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महतारी वंदन योजना से सशक्त हो रहा रानी करुणा का परिवार, अब तक मिली 24 हजार रुपये की सहायता

रायपुर. महतारी वंदन योजना छत्तीसगढ़ शासन द्वारा महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के उद्देश्य से संचालित महतारी वंदन योजना राज्य की महिलाओं के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला रही है। इस योजना से बलौदा बाजार भाटापारा जिले के ग्राम देवरी निवासी रानी करुणा गायकवाड़ का घर-परिवार भी सुदृढ़ हो रहा है। रानी करुणा  को योजना के अंतर्गत प्रति माह 1,000 रुपये की आर्थिक सहायता प्राप्त हो रही है, जिससे उनकी दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति सुगमता से हो पा रही है। उनके पति शैलेश गायकवाड एक निजी प्लांट में कार्यरत हैं। सीमित आय के कारण परिवार का भरण-पोषण एवं दो छोटे बच्चों की देखभाल एक चुनौती थी। उनकी बड़ी पुत्री केजी-2 में अध्ययनरत है, जबकि छोटा पुत्र 18 माह का है। हाल ही में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा महतारी वंदन योजना की 24वीं किश्त के रूप में महिलाओं के बैंक खातों में 1,000 रुपये की राशि अंतरित की गई। रानी करुणा गायकवाड को भी योजना का निरंतर लाभ मिल रहा है और अब तक उन्हें कुल 24,000 रुपये की सहायता राशि प्राप्त हो चुकी है। वे इस राशि का उपयोग घरेलू जरूरतों, बच्चों की आवश्यकताओं तथा भविष्य की आकस्मिक जरूरतों के लिए बचत के रूप में कर रही हैं। रानी करुणा ने योजना के प्रति संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि समय पर मिलने वाली यह सहायता मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए अत्यंत उपयोगी है। उन्होंने महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वावलंबी एवं आत्मनिर्भर बनाने की इस पहल के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। यह योजना महिलाओं के आत्मविश्वास और सामाजिक सम्मान को भी सुदृढ़ कर रही है।

समाज कल्याण विभाग की योजनाएं बनीं सम्मान, सुरक्षा और आत्मविश्वास का आधार

रायपुर. छत्तीसगढ़ शासन के समाज कल्याण विभाग द्वारा समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े जरूरतमंद व्यक्ति तक शासकीय योजनाओं का लाभ पहुँचाने के उद्देश्य से निरंतर प्रभावी कार्य किए जा रहे हैं। सुरक्षा, सम्मान एवं आत्मनिर्भरता की भावना के साथ संचालित योजनाओं से वृद्धजनों, दिव्यांगजनों, विधवाओं, निराश्रितों एवं वरिष्ठ नागरिकों के जीवन में उल्लेखनीय सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिल रहा है। सूरजपुर जिले में सामाजिक सहायता पेंशन योजना के अंतर्गत 70,014 हितग्राहियों को नियमित रूप से पेंशन का प्रत्यक्ष लाभ प्रदान किया जा रहा है। प्रत्यक्ष लाभ अंतरण प्रणाली के माध्यम से पेंशन वितरण में पारदर्शिता एवं विश्वसनीयता सुनिश्चित हुई है। दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण की दिशा में ठोस कदम उठाते हुए जिले में अब तक 5,230 विशिष्ट दिव्यांग पहचान पत्र जारी किए जा चुके हैं। इसके साथ ही 546 दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण वितरित किए गए हैं, जिससे उनकी दैनिक गतिविधियों में आत्मनिर्भरता बढ़ी है। विशेष विद्यालयों एवं पुनर्वास केंद्रों के विस्तार से शिक्षा एवं पुनर्वास की बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। जिले में वरिष्ठ नागरिकों के लिए मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। वहीं सियान हेल्पलाइन केंद्र के माध्यम से बुजुर्गों की समस्याओं का त्वरित निराकरण सुनिश्चित किया जा रहा है। वृद्धाश्रम एवं नशामुक्ति देखभाल गृहों के माध्यम से निराश्रित एवं उपेक्षित व्यक्तियों को आश्रय, पहचान और पुनर्वास की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।

