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कृषि यंत्रीकरण को नई रफ्तार, मंत्री रामविचार नेताम के नेतृत्व में किसानों को मिल रहा लाभ

रायपुर : कृषि मंत्री रामविचार नेताम के नेतृत्व में कृषि यंत्रीकरण को बढ़ावा बीजापुर के किसान को 35 लाख के आधुनिक कृषि यंत्र वितरित रायपुर कृषि मंत्री रामविचार नेताम के नेतृत्व में प्रदेश में कृषि को आधुनिक तकनीक को बढ़ावा दिया जा रहा है। किसानों के आय बढ़ाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों के तहत कृषि यांत्रिकीकरण योजना का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। इसी कड़ी में गुरुवार को बीजापुर जिले के ग्राम मांझीगुड़ा में किसान योगेश बांकड़े को उपलब्ध कराए गए आधुनिक कृषि यंत्रों का निरीक्षण किया गया।  कृषि मंत्री रामविचार नेताम के नेतृत्व में कृषि यंत्रीकरण को बढ़ावा इस अवसर पर बस्तर सांसद महेश कश्यप, छत्तीसगढ़ जनजाति आयोग के अध्यक्ष रूपसिंह मंडावी, कृषि उत्पादन आयुक्त सिद्धार्थ कोमल परदेशी सहित बस्तर संभाग के बीजापुर, दंतेवाड़ा एवं सुकमा जिलों के कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन एवं मत्स्य पालन विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे। योजना के अंतर्गत किसान योगेश बांकड़े के लिए लगभग 35 लाख रूपए मूल्य के आधुनिक कृषि यंत्र स्वीकृत किए गए हैं, जिन पर 14 लाख रूपए की अनुदान राशि प्रदान की गई है। लाभार्थी को ट्रैक्टर, हार्वेस्टर, कल्टीवेटर, सीड ड्रिल एवं स्प्रेयर जैसे आधुनिक कृषि उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं, जिससे खेती अधिक वैज्ञानिक, समयबद्ध और लाभकारी बन सकेगी। निरीक्षण के दौरान जनप्रतिनिधियों ने कहा कि कृषि मंत्री रामविचार नेताम के मार्गदर्शन में प्रदेश में कृषि यंत्रीकरण को प्राथमिकता दी जा रही है। आधुनिक कृषि यंत्रों के उपयोग से किसानों की उत्पादन क्षमता में वृद्धि होगी, खेती की लागत एवं श्रम में कमी आएगी तथा कम समय में अधिक कार्य कर किसान बेहतर आय अर्जित कर सकेंगे। उन्होंने योजना के प्रभावी क्रियान्वयन की सराहना करते हुए कहा कि इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

बस्तर प्रवास के अनुभवों के आधार पर मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने ली उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक

रायपुर : महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं का गोंडी एवं हल्बी भाषा में होगा व्यापक प्रचार-प्रसार- मंत्री राजवाड़े  बस्तर प्रवास के अनुभवों के आधार पर मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने ली उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं की पहुंच सुनिश्चित करने, रिक्त पदों की भर्ती और बुनियादी सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण के दिए निर्देश रायपुर महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने मंत्रालय महानदी भवन में महिला एवं बाल विकास एवं समाज कल्याण विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक लेकर विभागीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचाने तथा जमीनी स्तर पर कार्यों में गति लाने के निर्देश अधिकारियों को दिए। बैठक में महिला एवं बाल विकास और समाज कल्याण विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती शहला निगार,दोनों विभागों के संचालक सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।   मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने हाल ही में बस्तर संभाग के प्रवास तथा केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अन्नपूर्णा देवी से हुई चर्चा के दौरान प्राप्त अनुभवों और सुझावों के आधार पर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दूरस्थ एवं जनजातीय क्षेत्रों में योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए स्थानीय भाषाओं में संवाद अत्यंत आवश्यक है। इस उद्देश्य से बस्तर संभाग में विभागीय योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार गोंडी एवं हल्बी भाषा में किए जाने के निर्देश दिए गए, ताकि प्रत्येक पात्र हितग्राही तक योजनाओं की सटीक जानकारी पहुंच सके। मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने बस्तर संभाग में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका एवं पर्यवेक्षक के रिक्त पदों को आवश्यक स्वीकृति प्राप्त कर शीघ्र भरने की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने दूरस्थ क्षेत्रों के आंगनबाड़ी केंद्रों में भवन, पोषण, पेयजल, स्वच्छता एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण पर विशेष बल दिया। बैठक में उन्होंने कहा कि विभागीय योजनाओं का लाभ समयबद्ध रूप से समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे, इसके लिए सभी जिलों में नियमित मॉनिटरिंग, सतत निरीक्षण और प्रभावी फॉलोअप सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ कार्य करने की अपेक्षा व्यक्त की। मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने पोषण पुनर्वास केंद्रों (एनआरसी) में भर्ती बच्चों एवं उनकी माताओं को गुणवत्तापूर्ण उपचार, पौष्टिक आहार तथा बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश देते हुए कहा कि कुपोषण मुक्त छत्तीसगढ़ राज्य सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। समीक्षा बैठक के दौरान समाज कल्याण विभाग की योजनाओं की भी विस्तृत समीक्षा की गई। मंत्री ने दिव्यांगजन एवं वृद्धजन कल्याण से संबंधित योजनाओं की प्रगति का आकलन करते हुए बस्तर संभाग में दिव्यांगजनों को सहायक उपकरणों के समयबद्ध वितरण, पात्र हितग्राहियों तक योजनाओं की पहुंच सुनिश्चित करने तथा नियमित शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए।उन्होंने सियान गुड़ी (डे-केयर सेंटर) एवं वृद्धाश्रमों में वरिष्ठ नागरिकों के लिए बेहतर आवास, पौष्टिक भोजन, स्वास्थ्य सुविधाएं तथा सम्मानजनक वातावरण उपलब्ध कराने हेतु आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। बैठक के अंत में मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि बस्तर संभाग के प्रवास के दौरान यह स्पष्ट रूप से अनुभव हुआ है कि क्षेत्र में विकास और विश्वास का नया वातावरण निर्मित हुआ है। ऐसे में विभाग की जिम्मेदारी और अधिक बढ़ जाती है कि शासन की प्रत्येक जनकल्याणकारी योजना तीव्र गति से अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और उसका प्रभाव धरातल पर दिखाई दे। 

