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हर थाने और यूनिट में निरीक्षक, उपनिरीक्षक, कम्प्यूटर ऑपरेटर, आरक्षी, आदि की होगी तैनाती

एएनटीएफ होगा और मजबूत, अपना भवन और स्थायी फोर्स की होगी तैनाती हर थाने और यूनिट में निरीक्षक, उपनिरीक्षक, कम्प्यूटर ऑपरेटर, आरक्षी, आदि की होगी तैनाती एएनटीएफ के सभी 06 थानों के लिए यथाशीघ्र कराएं न्यायालय आवंटन: मुख्यमंत्री तीन साल में 775 करोड़ के अवैध मादक पदार्थ नष्ट नशे के खिलाफ लड़ाई में समाज की भूमिका जरूरी, मुख्यमंत्री ने किया आह्वान लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स को और अधिक प्रभावी और सक्षम बनाने के निर्देश दिए हैं। बुधवार को समीक्षा बैठक में उन्होंने कहा कि फोर्स के लिए सभी 06 थानों और 08 यूनिटों में निरीक्षक, उपनिरीक्षक, कम्प्यूटर ऑपरेटर, आरक्षी, सहित आवश्यक मैनपॉवर की स्थायी तैनाती और विशेष प्रशिक्षण की व्यवस्था शीघ्र पूरी की जाए। टीम को आधुनिक उपकरण, डिजिटल ट्रैकिंग सिस्टम और उन्नत तकनीकी संसाधनों से सुसज्जित किया जाए ताकि कार्रवाई तेज और सटीक हो सके। प्रस्तावित थानों के लिए न्यायालय आवंटन की प्रक्रिया बिना विलंब पूरी करने पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कदम मामलों की त्वरित सुनवाई और अपराधियों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करेगा। उन्होंने फोर्स के सभी थानों के लिए स्थायी भवन निर्माण किए जाने की आवश्यकता पर भी बल दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि संसाधन और संरचना मजबूत होने के बाद कार्रवाई की गति और परिणामों में और वृद्धि होगी और प्रदेश ड्रग नेटवर्क को जड़ से समाप्त करने की दिशा में अधिक सशक्त होगा। बैठक में बताया गया कि एएनटीएफ के गठन के बाद कार्रवाई में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। वर्ष 2023 से 2025 के बीच 310 मुकदमे दर्ज हुए, 35,313 किलो अवैध मादक पदार्थ जब्त हुए और 883 तस्कर गिरफ्तार किए गए। जब्त सामग्री की अनुमानित कीमत 343 करोड़ रुपये से अधिक है।  समीक्षा के दौरान यह भी बताया गया कि सामान्य कार्रवाई के साथ साथ बड़े नेटवर्क और माफियाओं पर प्रहार किए गए हैं।। पिछले तीन वर्षों में 2,61,391 किलो अवैध मादक पदार्थों का विधिसम्मत विनष्टीकरण किया गया है जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 775 करोड़ रुपये है। मुख्यमंत्री ने कहा निस्तारण प्रक्रिया नियमित और पारदर्शी ढंग से जारी रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि ड्रग्स के खिलाफ संघर्ष केवल कानून व्यवस्था का विषय नहीं बल्कि समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। परिवारों, शैक्षणिक संस्थानों, नागरिक संगठनों और प्रशासन को मिलकर यह सुनिश्चित करना होगा कि नशे की पहुंच युवाओं तक न हो। उन्होंने कहा कि अपराधियों को यह साफ संदेश मिलना चाहिए कि उत्तर प्रदेश में अवैध ड्रग कारोबार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

प्रदेश में निवेश बढ़ाने, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस तथा अवस्थापना विस्तार पर बनी व्यापक सहमति

