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योगी सरकार के जागरुकता कार्यक्रमों से पिछले 8 वर्ष में कृषि क्षेत्र में हुई अभूतपूर्व उन्नति

त्वरित मक्का विकास कार्यक्रम को मिली ऊंचाई लखनऊ योगी सरकार ने कृषि के क्षेत्र में यूपी को अभूतपूर्व प्रगति दी। सरकार के जागरूकता कार्यक्रम और सकारात्मक पहल से उत्तर प्रदेश ने नया अध्याय लिखा है।  कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने मंगलवार को कृषि भवन में "सोशल मीडिया की कार्यशाला " का शुभारंभ किया। सोशल मीडिया के कृषि पर  सकारात्मक प्रभाव एवं भविष्य की संभावना पर जोर देते हुए कृषि के क्षेत्र में प्रदेश मे हुए समग्र विकास का ब्योरा मीडिया के समक्ष प्रस्तुत किया।  उत्तर प्रदेश मे रबी, खरीफ एवं जायद सीजन में किसानों द्वारा सफलतापूर्वक फसल उत्पादन का कार्य किया जाता है। जिसमें मौसम की विभिन्न स्थितियों के अनुरूप  प्रजातियों/ फसलों की बुआई एवं उनकी विभिन्न विकास की अवस्थाओं पर तकनीकी पहलुओं के साथ साथ कृषि निवेशों की उचित प्रयोग से पहले की अपेक्षा अब कृषि का तेजी से विकास हो रहा है तथा अधिक उत्पादन भी सुनिश्चित हुआ है l इसमें सोशल मीडिया के माध्यम से कृषि से सम्बंधित सूचनाओं के त्वरित गति से सम्प्रेषण का बड़ा योगदान है l कृषि में उत्तर प्रदेश की उपलब्धि  कृषि क्षेत्र का GDP विकास दर में योगदान: वर्ष 2016-17 में कृषि सेक्टर की विकास दर 8.8 प्रतिशत जब कि वर्ष 2024-25 में कृषि सेक्टर की विकास दर 15.7 प्रतिशत हो गयी है,जो कि सरकार द्वारा संचालित योजनाओं एवं कृषि के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण का परिणाम है।   कृषि GSVA (Gross State Value Added) में योगदान   कृषि GSVA वर्ष 2016-17 के 2.00 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर वर्ष 2024-25 में 4.37 लाख करोड़ रुपये हो गया, जो लगभग 118 प्रतिशत वृद्धि को प्रदर्शित करता है l वर्तमान सरकार के प्रयास एवं सघन रूप से चलाये जा रहे कृषि में जागरुकता कार्यक्रमों से प्रदेश के 161 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल पर वर्ष 2024-25 में कुल 737.20 लाख मीट्रिक टन खाद्यान्न का उत्पादन हुआ, जो राष्ट्रीय स्तर पर 20.89 प्रतिशत का योगदान है l इसी प्रकार प्रदेश मे कृषि फसलों के आच्छादन, उत्पादन एवं उत्पादकता में भी अद्वितीय वृद्धि हुई है l   फसल आच्छादन खरीफ वर्ष 2016-17 में कुल 91.45 लाख हेक्टेयर कृषि फ़सलों का आच्छादन रहा, जबकि योगी सरकार द्वारा किसानों के हित में योजनाओं के क्रियान्वयन के उपरांत खरीफ सीजन वर्ष 2024-2025 में आच्छादन 105.93 लाख हेक्टेयर हो गया, जो कि पूर्व से लगभग 14.48 लाख हेक्टेयर अधिक है l कृषि उत्पादन के आंकड़े, सरकार के विजन व उपलब्धियां  चावल वर्ष 2016-17 में चावल का उत्पादन 144.70 लाख मीट्रिक टन से बढ़कर वर्ष 2024-25 में कुल 212.25 लाख मीट्रिक टन हुआ l  गेहूं – वर्ष 2016-17 में गेहूँ का उत्पादन 349.71 लाख मीट्रिक टन से बढ़ कर वर्ष 2024-25 में कुल 414.39 लाख मीट्रिक टन हुआl  दलहन वर्ष 2016-17 में दलहन का उत्पादन 23.90 लाख मीट्रिक टन से बढ़कर वर्ष 2024-25 में कुल 36.30 लाख मीट्रिक टन हुआ है l  तिलहन: वर्ष 2016-17 में तिलहन का उत्पादन 12.40 लाख मीट्रिक टन से बढ़ कर वर्ष 2024-25 में कुल 30.80 लाख मीट्रिक टन हुआ है।  फसल सघनता : कृषि के महत्वपूर्ण इंडिकेटर फसल सघनता जो वर्ष 2016-17 में 163 प्रतिशत  थी, के सापेक्ष वर्ष 2024-25 में 182 प्रतिशत है, में 19 प्रतिशत की वृद्धि हुई।   योगी सरकार द्वारा कृषकों के हित में जागरुकता के  लिए किए गये ठोस प्रयास  विकसित कृषि संकल्प यात्रा कुल 14170 ग्रामों में आयोजित की गई, जिससे कुल 23.30 लाख कृषकों को ICAR, कृषि विश्वविद्यालय तथा कृषि विज्ञान केन्द्र के वैज्ञानिकों द्वारा क्षेत्र में जा कर वैज्ञानिक कृषि हेतु प्रोत्साहित/लाभान्वित किया गया l किसान पाठशाला: कृषकों में क्षमता विकास के लिए कुल 76000 ग्रामों में आयोजित किया गया, जिसमे 1.71 करोड़ किसानों को कृषि नवीनतम तकनीकों का प्रशिक्षण प्रदान किया गया l  त्वरित मक्का विकास कार्यक्रम  प्रदेश में मक्का को अधिक उपयोगी एवं उत्पादक बनाए जाने हेतु सरकार द्वारा कृषक हित में  यह कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। यह बहुपयोगी फसल के रूप में प्रदेश सरकार द्वारा चिन्हित है, जिसका इस्तेमाल खाद्यान्न, पशु आहार एवं औद्योगिक (एथनॉल) उद्देश्यों के लिए किया जाता है l वर्ष 2016-17 में  मक्का के क्षेत्रफल 3.06 लाख हेक्टेयर के सापेक्ष वर्ष 2024-25 में कुल 5.42 लाख हेक्टेयर तथा उत्पादन 11.87 लाख मीट्रिक टन है l कृषकों के क्षमता विकास हेतु ग्राम पंचायत स्तरीय 6510 गोष्ठियां, विकास खण्ड स्तरीय 825 गोष्ठियां, जनपद स्तरीय 75 गोष्ठियां आयोजित की गई कृषि वैज्ञानिकों का क्षेत्र भ्रमण : कृषि विश्वविद्यालय/ICAR /कृषि विज्ञान केन्द्र के कृषि वैज्ञानिकों तथा कृषि विभाग के अधिकारियों द्वारा किसानों के खेतों का भ्रमण/निरीक्षण कर कृषकों की तकनीकी समस्याओं का समाधान कराया गया, जिससे फसलों के आच्छादन, उत्पादन के साथ कृषकों के कार्य करने के तरीकों में सकारात्मक परिवर्तन हुए और  उत्पादन बढ़ा है l उत्तर प्रदेश: देश के कृषि क्षेत्र मे (उत्पादन में)  ⚫गेहूँ में प्रथम स्थान  ⚫चावल में प्रथम स्थान ⚫गन्ना में प्रथम स्थान ⚫आलू में प्रथम स्थान ⚫बाजरा में दूसरा स्थान ⚫मसूर में दूसरा स्थान  ⚫राई/सरसों में दूसरा स्थान  ⚫दलहन में तीसरा स्थान  कृषि एवं किसान उत्तर प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता में सम्मिलित है जिनके सर्वांगीण विकास के लिए सरकार प्रतिबद्ध है l इस अवसर पर कृषि सचिव इंद्र विक्रम सिंह, सचिव उपकार एके सिंह,एम डी बीज विकास निगम पीयूष शर्मा, अपर कृषि निदेशक प्रसार आरके सिंह, संयुक्त कृषि निदेशक उर्वरक आशुतोष मिश्र, संयुक्त कृषि निदेशक(ब्यूरो) एके सिंह सहित राजस्थान के कृषि में सोशल मीडिया के विशेषज्ञ पिंटू मीना पहाड़

