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अयोध्या दीपोत्सव में लखीमपुर की मिट्टी बिखेरेगी पवित्र रोशनी

जनसहभागिता और स्वावलंबन का पर्व बना दीपोत्सव अयोध्या मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में इस बार अयोध्या का दीपोत्सव न सिर्फ भव्यता का बल्कि आत्मनिर्भरता और जनसहभागिता का प्रतीक बन रहा है। लखीमपुर खीरी की ग्रामीण महिलाओं द्वारा तैयार 25 हजार इकोफ्रेंडली दीए अब अयोध्याधाम की पवित्र भूमि पर रोशनी बिखेरेंगे। यह दीए वहां की मिट्टी और गोबर से बनाए गए हैं, जिनमें जड़ी-बूटियों की प्राकृतिक खुशबू भी समाहित है। लखीमपुर से पहुंचे 25 हजार दीए नगर निगम कार्यालय में धौरहरा ब्लॉक के खंड विकास अधिकारी संदीप कुमार तिवारी ने महापौर महंत गिरीशपति त्रिपाठी को ये दीपक सौंपे। इस अवसर पर महापौर ने लखीमपुर की जिलाधिकारी दुर्गाशक्ति नागपाल और मुख्य विकास अधिकारी अभिषेक कुमार का आभार जताया। जनसहभागिता और स्वावलंबन का उत्सव बना दीपोत्सव महापौर ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में अयोध्या का दीपोत्सव अब जनसहभागिता, स्वावलंबन और पर्यावरण संरक्षण का प्रतीक बन गया है। उन्होंने कहा कि लखीमपुर की महिलाओं का यह योगदान पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणास्रोत है। उनकी मेहनत और सृजनशीलता से बने दीए अयोध्या की धरती पर आत्मनिर्भर भारत की ज्योति जलाएंगे। नगर आयुक्त जयेंद्र कुमार ने दीयों को हस्तगत करते हुए लखीमपुर की इस पहल का स्वागत किया और कहा कि यह महिलाओं की आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम है। इकोफ्रेंडली दीपोत्सव की दिशा में बड़ा कदम बीडीओ संदीप तिवारी ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के इकोफ्रेंडली दीपोत्सव मनाने के संकल्प को साकार करने में लखीमपुर की महिलाएं अग्रणी भूमिका निभा रही हैं। दो माह की मेहनत से आकांक्षी ब्लॉक धौरहरा की स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने 25 हजार दीए तैयार किए हैं। उन्होंने बताया कि सीडीओ अभिषेक कुमार ने विकास भवन परिसर से इन दीयों से भरे वाहन को हरी झंडी दिखाकर अयोध्या के लिए रवाना किया। महिलाओं की मेहनत से आत्मनिर्भरता की लौ संदीप कुमार ने बताया कि महिलाओं ने कम समय में गोबर और मिट्टी से सुंदर, टिकाऊ और पर्यावरण हितैषी दीए बनाए हैं। इससे उनकी आय में वृद्धि हुई है और आत्मनिर्भरता की भावना मजबूत हुई है। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार और महिला सशक्तिकरण की यह मिसाल पूरे प्रदेश के लिए अनुकरणीय है।

8 से 17 अक्टूबर तक जारी विशेष अभियान में अब तक 2993 क्विंटल मिलावटी खाद्य सामग्री जब्त, 1155 क्विंटल नष्ट