उत्तर प्रदेश की औद्योगिक दिशा तय करने में जुटी योगी सरकार, विशेषज्ञों ने रखी भविष्य की रूपरेखा प्रदेश में निवेश बढ़ाने, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस तथा अवस्थापना विस्तार पर बनी व्यापक सहमति 'विकसित उत्तर प्रदेश-2047' की सफलता के लिए नीतिगत सुधार, औद्योगिक पार्कों तथा नवाचार-आधारित इकोसिस्टम पर जोर रेल, सड़क, विमानन व लॉजिस्टिक्स जैसी अवसंरचनाओं को विकास का केन्द्र मानते हुए बहुस्तरीय लक्ष्य का हुआ निर्धारण लखनऊ 'विकसित उत्तर प्रदेश-2047' के लक्ष्य को साकार करने के लिए प्रतिबद्ध योगी सरकार विशेषज्ञों की राय के आधार पर भविष्यगामी नीति निर्धारण का मार्ग प्रशस्त कर रही है। बुधवार को योगी सरकार द्वारा आयोजित “शेपिंग उत्तर प्रदेश इंडस्ट्रियल फ्यूचर: स्ट्रेटेजीज फॉर विकसित भारत-2047” वर्कशॉप व कॉन्फ्रेंस में उद्योग, निवेश, एमएसएमई, खादी, अवस्थापना तथा नीति नियोजन से जुड़े शीर्ष अधिकारियों ने राज्य की औद्योगिक प्रगति, संभावनाओं तथा भविष्य की जरूरतों पर विस्तृत विचार साझा किए। सम्मेलन में यह साझा दृष्टि उभरकर सामने आई कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश तेजी से निवेशकों का भरोसेमंद गंतव्य बना है तथा अगले 25 वर्षों का औद्योगिक रोडमैप राज्य को देश की अग्रणी आर्थिक शक्ति के रूप में स्थापित करने का आधार तैयार कर रहा है। निवेश आकर्षण, औद्योगिक भूमि और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस पर जोर प्रदेश के राज्य परिवर्तन आयोग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मनोज कुमार सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश निवेशकों की पहली पसंद के रूप में उभर रहा है। उन्होंने औद्योगिक भूमि आवंटन की बेहतर प्रक्रिया, निवेश परियोजनाओं की सतत निगरानी तथा कौशल विकास को 'विकसित यूपी-2047' का प्रमुख स्तंभ बताया। उन्होंने कहा कि नीति सुधारों, औद्योगिक पार्कों तथा नवाचार आधारित इकोसिस्टम ने विनिर्माण क्षेत्र में उल्लेखनीय वृद्धि को बढ़ावा दिया है। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में सुधारों के कारण उद्यमिता और निवेश से संबंधित प्रक्रियाएं और सरल हुई हैं, जिससे प्रदेश की औद्योगिक क्षमता लगातार बढ़ रही है। प्रदेश की वित्तीय स्थिति मजबूत, सुरक्षित निवेश का बना वातावरण उत्तर प्रदेश के अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त दीपक कुमार ने कहा कि उत्तर प्रदेश आज भारत की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है और इसकी वित्तीय स्थिरता, बढ़ता पूंजीगत व्यय तथा युवा कार्यबल इसे निवेश के लिए अत्यधिक उपयुक्त राज्य बनाते हैं। उन्होंने कहा कि स्पष्ट नीतियों, अनुशासित प्रशासन और उद्योग-अनुकूल पारिस्थितिकी तंत्र के कारण उत्तर प्रदेश वैश्विक औद्योगिक शक्ति बनने की दिशा में मजबूती से आगे बढ़ रहा है। पूरी तरह समावेशी है विजन डॉक्यूमेंट एमएसएमई, निर्यात प्रोत्साहन तथा औद्योगिक विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव आलोक कुमार ने कहा कि विकसित उत्तर प्रदेश-2047 का विजन डॉक्यूमेंट पूरी तरह समावेशी है। इसमें सभी स्टेकहोल्डर्स की आकांक्षाओं को स्थान दिया गया है। उन्होंने कहा कि एक ओर जहां औद्योगिक और विनिर्माण क्षेत्र तेजी से आगे बढ़ रहे हैं, वहीं सेवा क्षेत्र को अभी भी अपनी पूरी क्षमता तक पहुंचाने की आवश्यकता है। उन्होंने सभी स्टेकहोल्डर्स से विजन डॉक्यूमेंट को धरातल पर उतारने के लिए सक्रिय सहयोग करने की अपील की और कहा कि वैश्विक ट्रेंड्स को देखते हुए सामूहिक प्रयास ही इसे वास्तविक उपलब्धियों में बदल सकते हैं। 12 प्रमुख सेक्टर्स में तेजी से आगे बढ़ रहा है कार्य प्रमुख सचिव (नियोजन) आलोक कुमार ने विकसित भारत-2047 तथा विकसित उत्तर प्रदेश के लिए एक प्रभावी और दूरदर्शी विजन साझा किया। उन्होंने बताया कि प्रदेश में विश्वस्तरीय एक्सप्रेसवे नेटवर्क तेजी से विस्तार कर रहा है, नागरिक उड्डयन अवसंरचना मजबूत हो रही है और एमएसएमई, ऊर्जा, शिक्षा व स्वास्थ्य सहित 12 प्रमुख क्षेत्रों में राज्य तेज गति से आगे बढ़ रहा है।उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने के लक्ष्य में विनिर्माण तथा अन्य संबंधी क्षेत्रों की केंद्रीय भूमिका रहेगी। इसके लिए राज्य में सुधारों, औद्योगिक पार्कों और नवाचार-आधारित इकोसिस्टम को विकसित किया जा रहा है, जो उत्तर प्रदेश को भारत की विकास यात्रा का प्रमुख ग्रोथ इंजन बनाने में सहायक होंगे। रेलवे व विमानन में विशाल संभावनाएं, बहुस्तरीय अवसंरचना लक्ष्य जरूरी नीति आयोग के अतिरिक्त सचिव राजीव ठाकुर ने रेलवे क्षेत्र में उत्तर प्रदेश की अपार संभावनाओं का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि रणनीतिक निवेश और सुनियोजित ढांचे के साथ यह क्षेत्र औद्योगिक विकास और व्यापार को नई दिशा दे सकता है। उन्होंने विमानन क्षेत्र को भी भविष्य के लिए अत्यधिक संभावनाओं वाला क्षेत्र बताते हुए कहा कि बढ़ते हवाईअड्डों का नेटवर्क निवेश, गतिशीलता तथा औद्योगिक गतिविधियों को नई गति देगा। उन्होंने यह भी कहा कि सड़क, रेल, विमानन, लॉजिस्टिक्स तथा सार्वजनिक परिवहन में अल्पकालिक, मध्यमकालिक तथा दीर्घकालिक लक्ष्यों का निर्धारण प्रदेश के औद्योगिक भविष्य को सुदृढ़ करेगा। खादी, हैंडलूम तथा टेक्सटाइल में उत्तर प्रदेश की स्थिति मजबूत खादी एवं ग्रामोद्योग, वस्त्र और हथकरघा विभाग के प्रमुख सचिव अनिल कुमार सागर ने बताया कि उत्तर प्रदेश में 536 खादी समितियां कार्यरत हैं, जो इस क्षेत्र की बढ़ती आर्थिक प्रासंगिकता को दर्शाती हैं। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में महिला बुनकरों की सक्रियता इसे सामाजिक और आर्थिक रूप से समावेशी बनाती है। उत्तर प्रदेश दरी एवं कालीन उत्पादन में देश में अग्रणी है और कच्चे माल की बेहतर उपलब्धता के साथ खादी उत्पादन को और विस्तार दिया जा सकता है। एफडीआई, विनिर्माण क्षमता और इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात को मिली रफ्तार नीति आयोग के कार्यक्रम निदेशक (उद्योग एवं विदेशी निवेश) इश्तियाक अहमद ने कहा कि उत्तर प्रदेश की आर्थिक प्रगति सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही है, पर विकसित भारत-2047 के लक्ष्य के लिए विनिर्माण क्षेत्र में बड़ा विस्तार आवश्यक है। उन्होंने बताया कि भारत में 55 प्रतिशत मोबाइल फोन उत्पादन उत्तर प्रदेश में हो रहा है और इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है। उन्होंने कहा कि एफडीआई संबंधी चुनौतियां राष्ट्रीय स्तर पर सामने आने वाले मुद्दों से मेल खाती हैं, जिनके समाधान के लिए राज्य और केंद्र का समन्वित प्रयास जरूरी है। 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' को बढ़ाने में निवेश मित्र 3.0 है मददगार इन्वेस्ट यूपी के अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी शशांक चौधरी ने निवेश मित्र 3.0 को निवेशकों के लिए एक बड़ा परिवर्तनकारी डिजिटल प्लेटफॉर्म बताया। उन्होंने कहा कि एआई आधारित गाइडेंस, अपडेटेड बिल्डिंग और विकास उपविधियां तथा निवेश सेवाओं का एकीकृत ढांचा प्रदेश को भविष्य के औद्योगिक इकोसिस्टम की ओर ले जा रहा है। श्रम, भूमि उपयोग तथा आवश्यक अनुमतियों में सरलीकरण और पूरी तरह ऑनलाइन सेवाओं के लागू होने … Read more

