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अधिकार तब सुरक्षित होते हैं, जब व्यक्ति कर्तव्यों के निर्वहन की आदत डाले, कर्तव्य के बिना अधिकार नहीं हो सकताः मुख्यमंत्री

हमारा संविधान दुनिया का सबसे बड़ा और भारत की अनेकता को एकता में जोड़ने वाला हैः मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संविधान दिवस पर लोकभवन में संविधान की उद्देशिका का कराया सशपथ पाठन  अधिकार तब सुरक्षित होते हैं, जब व्यक्ति कर्तव्यों के निर्वहन की आदत डाले, कर्तव्य के बिना अधिकार नहीं हो सकताः मुख्यमंत्री  विकसित उत्तर प्रदेश के लिए मिले 98 लाख से अधिक सुझावः सीएम योगी  लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से 2015 से पूरा देश प्रत्येक वर्ष 26 नवंबर को संविधान दिवस पर कार्यक्रम आयोजित करता है। 1946 में हुए संविधान सभा के चुनाव के उपरांत गठित संविधान सभा ने भारत के संविधान का निर्माण किया था। डॉ. राजेंद्र प्रसाद की अध्यक्षता में बनी संविधान सभा ने अलग-अलग कमेटियां बनाई थीं, उसकी ड्रॉफ्टिंग कमेटी के अध्यक्ष के रूप में बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण थी। संविधान निर्माण में 2 वर्ष 11 महीने 18 दिन लगे। संविधान निर्माण में जिन स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों ने योगदान व विशेषज्ञों ने सहयोग किया, उसी का परिणाम है कि हमारा संविधान दुनिया का सबसे बड़ा और भारत की अनेकता को एकता में जोड़ने वाला है। संविधान की मूल प्रति को लेकर बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर की समिति जब संविधान सभा के पास गई थी तब भी उन्होंने कहा था कि संविधान एक दस्तावेज है, जो भारत की विविधता को एकता में जोड़ने में मार्गदर्शिका के रूप में देश को नेतृत्व प्रदान करेगी।  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संविधान दिवस पर लोकभवन में संविधान की उद्देशिका का सशपथ पाठन कराया। इसके पूर्व अतिथियों ने भारत मां व बाबासाहेब भीमराव आंबेडकर के चित्र पर पुष्पार्चन किया। इस दौरान लघु फिल्म भी दिखाई गई। सीएम योगी ने विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को भी सम्मानित किया।  कर्तव्य के बिना अधिकार नहीं हो सकता सीएम योगी ने कहा कि आज हर संस्था, पंचायत में ऐसे आयोजन करके संविधान की प्रस्तावना का वाचन करने का प्रयास हुआ है। 2015 में संविधान दिवस पर पीएम मोदी ने कहा था कि हममें से हर व्यक्ति स्वतंत्र भारत का नागरिक है। लेकिन स्वतंत्रता की वास्तविक कीमत विस्मृत की जा रही है, क्योंकि हमने स्वाधीनता की लड़ाई को आंखों से नहीं देखा। हमने क्रूर यातनाओं को नहीं सहा। परिणामस्वरूप हर व्यक्ति केवल अधिकार की बात करता है। अधिकार तब सुरक्षित होते हैं, जब व्यक्ति कर्तव्यों के निर्वहन की आदत डाले। कर्तव्य के बिना अधिकार नहीं हो सकता। जहां कर्तव्य के बिना अधिकार प्राप्त करने का प्रयास किया गया है, वहां पर लोकतंत्र नहीं है, बल्कि वहां तानाशाह, व्यवस्था को गिरफ्त में लेकर आम नागरिकों के मौलिक अधिकारों को रौंदते दिखते हैं।  विकसित व आत्मनिर्भर भारत के लिए हर देशवासी पंचप्रणों के साथ जुड़े सीएम योगी ने कहा कि संविधान लागू होने के बाद भारत ने इसे सर्वोपरि मानकर सम्मान दिया। स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों व प्रतीकों को सम्मान दिया और जिन मूल भावनाओं पर भारत का संविधान बना है, उसे जीवन का हिस्सा बनाने का प्रयास किया। जब कोई देश मूल भावनाओं को सम्मान देते हुए बढ़ता है तो उसे विकसित होने से कोई रोक नहीं सकता। आजादी के अमृत महोत्सव में पीएम मोदी ने देशवासियों के सामने विकसित भारत की संकल्पना रखी। इसके लिए पीएम मोदी ने 2022 में कहा था कि जब देश आजादी के 100वें वर्ष में जाएगा, तब हमें कैसा भारत चाहिए इसके लिए काम करना होगा।  उन्होंने विकसित व आत्मनिर्भर भारत के लिए हर देशवासियों से पंचप्रण के साथ जुड़ने का आह्वान किया। सीएम ने पंच प्रण का जिक्र करते हुए कहा कि हर व्यक्ति गुलामी की मानसिकता से मुक्त हो। यूनिफॉर्म धारी सेना-अर्धसेना, पुलिस बल के जवानों के प्रति सम्मान का भाव रखे।  यदि कोई एक व्यक्ति गलती करता है तो उसके लिए पूरी व्यवस्था को नहीं कोसा जाना चाहिए सीएम योगी ने कहा कि यदि कोई एक व्यक्ति गलती करता है तो उसके लिए पूरी व्यवस्था को नहीं कोसा जाना चाहिए, बल्कि गलती के परिमार्जन का अवसर देना चाहिए। कोई बार-बार गलती करता है तो परिमार्जन का अवसर देते हुए प्रभावी कदम उठाने के लिए कहना चाहिए। उसके लिए पूरे सिस्टम को दोषी नहीं ठहरा सकते। अक्सर स्वयं के स्वार्थ के लिए हम लोग सामाजिक विद्वेष की खाई को चौड़ा करने का प्रयास करते हैं। सीएम ने कहा कि एकता व एकात्मता के लिए प्रयास-दायित्व होना चाहिए। हमें विरासत का सम्मान करना चाहिए। भारत में विरासत, आध्यात्मिक व सांस्कृतिक परंपरा भी है। स्वाधीनता संग्राम के दौरान अलग- अलग क्षेत्रों-संघर्षों में जिन बलिदानियों ने खुद को समर्पित करते हुए भारत की एकता-अखंडता के लिए मिलकर कार्य किया, वे धरोहर के रूप में हैं। सीएम योगी ने कहा कि हर किसी को ईमानदारी से कर्तव्यों का निर्वहन करना चाहिए।   संविधान का अपमान बाबा साहेब, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों-बलिदानियों का अपमान  सीएम योगी ने कहा कि यदि हम भारत के संविधान का अपमान करते हैं तो यह बाबा साहेब, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों-बलिदानियों और उन गरीबों का अपमान है, जिन गरीबों ने संविधान के ताकत के बल पर लोकतांत्रिक अधिकार पाया है। उस आधी आबादी का अपमान है, जिन्हें संविधान ने पहले आम चुनाव के अंदर ही मत देने का अधिकार प्रदान कर दिया था। सीएम ने कहा कि दुनिया में आधुनिक लोकतंत्र की घोषणा करने वाले तमाम देशों ने कुछ ही तबके को मत देने का अधिकार दिया था। तमाम बड़े देश, जो आधुनिक लोकतंत्र का ठेकेदार बनकर घूमते हैं, उन्होंने महिलाओं को मत देने का अधिकार बहुत बाद में दिया, लेकिन भारत ने अपने व्यस्क नागरिकों को पहले ही दिन से मत देने का अधिकार प्रदान किया। भारत में बिना भेदभाव के संविधान लागू होने के साथ ही सामाजिक रूप से अस्पृश्य कहे जाने वाले दलित-जनजाति समाज के लिए संविधान ने आरक्षण की व्यवस्था भी दी। उन्हें समाज की मुख्य धारा से जोड़ने और सामाजिक समता के निर्माण में उनकी भूमिका का निर्वहन किया जा सके, इस दृष्टि से बड़ा क्रांतिकारी अभियान संविधान ने भारत के प्रत्येक अनुसूचित जाति-जनजाति के नागरिक को प्रदान किया।  यदि सभी अपने दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं तो संविधान को सम्मान दे रहे हैं सीएम योगी ने कहा कि भारत के संविधान के प्रति उन भावनाओं को बढ़ाने के लिए नया भारत … Read more

