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अनुमति के बिना प्रदर्शन पड़ा भारी, ग्रामीण कांग्रेस के 8 नेता हिरासत में

भिलाई. उतई पुलिस ने बिना अनुमति प्रदर्शन के मामले में दुर्ग ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष राकेश ठाकुर समेत 8 लोगों के खिलाफ कार्रवाई की। इन्होंने मासूम से अनाचार के मामले में पिछले माह प्रदर्शन किया था। कार्यपालिक मजिस्ट्रेट एवं पुलिस बल द्वारा अनुमति संबंधी दस्तावेज प्रस्तुत करने कहा गया, जो उपलब्ध नहीं कराया गया। पुलिस ने बताया, 12 अप्रैल की शाम मिनीमाता चौक पर 50-60 लोगों ने नारेबाजी करते हुए विरोध प्रदर्शन किया। पुतला दहन के दौरान ड्यूटी पर तैनात आरक्षक गिरधारी मंडावी के दोनों हाथ, आरक्षक अविनेश प्रताप सिंह के दाहिने हाथ एवं आरक्षक टिकेंद्र साहू को आंख के पास चोट आई। पुलिस ने जिलाध्यक्ष समेत पूर्व पार्षद प्रहलाद वर्मा, नेता प्रतिपक्ष द्वारिका प्रसाद साहू, धर्मेंद्र बंजारे, सत्यप्रकाश कौशिक, लोचन यादव और दिवाकर गायकवाड़ को गिरफ्तार किया। सभी को मुचलके पर छोड़ दिया गया।

खिलाड़ियों के लिए खुशखबरी! 6 करोड़ में हॉकी स्टेडियम का एस्ट्रोटर्फ होगा अपग्रेड

राजनांदगांव. हॉकी की नर्सरी कहे जाने वाले राजनांदगांव के अंतर्राष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम की हालत सुधरने वाली है। चार महीने पहले राज्य सरकार द्वारा इंटरनेशनल हॉकी स्टेडियम के अपग्रेडेशन के लिए मंजूर किए गए 6.04 करोड़ रुपए के कामों के टेंडर को लेकर स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। ऐसे में अब जल्द ही स्टेडियम में काम शुरू हो जाएगा। जिससे खिलाड़ियों को भविष्य में बेहतर टर्फ में खेलने की सुविधा मिलेगी। उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ विधानसभा स्पीकर एवं स्थानीय विधायक डॉ. रमन सिंह के प्रयासों के बाद शासन से यह स्वीकृति मिली थी। खेल और युवा कल्याण विभाग के अनुसार इन पैसों का इस्तेमाल एस्ट्रोटर्फ बदलने, नई इमारत बनाने और स्टेडियम की कुल सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए अंदरूनी सड़कों को सुधारने में किया जाएगा। इस अपग्रेड से स्टेडियम के आधुनिक होने और खिलाड़ियों को ट्रेनिंग के बेहतर मौके मिलने की उम्मीद है।

सड़कें सरकार का असली विकास, बारिश से पहले सभी रास्ते बिना समस्या के होंगे: मुख्यमंत्री

