकी मूल्यांकन कराकर प्रशासक पहले की तरह ही भुगतान कर सकेंगे। इसके लिए उन्हें नई अनुमति की आवश्यकता नहीं होगी।  

CM योगी की घोषणा पर तेजी से कार्रवाई, टेक्सटाइल पार्क के लिए जमीन ट्रांसफर के आदेश, निवेशकों के लिए अवसर

 बरेली जिले में टेक्सटाइल पार्क का इंतजार जल्द पूरा होने वाला है। मुख्यमंत्री ने जहां बरेली समेत पांच शहरों में टेक्सटाइल पार्क की घोषणा की है, वही मिल की भूमि का टेक्सटाइल पार्क के लिए हस्तांतरण का आदेश भी जारी हो गया है। अभी तक यह भूमि सहकारी कताई मिल संघ के पास है। खास बात यह है कि कैबिनेट के आदेश पर भूमि हस्तांतरण निश्शुल्क रूप से किया जाएगा। इसके लिए सहकारी कताई मिल की ओर से भी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी संत कबीर टेक्सटाइल एवं अपैरल पार्क योजना में एकीकृत टेक्सटाइल पार्क का लाभ बरेली को भी मिलेगा। जिले में लंबे समय से इसका इंतजार किया जा रहा था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को इसकी घोषणा कर अंतिम मुहर भी लगा दी। प्रस्तावित पार्क बहेड़ी से लगभग 10 किलोमीटर दूर नानकपुरी-टांडा मार्ग पर ग्राम सैदपुर खुर्द स्थित उत्तर प्रदेश सहकारी कताई मिल परिसर में विकसित किया जाएगा। करीब 79.61 एकड़ क्षेत्रफल में बनने वाला यह पार्क प्रदेश के वस्त्र एवं परिधान उद्योग को नई गति देने के साथ रोजगार सृजन का बड़ा केंद्र बनेगा। हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग विभाग की ओर से तैयार पूर्व-व्यवहार्यता रिपोर्ट के अनुसार पार्क का विकास सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) माडल या नोडल एजेंसी के माध्यम से किया जा सकेगा। इसके लिए लगभग 250 करोड़ रुपये की लागत का अनुमान लगाया गया है तथा योजना की अवधि पांच वर्ष निर्धारित की गई है। पार्क में वस्त्र उद्योगों के लिए प्रतिस्पर्धी दरों पर भूमि उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही रेडीमेड प्लग एंड प्ले शेड, आंतरिक सड़कें, विद्युत वितरण व्यवस्था, जल एवं अपशिष्ट जल प्रबंधन, कामन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (सीईटीपी), गोदाम, लाजिस्टिक सुविधाएं, प्रशिक्षण एवं कौशल विकास केंद्र, श्रमिक हास्टल, स्वास्थ्य सुविधाएं और सामान्य प्रसंस्करण केंद्र विकसित किए जाएंगे। हथकरघा व वस्त्र उद्योग के सहायक आयुक्त सर्वेश शुक्ला ने बताया कि सहकारी कताई मिल संघ की ओर से पुराना भवन ध्वस्त करने की निविदा की गई है। भवन ध्वस्त होने के साथ ही मौके से पुरानी मशीनरी को भी हटाया जाएगा। इसके बाद बाउंड्रीवाल आदि बनाने का कार्य शुरू किया जाएगा। इन कार्यों में अभी एक महीने से अधिक समय लग सकता है। बिजली, पानी, सड़क का मांगा प्रस्ताव प्रस्तावित टेक्सटाइल पार्क के विकास के लिए हथकरघा व वस्त्रोद्योग विभाग की ओर से कार्य शुरू कर दिया गया है। इसके लिए बिजली, पानी आपूर्ति व सड़क निर्माण का प्रस्ताव संबंधित विभागों से मांगा गया है। इसके लिए विभाग की ओर से पत्र तैयार कर योजना की जानकारी देते हुए संबंधित विभागों को कार्ययोजना