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योगी सरकार देने जा रही पांच नये एकीकृत आयुष चिकित्सालय एवं महाविद्यालय की सौगात

योगी सरकार देने जा रही पांच नये एकीकृत आयुष चिकित्सालय एवं महाविद्यालय की सौगात  आयुष शिक्षा को नई उड़ानः देवीपाटन, मीरजापुर, मेरठ, आगरा और बस्ती मंडल में स्थापित होंगे संस्थान चार मंडलों में जमीन पहले ही आयुष विभाग के नाम दर्ज है, बस्ती में भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया अंतिम चरण में  आयुष शिक्षा का दायरा बढ़ेगा और स्थानीय स्तर पर बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी -योगी   भारत की पारंपरिक चिकित्सा विरासत को मजबूत करने की दिशा में लगातार कार्य कर रहे हैं सीएम योगी लखनऊ,  योगी सरकार आयुष चिकित्सा प्रणाली को मजबूत बनाने और प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा के विस्तार की दिशा में लगातार महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। इसी क्रम में योगी सरकार ने पांच नए एकीकृत आयुष चिकित्सालय और महाविद्यालयों की स्थापना का निर्णय लिया है। ये आयुष चिकित्सालय और महाविद्यालय गोंडा, मीरजापुर, मेरठ, आगरा और बस्ती मंडल में स्थापित किए जाएंगे, जहां विद्यार्थियों को आयुर्वेद, योग, यूनानी, सिद्ध और होम्योपैथी जैसी पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों के साथ-साथ आधुनिक स्वास्थ्य विज्ञान की शिक्षा भी उपलब्ध कराई जाएगी। योगी सरकार के निर्णय से न केवल प्रदेश में आयुष शिक्षा का दायरा बढ़ेगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में भी मदद मिलेगी। नए महाविद्यालयों के माध्यम से युवाओं को चिकित्सा शिक्षा के अधिक अवसर मिलेंगे और आयुष चिकित्सा के क्षेत्र में प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार होगा। चार मंडलों में जमीन पहले से उपलब्ध प्रमुख सचिव, आयुष रंजन कुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के साथ-साथ भारत की पारंपरिक चिकित्सा विरासत को भी मजबूत करने की दिशा में लगातार कार्य कर रहे हैं ताकि प्रदेशवासियों को सुरक्षित, सस्ती तथा प्रभावी स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो सकें। ऐसे में सीएम योगी के निर्देश पर पांच नये एकीकृत आयुष चिकित्सालय और महाविद्यालय के लिए पांच मंडलों में जमीन को चिन्हित कर लिया गया है। देवीपाटन मंडल में गोंडा के विकास खंड वजीरगंज के ग्राम कोडर में लगभग 14.82 एकड़ भूमि, मीरजापुर मंडल में सदर तहसील के ग्राम अकोढ़ी में 13.83 एकड़ भूमि, मेरठ मंडल के लिए गाजियाबाद के मोदीनगर तहसील के ग्राम सैदपुर हुसैनपुर डलना में 11 एकड़ भूमि, आगरा मंडल में किरावली तहसील के ग्राम अकबरा में 13.5 एकड़ भूमि और बस्ती मंडल में हर्रैया तहसील के ग्राम जोगापुर में 15 एकड़ भूमि महाविद्यालय की  स्थापना के लिए चिन्हित की गयी है। इनमें से चार मंडलों में जमीन पहले ही आयुष विभाग के नाम दर्ज है, जबकि बस्ती में भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। शिक्षा संस्थान शोध और नवाचार के केंद्र के रूप में भी किए जाएंगे विकसित आयुष महानिदेशक एवं मिशन निदेशक चैत्रा वी. ने बताया कि सभी पांच मंडलों में आयुष महाविद्यालय के लिए जमीन उपलब्ध हो गयी है। वहीं वर्तमान में राजकीय एकीकृत आयुष महाविद्यालय एवं चिकित्सालय का नक्शा तैयार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि नए आयुष महाविद्यालय केवल शिक्षा संस्थान नहीं होंगे, बल्कि शोध और नवाचार के केंद्र के रूप में भी विकसित किए जाएंगे। यहां आयुर्वेदिक औषधियों, योग चिकित्सा, जीवनशैली आधारित उपचार और पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों पर अनुसंधान को बढ़ावा दिया जाएगा। इससे भारतीय चिकित्सा परंपरा को वैज्ञानिक आधार पर और अधिक सशक्त बनाने में मदद मिलेगी। नए आयुष महाविद्यालयों की स्थापना से प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों के विद्यार्थियों को अपने ही मंडल में उच्च स्तरीय चिकित्सा शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। इससे दूर-दराज के क्षेत्रों के छात्रों को बड़े शहरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। महाविद्यालयों में आधुनिक प्रयोगशालाएं, चिकित्सालय, अनुसंधान सुविधाएं और प्रशिक्षण केंद्र विकसित किए जाएंगे, जिससे आयुष शिक्षा को नई गुणवत्ता और पहचान मिलेगी।

बूढ़ी मां संग आई बेटी ने बीटेक की पढ़ाई करने के लिए लगाई गुहार, मुख्यमंत्री ने किया आश्वस्त