उन्नाव, मथुरा और लखनऊ में भारतीय न्याय संहिता 2023 के अंतर्गत दर्ज कराई गईं तीन एफआईआर  टोल प्लाजा और हाईवे पर भी चलाया गया अभियान, बड़ी मात्रा में मिलावटी सामग्री की गई जब्त  आम जनता से की गई अपील, संदिग्ध खाद्य सामग्री का इस्तेमाल न करें और सूचना तुरंत विभाग को दें लखनऊ उत्तर प्रदेश में दीपावली के त्योहार को सुरक्षित और स्वास्थ्य के अनुकूल बनाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर प्रदेश सरकार के खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने 08 अक्टूबर से 17 अक्टूबर तक दीपावली विशेष अभियान शुरू किया है। इस अभियान के तहत अब तक प्रदेश भर में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीमों ने 4621 निरीक्षण, 2085 छापे और 2853 नमूनों की जांच की। अब तक कुल 2993 क्विंटल मिलावटी और अस्वास्थ्यकर खाद्य सामग्री जब्त की गई, जिसका अनुमानित मूल्य ₹3.88 करोड़ है। मानव उपभोग के योग्य नहीं होने पर 1155 क्विंटल सामग्री नष्ट की गई, जिसकी अनुमानित कीमत ₹1.75 करोड़ है। उन्नाव, मथुरा और लखनऊ में भारतीय न्याय संहिता 2023 के अंतर्गत तीन प्राथमिकी भी दर्ज की गई हैं।  आम नागरिकों के स्वास्थ्य से कोई समझौता नहीं सचिव खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन डॉ. रोशन जैकब ने बताया कि त्योहारों को सुरक्षित, स्वच्छ और आनंददायक बनाने के लिए प्रदेश सरकार संकल्पित है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के निर्देश पर पूरे प्रदेश में मिलावटखोरी और स्वास्थ्य के लिए नुकसानदेह खाद्य सामग्री के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। त्योहारों के अवसर पर आम नागरिकों के स्वास्थ्य से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि शीघ्र नष्ट होने वाली सामग्री मौके पर ही जब्त और विनष्ट की जाती है, जिससे उपभोक्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। विभिन्न जनपदों में हो रही कार्रवाई अभियान में प्रमुख कार्यवाहियों में उन्नाव में 215 किलो खोया जब्त कर नष्ट किया गया और नमूने संग्रहीत कर एक एफआईआर दर्ज की गई। मथुरा में 400 किलो मिलावटी पनीर नष्ट किया गया। लखनऊ में 802 किलो खोया नष्ट किया गया। झांसी में 1200 किलो खोया, हाथरस में 790 किलो मिलावटी आचार जब्त कर 3000 किलो खराब आचार नष्ट किया गया। बुलंदशहर में 3000 किलो मिलावटी रसगुल्ला व गुलाबजामुन, मीरजापुर में 1478 किलो मिलावटी खोया, सहारनपुर में 1100 किलो खोया नष्ट किया गया। इसी प्रकार, हापुड़ में 6000 लीटर रिफाइंड सोयाबीन तेल जब्त किया गया।  दूध, खोया, पनीर और मिठाई जब्त  कानपुर देहात में 500 लीटर दूध, 400 किलो खोया, 2200 किलो बर्फी, 250 किलो पेड़ा और 358 किलो स्वीट केक नष्ट किए गए। गोरखपुर में 1400 किलो पनीर और खोया जब्त और 1000 लीटर खराब सरसों तेल नष्ट किया गया। मेरठ में 71 लीटर पामोलीन तेल, 20 किलो स्किम्ड मिल्क पाउडर जब्त और 35 किलो रसगुल्ला, 180 किलो पनीर, 2500 किलो खोया नष्ट किया गया। एटा में 340 लीटर सरसों तेल और 900 किलो घी नष्ट किए गए। खीरी में 871 किलो खाद्य सामग्री जब्त और 50 किलो नष्ट की गई। आगरा, अलीगढ़, गाज़ियाबाद, मुजफ्फरनगर में भी लाखों मूल्य की मिलावटी सामग्री नष्ट की गई। टोल प्लाजा और हाईवे पर भी चला अभियान टोल प्लाजा और हाईवे पर भी अभियान की कार्रवाई में बड़ी जब्तियां शामिल हैं। साहिबाबाद टोल पर 750 किलो पनीर, हापुड़ टोल छिजारसी पर 1500 किलो पनीर, एनएच 34, जीटी रोड कानपुर से 4040 किलो खोया, बाराबंकी टोल से 910 कार्टन मिलावटी मिठाई, और कानपुर पनकी रोड से 2450 किलो खोया नष्ट किया गया। आम नागरिक भी कर सकते हैं शिकायत  प्रदेश सरकार ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि कहीं भी खाद्य पदार्थों में मिलावट, नकली उत्पादों का निर्माण या विक्रय अथवा संगठित रूप से मिलावट का कारोबार संचालित होने की जानकारी मिले, तो उसकी गोपनीय सूचना तुरंत खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग को दें। इसके लिए विभाग द्वारा विशेष हेल्पलाइन और व्हाट्सएप नंबर जारी किए गए हैं। गोपनीय शिकायत दर्ज कराने के लिए टोल फ्री नंबर 1800-180-5533 पर कॉल की जा सकती है। मिलावटी या नकली खाद्य पदार्थ से संबंधित सूचना व्हाट्सएप नंबर 9793429747 पर भेजी जा सकती है। वहीं अगर किसी को नकली या घटिया दवाइयों के निर्माण या बिक्री की जानकारी मिले, तो उसकी सूचना व्हाट्सएप नंबर 8756128434 पर भेजी जा सकती है। सरकार ने कहा है कि ऐसी शिकायतों की पहचान गोपनीय रखी जाएगी और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

अरविंद राजभर का बड़ा बयान: आज़म खान को सुभासपा में शामिल होने का ऑफर, कहा– उनका सम्मान नहीं हुआ

लखनऊ  आजम खान उत्तर प्रदेश की सियासी सुर्खियों में लगातार बने हुए हैं। भविष्य में उनकी राजनीति किस दिशा में जाएगी इसको लेकर अटकलों का बाजार गर्म है। इस बीच सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के राष्ट्रीय महासचिव अरविंद राजभर ने उन्हें अपनी पार्टी जॉइन करने का ऑफर देकर एक नई हलचल मचा दी है। अरविंद राजभर ने कहा है कि आजम खान जन नेता हैं और उनके जैसे जन नेता की उत्तर प्रदेश को जरूरत है। हम चाहते हैं कि बाबूजी (ओमप्रकाश राजभर) के पूरी तरह स्वस्थ होते ही रामपुर जाकर उनसे (आजम खान) से मुलाकात करेंगे। अरविंद राजभर ने यह भी जोड़ा कि यदि आजम खान सुभासपा में आना चाहेंगे तो उन्हें बहुत बड़ा सम्मान दिया जाएगा। अरविंद राजभर ने कहा कि बाबूजी (ओमप्रकाश राजभर) ठीक हो जाएं तो हम खुद ही उन्हें लेकर रामपुर जाएंगे और आजम खान साहब से भेंट करेंगे। ऐसे नेताओं का बायकॉट नहीं करना चाहिए। ऐसे नेताओं से संवाद जारी रहना चाहिए। अरविंद ने कहा कि आजम खान जेल के अंदर थे तब तक अखिलेश यादव को चिंता नहीं थी। वह जब सीतापुर जेल में थे तो अखिलेश यादव उन्हें सिरदर्द मानते थे। वह उन्हें साइड करना चाहते थे। सिर्फ मुस्लिम वोट बैंक की चिंता में अखिलेश यादव आजम खान के घर गए थे। सुभासपा नेता और पार्टी प्रमुख ओमप्रकाश राजभर के बेटे अरविंद राजभर ने कहा कि आजम खान का समाजवादी पार्टी से मन भर गया है। समाजवादी पार्टी में सबकुछ ठीक नहीं है। आजम खान स्वतंत्र हैं। निर्णय उन्हें ही लेना है। अरविंद राजभर ने बिहार चुनाव पर कहा कि हम लोग यूपी में एनडीए के सहयोगी हैं। बिहार में भी सहयोग करना चाहते हैं लेकिन यदि वहां सीट नहीं मिलेगी तो सुभासपा वहां अकेले दम पर चुनाव लड़ेगी। जिन लोगों को सुभासपा के बारे में भ्रम है उन्हें जवाब दिया जाएगा।  

