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टाटा समूह का बड़ा कदम: उत्तर प्रदेश में ईवी उत्पादन में करेगा विस्तार

टाटा समूह उत्तर प्रदेश में ईवी उत्पादन को देगा विस्तार लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन के बीच सोमवार को हुई बैठक में उत्तर प्रदेश में टाटा समूह की संचालित परियोजनाओं तथा भविष्य के निवेश प्रस्तावों पर व्यापक चर्चा की गई। बैठक के दौरान एन. चंद्रशेखरन ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि टाटा मोटर्स द्वारा प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहनों की मैन्युफैक्चरिंग को विस्तार दिया जा रहा है और ईवी के नए मॉडलों के विकास पर भी कार्य प्रगति पर है। इसके साथ ही उन्होंने ऊर्जा अवसंरचना एवं औद्योगिक विकास से जुड़ी टाटा समूह की प्रमुख पहलों की जानकारी भी साझा की। उन्होंने बताया कि टाटा पावर प्रयागराज के बारा प्लांट में 1,900 मेगावाट क्षमता की थर्मल इकाई का संचालन कर रहा है, जो प्रदेश की ऊर्जा आवश्यकताओं को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण योगदान दे रही है। समानांतर रूप से उत्तर प्रदेश में सोलर पावर परियोजनाओं के विकास को भी गति दी जा रही है। मुख्यमंत्री से संवाद के दौरान टाटा सन्स के चेयरमैन ने प्रदेश में ईवी विकास का रोडमैप प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि इलेक्ट्रिक बसों सहित अन्य ईवी वाहनों की मैन्युफैक्चरिंग का विस्तार किया जा रहा है, जिससे एक ओर ईवी क्षेत्र में टाटा समूह की उपस्थिति और सुदृढ़ होगी, वहीं दूसरी ओर प्रदेश में रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। बैठक में टाटा पावर द्वारा प्रदेश में संचालित एवं प्रस्तावित ऊर्जा परियोजनाओं की समग्र रूपरेखा भी प्रस्तुत की गई। टाटा पावर सोलर द्वारा उत्तर प्रदेश में सौर ऊर्जा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया जा रहा है। इसके तहत प्रयागराज और बांदा में 50-50 मेगावाट क्षमता की दो सोलर परियोजनाएं संचालित हैं। साथ ही प्रदेश के सभी 75 जनपदों में सोलर रूफटॉप परियोजनाओं के माध्यम से स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा दिया जा रहा है, जो मुख्यमंत्री की सतत विकास की अवधारणा के अनुरूप कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भेंट में टाटा संस के चेयरमैन ने यूपी में होटल श्रृंखला विस्तार का प्रस्ताव रखा

उत्तर प्रदेश में टूरिज्म बूम: टाटा समूह के ताज, विवांता और सिलेक्शन्स ब्रांड के होटल्स के बड़े विस्तार की तैयारी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भेंट में टाटा संस के चेयरमैन ने यूपी में होटल श्रृंखला विस्तार का प्रस्ताव रखा टाटा समूह के 30 होटल का निर्माण कार्य जारी, 30 नए पर भी हो रहा विचार नोएडा में खुलेगा टाटा समूह का 'स्टेट ऑफ आर्ट' सिग्नेचर होटल 2027 तक पूरा हो जाएगा अयोध्या में 'म्यूजियम ऑफ टेम्पल' के पहले चरण का निर्माण मथुरा-वृंदावन में विभिन्न प्राचीन कुंडों के जीर्णोद्धार में भी सहयोग करेगा टाटा समूह लखनऊ उत्तर प्रदेश में वैश्विक एवं घरेलू पर्यटन के तीव्र विस्तार को दृष्टिगत रखते हुए राज्य के पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र में बड़े निवेश की मजबूत तस्वीर उभर रही है। इसी क्रम में टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से हुई बैठक के दौरान उत्तर प्रदेश में समूह की संचालित एवं प्रस्तावित होटल श्रृंखला के विस्तार को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि यह विस्तार प्रदेश में लगातार बढ़ते पर्यटक आगमन, धार्मिक एवं सांस्कृतिक पर्यटन में उल्लेखनीय वृद्धि तथा कनेक्टिविटी और बुनियादी ढांचे के व्यापक विकास को ध्यान में रखते हुए प्रस्तावित किया गया है। बैठक के दौरान टाटा संस के चेयरमैन ने मुख्यमंत्री को बताया कि ताज, सिलेक्शन्स और विवांता जैसे प्रतिष्ठित ब्रांड्स के 30 होटलों का निर्माण कार्य प्रदेश में वर्तमान में प्रगति पर है। इस अवसर पर उन्होंने मुख्यमंत्री को इन परियोजनाओं की प्रगति से भी अवगत कराया। इसके परिणामस्वरूप प्रदेश में 1900 लक्ज़री होटल रूम्स बढ़ जाएंगे। इसके अतिरिक्त, 2026 तक 30 नए होटल निर्माण की योजना पर भी कार्य चल रहा है। मुख्यमंत्री से हुई बैठक में एन. चंद्रशेखरन ने कहा कि नोएडा में टाटा समूह का एक स्टेट ऑफ आर्ट सिग्नेचर होटल भी प्रस्तावित है। जिससे उत्तर प्रदेश भारत के सबसे तेज गति से विकास करने वाले हॉस्पिटैलिटी मार्केट के रूप में उभर कर आएगा।  इसके अतिरिक्त, टाटा समूह के सहयोग से अयोध्या में प्रस्तावित ‘म्यूज़ियम ऑफ टेम्पल’ परियोजना के निर्माण कार्य के पहले चरण को जनवरी 2027 तक पूर्ण करने पर विशेष जोर दिया गया। इस संग्रहालय में अत्याधुनिक तकनीक आधारित डिस्प्ले विकसित किए जा रहे हैं, जो देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों के लिए एक विशिष्ट आकर्षण केंद्र होंगे। यह भी तय हुआ कि मथुरा-वृंदावन क्षेत्र में मानसी गंगा कुंड, श्याम कुंड, राधा कुंड, अष्टकाशी कुंड, नारी सेमरी कुंड, गरुड़ गोविंद कुंड, कृष्ण कुंड सहित आठ प्रमुख कुंडों के जीर्णोद्धार तथा प्रदेश के प्रमुख गंगा घाटों की स्वच्छता एवं संरक्षण के कार्यों में भी टाटा समूह द्वारा सहयोग प्रदान किया जाएगा। टाटा समूह की यह सहभागिता उत्तर प्रदेश को देश के प्रमुख पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण और निर्णायक कदम सिद्ध होगी।

