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महासमुंद : सीईओ जिला पंचायत नंदनवार ने किया आजीविका संवर्धन केंद्रों का निरीक्षण

महासमुंद : सीईओ जिला पंचायत नंदनवार ने किया आजीविका संवर्धन केंद्रों का निरीक्षण  महिलाओं को गुणवत्तापूर्ण उत्पाद एवं बाजार से जोड़ने के दिए निर्देश महासमुंद जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी हेमंत नंदनवार द्वारा गुरुवार को जिले के विभिन्न आजीविका संवर्धन केंद्रों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने महासमुंद विकासखंड के बिरकोनी एवं कांपा स्थित केंद्रों तथा पिथौरा विकासखंड के बगारपाली आजीविका संवर्धन केंद्र में संचालित गतिविधियों का अवलोकन कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। सीईओ नंदनवार ने स्व-सहायता समूह की महिलाओं को गुणवत्तापूर्ण उत्पाद तैयार करने तथा उन्हें उचित बाजार उपलब्ध कराने कहा गया। उन्होंने लखपति दीदी पहल के अंतर्गत अधिक से अधिक महिलाओं को नवीन आय आधारित गतिविधियों से जोड़कर आजीविका संवर्धन को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। इसके पश्चात सीईओ नंदनवार ने पिथौरा विकासखंड के बगारपाली आजीविका संवर्धन केंद्र का भी अवलोकन किया। जहां फ्लाई ऐश ब्रिक्स की नवीन यूनिट, सब्जी बड़ी निर्माण एवं अन्य पूर्व से संचालित गतिविधियों के सुचारू संचालन हेतु आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया गया। इस दौरान अन्य विभागीय योजनाओं के अंतर्गत किए जा रहे कार्यों का भी निरीक्षण किया गया। प्रधानमंत्री आवास योजना एवं महात्मा गांधी नरेगा के तहत तालाब गहरीकरण, शेड निर्माण सहित विभिन्न कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। सीईओ ने नरेगा अंतर्गत अधिकाधिक श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराने पर बल देते हुए जल संवर्धन के कार्य जैसे नए तालाब, डब्ल्यूएटी, एससीटी, सोखता गड्ढा, नाडेप एवं प्लांटेशन हेतु उपयुक्त स्थलों का चिन्हांकन कर स्वीकृति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके अलावा प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत अप्रारंभ आवासों के हितग्राहियों को 7 दिवस के भीतर निर्माण कार्य प्रारंभ करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने सभी आवासों में स्व-प्रेरणा से अनिवार्य रूप से वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम स्थापित करने पर भी जोर दिया। इस दौरान संबंधित विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

रायपुर : दो सिंचाई योजना के लिए 6.12 करोड़ रुपये स्वीकृत

रायपुर छत्तीसगढ़ शासन, जल संसाधन विभाग द्वारा बालोद जिले की दो सिंचाई योजना के कार्यों के लिए 6 करोड़ 12 लाख 46 हजार रुपये स्वीकृत किये गये हैं। स्वीकृत योजनाओं में विकासखण्ड-डौण्डीलोहारा की भंवरमरा जलाशय के शीर्ष कार्य नहर रिमाडलिंग, लाईनिंग एवं अन्य 05 पक्के कार्यों को कराने के लिए 2 करोड़ 51 लाख 12 हजार रुपये स्वीकृत किये गये हैं। इस योजना के प्रस्तावित कार्यों के पूर्ण होने के उपरांत, सिंचाई  क्षमता 120 हेक्टेयर के विरूद्ध 84.40 हेक्टेयर की हो रही कमी की पूर्ति तथा बचत जल से 10.51 हेक्टेयर अतिरिक्त सहित कुल 130.51 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मिलेगी। इसी तरह से विकासखण्ड-गुण्डरदेही की भन्डेरानाला पर एनीकट का निर्माण कार्य हेतु 3 करोड़ 61 लाख 34 हजार रुपये स्वीकृत किये गये हैं। योजना के निर्माण से निस्तारी, पेयजल, भू-जल संवर्धन की सुविधा उपलब्ध होगी।    

