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सड़कें सुधारो, या जवाब दो: हाईकोर्ट ने PWD और NHAI को कड़ा नोटिस दिया

बिलासपुर छत्तीसगढ़ की जर्जर सड़कों और लगातार हो रहे सड़क हादसों पर हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट ने कहा कि नेशनल हाईवे-343 और एनएच-130 जैसे मार्गों की खराब हालत और ब्लैक स्पाटों के कारण आम लोगों की जान जा रही है। कोर्ट ने लोक निर्माण विभाग (PWD) और नेशनल हाईवे अथारिटी ऑफ इंडिया (NHAI) के हलफनामे पेश होने के बाद कहा कि अब जिम्मेदार एजेंसियां जवाबदेह बनें और जल्द सुधारात्मक कदम उठाएं। कोर्ट ने कहा कि नागरिकों की जान बचाना सर्वोच्च प्राथमिकता है। लापरवाही करने वाले किसी भी विभाग या कंपनी को बख्शा नहीं जाएगा। मामले की अगली सुनवाई 10 अक्टूबर को होगी। यह मामला उस समय हाईकोर्ट के संज्ञान में आया, जब एक पिकअप वाहन के ब्रेक फेल होने से 19 लोगों की मौत हो गई थी। चालक वाहन छोड़कर कूद गया और गाड़ी 35 फीट गहरी खाई में गिर गई। हादसे की खबरें अखबारों में प्रकाशित हुईं तो कोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेकर मामले को जनहित याचिका के रूप में दर्ज किया। पीडब्ल्यूडी सचिव ने कोर्ट में कहा कि अंबिकापुर-रामानुजगंज-गढ़वा रोड (एनएच-343) की हालत सुधारने के लिए करीब 740 करोड़ की मंजूरी केंद्र सरकार से मिल चुकी है। तीन पैकेजों में काम बांटा गया है। मई 2025 में ठेका भी दे दिया गया है, लेकिन बारिश की वजह से काम ठप है। फिलहाल 2.81 करोड़ की लागत से अस्थायी मरम्मत जारी है। वहीं ब्लैक स्पाटों को सुधारने के लिए कई प्रस्ताव केंद्र को भेजे गए हैं, लेकिन मंजूरी का इंतजार है। एनएचएआई ने बताया कि बिलासपुर, मुंगेली और बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के 10 ब्लैक स्पाटों में से कई को हटाया जा चुका है। बिलासपुर के सेंदरी जंक्शन पर नई सर्विस रोड 90 प्रतिशत तैयार हो चुकी है। लिमतरा मोड़ पर 3.98 करोड़ की लागत से सर्विस रोड बनाने का टेंडर जारी हो चुका है। कोर्ट कमिश्नर की रिपोर्ट में पता चला कि कोरबा से रायपुर तक के एनएच-130 पर स्थित पावर प्लांट्स की राख (फ्लाई ऐश) ढोते समय पर्याप्त सुरक्षा उपाय नहीं करते। ट्रकों से उड़ने वाली राख दिन में भी जीरो विजिबिलिटी बना देती है। इससे सड़क हादसे तो होते ही हैं। साथ ही आसपास के गांवों में सांस की बीमारियां भी फैल रही है। कोर्ट ने माना कि इससे हाईवे पर हुए मरम्मत कार्य भी बर्बाद हो रहे हैं। कोर्ट ने एनटीपीसी और सीएसपीजीसीएल को छोड़कर बाकी पावर प्लांट्स जैसे केएसके महानदी, डीबी पावर (बरादरहा), बालको, एसकेएस पावर, एसीबी पावर और अन्य स्वतंत्र बिजली उत्पादकों से स्पष्टीकरण मांगा है। छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल को भी पार्टी बनाकर कहा गया है कि वे अपना हलफनामा कोर्ट में पेश करें। हाईकोर्ट ने साफ किया कि अब मामले की नियमित मानिटरिंग होगी।

जब मुख्यमंत्री खुद बने ग्राहक : घरेलू सामान की शॉपिंग कर उठाया जीएसटी दरों में कटौती का लाभ