बोले उप मुख्यमंत्री- एनडीए गठबंधन के प्रत्याशी सीपी राधाकृष्णन प्रचंड मतों से विजयी होंगे

बोले उप मुख्यमंत्री- समाजवादी पार्टी और इंडी गठबंधन के लोग केवल कुर्सी के लिए लड़ रहे हैं उप मुख्यमंत्री ने कहा- सपा ने उत्तर प्रदेश को अपराधियों का चारागाह बना दिया गया था लखनऊ उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि एमएलसी की 11 सीटों पर दोनों दलों का अलग-अलग चुनाव लड़ना ही इंडी गठबंधन की असलियत को उजागर करता है। उन्होंने कहा कि यह गठबंधन केवल अवसरवाद और सत्ता की लालसा पर आधारित है, इसमें न कोई वैचारिक प्रतिबद्धता है और न ही जनता के लिए कोई गंभीर सोच। ब्रजेश पाठक ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी और एनडीए गठबंधन के प्रत्याशी सीपी राधाकृष्णन प्रचंड मतों से विजयी होंगे। उन्होंने कहा कि जनता का विश्वास भाजपा और एनडीए के साथ है और यही भारतीय लोकतंत्र की सच्ची ताकत है।   ब्रजेश पाठक ने कहा कि समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव का बयान अंतर्विरोधों से भरा हुआ है। उन्हें कांग्रेस के काले इतिहास का अध्ययन करना चाहिए। यही कांग्रेस है जिसने देश पर आपातकाल थोपकर पूरे भारत को कैदखाने में बदल दिया था। यही नहीं, कांग्रेस ने अलग-अलग समय पर जनता द्वारा चुनी गई 90 राज्य सरकारों को बर्खास्त कर लोकतंत्र का गला घोंटने का काम किया। उन्होंने कहा कि यह भारतीय लोकतंत्र का सबसे काला अध्याय है, जिसे देश कभी भूल नहीं सकता।   ब्रजेश पाठक ने कहा कि समाजवादी पार्टी को आत्मावलोकन की आवश्यकता है। प्रदेश की सत्ता में जब-जब सपा रही, गुंडे और माफिया सत्ता के आशीर्वाद से पनपे। उन्होंने कहा कि उस दौर में पूरा प्रदेश कहता था, "देख सपाई, बिटिया घबराई"। यही नहीं, सपा के लोग नारा देते थे, "समाजवाद का नारा है, खाली प्लॉट हमारा है।" विधानसभा सत्र के दौरान दर्जनों गाड़ियों में असलहा भरकर माफिया सदन में पहुंचते थे। उस दौर में उत्तर प्रदेश को अपराधियों का चारागाह बना दिया गया था।   ब्रजेश पाठक ने कहा कि समाजवादी पार्टी और इंडी गठबंधन के लोग केवल कुर्सी के लिए लड़ रहे हैं। कांग्रेस और सपा दोनों दल जनता को छलने का काम कर रहे हैं। एक ओर वे गठबंधन की बातें करते हैं और दूसरी ओर एमएलसी की 11 सीटों पर अलग-अलग मैदान में उतरते हैं। इससे साफ हो जाता है कि इंडी गठबंधन केवल दिखावा है। यह गठबंधन जनता को भ्रमित करने का एक और प्रयास है, जिसका पर्दाफाश हो चुका है। ब्रजेश पाठक ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी सुचिता और पारदर्शिता की राजनीति का उदाहरण बनी है। यही कारण है कि भाजपा आज दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी के रूप में स्थापित हुई है। उन्होंने विश्वास जताया कि समाजवादी पार्टी और कांग्रेस जैसे अवसरवादी दलों को जनता कभी माफ नहीं करेगी।

