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सनसनीखेज वारदात: युवक को पेट्रोल से जलाया, अस्पताल में तोड़ा दम, दो ग्रामीण संदिग्ध

रायगढ़ छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में एक युवक का रास्ता रोककर मारपीट करते हुए दो लोगों ने उसे पेट्रोल डालकर जिंदा जला दिया। गंभीर रूप से झुलसे युवक की मेडिकल काॅलेज अस्पताल में मौत हो गई। इस मामले में पुलिस एक संदेही को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। पूरा मामला खरसिया थाना क्षेत्र का है। मृतक के मामा शत्रुघन पटेल ने बताया कि शिव प्रसाद पटेल निवासी चपले 16 फरवरी को बैंक के काम के सिलसिले में मौहापाली आया था, जहां से रात करीब साढ़े 10 बजे मौहापाली से अपने घर चपले जाने के लिए निकला था। इसी बीच भांठापारा बस्ती में दो लोगों ने उसका रास्ता रोका और हथियार से उस पर वार करते हुए पेट्रोल डालकर उसे जला दिया। इस घटना में शिव प्रसाद लगभग 60 प्रतिशत झुलस गया था, इस घटना की जानकारी उन्हें सुबह मिली। परिजनों को गांव के दो लोगों पर शक शत्रुघन पटेल ने बताया कि घायल शिव प्रसाद को तत्काल खरसिया अस्पताल ले जाया गया, जहां से उसे रायगढ़ जिला अस्पताल रेफर किया गया। इलाज के दौरान बुधवार शाम करीब 6 बजे उसकी मौत हो गई। सीसीटीवी फुटेज में दो लोगों के द्वारा शिव प्रसाद पटेल को रूकवाते हुए देखा गया है, उन्हीं दो लोगों पर इस घटना को अंजाम देने का शक है। उक्त दोनों युवक निलेश डंजारे और गंगाराम उर्फ कृष्णा गांव के ही रहने वाले हैं। एक संदेही को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही पुलिस इस मामलें पुलिस निलेश डंजारे को हिरासत में लिया है दूसरे की तलाश की जा रही है। परिजनों ने यह भी बताया कि दोनो युवक अपराधी प्रवृत्ति के हैं जो देर रात आने जाने वाले लोगों के साथ मारपीट कर लूटपाट की घटना को अंजाम देते हैं। परिजनों को संदेह है कि लूटपाट के इरादे से ही आरोपी ने इस घटना को अंजाम दिया है।

गोंदिया स्टेशन पर बैलेस्टेड ट्रैक में परिवर्तन के चलते 5 से 24 अप्रैल तक कई ट्रेनें प्रभावित

दुर्ग. दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के गोंदिया स्टेशन के प्लेटफार्म पर वॉशेबल एप्रन का डिसमेंटलिंग एवं बैलस्टेड ट्रैक में रूपांतरण कार्य किया जाना है. इसको लेकर रेलवे प्रशासन द्वारा ब्लॉक किया जाएगा. इसके चलते दुर्ग से गुजरने वाली कुछ गाड़ियों का परिचालन प्रभावित रहेगा. नागपुर मंडल के अंतर्गत गोंदिया स्टेशन पर वॉशेबल एप्रन को डिस्मेंटलिंग कर उसे बैलेस्टेड ट्रैक में परिवर्तित करने का कार्य 5 अप्रैल से किया जाएगा. इसके चलते 5 अप्रैल से 24 अप्रैल तक कुछ गाड़ियों का परिचालन प्रभावित रहेगा. जिससे दुर्ग से नागपुर एव बिलासपुर की ओर जाने वाले यात्रियों को भारी गर्मी में परेशानी का सामना करना पड़ेगा. रेलवे प्रशासन द्वारा दुर्ग स्टेशन से गुजरने वाली गाड़ी संख्या 18030 शालीमार लोकमान्य तिलक टर्मिनल एक्सप्रेस को 4 से 24 अप्रैल तक रद्द किया जा रहा है. गाड़ी संख्या 18029 लोकमान्य तिलक टर्मिनेटर एक्सप्रेस को लोकमान्य तिलक टर्मिनस से 6 से 26 अप्रैल तक रद्द रखा जाएगा. गाड़ी संख्या 18237 कोरबा अमृतसर एक्सप्रेस 5 अप्रैल से 25 अप्रैल तक रद्द रहेगी. 18238 अमृतसर बिलासपुर एक्सप्रेस अमृतसर से 7 से 27 अप्रैल तक रद्द रहेगी. गाड़ी संख्या 12410 हजरत निजामुद्दीन से रायगढ़ तक चलने वाली एक्सप्रेस 2, 4,6, 7, 8, 9, 11, 13, 14, 15, 16, 18, 20, 21 22 अप्रैल को रद्द रहेगी. रायगढ़ से हजरत निजामुद्दीन की ओर जाने वाली गाड़ी संख्या 12409 रायगढ़ से 4, 6, 8, 9, 10, 11, 13, 15,16,17, 18, 20, 22, 23 24 अप्रैल को रद्द रहेगी. इसी तरह गाड़ी संख्या 12101 लोकमान्य तिलक टर्मिनस शालीमार एक्सप्रेस शालीमार से चलने वाली लोकमान्य तिलक टर्मिनल एक्सप्रेस संख्या 12102 भी रद्द रहेगी. विशाखापट्टनम से हजरत निजामुद्दीन की ओर जाने वाली एक्सप्रेस विशाखापट्टनम से 5, 7, 8, 9, 12, 14, 15, 16, 18, 19, 21, 22 एवं 23 अप्रैल को रद्द रहेगी. गाड़ी संख्या 12808 निजामुद्दीन विशाखापट्टनम एक्सप्रेस सहित अन्य डेमू पैसेंजर रद्द रहेगी.

