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नारी सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन की प्रतीक बनी रेनू ने महिला सशक्तीकरण को दी नई ऊंचाई

लखनऊ,  ग्राम धर्मपुर, ब्लॉक रुद्रपुर, जिला देवरिया की रेनू देवी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मिशन शक्ति अभियान के तहत नारी सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन की अनुपम मिसाल पेश की है। एक साधारण गृहिणी से ‘लखपति दीदी’ बनने तक का उनका सफर उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन और श्री बाबा गोरखनाथ कृपा मिल्क प्रोड्यूसर संस्था (MPP) के सहयोग से संभव हुआ। आज रेनू न केवल अपनी आर्थिक स्वतंत्रता हासिल कर रही हैं, बल्कि अपने गाँव की 69 महिलाओं को प्रेरित कर रही हैं, जो मिशन शक्ति के तहत महिला सशक्तीकरण की नई कहानी लिख रही हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की इस मुहिम ने रेनू जैसे लाखों ग्रामीण महिलाओं को सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता का आधार दिया है। रेनू देवी का सफर तब शुरू हुआ जब वे चमेली स्वयं सहायता समूह से जुड़ीं, जहाँ उन्हें सामूहिकता और बचत का पहला सबक मिला। हालांकि, समूह से होने वाली आय परिवार की जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त नहीं थी। इस बीच, श्री बाबा गोरखनाथ कृपा मिल्क प्रोड्यूसर संस्था के दूध संकलन केंद्र (MPP) की स्थापना हुई। संस्था की बैठकों में जब रेनू ने सुना कि दूध की गुणवत्ता के लिए उचित मूल्य, व्यवस्थित संग्रह और सीधा बैंक भुगतान मिलेगा, तो उन्हें आत्मनिर्भरता का नया रास्ता दिखाई दिया। रेनू बताती हैं कि मैंने सोचा, यह मेरे लिए सम्मानजनक आजीविका और बचत का जरिया हो सकता है। संस्था से जुड़ने से पहले रेनू के पास सिर्फ 2 गाय थीं, जिनसे 4 लीटर दूध प्रतिदिन मिलता था, जो घरेलू उपयोग में चला जाता था। 7 दिसंबर 2023 को संस्था की सदस्य बनने के बाद उन्हें गुणवत्ता प्रशिक्षण और तकनीकी सहयोग मिला। इस सहायता से प्रेरित होकर उन्होंने 3 और गायें खरीदीं और अब उनके पास 5 गायें हैं, जिनसे प्रतिदिन 25 लीटर दूध प्राप्त होता है। यह दूध वे दूध संकलन केंद्र (MPP) पर जमा करती हैं। उनकी मेहनत रंग लाई और अब तक उन्होंने 4.50 लाख रुपये से अधिक का सालाना व्यवसाय कर रही हैं। औसत मासिक आय 44 हजार रुपये से अधिक है। यह राशि सीधे उनके बैंक खाते में आती है, जिससे वे नियमित बचत कर रही हैं। रेनू बताती हैं कि योगी सरकार की योजनाओं ने उनकी जिंदगी को नई दिशा दी। वे अपने तीन बच्चों को बेहतर स्कूलों में पढ़ा रही हैं और परिवार के अन्य सदस्यों की आर्थिक मदद कर रही हैं। कहती हैं कि संस्था का सहयोग और समय पर भुगतान ने मुझे आत्मविश्वास दिया। अब मैं सिर्फ अपनी नहीं, अपने गाँव की महिलाओं की प्रेरणा बनना चाहती हूं। उनकी प्रेरणा से अब तक 69 महिलाएं संस्था से जुड़ चुकी हैं, जो उनके मार्गदर्शन में आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रही हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मिशन शक्ति अभियान ने रेनू जैसी हजारों महिलाओं की जिंदगी को पूरी तरह से बदल दिया है। सीएम योगी की दूरदर्शी नीतियों ने रेनू जैसे ग्रामीण महिलाओं को सुरक्षा और सम्मान के साथ आर्थिक स्वावलंबन का अवसर दिया है। आज वे ‘आत्मनिर्भर भारत’ के चेहरे के रूप में उभरी हैं, जो न केवल खुद को, बल्कि पूरे समाज को सशक्त कर रही हैं। मिशन शक्ति के तहत महिला बीट पुलिस अधिकारियों और प्रशिक्षण कार्यक्रमों ने ग्रामीण महिलाओं को सुरक्षा का आश्वासन दिया, जबकि आजीविका मिशन ने उन्हें आर्थिक आजादी प्रदान की। रेनू की मेहनत और सरकार के सहयोग ने उन्हें लखपति दीदी बना दिया, जो अब गाँव की अन्य महिलाओं के लिए रोल मॉडल हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो मार्ट में करेंगे यूपीआईटीएस 2025 का शुभारंभ

यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो 2025: प्रदेश की औद्योगिक, कृषि, सांस्कृतिक और नवाचार क्षमताओं का होगा भव्य प्रदर्शन  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो मार्ट में करेंगे यूपीआईटीएस 2025 का शुभारंभ  निवेश और व्यापार को बढ़ावा देने के साथ ही उत्तर प्रदेश को वैश्विक मंच पर स्थापित करेगा आयोजन युवाओं, उद्यमियों व अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों के लिए फ्यूचर-रेडी प्लेटफॉर्म तैयार करना है उद्देश्य क्राफ्ट, कल्चर और कुजीन के संगम का प्रतीक बनकर प्रदेश की विविध पहचान सामने लाएगा यूपीआईटीएस 2025 विगत दो संस्करणों में यूपीआईटीएस ने की आकार, आंकड़ों और प्रभाव में दोगुना से अधिक प्रगति  तीसरे संस्करण में 2500 से अधिक प्रदर्शक, 500 विदेशी खरीदार और 5 लाख से अधिक विजिटर्स के आने की उम्मीद पार्टनर कंट्री के रूप में सम्मिलित होगा रूस, दोनों देशों के नीति निर्माताओं को मिलेगा साझा मंच  ग्रेटर नोएडा/लखनऊ,  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो मार्ट में यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो के तीसरे संस्करण का शुभारंभ करेंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की दूरदर्शी सोच के तहत 25 से 29 सितंबर तक आयोजित होने जा रहे यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो 2025 में प्रदेश की औद्योगिक, कृषि, सांस्कृतिक और नवाचार क्षमताओं का भव्य प्रदर्शन होगा। इस मेगा आयोजन का उद्देश्य केवल निवेश और व्यापार को बढ़ावा देना नहीं है, बल्कि उत्तर प्रदेश को वैश्विक मंच पर स्थापित करना और युवाओं, उद्यमियों व अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों के लिए फ्यूचर-रेडी प्लेटफॉर्म तैयार करना भी है। योगी सरकार की पहल से यह ट्रेड शो “क्राफ्ट, कल्चर और कुज़ीन” के संगम का प्रतीक बनकर प्रदेश की विविध पहचान को दुनिया के सामने लाएगा। तीन वर्षों में दोगुना आकार, वैश्विक पहचान 2023 में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा उद्घाटित पहले संस्करण से लेकर 2024 में तत्कालीन उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ द्वारा उद्घाटन किए गए दूसरे संस्करण तक, यूपीआईटीएस ने आकार, आंकड़ों और प्रभाव में दोगुना से अधिक प्रगति की है। पहले आयोजन में 1914 प्रदर्शक और 400 विदेशी खरीदार थे, जबकि दूसरे संस्करण में 2122 प्रदर्शक, 350 विदेशी खरीदार और 5 लाख विजिटर्स शामिल हुए। 2200 करोड़ रुपए से अधिक के निर्यात ऑर्डर और 40 करोड़ रुपए से ज्यादा की सीधी बिक्री ने इसे निवेश और निर्यात का केंद्र बनाया। तीसरे संस्करण में 2500 से अधिक प्रदर्शक, 500 विदेशी खरीदार और 5 लाख से अधिक विजिटर्स के आने की उम्मीद है। ओडीओपी पवेलियन: हर जिले की कहानी और वैश्विक पहचान हॉल नंबर 9 में सजने वाला वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ODOP) पवेलियन 343 स्टॉल्स के माध्यम से हर जिले के सिग्नेचर प्रोडक्ट्स को पेश करेगा। भदोही का कालीन, फिरोजाबाद का ग्लासवर्क, मुरादाबाद का मेटलवेयर और सहारनपुर की नक्काशी जैसे उत्पाद “लोकल से ग्लोबल” की यात्रा को नई दिशा देंगे। यह पवेलियन न केवल शिल्प और हस्तकला को वैश्विक पहचान देगा, बल्कि स्टार्टअप्स, डिज़ाइनर्स और अंतरराष्ट्रीय बायर्स के लिए नेटवर्किंग, व्यापारिक सौदे और साझेदारी के अवसर भी खोलेगा। रूस–इंडिया बिजनेस डायलॉग खोलेगा नए अवसरों का द्वार इस बार रूस आयोजन के साथ बतौर पार्टनर कंट्री सम्मिलित हो रहा है। 26 सितंबर को रूस–इंडिया बिजनेस डायलॉग आयोजित किया जाएगा, जिसमें भारत और रूस के उद्योगपतियों, वित्तीय संस्थानों, बीमा कंपनियों, शिक्षा क्षेत्र और सरकारी नीति-निर्माताओं के लिए साझा मंच उपलब्ध होगा। दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग, तकनीकी साझेदारी और संयुक्त उपक्रमों को प्रोत्साहित करने का यह अवसर उत्तर प्रदेश के उद्योगों और कारोबारियों के लिए नई संभावनाएं खोलेगा। एआई मॉडल और तकनीकी नवाचार आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग 200 वर्ग मीटर क्षेत्र में एआई मॉडल का लाइव डेमॉन्सट्रेशन पेश करेगा। कर्व्ड एलईडी वॉल, स्मार्ट वीडियो डिस्प्ले, वीआईपी लाउंज और स्टार्टअप्स के लिए समर्पित क्षेत्र जैसे आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित यह पवेलियन तकनीकी प्रगति और नवाचार को प्रदर्शित करेगा और दिखाएगा कि कैसे योगी सरकार ने उत्तर प्रदेश को उद्यम, नवाचार और तकनीकी कौशल का नया केंद्र बनाया है। निवेश और विकास का केंद्र बनेगा इंडिया एक्सपो मार्ट मास्टर एग्ज़िबिशन लेआउट के तहत हॉल-1 से 8 और 15 बी2बी गतिविधियों, हॉल-9, 10 और 12 बी2सी गतिविधियों, तथा हॉल-11 और 14 दोनों का हब बनेगा। ग्राउंड फ्लोर पर प्रदर्शनी में यूपीसीडा, इन्वेस्ट यूपी, जीनीडा, यीडा, सिविल एविएशन, रूस पवेलियन, आईटी/आईटीईएस, इलेक्ट्रिकल-इलेक्ट्रॉनिक्स, पर्यटन, क्लीन मिशन, ओडीओपी, कृषि, डेयरी, टेक्सटाइल और लॉजिस्टिक्स शामिल होंगे। सेकेंड फ्लोर पर इनॉगरेशन, बी2बी मीटिंग्स, नॉलेज सेशन, रिन्यूएबल एनर्जी, डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग, हेल्थ, एजुकेशन और सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन होगा। स्वाद उत्तर प्रदेश दिखाएगा खानपान की विविधता “स्वाद उत्तर प्रदेश” थीम के तहत गेट नंबर 3 से हॉल नंबर 7 तक 25 आकर्षक फूड स्टॉल्स लगाए जाएंगे। मुरादाबादी दाल, बनारसी पान व लस्सी, पंछी पेठा, जैन शिकंजी, मथुरा का पेड़ा और खुर्जा की खुरचन जैसे लजीज व्यंजन आगंतुकों को यूपी की खानपान परंपरा का अनुभव कराएंगे। 3×3 मीटर ऑक्टोनॉम स्टॉल्स और 100 किलोवॉट पावर बैकअप से सुसज्जित यह सेक्शन एमएसएमई उद्यमियों और फूड ब्रांड्स को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने का माध्यम बनेगा। सीएम युवा पवेलियन युवाओं को उद्यमिता से जोड़ेगा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की महत्वाकांक्ष योजना सीएम युवा के तहत हॉल नंबर 18ए में 150 इनोवेटिव स्टॉल्स स्थापित किए जाएंगे, जहां फ्रेंचाइजी और टेक्नोलॉजी आधारित बिजनेस मॉडल्स, एग्रीटेक, हेल्थटेक और स्टार्टअप आइडियाज प्रदर्शित होंगे। 27 सितंबर को 27 प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों के साथ एमओयू हस्तांतरण होगा। अंतिम वर्ष के छात्र और पूर्व छात्र इन प्रोजेक्ट्स में शामिल हो सकेंगे, जबकि बैंकर्स और इंडस्ट्री लीडर्स वित्तीय सहयोग व मार्गदर्शन प्रदान करेंगे। प्रदेश के सभी 75 जिलों के सीएम युवा फेलोज ब्रांड्स की जानकारी अपने क्षेत्रों तक पहुंचाएंगे। डिजिटल कैंपेन और वेबसाइट conclave.cmyuva.org.in युवाओं को इस प्लेटफॉर्म से जोड़ेगा। नॉलेज सेशन्स होगे योगी सरकार की प्राथमिकताओं का केंद्र 26 से 28 सितंबर तक आयोजित होने वाले नॉलेज सेशन्स में स्टार्टअप्स, आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स, मेडिकल हेल्थ, इंश्योरेंस अवेयरनेस, ई-कॉमर्स एक्सपोर्ट्स और स्किल डेवलपमेंट जैसे विषयों पर विशेषज्ञ मार्गदर्शन देंगे। 27 सितंबर को सीएम युवा योजना के तहत 27 यूनिवर्सिटीज के साथ एमओयू एक्सचेंज और खादी फैशन शो आयोजित होंगे। बी2बी और बी2सी मीटिंग्स के साथ यह नॉलेज हब युवाओं, उद्यमियों और निवेशकों को नवाचार और विकास की नई दिशा देगा। सांस्कृतिक धरोहर का जीवंत प्रदर्शन यूपीआईटीएस 2025 न केवल व्यापार का मंच होगा, बल्कि उत्तर प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर का भी जीवंत प्रदर्शन करेगा। आगंतुक भोजपुरी, अवधी, बुंदेली और थारू लोक परंपराओं के रंगीन प्रदर्शन के साथ-साथ सूफी गायन, कथक नृत्य और सुगम … Read more