साययुवाओं के लिए रोजगार का नया रास्ता बने पर्यटन और एडवेंचर स्पोर्ट्स : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

रायपुर. मुख्यमंत्री ने 10 रूपए की टिकट कटाकर मयाली नेचर कैंप में लिया एडवेंचर स्पोर्ट्स का आनंद मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय आज अलग अंदाज़ में नजर आए और उन्होंने 10 रूपए का टिकट कटाकर जिले के लोकप्रिय पर्यटन स्थल मयाली नेचर कैंप में साहसिक खेल गतिविधियों का आनंद लिया और कई नए एडवेंचर स्पोर्ट्स की औपचारिक शुरुआत भी की। मुख्यमंत्री ने प्रवेश शुल्क अदा कर नेचर कैंप में प्रवेश करते हुए आम नागरिकों को नियमों के पालन और समानता का एक सशक्त संदेश दिया।  मुख्यमंत्री ने 10 रूपए की टिकट कटाकर मयाली नेचर कैंप में लिया एडवेंचर स्पोर्ट्स का आनंद इस अवसर पर उनकी धर्मपत्नी मती कौशल्या साय, विधायक मती गोमती साय, छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह, पर्यटन विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के प्रबंध संचालक  विवेक आचार्य सहित जनप्रतिनिधिगण, अधिकारी-कर्मचारी एवं खेल प्रेमी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।     मुख्यमंत्री ने 10 रूपए की टिकट कटाकर मयाली नेचर कैंप में लिया एडवेंचर स्पोर्ट्स का आनंद  मुख्यमंत्री  साय ने इस दौरान नेचर कैंप में विकसित अधोसंरचनाओं, सुरक्षा व्यवस्था, पर्यटकों के लिए उपलब्ध सुविधाओं तथा स्थानीय युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के पहल की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि प्रकृति-आधारित पर्यटन एवं साहसिक गतिविधियां न केवल पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देती हैं, बल्कि स्थानीय समुदाय के लिए रोजगार और आय के नए अवसर भी सृजित करती हैं।  मुख्यमंत्री ने 4 नए एडवेंचर स्पोर्ट्स का किया शुभारंभ    मुख्यमंत्री  साय ने मयाली नेचर कैंप में संचालित स्पोर्ट्स मोटर बाइक (एटीवी) को स्वयं चलाकर साहसिक पर्यटन का आनंद लिया। इसके साथ ही उन्होंने बंदूक से सटीक निशाना साधते हुए बैलून शूटिंग का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने आर्चरी शूटिंग में तीर चलाकर निशाना साधा और इस खेल की भी शुरुआत की। साथ ही उन्होंने माउंटेन साइक्लिंग का शुभारंभ करते हुए स्वयं साइकिल चलाकर स्वस्थ जीवनशैली का संदेश दिया। नेचर कैंप में वॉल क्लाइंबिंग बोर्ड का उद्घाटन भी मुख्यमंत्री के द्वारा किया गया।     इस दौरान वॉल क्लाइंबर तेज सिंह एवं तेजल भगत ने मुख्यमंत्री के समक्ष वॉल क्लाइंबिंग कर अपने कौशल का प्रदर्शन किया, जिसकी मुख्यमंत्री ने सराहना की। मुख्यमंत्री  साय बॉक्स क्रिकेट में भी हाथ आजमाते हुए नजर आए और स्टेट ड्राइव व ऑफ साइड पर आकर्षक शॉट लगाए। मुख्यमंत्री ने मयाली नेचर कैंप स्थित कैक्टस गार्डन का अवलोकन किया, जहां विभिन्न प्रजातियों के कैक्टस लगाए गए हैं वनमंडलाधिकारी  शशि कुमार ने कैक्टस के औषधीय महत्व की जानकारी दी।