CM की अध्यक्षता में पेसा-एफआरए समन्वय के लिए बनेगा टास्क फोर्स, प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा की घोषणा

आधारभूत जीवन के लिए कॉमन्स महत्वपूर्ण मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में पेसा-एफआरए समन्वय के लिए जल्द होगा टास्क फोर्स का गठन- प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा विशेषज्ञों द्वारा स्टेट कॉमन्स कन्विनिंग चर्चा के बाद जो तथ्य निकल कर आएंगे वे राज्य के नीति निर्माण में होंगे सहायक जल जंगल, जमीन, संस्कृति और पर्यावरण, विरासत संरक्षण एवं संवर्धन में कॉमन्स की प्रभावी भूमिका-बोरा दो दिवसीय छत्तीसगढ़ कॉमन्स कन्विनिंग कार्यशाला का शुभारंभ रायपुर आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव बोरा ने कहा कि कॉमन्स पर जनजातिय समुदायों के अटूट विश्वास उनके सशक्तिकरण से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि जल जंगल, जमीन, संस्कृति और पर्यावरण, विरासत संरक्षण एवं संवर्धन में कॉमन्स की प्रभावी भूमिका है। उन्होंने न्यूनतम सरकार, अधिकतम शासन की बात करें तो स्थानीय लोग नीति-कार्यान्वयन में सबसे आगे हैं। उन्होंने कहा कि नीतिगत बदलाव के लिए सरकार एक समर्पित टास्क फोर्स बनाने की प्रक्रिया में है। इस टास्क फोर्स का उद्देश्य पूरे राज्य में अधिक प्रभावी कार्यान्वयन के लिए पंचायत (अनुसूचित क्षेत्रों तक विस्तार) अधिनियम (पेसा) और वन अधिकार अधिनियम (एफआरए) के मध्य संतुलित समन्वय सुनिश्चित करना है। कॉमन्स सम्मेलन संवाद में सांस्कृतिक और पारंपरिक दृष्टिकोणों को केंद्र में रखा गया था, जिसकी शुरुआत पद्मपुरस्कार से सम्मानित जागेश्वर यादव और पांडी राम मंडावी तथा गौर मारिया नृत्य कलाकार सुलक्ष्मी सोरी जैसे सम्मानित अतिथियों के प्रारंभिक उद्बोधनों से हुई।           साझा प्राकृतिक संसाधनों (कॉमन्स) के सुशासन और सामुदायिक संरक्षण पर केंद्रित दो दिवसीय “छत्तीसगढ़ कॉमन्स कंवीनिंग” का शुभारंभ आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने किया। कार्यशाला नवा रायपुर ट्राइबल रिसर्च एंड ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट, सेक्टर-24, में आयोजित हो रहा है। यह आयोजन छत्तीसगढ़ शासन के