बनाने के लिए कहा गया है। पार्क में सहायक उद्योगों को मिलेगा स्थान पार्क में केवल वस्त्र निर्माण इकाइयां ही नहीं बल्कि सहायक उद्योगों को भी स्थान मिलेगा। इनमें बटन, जिपर, फास्टनर, ट्रिम्स, लेबल एवं टैग निर्माण, पैकेजिंग सामग्री, तकनीकी वस्त्र, गोदाम तथा अन्य संबंधित उद्योग शामिल होंगे। योजना के अनुसार पार्क में न्यूनतम 10 औद्योगिक इकाइयों की स्थापना अनिवार्य होगी और किसी एक इकाई को कुल औद्योगिक भूमि का 40 प्रतिशत से अधिक आवंटित नहीं किया जाएगा। कौशल विकास, प्रयोगशाला, प्रदर्शनी पार्क निर्माण से पहले पूर्व-व्यवहार्यता रिपोर्ट में प्रशासनिक भवन, अनुसंधान एवं विकास केंद्र, कौशल विकास केंद्र, गुणवत्ता परीक्षण प्रयोगशाला, विपणन एवं प्रदर्शनी केंद्र, खुदरा सुविधाएं, ट्रक पार्किंग, औद्योगिक श्रमिक आवास, कामन कैंटीन, फायर स्टेशन और हरित क्षेत्र जैसी व्यवस्थाओं का भी प्रस्ताव किया गया है। इससे एक ही जगह सभी सुविधाएं मिल सकेंगी। स्थापित होने वाली इकाइयों पर मिलेगा वित्तीय प्रोत्साहन उत्तर प्रदेश सरकार की टेक्सटाइल एवं गारमेंटिंग नीति-2022 के अंतर्गत पार्क में स्थापित होने वाली इकाइयों को विशेष वित्तीय प्रोत्साहन भी दिए जाएंगे। इसके तहत प्लांट एवं मशीनरी पर 25 प्रतिशत पूंजी अनुदान, ऋण पर ब्याज की 60 प्रतिशत प्रतिपूर्ति तथा अन्य अनुमन्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी। यदि पार्क का विकास पीपीपी माडल पर होता है तो राज्य सरकार मास्टर डेवलपर को परियोजना लागत का 50 प्रतिशत पूंजी अनुदान प्रदान करेगी। यह अनुदान अधिकतम 50 लाख रुपये प्रति एकड़ की सीमा तक होगा और छह किस्तों में जारी किया जाएगा। वहीं, यदि पार्क का विकास सीधे नोडल एजेंसी से किया जाता है तो सरकार परियोजना लागत के बराबर ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराएगी। योजना के कार्यान्वयन के लिए उत्तर प्रदेश टेक्सटाइल एवं अपैरल औद्योगिक विकास प्राधिकरण को नोडल एजेंसी बनाया जाएगा। यह एजेंसी भूमि चयन, व्यवहार्यता अध्ययन, मास्टर प्लान, भूमि आवंटन नीति तथा परियोजना के संचालन एवं रखरखाव की जिम्मेदारी निभाएगी। उद्योग स्थापना के लिए उद्यमियों से मांगे आवेदन पार्क में उद्योग स्थापित करने के इच्छुक उद्यमियों से विभाग ने आनलाइन आवेदन आमंत्रित किए हैं। इस संबंध में सहायक आयुक्त, हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग बरेली परिक्षेत्र सर्वेश कुमार शुक्ला को नोडल अधिकारी नामित किया गया है। विभाग को उम्मीद है कि इस परियोजना के माध्यम से बरेली क्षेत्र उत्तर प्रदेश के उभरते हुए टेक्सटाइल हब के रूप में अपनी पहचान स्थापित करेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि बहेड़ी में प्रस्तावित यह पार्क बरेली मंडल के औद्योगिक विकास के लिए मील का पत्थर साबित होगा। इससे विशेष रूप से महिलाओं और कुशल श्रमिकों के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे तथा प्रदेश के वस्त्र उद्योग को राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने में सहायता मिलेगी।