रायपुर: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मेधावी विद्यार्थियों को किया सम्मानित, बढ़ाया उत्साह

रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मेधावी विद्यार्थियों का किया सम्मान समर्पण, अनुशासन और निरंतर परिश्रम से हर लक्ष्य हासिल किया जा सकता है : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय राज्य एवं जिला स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों से किया आत्मीय संवाद, उज्ज्वल भविष्य के लिए दी शुभकामनाएं रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज सक्ती जिला कार्यालय में आयोजित मेधावी विद्यार्थी सम्मान समारोह में राज्य एवं जिला स्तर पर बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं का सम्मान किया। मुख्यमंत्री साय ने विद्यार्थियों को स्मृति चिन्ह प्रदान कर उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं तथा उन्हें जीवन में निरंतर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मेधावी विद्यार्थियों का किया सम्मान मुख्यमंत्री साय ने विद्यार्थियों से आत्मीय संवाद करते हुए उनके भविष्य के लक्ष्य, करियर की योजनाओं और रुचियों की जानकारी ली। विद्यार्थियों ने कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, चार्टर्ड अकाउंटेंट, डॉक्टर सहित विभिन्न क्षेत्रों में अपनी पहचान बनाने की इच्छा व्यक्त की। मुख्यमंत्री ने उनके आत्मविश्वास और ऊँचे सपनों की सराहना करते हुए कहा कि समर्पण, अनुशासन, निरंतर अध्ययन और कठिन परिश्रम ही सफलता की वास्तविक कुंजी हैं। उन्होंने कहा कि जो विद्यार्थी बड़े लक्ष्य निर्धारित करते हैं और पूरी निष्ठा से उन्हें प्राप्त करने का प्रयास करते हैं, सफलता स्वयं उनके कदम चूमती है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश सरकार गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक संसाधनों और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए लगातार कार्य कर रही है। हमारा प्रयास है कि छत्तीसगढ़ का प्रत्येक विद्यार्थी अपनी प्रतिभा के अनुरूप आगे बढ़े और राष्ट्र निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाए। उन्होंने विद्यार्थियों से शिक्षा के साथ नैतिक मूल्यों, सामाजिक संवेदनशीलता और राष्ट्रसेवा की भावना को भी अपने जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आज सम्मानित हुए विद्यार्थी केवल अपने परिवार का ही नहीं, बल्कि पूरे जिले और प्रदेश का गौरव हैं। उनकी सफलता अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा बनेगी और उत्कृष्टता की नई संस्कृति को आगे बढ़ाएगी। इस अवसर पर प्रभारी मंत्री गुरु खुशवंत साहब, सांसद श्रीमती कमलेश जांगड़े सहित अन्य जनप्रतिनिधि, कलेक्टर अमृत विकास तोपनो, पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल ठाकुर सहित अन्य अधिकारी, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

