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रायपुर में अरुण साव बोले — बुलंद हौसले ही सफलता की सबसे बड़ी कुंजी

रायपुर : बुलंद हौसलों के साथ आगे बढ़ने वालों को मिलती है सफलता –  अरुण साव उप मुख्यमंत्री ने युवा उत्सव का किया शुभारंभ तीन दिनों तक नृत्य, संगीत, साहित्य, थिएटर और फाइन आर्ट्स में युवा अपने हुनर का करेंगे प्रदर्शन रायपुर युवा अपने लिए दिशा निर्धारित करें, मंजिल निर्धारित कर खुद को सीमाओं में न बांधे। उड़ने के लिए सारा आकाश खुला है। अपने जीवन और करियर में सर्वोच्च स्थान पर पहुंचने का प्रयास करें। बुलंद हौसलों के साथ आगे बढ़ने वालों को ही सफलता मिलती है। उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री  अरुण साव ने आज रायपुर के पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय में अंतर-महाविद्यालयीन युवा उत्सव का शुभारंभ करते हुए ये बातें कहीं। 29 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक आयोजित इस तीन दिवसीय युवा महोत्सव में विश्वविद्यालय और इससे संबद्ध कॉलेजों के 953 छात्र-छात्राएं भाग ले रहे हैं। वे अगले तीन दिनों तक नृत्य, संगीत, साहित्य, थिएटर और फाइन आर्ट्स में अपने हुनर का प्रदर्शन करेंगे। उप मुख्यमंत्री ने युवा उत्सव का किया शुभारंभ उप मुख्यमंत्री  अरुण साव ने अंतर-महाविद्यालयीन युवा उत्सव के शुभारंभ समारोह में युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ का शिक्षा का बड़ा केंद्र रहा है। एक समय पूरा छत्तीसगढ़ इसका कार्यक्षेत्र हुआ करता था। यहां पढ़े अनेक लोग देश-विदेश में प्रतिष्ठित पदों पर काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज पूरा विश्व भारत की ओर देख रहा है और देश की उम्मीदें नवजवानों से है। इस युवा उत्सव के दौरान आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताएं आपकी सांस्कृतिक, साहित्यिक और कलात्मक प्रतिभाओं को परिष्कृत करेंगी। युवा उत्सव का यह मंच आपकी प्रतिभा को निखारेंगी। उन्होंने महाविद्यालयीन छात्र-छात्राओं को आह्वान करते हुए कहा कि यहां आप अपनी प्रतिभा का शत-प्रतिशत प्रदर्शन करें, परिणाम की चिंता न करें। आप जीते या हारे… लेकिन इस भागीदीरी से आप बहुत कुछ सीखकर जाएंगे। यह उत्सव आप सभी का हौसला और आत्मविश्वास बढ़ाएगा। उप मुख्यमंत्री ने युवा उत्सव का किया शुभारंभ पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सच्चिदानंद शुक्ला ने अपने संबोधन में कहा कि विश्वविद्यालय अपने कैंपस और संबद्ध कॉलेजों में उत्कृष्ट शैक्षणिक वातावरण निर्मित करने के लिए प्रतिबद्ध है। इस साल अगस्त माह में नैक (NAAC) के मूल्यांकन में विश्वविद्यालय को ए-प्लस ग्रेड मिला है जो कि पूरे राज्य के लिए गर्व का विषय है। विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए अध्ययन के साथ-साथ अन्य गतिविधियों पर भी जोर दिया जा रहा है। नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप वर्ष 2023-24 से विश्वविद्यालय में संचालित सभी पाठ्यक्रमों में इंटर्नशिप अनिवार्य किया गया है। पिछले ढाई वर्षों में यहां 16 नए रोजगारमूलक पाठ्यक्रम प्रारंभ किए गए हैं। नवाचार और अनुसंधान को बढ़ावा देने राज्य शासन के सहयोग से इनोवेशन एंड इन्क्युबेशन सेंटर भी स्थापित किया गया है। विगत ढाई वर्षों में विश्वविद्यालय के 32 प्राध्यापकों को विभिन्न एजेंसीज की शोध परियोजनाएं प्राप्त हुई हैं। प्रो. शुक्ला ने बताया कि अंतर-महाविद्यालयीन युवा उत्सव के विजेता प्रतिभागी एसोसिएशन ऑफ इंडियन यूनिवर्सिटिज द्वारा आयोजित अखिल भारतीय प्रतियोगिता में हिस्सेदारी करेंगे। युवा उत्सव के शुभारंभ कार्यक्रम को छात्र कल्याण के अधिष्ठाता एवं आयोजन के समन्वयक प्रो. राजीव चौधरी और कुल सचिव प्रो. अम्बर व्यास ने भी संबोधित किया। कुल अनुशासक (प्रॉक्टर) प्रो. ए.के. वास्तव और सह-प्राध्यापक डॉ. सुनील कुमेटी सहित विश्वविद्यालय तथा विभिन्न कॉलेजों से अपनी टीम लेकर आए प्राध्यापकगण, प्रतिभागी छात्र-छात्राएं एवं अधिकारी-कर्मचारी बड़ी संख्या में शुभारंभ कार्यक्रम में मौजूद थे। विभिन्न कॉलेजों के 953 युवा ले रहे हिस्सा पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित तीन दिवसीय अंतर-महाविद्यालयीन युवा उत्सव में विभिन्न कॉलेजों के 953 युवा हिस्सेदारी कर रहे हैं। इस दौरान आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं में से गीत-संगीत में 177, नृत्य में 373, साहित्यिक आयोजनों में 82, फाइन आर्ट्स में 107 और थिएटर में 204 विद्यार्थी भाग ले रहे हैं।   

