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रहस्यमयी मौत पर उठे सवाल, मानवाधिकार आयोग पहुंचा प्रतीक यादव का मामला

उत्तर प्रदेश उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे और भाजपा नेत्री अपर्णा यादव के पति प्रतीक यादव की मौत का मामला अब राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) पहुंच गया है। डीके फाउंडेशन ऑफ फ्रीडम एंड जस्टिस ने आयोग के अध्यक्ष को याचिका भेजकर इस पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय और स्वतंत्र जांच कराने की मांग की है। इसमें कहा गया है कि प्रतीक के शरीर पर मिले चोट के निशान घटना को संदिग्ध बना रहे हैं। फाउंडेशन के अध्यक्ष दानिश खान ने अपनी याचिका में दलील दी है कि हालांकि प्रारंभिक तौर पर मौत का कारण 'हृदय गति रुकना' (हार्ट अटैक) बताया जा रहा है, लेकिन मृतक के शरीर पर पाए गए चोट के निशान और इस घटना की अचानक प्रकृति कई गंभीर संदेह पैदा करती है। याचिका में कहा गया है कि प्रतीक यादव अपनी फिटनेस और स्वस्थ जीवनशैली के लिए जाने जाते थे, ऐसे में उनकी अचानक मृत्यु और शरीर पर मौजूद संदिग्ध निशानों की निष्पक्ष जांच अनिवार्य है। संस्था ने आयोग से अनुरोध किया है कि मामले से जुड़े तमाम साक्ष्यों, विशेषकर घटना स्थल के सीसीटीवी फुटेज को तत्काल सुरक्षित किया जाए। फाउंडेशन ने अंदेशा जताया है कि साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ की जा सकती है, इसलिए उन्होंने विसरा रिपोर्ट की निगरानी भी विशेषज्ञ डॉक्टरों के पैनल से कराने की मांग की है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शरीर पर चोटों के छह निशान मिले प्रतीक यादव के पोस्टमार्टम में छह सदस्यीय विशेषज्ञों की टीम ने पाया कि मैसिव पल्मोनरी थ्रोम्बोएम्बोलिज्म यानी फेफड़े की मुख्य नस में खून का बड़ा थक्का फंस गया। इससे सांस और दिल की कार्यप्रणाली बंद होने से प्रतीक की सांसें थम गईं। चिकित्सा विज्ञान में इसे कार्डियोरेस्पिरेटरी कोलैप्स कहते हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक प्रतीक के शरीर पर छह चोटें थीं। चार चोटें दाएं हाथ पर कोहनी से कलाई तक थीं। एक चोट छाती के दाईं तरफ थी। एक चोट बाईं कलाई पर थी। सभी चोटें गिरने से लगने की आशंका है। हालांकि यह भी कहा गया है कि कोई भी चोट ऐसी नहीं है, जिससे मौत हो सके। प्रतीक की मौत के कारणों का पता लगाने के लिए वीडियोग्राफी के बीच कराए गए पोस्टमार्टम के दौरान विशेषज्ञों ने सभी पहलुओं को देखा। विस्तृत जांच के लिए आस-पास की कोशिकाओं को सुरक्षित रखा गया है, ताकि माइक्रोस्कोप से विस्तार से जांच की जा सके। सुरक्षित रखे गए विसरा से शरीर में दवा या रसायन का पता लगाया जाएगा। शरीर पर कहां-कहां मिलीं चोटें -पहली चोट छाती के सामने दाहिनी तरफ है। यह गहरी चोट थी, जिसका रंग बीच में लाल-भूरा और किनारों पर हरा-पीला बताया गया। चोट के नीचे खून जमने के निशान भी मिले। -दूसरी चोट दाहिने हाथ के पीछे और अंदरूनी हिस्से में, बगल के नीचे पाई गई। इसमें भी लाल-भूरे और हरे-पीले रंग के निशान मिले। -तीसरी चोट दाहिने फोरआर्म के अंदरूनी हिस्से में कोहनी से कलाई तक फैली हुई थी। इस चोट के नीचे भी रक्तस्राव के निशान मिले। -चौथी चोट दाहिने फोरआर्म में कोहनी के पास थी। -पांचवीं चोट दाहिनी कोहनी के पीछे बाहरी हिस्से में दर्ज की गई। -छठी चोट बाएं हाथ की कलाई के ऊपरी हिस्से पर मिली। पुरानी और नई चोटों का भी जिक्र रिपोर्ट में डॉक्टरों ने चोटों के समय का भी अनुमान लगाया है। तीन चोटें पांच से सात दिन पुरानी हैं और तीन लगभग एक दिन पुरानी मानी गई हैं।  

प्रशासनिक व्यवस्था में फेरबदल, उत्तर प्रदेश सरकार ने 84 पीसीएस अफसरों को किया ट्रांसफर