सरकार का विकास सड़क से ही दिखता है, बारिश के पहले कोई भी रोड ऐसी न हो जिससे लोगों को दिक्कत हो: मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री ने सही जानकारी नहीं होने पर PWD के अधिकारी को फटकार लगाई और कहा कि *मीटिंग से निकलकर बाहर जाओ और अपने सचिव से बात करके सही जानकारी बताओ। हम सभी को अपने अपने कार्यालयों को सेवा तीर्थ समझना है, ये सेवा करने के मंदिर हैं: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय अपने जिले में अपने अधीनस्थ अधिकारियों के काम का मूल्यांकन करें कलेक्टर, जरूरत पड़ने पर करें कठोर कार्रवाई मुख्यमंत्री हेल्प जल्द होगी शुरू, टोल फ्री नंबर पे दर्ज होगी समस्या: मुख्यमंत्री रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सुशासन तिहार में बलरामपुर प्रवास के दौरान आयोजित समीक्षा बैठक में प्रशासनिक कार्यप्रणाली को लेकर सख्त संदेश दिया।  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने योजनाओं की प्रगति के साथ-साथ अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की। बैठक के दौरान उस समय स्थिति गंभीर हो गई, जब लोक निर्माण विभाग का एक अधिकारी सड़क मरम्मत की सही जानकारी प्रस्तुत नहीं कर पाया। इस पर मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा, “मीटिंग से बाहर जाइए, अपने सचिव से बात करिए और सही जानकारी लेकर आइए।” इसके बाद बैठक कक्ष में सन्नाटा छा गया और यह स्पष्ट हो गया कि अब कार्यप्रणाली में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हम सभी जनता के सेवक हैं और अपने-अपने कार्यालयों को सेवा तीर्थ की तरह देखें, जहां आम जनता की सेवा ही सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।  मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि सरकार का विकास सबसे पहले सड़कों पर दिखाई देता है, इसलिए मानसून आने से पहले एक भी सड़क खराब नहीं रहनी चाहिए। उन्होंने लोक निर्माण विभाग को निर्देशित किया कि सभी सड़कों की मरम्मत समय-सीमा में पूर्ण की जाए और विशेष रूप से आबादी क्षेत्रों की सड़कों को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि कार्य में लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री साय ने घोषणा की कि राज्य के सभी राजस्व अभिलेखों का डिजिटलीकरण किया जाएगा, जिससे नागरिकों को खसरा-नक्शा डिजिटल हस्ताक्षर के साथ घर बैठे उपलब्ध हो सकेगा। इसके साथ ही “मुख्यमंत्री हेल्पलाइन” सेवा भी शीघ्र प्रारंभ की जाएगी, जिसमें टोल फ्री नंबर के माध्यम से आमजन अपनी समस्याएं दर्ज करा सकेंगे।  मुख्यमंत्री साय ने कलेक्टरों को निर्देशित किया कि राजस्व मामलों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जाए, ताकि लोगों को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। मुख्यमंत्री ने जिला खनिज संस्थान न्यास (DMF) निधि के उपयोग पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि इस निधि की अधिकतम राशि खनन प्रभावित गांवों के विकास में खर्च की जानी चाहिए। मुख्यालय के नाम पर इस राशि का उपयोग स्वीकार्य नहीं होगा। उन्होंने बलरामपुर के सीमावर्ती क्षेत्रों में खनिज संसाधनों के बेहतर और पारदर्शी उपयोग के निर्देश भी दिए।   मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि किसी भी नागरिक को पेयजल के लिए भटकना न पड़े और जहां आवश्यकता हो, वहां टैंकर के माध्यम से पानी की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने गर्मी और बारिश के बीच संभावित मौसमी बीमारियों से निपटने के लिए अग्रिम तैयारी करने को कहा, साथ ही किसानों के लिए धान, बीज और खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों के आचरण पर विशेष जोर देते हुए कहा कि आम जनता के साथ सम्मानजनक व्यवहार किया जाए, उनकी समस्याओं को धैर्यपूर्वक सुना जाए और समय पर समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कलेक्टरों को निर्देश दिया कि वे अपने अधीनस्थ अधिकारियों के कार्यों का नियमित मूल्यांकन करें और आवश्यकता पड़ने पर कठोर कार्रवाई से भी न हिचकें।   बैठक में जिले की प्रभारी मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, सांसद सरगुजा चिंतामणि महाराज, विधायक सामरी श्रीमती उद्देश्वरी पैकरा, विधायक प्रतापपुर श्रीमती शकुंतला पोर्ते तथा जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती हीरामुनि निकुंज सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

