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राजनीति बंद करो! नक्सलियों ने पूर्व उपसरपंच को दी जान से मारने की चेतावनी

जशपुर छत्तीसगढ़ के जशपुर में नक्सलियों ने सुलेसा गांव के पूर्व उपसरपंच सल्लु राजवाड़े के घर पर धमकी से भरा पर्चा चिपकाया है. PLFI माओवादी संगठन के पर्चे पर उपसरपंच को धमकी दी गई है कि अगर वे नक्सल संगठन के खिलाफ राजनीति करेंगे, तो उन्हें जान-माल से हाथ धोना पड़ेगा. बता दें, पूर्व उपसरपंच के घर चस्पा किए गए पर्चे पर लिखा है कि आप हमारे आदमी के साथ ज्यादा राजनीति कर काम में बाधा डाल रहे हैं. पहले भी आपने हमारे काम में बाधा डाला था, जिसे नक्सल संगठने ने नजर-अंदाज कर दिया था. लेकिन अब फिर से आप राजनीति कर हमारे काम के बीच में आ रहे हैं. साथ ही चेतावनी देते हुए लिखा कि अगर आपने अगली बार ऐसा किया, तो आप पर कार्रवाई की जाएगी, जिसमें आपको जान-माल की हानि होगी. SP शशिमोहन सिंह ने इस मामले में कहा कि नक्सल पर्चे की सूचना मिलते ही बगीचा थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर नक्सली पर्चा जब्त कर लिया है. जशपुर जिला साल 2018 से नक्सलमुक्त जिला घोषित किया जा चुका है और नक्सल मूवमेंट भी यहां नहीं है. चूंकि यह पर्चा नक्सल संगठन के नाम से मिला है, इसलिए पुलिस मामले में संवेदनशीलता से आगे की जांच कर रही है. इसके अलावा रंजिशों के तहत भी कई बार ऐसे कार्य किए जाते हैं, इसलिए उस एंगल से भी पुलिस इसकी जांच कर रही है. वहीं इस घटना की सूचना मिलते ही पूर्व मंत्री गणेश राम भगत भी उपसरपंच के घर उनसे मिलने पहुंचे थे. उन्होंने कहा कि क्षेत्र में नक्सली पूरी तरह से समाप्त हो गए हैं ये कहना गलत है. जिस तरह से पर्चे फेंके गए हैं, दहशत फैलाने की कोशिश की जा रही है. हमने इसके लिए डीजीपी, एसपी और एडिशनल एसपी से बात की है. परिवार को पूर्ण रूप से सुरक्षा उपलब्ध कराने के लिए भी कहा गया है.

पैरोल पर 7 दिन अतिरिक्त: अनवर ढेबर के घर पहुंची पुलिस, आने-जाने वाले हो रहे मॉनिटर

रायपुर कारोबारी अनवर ढेबर की पैरोल की तारीख बढ़ा गई है. चार दिन की पैरोल खत्म होने के बाद उन्होंने हाईकोर्ट में अर्जी लगाईं थी. इसके बाद वह मंगलवार रात को पुलिस सुरक्षा के बीच रायपुर स्थित अपने निवास पहुंचे. जानकारी के मुताबिक, अनवर ढेबर ने अपनी मां की तबियत खराब होने का हवाला देकर पैरोल की मांग की थी. कोर्ट ने अर्जी स्वीकार कर ली थी. अब 7 दिन के लिए पैरोल बढ़ गई है. इससे पहले वह चार दिन की जमानत पर घर आए थे. निजी निवास के बाहर पुलिस बल तैनात किया गया है. बताया जा रहा है कि हर आने-जाने वाले लोगों की जानकारी रजिस्टर में नोट की जा रही है. चार दिन की मिली थी अंतरिम जमानत कोर्ट ने दी थी चार दिन की अंतरिम जमानत दे दी है. जिसमें साफ किया कि यह राहत सिर्फ उनकी मां की तबीयत को ध्यान में रखते हुए दी गई है. 4 दिनों तक अनवर ढेबर अपने परिवार के साथ रह सकेंगे. जमानत की तिथि खत्म होते ही उन्हें दोबारा जेल जाना होगा. 3200 करोड़ का घोटाला, 60 लाख से अधिक पेटियों की बिक्री EOW/ACB द्वारा अब तक की गई जांच और 200 से अधिक व्यक्तियों के बयान एवं डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर अनुमान है कि लगभग 60,50,950 पेटी बी-पार्ट शराब की अवैध बिक्री हुई है, जिसकी अनुमानित कीमत 2174 करोड़ रुपये से अधिक है. पहले इस घोटाले का अनुमान 2161 करोड़ रुपये था, लेकिन नवीनतम आंकड़ों के अनुसार घोटाले की कुल राशि 3200 करोड़ रुपये से अधिक हो सकती है. लखमा, चैतन्य, टूटेजा, ढेबर समेत 15 जेल में इस मामले में पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल, सेवानिवृत्त IAS अनिल टूटेजा और होटल व्यवसायी अनवर ढेबर समेत 15 लोग पहले से रायपुर सेंट्रल जेल में बंद हैं. ईओडब्ल्यू की जांच में अब तक कुल 70 लोगों को आरोपित बनाया गया है, जिसमें आठ डिस्टलरी संचालक भी शामिल हैं. अन्य संदिग्धों की भूमिका की भी गहन जांच की जा रही है.