प्रधानमंत्री मोदी की तारीफ में गिरिराज सिंह ने पढ़े कसीदे, बोले- आने वाली पीढ़ियां भी करेंगी सम्मान

लखनऊ  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय राजनीति में एक और बड़ा कीर्तिमान स्थापित कर दिया है. वह सबसे लंबे समय तक लगातार देश की सेवा करने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री बन गए हैं. पीएम मोदी ने भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू का रिकॉर्ड तोड़ दिया. नेहरू ने जहां 13 मई 1952 को पहली बार निर्वाचित प्रधानमंत्री के तौर पर शपथ ली थी और लगातार 4398 दिन प्रधानमंत्री रहे थे. वहीं नरेंद्र मोदी ने बतौर प्रधानमंत्री आज 4399 दिन पूरे करते हुए सबसे लंबे कार्यकाल वाले प्रधानमंत्री बन गए हैं. पीएम मोदी ने 26 मई 2014 को पहली बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी और तब से उनका ये सफर लगातार जारी है।  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बीजेपी ने लगातार तीन बार 2014, 2019, 2024 लोकसभा चुनाव में जीत दर्ज की. पीएम मोदी की इस खास उपलब्धि पर देश और दुनियाभर से बधाइयां मिल रही हैं. वहीं इस मौके पर बीजेपी ’12 साल बेमिसाल’ अभियान शुरू करने वाली है. इस कार्यक्रम की शुरुआत आज भारत मंडपम से होगी।  'पीएम मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व ने संबंधों को मजबूत किया…' यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष ने दी बधाई यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भारत के सबसे लंबे समय तक लगातार सेवा देने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री बनने पर बधाई दी है. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर किए गए अपने संदेश में कोस्टा ने कहा, ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भारत का सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाला प्रधानमंत्री बनने पर हार्दिक बधाई।  उन्होंने कहा कि पीएम मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में भारत और यूरोपीय संघ (EU) के संबंध पहले से कहीं अधिक मजबूत हुए हैं. कोस्टा ने इस साल आयोजित भारत-यूरोपीय संघ शिखर सम्मेलन का उल्लेख करते हुए कहा कि दोनों पक्षों के रिश्तों में आई मजबूती इसका सबसे बड़ा प्रमाण है।  यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष ने आगे कहा कि वह भारत के साथ सहयोग, रणनीतिक साझेदारी और मित्रता को आगे भी नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए उत्सुक हैं. उन्होंने भरोसा जताया कि आने वाले समय में भारत और यूरोपीय संघ के बीच संबंध और अधिक मजबूत होंगे।   पीएम मोदी रोल मॉडल, लीडरशिप की मिसाल… पापुआ न्यू गिनी के प्रधानमंत्री ने भेजा बधाई संदेश पापुआ न्यू गिनी के प्रधानमंत्री जेम्स मारापे ने एक व्‍यक्तिगत वीडियो संदेश में प्रधानमंत्री मोदी को ‘एक रोल मॉडल और लीडरशिप की मिसाल’ बताया. उन्होंने कहा, ‘आज 20 करोड़ से ज़्यादा लोगों को गरीबी से निकालकर बेहतर ज़िंदगी देना एक अद्भुत उपलब्धि है.’ प्रधानमंत्री मारापे ने पापुआ न्यू गिनी की स्‍नेहपूर्ण दोस्ती और दोनों देशों के बीच संबंधों को और मज़बूत करने की इच्छा ज़ाहिर की. मई 2023 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पापुआ न्यू गिनी की ऐतिहासिक यात्रा भारत–प्रशांत द्वीपीय देशों के संबंधों में एक महत्वपूर्ण क्षण था. किसी भारतीय प्रधानमंत्री की इस देश की यह पहली यात्रा थी. यह यात्रा भारत–प्रशांत द्वीप सहयोग मंच (FIPIC) के तीसरे शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए की गई थी. इस यात्रा ने ‘ग्लोबल साउथ’ के एक प्रतिबद्ध साथी के तौर पर भारत की भूमिका पर जोर दिया।  पीएम मोदी अवतरित पुरुष, उन्हें पूजेंगे लोग…' प्रधानमंत्री के 12 साल पर बोले गिरिराज सिंह केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जमकर प्रशंसा करते हुए उन्हें ‘महामानव’ और ‘अवतरित पुरुष’ बताया. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने देश के लिए जो कार्य किए हैं, वे असाधारण हैं और आने वाले समय में लोग उन्हें पूजेंगे।  केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूरे होने और प्रधानमंत्री मोदी के लगातार 12 साल तक देश का नेतृत्व करने वाले पहले प्रधानमंत्री बनने के अवसर पर गिरिराज सिंह ने दिल्ली के कनॉट प्लेस स्थित हनुमान मंदिर में पूजा-अर्चना की. इसके बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के कार्यों पर विपक्ष सवाल नहीं उठा सकता, क्योंकि उनके नेतृत्व में देश ने कई ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं।  गिरिराज सिंह ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि देश की जनता ने नरेंद्र मोदी को लगातार तीसरी बार सत्ता सौंपकर उन्हें प्रमाणपत्र दे दिया है, जबकि राहुल गांधी हार का जश्न मना रहे हैं. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि राहुल गांधी ‘थेथरोलॉजी’ की राजनीति कर रहे हैं।  'राष्ट्र निर्माण के प्रति अटूट प्रतिबद्धता का प्रमाण' पीएम मोदी के रिकॉर्ड पर जयशंकर ने दी बधाई विदेश मंत्री एस जयशंकर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भारत के सबसे लंबे समय तक लगातार सेवा देने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री बनने पर बधाई दी है. जयशंकर ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी हर दिन इतिहास रच रहे हैं और 4,399 दिनों का उनका कार्यकाल भारत की लोकतांत्रिक यात्रा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।  सोशल मीडिया पर जारी अपने संदेश में विदेश मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का यह रिकॉर्ड उनके नेतृत्व, दूरदर्शी सोच और राष्ट्र निर्माण के प्रति अटूट प्रतिबद्धता का प्रमाण है. उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि केवल एक व्यक्तिगत कीर्तिमान नहीं, बल्कि भारत की जनता के उस विश्वास और भरोसे का प्रतिबिंब है, जो उन्होंने लगातार प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में जताया है।  जयशंकर ने अपने संदेश में कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत ने वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान मजबूत की है और देश ने विकास, सुशासन तथा राष्ट्रीय हितों को आगे बढ़ाने की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति की है. उन्होंने इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर प्रधानमंत्री को हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए उनके नेतृत्व में भारत के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।  'विनम्रता, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा…' बतौर प्रधानमंत्री अपने रिकॉर्ड पर क्या बोले पीएम मोदी? संस्कृत श्लोक से दिया संदेश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सबसे लंबे समय तक लगातार देश की सेवा करने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री बनने के रिकार्ड पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया है. इसमें उन्होंने कहा, ‘जनसेवा ही सुशासन की सबसे बड़ी कसौटी है. विनम्रता, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा के साथ निरंतर कार्य करने वाला व्यक्ति ही जनविश्वास अर्जित करता है।      जनसेवा ही सुशासन की सबसे बड़ी कसौटी है। विनम्रता, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा के साथ निरंतर कार्य करने वाला व्यक्ति ही जनविश्वास अर्जित करता है।

महिलाओं के सशक्तिकरण पर योगी सरकार का फोकस, फ्री घर और हेल्थ सिक्योरिटी का बड़ा ऐलान

