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आपदा प्रभावितों के लिए योगी सरकार की पहल, 18 सितंबर तक 249.76 करोड़ रुपये की मदद

01 अप्रैल से 18 सितंबर तक आपदाओं से प्रभावित लोगों को दी गई 249.76 करोड़ रुपये की सहायता आपदा प्रभावितों को शीघ्र राहत देने के लिए योगी सरकार की संवेदनशील पहल किसानों की फसल, क्षतिग्रस्त मकानों और पशुहानि के मामलों में भी प्रभावित परिवारों को जल्द मिली आर्थिक मदद लखनऊ  उत्तर प्रदेश में विभिन्न प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित लोगों और परिवारों को समय पर राहत पहुंचाने के लिए योगी सरकार लगातार प्रयास कर रही है। प्रदेश में अतिवृष्टि, वज्रपात, सर्पदंश, बाढ़, मानव-वन्यजीव द्वंद्व, ओलावृष्टि, डूबने की घटनाओं, अग्निकांड और आंधी-तूफान जैसी विभिन्न आपदाओं से प्रभावित लोगों को सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। राहत आयुक्त कार्यालय की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार, 01 अप्रैल 2026 से 18 सितंबर 2026 तक विभिन्न आपदाओं से बचाव और राहत के लिए उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों को अलग-अलग मदों में कुल 249.76 करोड़ रुपये की धनराशि जारी की गई है।  राज्य सरकार की ओर से घोषित विभिन्न आपदाओं में राहत के लिए अब तक 206.19 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। वहीं, ओलावृष्टि से हुए नुकसान के सापेक्ष राहत के लिए 111.67 करोड़ रुपये, बाढ़ राहत एवं बचाव कार्यों के लिए 114.04 करोड़ रुपये और अग्निकांड से प्रभावित लोगों को राहत देने के लिए 36.85 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। सरकार की ओर से अलग-अलग आपदाओं की प्रकृति और नुकसान के अनुसार राहत राशि उपलब्ध कराई जा रही है। जनहानि से प्रभावित परिवारों को 156.92 करोड़ रुपये की सहायता वज्रपात, सर्पदंश, डूबने, आंधी-तूफान, मानव-वन्यजीव द्वंद्व, अग्निकांड और अतिवृष्टि से हुई जनहानि के मामलों में प्रभावित परिवारों और परिजनों को भी राहत सहायता दी गई है। ऐसे मामलों में अब तक 156.92 करोड़ रुपये की राहत सहायता वितरित की जा चुकी है। फसल क्षति के लिए 1.16 लाख किसानों को 72.31 करोड़ रुपये वितरित योगी सरकार की राहत व्यवस्था में किसानों को भी प्रमुखता से शामिल किया गया है। ओलावृष्टि, बाढ़, अतिवृष्टि और अग्निकांड से प्रभावित 1,16,000 किसानों की फसल क्षति के सापेक्ष अब तक 72.31 करोड़ रुपये की राहत सहायता वितरित की जा चुकी है। प्राकृतिक आपदाओं के कारण फसल बर्बाद होने से प्रभावित किसानों को इस सहायता से आर्थिक राहत मिली है। इसी तरह बाढ़, अतिवृष्टि, अग्निकांड, आंधी-तूफान और वज्रपात से क्षतिग्रस्त 23,595 मकानों के सापेक्ष प्रभावित लोगों को 15.09 करोड़ रुपये की राहत सहायता दी जा चुकी है। सरकार ने पशुहानि के मामलों में भी प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई है। अग्निकांड, वज्रपात, आंधी-तूफान, सर्पदंश और अतिवृष्टि से हुई कुल 1,519 पशुहानि के सापेक्ष 5.25 करोड़ रुपये की राहत सहायता वितरित की गई है। आपदाओं के दौरान घायल हुए लोगों को भी राहत सहायता प्रदान की गई है। आंधी-तूफान, ओलावृष्टि, अग्निकांड, वज्रपात और मानव-वन्यजीव द्वंद्व से घायल हुए कुल 183 लोगों को 19.90 लाख रुपये की राहत सहायता वितरित की जा चुकी है। इस प्रकार, 01 अप्रैल से 18 सितंबर 2026 तक प्रदेश में विभिन्न आपदाओं से प्रभावित लोगों और परिवारों को कुल 249.76 करोड़ रुपये की राहत सहायता वितरित की जा चुकी है। इसमें जनहानि से प्रभावित परिवारों, फसल क्षति झेलने वाले किसानों, मकान क्षति के मामलों, पशुहानि से प्रभावित लोगों और आपदाओं में घायल हुए लोगों को शामिल किया गया है। योगी सरकार की ओर से आपदा प्रभावितों को तत्काल राहत उपलब्ध कराने के लिए किए जा रहे इन प्रयासों का उद्देश्य संकट की घड़ी में प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहारा देना है। विभिन्न प्रकार की आपदाओं के लिए अलग-अलग मदों में धनराशि जारी करने और प्रभावित लोगों तक राहत पहुंचाने की व्यवस्था के माध्यम से सरकार ने आपदा के बाद लोगों को संभालने और उनके नुकसान को कम करने पर जोर दिया है।

