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वाराणसी में रात्रिकालीन पर्यटन और स्थानीय व्यापार, हस्तशिल्प को भी मिलेगा बढ़ावा

मोदी-योगी के 'एक्शन प्लान फॉर काशी एण्ड सारनाथ' के तहत, काशी के 10 प्रमुख स्थलों पर फसाड लाइटिंग का कार्य जल्द होगा शुरू वाराणसी में रात्रिकालीन पर्यटन और स्थानीय व्यापार, हस्तशिल्प को भी मिलेगा बढ़ावा परियोजना का मुख्य उद्देश्य वाराणसी के प्रमुख स्थलों को रात्रि में आकर्षक और सुरक्षित बनाना वाराणसी काशी के ऐतिहासिक घाट और सनातन धर्म के आस्था का केंद्र काशी में मंदिर अब रात में भी चमकते दिखाई देंगे। भारत के सांस्कृतिक, धार्मिक और आध्यात्मिक केंद्र वाराणसी में पर्यटन और धार्मिक स्थलों के सौंदर्यीकरण के लिए एक महत्वाकांक्षी परियोजना शुरू होने वाली है। मोदी-योगी के 'एक्शन प्लान फॉर काशी एण्ड सारनाथ' के तहत, वाराणसी के 10 प्रमुख स्थलों पर फसाड लाइटिंग का कार्य प्रस्तावित है। इस परियोजना की कुल लागत 2410.99 लाख रुपये प्रस्तावित है, जिसका उद्देश्य काशी के ऐतिहासिक, धार्मिक और सांस्कृतिक वैभव को रात्रि के समय और अधिक आकर्षक बनाना है। वाराणसी विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष पूर्ण बोरा ने बताया कि इस परियोजना में अस्सी घाट, दशाश्वमेध घाट, पंचगंगा घाट, केदार घाट, संकट मोचन मंदिर, काल भैरव मंदिर, अन्नपूर्णा मंदिर, भारत माता मंदिर, दुर्गा कुंड मंदिर और तुलसी मानस मंदिर शामिल हैं।  इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य काशी के धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक वैभव को रात्रि में और अधिक आकर्षक एवं दर्शनीय बनाना है। फसाड लाइटिंग के माध्यम से इन स्थलों की भव्यता को रात में भी महसूस किया जा सकेगा, जिससे पर्यटकों और श्रद्धालुओं को एक नया अनुभव प्राप्त होगा। वीडीए उपाध्यक्ष ने बताया कि इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य वाराणसी के प्रमुख स्थलों को रात्रि में आकर्षक और सुरक्षित बनाना है, फसाड लाइटिंग के माध्यम से इन स्थलों की वास्तुकला और ऐतिहासिक महत्व को उभारा जाएगा, जिससे काशी की धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्व को समझने में सहायता मिलेगी। यह परियोजना काशी के पर्यटन स्थलों को विश्व के पर्यटन के मानचित्र पर मजबूती से रेखांकित करेगी।  इस पहल से वाराणसी में रात्रिकालीन पर्यटन को बढ़ावा मिलने की संभावना है। स्थानीय व्यापार, हस्तशिल्प और सांस्कृतिक कार्यक्रमों को भी अप्रत्यक्ष रूप से लाभ मिलेगा। यह परियोजना काशी को वैश्विक सांस्कृतिक राजधानी के रूप में विकसित करने की परिकल्पना का भी एक अहम हिस्सा मानी जा रही है। यह परियोजना वाराणसी की वैश्विक पहचान को और मजबूत करेगी।

उत्तर प्रदेश के विकास और वैश्विक निवेश की नई पहचान बनने जा रहा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्टः सीएम योगी

मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री के साथ किया नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का निरीक्षण उत्तर प्रदेश के विकास और वैश्विक निवेश की नई पहचान बनने जा रहा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्टः  सीएम योगी  निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, समयबद्धता और विभागीय समन्वय पर दिया जोर-   सीएम योगी  नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट परियोजना की प्रगति के सम्बंध में अधिकारियों के साथ की उच्चस्तरीय बैठक, दिये आवश्यक दिशा निर्देश गौतमबुद्धनगर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने  जेवर में निर्माणाधीन नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का निरीक्षण किया। उन्होंने टर्मिनल, उद्घाटन समारोह स्थल, सुरक्षा प्रबंधन, यातायात व्यवस्था समेत विभिन्न निर्माण गतिविधियों की वास्तविक प्रगति का अवलोकन किया। मुख्यमंत्री के साथ केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री के राम मोहन नायडू भी मौजूद रहे। सीएम ने कहा कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट उत्तर प्रदेश के विकास और वैश्विक निवेश की नई पहचान बनने जा रहा है, इसलिए निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, समयबद्धता और विभागीय समन्वय सर्वोच्च प्राथमिकता पर होना चाहिए।  सिक्योरिटी क्लीयरेंस प्राप्त करने की प्रक्रिया शीघ्र पूरी करें सीएम  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को बताया गया कि एयरपोर्ट को अभी तक एयरोड्रम लाइसेंस प्राप्त नहीं हुआ है। इस पर उन्होंने निर्देश दिया कि ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी और सीआईएसएफ अधिकारियों के साथ समन्वय बनाकर सभी सुरक्षा मानकों को तत्काल पूर्ण किया जाए। साथ ही शीघ्र अति शीघ्र सिक्योरिटी क्लीयरेंस प्राप्त करने की प्रक्रिया पूरी की जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि “एयरपोर्ट प्रदेश की महत्वाकांक्षी परियोजना है, इसलिए जहां भी सुरक्षा या अन्य कार्य शेष हैं, उन्हें तेज गति और सर्वोत्तम गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए।”  सीएम का निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, समयबद्धता और विभागीय समन्वय पर जोर  मुख्यमंत्री ने कहा कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट उत्तर प्रदेश के विकास और वैश्विक निवेश की नई पहचान बनने जा रहा है, इसलिए निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, समयबद्धता और विभागीय समन्वय सर्वोच्च प्राथमिकता पर होना चाहिए। उन्होंने संबंधित एजेंसियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि उद्घाटन समारोह की तैयारियों को पूर्ण करें। उद्घाटन के समय एयरपोर्ट एक रनवे के साथ क्रियाशील होगा, जिसकी वार्षिक यात्री क्षमता लगभग 1.2 करोड़ होगी। पूरी क्षमता पर विकसित होने पर जेवर एयरपोर्ट में कुल 5 रनवे होंगे, इसका विस्तार 11,750 एकड़ तक होगा और यह प्रतिवर्ष 30 करोड़ यात्रियों को सेवा देने में सक्षम होगा, जो इसे विश्व के सबसे बड़े एयरपोर्ट्स में शामिल कर देगा। निरीक्षण व बैठक के दौरान लोक निर्माण राज्यमंत्री बृजेश सिंह, विधायक धीरेंद्र सिंह, राज्यसभा सांसद सुरेंद्र नागर मौजूद रहे। सीएम ने सचिव नगर विमानन मंत्रालय, अपर मुख्य सचिव नागरिक उड्डयन, निदेशक नागरिक उड्डयन, डीजी डीजीसीए, डीजी नगर विमानन सुरक्षा, डीआईजीसीआईएसएफ, एयरपोर्ट एथोरिटी ऑफ इंडिया, नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड के सीईओ और नोडल ऑफिसर, जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन तथा निर्माण एजेंसी के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में परियोजना की वर्तमान स्थिति, आगामी कार्ययोजना और उद्घाटन समारोह की तैयारियों पर विस्तृत पावर प्रेजेंटेशन के माध्यम से जानकारी प्रस्तुत की गई।

1 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य की ओर बढ़ते प्रदेश में परामर्श आधारित विकास मॉडल प्रभावी रूप से हो रहा लागू