जनजातीय विकास विभाग के सहयोग से “प्रॉमिस ऑफ कॉमन्स” पहल के अंतर्गत विभिन्न साझेदार संस्थाओं द्वारा किया जा रहा है। कल 10 अप्रैल को मुख्य सचिव विकास शील जनजातीय नीति पर संवाद में शामिल होंगे। वहीं समापन सत्र में आदिम जाति विकास मंत्री रामविचार नेताम शामिल होंगे। जल जंगल, जमीन, संस्कृति और पर्यावरण विरासत संरक्षण एवं संवर्धन में कॉमन्स की प्रभावी भूमिका           बोरा ने कहा कि इसके अलावा प्राकृतिक संसाधनों और जनजातीय विरासत के बीच गहरे जुड़ाव को पहचानते हुए, एक विशेष स्टूडियो स्थापित करने की योजना पर काम कर रहे हैं। जल्द ही यह प्रोजेक्ट सामने आएगा और यह स्टूडियो पारंपरिक लोक गीतों और स्वदेशी वाद्य यंत्रों की धुन, दस्तावेज़ीकरण, पहचान और कॉपीराइट सुरक्षा के लिए समर्पित होगा। इन साझा संसाधनों के संरक्षण के संबंध में, बोरा ने कहा कि वैश्वीकरण और आधुनिक जीवन शैली जैसे चुनौतियों के बीच संतुलित तरीका अपनाते हुए, साझा ज्ञान का विकास कैसे करें और अपनी आकांक्षाओं, विरासत और भविष्य को कैसे बेहतर बनाएँ। राज्य के विशाल प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा में सामुहिक देखरेख की महत्वपूर्ण भूमिका     आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव ने कहा कि यह सम्मेलन संवाद के लिए एक विशाल मंच साबित हुआ है, जिसमें छत्तीसगढ़ और अन्य राज्यों के विभिन्न हिस्सों से 300 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। इनमें विभिन्न संगठनों के नीति विशेषज्ञ, पंचायतों के प्रतिनिधि, शोधकर्ता और समुदाय के समर्पित सदस्य शामिल हैं। यह विविध समूह छत्तीसगढ़ में कॉमन्स (साझा संसाधन) के रूप में वर्गीकृत 70 लाख एकड़ ज़मीन पर चर्चा करने के लिए एकत्रित हुए हैं। इस ज़मीन में जंगल, घास के मैदान और जल निकाय शामिल हैं, जो ग्रामीण और जनजातीय आबादी के लिए जीवनरेखा का काम करते हैं। कॉमन्स कन्विनिंग के पहले दिन, विशेषज्ञों ने राज्य के विशाल प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा में सामुहिक देखरेख की महत्वपूर्ण भूमिका पर ज़ोर दिया गया।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने लुंड्रा में 280 करोड़ के विकास कार्यों का किया लोकार्पण और शिलान्यास