किसी भी निर्धन या जरूरतमंद की शिक्षा को बाधित नहीं होने देगी सरकारः मुख्यमंत्री बूढ़ी मां संग आई बेटी ने बीटेक की पढ़ाई करने के लिए लगाई गुहार, मुख्यमंत्री ने किया आश्वस्त  पुलिस की अनसुनी व कब्जे से जुड़ी शिकायतों में हीलाहवाली पर सीएम योगी सख्त, अफसरों को कड़ी मॉनीटरिंग करने का निर्देश    लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार सुबह ‘जनता दर्शन’ किया। इस दौरान प्रदेश भर से आए लोगों से उन्होंने व्यक्तिगत मुलाकात की, उनकी समस्याएं सुनीं और समस्याओं के निराकरण का निर्देश दिया। एक बच्ची ने मुख्यमंत्री से उच्च शिक्षा के लिए मदद की गुहार लगाई, जिस पर उन्होंने लखनऊ के किसी संस्थान में प्रवेश दिलाने का आदेश दिया। पुलिस की अनसुनी व अवैध कब्जे से जुड़ी शिकायतों पर सख्त सीएम योगी ने अफसरों को मॉनीटरिंग कर पीड़ितों को न्याय दिलाने का आदेश दिया।  बूढ़ी मां संग आई बेटी, खुश होकर लौटी  लखनऊ की एक बच्ची अपनी बूढ़ी मां के साथ पहुंची। उसने बताया कि इंटरमीडिएट अच्छे अंक से उत्तीर्ण किया है। वह आगे बीटेक करना चाहती है, लेकिन धन के अभाव में दिक्कत हो रही है। सीएम योगी ने उसकी मार्कशीट देखी, फिर कहा कि पढ़ाई पर ध्यान दो। आपका प्रवेश किसी अच्छे संस्थान में कराया जाएगा। सरकार किसी भी निर्धन या जरूरतमंद की शिक्षा को बाधित नहीं होने देगी। सकारात्मक संदेश पाकर प्रफुल्लित बेटी व मां ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताया।  अवैध कब्जे की शिकायत पर अफसरों से बोले- ‘मॉनीटरिंग कर पीड़ितों को न्याय दिलाइए’  विभिन्न जनपदों से आए फरियादियों ने मुख्यमंत्री से पुलिस की हीलाहवाली व अवैध कब्जे को लेकर उचित कार्रवाई न होने की शिकायत करते हुए प्रार्थना पत्र सौंपा। मुख्यमंत्री ने हर प्रकरण को सुना, फिर शासन के अफसरों को प्रार्थना पत्र देते हुए कहा कि इन मामलों की मॉनीटरिंग करिए। पीड़ित को न्याय और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई कराइए। सीएम ने पीड़ितों को जल्द ही समाधान के लिए आश्वस्त किया।  पहले जनपद, मंडल के अधिकारियों से अवश्य मिलिए  कुछ फरियादी ऐसे भी आए, जो सीधे ‘जनता दर्शन’ में पहुंचे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूछा कि आपने जनपद के किस अधिकारी के समक्ष अपनी बात रखी। इस पर कुछ फरियादियों ने कहा कि हम सीधे यहीं आ रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि गर्मी बेतहाशा पड़ रही है। आप सभी अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखें और सबसे पहले अपनी शिकायतें जनपद, मंडल स्तर के अधिकारियों से करें। कई समस्याओं का समाधान वहीं से हो जाएगा।

यूपी: प्राथमिक स्कूलों में छात्रों की प्रगति का होगा नया आकलन सिस्टम

लखनऊ उत्तर प्रदेश के सरकारी प्राइमरी स्कूलों में इस समय गर्मी की छुट्टियां चल रही हैं। 20 मई से स्कूल बंद हैं और 15 जून तक बंद रहेंगे। 16 जून को सत्र का पहला दिन होगा। इस दिन स्कूलों में छात्र-छात्राओं का स्वागत तो होगा ही, नए शैक्षिक सत्र से परिषदीय विद्यालयों में कक्षा एक से तीन तक के विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति का नियमित आकलन करने के लिए निपुण तालिका तैयार करना अनिवार्य कर दिया गया है। निपुण भारत मिशन के अंतर्गत लागू की जा रही यह व्यवस्था बच्चों में बुनियादी साक्षरता और संख्यात्मक ज्ञान (एफएलएन) के लक्ष्यों को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। निपुण तालिका के माध्यम से शिक्षकों को प्रत्येक छात्र की सीखने की प्रगति का रिकॉर्ड तैयार करना होगा। इसमें पढ़ना, लिखना, समझना तथा गणितीय दक्षताओं से संबंधित विभिन्न बिंदुओं का मूल्यांकन किया जाएगा। इससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि कौन से छात्र निर्धारित दक्षताओं को प्राप्त कर चुके हैं और किन्हें अतिरिक्त शैक्षणिक सहयोग की आवश्यकता है। इस व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी है कि अभिभावक अपने बच्चों की वास्तविक शैक्षणिक प्रगति को बेहतर ढंग से समझ सकेंगे। इस व्यवस्था में परीक्षा परिणामों के बजाय बच्चों द्वारा अर्जित दक्षताओं के आधार पर प्रगति का आकलन किया जाएगा। 27 दिनों का दिया गया है ग्रीष्मकालीन अवकाश इस साल प्रदेश के सभी प्राथमिक, उच्च प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालय में 20 मई से 15 जून तक के लिए ही विद्यालय बंद रखे गए हैं। इस तरह इस बार छात्रों को कुल 27 दिन ग्रीष्मकालीन अवकाश मिले हैं। उत्तर प्रदेश शिक्षा विभाग द्वारा जारी गाइडलाइन्स और आधिकारिक आदेश के मुताबिक 15 जून तक गर्मी की छुट्टियां खत्म होने के बाद 16 जून 2026 से सभी स्कूल दोबारा खोल दिए जाएंगे। इस दिन से बच्चे पहले की तरह नियमित रूप से अपनी कक्षाओं में लौटेंगे। स्कूलों को इस शेड्यूल के हिसाब से तैयारी करने का आदेश दिया है। नए सत्र के लिए स्कूल परिसरों को पहले से साफ-सुथरा और व्यवस्थित कर लिया जाएगा। सत्र के पहले दिन हमेशा की तरह विद्यालय में विद्यार्थियों का स्वागत किया जाएगा। क्या बोले बेसिक शिक्षा अधिकारी गोरखपुर के बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) धीरेंद्र त्रिपाठी ने कहा कि निपुण तालिका के प्रभावी क्रियान्वयन से प्राथमिक स्तर पर शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा और निपुण भारत मिशन के लक्ष्यों को प्राप्त करने में मदद मिलेगी। इसके आधार पर शिक्षक कमजोर छात्रों की पहचान कर उन पर विशेष ध्यान दे सकेंगे।