बिहार चुनाव: CG BJP के नेताओं की ड्यूटी जारी, बृजमोहन अग्रवाल आज करेंगे पहुंच

रायपुर बिहार विधानसभा चुनाव का बिगुल बजने के बाद भारतीय जनता पार्टी ने अपने दिग्गज नेताओं की चुनावी ड्यूटी लगा दी है. मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, सांसद और पदाधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है. सांसद बृजमोहन अग्रवाल बुधवार को दिल्ली में बैठक के बाद पटना पहुंचेंगे. भाजपा ने रायपुर से सांसद बृजमोहन अग्रवाल को बिहार चुनाव में हाजीपुर और लालगंज विधानसभा क्षेत्रों की कमान सौंपी है. वह दिल्ली में अहम बैठक में शामिल होने के बाद पटना जाएंगे. वहीं वे 18 अक्टूबर को वापस रायपुर लौटेंगे. रवानगी से पहले सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि बिहार ने लालू का जंगलराज भी देखा और अब मोदी-नीतीश का सुराज भी देख रहे हैं. उन्होंने विश्वास जताते हुए कहा कि बिहार में फिर से एनडीए की सरकार बनेगी. वहीं सांसद अग्रवाल ने हारे हुए कांग्रेस नेताओं को बिहार चुनाव में जिम्मेदारी मिलने पर कहा कि कांग्रेस की गति कैसी हो गई है, यह सब देख रहे हैं. वो पहले भी हार चुके है. अभी भी हार हुई और आगे भी होगी.

कल शाम रायपुर में पानी नहीं आएगा, 42 टंकियों का शटडाउन 6 घंटे तक रहेगा

रायपुर शहर के 75 फीसदी इलाकों में 16 अक्टूबर की शाम जल आपूर्ति नहीं होगी. बिजली विभाग द्वारा 33 केवी लाइन में संधारण कार्य की वजह से 6 घंटे का शटडाउन लिया जाएगा. इसके कारण फिल्टर प्लांट की बिजली आपूर्ति प्रभावित होने से शहर 42 पानी टंकियां नहीं भर पाएंगी. संधारण का कार्य पूरा होने के बाद निगम का जल विभाग शाम 5 बजे से प्रभावित टंकियों को भरना शुरू करेगा. जलभराव के बाद 17 अक्टूबर की सुबह नियमित जल आपूर्ति होने लगेगी. दरअसल, दीपावली पर्व से पूर्व छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी 33 केव्ही लाइन के संधारण का कार्य करने जा रही है. इसके कारण 16 अक्टूबर को 6 घंटे का शटडाउन  रहेगा. जल विभाग के कार्यपालन अभियंता नरसिंग फरेंद्र के मुताबिक 80 एमएलडी, 150 एमएलडी प्लांट और 80 एमएलडी के नया प्लांट से भरने वाली 42 टंकियां इससे प्रभावित होंगी. इसीलिए 16 अक्टूबर को शाम के समय जलप्रदाय नहीं होगा. सुबह के समय नियमित रूप से जल आपूर्ति के बाद प्रातः 10 बजे से शाम 4 बजे तक शटडाउन लिया जाएगा. शहर ये टंकियां रहेंगी प्रभावित : डगनिया, गंज, गुढियारी, राजेन्द्र नगर, तेलीबांधा, शंकर नगर, खमतराई, भनपुरी, ईदगाहभाठा पुरानी टंकी और श्याम नगर, साथ ही 150 एमएलडी प्लाट से भरने वाली पानी टंकियों में भाठागांव, चंगोराभाठा, कुशालपुर, डीडी नगर, ईदगाहभाठा, सरोना, टाटीबंध, कोटा, कबीर नगर, जरवाय, गोगांव, मठपुरैना, लालपुर, अमलीडीह, अवंति विहार, मण्डी, मोवा, सड्डू, दलदल सिवनी, रामनगर, कैचना, आमासिवनी, देवपुरी, बोरियाखुर्द, जोरा, भनपुरी नया, रायपुरा, कुकुरबेडा और नया 80 एम एलडी प्लांट से भरने वाली टंकियां बैरन बाजार नया एवं देवेन्द्र नगर नया, संजय नगर एवं मोतीबाग टंकी 16 अक्टूबर को सुबह जलप्रदाय होने के पश्चात शाम को जलप्रदाय नही होगा. संधारण कार्य पूरा होने के बाद 17 अक्टूबर को सुबह जलप्रदाय नियमित रूप से होने लगेगा. इसके अलावा शहर में स्थित अन्य जलागारों एवं पावर पंपों से जलप्रदाय यथावत रहेगा. डिमांड पर पानी टैंकर की रहेगी वैकल्पिक व्यवस्था नगर निगम के जल विभाग द्वारा गुरुवार को शाम के समय शहर की 42 पानी टंकियों से जल आपूर्ति बाधित रहने पर प्रभावित इलाकों में डिमांड पर जोन के माध्यम से पानी टैंकर की वैकल्पिक व्यवस्था रहेगी. शहरवासियों से आग्रह किया गया है 16 अक्टूबर की सुबह नियमित जल आपूर्ति के दौरान शाम के लिए अपनी सुविधा अनुसार पानी बचाकर उपयोग के लिए सुरक्षित रख लें.

