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ऊर्जा संरक्षण की दिशा में उठाया गया हर कदम राष्ट्रनिर्माण में योगदान है – मुख्यमंत्री साय

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किया ईंधन संरक्षण और संसाधनों के संयमित उपयोग का आह्वान ऊर्जा संरक्षण की दिशा में उठाया गया हर कदम राष्ट्रनिर्माण में योगदान है – मुख्यमंत्री साय सरकारी वाहनों को चरणबद्ध तरीके से ईवी में बदलने की दिशा में होगी कार्रवाई- मुख्यमंत्री साय राष्ट्रहित में ईंधन बचत को जन-आंदोलन बनाने की अपील रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा राष्ट्रहित में ईंधन संरक्षण एवं संसाधनों के संयमित उपयोग को लेकर किए गए आह्वान का समर्थन करते हुए कहा है कि वैश्विक ऊर्जा संकट और पर्यावरणीय चुनौतियों के इस दौर में पेट्रोल-डीजल जैसे मूल्यवान संसाधनों का जिम्मेदारीपूर्ण उपयोग करना हम सभी का राष्ट्रीय दायित्व है।  मुख्यमंत्री साय ने कहा कि ऊर्जा संरक्षण केवल आर्थिक आवश्यकता नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ा एक महत्वपूर्ण विषय है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इसी भावना से प्रेरित होकर राज्य शासन द्वारा शासकीय स्तर पर ईंधन की खपत कम करने और संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग की दिशा में ठोस पहल की जा रही है।  उन्होंने कहा की कि उनके आधिकारिक भ्रमणों के दौरान अब केवल अत्यावश्यक वाहनों को ही कारकेड में शामिल किया जाएगा। साथ ही मंत्रीगणों तथा विभिन्न निगम-मंडलों के पदाधिकारियों से भी वाहनों एवं अन्य सरकारी संसाधनों के संयमित उपयोग का आग्रह किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार शासकीय परिवहन व्यवस्था को अधिक पर्यावरण अनुकूल बनाने की दिशा में भी कार्य करेगी। इसके तहत समस्त शासकीय वाहनों को चरणबद्ध तरीके से इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) में परिवर्तित करने की दिशा में ठोस कार्यवाही प्रारंभ की जाएगी। उन्होंने कहा कि यह कदम न केवल ईंधन की बचत करेगा, बल्कि प्रदूषण नियंत्रण और हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। मुख्यमंत्री साय ने प्रदेशवासियों से सार्वजनिक परिवहन का अधिकाधिक उपयोग करने, कारपूलिंग अपनाने तथा अनावश्यक निजी वाहनों के उपयोग से बचने की अपील की। उन्होंने कहा कि छोटी-छोटी आदतों में बदलाव लाकर हम बड़े सकारात्मक परिवर्तन ला सकते हैं। यदि प्रत्येक नागरिक ईंधन बचत को अपनी जिम्मेदारी माने, तो यह अभियान एक व्यापक जन-आंदोलन का रूप ले सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 'नेशन फर्स्ट' की भावना के साथ ईंधन संरक्षण को जनभागीदारी का अभियान बनाना समय की आवश्यकता है। उन्होंने प्रदेशवासियों से राष्ट्रहित में जिम्मेदार नागरिक की भूमिका निभाने का आह्वान करते हुए कहा कि प्रत्येक जागरूक कदम देश की ऊर्जा सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और आर्थिक मजबूती में महत्वपूर्ण योगदान देगा।