अवधी और भोजपुरी भजनों की धुनों पर झूमेगी अयोध्या नगरी

अयोध्या के 300 स्थानीय प्रतिभागी होंगे शामिल सीएम योगी के निर्देश पर महोत्सव में इस बार स्थानीय कलाकारों को भी मिलेगा बढ़चढ़कर प्रतिभाग करने का अवसर अयोध्या में इस बार दीपोत्सव 2025 को लेकर श्रद्धालुओं में जबरदस्त उत्साह एक वृहद मंच, तीन मध्यम मंच के अलावा सात छोटे मंचों पर आने वाले श्रद्धालुओं को मंत्र मुक्त करेंगे कलाकार इसके अलावा 22 झांकियों पर और उनके आगे पीछे कलाकार अपनी कला का प्रदर्शन करते हुए चलेंगे अयोध्या अयोध्या में दीपोत्सव 2025 को लेकर जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। इस बार दीपोत्सव में 2000 से अधिक कलाकार अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे। इनमें उत्तर प्रदेश के अलावा अन्य राज्यों के करीब 500 कलाकार भी प्रतिभाग करेंगे। स्थानीय स्तर पर अयोध्या के लगभग 300 स्थानीय कलाकार भी इस भव्य आयोजन में शामिल होंगे। वृहद और मध्यम मंचों के साथ 07 छोटे मंचों पर होगा सांस्कृतिक प्रदर्शन अयोध्या अंतरराष्ट्रीय रामायण एवं वैदिक शोध संस्थान के सलाहकार और विशेष कार्याधिकारी आशुतोष द्विवेदी ने बताया कि अयोध्या में इस बार एक वृहद मंच, तीन मध्यम मंच और सात छोटे मंच बनाए जा रहे हैं। इन मंचों पर देशभर से आए कलाकार अवधी और भोजपुरी भजन व लोक संगीत की प्रस्तुतियों से श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध करेंगे। श्रद्धालुओं के लिए रहेंगे तीन प्रकार के मंच अयोध्या अंतरराष्ट्रीय रामायण एवं वैदिक शोध संस्थान के सलाहकार और विशेष कार्याधिकारी आशुतोष द्विवेदी ने बताया कि राम कथा पार्क में वृहद मंच और मध्यम मंच तुलसी उद्यान, बड़ी देवकाली और गुप्तार घाट पर स्थापित किए जा रहे हैं। इन मंचों पर भगवान श्रीराम के जीवन प्रसंगों पर आधारित भव्य नाट्य मंचन होंगे। सात छोटे मंचों पर दिखेगा कलाकारों का हुनर दीपोत्सव में आने वाले श्रद्धालुओं को रामकथा सुनने और प्रतिभाओं को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सात छोटे मंच भी बनाए जा रहे हैं। यहां अयोध्या और आसपास के जिलों के कलाकार पारंपरिक लोकगीत, नृत्य और नाट्य प्रदर्शन करेंगे। इससे स्थानीय कलाकारों को अपने हुनर को बड़े मंच पर प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा। झांकियों के साथ चलते कलाकार दिखाएंगे सांस्कृतिक झलक दीपोत्सव की शोभायात्रा में 22 भव्य झांकियां शामिल होंगी। इन झांकियों पर और उनके आगे-पीछे कलाकार अपनी कला का प्रदर्शन करते हुए चलेंगे। रामायण के विभिन्न प्रसंगों पर आधारित इन झांकियों से श्रद्धालुओं को दिव्य अनुभूति होगी। अयोध्या की संस्कृति का होगा विराट संगम दीपोत्सव 2025 में अयोध्या न सिर्फ भक्ति और आस्था की नगरी बनेगी, बल्कि सांस्कृतिक विविधता का केंद्र भी होगी। अवधी, भोजपुरी, ब्रज और फगुआ की लहरियों से गूंजती अयोध्या अपनी सनातन संस्कृति की झलक पूरे विश्व को दिखाएगी।

कन्या सुमंगला, घरौनी, सामूहिक विवाह और स्वयं सहायता समूह जैसी योजनाओं से आधी आबादी को मिला नया आत्मविश्वास