उपमुख्यमंत्री ने गंडईखुर्द में प्रदेश के पहले विकास कार्य के रूप में शेड निर्माण प्रस्ताव को दी स्वीकृति

रायपुर : कबीरधाम के गंडईखुर्द से वीबी-जी राम जी योजना का हुआ राज्य स्तरीय शुभारंभ कबीरधाम के गंडईखुर्द से वीबी-जी राम जी योजना का हुआ राज्य स्तरीय शुभारंभ उपमुख्यमंत्री ने गंडईखुर्द में प्रदेश के पहले विकास कार्य के रूप में शेड निर्माण प्रस्ताव को दी स्वीकृति ग्रामीण विकास को नई दिशा देगी वीबी-जी राम जी योजना – उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ग्रामीण परिवारों को मिलेगा 125 दिनों का रोजगार, मजदूरी बढ़कर हुई 300 रुपये प्रतिदिन योजना में 318 प्रकार के विकास कार्य शामिल, जल संरक्षण से लेकर ग्रामीण अधोसंरचना तक मिलेगा बढ़ावा रायपुर,  ग्रामीण परिवारों को रोजगार और आजीविका की नई गारंटी देने वाली विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन ग्रामीण(वीबी-जी राम जी) योजना का राज्य स्तरीय शुभारंभ आज कबीरधाम जिले के बोड़ला विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत गंडईखुर्द से किया गया। कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री विजय शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। राष्ट्रीय स्तर पर योजना का शुभारंभ केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आंध्र प्रदेश के तिरुपति से किया। इस दौरान वे वर्चुअल माध्यम से ग्राम पंचायत गंडईखुर्द में आयोजित राज्य स्तरीय शुभारंभ समारोह से भी जुड़े रहे।  कबीरधाम के गंडईखुर्द से वीबी-जी राम जी योजना का हुआ राज्य स्तरीय शुभारंभ      केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि आज से विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन ग्रामीण (वीबी-जीरामजी) योजना लागू हो रही है। इस योजना का उद्देश्य है कि देश का कोई भी गरीब काम के अभाव में बेरोजगार न रहे। उन्होंने इस महत्वपूर्ण पहल के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि योजना से जहां ग्रामीण मजदूरों को 125 दिनों का रोजगार मिलेगा, वहीं गांवों में विकास कार्यों को भी नई गति मिलेगी और ग्रामीण क्षेत्रों की तस्वीर बदलेगी। चौहान ने कहा कि मजदूरों के पसीने का सम्मान हमारी सर्वाेच्च प्राथमिकता है। गरीबों की सेवा ही हमारे लिए भगवान की सेवा है।  कबीरधाम के गंडईखुर्द से वीबी-जी राम जी योजना का हुआ राज्य स्तरीय शुभारंभ       उपमुख्यमंत्री एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री विजय शर्मा ने कहा कि आज पूरे देश में विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (वीबी-जीरामजी) योजना का शुभारंभ हो रहा है और छत्तीसगढ़ में इसका राज्य स्तरीय शुभारंभ ग्राम पंचायत गंडईखुर्द से किया गया है। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेश में योजना के तहत पहले कार्य के रूप में ग्राम पंचायत गंडईखुर्द में शेड निर्माण के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की। उन्होंने कहा कि यह केवल रोजगार उपलब्ध कराने की योजना नहीं, बल्कि विकसित गांव से विकसित भारत के निर्माण का अभियान है। वर्ष 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को साकार करने के लिए प्रत्येक गांव और पंचायत का समग्र विकास आवश्यक है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने छत्तीसगढ़ के लिए 3,300 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है, जिससे विभिन्न विकास कार्य किए जाएंगे और रोजगार की कोई कमी नहीं रहेगी।        