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आर्थिक गड़बड़ियों पर शिकंजा: ED ने कई व्यापारियों के घरों पर मारा छापा

राजनांदगांव प्रदेश में प्रवर्तन निदेशालय की टीम बुधवार की सुबह से ही सक्रिय हो गई है. राजनांदगांव में बड़े कारोबारियों के ठिकानों पर ईडी का छापा पड़ा है. बताया जा रहा है शहर में तीन जगहों पर जांच एजेंसी की टीम पहुंची है. 10 गाड़ियों में पहुंची अधिकारियों की टीम दस्तावेजों की जांच कर रही है. जानकारी के मुताबिक, रायपुर से करीब 10 गाड़ियों में आई अधिकारियों की टीम ने सुबह 5:30 बजे से शहर के अलग-अलग इलाकों में छापेमारी शुरू की. ईडी की टीम ने भारत माता चौक स्थित राधाकृष्ण अग्रवाल के निवास, सत्यम विहार कॉलोनी में यश और रोमिल नहाटा के घर और कामठी लाइन स्थित मनीष भंसाली के यहां कार्रवाई की है. मौके पर दस्तावेजों की जांच की जा रही है. बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई माइनिंग (खनन) से जुड़े कारोबारियों, सप्लायर और ब्रोकर से संबंधित बताई जा रही है. हालांकि, ईडी की यह कार्रवाई किस विशेष मामले से जुड़ी हुई है, इसकी आधिकारिक पुष्टि अब तक नहीं हुई है.

रहस्यमय हालात में युवक की मौत, पेड़ पर झूलता मिला शव

दुर्ग पाटन थाना क्षेत्र के पंदर ग्राम पंचायत में युवक का पेड़ से लटका शव मिला है. मृतक की पहचान अरुण कुमार साहू (24 वर्षीय) के रूप में हुई है. घटना से इलाके में सनसनी फैल गई है. ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच में जुट गई है. जानकारी के मुताबिक, पन्दर ग्राम पंचायत के खेल मैदान में बरगद पेड़ पर फांसी से लटका हुआ युवक मिला है. मृतक अरुण कुमार साहू (24 वर्षीय) ग्राम कुम्हली, जामगांव का रहने वाला था. ग्रामीणों के अनुसार मामला प्रेम प्रसंग का बताया जा रहा. घटना की खबर गांव में फैलते ही लोगों की भीड़ घटनास्थल पर लग गई है. सूचना के बाद पाटन पुलिस मौके पर पहुंची है. मौके से एक बाइक और कुछ दैनिक सामाग्री (पर्स, मेजरिंग टेप, माचिस) बरामद किया गया है. शव को फंदे से नीचे उतार कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है. फिलहाल मामले की जांच की जा रही है.

माहू के प्रकोप से बालोद जिले के खेत बर्बाद, किसान चिंतित

बालोद बालोद जिले के गुण्डरदेही विधानसभा क्षेत्र के किसान इन दिनों एक विकट आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। ग्राम परसाडीह में लगभग एक हजार एकड़ में बोई गई धान की फसल में से करीब 500 एकड़ फसल माहू नामक बीमारी के प्रकोप से पूरी तरह बर्बाद हो चुकी है। छोटे-बड़े सभी किसान इस अनपेक्षित आपदा से हताश हैं और अपनी तबाह हुई फसलों को देखकर फूट-फूट कर रो रहे हैं। किसानों की आंखों से आंसू ग्राम परसाडीह के किसान गोपाल साहू ने अपनी कर्ज और बर्बाद हुई फसल की व्यथा सुनाते हुए कहा कि वह छोटे किसान हैं और कर्ज लेकर खेती करते हैं। इस बार माहू बीमारी ने उनकी सारी उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। उन्होंने कहा कि उनकी कमाई का एकमात्र जरिया ही तबाह हो गया है। अपनी बर्बाद फसल के कारण वे सरकार से मदद की गुहार लगा रहे हैं। एक अन्य किसान, सामंत साहू, जिन्होंने 25 एकड़ में खेती की थी, बताया कि उनकी केवल 10 एकड़ फसल ही सुरक्षित बची है, जबकि 15 एकड़ पूरी तरह से नष्ट हो गई है। उन्होंने अपनी फसलों पर लगभग ₹1,00,000 की दवाइयों का छिड़काव भी किया, लेकिन उसका कोई असर नहीं हुआ। माहू के प्रकोप से खेत अब पूरी तरह बंजर हो गए हैं और किसानों की उम्मीदें टूट चुकी हैं। इस विपदा से प्रभावित किसानों ने जिला प्रशासन के पास मुआवजे की मांग को लेकर आवेदन जमा किए हैं। किसानों की सरकार से काफी उम्मीदें हैं।