जनजातीय समाज के उत्थान के लिए समर्पित जीवन — मुख्यमंत्री ने याद किया बाबा कार्तिक उरांव को

रायपुर, जनजातीय समाज के महान शिक्षाविद्, समाजसेवी एवं राष्ट्रनायक बाबा कार्तिक उरांव की जन्म शताब्दी समारोह के अवसर पर आज अंबिकापुर में भूमि पूजन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। मुख्यमंत्री  साय ने बाबा कार्तिक उरांव जी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि बाबा कार्तिक उरांव समाज के गौरव हैं। उन्होंने विदेशों में उच्च शिक्षा प्राप्त करने के बावजूद अपनी धर्म, संस्कृति और सभ्यता को कभी नहीं छोड़ा। उन्होंने पुरखों के बताए हुए मार्ग पर चलते हुए उच्चतम शिक्षा अर्जित की और समाज को दिशा दी। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि बाबा कार्तिक उरांव का यह कथन-“जितना ज्यादा पढ़ेंगे, उतना ही समाज को गढ़ेंगे”- आज भी हमें प्रेरित करता है। उन्होंने जनजातीय समाज के उत्थान, शिक्षा के प्रसार और सामाजिक एकता के लिए अपना सम्पूर्ण जीवन समर्पित किया। हमें उनके दिखाए मार्ग पर चलकर समाज के सर्वांगीण विकास का संकल्प लेना चाहिए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने नगर निगम कार्यालय के समीप बनने वाले बाबा कार्तिक उरांव चौक का भूमि पूजन किया तथा मूर्ति एवं चौक निर्माण के लिए ₹40.79 लाख की राशि की घोषणा की। उन्होंने कहा कि यह चौक बाबा कार्तिक उरांव के आदर्शों, विचारों और योगदान की स्मृति को सहेजने का प्रतीक बनेगा। कृषि मंत्री  रामविचार नेताम ने कहा कि बाबा कार्तिक उरांव हमारे लिए प्रेरणास्रोत हैं। उन्होंने समाज के उत्थान और विकास के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित किया। हमें उनके बताए हुए मार्ग पर चलने की आवश्यकता है। उन्होंने समाज की संस्कृति, सभ्यता, परंपरा और रीति-रिवाजों को सम्मान देते हुए समाज को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। सांसद  चिंतामणि महाराज ने कहा कि बाबा कार्तिक उरांव ने सदैव समाज में एकता, शिक्षा और जागरूकता का संदेश दिया। आज यह आवश्यक है कि हम उनके आदर्शों और बताए मार्ग पर चलकर समाज को संगठित करें और एकता के सूत्र में बांधें, जिससे जनजातीय समाज सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनकर देश के विकास में अपनी भागीदारी निभा सके। इस अवसर पर सामरी विधायक मती उद्धेश्‍वरी पैकरा, जशपुर विधायक मती रायमुनी भगत, सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