BLO सम्मान समारोह: परिवार के साथ फाइव स्टार होटल में लंच और 10,000 रुपए इनाम

गाजियाबाद. मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) अभियान को सफल बनाने के लिए गाजियाबाद जिला प्रशासन ने अनोखा कदम उठाया है. जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मांदड़ ने ऐलान किया है कि SIR में शत-प्रतिशत और सबसे बेहतरीन काम करने वाले बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) को नकद इनाम के साथ-साथ परिवार सहित फाइव स्टार होटल में विशेष सम्मान समारोह और लंच का मौका मिलेगा. सिटी मजिस्ट्रेट संतोष उपाध्याय ने बताया कि हर विधानसभा क्षेत्र से टॉप-5 BLO चुने जाएंगे. इसके लिए  चयन का आधार होगा- घर-घर जाकर सबसे ज्यादा फॉर्म भरवाना, सबसे तेज और सटीक तरीके से एप पर डिजिटाइजेशन करना। इसमें प्रथम और द्वितीय स्थान वाले BLO को 10,000-10,000 रुपए नकद, तृतीय, चतुर्थ एवं पंचम स्थानपर रहने वाले BLO को 5,000-5,000 रुपए नकद मिलेंगे. साथ ही ये पांचों BLO अपने परिवार के साथ जिलाधिकारी के हाथों प्रशस्ति पत्र और विशेष सम्मान प्राप्त करेंगे. उन्हें फाइव स्टार होटल में भव्य लंच के लिए आमंत्रित किया जाएगा. लोगों से की ये अपील जिलाधिकारी ने कहा, “लोकतंत्र को मजबूत करने का यह सबसे महत्वपूर्ण चरण है. जो BLO दिन-रात मेहनत कर रहे हैं, उनकी मेहनत को हम पूरी गरिमा के साथ सम्मानित करेंगे.” सिटी मजिस्ट्रेट संतोष उपाध्याय ने लोगों से अपील की है कि अपने क्षेत्र के BLO की अधिक से अधिक मदद करें, फॉर्म भरवाएं ताकि मतदाता सूची पूरी तरह सटीक बने. वे खुद मोहल्लों में घूम-घूमकर लोगों को जागरूक कर रहे हैं. लापरवाह BLO को नोटिस वहीं लापरवाही बरतने वाले कुछ BLO को पहले ही नोटिस जारी किए जा चुके हैं और कुछ पर मुकदमा भी दर्ज किया गया है. प्रशासन का साफ संदेश है – काम में कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी, लेकिन मेहनत करने वालों को भरपूर सम्मान मिलेगा. इस अनोखी पहल की चारों तरफ सराहना हो रही है. शिक्षक और अन्य विभागों के कर्मचारी जो BLO की ड्यूटी कर रहे हैं, इसे प्रोत्साहन की बड़ी मिसाल बता रहे हैं.

तेज रफ्तार अल्टो नहर में समाई, अंदर फंसे सवारों की दम घुटने से 5 की मौत

 लखीमपुर खीरी यूपी के लखीमपुर खीरी में देर रात एक बड़ा सड़क हादसा हुआ. तेज रफ्तार ऑल्टो कार अनियंत्रित होकर शारदा नहर में जा गिरी. इस भयानक हादसे में कार सवार पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि ड्राइवर गंभीर रूप से घायल है.  बताया जा रहा है कि मृतक और घायल सभी लोग एक शादी समारोह में शामिल होकर घर लौट रहे थे. तभी पढुआ थाना क्षेत्र के ढखेरवा-गिरजापुरी हाईवे पर पारस पुरवा गांव के पास दर्दनाक हादसा हो गया. ये हादसा इतना भयानक था कि कार ब्रिज से गिरने के बाद नहर में पूरी तरह डूब गई. कार सवार छटपटाते रहे मगर गेट लॉक होने के चलते वो बाहर नहीं निकल सके. सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से क्रेन की सहायता से कार को बाहर निकाला. शुरू में टॉर्च की रौशनी में रेस्क्यू ऑपरेशन चलाना पड़ा. इस हादसे कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी थी और उसमें सवार पांच लोग दम तोड़ चुके थे. हादसे की मुख्य वजह तेज रफ्तार, अंधेरा और कोहरा बताया जा रहा है, जिसके चलते चालक ने नियंत्रण खो दिया. घटना की सूचना मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया. फिलहाल, पुलिस ने शवों का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और आगे की जांच शुरू कर दी है.  मृतकों में जितेंद्र, घनश्याम, लालजी, अजीमुल्ला और सुरेंद्र शामिल हैं. जबकि, ड्राइवर बबलू घायल है. सभी बहराइच जिले के निवासी थे. इनमें कुछ आस पड़ोस में रहने वाले थे. परिजनों को सूचित कर दिया गया है. शवों को पोस्टमार्टम के बाद सौंप दिया जाएगा.