विकसित उत्तर प्रदेश – 2047’: मुख्यमंत्री योगी की प्राथमिकताओं में इंडस्ट्रियल व इंफ्रास्ट्रक्चर सुधार मुख्य रूप से शामिल 1 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य की ओर बढ़ते प्रदेश में परामर्श आधारित विकास मॉडल प्रभावी रूप से हो रहा लागू  औद्योगिक तथा अवसंरचनात्मक परिवर्तन को प्राथमिकता देते हुए योगी सरकार दीर्घकालिक रणनीति पर कर रही कार्य लखनऊ  उत्तर प्रदेश को वर्ष 2047 तक देश के विकसित राज्यों की अग्रिम श्रेणी में लाने के लिए योगी सरकार अवसंरचना तथा औद्योगिक विस्तार पर केंद्रित व्यापक रणनीति लागू करने की दिशा में लगातार आगे बढ़ रही है। ‘विकसित उत्तर प्रदेश 2047’ के लिए विजन डॉक्यूमेंट का निर्माण कार्य निरंतर जारी है और सरकार अब तक 98 लाख से अधिक नागरिकों और स्टेकहोल्डर्स से सुझाव प्राप्त कर चुकी है। इनमें सबसे अधिक सुझाव कृषि, ग्रामीण विकास और शिक्षा से संबंधित हैं। स्वयं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसे प्रदेश की विकास यात्रा में जनता की सक्रिय भागीदारी का सकारात्मक संकेत बताया है। औद्योगिक विकास को नई गति देने की तैयारी राज्य एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने के लक्ष्य की दिशा में दृढ़ता के साथ आगे बढ़ रहा है, जबकि वर्ष 2047 तक छह ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था का दीर्घकालिक लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इन लक्ष्यों को हासिल करने के लिए 15 से 16 प्रतिशत वार्षिक वृद्धि दर आवश्यक मानी गई है। औद्योगिक निवेश और रोजगार प्रोत्साहन नीति 2022 इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है, जिसके अंतर्गत पात्र इकाइयों को 25 प्रतिशत तक पूंजीगत सब्सिडी की सुविधा उपलब्ध है। पूर्वांचल और बुंदेलखंड को औद्योगिक विकास का नया केंद्र बनाने के उद्देश्य से यह सीमा 45 करोड़ रुपये तक निर्धारित की गई है। स्टांप ड्यूटी में छूट ने निवेशकों का बढ़ाया विश्वास भूमि क्रय को सरल और सुलभ बनाने के लिए लागू की गई स्टांप ड्यूटी छूट निवेशकों के लिए बड़ा प्रोत्साहन बनी है। पूर्वांचल और बुंदेलखंड में 100 प्रतिशत, मध्यांचल और पश्चिमांचल में 75 प्रतिशत तथा नोएडा–गाजियाबाद में 50 प्रतिशत तक की छूट प्रदान की जा रही है। सरकार का मानना है कि यह कदम नए औद्योगिक निवेशों को आकर्षित करेगा और मौजूदा औद्योगिक इकाइयों के विस्तार को गति देगा। सुदृढ़ इंफ्रास्ट्रक्चर बना रही विकास की राह पिछले वर्षों में योगी सरकार ने अवसंरचना विकास को प्राथमिकता देते हुए इसका व्यापक स्तर पर विस्तार किया है। आज उत्तर प्रदेश 13 एक्सप्रेस-वे और पांच अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों के साथ देश का सबसे बड़ा कनेक्टिविटी नेटवर्क प्रदान करने वाला राज्य बन चुका है। यह सुदृढ़ नेटवर्क प्रदेश को तेजी से उभरते लॉजिस्टिक्स हब के रूप में स्थापित कर रहा है और उद्योगों को विश्वस्तरीय संपर्क सुविधाएं उपलब्ध करा रहा है। प्रदेश की औद्योगिक क्षमता में होगी वृद्धि, बढ़ेंगे रोजगार सृजन के अवसर वित्तीय वर्ष 2025–26 में घोषित 8,08,736 करोड़ रुपये के बजट में से लगभग 22 प्रतिशत राशि अवस्थापना विकास के लिए आवंटित की गई है। इसके माध्यम से प्रदेश में एक्सप्रेस-वे, औद्योगिक कॉरिडोर, वेयरहाउसिंग, मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स हब और नई औद्योगिक नगरियों के विस्तार में गति लायी जा रही है। योगी सरकार का मानना है कि इन प्रयासों से प्रदेश की औद्योगिक क्षमता में कई गुना वृद्धि होगी और रोजगार सृजन के नए अवसर विकसित होंगे। ‘विकसित उत्तर प्रदेश 2047’ का विजन अब ऐसी प्रक्रिया के रूप में आकार ले रहा है जिसमें नीति, विकास और जनता की सहभागिता मिलकर एक समृद्ध भविष्य की नींव तैयार कर रहे हैं।

CM योगी का एक्शन मोड: डीएम-Commissioner को कड़े निर्देश, बड़े सर्च ऑपरेशन की तैयारी

बरेली  यूपी सरकार ने बरेली मंडल के सभी डीएम और बरेली के कमिश्नर को सख्त निर्देश जारी किए है। सरकार की तरफ से जारी निर्देश में कहा गया है कि बरेली, पीलीभीत, बदायूं और शाहजहांपुर के अधिकारी क्षेत्र में गैर-कानूनी तरीके से रह रहे रोहिंग्या और बांग्लादेशी नागरिकों की पहचान करने के लिए एक बड़ा अभियान शुरू करें। इस संबंध में बरेली के मंडलायुक्त भूपेंद्र एस. चौधरी ने मंडल के जिलाधिकारियों को अस्थायी हिरासत केंद्र बनाने का निर्देश दिया है, जहां पहचाने गए गैर-कानूनी अप्रवासियों को तब तक रखा जाएगा जब तक उनका सत्यापान और जांच का काम पूरा नहीं हो जाता और प्रक्रिया के मुताबिक उन्हें उनके देश वापस नहीं भेज दिया जाता। चौधरी ने कहा कि कई बांग्लादेशी नागरिकों पर शक है कि वे असम या पश्चिम बंगाल के निवासी बनकर ईंट भट्टों, फैक्ट्रियों और दूसरी जगहों पर काम कर रहे हैं और उनके पास भारतीय दस्तावेज भी हैं। उन्होंने कहा कि उनकी भाषा और हाव-भाव से शक पैदा हुआ है। चौधरी ने कहा, पहचान में मदद के लिए, जरूरत पड़ने पर त्रिपुरा से भाषा विशेषज्ञों को बुलाया जाएगा। स्थानीय बांग्ला बोलने वाले निवासी भी पहचान और सत्यापन प्रक्रिया में मदद करेंगे। बरेली जिले के अधिकारियों और पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य ने कहा कि अगर किसी के पास नकली आधार कार्ड, वोटर पहचान पत्र या दूसरे नकली कागजात मिले, तो उसके खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की जाएगी। बरेली पुलिस ने जून में दो महीने लंबे अभियान में झुग्गी-झोपड़ियों और खानाबदोश बस्तियों में रहने वाले कई संदिग्ध लोगों की पहचान की थी। पुलिस के अनुसार जिले में दस से ज़्यादा बांग्लादेशी नागरिकों के गैर-कानूनी तरीके से रहने की पुष्टि हुई थी। पुलिस ने बताया कि अगस्त में, प्रेमनगर इलाके से बांग्लादेशी मूल की तीन बहनों को नकली पहचान का इस्तेमाल करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने कहा कि एक और मामले में, नकली पहचान के साथ रह रहे एक बांग्लादेशी नागरिक को गिरफ्तार किया गया था। बीते दिनों मुख्यमंत्री ने घुसपैठियों की तलाश करके उन्हें वापस भेजने का निर्देश दिया था। पहचान का सत्यापन होने तक उन्हें जिला स्तर पर अस्थायी हिरासत केंद्र में रखने के लिए कहा गया है। जिलाधिकारियों को को अस्थायी हिरासत केंद्र बनाने और तैयारियां तेज करने के निर्देश दिए हैं।  