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सरगुजा जिले के लुंड्रा में 280 करोड़ से अधिक के कार्यों का किया लोकार्पण एवं शिलान्यास रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ने सरगुजा जिले के लुंड्रा  में   280 करोड़ रुपये से अधिक लागत के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इस अवसर पर आयोजित किसान सम्मेलन में बड़ी संख्या में उपस्थित अन्नदाता किसानों और स्थानीय जनसमुदाय को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि ये सभी परियोजनाएं न केवल बुनियादी सुविधाओं को सुदृढ़ करेंगी, बल्कि क्षेत्र के समग्र और संतुलित विकास को नई गति भी देंगी। मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर को सरगुजा क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि वर्षों बाद लुंड्रा की धरती पर इतनी बड़ी विकासात्मक पहल एक साथ देखने को मिल रही है। उन्होंने बताया कि कुल 281 करोड़ रुपये के कार्यों में 28 करोड़ रुपये के कार्यों का लोकार्पण एवं 253 करोड़ रुपये के कार्यों का शिलान्यास शामिल है। उन्होंने क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि उनके सतत प्रयासों से सरगुजा को अंबिकापुर से दिल्ली एवं कोलकाता तक हवाई सेवाओं की सुविधा भी प्राप्त हुई है, जिससे क्षेत्र का संपर्क और विकास दोनों तेज होंगे। मुख्यमंत्री ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार किसानों के हितों के प्रति पूर्णतः संवेदनशील है और उनकी आय बढ़ाने के लिए निरंतर ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश में किसानों से 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान की खरीदी 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से की जा रही है और भुगतान 24 से 48 घंटे के भीतर सुनिश्चित किया जा रहा है। इसके साथ ही किसान उन्नति योजना के तहत अंतर की राशि भी समयबद्ध रूप से सीधे किसानों के खातों में हस्तांतरित की जा रही है, जिससे किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है और त्यौहारों में उनकी खुशहाली स्पष्ट रूप से दिखाई देती है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किसानों के कल्याण के लिए कई ऐतिहासिक पहलें की गई हैं, जिनमें किसान क्रेडिट कार्ड और प्रधानमंत्री किसान सिंचाई योजना प्रमुख हैं। राज्य सरकार भी इन योजनाओं को प्रभावी रूप से लागू कर रही है, जिससे खेती को लाभकारी बनाया जा सके। मुख्यमंत्री साय ने प्रदेश सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि हमारी सरकार ने शपथ ग्रहण के 24 घंटे के भीतर ही 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति प्रदान कर दी थी, जिनमें से 8 लाख से अधिक आवास अब पूर्ण होकर हितग्राहियों को सौंपे जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि विशेष पिछड़ी जनजातियों के उत्थान के लिए प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत हजारों परिवारों को आवास, बिजली, पानी और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।  मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बस्तर क्षेत्र ने दशकों तक हिंसा का दंश झेला, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन तथा सुरक्षा बलों के साहस के कारण अब प्रदेश नक्सलवाद से मुक्त होकर विकास के नए युग में प्रवेश कर चुका है। उन्होंने बताया कि आत्मसमर्पित नक्सलियों के पुनर्वास के लिए विशेष आवास भी स्वीकृत किए गए हैं, जिससे उन्हें मुख्यधारा में जोड़ने में मदद मिल रही है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि महतारी वंदन योजना के माध्यम से प्रदेश की लगभग 70 लाख महिलाओं को प्रतिमाह आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है, जिससे उनके जीवन में स्थायित्व और सम्मान बढ़ा है। इसके अलावा तेंदूपत्ता संग्रहण मूल्य में वृद्धि, चरण पादुका योजना की पुनः शुरुआत और पारदर्शी प्रशासनिक व्यवस्था स्थापित कर सरकार ने जनकल्याण को प्राथमिकता दी है।   मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश में पांच नए मेडिकल कॉलेज स्थापित किए जा रहे हैं तथा 375 नई एंबुलेंस सेवाओं की शुरुआत से आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं मजबूत हुई हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना और प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का भी उल्लेख करते हुए आमजन से इन योजनाओं का लाभ उठाने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल योजनाओं की घोषणा करना नहीं, बल्कि उन्हें जमीनी स्तर तक प्रभावी रूप से लागू करना है, ताकि हर व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचे। उन्होंने कहा कि गांव, गरीब, किसान, युवा और महिलाओं के समग्र उत्थान के लिए राज्य सरकार निरंतर कार्य कर रही है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने लुंड्रा क्षेत्र के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं, जिनमें आधुनिक स्टेडियम निर्माण, सन्ना-जशपुर-धंवरपुर-सरगुजा से होते हुए बनारस तक सड़क निर्माण, ब्लॉक मुख्यालय में नवीन विश्राम भवन तथा कृषि उप मंडी की स्थापना शामिल है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इन निर्माण कार्यों से क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय युवाओं को नए अवसर प्राप्त होंगे। कार्यक्रम में सांसद चिंतामणि महाराज, कृषि मंत्री रामविचार नेताम सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश में हो रहे विकास कार्यों की सराहना की और इसे जनकल्याण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का प्रमाण बताया।