बेनीन प्रतिनिधिमंडल ने यूपी के CRVS मॉडल से सीखे नवाचार के मंत्र

बेनीन के प्रतिनिधिमंडल ने उत्तर प्रदेश के सीआरवीएस मॉडल से सीखे नवाचार के सूत्र  यूपी के जन्म–मृत्यु पंजीकरण सुधार से प्रभावित हुआ पश्चिमी अफ्रीका का देश बेनीन प्रशासनिक नवाचार में उत्तर प्रदेश ने गढ़ा अंतरराष्ट्रीय मानक लखनऊ  यूनिसेफ इंडिया के तत्वावधान में बेनीन के एक उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने आज लखनऊ स्थित निदेशालय जनगणना परिचालन का दौरा किया। प्रतिनिधिमंडल ने उत्तर प्रदेश सरकार के होल ऑफ गवर्नमेंट दृष्टिकोण, कार्यप्रवाह के डिजिटलीकरण एवं अनुकूलन तथा संस्थागत क्षमता वृद्धि को विशेष रूप से सराहा। प्रतिनिधियों ने कहा कि उत्तर प्रदेश की प्रगति यह दर्शाती है कि प्रशासनिक नवाचार, तकनीकी एकीकरण और व्यवहारिक विज्ञान के उपयोग से राष्ट्रीय सिविल रजिस्ट्रेशन और वाईटल स्टैटिसटिक्स (सीआरवीएस) प्रणाली को प्रभावी रूप से मजबूत किया जा सकता है।     इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कुशल नेतृत्व में लागू उन परिवर्तनकारी सुधारों की विस्तृत जानकारी भी प्रतिनिधिमंडल के साथ साझा की गई, जिनके माध्यम से उत्तर प्रदेश ने जन्म–मृत्यु पंजीकरण प्रणाली को सुदृढ़ किया है। इन सुधारों से आँकड़ों की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार हुआ है तथा बड़ी आबादी के लिए सेवाओं तक आसान पहुँच सुनिश्चित की गई है। उत्तर प्रदेश के सीआरवीएस मॉडल आज अन्य राज्यों व देशों के लिए एक प्रेरणादायी उदाहरण बन रहा है, विशेष रूप से उन क्षेत्रों के लिए, जहाँ चुनौतीपूर्ण प्रशासनिक परिस्थितियों में पंजीकरण कवरेज बढ़ाना एक बड़ी प्राथमिकता है। DCO टीम ने बताया कि राज्य की सीआरवीएस रणनीति तीन मुख्य स्तंभों पर आधारित है। पहला संस्थागत रिपोर्टिंग प्रणाली के माध्यम से जनजीवन की घटनाओं का स्वतः एवं समयबद्ध पंजीकरण, ताकि नागरिकों पर अतिरिक्त बोझ न पड़े। दूसरा सीआरवीएस प्रणाली को प्रमुख सामाजिक कल्याण एवं सेवा-पोर्टलों से जोड़कर पंजीकरण को स्वचालित एवं व्यवहार-आधारित बनाना और तीसरा पंजीकरण अधिकारियों, स्वास्थ्यकर्मियों, फील्ड-स्टाफ एवं स्थानीय प्रशासकों का सतत प्रशिक्षण, जिससे पंजीकरण की गुणवत्ता, समयबद्धता एवं पहुँच में सुधार हो सके। प्रतिनिधिमंडल की यह यात्रा विभिन्न विभागों के साथ हुई बैठकों, संभावित सहयोग पर विचार-विमर्श और ज्ञान-आदान–प्रदान के साथ संपन्न हुई। इस पहल का उद्देश्य बेनीन को अपने सिविल पंजीकरण ढांचे के आधुनिकीकरण के प्रयासों को और अधिक मजबूत करने में सहायता प्रदान करना रहा।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बोलेः साम्राज्य आए-गए, पीढ़ियां आईं-गईं, मगर एकमात्र आस्था अडिग थी

