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बरेली में नमाज के बाद उपद्रव, माहौल बिगड़ने पर पुलिस ने बरसाईं लाठियां

बरेली  यूपी के बरेली में जुमे की नमाज के बाद बवाल हो गया. पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज कर दिया. प्रदर्शनकारी 'आई लव मोहम्मद' पोस्टर विवाद को लेकर सड़कों पर उतरे थे. आईएमसी प्रमुख मौलाना तौकीर रजा ने प्रोटेस्ट का ऐलान किया था. पुलिस ने काफी समझाने-बुझाने की कोशिश की, लेकिन प्रदर्शनकारी भीड़ नहीं मानी और वह बैरिकेड तोड़ते हुए आगे बढ़ने की कोशिश करने लगी. जिसके बाद पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा. फिलहाल, माहौल तनावपूर्ण हो गए हैं.  दरअसल, शुक्रवार को बरेली में जुमे की नमाज के बाद 'आई लव मोहम्मद' पोस्टर विवाद को लेकर मुस्लिम समाज के लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया. सैकड़ों लोग शहर के अलग-अलग हिस्सों में पोस्टर और बैनर लेकर सड़कों पर उतर आए, जिसके बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने का प्रयास किया.  बताया जा रहा है कि श्यामगंज इलाके में प्रदर्शनकारियों और एसपी क्राइम के बीच नोकझोंक भी हुई. हालात को देखते हुए पुलिस ने श्यामगंज में दुकानें बंद करा दीं. नौमहला मस्जिद के बाहर भी भीड़ जुट गई. जब भीड़ बेकाबू हो गई तो पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया. जिससे कुछ ही मिनट में सैकड़ों की संख्या में जमा हुए लोग भाग खड़े हुए.  आपको बता दें कि मौलाना तौकीर रजा ने 'आई लव मोहम्मद' मामले में डीएम के जरिए राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजने की बात कही थी. उन्होंने सड़क पर उतरने का ऐलान किया था. जिसको लेकर पुलिस पहले से हाई अलर्ट पर थी. भीड़ को कंट्रोल करने के लिए हजारों की संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था.  शुक्रवार को सुबह से ही इस्लामिया मैदान और बिहारीपुर को छावनी में तब्दील कर दिया गया था. श्यामगंज मंडी वाले रोड पर बैरिकेडिंग करने के साथ-साथ भारी फोर्स भी लगाई गई थी. दोपहर होते-होते जब लोग घरों से निकलने लगे तो माहौल गरम होने लगा. आखिर में जुमे की नमाज के बाद लोग जुलूस के रूप से नारेबाजी करते हुए सड़कों पर निकल पड़े. नारेबाजी हुई, हंगामा हुआ, पुलिस ने रोका तो झड़प हुई. इसके बाद लाठीचार्ज हुआ. 

रामलीला का वैश्विक जलवा: 51 करोड़ ऑनलाइन दर्शक, 40 देशों में 26 भाषाओं में प्रसारण

अयोध्या रामकथा पार्क में फिल्मी कलाकारों से सजी रामलीला ने ऑनलाइन प्लेटफार्म पर इस बार दर्शकों का अद्भुत रिकॉर्ड रच दिया है। परंपरा और तकनीक का ऐसा संगम हुआ कि महज तीन दिनों के भीतर 51 करोड़ लोगों ने ऑनलाइन रामलीला देखी। रामलीला का दूरदर्शन के साथ ऑनलाइन प्लेटफार्म पर लाइव प्रसारण किया जा रहा है। फिल्मी कलाकारों की जीवंत अदाकारी ने लोगों को इतना मोह लिया कि रामकथा के इस प्रसारण को देश-दुनिया में खूब देखा जा रहा है। रामलीला का ऑनलाइन प्रसारण 40 देशों में 26 भाषाओं में किया जा रहा है। फिल्मी रामलीला समिति के अध्यक्ष सुभाष मलिक ने बताया कि अयोध्या में फिल्मी कलाकारों की रामलीला 2020 में शुरू हुई थी। ऑनलाइन प्लेटफार्म पर हर साल दर्शकों की संख्या बढ़ती गई। पिछले साल 41 करोड़ ने ऑनलाइन रामलीला देखकर रिकॉर्ड बनाया था। इस वर्ष तीन दिनों में ही पिछले साल का रिकॉर्ड टूट गया।

रामशंकर कठेरिया का सियासी कनेक्शन, BJP की दलित नेता पर नजर: यूपी अध्यक्ष पद की संभावनाएं