26 सितम्बर को सीएम योगी करेंगे 4 लाख से अधिक छात्र-छात्राओं को लाभान्वित

छात्रों को समय से पहले मिलेगी छात्रवृत्ति, योगी सरकार का क्रांतिकारी कदम 26 सितम्बर को सीएम योगी करेंगे 4 लाख से अधिक छात्र-छात्राओं को लाभान्वित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में सीएम योगी करेंगे छात्रवृत्ति का वितरण फरवरी-मार्च की जगह अब सितम्बर माह में ही वितरित की जाएगी छात्रवृत्ति पिछड़ा वर्ग कल्याण, समाज कल्याण और अल्पसंख्यक कल्याण विभाग ने मिलकर व्यापक रणनीति बनाई 2024 में पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लगभग 59 लाख छात्र-छात्राओं को  मिली थी छात्रवृत्ति वर्ष 2025 में यह संख्या बढ़कर 70 लाख से अधिक होने की संभावना लखनऊ  प्रदेश की योगी सरकार छात्र-छात्राओं के भविष्य और उनके हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। बेहतर शिक्षा माहौल देने के साथ-साथ आर्थिक सहायता के रूप में छात्रवृत्ति प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का कार्य लगातार जारी है। इसी क्रम में इस वर्ष एक क्रांतिकारी पहल करते हुए छात्रवृत्ति समय से पहले देने का निर्णय लिया गया है। आगामी 26 सितम्बर को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान के जूपिटर हाल में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति में प्रदेश के 4 लाख से अधिक छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी। पहले मार्च में मिलती थी छात्रवृत्ति, अब सितम्बर में राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तीकरण नरेन्द्र कश्यप ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में छात्रवृत्ति वितरण व्यवस्था में ऐतिहासिक बदलाव किया गया है। पूर्व में छात्रवृत्ति फरवरी-मार्च माह में दी जाती थी, जबकि अब इसे नवरात्र और सितम्बर माह में वितरित किया जा रहा है, जिससे छात्र-छात्राएँ इसका लाभ समय पर उठा सकें। यह छात्र छात्राओं के लिए एक तरह से दीपावली का गिफ्ट भी होगा।  70 लाख से अधिक छात्रों तक पहुंचेगी योजना उन्होंने कहा कि वर्ष 2024 में प्रदेश के पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लगभग 59 लाख छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति मिली थी, जबकि वर्ष 2025 में यह संख्या बढ़कर 70 लाख से अधिक जाएगी। सरकार द्वारा छात्रवृत्ति का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है। सीएम योगी के मार्गदर्शन से बनी रणनीति मंत्री ने कहा कि छात्रों को समय से पूर्व छात्रवृत्ति मिल सके, इसके लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मार्गदर्शन लेकर पिछड़ा वर्ग कल्याण, समाज कल्याण और अल्पसंख्यक कल्याण विभाग ने मिलकर व्यापक रणनीति बनाई। यही कारण है कि इस बार छात्रवृत्ति का लाभ छात्रों तक नवरात्र के पवन अवसर पर पहुँचेगा। इस अवसर पर अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री ओम प्रकाश राजभर, पिछड़ा वर्ग कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नरेन्द्र कश्यप, समाज कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण, राज्य मंत्री समाज कल्याण संजीव गोंड, एवं अल्पसंख्यक राज्य मंत्री दानिश आज़ाद अंसारी उपस्थित रहेंगे।

‘नेक्स्ट जेन GST बचत उत्सव’ पर पत्रकार वार्ता में बोले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

जीएसटी रिफॉर्म से यूपी के व्यापारियों और ग्राहकों को हुआ सबसे अधिक लाभ : योगी आदित्यनाथ  ‘नेक्स्ट जेन GST बचत उत्सव’ पर पत्रकार वार्ता में बोले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ  मुख्यमंत्री योगी ने हजरतगंज बाजार में व्यापारियों और ग्राहकों से किया संवाद  बोले योगी- विद्यार्थियों की पढ़ाई हुई सस्ती, नोटबुक-पेंसिल पर जीएसटी शून्य  घरेलू सामान पर जीएसटी घटाकर किया गया 0 से 5% : मुख्यमंत्री   जीवन रक्षक 33 दवाओं को जीएसटी से पूरी तरह छूट : सीएम योगी  बाजार में खपत बढ़ी, उत्पादन और रोजगार में आएगी तेजी : योगी आदित्यनाथ  देश का जीएसटी कलेक्शन 7 लाख करोड़ से पहुंचा 22 लाख करोड़ : मुख्यमंत्री  त्योहारों के सीजन में उपभोक्ताओं को मिली बड़ी राहत : सीएम योगी  लखनऊ शारदीय नवरात्रि के प्रथम दिन से लागू हुए ‘नेक्स्ट जेन GST रिफॉर्म’ ने बाजार में नई ऊर्जा भर दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को हजरतगंज स्थित यूनिवर्सल बुकसेलर के पास आयोजित पत्रकार वार्ता में कहा कि घटे हुए जीएसटी रेट्स से आम उपभोक्ता, व्यापारी और उद्यमी सभी वर्गों को बड़ा लाभ मिल रहा है। इस रिफॉर्म ने जहां उपभोक्ताओं को राहत दी है, वहीं बाजार की मजबूती और रोजगार सृजन का मार्ग भी प्रशस्त किया है। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं के मामले में देश का सबसे बड़ा राज्य होने के कारण जीएसटी रिफॉर्म का सबसे अधिक लाभ यूपी के व्यापारियों और ग्राहकों को होगा। त्योहारों के सीजन में बड़ा कदम मुख्यमंत्री ने बताया कि विद्यार्थियों के लिए नोटबुक, पेंसिल और अन्य शैक्षणिक सामग्री पर जीएसटी शून्य कर दिया गया है। इसी तरह घरेलू उपयोग की आवश्यक सामग्रियों को जीरो से 5 प्रतिशत के दायरे में लाया गया है। जीवन रक्षक 33 प्रकार की दवाओं को भी पूरी तरह से जीएसटी से मुक्त कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि बाजार में खपत बढ़ने से उत्पादन में वृद्धि हुई है। इससे व्यापारी और उद्यमी दोनों को लाभ हुआ है और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर खुले हैं। त्योहारों के सीजन में यह बड़ा कदम उपभोक्ताओं के लिए राहत लेकर आया है। अर्थव्यवस्था को मिलेगी मजबूती  मुख्यमंत्री ने कहा कि यूपी देश का सबसे बड़ा उपभोक्ता राज्य है और इस रिफॉर्म से यहां की अर्थव्यवस्था को विशेष मजबूती मिलेगी। सीएम ने बताया कि जीएसटी लागू होने के बाद देश का कलेक्शन 7 लाख करोड़ से बढ़कर 22 लाख करोड़ तक पहुंचा है, जबकि यूपी में यह 49 हजार करोड़ से बढ़कर 1.15 लाख करोड़ से ऊपर पहुंच चुका है। महंगाई से राहत देने की दिशा में बड़ा कदम पत्रकार वार्ता से पहले मुख्यमंत्री ने हजरतगंज मार्केट में व्यापारियों और उपभोक्ताओं से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने जीएसटी रिफॉर्म से संबंधित पंपलेट और बैनर वितरित किए। सीएम ने दुकानदारों और ग्राहकों से संवाद भी किया। व्यापारियों और उपभोक्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री के प्रति आभार जताया। सीएम योगी ने कहा कि यह रिफॉर्म भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए अत्यंत आवश्यक थे और देश को महंगाई से राहत देने की दिशा में बड़ा कदम साबित होंगे।