सत्य को कोई धूमिल नहीं कर सकता: योगी आदित्यनाथ श्री गुरु तेग बहादुर जी महाराज के 350वें शहीदी दिवस पर मुख्यमंत्री ने प्रदेश वासियों की ओर से किए श्रद्धासुमन अर्पित मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बोलेः साम्राज्य आए-गए, पीढ़ियां आईं-गईं, मगर एकमात्र आस्था अडिग थी लखनऊ को गुरु तेग बहादुर जी महाराज का सान्निध्य प्राप्त होना सौभाग्य का विषय: मुख्यमंत्री योगी मुख्यमंत्री योगी बोले, अयोध्या में जब-जब राम जन्मभूमि के लिए संघर्ष हुए तब सिख कभी पीछे नहीं हटे लखनऊ । सिख पंथ के नौवें गुरु तथा हिंद की चादर श्री गुरु तेग बहादुर जी महाराज के 350वें शहीदी दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने श्रद्धासुमन अर्पित किए। मंगलवार को ऐशबाग के डीएवी कॉलेज में आयोजित विशेष गुरुमति समागम में उन्होंने श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के आगे मत्था टेका और शबद कीर्तन का श्रवण किया। उन्होंने नवम सिख गुरु तेग बहादुर जी महाराज, भाई मति दास जी, भाई सती दास जी व भाई दयाला जी की स्मृति को कोटि-कोटि नमन कर करोड़ों प्रदेशवासियों की ओर से कृतज्ञता ज्ञापित करते हुए कहा कि सत्य को कोई धूमिल नहीं कर सकता। उन्होंने कहा कि साम्राज्य आए गए, पीढ़ियां आईं गईं, मगर एकमात्र अडिग थी आस्था और इसी के कारण आज हम अयोध्या में श्रीरामजन्मभूमि मंदिर की पूर्णता, धर्म ध्वजा की स्थापना और इस कार्यक्रम के आयोजन में यहां सम्मिलित हो रहे हैं। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को गुरुद्वारा प्रबंध कमेटी द्वारा सिरोपा, कृपाण और गुरु साहिब की फोटो देकर सम्मानित किया गया। आज का दिन है प्रेरणा का दिवस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पूरा देश इस कार्यक्रम के साथ जुड़ा हुआ है। आज का दिन हम सबके लिए प्रेरणा का दिवस है। उन्होंने कहा कि गुरु तेग बहादुर जी को इतनी यातना इसलिए दी गई क्योंकि मुगलों ने पूरे भारत का इस्लामीकरण करने की मुहिम चला रखी थी। औरंगजेब जैसा क्रूर बादशाह मनमानी करने पर उतर आया था। तिलक मिटाने और जनेऊ तोड़ने के लिए उसने देशभर में अत्याचार किया। कश्मीर में जब उसके अत्याचार की पराकाष्ठा हो गई और अफगान खान जैसा सिपहसालार वहां अत्याचार करने लगा, तब पंडित कृपाराम जी को जब कहीं शरण नहीं मिली तो वे गुरु महाराज के चरणों में जाकर उनकी याचना करने लगे। गुरु गोबिंद सिंह जी महाराज उस समय मात्र 9 वर्ष के थे। उन्होंने गुरु तेग बहादुर जी से कहा कि याचना हो रही है, आप कह रहे हैं किसी बड़े व्यक्ति को बलिदान देना होगा, तो भला आपसे बड़ा कौन है। गुरु तेग बहादुर जी महाराज के बलिदान को किया याद मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि गुरु तेग बहादुर जी महाराज ने जुल्म के खिलाफ आवाज उठाई। उन्हें कैद कर लिया गया। भाई मति दास को पहले यातना दी जाती है, उन्हें आरी से चीरा जाता है। भाई सती दास को रुई से लपेटकर आग लगाई जाती है और भाई दयाला को उबलते हुए पानी के देग में डालकर बलिदान कर दिया जाता है। गुरु तेग बहादुर जी महाराज तब भी अपने धर्म-संकल्प से डिगे नहीं, तो उनके साथ कितनी बड़ी क्रूरता बरती गई। जब हम इतिहास के उन क्रूर क्षणों को स्मरण करते हैं तो हमें लगता है कि यातनाएं न केवल गुरु परंपरा ने सही थीं, बल्कि वक्त आने पर उससे टक्कर लेने के लिए खुद को तैयार भी किया था। गुरु गोबिंद सिंह जी महाराज को जब हम स्मरण करते हैं तो पाते हैं कि मात्र 9 वर्ष की उम्र में जिन्होंने अपने गुरु व पिता को खोया हो, जिनके चारों साहिबजादे सनातन की रक्षा करने के लिए बलिदान हो गए हों, दुनिया में बहुत कम ऐसा उदाहरण देखने को मिलता है। वे एक शहीद पिता के पुत्र हैं तो शहीद पुत्रों के पिता भी हैं। बाबर को जाबर कह गुरु नानक देव जी ने किया था विरोध मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यह मेरा सौभाग्य है कि अयोध्या की पावन धरती पर आपके बीच आया हूं। देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज अयोध्या आए थे। श्रीरामजन्मभूमि पर भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर का निर्माण कार्य पूर्ण होने के उपलक्ष्य में सनातन के भगवा ध्वज का आरोहण राम मंदिर के शिखर पर एक भव्य समारोह में हुआ है। यही वह भगवा ध्वज है जिसकी रक्षा करने के लिए सिख गुरुओं की परंपरा पीढ़ी दर पीढ़ी बलिदान करती आई है। याद करिए, वर्ष 1510 से लेकर 1515 के बीच प्रथम गुरु नानक देव जी महाराज अयोध्या धाम में श्रीरामजन्मभूमि मंदिर का दर्शन करने जाते हैं। वर्ष 1528 में विदेशी आक्रांता बाबर के सिपहसालार द्वारा मंदिर को तोड़ा गया। उस समय बाबर के अत्याचार को देखते हुए गुरु नानक देव महाराज ने बाबर को जाबर कहकर उसके कुकृत्यों का विरोध किया था। अयोध्या में जब-जब राम जन्मभूमि के लिए संघर्ष हुए, तब सिख गुरुओं, योद्धाओं, संतों, निहंगों, राजाओं व सामान्य नागरिकों ने बलिदान देने में एक क्षण भी नहीं सोचा।  आस्था बनी महायज्ञ की साक्षी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अयोध्या के बारे में यह बात हम सबको स्मरण रखनी होगी कि जो आस्था 500 वर्षों के बाद श्रीरामजन्मभूमि पर भव्य मंदिर के निर्माण के महायज्ञ की साक्षी बनी है, वही आस्था आज इस कार्यक्रम में भी हम सबको देखने को मिल रही है। 350 वर्षों के बाद भी हर सिख, हर सनातनी गुरु तेग बहादुर जी महाराज व सभी शहीदों के प्रति अपनी कृतज्ञता ज्ञापित करते हुए अपनी आस्था व्यक्त करता है। उन्होंने कहा कि यही बात मैं आप सबको स्मरण दिलाने के लिए आया हूं। गुरु गोबिंद सिंह के चारों साहिबजादों को जो सम्मान तब मिलना चाहिए था, वह 2020 में मिला। पहले मुख्यमंत्री आवास में कार्यक्रम हुआ और प्रधानमंत्री मोदी द्वारा 26 दिसंबर की तिथि को सदैव के लिए वीर बाल दिवस के रूप में समर्पित करते हुए उन चारों साहिबजादों की स्मृति को जीवंत बना दिया गया है। यह आने वाली पीढ़ी, हर नौजवान व हर युवा को बताता है कि जो भी देश और धर्म के लिए कुछ करेगा, उसके प्रति समाज इसी प्रकार से कृतज्ञता ज्ञापित करेगा। वही कृतज्ञता ज्ञापित करने का अवसर हम सभी के सामने आज का यह दिवस भी है। याहियागंज गुरुद्वारा है गौरवशाली क्षणों का साक्षी मुख्यमंत्री ने कहा कि … Read more