 लखनऊ  उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने गुरुवार की शाम बड़े पैमाने पर प्रशासनिक अफसरों का फेरबदल कर दिया। प्रदेश के 84 पीसीएस (PCS) अधिकारियों का एक साथ तबादला कर दिया गया है। इस व्यापक फेरबदल की जद में कई महत्वपूर्ण जिलों के अपर जिलाधिकारी (एडीएम), नगर मजिस्ट्रेट, विकास प्राधिकरणों के सचिव और अपर नगर आयुक्त आए हैं। वाराणसी, लखनऊ, प्रयागराज, कानपुर और गोरखपुर जैसे प्रमुख शहरों के प्रशासनिक ढांचे में बड़े बदलाव किए गए हैं। कौन कहां से कहां भेजा गया 1. आलोक कुमार वर्मा: अपर जिलाधिकारी (नगर), वाराणसी से मुख्य राजस्व अधिकारी, सुल्तानपुर । 2.  प्रियंका सिंह: अपर जिलाधिकारी (वि/रा), हरदोई से कमाण्डेन्ट नागरिक सुरक्षा प्रशिक्षण संस्थान, लखनऊ । 3. डा० वैभव शर्मा: अपर जिलाधिकारी (वि/रा), बदायूँ से अपर जिलाधिकारी (प्रशासन), गोरखपुर । 4. अजीत कुमार सिंह: सचिव, प्रयागराज विकास प्राधिकरण से अपर जिलाधिकारी (वि/रा), मुजफ्फरनगर । 5. अतुल कुमार- ।: अपर जिलाधिकारी (वि/रा), गौतमबुद्धनगर से संयुक्त निदेशक (प्रशासन), नागरिक उड्डयन निदेशालय व संयुक्त सचिव, लखनऊ विकास प्राधिकरण। 6. संजय कुमार: अपर जिलाधिकारी (वि/रा), जालौन से सचिव, आगरा विकास प्राधिकरण । 7. गजेन्द्र कुमार: अपर जिलाधिकारी (वि/रा), मुजफ्फरनगर से अपर जिलाधिकारी (नगर), गोरखपुर । 8. सुशील प्रताप सिंह: प्रभारी अपर निदेशक (प्रशासन), नागरिक उड्डयन निदेशालय व संयुक्त सचिव, लखनऊ विकास प्राधिकरण से परीक्षा नियंत्रक, उ०प्र० विशेषज्ञ चिकित्सक एवं चिकित्सा शिक्षक भर्ती बोर्ड, लखनऊ । 9.  श्रद्धा शांडिलयायन: सचिव, आगरा विकास प्राधिकरण से अपर जिलाधिकारी (वि/रा), गौतमबुद्धनगर । 10. शादाब असलम: प्रधान प्रबन्धक, उ०प्र० सहकारी चीनी मिल संघ से अपर नगर आयुक्त, नगर निगम, प्रयागराज । 11. जय प्रकाश: अपर जिलाधिकारी (वि/रा), संतकबीरनगर से अपर आयुक्त, गोरखपुर मण्डल, गोरखपुर । 12.  नीता: कमाण्डेन्ट, नागरिक सुरक्षा प्रशिक्षण संस्थान, लखनऊ से अपर आयुक्त, प्रयागराज मण्डल, प्रयागराज । 13. अमरेन्द्र कुमार वर्मा: अपर जिलाधिकारी (वि/रा), श्रावस्ती से अपर जिलाधिकारी (प्रोटोकॉल), आगरा । 14. विनीत कुमार सिंह: अपर जिलाधिकारी (वि/रा), गोरखपुर से सचिव, प्रयागराज विकास प्राधिकरण, प्रयागराज । 15.  पूजा मिश्रा: अपर जिलाधिकारी (प्रशासन), प्रयागराज से अतिरिक्त मिशन निदेशक, उ०प्र० कौशल विकास मिशन । 16.  रत्नप्रिया: अपर आयुक्त, प्रयागराज मण्डल, प्रयागराज से अपर जिलाधिकारी (प्रशासन), सुल्तानपुर । 17. मो० मोइनुल इस्लाम: अपर जिलाधिकारी (नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति), महोबा से प्रधान प्रबन्धक, उ०प्र०सहकारी चीनी मिल संघ । 18. विपिन कुमार: अपर जिलाधिकारी (प्रशासन), वाराणसी से अपर जिलाधिकारी (वि/रा), इटावा । 19. अभिनव रंजन श्रीवास्तव: अपर जिलाधिकारी (वि/रा), इटावा से अपर नगर आयुक्त, नगर निगम, लखनऊ । 20. सूर्यकान्त त्रिपाठी: अपर जिलाधिकारी (वि/रा), मेरठ, उप संचालक चकबन्दी, मेरठ से अपर जिलाधिकारी (नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति), महोबा । 21. संजीव कुमार: कुल सचिव, अटल बिहारी बाजपेई चिकित्सा विश्वविद्यालय से अपर जिलाधिकारी (प्रशासन), आजमगढ़ । 22.  दीपाली भार्गव: सचिव, अलीगढ़ विकास प्राधिकरण से अपर जिलाधिकारी (वि/रा), हरदोई। 23.  ज्योत्स्ना: सचिव, खुर्जा बुलन्दशहर विकास प्राधिकरण से कुल सचिव, अटल बिहारी बाजपेई चिकित्सा विश्वविद्यालय। 24. पंकज कुमार: अपर जिलाधिकारी (प्रशासन), अलीगढ़ से अपर जिलाधिकारी (प्रशासन), वाराणसी। 25. प्रदीप वर्मा: अपर जिलाधिकारी (वि/रा), संभल से अपर जिलाधिकारी (प्रशासन), लखनऊ। 26. ललित कुमार: अपर नगर आयुक्त, नगर निगम, लखनऊ से अपर जिलाधिकारी (वि/रा), श्रावस्ती। 27. अविनाश त्रिपाठी: अपर जिलाधिकारी (वि/रा), फतेहपुर से अपर जिलाधिकारी (नगर), बरेली। 