स्वामी आत्मानंद इंग्लिश स्कूल भरतपुर में प्रवेश हेतु लॉटरी आयोजित

स्वामी आत्मानंद इंग्लिश स्कूल भरतपुर में प्रवेश हेतु लॉटरी आयोजित जनकपुर  भरतपुर स्थित स्वामी आत्मानंद शासकीय इंग्लिश स्कूल भरतपुर में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए रिक्त सीटों पर प्रवेश हेतु सोमवार को लॉटरी प्रक्रिया आयोजित की गई। यह आयोजन लोक शिक्षण संचालनालय एवं छत्तीसगढ़ शासन स्कूल शिक्षा विभाग रायपुर के निर्देशानुसार संपन्न हुआ। विद्यालय में कक्षा पहली की 50, कक्षा चौथी की 1 तथा कक्षा आठवीं की 3 रिक्त सीटों पर प्रवेश के लिए ऑनलाइन एवं ऑफलाइन माध्यम से बड़ी संख्या में आवेदन प्राप्त हुए थे। आवेदनों की संख्या अधिक होने के कारण विद्यार्थियों का चयन लॉटरी प्रक्रिया के माध्यम से किया गया। लॉटरी कार्यक्रम में नगर पंचायत जनकपुर अध्यक्ष कौशल पटेल, उपाध्यक्ष नीलेश मिश्रा, शाला प्रबंधन समिति अध्यक्ष अजय जगवानी, विधायक प्रतिनिधि महेंद्र सेन, विकासखंड शिक्षा अधिकारी भरतपुर, पालक अधिकारी सच्चिदानंद साहू, परियोजना अधिकारी महिला एवं बाल विकास इमरान खान सहित बड़ी संख्या में अभिभावक उपस्थित रहे। कार्यक्रम में विद्यालय के समस्त शिक्षक एवं स्टाफ की भी सहभागिता रही

भाजपा में सियासी हलचल: संगठन से सरकार तक बदलाव की अटकलें, महिला चेहरे को मिल सकती है बड़ी जिम्मेदारी

रायपुर छत्तीसगढ़ भाजपा में संभावित बड़े फेरबदल को लेकर चर्चा हो रही है। यहां पार्टी के अंदर सत्ता और संगठन दोनों स्तर पर बदलाव की अटकलें तेज हैं। दरअसल, प्रदेश में 12 और 13 मई को दो दिन बैठकें आयोजित की गई है। 2028 विधानसभा चुनाव की रणनीति होगी। जहां पार्टी इसे सामान्य संगठन की बैठक बता रही है, वहीं, भाजपा के अंदर की चर्चाएं देखे तो इसे आने वाले बदलावों की तैयारी के रूप में देखा जा रहा है। दरअसल, छत्तीसगढ़ भाजपा इस समय दो बड़े मुद्दों पर ध्यान दे रही है। पहला, राज्य सरकार अपने ढाई साल पूरे करने की ओर बढ़ रही है। दूसरा, संगठन के कई बड़े नेताओं का कार्यकाल खत्म होने वाला है। प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय और क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल के कार्यकाल को लेकर भी पार्टी में चर्चा चल रही है। माना जा रहा है कि संगठन में कुछ नए नेताओं को जिम्मेदारी दी जा सकती है और कुछ नेताओं को राष्ट्रीय स्तर पर नई भूमिका मिल सकती है। भाजपा के अंदरूनी सूत्रों के मुताबिक, पार्टी नेतृत्व ने छत्तीसगढ़ में सरकार और संगठन के कामकाज को लेकर फीडबैक और सर्वे कराया है। इसी के आधार पर आगे की रणनीति बनाई जा रही है। इसलिए अब सिर्फ छोटे बदलाव नहीं, बल्कि बड़े स्तर पर फेरबदल की चर्चा हो रही है। सीएम विष्णुदेव साय (Vishnu Deo Sai) के नेतृत्व को लेकर पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व का भरोसा कायम बताया जा रहा है। फिलहाल मुख्यमंत्री बदलने जैसी कोई संभावना नजर नहीं आ रही है। माना जा रहा है कि पार्टी आने वाले चुनाव भी उनके नेतृत्व में ही लड़ने की तैयारी कर रही है। हालांकि, मंत्रिमंडल में फेरबदल और विस्तार की चर्चाएं तेज हो गई हैं। खबर है कि 2 से 4 मंत्रियों के चेहरे बदले जा सकते हैं और उनकी जगह नए नेताओं को मौका मिल सकता है। इस बार पार्टी पुराने और वरिष्ठ विधायकों के बजाय नए चेहरों को प्राथमिकता दे सकती है। चर्चा यह भी है कि मंत्रिमंडल में एक और महिला मंत्री को शामिल किया जा सकता है। पार्टी महिला प्रतिनिधित्व बढ़ाने के साथ-साथ सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन बनाने की रणनीति पर काम कर रही है। राजनीतिक गलियारों में जिन नेताओं के नाम चर्चा में हैं, उनमें भावना बोहरा,पुरंदर मिश्रा, सुशांत शुक्ला और सरगुजा क्षेत्र की किसी आदिवासी महिला विधायक का नाम प्रमुख है। वहीं, डिप्टी सीएम स्तर पर बदलाव में भाजपा एक महिला चेहरे को बड़ी जिम्मेदारी सौंप सकती है। राजनीतिक गलियारों में लता उसेंड़ी और रेणुका सिंह जैसे नाम चर्चा में हैं। राजनीतिक जानकारों के अनुसार, भाजपा इसके जरिए कई सामाजिक और राजनीतिक समीकरण साधना चाहती है। यदि किसी महिला आदिवासी या ओबीसी चेहरे को डिप्टी सीएम बनाया जाता है, तो इससे महिलाओं, आदिवासी समाज और पिछड़े वर्गों के बीच पार्टी की पकड़ मजबूत हो सकती है। इसके साथ ही सरगुजा और बस्तर जैसे क्षेत्रों में राजनीतिक संतुलन बनाने में भी मदद मिलेगी। माना जा रहा है कि भाजपा सिर्फ वर्तमान सरकार पर नहीं, बल्कि 2028 विधानसभा चुनाव की तैयारी और नए नेतृत्व को आगे लाने की रणनीति पर भी काम कर रही है।