जनता दर्शन में सीएम योगी का सख्त रुख, अफसरों को दिए त्वरित कार्रवाई के निर्देश

लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार सुबह ‘जनता दर्शन’ किया। इस दौरान प्रदेश भर से आए लोगों से उन्होंने व्यक्तिगत मुलाकात की, उनकी समस्याएं सुनीं और समस्याओं के निराकरण का निर्देश दिया। एक बच्ची ने मुख्यमंत्री से उच्च शिक्षा के लिए मदद की गुहार लगाई, जिस पर उन्होंने लखनऊ के किसी संस्थान में प्रवेश दिलाने का आदेश दिया। पुलिस की अनसुनी व अवैध कब्जे से जुड़ी शिकायतों पर सख्त सीएम योगी ने अफसरों को मॉनीटरिंग कर पीड़ितों को न्याय दिलाने का आदेश दिया। बूढ़ी मां संग आई बेटी, खुश होकर लौटी लखनऊ की एक बच्ची अपनी बूढ़ी मां के साथ पहुंची। उसने बताया कि इंटरमीडिएट अच्छे अंक से उत्तीर्ण किया है। वह आगे बीटेक करना चाहती है, लेकिन धन के अभाव में दिक्कत हो रही है। सीएम योगी ने उसकी मार्कशीट देखी, फिर कहा कि पढ़ाई पर ध्यान दो। आपका प्रवेश किसी अच्छे संस्थान में कराया जाएगा। सरकार किसी भी निर्धन या जरूरतमंद की शिक्षा को बाधित नहीं होने देगी। सकारात्मक संदेश पाकर प्रफुल्लित बेटी व मां ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताया। अवैध कब्जे की शिकायत पर अफसरों से बोले- ‘मॉनीटरिंग कर पीड़ितों को न्याय दिलाइए’ विभिन्न जनपदों से आए फरियादियों ने मुख्यमंत्री से पुलिस की हीलाहवाली व अवैध कब्जे को लेकर उचित कार्रवाई न होने की शिकायत करते हुए प्रार्थना पत्र सौंपा। मुख्यमंत्री ने हर प्रकरण को सुना, फिर शासन के अफसरों को प्रार्थना पत्र देते हुए कहा कि इन मामलों की मॉनीटरिंग करिए। पीड़ित को न्याय और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई कराइए। सीएम ने पीड़ितों को जल्द ही समाधान के लिए आश्वस्त किया। पहले जनपद, मंडल के अधिकारियों से अवश्य मिलिए कुछ फरियादी ऐसे भी आए, जो सीधे ‘जनता दर्शन’ में पहुंचे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूछा कि आपने जनपद के किस अधिकारी के समक्ष अपनी बात रखी। इस पर कुछ फरियादियों ने कहा कि हम सीधे यहीं आ रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि गर्मी बेतहाशा पड़ रही है। आप सभी अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखें और सबसे पहले अपनी शिकायतें जनपद, मंडल स्तर के अधिकारियों से करें। कई समस्याओं का समाधान वहीं से हो जाएगा।  