रायपुर बनेगा सिनेमा का नया हब — अत्याधुनिक फिल्म सिटी का होगा निर्माण

रायपुर : राजधानी रायपुर में अत्याधुनिक सुविधाओं के साथ तैयार होगी फिल्म सिटी स्थानीय कलाकारों और युवाओं को मिलेगा अवसरों का मंच छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की नवनियुक्त अध्यक्ष सु मोना सेन ने छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड कार्यालय का किया दौरा रायपुर छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की नवनियुक्त अध्यक्ष (राज्य मंत्री दर्जा प्राप्त) सु मोना सेन ने छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड कार्यालय का दौरा किया। इस अवसर पर पर्यटन बोर्ड के प्रबंध संचालक  विवेक आचार्य द्वारा फिल्म सिटी परियोजना और फिल्म नीति से संबंधित विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई।  आचार्य ने नया रायपुर में प्रस्तावित फिल्म सिटी के निर्माण का विस्तृत खाका साझा करते हुए उसका प्रेजेंटेशन भी प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि इस परियोजना का उद्देश्य छत्तीसगढ़ को फिल्म निर्माण के क्षेत्र में नई पहचान दिलाना है, जिससे पर्यटन, रोजगार और संस्कृति तीनों को नई मजबूती मिलेगी। प्रेजेन्टेशन देखने के बाद सु मोना सेन ने कहा कि रायपुर में अत्याधुनिक तकनीक और सृजनात्मक सुविधाओं से युक्त फिल्म सिटी का निर्माण राज्य की ऐतिहासिक उपलब्धि होगी। उन्होंने यह भी कहा कि इस परियोजना से स्थानीय युवाओं को रोजगार के साथ-साथ प्रशिक्षण और तकनीकी दक्षता के अवसर मिलेंगे। सु सेन ने छत्तीसगढ़ी फिल्म उद्योग को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि यह समय है जब प्रदेश के कलाकारों और तकनीशियनों को राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करने के लिए एक मजबूत प्लेटफॉर्म मिले। फिल्म सिटी इस दिशा में एक ठोस कदम साबित होगी। बैठक में छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के महाप्रबंधक  वेदव्रत सिरमौर, उपमहाप्रबंधक मती पूनम शर्मा अन्य अधिकारी और कंसलटेंट उपस्थित थे।