प्रमुख सचिव ने पीएम सेजस विद्यालय कुम्हारी का किया निरीक्षण

रायपुर आदिम जाति, अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक विकास विभाग के प्रमुख सचिव और दुर्ग जिले के प्रभारी सचिव  सोनमणि वोरा ने आज दुर्ग जिले के कुम्हारी स्थित पीएम  विद्यालय का निरीक्षण किया। उन्होंने निरीक्षण के दौरान विद्यालय के सभी विभागों का बारीकी से अवलोकन किया।  बोरा ने विद्यालय की लाइब्रेरी, विज्ञान प्रयोगशाला, अटल लैब, स्पोर्ट्स रूम सहित सभी कक्षाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने प्राथमिक विभाग में संचालित जादुई पिटारा गतिविधियों तथा मिडिल विभाग में स्मार्ट क्लास के माध्यम से कराए जा रहे शिक्षण कार्य को देखकर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने विद्यार्थियों से सहजता के साथ चर्चा कर पढ़ाई-लिखाई एवं खेलकूद की जानकारी ली। इस मौके पर कलेक्टर  अभिजीत सिंह उपस्थित थे।  प्रमुख सचिव  बोरा ने विद्यार्थियों से चर्चा में कहा कि अनुशासित परिश्रम, तप और त्याग से सफलता मिलती है। उन्होंने पीएम विद्यालय निरीक्षण के दौरान बच्चों से संवाद करते हुए कहा कि जीवन में सफलता के लिए प्रारंभिक पायदान सेेे ही विद्यार्थियों को विद्या अध्ययन के साथ ही ज्ञान पिपासु शिक्षार्थी और अभ्यर्थी भी बनना चाहिए। उन्होंने इस दौरान विद्यालय के उत्कृष्ट परीक्षा परिणाम एवं विद्यार्थियों की उपलब्धियों की सराहना की तथा सभी कक्षाओं के टॉपर विद्यार्थियों से मुलाकात कर उन्हें सम्माति भी किया। प्रमुख सचिव  बोरा और कलेक्टर  सिंह ने विद्यार्थियों को जीवन में लक्ष्य बनाकर कार्य करने हेतु प्रेरित किया और यह भी पूछा कि वे जीवन में क्या बनेंगे। यह पूछने पर टॉपर्स ने सी.ए., साइबर इंजीनियर, कलेक्टर बनने की इच्छा जाहिर की। अधिकारियों ने विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य हेतु शुभकामनाएं देते हुए शिक्षकों के प्रयासों की प्रशंसा की तथा विद्यालय की शैक्षणिक एवं सह-शैक्षणिक गतिविधियों को सराहनीय बताया। सम्मानित विद्यार्थियों में कक्षा 12वीं की छात्रा रिया साहू जिन्होंने राज्य स्तर पर चतुर्थ स्थान प्राप्त की है। वहीं कक्षा 10वीं की छात्रा साक्षी देवांगन ने जिला स्तर पर आठवां स्थान अर्जित की है। कक्षा 8वीं में पायल रजानी एवं नैतिक आमटे ने संकुल स्तर पर प्रथम एवं द्वितीय स्थान हासिल की है। इसी प्रकार कक्षा 5वीं की छात्रा शिवानी पटेल प्रथम स्थान पर रही, जबकि भव्या साहू एवं रूपाली साहू ने द्वितीय स्थान प्राप्त कर विद्यालय का गौरव बढ़ाया।    

