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सीएम योगी आदित्यनाथ का विजन होगा साकार, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनेगा यूपी के रेशम उद्योग की पहचान

 लखनऊ, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सॉइल टू सिल्क के विजन को साकार करने के उद्देश्य से रेशम निदेशालय, यूपी में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का निर्माण कर रहा है। 75 लाख रुपये की लागत से रेशम निदेशालय के ऑफिस परिसर में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का निर्माण कार्य तेज गति से चल रहा है, जो इस माह के अंत तक पूरा हो जाएगा। रेशम निदेशालय का ये अनूठा प्रयास प्रदेश के पारंपरिक सिल्क उत्पाद को वैश्विक पहचान दिलाएगा, साथ ही रोजगार के नये अवसर भी पैदा करेगा। रेशम निदेशालय में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है, जो उत्तर प्रदेश के रेशम उद्योग को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा। यह सेंटर रेशम उत्पादन की पूरी प्रक्रिया 'सॉइल टू सिल्क' को जीवंत रूप से प्रदर्शित करेगा, जहां किसानों से कारीगर तक की यात्रा को दर्शाया जाएगा। किस प्रकार मलबरी और टसर सिल्क के लिए रेशम के कीड़े शहतूत और अर्जुन के पेड़ों पर पाले जाते हैं।‌ उनके कोकून से रेशम निकाल कर धागा बनाना और धागों से हथकरघा और पॉवरलूम पर रेशम की कताई का काम किया जाता है। साथ ही सेंटर पर प्रदेश के उत्कृष्ट रेशम उत्पादों की बिक्री भी की जाएगी, जो अभी तक एक्सपोर्ट के माध्यम से अधिकतर विदेशों में भेजा जाता था। रेशम निदेशालय के असिस्टेंट डायरेक्टर नीरेंद्र कुमार और आशुतोष ने बताया कि यहां प्रदेश के उत्कृष्ट सिल्क उत्पाद, जैसे वाराणसी की साड़ी और भदोही का ब्रोकेड, मिर्जापुर का टसर सिल्क उत्पाद और अन्य जिलों के हैंडलूम वस्त्रों का आकर्षक डिस्प्ले किया जाएगा। इसके साथ एक बिक्री केंद्र भी स्थापित किया जाएगा, जहां पर्यटक और खरीदार सीधे स्थानीय कारीगरों के उत्पाद खरीद सकेंगे। एक चेंजिंग रूम का भी निर्माण किया जा रहा है, जो जल्द ही बनकर तैयार हो जाएगा। इससे न केवल रेशम उद्योग को आर्थिक मजबूती मिलेगी, साथ ही ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी गति प्राप्त होगी। यह सेंटर आधुनिक तकनीक से लैस होगा, जिसमें इंटरएक्टिव डिस्प्ले, वर्कशॉप और ट्रेनिंग सेंटर शामिल होंगे। किसानों को रेशम कीट पालन से लेकर प्रोसेसिंग तक की वैज्ञानिक जानकारी उपलब्ध होगी। उत्तर प्रदेश रेशम उत्पादन के मामले में देश के अग्रणी राज्यों में से एक है,  लेकिन स्थानीय चुनौतियों,  मार्केटिंग की कमी और जागरूकता के अभाव के कारण कारीगरों को उचित मूल्य नहीं मिल पाता। सीएम योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में मुख्यमंत्री रेशम विकास योजना और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के माध्यम से इन समस्याओं का समाधान किया जाएगा। यहां  पर्यटकों के लिए गाइडेड टूर और वर्कशॉप भी आयोजित की जाएंगी, जो युवाओं को इस क्षेत्र में रुचि जगाएंगे। इस पहल से न केवल रोजगार सृजन होगा, साथ ही प्रदेश के परंपरागत उद्यम और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

योगी सरकार की बड़ी पहल, सेवा निर्यातकों के लिए पहली बार लागू होगी विपणन विकास सहायता योजना