‘चरित्र का नुकसान हमेशा स्थायी’—लिव-इन रिलेशनशिप पर संत प्रेमानंद का संदेश

वृंदावन अपने बयानों को लेकर अक्सर चर्चा में रहने वाले वृंदावन के प्रसिद्ध संत प्रेमानंद जी महाराज एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार उन्होंने लिव-इन रिलेशनशिप और आधुनिक जीवनशैली को लेकर तीखी टिप्पणी की है। उन्होंने कहा है कि, "एक बार चरित्र गया तो वह कभी वापस नहीं आता है।" 'विदेशों को बहुत उन्नति वाला मत मानो' प्रेमानंद महाराज ने अपने मंगलवार के प्रवचन के दौरान एक सवाल के जवाब में लिव-इन रिलेशनशिप पर बात की। उन्होंने कहा, "एक लड़के से प्यार करो, उसके साथ रहो, उसकी फैमिली से मिलो और शादी कर लो। ऐसा नहीं कि 10 दिन किसी के साथ रहो फिर 10 दिन किसी और के साथ। विदेशों को बहुत उन्नति वाला मत मानो।" उन्होंने आगे कहा कि अगर विदेश इतने ही उन्नति वाले हैं तो वहां के लोग भारत में संतों के पास क्यों आते हैं?   पैसे से ऊपर है चरित्र जब उनसे पूछा गया कि आज के समय में लोग पैसे को ही सब कुछ मानते हैं तो उन्होंने कहा कि "पैसे को ही सब कुछ नहीं मानना चाहिए। एक बार चरित्र गया तो वो वापस नहीं आता है। पैसा ही सब कुछ नहीं होता।" पहले भी महिलाओं पर कर चुके हैं टिप्पणी इससे पहले भी प्रेमानंद महाराज महिलाओं को लेकर दिए गए अपने बयानों के चलते विवादों में आ चुके हैं। एक निजी बातचीत के दौरान उन्होंने कहा था कि आज के समय में सौ में से मुश्किल से दो-चार लड़कियां ही ऐसी हैं जो पवित्र जीवन जीकर किसी एक पुरुष को समर्पित हैं। बाकी सभी बॉयफ्रेंड और गर्लफ्रेंड के चक्कर में लगी हैं। उनके इस बयान को लेकर सोशल मीडिया पर एक बड़ी बहस छिड़ गई थी। कई लोगों ने इसे महिलाओं की गरिमा पर चोट बताया और इसे महिलाओं के प्रति नकारात्मक सोच को बढ़ावा देने वाला बयान बताया था।  