अनुशासित परिश्रम, तप और त्याग से मिलती है सफलता : सोनमणि बोरा

रायपुर आदिम जाति, अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक विकास विभाग के प्रमुख सचिव और दुर्ग जिले के प्रभारी सचिव  सोनमणी वोरा ने आज दुर्ग जिले के कुम्हारी स्थित पीएम  विद्यालय का निरीक्षण किया। उन्होंने निरीक्षण के दौरान विद्यालय के सभी विभागों का बारीकी से अवलोकन किया।  बोरा ने विद्यालय की लाइब्रेरी, विज्ञान प्रयोगशाला, अटल लैब, स्पोर्ट्स रूम सहित सभी कक्षाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने प्राथमिक विभाग में संचालित जादुई पिटारा गतिविधियों तथा मिडिल विभाग में स्मार्ट क्लास के माध्यम से कराए जा रहे शिक्षण कार्य को देखकर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने विद्यार्थियों से सहजता के साथ चर्चा कर पढ़ाई-लिखाई एवं खेलकूद की जानकारी ली। इस मौके पर कलेक्टर  अभिजीत सिंह उपस्थित थे।  प्रमुख सचिव  बोरा ने विद्यार्थियों से चर्चा में कहा कि अनुशासित परिश्रम, तप और त्याग से सफलता मिलती है। उन्होंने पीएम विद्यालय निरीक्षण के दौरान बच्चों के समक्ष विद्यार्थी और अभ्यर्थी भी बने। उन्होंने इस दौरान विद्यालय के उत्कृष्ट परीक्षा परिणाम एवं विद्यार्थियों की उपलब्धियों की सराहना की तथा सभी कक्षाओं के टॉपर विद्यार्थियों से मुलाकात कर उन्हें सम्माति भी किया। प्रमुख सचिव  बोरा और कलेक्टर  सिंह ने विद्यार्थियों को जीवन में लक्ष्य बनाकर कार्य करने हेतु प्रेरित किया और यह भी पुछा कि वे जीवन क्या बनेंगे। यह पूछने पर टॉपर्स ने सी.ए., साइबर इंजीनियर, कलेक्टर बनने की इच्छा जाहिर की। अधिकारियों ने विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य हेतु शुभकामनाएं देते हुए शिक्षकों के प्रयासों की प्रशंसा की तथा विद्यालय की शैक्षणिक एवं सह-शैक्षणिक गतिविधियों को सराहनीय बताया। सम्मानित विद्यार्थियों में कक्षा 12वीं की छात्रा रिया साहू जिन्होंने राज्य स्तर पर चतुर्थ स्थान प्राप्त की है। वहीं कक्षा 10वीं की छात्रा साक्षी देवांगन ने जिला स्तर पर आठवां स्थान अर्जित किया है। कक्षा 8वीं में पायल रजानी एवं नैतिक आमटे ने संकुल स्तर पर प्रथम एवं द्वितीय स्थान हासिल की है। इसी प्रकार कक्षा 5वीं की छात्रा शिवानी पटेला प्रथम स्थान पर रही, जबकि भव्या साहू एवं रूपाली साहू ने द्वितीय स्थान प्राप्त कर विद्यालय का गौरव बढ़ाया।