विजय बघेल की याचिका पर बहस पूरी, भूपेश बघेल का आचार संहिता विवाद अदालत में सुरक्षित

बिलासपुर बिलासपुर हाईकोर्ट से बड़ी खबर सामने आई है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के खिलाफ दायर चुनाव याचिका पर हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है। अब इस मामले में कभी भी बड़ा फैसला आ सकता है। पूर्व सीएम भूपेश बघेल के खिलाफ यह याचिका दुर्ग सांसद विजय बघेल ने दाखिल की है। उन्होंने आरोप लगाया है कि विधानसभा चुनाव 2023 के दौरान भूपेश बघेल ने आचार संहिता का खुला उल्लंघन किया था। याचिका में यह मांग की गई है कि भूपेश बघेल का निर्वाचन शून्य किया जाए। इस मामले में भूपेश बघेल की ओर से कोर्ट में 16 बिंदुओं पर जवाब पेश करते हुए कहा गया कि यह याचिका चलने योग्य नहीं है। विधानसभा चुनाव 2023 के भाजपा प्रत्याशी विजय बघेल ने पूर्व सीएम भूपेश बघेल के खिलाफ चुनावी याचिका दायर करते हुए पूर्व सीएम के निर्वाचन को निरस्त करने की मांग की है। याचिका में विजय बघेल ने आरोप लगाया है कि पाटन क्षेत्र में आचार संहिता का उल्लंघन किया गया है। भाजपा का आरोप है कि चुनाव प्रचार खत्म होने के बाद पाटन विधानसभा सीट में कांग्रेस उम्मीदवार के लिए रैली का आयोजन किया गया था। इसकी शिकायत चुनाव आयोग से भी की गई है। इस संबंध में रोड शो कार्यक्रम की एक सीडी भी दी गई है। विधानसभा चुनाव 2023 में पाटन विधानसभा क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी विजय बघेल ने कांग्रेस प्रत्याशी और तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के खिलाफ चुनाव याचिका दाखिल की थी। याचिका में विजय बघेल ने कहा है कि 16 नवंबर 2023 को पाटन विधानसभा सीट में चुनाव प्रचार किया गया, जबकि छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दूसरे फेज के लिए 15 नवंबर की शाम को प्रचार अभियान खत्म हो गया था। पाटन विधानसभा सीट में भी दूसरे फेज में मतदान हुआ था। याचिका में कहा गया है कि प्रावधान का उल्लंघन करते हुए 16 नवंबर को रैली और रोड शो आयोजित किया गया था। इस रैली की फोटो और वीडियो भी उपलब्ध कराए गए हैं। आरोप है कि फोटो और वीडियो में स्पष्ट रूप से दिख रहा है कि भूपेश बघेल रैली का आयोजन कर रहे थे, जिसमें सरकारी कर्मचारी और पुलिस अधिकारी भी शामिल थे। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भूपेश बघेल के पक्ष में नारे लगाए। याचिका में आरोप लगाया गया है कि मुख्यमंत्री पद पर रहते हुए भूपेश बघेल ने आचार संहिता का उल्लंघन किया, इसलिए उनकी उम्मीदवारी रद्द की जाए और उन्हें दंडित किया जाए।

छत्तीसगढ़ में बदलाव: नक्सली हिंसा पर लगाम, 27 बाहलकर्ताओं का मुख्यधारा में स्वागत