परिवहन आयुक्त ने जिलाधिकारियों को समयबद्ध कार्यक्रम के लिए भेजा पत्र

सड़क दुर्घटनाओं को न्यूनतम करने पर योगी सरकार का भी फोकस लखनऊ केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) व युवा कार्य-खेल मंत्रालय के सहयोग से ‘सड़क सुरक्षा मित्र (Sadak Suraksha Mitra-SSM)’ कार्यक्रम प्रारंभ किया जा रहा है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य MYBharat प्लेटफ़ॉर्म के माध्यम से युवाओं को सड़क-सुरक्षा हस्तक्षेपों में संगठित रूप से जोड़ना है। इसके लिए अनुमोदित कॉन्सेप्ट नोट व रोडमैप राज्यों/जनपदों को प्रेषित किए गए हैं। प्रथम चरण में देश के 100 चयनित जनपदों में क्रियान्वयन होगा। संबंधित जिलाधिकारियों से युवाओं के समन्वित जुड़ाव व प्रगति-रिपोर्टिंग सुनिश्चित करने का अनुरोध किया गया है। परिवहन आयुक्त ने मंगलवार को सभी जिलाधिकारियों को पत्र जारी कर SSM कार्यक्रम के समयबद्ध क्रियान्वयन हेतु DRSC के माध्यम से नोडल व्यवस्था,  MYBharat ऑनबोर्डिंग, स्वयंसेवक चयन-प्रशिक्षण एवं मासिक KPI-आधारित समीक्षा सुनिश्चित करने का अनुरोध किया है।  स्वयंसेवक के रूप में चयनित किए जाएंगे 18 से 25 वर्ष के युवा  18–28 वर्ष के उसी जनपद के युवा, जिनके विरुद्ध कोई यातायात चालान लंबित न हो, वे चुने जाएंगे। सामान्य स्वयंसेवकों के लिए 1 सप्ताह का प्रशिक्षण (फ़र्स्ट-एड सहित) और सिविल इंजीनियर स्नातकों के लिए 15 दिन का रोड सेफ़्टी ऑडिट प्रशिक्षण निर्धारित है। इनकी भूमिकाएँ—क्रैश-सीन समन्वय, रोड सेफ़्टी ऑडिट/ब्लैक-स्पॉट अध्ययन, जागरूकता एवं एंगेजमेंट के साथ EDAR, Sanjaya, Field Perception Survey जैसे टूल्स का उपयोग अनिवार्य रहेगा। उत्कृष्ट कार्य पर प्रमाण-पत्र व Good Samaritan मान्यता/पुरस्कार का भी प्रावधान है।             जिला सड़क सुरक्षा समिति करेगी कार्यक्रम की देखरेख  धारा 215B, मोटर वाहन अधिनियम, 1988 के तहत प्रत्येक जनपद में जिला सड़क सुरक्षा समिति (DRSC) कार्यक्रम की देखरेख करेगी। SCCoRS (29.03.2022) के निर्देशानुसार SSM को DRSC में co-opt किया जा सकता है। MoRTH के रोडमैप में T1–T12 के स्पष्ट माइलस्टोन्स (जैसे DM का MYBharat पर ऑनबोर्डिंग, DRSC बैठक, ELP प्रकाशन, प्रशिक्षण एवं फ़ील्ड एंगेजमेंट) निर्दिष्ट हैं। कार्यक्रम के अंत में DM द्वारा MoRTH व SCCoRS को समरी रिपोर्ट प्रेषित की जाएगी।       उत्तर प्रदेश के चयनित 28 जनपद (MoRTH सूची के अनुसार): कानपुर नगर, बुलंदशहर, प्रयागराज, आगरा, उन्नाव, हरदोई, मथुरा, अलीगढ़, फतेहपुर, लखनऊ, सीतापुर, बरेली, गोरखपुर, कुशीनगर, बाराबंकी, जौनपुर, बदायूँ, बिजनौर, गौतमबुद्धनगर, सहारनपुर, आज़मगढ़, मैनपुरी, फ़िरोज़ाबाद, रायबरेली, सोनभद्र, लखीमपुर खीरी, शाहजहाँपुर, बस्ती।     अपेक्षित प्रभाव: संरचित प्रशिक्षण, फील्ड-स्टडी और डेटा-आधारित रिपोर्टिंग से दुर्घटनाओं/गंभीर चोटों में कमी, आपात प्रतिक्रिया व साइट प्रबंधन में सुधार, तथा युवा-जन सहभागिता बढ़ेगी—जिससे दीर्घकाल में जिलास्तरीय सड़क-सुरक्षा तंत्र सुदृढ़ होगा। शून्य जोखिम व शून्य घर्षण की नीति पर चलते हुए सड़क सुरक्षा मित्र युवाओं की ऊर्जा को सड़क-सुरक्षा के ठोस परिणामों में बदलने का राष्ट्रीय प्रयास है। भारत सरकार एवं प्रदेश शासन चाहता है कि हर जिला समयबद्ध तरीके से DRSC के माध्यम से क्रैश-सीन मैनेजमेंट, ब्लैक-स्पॉट ऑडिट और जागरूकता की संयुक्त कार्ययोजना लागू करे, ताकि दुर्घटनाएँ व मृत्यु-दर घटे, प्रतिक्रिया-समय सुधरे और नागरिकों की सुरक्षा बढ़े। ब्रजेश नारायण सिंह, परिवहन आयुक्त