मुचाकी देवे की मुस्कान ने बयां की बदलाव की कहानी, तत्काल मिला राशन कार्ड

रायपुर जिला प्रशासन की एक संवेदनशील पहल ने सुकमा के दूरस्थ अंचलों में रहने वाले ग्रामीणों के जीवन में खुशहाली की नई रोशनी बिखेरी है। कलेक्ट्रेट परिसर में नवनिर्मित 'सिंगल विंडो कक्ष' केवल एक सरकारी व्यवस्था नहीं, बल्कि आमजन के भरोसे का केंद्र बन गया है। प्रभारी मंत्री  केदार कश्यप द्वारा उद्घाटित इस व्यवस्था ने प्रशासनिक पेचीदगियों को खत्म कर दिया है, जिससे अब ग्रामीणों को अपने जरूरी दस्तावेजों के लिए अलग-अलग दफ्तरों की खाक नहीं छाननी पड़ रही है।  प्रशासनिक संवेदनशीलता का सबसे भावुक दृश्य तब देखने को मिला जब पुनर्वास केंद्र से आईं मुचाकी देवे जैसे हितग्राहियों के हाथों में तुरंत राशन कार्ड थमाया गया। मुचाकी देवे की आंखों में खुशी की चमक साफ देखी जा सकती थी। उन्होंने बताया कि पहले राशन कार्ड या सरकारी पहचान पत्रों के लिए महीनों इंतजार करना पड़ता था, लेकिन यहाँ एक ही छत के नीचे उनका काम मिनटों में हो गया। उनके साथ आए 11 अन्य पुनर्वासित नागरिकों को भी आधार कार्ड, वोटर आईडी और आयुष्मान कार्ड जैसी सेवाएं तुरंत उपलब्ध कराई गईं। कलेक्टर  अमित कुमार के नेतृत्व में जिला प्रशासन ने इस नवाचार के जरिए पारदर्शिता और गति का नया मानक स्थापित किया है। जिला मुख्यालय से 41 किमी दूर मेकावाया जैसे सुदूर गांव से आईं कवासी रेशमा इस बदलाव की प्रत्यक्ष गवाह हैं। रेशमा ने बताया कि अपने परिवार का नाम राशन कार्ड में जुड़वाने के लिए उन्हें किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं हुई। वहाँ मौजूद स्टाफ न केवल फॉर्म भरने में मदद करता है, बल्कि दस्तावेज तैयार होने तक पूरी आत्मीयता से मार्गदर्शन भी देता है। कलेक्टर  अमित कुमार ने बताया कि हमारा मुख्य उद्देश्य जिले की प्रशासनिक कार्यप्रणाली को अधिक सरल, पारदर्शी और जनोन्मुखी बनाना है। 'सिंगल विंडो' की यह पहल इसी दिशा में एक बड़ा कदम है, ताकि सुदूर वनांचलों से आने वाले ग्रामीणों को अपने बुनियादी दस्तावेजों जैसे आधार कार्ड, राशन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस और आयुष्मान कार्ड के लिए अलग-अलग दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें। अब एक ही छत के नीचे सभी महत्वपूर्ण हितग्राहीमूलक सेवाएं उपलब्ध होने से न केवल ग्रामीणों के समय की बचत हो रही है, बल्कि उन्हें त्वरित न्याय और सुविधा भी मिल रही है।  यह 'सिंगल विंडो' सिस्टम मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के सुशासन के संकल्प को धरातल पर उतार रहा है। आंकड़े बताते हैं कि मंगलवार को ही लगभग 67 आवेदनों का निराकरण किया गया, जबकि 16 मार्च से अब तक 3620 नागरिक इस सुविधा का लाभ उठा चुके हैं। ड्राइविंग लाइसेंस से लेकर जन्म प्रमाणपत्र और श्रम कार्ड से लेकर निवास प्रमाण पत्र तक, एक ही कक्ष में मिल रही इन सुविधाओं ने ग्रामीणों के समय और पैसे, दोनों की बचत की है। सुकमा का यह सिंगल विंडो मॉडल राज्य के लिए जनसेवा की एक मिसाल बन गया है। जहाँ पहले कलेक्ट्रेट के चक्कर काटना ग्रामीणों के लिए थकान और निराशा का सबब होता था, वहीं अब चेहरे पर मुस्कान और हाथ में जरूरी दस्तावेज लेकर लौटते हितग्राही इस पहल की सफलता की कहानी खुद बयां कर रहे हैं।  