केके रेलमार्ग पर बाधा: पत्थर गिरने से रुकीं यात्री ट्रेनें, यात्रियों को भारी दिक्कतें

 जगदलपुर चक्रवात 'मोंथा' के प्रभाव के चलते भारी बारिश ने छत्तीसगढ़ के रेल यातायात को बुरी तरह प्रभावित किया है। मंगलवार शाम को केके रेल लाइन पर एक बड़ा पत्थर गिर जाने से यात्री ट्रेनों का आवागमन पूरी तरह ठप हो गया। घटना की सूचना मिलते ही रेलवे कर्मचारियों की टीम हरकत में आई और पत्थर हटाने का कार्य युद्धस्तर पर शुरू किया गया। जानकारी के मुताबिक, बारिश के कारण चिमड़ीपल्ली और बोर्रागुहालू स्टेशनों के बीच रेलवे ट्रैक पर एक विशाल पत्थर आ गिरा। रेलवे प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए मजदूरों की एक टीम को मौके पर भेजा, जिन्होंने रात भर अथक प्रयास कर पत्थर को हटाने का कार्य पूरा किया। हालांकि, देर रात तक हुई मूसलाधार बारिश के कारण रेलवे ट्रैक पर मिट्टी भी जमा हो गई थी, जिसे हटाने का कार्य भी जारी रहा। इस कारण, केके रेल लाइन पर बुधवार को भी यात्री ट्रेनों का सामान्य आवागमन प्रभावित रहने की संभावना है।

जशपुर के फरसाबहार को मिली विकास की सौगात: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने 40.89 करोड़ के 13 कार्यों का किया शुभारंभ

रायपुर : मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने जशपुर जिले के फरसाबहार में 40.89 करोड़ के 13 कार्यों का किया लोकार्पण एवं भूमिपूजन 4.16 करोड़ लागत के 4 कार्यों का लोकार्पण और 36.72 करोड़ लागत के 9 विकासकार्यों का हुआ भूमिपूजन रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने आज जशपुर जिले के फरसाबहार क्षेत्र के व्यापक विकास को नए आयाम देते हुए  40 करोड़ 89 लाख 26 हजार रुपए की लागत के 13 विकासकार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। इनमें 4 करोड़ 16 लाख 41 हजार रुपए लागत के 4 विकासकार्यों का लोकार्पण और 36 करोड़ 72 लाख 85 हजार रुपए लागत के 9 विकासकार्यों का भूमिपूजन शामिल हैं।   मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने जिन विकासकार्यों का लोकार्पण किया उनमें 01 करोड़ 81 लाख 32 हजार रुपए लागत के मस्कामारा से होते हुए लवाकेरा मेन रोड तक मार्ग लं. 1.70 कि.मी., 01 करोड़ 29 लाख 56 हजार रुपए लागत के जिला जशपुर के अम्बाकछार पहुंच मार्ग लं. 1.00 कि.मी., 10 लाख रुपए लागत के आर सी.सी. पुलिया निर्माण, सिंहटोला दीपक घर से मेन रोड़ पहुंच मार्ग पर, ग्राम लावाकेरा और 95 लाख 53 हजार रूपए लागत के  जशपुर के मुण्डाडीह पहुच मार्ग लं. 0.90 कि.मी. का  निर्माण कार्य शामिल है।  इसी तरह उन्होंने 36 करोड़ 72 लाख 85 हजार रुपए लागत के जिन 9 विकासकार्यों का भूमिपूजन किया उनमें 31 लाख 38 हजार रूपए लागत के फिकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट, 23 करोड़ 96 लाख 94 हजार रूपए लागत के पमशाला में सरईटोला पहुंच मार्ग लं. 11.50 कि.मी. का निर्माण कार्य, 01 करोड़ 72 लाख 55 हजार रुपए लागत के फरसाबहार में विश्रामगृह भवन का निर्माण कार्य, 01 करोड़ 91 लाख 51 हजार रुपए लागत के प्रो.मै. आदिवासी बालक छात्रावास कोल्हेनझरिया का भवन निर्माण, 01 करोड़ 91 लाख 51 हजार रुपए लागत के प्रो.मै. आदिवासी बालक छात्रावास फरसाबहार का भवन निर्माण, 01 करोड़ 52  लाख 97 हजार रुपए लागत के प्री.मै. आदिवासी बालक छात्रावास लवाकेरा का भवन निर्माण, 01 करोड़ 52 लाख 97  हजार रुपए लागत के प्री.मै. आदिवासी बालक छात्रावास पण्डरीपानी का भवन निर्माण, 01 करोड़ 91 लाख 51 हजार रुपए लागत के प्रो.मै. आदिवासी बालक छात्रावास पंडरीपानी का भवन निर्माण कार्य और 01 करोड़ 91 लाख 51 हजार रुपए लागत के प्री.मै. आदिवासी बालक छात्रावास तपकरा का भवन निर्माण कार्य शामिल है। इस अवसर पर सांसद  राधेश्याम राठिया, विधायक मती गोमती साय, जिला पंचायत अध्यक्ष  सालिक साय, जिला पंचायत उपाध्यक्ष  शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, नगर पालिका जशपुर के उपाध्यक्ष  यश प्रताप सिंह जूदेव,पूर्व संसदीय सचिव  भरत साय, कलेक्टर  रोहित व्यास, पुलिस अधीक्षक  शशिमोहन सिंह,  विजय आदित्य सिंह जूदेव सहित जनप्रतिनिधिगण और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

