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निक्की को जिंदा जलाने के पीछे दहेज ही नहीं, रील्स और ब्यूटी पार्लर की खींचतान भी

नोएडा  यूपी के ग्रेटर नोएडा में हुए निक्की भाटी हत्याकांड ने सभी को झकझोर कर रख दिया है। निक्की की निर्मम हत्या का मामला सामने आने के बाद से उसकी मौत को लेकर तरह-तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं। जहां एक तरफ इस मामले में निक्की के ससुराल वालों को हिरासत में लिया गया है। वहीं दूसरी तरफ दावा किया जा रहा है कि सोशल मीडिया पर रील्स पोस्ट करना और अपना ब्यूटी पार्लर फिर से खोलना भी निक्की की मौत की वजह बना है।  दरअसल, निक्की और उसकी बहन कंचन सोशल मीडिया पर रील और वीडियो अपलोड करती थी जो विपिन भाटी और उसके भाई रोहित भाटी को पसंद नहीं था। इसी बात को लेकर निक्की के घर में झगड़ा हुआ था। जिसके बाद दोनों बहनें मायके चली गईं थीं। बाद में पंचायत बुलाकर फैसला लिया गया कि अब दोनों बहनें वीडिया नहीं बनाएंगी। हालांकि ससुराल वापस आने के बाद उन्होंने फिर से वीडियो बनाया था।   बताया गया कि निक्की ने अपना पार्लर भी दोबारा शुरू कर दिया था जिससे उसका पति विपित भाटी नाराज चल रहा था। इसके चलते वह उस पर दबाव डाल रहा था और अंत में उसने अपनी पत्नी को जिंदा जला दिया। निक्की के पिता का कहना है कि दोनों दामाद काम-धंधा नहीं करते थे। सिर्फ पैसों की डिमांड करना और दबाव बनाना उनकी आदत थी। यहां तक कि बेटियों के पार्लर से भी चोरी करने लगे थे।   

बी. सुदर्शन रेड्डी को अखिलेश का समर्थन, कहा- न्याय की जंग के सच्चे योद्धा

लखनऊ  उपराष्ट्रपति पद के लिए विपक्ष के साझा उम्मीदवार बी. सुदर्शन रेड्डी ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इंक्लूसिव अलायंस’ (इंडिया) के प्रमुख घटक दलों कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के नेताओं के साथ विचार-विमर्श करने के लिए मंगलवार को लखनऊ पहुंचे। रेड्डी ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के साथ संयुक्त रूप से एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित किया। इस कार्यक्रम में अखिलेश यादव ने कहा, "न्याय के हिमायती लोग अपनी अंतरात्मा की आवाज़ पर उपराष्ट्रपति पद के लिए बी. सुदर्शन रेड्डी का समर्थन करें। सामाजिक न्याय की लड़ाई के लिए बी. सुदर्शन रेड्डी से बेहतर प्रत्याशी कोई नहीं हो सकता।" बी. सुदर्शन रेड्डी ने भी सपा की तारीफ की। उन्होंने कहा, "लोहिया जी और अन्य नेताओं से हमने बहुत कुछ सीखा। हम साउथ इंडिया से हैं और हिंदी में भाषण देने की कोशिश कर रहे हैं। इंडिया ब्लॉक के बाहर के दल भी हमारा समर्थन कर रहे हैं। यह अखिलेश जी की मदद के बिना संभव नहीं था। मैं कल अरविंद केजरीवाल से भी मिला। उपराष्ट्रपति पद कोई राजनीतिक पद या मुद्दा नहीं है। यह गैर-राजनीतिक पद है। सभी दलों से अनुरोध है कि वह मेरा समर्थन करें। संवैधानिक संस्थाओं पर संकट के बादल हैं।" सपा-कांग्रेस दोनों पार्टियों के लोग रहे मौजूद ताज होटल में बी सुदर्शन रेड्डी व अखिलेश यादव सपा-कांग्रेस सांसदों के साथ मीटिंग की। इस मीटिंग में सांसद डिंपल यादव, धर्मेंद्र यादव, आनंद भदौरिया, अफजाल अंसारी, एसपी सिंह, जियाउर रहमान बर्क, जया बच्चन, प्रिया सरोज, इकरा हसन, इमरान मसूद अवधेश प्रसाद,सनातन पांडे पहुंचे। 9 सितंबर को होगा राष्टपति पद के लिए चुनाव देश के उपराष्ट्रपति का चुनाव आगामी नौ सितंबर को होगा जिसके लिए विपक्ष ने रेड्डी को साझा उम्मीदवार बनाया है। उनका मुकाबला भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के प्रत्याशी सी. पी. राधाकृष्णन से होगा। बता दें कि उपराष्ट्रपति का पद जगदीप धनखड़ के अचानक इस्तीफे के कारण रिक्त हुआ है।  