कुम्हारी में दुर्घटना पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जताया गहरा दुःख : मृतकों के परिजनों को 9-9 लाख रुपये सहायता राशि देने की घोषणा

रायपुर   दुर्ग जिले के कुम्हारी थाना क्षेत्र में शॉर्ट सर्किट और सिलेंडर विस्फोट से एक ही परिवार के चार सदस्यों की दर्दनाक मौत पर मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने गहरा शोक व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि यह घटना अत्यंत हृदयविदारक है। इससे मन अत्यंत व्यथित है। उन्होंने शोकाकुल परिजनों के प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं और दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस कठिन समय में राज्य सरकार पूरी संवेदनशीलता के साथ प्रभावित परिवार के साथ खड़ी है। उन्होंने अधिकारियों को परिजनों को हर संभव मदद उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपये की विशेष सहायता राशि देने की घोषणा की है। यह राशि शासन के नियमानुसार दी जाने वाली 4-4 लाख रुपये की सहायता के अतिरिक्त होगी। मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को परिजनों के ठहरने, भोजन और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने तथा घटना के कारणों की विस्तृत जांच कराने के निर्देश दिए हैं।

Resolve applications received under the Good Governance Festival with seriousness and sensitivity: Principal Secretary Bora

रायपुर प्रमुख सचिव एवं दुर्ग जिले के प्रभारी सचिव  सोनमणि बोरा ने आज दुर्ग जिले के अधिकारियों की बैठक लेकर शासन की योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने बैठक में शासन की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, विभागीय समन्वय और जनसमस्याओं के त्वरित समाधान पर विशेष जोर दिया। लोक निर्माण विभाग कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित बैठक में उन्होंने कहा कि दुर्ग जिला सामाजिक, आर्थिक, शैक्षणिक और प्रशासनिक दृष्टि से प्रदेश का महत्वपूर्ण जिला रहा है, इसलिए इसकी पहचान को बनाए रखते हुए अधिकारी बेहतर तालमेल के साथ कार्य करें। उन्होंने विभागीय समन्वय से दुर्ग जिले के मॉडल जिले के रूप में विकसत करने पर बल दिया।  प्रमुख सचिव  बोरा ने समीक्षा बैठक में कहा कि आमजनों को विभागीय सेवाओं का त्वरित लाभ मिले, यह अधिकारियों की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि शासन की महत्वाकांक्षी सुशासन तिहार के अंतर्गत शिविरों में प्राप्त आवेदनों का गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित किया जाए। बैठक में कलेक्टर अभिजीत सिंह एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे। शुद्ध पेयजल, नाला सफाई और पीएम आवास पर जोर प्रभारी    सचिव  बोरा ने कहा कि ग्रीष्म ऋतु को देखते हुए आमजनों के लिए शुद्ध पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित हो। साथ ही आवश्यकतानुसार टैंकरों के माध्यम से जलापूर्ति भी सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने बरसात पूर्व बड़े नालों सफाई कराने, अतिक्रमण हटाने तथा सैप्टिक टैंक सफाई में एसओपी का पालन करने के निर्देश भी दिए। इसके साथ ही नगरीय क्षेत्रों में स्वीकृत पीएम आवास निर्माण कार्यों को शीघ्र पूर्ण कराने तथा हितग्राही सम्मेलन आयोजित कर लोगों को निर्माण के लिए प्रेरित करने पर जोर दिया। मनरेगा मजदूरी भुगतान शुरू, श्रमिकों तक जानकारी पहुंचाने के निर्देश बैठक में मनरेगा की समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने बताया कि दुर्ग जिले में 14 जनवरी 2026 से लंबित लगभग 30 करोड़ 83 लाख रुपये की मजदूरी राशि शासन द्वारा स्वीकृत कर दी गई है और श्रमिकों के खातों में भुगतान शुरू हो गया है। प्रभारी सचिव ने सभी जनपद पंचायत सीईओ और रोजगार सहायकों को निर्देशित किया कि वे श्रमिकों से सीधे संपर्क कर मजदूरी भुगतान संबंधी जानकारी साझा करें तथा भुगतान से जुड़ी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करें। लखपति दीदी, स्वास्थ्य और शिक्षा पर भी फोकस बैठक में बताया गया कि एनआरएलएम के तहत जिले में 78 हजार 411 लक्ष्य के विरुद्ध अब तक 37 हजार महिलाओं को “लखपति दीदी” बनाया जा चुका है। स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान प्रभारी सचिव ने संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने, शिशु मृत्यु दर को शून्य करने तथा सभी आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने स्कूलों और छात्रावासों के आसपास नशीले पदार्थों की बिक्री पर रोक लगाने तथा 16 जून तक सभी छात्रावासों में आवश्यक मरम्मत एवं सुधार कार्य पूर्ण कराने को कहा। किसानों को पारदर्शिता के साथ खाद और बीज कृषि विभाग को आगामी खरीफ सीजन के लिए उर्वरक वितरण की कार्ययोजना तैयार करने तथा पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। उन्होंनेे कहा कि किसानों को पारदर्शिता के साथ खाद और बीज का वितरण किया जाए। रासायनिक खाद के कालाबाजारी करने वाले पर कड़ी कार्यवाही करने के निर्देश दिए। वन विभाग की समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने बताया कि किसान वृक्ष मित्र योजना के तहत जिले में एक लाख 46 हजार पौधरोपण का लक्ष्य निर्धारित है। साथ ही चीचा और बेलौदी क्षेत्र को वेटलैंड घोषित किया गया है। बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक  विजय अग्रवाल ने पुलिस विभाग की विभिन्न गतिविधियों की जानकारी पावर पॉइंट प्रस्तुतीकरण के माध्यम से दी। बैठक में वनमंडलाधिकारी दीपेश कपिल, एडीएम वीरेन्द्र सिंह, अपर कलेक्टर योगिता देवांगन सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