PM सूर्य घर योजना: पात्र उपभोक्ताओं को जल्द मिले लोन, आवेदनों की प्रक्रिया समय पर पूरी करने के निर्देश

पीएम सूर्य घर योजना में ऋण वितरण की गति बढ़ाने पर जोर पात्र उपभोक्ताओं के आवेदनों का समयबद्ध प्रक्रिया को किया जाए सुनिश्चित यूपी नेडा निदेशक ने पीएसयू बैंकों को दिए निर्देश लखनऊ उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना के प्रभावी क्रियान्वयन एवं सोलर रूफटॉप उपभोक्ताओं को समयबद्ध ऋण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से यूपी नेडा के निदेशक की अध्यक्षता में प्रमुख पीएसयू बैंकों, आरईसी, एसएलबीसी एवं संबंधित हितधारकों के साथ महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई।     यूपी नेडा के निदेशक रविन्दर सिंह ने सभी बैंकों को निर्देशित किया कि ऋण आवेदनों के अनावश्यक रिजेक्शन को न्यूनतम किया जाए। पात्र उपभोक्ताओं के आवेदनों का समयबद्ध प्रक्रिया एवं स्वीकृति सुनिश्चित किया जाए। स्वीकृत ऋण का शीघ्र वितरण किया जाए, ताकि रूफटॉप सोलर की स्थापना में देरी न हो। लंबित मामलों की नियमित बैंकवार समीक्षा कर उनका शीघ्र निस्तारण किया जाए। बैठक में पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत लंबित ऋण आवेदनों, ऋण स्वीकृति, दस्तावेजी प्रक्रिया एवं ऋण वितरण की स्थिति की समीक्षा की गई।      पीएम सूर्य घर योजना के पोर्टल एवं जन सार्मथ्य से संबंधित प्रक्रियात्मक समस्याओं का प्राथमिकता से समाधान किया जाए। बैठक में एसएलबीसी के माध्यम से बैंकों के साथ नियमित समन्वय एवं लंबित प्रकरणों की मॉनिटरिंग को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया। आरईसी एवं संबंधित हितधारकों से बैंकिंग प्रक्रिया में आने वाली व्यावहारिक समस्याओं के समाधान में सहयोग का आग्रह किया गया।     इससे पूर्व,  बैठक में पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत लंबित ऋण आवेदनों, ऋण स्वीकृति, दस्तावेजी प्रक्रिया एवं ऋण वितरण की स्थिति की समीक्षा की गई। यूपी नेडा का उद्देश्य है कि सौर ऊर्जा अपनाने के इच्छुक प्रत्येक पात्र परिवार को आसान, पारदर्शी और समयबद्ध ऋण सुविधा उपलब्ध हो, जिससे उत्तर प्रदेश में पीएम सूर्य घर योजना के तहत रूफटॉप सोलर स्थापना की गति और तेज हो सके।     बैठक में भारतीय स्टेट बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, पंजाब नेशनल बैंक, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, केनरा बैंक, बैंक ऑफ इंडिया, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया,.इंडियन बैंक, यूको बैंक सहित प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों तथा एसएलबीसी एवं आरईसी के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

निष्पक्ष चयन से पूरा हुआ नौकरी का सपना, नवचयनित अभ्यर्थियों ने CM के सामने रखीं भावनाएं