घर-घर पहुँच रहा पानी, बदली ठरकपुर की कहानी

घर-घर पहुँच रहा पानी, बदली ठरकपुर की कहानी हर घर नल, हर घर जल का साकार हुआ सपना बिलासपुर जल जीवन मिशन से मुंगेली जिला मुख्यालय से 25 किलोमीटर दूर ग्राम ठरकपुर में हर घर नल, हर घर जल का सपना साकार हुआ है। मिशन के अंतर्गत ठरकपुर में पाइपलाइन बिछाकर प्रत्येक घर को नल कनेक्शन प्रदान किया गया है। इसके बाद से गांव में न केवल पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित हुई है, बल्कि पानी की गुणवत्ता और नियमितता भी बेहतर हुई है। अब गांव के हर घर में स्वच्छ पेयजल पहुंच रहा है। इसने ठरकपुर की कहानी बदल गई है। कभी पेयजल संकट से जूझने वाले ठरकपुर की तस्वीर आज पूरी तरह बदल चुकी है। एक समय था जब पानी के लिए हैंडपंपों पर लंबी कतारें, मटकों और बाल्टियों के साथ ग्रामीणों की भीड़ तथा गर्मी के दिनों में गांव में जल संकट होता था। पहले पूरा गांव पेयजल के लिए 8 हैंडपंपों के भरोसे था। गर्मियों में जलस्तर गिरने से ये हैंडपंप अक्सर जवाब दे जाते थे, जिससे ग्रामीणों विशेषकर महिलाओं को दूर-दराज के जल स्रोतों से पानी लाने मजबूर होना पड़ता था। ठरकपुर की श्रीमती गंगा यादव बताती हैं कि पहले छोटे बच्चों को घर पर छोड़कर दूर हैंडपंप से पानी लाना पड़ता था। गर्मी में बहुत परेशानी होती थी। अब घर में नल लग गया है, भरपूर पानी मिल रहा है और जीवन आसान हो गया है। नल जल योजना से महिलाओं की मेहनत और समय की बचत हो रही है, जिसे अब वे परिवार, बच्चों की देखभाल और अन्य रचनात्मक कार्यों में लगा पा रही हैं, इससे वहां की महिलाओं के चेहरे में मुस्कान आई है। ठरकपुर में जल जीवन मिशन केवल पानी की व्यवस्था नहीं, बल्कि स्वास्थ्य, सुविधा और सम्मान का माध्यम बनकर आया है। स्वच्छ जल से बीमारियों में कमी आई है और ग्रामीणों का जीवन स्तर बेहतर हुआ है।