 लखनऊ उत्तर प्रदेश की महिलाओं के लिए योगी सरकार बड़ी तैयारी कर रही है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रदेश में पात्र महिलाओं को मुफ्त आवास और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं से जोड़ने की योजना पर तेजी से काम शुरू हो गया है. इसके तहत प्रधानमंत्री आवास योजना, मुख्यमंत्री आवास योजना, आयुष्मान भारत और मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना का लाभ देने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है. महिला कल्याण विभाग लाभार्थियों का डाटा जुटाने में लगा है।  सरकार की योजना के तहत पात्र महिलाओं को प्रधानमंत्री आवास योजना, मुख्यमंत्री आवास योजना, आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना और मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना का लाभ दिया जाएगा. इसका उद्देश्य उन महिलाओं को नई शुरुआत का अवसर देना है, जो सामाजिक या पारिवारिक संकटों के कारण असुरक्षित जीवन जीने को मजबूर हैं।  किन महिलाओं को मिलेगा लाभ सरकारी तैयारी के अनुसार तीन श्रेणियों की महिलाओं को प्राथमिकता दी जाएगी. जिसमें पहले तीन तलाक से प्रभावित महिलाएं, दूसरे पर एसिड अटैक पीड़ित महिलाएं और तीसरे पर निराश्रित एवं बेसहारा महिलाएं होंगी. इन महिलाओं को आवास, स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा से जोड़ने की व्यापक योजना पर काम शुरू हो चुका है. सरकार का मानना है कि केवल आर्थिक सहायता ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि सम्मानजनक जीवन के लिए स्थायी आवास और स्वास्थ्य सुरक्षा भी उतनी ही जरूरी है।  मुख्यमंत्री योगी के निर्देश के बाद शुरू हुई कार्रवाई मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में एक उच्चस्तरीय बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए थे कि ऐसी महिलाओं की पहचान की जाए जो गंभीर सामाजिक संकटों का सामना कर चुकी हैं और जिनके पास रहने के लिए सुरक्षित घर नहीं है. मुख्यमंत्री ने कहा था कि तीन तलाक और एसिड अटैक जैसी घटनाओं से प्रभावित महिलाओं को सरकार की कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ना प्राथमिकता होनी चाहिए. इसके तहत पात्र महिलाओं को प्रधानमंत्री आवास योजना या मुख्यमंत्री आवास योजना के जरिए पक्का मकान उपलब्ध कराया जाएगा. साथ ही उन्हें और उनके परिवारों को आयुष्मान भारत तथा मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत स्वास्थ्य बीमा और उपचार की सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी।  महिला कल्याण विभाग जुटा रहा विस्तृत डाटा सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना को जमीन पर उतारने के लिए महिला कल्याण विभाग ने व्यापक स्तर पर डाटा संग्रहण अभियान शुरू कर दिया है. विभाग तीन तलाक, एसिड अटैक और निराश्रित महिलाओं का सत्यापित विवरण एकत्रित कर रहा है. इसके लिए विभिन्न विभागों के साथ समन्वय स्थापित किया जा रहा है ताकि कोई भी पात्र महिला सरकारी लाभ से वंचित न रह जाए. अधिकारियों के अनुसार लाभार्थियों की पहचान के बाद उन्हें प्राथमिकता के आधार पर विभिन्न योजनाओं से जोड़ा जाएगा. इसके लिए शासन स्तर पर आवश्यक दिशा-निर्देश और शासनादेश तैयार करने की प्रक्रिया भी चल रही है।  क्यों खास है यह पहल? विशेषज्ञों का मानना है कि एसिड अटैक और तीन तलाक जैसी घटनाएं किसी महिला के जीवन को पूरी तरह बदल देती हैं. एसिड अटैक पीड़ित महिलाओं को लंबे समय तक इलाज, प्लास्टिक सर्जरी और पुनर्वास की आवश्यकता पड़ती है. वहीं तीन तलाक से प्रभावित कई महिलाएं अचानक आर्थिक और सामाजिक असुरक्षा के दायरे में आ जाती हैं. ऐसी परिस्थितियों में यदि उन्हें सुरक्षित आवास और स्वास्थ्य सुरक्षा मिलती है तो वे दोबारा आत्मनिर्भर जीवन की ओर बढ़ सकती हैं. यही वजह है कि सरकार केवल आर्थिक मदद तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि महिलाओं को स्थायी सुरक्षा देने के लिए बहुआयामी योजना पर काम कर रही है।  आवास के साथ स्वास्थ्य सुरक्षा भी सरकार की इस योजना का दूसरा महत्वपूर्ण पहलू स्वास्थ्य सुरक्षा है. कई बार गंभीर परिस्थितियों का सामना कर रही महिलाओं के पास इलाज के लिए पर्याप्त संसाधन नहीं होते. आयुष्मान भारत योजना के तहत पात्र परिवारों को लाखों रुपये तक के कैशलेस उपचार की सुविधा मिलती है. वहीं मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना भी स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है. सरकार चाहती है कि जिन महिलाओं को आवास मिलेगा, उन्हें स्वास्थ्य संबंधी सुरक्षा भी समान रूप से उपलब्ध हो ताकि वे भविष्य को लेकर निश्चिंत रह सकें।  जानकारी के अभाव में नहीं छूटेगा कोई लाभार्थी महिला कल्याण विभाग का कहना है कि अक्सर कई पात्र लोग केवल जानकारी के अभाव या जटिल प्रक्रियाओं के कारण सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं ले पाते. इसी समस्या को देखते हुए विभाग विभिन्न जिलों से डाटा जुटा रहा है और पात्र महिलाओं तक योजनाओं की जानकारी पहुंचाने की रणनीति भी तैयार की जा रही है. सरकार का प्रयास है कि लाभार्थी महिलाओं को अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें और उन्हें एकीकृत व्यवस्था के माध्यम से योजनाओं का लाभ मिल सके। 