‘माता-पिता व गुरु के आशीर्वाद और सरकार की निष्पक्षता से साकार हुए सपने’ मुख्यमंत्री के समक्ष नवचयनित अभ्यर्थियों ने खुलकर व्यक्त कीं अपनी भावनाएं भर्ती प्रक्रिया को निष्पक्ष व पारदर्शी बनाने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रति जताया आभार  लखनऊ नियुक्ति पत्र पाने वाले युवाओं ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समक्ष खुलकर अपनी भावनाएं व्यक्त कीं। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता व गुरु के आशीर्वाद और योगी सरकार की निष्पक्षता को दिया। कहा कि हमने काफी मेहनत की, लेकिन सपने तो सरकार की पारदर्शी नीतियों से ही साकार हुए। सीएम ने नवचयनितों से अपेक्षा की कि वे शासन का हिस्सा बनकर ईमानदारी से कार्य करते हुए 25 करोड़ प्रदेशवासियों को अपनी सेवा व प्रतिभा का लाभ देंगे। युवाओं ने भी सीएम योगी से वायदा किया कि वे जनसेवा को प्राथमिकता देंगे।  मेरी सफलता का श्रेय मुख्यमंत्री जी को  नवचयनित फार्मासिस्ट अंशु गुप्ता ने कहा, मेरे लिए बहुत ही खुशी का पल है। अपने चयन और सफलता का श्रेय मुख्यमंत्री जी को दे रही हूं, क्योंकि उन्होंने परीक्षा प्रणाली को निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपूर्ण कराया। 2022 से लेकर 2026 तक 800 से अधिक होम्योपैथिक फार्मासिस्टों का चयन इसी तरह से हुआ है।  योग्यता पर आए परिणाम ने भरा उत्साह  प्रोफेसर डॉ. रेखा पलावत ने कहा, आवेदन से लेकर चयन और नियुक्ति की प्रक्रिया इतने कम समय में निष्पक्षता और पारदर्शिता से संपन्न कराने के लिए मुख्यमंत्री व आयुष मंत्री का आभार। मेरे पिता किसान हैं। मैं बहुत ही मध्यमवर्गीय परिवार से आती हूं। माता-पिता के अथक परिश्रम से यहां तक आ सकी हूं। मुख्यमंत्री जी के दिशा-निर्देशन में योग्यता के आधार पर आए परिणाम से अभ्यर्थियों में नई ऊर्जा और नया उत्साह भर गया है।  बेटियों को दी सुरक्षा, सम्मान व रोजगार एक्स-रे टेक्नीशियन सरिता सोनी ने कहा, मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में बेटियों को सुरक्षा, सम्मान से जीने और आगे बढ़ने के लिए रोजगार का अवसर मिला है। मैं सीएम का आभार व्यक्त करते हुए विश्वास दिलाती हूं कि कर्तव्य का पालन निष्ठा और ईमानदारी के साथ करूंगी। एक्सरे टेक्नीशियन अनुराग गौतम ने कहा, मुख्यमंत्री जी को दिल से धन्यवाद। पूर्ण निष्ठा से कार्यों का निर्वहन कर जनसेवा के लिए सदैव प्रतिबद्ध रहूंगा। अनुदेशक वायरमैन सचिन कुमार सिंह ने कहा, निष्पक्ष और पारदर्शिता के माध्यम से सरकार से जो भी कार्य-दायित्व मिला है, उसका निष्पक्षता व ईमानदारी से पालन करूंगा।  मेहनत व सरकार की पारदर्शिता का नतीजा सहायक सांख्यिकी अधिकारी दिलीप कुमार पांडेय ने कहा, यह सफलता केवल मेरी मेहनत का परिणाम नहीं, इसमें माता-पिता, शिक्षकों का आशीर्वाद तथा उत्तर प्रदेश सरकार की पारदर्शी नियुक्ति प्रक्रिया भी शामिल है। मेरे दिन को गौरवपूर्ण व ऐतिहासिक बनाने के लिए मुख्यमंत्री जी का आभार। विभाग मुझे जो भी जिम्मेदारी देगा, उसे पूरी निष्ठा, ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ पूरा करूंगा। महेश कुमार यादव ने कहा, मेरा चयन प्लंबर अनुदेशक के पद पर गोंडा में हुआ है। मुझे जो भी कार्य मिला है, उसका भरपूर निष्ठा एवं आस्था के साथ पूर्ण निर्वहन करूंगा। सहायक सांख्यिकी अधिकारी यशवंत सिंह ने भी अपने निष्पक्ष चयन के लिए योगी सरकार का हृदय से आभार जताया।

लोकभवन में 818 युवाओं को मिला नियुक्ति पत्र, मुख्यमंत्री योगी बोले- भर्ती का सिलसिला लगातार रहेगा