लखनऊ प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के अंतर्गत प्रदेश की 1.86 करोड़ पात्र महिलाओं के खाते में 1500 करोड़ रुपए की सब्सिडी प्रदान करने के अलावा योगी सरकार आधी आबादी के सशक्तिकरण को मिशन के रूप में आगे बढ़ा रही है।  उत्तर प्रदेश में नारी सम्मान को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाने के लिए बीते वर्षों में अनेक योजनाएं लागू की गई हैं। इन योजनाओं का उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर, सुरक्षित और सामाजिक रूप से सशक्त बनाना है। लगातार चल रहे इन प्रयासों ने न केवल महिलाओं के जीवन स्तर को ऊंचा किया है, बल्कि समाज में सम्मान, आत्मविश्वास और समानता की भावना को भी मजबूत किया है। उत्तर प्रदेश आज नारी सशक्तिकरण के क्षेत्र में एक नई मिसाल पेश कर रहा है। * कन्या सुमंगला योजना के अंतर्गत अब तक 26 लाख 34 हजार बेटियों को आर्थिक सहायता दी जा चुकी है। यह योजना बालिकाओं की शिक्षा, पोषण और भविष्य की सुरक्षा के लिए एक मजबूत आधार साबित हुई है। * महिलाओं को संपत्ति का स्वामित्व दिलाने के लिए घरौनी योजना चलाई गई है, जिसके तहत 1 करोड़ 10 लाख महिलाओं को गृहस्वामित्व प्रमाणपत्र प्राप्त हुए हैं। इस योजना ने ग्रामीण महिलाओं को अधिकार और आत्मसम्मान दोनों प्रदान किए हैं। * आर्थिक आत्मनिर्भरता के लिए प्रदेश में 10 लाख स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) गठित किए गए हैं, जिनसे 1 करोड़ महिलाएं जुड़ी हैं। इन समूहों को समय-समय पर रिवॉल्विंग फंड के माध्यम से सहयोग प्रदान किया जा रहा है, जिससे महिलाएं स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन कर रही हैं। * मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के माध्यम से 4 लाख 67 हजार से अधिक महिलाओं का विवाह संपन्न कराया गया है। प्रत्येक विवाह पर ₹1 लाख की आर्थिक सहायता ने गरीब परिवारों के आर्थिक बोझ को कम किया है। * महिलाओं की दैनिक कठिनाइयों को दूर करने के लिए जल जीवन मिशन के तहत 2 करोड़ 41 लाख घरों में नल से जल उपलब्ध कराया गया है। इससे विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को राहत मिली है, जिन्हें पहले पानी लाने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी। * महिला स्वामित्व को प्रोत्साहित करने के लिए ₹1 करोड़ तक की संपत्ति खरीद पर महिलाओं को 1% स्टाम्प शुल्क की छूट दी गई है। * सरकारी सेवाओं में 20% आरक्षण के प्रावधान से अब तक 1 लाख 75 हजार महिलाओं को रोजगार मिला है, जिनमें से 44,177 महिलाओं की भर्ती पुलिस विभाग में हुई है। * नारी सुरक्षा के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश ने उल्लेखनीय प्रगति की है। अपराधियों को सजा दिलाने में प्रदेश देश में अग्रणी है। कई मामलों में रिपोर्ट दर्ज होने से लेकर सजा तक का समय सिर्फ 40 दिन रहा है। * निराश्रित महिलाओं को ₹1,000 मासिक भत्ता देने की व्यवस्था से 36 लाख 75 हजार महिलाएं लाभान्वित हुई हैं। * इसके अतिरिक्त, प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना से 2 लाख महिलाएं और बीसी सखी योजना के तहत 39 हजार महिलाएं ग्रामीण वित्तीय व्यवस्था का अभिन्न हिस्सा बनी हैं। लाभार्थी महिलाओं ने सीएम योगी का जताया आभार  निशुल्क सिलेंडर प्राप्त करने वाली लाभार्थी महिलाओं ने लोकभवन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को दीपावली के इस उपहार के लिए धन्यवाद दिया और महिलाओं की समृद्धि और उनके सशक्तिकरण के लिए लगातार काम करने को लेकर आभार जताया। लाभार्थी लीलावती ने कहा कि इस निशुल्क सिलेंडर के लिए मुख्यमंत्री जी का हार्दिक धन्यवाद करते हैं। यह दीपावली के पावन अवसर पर हमारे लिए अमूल्य उपहार है। वहीं, लखनऊ की निशा चौहान ने कहा कि इस सब्सिडी का लाभ प्रदान करने के लिए हम मुख्यमंत्री जी का आभार प्रकट करते हैं। पहले हम चूल्हे में खाना बनाते थे, जिसके चलते हमें बहुत सारी समस्याओं का सामना करना पड़ता था। लेकिन अब मुख्यमंत्री जी द्वारा दिए गए इस उपहार से हमें बहुत लाभ मिला है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी का इस उपहार के लिए धन्यवाद करते हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दीपावली के अवसर पर साजिश रचने वालों दी चेतावनी