सुकमा छत्तीसगढ़ को लाल आतंक से मुक्त करने के लिए जारी सुरक्षाबलों की प्रभावी कार्रवाई रंग ला रही है. सोनू दादा समेत 60 नक्सलियों के सरेंडर के बाद नक्सली संगठन को एक और झटका लगा है. सुकमा जिले में बुधवार को 50 लाख रुपए के इनामी 27 नक्सलियों ने पुलिस अधिकारियों के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया है. इनमें 2 हार्डकोर नक्सली शामिल हैं. 10 महिला और 17 पुरुष माओवादियों का सरेंडर छत्तीसगढ़ शासन की “छत्तीसगढ़ नक्सलवादी आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति” और “नियद नेल्ला नार” योजना से प्रभावित होकर आज 10 महिलाओं सहित कुल 27 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया. इनमें पीएलजीए बटालियन नंबर-1 के दो हार्डकोर नक्सली भी शामिल हैं. आत्मसमर्पित माओवादियों में एक सीवायसीएम सदस्य, 15 पार्टी सदस्य और 11 अग्र संगठन के सदस्य हैं.आत्मसमर्पित नक्सलियों में एक पर 10 लाख रुपये, तीन पर 8-8 लाख रुपये, एक पर 3 लाख रुपये, दो पर 2-2 लाख रुपये और नौ नक्सलियों पर 1-1 लाख रुपये का इनाम घोषित था. इस तरह कुल 50 लाख रुपये के इनामी नक्सलियों ने मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया है. इन नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण  (1) ओयाम लखमू पिता स्व0 ओयाम पस्से उम्र लगभग 53 वर्ष जाति दोरला निवासी बुर्कलंका पांतापारा थाना किस्टाराम जिला सुकमा (छ0ग0),(ईनाम 10 लाख). (2) .माड़वी भीमा उर्फ तामो भीमा पिता स्व0 माड़वी केशा उम्र लगभग 18 वर्ष जाति मुरिया निवासी करकापारा थाना जगरगुण्डा जिला सुकमा (ईनामी 08 लाख). (3) सुनिता उर्फ कवासी सोमड़ी पिता स्व0 पोज्जा उम्र लगभग 24 वर्ष जाति मुरिया निवासी काउरगट्टा मिस्सीपारा थाना पामेड़ जिला बीजापुर (ईनामी 08 लाख). (4 ) सोड़ी मासे पिता पाकलू उम्र लगभग 22 वर्ष जाति मुरिया निवासी गुण्डराजगुड़ा थाना पामेड़ जिला बीजपुर,(ईनामी 08 लाख). (5) मुचाकी हड़मा पिता स्व0 जोगा उम्र लगभग 30 वर्ष जाति मुरिया निवासी गोगुण्डा मिस्सीपारा थाना केरलापाल जिला सुकमा (ईनाम 03 लाख). (6) सोड़ी दुला पिता स्व. नंदा उम्र 40 वर्ष जाति मुरिया निवासी कामावरम थाना किस्टाराम जिला सुकमा(ईनाम 02 लाख). (7) कुहरम बुधरा उर्फ पदाम बुधरा पिता स्व. पदाम हिड़मा उम्र 31 वर्ष जाति मुरिया निवासी जिनेतोंग (जिनेलतोंग) थाना कोंटा जिला सुकमा (ईनाम 2 लाख). (8) विद्या उर्फ मुचाकी जोगी पिता स्व0 हड़मा उम्र लगभग 26 वर्ष जाति मुरिया निवासी पीलावाया (कोरेवाया) थाना कोण्टा जिला सुकमा (ईनाम 01 लाख). (9) दुर्राे/मड़कम हड़मे उर्फ मड़कम पोज्जे पिता जोगा उम्र 24 वर्ष जाति मुरिया निवासी पोटकपल्ली बड़ापारा थाना किस्टाराम जिला सुकमा (ईनाम 01 लाख). (10) माडवी देवे पिता हिड़मा उम्र लगभग 28 वर्ष जाति मुरिया निवासी पीलावाया थाना कोंटा जिला सुकमा (ईनाम 01 लाख). (11) रोहन उर्फ कलमू हिड़मा पिता पोज्जा उम्र लगभग 21 वर्ष जाति मुरिया निवासी पेंटापाड़ थाना चिंतागुफा जिला सुकमा (ईनाम 01 लाख).  (12) वेको देवे उर्फ विमला पिता गंगा निवासी छोटेकेड़वाल थाना चिंतागुफा जिला सुकमा, (ईनाम 01 लाख).  (13) रजनी उर्फ वेट्टी कोसी पिता स्व0 हड़मा उम्र लगभग 26 वर्ष जाति मुरिया निवासी डब्बामरका थाना किस्टाराम जिला सुकमा(ईनाम 01 लाख) . (14) अंजू उर्फ मड़कम बुस्की उर्फ पिता मड़कम हुंगा उम्र लगभग 22 वर्ष जाति मुरिया निवासी एंटापाड़ थाना चिंतागुफा जिला सुकमा (छ0ग0)(ईनाम 01 लाख).  (15) मड़कम सुनिता उर्फ सुन्नी पिता बुस्का उम्र लगभग 21 वर्ष जाति मुरिया निवासी एंटापाड़ चिंतागुफा जिला सुकमा(ईनाम 01 लाख). (16) सोड़ी बुधरा पिता स्व. नंदा उम्र लगभग 38 वर्ष जाति मुरिया निवासी कामावरम् (कामाराम) थाना किस्टाराम जिला सुकमा (ईनाम 01 लाख). (17) माड़वी भीमा पिता स्व. परदेशी उम्र लगभग 35 वर्ष जाति मुरिया निवासी पोट्टेमंगू थाना किस्टाराम जिला-सुकमा. (18 ) वेट्टी सूला पिता स्व. लखमा उम्र लगभग 25 वर्ष जाति मुरिया निवासी मड़पेदुलोड़ थाना चिंतागुफा जिला सुकमा. (19) कवासी देवा पिता स्व. भीमा उम्र लगभग 50 वर्ष निवासी मड़पेदुलेड थाना चिंतागुफा जिला सुकमा.  (20) सोड़ी हुंगा पिता स्व0 बुधरा उम्र लगभग 31 वर्ष जाति मुरिया निवासी सिंघनमड़गू थाना किस्टाराम जिला सुकमा.  (21) सोड़ी मासा पिता स्व0 हुंगा उम्र लगभग 29 वर्ष जाति मुरिया निवासी सिंघनमड़गू थाना चिंतागुफा जिला सुकमा.  (22) तेलाम मासा पिता नंदा उम्र लगभग 38 वर्ष जाति मुरिया निवासी जोन्नागुड़ा जिला सुकमा.  (23) माड़वी कोसी पिता स्व. भीमा उम्र लगभग 36 वर्ष जाति मुरिया निवासी तुमालपाड़ बण्डीपारा थाना जगरगुण्डा जिला सुकमा. (24) सोम्बारू उर्फ सोड़ी सोमड़ू पिता स्व0 हड़मा उम्र लगभग 46 वर्ष जाति मुरिया निवासी गुण्डराजगुड़ा मुरियापारा थाना पामेड़ जिला बीजापुर. (25) हेमला मुत्ता पिता देवा उम्र लगभग 31 वर्ष जाति मुरिया निवासी गुण्डराजगुड़ा थाना पामेड़ जिला बीजापुर. (26) हेमला अर्जुन पिता चंद्रा उम्र लगभग 46 वर्ष जाति दोरला निवासी गुण्डराजगुड़ा थाना पामेड़ जिला बीजापुर.  (27) मड़कम देवा पिता स्व0 सुक्का उम्र लगभग 33 वर्ष जाति मुरिया निवासी उसकावाया थाना कोंटा जिला सुकमा. इन सभी को सरकार की पुनर्वास व आत्मसमर्पण नीति के तहत  50,000- 50,000 रुपये की प्रोत्साहन राशि के चेक प्रदान किया गया है.

राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता: नवा रायपुर में निवेश और विकास कार्यों की प्रगति

रायपुर नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण में आज वित्त, आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओपी चौधरी की अध्यक्षता में निवेश, अधोसंरचना विकास और जनसुविधाओं से संबंधित कार्यों की प्रगति की समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में मंत्री चौधरी ने अधिकारियों से शहर के योजनाबद्ध और तीव्र विकास पर विस्तृत चर्चा करते हुए कहा कि नवा रायपुर का संतुलित, आधुनिक और सर्वसुविधायुक्त विकास राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि चल रही परियोजनाओं को निर्धारित समयसीमा में गुणवत्ता के साथ पूर्ण किया जाए, ताकि नागरिकों को बेहतर शहरी सुविधाएं उपलब्ध हो सकें। उन्होंने बताया कि विकास कार्यों में गति लाने के लिए इस वर्ष राज्य शासन के बजट अंतर्गत पूंजीगत व्यय का लक्ष्य 1000 करोड़ रुपये रखा गया है। सभी इस लक्ष्य को गुणवत्तापूर्वक पूरा करने के लिए समर्पण भाव से कार्य करें। मंत्री चौधरी ने यह भी निर्देश दिए कि शासकीय एवं निजी संस्थानों तथा बिल्डर्स को आवंटित भूमि पर हो रहे निर्माण कार्यों को समन्वयपूर्वक और शीघ्र गति से पूरा किया जाए, ताकि नवा रायपुर के इंफ्रास्ट्रक्चर को और अधिक सुदृढ़ बनाया जा सके। बैठक में निवेश को प्रोत्साहन देने, पर्यावरण संरक्षण, अधोसंरचना विकास और शहरी जनसुविधाओं के उन्नयन से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर भी विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। इस अवसर पर प्राधिकरण के चेयरमैन अंकित आनंद, मुख्य कार्यपालन अधिकारी चंदन कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

जनजातीय वीरता की गाथा: अंग्रेजी हुकूमत काल के विद्रोहों पर आधारित संग्रहालय तैयार