लखनऊ  भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव में लगातार देरी हो रही है। कहा जा रहा है कि उत्तर प्रदेश जैसे अहम राज्य में अध्यक्ष का चुनाव पहले होगा और उसके बाद ही राष्ट्रीय अध्यक्ष पर मुहर लगेगी। इस बीच यूपी भाजपा अध्यक्ष को लेकर भी कयास जोरों पर हैं। शीर्ष नेतृत्व की ओर से इस मसले पर कुछ भी कहा नहीं जा रहा है, लेकिन कार्यकर्ताओं के बीच कई नामों पर चर्चा है। चर्चा है कि पार्टी की ओर से किसी ब्राह्मण, ओबीसी या फिर दलित नेता के नाम पर मुहर लग सकती है। लेकिन पूरा जोर इस बात पर है कि ऐसे लीडर पर सहमति बनाई जाए, जो वैचारिक रूप से मजबूत हो और आरएसएस के बैकग्राउंड वाला हो। ऐसे ही एक नेता रामशंकर कठेरिया का नाम भी फिलहाल चर्चा में है। उनकी दावेदारी इसलिए मजबूत मानी जा रही है क्योंकि वह यूपी में गुटबाजी से परे हैं और इटावा के रहने वाले दलित नेता हैं। वह इटावा के सांसद रहे हैं और फिलहाल किसी अहम जिम्मेदारी से दूर हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि उन्हें प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी देकर संगठन को मजबूत किया जा सकता है। उनके पक्ष में यह है कि वह इटावा के ही रहने वाले हैं, जहां से समाजवादी पार्टी का उभार हुआ था। इटावा, मैनपुरी, एटा समेत आसपास के कई जिलों को सपा का गढ़ माना जाता है। इसलिए यदि वह यादव बेल्ट में संगठन को मजबूत करते हैं तो बड़ी सफलता होगी। इसके अलावा पूरे प्रदेश में नैरेटिव को मजबूत करने में भी सफलता मिलेगी। सपा की ओर से पीडीए का दांव चला जा रहा है। लोहियावादियों और आंबेडकरवादियों को वह साथ लाना चाहती है। ऐसी स्थिति में भाजपा चाहेगी कि दलित लीडर को मौका देकर सपा के प्रचार को कमजोर किया जाए। कठेरिया के पक्ष में यह बात भी है कि वह 13 सालों तक आरएसएस के प्रचारक रहे हैं। दलित चेतना पर उनका लंबा अध्ययन रहा है और वह हिंदी के प्रोफेसर के तौर पर आगरा में पढ़ा चुके हैं। इस तरह इटावा से लेकर आगरा तक वह मजबूत उपस्थिति रखते हैं। सीएम योगी आदित्यनाथ पूर्वी यूपी से हैं तो वहीं डिप्टी सीएम केशव मौर्य प्रयाग क्षेत्र से आते हैं। इसके अलावा डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक लखनऊ का प्रतिनिधित्व करते हैं। इस लिहाज से कठेरिया को बनाकर भाजपा यादव बेल्ट में सेंध मारना चाहेगी। उनके पास संगठन का अनुभव भी है क्योंकि वह भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव रह चुके हैं। केंद्र सरकार में राज्य मंत्री भी वह थे। फिलहाल उनके अनुभव के लिहाज से भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पद पर उन्हें बिठा सकती है।

योगी आदित्यनाथ: बिना भेदभाव के विद्यार्थियों तक पहुँच रही है छात्रवृत्ति

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यूपी के चार लाख छात्र-छात्राओं को दिवाली गिफ्ट देते हुए छात्रवृत्ति वितरित की। कार्यक्रम का आयोजन लखनऊ में किया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति सितंबर के महीने में मिल रही है। इसकी सभी विद्यार्थियों को बधाई। पहले जो छात्रवृत्ति फरवरी-मार्च में मिलती थी अब सितंबर में मिला करेगी। सीएम योगी ने कहा कि 2017 के पहले छात्रों को छात्रवृत्ति देने में भेदभाव किया जाता था। 2017 में जब हमारी सरकार आई तो हमने 2016-17 और 17-18 की छात्रवृत्ति एक साथ दी। मुख्यमंत्री योगी ने प्रतीकात्मक तौर पर कई विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति का चेक प्रदान किया। बता दें कि फरवरी-मार्च में मिलने वाली छात्रवृत्ति इस बार सितंबर में नवरात्र के अवसर पर छात्रों को दी जा रही है। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि कई बार विद्यालयों से छात्रवृत्ति के लिए डाटा फीड करने में त्रुटि हो जाती है। ऐसे में छात्र अपने अधिकार से वंचित रह जाता है। इसके लिए हम एआई के माध्यम से प्रक्रिया को सरल बना रहे हैं जिससे कि प्रक्रिया में मानवीय हस्तक्षेप कम हो और जैसे ही छात्र का पंजीकरण हो जाए उसके फोन पर पूरी डिटेल उपलब्ध हो और समय पर छात्रवृत्ति पहुंच जाए। इसकी व्यवस्था की जा रही है। सीएम योगी ने कहा कि बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर और सरदार वल्लभभाई पटेल ने अपनी शिक्षा से, अपनी योग्यता से हमारे देश को और समाज को दिशा दी थी। सरकार का प्रयास है कि हर छात्र को सहायता मिले जिससे कि वो अपनी शिक्षा से समाज के विकास में योगदान दे सके। समाज कल्याण मंत्री बोले- जिन्हें पिछले वर्ष छात्रवृत्ति नहीं मिली, उन्हें भी दी जाएगी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यूपी सरकार के समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण ने कहा है कि योगी सरकार ने पिछले वर्ष 60 लाख बच्चों को छात्रवृत्ति दी है। इस बार एक नई बात ये होगी कि जो बच्चे किसी भी कारणवश भले ही वो तकनीकी कारण रहे हों छात्रवृत्ति लेने से वंचित रहे हैं। उन्हें भी इस वर्ष छात्रवृत्ति मिलेगी साथ ही एक ऐसी एप का भी विकास किया जाएगा जिसमें बच्चों को मिलने वाली छात्रवृत्ति की पूरी जानकारी होगी। उन्होंने कहा कि यूपी सरकार यह भी सुनिश्चित करेगी कि कोई भी बच्चा छात्रवृत्ति से वंचित न रह जाए।