रोजगार महाकुंभ से खुलेगा अवसरों का द्वार, सीएम योगी ने किया उद्घाटन

लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रम न्याय सेतु पोर्टल का सीएम ने शुभारंभ किया। अटल इंटीग्रेटेड मॉनीटरिंग सिस्टम पोर्टल का शुभारंभ। रीयल टाइम निगरानी हो सकेगी। 15 युवाओं को नियुक्ति पत्र दिया। इस दौरान योगी ने कहा कि हर युवा को रोजगार व नौकरी की गारंटी मिलेगी। रोजगार महाकुंभ इसे आगे बढ़ाने का माध्यम है। मार्केट व इंडस्ट्री की डिमांड के अनुसार हमें कोर्स संचालित करने होंगे। उसी के अनुसार अपने युवाओं को प्रशिक्षित करेंगे। उद्यम चलने चाहिए मगर युवाओं का शोषण भी न हो, इसकी जवाबदेही सुनिश्चित की गई है। इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित रोजगार महाकुंभ में कहा कि पीएम के मिशन रोजगार के अभियान की कड़ी में विकसित भारत के संकल्पना के साथ हर व्यक्ति, हर संस्था भी अपना योगदान दे सके, उसके लिए आवश्यक है कि हर युवा के हाथ को उसकी योग्यता के अनुसार कार्य मिल जाए। युवा अपार ऊर्जा का स्त्रोत है। यह उत्तर प्रदेश का सौभाग्य है कि दुनिया में सबसे बड़ी युवा आबादी भारत में और भारत में सबसे ज्यादा युवा आबादी उत्तर प्रदेश में है। जहां भी इन युवाओं को अवसर मिला है, उसने अपनी प्रतिभा व सामर्थ्य का लोहा, उस क्षेत्र और उद्यम को लाभांवित करने में लगाया है। यूपी के इस प्रतिभा व सामर्थ्य की मांग न केवल देश में बल्कि दुनिया के अन्य देशों में भी हो रही है। यह एक अवसर है जब यहां पर इंडस्ट्री और एंप्लायर एक साथ जुड़ रहे हैं। एक ओर वे संस्थाएं हैं जो रोजगार देने को उत्सुक हैं। दूसरी ओर वे युवा हैं जो स्किल डवलपमेंट के साथ जुड़कर उस रोजगार को पाने का इच्छुक है। सीएम योगी ने कहा कि 21 से 40 वर्ष का कोई भी युवा को ब्याज मुक्त, गारंटी मुक्त ऋण की सुविधा उपलब्ध कराई गई। जो लोन वो ले रहा है, उसका ब्याज सरकार देगी। 10 प्रतिशत तक मार्जन मनी भी सरकार उपलब्ध कराएगी। अब तक 70 हजार युवाओं ने इस योजना से जुड़कर काम करना शुरू किया है। सरकार ने अपने स्तर पर भी नौकरी उपलब्ध कराने की कार्रवाई की। आठ साल में यूपी पुलिस में 2.19 लाख भर्तियां कीं। 1.56 लाख शिक्षक भर्ती प्रक्रिया को पूरी पारदर्शिता से संपन्न किया। सभी विभाग शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, सहित सभी को जोड़कर साढ़े आठ लाख युवाओं को सरकारी नौकरी उपलब्ध कराने वाला यूपी सबसे बड़ा राज्य। निवेशकों ने यूपी को सबसे अच्छे डेस्टीनेशन के रूप में चयन किया यूपी में अपराध व अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति का नतीजा यह हुआ कि निवेशकों ने यूपी को सबसे अच्छे डेस्टीनेशन के रूप में चयन किया। इसके लिए प्रदेश सरकार को अपनी नीतियों में परिवर्तन करना पड़ा। अब तक 33 से अधिक सेक्टोरियल पॉलिसी तैयार की हैं। निवेशक इन्वेस्ट यूपी के पोर्टल पर जाकर क्लिक करे और जिस क्षेत्र में निवेश करना है, उसकी पूरी जानकारी मिल जाएगी। उसकी सहायता के लिए निवेश मित्र व निवेश सारथी भी है। यदि उसने निवेश कर लिया है तो पॉलिसी के तहत मिलने वाला निवेश भी ऑनलाइन उपलब्ध कराने की व्यवस्था है। 70 सालों में उद्योगों को जितना इंसेटिंव नहीं मिला, उतना हमने आठ साल में दिया। 15 लाख करोड़ के निवेश धरातल पर उतरे। सात लाख युवाओं को काम। यूपी रोजगार मिशन लागू करने वाला अग्रणी राज्य बना है। यूपी रोजगार के लिए न्यूनतम गारंटी देने वाला राज्य बन रहा आज की मांग एआई, ड्रोन टेक्नोलॉजी, रोबोटिक्स की है। हमने इसके लिए लैब उपलब्ध कराई हैं। नये समय की टेक्नोलॉजी के लिए यूपी के नौजवानों को प्लेटफार्म उपलब्ध कराया है। दुनिया के तमाम देशों में यूपी के नौजवानों की आज मांग हो रही है। आज हम दुनिया की मांग के अनुरूप वर्क फोर्स तैयार कर रहे हैं।यूपी रोजगार के लिए न्यूनतम गारंटी देने वाला राज्य बन रहा है। श्रम एवं सेवायोजन पोर्टल से नियुक्ति पाने वाला और नियोक्ता दोनों को इस पोर्टल से जोड़ना होगा। हर नियोक्ता यह सुनिश्चित करेगा कि वो कार्मिक को उसका पूरा वेतन उपलब्ध कराएगा। किसी कार्मिक के वेतन से कोई कटौती नहीं करेगा। नियोक्ता को जो भी इंसेंटिव होगा, वो उसे सरकार देगी। इसे हम श्रम एवं सेवायोजन विभाग के माध्यम से आगे बढ़ाएंगे।  