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी राज्योत्सव के अवसर पर करेंगे उद्घाटन मुख्य सचिव विकास शील ने निर्माण स्थल पर पहुंचकर ली तैयारियों की समीक्षा ओरिएंटेशन रूम की डाक्यूड्रामा हल्बी-गोंडी सहित अन्य जनजातीय बोलियों में तैयार करने के निर्देश रायपुर, अंग्रेजी हुकूमत के काल में छत्तीसगढ़ के आदिवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के शौर्य और बलिदान की स्मृति में नवा रायपुर, अटल नगर में निर्मित किए जा रहे भव्य संग्रहालय-सह-स्मारक को अंतिम रूप दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी राज्योत्सव के अवसर पर इस संग्रहालय का उद्घाटन करेंगे। मुख्य सचिव श्री विकास शील ने आज निर्माण स्थल पहुंचकर तैयारियों का जायजा लिया। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल पर बनाया जा रहा यह संग्रहालय देश का पहला पूर्णतः डिजिटल संग्रहालय होगा। इसमें स्वतंत्रता आंदोलन के समय छत्तीसगढ़ में हुए 14 प्रमुख आदिवासी विद्रोहों के साथ-साथ जंगल सत्याग्रह और झंडा सत्याग्रह पर अलग-अलग गैलरियाँ बनाई जा रही हैं। संग्रहालय में आगंतुकों को इन जनजातीय आंदोलनों की जीवंत झलकें देखने और सुनने को मिलेंगी। निरीक्षण के दौरान मुख्य सचिव श्री शील ने कहा कि संग्रहालय में प्रदर्शित की जाने वाली सभी वस्तुओं और सामग्री को उनके मूल स्वरूप में ही प्रस्तुत किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि ओरिएंटेशन रूम में प्रदर्शित की जाने वाली डाक्यूड्रामा हल्बी-गोंडी या अन्य जनजातीय बोलियों में तैयार की जाए, ताकि यह स्थानीय संस्कृति से जुड़ाव का सशक्त माध्यम बन सके। उन्होंने प्रधानमंत्री जी के कार्यक्रम को ध्यान में रखते हुए सभी गैलरियों का भ्रमण किया और आवश्यक व्यवस्थाएँ सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने संग्रहालय में प्रदर्शित किए जाने वाले आदिवासी विद्रोहों का संक्षिप्त परिचय देते हुए पूरे रूट चार्ट के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने आज ही संबंधित अधिकारियों की बैठक लेकर लोकार्पण की तैयारियों की समीक्षा की। श्री बोरा ने कहा कि यह छत्तीसगढ़ के लिए अत्यंत गौरवपूर्ण अवसर है कि देश का पहला पूर्णतः डिजिटल आदिवासी संग्रहालय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के कर-कमलों से लोकार्पित होने जा रहा है। उन्होंने सभी विभागों से आपसी समन्वय के साथ कार्य करने का आग्रह किया। प्रमुख सचिव श्री बोरा ने प्रधानमंत्री जी के लोकार्पण रूट-प्लान के अनुसार अनिवार्य सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने, संग्रहालय तक आने वाले पूरे मार्ग पर स्ट्रीट लाइट, रंग-रोगन एवं सौंदर्यीकरण के कार्य शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संग्रहालय क्षेत्र में चौबीसों घंटे विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जाए तथा गार्डनिंग और वृक्षारोपण की आवश्यक तैयारियाँ भी समय पर पूरी हों। उल्लेखनीय है कि शहीद वीर नारायण सिंह संग्रहालय देश का पहला पूर्णतः डिजिटल संग्रहालय होगा। इसमें स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान छत्तीसगढ़ में हुए प्रमुख आदिवासी विद्रोहों—हल्बा विद्रोह, सरगुजा विद्रोह, भोपालपट्टनम विद्रोह, परलकोट विद्रोह, तारापुर विद्रोह, लिंगागिरी विद्रोह, कोई विद्रोह, मेरिया विद्रोह, मुरिया विद्रोह, रानी चौरिस विद्रोह, भूमकाल विद्रोह, सोनाखान विद्रोह, तथा झंडा सत्याग्रह और जंगल सत्याग्रह—के वीर नायकों के संघर्ष और शौर्य को 14 गैलरियों में जीवंत रूप से प्रदर्शित किया जा रहा है। बैठक में संभागायुक्त श्री महादेव कावरे, आयुक्त आदिम जाति विकास विभाग डॉ. सारांश मित्तर, छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल के आयुक्त श्री अवनीश शरण, कलेक्टर श्री गौरव सिंह, नगर निगम रायपुर के आयुक्त श्री विश्वजीत, संचालक टीआरटीआई श्रीमती हिना अनिमेष नेताम, संचालक अंत्यावसायी विकास निगम डॉ. जगदीश कुमार सोनकर, अतिरिक्त कलेक्टर श्रीमती नम्रता जैन, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेंद सिंह, डीआईजी छत्तीसगढ़ अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाएं श्री सुरेश ठाकुर, एनआरडीए के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत मंडल के मुख्य अभियंता, तथा लोक निर्माण विभाग रायपुर के मुख्य और कार्यपालन अभियंता सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

विश्व मानक दिवस पर मुख्यमंत्री ने दिलाई गुणवत्ता शपथ, कहा — हर क्षेत्र में पारदर्शिता, उपभोक्ता अधिकार और नवाचार सर्वोपरि