ग्राम हर्रवाह में बांधवगढ़ विधायक ने विकास निर्माण कार्य का भूमि पूजन किये

बिलासपुर उमरिया जिले के बिलासपुर तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत हर्रवाह में बांधवगढ़ विधायक शिवनारायण सिंह ने विकास कार्यों का भूमि पूजन किये। एवं भूमि पूजन करते हुए कार्यक्रम को संबोधित भी किया। विकास निर्माण कार्यक्रम में लाड़ली बहनों के ऊपर पुष्प वर्षा भी बांधवगढ़ विधायक शिव नारायण सिंह ने किये। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बांधवगढ़ विधायक श्री शिव नारायण सिंह ने कहे कि अब महात्मा गांधी रोजगार गारंटी जो चल रही थी।अब उसकी जगह में जी राम जी योजना के तहत  सभी लोगों को 100 दिन से बढ़ाकर के 125 दिन का काम आपके पंचायत में दिया जाएगा। केंद्र सरकार एवं राज्य सरकार की चलाई जाने वाली योजनाओं के बारे में सभी ग्रामीण जनों को जानकारी भी दिए। कार्यक्रम में बांधवगढ़ विधायक शिवनारायण सिंह ग्राम पंचायत हर्रवाह के सरपंच सोनू गुप्ता भाजपा किसान मोर्चा के जिला अध्यक्ष कमलेश गुप्ता भाजपा मंडल बिलासपुर के अध्यक्ष पुष्पेंद्र सोनी मंडल महामंत्री सोहन कोल मंडल उपाध्यक्ष राकेश तिवारी,रामपाल सिंह,सत्यनारायण गुप्ता,शिव प्रकाश द्विवेदी, द्वारिका द्विवेदी एवं ग्रामीण जन उपस्थित रहे