जो नहीं कर पाए वे गिनते जाएं, हम नौकरियां देते जाएंगे: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ   लोकभवन में 818 युवाओं को मिला नियुक्ति पत्र, मुख्यमंत्री योगी बोले- भर्ती का सिलसिला लगातार रहेगा   मिशन रोजगार के तहत UPPSC और UPSSSC से विभिन्न विभागीय पदों पर चयनित अभ्यर्थियों को मुख्यमंत्री ने सौंपे नियुक्ति पत्र   पुलिस में 36 हजार और होमगार्ड में 41 से 42 हजार नियुक्तियों की प्रक्रिया का किया जिक्र   बोले- अगले छह महीने में एक लाख से अधिक युवाओं को देंगे सरकारी नौकरी   पूर्ववर्ती सरकारों पर साधा निशाना, कहा- भर्ती बोर्ड और आयोगों में भाई-भतीजों को बैठाकर पूरी प्रक्रिया को किया था बदनाम   कहा- बीमार उत्तर प्रदेश नहीं था, सरकारों की मानसिकता बीमार थी, कार्यप्रणाली भ्रष्ट और भेदभावपूर्ण थी   लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि जो लोग रोजगार नहीं दे पाए, वे आज सवाल खड़े कर रहे हैं। वे गिनते जाएं, हम नौकरियां देते जाएंगे। अगले छह महीने में एक लाख से कम नहीं, बल्कि एक लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी दी जाएगी। यह सिलसिला लगातार जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि प्रतिभाशाली युवा जब उत्तर प्रदेश की ताकत बनेंगे तो प्रदेश देश की नंबर वन अर्थव्यवस्था के रूप में खुद को स्थापित करेगा।   मुख्यमंत्री योगी शुक्रवार को लोकभवन सभागार में मिशन रोजगार के तहत आयोजित नियुक्ति पत्र वितरण समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) और उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) के माध्यम से आयुष, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम समेत विभिन्न विभागीय पदों पर चयनित 818 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। मुख्यमंत्री योगी ने नवचयनित युवाओं को बधाई देते हुए कहा कि उन्हें उनके परिश्रम का प्रतिफल मिला है और अब वे उत्तर प्रदेश सरकार के अलग-अलग विभागों का हिस्सा बन रहे हैं।   साढ़े नौ लाख युवाओं को मिल चुकी सरकारी नौकरी मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि अब तक प्रदेश के साढ़े नौ लाख युवाओं को पारदर्शी तरीके से विभिन्न सरकारी विभागों में नौकरी दी गई है। नियुक्तियों का क्रम आगे भी जारी रहेगा। शनिवार को भी करीब एक हजार लोगों को नियुक्ति पत्र दिए जाएंगे।   उन्होंने कहा कि अगले छह महीने में एक लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी देने का लक्ष्य है। जो लोग यह काम नहीं कर पाए, वे आज प्रश्न खड़े कर रहे हैं। वे गिनते जाएं, हम देते जाएंगे। एक लाख से कम युवाओं को नौकरी देने पर नहीं, उससे ज्यादा पर ही चर्चा होगी।   पुलिस में 36 हजार, होमगार्ड में 41 से 42 हजार नियुक्तियां मुख्यमंत्री योगी ने आगामी नियुक्तियों का ब्योरा देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश पुलिस में 36 हजार युवाओं को नियुक्ति पत्र दिए जाने हैं। उनकी परीक्षाएं पूरी हो चुकी हैं और फिजिकल व मेडिकल की प्रक्रिया चल रही है। होमगार्ड में भी 41 से 42 हजार नियुक्तियां हो रही हैं।   उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग से अगले छह महीने में आने वाले परिणामों के माध्यम से 25 से 30 हजार नए युवाओं को अवसर मिलेगा। उत्तर प्रदेश शिक्षा चयन आयोग से करीब 20 से 25 हजार नौजवानों को अवसर मिलने वाला है। कुछ के परिणाम आने शुरू हो गए हैं और कुछ की परीक्षाएं चल रही हैं। अगले तीन से चार महीने में इनके परिणाम भी सामने आ जाएंगे। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग से भी अलग-अलग विभागों में 15 से 16 हजार युवाओं को अवसर मिलेगा।   भर्ती बोर्ड राजनीति का शिकार न हों तो ऐसे मिलते हैं परिणाम मुख्यमंत्री योगी ने भर्ती प्रक्रिया समयबद्ध, पारदर्शी और शुचितापूर्ण तरीके से पूरी करने के लिए उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग और उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के अध्यक्षों एवं सदस्यों को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि भर्ती बोर्ड और आयोग शासन की राजनीति का शिकार नहीं होते और परीक्षाएं पारदर्शी व शुचितापूर्ण तरीके से संपन्न होती हैं तो उसके परिणाम ऐसे ही देखने को मिलते हैं।   भाई-भतीजों को बैठाकर भर्ती प्रक्रिया को किया बदनाम मुख्यमंत्री योगी ने पूर्ववर्ती सरकारों पर हमला बोलते हुए कहा कि 2017 से पहले आयोग और भर्ती बोर्डों में तत्कालीन सरकारों ने अपने भाई-भतीजों को बैठाकर पूरी प्रक्रिया को बदनाम कर रखा था। एक भी भर्ती ईमानदारीपूर्वक नहीं होती थी। युवा पलायन करता था और प्रदेश के बाहर उसके सामने पहचान का संकट खड़ा था।   उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग का चेयरमैन ऐसे व्यक्ति को बनाया गया था, जो स्वयं उस पद के लिए योग्य नहीं था। इसके बाद वहां जो स्थिति बनी, उसके खिलाफ न्यायालय को कहना पड़ा और प्रदेश के युवाओं को सड़कों पर उतरना पड़ा।   मुख्यमंत्री योगी ने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी की सरकार में ऐसी भर्तियां भी हुईं, जिनमें आवेदन नहीं करने वालों को नियुक्ति पत्र मिल गया और आवेदन करने वाले देखते रह गए। विज्ञापन जारी होते ही वसूली के लिए अलग-अलग गिरोह और सिंडिकेट सक्रिय हो जाते थे। सरकार ने समूह ग और घ की भर्तियों से साक्षात्कार की व्यवस्था समाप्त कर दी।   बीमार यूपी नहीं, सरकारों की मानसिकता बीमार थी मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि 2017 से पहले उत्तर प्रदेश के नौजवानों की प्रतिभा को सम्मान नहीं मिला। उस समय की सरकारों की बीमारू मानसिकता के कारण उत्तर प्रदेश बीमारू राज्य बन गया था। उन्होंने कहा कि बीमार उत्तर प्रदेश नहीं था, सरकारों की मानसिकता बीमार थी। उनकी कार्यप्रणाली भ्रष्ट और भेदभावपूर्ण थी।   उन्होंने कहा कि पिछली सरकारें प्रदेश की युवा शक्ति को समस्या मानती थीं, जबकि वर्तमान सरकार ने इसे उत्तर प्रदेश की आर्थिक ताकत और अवसर के रूप में देखा। प्रदेश की संभावनाओं को प्रतिभाशाली युवाओं के माध्यम से आगे बढ़ाने का काम किया गया।   मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि जो उत्तर प्रदेश 2017 से पहले सबसे गरीब राज्यों में माना जाता था और पहचान के संकट से गुजर रहा था, वही प्रदेश पिछले छह वर्षों से लगातार रेवेन्यू सरप्लस स्टेट है। आज उत्तर प्रदेश भारत के ग्रोथ इंजन का महत्वपूर्ण हिस्सा है और देश की टॉप तीन अर्थव्यवस्थाओं में गिना जाता है।   उन्होंने कहा कि नौ वर्षों में प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय और अर्थव्यवस्था तीन गुना हुई है। महिला कार्यबल … Read more