उप मुख्यमंत्री शर्मा ने बताया कि योजना के तहत 318 प्रकार के कार्यों को शामिल किया गया है। इनमें जल संरक्षण से जुड़े 107, ग्रामीण अधोसंरचना के 90, आजीविका संवर्धन के 86 तथा आपदा प्रबंधन से संबंधित 35 प्रकार के कार्य शामिल हैं। उन्होंने कहा कि अब जॉब कार्ड के स्थान पर जीआरजी कार्ड जारी किया जाएगा। उन्होंने बताया कि जॉब कार्ड में केवाईसी कराने में छत्तीसगढ़ देश में अग्रणी राज्यों में है। उन्होंने कहा कि योजना के अंतर्गत डबरी, चेकडैम, बोल्डर चेकडैम, रिचार्ज पिट, वर्षा जल संचयन, नहर लाइनिंग, ग्रामीण सड़क (धरसा), मुरमीकरण जैसे कार्य कर जल स्तर बढ़ाने और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण पर विशेष जोर दिया जाएगा। प्रत्येक पंचायत को स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप कार्ययोजना तैयार कर अटल डिजिटल सेवा केंद्र, मुक्तिधाम में शेड, ग्रामीण अधोसंरचना सहित प्राथमिकता वाले कार्य शुरू करने होंगे।         उप मुख्यमंत्री ने कहा कि योजना के तहत बाउंड्री वॉल, किचन शेड, शौचालय, सामुदायिक पशु शेड, सोलर एवं स्ट्रीट लाइट, ग्रामीण चौपाल, हाईमास्ट लाइट, स्व-सहायता समूहों के लिए वर्क शेड, कोल्ड स्टोरेज, खाद एवं खाद्यान्न गोदाम, सामुदायिक आटा चक्की, कृषि प्रसंस्करण केंद्र और हैंडलूम प्रोसेसिंग केंद्र जैसे कार्य भी किए जा सकेंगे। इससे रोजगार के साथ-साथ ग्रामीण आजीविका को भी मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि विकसित भारत का संकल्प तभी साकार होगा, जब गांव आत्मनिर्भर और समृद्ध बनेंगे। इसी उद्देश्य से गांवों को ए, बी और सी श्रेणी में विभाजित कर योजनाबद्ध विकास किया जाएगा। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में पिछले ढाई वर्षों में 11 लाख आवासों का निर्माण पूरा किया गया है, जो ग्रामीण विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का प्रमाण है। उन्होंने सभी जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों से अपील की कि वे व्यापक सोच के साथ अपने गांवों की विकास कार्ययोजना तैयार करें, ताकि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त किया जा सके।         पंडरिया विधायक श्रीमती भावना बोहरा ने कहा कि आज का दिन प्रदेश के लिए ऐतिहासिक है और सभी लोग इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बने हैं। इस योजना के तहत मनरेगा में अब ग्रामीण परिवारों को 125 दिनों का रोजगार मिलेगा तथा अकुशल श्रमिकों की दैनिक मजदूरी 261 रुपये से बढ़ाकर 300 रुपये प्रतिदिन कर दी गई है।         कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष विशेष पटेल, छत्तीसगढ़ कृषक कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष सुरेश चंद्रवंशी, पुलिस जवाबदेही प्राधिकरण सदस्य भगत पटेल, जिला पंचायत अध्यक्ष ईश्वरी साहू, जिला पंचायत उपाध्यक्ष कैलाश चंद्रवंशी, जिला पंचायत सदस्य राम कुमार भट्ट सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे। गंडईखुर्द को मिली पहली सौगात, शेड निर्माण प्रस्ताव को स्वीकृति       उपमुख्यमंत्री एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री विजय शर्मा ने वीबी-जी राम जी योजना के तहत प्रदेश के पहले विकास कार्य के रूप में ग्राम पंचायत गंडईखुर्द में शेड निर्माण के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की। उन्होंने कहा कि योजना की शुरुआत विकास कार्यों के साथ हो रही है। इस स्वीकृति के साथ ही गंडईखुर्द वीबी-जी राम जी योजना के अंतर्गत प्रदेश की पहली ग्राम पंचायत बन गई, जहां विकास कार्य का प्रस्ताव स्वीकृत हुआ। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में इसी प्रकार प्रत्येक पंचायत की आवश्यकताओं के अनुरूप विकास कार्यों को प्राथमिकता देते हुए … Read more