मस्तूरी के 8 गांवों में राशन दुकान आवंटन, 13 मार्च तक मांगे गए आवेदन

बिलासपुर जिले के विकासखंड मस्तूरी के अंतर्गत सार्वजनिक वितरण प्रणाली को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से 8 ग्रामों में उचित मूल्य (राशन) दुकानों के संचालन हेतु 13 मार्च 2026 तक आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। एसडीएम कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार इनमें बूढ़ीखार, गतोरा, केवतरा, गोडाडीह, मस्तूरी, मटिया, शिवटिकारी एवं सुकुलकारी ग्रामों में राशन दुकान खोले जाने हैं। इन ग्रामों राशन दुकान के लिए पात्र स्व सहायता समूह, ग्राम पंचायत अथवा सहकारी संस्थाएं निर्धारित प्रारूप में आवेदन प्रस्तुत कर सकती हैं। आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 13 मार्च 2026 निर्धारित की गई है। इच्छुक आवेदकों को अपने आवेदन मस्तूरी स्थित एसडीएम कार्यालय की खाद्य शाखा में उक्त तिथि तक जमा करना होगा। आवेदन निर्धारित फॉर्मेट में तैयार कर ए-4 आकार के लिफाफे में प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। निर्धारित शर्तों एवं दिशा-निर्देशों के अनुसार ही आवेदन स्वीकार किए जाएंगे। खाद्य निरीक्षक ने पात्र संस्थाओं से समय-सीमा के भीतर आवेदन प्रस्तुत करने की अपील की है। विस्तृत जानकारी एसडीएम कार्यालय मस्तूरी के खाद्य शाखा से प्राप्त की जा सकती है। पटेल/

नक्सल विरोधी अभियान को बड़ी कामयाबी, ‘ब्लैक फॉरेस्ट-2’ ऑपरेशन में 5 नक्सलियों का खात्मा

बीजापुर कर्रेगुट्टा क्षेत्र में सुरक्षा बलों द्वारा चलाए जा रहे ऑपरेशन “ब्लैक फॉरेस्ट-2” के दौरान आज एक बड़ी मुठभेड़ में पांच नक्सली मारे गए है। यह कार्रवाई जिले में जारी नक्सल विरोधी अभियान, सर्च ऑपरेशन और एरिया डोमिनेशन के तहत की गई है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, मुठभेड़ में मारे गए नक्सलियों की पहचान की प्रक्रिया चल रही है। घटनास्थल से हथियार और गोला-बारूद भी बरामद किए गए हैं। वरिष्ठ अधिकारियों को इस सफलता की सूचना दे दी गई है। सुरक्षा बलों ने इलाके में सर्च और सैनिटाइजेशन अभियान जारी रखा है। मुठभेड़ के दौरान और बरामदगी से जुड़ी विस्तृत जानकारी अभी प्रतीक्षित है। यह कार्रवाई क्षेत्र में नक्सलियों के खिलाफ चल रहे लगातार अभियान में एक महत्वपूर्ण सफलता मानी जा रही है और स्थानीय सुरक्षा बलों की तत्परता और तैयारियों को दर्शाती है।

NHM के तहत CHO, नर्स और टेक्नीशियन समेत 87 पदों पर भर्ती

बलौदा बाजार. रोजगार की तलाश कर रहे युवाओं के लिए सुनहरा अवसर है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जिला बलौदाबाजार-भाटापारा द्वारा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के अंतर्गत कुल 87 रिक्त संविदा पदों पर भर्ती के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। इच्छुक अभ्यर्थी 28 फरवरी 2026 तक आवेदन कर सकते हैं। जानकारी के अनुसार राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन अंतर्गत सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर) के 17 पद, नर्सिंग ऑफिसर 4 पद, स्टॉफ नर्स 36 पद, एएनएम 2 पद, काउंसलर 2 पद, सपोर्ट स्टॉफ 3 पद जूनियर सेक्रेट्रीयल असिस्टेंट 6 पद, लैब असिस्टेंट 2, साइकोलॉजिस्ट 5 पद, काउंसलर 2 पद, फिजियोथेरेपिस्ट, ऑडियोलॉजिस्ट, लैब टेक्नीशियन, डिस्ट्रिक्ट मैनेजर (डेटा), फीडिंग डिमांस्ट्रेटर, अटेंडेंट, कुक कम केयर टेकर,एवं सिक्योरीटी गार्ड के 1-1 के पदों पर संविदा भर्ती की जाएगी। संविदा पदों पर नियुक्ति के लिए समस्त अर्हताधारी इच्छुक छत्तीसगढ़ के स्थानीय निवासी अभ्यर्थियों से आवेदन पत्र निर्धारित प्रपत्र में कार्यालय, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जिला बलौदाबाजार-भाटापारा (छ.ग.) को दिनांक 28 फ़रवरी 2026 शाम 5 बजे तक केवल पंजीकृत डाक अथवा स्पीड पोस्ट के माध्यम् से प्रेषित कर सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए https://balodabazar.gov.in/ का अवलोकन किया जा सकता है।