स्वदेश दर्शन योजना 2.0 के तहत जशपुर को मिली पर्यटन विकास की बड़ी सौगात

रायपुर. ग्लोबल टूरिज्म डेस्टिनेशन के रूप में विकसित होगा मयाली – मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज भारत सरकार की स्वदेश दर्शन योजना 2.0 की उप-योजना सीबीडीडी के अंतर्गत स्वीकृत मयाली-बगीचा विकास परियोजना का मयाली नेचर कैंप में विधिवत भूमिपूजन किया। लगभग 10 करोड़ रुपये की लागत से क्रियान्वित इस परियोजना के तहत मयाली, विश्व प्रसिद्ध मधेश्वर पर्वत (विश्व का सबसे बड़ा प्राकृतिक शिवलिंग) तथा बगीचा स्थित कैलाश गुफा क्षेत्र में विभिन्न पर्यटन सुविधाओं का विकास किया जाएगा। यह परियोजना क्षेत्र की प्राकृतिक, सांस्कृतिक एवं जनजातीय विरासत के संरक्षण के साथ-साथ समुदाय आधारित पर्यटन को सशक्त बनाएगी। इससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और जशपुर जिले को एक प्रमुख पर्यटन गंतव्य के रूप में नई पहचान मिलेगी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री  साय ने क्षेत्रवासियों को बधाई देते हुए कहा कि मयाली-बगीचा विकास परियोजना जशपुर जिले के पर्यटन विकास के लिए एक ऐतिहासिक पहल है। आज मयाली के विकास की मजबूत नींव रखी गई है। मयाली अब पर्यटन मानचित्र पर तेजी से उभर रहा है और आने वाले समय में यह एक वैश्विक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित होगा।     मुख्यमंत्री ने कहा कि मयाली की पहचान सदियों से मधेश्वर महादेव से जुड़ी रही है, जिसे विश्व का सबसे बड़ा प्राकृतिक शिवलिंग माना जाता है। इस विकास परियोजना के माध्यम से मधेश्वर पर्वत के धार्मिक एवं पर्यटन महत्व को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी। परियोजना के अंतर्गत मयाली डेम के समीप पर्यटक रिसोर्ट एवं स्किल डेवलपमेंट सेंटर का निर्माण किया जाएगा।  उन्होंने कहा कि मयाली को एक समग्र इको-टूरिज्म और एडवेंचर डेस्टिनेशन के रूप में विकसित किया जाएगा। यहां के जंगल, झरने, पहाड़ और समृद्ध आदिवासी संस्कृति को देश-दुनिया के पर्यटकों तक पहुंचाया जाएगा। पर्यटन से होने वाली आय का सीधा लाभ स्थानीय लोगों को मिलेगा।  साय ने कहा इसी उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा होम-स्टे नीति लागू की गई है, जिससे ग्रामीण परिवार पर्यटन गतिविधियों से सीधे जुड़कर आय अर्जित कर सकेंगे और पर्यटकों को स्थानीय संस्कृति को नजदीक से जानने का अवसर मिलेगा।   मुख्यमंत्री ने कहा कि यह परियोजना क्षेत्र के युवाओं के लिए नए अवसर लेकर आई है। स्किल डेवलपमेंट सेंटर में टूर गाइड, होटल सेवा, एडवेंचर स्पोर्ट्स, हस्तशिल्प एवं डिजिटल बुकिंग से संबंधित प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे न केवल पर्यटन बल्कि जशपुर की सामाजिक और सांस्कृतिक विविधताओं को भी राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय पहचान मिलेगी। विकास कार्यों से बदलेगी मयाली की तस्वीर, उभरेगा नया पर्यटन केंद्र मयाली क्षेत्र को प्राकृतिक, धार्मिक एवं ग्रामीण पर्यटन के समग्र गंतव्य के रूप में विकसित किया जाएगा। परियोजना के अंतर्गत 5 पर्यटक कॉटेज, कॉन्फ्रेंस एवं कन्वेंशन हॉल, स्किल डेवलपमेंट सेंटर, भव्य प्रवेश द्वार, बाउंड्री वॉल, आधुनिक टॉयलेट सुविधा, लैंडस्केपिंग एवं पाथवे का निर्माण किया जाएगा। इन सुविधाओं से पर्यटकों के ठहराव एवं विभिन्न आयोजनों की बेहतर व्यवस्था होगी और रोजगार के अवसर सृजित होंगे। धार्मिक पर्यटन को सशक्त करने के लिए शिव मंदिर क्षेत्र में प्रवेश द्वार, टॉयलेट सुविधा, लैंडस्केपिंग एवं पाथवे का विकास किया जाएगा। वहीं बगीचा स्थित कैलाश गुफा परिसर में प्रवेश द्वार, पिकनिक स्पॉट, रेस्टिंग शेड, घाट विकास, पाथवे तथा सीढ़ियों एवं रेलिंग का जीर्णाेद्धार किया जाएगा, जिससे पर्यटकों को सुरक्षित एवं सुविधाजनक अनुभव मिलेगा।     यह समस्त कार्य भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय द्वारा संचालित स्वदेश दर्शन योजना 2.0 के अंतर्गत स्वीकृत मयाली-बगीचा विकास परियोजना के माध्यम से किए जाएंगे। परियोजना के पूर्ण होने से पर्यटन गतिविधियों में वृद्धि, स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती तथा क्षेत्र की सांस्कृतिक-प्राकृतिक पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलने की संभावना है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री  साय की धर्मपत्नी मती कौशल्या साय, सरगुजा क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष एवं पत्थलगांव विधायक मती गोमती साय, छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के अध्यक्ष  नीलू शर्मा, विभिन्न बोर्ड-निगमों के अध्यक्ष, जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