महतारी वंदना योजना में केवाईसी सर्वर बना परेशानी का कारण, घंटों इंतजार के बाद भी निराश लौटी महिलाएं

बिलासपुर सरकार की महत्वाकांक्षी महतारी वंदना योजना के तहत केवाईसी (KYC) प्रक्रिया इन दिनों ग्रामीण महिलाओं के लिए भारी परेशानी का कारण बन गई है। सर्वर की लगातार खराबी और धीमी गति के चलते महिलाएं घंटों लाइन में खड़ी रहने के बावजूद अपना काम नहीं करवा पा रहीं हैं। ग्राम पंचायत परसदा सहित आसपास के गांवों की सैकड़ों महिलाएं सुबह से ही, पंचायत भवन और लोक सेवा केंद्रों में केवाईसी कराने पहुंच रही हैं, लेकिन सर्वर डाउन रहने के कारण उनका काम नहीं हो पा रहा है। स्थिति यह है कि कई महिलाएं छोटे बच्चों के साथ लंबा इंतजार करती रहीं, फिर भी शाम तक उनका नंबर नहीं आया और उन्हें निराश होकर वापस घर लौटना पड़ा। महिलाओं ने बताया कि वे रोजमर्रा के काम छोड़कर योजना का लाभ लेने के लिए आती हैं, लेकिन बार-बार सर्वर फेल होने से समय और श्रम दोनों की बर्बादी हो रही है। कुछ महिलाओं ने यह भी कहा कि कई दिनों से लगातार चक्कर लगाने के बावजूद उनका केवाईसी पूरा नहीं हो पाया है। स्थानीय ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन से मांग की है कि सर्वर व्यवस्था को जल्द से जल्द दुरुस्त किया जाए और केवाईसी प्रक्रिया को सुचारू बनाया जाए, ताकि महिलाओं को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।

हितग्राहियों के लिए बड़ा अपडेट: महतारी वंदन योजना में निःशुल्क ई-केवाईसी अभियान शुरू

सक्ती महतारी वंदन योजना के हितग्राहियों के लिए जिला प्रशासन द्वारा एक महत्वपूर्ण अभियान चलाया जा रहा है। कलेक्टर श्री अमृत विकास तोपनो के निर्देश पर महिला एवं बाल विकास विभाग ने ई-केवाईसी प्रक्रिया को तेज करते हुए सभी लाभार्थियों से समय पर इसे पूर्ण कराने की अपील की है। इस अभियान का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पात्र महिलाओं को योजना का लाभ बिना किसी रुकावट के लगातार मिलता रहे। जिला कार्यक्रम अधिकारी के अनुसार, महिला एवं बाल विकास विभाग के रायपुर संचालनालय के निर्देश पर ई-केवाईसी की प्रक्रिया दो चरणों में पूरी की जा रही है। पहले चरण में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) से जुड़े हितग्राहियों का सत्यापन किया जा रहा है। इसके तहत लाभार्थी अपने नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) में जाकर आसानी से ई-केवाईसी करवा सकते हैं। प्रशासन ने स्पष्ट रूप से बताया है कि यह पूरी प्रक्रिया पूरी तरह निःशुल्क है। किसी भी पीडीएस दुकान या सीएससी केंद्र पर ई-केवाईसी के नाम पर किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाएगा। यदि कोई ऑपरेटर शुल्क मांगता है, तो उसकी शिकायत संबंधित विभाग में की जा सकती है। ई-केवाईसी कराने की अंतिम तिथि 30 जून 2026 निर्धारित की गई है। अधिकारियों ने सभी पात्र महिलाओं से अपील की है कि वे समय-सीमा के भीतर अपनी प्रक्रिया पूर्ण कर लें, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की असुविधा या योजना से वंचित होने की स्थिति से बचा जा सके। यह अभियान न केवल पारदर्शिता सुनिश्चित करेगा, बल्कि योजना के लाभ को सही और पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाने में भी मददगार साबित होगा।

पीवीटीजी सर्वे में तेजी, मैदानी अमले को मिला प्रशिक्षण

पीवीटीजी सर्वे में तेजी, मैदानी अमले को मिला प्रशिक्षण मनेन्द्रगढ़/एमसीबी जिले में विशेष पिछड़ी जनजातियों (PVTG) के सर्वे को गति देने के लिए जनपद पंचायत में एक दिवसीय प्रशिक्षण आयोजित किया गया। मुख्य कार्यपालन अधिकारी वैशाली सिंह की अध्यक्षता में हुए कार्यक्रम में मैदानी अमले को सर्वे ऐप के माध्यम से तकनीकी प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण में सर्वे प्रक्रिया को पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाने, डेटा एंट्री व रिपोर्टिंग की जानकारी दी गई। अधिकारियों को जिम्मेदारी व संवेदनशीलता के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए, ताकि कोई पात्र परिवार छूट न जाए। साथ ही मुनादी, जनसहभागिता और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के सहयोग से सर्वे को समयबद्ध व प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया।