प्रत्येक मृतक सदस्य को 5-5 लाख रुपए देने की घोषणा की

रायपुर दुर्ग जिले के कुम्हारी थाना क्षेत्र अंतर्गत वार्ड क्रमांक 04 खपरी में गैस सिलेंडर ब्लास्ट की दर्दनाक घटना में एक ही परिवार के चार सदस्यों होमदास वैष्णव (40 वर्ष), लक्ष्मी वैष्णव (18 वर्ष), चांदनी वैष्णव (17 वर्ष) एवं मासूम गोपिका वैष्णव (2 वर्ष) की मौके पर ही दुखद मृत्यु हो गई। दुर्ग प्रवास के दौरान घटना की जानकारी मिलते ही छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री  श्याम बिहारी जायसवाल और स्कूल शिक्षा मंत्री  गजेन्द्र यादव तत्काल घटनास्थल पर पहुंचे और मौके का निरीक्षण कर स्थिति की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने आसपास के लोगों से चर्चा कर राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा भी की। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय को घटना की जानकारी मिलने पर उनके निर्देशानुसार स्वास्थ्य मंत्री  जायसवाल ने मृतकों के परिजनों के लिए आर्थिक सहायता की घोषणा की। उन्होंने प्रत्येक चार मृतक को 5-5 लाख रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की। इसके अतिरिक्त जिला प्रशासन द्वारा आरबीसी 6-4 के तहत प्रत्येक चार मृतक के परिजन को 4-4 लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाएगी।  मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय एवं स्वास्थ्य मंत्री  जायसवाल ने इस घटना पर गहरी शोक संवेदना व्यक्त करते हुए दिवंगत आत्माओं की शांति प्रदान करने की प्रार्थना की। इस दौरान दुर्ग लोकसभा सांसद  विजय बघेल जी, विधायक  रिकेश सेन,  डोमनलाल कोरसेवाड़ा,  ईश्वर साहू, खादी ग्रामोद्योग बोर्ड के अध्यक्ष  राकेश पांडेय, तेलघानी बोर्ड के अध्यक्ष  जितेंद्र साहू, दुर्ग कलेक्टर  अभिजीत सिंह समेत जिला प्रशासन की टीम एवं अन्य जनप्रतिनिधि उपथित रहे।