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय बोले- स्वस्थ छत्तीसगढ़ के लिए योग को बनाएं जनआंदोलन

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया योग को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान छत्तीसगढ़ योग आयोग के अध्यक्ष संजय अग्रवाल ने संभाला पदभार रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि योग केवल व्यायाम नहीं, बल्कि स्वस्थ शरीर, संतुलित मन और अनुशासित जीवन का आधार है। उन्होंने प्रदेशवासियों से योग को दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाने का आह्वान करते हुए कहा कि स्वस्थ नागरिक ही विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत की सबसे बड़ी शक्ति हैं। मुख्यमंत्री साय आज राजधानी रायपुर स्थित सर्किट हाउस में आयोजित छत्तीसगढ़ योग आयोग के अध्यक्ष संजय अग्रवाल के पदभार ग्रहण एवं अभिनंदन समारोह में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने अग्रवाल को नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि उनके नेतृत्व में योग आयोग प्रदेश में योग के प्रचार-प्रसार को नई गति देगा तथा योग को गांव-गांव, विद्यालयों और समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व और निरंतर प्रयासों से भारत की प्राचीन योग परंपरा को वैश्विक पहचान मिली है। आज विश्व के 176 से अधिक देश 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाकर भारतीय संस्कृति और ज्ञान परंपरा का सम्मान कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह प्रत्येक भारतीय के लिए गर्व का विषय है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने योग और आयुर्वेद को नई दिशा देने के लिए आयुष मंत्रालय का गठन किया तथा पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को सशक्त बनाने के अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार से छत्तीसगढ़ में आयुर्वेद एम्स की स्थापना का आग्रह किया गया है। राज्य का लगभग 44 प्रतिशत वन क्षेत्र औषधीय वनस्पतियों से समृद्ध है, जिससे भविष्य में छत्तीसगढ़ आयुर्वेद, प्राकृतिक चिकित्सा और वेलनेस पर्यटन के क्षेत्र में देश का अग्रणी केंद्र बन सकता है। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि योग भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर है, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैश्विक स्तर पर नई प्रतिष्ठा दिलाई है। उन्होंने कहा कि योग को जन-जन तक पहुंचाने के लिए राज्य सरकार निरंतर प्रयास कर रही है। विधायक किरण सिंह देव ने विश्वास व्यक्त किया कि संजय अग्रवाल के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ योग आयोग प्रदेश के प्रत्येक गांव, शहर और परिवार तक योग की पहुंच सुनिश्चित करने की दिशा में प्रभावी कार्य करेगा। समारोह में कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, सांसद श्रीमती लक्ष्मी वर्मा, सांसद श्रीमती कमलेश जांगड़े, विधायक किरण देव, छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह, छत्तीसगढ़ खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष संजय अग्रवाल, छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन लिमिटेड के अध्यक्ष दीपक म्हस्के, छत्तीसगढ़ चर्म शिल्पकार बोर्ड के अध्यक्ष ध्रुव कुमार मिर्धा, विभिन्न निगम-मंडलों के अध्यक्ष, स्वास्थ्य विभाग के सचिव अमित कटारिया सहित वरिष्ठ जनप्रतिनिधि, अधिकारी, बड़ी संख्या में योग साधक एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

चिकित्सा में आधुनिक तकनीक के साथ मानवीय संवेदनाएं भी जरूरी है – राज्यपाल डेका

रायपुर चिकित्सा में आधुनिक तकनीक के साथ मानवीय संवेदनाएं भी जरूरी है राज्यपाल  रमेन डेका ने डॉक्टर्स डे के अवसर पर आज विमतारा भवन में सिक्ख समाज छत्तीसगढ़ एवं जेसीआई रायपुर मेडिको सिटी द्वारा आयोजित अलग-अलग कार्यक्रमों में चिकित्सकों का सम्मान किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि आधुनिक चिकित्सा व्यवस्था में अत्याधुनिक तकनीक और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) का महत्व बढ़ा है, लेकिन रोगी के प्रति मानवीय संवेदनाएं, आत्मीय व्यवहार और नैतिक मूल्यों के साथ की गई चिकित्सा ही समाज का विश्वास मजबूत करती है। चिकित्सा में आधुनिक तकनीक के साथ मानवीय संवेदनाएं भी जरूरी है राज्यपाल ने कहा कि डॉक्टर का मधुर व्यवहार कई दवाइयों से भी अधिक प्रभावी होता है। मरीज के लिए चिकित्सक भगवान के समान होता है और उसे वास्तविक संतोष तभी मिलता है, जब डॉक्टर स्वयं उसका शारीरिक परीक्षण कर उसकी स्थिति को समझे। उन्होंने कहा कि आधुनिक जांच तकनीकों का अपना महत्व है, लेकिन मरीज का मनोवैज्ञानिक दृष्टिकोण से उपचार भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने कहा कि देश में विशेषज्ञ चिकित्सकों की संख्या बढ़ रही है, लेकिन फैमिली डॉक्टर अथवा पड़ोस के डॉक्टर की परंपरा धीरे-धीरे समाप्त होती जा रही है। इस परंपरा को बनाए रखना आवश्यक है, क्योंकि ऐसे चिकित्सक परिवारों के स्वास्थ्य और विश्वास का महत्वपूर्ण आधार होते हैं। राज्यपाल ने कहा कि 140 करोड़ की आबादी वाले हमारे देश में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना एक बड़ी चुनौती है, विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि चिकित्सक इस दिशा में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहेंगे। उन्होंने कहा कि बीमारियों के प्रति जागरूकता बढ़ाकर अनेक रोगों की रोकथाम की जा सकती है। उन्होंने मानसिक स्वास्थ्य को वर्तमान समय की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक बताते हुए कहा कि चिकित्सकों को इस दिशा में विशेष ध्यान देना होगा। मोबाइल और इंटरनेट की बढ़ती लत पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि इनका उपयोग केवल आवश्यकता के अनुसार होना चाहिए। एआई अनेक क्षेत्रों में उपयोगी है, लेकिन मानव मस्तिष्क की संवेदनशीलता, विवेक और निर्णय क्षमता का कोई विकल्प नहीं हो सकता। राज्यपाल ने युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति को सोचनीय बताते हुए कहा कि नशे की लत से ग्रस्त लोगों के साथ सहानुभूतिपूर्ण व्यवहार करते हुए उनका उपचार और पुनर्वास सुनिश्चित किया जाना चाहिए। उन्होंने सिक्ख समाज द्वारा किए जा रहे सामाजिक एवं सेवा कार्यों की सराहना भी की। राज्यपाल ने सिक्ख समाज के कार्यक्रम में समाज के चिकित्सकों तथा जेसीआई रायपुर मेडिको सिटी द्वारा आयोजित कार्यक्रम में चिकित्सा के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले चिकित्सकों को सम्मानित किया। इस अवसर पर विधायक  पुरंदर मिश्रा, जेसीआई रायपुर मेडिको सिटी के अध्यक्ष डॉ. निखिल मोती रामानी, सचिव डॉ. अविनाश तिवारी, सिक्ख समाज के अध्यक्ष  महेंद्र सिंह छाबड़ा, एम्स रायपुर के निदेशक डॉ. अशोक जिंदल, रिम्स के निदेशक डॉ. कृष्ण कुमार वाधवा, वरिष्ठ चिकित्सक, सिक्ख समाज के पदाधिकारी तथा बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