योगी सरकार में देवी मंदिरों को मिला नया रूप, सुविधाओं से भक्त हो रहे निहाल

योगी सरकार में सनातन का महापर्व नवरात्रि बना आस्था और विकास का संगम, यूपी के देवी मंदिरों में उमड़ रहे लाखों श्रद्धालु – योगी सरकार में देवी मंदिरों को मिला नया रूप, सुविधाओं से भक्त हो रहे निहाल – शारदीय नवरात्रि में अबतक प्रदेश के देवी मंदिरों में 40 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने टेका मत्था – सप्तमी, अष्टमी और नवमी पर एक करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के आने की संभावना  – मीरजापुर के विंध्यवासिनी धाम में रोज़ाना 4 लाख श्रद्धालु, कॉरिडोर से मिली सहूलियत – विंध्यवासिनी धाम में अबतक 12 लाख श्रद्धालुओं ने टेका मां की चौखट पर मत्था  – प्रयागराज के अलोप शंकरी और कल्याणी देवी मंदिर में सवा लाख से ज्यादा श्रद्धालु रोज़ कर रहे दर्शन – गोरखपुर के तरकुलहा देवी मंदिर में रोज़ाना 50 हजार भक्त, पर्यटन विकास पर खर्च हुए 2.13 करोड़ – कुसम्ही जंगल की बुढ़िया माई मंदिर में 30 हजार श्रद्धालु प्रतिदिन, 1.60 करोड़ से बदली तस्वीर – वाराणसी के विशालाक्षी मंदिर में उमड़ रही भक्तों की भीड़, प्रस्तावित कॉरिडोर से मिलेगा लाभ – जौनपुर का शीतला चौकिया धाम बना आस्था का केंद्र, रोज़ाना 70 हजार श्रद्धालु कर रहे दर्शन – सहारनपुर के शाकम्भरी और त्रिपुर बाला सुंदरी मंदिरों में भक्तों का उमड़ रहा सैलाब – बलरामपुर का देवीपाटन धाम नवरात्रि में आस्था और सशक्तिकरण का बना प्रतीक – भदोही के सीता समाहित स्थल पर उमड़ रहे श्रद्धालु, जीर्णोद्धार से बढ़ी भव्यता – महराजगंज के लेहड़ा देवी मंदिर में अष्टमी-नवमी पर लाखों भक्तों के आने की संभावना – औरैया के 15 मंदिरों में प्रतिदिन 10 हजार से ज्यादा भक्त कर रहे दर्शन – मिशन शक्ति 5.0 से नवरात्र हुआ खास, महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण का भी दिख रहा असर – योगी सरकार ने नवरात्र को बनाया आस्था और विकास का संगम लखनऊ उत्तर प्रदेश की धरती पर शारदीय नवरात्रि केवल धार्मिक उत्सव भर नहीं, बल्कि आस्था, संस्कृति और महिला शक्ति की विराट छवि है। इस बार के नवरात्र में जब प्रदेशभर के देवी मंदिरों की ओर नज़र डालें, तो साफ़ दिखता है कि योगी आदित्यनाथ सरकार ने पिछले आठ वर्षों में न केवल प्राचीन विरासत को संजोया है, बल्कि उसे आधुनिक सुविधाओं से जोड़कर श्रद्धालुओं के लिए एक नया अनुभव तैयार किया है। यही वजह है कि प्रदेश में पूरब में विंध्यवासिनी मंदिर से लेकर पश्चिम में मां शाकम्भरी देवी के धाम तक सैकड़ों प्राचीन दुर्गा मंदिरों में केवल नवरात्रि के चार दिन में ही 40 लाख से ज्यादा भक्तों के दर्शन का अनुमान है। जिसमें अकेले विंध्यवासिनी धाम में अबतक 12 लाख श्रद्धालु मां की चौखट पर मत्था टेक चुके हैं। संभावना व्यक्त की जा रही है यूपी के देवी मंदिरों में सप्तमी, अष्टमी और नवमी में यह संख्या 1 करोड़ के पार जा सकती है।  