संत कबीर टेक्सटाइल पार्क योजना से यूपी बनेगा टेक्सटाइल हब

लखनऊ  सीएम योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में यूपी को देश के प्रमुख टेक्सटाइल एवं परिधान विनिर्माण केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में संत कबीर टेक्सटाइल एवं अपैरल पार्क योजना तेजी से आगे बढ़ रही है। योगी सरकार ने वाराणसी, अमरोहा, बरेली, संत कबीर नगर और बिजनौर में पांच बड़े टेक्सटाइल पार्क विकसित करने की योजना बनाई है। इन पार्कों के लिए कुल 326 एकड़ से अधिक भूमि चिह्नित की गई है और सभी भूमि पार्सलों के हस्तांतरण को मंत्रिमंडल की मंजूरी भी मिल चुकी है। इस योजना के तहत वाराणसी के रामना में 75 एकड़, अमरोहा में 79.825 एकड़, बरेली के बहेड़ी में 79.580 एकड़, संत कबीर नगर के मगहर में 39.490 एकड़ तथा बिजनौर के नगीना में 52.910 एकड़ भूमि पर पार्क विकसित किए जाएंगे। सभी परियोजनाएं सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल पर स्थापित होंगी। सरकार का लक्ष्य निवेश आकर्षित करने के साथ-साथ प्रदेश में बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन करना है। भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी परियोजना के क्रियान्वयन के लिए प्राधिकरण गठन की अधिसूचना जारी की जा चुकी है तथा भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। नादर्न इंडिया टेक्सटाइल रिसर्च एसोसिएशन (NITRA) द्वारा वाराणसी पार्क की प्री-फिजिबिलिटी रिपोर्ट प्रस्तुत की जा चुकी है, जबकि शेष चार पार्कों की संशोधित प्री-फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार की जा रही है। उद्योग जगत के सुझावों को शामिल करते हुए इन रिपोर्टों को अंतिम रूप दिया जाएगा। वाराणसी के रामना टेक्सटाइल पार्क को शीघ्र विकसित करने के लिए संपर्क मार्ग निर्माण का कार्य भी आगे बढ़ रहा है। सड़क निर्माण के लिए निविदा प्रक्रिया पूरी होने के बाद अनुबंध की कार्यवाही प्रगति पर है। वहीं बिजली आपूर्ति के लिए 132 केवी उपकेंद्र, ट्रांसमिशन लाइन और 33 केवी विद्युत अवसंरचना की रूपरेखा तैयार की गई है, जिससे पार्क को निर्बाध विद्युत उपलब्ध कराई जा सके। पीपीपी आधारित निविदा दस्तावेज हो रहे तैयार योगी सरकार पर्यावरणीय मानकों के अनुरूप परियोजनाओं को विकसित करने पर भी विशेष जोर दे रही है। पर्यावरण स्वीकृति, भूजल उपयोग और वन विभाग की अनापत्ति से संबंधित प्रक्रियाएं जारी हैं। इसके साथ ही चार अन्य पार्कों के लिए मास्टर डेवलपर चयन के लिए पीपीपी आधारित निविदा दस्तावेज तैयार किए जा रहे हैं। उद्योगों से मिले सकारात्मक प्रतिसाद के बाद सरकार को इन परियोजनाओं में बड़े निवेश की उम्मीद है। यूपी सरकार मानना है कि संत कबीर टेक्सटाइल एवं अपैरल पार्क योजना उत्तर प्रदेश को टेक्सटाइल निर्माण, रेडीमेड गारमेंट्स, तकनीकी वस्त्र और निर्यात के क्षेत्र में नई पहचान दिलाएगी। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के हजारों अवसर सृजित होंगे और प्रदेश की एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को भी मजबूती मिलेगी।

1.81 करोड़ नए मतदाता जुड़े, पंचायत चुनाव की अंतिम सूची 10 जून को आएगी

लखनऊ पंचायत चुनाव के मद्देनजर मतदाता पुनरीक्षण-2025 की प्रक्रिया अब पूरी हो गई है। अनंतिम सूची जारी करने के बाद आए दावे-आपत्तियों पर सुनवाई कर उनको निस्तारित कर दिया गया है। पूरा डाटा ऑनलाइन फीड कर दिया गया है। दस जून को राज्य निर्वाचन आयोग अंतिम सूची प्रकाशित करेगा। अब इसमें देरी की कोई गुंजाइश नहीं बची है। राज्य निर्वाचन आयोग ने पंचायत चुनाव के लिए मतदाता पुनरीक्षण अभियान चलाया था। 18 दिसंबर 2025 को आयोग ने अनंतिम सूची जारी की थी। जिसमें पता चला था कि पुनरीक्षण के दौरान 1.81 करोड़ नए मतदाता जोड़े गए हैं जबकि 1.41 करोड़ अयोग्य लोगों के नाम सूची से हटाए गए हैं। पिछले चुनाव की अपेक्षा इस सूची में कुल 40.19 लाख मतदाता बढ़े थे। आयोग ने अनंतिम सूची पर दावे और आपत्तियां मांगे थे। लाखों आपत्तियां आईं। एक के बाद एक पांच बार अंतिम सूची प्रकाशन की तारीख बढ़ाई गई। आखिर में दस जून 2026 की तारीख तय की गई है। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक अंतिम सूची को लेकर आयोग ने सभी प्रक्रियाएं पूरी कर ली हैं। सभी मतदाताओं को 9 अंकों का स्टेट वोटर नंबर भी दिया गया है। इसी तरह के कई और व्यवस्थाएं की गई हैं, जिससे चुनाव प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी व व्यवस्थित होगी। आयोग दस जून को अंतिम सूची जारी कर देगा। जिससे स्पष्ट हो जाएगा कि पिछली बार की अपेक्षा कितने वोटर बढ़े। इसके अलावा अन्य डाटा भी मिल जाएगा। अनंतिम सूची की अपेक्षा इसमें मामूली बदलाव संभव है। तैयारी पूरी, फिलहाट टल गए हैं चुनाव आयोग ने अपनी तैयारी लगभग पूरी कर ली है। चूंकि धीरे धीरे चुनाव का समय बढ़ता गया, इसलिए आयोग भी मतदाता सूची जारी करने की तारीख आगे बढ़ाता गया। जिससे उनको सूची को और व्यवस्थित करने का मौका मिल गया। फिलहाल सरकार प्रधानों को प्रशासक नियुक्त कर चुकी है। स्पष्ट है कि चुनाव फिलहाल टल गए हैं।  

