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कोल लेवी केस में ₹104 करोड़ का कनेक्शन, राजीव भवन तक पहुंची रकम; कई नेता-अफसर जांच के घेरे में

रायपुर  ईओडब्ल्यू ने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में हुए कोल लेवी घोटाले में सोमवार को विशेष अदालत में छठा पूरक आरोप पत्र दाखिल कर कई चौंकाने वाले दावे किए हैं। जांच एजेंसी ने दावा किया है कि कोयला परिवहनकर्ताओं से वसूले गए अवैध लेवी के 104.20 करोड़ रुपये रायपुर स्थित राजीव भवन (प्रदेश कांग्रेस कार्यालय) पहुंचाए गए। यह रकम तत्कालीन प्रदेश कांग्रेस कोषाध्यक्ष और नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल तक भेजी गई थी। जांच एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, जुलाई 2020 में खनिज विभाग की आनलाइन ई-परमिट प्रणाली में बदलाव कर जिला खनिज अधिकारी (डीएमओ) का मैन्युअल अनुमोदन अनिवार्य किया गया। इसके बिना डीओ जारी होना बंद कर दिया गया और परिवहन पर रोक लगा दी गई। इसी प्रशासनिक शिकंजे की आड़ में 25 रुपये प्रति टन की दर से अवैध कोयला लेवी की वसूली शुरू हुई। वसूली का मुख्य सूत्रधार सूर्यकांत तिवारी था, जो मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) और वरिष्ठ अफसरों के नाम का दुरुपयोग कर पूरा सिंडिकेट चला रहा था। किसे कितनी मिली अवैध रकम रामगोपाल अग्रवाल (तत्कालीन प्रदेश कांग्रेस कोषाध्यक्ष): डायरियों में दर्ज 'भवन' और 'सी पार्टी' कोडवर्ड की 32 प्रविष्टियों के जरिए कुल 104.20 करोड़ रुपये स्वीकार करने का आरोप। देवेंद्र सिंह यादव (पूर्व विधायक, भिलाई नगर): खैरागढ़ उपचुनाव और व्यक्तिगत उपयोग के लिए सहयोगी नवाज के माध्यम से 3 करोड़ रुपये लेने का विवरण। चंद्रदेव प्रसाद राय (पूर्व विधायक, बिलाईगढ़): नकद रकम और चुनावी खर्च के अलावा सूर्यकांत तिवारी द्वारा दिए गए लाखों रुपये के सोने के आभूषण प्राप्त किए। जयप्रकाश मौर्य (तत्कालीन संचालक, भौमिकी एवं खनिकर्म):सिंडिकेट को मदद पहुंचाने और पैलेट उद्योगों पर 100 रुपये प्रति टन वसूली के लिए दबाव बनाने के एवज में आर्थिक लाभ प्राप्त किया। विनोद तिवारी व रामप्रताप सिंह (कांग्रेस नेता): राजनीतिक प्रभाव और समन्वय के लिए क्रमशः 2.12 करोड़ रुपये और अन्य लेन-देन में सहभागिता के साक्ष्य। शेल कंपनियों और अचल संपत्तियों में निवेश जांच में सामने आया कि अवैध वसूली की रकम को छिपाने के लिए रानू साहू के भाई पियूष साहू, सौम्या चौरसिया के रिश्तेदार अनुराग चौरसिया और कारोबारी सुनील कुमार अग्रवाल (इंद्रमणि समूह) व जोगेंदर सिंह का सहारा लिया गया। फर्जी लोन,राइस मिलों के खातों और शेल कंपनियों के जरिए 10.77 करोड़ से अधिक की बैंक एंट्री कराई गई तथा बेनामी जमीनें, वाशरी और फ्लैट खरीदे गए। व्हाट्सएप चैट व डायरियों से खुले राज ईओडब्ल्यू ने जब्त हस्तलिखित डायरियों, फॉरेंसिक जांच रिपोर्ट, बैंक स्टेटमेंट्स और आरोपियों के बीच हुई