550 किसानों को फिर मिला धान बेचने का मौका

बिलासपुर. सरकार द्वारा धान खरीदी के लिए दो दिन और बढ़ाने का निर्णय लेने के बाद जिले के 550 किसानों को भी इसका लाभ मिल सकेगा। इनमें से ज्यादातर किसान ऐसे थे, जिनका टोकन कटने के बाद भौतिक सत्यापन भी किया जा चुका था, लेकिन धान खरीदी का नंबर ही नहीं लग सका। जिले में बढ़ाई गई दो तिथियों में करीब 20 हजार क्विंटल धान की खरीदी और होने का अनुमान है। सहकारी समितियों में समर्थन मूल्य पर धान नहीं बेच पाने का मलाल अब जिले के 550 किसानों को नहीं रहेगा। सरकार के द्वारा धान विक्रय के लिए दी जाने वाली दो अतिरिक्त तिथियों 6 एवं 7 फरवरी को वे अपना धान उपार्जन केंद्रों में बेच सकेंगे। धान खरीदी के लिए तय अंतिम तीन दिनों 27, 28 एवं 29 जनवरी के लिए जिले के विभिन्न उपार्जन केंद्रों के 414 किसानों ने न केवल टोकन प्राप्त कर लिया था, बल्कि उनके भौतिक सत्यापन भी किए जा चुके थे, लेकिन इनके द्वारा धान नहीं बेचा जा सका। इसी तरह करीब 136 किसान ऐसे हैं, जिन्होंने व्धान बेचने के लिए टोकन कटवाने का रिक्वेस्ट डाला था। कुल मिलाकर धान बेचने से रह गए जिले के 550 किसानों से ही अब अगली दो तिथियों में धान खरीदा जाना है। इन किसानों से अनुमानित तौर पर 20 हजार क्विंटल धान की खरीदी होने की बात कही जा रही है। निर्धारित अवधि तक ही चली धान की खरीदी : धान खरीदी को लेकर दो दिन की बढ़ोतरी की बात भले ही कही जा रही है, लेकिन किसानों के अनुसार समयसीमा में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है। किसानों द्वारा यह बात कही जा रही है कि धान खरीदी प्रारंभ करने के लिए तय की गई तिथि दिनांक 15 नवंबर को शनिवार था, जिससे उस दिन खरीदी नहीं की गई थी। इसी तरह धान खरीदी के लिए तय अंतिम तिथि 31 जनवरी को भी शनिवार का अवकाश था। प्रारंभ और अंत के जिन दो दिनों में अवकाश के कारण खरीदी नहीं हो सकी थी, वही दो दिन अब और किसानों को धान विक्रय के लिए दिए गए हैं, जिसमें तिथि में बढ़ोतरी जैसी कोई बात ही नहीं है।

मंत्री गुरु खुशवंत साहेब की पहल से सड़कों के लिए 2155.97 लाख रुपए मंजूर

रायपुर. आरंग विधानसभा क्षेत्र में विकास अब घोषणा नहीं, जमीनी सच्चाई बनता जा रहा है। क्षेत्र की आधारभूत संरचना को सुदृढ़ करने की दिशा में एक और निर्णायक कदम उठाते हुए छत्तीसगढ़ शासन ने सड़क विकास की बड़ी योजना को हरी झंडी दे दी है। यह महत्वपूर्ण उपलब्धि कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग के मंत्री गुरु खुशवंत साहेब की सतत पहल और प्रभावी समन्वय का परिणाम है। लोक निर्माण विभाग ने वित्तीय वर्ष 2024-25 के अंतर्गत जिला रायपुर के गोढ़ी–तोड़गांव–बड़गांव मार्ग के 9.00 किलोमीटर चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण कार्य के लिए ₹2155.97 लाख की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है। इस योजना में सड़क निर्माण के साथ-साथ पुल–पुलिया का निर्माण भी शामिल है, जिससे क्षेत्रीय यातायात को स्थायी समाधान मिलेगा। इस सड़क के उन्नयन से न केवल आवागमन सुगम होगा, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों को शहरी सुविधाओं से जोड़ने में भी मदद मिलेगी। किसानों को मंडियों तक पहुंच, विद्यार्थियों को शिक्षा संस्थानों तक सुविधा और व्यापार को नई गति मिलने की उम्मीद है। यह योजना आरंग विधानसभा के आर्थिक और सामाजिक विकास की धुरी साबित होगी। मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार विकास को प्राथमिकता नहीं, प्रतिबद्धता मानकर कार्य कर रही है। आरंग विधानसभा क्षेत्र में लगातार मिल रही स्वीकृतियां इस बात का प्रमाण हैं कि सरकार विकास को काग़ज़ों से निकालकर ज़मीन पर उतार रही है। उन्होंने इस महत्वपूर्ण स्वीकृति के लिए जन प्रिय मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, उपमुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण विभाग मंत्री अरुण साव एवं वित्त मंत्री ओपी चौधरी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आने वाले समय में भी आरंग विधानसभा को अधोसंरचना, सड़क, सिंचाई एवं जनसुविधाओं से जुड़ी अनेक नई सौगातें मिलती रहेंगी।