कहाः पिछले आठ वर्षों में प्रदेश में सभी त्योहार शांति, सौहार्द और उमंग के साथ मनाए गए  यह सरकार जो जिस भाषा में समझेगा, उसी भाषा में जवाब देना जानती हैः सीएम  मुख्यमंत्री ने उज्ज्वला योजना के 1.86 करोड़ लाभार्थियों को दी दीपावली की सौगात पात्र गरीब एवं वंचित परिवार की महिलाओं को गैस सिलेंडर रिफिल सब्सिडी का किया वितरण  सीएम योगी ने कहा- गरीबों के चेहरे पर मुस्कान लाना ही सरकार का संकल्प उज्ज्वला योजना ने नारी गरिमा को सम्मान दिया, घर-घर में स्वास्थ्य और सुविधा का उजाला फैलायाः सीएम योगी  मुख्यमंत्री की अपील, दीपावली पर स्वदेशी उत्पाद ही अपनाएं, गरीबों की मदद करें   लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को लोकभवन में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के अंतर्गत गैस सिलेंडर रिफिल सब्सिडी का वितरण किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि दीपावली के पहले यह प्रदेश के गरीब परिवारों के लिए एक बड़ा उपहार है। मुख्यमंत्री ने कहा कि त्योहारों का उद्देश्य यही है कि हम अकेले नहीं, बल्कि सामूहिक रूप से इस उत्साह का हिस्सा बनें। 2021 में राज्य सरकार ने तय किया था कि वर्ष में दो बार होली और दीपावली के अवसर पर उज्ज्वला योजना के सभी लाभार्थियों को मुफ्त रसोई गैस सिलेंडर दिए जाएंगे। इसी क्रम में आज प्रदेश के 1.86 करोड़ परिवारों को यह सौगात दी जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पिछले आठ वर्षों में प्रदेश में सभी त्योहार, होली, दीपावली, ईद, क्रिसमस, गुरु पर्व, जन्माष्टमी या रामनवमी  पूरी शांति, सौहार्द और उमंग के साथ मनाए गए हैं। अब वह सरकार नहीं है जो दंगाइयों के सामने घुटने टेक दे। यह सरकार जो जिस भाषा में समझेगा, उसी भाषा में जवाब देना जानती है। उत्साह और उमंग के त्योहार में यदि किसी ने व्यवधान डाला तो जेल की सलाखें उसका इंतजार कर रही हैं।  पहली बार बिना भेदभाव के गरीबों तक पहुंची योजनाएं  मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी लोककल्याणकारी सरकार का दायित्व होता है कि वह शासन की योजनाओं का लाभ ईमानदारी से उन गरीबों, वंचितों और दलितों तक पहुंचाए, जो इसके पात्र हैं। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद पहली बार गरीबों को बिना भेदभाव के योजनाओं का लाभ तब मिलना शुरू हुआ जब देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बने। 2014 के पहले गैस कनेक्शन लेना भी एक संघर्ष था, लेकिन मोदी जी ने 11 करोड़ गरीब परिवारों को मुफ्त गैस कनेक्शन दिलाए। अकेले उत्तर प्रदेश के 1.86 करोड़ परिवारों को इसका लाभ मिला है। उन्होंने कहा कि पहले गरीब लकड़ी, कोयले या उपलों में खाना पकाते थे जिससे परिवार बीमार पड़ते थे। आज उज्ज्वला योजना ने नारी गरिमा को सम्मान दिया है और घर-घर में स्वास्थ्य और सुविधा का उजाला फैलाया है। 2017 से पहले सैफई परिवार के बाहर किसी की सोच नहीं थी मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि 2017 के पहले प्रदेश में परिवार से ऊपर कोई सोच नहीं थी। सैफई परिवार के अलावा किसी और की चिंता नहीं होती थी। चाचा-भतीजा और महाभारत के किरदारों की राजनीति में गरीबों की योजनाएं लूट ली जाती थीं। नौकरियों में डकैती, विकास के पैसे में छीना-झपटी होती थी और त्योहार भी दंगों की भेंट चढ़ जाते थे। उन्होंने कहा कि डबल इंजन की सरकार आने के बाद अब प्रदेश को परिवार मानकर काम हो रहा है। किसी की जाति नहीं पूछी जाती, किसी से भेदभाव नहीं होता। सबका साथ, सबका विकास, यही हमारा मंत्र है। बेटियों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ किया तो यमराज टिकट काटेंगे मुख्यमंत्री योगी ने सख्त लहजे में कहा कि सरकार की नीति स्पष्ट है। अगर किसी ने बेटी की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ किया, तो अगले चौराहे पर यमराज टिकट काटने के लिए खड़ा होगा। यदि किसी को यमराज से टिकट कटवाना हो तो वह किसी राह चलती बेटी के साथ छेड़खानी करके देख ले। यह हमारी वचनबद्धता है कि हर बेटी, हर व्यापारी, हर राहगीर को सुरक्षा देंगे। जो भी रंग में भंग डालने की कोशिश करेगा, जेल की सलाखें उसका इंतजार कर रही हैं। स्वदेशी अपनाएं, स्थानीय कारीगरों की समृद्धि में ही देश का विकास है मुख्यमंत्री ने दीपावली पर ‘स्वदेशी’ को बढ़ावा देने की अपील करते हुए कहा कि दीपावली पर हर परिवार कुछ न कुछ खरीदता है। जो भी खरीदे, वह स्वदेशी हो। हमारे कारीगर, हस्तशिल्पी, स्थानीय उद्यमी जो भी बनाएं, वही खरीदें। हमारे घर में जो दीपक जले, वह हमारे ही कुम्हार द्वारा बना हो। लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियां हमारे कारीगरों की बनाई हों, विदेश से नहीं। उन्होंने कहा कि जब यह पैसा स्थानीय कारीगरों, श्रमिकों और हस्तशिल्पियों तक पहुंचेगा, तभी समृद्धि देश तक पहुंचेगी और भारत विकसित बनेगा। गरीबों की सहायता करें, तभी पर्व का आनंद सार्थक होगा मुख्यमंत्री ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय और आचार्य शंकराचार्य के उदाहरण का उल्लेख करते हुए कहा कि जिस घर में गरीबों के प्रति संवेदना नहीं होती, वहां ईश्वर का वास नहीं होता। हमें हर त्योहार पर किसी एक गरीब, बेसहारा या जरूरतमंद बच्चे की मदद करनी चाहिए। तभी त्योहारों की खुशी और भी अर्थपूर्ण हो जाएगी। इस अवसर पर वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना, पूर्व उप मुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सांसद डॉ दिनेश शर्मा, सांसद संजय सेठ, बृजलाल, लखनऊ की महापौर सुषमा खर्कवाल, विधायक डॉ नीरज बोरा समेत अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारीगण मौजूद रहे।  इन महिलाओं के खाते में सीएम ने मंच से अंतरित की सब्सिडी  सोनी रीता निशा चौहान सबीना सईदा बानो सारिका यादव पार्वती बीना कुमारी रेशमा खान