रायपुर : मुख्यमंत्री अचानक पहुंचे मार्ट,ग्राहकों से की मुलाकात,ग्राहक बोले जीएसटी रिफॉर्म्स, बचत क्रांति जब मुख्यमंत्री खुद बने ग्राहक : घरेलू सामान की शॉपिंग कर उठाया जीएसटी दरों में कटौती का लाभ जीएसटी बचत उत्सव को लेकर जनभावनाओं से रूबरू होने "के मार्ट" पहुंचे मुख्यमंत्री मंथली बजट में आई कमी, कम कीमत में लिया ज्यादा सामान, जीएसटी कटौती नहीं यह "बचत क्रांति" है, मोदी जी ही ले सकते हैं ऐसा साहसिक निर्णय – लोगों ने मुख्यमंत्री को दी ऐसी प्रतिक्रिया जीएसटी दरों में हुए ऐतिहासिक सुधार से बाजारों में बढ़ी रौनक जीएसटी दरों में कमी से रोज़मर्रा के सामान हुए सस्ते प्राइस टैग में सूचित की जा रही है जीएसटी दरों में कमी के बाद नई कीमत रायपुर राजधानी रायपुर के सरोना स्थित शुभम "के मार्ट" में रोजमर्रा की ज़रूरत का सामान खरीद रहे लोग उस समय सुखद आश्चर्य से भर उठे, जब उन्होंने देखा कि जीएसटी बचत का लाभ उन्हें मिल रहा है या नहीं उसे देखने स्वयं प्रदेश के मुखिया आए है। दरअसल, आज जीएसटी बचत उत्सव को लेकर जनभावनाओं से रूबरू होने मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय "शुभम के मार्ट" पहुंचे। उन्होंने खुद ग्राहक बनकर 1,645 रुपये के घरेलू सामान की शॉपिंग की एवं यूपीआई से भुगतान भी किया।इस दौरान उन्होंने खरीदारी कर रहे लोगों से बातचीत की और जीएसटी दरों में कटौती से घरेलू सामानों के मूल्य में आए फर्क के बारे में जानकारी ली। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने मार्ट पहुंचकर ज़रूरत के सामान खरीदे और जीएसटी दरों में कमी का लाभ लिया। इस दौरान मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आत्मीयता से लोगों का हालचाल जाना। उन्होंने खरीदारी कर रही गृहिणियों से घरेलू बजट पर आए असर की जानकारी ली, युवाओं और वरिष्ठ नागरिकों से उनकी दिनचर्या के बारे में पूछताछ की। इस बीच उन्होंने रोजमर्रा का सामना खरीदते हुए अन्य ग्राहकों से आत्मीयतापूर्वक वार्तालाप किया। मुख्यमंत्री का यह आत्मीय व्यवहार देखकर मौजूद लोग गदगद हो उठे और कहा कि प्रदेश का मुखिया आज हमारे बीच एक आम आदमी की तरह शामिल है। इस दौरान उन्होंने खरीददारों से चर्चा करते हुए जीएसटी सुधारों पर लोगों के विचार सुने। लोगों ने बताया कि दवाइयों और राशन की कीमत घटने से उन्हें बड़ी राहत मिली है। मुख्यमंत्री मुस्कुराते हुए बोले—"यही तो असली मकसद है कि सुधार की गूंज आम जनता तक पहुंचे।" इसके बाद उन्होंने खुद भी सामान खरीदा और नई कीमतें देखकर कहा—"यह सुधार केवल कागज पर नहीं, बल्कि हर परिवार की ज़िंदगी में दिखाई देने वाला परिवर्तन है।" मुख्यमंत्री  साय ने  सभी को स्वदेशी की मुहिम का साथ देने का आग्रह भी किया, जिस पर लोगों ने कहा आप आगे बढ़े ,हम आपके साथ है। जीएसटी कटौती नहीं, यह "बचत क्रांति" है मुख्यमंत्री से चर्चा करते हुए खरीदारी कर रहे रिटायर्ड एयरफोर्स अधिकारी  टी. पी. सिंह ने कहा कि आने वाले समय में जब इस दौर का इतिहास लिखा जाएगा, तब प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हुए जीएसटी सुधार को ऐतिहासिक बजट क्रांति के रूप में दर्ज किया जाएगा। उन्होंने कहा—"पहले हम जितने पैसों में 30 दिन का राशन लेते थे, अब उन्हीं पैसों से 40 दिन से अधिक का राशन ले पा रहे हैं। हमारे प्रधानमंत्री ही इतना बड़ा साहसिक निर्णय ले सकते थे, कोई और ऐसा नहीं कर पाता।" स्टेशनरी में 12 प्रतिशत था टैक्स, अब हो गया जीरो राजधानी रायपुर के अवंती विहार निवासी  लद्दाराम नैनवानी ने बताया कि जीएसटी सुधार का सकारात्मक प्रभाव शिक्षा से भी जुड़ा है। शुभम "के मार्ट" में मुख्यमंत्री को नोटबुक दिखाते हुए उन्होंने कहा—"पहले इस पर 12 प्रतिशत टैक्स लगता था, लेकिन अब प्रधानमंत्री मोदी जी ने इसे शून्य कर दिया है। इस ऐतिहासिक कदम से कॉपियाँ और आवश्यक स्टेशनरी सस्ती हो गई हैं। ऐसा निर्णय हमारे प्रधानमंत्री ही कर सकते हैं।" उन्होंने आगे बताया—"पहले मैं बच्चों के लिए सालाना लगभग 2,000 रुपये की स्टेशनरी लेता था और अब इसमें लगभग 240 रुपये की बचत हो रही है।" चार जरूरी समान खरीदने आए, जीएसटी छूट से खरीदा 4 गुना अधिक सामान मार्ट में खरीदारी करने पहुंचे  मुरलीधर ने मुख्यमंत्री से बातचीत में बताया—"मैं आज केवल 4 ज़रूरी सामान खरीदने आया था, लेकिन जीएसटी दरों में कमी देखकर 4 गुना अधिक सामान खरीद लिया। जीएसटी में व्यापक सुधार से रोजमर्रा की सामग्रियाँ सस्ती हुई हैं और हमें सीधा लाभ मिल रहा है।" देवांगन दंपति ने बताया मंथली बजट में 10 प्रतिशत की कमी शुभम "के मार्ट" में खरीदारी करने पहुंचे चंगोराभाटा निवासी दंपति  जितेंद्र और मती पद्मा देवांगन ने कहा—"हमारे मासिक बजट में 10 प्रतिशत की कमी आई है।" गृहिणी मती पद्मा ने नए प्राइस टैग देखकर कहा—"पहले यही डिटर्जेंट और मसाले मैं ज्यादा कीमत में खरीदती थी। अब दरों में कटौती के बाद कम दाम देखकर सचमुच खुशी हो रही है। त्योहारी खरीदारी में काफी बचत हो रही है।" बजट से ज्यादा खरीदारी का मिला मौका मती सविता मौर्य और अनीता साकार नवरात्रि में आयोजित होने वाले कन्या भोज के लिए श्रृंगार सामग्री खरीदने आईं थीं। उन्होंने कहा—"श्रृंगार सामग्री के दाम पहले से कम हो गए हैं। जीएसटी दरों में कटौती ने हमें निर्धारित बजट से अधिक खरीदारी करने का अवसर दिया है। पहली बार लगता है कि त्योहारी सेल केवल विज्ञापन नहीं, बल्कि असल में राहत है।" उल्लखेनीय है कि जीएसटी दरों में हुए ऐतिहासिक सुधारों के बाद बाजारों में रौनक बढ़ी है और लोग लगातार खरीदारी कर रहे हैं। प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में त्योहारी सीजन में लोगों को जीएसटी दरों में कटौती का बड़ा उपहार मिला है और इससे रोजमर्रा के उपयोग की वस्तुएँ सस्ती हुई हैं।

मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े का बयान – GST में कटौती से आम आदमी को सीधा लाभ

मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े का बयान – GST में कटौती से आम आदमी को सीधा लाभ GST में राहत की घोषणा, मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने बताया जनहित में उठाया कदम सूरजपुर की दुकानों में ग्राहकों से की सीधी बातचीत, जागरूकता के लिए लगाए गए स्टीकर रायपुर   महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने  सूरजपुर जिले के विभिन्न दुकानों का भ्रमण कर ग्राहकों से सीधे संवाद किया। उन्होंने वस्तु एवं सेवा कर (GST) में कमी से आमजन को मिलने वाले प्रत्यक्ष लाभ की जानकारी दी और कहा कि यह कदम लोगों की आर्थिक बोझ को कम करने के लिए उठाया गया है। मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार और राज्य सरकार आम जनता के हितों को सर्वाेच्च प्राथमिकता देती है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने जनता के हितों को ध्यान में रखते हुए रोजमर्रा की जरूरतों की वस्तुओं पर GST में भारी कमी की है। GST में कमी से लोगों की रोज़मर्रा की आवश्यक वस्तुएँ अब और भी किफायती हो गई हैं। यह पहल गरीब, मध्यम वर्ग और छोटे व्यापारियों के लिए बड़ी राहत साबित होगी। जागरूकता के लिए लगाए गए स्टीकर ग्राहकों ने भी मंत्री से बातचीत करते हुए अपनी संतुष्टि जाहिर की। एक ग्राहक ने कहा कि अब बाजार में सामान की कीमतें पहले से कम हैं, जिससे परिवार की ज़रूरतें पूरी करने में सहूलियत हो रही है। वहीं छोटे व्यापारियों ने भी बताया कि इससे ग्राहकों का रुझान बढ़ा है और बिक्री में सकारात्मक असर देखी जा रही है। जागरूकता अभियान के तहत दुकानों में विशेष स्टीकर लगाए गए, ताकि आम लोग GST में कमी से मिलने वाले फायदों से अवगत हो सकें। मंत्री ने उपस्थित नागरिकों से कहा कि वे भी अपने आस-पास के लोगों को इसके बारे में जानकारी दें, जिससे अधिक से अधिक लोग लाभान्वित हो सकें। इस अवसर पर विधायक श्री भुलन सिंह मरावी सहित अन्य जनप्रतिनिधि और स्थानीय नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय राष्ट्रीय सेवा योजना के स्थापना दिवस एवं सम्मान समारोह में हुए शामिल

