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छत्तीसगढ़ में भर्ती परीक्षाओं में नकल पर बड़ा दंड, जुर्माना एक करोड़ तक, नकल करने पर 5 साल की सजा

रायपुर  छत्तीसगढ़ में सीजीपीएससी (CGPSC) भर्ती घोटाले से सबक लेते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रदेश में पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था लागू करने जा रही है। विधानसभा के वर्तमान बजट सत्र में जल्द ही सरकार "छत्तीसगढ़ (लोक भर्ती एवं व्यावसायिक परीक्षाओं में अनुचित साधनों की रोकथाम) विधेयक-2026" पेश करेगी। यह कदम प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की उस "गारंटी" को पूरा करने की दिशा में है, जिसमें उन्होंने परीक्षा सुधार का वादा किया था। नकल करते पकड़े जाने पर पांच साल जेल, पांच लाख जुर्माना नए कानून के तहत, भर्ती परीक्षाओं में नकल करते पकड़े जाने पर परीक्षार्थी को एक से पांच साल तक की जेल और पांच लाख रुपये तक का जुर्माना भरना पड़ सकता है। वहीं, यदि कोई गिरोह या व्यक्ति पेपर लीक या नकल कराने में शामिल पाया जाता है तो उसे कठोर कारावास के साथ एक करोड़ रुपये तक का जुर्माना देना होगा। कोचिंग संस्थानों पर भी लगेगी लगाम विधेयक में कोचिंग संस्थानों के लिए भी सख्त नियम बनाए जा रहे हैं। अब कोई भी संस्थान चयन की "सौ प्रतिशत गारंटी" देकर युवाओं को प्रलोभन नहीं दे सकेगा। भ्रामक प्रचार या सफलता के झूठे दावे करना पूरी तरह प्रतिबंधित होगा। सरकार का लक्ष्य भर्ती प्रक्रियाओं में भ्रष्टाचार को जड़ से खत्म कर युवाओं का विश्वास बहाल करना है। CGPSC 2021–22 भर्ती घोटाले में हुआ था बड़ा खुलासा छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) 2021–22 भर्ती घोटाले में तत्कालीन अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी से जुड़े भ्रष्टाचार के मामले में जांच के दौरान बड़ा खुलासा हुआ ता। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) की ओर से कोर्ट में पेश की गई पूरक चार्जशीट और उसमें शामिल सरकारी गवाह के बयान से सामने आया था कि सोनवानी का कथित वसूली तंत्र एनजीओ से लेकर कोचिंग संस्थानों तक फैला हुआ था। जांच में पहले यह तथ्य सामने आया था कि सोनवानी की पत्नी के एनजीओ जीवीएस में सीजीपीएससी के सहायक परीक्षा नियंत्रक ललित गणवीर कोषाध्यक्ष के रूप में जुड़े हुए थे। इसी एनजीओ के माध्यम से बजरंग पावर से 50 लाख रुपये की वसूली की गई थी। अब जांच में कोचिंग संचालक उत्कर्ष चंद्राकर की भूमिका भी संदेह के घेरे में आई है। आरोप है कि उत्कर्ष ने अभ्यर्थियों से करीब सवा करोड़ रुपये वसूले।  

प्रशिक्षु न्यायाधीश लोकतंत्र के तीसरे स्तंभ के रूप में निभाएंगे अहम भूमिका: मुख्यमंत्री साय

प्रशिक्षु न्यायाधीश लोकतंत्र के तीसरे स्तंभ के रूप में निभाएंगे महत्वपूर्ण भूमिका : मुख्यमंत्री  साय छत्तीसगढ़ राज्य न्यायिक अकादमी के प्रशिक्षु न्यायाधीशों ने मुख्यमंत्री से की सौजन्य मुलाकात रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय से आज विधानसभा स्थित उनके कार्यालय में छत्तीसगढ़ राज्य न्यायिक अकादमी, बिलासपुर के प्रशिक्षु न्यायाधीशों ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री  साय ने सभी प्रशिक्षु न्यायाधीशों को न्यायिक सेवा में चयन के लिए बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि न्यायपालिका लोकतंत्र का महत्वपूर्ण और सशक्त स्तंभ है। आने वाले समय में आप सभी के कंधों पर समाज और न्याय व्यवस्था से जुड़ी बड़ी जिम्मेदारियां होंगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आप सभी निष्पक्षता, संवेदनशीलता और संविधान के मूल्यों के प्रति प्रतिबद्ध रहते हुए इन जिम्मेदारियों का सफलतापूर्वक निर्वहन करेंगे। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि न्यायपालिका आमजन के अधिकारों की रक्षा और न्याय व्यवस्था में जनता के विश्वास को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाती है।  इस अवसर पर विधि विभाग की प्रमुख सचिव मती सुषमा सांवत, छत्तीसगढ़ राज्य न्यायिक अकादमी की संचालक मती निधि शर्मा तिवारी सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।

पार्किंग को लेकर बवाल: बिलासपुर में DG पवन देव के बेटे से मारपीट, आरोपी पुलिस गिरफ्त में