व्हाट्सएप चैट को पुख्ता साक्ष्य बनाया है। डायरियों में दर्ज 'डी','आरपी', 'जेपी', 'चंद्रा', 'भगत' और 'एमयू' जैसे कोडवर्ड की पहचान जांच के दौरान उजागर हो चुकी है। चालान में शामिल आरोपियों की भूमिका 1. राम गोपाल अग्रवाल राम गोपाल अग्रवाल संबंधित अवधि में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कोषाध्क्ष एवं छत्तीसगढ़ नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष थे। जब्त डायरियों में ‘‘भवन’ एवं "C PARTY" के नाम से 32 प्रविष्टियों में कुल ₹104.20 करोड़ (एक सौ चार करोड़ बीस लाख रुपये) दर्ज हैं। विवेचना में यह रकम राजीव भवन पहुंचाए जाने तथा देवेन्द्र डडसेना के माध्यम से राम गोपाल अग्रवाल द्वारा पार्टी के लिए प्राप्त किए जाने के तथ्य मिले हैं। उनके परिवार से संबंधित कंपनियों के नाम भूमि खरीदी और रजिस्टी मूल्य के अतिरिक्त नकद भुगतान का विवरण भी चालान में शामिल है। 2. देवेन्द्र सिंह यादव भिलाई नगर विधायक देवेंद्र सिंह यादव एवं उनके लिए रकम प्राप्त करने वाले नवाज से संबंधित 11 डायरी प्रविष्टियों में कुल ₹3 करोड़ ;तीन करोड़ रुपयेद्ध दर्ज हैं। इनमें खैरागढ़ उपचुनाव के लिए भेजी गई रकम भी शामिल है। विवेचना में सूर्यकांत तिवारी की ओर से रकम प्राप्त करने तथा उसका उपयोग चुनाव संबंधी कार्यों और स्वयं के लिए करने में देवेंद्र सिंह यादव की भूमिका पाई गई है। 3. विनोद तिवारी विनोद तिवारी के नाम अथवा उनसे जुड़े नामों से जब्त डायरियों में 22 प्रविष्टियों में कुल दो करोड़ बारह लाख ग्यारह हजार रुपये (लगभग ₹2.12 करोड़) दर्ज हैं। विवेचना में सूर्यकांत तिवारी से नकद रकम प्राप्त करने और उसका उपयोग राजनीतिक कार्यों में करने के तथ्य मिले हैं। खैरागढ़ उपचुनाव की होर्डिंग के भुगतान तथा जिला पंचायत के पदाधिकारियों एवं सदस्यों के लिए रकम की व्यवस्था से संबंधित विवरण भी सामने आया है। 4. रामप्रताप सिंह जब्त डायरियों में "R P Singh" एवं "RP" नाम से रामप्रताप सिंह से संबंधित 25 प्रविष्टियों में कुल दो करोड़ बानवे लाख नब्बे हजार रुपये (लगभग ₹2.93 करोड़) दर्ज हैं। विवेचना में सूर्यकांत तिवारी से नकद रकम प्राप्त करने तथा उसे व्यक्तिगत खर्च, राजनीतिक कार्यों, मीडिया प्रबंधन और वाहन व्यवस्था में उपयोग करने में उनकी भूमिका पाई गई है। 5. चंद्रदेव प्रसाद राय तत्कालीन बिलाईगढ़ विधायक चंद्रदेव प्रसाद राय से संबंधित चार डायरी प्रविष्टियों में कुल ₹49.50 लाख (लगभग उनचास लाख पचास हजार रुपये) दर्ज हैं। विवेचना में सूर्यकांत तिवारी से नकद रकम प्राप्त करने और उसका उपयोग चुनाव संबंधी खर्चों में करने के तथ्य मिले हैं। इसके अलावा सूर्यकांत तिवारी द्वारा उन्हें आभूषण उपलब्ध कराए जाने का विवरण भी चालान में शामिल है। 