CM योगी आदित्यनाथ का बड़ा टास्क, पंकज चौधरी ने चार करोड़ वोटरों को साधने की दी चुनौती

लखनऊ उत्तर प्रदेश भारतीय जनता पार्टी को नया प्रदेश अध्यक्ष मिल गया. केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री और महाराजगंज से सात बार के सांसद पंकज चौधरी को निर्विरोध रूप से पार्टी की प्रदेश इकाई की कमान सौंपी गई. लखनऊ में पार्टी मुख्यालय पर आयोजित समारोह में केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने उनकी नियुक्ति की औपचारिक घोषणा की, जबकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे. हालांकि, यूपी के कप्तान के रूप में उनके सामने कई चुनौतियां भी हैं. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी पहले ही दिन उन्हें SIR को लेकर टास्क थमा दिया है. इसके अलावा 2026 में होने वाले पंचायत चुनाव को सेमीफइनल की तौर पर देखा जा रहा है. दरअसल, बीजेपी ने पंकज चौधरी को यूपी बीजेपी का नया कप्तान बनाया है. पंकज चौधरी कुर्मी समुदाय से आते हैं, जो ओबीसी वर्ग का नेतृत्व करते है. उनकी नियुक्ति को 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी की जातीय समीकरण मजबूत करने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है. नए अध्यक्ष के सामने सबसे बड़ी चुनौती 2024 लोकसभा चुनाव में पार्टी को हुए नुकसान से उबरना, संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करना और आगामी 2026 पंचायत चुनावों की तैयारी करना होगी. लेकिन इस बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन्हें SIR को लेकर नया टास्क दे दिया है. SIR में बीजेपी वोटर्स के नाम कटे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पार्टी के विधायकों, सांसदों, मंत्रियों और संगठन पदाधिकारियों को संबोधित करते हुए मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान पर विशेष जोर दिया. उन्होंने दावा किया कि SIR प्रक्रिया में करीब चार करोड़ मतदाताओं के नाम सूची से हट गए हैं या शामिल नहीं हो पाए हैं, जिनमें से अधिकांश भाजपा समर्थक हैं. SIR की मेहनत 2027 में दिखेगी योगी ने कहा कि राज्य की आबादी को देखते हुए मतदाताओं की संख्या बढ़नी चाहिए थी, लेकिन यह घट गई है. उन्होंने कार्यकर्ताओं से आग्रह किया कि बूथ स्तर पर मेहनत करें, फर्जी नामों पर आपत्ति दर्ज कराएं और योग्य मतदाताओं के नाम जोड़ें. मुख्यमंत्री ने भरोसा जताया कि SIR में की गई यह मेहनत 2027 के विधानसभा चुनाव में भाजपा को तीन-चौथाई बहुमत से जीत दिलाएगी. पंकज चौधरी के लिए पहला टास्क पंकज चौधरी की नियुक्ति को मिशन-2027 से पहले एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है. पार्टी सूत्रों के अनुसार, नए अध्यक्ष के नेतृत्व में संगठनात्मक मजबूती और OBC वोट बैंक को एकजुट करने पर फोकस रहेगा. निवर्तमान अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी ने नए अध्यक्ष को पार्टी का झंडा सौंपकर शुभकामनाएं दीं. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि 2027 का विधानसभा चुनाव भाजपा के लिए हैट्रिक का मौका है, लेकिन विपक्ष के PDA गठजोड़ और लोकसभा में मिले झटके के बाद संगठन को नई ऊर्जा देने की जरूरत है. पंकज चौधरी के सामने यह सेमीफाइनल जैसी चुनौती होगी.