सीएम योगी का बड़ा बयान—राम मंदिर ने भारत की गौरवशाली पहचान को विश्व तक पहुँचाया

गाजियाबाद  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत की परंपरा संतों, ऋषि-मुनियों व महापुरुषों के त्याग-बलिदान की महागाथा है। युगों-युगों से यह महागाथा विश्व मानवता के लिए प्रेरणा रही है। विश्व मानवता ने इस महागाथा का श्रवण व प्रेरणा प्राप्त कर भविष्य को तय किया है। भारत के अंदर आज भी पवित्र उपासना विधियां श्रद्धाभाव के साथ कार्य करते हुए इस व्यवस्था को बढ़ा रही हैं। उन्होंने कहा कि तीन दिन पूर्व अयोध्या में प्रभु श्रीराम के भव्य मंदिर के निर्माण कार्य को पूर्ण करने के महायज्ञ के पूर्णाहुति कार्यक्रम के साथ ही पीएम मोदी के करकमलों से भव्य भगवा ध्वज का आरोहण संपन्न हुआ। पूरी दुनिया व देश ने भारत के इस सनातन वैभव को देखा और अनुभव किया। सीएम योगी गुरुवार को तरुण सागरम् तीर्थ, मुरादनगर पहुंचे। उन्होंने यहां पंचकल्याणक महामहोत्सव के अंतर्गत 100 दिन में निर्मित गुफा मंदिर का उद्घाटन किया। सीएम योगी आदित्यनाथ ने भगवान पार्श्वनाथ जी व संत तरुण सागर जी महाराज का स्मरण किया। सीएम ने मेरी बिटिया व अंतर्मना दिव्य मंगल पाठ पुस्तक का विमोचन भी किया। सीएम योगी ने कहा कि यूपी का सौभाग्य है कि अयोध्या में प्रथम जैन तीर्थंकर भगवान ऋषभ देव व चार जैन तीर्थंकर पैदा हुए। दुनिया ने काशी में चार जैन तीर्थंकरों को अवतरित होते हुए देखा है। श्रावस्ती में जैन तीर्थंकर भगवान संभवनाथ का जन्म हुआ। भगवान महावीर का महापरिनिर्वाण कुशीनगर के पावागढ़ में हुआ था। हमारी सरकार ने फाजिलनगर का नाम (जहां भगवान महावीर ने महापरिनिर्वाण हुआ था), उसके नामकरण की कार्रवाई को पावा नगरी के रूप में बढ़ाया है। सीएम योगी ने कहा कि 24 जैन तीर्थंकरों ने समाज को नई दिशा और विश्व मानवता को करुणा, मैत्री, अहिंसा व ‘जियो-जीने दो’ की प्रेरणा दी। उन्होंने सिर्फ मनुष्य ही नहीं, बल्कि प्रत्येक जीव-जंतु के लिए नई प्रेरणा प्रदान की, जिसकी प्रासंगिकता आज भी उसी रूप में बनी हुई है। मानव सभ्यता को विकास की नित नई ऊंचाइयों तक पहुंचना है तो उन्हें भारत के अध्यात्म की शरण में जाना होगा। अध्यात्म के साथ ही भौतिक विकास, सांस्कृतिक व आध्यात्मिक उन्नयन के लिए सुरक्षित, सुसभ्य, साफ-सुथरा वातावरण चाहिए, जिसे भारत ने पहले भी दुनिया को दिया है और भारत, ऋषि-मुनियों, परंपरा व भारतीय संस्कृति का संदेश आज भी विश्व मानवता के लिए यही है। सीएम योगी ने कहा कि ऋषि-मुनि परंपरा ने जो संदेश दिया है, हम उसे आत्मसात करते हैं तो यह विश्व मानवता के कल्याण का मार्ग प्रशस्त करता है। गत वर्ष अप्रैल में पीएम मोदी ने विश्व नवकार महामंत्र दिवस पर वन वर्ल्ड-वन चैन कार्यक्रम का उद्घाटन किया था और हम सभी को नौ संकल्प (पानी की बचत, एक पेड़ मां के नाम, स्वच्छता का मिशन, वोकल फॉर लोकल, देश-दर्शन, नेचुरल फॉर्मिंग, हेल्दी लाइफ स्टाइल, योग व खेल को जीवन में लाना, गरीब कल्याण के लिए समर्पित भाव से कार्य करना) प्रदान किया था। जैन मुनियों की परंपरा उसी को बढ़ाने का कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि आचार्य प्रसन्न सागर जी महाराज व उपाध्याय मुनि पीयूष सागर जी महाराज की दिनचर्या को देखा। 557 दिन की कठोर साधना, 496 दिन का निर्जल उपवास, तप, अनुशासन व आत्मसंयम का अद्भुत उदाहरण देखने को मिला है। ये चीजें दिखाती हैं कि यदि हम संकल्प ले लें तो जो कुछ हमें बाहर दिखाई दे रहा है, वह सब कुछ इस शरीर में अनुभव होते हुए भी दिखाई देगा। प्रसन्न सागर जी महाराज की साधना के माध्यम से यह देखने व अनुभव करने का अवसर प्राप्त हुआ है।