बिलासपुर पार्किंग को लेकर उपजे विवाद में एक युवक ने पुलिस मुख्यालय में पदस्थ डीजी रैंक के अधिकारी पवन देव के बेटे को तमाचा जड़ दिया। मारपीट की शिकायत पर सरकंडा पुलिस ने जुर्म दर्ज कर आरोपित को गिरफ्तार कर लिया। भिलाई में रहने वाले तेजस्व देव अधिवक्ता हैं। वे बिलासपुर में रहकर हाई कोर्ट में प्रैक्टिस कर रहे हैं। उनके पिता पवन देव पुलिस मुख्यालय मे डीजी रैंक के अधिकारी हैं। अधिवक्ता ने पुलिस को बताया कि वे सरकंडा क्षेत्र के अशोक नगर चौक स्थित इंडियन काफी हाउस क्लाइंट से मिलने के लिए गए थे। उनके साथ दोस्त खिलेंद्र टंडन भी थे। अधिवक्ता जब अपनी कार को पार्क कर रहे थे तभी पार्किंग के नाम पर स्कार्पियो सवार युवक ने उनसे बहस की। आसपास के लोगों ने शांत कराया विवाद इसका विरोध करने पर युवक स्कॉर्पियो से उतरकर अधिवक्ता के पास आया। उसने अपना नाम सागर जायसवाल बताते हुए अधिवक्ता से मारपीट शुरू कर दी। आसपास के लोगों ने किसी तरह विवाद शांत कराया। इसके बाद अधिवक्ता सरकंडा थाने की ओर आ रहे थे। तब स्कॉर्पियो सवार युवक ने उनका थाने तक पीछा भी किया। वकील ने थाने में की शिकायत जब उन्होंने अपनी कार थाने की ओर मोड़ दी तब युवक कार को सीधे मोपका की ओर ले गया। अधिवक्ता ने पूरे मामले की शिकायत सरकंडा थाने में की। इस पर पुलिस ने जुर्म दर्ज कर आरोपित को पकड़ लिया। उसे गिरफ्तार कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।  

छात्रों के लिए जरूरी खबर: पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप अटकी तो 15 मार्च तक ठीक कराएं बैंक खाता और आधार सीडिंग

रायपुर. भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा संचालित पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत अनुसूचित जाति वर्ग के विद्यार्थियों को अपने बैंक खाते की जानकारी में सुधार करने के लिए 15 मार्च 2026 तक का अंतिम अवसर दिया गया है। रायपुर जिले के सभी शासकीय एवं अशासकीय महाविद्यालय, विश्वविद्यालय, इंजीनियरिंग कॉलेज, मेडिकल कॉलेज, नर्सिंग कॉलेज, पॉलिटेक्निक तथा आईटीआई में अध्ययनरत ऐसे अनुसूचित जाति विद्यार्थी, जिनका शिक्षा सत्र 2022-23, 2023-24 एवं 2024-25 के दौरान बैंक खाता बंद होने या आधार से सीडिंग नहीं होने के कारण छात्रवृत्ति की राशि उनके खाते में जमा नहीं हो पाई है, वे अपने बैंक खाते की जानकारी में सुधार कर सकते हैं। विद्यार्थियों को अपने बैंक खाते और आधार सीडिंग से संबंधित त्रुटियों का सुधार http://postmatric-scholarship.cg.nic.in/ वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन 15 मार्च 2026 तक अनिवार्य रूप से करना होगा। निर्धारित तिथि के बाद बैंक खाता या आधार सीडिंग से संबंधित सुधार का अवसर नहीं दिया जाएगा। यदि तय समय सीमा तक विद्यार्थी अपने खाते की त्रुटि में सुधार नहीं करते हैं और छात्रवृत्ति की राशि नहीं मिल पाती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित विद्यार्थी की होगी। किसी भी प्रकार की समस्या होने पर विद्यार्थी अपने संस्थान के छात्रवृत्ति प्रभारी से संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा वे कार्यालय सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास विभाग, रायपुर (कलेक्टोरेट परिसर, कक्ष क्रमांक 40, छात्रवृत्ति शाखा) में कार्यालयीन समय के दौरान भी संपर्क कर सकते हैं।

LPG संकट का असर: होटल-रेस्टोरेंट्स को सरकार की एडवाइजरी, गैस उपयोग को लेकर दिए निर्देश

रायपुर. प्रदेश में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की संभावित कमी को देखते हुए छत्तीसगढ़ होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन ने राज्यभर के होटल, रेस्टोरेंट और फूड व्यवसायों के लिए एडवाइजरी जारी की है। एसोसिएशन ने सभी संचालकों से अपील की है कि वे घबराहट में सिलेंडर जमा न करें और संयम बनाए रखें। जारी एडवाइजरी में कहा गया है कि होटल और रेस्टोरेंट संचालक किचन के जरूरी ऑपरेशन और आवश्यक मेन्यू आइटम्स को प्राथमिकता दें, ताकि सीमित गैस सप्लाई के बीच भी ग्राहकों को आवश्यक सेवाएं मिलती रहे। इसके साथ ही जहां संभव हो वहां एलपीजी पर निर्भरता कम करने के लिए इलेक्ट्रिक कुकिंग उपकरणों का उपयोग करने की सलाह दी गई है। इसमें इंडक्शन चूल्हा, इलेक्ट्रिक राइस कुकर और अन्य इलेक्ट्रिक विकल्पों को अपनाने की बात कही गई है। एसोसिएशन के अध्यक्ष तरनजीत सिंह होरा ने कहा, “कमर्शियल LPG सप्लाई की स्थिति को लेकर संबंधित अधिकारियों और गैस सप्लायर के साथ लगातार संपर्क में हैं और जल्द ही समस्या के समाधान की उम्मीद है।” उन्होंने आगे कहा कि जरूरत पड़ने पर होटल और रेस्टोरेंट संचालक PNG (पाइप्ड नेचुरल गैस) और अन्य वैकल्पिक ईंधन व्यवस्था पर भी विचार कर सकते हैं। एसोसिएशन ने सभी फूड व्यवसाय संचालकों से अपील की है कि वे स्थिति को समझते हुए सहयोग करें और अनावश्यक रूप से गैस सिलेंडर का स्टॉक न करें, ताकि सप्लाई व्यवस्था संतुलित बनी रहे।