नई उत्तर प्रदेश निर्यात प्रोत्साहन नीति 2025–30 के तहत सेवा क्षेत्र को मिलेगा वैश्विक बाजार में मजबूती का अवसर सेवा निर्यात के लिए अलग और विशेष विपणन सहायता नीति लागू करने वाला उत्तर प्रदेश, देश का पहला राज्य आवेदन की पूरी प्रक्रिया होगी ऑनलाइन, निर्यातक इकाइयों को मेला समाप्त होने के 120 दिनों के भीतर करना होगा आवेदन लखनऊ,  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार ने सेवा क्षेत्र के निर्यात को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की है। नई उत्तर प्रदेश निर्यात प्रोत्साहन नीति 2025–30 के अंतर्गत पहली बार सेवा निर्यातकों के लिए समर्पित विपणन विकास सहायता योजना लागू की जा रही है, जिससे उन्हें अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अपनी उपस्थिति मजबूत करने के लिए वित्तीय सहयोग मिलेगा। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश देश का पहला राज्य बन गया है जिसने सेवा निर्यात के लिए अलग और विशेष विपणन सहायता नीति लागू की है। सेवा निर्यात को मिलेगा नया प्रोत्साहन योगी सरकार की इस पहल का उद्देश्य प्रदेश के सेवा निर्यातकों को अधिक प्रतिस्पर्धी बनाना, उनकी विपणन क्षमता का विकास करना और वैश्विक बाजारों की मांग के अनुरूप सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार करना है। यह योजना प्रदेश की निर्यात आधारित अर्थव्यवस्था को सशक्त करने के साथ-साथ रोजगार और निवेश के नए अवसर भी सृजित करेगी। किन निर्यातकों को मिलेगा योजना का लाभ इस योजना का लाभ उन्हीं सेवा निर्यातकों को मिलेगा जो निर्यात प्रोत्साहन ब्यूरो, उत्तर प्रदेश (UPEPB) और उत्तर प्रदेश निर्यात संवर्धन परिषद में पंजीकृत हों। साथ ही, वे भारत सरकार द्वारा चिन्हित 12 चैंपियन सेवा क्षेत्रों के अंतर्गत सेवाओं का निर्यात कर रहे हों और उत्तर प्रदेश से उत्पन्न सेवाओं का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रचार-प्रसार कर रहे हों। किन गतिविधियों पर मिलेगी वित्तीय सहायता नई नीति के तहत सेवा निर्यातकों को विदेशों में आयोजित अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेलों, प्रदर्शनी और बायर–सेलर मीट में भागीदारी के लिए स्टॉल किराये के व्यय का 75 प्रतिशत (अधिकतम 2 लाख रुपये) तथा एक व्यक्ति की इकोनॉमी क्लास हवाई यात्रा पर हुए व्यय का 75 प्रतिशत (अधिकतम 1 लाख रुपये) तक की सहायता दी जाएगी। वहीं, देश में आयोजित अंतरराष्ट्रीय स्तर के व्यापार मेलों में भागीदारी पर स्टॉल किराये के लिए अधिकतम 50 हजार रुपये और यात्रा व्यय पर अधिकतम 25 हजार रुपये तक की सहायता मिलेगी। आयोजक संस्थाओं को भी मिलेगा बड़ा सहयोग विदेशों में अंतरराष्ट्रीय स्तर के व्यापार मेलों, प्रदर्शनी और बायर–सेलर मीट के आयोजन पर आयोजक संस्थाओं को कुल व्यय का 75 प्रतिशत, अधिकतम 1 करोड़ रुपये तक की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। वहीं, देश में अंतरराष्ट्रीय स्तर के ऐसे आयोजनों के लिए अधिकतम 75 लाख रुपये तक की सहायता अनुमन्य होगी। इस श्रेणी में न्यूनतम 20 सेवा निर्यातक इकाइयों की भागीदारी अनिवार्य होगी। सेवा क्षेत्र का बढ़ता योगदान पिछले कुछ वर्षों में उत्तर प्रदेश के सेवा क्षेत्र से निर्यात में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। वर्तमान में सेवा क्षेत्र राज्य के GSDP में लगभग 45 प्रतिशत का योगदान दे रहा है, जो प्रदेश को 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य में इसकी अहम भूमिका को दर्शाता है। आईटी-आईटीईएस, फिनटेक, पर्यटन, स्वास्थ्य एवं कल्याण, लॉजिस्टिक्स, परिवहन, आपूर्ति श्रृंखला सेवाएं और मीडिया-ऑडियो विजुअल जैसे क्षेत्रों में निर्यात की व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं। पारदर्शी और समयबद्ध प्रक्रिया योजना के अंतर्गत आवेदन की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी। निर्यातक इकाइयों को मेला समाप्त होने की तिथि से 120 दिनों के भीतर आवेदन करना होगा। पात्र दावों का निस्तारण प्रथम आवत-प्रथम पावत के आधार पर किया जाएगा और स्वीकृत धनराशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से सीधे लाभार्थी के खाते में