गाजियाबाद में भगवान पार्श्वनाथ की मूर्ति और मंदिर स्थापना कार्यक्रम में शामिल होंगे सीएम योगी

सीएम योगी एक दिवसीय दौरे पर गुरुवार को पहुंचेंगे गाजियाबाद, दिल्ली और गौतमबुद्ध नगर में भी रहेंगे गाजियाबाद में भगवान पार्श्वनाथ की मूर्ति और मंदिर स्थापना कार्यक्रम में शामिल होंगे सीएम योगी गौतमबुद्ध नगर में जेवर एयरपोर्ट का करेंगे निरीक्षण, संबंधित अधिकारियों के साथ करेंगे बैठक दिल्ली के भारत मंडपम में रहेंगे सीएम योगी, वाई.पी.ओ. गोल्ड के साथ करेंगे बैठक  लखनऊ,  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एक दिवसीय दौरे पर 27 नवंबर को गाजियाबाद पहुंचेंगे। यहां से वो गौतमबुद्ध नगर और दिल्ली भी जाएंगे। सीएम योगी के दौरे को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां पूरी कर ली है। सीएम योगी इस दौरान विभिन्न कार्यक्रमों में सम्मिलित होंगे। गाजियाबाद में भगवान पार्श्वनाथ की मूर्ति, मंदिर स्थापना कार्यक्रम में होंगे शामिल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सबसे पहले 10:55 बजे गाजियाबाद के हिंडन एयरपोर्ट पहुंचेंगे। इसके बाद वो यहां से आईटीएस कॉलेज, मुरादनगर हेलीपैड जाएंगे। यहां से सीएम योगी कार द्वारा 11.20 बजे मुरादनगर में कार्यक्रम स्थल तरुण सागर तीर्थ जाएंगे। सीएम यहां 11.20 बजे से 12.20 बजे के बीच भगवान पार्श्वनाथ की मूर्ति और मंदिर स्थापना कार्यक्रम में सम्मिलित होंगे। नोएडा में जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट का करेंगे निरीक्षण मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 12.50 बजे गौतमबुद्ध नगर के जेवर एयरपोर्ट पहुंचेंगे। यहां सीएम योगी 12.50 से 13.50 के बीच जेवर एयरपोर्ट का निरीक्षण करेंगे और संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। नोएडा में मेदांता सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल का करेंगे उद्घाटन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 14.35 बजे नोएडा के सेक्टर 113 के हेलीपैड पहुंचेंगे। सीएम योगी 14.50 बजे से 15.40 बजे के बीच मेदांता सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल का उद्घाटन करेंगे। इसके बाद सीएम योगी कार द्वारा 16.10 बजे दिल्ली के भारत मंडपम जाएंगे। यहां वो 16.15 बजे से 17.30 बजे तक रहेंगे। यहां सीएम योगी वाई.पी.ओ. गोल्ड के साथ बैठक करेंगे। इसके बाद सीएम योगी 18.05 बजे गाजियाबाद के हिंडन एयरपोर्ट पहुंचेंगे, जहां से वो लखनऊ के लिए रवाना होंगे।