एक्सप्रेसवे परियोजनाओं की निगरानी अब सीधे CM योगी करेंगे

लखनऊ यूपी की योगी सरकार ने यूपी में एक्सप्रेसवे और उससे जुड़ी परियोजनाओं के होने वाले कामों को लेकर महत्वपूर्ण फैसला किया है। एक्सप्रेसवे बनाने के लिए बनाए गए उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) का काम अवस्थापना विभाग के अधीन कर दिया गया है। अभी तक यह काम औद्योगिक विकास विभाग के अनुभाग तीन द्वारा देखा जा रहा था। अवस्थापना मंत्रालय मुख्यमंत्री के पास है। इसके बाद यह साफ हो गया है कि एक्सप्रेसवे और इससे जुड़ी परियोजनाओं का काम मुख्यमंत्री सीधे तौर पर देखेंगे। सचिव सचिवालय प्रशासन गुर्राला श्रीनिवासुलु की ओर से इस बारे में आदेश जारी कर दिया गया है। यह बदलाव क्यों किया जा रहा है, इसके बारे में भी बताया गया है। यूपी में अभी तक औद्योगिक विकास विभाग के अधीन यूपीडा का काम देखा जाता था। शासन में औद्योगिक विकास विभाग के अनुभाग तीन को यह काम आवंटित था। सचिव सचिवालय प्रशासन गुर्राला श्रीनिवासुलु की ओर से जारी आदेश में यूपीडा के काम को लेकर स्थिति स्पष्ट की गई है। उनके इस आदेश में कहा गया है कि 18 मई 2007 को अवस्थापना विभाग का गठन किया गया और 30 जुलाई 2007 को काम भी आवंटित किए गए। अवस्थापना का काम औद्योगिक विकास अनुभाग तीन द्वारा देखा जा रहा था। बदलाव के लिए यह बताया गया कारण आदेश में कहा गया है कि अवस्थापना विकास अनुभाग का काम तय है। यूपीडा के अधीन एक्सप्रेसवे परियोजनाओं का काम औद्योगिक विकास विभाग के अनुभाग तीन को आवंटित है। निर्धारित लागत सीमा से अधिक चिह्नित अवस्थापना सुविधाओं के विकास के लिए सार्वजनिक क्षेत्र, निजी क्षेत्र या सहभागिता के आधार पर क्रियान्वयन की नीति निर्धारण व समन्वय का काम अवस्थापना विकास अनुभाग को आवंटित है। इसके चलते इस काम के आवंटन में विरोधाभाष तथा संबंधित प्रत्रावलियों के निस्तारण को और आसान बनाने के लिए यूपीडा से संबंधित सभी काम तात्कालिक प्रभाव से अवस्थापना विकास अनुभाग को आवंटित कर दिया गया है। नई स्टार्टअप नीति बनेगी वहीं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश को देश का अग्रणी स्टार्टअप केंद्र बनाने के लिए नई स्टार्टअप नीति-2026 तैयार करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि नई नीति में भरण-पोषण भत्ता, प्रोटोटाइप अनुदान, सीड कैपिटल सहायता तथा पेटेंट एवं गुणवत्ता प्रमाणन से जुड़े प्रोत्साहनों को और अधिक प्रभावी बनाया जाए। सीएम ने निर्देश दिया कि महिला उद्यमियों, आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों, दिव्यांगजन, ट्रांसजेंडर उद्यमियों तथा पूर्वांचल एवं बुंदेलखंड क्षेत्र के स्टार्टअप्स को विशेष प्रोत्साहन देने के प्रावधान शामिल किए जाएं। स्टार्टअप गतिविधियों के संचालन, प्रोत्साहन, वित्तीय प्रबंधन, निगरानी, क्षमता निर्माण तथा विभिन्न हितधारकों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने के लिए उत्तर प्रदेश स्टार्टअप मिशन का गठन किया जाए। प्रस्तावित नीति की समीक्षा मुख्यमंत्री ने रविवार को प्रस्तावित उत्तर प्रदेश स्टार्टअप नीति-2026 के विभिन्न प्रावधानों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि युवा शक्ति, बड़ा बाजार, डिजिटल एवं औद्योगिक आधार, निवेशकों के अनुकूल वातावरण यूपी को अर्थव्यवस्था का राष्ट्रीय केंद्र बनाने की क्षमता रखते हैं। नई नीति ऐसी होनी चाहिए जो प्रदेश के युवाओं को रोजगार खोजने वाला नहीं, बल्कि रोजगार सृजित करने वाला बनाए। उत्तर प्रदेश को स्टार्टअप तथा नवाचार के क्षेत्र में पहचान दिलाए। मुख्यमंत्री को प्रमुख सचिव आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स ने बताया कि पिछले सालों में यूपी ने स्टार्टअप इकोसिस्टम के विकास में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। 2018 में ‘एस्पायरिंग लीडर’ श्रेणी से आगे बढ़ते हुए उत्तर प्रदेश वर्ष 2025 में भारत सरकार की स्टार्टअप रैंकिंग में ‘टॉप परफॉर्मर’ श्रेणी में स्थान प्राप्त कर चुका है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में स्टार्टअप्स को प्रारंभिक चरण से लेकर विस्तार और वैश्विक प्रतिस्पर्धा तक जरूरी सहयोग उपलब्ध कराया जाना चाहिए।