IAS आंजनेय सिंह की प्रतिनियुक्ति को मिला एक साल का सेवा विस्तार

लखनऊ  उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद के पूर्व मंडलायुक्त आंजनेय कुमार सिंह को सातवां सेवा विस्तार मिल गया है। 14 अगस्त को यूपी कैडर में प्रतिनियुक्ति समाप्त होने के बाद से ही उनके वापस सिक्किम कैडर लौटने की चर्चा थी। योगी आदित्यनाथ सरकार की ओर से इस अधिकारी के सेवा विस्तार के लिए केंद्र सरकार से अनुरोध किया था। इससे पहले छह बार वे सेवा विस्तार ले चुके थे। इसमें से चार सेवा विस्तार एक-एक साल और दो छह-छह माह का था। इस प्रकार वे पिछले पांच वर्षों से सेवा विस्तार के तहत कार्य कर रहे थे। अब उनको केंद्र सरकार ने एक साल का सेवा विस्तार दिया है। इस तरह वे 2026 के अगस्त तक यूपी में अपनी सेवा देंगे। सपा के कद्दावर नेता और पूर्व मंत्री आजम खान के किला को ढाहने में बड़ी भूमिका निभाने वाले आंजनेय कुमार सिंह सीएम योगी के पसंदीदा अधिकारी में से एक माने जाते हैं। 14 अगस्त को समाप्त हुई प्रतिनियुक्ति सीनियर आईएएस आंजनेय कुमार सिंह को एक बार फिर सेवा विस्तार मिल गया है। उन्हें लगातार सातवीं बार एक्सटेंशन मिला है। आंजनेय सिंह की प्रतिनियुक्ति अवधि 14 अगस्त को समाप्त हो गई थी। यूपी सरकार ने केंद्र से उनका कार्यकाल बढ़ाने की सिफारिश की थी, लेकिन मंजूरी में देरी होने पर शनिवार को उन्हें मुरादाबाद कमिश्नर पद से रिलीव कर दिया गया। इसके बाद उन्होंने मुरादाबाद डीएम अनुज सिंह को चार्ज सौंपते हुए 60 दिन की छुट्टी ले ली थी। हालांकि, इसके 48 घंटे बाद ही केंद्र ने यूपी सरकार की सिफारिश स्वीकार कर ली। आंजनेय सिंह का कार्यकाल एक साल के लिए बढ़ा दिया गया। अब वे अपने मूल कैडर सिक्किम नहीं लौटेंगे। यूपी में अब जल्द ही उन्हें नई जिम्मेदारी दी जा सकती है। यूपी में 10 साल से कर रहे सेवा 2005 बैच के आईएएस अफसर आंजनेय कुमार सिंह मूल रूप से मऊ जिले के सलाहादबाद गांव के रहने वाले हैं। उन्होंने सिक्किम कैडर में 8 साल नौकरी की। इसके बाद पूर्व सीएम अखिलेश यादव के कार्यकाल के दौरान वर्ष 2015 में प्रतिनियुक्ति पर यूपी आए। यहां उन्हें 10 साल पूरे हो चुके हैं। अब नए एक्सटेंशन के बाद उनका कार्यकाल 11 साल का हो जाएगा। राजनीतिक सिफारिशों से आए यूपी वर्ष 2015 में तत्कालीन गृहमंत्री राजनाथ सिंह की सिफारिश पर सपा सरकार ने उन्हें यूपी बुलाया था। इसके बाद सीएम योगी आदित्यनाथ की सिफारिश पर उन्हें लगातार प्रतिनियुक्ति विस्तार मिलता रहा। अब तक उन्हें 6 बार केंद्र से मंजूरी मिल चुकी है। यह सातवां मौका रहा, जब केंद्र ने योगी सरकार की सिफारिश को मान लिया है। आजम पर की थी कड़ी कार्रवाई लोकसभा चुनाव 2019 के दौरान रामपुर के डीएम रहते हुए आंजनेय सिंह ने सपा नेता आजम खान के खिलाफ एक के बाद एक कड़े कदम उठाए। आजम ने उस समय भाषण में कलेक्टर को जूते साफ कराने तक की बात कही थी। इस हेट स्पीच केस में आजम को 3 साल की सजा हुई। उनकी विधायकी भी रद्द हो गई। इसके बाद आंजनेय सिंह का नाम यूपी की नौकरशाही में सख्त छवि वाले अफसरों में शामिल हो गया। रामपुर में 2 साल डीएम रहने के बाद आंजनेय सिंह को प्रमोशन देकर मुरादाबाद मंडल का कमिश्नर बनाया गया था। अब एक्सटेंशन मिलने के बाद माना जा रहा है कि योगी सरकार उन्हें फिर किसी अहम पद की जिम्मेदारी सौंप सकती है।

सिरफिरे का डर: लखनऊ में महिला डॉक्टर को भरे दिन में 1000 कॉल और 5000 मैसेज

लखनऊ लखनऊ के डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान (Dr. RMLIMS) में तैनात एक महिला असिस्टेंट प्रोफेसर एक सिरफिरे की हरकत से परेशान हो गईं. महिला प्रोफेसर ने बताया कि आरोप एक दिन में 1000 फोन कॉल करता और 5000 से ज्यादा अश्लील मैसेज व फोटो भेज कर उत्पीड़न करता है. उन्होंने इस बारे में 1090 वीमेन हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन आरोपी को चेतावनी देकर छोड़ दिया गया था. पीड़ित डॉक्टर ने आरोप लगाया है कि बस्ती जिले का रहने वाला 41 वर्षीय महेश तिवारी लंबे वक्त से उन्हें फोन कॉल्स और अश्लील मैसेज भेजकर परेशान कर रहा था. इस मामले में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है. वीमेन हेल्पलाइन पर की थी शिकायत महिला असिस्टेंट प्रोफेसर के अनुसार, महेश तिवारी ने उन्हें कई महीनों से परेशान किया. उन्होंने बताया कि आरोपी एक दिन में 1000 से ज्यादा कॉल और 5000 से अधिक अश्लील मैसेज व फोटो भेज चुका है. इस उत्पीड़न से तंग आकर पीड़िता ने 12 मई 2025 को 1090 वीमेन हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन हेल्पलाइन ने चेतावनी देकर आरोपी को छोड़ दिया गया था. इसके बावजूद वह अपनी हरकतों से बाज नहीं आया और महिला प्रोफेसर को लगातार परेशान करता रहा. पीड़िता का कहना है कि 19 अगस्त की शाम जब वह OPD से निकलकर फैकल्टी अपार्टमेंट लौट रही थीं, तभी आरोपी उनका पीछा करते हुए उनके फ्लैट तक पहुंच गया. जब वह लिफ्ट का इंतजार कर रही थीं, इसी दौरान उन्हें आरोपी पास में खड़ा दिखा. इसके बाद महिला ने घबरा कर शोर मचा दिया, जिससे मौके पर मौजूद सिक्योरिटी गार्ड्स तुरंत हरकत में आए और आरोपी को दबोच लिया और उसे पुलिस के हवाल कर दिया. पीड़िता ने इस घटना के संबंध में विभूतिखंड थाने में शिकायत दर्ज कराई है. मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलित ने तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी. इस मामले के बारे में जानकारी देते हुए इंस्पेक्टर सुनील सिंह ने बताया कि आरोपी महेश तिवारी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है. पुलिस अब पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है, ताकि भविष्य में पीड़िता को किसी तरह की परेशानी का सामना ना करना पड़े.  