रायपुर व्यक्तिगत स्वार्थ से ऊपर उठकर किया गया हर कार्य सेवा और राष्ट्र निर्माण का कार्य होता है। राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवक राष्ट्रनिर्माण में महत्वपूर्ण भागीदारी निभा रहे हैं। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने राजधानी रायपुर स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित राष्ट्रीय सेवा योजना के राज्य स्तरीय स्थापना दिवस एवं सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना के अंतर्गत देशभर में 4 लाख से अधिक विद्यार्थी स्वयंसेवक के रूप में कार्य कर रहे हैं। हमारे प्रदेश में भी एक लाख से अधिक विद्यार्थी सक्रिय रूप से अपनी भूमिका निभा रहे हैं, जो छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का विषय है। आज जिन स्वयंसेवकों को उनके श्रेष्ठ कार्यों के लिए सम्मानित किया जा रहा है, उन्हें हम हार्दिक बधाई देते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज़ादी की लड़ाई के समय यह माना जाता था कि स्वतंत्रता संग्राम में सहयोग देना ही राष्ट्रसेवा है। आज जब देश स्वतंत्र हो चुका है, तो राष्ट्रसेवा का अर्थ है सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक विकास में अपना समग्र योगदान देना। एनएसएस के स्वयंसेवक इस दिशा में बहुमूल्य योगदान दे रहे हैं। मुख्यमंत्री ने स्वयंसेवकों को राष्ट्रसेवा का स्वरूप समझाते हुए कहा कि जब हम एक पेड़ लगाते हैं तो राष्ट्रसेवा करते हैं। जब हम किसी को अस्पताल तक पहुँचाते हैं तो राष्ट्रसेवा करते हैं। किसी की आर्थिक मदद करना, किसी को पढ़ने-लिखने में सहयोग करना भी राष्ट्रसेवा ही है। हर कार्य जो हम अपने व्यक्तिगत स्वार्थ से परे होकर करते हैं, वही सेवा और राष्ट्र निर्माण का कार्य है। उन्होंने कहा कि एनएसएस के स्वयंसेवक पूरे मनोयोग से सेवा करते रहें और शिक्षा के प्रचार-प्रसार में योगदान दें ताकि कोई भी शिक्षा से वंचित न रहे। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि हमारी सरकार युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। नई औद्योगिक नीति के तहत उद्योगों में रोजगार देने वाले उद्यमियों को सुविधाएँ प्रदान की जा रही हैं। पिछले 10 महीनों में लगभग 7.5 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इस निवेश से बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर सृजित होंगे। इस अवसर पर उच्च शिक्षा मंत्री  टंकराम वर्मा ने कहा कि सेवा केवल दूसरों की मदद करना ही नहीं है, बल्कि यह चरित्र, सोच और जिम्मेदारी की भावना को आकार देने का माध्यम भी है। युवाओं की ऊर्जा और उत्साह ही समाज और राष्ट्र की असली पूंजी है। एनएसएस स्वयंसेवक जिस लगन और समर्पण से सेवा कार्य कर रहे हैं, वह हमारी युवा शक्ति का परिचायक है। स्वच्छ भारत अभियान की सफलता में एनएसएस स्वयंसेवकों की सक्रिय भूमिका रही है। उन्होंने शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में आपदा प्रबंधन, पर्यावरण संरक्षण और स्वास्थ्य सहित अनेक क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने इस अवसर पर राष्ट्रीय सेवा योजना की पत्रिका ‘समर्पण’ और विकसित भारत क्विज कार्यक्रम के पोस्टर का विमोचन किया। उन्होंने राष्ट्रीय सेवा योजना अंतर्गत उत्कृष्ट कार्य कर रही संस्थाओं, अधिकारियों और स्वयंसेवकों को सम्मानित भी किया। इस अवसर पर सीएसआईडीसी के अध्यक्ष  राजीव अग्रवाल, सचिव उच्च शिक्षा डॉ. एस. भारतीदासन, आयुक्त उच्च शिक्षा  संतोष कुमार देवांगन, एनएसएस उप कार्यक्रम सलाहकार डॉ. अशोक कुमार श्रोती, राज्य एनएसएस अधिकारी डॉ. नीता बाजपेयी, सभी जिलों के एनएसएस कार्यक्रम समन्वयक और प्रदेशभर से बड़ी संख्या में आए स्वयंसेवक उपस्थित थे।

बालोद प्रवास के दौरान शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने दिया आश्वासन

रायपुर : बालोद की अधिष्ठात्री देवियों के मंदिर परिसरों का होगा विकास बालोद प्रवास के दौरान शिक्षा मंत्री  गजेन्द्र यादव ने दिया आश्वासन   मंत्री यादव ने गंगा मैय्या झलमला, सियादेवी एवं कंकालिन माता की पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख, समृद्धि की कामना की रायपुर प्रदेश के स्कूली शिक्षा, ग्रामोद्योग एवं विधि, विधायी मंत्री  गजेन्द्र यादव ने अपने  बालोद जिले के प्रवास के दौरान जिला मुख्यालय बालोद के समीपस्थ ग्राम झलमला स्थित माँ गंगा मैय्या मंदिर, गुरूर विकासखण्ड के ग्राम नारागांव स्थित सियादेवी मंदिर एवं ग्राम कंकालिन में कंकालिन मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख, समृद्धि की कामना की। नवरात्रि के पावन अवसर पर शिक्षा मंत्री  यादव ने बालोद जिले की प्रमुख तीनों अधिष्ठात्री देवियों का दर्शन करने के उपरांत मंदिर समिति के सदस्यों के साथ बैठक की। इस दौरान उन्होंने मंदिर समिति के सदस्यों एवं जनप्रतिनिधियों के मांग पर मंदिर परिसर में चल रहे प्रमुख विकास कार्यों को पूरा करने हेतु राशि स्वीकृति करने का आश्वासन भी दिया।   यादव ने गंगा मैय्या झलमला, सियादेवी एवं कंकालिन माता की पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख, समृद्धि की कामना की प्रवास के दौरान शिक्षा मंत्री ने ग्राम कंकालिन में कंकालिन मंदिर परिसर के प्रवेश द्वार तथा डोम शेड निर्माण हेतु राशि स्वीकृत करने का आश्वासन दिया। उन्होंने कंकालिन मंदिर परिसर में सुमधुर छत्तीसगढ़ी पंडवानी गायन का श्रवण भी किया। मंत्री  यादव अतिथियों के साथ सियादेवी मंदिर पहुँचकर मां सियादेवी का विधिवत पूजा-अर्चना किया। उन्होंने मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं एवं आम जनता के सुविधा हेतु निर्माण कार्य को पूरा करने के लिए हर संभव मदद उपलब्ध कराने का आश्वासन भी दिया। ग्राम झलमला स्थित गंगा मैया मंदिर पहुँचकर गंगा मैया का पूजा-अर्चना कर उनसे आशीर्वाद लिया। इस दौरान उन्होंने गंगा मैया मंदिर समिति के पदाधिकारियों से बातचीत कर मंदिर परिसर में सुविधाओं के विस्तार के संबंध में चर्चा की और हर संभव मदद उपलब्ध कराने का आश्वासन भी दिया। 