राजभर का अखिलेश यादव पर निशाना, 20 करोड़ की गाड़ी को लेकर साधा तंज

‘वर्क फ्रॉम होम’ वाले अखिलेश अब 20 करोड़ की गाड़ी से करेंगे राजनीति: राजभर   ‘वर्क फ्रॉम होम’ की राजनीति पर कसा तंज, कहा- एसी में बैठकर पीसी करने के बाद अब गाड़ी में भी चाहिए घर वाली फीलिंग   दलित-अति पिछड़ों से दूरी का लगाया आरोप, बोले- जनता सब देख रही है, जवाब भी वही देगी   लखनऊ  सुभासपा अध्यक्ष एवं कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा सियासी हमला बोला है। राजभर ने अखिलेश यादव की कथित 20 करोड़ रुपये की लग्जरी गाड़ी को लेकर तंज कसते हुए इसे उनकी ‘वर्क फ्रॉम होम’ राजनीति से जोड़ दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि अखिलेश गरीब, दलित और अति पिछड़े लोगों के बीच जाने से बचते हैं और इसी कारण ऐसी गाड़ी का सहारा लिया जा रहा है।   सोशल मीडिया पर राजभर ने लिखा, “अखिलेश जी, ‘वर्क फ्रॉम होम’ कैसा चल रहा है? एसी में बैठकर पीसी वाला वर्क फ्रॉम होम।” इसके बाद उन्होंने दावा किया कि अखिलेश यादव ने 20 करोड़ रुपये की “हॉलीवुड टाइप” भगवा रंग की गाड़ी मंगाई है। राजभर ने कटाक्ष किया कि चुनाव में घर से बाहर निकलना पड़े तो भी अखिलेश को गाड़ी के भीतर घर जैसा एहसास मिलता रहे।   राजभर ने कहा कि अखिलेश को गरीबों के बीच जाने में डर लगता है कि कहीं जनता उनकी “पोल” न खोल दे। दलित और अति पिछड़ों को लेकर भी उन्होंने अखिलेश पर सीधा हमला किया। राजभर ने तंज किया कि शायद डर है कि कोई दलित या अति पिछड़ा हाथ मिला ले तो सैनिटाइजर इस्तेमाल करना पड़े, इसलिए बख्तरबंद गाड़ी, लिफ्ट और रूफटॉप का इंतजाम किया गया है।   राजभर ने कहा कि जनता अखिलेश यादव को भी देख रही है, उनकी राजनीति और कार्यकर्ताओं को भी। उनका ‘वर्क फ्रॉम होम’ और जनता के बीच जाने का डर भी लोगों की नजर में है। इसका जवाब समय आने पर जनता ही देगी।