वन मंत्री केदार कश्यप ने चिल्फी और सरोधा दादर की प्राकृतिक सुंदरता की सराहना की

 रायपुर : चिल्फी और सरोधा दादर की प्राकृतिक सुंदरता से अभिभूत हुए वन मंत्री केदार कश्यप छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के बैगा एथनिक रिजॉर्ट की सराहना भोरमदेव अभ्यारण्य के शुभारंभ पर किया प्रवास  रायपुर छत्तीसगढ़ के वन मंत्री केदार कश्यप ने छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल द्वारा संचालित बैगा एथनिक रिजॉर्ट (सरोधा दादर) में प्रवास के दौरान राज्य के उभरते पर्यटन स्थलों की मुक्तकंठ से सराहना की। भोरमदेव अभयारण्य के शुभारंभ के अवसर पर पहुंचे मंत्री कश्यप ने यहाँ एक दिवसीय रात्रि विश्राम किया और चिल्फी घाटी सहित सरोधा दादर की मनमोहक प्राकृतिक छटा का आनंद लिया। मेडिटेशन के लिए उपयुक्त       कश्यप ने कहा कि सरोधा दादर का वातावरण इतना सुकून, शांतिपूर्ण और स्फूर्तिदायक है कि यहाँ एक दिन का प्रवास भी कम प्रतीत होता है। उन्होंने कहा कि यह स्थान मेडिटेशन के लिए उपयुक्त है। उन्होंने विशेष रूप से उल्लेख किया कि यहाँ का मौसम और नैसर्गिक परिवेश मानसिक शांति, योग और ध्यान के लिए सर्वथा उपयुक्त है। पर्यटन विभाग के प्रयासों की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि नवाचार और सतत विकास के कारण छत्तीसगढ़ अब राष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर अपनी विशिष्ट पहचान बना रहा है। मंत्री कश्यप ने बताया कि सरोधा दादर जैसे स्थलों का विकास न केवल पर्यटन को बढ़ावा दे रहा है, बल्कि स्थानीय जनजातीय संस्कृति और जीवनशैली को भी वैश्विक मंच प्रदान कर रहा है। बैगा एथनिक रिजॉर्ट की विशेषता       मंत्री कश्यप ने रिजॉर्ट की सराहना करते हुए कहा कि यहाँ आने वाले पर्यटकों को प्रकृति के सानिध्य में पारंपरिक जनजातीय जीवनशैली का एक अनूठा और जीवंत अनुभव प्राप्त होता है। प्रवास के अंत में उन्होंने संकेत दिया कि वे शीघ्र ही पुनः इस शांत और सुरम्य स्थल का भ्रमण करेंगे। यह प्रवास क्षेत्र में पर्यटन विकास की दृष्टि से एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है।

रायगढ़ में 50 लाख के सामुदायिक भवन का लोकार्पण, नई सुविधा से क्षेत्रवासियों को मिलेगा लाभ

रायपुर : 50 लाख की लागत से बने सामुदायिक भवन का लोकार्पण, रायगढ़ को मिली नई सौगात सामाजिक व सांस्कृतिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बनेगा भवन : वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी नालंदा परिसर और नव गुरुकुल जैसी योजनाओं से शिक्षा व युवा सशक्तिकरण को मिल रही नई दिशा रायपुर वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक ओ.पी. चौधरी ने  रायगढ़ नगर निगम के वार्ड क्रमांक 6 में 50 लाख रुपए की लागत से निर्मित आधुनिक सामुदायिक भवन का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने क्षेत्रवासियों को बधाई देते हुए कहा कि यह भवन सामाजिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों का केंद्र बनकर स्थानीय समुदाय को नई पहचान देगा। उन्होंने कहा कि जनता द्वारा दिए गए विश्वास और समर्थन को विकास कार्यों के माध्यम से लौटाना उनका दायित्व है। शहर में अधोसंरचना और जनसुविधाओं के विस्तार के लिए निरंतर कार्य किए जा रहे हैं, जिससे नागरिकों के जीवन स्तर में सुधार हो सके। वित्त मंत्री चौधरी ने बताया कि रायगढ़ में शिक्षा और बुनियादी सुविधाओं के क्षेत्र में तेजी से प्रगति हो रही है। कला महाविद्यालय, उद्यानिकी महाविद्यालय, फिजियोथेरेपी कॉलेज, प्रयास विद्यालय, स्विमिंग पूल, विभिन्न स्थानों पर ऑक्सीजोन, सड़कों एवं पुल-पुलियों का निर्माण तथा गजमार पहाड़ी और बाल समुंद तालाब का सौंदर्यीकरण जैसे कार्य तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। साथ ही विभिन्न वार्डों में सीसी रोड, आरसीसी नाली और बीटी सड़कों का निर्माण भी जारी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बेहतर शैक्षणिक वातावरण के लिए 22 स्थानों पर नालंदा परिसर स्थापित किए जा रहे हैं, जिनमें रायगढ़ का नालंदा परिसर लगभग 40 करोड़ रुपए की लागत से निर्माणाधीन है। इसके अलावा बेटियों को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से ‘नव गुरुकुल’ पहल के माध्यम से उन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि रायगढ़ के समग्र विकास के लिए शासन, प्रशासन और नागरिकों के सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं। इस अवसर पर नगर निगम महापौर जीवर्धन चौहान, सभापति डिग्री लाल साहू सहित अन्य जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या में वार्डवासी उपस्थित रहे।