28. दुर्गेश मिश्रा: अपर नगर आयुक्त, नगर निगम, गोरखपुर से अपर नगर आयुक्त, नगर निगम, वाराणसी। 29.  अमृता सिंह: अपर जिलाधिकारी (वि/रा), रायबरेली से अपर नगर आयुक्त, नगर निगम, कानपुर। 30.  पल्लवी मिश्रा: उप आवास आयुक्त, आवास विकास परिषद, लखनऊ से अपर जिलाधिकारी (वि/रा), झाँसी। 31. अंजनी कुमार सिंह-2: अपर जिलाधिकारी (नगर), गोरखपुर से अपर जिलाधिकारी (वि/रा), गाजियाबाद। 32. अर्पित गुप्ता: अपर जिलाधिकारी (वि/रा), अमेठी से सचिव, मेरठ विकास प्राधिकरण। 33. कुँवर वीरेन्द्र मौर्य: अपर जिलाधिकारी (वि/रा), भदोही से अपर जिलाधिकारी (वि/रा) मेरठ, उप संचालक चकबन्दी मेरठ । 34.  उपमा पाण्डेय: सचिव, झाँसी विकास प्राधिकरण से अपर जिलाधिकारी (प्रशासन), प्रयागराज । 35. राजेश कुमार-6: अपर जिलाधिकारी (नगर), कानपुर नगर से अपर जिलाधिकारी (नगर), वाराणसी । 36. दिनेश कुमार: अपर जिलाधिकारी (वि/रा), गाजीपुर से अपर जिलाधिकारी (वि/रा), ललितपुर । 37. देवेन्द्र पाल सिंह: मुख्य राजस्व अधिकारी, बहराइच, उप संचालक चकबन्दी, बहराइच से अपर जिलाधिकारी (वि/रा), बिजनौर । 38. अनिरूद्ध प्रताप सिंह: अपर जिलाधिकारी (प्रशासन), अयोध्या से अपर जिलाधिकारी (नगर), मेरठ । 39. सौरभ दुबे: अपर जिलाधिकारी (नगर), बरेली से मुख्य राजस्व अधिकारी, बहराइच, उप संचालक चकबन्दी, बहराइच । 40. बृजेश कुमार सिंह: अपर जिलाधिकारी (नगर), मेरठ से अपर जिलाधिकारी (वि/रा), सीतापुर । 41. सुश्री प्रिया सिंह: अतिरिक्त मिशन निदेशक, उ०प्र० कौशल विकास मिशन से उप निदेशक, डा राम मनोहर लोहिया राज्य प्रशासन एवं प्रबंधन अकादमी । 42. मो० अवेश: अपर नगर आयुक्त, नगर निगम, कानपुर से अपर जिलाधिकारी (न्यायिक), शाहजहाँपुर । 43.  पूजा: अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी, स्टेट एजेन्सी फॉर कांप्रीहेंसिव हैल्थ एंड इंटेग्रटेड सर्विसेज से अपर जिलाधिकारी (न्यायिक), आगरा । 44. अंकुर श्रीवास्तव: अपर जिलाधिकारी (वि/रा), ललितपुर से अपर जिलाधिकारी (नगर), मुरादाबाद । 45. गौरव शुक्ला: अपर जिलाधिकारी (प्रशासन), सुल्तानपुर से सचिव, झाँसी विकास प्राधिकरण । 46. वरूण कुमार पाण्डेय: अपर जिलाधिकारी (वि/रा), झाँसी से कुलसचिव, डा० राजेन्द्र प्रसाद राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय, प्रयागराज । 47.  शुभी काकन: अपर जिलाधिकारी (प्रशासन), लखनऊ से उप आवास आयुक्त, आवास विकास परिषद, लखनऊ । 48. सुश्री ज्योति सिंह: अपर जिलाधिकारी (नगर), मुरादाबाद से अपर जिलाधिकारी (वि/रा), अमेठी । 49. आनन्द कुमार सिंह: सचिव, मेरठ विकास प्राधिकरण से अपर जिलाधिकारी (वि/रा), रामपुर । 50. सत्यप्रिय सिंह: अपर जिलाधिकारी (वि/रा), मऊ से अपर जिलाधिकारी (वि/रा), संभल । 51. राहुल कश्यप विश्वकर्मा: अपर जिलाधिकारी (प्रशासन), आजमगढ़ से सचिव, अलीगढ विकास प्राधिकरण । 52. दीपेन्द्र: अपर नगर आयुक्त, नगर निगम, प्रयागराज से प्रधानाचार्य, स्पोर्ट्स कालेज, लखनऊ तथा सचिव, प्रबंध समिति, उ०प्र० स्पोर्ट्स कालेज सोसाइटी । 53. सत्य प्रकाश-3: अपर जिलाधिकारी (प्रशासन), एटा से अपर जिलाधिकारी (वि/रा) संतकबीरनगर । 54.  अंजुम बी: अपर जिलाधिकारी (न्यायिक), गाजियाबाद से अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) बदायूँ । 55. प्रशान्त तिवारी: अपर जिलाधिकारी (प्रोटोकॉल), आगरा से अपर जिलाधिकारी (वि/रा), हाथरस । 56. सौरभ भट्ट: अपर जिलाधिकारी (वि/रा), गाजियाबाद से अपर जिलाधिकारी (प्रशासन), अलीगढ़ । 57. नितीश कुमार सिंह: अपर जिलाधिकारी (वि/रा), सीतापुर से अपर जिलाधिकारी (वि/रा), जालौन । 58. विशु राजा: अपर जिलाधिकारी (वि/रा), फिरोजाबाद से अपर जिलाधिकारी (प्रशासन), अयोध्या । 59. सुश्री शुभांगी शुक्ला: अपर जिलाधिकारी (वि/रा), आगरा से अपर जिलाधिकारी (वि/रा), भदोही । 60. धीरेन्द्र सिंह: अपर जिलाधिकारी (न्यायिक), आगरा से प्रधान प्रबन्धक, उत्तर प्रदेश सहकारी चीनी मिल संघ । 61. डॉ. संतोष कुमार उपाध्याय: … Read more