GST 2.0 को लेकर वित्त मंत्री ओपी चौधरी का दावा: देश की अर्थव्यवस्था में आएगा बड़ा बदलाव

रायपुर. छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र में आज वित्तमंत्री ओपी चौधरी के विभागों के अनुदान मांगों पर चर्चा हुई. वित्तमंत्री ओपी चौधरी ने कहा, हाउसिंग बोर्ड 700 करोड़ के कर्ज में दबा हुआ था. आज कर्ज मुक्त हो गया है. 10-15 साल से बिके नहीं थे उसे बेचने का काम किया गया है. 210 करोड़ के 1400 मकान और दुकान बेचे गए. यब वन टाइम सेटलमेंट पॉलिसी लाकर किया गया है. इससे हाउसिंग बोर्ड को फायदा हुआ है. हाउसिंग बोर्ड के प्रोजेक्ट को डिमांड आधारित बनाने का काम किया गया है. 3 हजार करोड़ के प्रोजेक्ट लॉन्च किया गया है. 33 में से 27 जिलों में प्रोजेक्ट लॉन्च किया गया है. वित्तमंत्री चौधरी ने कहा, पर्यावरण को लेकर भी सरकार चिंतित है. इस पर हम लगातार काम कर रहे हैं. फ्लाईएस का परिवहन हो, वायु प्रदूषण हो, इसे रोकने का काम किया गया है. उन्होंने कहा, नवा रायपुर को एजुकेशन हब के रूप में विकसित किया जा रहा है. बीते 2 वर्षों में नवा रायपुर में तीन राष्ट्रीय स्तर के संस्थान खुलने वाला है. आज का दिन ऐतिहासिक रहा, क्योंकि आज स्टेट रीजन कैपिटल की पहली बैठक हुई. इसमें 11 एजेंडों पर चर्चा हुई है. नए विधायकों को जल्द मिलेगा आवास : ओपी चौधरी मंत्री चौधरी ने कहा, जीएसटी 2.0 भारत में सबसे बड़ा रिफॉर्म है. देश में गब्बर सिंह टैक्स था 1 जुलाई 2017 तक. 1 जुलाई 2017 के बाद जीएसटी की व्यवस्था बदली है. पहले यूपीए की सरकार थी और ज्यादा टैक्स लगता था. पेट्रोल पर रजत जयंती के वर्ष के मौके पर राज्य की ओर से 1 रुपये की छूट दी गई है. धान खरीदी में वित्तीय भार 10 हजार करोड़ बढ़ा है. महतारी वंदन योजना से 8 करोड़ का वित्तीय भार बढ़ा. पीएम आवास योजना में भी वित्तीय भार बढ़ा है. 12 हजार करोड़ का आवास वित्तीय भार बढ़ेगा. वित्त मंत्री ने आगे कहा, नए विधायकों के लिए भी आवास की सुविधा होगी. जमीन का प्रकरण लंबित है. इसे जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा. विपक्ष ने कहा – खरीदी की नीति में खामी, इसे सुधारना होगा वित्त मंत्री के भाषण से पहले कांग्रेस विधायक ने कहा, धान खरीदी में अगर कोई किसान अपना धान नहीं बेच पाता तो इसके लिए पक्ष और विपक्ष हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी बनती है. विधानसभा में धान की बालियां प्रतीक के तौर पर लगाई गई है, लेकिन खरीदी की नीति में खामी हो तो यह गंभीर है, इसे सुधारना होगा. योजनाओं के निर्धारण में विपक्ष के विधायकों का भी सुझाव लिया जाना चाहिए. छत्तीसगढ़ को ग्रीन बजट नहीं, ग्रीन जीडीपी की जरूरत : विपक्ष विपक्ष ने कहा, विजन डॉक्यूमेंट बनाने में कितना खर्च आया था, यह सवाल लगाया गया था. इसके जवाब में बताया गया कि 9 करोड़ खर्च आया. जीएसटी में यूटर्न, जमीन गाइडलाइन में यूटर्न लिया गया. इससे पता चलता है कि नीति बनाते वक्त व्यापारियों, आम लोगों का ध्यान नहीं रखा गया. छत्तीसगढ़ को ग्रीन बजट नहीं, ग्रीन जीडीपी की आवश्यकता है. इस पर हम सबको काम करना होगा. नरवा-गरवा, घुरवा-बारी योजना का सत्ता पक्ष माखौल उड़ाता है, लेकिन यह सच्चाई है कि इससे छत्तीसगढ़ का ग्रीन कवर हुआ था. इसे आप लोग झुठला नहीं सकते. छत्तीसगढ़ में पर्यावरण की स्थिति चिंताजनक है. राजधानी रायपुर जैसे कई बड़े शहरों में हवा जहरीली होती जा रही है. पर्यावरण विभाग को इस पर एक कम्प्लीट रिपोर्ट बनानी चाहिए. विधायक धर्मजीत सिंह ने कहा, छत्तीसगढ़ में आज शराब का राजस्व बढ़कर 12 हजार करोड़ तक हो गया. पूर्व की सरकार में शराब का घोटाला हो गया था. जीएसटी में आज सबसे ज्यादा वसूली का काम हुआ है. यह सब ईमानदार वित्तमंत्री की वजह से हुआ है. उन्होंने कहा, विधायकों के लिए रियायती दर पर आवास दिया जाए. विशेषकर नए विधायकों के लिए यह व्यवस्था की जानी चाहिए. प्रदूषण बढ़ रहा, उद्योगों का विकेंद्रीकरण होना चाहिए : सुनील सोनी धर्मजीत ने आगे कहा, गौण खनिज में कई जगहों पर चोरियां बढ़ गई है. इस पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए. अवैध प्लाटिंग की भी शिकायतें आई है. इस पर कड़ा एक्शन लेने की जरूरत है. विधायक सुनील सोनी ने कहा कि प्रदेश में प्रदूषण बढ़ गया है. उद्योगों का विकेंद्रीकरण होना चाहिए. रायपुर केंद्रित हो गया है. रायपुर के घरों में काला धुआं जमा हो रहा है.