बाबा कार्तिक उरांव ने जनजातीय समाज के उत्थान हेतु अपना जीवन किया समर्पित: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर  जनजातीय समाज के महान शिक्षाविद्, समाजसेवी एवं राष्ट्रनायक बाबा कार्तिक उरांव की जन्म शताब्दी समारोह के अवसर पर आज अंबिकापुर में भूमि पूजन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। मुख्यमंत्री श्री साय ने बाबा कार्तिक उरांव जी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि बाबा कार्तिक उरांव समाज के गौरव हैं। उन्होंने विदेशों में उच्च शिक्षा प्राप्त करने के बावजूद अपनी धर्म, संस्कृति और सभ्यता को कभी नहीं छोड़ा। उन्होंने पुरखों के बताए हुए मार्ग पर चलते हुए उच्चतम शिक्षा अर्जित की और समाज को दिशा दी। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बाबा कार्तिक उरांव का यह कथन-“जितना ज्यादा पढ़ेंगे, उतना ही समाज को गढ़ेंगे”- आज भी हमें प्रेरित करता है। उन्होंने जनजातीय समाज के उत्थान, शिक्षा के प्रसार और सामाजिक एकता के लिए अपना सम्पूर्ण जीवन समर्पित किया। हमें उनके दिखाए मार्ग पर चलकर समाज के सर्वांगीण विकास का संकल्प लेना चाहिए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने नगर निगम कार्यालय के समीप बनने वाले बाबा कार्तिक उरांव चौक का भूमि पूजन किया तथा मूर्ति एवं चौक निर्माण के लिए ₹40.79 लाख की राशि की घोषणा की। उन्होंने कहा कि यह चौक बाबा कार्तिक उरांव के आदर्शों, विचारों और योगदान की स्मृति को सहेजने का प्रतीक बनेगा। कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम ने कहा कि बाबा कार्तिक उरांव हमारे लिए प्रेरणास्रोत हैं। उन्होंने समाज के उत्थान और विकास के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित किया। हमें उनके बताए हुए मार्ग पर चलने की आवश्यकता है। उन्होंने समाज की संस्कृति, सभ्यता, परंपरा और रीति-रिवाजों को सम्मान देते हुए समाज को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। सांसद श्री चिंतामणि महाराज ने कहा कि बाबा कार्तिक उरांव ने सदैव समाज में एकता, शिक्षा और जागरूकता का संदेश दिया। आज यह आवश्यक है कि हम उनके आदर्शों और बताए मार्ग पर चलकर समाज को संगठित करें और एकता के सूत्र में बांधें, जिससे जनजातीय समाज सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनकर देश के विकास में अपनी भागीदारी निभा सके। इस अवसर पर सामरी विधायक श्रीमती उद्धेश्‍वरी पैकरा, जशपुर विधायक श्रीमती रायमुनी भगत, सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

मुख्यधारा की ओर वापसी: माओवादी संगठन से 21 नक्सलियों का मोहभंग

कांकेर उत्तर बस्तर में सक्रिय रहे 21 माओवादियों ने 18 हथियारों के साथ पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। जंगलवार कॉलेज में सभी नक्सलियों का रेड कारपेट बिछाकर स्वागत किया गया। आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को बस्तर आईजी ने संविधान की प्रति सौंपी। नक्सलवाद के खात्मे को लेकर जारी अभियान के बीच इस माह पुलिस ने अपनी रणनीति बदली है और एनकाउंटर की जगह समर्पण को प्राथमिकता देते हुए नक्सलियों को साफ संदेश दिया गया था कि वो यदि आत्मसमर्पण कर मुख्य धारा में लौटने को तैयार हैं तो उनका स्वागत किया जाएगा। ऐसा नहीं करने पर सुरक्षाबलों की गोली का निशाना बनना पड़ेगा।   जिसका असर भी देखने को मिला और इसी माह 208 नक्सलियों ने 109 हथियारों के साथ जगदलपुर में सरेंडर किया, जिसके बाद कांकेर जिले के दो एरिया कमेटी ने आज एक साथ हथियार डाले हैं, जिसमें 21 नक्सलियों ने 18 हथियार पुलिस को सौंपे है। बस्तर आईजी पी सुंदरराज ने कहा कि एक समय था जब नक्सलियों के पोलित ब्यूरो और सेंट्रल कमेटी में 45 सदस्य हुआ करते थे लेकिन 2025 की शुरुआत में इनकी संख्या घटकर 18 रह गई थी। 2025 का अंत आते आते महज 6 से 7 सेंट्रल कमेटी और पोलित ब्यूरो मेंबर शेष बचे है जो दक्षिण बस्तर के जंगलों में छिपे हुए है। आईजी ने कहा कि दक्षिण बस्तर में छिपे नक्सलियों से अपील भी कर रहे है और उन्हें चेतावनी भी दे रहे हैं कि अब भी समय है वो सरेंडर कर दे अन्यथा बस्तर के तैनात डीआरजी समेत तमाम सुरक्षाबलों के जवान उनसे निपटने के लिए तैयार बैठे हैं।

पति रास्ते में बना रोड़ा, पत्नी ने प्रेमी संग की हत्या — अदालत ने सुनाई आजीवन कारावास