रायपुर : गुणवत्ता और मानक ही आत्मनिर्भर भारत की पहचान — मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय गुणवत्ता और मानक ही आत्मनिर्भर भारत की पहचान — मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय विश्व मानक दिवस पर मुख्यमंत्री ने दिलाई गुणवत्ता शपथ, कहा — हर क्षेत्र में पारदर्शिता, उपभोक्ता अधिकार और नवाचार सर्वोपरि विश्व मानक दिवस के अवसर पर आयोजित मानक महोत्सव में शामिल हुए मुख्यमंत्री रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कहा कि जीवन के हर क्षेत्र में मानकों का पालन पारदर्शिता, गुणवत्ता और उपभोक्ता अधिकारों की सुरक्षा के लिए अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) द्वारा वस्तुओं को मानक चिन्ह प्रदान कर उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा की जा रही है और इसके माध्यम से मिलावट व नकली वस्तुओं के कारोबार पर प्रभावी रोक लगी है। मुख्यमंत्री  साय आज राजधानी रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में विश्व मानक दिवस के अवसर पर आयोजित मानक महोत्सव को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने उपस्थित जनों को गुणवत्ता शपथ दिलाते हुए मानकीकृत उत्पादों को बढ़ावा देने और बीआईएस के प्रयासों में भागीदारी निभाने का आह्वान किया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने मानकों की स्थापना में विशेष योगदान देने वाले मानक क्लबों, संस्थाओं और मेंटर्स का सम्मान किया। उन्होंने भारतीय मानक ब्यूरो के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि यह संस्था देशभर में गुणवत्ता की संस्कृति विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि एक समय था जब सोने जैसी धातुओं की शुद्धता का पता लगाना कठिन था, लेकिन आज हर उपभोक्ता बीआईएस हॉलमार्क देखकर ही आभूषण खरीदता है। बीआईएस का हॉलमार्क अब उपभोक्ता भरोसे का प्रतीक बन चुका है। उन्होंने बताया कि बीआईएस द्वारा बोतलबंद पानी, हेलमेट, खिलौने, गहनों से लेकर करीब 22 हजार वस्तुओं को मानक चिन्ह प्रदान किए जा चुके हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उपभोक्ताओं के बीच मानक चिन्हों के प्रति जागरूकता बढ़ाना अत्यंत आवश्यक है, ताकि गुणवत्तापूर्ण उत्पादों को बढ़ावा मिल सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में अग्रसर है और इस लक्ष्य को प्राप्त करने में मानकों की अहम भूमिका होगी। उन्होंने कहा कि स्वदेशी उत्पादों की गुणवत्ता और मानकीकरण के कारण आज देश के गांव और कस्बों में बने उत्पाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में पहचान बना रहे हैं। मुख्यमंत्री  साय ने उपस्थित जनों से मानक चिन्हों के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने का आह्वान करते हुए कहा कि “विकसित भारत का संकल्प उपभोक्ता अधिकारों की मजबूती से ही पूरा होगा।” उन्होंने कहा कि गुणवत्ता ही आत्मनिर्भर भारत की वास्तविक पहचान है। कार्यक्रम में खाद्य मंत्री  दयालदास बघेल ने कहा कि विश्व मानक दिवस का उद्देश्य उपभोक्ताओं और समाज में मानकीकरण के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। यह हमारे वैज्ञानिकों और तकनीकी विशेषज्ञों के प्रयासों को सराहने का अवसर भी है। उन्होंने कहा कि देश तेजी से विकास कर रहा है और गुणवत्ता सुधार अब केवल नीति नहीं, बल्कि एक संकल्प बन चुका है।  बघेल ने कहा कि “जागो ग्राहक जागो” का संदेश उपभोक्ताओं को सजग और जागरूक रहने की प्रेरणा देता है। उन्होंने प्रतिभागियों से आग्रह किया कि वे इस कार्यशाला से प्राप्त ज्ञान को समाज में आगे बढ़ाएं, ताकि उपभोक्ता संरक्षण और अधिक सशक्त हो सके। भारतीय मानक ब्यूरो रायपुर शाखा कार्यालय के निदेशक  एस. के. गुप्ता ने कहा कि बीआईएस का प्रत्येक मानक उपभोक्ता अधिकारों की रक्षा को समर्पित है। उन्होंने बताया कि उत्पाद की गुणवत्ता सुनिश्चित करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है और ब्यूरो इस दिशा में निरंतर कार्य कर रहा है।  गुप्ता ने ब्यूरो द्वारा संचालित गतिविधियों और विभिन्न उत्पादों के मानकीकरण की प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बीआईएस का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि देश में निर्मित हर उत्पाद वैश्विक गुणवत्ता मानकों पर खरा उतरे। मुख्यमंत्री ने मानक महोत्सव में विभिन्न स्टालों का किया अवलोकन विश्व मानक दिवस के अवसर पर आयोजित मानक महोत्सव में मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) तथा अन्य संस्थानों द्वारा लगाए गए विभिन्न स्टालों का अवलोकन किया। उन्होंने मानक स्थापना से जुड़ी गतिविधियों और संस्थाओं की कार्यप्रणाली की जानकारी ली और उनके प्रयासों की सराहना की। सिपेट रायपुर के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि संस्था प्रदेश के युवाओं को लघु एवं दीर्घकालीन कौशल प्रशिक्षण प्रदान करती है, साथ ही उद्योगों को गुणवत्ता परामर्श और तकनीकी सलाह भी उपलब्ध कराती है। मुख्यमंत्री ने सिपेट की पहल की सराहना की और इसे उद्योग-शिक्षा समन्वय का उत्कृष्ट उदाहरण बताया। बीआईएस की रायपुर शाखा द्वारा लगाए गए स्टॉल में उपभोक्ता जागरूकता संबंधी गतिविधियों की जानकारी दी गई। प्रतिनिधियों ने बताया कि बीआईएस केयर ऐप के माध्यम से उपभोक्ता स्वयं आईएसआई, एचयूआईडी और हॉलमार्क युक्त आभूषणों की प्रमाणिकता जांच सकते हैं। ऐप के जरिए उत्पाद की गुणवत्ता से संबंधित शिकायतें दर्ज करने और आईएसआई मुहर के दुरुपयोग की सूचना देने की सुविधा भी उपलब्ध है। मुख्यमंत्री ने इस पहल को उपभोक्ता सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि बताया। शैक्षणिक संस्थानों के नवाचारी स्टॉल बने आकर्षण का केंद्र मानक महोत्सव में स्कूली छात्र-छात्राओं द्वारा लगाए गए नवाचार आधारित स्टॉल सभी के आकर्षण का केंद्र बने। मुख्यमंत्री  साय ने विद्यार्थियों द्वारा प्रदर्शित नवाचारों का अवलोकन किया और उनके रचनात्मक प्रयासों की सराहना की। गवर्नमेंट हायर सेकेंडरी स्कूल बिरकोनी के विद्यार्थियों ने रक्तचाप जांचने की मशीन और मिट्टी की नमी मापने की मशीन तैयार की। पंडित आर. डी. तिवारी गवर्नमेंट इंग्लिश मीडियम स्कूल के छात्रों ने “एक्सप्लोरर रोबोट” प्रस्तुत किया, जो अंधेरे और दुर्गम स्थानों में रास्ता खोजने में सक्षम है। यह रोबोट खदानों और औद्योगिक स्थलों पर उपयोगी सिद्ध हो सकता है। वहीं गवर्नमेंट हायर सेकेंडरी स्कूल अंडा के विद्यार्थियों ने स्मार्ट ट्रेन का मॉडल तैयार किया, जो विशेष रूप से दिव्यांगजनों के लिए उपयोगी है। मुख्यमंत्री  साय ने विद्यार्थियों से चर्चा की, उनके नवाचारी कार्यों की जानकारी ली और उनकी रचनात्मकता की सराहना करते हुए कहा —“युवाओं की सोच में जब गुणवत्ता और नवाचार जुड़ता है, तभी भारत विकसित राष्ट्र बनने की ओर तेजी से अग्रसर होता है।” मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि गुणवत्ता सिर्फ उद्योग या उत्पादन तक सीमित नहीं, बल्कि यह जीवन के हर पहलू का संस्कार बनना चाहिए। उन्होंने कहा कि “मानक केवल नियम नहीं, राष्ट्र निर्माण की रीढ़ हैं।” मुख्यमंत्री … Read more