घरेलू और छोटे वाणिज्यिक उपभोक्ताओं को ब्याज माफी व भारी छूट का लाभ

लखनऊ उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड ने घरेलू तथा छोटे वाणिज्यिक उपभोक्ताओं को आर्थिक राहत प्रदान करने के उद्देश्य से ‘बिजली बिल राहत योजना 2025-26’ की शुरुआत की है। यह योजना 1 दिसंबर 2025 से 28 फ़रवरी 2026 तक संचालित होगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा है कि किसी भी उपभोक्ता पर अनावश्यक आर्थिक बोझ न पड़े और हर परिवार को सुगम विद्युत सेवा मिले। पॉवर कॉर्पोरेशन ने इसी भावना के अनुरूप व्यापक राहत पैकेज तैयार किया है। योजना के अंतर्गत घरेलू उपभोक्ता (02 किलोवाट तक) तथा दुकानदार उपभोक्ता (01 किलोवाट तक) को उनके लंबित बिजली बकाया में विशेष छूट दी जाएगी। उपभोक्ता पहली बार 100% ब्याज माफी के साथ मूलधन पर 25% तक की भारी छूट प्राप्त कर सकेंगे। इसके अतिरिक्त, छोटे-छोटे बकायों के निस्तारण हेतु उपभोक्ताओं को आसान मासिक किश्तों में भुगतान की सुविधा भी प्रदान की जाएगी, जिससे वे बिना किसी दबाव के देय राशि का समायोजन कर सकें। सिस्टम में त्रुटियों या  तकनीकी कारणों से बढ़े हुए बिलों का निस्तारण भी इस योजना का महत्वपूर्ण हिस्सा है। ऐसे बिलों को कॉर्पोरेशन के तकनीकी सिस्टम द्वारा औसत खपत के आधार पर स्वतः कम किया जाएगा, ताकि उपभोक्ताओं को बिल संशोधन के लिए कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। इसके साथ ही, बिजली चोरी से जुड़े मामलों में भी निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार राहत एवं समझौते का अवसर उपलब्ध रहेगा, जिससे लंबित मुकदमों के समाधान में तेजी आएगी। योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए उपभोक्ता www.uppcl.org, UPPCL Consumer App, विभागीय कार्यालय, फिनटेक एजेंट, मीटर रीडर या जनसेवा केंद्र के माध्यम से पंजीकरण करा सकते हैं। पंजीकरण शुल्क ₹2000 है, जिसे उपभोक्ता के बिल में ही समायोजित कर दिया जाएगा। पावर कॉर्पोरेशन ने सभी पात्र उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे इस सीमित अवधि की योजना का जल्द से जल्द लाभ उठाएँ और अधिकतम आर्थिक राहत प्राप्त करें। अधिक जानकारी या सहायता के लिए उपभोक्ता 1912 हेल्पलाइन पर संपर्क कर सकते हैं।

PM मोदी ने तुलसीदास की चौपाई से दिया सामाजिक समरसता का संदेश, कही कई महत्वपूर्ण बातें

अयोध्या  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अयोध्या के भव्य राम मंदिर पर धर्मध्वजा फहराई। इस मौके पर आरएसएस चीफ मोहन भागवत और यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ भी उनके साथ थे। इसके बाद उन्होंने मौके पर मौजूद लोगों को संबोधित भी किया और भगवान राम के मूल्यों और रामराज्य को वेलफेयर से जोड़ा। इस तरह उन्होंने अयोध्या के राम मंदिर से देश को वेलफेयर का संदेश दिया। पीएम मोदी ने रामचरित मानस की पंक्ति दोहराते हुए कहा- नहीं दरिद्र, कोउ दुखी ना दीना। यह संदेश बताता है कि विकसित भारत की संकल्पना में कोई भी दुखी और दरिद्र नहीं रहना चाहिए। पीएम मोदी ने कहा कि हमारे राम भेद से नहीं भाव से जुड़ते हैं। उन्हें वंश नहीं मूल्य प्रिय हैं। उन्हें शक्ति नहीं संयोग मान लगता है। पिछले 11 वर्षों में महिला, दलित, पिछड़े, अति पिछड़े, आदिवासी, वंचित, युवा और किसान समेत सभी वर्गों को विकास के केंद्र में रखा गया है। जब देश का हर व्यक्ति और हर क्षेत्र सशक्त होगा तो देश राम राज्य की ओर बढ़ेगा। हमें आने वाले 1000 वर्षों के लिए भारत की नींव मजबूत करनी है। जो सिर्फ वर्तमान का सोचते हैं, वे आने वाली पीढ़ियों के साथ अन्याय करते हैं। इसलिए क्योंकि जब हम नहीं थे, यह देश तब भी था। हम जब नहीं रहेंगे, यह देश तब भी रहेगा। हम एक जीवंत समाज हैं और हमें दूरदर्शिता के साथ काम करना होगा। उन्होंने कहा कि इसके लिए भी हमें प्रभु राम से सीखना होगा। हमें उनके व्यक्तित्व को समझना होगा और उनके व्यवहार को आत्मसात करना होगा। हमें याद रखना होगा कि राम यानी आदर्श, मर्यादा, धर्म पथ पर चलने वाला व्यक्तित्व। राम यानी जनता के हित को सुरक्षित रखना। राम यानी ज्ञान और विवेक की पराकाष्ठा। राम यानी कोमलता में दृढ़ता। पीएम मोदी ने कहा कि यह धर्मध्वज दूर से ही रामलला की जन्मभूमि के दर्शन कराएगा। युगों-युगों तक प्रभु राम के आदर्शों और प्रेरणाओं को मानव मात्र तक पहुंचाएगा। मैं इस अद्वितीय अवसर की सभी को शुभकामनाएं देता हूं। मैं उन भक्तों को भी प्रणाम करता हूं, जिन्होंने राम मंदिर निर्माण के लिए सहयोग दिया। इसके अलावा सभी श्रम वीरों, योजनाकारों और अन्य लोगों का भी अभिनंदन करता हूं, जिन्होंने मंदिर निर्माण में योगदान किया। सदियों की वेदना पर विराम लगा, अब 2047 का टारगेट पीएम मोदी ने कहा कि राम ध्वजा लहराने के साथ ही सदियों की वेदना विराम पा रही है। भगवान राम अयोध्या से युवराज के रूप में निकले थे और लौटे तो मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम बनकर। उनके साथ गुरु वशिष्ठ की शिक्षा थी तो माता शबरी का ममत्व भी था। निषादराज का साथ भी था, जो हमें स्मरण कराता है कि साधन से अहम साध्य होता है। अब एक बार फिर से समाज में उसी समरसता के भाव से सभी के विकास के लिए काम होगा। हम विकसित भारत का ऐसा ही सपना देखते हैं। गुलामी की मानसिकता ने राम को भी नकारा, मैकाले का असर व्यापक लॉर्ड मैकाले ने गुलामी की मानसिकता की नींव रखी थी। 2035 में उस घटना के 200 साल पूरे हो रहे हैं। हमें लक्ष्य लेकर चलना है कि भारत को गुलामी की मानसिकता से मुक्त करके रहेंगे। दुर्भाग्य है कि मैकाने जो सोचा था, उसका प्रभाव कहीं व्यापक हुआ है। हमें आजादी तो मिली, लेकिन हीन भावना से मुक्ति नहीं मिली। एक विकार आ गया कि विदेशों की हर चीज अच्छी है और हमारे यहां की हर चीज में खोट ही खोट है। इस मानसिकता से हमें मुक्ति पानी है। कहा गया कि हमारा संविधान भी विदेश से प्रेरित है, लेकिन सच यह है कि भारत तो लोकतंत्र की जननी है। पीएम मोदी ने कहा कि यह भी तो गुलामी की ही मानसिकता है कि एक वर्ग ने राम को नकारा है। त्रेता युग अयोध्या ने दुनिया को नीति दी और 21वीं सदी की अयोध्या दुनिया को विकास का मॉडल देगी।