प्रतिदिन 3-4 लाख श्रद्धालु लगा रहे विंध्यवासिनी के दरबार में हाजिरी प्रदेश के सबसे बड़े दुर्गा मंदिर की बात करें तो मीरजापुर जनपद में मां विंध्यवासिनी का धाम देशभर के देवी उपासकों के लिए अनंत श्रद्धा का केंद्र है। योगी सरकार ने यहां विशाल कॉरिडोर का निर्माण कराया है, यहां मां विंध्यवासिनी के मंदिर में रोज़ाना 3.5 से 4 लाख श्रद्धालु माता के दर्शन कर रहे हैं। आम दिनों की तुलना में यह संख्या कई गुना बढ़ गई है। यहां विंध्याचल कॉरिडोर के निर्माण ने श्रद्धालुओं की सुविधाओं को नया आयाम दिया है। वहीं नवरात्रि के अंतिम तीन दिनों में यहां प्रतिदिन 6-7 लाख श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है।  शक्तिपीठ विशालाक्षी के लिए हजारों किमी दूर से आ रहे भक्त वाराणसी के 51 शक्तिपीठों में से एक मां विशालाक्षी देवी मंदिर में सामान्य दिनों में 5 से 7 हजार श्रद्धालु आते हैं, जबकि नवरात्रि में यह संख्या बढ़कर 8 से 10 हजार हो जाती है। सप्तमी, अष्टमी और नवमी पर यहां 20 से 30 हजार श्रद्धालु प्रतिदिन आने की उम्मीद है। यहां दक्षिण भारत से आने वाले भक्तों की संख्या सबसे अधिक रहती है। योगी सरकार यहां विशालाक्षी कॉरिडोर का प्रस्ताव लेकर आई है, जिससे श्रद्धालुओं को सुगम दर्शन का लाभ मिलेगा। वहीं वाराणसी स्थित गायत्री शक्ति पीठ चौरा देवी मंदिर में प्रतिदिन 7 हजार से अधिक श्रद्धालु मां के दरबार में हाजिरी लगा रहे हैं। नवमी पर यह संख्या 40 से 50 हजार के पार चली जाती है। इसके अलावा दुर्गाकुंड स्थित मां कुष्मांडा के मंदिर में नवरात्रि के दिनों प्रतिदिन करीब 1 लाख श्रद्धालु मत्था टेकने पहुंचते हैं। अंतिम तीन दिनों में यहां पर भी प्रतिदिन 2 लाख श्रद्धालु दर्शन करने पहुंचते हैं।  सहारनपुर में स्थित मां शाकम्भरी देवी शक्तिपीठ में नवरात्र में प्रतिदिन 50 हजार और मां त्रिपुर बाला सुंदरी मंदिर में प्रतिदिन 40 हजार श्रद्धालु दर्शन कर रहे हैं। नवरात्रि के अंतिम तीन दिन यहां प्रतिदिन 1-1 लाख देवी भक्त हाजिरी लगाते हैं।  इसी प्रकार बलरामपुर स्थित मां पाटेश्वरी देवी के मंदिर में भी प्रतिदिन 50 हजार श्रद्धालु अपनी अपनी आस्था लिये माता के दर्शन को पहुंच रहे हैं। यहां पर भी सप्तमी, अष्टमी और नवमी पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ होती है, जो एक से डेढ़ लाख प्रतिदिन तक पहुंच जाती है।  प्रयागराज में उमड़ रहे लाखों देवी भक्त प्रयागराज इसका सबसे सशक्त उदाहरण है। यहां गंगा तट पर स्थित मां अलोप शंकरी शक्तिपीठ में नवरात्रि के दौरान प्रतिदिन सवा लाख से अधिक श्रद्धालु माता के दर्शन कर रहे हैं। यह संख्या सप्तमी, अष्टमी और नवमी में दो से ढाई लाख प्रतिदिन हो जाती है। वहीं मां कल्याणी देवी मंदिर में रोज़ाना 75 से 80 हजार श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। यहां भी अंतिम के तीन दिन श्रद्धालुओं की संख्या लाख के ऊपर होती है। इसी इलाके में स्थित मां ललिता देवी मंदिर में भी प्रतिदिन 70 से 80 हजार भक्त माता के दरबार में पहुंच रहे हैं। योगी सरकार ने इन मंदिरों में 6 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से यात्री शेड, पेयजल, प्रवेश द्वार, सौंदर्यीकरण और फसाद लाइट की व्यवस्था कराई है। इसका परिणाम है कि मंदिरों की भव्यता और सुविधाओं ने श्रद्धालुओं की संख्या कई गुना बढ़ा दी है। गोरखपुर में तरकुलहा देवी के मंदिर का हुआ कायाकल्प गोरखपुर का तरकुलहा देवी मंदिर, जो चौरीचौरा क्षेत्र में स्थित है, इस बार नवरात्रि में प्रदेश के प्रमुख आस्था केंद्रों में शामिल हो गया है। यहां औसतन प्रतिदिन … Read more

यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में 75 जिलों से आए प्रदर्शकों ने दिखाई अपनी ताक़त

देशी व्यापारी और विदेशी खरीदारों का संगम बना यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में 75 जिलों से आए प्रदर्शकों ने दिखाई अपनी ताक़त ओडीओपी पवेलियन बना सबसे बड़ा आकर्षण भदोही के कालीन, मुरादाबाद का पीतल और फिरोजाबाद के ग्लासवर्क की रही धूम विदेशी प्रतिनिधियों ने परिधानों और हैंडीक्राफ्ट्स में दिखाई गहरी दिलचस्पी इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर में निवेशकों ने जताई रुचि 77 जीआई टैग उत्पादों से यूपी बना देश का जीआई कैपिटल   लखनऊ/ग्रेटर नोएडा उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआईटीएस) 2025 गुरुवार को वैश्विक व्यापार का मंच बन गया। आयोजन स्थल पर देशी व्यापारियों और विदेशी खरीदारों की चहल-पहल ने इसे अंतरराष्ट्रीय बाजार की जीवंत तस्वीर में बदल दिया। हर स्टाल पर उत्पादों की प्रदर्शनी के साथ व्यावसायिक चर्चा और सहयोग की संभावनाओं पर संवाद चलता रहा। कहीं विदेशी प्रतिनिधि परिधानों और कालीनों को परखते दिखे तो कहीं आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स के स्टॉल पर साझेदारी की संभावनाएं तलाशते रहे। माहौल ऐसा था मानो उत्तर प्रदेश ने अपनी परंपरा और आधुनिकता को एक ही छत के नीचे सजा दिया हो। देशी उत्पादों के प्रति आकर्षित हुए विदेशी खरीदार प्रदेश के सभी 75 जिलों से आए 2250 से अधिक प्रदर्शकों ने अपनी कला और उत्पाद पेश किए। भदोही के कालीन, मुरादाबाद के पीतल उद्योग, फर्रुखाबाद के जरी-जरदोज़ी और फिरोजाबाद के ग्लासवर्क ने विदेशी खरीदारों को आकर्षित किया। वहीं आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर के स्टॉलों पर विदेशी प्रतिनिधियों की भीड़ रही। ओडीओपी पवेलियन सबसे बड़ा आकर्षण बना, जहां जिलों की पारंपरिक पहचान को अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने की कोशिशें नजर आईं।   उत्तर प्रदेश अद्भुत संभावनाओं वाला प्रदेश: पीएम उद्घाटन समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने योगी सरकार की सराहना करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश अब अद्भुत संभावनाओं वाला प्रदेश है। उन्होंने कहा कि एक्सप्रेसवे और एयरपोर्ट की क्रांति ने यूपी को निवेशकों का केंद्र बना दिया है। प्रधानमंत्री ने ओडीओपी की चर्चा करते हुए कहा कि अब जिलों के उत्पादों की एक कैटलॉग ही अंतरराष्ट्रीय मेहमानों के लिए पर्याप्त हो जाती है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसे अंत्योदय को राष्ट्रोदय में बदलने का अवसर बताया और कहा कि चार दिनों के भीतर ही बाजार में नई ऊर्जा का संचार हुआ है। उन्होंने कहा कि सीएम युवा उद्यमी योजना से अब तक 90 हजार से अधिक युवाओं ने जॉब क्रिएटर बनने का मार्ग चुना है, जबकि विश्वकर्मा श्रम सम्मान और ओडीओपी के जरिए लाखों कारीगरों को प्रशिक्षण और बाजार मिला है।   देशी व्यापारी और विदेशी खरीदारों के बीच हुआ संवाद ट्रेड शो का सबसे बड़ा आकर्षण देशी व्यापारी और विदेशी खरीदारों के बीच हुआ संवाद रहा। कालीन निर्यातकों और विदेशी प्रतिनिधियों के बीच नए करार की संभावनाएं टटोली गईं। विदेशी प्रतिनिधियों का एक समूह इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर सेक्टर में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा करता दिखा। परिधानों और हैंडीक्राफ्ट्स के स्टॉल पर विदेशी व्यापारी गहरी दिलचस्पी दिखाते रहे। विदेशी खरीदार भारतीय परिधान पहनकर देखते नजर आए, वहीं हस्तशिल्प और परंपरागत मिठाइयों का स्वाद भी उन्होंने लिया। पूरा माहौल जीवंत अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले की तरह गूंजता रहा।   यूपी विकसित भारत का ग्रोथ इंजन बनेगा: सीएम योगी मुख्यमंत्री ने कहा कि यूपी 77 जीआई टैग उत्पादों के साथ देश का शीर्ष जीआई कैपिटल बन चुका है और 75 नए उत्पादों को जोड़ने की प्रक्रिया चल रही है। उन्होंने भरोसा जताया कि आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर और रक्षा उद्योग में तेजी से हो रहे निवेश के कारण यूपी विकसित भारत का ग्रोथ इंजन बनेगा। प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री दोनों ने निवेशकों से कहा कि यूपी में निवेश करना एक विन-विन स्थिति है। बेहतर कानून व्यवस्था, सड़क, रेल, हवाई और जलमार्ग कनेक्टिविटी ने इसे वैश्विक व्यापार और निवेश का आकर्षक गंतव्य बना दिया है।   उत्तर प्रदेश कर रहा लोकल टू ग्लोबल की यात्रा का नेतृत्व यूपीआईटीएस 2025 ने यह संदेश साफ कर दिया कि उत्तर प्रदेश अब केवल परंपरागत शिल्प का ही नहीं, बल्कि आधुनिक उद्योग और स्टार्टअप्स का भी वैश्विक केंद्र है। यहां देशी व्यापारियों और विदेशी खरीदारों के बीच हुए संवादों ने यह साबित कर दिया कि लोकल टू ग्लोबल की यात्रा का नेतृत्व अब उत्तर प्रदेश कर रहा है।

जालौन के जिलाधिकारी राजेश कुमार पांडेय को मिलेगा राष्ट्रीय सम्मान, नून नदी को पुनर्जीवित कर पेश की अनूठी मिसाल