सूरजपुर छत्तीसगढ़ में सूरजपुर तृतीय अपर सत्र न्यायाधीश न्यायालय ने पति की हत्या मामले में पत्नी और उसके प्रेमी को कठोर सजा सुनाई है. अवैध संबंध के शक गहराने पर आए दिन विवाद होने के कारण वारदात को अंजाम दिया गया था. कोर्ट ने दोनों आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. साथ ही सश्रम कारावास और 10-10 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया है.   दरअसल, सूरजपुर थाना के ग्राम नमदगिरी में साल 2024 के 3 जनवरी को सुनील देवांगन के गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी. जिसमें बताया गया था कि वह 2 जनवरी (2024) को शाम 7 बजे घुमने निकला लेकिन वापन नहीं लौटा. अगली सुबह खेत में लाश मिली. शार्ट पीएम रिपोर्ट में मृत्यु की प्रकृति हत्या की बात सामने आने के बाद पुलिस ने अपराध क्रमांक 04/2024 धारा 302 भादवि. का पंजीबद्ध कर जांच शुरू की. पुलिस की जांच में डॉग स्क्वाड की सहायता ली गई, जिसमें डॉग मास्टर ने मृतक सुनील देवांगन के कमरे और उसकी पत्नी लक्ष्मी देवांगन की ओर संकेत किया. मुखबिरों से भी मिली जानकारी मृतक की पत्नी लक्ष्मी देवांगन और रामकुमार के बीच संबंध होने की बात सामने आई. इस लीड पर पुलिस ने जांच आगे बढ़ाई. लक्ष्मी देवांगन से पूछताछ की गई, जिसमें उसने अपना जुर्म स्वीकार किया. उसने पुलिस को बताया कि उसका रामकुमार से संबंध था और जब उसके पति सुनील को इस बात का शक हुआ. उसके और पति के बीच झगड़ा होने लगा. इसके बाद लक्ष्मी और रामकुमार ने मिलकर सुनील की हत्या की साजिश रची और गमछे से उसका गला दबाकर उसकी जान ले ली. हत्या के बाद दोनों ने शव को कुछ दूरी पर स्थित खेत में ले जाकर लिटा दिया. पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर तृतीय अपर सत्र न्यायाधीश न्यायालय, सूरजपुर में प्रस्तुत किया गया. जहां से दोनों आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुना दी है.

मोंथा तूफान पहुंचा छत्तीसगढ़! आज इन इलाकों में झमाझम बारिश के आसार

रायपुर  गंभीर चक्रवाती तूफान मोंथा अब कमज़ोर होकर साधारण चक्रवाती तूफान बन गया है. अगले 6 से 12 घंटों में यह गहरे दबाव में बदल सकता है. इसका प्रभाव आज छत्तीसगढ़ में भी देखने को मिलेगा. बुधवार को चक्रवात के असर से पूरे प्रदेश में बारिश की संभावना है. एक दो स्थानों पर भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी दी गई है. साइक्लोन मोंथा से छत्तीसगढ़ में बदलेगा मौसम का मिजाज लेटेस्ट मौसम अपडेट के अनुसार मोंथा अब कमज़ोर होकर साधारण चक्रवाती तूफान बन गया है. तूफान लगभग 10 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ रहा है और अगले 6 से 12 घंटों में गहरे दबाव में बदल सकता है. प्रदेश में आज अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा होने और गरज चमक के साथ छींटे पड़ने की संभावना जताई गई है. एक दो स्थानों पर भारी से अति भारी वर्षा होने की भी संभावना है. इस मौसमी तंत्र के प्रभाव से हवा की गति 20 से 30 किलोमीटर प्रति घंटे की चल सकती है. वर्षा का क्षेत्र मुख्यतः मध्य और दक्षिण छत्तीसगढ़ रहने की संभावना है. वर्षा का क्षेत्र धीरे धीरे मध्य और उत्तर छत्तीसगढ़ की ओर केंद्रित रहने की सम्भावना है. वर्षा की गतिविधि 31 अक्टूबर तक लगातार जारी रहने की सम्भावना है. अगले 2 दिनों में एक-दो स्थानों पर मध्यम से भारी वर्षा होने की संभावना है. बिलासपुर और सरगुजा संभाग के एक-दो स्थानों पर मेघगर्जन के साथ भारी वर्षा होने की संभावना है. रायपुर में आज कैसा रहेगा मौसम ? मौसम विभाग ने राजधानी रायपुर में आसमान में बादल छाए रहने की संभावना जताई है. बादल गरजने-चमकने के साथ वर्षा हो सकती है. अधिकतम 30 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है.