UP PCS 2026 भर्ती में रिकॉर्ड आवेदन, 500 पदों के लिए होगी कड़ी परीक्षा

प्रयागराज उत्तर प्रदेश की सबसे प्रतिष्ठित भर्ती सम्मिलित राज्य/प्रवर अधीनस्थ सेवा परीक्षा (पीसीएस) परीक्षा 2026 के लिए रिकॉर्ड 8.90 लाख अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है। वर्तमान में विज्ञापित 500 पद से तुलना करें तो एक पद के लिए औसतन 1,780 अभ्यर्थी मैदान में हैं। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग ने पीसीएस 2026 के 500 पदों के लिए 25 जून से 27 जुलाई तक आवेदन मांगे थे। वैसे तो आयोग ने अभी पीसीएस में 500 पदों की सूचना दी है हालांकि प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम जारी होने से पहले रिक्तियों की संख्या बढ़ना तय है। खास बात यह है कि पिछले एक दशक में इस बार सर्वाधिक तकरीबन नौ लाख अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है। इससे पहले 2021 में 691173 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था। 2018 में 635844 जबकि 2025 में 626387 अभ्यर्थियों ने फॉर्म भरा था। इसकी प्रारंभिक परीक्षा छह दिसंबर को प्रस्तावित है। पीसीएस 2026 में पहली बार मुख्यमंत्री फेलोशिप योजना से जुड़े युवाओं को आयु में छूट और भारांक दिया जा रहा है। उत्तर प्रदेश लोक सेवाओं (मुख्यमंत्री अध्येतावृत्ति के अनुसंधानविदों के लिए आयु सीमा एवं अधिमान का शिथिलीकरण) नियमावली 2026 के अनुसार मुख्यमंत्री अध्येतावृत्ति कार्यक्रम के अनुसंधानविद् को आयु सीमा में तीन वर्ष तक की छूट और मुख्य परीक्षा में 7.5 अंक तक का अधिमान दिया जाएगा। – एक दशक में सर्वाधिक अभ्यर्थी पीसीएस बनने को मैदान में – इससे पहले वर्ष 2021 में 691173, 2018 में थे 635844 आवेदन – पहली बार मुख्यमंत्री फेलोशिप योजना से जुड़े युवाओं को आयु में छूट और भारांक मिलेगा वर्षवार आवेदकों की संख्या 2025 6,26,387 2024 5,76,154 2023 5,65,459 2022 6,02,974 2021 6,91,173 2020 595696 2019 544664 2018 635844

UP में चकबंदी पर योगी सरकार का बड़ा एक्शन, 6 जिलों के 13 गांव प्रक्रिया से बाहर; किसानों को राहत

चकबंदी को लेकर योगी सरकार ने दिखाई तेजी, 13 गांव प्रक्रिया से नियमानुसार अलग  जमीन से जुड़े मामलों का समयबद्ध निस्तारण होने से किसानों को मिली बड़ी राहत लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रदेश में लंबित चकबंदी प्रक्रिया को जल्द पूरा कराने की कार्रवाई तेज कर दी गई है। इसका उद्देश्य किसानों को सरकार की योजनाओं का लाभ दिलाने के साथ उनकी जमीन से जुड़े मामलों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करना है। चकबंदी आयुक्त डॉ. हृषिकेश भास्कर यशोद के निर्देश पर छह जिलों के 13 गांवों को जोत चकबंदी अधिनियम की धारा-6(1) के तहत चकबंदी प्रक्रिया से अलग किया गया है। इनमें मैनपुरी का भांती गांव 35 वर्षों से चकबंदी प्रक्रिया में था। बदायूं का सिरतौल गांव 14 वर्ष, उन्नाव के दरौली, पीखी, सर्लीद और निहालपुर व लखनऊ के शिवपुरी गांव 12 वर्ष से प्रक्रिया में थे। बरेली का कादरगंज 10 वर्ष से चकबंदी प्रक्रिया में लंबित था। इसके अलावा बिजनौर के हसनअलीपुर व बैबलवाला और बदायूं के बक्सेना व इमलिया गांवों को भी प्रक्रिया से अलग किया गया है। इन गांवों में चकबंदी प्रक्रिया आगे बढ़ने में विभिन्न कारणों से दिक्कत आ रही थी। इनमें गांवों का विकास योजना में आना, नदी के कटान से प्रभावित होना, चकबंदी योग्य क्षेत्रफल 40 प्रतिशत से कम होना, औद्योगिक विकास क्षेत्र में शामिल होना जैसे अन्य कारण शामिल हैं। वहीं, मुजफ्फरनगर के पीपलशाह गांव में 16 वर्षों से लंबित चकबंदी प्रक्रिया को काफी प्रयासों के बाद जोत चकबंदी अधिनियम की धारा-52(1) के तहत पूरा कर लिया गया है। इससे लंबे समय से लंबित मामलों के निस्तारण की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है।

दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण पर योगी सरकार का जोर, हर विधानसभा क्षेत्र में लगेंगे कल्याण शिविर