भीषण आंधी-बारिश से यूपी में भारी तबाही, योगी सरकार ने 24 घंटे में राहत राशि देने को कहा

लखनऊ  उत्तर प्रदेश में खराब मौसम, आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली ने भारी तबाही मचाई है। प्रदेश में पिछले 24 घंटे में आंधी-तूफान व आकाशीय बिजली गिरने से 111 लोगों की मौत हुई है, जबकि 72 लोग घायल हुए हैं। इसके अलावा 170 पशुहानि और 227 मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं। दूसरी तरफ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी जिलों के प्रभारी मंत्रियों को प्रभावित परिवारों से मुलाकात करने और हालात का जायजा लेने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री संबंधित जिलों के जिलाधिकारियों को 24 घंटे के भीतर प्रभावित परिवारों को मुआवजा देने के भी निर्देश दिए हैं। राहत आयुक्त कार्यालय को खराब मौसम से प्रभावित 26 जिलों से भेजी रिपोर्ट के मुताबिक प्रयागराज में सबसे ज्यादा 21 लोगों की मौत हुई है। मीरजापुर में 19, संत रविदास नगर में 16 और फतेहपुर में 11 लोगों की जान गई। रायबरेली और उन्नाव में छह-छह लोगों की मौत दर्ज की गई है। वहीं बदायूं में पांच लोगों की मौत हुई है। प्रतापगढ़ में चार, सोनभद्र व सीतापुर में तीन-तीन और हरदोई, बहराइच, बरेली,चंदौली, कानपुर देहात व संभल में दो-दो लोगों की मौत हुई है। राहत आयुक्त कार्यालय की रिपोर्ट के अनुसार मीरजापुर में 18, फतेहपुर में 15 व संत रविदास नगर में 11 लोग घायल हुए हैं। वहीं कानपुर देहात में सर्वाधिक 33 पशुहानि हुई है, जबकि संत रविदास नगर में 29, रायबरेली में 24, प्रयागराज में 20 व मीरजापुर में 16 पशुहानि के मामले सामने आए हैं। सोनभद्र में सर्वाधिक 75 मकान क्षतिग्रस्त होने की सूचना है। इसके अलावा मीरजापुर में 46, बरेली में 21, बदायूं व प्रयागराज में 16-16 और संत रविदास नगर व सीतापुर में 14-14 मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं। वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंडलायुक्तों व जिलाधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल राहत कार्य करने व 24 घंटे के भीतर मुआवजा जारी करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि राहत कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। राहत आयुक्त डॉ. हृषिकेश भास्कर यशोद ने प्रभावित जिलों के जिलाधिकारियों व अपर जिलाधिकारियों को वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से निर्देश दिए हैं कि वे स्वयं प्रभावित परिवारों से मिलकर आवश्यक मदद उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने बताया कि राहत आयुक्त कार्यालय में स्थापित कंट्रोल रूम से निरंतर मानिटरिंग की जा रही है। मौसम विभाग द्वारा जारी खराब मौसम की चेतावनी के उपरान्त राहत आयुक्त कार्यालय स्थित कंट्रोल रूम द्वारा सचेत पोर्टल के माध्यम से आम जनमानस को 34.64 करोड़ रेड एवं आरेंज चेतावनी संदेश भेजे गये हैं। उन्होंने बताया कि राहत आपदा हेल्प लाइन नम्बर 1070 पर काल आते ही तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। राहत आयुक्त ने जिलाधिकारियों को जन प्रतिनिधियों के माध्यम से प्रभावित परिवारों को सहायता राशि का वितरण कराने का निर्देश दिया है। सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को प्राथमिकता मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा है कि राहत और बचाव कार्यों में पूरी गंभीरता बरती जाए। प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखी जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि बिजली, पेयजल और स्वास्थ्य सेवाओं को प्राथमिकता के आधार पर सुचारु किया जाए। जनता की सुरक्षा और सहायता सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। जरूर कराएं पोस्टमार्टम आपदा से होने वाली मौतों के मामले में सरकार द्वारा चार लाख रुपये का मुआवजा दिया जाता है। मुआवजे की यह राशि पोस्टमार्टम की रिपोर्ट के आधार पर दिए जाने की व्यवस्था है। इस व्यवस्था की जानकारी कई लोगों को न होने के कारण पोस्टमार्टम के बिना मृतकों का अंतिम संस्कार कर दिया जाता है, इससे संबंधित परिवारों को मुआवजे की राशि नहीं जारी की जाती है।  

UP में सरकारी योजना पर सख्ती, बिजनेस शुरू नहीं करने वालों से होगी रकम की रिकवरी

 लखनऊ  सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) विभाग ने मुख्यमंत्री युवा उद्यमी अभियान योजना के तहत ऋण लेने वाले युवाओं का सत्यापन का कार्य शुरू किया है। विभाग ने इसके लिए मोबाइल एप्लीकेशन (एप) तैयार किया है। इस एप के जरिए योजना के तहत ऋण लेने वाले युवाओं का स्थलीय सत्यापन किया जा रहा है। सत्यापन की जिम्मेदारी एमएसएमई विभाग ने सीएम फेलो को दी है। सीएम फेलो अपने-अपने क्षेत्रों में ऋण लेने वाले युवा की जानकारी देंगे कि संबंधित युवा ने ऋण लेने के बाद काम शुरू किया या नहीं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश दिवस के अवसर पर 24 जनवरी 2025 को योजना का शुभारंभ किया था। योजना के तहत राज्य के युवाओं को बिना गारंटी व ब्याज के अपना उद्यम शुरू करने के लिए पांच लाख रुपये तक का ऋण प्रदान किया जा रहा है। ऋण लेने के बाद शुरू नहीं किया कारोबार अभी तक 1,69,271 युवाओं को 6955 करोड़ रुपये का ऋण वितरित किया जा चुका है। एमएसएमई विभाग की जानकारी इस प्रकार के कई मामले आए हैं जिनमें युवाओं ने ऋण लेने के बाद कारोबार शुरू नहीं किया है। नतीजतन अब विभाग ने ऋण लेने वाले सभी युवाओं का सत्यापन शुरू कराया है। सत्यापन के कार्य में जुटे कर्मी युवाओं की उनके उद्यम के साथ फोटो और वीडियो के साथ गूगल के जरिए मोबाइल एप पर लोकेशन भी अपडेट कर रहे हैं। सत्यापन के समय इस बात की भी जानकारी एकत्र की जा रही है कि संबंधित युवा ने अपना कारोबार शुरू करने के बाद कितने लोगों को रोजगार दिया है। किस प्रकार का कारोबार शुरू किया है, ऋण लेते समय जिस उद्यम को स्थापित किए जाने की सहमति संबंधित युवा ने दी थी उसने वही उद्यम स्थापित किया है या नहीं। माह में कितनी कमाई हो रही है, जैसी जानकारियां भी एप पर उपलब्ध कराई जा रही हैं। अगर किसी युवा ने ऋण ले लिया और कारोबार शुरू नहीं किया है तो उससे ऋण की राशि की वसूली की जाएगी।  