यूपी सीएम योगी का कड़ा संदेश: बेटी को छेड़ने से पहले सोचें यमराज का सामना

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को लोकभवन सभागार में उज्जवला योजना के तहत पात्र महिलाओं को मुफ्त सिलिंडर रिफिल का उपहार दिया। इस मौके पर उन्होंने रिफिल की धनराशि महिलाओं के खाते में भेजी। सीएम ने 10 महिलाओं को प्रतीकात्मक रूप से रिफिल की धनराशि मंच पर प्रदान की। इसके अलावा, मुख्यमंत्री योगी ने उज्ज्वला योजना की लाभार्थी एक करोड़ 86 लाख महिलाओं के खाते में 1500 करोड़ रुपये की सब्सिडी भेजी। इस मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 2014 से पहले गरीब महिलाओं को लकड़ी और कोयले में खाना पकाना पड़ता था जिससे उनके स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ता था। उन्हें जिंदगी भर इलाज करवाना पड़ता था। नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद गरीबों को मुफ्त गैस कनेक्शन दिए गये जिससे महिलाओं का जीवन आसान हुआ। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि 2017 के पहले यूपी में सैफई परिवार ही सबकुछ था। हमारे लिए पूरा प्रदेश परिवार है। सपा सरकार दंगाइयों के सामने नाक रगड़ती थी और अपराधियों के साथ खड़ी होती थी पर हमने तय किया कि अब अगर किसी बेटी के साथ छेड़छाड़ की तो अगले चौराहे पर यमराज के दर्शन हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि अगर यमराज से टिकट करवाना हो तो किसी बेटी से छेड़छाड़ कर दे। अगले चौराहे पर यमराज मिल जाएंगे। हमने कहा है कि हर बेटी को सुरक्षा देंगे। हर व्यापारी को सुरक्षा देंगे। हर गरीब के साथ सरकार खड़ी होगी। हर दलित के साथ सरकार खड़ी होगी। उत्साह और उमंग में किसी ने व्यवधान डालने का काम किया तो उसे जेल में ठूंसने में देर नहीं करेंगे। इसलिए आज हर त्योहार खुशी के साथ मनाया जा रहा है। सीएम योगी की अपील दिवाली पर स्वदेशी अपनाएं सीएम योगी ने कहा कि दिवाली आ रही है। ऐसे में ध्यान रखें और स्वदेशी अपनाएं। दिया जलाएं तो अपने ही कुम्हार से बनाया हुआ हो। मूर्ति वहीं प्रयोग करें जो स्वदेशी मूर्तिकार की बनी हुई हो। दिवाली के मौके पर किसी गरीब की मदद जरूर करें। बता दें कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना की शुरुआत मई, 2016 में हुई थी। इस योजना से खासकर ग्रामीण भारत की रसोई को धुएं से मुक्त करने में सफलता मिली। साथ ही, महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले दुष्प्रभाव भी कम करने की दिशा में प्रभावी साबित हुई। प्रदेश में अब तक 1.86 करोड़ परिवारों को उज्ज्वला कनेक्शन प्रदान किए जा चुके हैं। राज्य सरकार ने उज्ज्वला लाभार्थियों को प्रति वर्ष दो मुफ्त एलपीजी रिफिल देने का निर्णय लिया है। यह वितरण वित्तीय वर्ष 2025-26 में दो चरणों में किया जाएगा। पहला चरण अक्तूबर 2025 से दिसंबर 2025 तक और दूसरा चरण जनवरी 2026 से मार्च 2026 तक होगा। इस योजना के क्रियान्वयन के लिए प्रदेश सरकार ने 1500 करोड़ रुपये की धनराशि का प्रावधान किया है। पहले चरण में आधार प्रमाणित लाभार्थियों को योजना का लाभ दिया जा रहा है। इस मौके पर यूपी सरकार के वित्तमंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब से केंद्र की सत्ता में आए हैं वो आम लोगों के जीवन को आसान बनाने के लिए काम कर रहे हैं। इसी तरह मुख्यमंत्री योगी भी लगातार काम कर रहे हैं। प्रदेश में कन्या सुमंगला योजना से 26 लाख 24 हजार लोगों को लाभ मिला है। इसी तरह सामूहिक विवाह योजना से गरीब कन्याओं का विवाह करवाया गया है। वित्तमंत्री ने प्रदेश सरकार द्वारा महिला सशक्तिकरण और महिलाओं के लिए चल रही अन्य योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रदेश की योगी सरकार ने प्रदेश की महिलाओं की सबसे ज्यादा चिंता की है। उन्होंने कहा कि मुद्दई हरगिज न कर पाएगा बांका बाल तक, मोदी योगी गूंजेगा भारत में सौ साल तक।  

भगवान श्री राम की नगरी में दिवाली का अनोखा त्योहार, 26 लाख दीयों की जगमगाहट से सजेगा अयोध्या

अयोध्या  भारत में दिवाली को लेकर लोगों में अलग ही उत्साह देखने को मिल रहा है, इसके लिए हर तरह की तैयारी शुरू कर दी गई है। वहीं, भगवान राम की नगरी अयोध्या में भी दीपात्सव की तैयारियां आखिरी चरण में है, जहां एक ओर पूरा देश 20 अक्टूबर को दिवाली मनाने वाला है, तो वहीं इससे एक दिन पहले इस त्यौहार को मनाया जाएगा। इस साल 26 लाख से अधिक दीये प्रज्वलित करने की तैयारी की गई है। इसके अलावा, 2000 से अधिक श्रद्धालु सामूहिक महाआरती में शामिल होंगे, जिससे एक नया रिकॉर्ड स्थापित होगा। अयोध्या में इस बार का दीपोत्सव पहले से भी ज्यादा खास होने वाला है। इस बार सरकार ने ऐसा तरीका निकाला है, जिससे देश ही नहीं बल्कि दुनिया के किसी भी कोने में बैठे श्रद्धालु भगवान श्रीराम के चरणों में अपनी श्रद्धा अर्पित कर सकेंगे। मोबाइल ऐप लॉन्च जी हां, अब आप घर बैठे ऑनलाइन दीप जला सकते हैं। इसके लिए “दिव्य अयोध्या” नाम का एक मोबाइल ऐप लॉन्च किया गया है, जिसे गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है। दरअसल, पर्यटन विभाग द्वारा ‘एक दिया राम के नाम’ की शुरुआत की गई है, जो पूरी तरह से डिजिटल है। ऐसे में आप दुनिया के किसी भी कोने से ऑनलाइन दिया जला सकेंगे।     ‘अयोध्या धाम’ में आयोजित होने वाले दीपोत्सव में श्रद्धालु वर्चुअल दीया जला सकेंगे। अयोध्या तीर्थ विकास परिषद ने दुनियाभर के श्रद्धालुओं के लिए यह सुविधा उपलब्ध कराई है।     3 तरह के पैकेज     पर्यटन विभाग द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, इस ऐप के जरिए श्रद्धालु वर्चुअल दीप जलाकर अयोध्या दीपोत्सव में अपनी भागीदारी दर्ज करवा सकते हैं। खास बात यह है कि इसमें तीन तरह के पैकेज रखे गए हैं, जिनमें श्रद्धालु अपनी सुविधा और भावनानुसार कोई भी पैकेज चुन सकते हैं।     राम ज्योति पैकेज, जिसकी कीमत 2100 रुपये है। इसमें रोली, सरयू जल (पीतल के लोटे में), अयोध्या की रज, रामदाना, मिश्री, रक्षा सूत्र, हनुमान गढ़ी के लड्डू और चरण पादुका (खड़ाऊ) जैसे पवित्र सामान शामिल हैं। संकल्प पूरा करने के बाद यह पूरा प्रसाद सीधे श्रद्धालुओं के घर पहुंचाया जाएगा।     दूसरा पैकेज सीता ज्योति है, जिसकी कीमत 1100 रुपये रखी गई है। यह पैकेज माता सीता को समर्पित है। इसमें रोली, सरयू जल, रामदाना, रक्षा सूत्र और हनुमान गढ़ी के लड्डू शामिल हैं। वहीं, तीसरा पैकेज लक्ष्मण ज्योति है, जिसकी कीमत 501 रुपये है। इसमें रोली, अयोध्या की रज, रामदाना, मिश्री और रक्षा सूत्र मिलेगा।     निकाली जाएंगी झांकिया सरकार का कहना है कि अयोध्या दीपोत्सव वैश्विक आयोजन बन चुका है, जो लोगों को श्रद्धा और भक्ति की डोर में जोड़ रहा है। इस पहल से वे लोग भी दीपोत्सव का हिस्सा बन सकेंगे जो अयोध्या नहीं जा पाते। इसके अलावा, उत्तर प्रदेश के विकास और भारतीय संस्कृति की झांकियां भी सजाई जाएगी। दरअसल, सूचना विभाग द्वारा योगी सरकार की उपलब्धियों को प्रदर्शित किया जाएगा, जिसके तहत 15 आकर्षक झांकियां निकाली जाएगी। वहीं, पर्यटन संस्कृति विभाग द्वारा रामायण के 7 कांडों पर आधारित थीम तैयार की जा रही है, जिसकी झांकियां लोगों का मन मोह लेगी।     प्रभु श्रीराम की नगरी अयोध्या में ‘दीपोत्सव’ पर रामकथा पर आधारित व सामाजिक संदेश देती झांकियां आकर्षण का केंद्र बनेंगी। कुल 22 झांकियां तैयार हो रही हैं। साथ ही, देश के विभिन्न राज्यों की लोक कलाएं और नृत्य ‘दीपोत्सव’ की शोभा बढ़ाएंगे।     सुरक्षा की व्यवस्था अयोध्या में दिवाली का जश्न 2 दिन पहले से ही शुरू हो जाता है। यहां हर गली-मोहल्ले में एक अलग ही नजारा देखने को मिलता है। सभी भगवान की भक्ति में लीन नजर आते हैं। पूरा शहर रात के समय जगमगा उठता है। हर साल यहां विश्व रिकॉर्ड बनाया जाता है। इस दौरान लोगों में अलग ही उमंग रहती है। सुरक्षा की बात करें तो सभी जगह सुरक्षा व्यवस्था में कड़ाई की गई है। एयरपोर्ट से लेकर राम मंदिर तक हजारों की संख्या में पुलिस बल तैनात रहेंगे। इतना ही नहीं, सुरक्षा की दृष्टि से शहर के चारों तरफ की सीमाएं सील कर दी गई हैं। पूरे शहर में चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात है जो कि लगातार चेकिंग अभियान चला रही है। नगर में आने वाले सभी गाड़ियों की चेकिंग की जा रही है, रेलवे स्टेशन पर आने वाले यात्रियों के सामान की तलाशी लेने के बाद ही उन्हें प्रवेश करने दिया जा रहा है।