अयोध्या में ध्वजारोहण, राजनीति में हलचल: अखिलेश यादव ने दिया बड़ा संदेश

अयोध्या  अयोध्या के राम मंदिर के मुख्य शिखर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को धर्मध्वजा फहरा दी। इस बीच समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट किया जिसकी सियासी गलियारों में चर्चा होने लगी। अखिलेश यादव ने इस पोस्ट में इटावा में बन रहे श्री केदारेश्वर महादेव मंदिर का उल्लेख किया। इसके साथ ही उन्होंने इशारों ही इशारों में अन्य मंदिरों के दर्शन और संकल्प पूर्ण करने की भी बात कही।   सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने इस पोस्ट में लिखा-‘पूर्णता ही पूर्णता की ओर ले जाती है। ईश्वरीय प्रेरणा से इटावा में निर्माणाधीन ‘श्री केदारेश्वर महादेव मंदिर’ के पूर्ण होने पर अन्य मंदिरों के दर्शन का संकल्प भी पूर्ण करेंगे। आस्था जीवन को सकारात्मकता और सद्भाव से भरने वाली ऊर्जा का ही नाम है। दर्शन के लिए ईश्वरीय इच्छा ही मार्ग बनाती है, वही बुलाती है। सच तो ये है कि हम सब तो ईश्वर के बनाएं मार्ग पर बस चलकर जाते हैं। आस्थावान रहें, सकारात्मक रहें।’ बता दें कि अयोध्या में पिछले साल हुई राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा और अब ध्वजारोहण समारोह के दौरान समाजवादी पार्टी और भाजपा के बीच सियासत भी होती रही। राम मंदिर में दर्शन के लिए अब तक न जाने को लेकर भाजपा नेता सपा प्रमुख पर सवाल उठाते रहते हैं। इस बीच दो दिन पहले अयोध्या से सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने ध्वजारोहण कार्यक्रम में न्योता न मिलने का आरोप लगाते हुए यह कहकर सबका ध्यान खींचा था कि उन्हें यदि न्योता मिला तो सारा काम धाम छोड़कर नंगे पांव मंदिर में दर्शन करने जाएंगे। राम मंदिर में दर्शन के लिए जाने को लेकर सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने पिछले दिनों एक साक्षात्कार में अपना रुख स्पष्ट किया था। उन्होंने कहा था कि अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण पूरा होने के बाद ही वह दर्शन करने जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा था कि इटावा में श्री केदारेश्वर महादेव मंदिर का निर्माण पूरा होने वाला है। जैसे ही मंदिर का निर्माण पूरा हो जाएगा वहां के दर्शन करके परिवार के साथ दर्शन करने जाएंगे। इटावा में केदारेश्वर महादेव मंदिर इटावा सफारी पार्क के सामने बन रहा है।  

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को विवाह पंचमी पर श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में किया ध्वजारोहण