जीएसटी सुधारों से बढ़ेगा निवेशकों का विश्वास: रायपुर में बोले वित्त मंत्री ओ. पी. चौधरी

जीएसटी पर कटौती का लाभ आम जनता तक पहुँचाने हेतु राज्य जीएसटी का विशेष अभियान रायपुर छत्तीसगढ़ में जीएसटी दरों में कटौती का लाभ सीधे जनता तक पहुँचे, इसके लिए राज्य सरकार ने विशेष अभियान शुरू किया है। वित्त मंत्री  ओ. पी. चौधरी ने आज राजधानी के विभिन्न बाजारों का दौरा कर दुकानदारों और उपभोक्ताओं से संवाद किया तथा सुधारों का असर ज़मीनी स्तर पर सुनिश्चित करने की बात कही। इस अवसर पर विधायक अनुज शर्मा भी उपस्थित थे। वित्त मंत्री  चौधरी ने कहा कि जीएसटी सुधारों का असर सीधे जनता तक पहुँचना ही सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि राज्य जीएसटी विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को सख्त निर्देश दिये गये हैं कि वे प्रत्येक बाजार का नियमित भ्रमण करें और यह सुनिश्चित करें कि कटौती का लाभ केवल कागज़ों तक सीमित न रहे, बल्कि उपभोक्ताओं की जेब तक पहुँचे। उन्होंने आगे कहा कि छत्तीसगढ़ शासन का दृढ़ संकल्प है कि जीएसटी दरों के सरलीकरण और कटौती से आम जनता को सीधा लाभ मिले। सरकार की प्रतिबद्धता है कि लोगों को आवश्यक वस्तुएँ और भी किफायती दामों पर उपलब्ध हों तथा सुधारों का असर हर घर-परिवार में स्पष्ट रूप से महसूस किया जा सके। वित्त मंत्री ने कहा कि 22 सितंबर 2025 से नवरात्रि के पावन अवसर पर ‘जीएसटी बचत उत्सव’ की शुरुआत की गई है। इस उत्सव के अंतर्गत आमजन के उपयोग की वस्तुओं पर उल्लेखनीय कमी की गई है। इसमें हेयर ऑयल, साबुन, शैम्पू, इलेक्ट्रिकल एवं इलेक्ट्रॉनिक सामान, साइकिल, छोटी कारें, एयर कंडीशनर, टीवी, ट्रैक्टर जैसी कई घरेलू वस्तुएँ शामिल हैं। इन सभी पर आम जनता को सीधी राहत दी जा रही है। उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया कि वे बाजारों में भ्रमण के दौरान व्यापारी बंधुओं को दरों में कमी की पूरी जानकारी दें और उपभोक्ताओं से सीधा संवाद स्थापित करें। उन्हें यह समझाना आवश्यक है कि जीएसटी दरों में कटौती से वस्तुओं के दाम घटे हैं और यह राहत उपभोक्ताओं तक पहुँचना ही इस सुधार का उद्देश्य है। वित्त मंत्री  चौधरी ने कहा कि “जीएसटी बचत उत्सव केवल एक औपचारिक पहल नहीं है, बल्कि यह जनसामान्य के जीवन स्तर को सुधारने का एक ठोस प्रयास है। यह पहल राज्य की अर्थव्यवस्था को गति देगी, उपभोक्ताओं का विश्वास बढ़ाएगी और व्यापार को भी प्रोत्साहित करेगी।” उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने 15 अगस्त को लाल किले से राष्ट्र को संबोधित करते हुए जीएसटी दरों में कटौती और सरलीकरण की घोषणा की थी। इसके पश्चात् जीएसटी कौंसिल की 56वीं बैठक में लिये गये निर्णय के अनुसार 22 सितंबर 2025 से ये प्रावधान पूरे देश में लागू हो चुके हैं।

अटल पंचायत डिजिटल सुविधा केंद्र से ग्रामीणों को मिल रही बैंकिंग व अन्य सेवाओं का लाभ: मंत्री मती लक्ष्मी राजवाड़े