राज्योत्सव 2025: छत्तीसगढ़ में होगा सांस्कृतिक वैभव का प्रदर्शन, मुख्य अतिथियों की सूची घोषित

रायपुर राज्य स्थापना दिवस 2025 के अवसर पर प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों में भव्य राज्योत्सव कार्यक्रम का आयेाजन किया जाएगा। जिला मुख्यालयों में आयोजित कार्यक्रमों में राज्य के मंत्रीगण, सांसद तथा विधायक मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। राज्य शासन ने प्रत्येक जिले के लिए मुख्य अतिथि के नामों की घोषणा की है। राज्य शासन द्वारा जारी सूची के अनुसार राजनांदगांव जिला मुख्यालय में आयेाजित राज्योत्सव कार्यक्रम में मुख्य अतिथि डॉ. रमन सिंह विधानसभा अध्यक्ष और सरगुजा में मुख्य अतिथि कृषि मंत्री रामविचार नेताम होंगे। इसी प्रकार बिलासपुर जिला मुख्यालय में तोखन साहू केंद्रीय राज्य मंत्री, बस्तर में उप मुख्यमंत्री अरूण साव तथा दुर्ग में उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा जिला मुख्यालय में आयोजित राज्योत्सव कार्यक्रम में मुख्य अतिथि होंगे। इसी प्रकार गरियाबंद में मंत्री दयालदास बघेल, दंतेवाड़ा में मंत्री श्री केदार कश्यप, कोरबा में मंत्री लखन लाल देवांगन, जशपुर में मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल तथा रायगढ़ में मंत्री ओपी चौधरी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। सूरजपुर में मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, जांजगीर-चांपा में मंत्री टंकराम राम वर्मा, बालोद में मंत्री गजेन्द्र यादव, कोरिया में मंत्री राजेश अग्रवाल और मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में मंत्री गुरू खुशवंत साहेब जिला मुख्यालय में आयोजित राज्योत्सव कार्यक्रम में मुख्य अतिथि होंगे। बलौदाबाजार-भाटापारा में सांसद बृजमोहन अग्रवाल, बेमेतरा में सांसद विजय बघेल, कबीरधाम में सांसद संतोष पाण्डेय, बलरामपुर-रामानुजगंज में सांसद चिंतामणी महाराज, महासमुंद में सांसद रूपकुमारी चौधरी, सारंगढ़-बिलाईगढ़ में सांसद राधेश्याम राठिया, सक्ति में सांसद कमलेश जांगड़े, बीजापुर में सांसद महेश कश्यप, कांकेर में सांसद भोजराज नाग तथा खैरागढ़-गंडई-छुईखदान में सांसद देवेन्द्र प्रताप सिंह जिला मुख्यालय में आयोजित राज्योत्सव कार्यक्रम में मुख्य अतिथि होंगे। वहीं मुंगेली जिले में विधायक पुन्नू लाल मोहले, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही में विधायक धरमलाल कौशिक, धमतरी में विधायक अजय चन्द्राकर, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में विधायक रेणुका सिंह, कोण्डागांव में विधायक लता उसेंडी, नारायणपुर में विधायक विक्रम उसेंडी तथा सुकमा जिले में विधायक किरण देव जिला मुख्यालय में आयोजित राज्योत्सव कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में कार्यक्रम की शोभा बढ़ाएंगे। राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर सभी जिलों में सांस्कृतिक कार्यक्रम, लोकनृत्य, हस्तशिल्प प्रदर्शनी, स्थानीय उत्पादों की झांकी एवं विकासपरक योजनाओं से संबंधित स्टॉल लगाए जाएंगे। राज्योत्सव कार्यक्रमों का आयोजन जनभागीदारी और पारंपरिक गौरव के साथ गरिमामय ढंग से किया जाएगा ताकि प्रदेश की संस्कृति, विकास और एकता का संदेश पूरे राज्य में प्रसारित हो सके।