2020 से 2025 के बीच अयोध्या का ऐतिहासिक विकास, मॉडल शहर के रूप में पहचान

ध्वजारोहण समारोह से ‘अयोध्या ब्रांड’ को मिली वैश्विक पहचान 2020 से 2025 के बीच अयोध्या का ऐतिहासिक विकास, मॉडल शहर के रूप में पहचान अंतर्राष्ट्रीय सुविधाओं वाली अयोध्या में साल के अंत तक 50 करोड़ पर्यटकों के पहुंचने का अनुमान लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की विकासवादी नीतियों की वजह से “अयोध्या ब्रांड” की चर्चा विश्व में है। श्रीराम मंदिर के शिखर पर ध्वजारोहण के बाद अयोध्या के वैभव और विकास से लोग आश्चर्यचकित हैं। पर्यटन, निवेश और आधारभूत संरचना के मामले में अयोध्या ने विश्व के अन्य चर्चित धार्मिक स्थलों को भी पीछे छोड़ दिया है।  विश्व में “अयोध्या ब्रांड’’ का डंका उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आस्था और आध्यात्मिक स्थलों को आर्थिक केंद्र के रूप में भी विकसित करने का जो बीड़ा उठाया है, अयोध्या उसमें मील का पत्थर साबित हो रहा है। सनातनी आस्था के केंद्र अब वैश्वक ब्रांड के रूप में उभर रहे हैं। श्रीराम मंदिर बनने के बाद शहर में पर्यटकों की संख्या में 4 से 5 गुना तक वृद्धि हुई है। जनवरी-जून 2025 के बीच लगभग 23 करोड़ पर्यटक रामनगरी आ चुके हैं। अनुमान है कि इस साल के अंत तक करीब 50 करोड़ पर्यटक आएंगे।  विश्वस्तरीय सुविधाओं से सुसज्जित अयोध्या अमेरिका, यूरोप, रूस इत्यादि देशों से भी बड़ी संख्या में पर्यटक रामनगरी आ रहे हैं। शहर की साफ सुथरी सड़के, प्रत्येक चौराहे पर संस्कृति और आध्यात्मिका को समेटे हुए कलाकृतियां, चमकते हुआ राम पथ और धर्म पथ, दिव्य और भव्य कुंड, प्राचीन मंदिर, विश्वस्तरीय हॉस्पिटैलिटी सुविधा, अंतरराष्ट्रीय स्तर के होटल, आर्थिक विकास की कहानी खुद बयां कर रहे हैं। अयोध्या के विकास की देन है कि जो होटल पहले सुनसान रहते थे वो अब 90 प्रतिशत फुल रहते हैं। छोटे से छोटा होटल भी प्रतिदिन 40 से 50 हजार तक की कमाई कर रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या को उसका पुराना वैभव वापस दिलाया है।  अयोध्या का प्रदेश के जीएसडीपी में बड़ा योगदान अयोध्या के विकास का सफर 2020 से प्रारंभ होता है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दिशा निर्देश में अयोध्या के विकास से जुड़े सरकारी विभागों ने बड़ी गंभीरता से योजनाओं के क्रियान्वयन को अंजाम दिया। शहर को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विकसित करने के लिए व्यापक योजना तैयार की गई। शहर में सड़कें, ड्रेनेज सिस्टम, यातायात व्यवस्था, रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन, हवाई अड्डा जैसी मूलभूत सुविधाओं को विश्वस्तरीय बनाया गया। अयोध्या में पर्यटकों की आमद बढ़ने से यहां की आर्थिक गतिविधियां भी बढ़ी। आज अयोध्या यूपी के जीएसडीपी में लगभग 1.5 फीसद योगदान कर रही है। अनुमान है कि आने वाले कुछ वर्षों में अयोध्या का सालाना कारोबार लगभग 4 लाख करोड़ तक पहुंच जाएगा।  अयोध्या से वन ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी का लक्ष्य होगा हासिल  अयोध्या का अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा आर्थिक गतिविधियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। अयोध्या में फ्लाइट की संख्या 30 तक पहुंच चुकी है। हवाई अड्डे की क्षमता 6 लाख यात्रियों की है। देश के कोने-कोने से पर्यटक यहां आ रहे हैं। इसकी वजह से आर्थिक गतिविधियों में जोरदार उछाल आया है। इसी तरह से रेलवे स्टेशन को भी विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस किया गया है। बस स्टेशनों के आधुनिकीकरण से यात्रियों को सुविधाएं मिल रही हैं। इस समय अयोध्या उत्तर प्रदेश का सबसे विकसित और सबसे ज्यादा पर्यटकों वाला धार्मिक केंद्र बन चुका है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 2029 तक उत्तर प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी बनाने को लेकर दृढ़संकल्पित हैं। इस मिशन को प्राप्त करने में अयोध्या का बड़ा रोल रहने वाला है।

सतत बढ़ रहा औद्योगिक क्षेत्र का आकार, विनिर्माण और व्यापार का हो रहा विस्तार, सृजित हो रहे नए रोजगार