सीएम योगी ने देश के सपूत, अंतरिक्ष यात्री एवं ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला के लखनऊ आगमन पर नागरिक अभिनंदन में कार्यक्रम में की घोषणा

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला के नाम पर स्कॉलरशिप का किया ऐलान  – सीएम योगी ने देश के सपूत, अंतरिक्ष यात्री एवं ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला के लखनऊ आगमन पर नागरिक अभिनंदन में कार्यक्रम में की घोषणा – बोले, प्रदेश का विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग अंतरिक्ष यात्री ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला के अनुभव का करे इस्तेमाल  – स्पेस टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में पढ़ाई करने वाले एवं कैरियर बनाने वाले छात्रों को दी जाएगी स्कॉलरशिप – प्रदेश के दर्जन भर से अधिक टेक्निकल इंस्टीट्यूशन में संचालित हो रहे हैं स्पेश टेक्नोलॉजी के कोर्सेज  – शुभांशु शुक्ला ने अंतरिक्ष यात्रा से प्राकृतिक आपदाओं, जलवायु परिवर्तन, बाढ़, सूखा और कृषि के संकटों से निपटने के लिए दिखाई नई दिशा  लखनऊ  देश को चार दशक के बाद एक भारतीय को अंतरिक्ष यात्रा का अवसर मिला। यह हमारा सौभाग्य है कि यह अवसर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में जन्मे ग्रुप कैप्टश शुभांशु शुक्ला काे प्राप्त हुआ। वह सफलतम यात्रा के बाद पहली बार लखनऊ आए हैं। ऐसे में उनका आगमन हम सभी को आनंदित करता है। उनकी अंतरिक्ष यात्रा हम सभी के लिए कोतहुल का विषय थी। हर भारतवासी बड़े विश्वास और आशा भरी निगाहों से उनकी अंतरिक्ष यात्रा को देख रहा था। ये बातें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को लोकभवन के सभागार में आयोजित देश के सपूत, अंतरिक्ष यात्री एवं ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला के लखनऊ आगमन पर नागरिक अभिनंदन में कार्यक्रम में कही।  कार्यक्रम में ग्रुप कैप्टन के पिता, माता और पत्नी काे किया गया सम्मानित कार्यक्रम में डिप्टी सीएम बृजेश पाठक ने ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला की माता आशा शुक्ला, डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने पिता शंभु दयाल शुक्ला और मेयर सुषमा खर्कवाल ने ग्रुप कैप्टन की पत्नी कामना शुक्ला को अंगवस्त्र और स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया। वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अंतरिक्ष यात्री ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को अंगवस्त्र और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। इस दौरान सूचना एवं जनसंपर्क विभाग की ओर से ग्रुप कैप्टन की अंतरिक्ष यात्रा पर आधारित एक लघु फिल्म भी दिखायी गयी।  सीएम ने ग्रुप कैप्टन के नाम पर स्कॉलरशिप का किया ऐलान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग से अंतरिक्ष यात्री ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला के अनुभव का इस्तेमाल विभाग में करने को कहा। इसके अलावा सीएम योगी ने स्पेस टेक्नोलॉजी के क्षेत्र की पढ़ाई करने वाले छात्रों के लिए शुभांशु शुक्ला के नाम से स्कॉलरशिप का ऐलान किया। सीएम ने कहा कि 3 वर्ष से 4 वर्ष पहले प्रदेश में स्पेस टेक्नोलॉजी को लेकर किसी भी विश्वविद्यालय, संस्थान में न तो कोई पाठ्यक्रम था, न ही सिलेबस, न डिग्री, न डिप्लोमा और न ही कोई सर्टिफिकेट कोर्स था। वहीं वर्तमान में प्रदेश के दर्जन भर से अधिक टेक्निकल इंस्टीट्यूशन में स्पेश टेक्नोलॉजी को लेकर कोर्सेज संचालित हो रहे हैं, जो यह दर्शाता है कि भारत के विकास की यात्रा में प्रदेश के संस्थान बराबर सहभागी बन रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत वासियों के सामने वर्ष 2047 तक देश को विकसित भारत बनाने का लक्ष्य दिया है। इसे साकार करने के लिए विकास के उन सभी क्षेत्र के लिए अपने द्वार खुले रखने होंगे, जहां-जहां आगे बढ़ने की संभावनाएं हैं। सीएम योगी ने कहा कि शुभांशु शुक्ला के पिता प्रदेश सरकार के सचिवालय प्रशासन में अधिकारी थे। उनके इस गौरवपूर्ण मार्ग पर चलते हुए आज उनके पुत्र ने न केवल उत्तर प्रदेश को बल्कि समूचे देश को गौरान्वित किया है। उन्होंने 18 दिनों की स्पेस यात्रा में पृथ्वी की 320 बार परिक्रमा की। इससे उनकी यात्रा की महत्वपूर्णता और उद्देश्य स्पष्ट होता है। स्पेस टेक्नोलॉजी के उपयोग से प्राकृतिक आपदाओं का किया जा सकता है बेहतर प्रबंधन सीएम ने कहा कि इसरो के अध्यक्ष वी. नारायणन से अंतरिक्ष यात्रा काे लेकर बातचीत हुई, जिसमें ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला की यात्रा, अंतरिक्ष मिशन और भविष्य में होने वाली प्रयोगों पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने 18 दिनों में पूरी पृथ्वी का दौरा किया, जो किसी भी आम नागरिक के लिए अविश्वसनीय अनुभव है। उनका यह अनुभव भविष्य में उत्तर प्रदेश और देश के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा। इस यात्रा से ना केवल उन्होंने अंतरिक्ष में अपनी पहचान बनाई, बल्कि प्राकृतिक आपदाओं, जलवायु परिवर्तन, बाढ़, सूखा और कृषि के संकटों से निपटने के लिए भी नई दिशा दिखाई है। सीएम ने कहा कि स्पेस टेक्नोलॉजी के उपयोग से प्राकृतिक आपदाओं का बेहतर प्रबंधन और किसानों की आय में वृद्धि संभव है। सीएम ने कहा कि फिल्म के माध्यम से हम सभी ने देखा कि किन-किन क्षेत्रों में आगे बढ़ने की संभावनाएं हैं जबकि पहले यह फील्ड हम सभी से अछूती थी। वर्तमान में क्लाइमेट चेंज से हर व्यक्ति जूझ रहा है। ऐसे में इससे निपटने के लिए स्पेस टेक्नोलॉजी का उपयोग कर सकते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने STEM (Science, Technology, Engineering and Mathematics) शिक्षा के महत्व पर बल दिया। सीएम ने कहा कि ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने भी युवाओं से स्पेस टेक्नोलॉजी में करियर बनाने की बात कही। उन्होंने बताया कि आज के युवा के पास अंतरिक्ष मिशन जैसी नई ऊंचाइयों तक पहुंचने के अनगिनत अवसर हैं, जो पहले कभी नहीं थे। ग्रुप कैप्टन की अंतरिक्ष यात्रा स्पेस सेक्टर को विकसित करने का अवसर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि शुभांशु शुक्ला के अनुभव से आने वाले समय में उत्तर प्रदेश और भारत के युवा इस क्षेत्र में और भी अधिक सक्रिय हो सकते हैं। यह यात्रा न केवल स्पेस सेक्टर को विकसित करने का अवसर है, बल्कि यह हमें आने वाली प्राकृतिक आपदाओं से निपटने की दिशा भी देती है। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम उत्तर प्रदेश के युवाओं के लिए एक नई प्रेरणा का स्रोत है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत सरकार ने पिछले 11 वर्षों में स्पेस सेक्टर में तेजी से कदम बढ़ाए हैं। ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला की यात्रा के माध्यम से हम 2027 में गगनयान मिशन और 2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में बड़े कदम उठा सकते हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए प्रदेश में अर्ली वार्निंग सिस्टम लगाए गए हैं। इसके लिए … Read more