अयोध्या में राम मंदिर के बाद शुरू होगा 8 एकड़ में कैंसर अस्पताल, 24 महीने में इलाज की सुविधा, कम दाम में उच्च गुणवत्ता

अयोध्या  रामनगरी अयोध्या के लोगों के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है. अब अयोध्या में कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के इलाज के लिए लोगों को बाहर नहीं जाना पड़ेगा. नमो फाउंडेशन के नेतृत्व में अयोध्या में एक अत्याधुनिक कैंसर अस्पताल का निर्माण किया जाएगा. यह अस्पताल लगभग 6 से 8 एकड़ भूमि में बनाया जाएगा, जहां कम लागत में कैंसर का इलाज उपलब्ध कराया जाएगा. राम मंदिर ट्रस्ट और नमो फाउंडेशन के बीच इस महत्वपूर्ण परियोजना को लेकर बैठक आयोजित की गई. जिसमें नमो फाउंडेशन की छह सदस्यीय टीम शामिल हुई. बैठक में अयोध्या में कैंसर अस्पताल को लेकर कई अहम फैसले लिए गए. प्रस्तावित अस्पताल सूर्य कुंड के पास बनाए जाने की संभावना है. मिली जानकारी के अनुसार यह कैंसर हॉस्पिटल राजा विमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र के नाम पर रखा जाएगा. फिलहाल नमो फाउंडेशन की टीम अयोध्या में उपयुक्त भूमि का निरीक्षण कर रही है. रतन टाटा का संकल्प होगा पूरा राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने जानकारी देते हुए बताया कि नमो कैंसर फाउंडेशन की परिकल्पना देश के जाने-माने उद्योगपति रतन टाटा की सोच से प्रेरित है. रतन टाटा ने यह संकल्प लिया था कि भारत के विभिन्न हिस्सों में कैंसर की जांच और इलाज की बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, ताकि आम लोगों को राहत मिल सके.इसी उद्देश्य के तहत नमो फाउंडेशन का गठन किया गया. राजा यतींद्र मिश्र कराएंगे भूमि उपलब्ध नृपेंद्र मिश्रा ने बताया कि नमो फाउंडेशन की टीम ने अयोध्या के राजा यतींद्र मिश्र से भी संपर्क किया है. राजा अयोध्या की ओर से इस परियोजना के लिए भूमि उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया है. उन्होंने कहा कि अयोध्या में कैंसर अस्पताल के निर्माण को लेकर राजा अयोध्या पूरी तरह से सकारात्मक और उत्साहित हैं. अस्पताल में सस्ता होगा इलाज उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अयोध्या में बनने वाले इस कैंसर अस्पताल में राम मंदिर ट्रस्ट की भी विशेष पहचान रहेगी. अस्पताल का उद्देश्य सिर्फ इलाज नहीं, बल्कि जनसेवा होगा. यहां कैंसर का इलाज अत्यधिक महंगा नहीं होगा. ताकि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोग भी आसानी से इलाज करा सकें. बताया गया है कि कैंसर अस्पताल का निर्माण कार्य 24 महीनों के भीतर पूरा कर लिया जाएगा इस परियोजना के पूरा होने के बाद अयोध्या न सिर्फ धार्मिक बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में भी एक नई पहचान बनाएगी. अध्यक्ष नृर्पेंद्र मिश्रा क्या बोले भवन निर्माण समिति के अध्यक्ष नृर्पेंद्र मिश्रा ने बताया कि एक नमो कैंसर फाउंडेशन है रतन टाटा ने वचनबद्धता की थी कि भारत में कैंसर रोग और उसकी मुक्ति के बारे में अधिक से अधिक सुविधा मिलनी चाहिए. देश में अलग-अलग हिस्सों में कैंसर अस्पताल हो अलग-अलग जिलों में कैंसर की जांच हो. इसके बाद रतन टाटा के नेतृत्व में नमो फाउंडेशन का गठन किया गया. नमो फाउंडेशन की छह सदस्य टीम कल अयोध्या आई भी थी. राम मंदिर ट्र्स्ट ने कैंसर अस्पताल बनाने का किया प्रस्ताव राम मंदिर ट्रस्ट के बैठक में शामिल हुई. उन्होंने प्रस्ताव किया है कि अयोध्या में कैंसर का अस्पताल बनाया जाए. कैंसर अस्पताल का हब यहां बनाया जाए. नृर्पेंद्र मिश्रा ने बताया कि अयोध्या में उन्होंने जमीन भी देखी उन लोगों ने अयोध्या के राजा यतींद्र मिश्र से संपर्क भी किया भूमि के सहयोग में राजा अयोध्या से अपेक्षा की गई है. उनको आश्वासन दिया गया है कि अयोध्या में नमो फाउंडेशन को 6 से 8 एकड़ भूमि उपलब्ध कराई जाएगी राजा अयोध्या भी इसके लिए उकसूत है. 24 महीने में बनकर तैयार होगा कैंसर अस्पताल नृर्पेंद्र मिश्रा ने बताया कि अयोध्या में बनने वाले कैंसर हॉस्पिटल में राम मंदिर ट्रस्ट भी अपनी पहचान रखेगा. फाउंडेशन ने यह भी सोचा है कि जो भी चिकित्सा होगा वह अधिक मूल्य में नहीं होगा यानी कि कम पैसे में लोग कैंसर का इलाज यहां कर सकते हैं. 24 महीने में कैंसर अस्पताल तैयार किया जाएगा.