जालौन  बुंदेलखंड के सूखा प्रभावित जालौन जिले का नाम अब राष्ट्रीय स्तर पर रोशन होने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से शुरू हुए जल संरक्षण कार्यों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल करने पर जालौन के जिलाधिकारी राजेश कुमार पांडेय को केंद्र सरकार सम्मानित करने जा रही है। दरअसल, डीएम राजेश कुमार पांडेय ने जल संकट से जूझते बुंदेलखंड में जन भागीदारी आंदोलन के माध्यम से न केवल जल संरक्षण का अनूठा मॉडल विकसित किया, बल्कि जिले के लोगों को भी इस मुहिम से जोड़ा। उनकी पहल पर कोंच तहसील के ग्राम सतोह से उद्गमित 83 किलोमीटर लंबी नून नदी को पुनर्जीवित किया गया। यह नदी वर्षों से सूखी और उपेक्षित थी, लेकिन प्रशासन और जनता के संयुक्त प्रयास से इसमें फिर से जलधारा बहने लगी। इसके अलावा उनके द्वारा चेकडैम, रैन हार्वेसिंग को लेकर भी बेहतरीन काम किया, जिससे पानी की बचत हुई। नून नदी पुनर्जीवन बना मिसाल डीएम राजेश कुमार पांडेय के नेतृत्व में चले अभियान के दौरान नून नदी की सफाई, गहरीकरण, तटबंधों का निर्माण और जल स्रोतों को पुनर्जीवित करने का कार्य कराया गया। इसमें गांव-गांव के लोगों को शामिल किया गया और इसे पूरी तरह जन आंदोलन का रूप दिया गया। इस प्रयास ने न केवल इलाके के जल संकट को काफी हद तक दूर किया बल्कि खेती और पेयजल की समस्या भी कम हुई। राष्ट्रीय स्तर पर मिली पहचान जालौन का यह मॉडल इतना प्रभावी साबित हुआ कि उत्तर प्रदेश सरकार के साथ-साथ केंद्र सरकार की टीमों ने भी इसका स्थलीय निरीक्षण किया और इसे देशभर के लिए प्रेरणादायक उदाहरण माना। नतीजतन, JSJB 1.0 Award to Best Districts के तहत जालौन जिले का चयन किया गया। इस सम्मान के तहत जालौन को ₹2 करोड़ की पुरस्कार राशि दी जाएगी। साथ ही जिले के डीएम राजेश कुमार पांडेय को औपचारिक समारोह में दिल्ली बुलाकर सम्मानित किया जाएगा। यूपी के अन्य जिले भी होंगे सम्मानित जालौन के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर और वाराणसी को भी ₹2-2 करोड़ की पुरस्कार राशि से सम्मानित किया जाएगा, जबकि चित्रकूट को ₹1 करोड़ का अवॉर्ड दिया जाएगा। अन्य राज्यों से छत्तीसगढ़ के बलौद, राजनांदगांव और रायपुर, तेलंगाना के आदिलाबाद, नलगोंडा और मंचेरियल, मध्यप्रदेश के ईस्ट निमाड़, राजस्थान के भीलवाड़ा व बाड़मेर, त्रिपुरा और जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिलों का भी चयन हुआ है। प्रेरणा बनी जालौन की उपलब्धि यह उपलब्धि साबित करती है कि प्रशासनिक इच्छाशक्ति और जनता की भागीदारी से किसी भी बड़े संकट का समाधान निकाला जा सकता है। जालौन में नून नदी का पुनर्जीवन न सिर्फ जिले बल्कि पूरे बुंदेलखंड के लिए नई उम्मीद की किरण है। डीएम राजेश कुमार पांडेय का यह प्रयास आने वाले समय में देशभर के लिए जल संरक्षण का सफल मॉडल बनेगा।

सीएम योगी के मिशन शक्ति अभियान के तहत पुलिस ने भटके लोगों को परिजनों से मिलवाया

मिशन शक्ति 5.0  योगी सरकार की पुलिस ने तीन दिन में खोए 12 लोगों को अपनों से मिलाया, खिले चेहरे सीएम योगी के मिशन शक्ति अभियान के तहत पुलिस ने भटके लोगों को परिजनों से मिलवाया महज तीन दिन में बिछड़े एक दर्जन लोग अपनों को पा कर पुलिस का किया धन्यवाद लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा प्रदेश भर में चलाए जा रहे मिशन शक्ति 5.0 अभियान के तहत पिछले तीन दिनों में 12 (गुमशुदा, भटके) बच्चे, बालिकाओं और महिलाओं को बरामद किया गया। वहीं सभी को पुलिस ने गुमशुदा को परिजनों को सौंपा तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। भटके बच्चे मिले तो खिल उठे परिजनों के चेहरे डीजीपी राजीव कृष्ण ने बताया कि सीएम योगी के निर्देश में पूरे प्रदेश में मिशन शक्ति 5.0 अभियान चलाया जा रहा है। इसी के तहत गुमशुदा लोगों की बरामदगी के लिये सर्च ऑपरेशन चलाया गया। उन्होंने बताया कि अभियान के दौरान लखनऊ के जानकीपुरम में 3 वर्ष की एक बच्ची को उनके परिजनों को सौंपी। इसी तरह अमरोहा के थाना गजरौला में एक बच्चे, बरेली थाना के भमोरा के गाँव खेड़ा की 6 वर्षीय बच्ची, बलरामपुर के थाना रेहरा बाजार में भटकती एक बच्ची, पीलीभीत के थाना के काशीराम कॉलोनी से गायब एक एक बेटी और मुरादाबाद थाना नागफनी की पुलिस टीम को भ्रमण के दौरान रामलीला मैदान के पास एक गुमशुदा बच्चा पाया गया। बच्चा को परिजनों को सौंपा गया। मऊ में तीन नाबालिग बच्चियों को उनके परिजनों को सौंपा डीजीपी ने बताया कि बरेली के थाना हाफिजगंज के तहत एक बुजुर्ग महिला गुलशन, संतकबीरनगर के थाना धनघटा के तहत पीड़िता ज्ञानवती देवी पत्नी राहुल राव घरेलू वाद-विवाद और पैसों के लेन-देन को लेकर तनाव की स्थिति में अपने घर से अपनी छोटी बच्ची को लेकर विडहरघाट पुल पर चली गई। पीड़िता ने बच्ची को पुल पर छोड़कर खुद नदी में कूदने का प्रयास किया। पुलिस ने पीड़िता को समझा-बुझाकर नदी में कूदने से रोक लिया और सुरक्षित चौकी ले जाकर पीड़िता और बच्ची को परिजनों को सौंपा। बलिया के थाना बांसडीहरोड में परिजनों से नाराज होकर बिना बताये घर छोड़कर जा रही 2 नाबालिग लड़कियों को बरामद कर उनके परिजनों को सकुशल सुपुर्द किया गया। बस्ती के महिला थाना की प्रभारी निरीक्षक डॉ शालिनी सिंह को एक महिला रेलवे स्टेशन पर एक संदिग्ध अवस्था में महिला घूमती हुई मिली। महिला को परिजनों सौंपा गया। महराजगंज के थाना कोतवाली के अंतर्गत दो बेटियां उम्र 5 वर्ष व  उम्र 10 वर्ष, मऊ के थाना दोहरीघाट के अंतर्गत 3 नाबालिक बच्चियों को उनके परिजनों के सुपुर्द किया गया।