योगी सरकार ने दी बड़ी सौगात, पर्व अवधि में अतिरिक्त बसें, चालकों को प्रोत्साहन राशि

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर उत्तर प्रदेश सरकार ने दीपावली, भैयादूज और छठ जैसे प्रमुख पर्वों पर प्रदेशवासियों की सुरक्षित एवं सुगम यात्रा सुनिश्चित करने के लिए व्यापक तैयारी शुरू कर दी है। प्रदेश में 18 अक्टूबर से 30 अक्टूबर 2025 तक प्रोत्साहन अवधि घोषित करते हुए अधिकारियों को अधिकतम बस संचालन और यात्रियों की सुविधा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। दिल्ली से पूर्वांचल तक चलेगी अतिरिक्त बस सेवा परिवहन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह ने कहा कि पर्वों पर यात्रियों की भारी भीड़ को ध्यान में रखते हुए दिल्ली से पूर्वी उत्तर प्रदेश के यात्रियों के लिए लखनऊ, गोरखपुर, वाराणसी, अयोध्या, कानपुर सहित प्रमुख मार्गों पर अतिरिक्त बसें चलाई जाएंगी। इसके अलावा गाजियाबाद, मेरठ, मुरादाबाद, बरेली, सहारनपुर, आगरा, अलीगढ़ और इटावा के लिए भी बसों की संख्या बढ़ाई जाएगी। उन्होंने कहा कि छठ पर्व के दौरान पूर्वांचल के लाखों लोगों का घर वापसी सफर बिना किसी असुविधा के पूरा हो, यह सरकार की प्राथमिकता है। सभी बसें रहेंगी ऑनरोड, सुरक्षा और सुविधा पर विशेष जोर परिवहन मंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि इस अवधि में सभी निगम बसें शत-प्रतिशत ऑनरोड रहें। उन्होंने कहा कि किसी भी दशा में अनफिट बसों का संचालन नहीं किया जाएगा। बसों की असेम्बली, स्पेयर पार्ट्स और आवश्यक उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के आदेश दिए गए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यात्रियों की सुविधा के लिए बस स्टेशनों पर साफ-सफाई, पीने के पानी, बैठने की व्यवस्था, डिजिटल समय सारिणी और सहायता केंद्रों की व्यवस्था की जाए। कर्मचारियों को मिलेगा विशेष प्रोत्साहन प्रोत्साहन अवधि में कार्यरत चालकों, परिचालकों और कर्मचारियों के लिए सरकार ने आर्थिक प्रोत्साहन योजना की घोषणा की है। परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक श्री प्रभु नारायण सिंह ने बताया कि जो चालक/परिचालक 12 दिन ड्यूटी करते हुए औसतन 300 किमी प्रतिदिन का संचालन करेंगे, उन्हें ₹400 प्रतिदिन की दर से ₹4800 प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। यदि कोई कार्मिक 13 दिन लगातार ड्यूटी करता है और तय मानक पूरा करता है, तो उसे ₹450 प्रतिदिन की दर से ₹5850 प्रोत्साहन राशि मिलेगी। अनुबंधित चालकों/परिचालकों को मानक से अधिक किलोमीटर अर्जित करने पर ₹0.55 प्रति किमी अतिरिक्त मानदेय दिया जाएगा। कार्यशाला कर्मचारियों को 13 दिन लगातार ड्यूटी पर ₹2500 और 12 दिन पर ₹2100 एकमुश्त प्रोत्साहन राशि मिलेगी। उत्कृष्ट कार्य के लिए क्षेत्रीय प्रबंधकों को ₹10,000, सेवा प्रबंधकों को ₹5,000 और सहायक क्षेत्रीय प्रबंधकों को बसों के आधार पर अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। ब्रेथ एनालाइजर टेस्ट होगा अनिवार्य परिवहन मंत्री ने यह भी निर्देश दिया कि प्रोत्साहन अवधि में प्रवर्तन दल लगातार निरीक्षण करें और सभी चालकों-परिचालकों का ब्रेथ एनालाइजर टेस्ट किया जाए, ताकि सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित हो सके।