2010-12 बैच के PCS अफसर बन सकते हैं IAS, 33 पदों पर प्रमोशन प्रक्रिया तेज

लखनऊ उत्तर प्रदेश में पीसीएस से आईएएस के पदों पर पदोन्नति देने के लिए 10 जून को डीपीसी दिल्ली में होगी। इसमें वर्ष 2010, 2011 व 2012 बैच के पीसीएस अफसरों के नामों पर विचार होगा। नियुक्ति विभाग ने इसके लिए तैयारियां शुरू कर दी है। केंद्र सरकार ने चयन वर्ष 2025 के लिए उत्तर प्रदेश को भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) में पदोन्नति कोटे के 33 पद आवंटित किए हैं। इससे वर्ष 2010 और 2011 बैच के पीसीएस अधिकारियों के आईएएस बनने का रास्ता साफ हो गया है। नियुक्ति विभाग ने केंद्र से आवंटित पदों के आधार पर संभावित अधिकारियों की वार्षिक गोपनीय प्रविष्टियां (एसीआर) और सेवा अभिलेख जुटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस बार पीसीएस से आईएएस में पदोन्नति होने वाले पदों की संख्या बढ़ने की वजह से 2010 और 2011 के साथ 2012 बैच के भी कुछ अफसरों को मौका मिल सकता है। वर्ष 2010 और 2011 बैच में अधिकारियों की संख्या कम है। वर्ष 2010 बैच में पीसीएस सेवा के आठ अधिकारी हैं, 2011 बैच में 21 हैं। दोनों बैच की संख्या मिलाकर 29 होती है। इसके बाद भी चार पद रिक्त बचते हैं। इसीलिए 2012 बैच के भी कुछ अफसरों को मौका मिल सकता है। इन नामों पर विचार वर्ष 2010 बैच के डा. विश्राम, अशोक कुमार कन्नौजिया, पुष्पराज सिंह, राजकुमार द्विवेदी, राकेश कुमार पटेल, आलोक कुमार, सुशीला, संजय कुमार सिंह। वर्ष 2011 में पूनम निगम, संतोष बहादुर सिंह, पंकज वर्मा, प्रदीप कुमार यादव, योगानंद पांडे, विजय कुमार सिंह, अतुल कुमार-11, डा. सुनील कुमार वर्मा, हर्ष देव पांडे, शैलेंद्र कुमार सिंह, डा. नितिन मदान, प्रियंका सिंह, अमित कुमार-प्रथम, रिंकी जायसवाल, अमित सिंह, अमित कुमार-द्वितीय, विवेक श्रीवास्तव, वैभव मिश्रा, नरेंद्र बहादुर सिंह, संदीप कुमार, गरिमा स्वरूप हैं। पीपीएस से आईपीएस की प्रक्रिया भी जारी पुलिस महकमे में भी बड़ा प्रशासनिक बदलाव देखने को मिल सकता है। प्रदेश के 29 पीपीएस अधिकारियों को IPS में प्रमोट करने की भी प्रक्रिया तेज हो गई है। शासन की ओर से आईपीएस कैडर में रिक्त पड़े 29 पदों को भरने के लिए नियमों के तहत तीन गुना अधिक पीपीएस अधिकारियों के नाम संघ लोक सेवा आयोग को भेज दिए गए हैं। यूपीएससी इन अधिकारियों के सेवा रिकॉर्ड, गोपनीय प्रविष्टियों और लंबित जांचों की समीक्षा करेगा। यूपी में आईपीएस कैडर के 29 पद लंबे समय से रिक्त हैं। इन्हें भरने के लिए सरकार और डीजीपी मुख्यालय ने प्रमोशन प्रक्रिया को तेज किया। प्रस्ताव तैयार कर यूपीएससी को भेजा गया है। नियमों के मुताबिक, जितने पद रिक्त होते हैं, उससे तीन गुना अधिक अधिकारियों के नाम विचार के लिए भेजे जाते हैं।

यूपी पुलिस का ताबड़तोड़ एक्शन: 6 एनकाउंटर, एक बदमाश ढेर; कौन था भानु प्रताप सिंह?