प्रदेशभर के परिषदीय और कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों की बालिकाओं ने की बैंक शाखाओं का भ्रमण

नवरात्रि में दिखा ‘नारी शक्ति’ का अनोखा रूप, 1.91 लाख बालिकाओं ने सीखी बैंकिंग की बारीकियां   प्रदेशभर के परिषदीय और कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों की बालिकाओं ने की बैंक शाखाओं का भ्रमण  छात्राओं को मिला बैंकिंग व्यवस्था, वित्तीय सेवाओं और डिजिटल बैंकिंग का ज्ञान – बालिकाओं ने जाना छोटी-छोटी बचत ही है भविष्य में बड़े लाभ का आधार – शाखाओं में पहुंची बालिकाओं ने बैंक अधिकारियों के साथ संवाद कर शांत की अपनी जिज्ञासाएं – बेटियों के कल की आर्थिक सशक्तिकरण यात्रा की नींव बनी बैंक शाखाओं का भ्रमण: मोनिका रानी लखनऊ महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलम्बन के लिए चल रहे ‘मिशन शक्ति’ विशेष अभियान वर्ष 2025-26 के पांचवे चरण ने गुरुवार को एक नया इतिहास रचा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा 20 सितम्बर को शुभारम्भ किए गए इस चरण के अंतर्गत गुरुवार को प्रदेशभर के परिषदीय और कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों की कक्षा 6 से 8 की कुल 1.91 लाख बालिकाओं ने अपने-अपने क्षेत्रों की विभिन्न बैंक शाखाओं का भ्रमण किया। बता दें कि यह कार्यक्रम केवल एक भ्रमण नहीं रहा, बल्कि भविष्य की आत्मनिर्भर नारी शक्ति की सशक्त नींव रही, जहां छात्राओं को बैंकिंग व्यवस्था, वित्तीय सेवाओं और डिजिटल बैंकिंग की बारीकियों से रूबरू कराया गया। ज्ञातव्य हो कि इस भ्रमण का मुख्य उद्देश्य बालिकाओं को बचत, बैंकिंग प्रक्रिया और डिजिटल सेवाओं से परिचित कराना था। छात्राओं को खाता खोलने की प्रक्रिया, पासबुक, चेकबुक और एटीएम कार्ड के उपयोग की जानकारी दी गई। साथ ही जमा-निकासी पर्ची भरने की विधि, मोबाइल बैंकिंग, यूपीआई और इंटरनेट बैंकिंग जैसी डिजिटल सेवाओं का भी प्रत्यक्ष अनुभव कराया गया।  बचत और निवेश योजनाओं पर रहा फोकस इस दौरान बचत और निवेश योजनाओं पर विशेष जोर दिया गया, जिससे छात्राएं समझ सकें कि छोटी-छोटी बचत भविष्य में बड़े लाभ का आधार बन सकती है। बैंक अधिकारियों ने उन्हें फिक्स्ड डिपॉजिट और आवर्ती जमा जैसी बुनियादी निवेश योजनाओं की जानकारी दी। इसके साथ ही वित्तीय सुरक्षा और ऑनलाइन सतर्कता के उपाय भी समझाए गए, ताकि वे सुरक्षित तरीके से लेन-देन कर सकें। बेटियों में दिखा उत्साह, प्रश्न पूछ शान्त करती रहीं जिज्ञासाएं बैंक भ्रमण के दौरान बालिकाओं में गजब का उत्साह देखा गया। बैंक की शाखाओं में पहुंची बालिकाएं, बैंक अधिकारियों के साथ संवाद कर अपनी जिज्ञासाएं शान्त करती नजर आई। छात्राओं ने उनसे उत्साहपूर्वक प्रश्न पूछे। बैंक अधिकारियीं ने भी उनके प्रश्नों का उत्तर सरल भाषा में दिया। इस अनुभव ने न केवल उनके ज्ञान को समृद्ध किया बल्कि आत्मविश्वास भी बढ़ाया। बैंक भ्रमण के दौरान सीखा – बचत खाता खोलने की प्रक्रिया क्या है और इसमें कौन-कौन से दस्तावेज लगते हैं। – पासबुक, चेकबुक और एटीएम कार्ड का उपयोग किस तरह से किया जाता है। – जमा और निकासी की पर्ची कैसे भरी जाती है और बैंकिंग लेन-देन की प्रणाली कैसे चलती है। – मोबाइल बैंकिंग, यूपीआई और इंटरनेट बैंकिंग जैसी डिजिटल सेवाएं कैसे काम करती हैं। – बचत और निवेश योजनाओं का महत्व और उनका दीर्घकालिक लाभ क्या है? – ऑनलाइन धोखाधड़ी और एटीएम सुरक्षा से संबंधित सावधानियां क्यों जरूरी हैं। नवरात्रि के पावन दिनों में 1.91 लाख बालिकाओं का बैंक भ्रमण के आयोजनन को केवल एक गतिविधि के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। यह आने वाले कल की आर्थिक महिला सशक्तिकरण यात्रा की नींव है। मिशन शक्ति का उद्देश्य बेटियों को ज्ञान के साथ-साथ आत्मनिर्भरता की शक्ति देना है और यह पहल उसी दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। मोनिका रानी, महानिदेशक, स्कूल शिक्षा