रायपुर : गांव-गांव में डिजिटल सशक्तिकरण: मंत्री मती लक्ष्मी राजवाड़े अटल पंचायत डिजिटल सुविधा केंद्र से ग्रामीणों को मिल रही बैंकिंग व अन्य सेवाओं का लाभ: मंत्री मती लक्ष्मी राजवाड़े रायपुर महिला एवं बाल विकास मंत्री मती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के डिजिटल इंडिया अभियान को गांव-गांव तक पहुंचाना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से जिले में अटल पंचायत डिजिटल सुविधा केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं, ताकि ग्रामीण अंचलों को बैंकिंग सहित सभी सीएससी सेवाएं पंचायत स्तर पर ही उपलब्ध हो सकें। मंत्री मती राजवाड़े सूरजपुर जिला पंचायत कार्यालय में आयोजित एक बैठक को संबोधित कर रही थीं। इस बैठक में जिले के सभी सरपंचों एवं सीएससी द्वारा अधिकृत वीएलई (Village Level Entrepreneur) उपस्थित रहे। बैठक में चर्चा की गई कि अटल पंचायत डिजिटल सुविधा केंद्र के माध्यम से ग्रामीणों को बैंकिंग सेवाएं, बिजली बिल भुगतान, पेंशन व बीमा योजनाएं, आधार व अन्य शासकीय योजनाओं की सेवाएं सीधे पंचायत स्तर पर उपलब्ध होंगी। मंत्री मती राजवाड़े ने कहा कि यह केंद्र ग्रामीणों की समय और संसाधन की बचत के साथ-साथ उन्हें डिजिटल सशक्तिकरण की दिशा में आगे बढ़ाएंगे। उन्होंने सरपंचों और वीएलई से अपील की कि वे पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ कार्य करते हुए अधिक से अधिक लोगों तक इन सेवाओं का लाभ पहुँचाएँ। बैठक में विधायक  भुलन सिंह मरावी, जिला पंचायत अध्यक्ष मती चंद्रमणि पैकरा, अन्य जनप्रतिनिधि एवं प्रशासनिक अधिकारी बड़ी संख्या में मौजूद रहे।

गुणवत्तायुक्त शिक्षा प्रदान करने सरकार कृत संकल्पित- शिक्षा मंत्री यादव

रायपुर प्रदेश के स्कूली शिक्षा, ग्रामोद्योग, विधि एवं विधायी मंत्री  गजेन्द्र यादव ने कहा कि राष्ट्र और समाज के सर्वांगीण विकास के लिए शिक्षा सबसे महत्वपूर्ण आधार है। गुणवत्तायुक्त शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए केन्द्र एवं राज्य सरकार कृत संकल्पित हैं। छत्तीसगढ़ सरकार इस दिशा में ठोस रणनीति बनाकर कार्य कर रही है, जिसके सकारात्मक परिणाम शीघ्र ही सामने आएंगे। नवरात्रि के पावन अवसर पर शिक्षा मंत्री  यादव ने गुरूरवासियों को नवनिर्मित शाला भवन की सौगात मिलने पर बधाई दी और बच्चों को प्रेरित करते हुए कहा  “जो पढ़ेगा, वही आगे बढ़ेगा।”          शिक्षा मंत्री  यादव ने गुरूर स्थित शासकीय बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के नवनिर्मित शाला भवन का लोकार्पण के अवसर पर उक्त विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि यह भवन 1 करोड़ 20 लाख रुपये की लागत से बनाया गया है। मंत्री  यादव ने गुरूर के शाला परिसर में डोम सहित कला मंच, सायकल स्टैण्ड तथा प्रार्थना स्थल में डोम निर्माण की घोषणा की। साथ ही स्वामी आत्मानंद शासकीय कन्या उत्कृष्ट विद्यालय गुरूर के प्रार्थना स्थल में भी डोम निर्माण की घोषणा की।        शिक्षा मंत्री  यादव ने कहा कि राज्य में शिक्षा गुणवत्ता सुनिश्चित करने हेतु 1 से 8 वीं तक के विद्यार्थियों के लिए अनिवार्य रूप से परीक्षा ली जाएगी। साथ ही 9 वीं से 12 वीं तक के लिए सभी विद्यालयों में अनिवार्य रूप से ई-कक्षाओं का संचालन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि नालंदा परिसरों में स्कूली बच्चों के साथ-साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं को भी ई-कोचिंग के माध्यम से उच्चस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएगी। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश की नई शिक्षा प्रणाली को दूरदर्शी बताते हुए  यादव ने कहा कि इसे दुनिया के 13 देशों में अपनाया जा चुका है। हाल ही में गुजरात जाकर वहाँ के उत्कृष्ट शिक्षा मॉडल का अध्ययन किया गया। उन्होंने बताया कि गुजरात में इसरो के सैटेलाइट के माध्यम से स्कूलों में बच्चों को अध्यापन कराया जा रहा है, जहाँ संबंधित विषय के शिक्षक उपलब्ध नहीं होते। इसी तर्ज पर छत्तीसगढ़ में भी शिक्षा की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के प्रयास किए जा रहे हैं।            कार्यक्रम में स्काउट-गाइड के विद्यार्थियों ने आकर्षक मार्च पास्ट प्रस्तुत किया, जिसकी मंत्री ने सराहना की। कार्यक्रम में विधायक मती संगीता सिन्हा, जिला पंचायत अध्यक्ष मती तारणी पुष्पेन्द्र चंद्राकर, जिला पंचायत उपाध्यक्ष  तोमन साहू, नगर पंचायत अध्यक्ष  प्रदीप साहू, वरिष्ठ जनप्रतिनिधि  यशवंत जैन,  चेमन देशमुख, पूर्व विधायक  प्रीतम साहू एवं पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष  राकेश यादव विशेष रूप से उपस्थित रहे। इस अवसर पर जिला शिक्षा अधिकारी सहित बड़ी संख्या में अधिकारी, शिक्षक-शिक्षिकाएँ, छात्र-छात्राएँ एवं गण्मान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