सदियों के घाव भर रहे, वेदना विराम पा रही और संकल्प आज सिद्धि को प्राप्त हो रहाः पीएम मोदी  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को विवाह पंचमी पर श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में किया ध्वजारोहण  अयोध्या वह भूमि है, जहां आदर्श आचरण में बदलते हैः प्रधानमंत्री  सदियों और सहस्रशताब्दियों तक यह धर्म ध्वज प्रभु राम के आदर्शों व सिद्धातों का उद्घोष करेगाः प्रधानमंत्री अयोध्या  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अयोध्या धाम में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के शिखर पर भगवा ध्वज के आरोहण समारोह में अपने विचार रखे। पीएम मोदी ने अपनी भावनाओं का आगाज ‘सियावर रामचंद्र की जय, जय सियाराम’ से किया। उन्होंने कहा कि आज अयोध्या भारत की सांस्कृतिक चेतना के एक और उत्कर्ष बिंदु की साक्षी बन रही है। आज संपूर्ण भारत व विश्व राममय है। हर रामभक्त के हृदय में अद्वितीय संतोष, असीम कृतज्ञता, अपार अलौकिक आनंद है। सदियों के घाव भर रहे हैं। सदियों की वेदना आज विराम पा रही है। सदियों का संकल्प आज सिद्धि को प्राप्त हो रहा है। आज उस यज्ञ की पूर्णाहूति है, जिसकी अग्नि 500 वर्ष तक प्रज्ज्वलित रही। जो यज्ञ एक पल भी आस्था से डिगा नहीं, एक पल भी विश्वास से टूटा नहीं, आज भगवान श्रीराम मंदिर के गर्भगृह की अनंत ऊर्जा,  श्रीराम का दिव्य प्रताप इस धर्मध्वजा के रूप में दिव्यतम, भव्यतम मंदिर में प्रतिष्ठापित हुआ है।  धर्मध्वज भारतीय सभ्यता के पुनर्जागरण का ध्वज है प्रधानमंत्री ने कहा कि यह धर्मध्वज केवल ध्वज नहीं, यह भारतीय सभ्यता के पुनर्जागरण का ध्वज है। इसका भगवा रंग इस पर रचित सूर्यवंश की ख्याति, वर्णित ओम शब्द व अंकित कोविदार वृक्ष रामराज्य की कीर्ति को प्रतिरूपित करता है। यह ध्वज संकल्प, सफलता और संघर्ष से सृजन की गाथा है। यह ध्वज सदियों से चले आ रहे सपनों का साकार स्वरूप है। यह ध्वज संतों की साधना और समाज की सहभागिता की सार्थक परिणीति है। सदियों और सहस्रशताब्दियों तक यह धर्म ध्वज प्रभु राम के आदर्शों व सिद्धातों का उद्घोष करेगा। यह धर्मध्वज आह्वान करेगा कि जीत सत्य की ही होती है, असत्य की नहीं। धर्मध्वज उद्घोष करेगा कि सत्य ही ब्रह्म का स्वरूप है, सत्य में ही धर्म स्थापित है। यह धर्मध्वज प्रेरणा बनेगा ‘प्राण जाय पर वचन न जाई’ अर्थात जो कहा जाए, वही किया जाए। यह धर्मध्वज संदेश देगा कि ‘कर्म प्रधान विश्व रचि राखा’ अर्थात विश्व में कर्म व कर्तव्य की प्रधानता हो। धर्मध्वज कामना करेगा कि भेदभाव, पीड़ा-परेशानी से मुक्ति मिले और समाज में शांति व सुख हो। मंदिर के ध्येय का प्रतीक है धर्म ध्वज  प्रधानमंत्री ने कहा कि धर्मध्वज संकल्पित करेगा कि हम ऐसा समाज बनाएं, जहां गरीबी, दुख या लाचारी न हो। हमारे ग्रंथों में कहा गया है कि जो लोग किसी कारण मंदिर नहीं आ पाते और दूर से ध्वज को प्रणाम कर लेते हैं, उन्हें भी उतना ही पुण्य मिल जाता है। धर्म ध्वज भी मंदिर के ध्येय का प्रतीक है। य़ह ध्वज दूर से ही रामलला की जन्मभूमि के दर्शन कराएगा और युगों-युगों तक प्रभु श्रीराम के आदेशों व प्रेरणाओं को मानव तक पहुंचाएगा। पीएम मोदी ने करोड़ों रामभक्तों के साथ ही राम मंदिर निर्माण के लिए सहयोग देने वाले दानवीरों, श्रमवीरों, योजनाकारों, वास्तुकारों का आभार जताया।  अयोध्या वह भूमि है, जहां आदर्श आचरण में बदलते हैं प्रधानमंत्री ने कहा कि अयोध्या वह भूमि है, जहां आदर्श आचरण में बदलते हैं। यही वह नगरी है, जहां से श्रीराम ने जीवनपथ शुरू किया था। इसी अयोध्या ने संसार को बताया कि एक व्यक्ति कैसे समाज की शक्ति व संस्कारों से पुरुषोत्तम बनता है। जब श्रीराम अयोध्या से वनवास गए तो वे युवराज राम थे, लेकिन जब लौटे तो मर्यादा पुरुषोत्तम बनकर आए। उनके मर्यादा पुरुषोत्तम बनने में महर्षि वशिष्ठ का ज्ञान, महर्षि विश्वामित्र की दीक्षा, महर्षि अगस्त्य का मार्गदर्शन, निषादराज की मित्रता, मां शबरी की ममता, भक्त हनुमान के समर्पण के साथ ही अनगिनत लोगों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।  भारत के सामूहिक सामर्थ्य की चेतना स्थली बन रहा है राम मंदिर का दिव्य प्रांगण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि विकसित भारत बनाने के लिए समाज की सामूहिक शक्ति की आवश्यकता है। राम मंदिर का दिव्य प्रांगण भारत के सामूहिक सामर्थ्य की चेतना स्थली बन रहा है। यहां सप्त मंदिर, मां शबरी, निषादराज गुह्य का भी मंदिर है। यहां एक ही स्थान पर मां अहिल्या, महर्षि वाल्मीकि, महर्षि वशिष्ठ, महर्षि विश्वामित्र, महर्षि अगस्त्य और संत तुलसीदास हैं। रामलला के साथ-साथ इन ऋषियों के भी दर्शन यहीं होते हैं। जटायु व गिलहरी की मूर्ति भी बड़े संकल्पों की सिद्धि के लिए हर छोटे से छोटे प्रयास के महत्व को दिखाती है।  राम भेद से नहीं, भाव से जुड़ते हैं  पीएम मोदी ने कहा कि यह मंदिर आस्था के साथ मित्रता, कर्तव्य व सामाजिक सद्भाव के मूल्यों को शक्ति देते हैं। हमारे राम भेद से नहीं, भाव से जुड़ते हैं। उनके लिए व्यक्ति का कुल नहीं, भक्ति महत्वपूर्ण है। उन्हें मोक्ष नहीं, मूल्य प्रिय है। उन्हें शक्ति नहीं, सहयोग महान लगता है। आज हम भी इसी भावना से आगे बढ़ रहे हैं। 11 वर्षों में महिला, दलित, पिछड़े, अतिपिछड़े, आदिवासी, वंचित, किसान, श्रमिक, युवा हर वर्ग को विकास के केंद्र में रखा गया है। जब देश का हर व्यक्ति, वर्ग, क्षेत्र सशक्त होगा, तब संकल्प की सिद्धि में सबका प्रयास लगेगा। 2047 में जब देश आजादी के 100 साल मनाएगा, तब सबके प्रयास से ही हमें विकसित भारत का निर्माण करना होगा।  हमें आने वाले दशकों व सदियों को ध्यान में रखकर कार्य करना होगा  पीएम मोदी ने कहा कि रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा के अवसर पर राम से राष्ट्र के संकल्प की चर्चा करते हुए मैंने कहा था कि आने वाले एक हजार वर्षों के लिए भारत की नींव मजबूत करनी है। जो सिर्फ वर्तमान की सोचते हैं, वे आने वाली पीढ़ियों के साथ अन्याय करते हैं। हमें वर्तमान के साथ-साथ भावी पीढ़ियों के बारे में सोचना है। जब हम नहीं थे, यह देश तब भी था, जब हम नहीं रहेंगे, यह देश तब भी रहेगा। हमें दूरदृष्टि के साथ ही काम करना होगा। हमें आने वाले दशकों, सदियों को ध्यान में रखना ही होगा।  हमें प्रभु राम के व्यवहार को करना होगा आत्मसात   पीएम मोदी ने कहा कि हमें प्रभु राम और उनके … Read more

अयोध्या को एक वैश्विक आध्यात्मिक केंद्र के रूप में विकसित करने के उद्देश्य से अनेक परियोजनाएं हो रहीं संचालित