बिजली बिल भुगतान में तकनीकी गड़बड़ी! UPI से राशि डेबिट, बिल फिर भी पेंडिंग—उपभोक्ता परेशान

गोरखपुर  उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में बिजली उपभोक्ता इन दिनों एक अजीब और परेशान करने वाली तकनीकी दिक्कत में फंस गए हैं। लोग बिजली बिल का भुगतान यूपीआई से कर रहे हैं, पैसा बैंक खाते से तुरंत कट भी जा रहा है, लेकिन बिजली निगम के सिस्टम में वह राशि दर्ज ही नहीं हो रही। नतीजा यह कि उपभोक्ता का बिजली बिल 'बकाया' दिख रहा है और कई का कनेक्शन भी बंद हो चुका है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि करोड़ों रुपये फंसने के बावजूद बिजली निगम प्रबंधन ने अभी तक UPI पेमेंट को अस्थायी रूप से रोकने या वैकल्पिक व्यवस्था देने की कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है। इस तकनीकी खामी से उपभोक्ता ही नहीं, अभियंता भी असमंजस में हैं। कैसे फंस रहा है पैसा-UPI पेमेंट में गड़बड़ी का पूरा खेल इन दिनों बिजली बिल का सबसे अधिक भुगतान UPI के ज़रिए ही किया जाता है। कई उपभोक्ता तो इसे ऑटो-पे पर सेट कर चुके हैं, जिससे बिल बनते ही -भुगतान अपने आप बैंक खाते से कट जाता है। -लेकिन पिछले 10 दिनों से स्थिति अचानक बिगड़ गई। -पैसा उपभोक्ता के बैंक खाते से कटता है। -भुगतान सफल का मैसेज भी मिलता है। -लेकिन बिजली निगम के खाते में रकम पहुंच ही नहीं रही। इस गड़बड़ी की वजह से निगम का बिलिंग सिस्टम उपभोक्ता को बकायेदार दिखा रहा है। रोज़ाना बिजली दफ्तरों पर शिकायत करने वालों की लंबी कतारें लग रही हैं। 