योगी सरकार एक लाख सूर्य सखियों से गांव-गांव तक पहुंचाएगी सौर ऊर्जा की रोशनी

सीएम योगी के निर्देश पर सोलर पैनल के इंस्टालेशन, सोलर पैनल, लाइटिंग, ईवी चार्जिंग के कार्यों में महिलाओं को जोड़ा जाएगा  – यूपीएसआरएलएम द्वारा सोलर एनर्जी को बढ़ावा देने और महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए उठाया गया कदम – सीएम योगी के मार्गदर्शन में यूपीएसआरएलएम की ओर से डीईडब्लयूईई(Decentralized Energy for Women’s Economic Empowerment) कार्यक्रम का बुधवार को किया जा रहा आयोजन – कार्यक्रम में प्रदेश के कई वरिष्ठ अधिकारी, पर्यावरण के क्षेत्र में काम करने वाले विशेषज्ञ और वैज्ञानिक लेंगे हिस्सा   लखनऊ योगी सरकार प्रदेश की बेटियों और महिलाओं को सशक्त, आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में लगातार काम कर रही है। वहीं ग्रामीण विकास में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए कई योजनाएं चलायी जा रही हैं। इसी के तहत योगी सरकार स्वयं सहायता समूह की महिलाओं की सोलर पैनल, लाइटिंग, ईवी चार्जिंग समेत सोलर आधारित योजनाओं में भागीदारी बढ़ाने के लिए महिला सूर्य सखी से जोड़ने जा रही है। इसी क्रम में सीएम योगी के मार्गदर्शन में बुधवार को यूपीएसआरएलएम की ओर से DEWEE(Decentralized Energy for Women’s Economic Empowerment)कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। इसका वर्ष 2030 तक 1 लाख महिला नेतृत्व वाले उद्यमों तक डीआरई (Decentralized Renewable Energy) को पहुंचाना है। इसके जरिये जहां सोलर एनर्जी के क्षेत्र में तेजी से इजाफा होगा, वहीं दूसरी ओर ग्रामीण और शहरी महिलाएं आर्थिक रूप से मजबूत होंगी। कार्यक्रम में देश और विदेश के सौर ऊर्जा के क्षेत्र के विशेषज्ञ हिस्सा लेंगे और डीआई को धरातल पर उतारने के लिए खाका खींचेंगे।  सौर ऊर्जा से रोशन होंगे प्रदेश के ग्रामीण और दूर-दराज के इलाके यूपीएसआरएलएम की निदेशक दीपा रंजन ने बताया कि योगी सरकार द्वारा लगातार महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण विकास पर जोर दिया जा रहा है। उनका यह मानना है कि अगर महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त होंगी, तो समाज में समृद्धि का रास्ता खुल सकेगा। मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में  महिलाओं के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं, जिनमें डीआरई को बढ़ावा देना महत्वपूर्ण कदम है। ऐसे में उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण जीवन मिशन द्वारा डीआरई पहल महिला स्वयं सहायता समूहों (SHGs)को सशक्त बनाने की दिशा में एक नया कदम है। उन्होंने बताया कि डीआरई ऑफ-ग्रिड यानी मिनी ग्रिड ऊर्जा समाधानों से संबंधित है, ग्रामीण और दूर-दराज के इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण पहल है। इन इलाकों में  पारंपरिक बिजली नेटवर्क पहुंचने में काफी परेशानी होती है, वहां डीआरई घरों और समुदायों को स्वच्छ, सस्ती और विश्वसनीय ऊर्जा प्रदान करेगा। इस पहल के जरिए महिलाएं न केवल अपनी आर्थ‍िक स्थिति को सुधार सकती हैं, बल्कि स्वच्छ ऊर्जा समाधानों के प्रचार-प्रसार में भी सक्रिय भूमिका निभा सकती हैं। महिलाओं को सौर ऊर्जा से जोड़ेगी योगी सरकार डीईडब्ल्यूईई कार्यक्रम के तहत महिलाएं न केवल डीआरई समाधानों की स्थापना, रखरखाव और मरम्मत में सक्षम होंगी, बल्कि वे अपने समुदायों में स्वच्छ ऊर्जा से जुड़ी सेवाएं भी प्रदान करेंगी। इससे उनकी आय में वृद्धि होगी और वे समाज में बेहतर भूमिका निभा सकेंगी। इसके अलावा महिलाएं छोटे-छोटे उद्यमों को भी स्थापित कर सकेंगी, जिससे उन्हें सशक्त होने का एक नया अवसर मिलेगा। निदेशक ने बताया कि कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए विभाग ने कई महत्वपूर्ण संस्थाओं के साथ साझेदारी की है। इसमें पीसीआई इंडिया, एचसीबीसी, ग्लोबल एनर्जी एलायंस फॉर पीपल एंड प्लेनेट, गेट्स फाउंडेशन इंडिया और प्रेरणा ओजस जैसी संस्थाएं शामिल हैं। यह संस्थाएं प्रदेश के 20 जिलों में डीआरई को धरातल पर उतारने में अहम भूमिका निभाएंगी। इन संस्थाओं के सहयोग से महिलाओं के लिए एक समावेशी और लचीला स्वच्छ ऊर्जा तंत्र का निर्माण किया जाएगा।    कार्यक्रम में यूपीएसआरएलएम की निदेशक दीपा रंजन, पीसीआई इंडिया के जलवायु एवं रणनीति निदेशक शिशिर कुमार सिंह, ग्राम्य विकास आयुक्त जीएस प्रियदर्शी, यूपीनेडा के निदेशक इंद्रजीत सिंह, उद्योग निदेशक एवं एमएसएमई आयुक्त कानुपर केवी पांडियन, अपर मुख्य सचिव ग्रामीण विकास विभाग हिमांशु कुमार, नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय भारत सरकार के वरिष्ठ निदेशक-वैज्ञानिक जीवन कुमार जेठानी और गेट्स फाउंडेशन के निदेशक हरि मेनन आदि शामिल रहेंगे।  

इंडिया गठबंधन के उम्मीदवार बी. सुदर्शन रेड्डी लखनऊ पहुंचे, समर्थकों में दिखा उत्साह

लखनऊ उपराष्ट्रपति पद के लिए विपक्ष के साझा उम्मीदवार बी. सुदर्शन रेड्डी ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इंक्लूसिव अलायंस' (इंडिया) के प्रमुख घटक दलों कांग्रेस और समाजवादी पार्टी (सपा) के नेताओं के साथ विचार-विमर्श करने के लिए मंगलवार को लखनऊ पहुंचे। कांग्रेस के उत्तर प्रदेश प्रभारी अविनाश पांडेय, पार्टी की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष अजय राय और वरिष्ठ नेता प्रमोद तिवारी की अगुवाई में बड़ी संख्या में कांग्रेस व सपा कार्यकर्ताओं ने उच्चतम न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश रेड्डी का हवाई अड्डे पर स्वागत किया। लखनऊ पहुंचने के बाद रेड्डी का सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के साथ संयुक्त रूप से एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करने का भी कार्यक्रम है। देश के उपराष्ट्रपति का चुनाव आगामी नौ सितंबर को होगा जिसके लिए विपक्ष ने रेड्डी को साझा उम्मीदवार बनाया है। उनका मुकाबला भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के प्रत्याशी सी. पी. राधाकृष्णन से होगा। राधाकृष्णन तमिलनाडु से भाजपा के वरिष्ठ नेता हैं और वर्तमान में महाराष्ट्र के राज्यपाल हैं, जबकि तेलंगाना से ताल्लुक रखने वाले रेड्डी उच्चतम न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश हैं।   उपराष्ट्रपति का पद जगदीप धनखड़ के इस्तीफे के कारण रिक्त हुआ है। उपराष्ट्रपति चुनाव को विपक्ष ने एक वैचारिक लड़ाई बताया है, हालांकि संख्या बल सत्तारूढ़ राजग के पक्ष में है। जुलाई 2011 में सेवानिवृत्त हुए 79 वर्षीय रेड्डी को काले धन के मामलों की जांच में ढिलाई बरतने के लिए तत्कालीन केंद्र सरकार की आलोचना करने सहित कई ऐतिहासिक फैसलों के लिए जाना जाता है।  उन्होंने छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा शुरू किए गए ‘सलवा जुडूम' अभियान को भी असंवैधानिक करार दिया था। राजग उम्मीदवार राधाकृष्णन (67) प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल के दौरान कोयंबटूर से दो बार लोकसभा सदस्य रहे और बाद में तमिलनाडु में भाजपा का नेतृत्व किया था।  