मतदाता सूची में तार्किक विसंगति वाले मतदाता 13 फरवरी तक कराएं सत्यापन

दुर्ग. भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार और सर्वोच्च न्यायालय के 29 जनवरी के आदेश के परिपालन में दुर्ग जिले में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण का कार्य युद्ध स्तर पर जारी है. उप जिला निर्वाचन अधिकारी के अनुसार जिन मतदाताओं के नाम ‘तार्किक विसंगतियों’ की श्रेणी में आए हैं, वे 13 फरवरी 2026 तक अपना सत्यापन अनिवार्य रूप से पूर्ण करा लें. 10 दिनों के भीतर दर्ज करें आपत्ति: प्रभावित मतदाता सूची प्रदर्शित होने की तिथि से 10 दिनों के भीतर अपनी आपत्तियां या दस्तावेज जमा कर सकते हैं. यह प्रक्रिया व्यक्तिगत रूप से या अधिकृत प्रतिनिधि (बीएलए सहित) के माध्यम से पूर्ण की जा सकती है. इसके लिए निर्वाचक / सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ईआरओ/ एईआरओ) के कार्यालय में संपर्क करना होगा. सुनवाई का अंतिम अवसर : उप जिला निर्वाचन अधिकारी वीरेन्द्र सिंह ने बताया कि प्रभावित मतदाताओं को न केवल दस्तावेज जमा करने, बल्कि व्यक्तिगत सुनवाई का भी अवसर दिया जा रहा है. अर्हता तिथि 01.01.2026 के आधार पर किए जा रहे इस पुनरीक्षण का उद्देश्य एक शुद्ध और त्रुटिहीन मतदाता सूची तैयार करना है . अंतिम प्रकाशन 21 फरवरी को : कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी ने जिले के समस्त मतदाताओं से अपील की है कि वे समय सीमा का ध्यान रखें. यदि 13 फरवरी 2026 तक सत्यापन कार्य पूर्ण नहीं कराया जाता है, तो मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन (21 फरवरी 2026 ) में संबंधित नाम शामिल नहीं हो सकेंगे.

भोरमदेव में जंगल सफारी के साथ 17 बार नदी पार करने का मिलेगा रोमांचक अनुभव

रायपुर. कबीरधाम जिले में स्थित ऐतिहासिक भोरमदेव अभ्यारण्य में शीघ्र ही जंगल सफारी की शुरुआत की जाएगी। वन विभाग ने इसकी तैयारियां पूरी कर ली है। इस पहल से न केवल ईको-टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि वन्यजीव संरक्षण के प्रति आम लोगों में जागरूकता भी बढ़ेगी। सफारी के दौरान पर्यटकों को करीब 17 बार नदी पार करने का रोमांचक अनुभव मिलेगा। वन विभाग द्वारा तैयार की गई योजना के तहत भोरमदेव अभ्यारण्य में लगभग 34 किलोमीटर लंबा जंगल सफारी मार्ग विकसित किया गया है। सफारी के दौरान पर्यटक गौर, चीतल, सांभर, भालू और जंगली सुअर जैसे वन्यप्राणियों को उनके प्राकृतिक आवास में नजदीक से देख सकेंगे। यह मार्ग मैकल पर्वतमाला के घने जंगलों से होकर गुजरता है, जो प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर है। सकरी नदी मार्ग बनेगा विशेष आकर्षण इस जंगल सफारी की सबसे बड़ी खासियत सकरी नदी मार्ग है। सफारी के दौरान पर्यटकों को करीब 17 बार नदी पार करने का रोमांचक अनुभव मिलेगा। यह अनोखा सफर रोमांच और प्रकृति प्रेमियों दोनों के लिए खास आकर्षण साबित होगा। इस परियोजना में स्थानीय ग्रामीणों की सहभागिता को प्राथमिकता दी गई है। सफारी वाहनों का संचालन वन प्रबंधन समिति थंवरझोल द्वारा किया जाएगा, जिससे क्षेत्र के ग्रामीणों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए दोहरा आकर्षण जंगल सफारी शुरू होने के बाद भोरमदेव आने वाले श्रद्धालु और पर्यटक अब ऐतिहासिक मंदिर दर्शन के साथ-साथ वन्यजीवन का रोमांच भी एक ही यात्रा में अनुभव कर सकेंगे। इससे भोरमदेव क्षेत्र को राज्य के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। वन विभाग के अनुसार सुरक्षा और संचालन से जुड़ी सभी व्यवस्थाएं अंतिम चरण में हैं और जल्द ही सफारी को औपचारिक रूप से पर्यटकों के लिए खोल दिया जाएगा।