योगी सरकार का दिव्यांगजनों को सशक्त बनाने पर जोर, हर विधानसभा क्षेत्र में लगेंगे कल्याण शिविर दिव्यांगजनों को घर के नजदीक मिलेंगी सुविधाएं, 10 अक्टूबर तक शिविर पूरा करने का लक्ष्य सहायक उपकरण योजना के तहत पात्र दिव्यांगजनों को मिलेंगे कृत्रिम अंग और आवश्यक उपकरण एक ही स्थान पर पंजीकरण, पात्रता सत्यापन और विभिन्न सरकारी योजनाओं की मिलेगी जानकारी जिलाधिकारियों और मुख्य विकास अधिकारियों को विभागों के बीच समन्वय के निर्देश लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण पहल करने जा रही है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में सहायक उपकरण योजना के तहत पात्र दिव्यांगजनों को कृत्रिम अंग और आवश्यक सहायक उपकरण उपलब्ध कराने के लिए प्रदेशभर में व्यापक स्तर पर कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। सेवा सेतु अभियान के अंतर्गत प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में दिव्यांग कल्याण शिविर लगाए जाएंगे, जिन्हें 10 अक्टूबर 2026 तक पूरा कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। योगी सरकार की इस पहल का उद्देश्य सरकारी योजनाओं का लाभ दिव्यांगजनों तक उनके निकटतम क्षेत्र में पहुंचाना है, ताकि उन्हें आवश्यक सुविधाओं के लिए सरकारी कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर न लगाने पड़ें। शिविरों के माध्यम से पात्र लाभार्थियों को एक ही स्थान पर विभिन्न योजनाओं की जानकारी, आवेदन, पात्रता सत्यापन और लाभ उपलब्ध कराने की सुविधा मिलेगी। एक ही स्थान पर मिलेंगी कई योजनाओं की सुविधाएं दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग की ओर से आयोजित होने वाले इन शिविरों में पात्र दिव्यांगजनों का चिन्हांकन और पंजीकरण किया जाएगा। सहायक उपकरणों के लिए आवेदन लेने के साथ आवश्यक अभिलेखों एवं पात्रता का सत्यापन भी होगा। इसके बाद निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार पात्र लाभार्थियों को कृत्रिम अंग और उनकी आवश्यकता के अनुरूप सहायक उपकरण उपलब्ध कराने की कार्यवाही की जाएगी। इसके अलावा विभिन्न विभागों की दिव्यांगजन हितैषी योजनाओं की जानकारी भी एक ही स्थान पर दी जाएगी। जरूरत के अनुसार लाभार्थियों को स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने के साथ आवेदन प्रक्रिया के संबंध में मार्गदर्शन भी प्रदान किया जाएगा। अधिकारियों को समन्वय के निर्देश शासनादेश के अनुसार शिविरों के प्रभावी आयोजन के लिए जिला स्तर पर जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी के माध्यम से संबंधित विभागों के बीच समन्वय स्थापित किया जाएगा। दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग की ओर से अधिकारियों को अधिक से अधिक पात्र लाभार्थियों तक शिविरों की सूचना पहुंचाने और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। योगी सरकार की यह पहल दिव्यांगजनों की गतिशीलता, आत्मनिर्भरता और सामाजिक सहभागिता बढ़ाने में सहायक होगी। लाभार्थियों को उनके नजदीकी क्षेत्र में आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने से सरकारी योजनाओं तक उनकी पहुंच आसान होगी। यह अभियान ‘सरकार की योजनाओं का लाभ लाभार्थी के द्वार तक’ पहुंचाने के संकल्प को आगे बढ़ाने के साथ दिव्यांगजनों के सम्मानजनक और सुगम जीवन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

मोदी के जन्मदिन पर काशी से वडनगर रवाना हुए 250 बाइकर्स, 10 राज्यों के कार्यकर्ता होंगे शामिल

लखनऊ  भाजपा अभियानों के रथ पर चुनावी रंगमहल सजा देती है। सेवा संंकल्प अभियान के हर कार्यक्रम पर राजनीतिक संदेशों के फूल खिले हैं। पार्टी ने सांस्कृतिक राष्ट्रवाद को धार देते हुए दस राज्यों के कार्यकर्ताओं को काशी से वडगनर भेजा है जो विभिन्न लोकसभा एवं विधान सभा क्षेत्रों में सरकार की उपलब्धियां बताते एवं अपनी संस्कृतियों को साझा करते हुए निकलेंगे। सिक्किम, तलिलनाडु, झारखंड एवं छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों से काशी आकर फिर गुजरात के लिए निकले कार्यकर्ताओं के जरिए पार्टी यह संदेश भी दे रही है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश के सभी हिस्सों तक विकास पहुंचा है। धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत को नई शक्ति मिली है। उधर, यात्रा के बहाने मिशन-2027 और 2029 की भी जमीन बनाई जाएगी। नरेन्द्र मोदी के जन्म दिन पर भाजपा ने वाराणसी से ढाई सौ बाइकर्स को गंगाजल के साथ वडनगर भेजा है। टीम के साथ एक-एक एंबुलेस, बस और एलइडी वाहन भी चल रहा है। यूपी की दस नदियों के जल से काशी विश्वनाथ मंदिर में जलाभिषेक करने के बाद उड़ीसा, बिहार, बंगाल, आंध्रप्रदेश, तमिलनाडु, सिक्किम, झारखंड, छत्तीसगढ़ एवं मध्य प्रदेश समेत दस राज्यों के कार्यकर्ता भी यात्रा में शामिल हैं। क्षेत्रीय मुद्दों पर रहेगी नजर भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा को यात्रा की जिम्मेदारी दी गई है। दस मार्गों से निकले कार्यकर्ता यूपी में 88 जगहों पर रात्रि विश्राम एवं चौपाल करेंगे। यहां पर राजनीतिक परिचर्चा के बहाने कार्यकर्ता यह भी जानेंगे कि क्षेत्र में कौन से चुनावी मुद्दे आकार ले रहे हैं। वह अपने राज्य की भाषा, खाद्य पदार्थ, सांस्कृतिक एवं धार्मिक प्रतीक एवं संस्थानों की विरासत भी लेकर चल रहे हैं। पिछले चार वर्ष से प्रधानमंत्री तमिल-काशी संगमम कार्यक्रम करा रहे हैं, जहां संस्कृतियों के बीच आपसी संपर्क बढ़ाने का लक्ष्य है। उधर, वडनगर के लिए निकली टीम 197 जगहों पर जलपान एवं संक्षिप्त संबोधन और एलइडी प्रदर्शन के लिए रुकेगी। इस दौरान टीम 826 विकासखंडों एवं 762 नगर निकायों को कवर करेगी। भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष रोहित मिश्र ने बताया कि काशी और गुजरात के बीच दोनों तरफ से आने-जाने वाले कार्यकर्ता समर्पण, निष्ठा, संस्कार एवं संकल्प से भरे हुए हैं। वह चौपालों में सरकारों की उपलब्धियां बताएंगे।  