नेपाली नौकर निकले मास्टरमाइंड! 12 करोड़ की ज्वेलरी चोरी कर भाग रहे थे दंपती और साली, ऐसे पकड़े गए

 रामपुर रामपुर और तेलंगाना पुलिस के ऑपरेशन में ऐसे पति-पत्नी और साली को अरेस्ट किया गया है, जो तेलंगाना से चोरी कर नेपाल भाग रहे थे. ये चोरी कोई मामूली नहीं थी. जिस घर में तीनों नौकर बनकर पहुंचे थे, वहां से करीब 7 किलो सोना, एक किलो चांदी और कैश पर हाथ साफ किया था. टोटल चोरी करीब 12 करोड़ की थी. फिलहाल तीनों आरोपियों को पकड़ लिया गया है।  दरअसल, तेलंगाना के साइबराबाद कमिश्नरेट के गाचीबाउली इलाके में एक संपन्न परिवार रहता था. घर बड़ा था, जिंदगी व्यवस्थित थी और जरूरत थी कुछ मदद की. इसी जरूरत ने घर में एंट्री कराई- नेपाल से आए कमल, उसकी पत्नी विमला और उसकी साली कल्पना की।  शुरुआत बिल्कुल सामान्य थी. काम हुआ, व्यवहार अच्छा रहा और धीरे-धीरे ये तीनों घर के 'अंदर' आ गए- सिर्फ दीवारों के भीतर नहीं, बल्कि भरोसे के भीतर भी. घर के लोग शायद यह सोच भी नहीं सकते थे कि जिस परिवार पर वे आंख बंद करके भरोसा कर रहे हैं, वही एक दिन उनके लिए सबसे बड़ा झटका बन जाएगा।  कहते हैं कि बड़े घरों में सबसे बड़ी सुरक्षा दीवारें नहीं, भरोसा होता है. और इसी भरोसे को धीरे-धीरे मजबूत किया गया. कमल, विमला और कल्पना ने खुद को सिर्फ काम करने वाले लोगों तक सीमित नहीं रखा. वे घर की दिनचर्या, लोगों की आदतें, आने-जाने का समय- सब समझने लगे. और जब किसी घर की हर कमजोरी सामने हो, तो वार करना आसान हो जाता है।  फिर आया वो दिन, जो इस पूरी कहानी का टर्निंग पॉइंट बना. घर के मालिक परिवार समेत बाहर गए हुए थे. घर खाली था, लेकिन अंदर तीन लोग मौजूद थे- जिन्हें अब सिर्फ काम नहीं करना था, बल्कि खेल खेलना था।  आरोप है कि इसी मौके का फायदा उठाकर इन तीनों ने घर के अंदर रखे कीमती सामान पर हाथ साफ कर दिया. और जो माल लेकर ये निकले, वह मामूली नहीं था- 7 किलो सोना, 1 किलो चांदी और नकदी- कुल कीमत करीब 12 करोड़ रुपये. एक झटके में घर की दुनिया बदल गई, और एक घर के अंदर का भरोसा पूरी तरह टूट गया।  नेपाल की तरफ भाग रहे थे आरोपी चोरी के बाद ये तीनों अचानक गायब हो गए. कोई शोर नहीं, कोई संकेत नहीं. बस एक खाली घर और एक बड़ा सवाल- इतना बड़ा माल गया कहां? तेलंगाना पुलिस ने मामला दर्ज किया और जांच शुरू हुई. लेकिन यह केस इतना आसान नहीं था. क्योंकि चोरी के आरोपी थे, जो रोज उसी घर में खाना बनाते, सफाई करते और लोगों के बीच रहते थे।  जांच धीरे-धीरे आगे बढ़ी और सुराग रामपुर तक पहुंचे. तेलंगाना पुलिस ने यूपी के रामपुर पुलिस अधीक्षक से संपर्क साधा. दो राज्यों की पुलिस एक साथ आई, इनपुट शेयर हुए, चेकिंग शुरू हुई और निगाहें उन लोगों पर टिक गईं, जो नेपाल की तरफ निकलने की कोशिश में थे।  रामपुर में चेकिंग के दौरान पुलिस को सफलता मिली. पुलिस टीम ने तीनों- कमल, विमला और कल्पना को दबोच लिया. उनके पास से जो बरामद हुआ, उसने पूरे केस को और बड़ा बना दिया- करीब 7 किलो सोना, 1 किलो चांदी और लगभग 25 हजार रुपये नकद. पुलिस के मुताबिक, यह पूरा माल उसी घर से चोरी किया गया था, जहां वे नौकरी करते थे।  रामपुर पुलिस अधीक्षक सोमेंद्र मीना ने बताया कि यह एक संयुक्त ऑपरेशन था, जिसमें तेलंगाना पुलिस और रामपुर पुलिस ने मिलकर काम किया. उनके अनुसार, गाचीबाउली में दर्ज केस के आधार पर लगातार इनपुट शेयर किए जा रहे थे. चेकिंग के दौरान ही यह सफलता मिली और तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया. पुलिस का कहना है कि अभी इनके अन्य साथियों की भी जांच की जा रही है और नेपाल पुलिस से भी संपर्क किया जाएगा, ताकि इनके आपराधिक इतिहास की पूरी जानकारी सामने आ सके। 