सुरक्षाबलों के रडार पर चार शीर्ष कमांडर समेत 300 माओवादी

रायपुर. नरेंद्र मोदी सरकार 31 मार्च 2026 तक पूर देश से नक्सलवाद पूरी तरह से खत्म करने की तिथि निर्धारित की थी। नक्सलवाद खात्मे की डेडलाइन अब करीब आ गई है। इसे देखते हुए सरकार ने वामपंथी उग्रवाद के खिलाफ एक बार फिर से बड़ा अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। सभी नक्सल प्रभावित राज्यों में सघन अभियान चलाय़ा जा रहा है। सुरक्षाबलों के रडार पर चार शीर्ष कमांडर समेत 300 नक्सली हैं। सुरक्षाबलों के निशाने पर प्रतिबंधित भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) की शीर्ष चार केंद्रीय समिति (सीसी) के सदस्यों में मिसिर बेसरा उर्फ भास्कर, देवजी उर्फ कुंभा दादा उर्फ चेतन, राममन्ना उर्फ गणपति उर्फ लक्ष्मण राव और मल्लाह राजा रेड्डी उर्फ सागर शामिल हैं। इधर गृह मंत्रालय (Ministry Of Home Affairs) ने एक बयान में कहा है कि वामपंथी उग्रवाद (एलडब्ल्यूई) से प्रभावित जिलों की संख्या 18 से घटकर 11 हो गई है। चार शीर्ष कमांडर समेत 300 नक्सलियों की तलाश सुरक्षाबलों को इन चार शीर्ष कमांडर समेत करीब 300 नक्सलियों की तलाश है. अधिकारियों ने कहा कि या तो वे आत्मसमर्पण कर दें, अन्यथा मार्च 2026 की समयसीमा तक नक्सलवाद को खत्म करने का लक्ष्य हासिल करने के लिए सघन अभियानों के दौरान सुरक्षाबल उन्हें खत्म कर देंगे. नक्सलवाद से प्रभावित जिलों की संख्या घटी गृह मंत्रालय ने अक्टूबर 2025 में कहा था कि नक्सलवाद से सबसे ज्यादा प्रभावित जिलों की संख्या घटकर छत्तीसगढ़ के तीन रह गई है, जिसमें बीजापुर, सुकमा और नारायणपुर शामिल हैं. मंत्रालय ने एक बयान में कहा है कि वामपंथी उग्रवाद (एलडब्ल्यूई) से प्रभावित जिलों की संख्या 18 से घटकर 11 हो गई है. मंत्रालय ने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद के खतरे को पूरी तरह से खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है. मंत्रालय ने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार 31 मार्च 2026 तक पूर देश से नक्सलवाद पूरी तरह से खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। देवजी और उसके सहयोगी केसा सोढ़ी के इलाके में मौजूद होने की खुफिया जानकारी मिलने के बाद मंगलवार को छत्तीसगढ़-तेलंगाना सीमा पर एक सघन अभियान चल रहा है। अधिकारियों ने बताया कि रेड्डी को छोड़कर बाकी सभी शीर्ष कमांडर इस क्षेत्र में सक्रिय हैं। रेड्डी के बारे में कहा जाता है कि वह ओडिशा में छिपा हुआ है। सुरक्षाबलों को इन चार शीर्ष कमांडर समेत करीब 300 नक्सलियों की तलाश है। अधिकारियों ने कहा कि या तो वे आत्मसमर्पण कर दें, अन्यथा मार्च 2026 की समयसीमा तक नक्सलवाद को खत्म करने का लक्ष्य हासिल करने के लिए सघन अभियानों के दौरान सुरक्षाबल उन्हें खत्म कर देंगे। नक्सलवाद से प्रभावित जिलों की संख्या घटी गृह मंत्रालय ने अक्टूबर 2025 में कहा था कि नक्सलवाद से सबसे ज्यादा प्रभावित जिलों की संख्या घटकर छत्तीसगढ़ के तीन रह गई है। जिसमें बीजापुर, सुकमा और नारायणपुर शामिल हैं। मंत्रालय ने एक बयान में कहा है कि वामपंथी उग्रवाद (एलडब्ल्यूई) से प्रभावित जिलों की संख्या 18 से घटकर 11 हो गई है।