अरुण साव का बड़ा कदम: रायपुर में नालंदा परिसर और 8 करोड़ के अन्य कार्यों का भूमिपूजन

रायपुर : उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने नालंदा परिसर सहित 8 करोड़ से अधिक के कार्यों का किया भूमिपूजन शहर को बनाएं स्वच्छ, सुंदर और सुविधापूर्ण – अरुण साव रायपुर उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव ने  गरियाबंद नगर पालिका में 44 विकास कार्यों का भूमिपूजन कर नगरवासियों को 8 करोड़ 15 लाख 98 हजार रुपए की सौगात दी। इनमें चार करोड़ 41 लाख रुपए की लागत का नालंदा परिसर, 2 करोड़ 91 लाख रुपए लागत के सीसी सड़कों, नालियों एवं शेड निर्माण के 30 कार्य, 83 लाख रुपए की लागत के 13 सड़कों एवं नाली निर्माण के कार्य शामिल हैं। इन निर्माण कार्यों से नगर की बुनियादी सुविधाएं मजबूत होंगी और नागरिकों को बेहतर सड़क व जल निकासी व्यवस्था का लाभ मिलेगा। विधायक रोहित साहू और राज्य भंडार गृह निगम के अध्यक्ष चंदूलाल साहू भी भूमिपूजन कार्यक्रम में शामिल हुए। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने इस दौरान विभिन्न सामाजिक एवं सार्वजनिक संस्थाओं के लिए करीब 2 करोड़ रुपए की अतिरिक्त स्वीकृति भी दी। उन्होंने दो अलग-अलग पत्रकार भवनों के लिए 5-5 लाख रुपए, प्रजापति ब्रह्मकुमारी आश्रम भवन निर्माण के लिए 15 लाख रुपए, साहू समाज के लिए 25 लाख रुपए तथा नगर पालिका के लिए डेढ़ करोड़ रुपए की स्वीकृति की घोषणा की। उन्होंने प्रस्ताव लेकर आने पर तुरंत स्वीकृति की भी बात कही। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उप मुख्यमंत्री साव ने कहा कि गरियाबंद में 4 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से बनने वाला नालंदा परिसर और कुल 8 करोड़ 15 लाख रुपए के विकास कार्य नगर के विकास की दिशा तय करेंगे। गरियाबंद के बच्चों को आधुनिक पढ़ाई के लिए सेंट्रल लाइब्रेरी की सुविधा मिलेगी। वहीं सीसी सड़कों, नालियों और अन्य अधोसंरचना कार्यों से शहर को नई पहचान मिलेगी। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले दो वर्षों में गरियाबंद नगर के लिए 22 करोड़ 79 लाख रुपए के विकास कार्य स्वीकृत हुए हैं, जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है। यह स्वीकृतियां बताती हैं कि सरकार शहर को किस तरह विकास की दिशा में आगे बढ़ा रही है। कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सरकार योजनाबद्ध तरीके से काम कर रही है, ताकि शहर स्वच्छ, व्यवस्थित और सुविधाजनक बन सके। उन्होंने नागरिकों से शहर को स्वच्छ रखने की अपील करते हुए कहा कि नाली और सड़कों में कचरा नहीं फेंकें। बाहर से आने वाले लोग सबसे पहले शहर की व्यवस्था और स्वच्छता देखते हैं, इसलिए गरियाबंद को स्वच्छ और सुंदर बनाए रखना हम सबकी जिम्मेदारी है। शहर में बुजुर्गों के लिए गार्डन, बच्चों के लिए खेल मैदान और नागरिकों के लिए सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध होनी चाहिए। विधायक रोहित साहू ने कार्यक्रम में कहा कि हमारी सरकार ने गरियाबंद को ग्राम पंचायत से नगर पालिका और फिर जिला बनने तक विकास की नई पहचान दी है। प्रदेश में हमारी सरकार बनने पर चहुंमुखी विकास होता है और आज 8 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों का भूमिपूजन इसका प्रमाण है। उन्होंने नालंदा परिसर की तर्ज पर बनने वाली सेंट्रल लाइब्रेरी के लिए उप मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताया।  राजिम नगर पालिका के अध्यक्ष रिखीराम यादव ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। इस मौके पर पूर्व सांसद चुन्नीलाल साहू, जिला पंचायत के उपाध्यक्ष लालिमा ठाकुर, नगर पालिका के उपाध्यक्ष आसिफ मेमन और अनिल चंद्राकर सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में मौजूद थे।