37 बंद विद्यालय फिर से खुले, बच्चों के चेहरों पर लौटी मुस्कान

रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के सशक्त नेतृत्व में प्रदेश में प्रत्येक बच्चे तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाने के उद्देश्य से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में बीजापुर जिले में आयोजित जिला स्तरीय शाला प्रवेशोत्सव ने शिक्षा के क्षेत्र में नई उम्मीद जगाई। इस अवसर पर सांसद  महेश कश्यप की उपस्थिति में नवप्रवेशी विद्यार्थियों का आत्मीय स्वागत किया गया और लंबे समय से बंद पड़े 37 विद्यालयों का पुनः संचालन शुरू किया गया। नवप्रवेशी विद्यार्थियों का आत्मीय स्वागत एजुकेशन सिटी में आयोजित कार्यक्रम में सांसद  महेश कश्यप ने बच्चों को तिलक लगाकर, पुष्प भेंट कर तथा अध्ययन सामग्री प्रदान कर विद्यालय परिवार में स्वागत किया। विद्यार्थियों को निःशुल्क गणवेश, स्कूल बैग और अन्य शैक्षणिक सामग्री भी वितरित की गई। इससे बच्चों में नए उत्साह के साथ शिक्षा की शुरुआत हुई। 37 विद्यालयों के पुनः संचालन से गांवों में लौटी शिक्षा शाला प्रवेशोत्सव का सबसे महत्वपूर्ण आकर्षण जिले के 37 बंद विद्यालयों का पुनः संचालन रहा। इससे दूरस्थ और वनांचल क्षेत्रों के बच्चों को अब अपने गांव या आसपास ही शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। साथ ही, पढ़ाई छोड़ चुके बच्चों को फिर से विद्यालय से जोड़ने का मार्ग भी प्रशस्त हुआ है। मेधावी विद्यार्थियों और शिक्षकों का हुआ सम्मान कार्यक्रम में उत्कृष्ट परीक्षा परिणाम देने वाले विद्यार्थियों तथा शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले शिक्षकों को प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। इससे विद्यार्थियों और शिक्षकों का उत्साह बढ़ा तथा बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरणा मिली। शिक्षा से ही बनेगा विकसित समाज सांसद  महेश कश्यप ने कहा कि शिक्षा समाज और राष्ट्र के विकास की सबसे मजबूत नींव है। केंद्र और राज्य सरकार शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही हैं। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों को नियमित विद्यालय भेजने और शिक्षकों से पूरी निष्ठा के साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने का आग्रह किया। हर बच्चे को शिक्षा से जोड़ने का संकल्प जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी मती नम्रता चौबे ने कहा कि जिला प्रशासन हर बच्चे तक शिक्षा पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। वहीं जिला पंचायत अध्यक्ष मती जानकी कोरसा ने विशेष रूप से बालिका शिक्षा पर जोर देते हुए सभी अभिभावकों से बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय भेजने की अपील की। शासकीय पहल से बदल रही शिक्षा की तस्वीर शाला प्रवेशोत्सव और 37 विद्यालयों के पुनः संचालन से यह स्पष्ट है कि शासन की शिक्षा संबंधी योजनाएं दूरस्थ क्षेत्रों तक प्रभावी रूप से पहुंच रही हैं। यह पहल न केवल बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ रही है, बल्कि जिले में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, समान अवसर और उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव भी तैयार कर रही है।