बेमौसम बारिश और आकाशीय बिजली से हुई जनहानि पर CM योगी ने लिया संज्ञान

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बेमौसम बारिश, आकाशीय बिजली गिरने से हुई जनहानि का लिया संज्ञान 24 घंटे में पीड़ितों को मुआवजा देने का दिया निर्देश सीएम योगी ने डीएम समेत संबंधित विभागों के अधिकारियों को मौके पर जाने के लिए कहा   लखनऊ उत्तर प्रदेश में बेमौसम बारिश, आंधी और आकाशीय बिजली गिरने से हुए नुकसान पर पीड़ितों को मुआवजा देने का निर्देश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दिया है। उन्होंने कहा कि पीड़ितों को राहत पहुंचाने का काम 24 घंटे के अंदर पूरा किया जाए। यूपी में अति वर्षा, आंधी और आकाशीय बिजली से जनहानि, पशुहानि और आर्थिकहानि पर सीएम योगी ने संज्ञान लिया है। उन्होंने मृतकों के शोक संतप्त परिजनों के प्रति संवेदना की व्यक्त की। उन्होंने सभी जिलों के जिलाधिकारियों समेत अन्य विभागों के अधिकारियों को मौके पर पहुंचकर पीड़ितों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने के लिए निर्देशित किया है। उन्होंने कहा कि इस काम में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को अलर्ट मोड पर रहने का निर्देश दिया है। साथ ही राजस्व, कृषि विभाग और बीमा कंपनी से नुकसान का सर्वे कराकर शासन को भी अवगत कराने के लिए निर्देशित किया। सर्वे के बाद नुकसान का आंकलन पूरा कर तुंरत मुआवजा देने के लिए कहा गया है।

मंत्री का निर्देश- वाराणसी, आगरा, मथुरा, लखनऊ, प्रयागराज, मिर्जापुर और अयोध्या जैसे स्थलों के लिए बनाएं आकर्षक टूर पैकेज 

आपदा में अवसर: यूपी सरकार ने पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए बनाई नई कार्ययोजना पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने वरिष्ठ विभागीय अधिकारियों के साथ की विशेष बैठक  'विजिट माय स्टेट' अभियान से यूपी पर्यटन को मिलेगी नई उड़ान, हेरिटेज स्थलों पर डेस्टिनेशन वेडिंग बढ़ाने पर जोर 'राष्ट्र प्रथम' के मंत्र के साथ यूपी पर्यटन की नई रणनीति, संग्रहालयों में दो माह तक फ्री एंट्री मंत्री का निर्देश- वाराणसी, आगरा, मथुरा, लखनऊ, प्रयागराज, मिर्जापुर और अयोध्या जैसे स्थलों के लिए बनाएं आकर्षक टूर पैकेज  'आपदा में अवसर' हमारा मूल मंत्र, राष्ट्र प्रथम की भावना से पर्यटन को देंगे नया आयाम- जयवीर सिंह लखनऊ वैश्विक अनिश्चितताओं के मौजूदा दौर और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों के क्रम में  पर्यटन निदेशालय में आयोजित उच्च स्तरीय बैठक हुई। मीटिंग में प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों को 'आपदा में अवसर' बताते हुए पर्यटन क्षेत्र को नई संभावनाओं से जोड़ने पर बल दिया। विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में आयोजित बैठक में राज्य के हेरिटेज स्थलों, ईको साइट्स, किलों समेत अन्य स्थलों को डेस्टिनेशन वेडिंग के रूप में बढ़ावा देने तथा 'विजिट माई स्टेट' अभियान शुरू करने के निर्देश दिए। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि 'पर्यटन विभाग 'राष्ट्र प्रथम' की भावना से काम करेगा। उन्होंने 'विजिट माय स्टेट' अभियान के तहत संग्रहालयों में आगामी दो माह तक निःशुल्क प्रवेश सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। साथ ही, वाराणसी, आगरा, मथुरा, लखनऊ, प्रयागराज, मिर्जापुर और अयोध्या जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों के लिए आकर्षक और अनुभवपरक टूर पैकेज तैयार करने हेतु टूर ऑपरेटर्स के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने के निर्देश भी दिए।' सरकारी वाहनों का न्यूनतम उपयोग पर्यटन मंत्री ने कहा, 'प्रदेश सरकार प्रशासनिक कार्यों में मितव्ययिता, संसाधनों के समुचित उपयोग और बेहतर समन्वय को बढ़ावा देने की दिशा में लगातार कदम उठा रही है। इसी क्रम में अधिकारियों को सरकारी वाहनों के उपयोग को न्यूनतम रखने, आपसी समन्वय स्थापित कर एक ही वाहन से कार्यालय आने तथा विभागीय फ्लीट में शामिल गाड़ियों की संख्या कम करने के निर्देश दिए गए हैं।'  राही पर्यटक आवास में ठहरने पर दें छूट  मंत्री जयवीर सिंह ने पर्यटन विभाग द्वारा संचालित राही पर्यटक आवासों में पर्यटकों को 25 प्रतिशत तक की रियायत प्रदान कर घरेलू पर्यटन को प्रोत्साहित करने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि प्रदेशवासी विदेश यात्राओं के बजाय उत्तर प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक, धार्मिक और प्राकृतिक धरोहरों का भ्रमण करें। साथ ही, पर्यटकों को गोशालाओं, प्राचीन मंदिरों एवं प्रमुख धार्मिक स्थलों के दर्शन कराने हेतु विशेष पर्यटन व्यवस्थाएं विकसित किए जाने पर भी जोर दिया गया, जिससे आध्यात्मिक पर्यटन के साथ ग्रामीण और सांस्कृतिक पर्यटन को भी नई गति मिल सके। साथ ही, पर्यटन महानिदेशक को निर्देश दिए कि वे रेस्टोरेंट एसोसिएशन से समन्वय स्थापित कर पर्यटकों को भोजन एवं अन्य सेवाओं पर विशेष छूट उपलब्ध कराने की संभावनाओं पर कार्य करें। डेस्टिनेशन वेडिंग के लिए स्थानीय स्थलों का हो चयन  पर्यटन मंत्री ने स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा देने पर जोर दिया। उन्होंने कहा, कि नागरिक, वेडिंग प्लानर एवं आयोजनकर्ता डेस्टिनेशन वेडिंग सहित अन्य पारिवारिक और सांस्कृतिक आयोजनों के लिए प्रदेश के भीतर उपलब्ध विरासत स्थलों को प्राथमिकता दें। उन्होंने पर्यटन विभाग को इस दिशा में सक्रिय भूमिका निभाने के निर्देश देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश के हेरिटेज स्थल, प्राचीन किले, ईको टूरिज्म साइट्स और सांस्कृतिक परिसर डेस्टिनेशन वेडिंग के लिए अत्यंत उपयुक्त हैं। मंत्री ने मिर्जापुर स्थित ऐतिहासिक चुनार किला एवं राजधानी लखनऊ की छतर मंजिल को शीघ्र तैयार करने के भी निर्देश दिए। बिना अनुमति निदेशालय आने से बचें- अपर मुख्य सचिव   बैठक में अपर मुख्य सचिव पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य विभाग अमृत अभिजात ने विभागीय कार्यप्रणाली को अधिक सुव्यवस्थित, अनुशासित और प्रभावी बनाने पर बल दिया। उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा कि 'विभिन्न जनपदों के क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी, वरिष्ठ अधिकारियों की पूर्व अनुमति के बिना निदेशालय आने से बचें। आवश्यक बैठकों एवं समन्वय कार्यों के लिए वर्चुअल माध्यमों का अधिकतम उपयोग करें। उन्होंने ये भी कहा कि इस व्यवस्था से समय और संसाधनों की बचत के साथ प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता, दक्षता और जवाबदेही भी सुनिश्चित होगी।' बैठक में महानिदेशक पर्यटन वेदपति मिश्रा, निदेशक पर्यटन (इको टूरिज्म) पुष्प कुमार के०, यूपीएसटीडीसी एमडी आशीष कुमार सहित विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