एक और दर्दनाक हादसा: तालाब में डूबा हाथी शावक, सालभर में पांचवीं मौत

रायगढ़ जिले में हाथियों की मौत की घटनाएं लगातार बढ़ रही है। आज फिर तालाब में डूबने से एक हाथी शावक की मौत हो गई. यह घटना छाल क्षेत्र के ग्राम ओरा नारा की है. बीते सालभर के भीतर इसी रेंज में हाथी शावक की पानी में डूबने से यह पांचवीं घटना है. घटना की सूचना पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची. आज सुबह हाथी शावक के शव को तालाब से निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया. मृत शावक की उम्र आठ माह बताई जा रही है. बता दें कि इलाके में 62 हाथियों का झुंड सक्रिय है.

CRPF के वीर K-9 ‘EGO’ को अंतिम विदाई, बहादुरी से बचाई थीं साथियों की जान

सुकमा  सीआरपीएफ की 74वीं बटालियन के वीर K-9 डॉग “EGO” को आज दोरनपाल मुख्यालय में पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। 28 अक्टूबर 2025 को अपने सेवा काल के दौरान देश की सुरक्षा में अद्वितीय योगदान देने और कई जवानों की जान बचाने वाले “EGO” का निधन हो गया। उसकी विदाई के समय जवानों और अधिकारियों की आँखें नम थीं, हर कोई अपने साथी को भावभीनी श्रद्धांजलि दे रहा था। IED की खोज और ट्रैकिंग में दिखाया अदम्य साहस “EGO” 74 बटालियन, सीआरपीएफ का एक अत्यंत दक्ष और साहसी के-9 था। अपने कार्यकाल में उसने कई महत्वपूर्ण अभियानों में हिस्सा लिया और विशेष रूप से नक्सल प्रभावित इलाकों में IED (इंप्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) की खोज और ट्रैकिंग में असाधारण भूमिका निभाई। उसकी सूझबूझ और सतर्कता से कई बार बड़े हादसे टले और दर्जनों जवानों की जानें बचीं। जवानों ने दी अंतिम सलामी आज श्रद्धांजलि समारोह में कमांडेंट हिमांशु पांडे समेत बड़ी संख्या में अधिकारी और जवान उपस्थित रहे। सभी ने “EGO” के पार्थिव शरीर पर पुष्प चढ़ाकर उसे अंतिम सलामी दी। वातावरण में भावनात्मक मौन छा गया जब बटालियन के जवानों ने अपनी ड्यूटी के साथी को सैल्यूट किया। श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए कमांडेंट हिमांशु पांडे ने कहा, “EGO केवल एक ड्यूटी डॉग नहीं था, बल्कि हमारे बटालियन परिवार का हिस्सा था। उसने हमेशा अपनी सेवा, निष्ठा और बहादुरी से हम सबका सिर गर्व से ऊँचा किया। उसका योगदान और समर्पण हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत रहेगा।” सीआरपीएफ परिवार ने दी श्रद्धांजलि सीआरपीएफ परिवार ने “EGO” की निष्ठा, वीरता और सेवाभाव को नमन करते हुए कहा कि ऐसे योद्धा सदैव स्मरणीय रहेंगे। उसकी स्मृति आने वाली पीढ़ियों को कर्तव्यनिष्ठा और समर्पण का संदेश देती रहेगी। EGO ने भले ही इस दुनिया को अलविदा कह दिया हो, लेकिन उसकी बहादुरी और योगदान हमेशा सीआरपीएफ के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज रहेगा।