छत्तीसगढ़ की 2 राज्यसभा सीटों पर चुनाव की घोषणा

रायपुर. भारत निर्वाचन आयोग ने बुधवार को अप्रैल-2026 में सेवानिवृत्त होने वाले राज्यसभा सदस्यों की रिक्त सीटों को भरने के लिए द्विवार्षिक चुनाव की घोषणा कर दी गई है. (Rajya Sabha Election 2026) इसके माध्यम से देश के 10 राज्यों में कुल 37 राज्यसभा सदस्यों का निर्वाचन किया जाएगा. छत्तीसगढ़ से राज्यसभा की कुल 5 सीटों में से 2 सदस्यों, कवि तेजपाल सिंह तुलसी और फूलो देवी नेताम का कार्यकाल 9 अप्रैल 2026 को पूर्ण हो रहा है. इन दोनों सीटों के रिक्त होने के कारण निर्वाचन की कार्यवाही प्रारंभ करते हुए भारत निर्वाचन आयोग द्वारा राज्यसभा के द्विवार्षिक निर्वाचन कार्यक्रम की घोषणा की गई है. आयोग द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार राज्यसभा सदस्यों के निर्वाचन के लिए 26 फरवरी को अधिसूचना जारी की जाएगी. नाम-निर्देशन पत्र 5 मार्च तक दाखिल किए जा सकेंगे. 6 मार्च को नामांकन पत्रों की संवीक्षा की जाएगी. अभ्यर्थी 9 मार्च तक अपना नाम वापस ले सकेंगे. 16 मार्च को सुबह 9 बजे से सायं 4 बजे तक मतदान होगा और उसी दिन शाम 5 बजे से मतगणना प्रारंभ की जाएगी. संपूर्ण निर्वाचन प्रक्रिया 20 मार्च 2026 शुक्रवार तक पूर्ण कर ली जाएगी. राज्यसभा निर्वाचन के लिए अभ्यर्थी अपना नाम-निर्देशन पत्र 26 फरवरी से 5 मार्च तक सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक सार्वजनिक अवकाश को छोड़कर छत्तीसगढ़ विधानसभा भवन में निर्धारित स्थान पर रिटर्निंग ऑफिसर संचालक, छत्तीसगढ़ विधानसभा के समक्ष प्रस्तुत कर सकेंगे. राज्यसभा द्विवार्षिक निर्वाचन में राज्य के कुल 90 विधानसभा सदस्य अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे, जिनमें भारतीय जनता पार्टी के 54, इंडियन नेशनल कांग्रेस के 35 तथा गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के एक सदस्य शामिल हैं. सभी विधायक मतपत्र के माध्यम से मतपेटी में अपना मत प्रदान करेंगे. मतपत्र पर वरीयता अंकित करने के लिए केवल निर्वाचन अधिकारी द्वारा प्रदान किए गए बैंगनी रंग के स्केच पेन का उपयोग किया जाएगा. किसी अन्य पेन का उपयोग मान्य नहीं होगा. स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए पर्यवेक्षकों की नियुक्ति के माध्यम से चुनाव प्रक्रिया की कड़ी निगरानी की जाएगी. निर्वाचन की संपूर्ण प्रक्रिया आयोग के निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप संपादित की जाएगी. अप्रैल 2026 में सेवानिवृत्त होने वाले सदस्यों का राज्यवार विवरण अनुलग्नक ‘A’ में पृथक रूप से संलग्न है.