134 करोड़ 15 लाख रुपये की निवेश वाली 38 यूनिट्स का होगा शिलान्यास इंफ्रास्ट्रक्चर के 114 कार्यों का होगा लोकार्पण व शिलान्यास 29 नवंबर को मुख्यमंत्री करेंगे गीडा स्थापना दिवस के तीन दिवसीय समारोह का शुभारंभ लखनऊ साढ़े तीन दशक पहले स्थापित गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण (गीडा) बीते आठ सालों में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन और सरकार की इन्वेस्टर्स फ्रेंडली पॉलिसी से पूर्वांचल के औद्योगिक विकास का इंजन बनकर उभरा है। प्रगति गाथा के स्मरण, वर्तमान परियोजनाओं के मूर्तमान स्वरूप तथा भावी निवेश-रोजगार का खाका खींचने के लिए गीडा का तीन दिवसीय 36वां स्थापना दिवस समारोह 29 नवंबर से 1 दिसंबर तक मनाने की तैयारियां जोरों पर हैं। 29 नवंबर को गीडा स्थापना दिवस समारोह का शुभारंभ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे। इस अवसर पर वह भूमि आवंटन प्रमाण पत्र वितरण और औद्योगिक इकाइयों के लोकार्पण-शिलान्यास के जरिये हजारों करोड़ रुपये के निवेश और हजारों लोगों के लिए रोजगार का मार्ग प्रशस्त करेंगे। इस अवसर पर वह गीडा की तरफ से लगाए जा रहे राज्य स्तरीय व्यापार मेला का भी शुभारंभ करेंगे।  यूं तो गीडा की स्थापना 30 नवंबर 1989 को हुई थी लेकिन निवेशकों का रुझान यहां 2017 में योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने के बाद बढ़ा। 2017 के पहले यहां गिनती के उद्योग थे तो वहीं बीते आठ सालों में उद्योगों की श्रृंखला खड़ी हो गई है। सीएम योगी के नेतृत्व में सुदृढ़ हुई कानून व्यवस्था, इंफ्रास्ट्रक्चर व कनेक्टिविटी के विस्तार और निवेशकों के लिए प्रोत्साहनपरक नीतियों ने ऐसा माहौल बनाया कि गीडा स्थानीय ही नहीं देशभर के निवेशकों के लिए पसंदीदा गंतव्य बन चुका है। सरकार की औद्योगिक नीति के साथ ही सीएम योगी की गीडा के प्रति व्यक्तिगत दिलचस्पी ने भी औद्योगिक विकास का इको सिस्टम तैयार करने में अहम भूमिका निभाई। इसी का नतीजा है कि पिछले कुछ वर्षों में गीडा क्षेत्र में केयान इंडस्ट्रीज ने 1200 करोड़ रुपये, पेप्सिको की फ्रेंचाइजी वरुण ब्रेवरेज ने 1100 करोड़, अंकुर उद्योग ने 500 करोड़, इंडिया ऑटोव्हील्स ने 400 करोड़, एसडी इंटरनेशनल ने 300 करोड़, सीपी मिल्क एंड फूड्स (ज्ञान डेयरी) ने 118 करोड़, तत्वा प्लास्टिक्स ने 105 करोड़ और कपिला कृषि उद्योग ने 100 करोड़ रुपये का निवेश किया है। सरकार के नजरिये में आए बदलाव के आठ सालों में गोरखपुर को 497 औद्योगिक इकाइयों के सापेक्ष 11618.75 करोड़ रुपये के औद्योगिक निवेश प्राप्त हुए जिससे 39448 लोगों के रोजगार का मार्ग प्रशस्त हुआ है। तुलनात्मक रूप से देखें तो 2012 से 2017 तक औद्योगिक निवेश दो यूनिट्स के सापेक्ष महज 29.33 करोड़ रुपये और इसके जरिये रोजगार की संख्या मात्र 307 थी। भूमि आवंटन से 6139 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित गीडा की मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) श्रीमती अनुज मलिक के मुताबिक स्थापना के 36वें स्थापना वर्ष में गीडा ने वर्तमान वर्ष में अद्यतन कुल 8 लाख 71 हजार 841 वर्गमीटर क्षेत्रफल में 116 औद्योगिक भूखंडों का आवंटन निवेशकों को किया है। इस भूमि आवंटन के सापेक्ष करीब 6139 करोड़ रुपये का निवेश और 11072 रोजगार सृजन प्रस्तावित है। आवंटित किए गए भूखंडों में से पांच निवेशकों को आवंटन पत्र का वितरण गीडा स्थापना दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री हाथों किया जायेगा। इसके साथ ही 134 करोड़ 15 लाख रुपये की निवेश वाली 38 यूनिट्स का शिलान्यास तथा 123 करोड़ 82 लाख रुपये के निवेश से तैयार 33 यूनिट्स का लोकार्पण भी सीएम के हाथों होना भी प्रस्तावित है। लोकार्पण और शिलान्यास वाली इन इन यूनिट्स से 27 सौ से अधिक लोगों के लिए रोजगार के द्वार खुलेंगे।  व्यापार मेला में दिखेगा ओडीओपी का भी जलवा गीडा की तरफ से स्थापना दिवस पर राज्य स्तरीय व्यापार मेला का भी आयोजन किया जा रहा है। इसमें बड़ी कंपनियों के उत्पादों के साथ स्थानीय उत्पादों, खासकर ओडीओपी का भी जलवा देखने को मिलेगा। स्थानीय उत्पादों और ओडीओपी को बेहतर मंच देने के लिए अलग स्टाल होंगे। व्यापार मेला में कई सरकारी विभागों की विकास और जनकल्याण योजनाओं की प्रदर्शनी भी नजर आएगी।  इंफ्रास्ट्रक्चर के 114 कार्यों का होगा लोकार्पण व शिलान्यास गीडा द्वारा विकसित किए जा रहे विभिन्न औद्योगिक सेक्टरों में इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के 114 कार्यों (लागत 408 करोड़ रुपये) का लोकार्पण और शिलान्यास भी गीडा दिवस पर सीएम योगी के हाथों प्रस्तावित है। इन कार्यों में सड़क, नाली, पुलिया व बिजली से संबंधित परियोजनाएं शामिल हैं। नाइलिट से प्रशिक्षित युवाओं को सीएम के हाथों मिलेगा प्रमाण पत्र मुख्यमंत्री के दिशानिर्देश पर गीडा द्वारा स्थानीय युवाओं के कौशल विकास हेतु नाइलिट (नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी) के साथ गीडा द्वारा एमओयू हस्ताक्षरित कर 9,280 वर्गमीटर का कैम्पस, मय निर्मित भवन निशुल्क उपलब्ध कराया है। अभी तक मशीन लर्निंग, जावा प्रोग्रामिंग, ट्रिपल सी, ओ लेवल, नेटवर्क बेसिक्स जैसे 13 पाठ्यक्रमों में  817 युवाओं को प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। गीडा के स्थापना दिवस समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के हाथों नाइलिट गीडा केंद्र से प्रशिक्षित 5 युवाओं को प्रमाण पत्र वितरण किया जाना प्रस्तावित है। फ्लैटेड फैक्ट्री से सृजित होंगे एक हजार नए रोजगार गीडा द्वारा छोटे उद्यमियों की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए 10,800 वर्गमीटर क्षेत्रफल में विशेष रुप से प्लग एंड प्ले उद्योगों हेतु जी+3 बहुमंजिला संरचना में फ्लैटेड फैक्ट्री कॉम्प्लेक्स का विकास किया जा रहा है। 