यूपी के फाजिलनगर का बदलेगा नाम, योगी सरकार ने शुरू की प्रक्रिया

 गाजियाबाद यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में एक और स्थान का इस्लामिक नाम बदलने का ऐलान किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि फाजिलनगर का नाम बदलकर जैन आस्था के मुताबिक किया जाएगा। मुख्यमंत्री रविवार को गाजियाबाद के मुरादनगर में स्थित श्री तरुण सगराम पारसनाथ अतिशय तीर्थ धाम में गुफा मंदिर उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जैन मुनि परंपरा तप, त्याग और नैतिक जीवन का संदेश देती है, जो समाज को दिशा देने में महत्वपूर्ण है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि कुशीनगर के फाजिलनगर का नाम जैन समाज की ऐतिहासिक आस्था के अनुरूप ‘पावा नगर’ किया जाएगा। पावा वह पवित्र स्थल है जहां भगवान महावीर के महापरिनिर्वाण का विश्वास किया जाता है, इसलिए क्षेत्र की पहचान को उसके आध्यात्मिक महत्व के अनुरूप सम्मान देना जरूरी है। कुशीनगर जिले में फाजिलनगर का महत्वपूर्ण कस्बा है, जो अपनी भौगोलिक स्थिति और व्यावसायिक गतिविधियों के लिए जाना जाता है। यह पूर्वी उत्तर प्रदेश को बिहार से जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित होने के कारण व्यापार और आवागमन का बड़ा केंद्र है। योगी आदित्यनाथ ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रस्तुत नौ संकल्पना परिकल्पना को जैन समाज अपने अनुशासित जीवन, स्वावलंबन, सेवा कार्य और समाज सुधार की प्रेरणा से साकार कर रहा है। उन्होंने कहा कि आध्यात्मिकता ही वह शक्ति है जो समाज में संतुलन, समरसता और स्थायी विकास सुनिश्चित करती है। कार्यक्रम में उपस्थित प्रसन्न सागर महाराज ने कहा कि भारत की परंपरा त्याग, तप और साधना की भूमि रही है। राजनीति में सनातन धर्म की सहभागिता यह दर्शाती है कि राष्ट्र आज आध्यात्मिक मूल्यों पर आगे बढ़ रहा है। इस दौरान तरुण सागर तीर्थ एवं तरुण क्रांति मंच ट्रस्ट की ओर से मुख्यमंत्री से गुरुकुल, गौशाला और आयुर्वेदिक स्कूल खोलने की मांग भी रखी गई। ट्रस्ट ने कहा कि इससे युवाओं को शिक्षा के साथ भारतीय संस्कृति, पशुपालन और आयुर्वेदिक उपचार पर आधारित ज्ञान मिलेगा, जो समाज निर्माण में सहायक सिद्ध होगा।  

सुभासपा में सेंध! जिलाध्यक्ष साथियों संग BSP का दामन थामा, चुनावी माहौल गरमाया

लखनऊ  यूपी में पंचायत चुनाव अगले अप्रैल-मई में प्रस्तावित है। इसको लेकर जिला पंचायत से लेकर ग्राम पंचायत तक हलचल तेज है। सभी पार्टियां 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले होने वाले पंचायत चुनाव को लेकर तैयारियों में लग गईं। रणनीति तैयार हो रही है। इसी बीच यूपी के हमीरपुर जिले से एक खबर सामने आई है। यह खबर सुभासपा के प्रमुख ओमप्रकाश राजभर को झटका देने वाली है। दरअसल, हमीरपुर के सुभासपा के जिलाध्यक्ष श्रीराम प्रजापति ने अपने साथियों के साथ बसपा की सदस्यता ग्रहण की। संविधान दिवस पर बसपा की जिलास्तरीय बैठक एक गेस्ट हाउस में संपन्न हुई। इस बैठक में यह सदस्यता ग्रहण बुंदेलखंड प्रभारी लालाराम अहिरवार और चित्रकूट मंडल बांदा के मुख्य प्रभारी अखिलेश अंबेडकर की मौजूदगी में हुई। बैठक में उपस्थित बसपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने श्रीराम प्रजापति का फूलमाला पहनाकर स्वागत किया। बैठक के दौरान अतिथियों ने संगठन को मजबूत करने और आगामी चुनाव में जीत हासिल करने की रणनीति पर चर्चा की। बहुजन समाज पार्टी की जिलास्तरीय बैठक में बुंदेलखंड प्रभारी लालाराम अहिरवार ने कहा कि बसपा के सभी बूथ लेबिल एजेंट अपने-अपने क्षेत्र में मतदाताओं का एसआईआर फार्म भरने में बीएलओ के साथ मिलकर सहयोग करें। बल्देव प्रसाद वर्मा ने कहा कि पार्टी के सेक्टर व बूथ प्रभारी अभी से मतदाताओं के बीच जागरूकता अभियान चलाए। अखिलेश अम्बेडकर ने संविधान दिवस पर बोलते हुए कहा कि बाबा साहेब ने दलित समाज के उत्थान के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया। उनकी ही देन है कि हम सभी को बराबरी का अधिकारी मिला है। उनके सपनो को साकार करना सभी की जिम्मेदारी है। इस दौरान मौदहा चेयरमैन रजा मुहम्मद उर्फ श्रीनाथ, जिला प्रभारी रामफूल निषाद, वीरेंद्र वर्मा ने पार्टी पदाधिकारियों को संबोधित किया। बसपा की सदस्यता लेने पर सुभासपा के जिलाध्यक्ष श्रीराम प्रजापति व उनके समर्थको को जिलाध्यक्ष राघवेंद्र अहिरवार ने माला पहनाकर स्वागत किया।  

BJP का पाकिस्तान पर हमला: राम मंदिर मुद्दे पर बयान को बताया दोहरापन, दिलाया ओसामा की याद