स्कूल में शराब पीकर पहुंचने वाले दो सहायक शिक्षक सस्पेंड

बिलासपुर. शराब के नशे में स्कूल आने पर कड़ी कार्रवाई करते हुए जिला शिक्षा अधिकारी ने मस्तूरी विकासखंड के प्राथमिक स्कूलों में पदस्थ दो सहायक शिक्षकों को निलंबित कर दिया है. दोनों मामलों में स्थानीय शिकायत, जांच और स्पष्टीकरण की प्रक्रिया के बाद यह निर्णय लिया गया. पहला मामला ग्राम पंचायत जुनवानी स्थित शासकीय प्राथमिक शाला का है. यहां 6 मार्च को ग्राम पंचायत के जनप्रतिनिधि स्कूल के निरीक्षण के लिए पहुंचे थे. इस दौरान उन्होंने स्कूल में पदस्थ सहायक शिक्षक संदीप रात्रे को शराब के नशे में पाया. स्कूल के प्रधान पाठक ने बताया कि शिक्षक संदीप रात्रे कई बार बिना पूर्व सूचना के स्कूल से अनुपस्थित रहते हैं, जिससे विद्यालय की पढ़ाई व्यवस्था प्रभावित होती है. ग्रामीणों की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जनप्रतिनिधियों और स्कूल स्टाफ ने संयुक्त रूप से इसकी रिपोर्ट तैयार कर विकासखंड शिक्षा अधिकारी मस्तूरी को सौंपा. बीईओ की जांच में भी शिकायत सही मिली. जांच रिपोर्ट के आधार पर जिला शिक्षा अधिकारी ने शिक्षक संदीप रात्रे को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का आदेश जारी किया. निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय शासकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय दर्रीघाट निर्धारित किया गया है. दूसरा मामला मस्तूरी ब्लॉक के पीएमश्री शासकीय प्राथमिक शाला कुकुर्दीकला का है. यहां पदस्थ सहायक शिक्षक उत्तम कुमार कंवर के खिलाफ भी शराब पीकर स्कूल आने की शिकायत सामने आई थी. मामले की जानकारी मिलने पर बीईओ ने शिक्षक से स्पष्टीकरण मांगा. स्पष्टीकरण के जवाब में शिक्षक उत्तम कुमार कंवर ने अपनी गलती स्वीकार कर ली. इसके बाद बीईओ के भेजे गए रिपोर्ट के आधार पर जिला शिक्षा अधिकारी ने उन्हें भी निलंबित कर दिया. गौरतलब है कि इससे पहले भी जिले में शराब के नशे में स्कूल आने वाले लगभग 14 से अधिक शिक्षकों को निलंबित किया जा चुका है. इसके बावजूद कुछ शिक्षक अपनी आदतों में सुधार नहीं ला रहे हैं.

नक्सलवाद की समाप्ति के बाद बस्तर अब विकास की तेज उड़ान के लिए तैयार : रामविचार नेताम