बोल न सकी, पर योगी समझ गए खुशी के आंसुओं में छुपा स्नेह

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से हुई मुलाकात ने कानपुर की 20 वर्षीय मूक-बधिर लड़की खुशी गुप्ता और उसके परिवार के जीवन में ऐसा अविस्मरणीय अध्याय जोड़ा जिसे वे कभी भूल नहीं पाएंगे। यह मुलाकात सिर्फ एक औपचारिकता भर नहीं है, बल्कि मानवीय संवेदना और करुणा का दुर्लभ उदाहरण है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं आगे बढ़कर एक मासूम बच्ची का सहारा बने, उसका दर्द समझा और उसके भविष्य को संवारने का वचन दिया। मुख्यमंत्री आवास पर जब खुशी अपने हाथों से बनाया हुआ मुख्यमंत्री का चित्र लेकर पहुंची, तो योगी आदित्यनाथ ने उसे बेहद स्नेहपूर्वक अपने पास बुलाया। उसके बनाए चित्रों को मुख्यमंत्री ने बड़े ध्यान से देखा। इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी चित्र शामिल रहा।  खुशी के माता-पिता ने कभी कल्पना भी नहीं की थी कि वे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के इतने निकट जाकर उनसे मिलेंगे। वे भावुक होकर बताते हैं कि वह अनुभव शब्दों में व्यक्त नहीं किया जा सकता। यह वह क्षण था जब एक बच्ची की मुख्यमंत्री के प्रति निश्छल भावना और मुख्यमंत्री की संवेदना एक हो गई। मुख्यमंत्री ने खुशी के परिवार जनों से बातचीत कर उनके बारे में जाना।  कानपुर के ग्वालटोली अहरानी निवासी खुशी अपने पिता कल्लू गुप्ता, माता गीता गुप्ता और भाई जगत गुप्ता के साथ 26 नवंबर को लखनऊ पहुंची। आर्थिक सीमाओं से जूझ रहा यह परिवार बेहद सरल और संघर्षपूर्ण जीवन जीता रहा है। पिता कल्लू गुप्ता पहले संविदा पर गार्ड की नौकरी करते थे, जो अब छूट चुकी है। माँ गीता गुप्ता घरों में काम करके परिवार का खर्च उठाती हैं। इसी परिस्थिति के बीच खुशी का स्नेह अपने मुख्यमंत्री की ओर बना रहा। घटना की शुरुआत 22 नवंबर को हुई थी खुशी बिना बताए अकेली घर से निकल पड़ी। उसका उद्देश्य था अपने मुख्यमंत्री को वह चित्र देना जिसे उसने स्वयं बनाया था। खुशी को चित्र बनाने का शौक है। वह कानपुर स्थित अपने घर से पैदल निकली। उसके पिता ने बताया कि वह न जाने कैसे लखनऊ पहुंची। वहां पहुंचने के बाद वह रास्ता भटक गई। मुख्यमंत्री से मिल पाने में असमर्थ होने पर खुशी लोकभवन के बाहर बैठकर रोने लगी। हजरतगंज पुलिस ने उसे संभाला। पुलिस की ओर से खुशी के परिवार को उसकी सूचना दी। हालांकि खुशी को घर में न देखकर उसके पिता ने अपने स्थानीय थाने में उसके मिसिंग की शिकायत दे दी थी। खुशी पढ़ी-लिखी नहीं है लेकिन वह अपने पिता का नाम उनका मोबाइल नंबर और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का नाम लिख लेती है। जब मुख्यमंत्री को खुशी की यह कहानी पता चली तो उन्होंने इसका संज्ञान लेते हुए तुरंत उसके परिवार को अपने आवास पर बुलाने के निर्देश दिए। योगी आदित्यनाथ ने उसके लिए कानपुर स्थित मूकबधिर कॉलेज में शिक्षा की व्यवस्था कराने का आश्वासन दिया। साथ ही उसकी पढ़ाई और स्किल डेवलपमेंट में सहायक मोबाइल और टैबलेट भी उपलब्ध कराया गया। राज्य सरकार की ओर से खुशी के कान के इलाज की भी व्यवस्था की जा रही है। खुशी के परिवार के लिए आवास की व्यवस्था का भी आश्वासन प्रदेश सरकार की ओर से दिया गया है। सरकार द्वारा प्राप्त सहायता और सहायता के आश्वासन से पूरा परिवार प्रसन्नता से भर गया है।  इस पूरी घटना में केंद्र बिंदु मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का वह स्नेह रहा जिसने इस परिवार को सम्मान, सुरक्षा और भविष्य की नई दिशा का एहसास कराया। उनके इस व्यवहार ने यह स्पष्ट किया कि सरकार केवल प्रशासनिक संस्थान नहीं बल्कि संवेदना और सीमातीत मानवीयता का आधार है। खुशी ने अपने सरल विश्वास से यह दिखाया कि प्रेम और सम्मान की भावना किसी बाधा में नहीं फंसती और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपनी संवेदना और व्यवहार से यह स्थापित किया कि, जनता और शासन के बीच संबंध केवल औपचारिक नहीं बल्कि आत्मीय हो सकता है। यह कहानी उत्तर प्रदेश में लंबे समय तक संवेदनशील प्रशासन की मिसाल के रूप में याद रखी जाएगी।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में लखनऊ में चल रहा 61वीं राष्ट्रीय जम्बूरी का आयोजन