उत्तर प्रदेश बनेगा इंडस्ट्री हब! 10 नए औद्योगिक क्षेत्रों के साथ केंद्र लाएगा जन विश्वास विधेयक

लखनऊ  उत्तर प्रदेश में प्लग एंड प्ले नीति के तहत 10 नए औद्योगिक क्षेत्रों की स्थापना की जाएगी। केंद्र सरकार की मदद से स्थापित होने वाले इस औद्योगिक क्षेत्रों की स्थापना के लिए राज्य सरकार ने प्रस्ताव भेज दिया है, हालांकि अभी यह तय नहीं है कि यह औद्योगिक क्षेत्र किन जिलों में स्थापित किए जाने हैं।  पिकप भवन में उद्योग संवर्धन और आंतरिक व्यापार विभाग (डीपीआइआइटी) के संयुक्त सचिव डा. जय प्रकाश शिवहरे ने बताया कि केंद्र सरकार ने औद्योगिक विकास के लिए ईज आफ डूइंग बिजनेस (कारोबार में सुगमता) को बढ़ावा देने को लेकर देश भर में 100 नए औद्योगिक क्षेत्रों की स्थापना की योजना पर काम शुरू किया है। एयरपोर्ट के आसपास के क्षेत्रों का विकास प्राथमिकता यीडा के सीईओ आर.के. सिंह के अनुसार, नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के आसपास स्थित सेक्टरों का विकास सर्वोच्च प्राथमिकता पर रखा गया है. एयरपोर्ट के संचालन से पहले इन क्षेत्रों में सड़क, जलापूर्ति, सीवर और अन्य आवश्यक सुविधाएं विकसित की जाएंगी. इससे एयरपोर्ट आधारित उद्योगों, लॉजिस्टिक्स कंपनियों और व्यावसायिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा तथा क्षेत्र राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय निवेश का केंद्र बन सकेगा।  46 नए सेक्टरों के लिए सर्विस मास्टर प्लान पर काम यमुना सिटी में भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए 46 नए सेक्टरों के लिए सर्विस मास्टर प्लान तैयार किया जा रहा है. इसके अंतर्गत जलापूर्ति, सीवर नेटवर्क, ड्रेनेज और अन्य शहरी सुविधाओं की विस्तृत योजना बनाई जाएगी. यीडा ने इसके लिए आरएफपी जारी कर आवेदन आमंत्रित किए हैं. यह योजना शहर के व्यवस्थित और टिकाऊ विकास को सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।  ग्रेटर नोएडा में गरीब परिवारों के लिए बनेंगे किफायती फ्लैट ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के परिवारों के लिए किफायती आवास योजना पर तेजी से काम कर रहा है. बिरौंडा और पतवाड़ी गांव के पास जमीन चिह्नित की गई है, जहां बहुमंजिला आवासीय परियोजनाएं विकसित होंगी. लगभग 30 वर्गमीटर आकार के फ्लैटों में लिफ्ट और दैनिक जरूरतों की दुकानों जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, जिससे निम्न आय वर्ग को बेहतर आवास मिल सके।  श्रमिकों को कम कीमत में बेहतर आवास देने की योजना ग्रेटर नोएडा के सीईओ रवि कुमार एनजी ने बताया कि श्रमिकों और निम्न आय वर्ग के लोगों को सस्ती दरों पर गुणवत्तापूर्ण आवास उपलब्ध कराना प्राधिकरण का उद्देश्य है. परियोजना और नियोजन विभाग को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जा चुके हैं. जमीन चिन्हित होने के बाद योजना को अंतिम रूप दिया जाएगा. इससे हजारों श्रमिक परिवारों को सुरक्षित और सुविधाजनक आवास का लाभ मिल सकेगा।  इसके लिए राज्यों से जुलाई तक नए औद्योगिक क्षेत्रों की स्थापना संबंधी प्रस्ताव मांगे गए हैं। पहले और दूसरे चरण में 25-25 औद्योगिक क्षेत्रों की स्थापना का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने बताया कि कारोबार में सुगमता को बढ़ावा देने के लिए जन विश्वास (प्रविधान संशोधन) विधेयक-3.0 लाने की तैयारी की जा रही है। जन विश्वास-2.0 के तहत 717 प्रकार के औद्योगिक अपराधों में सीधे जेल भेजे जाने के प्रविधान को समाप्त किया गया है। उन्होंने बताया कि पिछले 12 वर्षों में देश से निर्यात में बढ़ोतरी हुई है। इनवेस्ट यूपी के सीईओ विजय किरन आनंद ने बताया कि निर्यात के मामले में उत्तर प्रदेश 11वें स्थान से 9वें स्थान पर आ गया है। इससे पहले उन्होंने निर्यातकों व औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर जन विश्वास (प्रविधान संशोधन) विधेयक में संशोधन को लेकर उनकी राय ली।  