अपनों ने ठुकराया, योगी सरकार ने अपनाया तो जज बन सपने को किया साकार

अपनों से उपेक्षित बेटियां और महिलाओं का संबल बना योगी सरकार का वन स्टॉप सेंटर पिछले साढ़े आठ वर्षों में वन स्टॉप सेंटर बना 2.39 लाख महिलाओं का सहारा, एक छत के नीचे मिल रही हर मदद त्वरित न्याय से लेकर आत्मनिर्भर और स्वावलंबी बन रही अपनों से तिरस्कृत बेटियां और महिलाएं पूरे देशभर में महिला सुरक्षा में योगी सरकार ने तैयार की मजबूत व्यवस्था, 75 जिलों में संचालित हो रहे 94 वन स्टॉप सेंटर लखनऊ, अपनाें की उपेक्षाओं का शिकार महिलाओं काे जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के वन स्टॉप सेंटर का साथ मिला तो उन्होंने अपने सपनों को नई ऊचाइयां दीं। कहते हैं जहां चाह है वहां राह है। और यह राह समाज से उपेक्षित महिलाओं को याेगी सरकार का वन स्टॉप सेंटर दिखा रहा है। जहां लाखों की संख्या में महिलाएं न केवल अपने सपनों काे पंख दे रही हैं बल्कि प्रदेश का नाम भी रौशन कर रही हैं। इसके साथ ही यह महिलाओं आधी आबादी के लिए प्रेरणा का स्रोत भी बन रही हैं। ऐसी ही एक महिला जिनसे अपनों से उपेक्षित होकर वन स्टॉप सेंटर का सहारा लिया और अपनी लगन से बिहार में पीसीएस जे की परीक्षा में सफलता हासिल कर सबको चौंका दिया। सेंटर में कराई जा रही ट्रामा काउंसिलिंग महिला कल्याण विभाग की डायरेक्टर संदीप कौर ने बताया कि डबल इंजन की सरकार की ओर से प्रदेश भर में अपनों से उपेक्षित और जरूरतमंद महिलाओं को समाज की मुख्य धारा से जोड़ने के लिए वन स्टॉप सेंटर द्वारा हर संभव मदद की जा रही है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में प्रदेश भर में 94 वन स्टॉप सेंटर संचालित किये जा रहे हैं, जहां पिछले साढ़े आठ वर्षों में 2.39 लाख महिलाओं को त्वरित न्याय दिलाने के साथ आत्मनिर्भर और स्वावलंबी बनाया गया। सेंटर में इन महिलाओं को न केवल न्याय दिलाया जा रहा है बल्कि उनकी ट्रामा काउंसिलिंग भी करायी जा रही है। इस दौरान उनके सामान्य होने पर उन्हें योगी सरकार की विभिन्न योजनाओं से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। इतना ही नहीं इन महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए विभिन्न कार्सों की ट्रेनिंग भी दी जाती है। ऐसे में इन सभी को कौशल विकास मिशन से जोड़ा जा रहा है। बहुप्रतिष्ठित कंपनियों दे रहीं ट्रेनिंग और रोजगार डायरेक्टर ने बताया कि कौशल विकास मिशन के तहत लाखों की संख्या में महिलाओं और बेटियों को होटल मैनजमेंट, मोबाइल रिपेयरिंग, ब्यूटी पार्लर, सिलाई कढ़ाई समेत विभिन्न प्रकार के कोर्सेज की ट्रेनिंग दी गयी है। वर्तमान में ट्रेनिंग पूरी कर लाखों की संख्या में महिलाएं प्रति माह 15 से 20 हजार रुपये की आय अर्जित कर रही हैं। उन्होंने बताया कि कई बड़ी बहुप्रतिष्ठित कंपनियों जैसे लेक्मे सैलून, स्टारबक्स और फाइव स्टार होटल्स द्वारा भी ट्रेनिंग दी जा रही है। इसी का नतीजा है कि कई महिलाएं और बेटियां वर्तमान में कई फाइव स्टार होटल्स, स्टारबक्स काफी हाउस, लेक्मे सैलून में अपनी सेवाएं दे रही हैं। वर्तमान में लखनऊ में एक बेटी फाइव स्टार होटल में सुपरवाइजर की सेवा दे रही है। जज बन रौशन किया प्रदेश का नाम योगी सरकार के वन स्टाॅप सेंटर बेटियों और महिलाओं को अपनी पढ़ाई जारी रखने के लिए विभिन्न तरह की सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। इसी का नतीजा है कि लखनऊ की एक बेटी ने बिहार में पीसीएस-जे की परीक्षा में सफलता प्राप्त कर प्रदेश को नाम रौशन किया। इसके अलावा एक बेटी में हाल ही में आयुष विभाग के होम्योपैथिक विंग में मेडिकल ऑफिसर के पद पर ज्वाइन किया है। योगी सरकार द्वारा संचालित लखनऊ के वन स्टॉप सेंटर को पूरे देश में अच्छे कार्य के लिए वर्ष 2019 में राष्ट्रपति द्वारा नारी शक्ति पुरस्कार से सम्मानित किया गया। वहीं पिछले वर्ष 8 मार्च को राज्यपाल द्वारा लखनऊ के वन स्टॉप सेंटर का सम्मानित किया गया।

ठंड और कोहरे का साया: प्रदेश के 38 जिलों में मौसम ने दिखाई करवट

लखनऊ उत्तर प्रदेश में ठंड अपने पूरे रंग में है। सोमवार को प्रदेश में ठंडी पछुआ हवाएं चलीं जिसकी वजह से गलन और ठिठुरन बढ़ गई। वहीं आगरा, बरेली, प्रयागराज और मुरादाबाद में अत्यधिक घने कोहरे की वजह से दृश्यता शून्य तक पहुंच गई। आगरा में तो दोपहर तक कोहरे का प्रकोप बना रहा। वाराणसी, अलीगढ़, इटावा में दृश्यता 50 मीटर तक दर्ज हुई। मंगलवार को दिन की शुरुआत घने कोहरे के साथ हुई है। कोहरे के साथ गलन और ठिठुरन का भी एहसास है। माैसम विभाग की ओर से मंगलवार को प्रयागराज, मिर्जापुर, आगरा, इटावा, बिजनौर, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली व आसपास के इलाकों में अत्यधिक घने कोहरे का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं यूपी के अन्य 38 जिलों के लिए घने कोहरे का येलो अलर्ट है। आंचलिक माैसम विज्ञान केंद्र लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि यूपी में हवा रूख बदल कर फिर से पछुआ हो गई है। इससे गलन में इजाफा हुआ है। दो दिनों में पछुआ की रफ्तार क्रमश: बढ़ेगी और पारे में गिरावट के साथ ही कोहरे का असर कम होगा। मौसम विभाग के अनुसार दो से चार डिग्री तक पारे में गिरावट आ सकती है। इन जिलों में होगा घना कोहरा कौशांबी, फतेहपुर, प्रतापगढ़, सोनभद्र, चंदौली, वाराणसी, भदोही, जौनपुर, गाजीपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, कानपुर देहात, कानपुर नगर, रायबरेली, सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, बागपत, मेरठ, गाजियाबाद, हापुड़, गौतम बुद्ध नगर, बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा, हाथरस, फिरोजाबाद, मैनपुरी, औरेया, अमरोहा, पीलीभीत, शाहजहांपुर, संभल, बदायूं व आसपास के इलाकों में कोहरा घना होगा।

मुख्यमंत्री ने ब्रह्मलीन डॉ. रामविलास वेदांती जी महाराज को श्रद्धासुमन अर्पित किए