सीएम योगी का संकल्प “हर हाथ को काम, हर युवा को सम्मान” भरने जा रहा है नई उड़ान

रोज़गार महाकुंभ 2025 यूपी में लगेगा सैकड़ों कंपनियों का जमावड़ा, युवाओं के लिए खुलेंगे रोजगार के सुनहरे अवसर  सीएम योगी का संकल्प “हर हाथ को काम, हर युवा को सम्मान” भरने जा रहा है नई उड़ान  युवाओं को मिलेगा उद्योग जगत से जुड़ने का सीधा मौका, सपनों को मिलेगी उड़ान – 100 से अधिक दिग्गज कंपनियां 50 हजार से अधिक युवाओं के देगी रोजगार के अवसर – तीन दिन में तीन मंच से युवाओं के सपने होंगे साकार, कंपनियों को मिलेगा नई ऊर्जा और स्किल्ड टैलेंट लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का संकल्प “हर हाथ को काम, हर युवा को सम्मान” अब नई उड़ान भरने जा रहा है। सीएम योगी की पहल पर राजधानी लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में 26 से 28 अगस्त तक आयोजित होने वाला तीन दिवसीय “रोज़गार महाकुंभ 2025” प्रदेश के लाखों युवाओं को नौकरी और रोजगार के अवसर प्रदान करेगा। यह आयोजन उत्तर प्रदेश की रोजगार और कौशल क्रांति की नई पहचान बनेगा, जहां युवाओं को सीधे उद्योग जगत से जुड़ने और अपने भविष्य को नई दिशा देने का सुनहरा मौका मिलेगा। इस आयोजन की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें देश-विदेश की नामी कंपनियों का बड़ा जमावड़ा होने जा रहा है। देश की करीब 100 से अधिक प्रतिष्ठित कंपनियां इसमें हिस्सा लेंगी, जो विभिन्न क्षेत्रों में युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराएंगी। इसमें 100 से अधिक कंपनियों की ओर से 50 हजार से अधिक युवाओं को नौकरी का अवसर दिया जाएगा।  रोजगार महाकुंभ में शामिल होंगी दिग्गज कंपनियां  लखनऊ में आयोजित रोजगार महाकुंभ में स्टार्टअप और इनोवेशन के क्षेत्र में और डेटा-ड्रिवेन सॉल्यूशंस पर काम करने वाली आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस Wadhwani AI, Microsoft और Intel जैसी अंतरराष्ट्रीय दिग्गज कंपनियां शामिल होंगी, जो इससे तकनीक और शोध से जुड़े युवा सीधे स्टार्टअप इकोसिस्टम में प्रवेश कर सकेंगे। ये कंपनियां सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट, क्लाउड कंप्यूटिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और हार्डवेयर डिजाइन जैसे क्षेत्रों में नौकरियां देंगी। इससे यूपी के इंजीनियरिंग और तकनीकी पृष्ठभूमि के युवाओं को बड़ा लाभ मिलने वाला है।  इसके अलावा ई-कॉमर्स सेक्टर से Flipkart और Amazon Web Services (AWS) जैसी कंपनियों की उपस्थिति से युवाओं को सप्लाई चेन मैनेजमेंट, लॉजिस्टिक्स, डेटा एनालिटिक्स और ऑनलाइन रिटेल ऑपरेशंस में अवसर मिलेंगे। इस तीन दिवसीय रोजगार महाकंभ में जहां वित्तीय और बैंकिंग सेवाओं से जुड़ी कंपनियां भी शामिल होंगी वहीं मैन्युफैक्चरिंग और ऑटोमोबाइल सेक्टर से Mahindra जैसी कंपनियां रोजगार की बड़ी संभावनाएं लेकर आएंगी। यहां मैकेनिकल इंजीनियर्स और इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग वाले युवाओं को लाभ मिलेगा। तीन दिन में तीन मंच से हजारों सपनों को मिलेगी उड़ान रोज़गार महाकुंभ 2025 में जहां एक ओर हजारों युवाओं को रोजगार मिलेगा, वहीं दूसरी ओर कंपनियों को भी नई ऊर्जा और स्किल्ड टैलेंट उपलब्ध होगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दूरदर्शी नेतृत्व में  यह आयोजन प्रदेश की अर्थव्यवस्था, निवेश और औद्योगिक विकास को नई गति देने वाला साबित होगा। इस तीन दिवसीय रोजगार महाकुंभ में तीन मंच के माध्यम से हजारों युवाओं के सपने को उड़ान मिलेगी। जिसमें प्रमुख रूप सें रोज़गार कॉन्क्लेव होगा जिसमें नीति निर्माताओं, उद्योग जगत के नेताओं और शिक्षा क्षेत्र के विशेषज्ञों के साथ युवाओं की सीधी बातचीत होगी। वहीं रोज़गार महाकुंभ में कंपनियां ऑन-स्पॉट इंटरव्यू और प्लेसमेंट ड्राइव आयोजित करेंगी। जिसमें 50 हजार से अधिक युवाओं को नौकरी का अवसर दिया जाएगा। वहीं एग्ज़िबिशन पवेलियन के माध्यम से युवाओं को प्रदेश की प्रगति, नई औद्योगिक नीतियों और कौशल विकास मॉडल की झलक मिलेगी।

अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला को मिला स्टेट गेस्ट स्टेटस, जानें पूरी डिटेल

लखनऊ  उत्तर प्रदेश सरकार ने अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला को राज्य अतिथि (State Guest) का दर्जा दिया है. सरकार की ओर से उन्हें न केवल राज्य अतिथि का सम्मान दिया गया है, बल्कि उनकी सुरक्षा और ठहराव से जुड़े सभी इंतजाम भी पुख्ता कर दिए गए हैं. शुभांशु शुक्ला को राजधानी लखनऊ स्थित स्टेट गेस्ट हाउस में रोका गया और प्रोटोकॉल के तहत उनका पूरा ख्याल रखा गया.  जानकारी के मुताबिक, सरकार ने शुभांशु शुक्ला की ओवरऑल सिक्योरिटी की जिम्मेदारी एक डिप्टी एसपी स्तर के अधिकारी को सौंपी है. यह अधिकारी उनकी हर गतिविधि पर नजर रखेगा और उनकी सुरक्षा से जुड़े सभी इंतजाम सुनिश्चित करेगा. साथ ही, ट्रैफिक पुलिस विभाग की ओर से उन्हें एस्कॉर्ट गाड़ी भी उपलब्ध कराई गई है, ताकि उनके मूवमेंट के दौरान किसी तरह की दिक्कत न हो.  हालांकि, राज्य अतिथि होने के बावजूद शुभांशु शुक्ला पर घर जाने की कोई कानूनी रोक नहीं है. लेकिन प्रशासन ने साफ किया है कि फिलहाल उनके घर जाने के कार्यक्रम को टाल दिया गया है. दरअसल, जहां शुभांशु शुक्ला का घर है, वहां छोटी-छोटी गलियां हैं. ऐसे में वहां बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जुटने की आशंका है. प्रशासन का मानना है कि इससे न केवल लॉ एंड ऑर्डर की स्थिति बिगड़ सकती है, बल्कि ट्रैफिक व्यवस्था पर भी असर पड़ेगा. इसलिए सरकार और सुरक्षा एजेंसियों ने उनके घर जाने के कार्यक्रम को ‘एवॉइड’ किया है.  बिना प्रोटोकॉल कहीं नहीं जा सकेंगे शुभांशु सूत्रों के मुताबिक, शुभांशु शुक्ला को बिना प्रोटोकॉल और जानकारी दिए कहीं जाने की अनुमति नहीं होगी. राज्य अतिथि होने के नाते उनकी हर गतिविधि सरकार और सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी में होगी. सुरक्षा एजेंसियों ने यह भी स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकार का प्रोग्राम तभी होगा, जब पहले से सूचना दी जाए और सुरक्षा इंतजाम पूरे हों.  सम्मान और सुरक्षा दोनों साथ राज्य अतिथि का दर्जा मिलना शुभांशु शुक्ला के लिए एक बड़े सम्मान की तरह देखा जा रहा है. साथ ही, यह सरकार की ओर से एक स्पष्ट संदेश भी है कि वह किसी भी तरह की सुरक्षा या व्यवस्था से समझौता नहीं करेगी. अब लखनऊ में शुभांशु शुक्ला के हर कार्यक्रम और मूवमेंट पर सरकार की पैनी नजर रहेगी और उन्हें पूरा प्रोटोकॉल दिया जाएगा.