जल संकट पर प्रशासन का बड़ा प्रहार: गोदरीपारा में टैंकरों से राहत, 16 नई टंकियों से स्थायी समाधान की तैयारी

मनेन्द्रगढ़/एमसीबी गोदरीपारा में पेयजल संकट को लेकर हुए चक्का जाम के बाद आखिरकार प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। अब न केवल त्वरित राहत दी जा रही है, बल्कि स्थायी समाधान की दिशा में भी तेज़ी से कदम उठाए जा रहे हैं। नगर पालिक निगम चिरमिरी द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, प्रभावित क्षेत्रों में 14 टैंकरों के माध्यम से नियमित जल आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है, जिससे लोगों को तत्काल राहत मिल रही है। अमृत मिशन 2.0 बनेगा गेम चेंजर प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अमृत मिशन 2.0 के तहत घर-घर नल कनेक्शन देने का कार्य तेज़ी से जारी है। इसके साथ ही जल आपूर्ति प्रणाली को मजबूत करने और पाइपलाइन विस्तार पर विशेष फोकस किया जा रहा है। पाइपलाइन विस्तार से बढ़ेगी पहुंच 15वें वित्त आयोग की राशि से गोदरीपारा, डोमनहिल और बरतुंगा क्षेत्रों में पाइपलाइन विस्तार का काम तेजी से चल रहा है। वार्ड क्रमांक 26, 27, 30, 31, 32, 33, 34 और 35 में लगभग 100 मीटर नई पाइपलाइन जोड़कर बड़ाबाजार पानी टंकी से कनेक्शन दिया गया है, जिससे एसईसीएल कॉलोनी सहित आसपास के इलाकों में जल आपूर्ति बहाल हो रही है। गर्मी में राहत: टैंकरों की सतत सेवा भीषण गर्मी और गिरते जल स्तर के कारण उत्पन्न अस्थायी संकट को देखते हुए नगर निगम और एसईसीएल प्रबंधन के समन्वय से 14 टैंकरों द्वारा नियमित सप्लाई की जा रही है, ताकि नागरिकों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। 15 दिन में कनेक्शन, सप्ताह में दो दिन पानी जन जागरण संघर्ष समिति की मांगों को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि 15 दिनों के भीतर पाइपलाइन कनेक्शन पूरा कर लिया जाएगा। साथ ही, सप्ताह में कम से कम दो दिन नियमित जल आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। 16 नई टंकियां बदलेंगी तस्वीर दीर्घकालिक समाधान के तहत अमृत मिशन 2.0 के अंतर्गत 16 नई पानी टंकियों के निर्माण के लिए स्थान चिन्हित कर लिए गए हैं। योजना के पूर्ण होते ही क्षेत्र में जल संकट पूरी तरह खत्म होने की उम्मीद है। प्रशासन का आश्वासन प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि भविष्य में कहीं भी जल संकट उत्पन्न होने पर तत्काल टैंकरों के माध्यम से पानी उपलब्ध कराया जाएगा। इसके लिए नगर निगम और एसईसीएल के बीच बेहतर तालमेल सुनिश्चित किया गया है। कुल मिलाकर, गोदरीपारा में जल संकट अब केवल अस्थायी राहत तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि जल्द ही स्थायी समाधान की दिशा में एक बड़ी तस्वीर सामने आने वाली है।