खेलों का उत्सव लौट आया: राजस्थान में 24 नवंबर से खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स

रायपुर : खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स राजस्थान में 24 नवंबर से 5 दिसम्बर तक केन्द्रीय खेल मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया ने कहा कि केआईयूजी ‘गौरव की दिशा में पहला कदम’ है पहली बार, बीच वॉलीबॉल, कैनोइंग और कयाकिंग, तथा साइक्लिंग (मेडल स्पोर्ट्स) और खो-खो (डेमोंस्ट्रेशन) पांचवीं खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स का हिस्सा होंगे रायपुर पांचवें खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स राजस्थान के सात शहरों में 24 नवंबर से 5 दिसम्बर 2025 तक आयोजित होंगे। इसमें 23 मेडल स्पोर्ट्स और एक डेमोंस्ट्रेशन स्पोर्ट (खो-खो) में प्रतियोगिताएं होंगी। इसी साल कुछ समय पहले में बिहार में हुए खेलो इंडिया यूथ गेम्स की तरह, यूनिवर्सिटी गेम्स भी राजस्थान के सात शहरों जयपुर, अजमेर, उदयपुर, जोधपुर, बीकानेर, कोटा और भरतपुर में आयोजित होंगे। इस 12 दिनों के यूनिवर्सिटी आयोजन में 5,000 से अधिक एथलीटों के आने की उम्मीद है। खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स का आयोजन भारतीय विश्वविद्यालय संघ के सहयोग से किया जाता है। केन्द्रीय युवा मामले एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया ने कहा कि ‘खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स’ भारत के खेल मार्ग में एक महत्वपूर्ण कड़ी हैं। दुनिया भर में विश्वविद्यालय, चैंपियनों को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और केआईयूजी हमारे युवा एथलीटों को राष्ट्रीय स्तर पर अपनी क्षमता दिखाने का मंच प्रदान करता है। इन खेलों का राजस्थान संस्करण भारत के विस्तृत खेल परिदृश्य को उजागर करेगा और वैश्विक स्तर पर राष्ट्र का प्रतिनिधित्व करने की आकांक्षा रखने वालों के लिए पहला कदम साबित होगा। डॉ. मंडाविया ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के विज़न के तहत खेलो इंडिया पहल ने भागीदारी, प्रतिभा विकास और उत्कृष्टता को प्रोत्साहित करने वाला एक ठोस पारिस्थितिकी तंत्र बनाया है। राजस्थान में आयोजित होने वाले ये यूनिवर्सिटी गेम्स हजारों छात्रों को न केवल खेलों को पढ़ाई के समानांतर ही आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेंगे। साथ ही प्रतियोगिता एवं सौहार्द्र के माध्यम से ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ की भावना को मजबूत भी करेंगे। केआईयूजी-2025 में 23 मेडल स्पोर्ट्स और एक डेमोंस्ट्रेशन श्रेणी के स्पोर्ट्स होंगे। मेडल स्पोर्ट्स में तीरंदाजी, एथलेटिक्स, बैडमिंटन, बास्केटबॉल, बॉक्सिंग, फेंसिंग, फुटबॉल, हॉकी, जूडो, कबड्डी, मल्लखंब, रग्बी, शूटिंग, तैराकी, टेबल टेनिस, टेनिस, वॉलीबॉल, वेटलिफ्टिंग, कुश्ती, योगासन, साइक्लिंग, बीच वॉलीबॉल, कैनोइंग और कयाकिंग शामिल हैं। खो-खो एक डेमोंस्ट्रेशन इवेंट होगा। पहली बार केआईयूजी कार्यक्रम में कैनोइंग, बीच वॉलीबॉल, और कयाकिंग तथा साइक्लिंग को शामिल किया जा रहा है। पूर्वाेत्तर भारत में आयोजित हुए पिछले खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स में चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी चैंपियन बनी। लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी और गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी, अमृतसर ने क्रमशः दूसरा और तीसरा स्थान हासिल किया था। खेलो इंडिया के विषय में  खेलो इंडिया योजना युवा मामले एवं खेल मंत्रालय की प्रमुख केंद्रीय क्षेत्र की योजना है। खेलो इंडिया गेम्स खेल कौशल प्रदर्शन का आधारभूत मंच हैं, जो प्रतिभा की पहचान करने और प्रतिभाशाली बच्चों को उत्कृष्टता हासिल करने हेतु एक विकास का मार्ग प्रदान करने का प्लेटफॉर्म बनते हैं। ये राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताएं ओलंपिक आंदोलन की सच्ची भावना में आयोजित की जा रही हैं, जिसमें संबंधित एनएसएफ, एसजीएफआई, एआईयू आदि जैसे विभिन्न हितधारकों को शामिल किया जाता है। इस कार्यक्रम के तहत अब तक देश भर में 20 संस्करणों का आयोजन हो चुका है, जिसमें 7 संस्करण खेलो इंडिया यूथ गेम्स (केआईव्हायजी), 4 संस्करण खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स (केआईयूजी), 5 संस्करण खेलो इंडिया विंटर गेम्स (केआईव्हीजी), 2 संस्करण खेलो इंडिया पैरा गेम्स (केआईपीजी), 1 संस्करण खेलो इंडिया बीच गेम्स (केआईबीजी), और 1 संस्करण खेलो इंडिया वाटर स्पोर्ट्स फेस्टिवल (केआईडब्ल्यूएसएफ) शामिल हैं।

स्वास्थ्य मंत्री ने लिया संज्ञान; बी.पी.एल. मरीजों के लिए नि:शुल्क जांच, अन्य मरीजों को शासन द्वारा निर्धारित न्यूनतम दर पर सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश

रायपुर डॉ.  भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय रायपुर में आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत ओपीडी (बाह्य रोगी विभाग) में आने वाले मरीजों को सीटी स्कैन एवं एमआरआई जांच में आ रही कठिनाइयों को देखते हुए स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने इस विषय में स्वतः संज्ञान लिया है। स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने मरीज हित में फैसला लेते हुए आगामी सामान्य परिषद् की बैठक तक के लिए चिकित्सालयों में आने वाले बी.पी.एल. राशनकार्डधारी ओपीडी मरीजों को निःशुल्क सीटी स्कैन एवं एमआरआई जांच सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही, ऐसे अन्य ओपीडी मरीज जो बी.पी.एल. श्रेणी में नहीं आते हैं, उन्हें शासन/विभाग द्वारा निर्धारित न्यूनतम दरों पर यह जांच सुविधा प्राप्त होगी।   अम्बेडकर अस्पताल के अधीक्षक डॉ. संतोष सोनकर ने बताया कि स्वास्थ्य मंत्री का यह निर्णय ओपीडी स्तर पर जांच सुविधाओं को सुलभ एवं किफायती बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने निर्देश देते हुए कहा है कि – इन आदेशों का पालन सुनिश्चित करते हुए किसी भी मरीज को जांच सुविधा में असुविधा न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाये। विदित हो कि प्रदेश के सबसे बड़े शासकीय अस्पताल के रेडियोडायग्नोसिस विभाग में सीटी स्कैन – एमआरआई जांच की अत्याधुनिक मशीनें स्थापित हैं जिसके कारण प्रतिदिन यहां पर काफी संख्या में मरीज इन मशीनों से जांच सुविधा का लाभ उठाने आते हैं परंतु विगत कुछ दिनों से आयुष्मान योजना पोर्टल के जरिए ओपीडी में इन जांचों हेतु ब्लॉकिंग सुविधा में दिक्कत आ रही थी जिसे देखते हुए माननीय स्वास्थ्य मंत्री ने लोकहित में निर्णय लेते हुए गरीब मरीजों की जांच निशुल्क करने हेतु दिशा- निर्देश जारी किए हैं।

डिजिटल बोर्ड से शिक्षिका ने उपमुख्यमंत्री को पढ़ाई हृदय की संरचना एवं बैटरी की कार्यप्रणाली