योगी सरकार की परीक्षा पूर्व प्रशिक्षण योजना से अनुसूचित जाति/जनजाति के युवा बन रहे हैं अधिकारी

दलित युवाओं के सपनों को पंख दे रही योगी सरकार, बन रहे अधिकारी  योगी सरकार की परीक्षा पूर्व प्रशिक्षण योजना से अनुसूचित जाति/जनजाति के युवा बन रहे हैं अधिकारी लखनऊ से गोरखपुर तक 8 कोचिंग केंद्रों के जरिए SC/ST अभ्यर्थियों को मिल रहा उच्चस्तरीय प्रशिक्षण वित्तीय वर्ष 2025-26 में योगी सरकार ने SC/ST युवाओं के लिए किया है बड़े बजट का प्रावधान  लखनऊ में बालिकाओं के लिए समर्पित कोचिंग केंद्र दलित बेटियों के सपनों को दे रहा नई उड़ान लखनऊ योगी सरकार ने अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) और ओबीसी के युवाओं को सिविल सेवा और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता दिलाने के लिए अपने प्रयासों को और मजबूत किया है। समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित परीक्षा पूर्व प्रशिक्षण केंद्र योजना के तहत इन वर्गों के अभ्यर्थियों को उच्चस्तरीय कोचिंग प्रदान की जा रही है, ताकि वे आईएएस, पीसीएस जैसी प्रतिष्ठित परीक्षाओं में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा सकें। योगी सरकार की इस योजना के अंतर्गत सिविल सेवा समेत विभिन्न परीक्षाओं में 701 अभ्यर्थियों का चयन हो चुका है।  वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए इस योजना के लिए 11.24 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है, जो योगी सरकार की समावेशी विकास की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। अभ्यर्थियों को मिल रहा है आधुनिक पाठ्यक्रम और विशेषज्ञों का मार्गदर्शन योगी सरकार की इस योजना का उद्देश्य न केवल प्रशिक्षण प्रदान करना है, बल्कि अभ्यर्थियों को राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए पूरी तरह तैयार करना है। इन केंद्रों में प्रशिक्षण का स्तर अत्यंत उच्च है, जहां विषय विशेषज्ञ आधुनिक शिक्षण तकनीकों और नवीनतम पाठ्यक्रमों के आधार पर अभ्यर्थियों को मार्गदर्शन देते हैं। चाहे वह प्रारंभिक परीक्षा हो, मुख्य परीक्षा हो या साक्षात्कार की तैयारी, इन केंद्रों में हर चरण के लिए व्यापक कोचिंग प्रदान की जाती है। विशेष रूप से, लखनऊ में बालिकाओं के लिए समर्पित केंद्र महिला सशक्तीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। समावेशी विकास की दिशा में योगी सरकार का अहम कदम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बार-बार जोर दिया है कि समाज के हर वर्ग को विकास की मुख्यधारा में शामिल करना उनकी सरकार की प्राथमिकता है। इस योजना के तहत अनुसूचित जाति और जनजाति के युवाओं को न केवल शिक्षा और प्रशिक्षण का अवसर मिल रहा है, बल्कि वे देश की प्रशासनिक सेवाओं में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के लिए सशक्त हो रहे हैं। इन केंद्रों ने कई युवाओं को आईएएस, पीसीएस और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, जिससे सामाजिक समानता और समावेशी विकास को बढ़ावा मिला है।  अनुसूचित जाति और जनजाति के युवाओं के लिए एक सुनहरा अवसर  योगी सरकार की यह पहल न केवल अनुसूचित जाति और जनजाति के युवाओं के लिए एक सुनहरा अवसर है, बल्कि उत्तर प्रदेश को प्रशासनिक और सामाजिक नेतृत्व के क्षेत्र में अग्रणी बनाने की दिशा में भी एक बड़ा कदम है। इन प्रशिक्षण केंद्रों से निकले युवा न केवल अपने परिवारों, बल्कि पूरे समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत बन रहे हैं। सरकार की यह योजना यह सुनिश्चित करती है कि आर्थिक तंगी या सामाजिक बाधाएं किसी की प्रतिभा को रोक न सकें। समाज कल्याण विभाग के संयुक्त निदेशक पीके त्रिपाठी ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2017-18 से अब तक इस योजना से 6784 अभ्यर्थी लाभांवित हुए हैं। इस योजना के अंतर्गत अबतक संघ/राज्य लोक सेवा आयोग में कुल 48 अभ्यर्थियों का चयन हो चुका है। इसके अलावा अन्य परीक्षाओं में 653 अभ्यर्थी चयनित हुए हैं। यही नहीं कोविड संक्रमण काल में इसे ऑनलाइन आयोजित किया गया। जिसके फलस्वरूप 81 अभ्यर्थी राज्य प्रवर अधीनस्थ सेवा परीक्षा तथा सहायक वन संरक्षक के रूप में चयनित हुए। उच्चस्तरीय प्रशिक्षण के लिए आठ केंद्र समाज कल्याण विभाग द्वारा प्रदेश में आठ परीक्षा पूर्व प्रशिक्षण केंद्र संचालित किए जा रहे हैं, जो अनुसूचित जाति और जनजाति के अभ्यर्थियों को आधुनिक और परिवर्तित पाठ्यक्रमों के अनुरूप प्रशिक्षण प्रदान करते हैं। ये केंद्र विषय विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में अभ्यर्थियों को प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं के लिए तैयार करते हैं। इन केंद्रों में शामिल हैं: •    श्री छत्रपति शाहू जी महाराज शोध एवं प्रशिक्षण संस्थान, भागीदारी भवन, लखनऊ। •    आदर्श पूर्व परीक्षा प्रशिक्षण केंद्र (बालिका), अलीगंज, लखनऊ। •    न्यायिक सेवा पूर्व परीक्षा प्रशिक्षण केंद्र, प्रयागराज। •    संत रविदास आईएएस, पीसीएस पूर्व परीक्षा प्रशिक्षण केंद्र, वाराणसी। •    डॉ. बी.आर. अंबेडकर आईएएस, पीसीएस पूर्व परीक्षा प्रशिक्षण केंद्र, अलीगढ़। •    डॉ. बी.आर. अंबेडकर आईएएस, पीसीएस पूर्व परीक्षा प्रशिक्षण केंद्र, आगरा। •    आईएएस, पीसीएस कोचिंग केंद्र, निजामपुर, हापुड़। •    राजकीय आईएएस, पीसीएस कोचिंग केंद्र, गोरखपुर। इन केंद्रों में अनुसूचित जाति और जनजाति के उन अभ्यर्थियों को प्रशिक्षण दिया जाता है, जिनके अभिभावकों की वार्षिक आय 6 लाख रुपये तक है। यह योजना सामाजिक और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के युवाओं को सशक्त बनाने का एक प्रभावी माध्यम बन रही है।