मंत्री  रामविचार नेताम के विभागों के लिए 50 हजार 537 करोड़ रुपए से अधिक की अनुदान मांगें पारित नक्सलवाद की समाप्ति के बाद बस्तर अब विकास की तेज उड़ान के लिए तैयार :  रामविचार नेताम  “संकल्प” से ही हासिल करेंगे विकास की सिद्धि मत्स्य बीज उत्पादन में छत्तीसगढ़ अब देश में 5वें स्थान पर  नवा रायपुर में स्थापित जनजातीय संग्रहालय के अध्ययन के लिए आ रहे देश-विदेश के विशेषज्ञ बीजापुर में बनेगा 500 सीटर आवासीय प्रयास विद्यालय रायपुर   छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज कृषि एवं अनुसूचित जनजाति विकास मंत्री  रामविचार नेताम के विभागों के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 50 हजार 537 करोड़ 98 लाख 68 हजार रूपए की अनुदान मांगे पारित की गईं। इसमें कृषि विभाग के लिए 7075 करोड़ 90 लाख 56 हजार रूपए, पशुपालन विभाग के लिए 656 करोड़ 12 लाख 49 हजार रूपए, मछली पालन विभाग के लिए 110 करोड़ 67 लाख 30 हजार रूपए की अनुदान मांगें शामिल हैं। इसी प्रकार आदिम जाति कल्याण के लिए 157 करोड़ 05 लाख 58 हजार रूपए, अनुसूचित जनजाति उपयोजना के लिए 39,568 करोड़ 18 लाख 20 हजार रूपए, अनुसूचित जनजाति उपयोजना से संबंधित लोक निर्माण कार्य-सड़कें और पुल के लिए 1596 करोड़ 89 लाख रूपए, कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा से संबंधित व्यय के लिए 447 करोड़ 30 लाख रूपए, अनुसूचित जनजाति उपयोजना से संबंधित लोक निर्माण कार्य-भवन के लिए 215 करोड़ 69 लाख 19 हजार रूपए, अनुसूचित जनजाति उपयोजना के अंतर्गत त्रिस्तरीय पंचायत राज संस्थाओं को वित्तीय सहायता के लिए 453 करोड़ 91 लाख 68 हजार रूपए तथा अनुसूचित जनजाति उपयोजना के अंतर्गत नगरीय निकायों को वित्तीय सहायता के लिए 256 करोड़ 24 लाख 68 हजार रूपए शामिल हैं।  कृषि एवं संबद्ध विभागों तथा अनुसूचित जनजाति विकास विभाग की अनुदान मांगों पर हुई चर्चा का उत्तर देते हुए  रामविचार नेताम ने कहा कि छत्तीसगढ़ का मूलभाव खेती-किसानी से जुड़ा है। यह हमारी आत्मा में बसी हुई है। राज्य में 70-80 प्रतिशत लोगों की कृषि पर निर्भरता है। छत्तीसगढ़ जनजातीय बाहुल्य प्रदेश भी है। राज्य में विश्व स्तरीय जनजातीय संग्रहालय बनाकर हमने इतिहास में जगह नहीं पाने वाले जनजातीय नायकों को स्थान दिया है। हमारे इस विश्व स्तरीय डिजिटल संग्रहालय के अध्ययन के लिए देश-विदेश के विशेषज्ञ और अधिकारी आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद की समाप्ति के बाद बस्तर अब विकास की तेज उड़ान के लिए तैयार है। केन्द्र सरकार और राज्य सरकार के लगातार प्रयासों से नक्सलवाद के खात्मे के बाद अब बस्तर अमन-चैन और खुशहाली के रास्ते की ओर अग्रसर हैं। उन्होंने कहा कि आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट को हमने “संकल्प” की थीम पर तैयार किया है। इस “संकल्प” से ही हम राज्य के विकास की सिद्धि को हासिल करेंगे।   नेताम ने सदन में कहा कि कृषि उन्नति योजना के माध्यम से हम राज्य के किसानों का धान 3100 रूपए प्रति क्विंटल की दर से खरीद रहे हैं। धान के अलावा अन्य फसलें लेने वाले किसानों को हर साल 10 हजार रूपए की आदान राशि दे रहे हैं। इससे दलहन और तिलहन की खेती को बढ़ावा मिल रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा किसानों के हित में लगातार लिए गए कल्याणकारी फैसलों से खेती अब लाभ का व्यवसाय हो गया है। साथ ही खेती का रकबा बढ़ रहा है, किसान समृद्ध और किसान खुशहाल हो रहे हैं।  आगामी वित्तीय वर्ष के बजट में खाद्य पोषण सुरक्षा और बीज उत्पादन में आत्मनिर्भरता के लिए पर्याप्त प्रावधान किए गए हैं। प्रदेश के कम वर्षा वाले क्षेत्रों एवं पड़ती भूमि में मसूर, तिवरा, चना जैसे दलहनी फसलों की खेती के लिए उन्नत बीज तैयार करने का काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि एक फसली जमीन को दो फसली बनाने के काम को अभियान के रूप लेना चाहिए। जैविक खेती को बढ़ावा देने हमारी सरकार निरंतर कार्य कर रही है। पहले भी हमारी सरकार ने गरियाबंद, दंतेवाड़ा और सुकमा को जैविक जिला घोषित किया है, शेष जिलों में भी जैविक खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य में केन्द्र सरकार के सहयोग से सरसों, अरहर, मूंग और उड़द की खरीदी समर्थन मूल्य पर करने की व्यवस्था की जा रही है।   नेताम ने सदन में बताया कि किसानों के लिए हमारी सरकार ने राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के लिए 100 करोड़ रूपए का प्रावधान किया है। वहीं प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी की सोच के अनुरूप किसानों को समृद्ध बनाने कम पानी में अधिक फसल लेने की तकनीकों की जानकारी भी दी जा रही है। किसानों को “पर ड्रॉप मोर क्रॉप” के प्रति भी जागरूक किया जा रहा है।   नेताम ने कहा कि राज्य में कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों के विकास के लिए सभी काम किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि दूध का उत्पादन बढ़ाने एनडीडीबी के साथ एमओयू किया गया है। आगामी वित्तीय वर्ष के बजट में हरे चारे के विकास के लिए 7.50 करोड़, चिलिंग प्लांट के लिए 50 लाख, शूकर वितरण के लिए 5 करोड़ और बकरी वितरण के लिए 5 करोड़ का प्रावधान किया गया है। उन्होंने बताया कि राज्य में मत्स्य बीजों के उत्पादन में बेहतर काम हो रहा है। छत्तीसगढ़ इसके उत्पादन में राष्ट्रीय स्तर पर अब 6वें से 5वें स्थान पर आ गया है। उन्होंने बताया कि धमधा के राजपुर में मत्स्य कॉलेज के लिए भवन और छात्रावास निर्माण के लिए इस बजट में 3 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है।   नेताम ने अनुसूचित जनजाति विकास विभाग की अनुदान मांगों पर चर्चा के जवाब में कहा कि वनांचलों में बड़ी संख्या में आश्रम-छात्रावासों के भवनों के निर्माण की स्वीकृति दी गई है। विगत दो वर्षों में 167 आश्रम-छात्रावास भवन स्वीकृत किए गए हैं, जिनके निर्माण कार्य प्रगति पर हैं। उन्होंने बताया कि राज्य की अति पिछड़ी जनजातियों को आत्मनिर्भर बनाने कई कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। आगामी वित्तीय वर्ष के बजट में बीजापुर में 500 सीटर आवासीय प्रयास विद्यालय बनाने का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के माध्यम से हमारी सरकार प्रदेश के चिन्हांकित क्षेत्रों में जनजातीय वर्गों के विकास के लिए प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। इस योजना के तहत अनेक गांवों का कायाकल्प हुआ है।           कृषि … Read more