 लखनऊ उत्तर प्रदेश में अपराधियों के खिलाफ पुलिस और एसटीएफ का एक्शन लगातार जारी है. अयोध्या से लेकर झांसी, लखनऊ, हापुड़ और चंदौली तक पुलिस ने मुठभेड़ों और छापेमारी के जरिए कई बड़े अपराधियों को या तो गिरफ्तार किया है या तो ढेर किया है. इस कार्रवाई से अपराधियों में दहशत का माहौल है. आइए जानते हैं कि 24 घंटे में कहां-कहां मुठभेड़ हुई… अयोध्या सबसे बड़ी कार्रवाई अयोध्या में हुई, जहां प्रयागराज एसटीएफ यूनिट और कुख्यात अपराधी भानु प्रताप सिंह के बीच मुठभेड़ हुई. मुठभेड़ में घायल भानु प्रताप सिंह की अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई. भानु पर आजमगढ़ से एक लाख, अंबेडकर नगर से पचास हजार और गोरखपुर से पंद्रह हजार रुपये का इनाम घोषित था. पुलिस के मुताबिक वह कॉन्ट्रैक्ट किलर और डकैत था व उसके खिलाफ हत्या और डकैती समेत 40 से अधिक गंभीर मुकदमे दर्ज थे।  झांसी उधर झांसी में हत्या के मामले में वांछित दो आरोपियों को पुलिस ने आधी रात के बाद मुठभेड़ में घेर लिया. पुलिस की गोली लगने से एक आरोपी घायल हो गया, जबकि दूसरे ने सरेंडर कर दिया. दोनों पर 24 घंटे पहले हुई हत्या में शामिल होने का आरोप है. पुलिस अन्य फरार आरोपियों की तलाश कर रही है।  लखनऊ लखनऊ के गाजीपुर थाना क्षेत्र में महिला से छेड़छाड़, मारपीट और हत्या के प्रयास के मामले में भी पुलिस को बड़ी सफलता मिली है. सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी सुमित कश्यप को गिरफ्तार किया गया. पूछताछ में उसके साथी सनी उर्फ शनि कश्यप का नाम सामने आया. पुलिस मुठभेड़ के बाद दूसरे आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया गया है।  हापुड़ हापुड़ में व्यापारी नरेंद्र कबाड़ी के घर हुई लूटकांड की वारदात का पुलिस ने खुलासा कर दिया है. मुठभेड़ के दौरान दो बदमाशों के पैर में गोली लगी, जबकि वारदात में शामिल कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. मामले का विस्तृत खुलासा एसपी कुंवर ज्ञानंजय सिंह करेंगे।  चंदौली वहीं चंदौली में 24 घंटे पहले हुए हत्याकांड के मुख्य शूटर को पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार कर लिया. आरोपी के दोनों पैरों में गोली लगी है और उसका अस्पताल में इलाज चल रहा है. पुलिस का कहना है कि आरोपी ने पुलिस टीम पर फायरिंग की थी, जिसके जवाब में की गई कार्रवाई में वह घायल हुआ।  अयोध्या एनकाउंटर में मारे गए इनामी बदमाश भानु प्रताप सिंह की क्राइम कुंडली  गोरखपुर के बेलघाट थाना क्षेत्र के बिखनापुर गांव का निवासी भानु प्रताप सिंह पूर्वांचल के कई जिलों में आतंक का पर्याय बना हुआ था. प्रयागराज एसटीएफ के इंस्पेक्टर जेपी राय के नेतृत्व में टीम ने सूचना के आधार पर घेराबंदी की, जिसके बाद हुई फायरिंग में भानु गोली लगी, जिसके बाद उसकी मौत हो गई. भानु पर आजमगढ़, अंबेडकरनगर और गोरखपुर समेत विभिन्न जनपदों से कुल मिलाकर 1 लाख रुपये, 50 हजार रुपये और 15 हजार रुपये के इनाम घोषित थे. वह लंबे समय से फरार चल रहा था और पुलिस की मोस्ट वांटेड सूची में शामिल था।  15 सालों का खौफनाक आपराधिक इतिहास पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, भानु प्रताप सिंह का आपराधिक इतिहास बेहद खौफनाक था. साल 2010 से लेकर 2025 तक उसके खिलाफ लगातार मुकदमे दर्ज होते रहे. उस पर गोरखपुर, आजमगढ़, संतकबीरनगर, मऊ, बस्ती, देवरिया और अंबेडकरनगर सहित कई जिलों में 40 से अधिक संगीन मुकदमे दर्ज थे. वह पूर्वांचल के संगठित अपराध गिरोहों से जुड़ा हुआ था और सुपारी लेकर हत्या करने वाले शातिर कॉन्ट्रैक्ट किलर के रूप में सक्रिय था।  हत्या, डकैती और गैंगस्टर एक्ट समेत दर्जनों धाराएं भानु के खिलाफ दर्ज मुकदमों में कानून की सबसे गंभीर धाराएं शामिल थीं. उसके अपराध इतिहास में-  हत्या और साजिश: हत्या (302 IPC), हत्या का प्रयास (307 IPC) और हत्या की साजिश (120B IPC) लूट और अपहरण: डकैती (395, 397 IPC), लूट (392, 394 IPC) और अपहरण (363, 366 IPC) संगठित अपराध व अन्य: गैंगस्टर एक्ट, गुंडा एक्ट, आर्म्स एक्ट, एनडीपीएस एक्ट, धोखाधड़ी (420 IPC) और सार्वजनिक संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम।  ध्वस्त हुआ पूर्वांचल का नेटवर्क भानु के खिलाफ सबसे ज्यादा मुकदमे गोरखपुर, आजमगढ़ और संतकबीरनगर में दर्ज थे. आजमगढ़ के महाराजगंज, अहरौला और अतरौलिया थानों के मामलों में वह वांछित था. दर्शन नगर चौकी प्रभारी बृजभूषण ने भानु की मौत की मौत की पुष्टि की है. एसटीएफ का मानना है कि इस एनकाउंटर से पूर्वांचल का एक बड़ा आपराधिक नेटवर्क पूरी तरह ध्वस्त हो गया है।  आपको बता दें कि यूपी में अपराधियों के खिलाफ पुलिस का अभियान लगातार जारी है. अलग-अलग जिलों में हुई इन कार्रवाइयों को कानून-व्यवस्था के मोर्चे पर बड़ी सफलता माना जा रहा है. फिलहाल सभी मामलों में आगे की जांच जारी है। 