चंदे से खरीदी कार बनी चिता: दर्दनाक सड़क हादसे में चार दोस्तों की मौत, पांचवां बचा

अलीगढ़ दिल्ली-कानपुर हाईवे पर अकराबाद इलाके में हुए भीषण हादसे में कार सवार चार दोस्तों और कैंटर चालक की जिंदा जलकर मौत हो गई। मंगलवार तड़के करीब साढ़े पांच बजे यह हादसा उस वक्त हुआ, जब सिकंदराराऊ से आती तेज रफ्तार कार का गोपी फ्लाईओवर पर अचानक टायर फट गया। इसके बाद अनियंत्रित हुई कार डिवाइडर लांघकर विपरीत दिशा से आते कैंटर से जा भिड़ी। कार सवार पांचवां दोस्त जिंदगी और मौत से जूझ रहा है। घटनाक्रम तड़के करीब साढ़े पांच बजे का है। हाथरस सिकंदराराऊ निवासी पांच दोस्त कार में सवार होकर अलीगढ़ आ रहे थे। हाईवे पर तेज गति से दौड़ती कार गोपी फ्लाईओवर से उतर रही थी। तभी अचानक कार का ड्राइवर साइड का टायर फट गया। इसके बाद अनियंत्रित हुई कार पलक झपकते ही डिवाइडर को लांघकर विपरीत दिशा में सामने से आते कैंटर में जा भिड़ी। कैंटर अलीगढ़ से स्टेशनरी लादकर कासगंज जा रहा था। भिड़ंत के साथ ही कार की पेट्रोल टंकी धमाके के साथ फटी और अचानक से दोनों वाहनों के आगे के हिस्सों में आग लग गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पलक झपकते ही दोनों वाहन आग की लपटों में घिर गए। तभी कार की ड्राइविंग सीट पर सवार युवक किसी तरह शीशा टूटने से बाहर लटक गया। सुबह-सुबह हाईवे पर टहलने निकले ग्रामीणों ने उसे खींचकर निकाला। आनन-फानन सूचना पर पुलिस, दमकल, एसपी देहात, एसपी यातायात, सीओ बरला आदि पहुंच गए। सूचना पर 45 मिनट बाद अलीगढ़ व सिकंदराराऊ से दो दमकलें मौके पर आईं। करीब आधा घंटे के प्रयास के बाद आग बुझाई जा सकी। तब तक कार में सवार चार दोस्त व कैंटर चालक की जिंदा जलकर मौत हो गई।   चार दोस्तों के लिए चिता बनी चंदे से खरीदी कार शायद ही किसी को अंदेशा होगा कि दोस्तों ने जो पुरानी कार आपस में चंदा करके खरीदी, उसी पुरानी कार की 125 की रफ्तार चार दोस्तों की जान ले लेगी। मंगलवार सुबह दिल्ली-कानपुर हाईवे पर भीषण हादसे की वजह तकनीकी जांच में कुछ यही निकलकर आई है। दुर्घटना के बाद एआरटीओ प्रवेश कुमार की अगुवाई में संभागीय परिवहन कार्यालय की टीम मौके पर पहुंची। जहां कई घंटे तक हुई जांच पड़ताल के बाद टीम की ओर से बताया गया कि जिस कार में पांच दोस्त सवार थे। वह दिल्ली के गौतम नगर निवासी राहुल के नाम फरवरी 2011 में खरीदी गई। वहीं अस्पताल में भर्ती सुमित का कहना है कि अचानक कार पलटी और सबकुछ खत्म हो गया। परिवार व मित्रों से मिली जानकारी के अनुसार, राहुल से यह कार इन दोस्तों ने करीब चार माह पहले आपस में रुपये एकत्रित कर खरीदी थी। कार की फिटनेस फरवरी 2026 तक मान्य है, जबकि बीमा मई 2025 में खत्म हो गया है। वहीं दुर्घटना में शामिल कैंटर सरदार पटेल मार्ग कासगंज के राजेंद्र सिंह के नाम से फरवरी 2013 में खरीदा गया। जिसका बीमा नवंबर 2025 तक मान्य है, जबकि फिटनेस मई 2025 में खत्म हो गई थी। वहीं गुड्स परमिट 2029 तक मान्य है।   सीएनजी का भी मचा शोर, पुष्टि नहीं इस हादसे के बाद कार में सीएनजी किट अलग से लगी होने और उसके कारण आग लगने का शोर मचा था, लेकिन एआरटीओ प्रवेश कुमार ने कार में सीएनजी की फिटिंग न होने की पुष्टि की है। भिड़ंत के बीच स्पार्किंग से आग का अंदेशा एआरटीओ प्रवेश कुमार ने बताया कि दोनों वाहनों की तकनीकी जांच, दुर्घटना पर मिले साक्ष्य व प्रत्यक्षदर्शियों से बातचीत के बाद निकलकर आया है कि कार की गति 120 से 125 किमी. प्रतिघंटा के बीच थी। वहीं कैंटर की गति 70 से 80 के मध्य थी। ओवरब्रिज से अलीगढ़ की ओर उतरते समय फर्राटा भरती पुरानी कार का ड्राइवर साइड का टायर अचानक से फटा। इसके बाद कार डिवाइडर कूदकर विपरीत दिशा में आकर सामने से आती कैंटर से जा भिड़ी। तभी कार में तेज धमाके के साथ पेट्रोल टंकी फटी है। स्पार्किंग होने का भी अंदेशा है।   रात भर दौड़ाई कार, पुलिस ने नहीं दिया ध्यान मृतकों के परिजनों ने बताया कि पांचों दोस्तों ने सोमवार को अपने दोस्त फैज के जन्मदिन की पार्टी सिकंदराराऊ के पंत चौराहे पर की थी। यहीं पर इन युवकों ने केक काटा। केक काटने के बाद यह युवक सिकंदराराऊ की सड़कों पर ही रात भर कार को दौड़ाते रहे, लेकिन पुलिस ने इन पर कोई ध्यान नहीं दिया। अगर पुलिस ने इन्हें रोका-टोका होता तो शायद यह हादसा नहीं होता।   अलीगढ़ में पहले भी आग में जिंदा जल चुके लोग 19 सितंबर 2009 गभाना क्षेत्र के नगला नत्था के पास टैंकर व ट्रक की टक्कर के बाद टैंकर में लगी आग में जलकर चालक की मौत। 11 नवंबर 2017 हरदुआगंज क्षेत्र में कार में आग लगने से चालक जिंदा जला। 15 दिसंबर 2018 हाथरस के सिकंदराराऊ व अकराबाद के बीच कार में आग लगने से कार सवार चार लोग जिंदा जले। शोक में स्थगित हुआ रामलीला का शुभारंभ हादसे में चार युवकों की मौत के शोक में नगर में मंगलवार को रामलीला महोत्सव के शुभारंभ का कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया। अब बुधवार को सामूहिक रूप से गणेश पूजन किया जाएगा और रामलीला प्रारंभ होगी। कमेटी के अध्यक्ष दाऊदयाल वाष्र्णेय, पदाधिकारी जयपाल सिंह चौहान, नितिन पुंडीर, पंकज गुप्ता व गिरीश मोहन गुप्ता ने बताया कि नगर के चार युवकों की आकस्मिक मौत से पूरे नगर में शोक है। ऐसे में सर्वसम्मति से रामलीला और गणेश पूजन का कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया है।   दो वाहनों के आपस में टकराने के कारण तेज दबाव बन जाता है। दबाव के कारण दोनों वाहनों के टैंक टकराने से फट जाते हैं। इस कारण आग लग जाती है। वाहन भी ऑटोमेटिक आ रहे हैं। इस कारण हादसे के दौरान ऑटोमेटिक वाहन का सिस्टम फेल हो जाता है, जिससे वाहन लॉक हो जाते हैं। लक्ष्मण प्रसाद, एआरटीओ। तेज गति से आती कार टायर फटने के बाद डिवाइडर लांघकर विपरीत साइड में पहुंची। जहां सामने से आते कैंटर में जा भिड़ी। इसके बाद दोनों वाहनों में आग लगी। इस हादसे में कार सवार पांच में से चार दोस्तों की मौत हुई है। कैंटर चालक ने भी दम तोड़ दिया। पांचवें कार सवार का उपचार जारी है।- अमृत … Read more