“जय बिहान” से आत्मनिर्भरता तक: बलरामपुर में महिलाओं की बदलती तस्वीर के साक्षी बने मुख्यमंत्री साय

रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय अपने बलरामपुर जिला प्रवास के दौरान ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (RSETI) पहुंचे, जहां उन्होंने प्रशिक्षण प्राप्त कर रही महिलाओं और युवाओं से आत्मीय संवाद कर उनका उत्साहवर्धन किया। प्रशिक्षण कक्ष में प्रवेश करते ही मुख्यमंत्री ने “जय बिहान” कहकर अभिवादन किया, जिससे पूरे वातावरण में एक नई ऊर्जा का संचार हुआ। उन्होंने प्रशिक्षण गतिविधियों का अवलोकन करते हुए विशेष रूप से पशु सखियों और ‘लखपति दीदी’ से बातचीत कर उनके अनुभवों को जाना। संवाद के दौरान ग्राम केवली की अनुराधा गुप्ता ने बताया कि बिहान योजना से जुड़कर वे पशु सखी के रूप में गांव में पशुओं का सर्वे, उपचार में सहयोग और जागरूकता का कार्य कर रही हैं। मुख्यमंत्री ने इस बदलाव को नजदीक से महसूस किया और कहा कि कौशल विकास और प्रशिक्षण के माध्यम से ग्रामीण महिलाएं न केवल आत्मनिर्भर बन रही हैं, बल्कि गांव की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती दे रही हैं। उल्लेखनीय है कि RSETI के माध्यम से जिले में अब तक 16 बैचों में 510 प्रशिक्षणार्थियों को स्वरोजगार हेतु तैयार किया जा चुका है। इसके पश्चात मुख्यमंत्री ने संयुक्त जिला कार्यालय परिसर में स्व-सहायता समूहों द्वारा आयोजित प्रदर्शनी का अवलोकन किया। यहां उन्होंने विभिन्न समूहों की महिलाओं से संवाद करते हुए उनके उत्पादों और अनुभवों की जानकारी ली। कोमल स्व-सहायता समूह की मती पूर्णिमा बासिन ने बताया कि बैंक लिंकेज और CIF के माध्यम से प्राप्त ऋण से उन्होंने जैविक खेती शुरू की और जीराफूल चावल का उत्पादन कर एक वर्ष में 3 लाख रुपये की बिक्री की है। मुख्यमंत्री ने उनकी इस सफलता की सराहना करते हुए 5 समूहों को 21 लाख रुपये के चेक प्रदान किए। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की योजनाएं जमीन पर बदलाव की स्पष्ट तस्वीर बनकर सामने आ रही हैं। उन्होंने कहा कि स्व-सहायता समूहों के माध्यम से महिलाएं आत्मनिर्भरता की नई मिसाल कायम कर रही हैं और स्थानीय उत्पादों को प्रदेश स्तर तक पहचान मिल रही है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जनपद पंचायत वाड्रफनगर अंतर्गत ग्राम पंचायत कछिया की सरपंच मती खुशबू सिंह एवं सचिव मती सुनीता मरावी को बाल हितैषी पंचायत श्रेणी में प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त करने पर शील्ड एवं प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह उपलब्धि दर्शाती है कि जब महिलाओं को नेतृत्व का अवसर मिलता है, तो वे समाज के सबसे महत्वपूर्ण वर्ग—बच्चों के भविष्य को प्राथमिकता देते हुए विकास की नई दिशा तय करती हैं।  उन्होंने विश्वास जताया कि छत्तीसगढ़ के गांवों में महिलाओं की यह भागीदारी राज्य को आत्मनिर्भरता और समृद्धि की ओर तेजी से आगे बढ़ाएगी।