धार्मिक स्थलों को पर्यटन केंद्र बनाने की योजना, अमरोहा में बड़े प्रोजेक्ट पर तैयारी

 अमरोहा प्रदेश सरकार पर्यटन के विकास पर अधिक जोर दे रही है। उसके द्वारा धार्मिक स्थलों को पर्यटन के रूप में विकसित किया जा रहा है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में जनपद के सात धार्मिक स्थलों पर पर्यटन सुविधाएं विकसित करने का प्रस्ताव प्रशासन ने विधानसभा वार तैयार किया है। 2225 लाख से उनकी तस्वीर को बदला जाएगा। इस बार एक गुरुद्वारा को भी प्रस्ताव में शामिल किया गया है। सभी के प्रस्ताव मंजूरी के लिए पर्यटन विभाग को भिजवा दिए गए हैं। उसकी मंजूरी मिलने और शासन से धनराशि आवंटित होने के बाद धार्मिक स्थलों पर कार्य शुरू किया जाएगा। धार्मिक स्थलों के प्रति पर्यटक आकर्षित हों और प्रदेश की आय में बढ़ोतरी हो, इसके लिए सरकार द्वारा प्रत्येक जनपद के मुख्य धार्मिक स्थलों पर पर्यटन सुविधाएं बढ़ाने का कार्य चल रहा है। राज्य योजना अंतर्गत पर्यटन विकास के लिए कार्य किया जा रहा है। इसके लिए पर्यटन विभाग हर वित्तीय वर्ष में जिला प्रशासन से धार्मिक स्थलों के प्रस्ताव मांगता है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में विधानसभा वार सात धार्मिक स्थलों का प्रस्ताव बनाकर विभाग को भेजा गया है। इसमें नौगावां सादात विस क्षेत्र में स्थित वारसपुर कलां का शिव मंदिर, गुरुकुल कन्या चोटीपुरा का वेद मंदिर, खजूरी गांव में स्थित बाबा बालक राम मंदिर, गुरुद्वारा सिंह सभा गुरुनानक दरबार खंडसाल कलां, हसनपुर विस क्षेत्र के ग्राम ढबारसी में स्थित प्राचीन शिव मंदिर, ग्राम बिजनौरा स्थित शिव मंदिर व अमरोहा में वासुदेव मंदिर पर लाइट एवं साउंड शो के प्रस्ताव शामिल किए गए हैं। जिन पर करीब 2225 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। वर्ष 2025-26 में तीन परियोजनाओं को मिली थी मंजूरी पर्यटन विभाग की राज्य योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2025-26 में 283.27 लाख की तीन परियोजनाओं को मंजूरी मिली थी। इसमें नाैगावां विस क्षेत्र में बाबा लालचंद्र मंदिर जकड़ी, अमरोहा विस क्षेत्र के गांव रेहरा में प्रज्ञा बुद्ध बिहार, हसनपुर में चामुंडा देवी मंदिर शामिल हैं। वर्ष 2023-24 में चार परियोजनाएं हुई थी मंजूर वित्तीय वर्ष 2023-24 में राज्य योजनांतर्गत चार परियोजनाएं मंजूर हुई थी। इनमें हसनपुर विधानसभा क्षेत्र में स्थित शिव मंदिर ग्राम फूलपुर बीझलपुर, नौगावां सादात विधानसभा क्षेत्र में शिव मंदिर मेला स्थल गांव गजस्थल, अमरोहा विस क्षेत्र में वासुदेव मंदिर व मंडी धनौरा क्षेत्र में स्थित प्राचीन शिव मंदिर पत्थरकुटी शामिल हैं। जिन पर पर्यटन सुविधाएं बढ़ाने के लिए 445.93 लाख रुपये खर्च किए गए हैं। वर्ष 2024-25 में दो ही परियोजनाओं को मिली थी मंजूरी राज्य योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2024-25 में जनपद में 139.80 लाख रुपये की दो ही परियोजनाओं को मंजूरी मिली थी। जिसमें हसनपुर विधानसभा क्षेत्र में मोहल्ला हाेलीवाला स्थित शिवाला मंदिर परिसर, नौगावां सादात विस क्षेत्र में स्थित ग्राम बहलोलपुर स्थित प्राचीन शिव मंदिर परिसर शामिल हैं। धार्मिक स्थलों को पर्यटन के रूप में विकसित करने के लिए प्रस्ताव बनाकर मंजूरी के लिए पर्यटन विभाग को भेजे गए हैं। जिनकी मंजूरी और धनराशि मिलने के बाद उनके विकास का कार्य कराया जाएगा।   अश्वनी कुमार मिश्र, सीडीओ