विशेष लोक अदालत का आयोजन 21, 22 एवं 23 अगस्त को

रायपुर उच्चतम न्यायालय द्वारा न्याय को सरल एवं सुलभ तरीके से घर-घर तक पहुँचाने तथा आपसी सहभागिता और सहमति से न्याय की भावना को मूर्त रूप देने के लिए भारत के सर्वोच्च न्यायालय द्वारा समाधान समारोह 2026 का आयोजन 21 अप्रैल 2026 से आरम्भ किया जा रहा है। जिसकी परिणति 21, 22 तथा 23 अगस्त 2026 को विशेष लोक अदालत के आयोजन के साथ होगी।  विशेष लोक अदालत का आयोजन सर्वोच्च न्यायालय परिसर में 21, 22 तथा 23 अगस्त को होगा, जिसमें सर्वोच्च न्यायालय में लंबित मामलों को शामिल किया जाएगा। विशेष लोक अदालत पूर्व सुलह बैठकों का आयोजन राज्य, जिला, तालुका, उच्च न्यायालय विधिक सेवा प्राधिकरण, समिति स्थित मध्यस्थता केन्द्र में किया जाएगा। पक्षकार इन सुलह-प्रयास हेतु बैंठकों, वार्ताओं में सशरीर अथवा आभासी (आनलाईन) रूप से शामिल हो सकते हैं। इस समाधान समारोह (विशेष लोक अदालत) के आयोजन का लक्ष्य सर्वोच्च न्यायालय में लंबित उपयुक्त मामलों का सुलह एवं आपसी सहमति से निष्पादन करना है।  अधिवक्तागण, वादकारियों तथा अन्य सभी संबंधित पक्षों से इस अभियान में सक्रिय रूप से भागीदारी के लिए आमंत्रित किया गया है। 21 अप्रैल को हुए समाधान समारोह में आपसी सहमति एवं वार्ता से समाधान तलाशने का प्रयास किया गया। इन सुलह बैठकों का आयोजन राज्य, जिला, तालुका, उच्च न्यायालय विधिक सेवा प्राधिकरण, समिति स्थित मध्यस्थता केन्द्र में किया गया। जिसमें प्रशिक्षित मध्यस्थ तथा सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, समिति पक्षकारों की मदद लिया गया।  अपने मामले (जो सर्वोच्च न्यायालय में लंबित है) को समाधान समारोह (विशेष लोक अदालत) में कैसे शामिल करें। इसके लिए गूगल फॉर्म तैयार किया गया है। इस गूगल फॉर्म को भरना अत्यंत सरल है। इसे भरकर अपने मामले को समाधान समारोह (विशेष लोक अदालत) 2026 में शामिल किया जा सकता है। यह गूगल फॉर्म सर्वोच्च न्यायालय के वेबसाइट www.sci.gov.in पर उपलब्ध है।

विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण) का गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले में शुभारंभ

रायपुर विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण) के जिला स्तरीय शुभारंभ कार्यक्रम का आयोजन गुरुवार को गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले के पेंड्रा स्थित  अरपा सभा कक्ष कलेक्ट्रेट में किया गया। कार्यक्रम में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित शुभारंभ समारोह का सीधा प्रसारण देखा गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मध्य क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष एवं मरवाही विधायक  प्रणव कुमार मरपच्ची थे, जबकि अध्यक्षता जिला पंचायत अध्यक्ष सु समीरा पैकरा ने की। राष्ट्रीय स्तर पर केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने मिशन का शुभारंभ करते हुए ग्रामीण रोजगार, स्वरोजगार, कौशल विकास और आजीविका संवर्धन पर जोर दिया।              मुख्य अतिथि  प्रणव कुमार मरपच्ची ने कहा कि प्रत्येक ग्राम पंचायत को प्रतिवर्ष दो करोड़ रुपये की राशि उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे सभी पंचायतों में समान रूप से विकास कार्य किए जा सकेंगे। उन्होंने प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्री  शिवराज सिंह चौहान के प्रति आभार व्यक्त करते हुए जनप्रतिनिधियों से योजना का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने की अपील की। जिला पंचायत अध्यक्ष सु समीरा पैकरा ने कहा कि यह योजना गांव, गरीब और किसानों के विकास से सीधे जुड़ी है। इसके माध्यम से आजीविका, निर्माण कार्य एवं अन्य विकास योजनाओं को गति मिलेगी, जिससे पंचायतों के साथ-साथ जिले और प्रदेश के विकास को नई दिशा मिलेगी। कार्यक्रम में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी  मुकेश रावटे, जिला पंचायत उपाध्यक्ष राजा उपेन्द्र बहादुर सिंह, जनपद पंचायत अध्यक्ष मरवाही जानकी कुशरो, जिला पंचायत सदस्य भवर सिंह गोवास, पवन पैकरा, पूर्णिमा पैकरा, जिला अध्यक्ष लालजी यादव, डिप्टी कलेक्टर सु आकांक्षा पांडे सहित जनप्रतिनिधि एवं जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