नेहरू के फैसलों ने कश्मीर को बनाया विवादित, आज तक भुगत रहा देश : मुख्यमंत्री योगी

लखनऊ  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आधुनिक भारत के शिल्पकार, भारत रत्न लौहपुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि दी। सीएम ने उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि भी की। सीएम योगी ने सरदार पटेल के व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रकाश डाला। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि जम्मू-कश्मीर रियासत कहां शामिल हो, इसे लेकर असमंजस की स्थिति थी, तब जवाहर लाल नेहरू ने कहा कि मैं पहल करूंगा। जम्मू-कश्मीर पं. नेहरू के हाथों में था, लेकिन उन्होंने जम्मू-कश्मीर को इतना विवादित करने का कार्य किया कि आजादी के बाद से वह लगातार भारत को डसता रहा। नेहरू के कारण उसी कश्मीर से देश को उग्रवाद, अलगाववाद प्राप्त हुआ था। देश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभारी है, जिन्होंने लौहपुरुष और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के सपने को साकार करते हुए धारा-370 को समाप्त कर कश्मीर को भारत का अभिन्न हिस्सा बनाने के लिए एक देश में एक प्रधान, एक विधान और एक निशान के संकल्प को आगे बढ़ाया।  सीएम योगी ने कहा कि गृहमंत्री के रूप में भारत में सोमनाथ मंदिर के पुनरुद्धार, तमाम विवादों के समाधान के लिए तंत्र विकसित करने और भारत की प्रशासनिक सेवा को वर्तमान स्वरूप देने का कार्य भी लौहपुरुष के कारण हो पाया। सरदार पटेल का यशस्वी नेतृत्व और लंबे समय तक प्राप्त होता, लेकिन देश का दुर्भाग्य रहा कि 15 दिसंबर 1950 को उनका नश्वर शरीर जवाब दे गया। उनकी स्मृतियां, देश के प्रति उनकी सेवाएं व योगदान हम सबके लिए चिरस्मरणीय अध्याय बन गया। हर भारतवासी बड़ी श्रद्धा, सम्मान के साथ भारत मां के महान सपूत लौहपुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करने को तत्पर रहता है। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल का यशस्वी नेतृत्व और लंबे समय तक प्राप्त होता, लेकिन देश का दुर्भाग्य रहा कि 15 दिसंबर 1950 को उनका नश्वर शरीर जवाब दे गया। उनकी स्मृतियां, देश के प्रति सेवाएं व योगदान चिरस्मरणीय अध्याय बन गए। देश वर्तमान भारत के शिल्पी के रूप में सदैव लौहपुरुष का स्मरण करेगा। सीएम योगी ने कहा कि लौहपुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल का जन्म 31 अक्टूबर 1875 को गुजरात के करमसद में सामान्य किसान परिवार में हुआ था। उन्होंने अपने परिश्रम से उच्च शिक्षा अर्जित की। इसके पीछे उनका उद्देश्य आजीविका प्राप्त कर विदेशी हुकुमूत की नौकरी करना नहीं, बल्कि देश-दुनिया को समझकर अपनी प्रतिभा व ऊर्जा का लाभ भारत मां के चरणों में समर्पित करना था। सरदार पटेल ने आजादी के आंदोलन को नेतृत्व दिया। कई बार जेल की यातनाएं सहीं, लेकिन आजादी के आंदोलन से विचलित नहीं हुए। देश जब आजाद हो रहा था, उस समय उन्होंने पुरजोर तरीके से भारत के विभाजन का विरोध किया। उन्होंने 567 रियासतों को भारत गणराज्य का हिस्सा बनाया। देश वर्तमान भारत के शिल्पी के रूप में सदैव लौहपुरुष का स्मरण करेगा। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि जूनागढ़ का नवाब व हैदराबाद का निजाम भारत गणराज्य में शामिल नहीं होना चाहते थे। जब देश आजाद हो रहा था, तब अंग्रेजों ने टू-नेशन थ्योरी को लागू किया और देसी रियासतों को स्वतंत्रता दी कि वे चाहें तो भारत गणराज्य में शामिल हों, पाकिस्तान में शामिल हों या स्वतंत्र अस्तित्व बनाए रखें। सभी हिंदू रियासतों ने भारत का हिस्सा बनने पर सहमति दी, लेकिन जूनागढ़ के नवाब और हैदराबाद के निजाम ने मना कर दिया। सरदार पटेल की सूझबूझ के परिणामस्वरूप उनके रक्तहीन क्रांति के माध्यम से दोनों रिसायतें भारत का हिस्सा बनीं। जूनागढ़ के नवाब और हैदराबाद के निजाम को देश छोड़कर भागना पड़ा।

निवेश नीति का असर: हापुड़ बना यूपी में औद्योगिक विस्तार और शहरी विकास का उभरता केंद्र

लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार उत्तर प्रदेश को निवेश और औद्योगिक विकास का बड़ा गंतव्य बनाने की ओर अग्रसर है। इसी क्रम में अब दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में एक नया निवेश केंद्र तेजी से उभर रहा है और वह हापुड़ है। हापुड़-पिलखुवा विकास प्राधिकरण द्वारा हाल ही में आयोजित 'इन्वेस्ट इन हापुड़ समिट 2025' ने यह स्पष्ट कर दिया है कि आने वाले समय में हापुड़ भी गाजियाबाद, नोएडा और गुरुग्राम की तर्ज पर बड़े निवेश केंद्र के रूप में अपनी पहचान बनाएगा। समिट के दौरान कुल 1,300 करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव सामने आए हैं। इस समिट का उद्देश्य हापुड़-पिलखुवा क्षेत्र की वास्तविक क्षमता को निवेशकों के सामने प्रस्तुत करना और क्षेत्र में बड़े स्तर पर निवेश को आकर्षित करना रहा। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि, उत्तर प्रदेश के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना रहे। उन्होंने समिट का उद्घाटन करते हुए कहा कि योगी आदित्यनाथ सरकार की पारदर्शी नीतियां, सुदृढ़ कानून-व्यवस्था और निवेश अनुकूल वातावरण के कारण उत्तर प्रदेश आज देश के शीर्ष निवेश गंतव्य स्थलों में शामिल हो गया है। वित्त मंत्री ने 100 से अधिक निवेशकों के समक्ष कहा कि दिल्ली-एनसीआर का विकास अब केवल कुछ क्षेत्रों तक सीमित नहीं रहेगा। हापुड़ जैसे क्षेत्र अब नए विकास इंजन के रूप में उभर रहे हैं। उन्होंने हापुड़-पिलखुवा विकास प्राधिकरण (एचपीडीए) के वाइस चेयरमैन डॉ. नितिन गौड़ (आईएएस) के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि प्राधिकरण ने सीमित समय में वित्तीय मजबूती और नियोजित विकास का प्रभावी मॉडल प्रस्तुत किया है। समिट में प्रस्तुत आंकड़ों ने निवेशकों का भरोसा और मजबूत किया है। पिछले दो वर्षों में हापुड़-पिलखुवा विकास प्राधिकरण का कुल लाभ 172 करोड़ से बढ़कर 435 करोड़ रुपए तक पहुंच गया है। वहीं, नक्शों और विभिन्न स्वीकृतियों से होने वाली आय 5.3 करोड़ रुपए से बढ़कर 26.32 करोड़ रुपए हो गई है। यह वृद्धि प्रभावी प्रशासनिक व्यवस्था और तेज निर्णय प्रक्रिया को दर्शाती है। समिट के माध्यम से निवेशकों को यह संदेश दिया गया कि हापुड़ अब केवल ग्रामीण छवि वाला क्षेत्र नहीं है, बल्कि यह दिल्ली से लगभग 15 मिनट की दूरी पर स्थित एक उभरता हुआ शहरी और औद्योगिक केंद्र है। हापुड़ का मास्टर प्लान वर्ष 2024 में स्वीकृत हो चुका है। क्षेत्र की रोड कनेक्टिविटी मजबूत है और यह दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद और मेरठ से कुछ मिनटों की दूरी पर स्थित है। समिट में उद्योगपति, बिल्डर्स, अस्पताल, स्कूल-कॉलेज और ग्रुप हाउसिंग से जुड़े निवेशकों को आमंत्रित किया गया। निवेशकों को आवासीय और औद्योगिक भूमि की जानकारी ग्रामवार खसरे सहित उपलब्ध कराई गई है, ताकि उन्हें भूमि खोजने में किसी प्रकार की असुविधा न हो। यह योगी आदित्यनाथ सरकार के ईज ऑफ डूइंग बिजनेस मॉडल का व्यावहारिक उदाहरण है। समिट के दौरान कुल 1,300 करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव सामने आए। यशोदा ग्रुप सहित कई बड़े निवेशकों ने हापुड़ में निवेश का आश्वासन दिया। इसमें मैक्स, मेदांता हॉस्पिटल, न्यूट्रिमा, भारती, यशोदा समूह शामिल रहे। यशोदा हॉस्पिटल ग्रुप ने 300 करोड़ रुपए, एस्पायर 150 करोड़ रुपए, दिव्यांश ग्रुप 200 करोड़ रुपए, आनंतम 150 करोड़ रुपए, आईटी पार्क बाई विशाल त्यागी 200 करोड़ रुपए, एमएंडएम 100 करोड़ रुपए, वी मैप्स 150 करोड़ रुपए और पार्क सिटी ने 100 करोड़ रुपए के निवेश की घोषणा की है। हापुड़-पिलखुवा विकास प्राधिकरण के वाइस चेयरमैन डॉ. नितिन गौड़ ने बताया कि यह पहली बार है, जब प्राधिकरण स्तर पर इन्वेस्टर समिट का आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेश पर हरिपुर आवासीय योजना के अंतर्गत 30 हेक्टेयर का नया लैंड बैंक विकसित किया जा रहा है। इसमें से 21 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण अब तक पूरा हो चुका है। हापुड़ की कनेक्टिविटी नेशनल हाईवे-9, दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे और गंगा एक्सप्रेसवे से है।