दिवाली पर सरकारी कर्मचारियों के चेहरे खिले, योगी सरकार ने दिया ₹7,000 बोनस का गिफ्ट

लखनऊ  दीपावली से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों को एक बड़ा तोहफा देकर उनके चेहरों पर मुस्कान बिखेर दी है. मुख्यमंत्री ने वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए राज्य कर्मचारियों को बोनस देने की घोषणा की है. त्येक पात्र कर्मचारी को 6,908 रुपए का लाभ होगा. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यह बोनस कर्मचारियों की मेहनत, निष्ठा और योगदान के प्रति राज्य सरकार की ओर से सम्मान का प्रतीक है. उन्होंने कहा कि प्रदेश की प्रगति और सुशासन व्यवस्था में कर्मचारियों की भूमिका अत्यंत अहम है. सरकार हर स्तर पर यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि जो लोग प्रदेश के विकास के लिए दिन-रात कार्य कर रहे हैं, उन्हें समय पर प्रोत्साहन और सहयोग मिले. जारी हुआ आदेश  वित्त विभाग द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि राज्य कर्मचारियों को “उत्पादकता असंबद्ध बोनस” दिया जाएगा. यह बोनस 30 दिनों की परिलब्धियों के आधार पर होगा, जिसकी अधिकतम सीमा 7,000 रुपए तय की गई है. इसके अनुसार, प्रत्येक पात्र कर्मचारी को 6,908 रुपये का लाभ प्राप्त होगा. मुख्यमंत्री ने कहा कि दीपावली खुशियों और एकता का पर्व है. यह बोनस कर्मचारियों और उनके परिवारों के लिए सुख, आनंद और नए उत्साह का संदेश लेकर आएगा. सरकार चाहती है कि हर कर्मचारी इस पर्व को प्रसन्नता और गर्व के साथ मनाए. इस निर्णय से प्रदेश के लगभग 14 लाख 82 हजार कर्मचारियों को सीधा लाभ मिलेगा. वित्त विभाग के अनुसार, इस पर कुल ₹1,022 करोड़ का व्यय भार आएगा. मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए हैं कि बोनस का भुगतान समयबद्ध रूप से किया जाए ताकि दीपावली से पहले कर्मचारियों के खातों में राशि पहुंच सके. पूर्णकालिक अराजपत्रित कर्मचारियों को मिलेगा लाभ  सरकारी आदेश के अनुसार, इस बोनस का लाभ राज्य सरकार के पूर्णकालिक अराजपत्रित कर्मचारियों को मिलेगा, जिनके पद वेतन मैट्रिक्स लेवल-8 (₹47,600 से ₹1,51,100) तक हैं, जो पुराने ग्रेड पे ₹4,800 के समकक्ष है. इसके अलावा, राज्य निधि से सहायता प्राप्त शिक्षण संस्थानों, प्राविधिक शिक्षण संस्थानों, स्थानीय निकायों, जिला पंचायतों तथा राजकीय विभागों में कार्यरत कार्यप्रभारित एवं दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी भी इस लाभ के पात्र होंगे. प्रदेश सरकार का यह कदम ऐसे समय आया है जब दीपावली की तैयारियां जोरों पर हैं. कर्मचारियों के लिए यह निर्णय किसी “त्योहारी बोनस” से कम नहीं है. सरकारी कार्यालयों से लेकर शिक्षण संस्थानों तक, इस घोषणा के बाद कर्मचारियों में खुशी की लहर दौड़ गई है. कई कर्मचारियों ने इसे “योगी सरकार की संवेदनशीलता और दूरदर्शिता” का उदाहरण बताया है. सभी डीएम को भी आदेश  वित्तीय विशेषज्ञों का कहना है कि इस निर्णय का असर बाजारों पर भी सकारात्मक पड़ेगा. बोनस राशि के वितरण से उपभोग बढ़ेगा, जिससे दीपावली से पहले व्यापार और खरीदारी को बढ़ावा मिलेगा. इससे न केवल कर्मचारियों की जेब में राहत आएगी, बल्कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी गति मिलेगी. सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि बोनस वितरण की प्रक्रिया को पारदर्शी और त्वरित बनाने के लिए सभी जिलाधिकारियों और विभागीय प्रमुखों को दिशा-निर्देश भेज दिए गए हैं. भुगतान को लेकर कोई देरी न हो, इसके लिए वित्त विभाग ने विशेष निगरानी तंत्र भी बनाया है. योगी सरकार पहले भी समय-समय पर कर्मचारियों के हित में निर्णय लेती रही है. हाल ही में महंगाई भत्ते (DA) में वृद्धि के बाद यह दूसरा बड़ा फैसला है जिससे सरकारी कर्मचारियों को राहत मिली है. एक ओर केंद्र सरकार ने भी बीते 29 सितंबर 2025 को अपने कर्मचारियों के लिए बोनस की घोषणा की थी, वहीं प्रदेश सरकार ने उसी तर्ज पर राज्य के कर्मचारियों को समान लाभ देकर उनके उत्साह को दोगुना कर दिया है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, सरकार का यह प्रयास है कि कोई भी कर्मचारी अपने परिश्रम का फल पाने से वंचित न रहे. प्रदेश की विकास यात्रा में हर कर्मचारी की भूमिका मूल्यवान है. उनके सहयोग से ही ‘समृद्ध और आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश’ का सपना साकार हो रहा है.