लगातार बारिश से बिगड़े हालात, बच्चों की छुट्टी घोषित

बहराइच यूपी के बहराइच में भारी बारिश को देखते हुए आज यानी मंगलवार को कक्षा एक से लेकर आठ तक के सभी स्कूल बंद रहेंगे। बेसिक शिक्षा अधिकारी आशीष सिंह ने सभी स्कूलों को इस पर अमल करने के निर्देश जारी किए हैं। नेपाल व तराई के पहाड़ी इलाकों में हो रही लगातार बारिश का असर अब दिखने लगा है। जिले में सरयू नदी उफान पर है, एल्गिन ब्रिज पर जलस्तर खतरे के निशान को पार कर चुका है। बीती रात चौधरी चरण सिंह गिरिजापुरी बैराज से सरयू नदी में छोड़े गए 1.70 लाख क्यूसेक पानी और अन्य बैराजों से कुल मिलाकर छोड़े गए 3.10 लाख क्यूसेक पानी ने जिले के तटीय गांवों में बाढ़ का संकट खड़ा कर दिया है। मिहींपुरवा तहसील क्षेत्र के करीब 13 गांवों में बाढ़ का पानी घुस चुका है। इनमें जंगल गुलरिया ग्राम पंचायत के संपत पुरवा, धर्मपुर रेतिया, रामपुर रेतिया और सुजौली ग्राम पंचायत के खैरीपुरवा, टिलवा व श्रीराम पुरवा गांवों में स्थिति सबसे ज्यादा गंभीर हो गई है। गावों में तेजी से घुस रहा बाढ़ का पानी इसी तरह सुजौली के दिलवा, मुजवा व खैरीपुरवा में तेजी से बाढ़ का पानी घुस रहा है। ऐसे ही महसी के पूरे प्रसाद व जानकीनगर में लोगों के घरों में पानी घुस चुका है, जबकि दलकारा गांव की ओर बाढ़ का पानी तेजी से बढ़ रहा है। स्थानीय लोगों ने बताया कि रातभर पानी खेतों में भरता रहा और सुबह होते-होते लोगों को अपने घर छोड़कर ऊंचे स्थानों की ओर जाना पड़ा। ग्रामीण अपने साथ जरूरी सामान, मवेशी और बच्चों को लेकर अस्थायी ठिकानों की ओर निकल चुके हैं। बाढ़ के पानी की तेज रफ्तार ने गांवों में अफरा-तफरी मचा दी है। कैसरगंज और महसी तहसील क्षेत्र के कई गांवों में भी सरयू नदी का पानी तेजी से फैल रहा है। खेतों में पानी भरने लगा है और ग्रामीणों के चेहरों पर डर साफ देखा जा सकता है। यदि जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा, तो ये क्षेत्र भी पूरी तरह बाढ़ की चपेट में आ सकते हैं। प्रशासन ने किए दावे, पर अब तक मदद नहीं पहुंची बाढ़ की सूचना मिलते ही एसडीएम मिहींपुरवा प्रकाश सिंह ने मौके पर पहुंचने और रेस्क्यू टीम भेजने की बात कही है। प्रशासनिक टीम ने प्रभावित गांवों का निरीक्षण शुरू कर दिया है और दावा किया है कि प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया जाएगा। हालांकि, स्थानीय लोगों का आरोप है कि अभी तक किसी तरह की मदद उन्हें नहीं मिल पाई है। हालात खुद संभालने पड़ रहे हैं। बढ़ते जलस्तर और ग्रामीणों के पलायन को देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि स्थिति तेजी से बिगड़ रही है। यदि प्रशासन समय रहते प्रभावी राहत कार्य नहीं करता है, तो आने वाले दिनों में यह बाढ़ जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर सकती है।