टाटा समूह यूपी में ईवी, सोलर ऊर्जा और थर्मल पावर के क्षेत्र में करेगा निवेश

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और टाटा समूह के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरनन के बीच वार्ता में टाटा समूह के प्रदेश में चल रहे और भविष्य के प्रस्तावों पर चर्चा हुई। इस दौरान एन. चंद्रशेखरन ने टाटा मोटर्स द्वारा प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहनों की मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ाने और नये मॉडलों के निर्माण के बारे में मुख्यमंत्री को अवगत कराया। बैठक में उन्होंने प्रदेश में ऊर्जा अवसंरचना और औद्योगिक विकास से जुड़े टाटा समूह के अन्य प्रोजेक्टस के बारे में भी बताया। उन्होंने बताया कि इस क्रम में टाटा पावर प्रयागराज के बारा प्लांट में 1900 मेगावाट की नई थर्मल इकाई लगा रहा है। इसके साथ ही टाटा समूह प्रदेश में सोलर पावर के विकास की परियोजनाओं पर भी तेज गति से कार्य कर रहा है। वहीं नोएडा में निवेश को आकर्षित करने के उद्देश्य से टाटा समूह नई बिल्डिंगों का निर्माण कर रहा है।   मुख्यमंत्री से वार्ता के दौरान टाटा चेयर पर्सन ने प्रदेश में ईवी के विकास का रोडमैप प्रस्तुत किया। उन्होंने बाताया कि टाटा समूह इस क्रम में इलेक्ट्रिक बसों और वाहनों की मैन्यूफैक्चरिंग को तेजी से विस्तार दे रहा है, साथ ही ईवी के नये मॉडलों का भी विकास किया जाएगा। जो एक ओर तो टाटा समूह की ईवी के क्षेत्र में शेयर को बढ़ाएगा तो वहीं प्रदेश में रोजगार के नये अवसर भी पैदा करेगा। बैठक में उन्होंने बताया कि प्रदेश में आईटी-इंफ्रा के विकास को गति देने के उद्देश्य से नोएडा में नई बिल्डिंग का निर्माण किया जा रहा है। जिनके पहले फेज़ का निर्माण, दिसंबर 2026 में तक चरणबद्ध रूप से पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।  बैठक के दौरान टाटा पावर ने प्रदेश में अपनी संचालित एवं आगामी परियोजनाओं की रूपरेखा प्रस्तुत की। इनमें उन्होंने प्रयागराज के बारा प्लांट में टाटा समूह की ओर से लगाई जा रही 1900 मेगावाट की नई इकाई के बारे में विस्तार से बताया। इस पावर प्लांट में 360 मेगावाट क्षमता की तीन पावर जनरेशन यूनिट्स लगाई जाएगी। जो एक ओर प्रदेश की ऊर्जा क्षमात में विस्तार करेगी, दूसरी ओर स्थानीय रोजगार के अवसर भी पैदा करेगी। इसके साथ ही टाटा पावर सोलर इनर्जी के क्षेत्र में भी प्रदेश में विस्तार ला रहा है। जिसके तहत प्रयागराज और बांदा में 50-50 मेगावाट की दो सोलर परियोजनाओं का निर्माण किया जा रहा है। साथ ही टाटा समूह प्रदेश में सोलर रूफ टॉप से स्वच्छ ऊर्जा के निर्माण को भी बढ़ावा दे रहा है। जो मुख्यमंत्री के सतत विकास की अवधारणा के अनुरूप कार्बन उत्सर्जन में उल्लेखनीय कमी लाएगा।

टाटा समूह के निवेश प्रस्ताव, यूपी में खुलेंगे टेक्नालॉजी विकास और रोजगार के नए द्वार