डॉ. रामविलास वेदांती जी महाराज का संपूर्ण जीवन रामकाज को समर्पित रहा : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री ने ब्रह्मलीन डॉ. रामविलास वेदांती जी महाराज को श्रद्धासुमन अर्पित किए अयोध्या स्थित हिंदू धाम आश्रम पहुंचकर मुख्यमंत्री योगी ने दी श्रद्धांजलि मुख्यमंत्री ने वेदांती जी महाराज के शिष्यों व अनुयायियों से की निरंतर रामकाज से जुड़े रहने की कामना अयोध्या मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को अयोध्या स्थित हिंदू धाम आश्रम पहुंचकर वशिष्ठ भवन के ब्रह्मलीन महंत डॉ. रामविलास वेदांती जी महाराज के प्रति श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए उनके योगदान का स्मरण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि श्रीरामजन्मभूमि मुक्ति अभियान के वरिष्ठ सदस्य तथा वशिष्ठ भवन, अयोध्या के महंत डॉ. रामविलास वेदांती जी महाराज भौतिक रूप से आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनका संपूर्ण जीवन अयोध्या धाम के विकास और रामलला के भव्य मंदिर निर्माण को समर्पित रहा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वेदांती जी महाराज का पूरा जीवन ही रामकाज को समर्पित था। यह भी एक संयोग है कि प्रभु श्रीराम की पावन कथा का वाचन करते हुए उन्होंने नश्वर देह का त्यागकर साकेतवास किया।  प्रभु श्रीराम से जुड़े हर कार्य में रही वेदांती जी महाराज की सक्रिय सहभागिता मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वेदांती जी महाराज के योगदान को याद करते हुए कहा कि श्रीरामजन्मभूमि मुक्ति आंदोलन के प्रारंभिक दौर से लेकर उसके मूर्त रूप लेने और आंदोलन के सफल परिणाम को देखने का सौभाग्य उन्हें प्राप्त हुआ। उन्होंने कहा कि 25 नवंबर को श्रीरामजन्मभूमि पर निर्मित भव्य मंदिर पर धर्मध्वजा आरोहण के समारोह में भी वेदांती जी महाराज की गरिमामयी उपस्थिति रही। यह उनके समर्पण और निरंतर सहभागिता का स्पष्ट प्रमाण है। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि वर्ष 1983 में श्रीरामजन्मभूमि मुक्ति अभियान के आरंभ से लेकर अब तक आयोजित प्रत्येक आंदोलन और कार्यक्रम में वेदांती जी महाराज की सक्रिय भूमिका रही। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वेदांती जी महाराज को याद करते हुए कहा कि आज भले ही वे भौतिक रूप से हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनके साकेतवासी होने पर विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करने और उनके शिष्यों व आश्रमवासियों के प्रति संवेदना व्यक्त करने के लिए मैं अयोध्या आया हूं । गोरक्षपीठ से रहा गहरा जुड़ाव मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि गोरक्षपीठ से वेदांती जी महाराज का अत्यंत निकट और आत्मीय संबंध रहा। उन्होंने बताया कि वर्ष 1949 में अयोध्या धाम में श्रीरामजन्मभूमि पर प्रभु श्रीराम के विग्रह के प्रकटीकरण के समय गोरक्षपीठ के तत्कालीन पीठाधीश्वर पूज्य महंत श्री दिग्विजयनाथ जी महाराज तथा वेदांती जी महाराज के पूज्य गुरु बाबा अभिराम दास जी उस ऐतिहासिक अभियान का हिस्सा थे। मुख्यमंत्री योगी ने आगे कहा कि वर्ष 1983 में जब श्रीरामजन्मभूमि मुक्ति यज्ञ समिति का गठन हुआ और उनके पूज्य गुरुदेव, गोरक्षपीठाधीश्वर पूज्य महंत श्री अवेद्यनाथ जी महाराज उस समिति के अध्यक्ष बने, तब से डॉ. रामविलास वेदांती जी महाराज वरिष्ठ सदस्य के रूप में निरंतर इस आंदोलन से जुड़े रहे। प्रभु श्रीराम से की श्रीचरणों में स्थान देने की प्रार्थना मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रभु श्रीराम के पवित्र मंदिर से जुड़े सभी ऐतिहासिक कार्यक्रमों, 5 अगस्त 2020 को मंदिर के शिलान्यास, 22 जनवरी 2024 को प्राण प्रतिष्ठा तथा 25 नवंबर 2025 को धर्मध्वजा आरोहण के वेदांती जी महाराज साक्षी रहे। यह उनके जीवन की साधना और संकल्प का ही परिणाम था कि वे रामलला को विराजमान होते, भव्य मंदिर का निर्माण होते और दिव्य-भव्य अयोध्या को साकार रूप में देखते हुए तथा रामकथा का गायन करते हुए इस लोक से विदा हुए। मुख्यमंत्री ने प्रभु श्रीराम से प्रार्थना की कि वे वेदांती जी महाराज को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें। उन्होंने कहा कि वे विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनकी स्मृतियों को नमन करते हैं और उन्हें पूर्ण विश्वास है कि वेदांती जी महाराज के आदर्शों का अनुसरण करते हुए उनके आश्रम के शिष्य और अनुयायी निरंतर रामकाज के अभियान से जुड़े रहेंगे। उल्लेखनीय है कि डॉ. रामविलास वेदांती जी मध्य प्रदेश के लालगांव के समीप स्थित भठवा गांव में रामकथा का वाचन कर रहे थे। कथा का आयोजन 17 दिसंबर तक निर्धारित था, लेकिन शनिवार की रात सीने में दर्द और घबराहट की शिकायत के बाद उन्हें उपचार के लिए रीवा लाया गया। वहां एक सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में इलाज के दौरान सोमवार को उनका साकेतवास हो गया।