छत्तीसगढ़ केयर कनेक्ट : स्वास्थ्य, वेलनेस और पर्यटन निवेश का नया युग

रायपुर : प्रधानमंत्री मोदी जी के विज़न के साथ कदमताल करते हुए छत्तीसगढ़ विकसित भारत का हिस्सा बनेगा – मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय छत्तीसगढ़ केयर कनेक्ट : स्वास्थ्य, वेलनेस और पर्यटन निवेश का नया युग मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ केयर कनेक्ट कार्यक्रम में हुए शामिल छत्तीसगढ़ केयर कनेक्ट में 3,119 करोड़ का निवेश प्रस्ताव, 7000 से अधिक रोजगार के अवसर होंगे सृजित निवेश अनुकूल नई औद्योगिक नीति से छत्तीसगढ़ बन रहा है निवेशकों का पसंदीदा डेस्टिनेशन पिछले 10 महीने में प्रदेश सरकार को मिला लगभग 7 लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव पर्यटन के लिए प्रदेश में अधोसंरचनाओं का तेजी से हो रहा विकास हॉस्पिटैलिटी और हेल्थ सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देने छत्तीसगढ़ केयर कनेक्ट का आयोजन रायपुर छत्तीसगढ़ अब केवल कोर सेक्टर तक सीमित नहीं है, बल्कि आने वाले समय में यह वेलनेस, हेल्थकेयर और पर्यटन के क्षेत्र में भी राष्ट्रीय पहचान बनाएगा। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज ओमाया गार्डन, रायपुर में आयोजित छत्तीसगढ़ केयर कनेक्ट कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह बात कही।  मुख्यमंत्री  साय ने अपने उद्बोधन की शुरुआत शारदीय नवरात्रि की शुभकामनाओं से की और कहा कि यह आयोजन ऐसे समय में हो रहा है, जब प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में लागू जीएसटी 2.0 ने अर्थव्यवस्था को सरलता, पारदर्शिता और तेजी की दिशा में आगे बढ़ाया है। इस सुधार ने निवेशकों और उद्यमियों के लिए अभूतपूर्व अवसर खोले हैं। मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ केयर कनेक्ट कार्यक्रम में हुए शामिल मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के विज़न के साथ कदमताल करते हुए प्रदेश सरकार ने विकसित छत्तीसगढ़ का लक्ष्य रखा है। इस लक्ष्य को साकार करने के लिए पिछले डेढ़ वर्ष में 350 से अधिक सुधार लागू किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि अब हम इज ऑफ डूइंग बिज़नेस से आगे बढ़कर स्पीड आफ डूइंग बिज़नेस के युग में प्रवेश कर चुके हैं। मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ केयर कनेक्ट कार्यक्रम में हुए शामिल मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि नई औद्योगिक नीति छत्तीसगढ़ की प्रगति की आधारशिला है। इसी नीति ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है और यही कारण है कि मात्र एक वर्ष के भीतर प्रदेश को लगभग 7 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। इन प्रस्तावों से लाखों लोगों के लिए रोजगार के अवसर सृजित होंगे और सेवा क्षेत्र को नई पहचान मिलेगी।                  मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ केयर कनेक्ट में अस्पतालों और हेल्थकेयर क्षेत्र में 11 बड़े प्रस्ताव सामने आए हैं। इनमें रायपुर का गिन्नी देवी गोयल मणिपाल हॉस्पिटल (500 बेड), नीरगंगा हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर (450 बेड), बॉम्बे हॉस्पिटल (300 बेड) और माँ पद्मावती इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (750 बेड) जैसे बड़े प्रोजेक्ट शामिल हैं। स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में कुल मिलाकर 2,466 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश प्रस्तावित है, जिससे लगभग 6,000 नए रोजगार सृजित होंगे। मेडिसिटी से बनेगा मेडिकल हब मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि नवा रायपुर में विकसित हो रहा मेडिसिटी छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय स्तर का बड़ा मेडिकल हब बनाएगा। प्रदेश के विभिन्न जिलों के साथ-साथ पड़ोसी राज्यों से भी यहां मरीज आते हैं। मेडिसिटी के निर्माण से स्वास्थ्य सेवाएं और मजबूत होंगी और विश्वस्तरीय सुपर स्पेशलिटी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में  फार्मा सेक्टर में भी निवेश की अपार संभावनाएं हैं। प्रदेश सरकार फार्मा हब तैयार कर रही है, जहां एक ही स्थान पर अनेक फार्मा इंडस्ट्री अपना संचालन करेंगी। इससे प्रदेश में दवा उद्योग को नई दिशा मिलेगी और सुपर स्पेशियलिटी अस्पतालों के लिए आवश्यक दवाओं की आसान आपूर्ति सुनिश्चित होगी। होटल और पर्यटन क्षेत्र में निवेश मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर और जैव विविधता पर्यटन उद्योग के लिए अपार अवसर प्रस्तुत करती है। कार्यक्रम में होटल और पर्यटन क्षेत्र से भी 652 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इनमें वेस्टिन होटल रायपुर (212.7 करोड़ रुपये), होटल जिंजर, इन्फेरियन होटल एंड रिसॉर्ट, अम्यूजोरामा अम्यूज़मेंट पार्क एंड होटल जैसे बड़े नाम शामिल हैं। पर्यटन को उद्योग का दर्जा मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि पर्यटन को उद्योग का दर्जा दिया गया है और इससे निवेशकों को विशेष लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री ने आह्वान किया कि होटल, रिसॉर्ट, होम स्टे और मनोरंजन उद्योग से जुड़े उद्यमी प्रदेश की समृद्ध संस्कृति और प्रकृति का लाभ उठाकर पर्यटन को नई ऊँचाइयों तक ले जाएं। निवेश प्रक्रिया की सरलता मुख्यमंत्री  साय ने निवेशकों को भरोसा दिलाते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में सिंगल विंडो 'वन क्लिक' सिस्टम लागू है, जिसके कारण किसी भी उद्यमी को एनओसी के लिए भटकना नहीं पड़ता। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि दिल्ली में आयोजित इन्वेस्टर्स समिट के बाद पालीमैटेक कंपनी को तीन माह से भी कम समय में भूमि आवंटन और सभी स्वीकृतियाँ प्रदान कर दी गईं और उन्होंने 1,100 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट पर कार्य आरंभ कर दिया। नई तकनीक और एआई सेक्टर मुख्यमंत्री  साय ने बताया कि छत्तीसगढ़ एआई क्रांति का भी स्वागत कर रहा है। नवा रायपुर में एआई डाटा सेंटर पार्क का निर्माण किया जा रहा है, जो भविष्य में प्रदेश को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डाटा मैनेजमेंट का हब बनाएगा। यहां डाटा सेंटर से जुड़े उद्योगों के लिए निवेश की अपार संभावनाएं हैं। पावर हब की ओर कदम उन्होंने कहा कि विकसित भारत के निर्माण में ऊर्जा सबसे आवश्यक तत्व है। छत्तीसगढ़ देश का पावर हब बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। कोयला, खनिज और ऊर्जा उत्पादन में छत्तीसगढ़ की भूमिका पहले से ही महत्वपूर्ण रही है और आने वाले वर्षों में यह योगदान और भी बढ़ेगा। कनेक्टिविटी और लोकेशन का लाभ मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की सेंट्रल इंडिया लोकेशन इसे विशेष बनाती है। कच्चे माल की प्रचुर उपलब्धता, रेल, सड़क और हवाई मार्ग की मजबूत कनेक्टिविटी तथा प्रशिक्षित मानव संसाधन इसे निवेश के लिए आदर्श गंतव्य बनाते हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश में एयर कार्गो सेवा भी आरंभ हो चुकी है, जिससे व्यापार और तेज़ी से बढ़ेगा। सेवा क्षेत्र की नई पहचान मुख्यमंत्री ने जोर दिया कि अब छत्तीसगढ़ केवल स्टील, सीमेंट, पावर और एल्युमिनियम तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सेवा क्षेत्र से जुड़े उद्योगों की पहचान भी बनेगा। हेल्थकेयर, होटल, पर्यटन और एआई … Read more