रायपुर : बच्चों के संग विद्यार्थी बने उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा डिजिटल बोर्ड से शिक्षिका ने उपमुख्यमंत्री को पढ़ाई हृदय की संरचना एवं बैटरी की कार्यप्रणाली डिजिटल बोर्ड एवं इंटरएक्टिव लर्निंग से बच्चों को विज्ञान एवं गणित जैसे विषयों को समझने में होगी आसानी- उपमुख्यमंत्री शर्मा रायपुर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा ने आज कबीरधाम जिले के ग्राम बिरकोना स्थित उच्चतर माध्यमिक शाला से कवर्धा विकासखंड के अंतर्गत संचालित 17 शासकीय स्कूलों में स्मार्ट क्लास रूम सुविधा का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने स्मार्ट कक्षाओं का स्कूली बच्चों के साथ रिबन काटकर शुभारम्भ किया। इस कार्यक्रम में कवर्धा विकासखण्ड के सभी स्कूल जहां स्मार्ट कक्षाओं की शुरुआत हो रही है वहां के बच्चे वर्चुअल माध्यम से सीधे जुड़े। इस अवसर पर सभी शिक्षा के डिजिटलीकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल के साक्षी बने। इस दौरान उपमुख्यमंत्री शर्मा स्मार्ट क्लास में जाकर बच्चों के साथ बैठकर खुद भी विद्यार्थी बन गए। उन्होंने बच्चों के साथ बैठकर आदर्श विद्यार्थी की तरह डिजिटल बोर्ड के माध्यम से हृदय की संरचना, पौधों में पादप हार्मोन एवं इलेक्ट्रो केमिस्ट्री में बैटरी की कार्यप्रणाली के बारे में डिजिटल बोर्ड द्वारा जानकारी प्राप्त की। उन्होंने शिक्षकों के साथ डिजिटल कक्षा के संचालन, उपयोग एवं कार्यप्रणाली के संबंध में विस्तृत चर्चा की। उन्होंने स्वयं भी स्मार्ट बोर्ड संचालित कर इसकी उपयोगिता को परखा। उन्होंने इस पहल को जिले में डिजिटल शिक्षा व्यवस्था के सुव्यवस्थित विस्तार की दिशा में अभूतपूर्व कदम बताया। उन्होंने बच्चों से सीधा संवाद भी किया। बच्चों के संग विद्यार्थी बने उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा उप मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि यह परियोजना केवल उपकरण या तकनीक की उपलब्धता नहीं, बल्कि पूरी शिक्षा संस्कृति में परिवर्तन की पहल है। जहाँ मल्टी-डायमेंशनल कंटेंट, थ्री-डी विसुअलाइजेशन और इंटरैक्टिव लर्निंग के माध्यम से विज्ञान एवं गणित जैसे कठिन से कठिन विषय भी विद्यार्थियों के लिए आकर्षक और सरल बन सकेंगे। उन्होंने बताया कि प्रथम चरण में कवर्धा विकासखंड के 17 स्कूलों में यह सुविधा शुरू की गई है, जबकि एचडीएफसी के सीएसआर मद से शेष 33 विद्यालयों को भी जोड़कर कुल 50 स्कूलों तक इसका विस्तार किया जाएगा तथा आगे कुल 74 विद्यालयों को भी स्मार्ट क्लास के रूप में सुसज्जित करने का लक्ष्य किया गया है। इससे विद्यार्थियों की विषय को लेकर आधातभूत समझ भी बढ़ेगी तथा परीक्षाओं में परिणाम भी बेहतर होंगे। इससे विद्यार्थियों में पढ़ाई के प्रति रुचि बढ़ेगी और दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चे भी तकनीकी शिक्षा से जुड़ सकेंगे। उपमुख्यमंत्री ने शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रत्येक विद्यालय विषयवार साप्ताहिक शैक्षणिक शेड्यूल तैयार करें, डिजिटल वीडियो लाइब्रेरी विकसित की जाए और एक स्कूल को दूसरे स्कूल से जोड़कर ज्ञान एवं अनुभव विनिमय तंत्र तैयार किया जाए, जिससे