श्रमिकों के बच्चों की आधुनिक शिक्षा के लिए पारदर्शी व रियल टाइम मॉनिटरिंग होगी संभव- सीएम

– प्रदेश में 57 मुख्यमंत्री अभ्युदय और कंपोजिट विद्यालयों की स्थापना का कार्य जारी- सीएम योगी – सीएम योगी ने ‘श्रम न्याय सेतु पोर्टल’, औद्योगिक न्यायाधिकरण वेबसाइट और ई-कोर्ट पोर्टल की भी शुरुआत की लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को लखनऊ स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित “रोजगार महाकुंभ 2025” के अवसर पर अटल आवासीय विद्यालयों के लिए एकीकृत निगरानी प्रणाली (Integrated Monitoring System Portal) का शुभारंभ किया। इस पोर्टल के जरिए प्रदेश के 18 अटल आवासीय विद्यालयों की गतिविधियों की रीयल टाइम मॉनिटरिंग की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल श्रमिकों के बच्चों को आधुनिक, गुणवत्तापूर्ण और अनुशासित शिक्षा दिलाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। विद्यालयों के सभी क्रियाकलापों की हो सकेगी डिजिटल निगरानी  अटल कमांड सेंटर आधारित ERP प्रणाली के माध्यम से विद्यालयों के सभी क्रियाकलापों की डिजिटल निगरानी शुरू की गई है। इस प्रणाली की प्रमुख विशेषताएं हैं: 1.     उपस्थिति प्रबंधन : छात्र-छात्राओं और स्टाफ की दैनिक उपस्थिति रीयल-टाइम में अद्यतन होगी। 2.     शैक्षणिक निगरानी: छात्रों की प्रोफाइल, प्रगति, परीक्षा परिणाम और रिपोर्ट कार्ड ERP पर उपलब्ध होंगे, साथ ही कमांड सेंटर से शिक्षण गुणवत्ता पर नजर रखी जाएगी। 3.     स्टाफ प्रोफाइल: शिक्षकों और कर्मचारियों का विवरण जुड़ा होगा, जो जवाबदेही और अनुशासन सुनिश्चित करेगा। 4.     वित्तीय प्रबंधन: व्यय, बजट और बिलिंग की पारदर्शी जानकारी ERP पर दर्ज होगी। 5.     CCTV एकीकरण: विद्यालयों के सीसीटीवी को ERP से जोड़ा गया है, जिससे अटल कमांड सेंटर से लाइव निगरानी संभव होगी, सुरक्षा और अनुशासन को बढ़ाएगी। 6.     छात्र प्रोफाइल : प्रत्येक छात्र की व्यक्तिगत जानकारी और प्रगति का समग्र मूल्यांकन कमांड सेंटर से होगा। सीएम ने कहा कि यह प्रणाली 18,000 बच्चों को निशुल्क लॉजिंग, फीडिंग और आधुनिक शिक्षा प्रदान करने वाले अटल आवासीय विद्यालयों में क्रांतिकारी बदलाव लाएगी। बीओसी बोर्ड से जुड़े श्रमिकों के बच्चों के लिए वरदान है अटल आवासीय विद्यालय- सीएम  सीएम ने कहा कि अटल आवासीय विद्याल बीओसी बोर्ड से जुड़े श्रमिकों के बच्चों के लिए वरदान है। उन्होंने कहा कि श्रमिक अपना पसीना बहाकर दूसरों के लिए घर और स्कूल बनाता था, लेकिन उसका अपना बच्चा पढ़ नहीं पाता था। यह पीड़ा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की थी, जिसे पूरा करने के लिए श्रम और सेवायोजन मंत्रालय ने 18 आवासीय विद्यालय शुरू किए। इन विद्यालयों में उत्तम इंफ्रास्ट्रक्चर और आधुनिक शिक्षा की व्यवस्था है, जो यूपी के किसी अन्य विद्यालय में नहीं है। सीएम योगी ने कहा कि अब उसी तर्ज पर हमने बेसिक एजुकेशन में भी इंटीग्रेटेड कैंपस की एक व्यवस्था प्रारंभ की है। पहले चरण में 57 मुख्यमंत्री अभ्युदय और कंपोजिट विद्यालयों की स्थापना का कार्य हमने प्रारंभ कर दिया है। यह डे स्कूल होंगे जहां बच्चों को आधुनिक शिक्षा प्राप्त होगी। श्रमिकों के लिए डिजिटल न्याय सेतु पोर्टल की हुई शुरुआत इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘श्रम न्याय सेतु पोर्टल’, औद्योगिक न्यायाधिकरण वेबसाइट और ई-कोर्ट पोर्टल की भी शुरुआत की। सीएम योगी ने कहा कि यह श्रमिकों के हित में बड़ी पहल है। उन्होंने कहा कि इस पोर्टल से श्रमिकों को त्वरित, पारदर्शी और टाइम-बाउंड न्याय मिलेगा। श्रम विवादों का ऑनलाइन समाधान, 24 घंटे सेवाएं और जवाबदेही सुनिश्चित की गई है। उद्यम चले, लेकिन श्रमिकों का शोषण न हो, यह हमारी प्राथमिकता है। यह कदम उद्यमों और श्रमिकों के हित को संतुलित करने की दिशा में उठाया गया है। रोजगार महाकुंभ 2025 में सीएम योगी ने 15 अभ्यर्थियों को दिया नियुक्ति पत्र रोजगार महाकुंभ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 15 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए, जिनका चयन यूएई और अन्य विदेशी कंपनियों ने किया है। 11 कंपनियों ने सर्वाधिक नियुक्ति का आश्वासन दिया। रोजगार महाकुंभ 2025 में 1,00,000 से अधिक पंजीकरण, 50,000 नौकरियों के अवसर तथा 15,000 अंतरराष्ट्रीय रिक्तियां शामिल होंगी, जिनमें संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब, जापान और जर्मनी में प्लेसमेंट भी होंगे। इसी तरह 35,000 घरेलू अवसर देश की अग्रणी कंपनियों के माध्यम से उपलब्ध कराए जाएंगे। इस तीन दिवसीय रोजगार महाकुंभ में 100 से अधिक भर्ती साझेदार इसमें भाग ले रहे हैं, जिनमें 20 अंतर्राष्ट्रीय भर्तीकर्ता भी होंगे। इस अवसर पर 10,000 से अधिक ऑफर लेटर जारी किए जाएंगे, जिनमें से 2,000 से अधिक विदेशी प्लेसमेंट के लिए होंगे। इस अवसर पर श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर, राज्यमंत्री मनोहर लाल ‘मन्नू’, प्रमुख सचिव श्रम एवं सेवायोजन एमकेएस सुंदरम्, निदेशक नेहा प्रकाश, श्रम आयुक्त मार्कंडेय शाही समेत रोज़गार महाकुंभ 2025’ के रणनीतिक पार्टनर के अधिकारीगण मौजूद रहे।   