समुचित वित्तीय प्रबंधन के लिए हमारी सरकार दृढ़ संकल्पित : वित्त मंत्री ओपी चौधरी

वित्त मंत्री  ओपी चौधरी के विभागों के लिए 11 हजार 470 करोड़ रुपए से अधिक की अनुदान मांगें पारित समुचित वित्तीय प्रबंधन के लिए हमारी सरकार दृढ़ संकल्पित :  वित्त मंत्री  ओपी चौधरी जीएसटी 2.0 से आम जनता को राहत, कर राजस्व में भी रिकॉर्ड वृद्धि पंजीयन विभाग में बड़े सुधार, रजिस्ट्री प्रक्रिया हुई सरल और पारदर्शी  रायपुर  छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज वित्त मंत्री  ओपी चौधरी के विभागों के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 हेतु 11 हजार 470 करोड़ 62 लाख 50 हजार रुपए की अनुदान मांगें पारित कर दी गईं। इनमें वित्त विभाग के लिए 9 हजार 630 करोड़ 30 लाख 20 हजार रुपए, आवास एवं पर्यावरण विभाग के लिए 01 हजार 247 करोड़ रुपए, योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग के लिए 82 करोड़ 49 लाख 60 हजार रुपए तथा वाणिज्यिक कर विभाग के लिए 510 करोड़ 82 लाख 70 हजार रुपए शामिल हैं। अनुदान मांगों पर चर्चा का जवाब देते हुए वित्त मंत्री  ओपी चौधरी ने कहा कि सरकार का लक्ष्य वित्तीय अनुशासन, पारदर्शिता, तकनीकी सुधार और समावेशी विकास के माध्यम से राज्य को मजबूत आर्थिक आधार देना है।  आवास, पर्यावरण और नवा रायपुर के विकास पर सरकार का फोकस छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र में आवास एवं पर्यावरण विभाग की मांगों पर चर्चा के दौरान मंत्री  ओपी चौधरी ने विभागीय उपलब्धियों और आगामी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि किसी भी समाज के विकास की मजबूत नींव सुरक्षित और सम्मानजनक आवास पर टिकी होती है, इसलिए राज्य सरकार नागरिकों को बेहतर आवास उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सरकार बनने के समय गृह निर्माण मंडल की 442 करोड़ रुपये की 3219 संपत्तियां लंबे समय से अविक्रित थीं और मंडल पर शासकीय कॉलोनी निर्माण के लिए 735 करोड़ रुपये का ऋण था। राज्य शासन ने ऋण के एकमुश्त भुगतान के लिए बजट में व्यवस्था कर मंडल की वित्तीय स्थिति में सुधार किया। मंत्री  चौधरी ने कहा कि लंबे समय से अविक्रित संपत्तियों के विक्रय के लिए वन टाइम सेटलमेंट योजना लागू की गई है। इसके तहत अब तक 1410 संपत्तियों का लगभग 210 करोड़ रुपये में विक्रय किया जा चुका है। भविष्य की परियोजनाओं के लिए मंडल ने मांग आधारित निर्माण प्रणाली लागू करने का निर्णय लिया है, जिसके तहत पर्याप्त बुकिंग मिलने के बाद ही नए आवासों का निर्माण शुरू किया जाएगा। मंत्री  चौधरी ने कहा कि छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल का उद्देश्य केवल मकान बनाना नहीं है, बल्कि प्रदेश के प्रत्येक नागरिक को सुरक्षित, सम्मानजनक और सुविधाजनक आवास उपलब्ध कराना है। मंडल द्वारा बेहतर वित्तीय स्थिति में आने उपरांत प्रदेश भर में नवीन प्रोजेक्ट प्रारंभ किए गए हैं। उन्होंने कहा कि मुझे यह बताते हुए हर्ष हो रहा है कि विगत दो वर्षों में छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मण्डल द्वारा प्रदेश के 33 में से 27 जिलों में 3069 करोड़ के 78 नवीन प्रोजेक्ट की लॉचिंग  की गई है जिसके अंतर्गत 16782 नवीन प्रापर्टी निर्माण का लक्ष्य है। जल्द ही मंडल द्वारा शेष जिलों में भी नवीन प्रोजेक्ट प्रारंभ किया जावेगा। मंडल के इस प्रयास को जनता का अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है। बुकिंग प्रारंभ करने के लिए  राज्य स्तरीय आवास मेला का आयोजन नवम्बर 2025 में किया गया, जिस दौरान 305 करोड़ की 1477 संपत्ति की बुकिंग केवल तीन दिनों में प्राप्त हुई। पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में किए गए प्रयासों की जानकारी देते हुए मंत्री  ओपी चौधरी ने बताया कि विगत दोे वर्ष में पर्यावरण संरक्षण मंडल द्वारा कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। परिवहन के दौरान कच्चे माल, फ्लाई ऐश एवं अन्य ठोस अपशिष्ट के उड़ने एवं गिरने से होने वाले प्रदूषण की रोकथाम के लिये छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल द्वारा मानक संचालन प्रक्रिया (एस.ओ.पी.) जारी किया गया है, जिसमें फ्लाई ऐश के समुचित प्रकार से ढककर परिवहन किये जाने का प्रावधान है। उक्त एस.ओ.पी. 01 अगस्त 2024 से प्रभावशील है। एस.ओ.पी. के उल्लंघन की लगातार मानिटरिंग की जा रही है तथा उल्लंघन की स्थिति में पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति अधिरोपित की जाती है।  उद्योगों द्वारा जनित फ्लाई ऐश के निष्पादन के मानिटरिंग हेतु जी.पी.एस. तथा जियोटैगिंग के साथ फ्लाई ऐश के परिवहन/भू-भराव की मानिटरिंग हेतु इण्डस्ट्रीयल वेस्ट मैनेजमेंट एण्ड मानिटरिंग सिस्टम (आई.डब्ल्यू.एम.एम.एस.) विकसित किया गया है। आई.डब्ल्यू.एम.एम.एस. प्रारंभ होने के पश्चात् प्रदेश में कुल 1 लाख 44 हजार 291 ट्रीप की गई है। छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल द्वारा राज्य में स्थापित होने वाले उत्सर्जन और प्रदूषण की रियल-टाईम निगरानी करना और पर्यावरणीय मानकों का पालन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से CG Nigrani  पोर्टल विकसित किया गया है। इस पोर्टल पर कुल 124 उद्योगों को इस सिस्टम से जोड़ा गया है। इन उद्योगों में IoT आधारित डिवाइस लगाये गये हैं, जो Continuous Emission Monitoring System (CEMS), Effluent Quality Monitoring Systems और Continuous Ambient Air Quality Monitoring System  के माध्यम से डेटा एकत्रित करते हैं। यह सिस्टम 17 प्रकार के अत्यधिक प्रदूषणकारी उद्योगों में स्थापित किया गया है। मंत्री  चौधरी ने कहा कि CG Nigrani  सिस्टम की मदद से उद्योगों के उत्सर्जन और प्रदूषण के स्तर की लगातार ऑनलाईन निगरानी प्रारंभ की गई है। यदि किसी उद्योग का उत्सर्जन निर्धारित अनुमेय सीमा (Permissible Limit) से अधिक हो जाता है तो यह सिस्टम तुरंत अलर्ट जारी करता है। इसके अलावा यदि प्रदूषण मानकों का उल्लंघन होता है तो इस सिस्टम के माध्यम से उद्योगों को नोटिस जारी किया जाता है। उन्होंने कहा कि हमारा राज्य केवल आधुनिक विकास की दिशा में ही नहीं बढ़ रहा है, बल्कि अपनी सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण और विकास के लिए भी प्रतिबद्ध है। इसी क्रम में सिरपुर विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण के माध्यम से सिरपुर क्षेत्र के विकास के लिए लगभग 36 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। वित्त मंत्री  चौधरी ने कहा कि नवा रायपुर में HNLU, IIIT, IIM, जैसे प्रतिष्ठित संस्थान संचालित हो रहे हैं। हमने यह प्रयास किया कि नवा रायपुर को न केवल राज्य का बल्कि देश के शैक्षणिक केन्द्र के रूप में विकसित किया जाये। यह बताते हुए मुझे गर्व हो रहा है कि NIFT] NIELIT] NFSU  जैसे राष्ट्रीय स्तर के संस्थानों की स्थापना भी नवा रायपुर में होने जा रहा है। उन्होंने बताया कि नरसी मोनजी प्रबंधन अध्ययन संस्थान (NMIMS) की स्थापना का मार्ग प्रशस्त हो चुका है … Read more

राज्य के चिन्हांकित 43 जनजातियों और उपजातियों की संस्कृति, परिधान और चित्रकला का प्रदर्शन