आदेश या मज़ाक? कलेक्टर के फरमान की खुली धज्जियां, सिस्टम पर उठे गंभीर सवाल

आदेश या मज़ाक? कलेक्टर के फरमान की खुली धज्जियां, सिस्टम पर उठे गंभीर सवाल मनेन्द्रगढ़/एमसीबी जिले में प्रशासनिक व्यवस्था पर एक बार फिर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। कलेक्टर के स्पष्ट आदेश के बावजूद बीपीएम सुलेमान खान को अब तक पद से नहीं हटाया जाना न सिर्फ आदेशों की अवहेलना है, बल्कि पूरे सिस्टम की कार्यप्रणाली पर भी गहरा दाग लगाता नजर आ रहा है। आखिर ऐसा क्या है कि कलेक्टर का सीधा निर्देश भी जमीन पर लागू नहीं हो पा रहा? क्या आदेश सिर्फ कागजों तक सीमित रह गए हैं, या फिर कहीं न कहीं कोई अदृश्य ताकत इस पूरे मामले को दबाने में लगी है? सवाल जो चुभ रहे हैं: किसके संरक्षण में हैं बीपीएम सुलेमान खान? क्या अब कलेक्टर के आदेश भी असरहीन हो चुके हैं? जिला स्वास्थ्य विभाग की चुप्पी क्या किसी बड़े दबाव की ओर इशारा कर रही है? सूत्रों की मानें तो जिला स्वास्थ्य अधिकारी की रहस्यमयी चुप्पी इस पूरे मामले को और भी संदिग्ध बना रही है। आदेश जारी होने के बाद भी संबंधित अधिकारी का पद पर बने रहना प्रशासनिक अनुशासन पर सीधा प्रहार माना जा रहा है। जनता का गुस्सा, व्यवस्था पर अविश्वास: अब आम जनता भी सवाल उठाने लगी है, क्या जिले में “सेटिंग और संरक्षण” का खेल इतना मजबूत हो चुका है कि आदेश भी बेबस नजर आ रहे हैं? या फिर जिम्मेदार अधिकारी जानबूझकर कार्रवाई से बच रहे हैं? अब नजर कलेक्टर पर: यह मामला अब सिर्फ एक अधिकारी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पूरे प्रशासन की साख दांव पर है। अब देखने वाली बात यह होगी कि कलेक्टर इस चुनौती को कैसे लेते हैं, क्या सख्त कार्रवाई होगी या फिर आदेश फाइलों में दबकर रह जाएगा? फिलहाल, सवाल ज्यादा हैं और जवाब नदारद… और यही इस पूरे मामले को और भी विस्फोटक बना रहा है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अम्बिकापुर में भटगांव विधानसभा के पूर्व विधायक पंडित रविशंकर त्रिपाठी की प्रतिमा का किया अनावरण

रायपुर   मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सरगुजा जिला प्रवास के दौरान अम्बिकापुर में पीडब्ल्यूडी ऑफिस के पास पंडित रविशंकर त्रिपाठी चौक में भटगांव विधानसभा के पूर्व विधायक पंडित रविशंकर त्रिपाठी की पुण्यतिथि पर उनकी प्रतिमा का अनावरण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर कहा कि पंडित रविशंकर त्रिपाठी जी का जीवन जनसेवा, समर्पण और संगठन के प्रति निष्ठा का उत्कृष्ट उदाहरण है। उन्होंने कहा कि यह प्रतिमा केवल एक स्मारक नहीं, बल्कि उनके विचारों और कर्मठता की जीवंत प्रेरणा है, जो आने वाली पीढ़ियों को समाज और राष्ट्र के लिए कार्य करने की दिशा दिखाती रहेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे व्यक्तित्वों का योगदान हमें यह सिखाता है कि जनसेवा ही सच्चा राष्ट्रधर्म है और इसी मार्ग पर चलकर हम एक सशक्त और समृद्ध छत्तीसगढ़ का निर्माण कर सकते हैं। इस दौरान कृषि मंत्री रामविचार नेताम, पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।