अयोध्या  अयोध्या में भव्य तरीके से किए गए राम मंदिर ध्वज रोहण कार्यक्रम को लेकर पाकिस्तान ने एक बयान जारी किया था। उसके इस बयान को लेकर विदेश मंत्रालय पहले ही उसकी आलोचना कर चुका है। अब भारतीय जनता पार्टी ने भी पाकिस्तान को उसके गिरेबान में झांकने का संकेत देते हुए कहा कि अल्पसंख्यकों के अधिकारों पर पाकिस्तान का बोलना ऐसा है मानो 'ओसामा बिन लादेन दुनिया को शांति का संदेश दे रहा हो।'   भारतीय जनता पार्टी की तरफ से राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने मोर्चा संभालते हुए पाकिस्तान को जमकर लताड़ लगाई। उन्होंने कहा, "पाकिस्तान जैसे देश को किसी को अल्पसंख्यकों और मानवाधिकारों पर भाषण नहीं देना चाहिए। वह जरा अपने रिकॉर्ड पर नजर डालें… सबसे मजेदार बात यह है कि वह यह सब 26/11 के दिन कह रहे हैं। ठीक उसी दिन जब उन्होंने सबसे घृणित आतंकवादी हमला किया था, जिसमें कई निर्दोष लोगों की जान चली गई थी।" अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए पूनावाला ने कहा, "पाकिस्तान में आईएसआई और आर्मी का ढांचा कई समुदायों को प्रताड़ित करता है। इसलिए उन्हें दूसरे देशों को इस मामले में भाषण देने का कोई हक नहीं है।" क्या कहा था पाकिस्तान ने? अयोध्या में राम मंदिर के ऊपर पीएम मोदी के ध्वजारोहण करने के बाद पाकिस्तान की तरफ से एक बयान जारी किया गया था। इस बयान अयोध्या में हुए इस आयोजन को मुस्लिम विरासत को मिटाने का प्रयास और भारत में धार्मिक अल्पसंख्यकों पर दबाव का संकेत बताया था। विदेश मंत्रालय ने दिया जवाब इस्लामाबाद की तरफ से जारी इस बयान पर विदेश मंत्रालय ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी थी। प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सीधे शब्दों में कहा कि पाकिस्तान को दूसरों को उपदेश देने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा, "हमने पाकिस्तान की टिप्पणियों को देखा है और हम उन्हें पूरी तरह से खारिज करते हैं। एक ऐसा देश जिसका इतिहास कट्टरता, दमन और अपने ही अल्पसंख्यकों के उत्पीड़न से भरा हुआ हो, उसे दूसरों को नैतिक ज्ञान नहीं देना चाहिए। पखांडी बयान देने की बजाय पाकिस्तान को अपने अंदर झांकना चाहिए और अपने देश के मानवाधिकार रिकॉर्ड को देखना चाहिए।" इससे पहले भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने पाकिस्तान के साथ-साथ विपक्ष पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा, "भारत में इस्लामाफोबिया और हिंदुत्व पाकिस्तान की एक अलग राय है। लेकिन एक बात हमेशा हैरान करती है कि यह राय विपक्ष से मेल कैसे खाती है। खासतौर पर कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस से.. यह दोनों की भाषा मेल खाती है।  

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तरुण सागरम् तीर्थ, मुरादनगर में गुफा मंदिर का शुभारंभ किया