योगी आदित्यनाथ सरकार शहरों को विश्वस्तरीय कनेक्टिविटी प्रदान करने को लेकर बना रही है रोडमैप

क्षेत्रीय आवागमन संपर्क को बढ़ाने के साथ ही प्रदेश में ‘अंतिम मील कनेक्टिविटी’ होगी सुनिश्चित: CM  योगी आदित्यनाथ सरकार शहरों को विश्वस्तरीय कनेक्टिविटी प्रदान करने को लेकर बना रही है रोडमैप विभिन्न कॉरिडोर के निर्माण से व्यापार, रोजगार व शहरी अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने की कार्ययोजना को मिलेगा बल ‘विकसित उत्तर प्रदेश’ के तहत प्रदेश में रीजनल ट्रांसपोर्ट सिस्टम को बढ़ाने पर किया जा रहा है फोकस हाई-स्पीड परिवहन नेटवर्क के जरिए शहरी क्षेत्रों के बीच आवागमन तेज व सुगम बनाने का खाका हो रहा तैयार लखनऊ उत्तर प्रदेश को 'उत्तम प्रदेश' बनाने के लिए प्रतिबद्ध मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरकार विजन-2047 के लक्ष्यों को साकार करने की दिशा में प्रदेश की परिवहन संरचना को सशक्त और आधुनिक बनाने पर निरंतर कार्य कर रही है। ‘विकसित उत्तर प्रदेश’ की परिकल्पना के तहत सरकार का प्रमुख फोकस क्षेत्रीय आवागमन संपर्क की अवसंरचनाओं को सुदृढ़ करने के साथ-साथ अंतिम मील कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने पर है, ताकि प्रदेश के शहरों, कस्बों तथा औद्योगिक क्षेत्रों को तेज, सुरक्षित तथा विश्वस्तरीय मानकों के अनुरूप परिवहन सुविधा उपलब्ध कराई जा सके। रीजनल कनेक्टिविटी को मिलेगी नई गति प्रदेश सरकार हाई-स्पीड परिवहन नेटवर्क के माध्यम से शहरी क्षेत्रों के बीच आवागमन को तेज और सुगम बनाने का व्यापक खाका तैयार कर रही है। इसके अंतर्गत प्रमुख शहरों तथा आर्थिक केंद्रों को जोड़ने के लिए हाई-स्पीड रेल नेटवर्क के विकास पर भी ध्यान केंद्रित किया गया है। भविष्य की जरूरतों के अनुरूप इसे प्रदेश में एक हजार किलोमीटर से अधिक क्षेत्र में किस प्रकार व्यवस्थित रूप से स्थापित किया जाए, इसे लेकर कार्ययोजना तैयार की जा रही है। इस नेटवर्क के साकार होने से न केवल यात्रा का समय घटेगा, बल्कि लोगों की आवाजाही आसान होने के साथ ही आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी। क्षेत्रीय परिवहन नेटवर्क के विस्तार व कॉरीडोर निर्माण पर जोर प्रदेश के नगरीय क्षेत्रों के विस्तार तथा व्यापक कायाकल्प को लेकर जो खाका तैयार किया जा रहा है, उसमें रीजनल ट्रांसपोर्ट सिस्टम को सुदृढ़ करना भी शामिल है। योजना के अनुसार, प्रदेश में रीजनल ट्रांसपोर्ट सिस्टम को मजबूत करने के लिए लगभग 1500 किलोमीटर क्षेत्र में विस्तारित परिवहन नेटवर्क के विकास को ध्यान में रखते हुए कार्ययोजना निर्माण पर काम किया जा रहा है। इसके साथ ही विभिन्न ऑर्बिटल कॉरिडोर्स के निर्माण को लेकर भी कार्ययोजना तैयार की जा रही है, जिससे शहरों के बीच कनेक्टिविटी बढ़ाने और नगरीय क्षेत्रों में यातायात का दबाव कम करने में मदद मिलेगी। ये कॉरिडोर औद्योगिक क्षेत्रों, लॉजिस्टिक्स हब तथा नगरीय केंद्रों को बेहतर तरीके से जोड़कर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करेंगे। इसी कड़ी में इंटरसिटी हाइपरलूप, प्रदेश के प्रमुख शहरों में मेट्रो रेल परियोजनाओं का संचालन और विस्तार तथा वॉटर मेट्रो नेटवर्क को बढ़ाने पर भी फोकस किया जा रहा है। व्यापार, रोजगार तथा निवेश को मिलेगा प्रोत्साहन बेहतर रीजनल कनेक्टिविटी से प्रदेश में व्यापार व उद्योग को नई दिशा मिलेगी। विभिन्न कॉरिडोर तथा परिवहन नेटवर्क के विकास से उद्योगों को कच्चे माल, बाजार तथा श्रम शक्ति तक सुगमता से पहुंच प्राप्त होगी। इससे न केवल प्रदेश में निवेश को बल मिलेगा, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। योगी आदित्यनाथ सरकार का मानना है कि सशक्त परिवहन अवसंरचना आर्थिक विकास की रीढ़ होती है। ऐसे में इन योजनाओं को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप किस प्रकार आगे बढ़ाया जाए, इस दिशा में व्यापक कार्ययोजना निर्माण पर कार्य किया जा रहा है। अंतिम मील कनेक्टिविटी पर विशेष ध्यान प्रदेश सरकार की रणनीति केवल बड़े परिवहन नेटवर्क तक सीमित नहीं है, बल्कि आम नागरिकों की दैनिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए अंतिम मील कनेक्टिविटी को प्रमुख प्राथमिकता दी जा रही है। रीजनल परिवहन प्रणालियों को शहरी और अर्ध-शहरी इलाकों से जोड़ने के लिए परिवहन साधनों के विकास पर जोर दिया जा रहा है, जिससे लोगों को घर से कार्यस्थल, बाजार तथा अन्य आवश्यक सेवाओं तक निर्बाध पहुंच मिल सके। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का स्पष्ट दृष्टिकोण है कि मजबूत, सुरक्षित और आधुनिक परिवहन व्यवस्था के बिना प्रदेश का समग्र विकास संभव नहीं है। विजन-2047 को केंद्र में रखते हुए रीजनल कनेक्टिविटी के साथ ही अंतिम मील कनेक्टिविटी को एकीकृत रूप से विकसित करने को लेकर कार्य जारी है। इन प्रयासों के माध्यम से उत्तर प्रदेश को न केवल राष्ट्रीय स्तर पर, बल्कि वैश्विक मानचित्र पर भी एक सशक्त तथा विकसित राज्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में ठोस कदम बढ़ाए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रामलला के श्रीचरणों में टेका माथा, हनुमानगढ़ी में भी किए दर्शन