नव्य, दिव्य और अलौकिक अयोध्या : श्रीराम मंदिर निर्माण के बाद तीव्र गति से हो रहा सर्वांगीण विकास अयोध्या को एक वैश्विक आध्यात्मिक केंद्र के रूप में विकसित करने के उद्देश्य से अनेक परियोजनाएं हो रहीं संचालित पर्यटन और विनिर्माण क्षेत्र ने शहर के आर्थिक विकास को दी नई रफ्तार अयोध्या  दिव्य एवं भव्य श्रीराम मंदिर निर्माण के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कुशल नेतृत्व में अयोध्या का कायाकल्प अभूतपूर्व गति से हो रहा है। अयोध्या को एक वैश्विक आध्यात्मिक केंद्र के रूप में विकसित करने के उद्देश्य से अनेक परियोजनाएं संचालित हो रही हैं। पर्यटन और विनिर्माण क्षेत्र ने शहर के आर्थिक विकास को नई रफ्तार दी है। नए उद्योगों और व्यवसायों के स्थापित होने से रोजगार के अवसर भी तेजी से बढ़े हैं। अयोध्या में विश्वस्तरीय सुविधाओं से युक्त अयोध्याधाम रेलवे स्टेशन का सौंदर्यीकरण किया गया है। हनुमानगढ़ी से श्रीराम जन्मभूमि मंदिर तक भक्ति पथ का निर्माण पूरा हो चुका है। सुगम्य अयोध्या के तहत महर्षि वाल्मीकि हवाई अड्डे का निर्माण भी पूर्ण हो गया है। सहादतगंज से नयाघाट तक लगभग 13 किलोमीटर लंबी चार लेन सड़क का निर्माण तथा अयोध्या–सुल्तानपुर राष्ट्रीय राजमार्ग 330 और लता मंगेशकर चौक से गोरखपुर राजमार्ग तक धर्मपथ का चार लेन विस्तार पूरा हो चुका है। श्रीराम मंदिर निर्माण के उपरांत अयोध्या में श्रीराम, लक्ष्मण, भरत, हनुमान, गरुण और जटायू नामक छह भव्य प्रवेश द्वार विकसित किए गए हैं। अयोध्या के 11 ब्लॉकों में मियावाकी पद्धति के माध्यम से 55 वैदिक वनों का विकास किया गया है। ‘नव्य अयोध्या’ के अंतर्गत हरित क्षेत्र विस्तार और हाईटेक वेलनेस सिटी के विकास पर विशेष बल दिया जा रहा है। लगभग ₹750 करोड़ की लागत से विश्व स्तरीय संग्रहालय का निर्माण प्रस्तावित है, जिसमें ₹650 करोड़ भवन निर्माण पर तथा ₹100 करोड़ आसपास के इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च किए जाएंगे। यह परियोजना टाटा संस द्वारा CSR पहल के तहत वित्तपोषित की जा रही है। यह संग्रहालय देश की प्रमुख वैष्णव परंपराओं, उनकी मंदिर वास्तुकला, इतिहास और परंपराओं का भव्य प्रतिनिधित्व करेगा। अयोध्या में आवास विकास परिषद द्वारा 550 एकड़ में ग्रीनफील्ड टाउनशिप विकसित की जा रही है, जिसे ‘नव्य अयोध्या’ योजना का प्रमुख घटक माना जा रहा है। यह प्रदेश की सर्वाधिक हाईटेक टाउनशिप में से एक होगी। लगभग ₹218 करोड़ की लागत से अंडरग्राउंड ड्रेनेज सिस्टम और इलेक्ट्रिक डक्ट का निर्माण हो रहा है। करीब 200 एकड़ क्षेत्र को हरित पट्टी के रूप में विकसित किया जाएगा। टाउनशिप में सुपर स्पेशलिटी मेडिकल ज़ोन और हाईटेक प्रौद्योगिकी पार्क के लिए भी भूखंड तैयार किए जा रहे हैं, जो ‘वेलनेस सिटी’ की अवधारणा को मजबूती प्रदान करते हैं। अयोध्या में ₹750 करोड़ की लागत से म्यूजियम ऑफ टेंपल्स का निर्माण प्रगति पर है। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के दौरान अयोध्या के लिए 159 एमओयू सम्पन्न हुए हैं। शहर को मॉडल सोलर सिटी के रूप में विकसित किया जा रहा है। करोड़ों के निवेश के साथ 5-सितारा और 4-सितारा श्रेणी की लगभग 42 होटल श्रृंखलाएं विकसित हो रही हैं। उत्तर प्रदेश सौर ऊर्जा नीति–2022 के अंतर्गत अयोध्या को मॉडल सोलर सिटी घोषित किया गया है। सरयू नदी के तट पर माझा रामपुर हलवारा और माझा सरायरासी गांवों में 40 मेगावाट क्षमता का सौर ऊर्जा संयंत्र NTPC ग्रीन एनर्जी लिमिटेड द्वारा स्थापित किया गया है। लगभग 165 हेक्टेयर सार्वजनिक भूमि 30 वर्ष की लीज पर उपलब्ध कराई गई है। यह संयंत्र अयोध्या की अनुमानित 198 मेगावाट विद्युत आवश्यकता के 10% के बराबर 40 मेगावाट उत्पादन कर रहा है, जो वर्तमान जरूरतों का लगभग 25–30% पूरा करता है। दिव्य अयोध्या और मेटावर्स पहल ‘अयोध्या यात्रा’ ऐप लॉन्च किया गया है, जो Android और iOS दोनों पर उपलब्ध है। इसके माध्यम से श्रीराम मंदिर, हनुमानगढ़ी, कनक भवन और सरयू घाट का 360-डिग्री वर्चुअल दर्शन संभव है। भक्त घर बैठे पूजा भी करवा सकते हैं। ऐप में मेटावर्स तकनीक का प्रयोग किया गया है, जिससे दीपोत्सव जैसे आयोजनों का 3D वर्चुअल अनुभव प्राप्त किया जा सकता है। मियावाकी वैदिक वन मियावाकी पद्धति से जिले के सभी 11 ब्लॉकों में पाँच–पाँच स्थलों पर कुल 55 वैदिक वन बनाए गए हैं। पौधों की सुरक्षा हेतु GPS टैगिंग की गई है तथा रखरखाव और सिंचाई का कार्य मनरेगा के माध्यम से सुनिश्चित किया जा रहा है।