विद्यार्थियों को सतत, प्रतिस्पर्धात्मक एवं सहयोगात्मक समझ का वातावरण प्राप्त होगा। उन्होंने आगे कहा कि सफलता के लिए किसी प्रकार का शॉर्टकट नहीं होता। कठोर परिश्रम ही एकमात्र विश्वसनीय मार्ग है। सही को सही और गलत को गलत कहने का साहस ही सच्चे शिक्षित होने का प्रमाण है। उन्होंने समाज में बढ़ते नशे के खतरों पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए युवाओं को इसके उन्मूलन के लिए सामूहिक संकल्प लेने का आह्वान किया। इस दौरान उन्होंने बताया कि कि जिले के 44 विद्यालयों में शेड निर्माण हेतु स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है तथा विद्यार्थियों के मानसिक एवं व्यवहारिक सुदृढ़ीकरण के लिए वरिष्ठ प्रबुद्धजनों की काउंसलिंग योजना को तत्काल प्रभाव से लागू करने का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था केवल पढ़ाई नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण और जीवन मूल्यों की स्थापना के लिए एक समग्र शैक्षणिक अभियान के रूप में विकसित की जाएगी। इस अवसर पर उन्होंने एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत वृक्षारोपण भी किया। इसके साथ ही सेवानिवृत्त हुए शिक्षकों को सम्मानित करते हुए उनके बच्चों की शिक्षा में किये गए अतुलनीय योगदान की सराहना करते हुए उन्हें आगामी जीवन के स्वस्थ एवं सुखी होने की शुभकामनाएं भी दी।

ग्रामीणों की खुशियों का अवसर: मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने पूरी की उनकी मांग

रायपुर : मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के प्रयासों से ग्रामीणों की मांग हुई पूरी सूरजपुर में 11 करोड़ 39 लाख रुपये की लागत से दो सड़कों का निर्माण कार्य प्रारंभ रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ग्रामीण अंचलों के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। इसी दिशा में महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के प्रयासों से सूरजपुर जिले के ग्रामीणों की लंबे समय से लंबित मांग को पूरा करते हुए कुल 11 करोड़ 39 लाख 63 हजार रुपये (1,139.63 लाख रुपये) की लागत से दो प्रमुख सड़कों के निर्माण कार्यों का आज भूमि पूजन एवं शुभारंभ किया गया। पहला निर्माण कार्य राष्ट्रीय राजमार्ग-43 से नया कृष्ण मंदिर होकर सिलफिली बनारस रोड तक (5.20 किमी) का है, जिस पर 6 करोड़ 90 लाख 68 हजार रुपये की लागत स्वीकृत की गई है।दूसरा निर्माण कार्य एनएच-43 से नावापारा दुर्गाबाड़ी होकर रवीन्द्र नगर (3.96 किमी) तक सड़क निर्माण का है, जिसकी लागत 4 करोड़ 48 लाख 95 हजार रुपये है। मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि इन सड़कों के निर्माण से सैकड़ों ग्रामीण परिवारों को आवागमन की सुविधा, व्यापारिक गतिविधियों में वृद्धि और जीवन स्तर में सुधार मिलेगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार गांव-गांव तक पक्की सड़क और विकास पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। भूमिपूजन कार्यक्रम में  स्थानीय जनप्रतिनिधि, अधिकारी और ग्रामीणजन  बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। सड़कों की स्वीकृति से क्षेत्र में हर्ष और उत्साह का माहौल रहा।