राजस्थान से पंजाब का सफर आसान: उदयपुर-चंडीगढ़ के बीच पहली सीधी ट्रेन, देखें पूरा टाइमटेबल

रायपुर पर्यटन को बढ़ावा देने और दो प्रमुख शहरों को जोड़ने की दिशा में भारतीय रेलवे एक बड़ा कदम उठाने जा रहा है। उदयपुर और चंडीगढ़ के बीच पहली बार सीधी सुपरफास्ट ट्रेन सेवा की शुरुआत हो रही है। इस नई रेल सेवा का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 25 सितंबर को बांसवाड़ा से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए करेंगे। रेलवे प्रशासन की ओर से मिली जानकारी के अनुसार, इस मौके पर मावली जंक्शन और भीलवाड़ा स्टेशन पर भी स्थानीय जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। ट्रेन की टाइमिंग और दिन ट्रेन संख्या 20989 – उदयपुर से चंडीगढ़ चलने का दिन: हर बुधवार और शनिवार समय: दोपहर 4:05 बजे उदयपुर से रवाना पहुंचने का समय: अगले दिन सुबह 9:50 बजे चंडीगढ़ ट्रेन संख्या 20990 – चंडीगढ़ से उदयपुर चलने का दिन: हर गुरुवार और रविवार समय: सुबह 11:20 बजे चंडीगढ़ से रवाना पहुंचने का समय: अगले दिन सुबह 5:25 बजे उदयपुर नियमित संचालन कब से? 27 सितंबर 2025 से नियमित सेवाएं शुरू हो जाएंगी। यह सुपरफास्ट ट्रेन हर हफ्ते दो दिन चलेगी। किन शहरों को मिलेगा सीधा लाभ? यह नई ट्रेन न केवल राजस्थान के उदयपुर और पंजाब/हरियाणा की राजधानी चंडीगढ़ को सीधे जोड़ेगी, बल्कि मार्ग में पड़ने वाले कई प्रमुख स्टेशनों के यात्रियों को भी बेहतर कनेक्टिविटी देगी। इससे विशेष रूप से पर्यटकों, व्यापारियों और छात्रों को फायदा होगा। पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा उदयपुर और चंडीगढ़ दोनों ही अपने-अपने क्षेत्रों के प्रमुख पर्यटन स्थल हैं। ट्रेन सेवा शुरू होने से जहां राजस्थान से हिमाचल और पंजाब की ओर घूमने वालों की सुविधा बढ़ेगी, वहीं चंडीगढ़ व आसपास के यात्रियों को भी अब बिना किसी बदलाव के उदयपुर तक की सीधी यात्रा मिल सकेगी।