सीएम योगी ने मृतकों के परिजनों के प्रति व्यक्त की संवेदना, तत्काल मुआवजा जारी करने के निर्देश

आंधी-बारिश से प्रदेश में हुए नुकसान का मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लिया संज्ञान सीएम योगी ने मृतकों के परिजनों के प्रति व्यक्त की संवेदना, तत्काल मुआवजा जारी करने के निर्देश सभी जिलों के डीएम को राहत कार्य प्राथमिकता पर रखने के लिए कहा मुआवजा राशि जारी करने और बचाव अभियान से जुड़े कार्य सोशल मीडिया पर करने होंगे अपडेट लखनऊ उत्तर प्रदेश में आंधी-बारिश और आकाशीय बिजली गिरने से हुए नुकसान पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संज्ञान लिया है। बीते लगभग 24 घंटे में यूपी के कई जिलों में जनहानि, पशुहानि समेत कई मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं। सीएम योगी ने अधिकारियों को तत्काल मौके पर जाकर पीड़ितों की मदद और मुआवजा जारी करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही जिलों को हर 3 घंटे में स्थिति का अपडेट देने के लिए कहा गया है। यूपी के बाराबंकी, बहराइच, कानपुर देहात, बस्ती, संभल, हरदोई, उन्नाव समेत 19 जिलों में जनहानि, पशुहानि और फसल हानि की जानकारी सामने आई है। वहीं खराब मौसम की वजह से काफी संख्या में मकान भी क्षतिग्रस्त हुए हैं। सीएम योगी ने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। वहीं जिलाधिकारियों समेत संबंधित अधिकारियों को मौके पर जाकर तत्काल सर्वे पूरा कराने का निर्देश दिया है, ताकि संबंधित विभागों के साथ मिलकर मुआवजा जारी किया जा सके। सीएम योगी आदित्यनाथ ने सभी जिलों के डीएम को राहत कार्यों को प्राथमिकता देने के लिए कहा है। साथ ही निर्देश दिया है कि मुआवजा राशि, बचाव अभियान समेत अन्य कार्यों को सोशल मीडिया पर अपडेट किया जाए। सभी जिलों को हर 3 घंटे में स्थिति का अपडेट भेजने के लिए भी कहा गया है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश बना अनुकरणीय राज्य