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रामलला के श्रीचरणों में झुकाया शीश, हनुमानगढ़ी में भी लगाई हाजिरी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रामलला के श्रीचरणों में टेका माथा, हनुमानगढ़ी में भी किए दर्शन अयोध्या में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, रामलला और हनुमानगढ़ी में की पूजा-अर्चना योगी आदित्यनाथ ने रामलला के श्रीचरणों में झुकाया शीश, हनुमानगढ़ी में भी लगाई हाजिरी पूजन-अर्चन के साथ ही आमजन का किया अभिवादन, जनप्रतिनिधियों व भाजपा नेताओं ने किया मुख्यमंत्री का स्वागत अयोध्या  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार को अयोध्या के एक दिवसीय दौरे पर पहुंचे। अयोध्या आगमन पर महापौर, जनप्रतिनिधियों सहित भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने मुख्यमंत्री का गर्मजोशी से स्वागत किया। मुख्यमंत्री सुबह सबसे पहले महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पहुंचे। जहाँ से वह सीधे हनुमानगढ़ी गए और संकटमोचन हनुमान के दरबार में विधिवत हाजिरी लगाई। दर्शन-पूजन के उपरांत मुख्यमंत्री ने उपस्थित आमजन का अभिवादन स्वीकार किया। इसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ श्रीराम जन्मभूमि मंदिर पहुंचे। उन्होंने श्रीरामलला के श्रीचरणों में शीश झुकाकर श्रद्धा व्यक्त की और विधिवत पूजा अर्चना की। मंदिर परिसर में आध्यात्मिक वातावरण के बीच मुख्यमंत्री ने प्रदेश की सुख समृद्धि और जनकल्याण की कामना की। मुख्यमंत्री के इस दौरे को लेकर अयोध्या में विशेष उत्साह देखने को मिला। श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया। जनप्रतिनिधियों ने भी मुख्यमंत्री के नेतृत्व में अयोध्या के समग्र विकास और धार्मिक पर्यटन को नई पहचान मिलने की बात कही।

यमुना एक्सप्रेसवे पर कुहासा का कहर: 5 बसों और कारों में आग, मथुरा, उन्नाव और बस्ती में भिड़ीं वाहन