भारत की परंपरा संतों, ऋषि-मुनियों व महापुरुषों के त्याग-बलिदान की महागाथाः सीएम योगी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तरुण सागरम् तीर्थ, मुरादनगर में गुफा मंदिर का शुभारंभ किया  राम मंदिर का जिक्र कर बोले सीएम- पूरी दुनिया व देश ने भारत के सनातन वैभव को देखा और अनुभव किया  हमारी सरकार ने फाजिलनगर (जहां भगवान महावीर ने महापरिनिर्वाण हुआ था), उसके नामकरण की कार्रवाई को पावा नगरी के रूप में बढ़ायाः सीएम योगी  गाजियाबाद  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहाकि भारत की परंपरा संतों, ऋषि-मुनियों व महापुरुषों के त्याग-बलिदान की महागाथा है। युगों-युगों से यह महागाथा विश्व मानवता के लिए प्रेरणा रही है। विश्व मानवता ने इस महागाथा का श्रवण व प्रेरणा प्राप्त कर भविष्य को तय किया है। भारत के अंदर आज भी पवित्र उपासना विधियां श्रद्धाभाव के साथ कार्य करते हुए इस व्यवस्था को बढ़ा रही हैं। तीन दिन पूर्व अयोध्या में प्रभु श्रीराम के भव्य मंदिर के निर्माण कार्य को पूर्ण करने के महायज्ञ की पूर्णाहुति कार्यक्रम के साथ ही पीएम मोदी के करकमलों से भव्य भगवा ध्वज का आरोहण संपन्न हुआ। पूरी दुनिया व देश ने भारत के इस सनातन वैभव को देखा और अनुभव किया।   सीएम योगी गुरुवार को तरुण सागरम् तीर्थ, मुरादनगर पहुंचे। उन्होंने यहां पंचकल्याणक महामहोत्सव के अंतर्गत 100 दिन में निर्मित गुफा मंदिर का उद्घाटन किया। सीएम योगी आदित्यनाथ ने भगवान पार्श्वनाथ जी व संत तरुण सागर जी महाराज का स्मरण किया। सीएम ने मेरी बिटिया व अंतर्मना दिव्य मंगल पाठ पुस्तक का विमोचन भी किया।  यूपी का सौभाग्य, यहां अनेक जैन तीर्थंकरों का हुआ जन्म  मुख्यमंत्री ने कहा कि यूपी का सौभाग्य है कि अयोध्या में प्रथम जैन तीर्थंकर भगवान ऋषभ देव व चार जैन तीर्थंकर पैदा हुए। दुनिया ने काशी में चार जैन तीर्थंकरों को अवतरित होते हुए देखा है। श्रावस्ती में जैन तीर्थंकर भगवान संभवनाथ का जन्म हुआ। भगवान महावीर का महापरिनिर्वाण कुशीनगर के पावागढ़ में हुआ था। हमारी सरकार ने फाजिलनगर का नाम (जहां भगवान महावीर ने महापरिनिर्वाण हुआ था), उसके नामकरण की कार्रवाई को पावा नगरी के रूप में बढ़ाया है।  24 जैन तीर्थंकरों ने विश्व मानवता को दी करुणा, मैत्री व अहिंसा की प्रेरणा  सीएम योगी ने कहा कि 24 जैन तीर्थंकरों ने समाज को नई दिशा और विश्व मानवता को करुणा, मैत्री, अहिंसा व ‘जियो-जीने दो’ की प्रेरणा दी। उन्होंने सिर्फ मनुष्य ही नहीं, बल्कि प्रत्येक जीव-जंतु के लिए नई प्रेरणा प्रदान की, जिसकी प्रासंगिकता आज भी उसी रूप में बनी हुई है। मानव सभ्यता को विकास की नित नई ऊंचाइयों तक पहुंचना है तो उन्हें भारत के अध्यात्म की शरण में जाना होगा। अध्यात्म के साथ ही भौतिक विकास, सांस्कृतिक व आध्यात्मिक उन्नयन के लिए सुरक्षित, सुसभ्य, साफ-सुथरा वातावरण चाहिए, जिसे भारत ने पहले भी दुनिया को दिया है और भारत, ऋषि-मुनियों, परंपरा व भारतीय संस्कृति का संदेश आज भी विश्व मानवता के लिए यही है।  ऋषि-मुनियों के संदेश को आत्मसात करते हैं तो यह विश्व मानवता के कल्याण का मार्ग प्रशस्त करता है  सीएम योगी ने कहा कि ऋषि-मुनि परंपरा ने जो संदेश दिया है, हम उसे आत्मसात करते हैं तो यह विश्व मानवता के कल्याण का मार्ग प्रशस्त करता है। सीएम योगी ने कहा कि गत वर्ष अप्रैल में पीएम मोदी ने विश्व नवकार महामंत्र दिवस पर वन वर्ल्ड-वन चैन कार्यक्रम का उद्घाटन किया था और हम सभी को नौ संकल्प (पानी की बचत, एक पेड़ मां के नाम, स्वच्छता का मिशन, वोकल फॉर लोकल, देश-दर्शन, नेचुरल फॉर्मिंग, हेल्दी लाइफ स्टाइल, योग व खेल को जीवन में लाना, गरीब कल्याण के लिए समर्पित भाव से कार्य करना) प्रदान किया था। जैन मुनियों की परंपरा उसी को बढ़ाने का कार्य कर रही है।  सीएम ने जैन मुनियों की साधना, तप, अनुशासन व आत्मसंयम का किया उल्लेख  सीएम योगी ने कहा कि आचार्य प्रसन्न सागर जी महाराज व उपाध्याय मुनि पीयूष सागर जी महाराज की दिनचर्या को देखा। 557 दिन की कठोर साधना, 496 दिन का निर्जल उपवास, तप, अनुशासन व आत्मसंयम का अद्भुत उदाहरण देखने को मिला है। यह चीजें दिखाती हैं कि यदि हम संकल्प ले लें तो जो कुछ हमें बाहर दिखाई दे रहा है, वह सब कुछ इस शरीर में अनुभव होते हुए भी दिखाई देगा। प्रसन्न सागर जी महाराज की साधना के माध्यम से यह देखने व अनुभव करने का अवसर प्राप्त हुआ है।  समारोह में आचार्यश्री प्रसन्न सागर जी महाराज, पीयूष सागर जी महाराज, नवपद्म सागर जी महाराज, परिमल सागर जी महाराज, प्रदेश सरकार के मंत्री सुनील शर्मा, नरेंद्र कश्यप, सांसद अतुल गर्ग, विधायक नंदकिशोर गुर्जर, अजीत पाल, पूर्व सांसद रमेश चंद तोमर, भाजपा के महानगर अध्यक्ष मयंक गोयल, तरुण सागरम् तीर्थ के अध्यक्ष सुनील जैन, संरक्षक रवि त्यागी आदि मौजूद रहे।