पंकज चौधरी ने यूपी बीजेपी संगठन में किया विस्तार, 13 नेताओं को मिली नई जिम्मेदारी

लखनऊ यूपी बीजेपी अध्यक्ष पंकज चौधरी ने प्रदेश संगठन में प्रकोष्ठ, सोशल मीडिया से जुड़े पदों की घोषणा की है। आज जारी सूची में कुल 13 पदाधिकारियों के नाम शामिल हैं। घोषणा के अनुसार ओम प्रकाश श्रीवास्तव को प्रकोष्ठ संकुल संयोजक बनाया है। वहीं संतराम यादव, डॉ. मिथिलेश त्रिपाठी को प्रकोष्ठ संकुल सह-संयोजक बनाया गया है। सुभाष यादुवंश को सोशल मीडिया प्रभारी की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं गौरव वार्ष्णेय, विनीत मालवीय, अनुज चौधरी, मनोज मौर्य, निखिल सिन्हा और विवेक लवानिया को सोशल मीडिया सह-संयोजक नियुक्त किया गया है। इसके अलावा जयंत शिवाच, वाईके शर्मा और अभिमन्यु सिंह को सोशल मीडिया सदस्य बनाया गया है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी के हस्ताक्षर से जारी पदाधिकारी घोषणा में सभी नियुक्तियों का उल्लेख किया गया है। प्रदेश संगठन की नई टीम घोषित हुई थी इससे पहले यूपी चुनाव के मद्देनजर भाजपा ने अपनी प्रदेश संगठन की नई टीम घोषित की थी। जिसमें 19 उपाध्यक्ष और 8 महामंत्री बनाए गए थे। संगठन में बड़े चेहरों में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के बेटे नीरज सिंह, विधायक पूजा पाल, सुरेश राणा को प्रदेश उपाध्यक्ष पद की जिम्मेदारी दी गई। यूपी भाजपा की 64 सदस्यीय सूची में 52 नेताओं को प्रदेश कार्यकारिणी में शामिल किया गया है। नई टीम में 19 प्रदेश उपाध्यक्ष, 19 प्रदेश मंत्री, 8 प्रदेश महामंत्री और 6 मोर्चा अध्यक्षों की नियुक्ति की गई है। इसके अलावा 6 क्षेत्रीय उपाध्यक्ष, 3 कार्यालय मंत्री और 3 अन्य पदाधिकारियों को भी जिम्मेदारी दी गई है। जातीय समीकरण भी साधे गए भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी और महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह को मिलाकर अब 54 लोगों की टीम हो गई है। टीम में 13 महिलाएं हैं। ओबीसी की संख्या 16 से बढ़कर 25 हो गई है। सामान्य वर्ग के 21 चेहरों को प्रदेश टीम में जगह मिली। ठाकुरों की संख्या 7 से घटकर 6 और ब्राह्मणों की संख्या 8 से घटकर 7 हो गई है। इसके अलावा 4 भूमिहार, 3 वैश्य और 1 श्रीवास्तव को जगह मिली है। अनुसूचित जाति (SC) की बात करें तो 7 लोगों को जगह दी गई है। वहीं, अनुसूचित जनजाति (ST) में सिर्फ इंजीनियर विद्याभूषण गोंड को जगह दी गई है। और अब सोशल मीडिया और प्रकोष्ठ संकुल संयोजक और सह-संयोजक के पदों पर नई तैनाती हुई है।