 मथुरा यूपी के कई जिलों में कोहरे का कहर देखने को मिला. मथुरा में यमुना एक्सप्रेसवे पर कई गाड़ियां आपस में टकरा गईं जिसमें जनहानि हुई. वहीं, उन्नाव में एक तेज रफ्तार फॉर्च्यूनर डिवाइडर से टकराने के बाद पलट गई. इस हादसे में चार लोगों की जान चली गई. इसी तरह बस्ती, बागपत आदि जिलों में भी सड़क हादसे हुए हैं.    टायर फटने से फॉर्च्यूनर बेकाबू, 4 की दर्दनाक मौत उन्नाव में आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर मंगलवार सुबह करीब 5 बजे एक दर्दनाक हादसा हुआ. एक्सप्रेसवे के किलोमीटर 241 (हवाई पट्टी के पास) पर तेज रफ्तार फॉर्च्यूनर कार का टायर फट गया. अनियंत्रित कार पहले एक अज्ञात वाहन से टकराई और फिर डिवाइडर से जा भिड़ी. इस भीषण टक्कर में कार सवार चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई. मृतकों में गाज़ियाबाद निवासी अशोक अग्रवाल और अभिनव अग्रवाल की पहचान हुई है. जबकि, अन्य मृतकों की शिनाख्त नहीं हो पाई है. पुलिस ने क्रेन की मदद से गाड़ी को एक्सप्रेसवे से हटवा दिया है. ट्रैफिक बाधित नहीं हुआ है.  यमुना एक्सप्रेस वे पर आगरा से मथुरा की ओर आने वाले रास्ते पर माइलस्टोन 127 के निकट मंगलवार सुबह करीब 4:30 बजे कोहरे के कारण 5 बस और एक कार भिड़ गईं। घटना के बाद इन सभी वाहनों में आग लग गई। इस घटना में 10 लोगों की मौत हो गई। जबकी 50 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं और एक व्यक्ति झुलस गया है। वाहनों में अंदर भी कुछ व्यक्ति फंसे होने की आशंका जताई जा रही है। घटना की जानकारी मिलने पर जिलाधिकारी सीपी सिंह और एसएसपी श्लोक कुमार मौके पर पहुंच गए। जानकारी के अनुसार यह बसें प्राइवेट हैं और कानपुर से दिल्ली की ओर जा रही थी। जिलाधिकारी सीपी सिंह और एसएसपी श्लोक कुमार ने बताया की इस भिड़ंत में 21 लोग घायल हुए हैं और एक व्यक्ति झुलसी अवस्था में अस्पताल भेजा है। इनमें से 38 लोग जिला अस्पताल भेजे हैं, नौ लोग सीएचसी बलदेव में इलाज करा रहे हैं। बस में अंदर कोई जला है या नहीं, यह जानकारी की जा रही है। वाहनों में आग इतनी भीषण लगी कि दूर-दूर तक आग की लपटें देखी जा रही थीं। इन वाहनों में आग लगने के कारण यमुना एक्सप्रेस वे पर आगरा से मथुरा की ओर का यातायात रुक गया। हादसे में आग इतनी भीषण थी कि कई शव पूरी तरह झुलस गए और लाशें लोथड़ों में बदल गईं। पोस्टमार्टम के लिए शवों को गठरी बांधकर भेजा गया। उधर, सूचना पर पहुंची पुलिस ने इस और आ रहे वाहनों को पहले ही रुकवा दिया। घटना की जानकारी मिलने पर दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंच गईं और आग बुझाने के प्रयास शुरू हो गए। कई एंबुलेंस मौके पर पहुंच गईं, जिनके द्वारा घायलों को अस्पताल भेजा जाने लगा। मृतक के परिजनों को मिलेगा 2-2 लाख का मुआवजा वहीं, इस मामले में जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने बताया कि यमुना एक्सप्रेसवे के 127 मील के निशान के पास एक दर्दनाक हादसा हुआ। इसमें 5 बसें और 2 कारें आपस में टकरा गईं और उनमें आग लग गई। इस हादसे में कई लोग घायल हुए और 10 लोगों की मौत हो गई। मुख्यमंत्री ने तुरंत घटना का संज्ञान लिया और रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए मौके पर अधिकारियों को भेजा। सीएम योगी ने मृतकों के परिवारों को 2-2 लाख रुपये का मुआवजा देने का निर्देश दिया है। जबकि घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक मदद दी जाएगी। इसके अलावा रोडवेज ने भी मुआवजा का ऐलान किया है। रोडवेज बस के मृतकों के परिजनों को रोडवेज 5-5 लाख रुपये मिलेगा।

वृंदावन: बांके बिहारी मंदिर में पहली बार नहीं हुआ ठाकुर जी का भोग, हलवाई को नहीं मिली सैलरी

 मथुरा वृंदावन में बांके बिहारी मंदिर में पहली बार ठाकुर जी को बाल और शयन भोग नहीं लगा. हलवाई को भुगतान न होने के कारण भोग तैयार नहीं किया गया और कई सालों से चली आ रही भोग लगाने की परंपरा टूट गई. इसे लेकर मंदिर के गोस्वामियों में आक्रोश है. वहीं हाई पावर कमेटी अपना पल्ला झाड़ने में लगी है. वृंदावन के श्री ठाकुर बांके बिहारी मंदिर में हर रोज लाखों श्रद्धालु देश-विदेश से आते हैं. सोमवार को ठाकुर जी बिना भोग के ही भक्तों को दर्शन दिए. ठाकुर जी के लिए सुबह बाल भोग और शाम को शयन भोग दिया जाता है. लेकिन आज दोनों ही भोग ठाकुर जी को नहीं लगा. हलवाई ने नहीं तैयार किया भोग श्री ठाकुर बांके बिहारी मंदिर की व्यवस्थाओं को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने हाई पावर कमेटी का गठन किया है. उसी के अंतर्गत ठाकुर जी के लिए प्रसाद और भोग की सामग्री तैयार करने के लिए हलवाई नियुक्त किया गया है. प्रतिमाह हलवाई को अस्सी हजार रुपये वेतन दिया जाता है, लेकिन कुछ महीनों से हलवाई को वेतन नहीं दिया जा रहा था. जिसके कारण हलवाई ने ठाकुर जी के लिए बाल भोग और शयन भोग तैयार नहीं किया. ठाकुर जी को चार बार लगता है भोग मंदिर के गोस्वामी ने बताया, श्री ठाकुर बांके बिहारी का भोग तैयार करने की जिम्मेदारी मयंक गुप्ता नाम के व्यक्ति के पास है. मयंक हलवाई के माध्यम से ठाकुर जी के लिए सुबह बाल भोग, दोपहर में राजभोग और शाम को उत्थापन भोग और रात्रि में शयव भोग लगाया जाता है. हलवाई द्वारा तैयार किया गया भोग ठाकुर जी को अर्पण किया जाता है. लेकिन आज सेवायतों को भोग नहीं मिला. कमेटी के सदस्य दिनेश गोस्वामी ने बताया, सोमवार को मंदिर परिसर में ठाकुर जी के लिए बाल भोग और शाम को शयन भोग नहीं मिलने की जानकारी मिली थी. मयंक गुप्ता से पूछा गया तो बताया कि हलवाई का भुगतान न होने के कारण भोग तैयार नहीं किया गया. जल्द ही मयंक गुप्ता को भुगतान करने के आदेश दिए गए हैं और इस तरह की घटना की दोबारा पुनरावृत्ति ना हो उसके लिए आदेश कमेटी द्वारा दिया जा रहा है.