मिशन शक्ति का नवाचार, जीजीआईसी चुन्नीगंज की 9 से 12 की छात्राओं की थाली में इस्कॉन का स्वाद

मिशन शक्ति -5 कक्षा 9 से 12 में छात्राओं को प्रतिदिन निःशुल्क मिड डे मील उपलब्ध कराने वाला प्रदेश का पहला विद्यालय बना कानपुर का जीजीआईसी चुन्नीगंज मिशन शक्ति का नवाचार, जीजीआईसी चुन्नीगंज की 9 से 12 की छात्राओं की थाली में इस्कॉन का स्वाद सीएम योगी के मार्गदर्शन में हुई अनूठी पहल, चुन्नीगंज की छात्राओं को प्रतिदिन मिलेगा निःशुल्क मिड-डे-मील समाज और प्रशासन की साझेदारी से पोषक व्यंजनों से सजेगी जीजीआईसी की थाली कानपुर  बरगद की छांव से छनकर आती धूप, अनुशासन में सजी कतारें और थालियों में परोसा गरमागरम भोजन। मंगलवार को कानपुर के राजकीय बालिका इंटर कॉलेज (जीजीआईसी) चुन्नीगंज में यह नज़ारा किसी त्यौहार से कम नहीं था। मिशन शक्ति के अंतर्गत पहली बार कक्षा 9 से 12 तक की छात्राओं को निःशुल्क मिड-डे-मील उपलब्ध कराने का शुभारंभ हुआ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में कक्षा 9 से 12 में इस पहल को शुरू करने वाला जीजीआईसी चुन्नीगंज प्रदेश का पहला विद्यालय बन गया।  डीएम ने स्वयं छात्राओं के साथ बैठकर किया भोजन इस पहल से अब विद्यालय की कक्षा 9 से 12 तक की 456 छात्राओं को प्रतिदिन पौष्टिक भोजन मिलेगा। खास बात ये भी रही कि जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने स्वयं छात्राओं के साथ बैठकर भोजन किया और इस नई पहल की शुरुआत की। इससे पहले राज्य सरकार की योजना केवल कक्षा 6 से 8 तक सीमित थी। जिलाधिकारी की पहल पर इस्कॉन कानपुर और अचिन्त्य फाउंडेशन ने आगे बढ़कर जिम्मेदारी ली है कि उच्च कक्षाओं की छात्राओं को भी रोजाना भोजन उपलब्ध कराया जाएगा। कक्षाओं में उपस्थिति बेहतर होने की उम्मीद विद्यालय की प्रिंसिपल मंगलम गुप्ता ने बताया कि संस्थान में कुल 705 छात्राएं अध्ययनरत हैं। इनमें कक्षा 6 से 8 तक की 249 छात्राओं को अक्षयपात्र फाउंडेशन के माध्यम से पहले से ही भोजन मिल रहा है, जिसकी वजह से उनकी उपस्थिति 80 प्रतिशत से अधिक है। जबकि कक्षा 9 से 12 की 456 छात्राओं की उपस्थिति लगभग 50 प्रतिशत तक सिमटी रही। भोजन मिलने से बड़ी कक्षाओं में भी उपस्थिति बेहतर होने की उम्मीद है। प्रतिदिन निःशुल्क भोजन की आपूर्ति इस्कान के प्रभु अमृतेश कृष्ण दास ने कहा कि स्थानीय गतिविधियों के अंतर्गत हम जिला प्रशासन का पूरा सहयोग करने के लिए तत्पर हैं ताकि हमारा समाज भूख से मुक्त हो सके। हमारी पूरी योजना तैयार है और हम प्रतिदिन पांच हज़ार लोगों को भोजन उपलब्ध कराने की क्षमता रखते हैं। उन्होंने कहा कि इस्कॉन द्वारा विद्यालय को प्रतिदिन निःशुल्क भोजन की आपूर्ति की जाएगी। 20 लाख रुपये प्रतिवर्ष का व्यय समाजसेवी एवं अचिन्त्य फाउंडेशन के निदेशक अभिषेक अग्रवाल ने कहा कि इस योजना पर लगभग 20 लाख रुपये प्रतिवर्ष का व्यय आएगा, जिसे इस्कॉन, अचिन्त्य फाउंडेशन और अन्य समाजसेवियों के सहयोग से पूरा किया जाएगा। छात्राओं की सेहत और पढ़ाई दोनों में सकारात्मक असर होगा जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि यह पहल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के मिशन शक्ति से जुड़े विजन के अनुरूप शिक्षा और पोषण को जोड़ने का प्रयास है। डीएम ने बताया कि इससे छात्राओं की सेहत और पढ़ाई दोनों में सकारात्मक असर होगा और समाज की भागीदारी से शिक्षा को और सशक्त बनाया जा सकेगा। जिलाधिकारी ने इसके साथ ही जनसहयोग से कक्षा 9 से 12 की 456 छात्राओं को स्कूली ड्रेस एवं जूते भी उपलब्ध कराए हैं, जिससे उन्हें पढ़ाई में और सुविधा मिलेगी। अन्य जनपद भी अपना सकते हैं मॉडल प्रदेश में मिड-डे-मील योजना वर्षों से कक्षा 1 से 8 तक के विद्यार्थियों के लिए संचालित हो रही है। विशेषज्ञ मानते हैं कि इस योजना से स्कूल छोड़ने की दर में कमी आई और छात्र-छात्राओं की उपस्थिति में वृद्धि हुई। जीजीआईसी चुन्नीगंज का यह प्रयोग अब उच्च कक्षाओं तक मिड-डे-मील की संभावनाओं को खोलता है। यदि यह मॉडल सफल होता है, तो इसे जनपद के अन्य विद्यालयों में भी लागू किया जाएगा। इस अवसर पर डीआईओएस संतोष कुमार राय, समाजसेवी दिशा अरोड़ा सहित विभिन्न अधिकारी एवं विद्यालय की छात्राएं मौजूद थी। हर दिन थाली में अलग स्वाद इस्कॉन द्वारा जीजीआईसी चुन्नीगंज की छात्राओं के लिए मिड-डे-मील का मेन्यू इस तरह तैयार किया गया है कि थाली में पौष्टिकता के साथ स्वाद का संतुलन भी बना रहे। सप्ताह के हर दिन कुछ नया मिलेगा— सोमवार – कढ़ी पकोड़ा, आलू-परवल, चावल, रोटी मंगलवार – चावल, मूंग दाल, रोटी, सोया आलू बुधवार – चावल, अरहर दाल, रोटी, चना आलू गुरुवार – चावल, मूंग दाल छिलका, रोटी, आलू सीताफल शुक्रवार – चावल, रोटी, छोला, हलवा शनिवार – चावल, राजमा, मिक्स सब्ज़ी, रोटी यह विविधता न केवल बच्चों के स्वाद को लुभाएगी, बल्कि उनके पोषण स्तर को भी बेहतर बनाएगी।