‘ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान’ पहुंचे मुख्यमंत्री: ‘पशु सखियों’ का बढ़ाया मनोबल

रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय आज सुशासन तिहार के अंतर्गत बलरामपुर  जिला प्रवास के दौरान 'ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान'  (RSETI) पहुंचे, जहां उन्होंने प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे पशु सखियों से आत्मीय संवाद कर उनका उत्साहवर्धन किया।  मुख्यमंत्री  साय ने प्रशिक्षण कक्ष का अवलोकन करते हुए विभिन्न गतिविधियों की जानकारी ली और प्रशिक्षणार्थियों से ‘जय बिहान’ कहकर आत्मीय अभिवादन किया। उन्होंने विशेष रूप से  पशुपालन का प्रशिक्षण ले रही पशु सखियों से संवाद करते हुए उनके अनुभवों को जाना और उनके प्रयासों की सराहना की। इस दौरान विकासखण्ड रामचन्द्रपुर के बगरा क्लस्टर अंतर्गत ग्राम केवली की अनुराधा गुप्ता ने मुख्यमंत्री को बताया कि वे बिहान योजना से जुड़कर पशु सखी के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्होंने बताया कि वे गांव में पशुओं का सर्वे कर पशु चिकित्सकों को सहयोग प्रदान करती हैं तथा ग्रामीणों को पशुपालन से संबंधित आवश्यक जानकारी एवं बीमारियों के प्रति जागरूक करती हैं। उन्होंने यह भी बताया कि संस्थान द्वारा प्रदान किए जा रहे प्रशिक्षण से उन्हें अपने कार्य को और अधिक दक्षता के साथ करने में सहायता मिल रही है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि राज्य सरकार ग्रामीण युवाओं और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कौशल विकास और स्वरोजगार को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा कि RSETI जैसे संस्थान न केवल प्रशिक्षण के केंद्र हैं, बल्कि ये ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने के महत्वपूर्ण माध्यम भी हैं। उल्लेखनीय है कि जिला बलरामपुर-रामानुजगंज में संचालित ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान के माध्यम से अब तक 16 बैचों में कुल 510 प्रशिक्षणार्थियों को विभिन्न उद्यमी क्षेत्रों में प्रशिक्षण प्रदान किया जा चुका है। इन प्रशिक्षणों के माध्यम से ग्रामीण युवाओं एवं महिलाओं को स्वरोजगार एवं सूक्ष्म उद्यमिता के लिए तैयार किया जा रहा है, जिससे वे आत्मनिर्भरता की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने नालंदा परिसर निर्माण कार्य का लिया जायजा, कार्य की गुणवत्ता और गति पर दिया जोर

रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने आज बलरामपुर जिला मुख्यालय में 4 करोड़ 48 लाख रुपये की लागत से निर्माणाधीन नालंदा परिसर का निरीक्षण कर कार्यों की प्रगति एवं गुणवत्ता का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि निर्माण कार्य को निर्धारित समय-सीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण किया जाए, क्योंकि यह परिसर जिले के विद्यार्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण अध्ययन केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री  साय ने परिसर में उपयोग की जा रही निर्माण सामग्री, कार्य की प्रगति तथा प्रस्तावित सुविधाओं की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को आगाह किया कि निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और गुणवत्ता के सभी मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना है, ताकि वे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी प्रभावी ढंग से कर सकें। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि नालंदा परिसर में आधुनिक ई-लाइब्रेरी, प्रतियोगी परीक्षाओं से संबंधित पुस्तकें, समृद्ध अध्ययन सामग्री एवं पत्र-पत्रिकाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, जिससे युवाओं को एक समग्र और अनुकूल अध्ययन वातावरण मिल सकेगा। उन्होंने निर्देशित किया कि कार्य में तेजी लाते हुए परिसर को शीघ्र पूर्ण किया जाए, ताकि जिले के विद्यार्थियों को इसका लाभ जल्द से जल्द मिल सके। उन्होंने निरीक्षण के दौरान परिसर में प्रस्तावित अन्य सुविधाओं की जानकारी लेते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए और कहा कि नालंदा परिसर राज्य सरकार की उस प्रतिबद्धता का प्रतीक है, जिसके तहत युवाओं को आधुनिक एवं गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं।  मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि यह परिसर जिले के विद्यार्थियों के लिए ज्ञान और अवसर का एक सशक्त केंद्र बनेगा तथा उनके भविष्य निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