उत्तर प्रदेश में टाटा समूह के साथ बहुआयामी सहयोग, ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी के लक्ष्य को मिलेगी गति

मुख्यमंत्री योगी से मिले टाटा संस के चेयरमैन, यूपी में एआई सिटी, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और हाई-टेक निवेश पर बनी सहमति उत्तर प्रदेश में टाटा समूह के साथ बहुआयामी सहयोग, ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी के लक्ष्य को मिलेगी गति लखनऊ में एआई सिटी, गोरखपुर में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, युवाओं के लिए तकनीक व रोजगार के नए द्वार टीसीएस की इकाईयों का होगा विस्तार,30 हजार तक बढ़ेगा आईटी कार्यबल, यूपी में जीसीसी की स्थापना पर भी हुई चर्चा इलेक्ट्रॉनिक्स व डिफेंस कॉरिडोर में टाटा समूह बढ़ाएगा निवेश, यूपी बनेगा मैन्युफैक्चरिंग हब लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से सोमवार को टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश में टाटा समूह द्वारा संचालित एवं प्रस्तावित परियोजनाओं की प्रगति, विस्तार तथा नए निवेश प्रस्तावों पर व्यापक और सार्थक चर्चा हुई। बैठक में एआई, आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स, रक्षा विनिर्माण, ऊर्जा, नवीकरणीय ऊर्जा, ईवी, पर्यटन, कौशल विकास और डिजिटल अर्थव्यवस्था सहित विभिन्न क्षेत्रों में दीर्घकालिक सहयोग को लेकर सहमति बनी। बैठक के दौरान टाटा संस के चेयरमैन ने राजधानी लखनऊ में ‘एआई सिटी’ विकसित करने का प्रस्ताव प्रस्तुत किया। यह परियोजना उत्तर प्रदेश को कृत्रिम बुद्धिमत्ता के क्षेत्र में वैश्विक हब के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। एआई सिटी के माध्यम से प्रदेश में स्टार्टअप इकोसिस्टम को बढ़ावा मिलेगा तथा भविष्य की तकनीकों पर आधारित हजारों नए रोजगार अवसर सृजित होंगे। इसके साथ ही गोरखपुर में 48 करोड़ रुपये से तैयार हो रहे ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ की स्थापना कार्य की प्रगति पर भी चर्चा हुई, जिससे विशेष रूप से पूर्वांचल के युवाओं को उन्नत तकनीकी प्रशिक्षण और अवसर प्राप्त होंगे। टाटा समूह ने अवगत कराया कि आईआईटी कानपुर के साथ किए गए एमओयू के माध्यम से एआई, साइबर सिक्योरिटी, डेटा साइंस, 3डी प्रिंटिंग, ड्रोन और स्पेस टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में युवाओं को प्रशिक्षित किया जाएगा। यह पहल प्रदेश में स्किल डेवलपमेंट और इंडस्ट्री-रेडी वर्कफोर्स तैयार करने में सहायक होगी। बैठक में टाटा संस के मुखिया की ओर से प्रदेश में ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (जीसीसी) की स्थापना को लेकर भी विचार-विमर्श हुआ, साथ ही टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज की लखनऊ, नोएडा और वाराणसी इकाइयों के विस्तार पर भी सहमति बनी। टीसीएस की लखनऊ और नोएडा यूनिट में कार्यबल को 16,000 से बढ़ाकर 30,000 किए जाने का प्रस्ताव राज्य के डिजिटल टैलेंट पूल को नई मजबूती प्रदान करेगा। इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश की तेजी से विकसित होती क्षमता को देखते हुए टाटा समूह ने मोबाइल उपकरणों, इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स और अन्य हाई-टेक उत्पादों के निर्माण में निवेश बढ़ाने की इच्छा जताई। इस संदर्भ में टाटा समूह द्वारा इंटेल के साथ किए गए एमओयू का उल्लेख करते हुए प्रदेश में इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम को और मजबूत करने पर चर्चा हुई। इसके साथ ही इलेक्ट्रिक बसों, ईवी और अन्य वाहनों के नए मॉडलों के निर्माण में भी सहयोग और निवेश विस्तार पर सहमति बनी। बैठक में उत्तर प्रदेश के डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर को लेकर भी विस्तृत विचार-विमर्श हुआ। टाटा समूह ने झांसी सहित प्रदेश के विभिन्न रक्षा औद्योगिक नोड्स में ड्रोन, मिसाइल और रक्षा वाहनों के निर्माण के लिए निवेश बढ़ाने का प्रस्ताव रखा। झांसी में बीडा के अंतर्गत परियोजना विस्तार की जानकारी साझा करते हुए टाटा समूह ने मुख्यमंत्री के विजन के अनुरूप प्रदेश की रक्षा प्राथमिकताओं में पूर्ण सहयोग देने का आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार निवेशकों को स्थिर नीति, पारदर्शी व्यवस्था और अनुकूल कारोबारी वातावरण उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि टाटा समूह के साथ यह बहुआयामी सहयोग राज्य की अर्थव्यवस्था, रोजगार सृजन और तकनीकी आत्मनिर्भरता को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा। मुख्यमंत्री और टाटा संस के चेयरमैन के बीच हुई यह बैठक उत्तर प्रदेश को ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी बनाने के संकल्प की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर सिद्ध होगी।