25 उद्योगों पर 79 लाख रुपये से अधिक की पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति अधिरोपित

रायपुर रायगढ़ जिले में वायु गुणवत्ता और पर्यावरण संरक्षण सुनिश्चित करने के लिए छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल द्वारा लगातार सघन निगरानी और प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। मंडल ने स्पष्ट किया है कि जिले की वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) ‘संतोषजनक’ से ‘मध्यम’ श्रेणी के बीच स्थिर बनी हुई है। पर्यावरणीय मानकों का उल्लंघन करने वाले उद्योगों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करते हुए इस वर्ष अब तक 25 उद्योगों पर 79 लाख रुपये से अधिक की पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति राशि अधिरोपित की गई है। आधुनिक तकनीक से वायु गुणवत्ता की सतत निगरानी रायगढ़ जिले में वायु गुणवत्ता की सटीक निगरानी के लिए 4 सतत परिवेशीय वायु गुणवत्ता निगरानी प्रणाली (CAAQMS) स्थापित की गई हैं। ये केंद्र खनन प्रभावित क्षेत्रों—कुंजेमुरा, मिलुपारा (तमनार), छाल (धरमजयगढ़) तथा औद्योगिक क्षेत्र पूंजीपथरा में संचालित हैं। इसके अतिरिक्त, नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम (NCAP) के अंतर्गत रायगढ़ शहर और ओ.पी. जिंदल औद्योगिक पार्क क्षेत्र में नियमित रूप से मैन्युअल मॉनिटरिंग भी की जा रही है। नियम उल्लंघन पर जीरो टॉलरेंस नीति मंडल द्वारा पर्यावरणीय मानकों के उल्लंघन के मामलों में जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जा रही है। जनवरी 2026 से मई 2026 तक प्रदूषण मानकों का उल्लंघन करने वाले 8 उद्योगों पर 3 लाख 22 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। इसी प्रकार, फ्लाई ऐश प्रबंधन एवं परिवहन संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन नहीं करने वाले 17 उद्योगों पर 76 लाख 20 हजार 255 रुपये की पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति अधिरोपित की गई है। इस प्रकार कुल 25 उद्योगों पर 79 लाख रुपये से अधिक की कार्रवाई की गई है। फ्लाई ऐश परिवहन के लिए सख्त SOP और डिजिटल ट्रैकिंग व्यवस्था सड़कों पर उड़ने वाली धूल एवं राखड़ की समस्या को नियंत्रित करने के लिए मंडल द्वारा विस्तृत मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) लागू की गई है। इसके तहत कच्चे माल और औद्योगिक उत्पादों के परिवहन के दौरान डस्ट कंट्रोल उपायों का पालन अनिवार्य किया गया है। फ्लाई ऐश के पारदर्शी और वैज्ञानिक निपटान के लिए IWMMS पोर्टल का उपयोग किया जा रहा है, जिसके माध्यम से राखड़ के उठाव से लेकर अंतिम निपटान तक की प्रत्येक गतिविधि की डिजिटल निगरानी की जा रही है। पर्यावरण संरक्षण के प्रति सतत प्रतिबद्धता क्षेत्रीय कार्यालय, छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल के अनुसार रायगढ़ जिले में प्रदूषण स्तर में लगातार वृद्धि होने की आशंकाएं तथ्यों पर आधारित नहीं हैं। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार जिले की वायु गुणवत्ता नियंत्रित और स्थिर बनी हुई है। मंडल द्वारा उद्योगों का नियमित निरीक्षण किया जा रहा है और पर्यावरणीय मानकों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई आगे भी निरंतर जारी रहेगी।