11 साल पहले ट्रेन हादसे के बाद लोगों की मदद के लिए योगी ने नवरात्र तोड़ी थी पीठ की परंपरा

लोक कल्याण के आगे गोरक्षपीठ ने कभी नहीं की परंपरा की परवाह 11 साल पहले ट्रेन हादसे के बाद लोगों की मदद के लिए योगी ने नवरात्र तोड़ी थी पीठ की  परंपरा बतौर सीएम बार बार नोएडा और अयोध्या जाकर भी दी परंपरा को चुनौती  लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 19 सितंबर को ग्रेटर नोएडा में थे। इस दौरान उन्होंने एक्सपोमार्ट जाकर  25 से 29 सितंबर तक आयोजित यूपी ट्रेड शो की तैयारियों का निरीक्षण किया। चंद रोज बाद भी वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ नोएडा में होंगे। अवसर होगा एशिया के सबसे बड़े इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लोकार्पण का। मार्च 2017 में मुख्यमंत्री बनने के बाद से योगी विकास परियोजनाओं के शिलान्यास, लोकार्पण, समीक्षा बैठकों के लिए करीब 20 बार नोएडा जा चुके होंगे। यह वही नोएडा है जिसे तीन दशक तक उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्रियों ने अभिशप्त शहर मान लिया था। मान्यता थी कि जो बतौर सीएम नोएडा गया, उसे कुर्सी से हाथ धोनी पड़ी। कुर्सी को ही सब कुछ मानने वालों के दिलोदिमाग में यह डर इतना बैठ गया कि कोई नोएडा जाता ही नहीं था। दरअसल, योगी गोरखपुर स्थित जिस गोरक्षपीठ के पीठाधीश्वर हैं वह शुरू से ऐसी मान्यताओं का विरोधी रही है। अस्पृश्यता के दौर में योगी के गुरु ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ का काशी के डोमराजा के घर भोजन इसका सबसे बड़ा प्रमाण है। बाद में तो सामाजिक समरसता के लिए सहभोज पीठ ने इसकी परंपरा ही शुरू कर दी। ग्यारह साल पूर्व नवरात्र में जब योगी ने तोड़ी थी पीठ की परंपरा बात करीब 11 साल पुरानी है। सितंबर खत्म होने को था। गुलाबी सर्दी की शुरुआत हो चुकी थी। शारदीय नवरात्र के दिन चल रहे थे। साल के दोनों नवरात्र गोरक्षपीठ के लिए बेहद खास होते है। मंदिर स्थित मठ पर ही सारे अनुष्ठान और पूजन होते हैं। परंपरा के मुताबिक इस दौरान पीठ के पीठाधीश्वर या उनके उत्तराधिकारी मठ की पहली मंजिल से नीचे नहीं उतरते। न जाने कबसे प्रचलित पीठ की इस परंपरा को योगी ने 30 सितंबर 2014 को तोड़ दिया। क्यों तोड़ी थी परंपरा परंपरा तोड़ने की वजह एक ट्रेन हादसा बनी। हुआ यह कि गोरखपुर स्थित नंदानगर क्रासिंग पर कृषक एक्सप्रेस ने बरौनी एक्सप्रेस में पीछे से टक्कर मार दी। दोनों यात्री ट्रेनें। हजारों की संख्या में यात्री। इसमें बच्चे, बुजुर्ग, बीमार, महिलाएं और चोटिल सभी शामिल थे। सबके साथ सामान अलग से। वक्त भी रात का था। वहां से रेलवे स्टेशन और बस स्टेशन की दूरी करीब 6 से 7 किलोमीटर थी। मदद के संसाधन कम थे। लोग चर्चा करते सुने गए छोटे महाराज (योगीजी) आ जाते तो लोगों की समय से प्रभावी मदद हो जाती। मुंहों मुंह बात उन तक पहुंची। स्थित की गंभीरता का उनको अहसास हुआ। परंपरा तोड़ वह मठ से नीचे उतरे और दुर्घटनास्थल की ओर रवाना हो गए। जानकारी मिलते ही हजारों  समर्थक भी वहां पहुंच गए। प्रशासन भी अपेक्षाकृत अधिक सक्रिय हो गया। कुछ देर में सभी यात्रियों को सुरक्षित रेलवे स्टेशन या बस स्टेशन पहुंचा दिया गया था। जिस अयोध्या का नेता नाम नहीं लेते थे वहां भी बार-बार गये योगी यही नहीं जिस अयोध्या के नाम से राजनीतिक दलों को करंट लगता था, वहां बार-बार जाकर योगी ने साबित किया कि पहले की तरह वह अयोध्या के हैं और अयोध्या उनकी। और, अब तो उनके ही कार्यकाल में उनके गुरु के सपनों के अनुसार अयोध्या में जन्मभूमि पर भव्य राम मंदिर बनकर लगभग तैयार है। मंदिर निर्माण के साथ विभिन्न परियोजनाओं के जरिए अयोध्या का कायाकल्प भी हो रहा है। आने वाले कुछ वर्षों में अयोध्या का शुमार धार्मिक लिहाज से दुनिया के सबसे खूबसूरत धार्मिक पर्यटन स्थलों में होगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की यही मंशा भी है। वह बार बार इसकी चर्चा भी करते हैं।

सीएम योगी के निर्देश पर योजना के 7 वर्ष पूरे होने पर पूरे प्रदेश में आयोजित किये गये विभिन्न कार्यक्रम