DM और मेयर से गुहार: घायल बच्चे ने कहा, ‘कुत्तों से बचाइए, तभी जाऊंगा स्कूल’

बरेली  उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में कुत्तों का आतंक इतना बढ़ गया है कि बच्चे अब स्कूल जाने तक से डरने लगे हैं। हाल ही में 5वीं कक्षा के एक छात्र अविरल अग्रवाल को कुत्तों ने इतनी बुरी तरह से घायल कर दिया कि वह अब स्कूल जाने से डर रहा है। घायल बच्चा शहर के महापौर और जिलाधिकारी से गुहार लगा चुका है कि कॉलोनी और स्कूल के आसपास के कुत्तों को तुरंत पकड़ा जाए। अविरल ने बताया कि जब तक कुत्ते नहीं पकड़े जाएंगे, वह स्कूल नहीं जाएगा। इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद जिला प्रशासन भी सक्रिय हो गया है। जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने नगर निगम को आदेश दिए हैं कि कुत्तों को जल्द से जल्द पकड़ा जाए और उनका वैक्सीनेशन (टीकाकरण) किया जाए। घटना का पूरा विवरण मिली जानकारी के मुताबिक, राम वाटिका कॉलोनी के रहने वाला अविरल अपने दोस्तों के साथ घर लौट रहा था, तभी अचानक रास्ते में कुत्तों ने उस पर हमला कर दिया। कुत्तों ने अविरल के पैर में गहरे घाव किए और मांस का टुकड़ा नोच लिया। राहगीरों की मदद से बच्चे को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसकी हालत नाजुक बनी हुई है। पहली बार नहीं था कुत्तों का हमला अविरल ने बताया कि कुछ महीने पहले भी कॉलोनी में साइकिल चलाते समय कुत्तों ने उस पर हमला किया था। अब तक वह दो बार कुत्तों के हमले का शिकार हो चुका है। कॉलोनी और स्कूल के आसपास बहुत सारे आवारा कुत्ते घूम रहे हैं जो बच्चों पर हमला करते रहते हैं डॉक्टरों की राय और इलाज डॉक्टर प्रवेंद्र माहेश्वरी ने बताया कि बच्चे की हालत गंभीर है। उसे एंटी रैबीज इंजेक्शन दिया जा चुका है और घाव गहरे होने की वजह से प्लास्टिक सर्जरी करनी पड़ेगी। वहीं, नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने कुत्तों को पकड़ने और टीकाकरण करने के लिए टीम का गठन कर दिया है। जिलाधिकारी ने भी कुत्तों की नसबंदी और वैक्सीनेशन का आदेश दिया है।  घायल बच्चे की फरियाद अविरल ने बताया कि वह स्कूल से वैन से घर लौट रहा था जब कुत्तों ने उस पर हमला किया। पहली बार तो बच गया था, लेकिन इस बार बच नहीं पाया। कॉलोनी में कुत्तों की संख्या इतनी ज्यादा है कि वह ठीक से साइकिल भी नहीं चला पाता। वह जिलाधिकारी और महापौर से अनुरोध करता है कि कुत्तों को तुरंत पकड़ा जाए, क्योंकि वह अब कुत्तों से डर गया है और तब तक स्कूल नहीं जाएगा। जानिए, क्या कहना जिलाधिकारी का? जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने बताया कि इस मौसम में कुत्तों के काटने की घटनाएं बढ़ रही हैं, जिससे रेबीज का खतरा बना रहता है। उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देश दिए हैं कि जरूरतमंद लोगों को तुरंत वैक्सीनेशन दिया जाए। साथ ही प्राइवेट अस्पतालों को भी वैक्सीनेशन करने के निर्देश दिए गए हैं। नगर निगम को कुत्तों की नसबंदी और वैक्सीनेशन कराने का भी जिम्मा सौंपा गया है।  