मिशन शक्ति और सुरक्षा जागरूकता आयोजन का एक महत्वपूर्ण आकर्षण  लखनऊ उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ इस समय दुनिया के कई देशों से आए स्काउट्स कैडेट्स के उत्साह से सराबोर है। 61 वर्षों की लंबी प्रतीक्षा के बाद यहां आयोजित 19वीं नेशनल जम्बूरी ने प्रदेश को एक वैश्विक युवा मंच में बदल दिया है। भारत के विभिन्न राज्यों से आए 33,000 से अधिक स्काउट्स, गाइड्स, रोवर्स और रेंजर्स के साथ मालदीव, नेपाल, श्रीलंका और सऊदी अरब सहित एशिया पैसिफिक क्षेत्र के 1,500 से अधिक युवा प्रतिनिधियों ने इस आयोजन में शिरकत की है।  डिफेंस एक्सपो ग्राउंड को विशाल शिविरों, रसोईघरों और गतिविधि क्षेत्रों में बदला गया है, जहां हर ओर उत्साह और उल्लास की झलक मिलती है। इस डायमंड जुबली उत्सव को राज्यपाल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जैसे शीर्ष नेतृत्व का संरक्षण प्राप्त है, जो इसकी गरिमा को और बढ़ाता है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश ने कुशल प्रबंध और दूरदर्शी व्यवस्था के द्वारा इस अंतरराष्ट्रीय आयोजन को अभूतपूर्व सफलता दिलाई है।  मिशन शक्ति और सुरक्षा जागरूकता इस आयोजन का एक महत्वपूर्ण आकर्षण उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा लगाया गया सुरक्षा और तकनीक प्रदर्शनी मंडप है, जहां युवा स्काउट्स को अपराध रोकथाम प्रौद्योगिकी, अग्निशमन तकनीक और कमांडो व एंटी टेररिज्म स्क्वॉड की क्षमताओं से परिचित कराया गया। यह अनुभव युवाओं के मन में सुरक्षा संरचनाओं के प्रति एक नई समझ विकसित करता है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशन में प्रदेश में जिस तरह से महिला सशक्तिकरण और युवाओं के लिए नीतियों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है उसकी झलक जम्बूरी में भी उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा लगाए गए सुरक्षा और तकनीक प्रदर्शनी मंडप में दिखी।   इसी क्रम में मिशन शक्ति के अंतर्गत महिलाओं की सुरक्षा और अधिकारों से जुड़े सत्र भी आयोजित हुए, जिनमें आत्मरक्षा, साइबर सुरक्षा और कानूनी प्रक्रियाओं की जानकारी दी गई। पुलिस स्टेशनों पर महिला हेल्पडेस्क की भूमिका पर विशेष प्रकाश डाला गया, जो महिला सुरक्षा के प्रति राज्य की प्रतिबद्धता का प्रतीक है। सांस्कृतिक आदान–प्रदान से सजे रंग जम्बूरी परिसर में कदम रखते ही “अतिथि देवो भव:” की भारतीय परंपरा जीवंत नजर आती है। प्रतिभागी स्काउट्स पारंपरिक व्यंजनों की सुगंध, लोक गीतों की धुन और रंगीन परिधानों के आकर्षण से विविधता का उत्सव मनाते दिखते हैं। उद्घाटन समारोह में ड्रोन शो, भव्य परेड और उत्तर प्रदेश की धरोहर को दर्शाते सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। यह सिर्फ उत्सव का मंच नहीं, बल्कि अपने ऐतिहासिक गौरव और आधुनिकता के बीच संतुलन का संदेश देता है। जम्बूरी युवा ऊर्जा का ऐसा संगम है जिसने न सिर्फ सांस्कृतिक मेलजोल को बढ़ावा दिया बल्कि भविष्य की संभावनाओं को भी उजागर किया। उत्तर प्रदेश पुलिस, अभियोजन विभाग, सुरक्षा विभाग और स्पेशल टास्क फोर्स में भर्ती की संभावनाओं पर दिए गए प्रस्तुतीकरण ने युवाओं में सेवा और नेतृत्व की भावना जगाई। समारोह के दौरान विभिन्न देशों और राज्यों से आए युवा आपस में मित्रता के सूत्र जोड़ रहे हैं और एक दूसरे की परंपराओं और जीवनशैली को समझते हुए सीमाओं से परे एक साझा मानवीय अनुभव का निर्माण कर रहे हैं। उत्तर प्रदेश ने जिस गर्मजोशी से इस वैश्विक आयोजन की मेजबानी की है, वह न केवल प्रदेश बल्कि समूचे भारत की जन–आत्मा का परिचय कराती है। यह जम्बूरी इस बात की प्रेरक मिसाल है कि विविध संस्कृतियों और युवाओं के संगम से ही भविष्य का मजबूत समाज निर्मित होता है, जो परंपरा का सम्मान करते हुए समानता, सुरक्षा और प्रगतिशीलता की ओर अग्रसर रहता है।

गलत रास्ता दिखा गया महंगा, गूगल मैप के भरोसे जलकर खाक हुई गाड़ी

हरदोई यूपी के हरदोई जिले में गूगल मैप के सहारे दिल्ली जा रहे एक चालक की कार गलत रास्ते पर पहुंच गई। तंग गलियों से निकलकर वाहन कच्चे और संकरे रास्ते में फंस गया, जहां लगातार आगे-पीछे करने से इंजन अत्यधिक गरम हो गया और अचानक कार में आग लग गई। देखते ही देखते कार पूरी तरह जलकर खाक हो गई। आग की चपेट में आकर कार में रखी एक लैपटॉप और लगभग ₹1.95 लाख की नगदी समेत अन्य सामान भी राख हो गया। घटना कोतवाली शहर क्षेत्र के देहात इलाके में हुई। बताया जा रहा है कि चालक अपनी मामी और एक दोस्त से मिलने आया था। गनीमत रही कि किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई, जिससे सभी ने राहत की सांस ली।

राम मंदिर पर फहराता ध्वज: पाकिस्तान बोखलाया, संयुक्त राष्ट्र से हस्तक्षेप की गुहार

अयोध्या  उत्तर प्रदेश के अयोध्या स्थित मंदिर में हुए ध्वजारोहण पर पाकिस्तान खिसियाता नजर आ रहा है। पड़ोसी मुल्क ने एक बार फिर बाबरी मस्जिद का मुद्दा उठाया है और भारत पर मुस्लिम विरासत को कम करने की कोशिश के आरोप लगाए हैं। अल्पसंख्यकों के अधिकारों के हनन और आतंकवाद फैलाने के आरोप से घिरे मुल्क ने UN यानी संयुक्त राष्ट्र से अल्पसंख्यकों के अधिकारों की रक्षा की मांग की है। फिलहाल, भारत सरकार की तरफ से इसपर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने मंगलवार को अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के शिखर पर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच केसरिया ध्वज फहराया। इस अनुष्ठान के साथ ही मंदिर का निर्माण औपचारिक रूप से पूरा हो गया। यह ध्वज पारंपरिक उत्तर भारतीय नागर शैली में बने शिखर पर फहराया गया, जबकि मंदिर के चारों ओर बना 800 मीटर का परकोटा (दक्षिण भारतीय वास्तु शैली में डिजाइन किया गया घेरा) मंदिर की शिल्प विविधता को दिखाता है। पाकिस्तान ने क्या कहा पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने लिखा, 'पाकिस्तान ने आयोध्या में ऐतिहासिक बाबरी के स्थान पर बने तथाकथित राम मंदिर पर ध्वजारोहण पर चिंता जाहिर की है। सदियों पुरानी प्रार्थना की जगह को 6 दिसंबर 1992 में चरमपंथी भीड़ ने गिरा दिया था। इसके बाद भारत में हुई न्यायिक प्रक्रिया में जिम्मेदारों को बरी कर दिया गया और मस्जिद की जगह पर मंदिर निर्माण की अनुमति दी गई।' पाकिस्तान ने भारत पर भेदभाव के आरोप लगाए। मानवाधिकार उल्लंघन के कई आरोप झेल चुके पाकिस्तान ने कहा, 'यह भारत में धार्मिक अल्पसंख्यकों पर बढ़ते दबाव और मुस्लिम सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत को जानबूझकर कम करने की कोशिश है।' पाकिस्तान ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से हस्तक्षेप की अपील की है। पाकिस्तान ने कहा, 'संयुक्त राष्ट्र और संबंधित अंतरराष्ट्रीय निकायों को इस्लामिक विरासत की सुरक्षा और सभी अल्पसंख्यकों के धार्मिक और सांस्कृतिक अधिकारों की रक्षा में भूमिका निभानी चाहिए।' रिपोर्ट में खुली पाकिस्तान की पोल संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार की 24 जुलाई 2025 की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, एक्सपर्ट्स ने पाकिस्तान में कमजोर समुदायों के खिलाफ हुई हिंसा पर हैरानी जताई थी। विज्ञप्ति के अनुसार, UNHR एक्सपर्ट्स ने पाकिस्तान से अपील की है कि अहमदिया समुदाय समेत धार्मिक अल्पसंख्यकों के खिलाफ जारी हिंसा के बीच कड़े कदम उठाए जाएं। आगे कहा गया, 'हम कमजोर समुदायों के खिलाफ उनके धर्म या विश्वास के आधार पर बढ़ती हिंसा की खबरों से हैरान हैं।' आगे कहा गया, 'इन समुदायों ने अपने खिलाफ दुश्मनी और नफरत की वकालत के संदर्भ में हमले, हत्याएं और उत्पीड़न देखा है।' एक्सपर्ट्स ने कहा, 'पाकिस्तान को सजा से बचने के उस पैटर्न को तोड़ना होगा, जिसमें हमलों और नफरत भड़काने वालों को बगैर रोकटोक काम करने दिया जाता है।' साथ ही कहा गया कि ये हमले सरकारी मिलीभगत से होते हैं। एक्सपर्ट्स ने पाकिस्तान सरकार से इन उल्लंघनों की जांच करने और आपराधियों को सजा दिलाने की मांग की थी।  