विधान परिषद सदस्य डॉ. निर्मल ने समाजवादी पार्टी पर साधा निशाना

लगाया आरोप: सपा सरकार में गंजिंग करने से भी डरती थीं महिलाएं जातिवाद का जहर घोलकर समाज में वैमनस्यता फैला रही है सपा: लालजी प्रसाद लखनऊ, उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति वित्त विकास निगम के पूर्व अध्यक्ष एवं विधान परिषद सदस्य डॉ. लालजी प्रसाद निर्मल ने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी और उसके मुखिया अखिलेश यादव शुरू से ही आरक्षण और दलितों के मसीहा बाबा साहब डॉ. भीमराव अम्बेडकर के विरोधी हैं। सपा शासन में मुख्यमंत्री रहते अखिलेश यादव ने दलित कर्मचारियों के प्रोन्नति में आरक्षण खत्म किया। वह चाहते तो  दलितों के साथ ही पिछड़ा वर्ग के कर्मचारियों के लिए भी प्रोन्नति में आरक्षण की व्यवस्था लागू कर सकते थे। सपा दलितों के साथ ही पिछड़ा वर्ग की भी विरोधी है। बाबा साहब के खिलाफ अपमानजनक बातें करते हैं सपा के नेता डॉ. निर्मल ने आरोप लगाया कि सपा सांसद ने ही लोकसभा में दलित कर्मचारियों के प्रोन्नति में आरक्षण के बिल को फाड़ा। इतना ही नहीं, सपा के कई नेता बाबा साहब के खिलाफ सार्वजनिक तौर पर अपमानजनक बात करते रहे, अब दलितों का वोट पाने की खातिर वह आरक्षण और अम्बेडकर की बात करने लगे हैं। जातिवाद समाप्त करने को संकल्पित है योगी सरकार एमएलसी डॉ. निर्मल ने कहा कि राज्य की योगी सरकार प्रदेश से जातिवाद खत्म करने को कृतसंकल्पित है तो ऐसे में अखिलेश यादव को दलितों के साथ ही पिछड़ा वर्ग को जोड़ने और उनके अधिकारों की बात याद आ रही है। मुख्यमंत्री जी हजरतगंज में जीएसटी कम होने से आम जन को होने वाले फायदे बता रहे थे, इस पर उनका कहना कि योगी जी गंजिंग करने गये थे। यह बेहद गलत है। सपा शासनकाल में तो कोई भद्र पुरुष या महिला स्वतंत्र होकर गंजिंग भी नहीं कर सकती थी। सपा के गुण्डाराज में महिलाएं घर में रहकर ही खुद को ज्यादा सुरक्षित समझतीं थीं। अखिलेश को दर्द, जमीन पर कब्जा नहीं कर पा रहे सपा के गुंडे डॉ. निर्मल ने कहा कि चाहे जमीनों पर कब्जा करने का मामला हो या नियुक्तियों में धांधली करके एक जाति विशेष को नौकरी देने का, सपा सरकार में यह सब संभव था, लेकिन योगी जी के नेतृत्व में चल रही राज्य सरकार में अब सपा के कथित गुंडे न तो दलितों और न ही सामान्य व्यक्ति की जमीन पर कब्जा कर पा रहे हैं। यही दर्द अखिलेश जी को है। यही वजह है कि योगी सरकार की जनहित की योजनाएं हों या जातिवादी व्यवस्था को खत्म करने की पहल, सपा इन सभी का विरोध कर रही है, लेकिन वंचित समाज के लोग अब समझ चुके हैं कि उनकी भलाई किसके साथ रहने में है। अब वे दोबारा सपा नेताओं के बहकावे में आने वाले नहीं हैं।