‘मजार को छूकर देख लो…’ धमकी भरा संदेश, CM योगी और विधायक शलभ मणि पर खतरा

देवरिया  उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले से एक गंभीर और सनसनीखेज मामला सामने आया है। देवरिया सदर से विधायक डॉ. शलभ मणि त्रिपाठी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को जान से मारने की धमकी दी गई है। यह धमकी 'एमडी सेराज' नाम की ईमेल आईडी से भेजी गई है। पुलिस को जैसे ही इसकी जानकारी मिली, जांच शुरू कर दी गई है और मामला साइबर सेल को सौंप दिया गया है। धमकी क्यों मिली? मामला देवरिया के गोरखपुर रोड पर बने एक मजार (दरगाह) से जुड़ा है। विधायक शलभ मणि त्रिपाठी ने पहले शिकायत की थी कि यह मजार रेलवे के ओवरब्रिज के पास बनी है और हर साल इसका दायरा अवैध रूप से बढ़ता जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि बंजर जमीन और नेशनल हाइवे पर यह मजार कैसे बनी? इसका नक्शा किसने पास किया? क्या रेलवे ब्रिज के नीचे निर्माण की इजाजत दी जा सकती है? इसी मुद्दे को लेकर विधायक जून 2025 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी मिले थे और उन्होंने खुद मजार के विस्तार पर आपत्ति जताई थी। क्या लिखा था धमकी में? 'मजार को छूकर देख लो', 'सदर विधायक को गोली मार देंगे', मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का हाल भी बुरा कर देंगे'। यह धमकी सोशल मीडिया और एक वेबसाइट के कमेंट बॉक्स में पोस्ट की गई थी, जिसके बाद मामला तेजी से वायरल हो गया। पुलिस और साइबर सेल की जांच शुरू देवरिया के एसपी विक्रांत वीर ने बताया कि सोशल मीडिया पर जैसे ही यह धमकी वायरल हुई, पुलिस ने स्वतः संज्ञान लेते हुए जांच शुरू की। कमेंट बॉक्स की जांच हो रही है, IP ऐड्रेस और ईमेल आईडी की ट्रेसिंग के लिए मामला साइबर सेल को सौंप दिया गया है।

धार्मिक मंच पर विवाद: अविमुक्तेश्वरानंद ने रामभद्राचार्य को सुनाई खरी-खोटी

लखनऊ  तुलसी पीठाधीश्वर जगद्गुरु रामभद्राचार्य द्वारा स्वामी प्रेमानंद को लेकर दिए गए बयान पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने नाराजगी जताई है। उन्होंने एक मंच से नाम लिए बिना रामभद्राचार्य पर कटाक्ष किया है। साथ ही संत प्रेमानंद का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि आपको दिखाई नहीं देता तो क्या सुनाई भी नहीं दे रहा है। प्रेमानंद दिनभर संस्कृत ही बोलते रहते हैं। ज्योर्तिमठ नाम के इंस्टाग्राम आईडी ने जगदगुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का वीडियो शेयर किया। जिसमें वह कह रहे हैं, “वो एक पीले कपड़े वाले महात्माजी है वृंदावन में प्रेमानंद जी, कह रहे हैं कि उनको एक अक्षर संस्कृत नहीं आती। उनको संस्कृत आने की जरूरत क्या है? वो तो भगवान के नाम का प्रचार कर रहे हैं और भगवान का नाम संस्कृत में ही हैं। भगवान का नाम किस भाषा में है बताएं आप?” अविमुक्तेश्वरानंद ने आगे कहा, “जो दिन भर राधे-राधे, कृष्ण-कृष्ण, हे गोविंद, हे गोपाल बोल रहे हैं और लोगों को प्रेरित कर रहे हैं कि नाम का स्मरण करो, हमें बताएं कि भगवान का नाम ये किस भाषा के शब्द हैं? क्या ये संस्कृत भाषा के शब्द नहीं है. क्या ये संबोधन की विभक्ति संस्कृत भाषा की नहीं है। वो तो दिन भर संस्कृत बोल रहा है, जो भगवान के नाम का उच्चारण कर रहा है। आपको नहीं दिखाई नहीं देता, लगता है आपको सुनाई भी नहीं देता।” प्रेमानंद से ईर्ष्या नहीं लेकिन चमत्कार को नहीं मानते; उत्तराधिकारी ने दी सफाई उधर, संत प्रेमानन्द महाराज को चुनौती देने वाले पद्मविभूषण जगद्गुरु रामभद्राचार्य के बयान के बाद बखेड़ा खड़ा होता देख जगदगुरु के उत्तराधिकारी आचार्य रामचंद्रदास ने उनके हवाले से सोमवार को बयान में सफाई दी। जगद्गुरु ने कहा कि प्रेमानंदजी से कोई ईर्ष्या नहीं, लेकिन चमत्कार को नहीं मानता। प्रेमानंद महाराज के बिना किडनी जीवन जीने को चमत्कार मानने के सवाल पर जगद्गुरु ने कहा था कि यह कोई चमत्कार नहीं है।