बस्तर में गूंजा खेल उत्सव का जोश: उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने किया ओलंपिक प्रतियोगिता का उद्घाटन

रायपुर : उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने विकासखंड स्तरीय बस्तर ओलंपिक का किया शुभारंभ बस्तर के होनहार युवाओं को खेल प्रतिभा निखारने का मिल रहा अवसर – अरुण साव गोविंदपुर खेल मैदान में शेड निर्माण के लिए 25 लाख की घोषणा की रायपुर उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव ने आज बस्तर ओलंपिक-2025 के विकासखण्ड स्तरीय खेल प्रतियोगिताओं का शुभारंभ किया। उन्होंने कांकेर के गोविंदपुर खेल मैदान में खेल ध्वज फहराया और वहां मौजूद खिलाड़ियों के बीच जाकर उनका उत्साहवर्धन किया। साव ने तीरंदाजी, व्हालीबॉल और रिले रेस में सांकेतिक तौर पर हिस्सा लेकर प्रतिभागी खिलाड़ियों को अपनी शुभकामनाएं दीं। उन्होंने गोविंदपुर के खेल मैदान में शेड निर्माण के लिए 25 लाख रुपए देने की घोषणा की। विधायक आशाराम नेताम, छत्तीसगढ़ मछुआ कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष भरत मटियारा और हस्तशिल्प बोर्ड की अध्यक्ष मती शालिनी राजपूत भी शुभारंभ कार्यक्रम में शामिल हुए। उप मुख्यमंत्री साव ने शुभारंभ समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि बस्तर के प्रतिभाशाली युवक-युवतियों को समुचित प्लेटफॉर्म मुहैया कराने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने पिछले वर्ष से बस्तर ओलंपिक का आगाज किया है, जिसकी ख्याति राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फैल चुकी है। इसकी सफलता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि गत वर्ष एक लाख 65 हजार युवक-युवतियों ने अपना पंजीयन कराया था, जबकि इस वर्ष रिकॉर्ड तीन लाख 91 हजार खिलाड़ियों ने पंजीयन कराया है। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर संभाग के खिलाड़ियों की अपनी विशिष्ट पहचान है, क्योंकि वे अनुशासित होकर टीम भावना से अपनी खेल प्रतिभाओं का उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि जिले में खेल सुविधाओं और विकास के लिए पूर्व में ही लगभग आठ करोड़ रुपए के विभिन्न कार्यों की स्वीकृति राज्य सरकार द्वारा दी जा चुकी है। विधायक आशाराम नेताम ने अपने संबोधन में कहा कि कांकेर में पखांजूर से लेकर नरहरपुर तक विभिन्न खेल प्रतिस्पर्धाओं का सकारात्मक वातावरण निर्मित हो रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बस्तर संभाग के हुनरमंद खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने के लिए पिछले साल से बस्तर ओलंपिक शुरू किया है जो आज वृहद रूप ले चुका है। उन्होंने सभी खिलाड़ियों को खेल भावना के साथ बेहतर प्रदर्शन करने के लिए शुभकामनाएं दीं। कांकेर नगर पालिका के अध्यक्ष अरुण कौशिक, उपाध्यक्ष उत्तम यादव, जिला पंचायत की उपाध्यक्ष मती तारा ठाकुर, कलेक्टर निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर, खेल एवं युवा कल्याण विभाग की संचालक मती तनुजा सलाम और जिला पंचायत के सीईओ हरेश मंडावी सहित पार्षदगण, जनप्रतिनिधि एवं खिलाड़ी बड़ी संख्या में कार्यक्रम में मौजूद थे।