लीड्स 2025 रैंकिंग में उत्तर प्रदेश को मिला ‘एग्जेम्प्लर’ अवार्ड मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश बना अनुकरणीय राज्य लॉजिस्टिक्स एवं इंफ्रास्ट्रक्चर विकास में देश का अग्रणी राज्य बनकर उभरा उत्तर प्रदेश नई दिल्ली/लखनऊ लॉजिस्टिक्स और इंफ्रास्ट्रक्चर के मोर्चे पर उत्तर प्रदेश ने देश में बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए लॉजिस्टिक्स ईज अक्रॉस डिफरेंट स्टेट्स – लीड्स (LEADS) 2025* रैंकिंग में लैंडलॉक्ड राज्यों में सर्वोच्च “एग्जेम्प्लर (Exemplar)” पुरस्कार प्राप्त किया है। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश देश का सर्वश्रेष्ठ एवं अनुकरणीय प्रदर्शन करने वाला लैंडलॉक्ड (चारों ओर भूमि से घिरा) राज्य बनकर उभरा है। पिछले तीन साल (2022 से 2024) तक लगातार “अचीवर” रहने के बाद, इस साल शीर्ष पायदान पर राज्य की यह छलांग यहां के बेहतरीन कनेक्टिविटी नेटवर्क और प्रभावी नीतिगत सुधारों का सीधा परिणाम है। यह सम्मान बुधवार को केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल द्वारा नई दिल्ली स्थित वाणिज्य भवन में आयोजित लीड्स 2025 रिपोर्ट एवं LEAPS (Logistics Excellence, Advancements & Performance Shield) 2025 पुरस्कार समारोह के दौरान प्रदान किया गया। उत्तर प्रदेश की ओर से यह पुरस्कार इन्वेस्ट यूपी के अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी शशांक चौधरी ने प्राप्त किया। वर्ष 2018 में केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अंतर्गत उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईटी) द्वारा शुरू की गई ‘लीड्स' पहल राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के लॉजिस्टिक्स प्रदर्शन का आकलन करने के लिए एक राष्ट्रीय बेंचमार्किंग फ्रेमवर्क है। इस रैंकिंग में लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर, सेवाएं, नियामकीय व्यवस्था तथा परिचालन दक्षता जैसे महत्वपूर्ण मानकों का मूल्यांकन किया जाता है। इन्वेस्ट यूपी के एसीईओ ने इस सफलता पर कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के अनुरूप लॉजिस्टिक्स सेक्टर को राज्य की 'वन ट्रिलियन डॉलर' अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार बनाया गया है। 'उत्तर प्रदेश वेयरहाउसिंग एवं लॉजिस्टिक्स नीति 2022' के प्रभावी क्रियान्वयन से प्रदेश का लॉजिस्टिक्स इकोसिस्टम अभूतपूर्व रूप से मजबूत हुआ है। राज्य सरकार ने पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के अनुरूप सिटी लॉजिस्टिक्स मास्टर प्लान विकसित किए हैं, जिनका उद्देश्य एकीकृत एवं कुशल लॉजिस्टिक्स नेटवर्क तैयार करना है। इन पहलों से परिवहन लागत में कमी, अंतिम छोर तक बेहतर कनेक्टिविटी और सप्लाई चेन दक्षता में सुधार सुनिश्चित हो रहा है। उत्तर प्रदेश लॉजिस्टिक्स पार्क, वेयरहाउसिंग सुविधाओं, ग्रामीण गोदामों और कोल्ड-चेन इंफ्रास्ट्रक्चर में निजी निवेश एवं पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल को बढ़ावा देकर लॉजिस्टिक्स विकास को गति दे रहा है। एक्सप्रेसवे, फ्रेट कॉरिडोर और आगामी हवाई अड्डों के आसपास रणनीतिक लॉजिस्टिक्स हब विकसित किए जा रहे हैं, जिससे उत्तर प्रदेश देश के प्रमुख लॉजिस्टिक्स पावरहाउस के रूप में उभर रहा है।