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और टाटा सन्स के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरनन के बीच हाल ही में सम्पन्न हुई बैठक में प्रदेश में टाटा समूह की ओर से चलाए जा रहे प्रोजक्टस की प्रगति के अपडेट्स और विस्तार के पर विस्तृत चर्चा की गई। साथ ही टाटा समूह के चेयर पर्सन ने यूपी लखनऊ में एआई सिटी और गोरखपुर में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने का भी प्रस्ताव रखा। इसके साथ ही टाटा समूह अपनी कंस्लटेंसी सर्विस, टीसीएस की लखनऊ, नोएडा और वाराणसी यूनिट के वर्क फोर्स में वृद्धि करने और विशेष रूप से पूर्वाचंल के युवाओं को एआई, साइबर सिक्योरिटी, डाटा साइंस, ड्रोन और स्पेसे टेक्नालॉजी जैसी अत्याधुनिक टेक्नालॉजी में प्रशिक्षित करने के प्रस्ताव पर भी सहमति बनी। यह बैठक राज्य की उभरती डिजिटल अर्थव्यवस्था को मजबूत करने, स्किल डेवलपमेंट और रोजगार के अवसर में वृद्धि के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगी। टाटा समूह ने लखनऊ में एआई सिटी बनाने का रखा प्रस्ताव  टाटा समूह के चेयर पर्सन ने चर्चा के दौरान प्रदेश की राजधानी, लखनऊ में टाटा समूह ने 'एआई सिटी' विकसित करने की कार्य योजना प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि टाटा समूह की ये परियोजना, कृत्रिम बुद्धिमत्ता के क्षेत्र में यूपी को वैश्विक हब बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। एआई सिटी के निर्माण के साथ प्रदेश में भविष्य की तकनीकि के क्षेत्र में हजारों की संख्या में नौकरियों, स्टार्टअप के विकास का इकोसिस्टम तैयार होगा। इसी क्रम में उन्होंने, गोरखपुर में 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' स्थापित करने का प्रस्ताव भी मुख्यमंत्री के सामने पेश किया। उन्होंने बताया कि टाटा समूह ने आईआईटी कानपुर के साथ एमओयू किया है। जिसके तहत टाटा समूह 48 करोड़ रुपये का निवेश कर विशेष तौर पर पूर्वी यूपी के युवाओं को एआई, साइबर सिक्योरिटी, डेटा साइंस, 3 डी प्रिंटिंग, ड्रोन और स्पेस टेक्नालॉजी के क्षेत्र में प्रशिक्षित किया जाएगा। टाटा समूह के सहयोग से चलाई जाने वाली इस परियोजना से प्रदेश में स्किल डेवलपमेंट को नई दिशा मिलेगी। साथ ही एन. चंद्रशेखरन ने टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज टीसीएस की लखनऊ और नोएडा यूनिट में वर्क फोर्स को 16,000 से बढ़ाकर 30,000 किया जाएगा। यह कदम यूपी के डिजिटल टैलेंट पूल को मजबूत करेगा, साथ ही राज्य के युवाओं के लिए आईटी क्षेत्र में रोजगार के अवसरों में भी वृद्धि प्रदान करेगा।  इलेक्ट्रानिक्स और डिफेंस कॉरिडोर में टाटा समूह ने दिया निवेश बढ़ाने का प्रस्ताव  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कुशल नेतृत्व में यूपी ने इलेक्ट्रॉनिकस मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में भी सकारात्मक प्रगति दर्ज की है। जिसके चलते यूपी का इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम तेजी से विकसित हो रहा है,वार्ता के दौरान टाटा समूह के चेयर पर्सन ने इसमें जुड़ने की इच्छा जताई। राज्य सरकार की स्वीकृति से मोबाइल उपकरण और अन्य कंपोनेंट्स के उत्पादन में निवेश करने का प्रस्ताव रखा। साथ उन्होंने बताया कि इलेक्ट्रानिक प्रोडक्टस की प्रदेश में मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए टाटा समूह ने इंटेल के साथ एमओयू के बारे में भी बताया। वहीं प्रदेश में इलेक्ट्रानिक बसों, अन्य वाहनों और उनके नये माडल की मैन्युफैक्चरिंग बढ़ाने के बारे में भी बताया। वार्ता के दौरान एन. चंद्रशेखरन ने प्रदेश में तेजी से विकसित हो रहे डिफेंस कॉरिडोर में टाटा समूह ने निवेश को बढ़ावा देने का प्रस्ताव रखा। उन्होंने बबीना सहित यूपी के रक्षा औद्योगिक नोड्स में टाटा समूह के योगदान के बारे में भी बताया, जहां ड्रोन, मिसाइल और डिफेंस के वाहनों के उत्पादन पर फोकस है। साथ ही उन्होंने, टाटा समूह ने बीडा के तहत झांसी में 25,000 एकड़ जमीन का अधिग्रहण और प्रोजेक्ट विस्तार के बारे में भी बताया। उन्होंने बैठक के दौरान सीएम के विजन के अनुरूप उत्तर प्रदेश की रक्षा प्राथमिकताओं के अनुरूप टाटा समूह की ओर से पूरा सहयोग देने का आश्वासन दिया।  अयोध्या में म्युज़ियम ऑफ टेम्पल आर्किटेक्चर का निर्माण होगा जनवरी 2027 में पूरा टाटा समूह के सहयोग से अयोध्या में म्युज़ियम ऑफ टेम्पल का निर्माण कार्य को जनवरी 2027 तक पूरी करने पर जोर दिया गया। उन्होंने बताया कि टाटा समूह की ओर से म्युज़ियम में न्यू टेक्नालॉजी आधारित डिस्प्ले बना रहा है, जो अयोध्या में आने वाले विदेशी पर्यटकों को विशेष रूप से आकर्षित करेगा। साथ ही टाटा समूह मथुरा-वृदांवन के क्षेत्र में मानसी गंगा कुंड, श्याम कुंड, राधा कुंड, अष्टकाशी कुंड, नारी सेमरीकुंड, गरुड़ गोविंद कुंड और कृष्ण कुंड समेत 8 कुंडों का जीर्णोद्धार करवाएगा। साथ ही प्रदेश में प्रमुख गंगा घाटों की सफाई का कार्य भी टाटा समूह करेगा। टाटा समूह के चेयर पर्सन और मुख्यमंत्री के बीच हुई ये बैठक, यूपी की अर्थव्यवस्था को 5 ट्रिलियन इकॉनमी बनाने के लक्ष्य को पूरा करने में मील का पत्थर साबित होगी। साथ ही टाटा समूह की ओर से उत्तर प्रदेश में निवेश और सेवाओं के विस्तार के ये प्रस्ताव साबित करते हैं कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कुशल नेतृत्व में यूपी निवेश का फेवरेट डेस्टिनेशन बन चुका है।

टाटा समूह के चेयरपर्सन ने मुख्यमंत्री के सामने यूपी में समूह की होटल श्रृखंला के विस्तार का प्रस्ताव