आयुष्मान भारत योजना ने पूरे किए 7 साल, उत्तर प्रदेश बना आयुष्मान कार्ड निर्माण में देश का अग्रणी राज्य  – सीएम योगी के निर्देश पर योजना के 7 वर्ष पूरे होने पर पूरे प्रदेश में आयोजित किये गये विभिन्न कार्यक्रम  पूरे देश में सबसे अधिक यूपी में 5.38 करोड़ लोगों को बनाया जा चुका है आयुष्मान कार्ड  – योजना के जरिये गरीब, वंचित और जरूरतमंद परिवारों को उपलब्ध कराया जा रहा निशुल्क और गुणवत्तापूर्ण इलाज  लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर मंगलवार को पूरे प्रदेश में  आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PMJAY)के सात साल पूरे होने आयुष्मान भारत दिवस के रूप में विभिन्न कार्यक्रमाें का आयोजन किया गया। इसके तहत प्रदेश के हर जिले में विशेष रूप से शिविर का आयोजन किया गया है, जहां पर आयुष्मान कार्ड भी बनाए गए। बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र माेदी ने 23 सितंबर 2018 को योजना का शुभारंभ किया गया था। अब यह दुनिया की सबसे बड़ी सार्वभौमिक स्वास्थ्य सुरक्षा योजना बन चुकी है। इस योजना का उद्देश्य गरीब, वंचित और जरूरतमंद परिवारों को निःशुल्क और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है, और इसमें उत्तर प्रदेश ने ऐतिहासिक सफलता हासिल की है।  पूरे देश में सबसे अधिक यूपी में 5.38 करोड़ लोगों के आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके सांची की सीईओ अर्चना वर्मा ने बताया कि उत्तर प्रदेश ने आयुष्मान भारत योजना में अपनी एक महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज की है। राज्य में अब तक कुल 9 करोड़ लक्षित लाभार्थियों में से 5.38 करोड़ लोगों के आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं, जिससे उत्तर प्रदेश पूरे देश में पहले स्थान पर है। राज्य के 87 प्रतिशत पात्र परिवारों में कम से कम एक सदस्य का आयुष्मान कार्ड बन चुका है, जो इस योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को दर्शाता है। सामाजिक-आर्थिक और जाति जनगणना (SECC) 2011 के बाद, कई महत्वपूर्ण श्रेणियों के लाभार्थियों को योजना में शामिल किया गया है। इनमें कुम्भ वर्कर्स, मुख्यमंत्री जन आरोग्य अभियान के लाभार्थी, NFSA डेटा, STPHH, मान्यता प्राप्त पत्रकार, आशा वर्कर्स, आंगनवाड़ी वर्कर्स और सहायकाएं, निर्माण श्रमिक (BOCW), अंत्योदय कार्ड धारक, अत्यंत पिछड़ी जनजातियाँ (PVTG), और 70 वर्ष और उससे अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिक शामिल हैं। योगी योजना को और अधिक व्यापक बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में घोषणा की है कि अब प्रदेश के शिक्षक भी इस योजना से लाभान्वित होंगे। इस तरह यह योजना अब एक यूनिवर्सल कवरेज की दिशा में आगे बढ़ रही है, और इसका उद्देश्य है कि राज्य का प्रत्येक पात्र लाभार्थी इस योजना का लाभ प्राप्त कर सके। अब तक 74.40 लाख लाभार्थी योजना का उठा चुके हैं लाभ सीईओ ने बताया कि अब तक प्रदेश में 74.40 लाख लाभार्थियों को योजना के तहत सूचीबद्ध चिकित्सालयों में निःशुल्क उपचार प्रदान किया जा चुका है। इस पर कुल 12,283 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। उपचार सेवाओं की सहज उपलब्धता को सुनिश्चित करने के लिए प्रदेश में 2921 सरकारी और 3088 निजी अस्पतालों सहित कुल 6099 चिकित्सालयों को सूचीबद्ध किया गया है, जो पूरे देश में सर्वाधिक संख्या है। योजना के तहत तृतीयक उपचार सेवाओं पर अब तक 4200 करोड़ खर्च किए गए हैं, जिसमें कैंसर, कार्डियोलॉजी, ऑर्थोपेडिक, अंग प्रत्यारोपण, शिशु कैंसर, प्लास्टिक सर्जरी और अन्य विशिष्ट उपचार शामिल हैं। आयुष्मान भारत–प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना ने सात वर्षों में यह साबित कर दिया है कि यह योजना न केवल गरीब और वंचित वर्ग को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं सुलभ कराती है, बल्कि भारत को सार्वभौमिक स्वास्थ्य सुरक्षा की दिशा में मजबूत और निर्णायक कदम भी प्रदान करती है। इस योजना का आगे और अधिक परिवारों तक विस्तार होने की पूरी संभावना है, और यह अपने उद्देश्यों को पूर्ण करेगी।  

उत्तर प्रदेश में हड़कंप: नकली नियुक्तियों में शामिल कर्मचारियों-शिक्षकों पर योगी सरकार की बड़ी कार्रवाई

लखनऊ  सरकारी दफ्तरों और शैक्षिक संस्थानों में अनुकंपा नियुक्तियों की आड़ में गलत तरीके से नौकरी पाने वाले कर्मचारियों की मुश्किलें अब बढ़ने वाली हैं। शासन ने ऐसे मामलों की जांच तेज कर दी है और सभी विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि पात्रता से बाहर जाकर नौकरी पाने वालों की पहचान कर रिपोर्ट भेजी जाए। अनुकंपा नियुक्ति का नियम साफ है कि यदि किसी कर्मचारी की सेवा के दौरान मृत्यु हो जाए, तो उसके आश्रित को नौकरी दी जा सकती है। लेकिन अगर पति-पत्नी दोनों ही सरकारी सेवा में हों और उनमें से किसी एक का निधन हो जाए, तो आश्रित बच्चों को यह सुविधा नहीं मिलती। इसके बावजूद कई जगह अधिकारियों की अनदेखी या मिलीभगत से ऐसे लोगों को भी नियुक्ति मिल गई जो पात्र नहीं थे।   विभागों में खलबली, विरोधियों से शिकायतें सूत्रों के मुताबिक, गलत तरीके से नौकरी पाने वालों में खलबली मची हुई है। विरोधियों द्वारा शासन स्तर पर शिकायतें पहुंचने के बाद कई मामलों का खुलासा हुआ है। हालांकि, पहले मिली शिकायतों पर विभागों ने सिर्फ फाइलें तलब कर दस्तावेज मांगे, लेकिन ठोस कार्रवाई नहीं की। अब शासन की सख्ती के बाद मामले फिर से खंगाले जा रहे हैं। निकायों में भी उजागर हो सकती हैं गड़बड़ियां नियम कहता है कि अनुकंपा नियुक्ति केवल मृतक के पति, पत्नी या बेटे-बेटी को दी जा सकती है। इसके बावजूद कई नगर निकायों और विभागों में मृतक के भाई या अन्य रिश्तेदारों को भी नौकरी दे दी गई। यदि यहां जांच गहराई से हुई तो बड़ी संख्या में ऐसे कर्मचारी सामने आ सकते हैं जो पात्र ही नहीं थे। अधिकारियों पर भी गिरेगी गाज किसी भी अनुकंपा नियुक्ति से पहले विभागीय अधिकारियों को तथ्यों की जांच करनी होती है। ऐसे में यह भी स्पष्ट है कि यदि गलत तरीके से किसी को नौकरी मिली है, तो संबंधित अधिकारी की जिम्मेदारी तय होगी और उनके खिलाफ कार्रवाई हो सकती है। हाईकोर्ट के आदेश से खुली नींद इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने हाल ही में एक ऐसे मामले पर सख्त रुख अपनाया जिसमें एक व्यक्ति ने अनुकंपा नौकरी लेते समय अपनी मां के सरकारी शिक्षिका होने की बात छिपा ली थी। अदालत के आदेश के बाद शासन और विभागीय अधिकारी हरकत में आ गए हैं। अब सभी विभागों को शासन को रिपोर्ट भेजनी होगी, जिससे यह सामने आ सकेगा कि कितने कर्मचारियों ने नियमों को ताक पर रखकर नौकरी हासिल की है।

उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो में नजर आएगा पृथ्वी के प्रति उत्तर प्रदेश का संकल्प

सस्टेनेबिलिटी की दिशा में अग्रसर यूपी, पानी बचाने से लेकर वनों के विस्तार तक की अनोखी पहल आधुनिक सिंचाई तकनीक, ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान और क्लाइमेट रेज़िलिएंस पर फोकस हॉल नंबर 8 में सिंचाई, पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन विभाग करेंगे उपलब्धियों का प्रदर्शन  25 से 29 सितंबर तक ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो मार्ट में यूपीआईटीएस 2025 का भव्य आयोजन  लखनऊ उत्तर प्रदेश को “नए भारत का ग्रोथ इंजन” बनाने की दिशा में योगी सरकार लगातार बड़े कदम उठा रही है। इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआईटीएस 2025) राज्य की आर्थिक, सांस्कृतिक और सामाजिक ताकत को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करने जा रहा है। 25 से 29 सितंबर तक इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट, ग्रेटर नोएडा में आयोजित होने वाले इस भव्य आयोजन का यह तीसरा संस्करण होगा, जिसमें व्यापार, उद्योग, संस्कृति, खानपान, तकनीकी नवाचार के अतिरिक्त इस बार सस्टेनेबिलिटी की अनूठी झलक देखने को मिलेगी। योगी सरकार ने पर्यावरण संरक्षण और जलवायु परिवर्तन के खिलाफ संघर्ष में अपनी प्रतिबद्धता का एक सशक्त संदेश देते हुए यहां 'उत्तर प्रदेश प्लेजेस टू द प्लैनेट' यानी पृथ्वी के प्रति उत्तर प्रदेश का संकल्प भी लिया है। यूपीआईटीएस 2025 का यह पहलू इस बात का सशक्त उदाहरण है कि कैसे उत्तर प्रदेश खुद को भारत के ग्रोथ इंजन के साथ-साथ ग्रीन इंजन के रूप में भी स्थापित कर रहा है। हॉल नंबर 8 में होगा उपलब्धियों का प्रदर्शन इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट, ग्रेटर नोएडा में 25 से 29 सितंबर के बीच आयोजित होने जा रहे इस आयोजन में हॉल नंबर 8 का दृश्य कुछ खास होगा, जहां सिंचाई, पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन विभाग अपनी योजनाओं और उपलब्धियों का प्रदर्शन करेंगे। यहां आगंतुकों को दिखाया जाएगा कि किस तरह यूपी आधुनिक सिंचाई समाधानों के जरिए न केवल किसानों की उपज बढ़ा रहा है, बल्कि पानी की भारी बचत भी कर रहा है। यह पहल भविष्य की पीढ़ियों के लिए जल सुरक्षा और किसानों की समृद्धि सुनिश्चित करने का मार्ग प्रशस्त कर रही है। इस मौके पर ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान को भी विशेष रूप से रेखांकित किया गया। इस अभियान ने अब तक प्रदेश में करीब पांच लाख एकड़ तक वन आच्छादन बढ़ाने में सफलता पाई है। यह उपलब्धि न केवल पर्यावरणीय संतुलन की दिशा में क्रांतिकारी कदम है, बल्कि हर नागरिक को हरियाली से जोड़ने का एक सशक्त प्रयास भी है। ग्रीन फ्यूचर की ओर अग्रसर उत्तर प्रदेश  कार्यक्रम में यह भी बताया जाएगा कि जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने के लिए उत्तर प्रदेश ने विकास और पारिस्थितिकी के बीच संतुलन साधने का ठोस मॉडल तैयार किया है। सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) को ध्यान में रखते हुए राज्य ग्रीन फ्यूचर की ओर तेजी से अग्रसर है। आयोजन समिति के अनुसार, इस सेक्शन का उद्देश्य आगंतुकों को प्रेरित करना और उन्हें यह विश्वास दिलाना है कि विकास और पर्यावरण संरक्षण एक-दूसरे के पूरक हो सकते हैं। विशेषज्ञों ने कहा कि यह मॉडल न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि पूरे देश के लिए क्लाइमेट जस्टिस और सतत विकास की दिशा में प्रेरक साबित होगा।  पांच दिनों तक बिजनेस, संस्कृति और क्रिएटिविटी का दिखेगा संगम उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो का मंच सज चुका है, जहां 5 दिनों तक व्यापार, संस्कृति, खानपान और रचनात्मकता का अद्भुत मेल देखने को मिलेगा। इस मेगा इवेंट में उत्तर प्रदेश अपनी ताकत और संभावनाओं को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करेगा। आयोजन का मुख्य उद्देश्य राज्य को ग्लोबल सोर्सिंग हब के रूप में स्थापित करना है, जहां छोटे, मध्यम और बड़े उद्योगों से लेकर पारंपरिक वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट (ओडीओपी) के खजाने, आधुनिक तकनीक, हस्तशिल्प और प्रदेश की विविधतापूर्ण व्यंजन संस्कृति सब एक ही छत के नीचे दिखाई देंगे। इस बार आयोजन में एमएसएमई और स्टार्टअप्स को विशेष प्लेटफार्म दिया गया है, ताकि वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खरीदारों और निवेशकों से जुड़ सकें। वहीं, मेगा इंडस्ट्री सेक्टर की कंपनियां भी अपने उत्पाद और सेवाओं का प्रदर्शन करेंगी। व्यापारियों, निवेशकों और खरीदारों के लिए यह आयोजन न केवल नए अवसरों का द्वार खोलेगा, बल्कि 'मेक इन यूपी' की अवधारणा को सशक्त भी करेगा। प्रदर्शनी में आने वाले विज़िटर्स को खरीदारी और बिज़नेस डील्स के साथ-साथ यूपी के क्राफ्ट, कल्चर और कुजीन का लुत्फ भी मिलेगा। प्रदेश के पारंपरिक शिल्प, पीतल, जरी-ज़रदोज़ी, बनारसी साड़ी से लेकर आधुनिक तकनीकी नवाचारों तक की झलक यहां देखने को मिलेगी। साथ ही, आगंतुकों को अवध, बुंदेलखंड और पूर्वांचल की पाक विरासत का स्वाद चखने का मौका मिलेगा।