बस्तर प्रवास के अनुभवों के आधार पर मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने ली उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक

रायपुर महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं का गोंडी एवं हल्बी भाषा में होगा व्यापक प्रचार-प्रसार महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री  लक्ष्मी राजवाड़े ने मंत्रालय महानदी भवन में महिला एवं बाल विकास एवं समाज कल्याण विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक लेकर विभागीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचाने तथा जमीनी स्तर पर कार्यों में गति लाने के निर्देश अधिकारियों को दिए। बैठक में महिला एवं बाल विकास और समाज कल्याण विभाग की प्रमुख सचिव  शहला निगार,दोनों विभागों के संचालक सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं का गोंडी एवं हल्बी भाषा में होगा व्यापक प्रचार-प्रसार मंत्री  राजवाड़े ने हाल ही में बस्तर संभाग के प्रवास तथा केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री  अन्नपूर्णा देवी से हुई चर्चा के दौरान प्राप्त अनुभवों और सुझावों के आधार पर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दूरस्थ एवं जनजातीय क्षेत्रों में योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए स्थानीय भाषाओं में संवाद अत्यंत आवश्यक है। इस उद्देश्य से बस्तर संभाग में विभागीय योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार गोंडी एवं हल्बी भाषा में किए जाने के निर्देश दिए गए, ताकि प्रत्येक पात्र हितग्राही तक योजनाओं की सटीक जानकारी पहुंच सके। मंत्री  राजवाड़े ने बस्तर संभाग में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका एवं पर्यवेक्षक के रिक्त पदों को आवश्यक स्वीकृति प्राप्त कर शीघ्र भरने की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने दूरस्थ क्षेत्रों के आंगनबाड़ी केंद्रों में भवन, पोषण, पेयजल, स्वच्छता एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण पर विशेष बल दिया। बैठक में उन्होंने कहा कि विभागीय योजनाओं का लाभ समयबद्ध रूप से समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे, इसके लिए सभी जिलों में नियमित मॉनिटरिंग, सतत निरीक्षण और प्रभावी फॉलोअप सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ कार्य करने की अपेक्षा व्यक्त की। मंत्री  राजवाड़े ने पोषण पुनर्वास केंद्रों (एनआरसी) में भर्ती बच्चों एवं उनकी माताओं को गुणवत्तापूर्ण उपचार, पौष्टिक आहार तथा बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश देते हुए कहा कि कुपोषण मुक्त छत्तीसगढ़ राज्य सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। समीक्षा बैठक के दौरान समाज कल्याण विभाग की योजनाओं की भी विस्तृत समीक्षा की गई। मंत्री ने दिव्यांगजन एवं वृद्धजन कल्याण से संबंधित योजनाओं की प्रगति का आकलन करते हुए बस्तर संभाग में दिव्यांगजनों को सहायक उपकरणों के समयबद्ध वितरण, पात्र हितग्राहियों तक योजनाओं की पहुंच सुनिश्चित करने तथा नियमित शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए।उन्होंने सियान गुड़ी (डे-केयर सेंटर) एवं वृद्धाश्रमों में वरिष्ठ नागरिकों के लिए बेहतर आवास, पौष्टिक भोजन, स्वास्थ्य सुविधाएं तथा सम्मानजनक वातावरण उपलब्ध कराने हेतु आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। बैठक के अंत में मंत्री  लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि बस्तर संभाग के प्रवास के दौरान यह स्पष्ट रूप से अनुभव हुआ है कि क्षेत्र में विकास और विश्वास का नया वातावरण निर्मित हुआ है। ऐसे में विभाग की जिम्मेदारी और अधिक बढ़ जाती है कि शासन की प्रत्येक जनकल्याणकारी योजना तीव्र गति से अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और उसका प्रभाव धरातल पर दिखाई दे।