विशेषज्ञों ने साइबर एवं फॉरेंसिक विषयों पर विस्तृत जानकारी दी

लखनऊ  योगी सरकार अपराधों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाती है। इसी लिए अपराधों के खुलासे के लिए वैज्ञानिक तरीकों को बढ़ावा दे रही है। इसी के तहत उत्तर प्रदेश स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ़ फॉरेंसिक साइंस लखनऊ (यूपीएसआईएफएस) में मंगलवार को 48 प्रशिक्षु अधिकारियों ने परिभ्रमण किया। ये सभी डॉ. राम मनोहर लोहिया उत्तर प्रदेश प्रशासन एवं प्रबंधन अकादमी में प्रान्तीय सिविल सेवा (स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन विभाग, राज्य कर विभाग तथा कोषागार विभाग) के प्रशिक्षणरत अधिकारी हैं। इन्हें संस्थान के विषय विशेषज्ञों द्वारा साइबर एवं फॉरेंसिक विषयों पर विस्तृत जानकारी दी गयी। प्रशिक्षु अधिकारियों ने ड्रोन तथा डीएनए लैब के कार्य और उनकी बारीकियों को समझा।  इस अवसर पर संस्थापक निदेशक डॉ. जी. के. गोस्वामी ने सभागार में उपस्थित अधिकारियो को संबोधित करते हुए कहा कि यह संस्थान वर्तमान में साइबर सुरक्षा तथा फॉरेंसिक विषय में विभिन्न संस्थानों को तकनीकी दक्षता आज निपुण कर रहा है। उन्होंने साक्ष्य के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि किसी भी केस में साक्ष्य ही अपराधी को सजा तक पहुंचाता है। उन्होंने कहा कि अभी आप लोगों का प्रशिक्षण का काल है जितना जिज्ञासु होगें उतना ही नई-नई चीजों को सीख पायेगें। उन्होंने कहा कि साइबर युग में अपराध के आयाम बदल रहे हैं। पहले फिजिकल अपराध होते थे लेकिन अब डिजिटल दुनिया में अपराध हो रहे है ऐसे में तकनीक के बारे मे हम सभी को अधिक से अधिक जानकारी रखनी होगी।   कार्यक्रम के अंत में उप निदेशक जितेन्द्र श्रीवास्तव ने सभागार में उपस्थित समस्त अधिकारियों का अभार प्रकट किया। कार्यक्रम का संचालन जनसंपर्क अधिकारी संतोष तिवारी ने किया। इस अवसर पर पुलिस उप महानिरीक्षक हेमराज मीना, उप निदेशक चिरंजीब मुखर्जी, अतुल यादव, फेकल्टी डॉ. मनीष राय, डॉ पलक,  उप निरीक्षक आर शैलेन्द्र सिंह एवं कार्तिकेय सहित अन्य उपस्थित रहे।

यूपीकॉस के माध्यम से एकीकृत और तकनीक आधारित होगी आउटसोर्स प्रणाली

लखनऊ  प्रदेश में आउटसोर्स कर्मियों की नियुक्ति, सेवा शर्तों और पारिश्रमिक व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, व्यवस्थित और एकरूप बनाने की दिशा में उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम (यूपीकॉस) की भूमिका को और प्रभावी बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को यूपीकॉस की कार्यप्रणाली एवं प्रगति की समीक्षा करते हुए इसके माध्यम से आउटसोर्स व्यवस्था को तकनीक आधारित, जवाबदेह और कर्मचारी हितैषी बनाने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम का गठन विभिन्न सरकारी विभागों में कार्यरत आउटसोर्स कर्मियों की नियुक्ति, सेवा शर्तों, प्रक्रियाओं और मानदेय व्यवस्था में एकरूपता एवं पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आउटसोर्स व्यवस्था में दक्षता, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना आवश्यक है, ताकि कर्मचारियों के हितों का संरक्षण हो और विभागों को भी सुव्यवस्थित मानव संसाधन उपलब्ध हो सके। मुख्यमंत्री ने आउटसोर्स कर्मियों से संबंधित एकीकृत ऑनलाइन पोर्टल के विकास कार्य की समीक्षा करते हुए इसे समयबद्ध ढंग से पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पोर्टल के माध्यम से नियुक्ति, सत्यापन, अनुश्रवण तथा अन्य प्रक्रियाओं का केंद्रीकृत संचालन किया जाए, जिससे व्यवस्था अधिक सरल, पारदर्शी और प्रभावी बन सके। बैठक में आउटसोर्स एजेंसियों के एम्पैनलमेंट की प्रक्रिया पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि एजेंसियों के चयन एवं संचालन से संबंधित सभी मानकों और प्रक्रियाओं को स्पष्ट, मानकीकृत और पारदर्शी बनाया जाना चाहिए। इसके लिए तैयार की जा रही व्यवस्था को शीघ्र अंतिम रूप दिया जाए, ताकि सभी विभागों को एक समान और सुव्यवस्थित प्रणाली उपलब्ध हो सके।

हर जिले तक पहुंचेगा एकीकृत रोजगार मॉडल, युवाओं को प्रशिक्षण से लेकर प्लेसमेंट तक मिलेगी सुविधा

लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सरदार वल्लभभाई पटेल रोजगार एवं औद्योगिक क्षेत्र (एसवीबीपीईआईजेड) परियोजना के निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। मंगलवार को परियोजना की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश देश की सबसे बड़ी युवा शक्ति का प्रदेश है। तेजी से बढ़ते निवेश, विस्तार ले रहे उद्योगों और बदलती तकनीकी आवश्यकताओं को देखते हुए राज्य को ऐसे संस्थागत ढांचे की जरूरत है जो युवाओं को प्रशिक्षण, रोजगार और उद्यमिता के अवसरों से सीधे जोड़ सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशिक्षण की व्यवस्था उद्योगों की वास्तविक जरूरतों के अनुरूप होनी चाहिए, ताकि युवाओं को कौशल प्राप्त करने के बाद रोजगार के लिए भटकना न पड़े। उन्होंने निर्देश दिए कि परियोजना को केवल प्रशिक्षण केंद्र के रूप में नहीं, बल्कि रोजगार, उद्योग और उद्यमिता के समेकित इकोसिस्टम के रूप में विकसित किया जाए। बैठक में बताया गया कि वर्ष 2017 के बाद उत्तर प्रदेश में निवेश और औद्योगिक गतिविधियों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। आने वाले वर्षों में विभिन्न क्षेत्रों में बड़ी संख्या में कुशल मानव संसाधन की आवश्यकता को देखते हुए सरदार वल्लभभाई पटेल इंडस्ट्रियल एवं एम्प्लायमेंट जोन की अवधारणा तैयार की गई है। इसका उद्देश्य युवाओं को उद्योगों की मांग के अनुरूप प्रशिक्षित कर उन्हें रोजगार और स्वरोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है। बैठक में नौ क्षेत्रीय जोनों की प्रस्तावित हब एवं स्पोक संरचना प्रस्तुत की गई। प्रत्येक जोन में एक उत्कृष्टता केंद्र (हब) तथा उससे जुड़े क्षेत्रीय कौशल विकास केंद्र (स्पोक) विकसित किए जाएंगे। हब स्तर पर उन्नत तकनीकी प्रशिक्षण, अनुसंधान, नवाचार, प्रशिक्षक प्रशिक्षण, प्लेसमेंट और कैरियर सेवाओं का संचालन होगा, जबकि क्षेत्रीय आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षण कार्यक्रम स्पोक केंद्रों के माध्यम से संचालित किए जाएंगे। परियोजना के तहत कौशल विकास केंद्र, औद्योगिक भूखंड, प्लग एंड प्ले औद्योगिक सुविधाएं, साझा सुविधा केंद्र, रोजगार सहायता तंत्र, व्यावसायिक सेवाएं, विदेशी भाषा प्रशिक्षण, डिजिटल साक्षरता कार्यक्रम तथा उद्यमिता सहायता सुविधाएं एक ही परिसर में विकसित की जाएंगी। इससे युवाओं को प्रशिक्षण से लेकर रोजगार प्राप्त करने और स्वयं का उद्यम स्थापित करने तक की पूरी प्रक्रिया के लिए एकीकृत व्यवस्था उपलब्ध होगी। बैठक में बताया गया कि परियोजना के प्रथम चरण के लिए मऊ, कानपुर देहात, कन्नौज, रायबरेली, प्रतापगढ़ तथा कानपुर नगर में कुल 369 एकड़ भूमि उपलब्ध है। अन्य जिलों के लिए भी भूमि की उपलब्धता हो रही है।  बैठक में बताया गया कि परियोजना के पूर्ण क्रियान्वयन के बाद प्रतिवर्ष 10 लाख से अधिक युवाओं को प्रशिक्षण एवं प्रमाणन उपलब्ध कराया जा सकेगा। प्रतिवर्ष 10 लाख से अधिक रोजगार मिलान (जॉब मैचिंग) का लक्ष्य रखा गया है, जबकि प्रशिक्षित युवाओं के लिए 80 प्रतिशत प्लेसमेंट सुनिश्चित करने की योजना है। इसके अतिरिक्त प्रतिवर्ष दो लाख से अधिक नए एमएसएमई उद्यमों को प्रोत्साहन मिलने तथा लगभग 50 हजार गिग वर्कर्स को औपचारिक आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। बैठक में बताया गया कि सिंगापुर के इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्निकल एजुकेशन (ITE) और उसकी नॉलेज पार्टनर संस्था ITEES के अनुभवों का उपयोग किया जाएगा। यह संस्था विश्व के अनेक देशों में तकनीकी एवं व्यावसायिक शिक्षा प्रणालियों के विकास में सहयोग कर चुकी है। पाठ्यक्रम विकास, क्षमता निर्माण, गुणवत्ता आश्वासन, मूल्यांकन, नेतृत्व विकास और प्रशिक्षण अवसंरचना के निर्माण में उसकी विशेषज्ञता का लाभ प्रदेश को मिलेगा। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि भूमि उपलब्धता, संस्थागत संरचना, निजी क्षेत्र की भागीदारी तथा क्रियान्वयन मॉडल से संबंधित प्रस्तावों पर शीघ्र निर्णय लेते हुए परियोजना को समयबद्ध ढंग से आगे बढ़ाया जाए।