‘नीले ड्रम’ केस की मुस्कान बनी मां, नवजात को लेकर पहुंची जेल—जानिए क्या नाम रखा बेटी का

मेरठ  यूपी के मेरठ में एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज के अस्पताल में सोमवार को सौरभ हत्याकांड की आरोपी मुस्कान ने बेटी को जन्म दिया था। स्त्री रोग विभाग अध्यक्ष डॉ. शगुन ने बताया कि बच्ची राधा और मुस्कान का पूरा मेडिकल चेकअप किया गया। वह पूरी तरह से स्वस्थ है। बुधवार को दोपहर में मुस्कान की छुट्टी कर दी गई है। मुस्कान सीधे मेडिकल अस्पताल से जेल के लिए रवाना हो गई है। अस्पताल प्रबंधन ने बताया कि बेबी ढाई किलो की है। नॉर्मल डिलीवरी कराई है, मुस्कान और उसकी बच्ची स्वस्थ्य हैं और एक साथ हैं। मुस्कान के परिजन मेडिकल अस्पताल में नहीं आए हैं और न ही कोई संपर्क किया। इसलिए बच्ची की दवाएं, कपड़े और जो भी जरूरी सामान है, उसकी व्यवस्था जेल प्रशासन की ओर से की गई है। मुस्कान सुबह से बच्ची को गोद में लिए बैठी है। उसे लगातार दुलार कर रही है। मुस्कान बच्ची के लिए काफी खुश है। सौरभ हत्याकांड में मुख्य आरोपी पत्नी मुस्कान ने अपनी नवजात बच्चे का नाम राधा रखा है। दरअसल जेल सूत्रों के हवाले से पता चला की मुस्कान ने पहले ही बच्चों का नाम सोच रखा था। मुस्कान खुद कहती थी कि बेटा होने पर नाम कृष्ण और बेटी होने पर नाम राधा रखेगी। ऐसे में अब बेटी का नाम राधा रखा है। मां-बेटी को जिला जेल शिफ्ट किया गया है। जमानत नहीं मिली तो फिलहाल 6 साल तक की उम्र होने तक बच्ची जेल में मुस्कान के पास ही रहेगी। दूसरी और बच्चे के जन्म को लेकर सौरभ के परिजनों ने फिर से सवाल उठाए हैं। सौरभ के भाई राहुल ने इसे मुस्कान का गेम प्लान बताया है। आरोप लगाया कि बच्ची सौरभ की नहीं है। दोनों बच्चियों के डीएनए जांच की भी मांग की। राहुल ने बताया कि वे लोग कोर्ट में इस संबंध में अपील करेंगे। मुस्कान ने अपने प्रेमी साहिल के साथ मिलकर पति सौरभ की 3 मार्च 2025 को हत्या कर दी थी। दोनों 4 मार्च को हिमाचल घूमने के लिए निकल गए थे। 17 मार्च को साहिल और मुस्कान मेरठ वापस आए, जिसके बाद 18 मार्च को हत्याकांड का खुलासा हुआ। 18 मार्च को मुस्कान और साहिल की गिरफ्तारी की गई थी। जेल जाने के बाद खुलासा हुआ की मुस्कान गर्भवती है। सोमवार को मुस्कान ने मेडिकल कॉलेज में एक बेटी को जन्म दिया। मुस्कान ने इस बच्ची का नाम राधा रखा है। सौरभ के भाई बोले, डीएनए जांच होनी चाहिए सौरभ के बड़े भाई राहुल ने इस पूरे घटनाक्रम को मुस्कान का गेम प्लान बताया। उनका आरोप है कि सौरभ के जन्मदिन के दिन बच्चे का जन्म मुस्कान का ही गेम प्लान है। आरोप लगाया की मुस्कान ने पूरी प्लानिंग के साथ यह सब किया है साथ ही बच्चों के डीएनए जांच की मांग की है। फिलहाल राहुल ने बताया कि वे लोग कोर्ट में दोनों बच्चों के डीएनए जांच की मांग करेंगे। इससे स्पष्ट हो जाएगा कि बच्चों का पिता कौन है।