सामाजिक जिम्मेदारी का उदाहरण: ‘सेवा एक नई पहल’ द्वारा अंतिम संस्कार में की सेवा

मानवीय मूल्यों को पुनर्जीवित करती ‘सेवा एक नई पहल’ — अंतिम संस्कार में निभाया सामाजिक दायित्व निराश्रित बुजुर्ग मातुश्री के निधन पर संस्था ने खरे परिवार के सहयोग से किया अंतिम संस्कार, समाज में सद्भाव और समानता की नई चेतना का संदेश बिलासपुर  जोरा पारा स्थित सुवाणी सुखाश्रम में निवासरत एक निराश्रित बुजुर्ग मातुश्री के निधन पर सामाजिक संस्था सेवा एक नई पहल ने मानवीय संवेदनाओं का परिचय देते हुए अंतिम संस्कार का दायित्व निभाया। इस पुण्य कार्य में शहर के लब्धप्रतिष्ठित खरे परिवार का भी सराहनीय सहयोग रहा। मृतात्मा को मुखाग्नि संस्था की सक्रिय कार्यकर्ता सिमरन तलरेजा ने दी। श्रद्धांजलि सभा में नगर के गणमान्य नागरिकों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं की उपस्थिति रही। इस अवसर पर वृन्दावन परिसर व्यवसायी संघ के अध्यक्ष मनोज सरवानी, सुखाश्रम संचालक श्याम तिवारी, सिंधी समाज के युवा समाजसेवी राम हिंदुजा, संस्था के संयोजक माधव मुजुमदार एवं सतराम जेठमलानी विशेष रूप से उपस्थित रहे। सभा को संबोधित करते हुए ‘ऑक्सीजन मैन’ के नाम से प्रसिद्ध समाजसेवी राजेश खरे ने कहा कि वर्तमान परिवेश में जब समाज जाति, वर्ग और आर्थिक विषमताओं से जूझ रहा है, ऐसे समय में सेवा एक नई पहल जैसे संगठनों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाती है। उन्होंने कहा कि निराश्रितों के लिए अंतिम संस्कार जैसे दायित्व को निभाना केवल एक सामाजिक कार्य नहीं, बल्कि मानवीय मूल्यों की पुनर्स्थापना है। राजेश खरे ने आगे कहा कि इस प्रकार की पहल समाज में सद्भाव, समानता और करुणा की नई जागृति लाएगी तथा टूटते सामाजिक संबंधों को फिर से जोड़ने का कार्य करेगी। उन्होंने संस्था के सदस्यों और सहयोगी परिवारों की खुले मन से सराहना करते हुए इसे समाज के लिए प्रेरणास्रोत बताया। कार्यक्रम के अंत में दिवंगत आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा गया तथा उपस्थित सभी लोगों ने सेवा एक नई पहल के इस मानवीय प्रयास को आगे भी निरंतर जारी रखने का संकल्प।

छत्तीसगढ़ में कुछ दिनों तक तापमान में नहीं होगा बदलाव

रायपुर. छत्तीसगढ़ में अगले कुछ दिनों तक मौसम के मिजाज में कोई खास बदलाव देखने को नहीं मिलेगा। मौसम विज्ञान केंद्र रायपुर के अनुसार प्रदेश में अगले 7 दिनों तक न्यूनतम तापमान में कोई विशेष परिवर्तन होने की संभावना नहीं है, जबकि अधिकतम तापमान भी अगले 5 दिनों तक लगभग स्थिर बना रहेगा। मौसम सारांश के मुताबिक बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश भर में मौसम शुष्क रहा। इस अवधि में प्रदेश का सर्वाधिक अधिकतम तापमान 34.0 डिग्री सेल्सियस राजनांदगांव में दर्ज किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 9.0 डिग्री सेल्सियस अंबिकापुर में रिकॉर्ड किया गया। प्रदेश के किसी भी जिले में वर्षा दर्ज नहीं की गई है। वर्षा के आंकड़ों की बात करें तो प्रदेश के किसी भी जिले में बारिश दर्ज नहीं की गई है। वर्तमान में प्रदेश के ऊपर किसी भी तरह की प्रभावी मौसम प्रणाली सक्रिय नहीं है, जिसके चलते मौसम शुष्क बना हुआ है। मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक आज भी प्रदेश में मौसम शुष्क बने रहने की संभावना है। वहीं अगले दो दिनों के बाद भी मौसम के रुख में किसी तरह के बड़े बदलाव के संकेत नहीं मिल रहे हैं और तापमान लगभग इसी स्तर पर बना रहेगा। रायपुर में आज कैसा रहेगा मौसम रायपुर में सुबह के समय हल्की धुंध छाए रहने की संभावना है। इस दौरान अधिकतम तापमान करीब 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान जताया गया है।