पुलिस विभाग में हुए बड़े फेरबदल, 2 अधिकारी और 14 पुलिसकर्मी तबादला, नई पोस्टिंग की जानकारी

कोरबा  जिले में कानून‑व्यवस्था को और मजबूत करने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी ने पुलिस विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। जारी आदेश के तहत 2 टीआई, 4 एसआई, 3 एएसआई, 2 हेड कांस्टेबल और 3 कांस्टेबल का तबादला किया गया है। दर्री, पाली और करतला थानों को मिले नए प्रभारी तबादला आदेश के अनुसार दर्री थाना प्रभारी की जिम्मेदारी आशीष सिंह को सौंपी गई है। वहीं नागेश तिवारी को पाली थाना प्रभारी नियुक्त किया गया है। उप निरीक्षक जितेंद्र यादव को कर्तला थाना प्रभारी बनाया गया है। पसान थाना प्रभारी बदले, रक्षित केंद्र भेजे गए पसान थाना प्रभारी उप निरीक्षक श्रवण विश्वकर्मा को हटाकर रक्षित केंद्र भेजा गया है। उनके स्थान पर जटगा चौकी से एक एएसआई को पसान थाना प्रभारी की जिम्मेदारी दी गई है। लेमरू और सिविल लाइन थाना में भी बदलाव सिविल लाइन थाना से उप निरीक्षक सुमन पोया को लेमरू थाना प्रभारी बनाया गया है। वहीं उप निरीक्षक पुरुषोत्तम उईके को पाली से स्थानांतरित कर सिविल लाइन थाना भेजा गया है। एएसआई, हेड कांस्टेबल और कांस्टेबल स्तर पर तबादले एएसआई कुंवर साय पैकरा को लेमरू से जटगा चौकी एएसआई लक्ष्मी प्रसाद कुर्रे को रक्षित केंद्र से पाली थाना हेड कांस्टेबल दीपक खांडेकर को पाली से बालको हेड कांस्टेबल नरेंद्र लहरे को बालको से पाली कांस्टेबल शैलेंद्र तंवर को पाली से कटघोरा कांस्टेबल अश्विनी ओगरे को कटघोरा से पाली कांस्टेबल दिलहरण कंवर को दर्री से ओएम शाखा भेजा गया शहरी थाना प्रभारियों में कोई बदलाव नहीं कोतवाली थाना प्रभारी एमबी पटेल, सीएसईबी चौकी प्रभारी भीमसेन यादव, सिविल लाइन थाना प्रभारी नवीन पटेल और मानिकपुर चौकी प्रभारी अपने पदों पर बने रहेंगे। अन्य थाना प्रभारी भी यथावत डालवा उरगा, हरदीबाजार, दीपका, कुसमुंडा, बालको, बांकी मोंगरा और कटघोरा थाना प्रभारियों में कोई परिवर्तन नहीं किया गया है। एसपी के सख्त निर्देश: अवैध कारोबार पर होगी कड़ी कार्रवाई एसपी सिद्धार्थ तिवारी ने सभी थाना और चौकी प्रभारियों को निर्देश दिए हैं कि जिले में पेट्रोलियम, डीजल, कोयला, कबाड़, महुआ शराब सहित सभी अवैध गतिविधियों पर लगातार और सख्त कार्रवाई की जाए। सभी स्थानांतरित पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से कार्यभार ग्रहण करने के आदेश दिए गए हैं।