खाट में बैठकर ग्रामीणों से किया संवाद: सुनी समस्याएं, समाधान के दिए निर्देश

रायपुर  प्रदेशव्यापी ‘सुशासन तिहार 2026’ के अंतर्गत मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय आज सरगुजा जिले के बतौली विकासखंड के ग्राम पंचायत सिलमा के शांतिपारा पहुंचे, जहां उन्होंने जन चौपाल के माध्यम से ग्रामीणों से सीधे संवाद किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने न केवल योजनाओं के क्रियान्वयन की जमीनी स्थिति का जायजा लिया, बल्कि आम नागरिकों की समस्याओं को सुनकर उनके त्वरित निराकरण के निर्देश भी दिए। जन चौपाल में उपस्थित ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री  साय के समक्ष अपनी समस्याएं और मांगें रखीं, जिन पर मुख्यमंत्री ने संवेदनशीलता के साथ संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रत्येक आवेदन का समयसीमा में समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि शासन का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उनका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। इस दौरान ग्राम सुआरपारा निवासी  राजेश शुक्ला ने अपनी आर्थिक कठिनाइयों का जिक्र करते हुए बिजली बिल माफी और आर्थिक सहायता के लिए आवेदन प्रस्तुत किया। मुख्यमंत्री ने तत्काल मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए मामले पर संज्ञान लिया और आश्वस्त किया कि उनकी स्थिति को देखते हुए बिजली बिल माफी की प्रक्रिया पूरी की जाएगी, साथ ही आवश्यक आर्थिक सहायता भी उपलब्ध कराई जाएगी। मुख्यमंत्री के इस त्वरित निर्णय से भावुक हुए राजेश शुक्ला ने कहा कि वे लंबे समय से अपनी समस्या को लेकर परेशान थे, लेकिन आज मुख्यमंत्री ने स्वयं उनकी बात को गंभीरता से सुना और समाधान का भरोसा दिया। उन्होंने मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह चौपाल उनके लिए राहत और विश्वास का माध्यम बनी है। जन चौपाल को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि ‘सुशासन तिहार’ शासन की कार्यप्रणाली में बेहतर और सकारात्मक बदलाव का संकल्प है। उन्होंने बताया कि 40 दिनों तक चलने वाले इस अभियान के माध्यम से अब प्रशासन स्वयं जनता के द्वार तक पहुंचेगा और उनकी समस्याओं का मौके पर समाधान सुनिश्चित करेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले नागरिकों को अपने कार्यों के लिए कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते थे, लेकिन अब शासन स्वयं गांव-गांव पहुंचकर लोगों की समस्याएं सुनेगा और उनका निराकरण करेगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जन चौपाल में प्राप्त प्रत्येक आवेदन को गंभीरता से लेते हुए निर्धारित समयसीमा के भीतर उसका समाधान सुनिश्चित किया जाए। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने क्षेत्र में चल रहे विभिन्न विकास कार्यों और योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी भी ग्रामीणों से ली तथा हितग्राहियों से संवाद कर योजनाओं के प्रभाव का फीडबैक प्राप्त किया।  इस अवसर पर पर्यटन मंत्री  राजेश अग्रवाल, लूण्ड्रा विधायक  प्रबोध मिंज, महापौर मती मंजूषा भगत, कलेक्टर  अजीत वसंत  सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।