लखनऊ उत्तर प्रदेश में वैश्विक और घरेलू पर्यटन के तीव्र विकास को ध्यान में रखते हुए, राज्य के पर्यटन सुविधाओं और हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र में बड़े निवेश की तस्वीर तेजी से उभर रही है। इसी क्रम में टाटा समूह के चेयर पर्सन एन. चंद्रशेखरन ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यानाथ के साथ हुई बैठक के दौरान उत्तर प्रदेश में टाटा समूह के चल रहे और प्रस्तावित होटल श्रृखंला के विस्तार को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि टाटा समूह का यह कदम राज्य में बढ़ते पर्यटक आगमन, धार्मिक, सांस्कृतिक पर्यटन की बढ़ोतरी और बेहतर कनेक्टिविटी के व्यापक विकास को ध्यान में रखते लिया जा रहा है। जो उत्तर प्रदेश में वैश्विक स्तर की हॉस्पिटैलिटी सुविधाओं का तेजी से विस्तार करेगा। टाटा समूह के चेयरपर्सन एन. चंद्रशेखन ने बैठक में स्पष्ट किया कि टाटा समूह के ताज, सेलेक्शंस और विवांता जैसे प्रतिष्ठित ब्रांड्स के 30 होटलस् का निर्माण कार्य प्रदेश में पहले से चल रहा है। उन्होंने इन मुख्यमंत्री के सामने टाटा समूह के इन होटल्स के विकास कार्य की प्रगति रिपोर्ट भी पेश की। साथ ही प्रदेश में टूरिज़म और प्रीमियम क्वालिटी हॉस्पटैलिटी के विस्तार के लिए 30 नए होटल के निर्माण के बारे में भी चर्चा की। जिसके चलते प्रदेश में लक्जरी होटल के 2,000 रूमस् की संख्या को बढ़ा कर 5,000 तक हो जाएगी। उन्होंने बताया कि इन होटल्स का निर्माण राज्य के प्रमुख और उभरते पर्यटन केंद्रों प्रयागराज, अयोध्या, वाराणसी, वृंदावन, आगरा, कानपुर, लखनऊ, बिजनौर और गोरखपुर में किया जाएगा। जो प्रदेश में तेजी से बढ़ रहे धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक टूरिज्म के प्रमुख केंद्र हैं। मुख्यमंत्री से बैठक के दौरान एन. चंद्रशेखन ने बताया कि नोएडा में टाटा समूह के एक सिग्नेचर या लैंडमार्क होटल विकसित कर रहा है, वहीं प्रयागराज में एक लक्ज़री ताज होटल का भी निर्माण किया जा रहा है। बैठक के दौरान एन. चंद्रशेखर ने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन और प्रयासों से बीते कुछ वर्षों में उत्तर प्रदेश अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर मजबूती से उभरा है। प्रदेश में घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय पर्यटकों की संख्या में अभूतपूर्व वृद्धि दर्ज की गई है। इसी बढ़ती मांग के कारण प्रीमियम और संगठित हॉस्पिटैलिटी अवसंरचना की आवश्यकता बढ़ गई है। टाटा समूह की ये भागीदारी उत्तर प्रदेश को देश के प्रमुख पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

सपा की सियासत पर ओपी राजभर का हमला— यादव और मुस्लिमों तक सिमटी पार्टी

लखनऊ  मुरादाबादयूपी सरकार के मंत्री और सुभासपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने एसआईआर विरोध के मुद्दे पर सपा और कांग्रेस को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि साल 2027 के चुनाव में एनडीए रिकार्ड जीत दर्ज करेगा। प्रदेश में अगला चुनाव सपा के लिए निर्णायक हो सकता है। मुझे तो यह लगता है कि सपा विपक्ष में बैठने लायक भी नहीं रहेगी। सर्किट हाउस में पत्रकारों से बातचीत में राजभर ने कहा, सपा यादव और मुस्लिमों में ही फंस गई है। पीडीए का नारा मजाक से अधिक कुछ नहीं है। बोले, सदन में बसपा के एक और कांग्रेस के दो विधायक हैं। कहा, प्रदेश में पंचायत चुनाव समय से होंगे। मतदान पत्र की छपाई हो रही है। मतदाता सूची सुधार पर जोर है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी को संगठन की ओर से बधाई दी। जबकि, दिल्ली में कांग्रेस की वोट चोर गद्दी छोड़ रैली की खिल्ली उड़ाई। बोले, सरदार बल्लभ भाई पटेल से कम मत पाने के बाद भी पं.जवाहर लाल नेहरू देश के प्रधानमंत्री बन गए। राजनारायण से हारने के बाद भी इंदिरा गांधी ने ऐसा ही किया।   कहा, असल में यही वोट चोरी है। जबकि, राजीव गांधी ने देश में ईवीएम से चुनाव की पहल की। उसके बाद दो बार देश में कांग्रेस की सरकार बनी। अब राहुल गांधी की ओर से ईवीएम पर दोष मढ़ा जा रहा है। मंत्री ने कहा कि रोहिणी आयोग की रिपोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के आदेश के आधार पर अति पिछड़ों को उनका हक मिलने जा रहा है। पिछड़ों के 27 प्रतिशत आरक्षण में पिछड़े, अति पिछड़े और सर्वाधिक पिछड़े अपना हक पाएंगे। राज्य सरकार तैयार है। सफाईकर्मियों ने सौंपे ज्ञापन उधर, सहायक विकास अधिकारी पंचायत संघ के जिलाध्यक्ष जबर सिंह की अगुवाई में मांग पत्र सौंपा। तड़के मुरादाबाद पहुंचे मंत्री शाम को रेल मार्ग से लखनऊ प्रस्थान कर गए। वहीं, विभागीय अधिकारियों की बैठक में मंत्री ने सरकार के प्रमुख संकल्प, डिजिटल लाइब्रेरी, पंचायत भवन सेवा, सफाई और ओएसआर की समीक्षा की। ‘अपने दम पर पंचायत चुनाव लड़ेगी पार्टी’ अमरोहा के कैलसा पहुंचे सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि सपा व बसपा ने मुस्लिमों का वोट लेकर उनको ठगा है। आज तक किसी भी मुस्लिम को मुख्यमंत्री नहीं बनाया गया है। केवल वोट बैंक की तरह इस्तेमाल किया है। पंचायत चुनाव पार्टी अपने दम पर लड़ेगी और विधानसभा चुनाव 2027 भाजपा के साथ ही लड़ेगी। रविवार को कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने कैलसा रोड स्थित एक निजी इंस्टीट्यूट में विशाल जनसभा को संबोधित किया। कहा कि सुभासपा का प्रयास है कि सभी को समान शिक्षा का अधिकार लागू कराया जाए।