नवा रायपुर में परम्परा से पहचान तक ‘आदि परब-2026’ का भव्य आयोजन राज्य के चिन्हांकित 43 जनजातियों और उपजातियों की संस्कृति, परिधान और चित्रकला का प्रदर्शन छत्तीसगढ़ सहित मध्यप्रदेश, तेलंगाना, ओडिशा, महाराष्ट्र और झारखंड के जनजातीय कलाकार होंगे शामिल सजेगा आदि रंग, परिधान और हाट रायपुर  मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय की परिकल्पना और निर्देश पर 13 और 14 मार्च 2026 को नवा रायपुर स्थित आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान परिसर में ’परम्परा से पहचान तक’ – आदि परब – 2026 का भव्य आयोजन किया जाएगा। छत्तीसगढ़ की समृद्ध जनजातीय संस्कृति, कला और परंपराओं को राष्ट्रीय मंच देने के उद्देश्य से ‘आदि परब-2026’ का भव्य आयोजन किया जा रहा है।        भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय के सहयोग से आदिम जाति विकास विभाग के अंतर्गत आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान द्वारा कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। उक्त आशय की जानकारी आज टीआरटीआई में आयोजित पत्रकारवार्ता के दौरान आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव  सोनमणि बोरा और प्रशिक्षण संस्थान के संचालक मती हिना अनिमेष नेताम ने दी।          आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव  सोनमणि बोरा और आदिवासी अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान के संचालक मती हिना अनिमेष नेताम ने प्रेसवार्ता में बताया कि मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय की परिकल्पना और निर्देश पर ‘आदि परब-2026’ का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि आदिम जाति विकास मंत्री  रामविचार नेताम के मार्गदर्शन में विभाग इस आयोजन को सफल बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। प्रमुख सचिव  बोरा ने बताया कि दो दिवसीय इस आयोजन में छत्तीसगढ़ की 43 जनजातियों के साथ-साथ मध्यप्रदेश, तेलंगाना, ओडिशा, महाराष्ट्र और झारखंड के जनजातीय समुदाय भी शामिल होंगे l आयोजन का उद्देश्य जनजातीय पहचान, सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण तथा पारंपरिक ज्ञान के संवर्धन को बढ़ावा देना है। पहली बार एक मंच पर दिखेंगी 43 जनजातियों की वेशभूषाएँ        प्रमुख सचिव  बोरा ने बताया कि इस कार्यक्रम के अंतर्गत “आदि-परिधान जनजातीय अटायर शो” का आयोजन 13 मार्च को सुबह 10.30 बजे से शाम 8 बजे तक और 14 मार्च को शाम 4 बजे से रात 8 बजे तक किया जाएगा। इस आयोजन में राज्य की 43 जनजातीय समुदायों की पारंपरिक वेशभूषा और सांस्कृतिक विशेषताओं को पहली बार एक ही मंच पर प्रदर्शित किया जाएगा। प्राकृतिक रंगों, स्थानीय संसाधनों और हाथों से बने वस्त्रों से तैयार ये परिधान जनजातीय जीवन शैली और प्रकृति के साथ सह-अस्तित्व का संदेश देंगे। इसमें भाग लेने के लिए 120 प्रतिभागियों ने ऑनलाइन पंजीयन कराया है।  ‘आदि रंग’ में चित्रकला के माध्यम से जल-जंगल-जमीन का संदेश       प्रमुख सचिव  बोरा ने प्रेसवार्ता में बताया कि आदि परब के तहत “आदि रंग – जनजातीय चित्रकला महोत्सव” भी आयोजित होगा। इस महोत्सव में जनजातीय कलाकार अपनी पारंपरिक चित्रकला के माध्यम से जल, जंगल और जमीन के संरक्षण, जनजातीय जीवन दर्शन और पर्यावरणीय चुनौतियों को प्रस्तुत करेंगे। इस कार्यक्रम में 155 प्रतिभागियों ने ऑनलाइन पंजीयन कराया है। चित्रकला प्रतियोगिता 18-30 वर्ष और 30 वर्ष से अधिक आयु वर्ग की दो श्रेणियों में होगी। दोनों श्रेणी में प्रथम पुरस्कार 20 हजार रुपये, द्वितीय पुरस्कार 15 हजार रुपये और तृतीय पुरस्कार 10 हजार रुपये दिए जाएंगे। साथ ही दोनों आयु वर्गों के 10-10 प्रतिभागियों को 2000 रुपये का सांत्वना पुरस्कार भी दिया जाएगा। आदि-हाट में मिलेगा जनजातीय हस्तशिल्प और पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद           बोरा ने बताया कि आयोजन के दौरान “आदि-हाट जनजातीय शिल्प मेला” भी लगाया जाएगा, जिसमें छत्तीसगढ़ के जनजातीय हस्तशिल्प, वनोपज और पारंपरिक उत्पादों का प्रदर्शन और विक्रय किया जाएगा। यहां 14 समूहों द्वारा हस्तशिल्प और पारंपरिक व्यंजनों के स्टॉल लगाए जाएंगे, जहां आगंतुक प्रदेश के पारंपरिक स्वाद का आनंद ले सकेंगे। यूपीएससी में चयनित जनजातीय युवाओं का होगा सम्मान          प्रमुख सचिव  बोरा ने बताया कि कार्यक्रम के दौरान संघ लोक सेवा आयोग परीक्षा 2025 में छत्तीसगढ़ से आदिम जाति विकास विभाग की योजनाओं के सहयोग से चयनित अनुसूचित जनजाति वर्ग के अभ्यर्थी  डायमंड सिंह ध्रुव और  अंकित साकनी का सम्मान किया जाएगा। साथ ही इस मौके पर ‘प्रयास’ संस्थान के विद्यार्थियों को विभागीय योजनाओं के तहत लैपटॉप भी वितरित किए जाएंगे।