हर बच्चे को मिले सुरक्षित और सशक्त भविष्य का अवसर: मंत्री मती राजवाड़े

रायपुर महिला एवं बाल विकास मंत्री मती लक्ष्मी राजवाड़े के मुख्य आतिथ्य में आज रायपुर के खम्हारडीह स्थित शासकीय बालिका गृह में “उद्भव” नामक अभिनव कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। यह कार्यक्रम महिला एवं बाल विकास विभाग, छत्तीसगढ़ राज्य बाल संरक्षण समिति द्वारा किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम 2015 यथा संशोधित 2021 के अंतर्गत संस्थागत एवं गैर संस्थागत देखरेख के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु आयोजित किया गया। मंत्री मती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन और प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के 2047 के विकसित भारत के विजन से प्रेरित होकर राज्य सरकार बच्चों के सर्वांगीण विकास और सुरक्षा के लिए सतत कार्य कर रही है। “उद्भव” कार्यक्रम इसी दिशा में एक अभिनव प्रयास है, जो हर बच्चे को स्नेह, सुरक्षा और सम्मान के साथ सशक्त जीवन जीने का अवसर प्रदान करेगा। कार्यक्रम के दौरान मंत्री मती राजवाड़े ने शासकीय बालिका गृह में कंप्यूटर लैब का शुभारंभ किया और लाइब्रेरी का अवलोकन किया। उन्होंने बच्चों से संवाद करते हुए कहा कि तकनीकी शिक्षा और कौशल आज की आवश्यकता है, ताकि बच्चे आत्मनिर्भर और आत्मविश्वासी बन सकें। मंत्री मती लक्ष्मी राजवाड़े ने बताया कि Catalysts for Social Action (CSA) संस्था के साथ जुलाई 2025 में एम.ओ.यू. किया गया था। संस्था के सहयोग से राज्य के रायपुर, दुर्ग, सरगुजा और बस्तर संभागों की 15 संस्थाओं में प्रथम चरण में कार्य प्रारंभ किया जा रहा है। इस पहल के अंतर्गत शिक्षा, स्वास्थ्य, करियर काउंसलिंग, व्यावसायिक प्रशिक्षण और जीवन कौशल से जुड़े कार्यक्रम संचालित होंगे। राज्य में वर्तमान में 112 बाल देखरेख संस्थाएं संचालित हैं, जिनमें 2000 से अधिक बच्चों की देखभाल की जा रही है। वहीं गैर संस्थागत देखरेख अंतर्गत दत्तक ग्रहण, स्पॉन्सरशिप, फोस्टर केयर और आफ्टर केयर कार्यक्रमों से भी बड़ी संख्या में बच्चे लाभान्वित हो रहे हैं। इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास विभाग के संचालक  पदुम सिंह एल्मा Catalysts for Social Action (CSA) संस्था की सीईओ मती स्मिता शेट्टी, विभागीय अधिकारी, सीनियर वाइस प्रेसिडेंट एक्सिस बैंक  अभिजीत अग्रवाल, संयुक्त संचालक  नंदलाल चौधरी, जिला बाल संरक्षण अधिकारी, बाल कल्याण समिति, किशोर न्याय बोर्ड, संरक्षण अधिकारी, बाल देखरेख संस्थाओं के अधीक्षक, बाल कल्याण अधिकारी और बालिकाएं उपस्थित रहे।