सियासी हलचल तेज: अखिलेश के पहुंचते ही अपर्णा ने की अकेले में मुलाकात

लखनऊ अपर्णा यादव के पति प्रतीक यादव के निधन के बाद लखनऊ से लेकर सैफई तक शोक का माहौल है. गुरुवार सुबह उनका अंतिम संस्कार बैकुंठ धाम भैंसाकुंड में किया जाएगा. इससे पहले बुधवार देर शाम तक कालिदास मार्ग स्थित आवास पर नेताओं, रिश्तेदारों और करीबी लोगों का आना-जाना लगा रहा. इसी बीच कई भावुक दृश्य भी सामने आए।  अपर्णा यादव जब असम से लौटकर सीधे लखनऊ पहुंचीं तो घर के भीतर का माहौल बेहद गमगीन था. कुछ ही मिनटों बाद प्रतीक यादव का पार्थिव शरीर भी एंबुलेंस से आवास पहुंचा. परिवार के लोग लगातार एक-दूसरे को संभालने की कोशिश कर रहे थे. इसी दौरान अखिलेश यादव भी घर पहुंचे. जैसे ही अखिलेश ने प्रतीक के पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित किया उसके बाद अपर्णा यादव और अखिलेश यादव के बीच कुछ देर बंद कमरे में बातचीत हुई. बाहर पूरा परिवार और करीबी लोग मौजूद रहे, लेकिन उस कमरे में क्या बातचीत हुई, इसकी जानकारी सामने नहीं आई।  अपर्णा यादव ने खुद दी अंतिम संस्कार की जानकारी प्रतीक यादव के अंतिम संस्कार को लेकर अपर्णा यादव ने खुद सोशल मीडिया पर भावुक पोस्ट साझा की. उन्होंने लिखा कि अत्यंत दुःख के साथ सूचित किया जाता है कि पद्म विभूषण और पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय मुलायम सिंह यादव जी के सुपुत्र एवं हम सभी के प्रिय प्रतीक यादव जी का अंतिम संस्कार गुरुवार सुबह 11 बजे बैकुंठ धाम (भैंसाकुंड) में संपन्न होगा. उन्होंने इस दुःख की घड़ी में लोगों से गरिमामयी उपस्थिति की अपील भी की. पोस्ट सामने आते ही सोशल मीडिया पर संवेदनाओं की बाढ़ आ गई. राजनीतिक दलों के नेताओं से लेकर आम लोगों तक ने परिवार के प्रति शोक व्यक्त किया।  पोस्टमार्टम हाउस से निकले तो भावुक दिखे अखिलेश इससे पहले समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे थे. वहां मीडिया से बातचीत के दौरान वह काफी भावुक नजर आए. उन्होंने कहा कि प्रतीक अपने स्वास्थ्य को लेकर बेहद जागरूक थे और हमेशा फिटनेस पर ध्यान देते थे. अखिलेश यादव ने कहा कि प्रतीक बिजनेस में व्यस्त रहते थे और कई बार व्यापारिक नुकसान मानसिक दबाव भी पैदा कर देता है. उन्होंने बताया कि करीब दो महीने पहले उनकी प्रतीक यादव से मुलाकात हुई थी. उस दौरान उन्होंने प्रतीक से कहा था कि वह अपने बिजनेस पर ध्यान दें. अखिलेश यादव ने कहा, वह बहुत अच्छा लड़का था. उन्होंने यह भी कहा कि पूरा परिवार इस समय एकजुट होकर खड़ा है और आगे परिवार जो फैसला करेगा, उसी के अनुसार कानूनी प्रक्रिया अपनाई जाएगी।  अपर्णा के पहुंचने का इंतजार करता रहा परिवार पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी यादव परिवार के कई सदस्य सीधे घर नहीं पहुंचे. परिवार के करीबी लोगों के मुताबिक पहले अपर्णा यादव के लखनऊ पहुंचने का इंतजार किया गया. अपर्णा असम से फ्लाइट के जरिए सीधे लखनऊ पहुंचीं और एयरपोर्ट से कालिदास मार्ग स्थित आवास चली गईं. उनके पहुंचने के कुछ ही मिनटों बाद प्रतीक यादव का पार्थिव शरीर भी घर लाया गया. घर के बाहर भारी संख्या में पुलिस बल और सुरक्षाकर्मी तैनात रहे. वहीं अंदर लगातार परिवार और करीबी लोगों का पहुंचना जारी रहा।  सबसे पहले पहुंचे शिवपाल यादव प्रतीक यादव का शव घर पहुंचने के तुरंत बाद सबसे पहले शिवपाल यादव वहां पहुंचे. कुछ ही देर में डिंपल यादव भी घर पहुंच गईं. दोनों ने अपर्णा यादव और उनकी बेटियों को ढांढस बंधाया. घर के भीतर का माहौल बेहद भावुक था. कई बार परिवार के सदस्य खुद को संभालते नजर आए. अखिलेश यादव और डिंपल यादव काफी देर तक प्रतीक यादव के पार्थिव शरीर के पास रहे. इस दौरान उनकी दोनों बेटियां भी वहीं मौजूद रहीं।  बीजेपी और सपा नेताओं का लगा तांता प्रतीक यादव के निधन के बाद राजनीतिक सीमाएं भी टूटती नजर आईं. समाजवादी पार्टी और भाजपा दोनों दलों के नेता परिवार को सांत्वना देने पहुंचे. भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह भी घर पहुंचे. सैफई से यादव परिवार के कई सदस्य लगातार लखनऊ पहुंचते रहे. इसी दौरान मुख्तार अंसारी के बेटे अब्बास अंसारी भी श्रद्धांजलि देने पहुंचे. शाम तक घर के बाहर नेताओं और समर्थकों की भीड़ बढ़ती चली गई CM योगी भी पहुंचे श्रद्धांजलि देने शाम करीब चार बजे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी श्रद्धांजलि देने पहुंचे. मुख्यमंत्री ने परिवार के सदस्यों से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की. इससे पहले मुख्यमंत्री सोशल मीडिया पर भी दुख जता चुके थे. उन्होंने कहा था कि प्रतीक यादव का आकस्मिक निधन अत्यंत दुःखद है और ईश्वर परिवार को इस पीड़ा को सहने की शक्ति दें।  साक्षी महाराज और अखिलेश की मुलाकात चर्चा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पहुंचने से ठीक पहले एक और तस्वीर चर्चा में आ गई. भाजपा सांसद साक्षी महाराज भी परिवार को ढांढस बंधाने पहुंचे थे. इसी दौरान बाहर आए अखिलेश यादव सीधे साक्षी महाराज के पास गए और उन्हें गले लगा लिया. यह दृश्य वहां मौजूद लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया. हाल के दिनों में साक्षी महाराज ने ओबीसी वोट और यूजीसी जैसे मुद्दों पर भाजपा को लेकर बयान दिए थे. ऐसे में इस मुलाकात को लेकर राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा शुरू हो गई. हालांकि उस समय माहौल पूरी तरह शोक का था और दोनों नेताओं ने परिवार के दुख को प्राथमिकता दी।  अंतिम समय में घर पर थीं दोनों बेटियां जानकारी के मुताबिक जिस समय प्रतीक यादव की तबीयत बिगड़ी, उस समय घर में उनकी दोनों बेटियां मौजूद थीं. घरेलू स्टाफ और सुरक्षाकर्मी भी वहीं तैनात थे. उस दौरान अपर्णा यादव असम में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने गई हुई थीं. सूत्रों के अनुसार सुबह करीब पांच बजे घरेलू नौकर ने प्रतीक यादव को कमरे में बेहोशी की हालत में देखा. बताया जा रहा है कि वह कोहनी के बल पड़े हुए थे. नौकर ने तुरंत परिवार और अस्पताल को सूचना दी. इसके बाद सिविल अस्पताल से इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर को घर भेजा गया।  अस्पताल पहुंचने से पहले ही थम चुकी थीं सांसें डॉक्टर जब मौके पर पहुंचे तो शरीर में कोई प्रतिक्रिया नहीं हो रही थी. हार्ट फंक्शन भी नहीं कर रहा था. इसके बाद तत्काल अस्पताल में इमरजेंसी तैयारी शुरू की गई और उन्हें सिविल अस्पताल ले जाया गया. इस दौरान … Read more

जर्जर पंचायत भवनों पर चलेगा बुलडोजर: मानसून से पहले UP सरकार की तैयारी तेज

लखीमपुर जिले के 49 पंचायत भवन जर्जर चिन्हित किए गए हैं। मानसून के दौरान इनके गिरने और हादसे की आशंका को देखते हुए अब इन्हें ढहाने की तैयारी शुरू कर दी गई है। एडीओ पंचायत व कंसल्टिंग इंजीनियरों ने सत्यापन रिपोर्ट निदेशालय को भेजी जा रही है। अनुमति मिलने के बाद इन भवनों को ढहाया जाएगा। फिर इनकी जगह नए भवन बनाए जाएंगे। जिला पंचायत राज अधिकारी विशाल सिंह ने बताया कि दशकों पहले बने पंचायत भवनों के बारे में एडीओ पंचायत व कंसल्टिंग इंजीनियर से रिपोर्ट मांगी गई। ब्लाकों से जो रिपोर्ट आई, उसके मुताबिक कुल 49 पंचायत भवन जर्जर चिन्हित किए गए हैं। इसमें सबसे ज्यादा नकहा ब्लाक में सात व रमियाबेहड़ में पांच पंचायत भवन जर्जर मिले हैं। डीपीआरओ ने बताया कि इन पंचायत भवनों की सूची निदेशालय भेजी गई है। साथ ही इनको ढहाने के लिए पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता, एई आरईएस व ब्लाकों के अधिकारी शामिल हैं, जो इनको ढहाने के लिए अपनी रिपोर्ट देंगे। इन ग्राम पंचायतों में अस्थाई रूप से सचिवालय चलाया जा रहा है।