6. जयप्रकाश मौर्य तत्कालीन संचालक, भौमिकी एवं खनिकर्म, जयप्रकाश मौर्य से संबंधित दो डायरी प्रविष्टियों में कुल ₹1 करोड़ (लगभग एक करोड़ रुपये) दर्ज हैं। विवेचना में सूर्यकांत तिवारी से नकद रकम प्राप्त करने, खनिज विभाग के मामलों में उसके साथ संपर्क रखने तथा अवैध वसूली की व्यवस्था में सहयोग करने में उनकी भूमिका पाई गई है। पैलेट उद्योगपतियों को ₹100 प्रति टन की रकम सूर्यकांत तिवारी अथवा उसके लोगों को देने के निर्देश दिए जाने का विवरण भी उनके विरुद्ध चालान में शामिल है। 7. पियूष कुमार साहू पियूष कुमार साहू की भूमिका अपनी बहन रानू साहू को कोयला लेवी से प्राप्त रकम अपने एवं परिवारजनों के नाम संपत्तियों में निवेश कराने में पाई गई है। परिवार से संबंधित 13 संपत्तियों की खरीदी में बैंक खातों से भुगतान के अलावा रजिस्टी मूल्य के अतिरिक्त नकद भुगतान भी किया गया। रकम के लेन-देन और संपत्ति खरीदी में उनके तथा परिवारजनों के बैंक खातों का उपयोग किया गया। 8. जोगेन्दर सिंह जोगेन्दर सिंह, सूर्यकांत तिवारी के व्यावसायिक भागीदार थे। विवेचना में जय अम्बे रोड लाइन्स के माध्यम से नकद रकम की व्यवस्था करने तथा अपनी फर्मों के खातों से बैंक प्रविष्टियां उपलब्ध कराने में उनकी भूमिका … Read more

विद्यार्थियों की मांग पर प्रार्थना शेड एवं मंच निर्माण के दिए निर्देश

रायपुर स्कूल की छुट्टी के बाद घर लौट रहे विद्यार्थियों के लिए सोमवार का दिन उस समय खास बन गया, जब स्कूल शिक्षा मंत्री  गजेन्द्र यादव अचानक उनके बीच पहुंचे और सहजता से बातचीत करने लगे। दुर्ग जिले में सेवा सेतु शिविर में शामिल होने ग्राम फेकारी पहुंचे मंत्री  यादव कार्यक्रम से लौटते समय सेलूद चौक स्थित हाईस्कूल के विद्यार्थियों से मिले। शिक्षा मंत्री को अपने बीच पाकर बच्चों में उत्साह दिखाई दिया और उन्होंने खुलकर अपनी पढ़ाई, स्कूल की गतिविधियों और आवश्यकताओं के बारे में चर्चा की। स्वामी आत्मानंद शासकीय विद्यालय, सेलूद की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए शिक्षा मंत्री  यादव ने स्कूल परिसर में साइकिल स्टैंड, बाउंड्रीवाल एवं वॉलीबॉल ग्राउंड के निर्माण की घोषणा की।   शिक्षा मंत्री  यादव ने विद्यार्थियों से पढ़ाई, तिमाही परीक्षा की तैयारी, स्कूल की गतिविधियों और खेल-कूद के बारे में जानकारी ली। आत्मीय संवाद के दौरान विद्यार्थियों ने स्कूल परिसर में प्रार्थना शेड एवं मंच निर्माण की आवश्यकता बताई। बच्चों की मांग पर मंत्री  यादव ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करते हुए प्रार्थना शेड एवं मंच निर्माण के निर्देश दिए।  शिक्षा मंत्री  यादव ने विद्यार्थियों से चर्चा करते हुए कहा कि आने वाला समय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और नई तकनीक का है। विद्यार्थियों को नियमित पढ़ाई के साथ तकनीकी ज्ञान में भी दक्ष होना चाहिए। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में गूगल, एक्सेल सहित विभिन्न संस्थाओं एवं कंपनियों के सहयोग से बच्चों को एआई जैसी आधुनिक तकनीकों के लिए तैयार करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। विद्यार्थियों के लिए इंग्लिश लर्निंग कोर्स शुरू करने की दिशा में भी प्रयास किए जा रहे हैं। इसके बाद शिक्षा मंत्री  गजेन्द्र यादव स्वामी आत्मानंद शासकीय विद्यालय, सेलूद पहुंचे और विद्यालय की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने प्राचार्य एवं शिक्षकों से शैक्षणिक व्यवस्था, उपलब्ध सुविधाओं और विद्यार्थियों की आवश्यकताओं के संबंध में जानकारी ली। प्राचार्य ने बताया कि विद्यालय में शौचालय निर्माण का कार्य पूर्ण हो चुका है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ बेहतर शैक्षणिक वातावरण, खेल सुविधाएं और आवश्यक आधारभूत संसाधन उपलब्ध कराना राज्य सरकार की प्राथमिकता है।

प्रथम SING फोरम 2026 में राज्य को ₹43,250 करोड़ के FDI निवेश की प्रतिबद्धताएं मिलीं

रायपुर  छत्तीसगढ़ ने आज भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था का प्रमुख केंद्र बनने की दिशा में एक बड़ा कदम बढ़ाते हुए सिंगापुर में आयोजित प्रथम सिंगापुर-इंडिया नेटवर्क फॉर ग्रोथ (SING) फोरम 2026 में ₹43,250 करोड़ के प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) की प्रतिबद्धताएं प्राप्त कीं। इनमें एआई-रेडी डेटा सेंटर कैंपस के लिए ₹41,750 करोड़ की एक बड़ी निवेश प्रतिबद्धता शामिल है। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने फोरम में राज्य के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया, जहां छत्तीसगढ़ भारत सरकार के विदेश मंत्रालय के नामांकन पर सहभागिता कर रहा था। यह महत्वपूर्ण निवेश प्रतिबद्धता सिंगापुर मुख्यालय वाली एनर्जी कैपिटल ग्लोबल प्राइवेट लिमिटेड की ओर से आई है, जो छत्तीसगढ़ में 100 मेगावाट क्षमता का एआई-रेडी डेटा सेंटर कैंपस स्थापित करेगी। एनर्जी कैपिटल ग्लोबल एशिया-प्रशांत क्षेत्र में ऑन-साइट स्वच्छ ऊर्जा से जुड़े एआई-रेडी डेटा सेंटर्स का विकास और वित्तपोषण करती है तथा इसकी उपस्थिति सिंगापुर, भारत, मलेशिया, कजाकिस्तान और ऑस्ट्रेलिया में है। मुख्यमंत्री ने फोरम में कंपनी को ‘इन्विटेशन टू इन्वेस्ट’ सौंपा। यह निवेश प्रतिबद्धता छत्तीसगढ़ में डिजिटल क्षेत्र में बढ़ती गतिविधियों को और गति देती है। राज्य में पहले से ही भारत का पहला एआई डेटा सेंटर पार्क स्थापित है। ये परियोजनाएं मिलकर छत्तीसगढ़ को भारत के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के एक उभरते केंद्र के रूप में स्थापित कर रही हैं। एनर्जी कैपिटल ग्लोबल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी  स्टानिस्लाव बोरिसोव ने कहा, “एआई इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए जिस ऊर्जा, भूमि और राजनीतिक इच्छाशक्ति की आवश्यकता है, वह आज छत्तीसगढ़ में उपलब्ध है। यह एमओयू एक दीर्घकालिक साझेदारी की शुरुआत है। हम मध्य भारत में सबसे बड़ा एआई-रेडी डेटा सेंटर कैंपस विकसित करने, राज्य में अंतरराष्ट्रीय पूंजी और विशेषज्ञता लाने तथा इसके संचालन के लिए छत्तीसगढ़ के इंजीनियरों को प्रशिक्षित करने की दिशा में आगे बढ़ने को लेकर उत्साहित हैं।” राज्य को सनस्ट्रीम ग्रीन एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड से सोलर क्षेत्र के साथ-साथ संबंधित बैटरी स्टोरेज और कंपोनेंट्स के लिए ₹1,500 करोड़ का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) प्रस्ताव भी प्राप्त हुआ।  मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि ये निवेश प्रतिबद्धताएं छत्तीसगढ़ की नीतियों, संभावनाओं और लोगों के प्रति विश्वास का प्रमाण हैं। उन्होंने कहा कि इससे राज्य के युवाओं के लिए नए अवसर सृजित होंगे और छत्तीसगढ़ को विकसित छत्तीसगढ़ के लक्ष्य के और करीब ले जाने में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री ने हरियाणा के मुख्यमंत्री  नायब सिंह सैनी के साथ एक फायरसाइड चैट में भी हिस्सा लिया, जिसका संचालन सिंगापुर बिजनेस फेडरेशन द्वारा किया गया। छत्तीसगढ़ का पक्ष प्रभावी ढंग से रखते हुए उन्होंने कहा, “हम बंद कमरों में चर्चा करके सुधार नहीं लाते। हम सीधे उद्योग जगत से उनकी कठिनाइयों के बारे में पूछते हैं और उसके अनुरूप अपनी व्यवस्थाओं में बदलाव करते हैं। 450 से अधिक सुधार किए जा चुके हैं और यह ‘रिफॉर्म एक्सप्रेस’ तब तक नहीं रुकेगी, जब तक लोग स्वयं यह न कहें कि अब और सुधार की आवश्यकता नहीं है।” उन्होंने कहा कि सुधारों, प्रगतिशील औद्योगिक नीति और सक्रिय सरकार के इस संयोजन के कारण छत्तीसगढ़ को केवल 18 महीनों में ₹8 लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। सिंगापुर सरकार के विदेश मंत्रालय तथा व्यापार एवं उद्योग मंत्रालय की राज्य मंत्री सु गैन सियो ह्वांग फोरम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। उनकी उपस्थिति ने भारतीय राज्यों के साथ आर्थिक संबंधों को और गहरा करने को सिंगापुर द्वारा दिए जा रहे महत्व को रेखांकित किया। मास्टरकार्ड, आईएचसीएल (ताज होटल्स) और नेस्ले सहित वैश्विक कंपनियों के वरिष्ठ नेतृत्व ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। फोरम के इतर मुख्यमंत्री ने एक्वाटेक और एड्रॉइट ओवरसीज प्राइवेट लिमिटेड के साथ अलग-अलग बैठकें कीं। इन चर्चाओं में उद्योगों के लिए अपशिष्ट जल के पुनः उपयोग से संबंधित अधोसंरचना और छत्तीसगढ़ में खाद्य प्रसंस्करण के व्यापक अवसरों पर ध्यान केंद्रित किया गया। मुख्यमंत्री 6 अक्टूबर 2026 को CEO राउंडटेबल में सिंगापुर की प्रमुख कंपनियों और निवेश संस्थानों के शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात करेंगे और फोरम से बनी निवेश की गति को आगे बढ़ाएंगे।

नर्सिंग स्टाफ ने खोला मोर्चा, ग्रेड-पे बढ़ाने की मांग को लेकर 7 अक्टूबर से चरणबद्ध आंदोलन

रायपुर. प्रदेशभर के स्वास्थ्य संस्थानों में कार्यरत नर्सिंग स्टाफ ने ग्रेड पे बढ़ाए जाने की मांग को लेकर चरणबद्ध आंदोलन का ऐलान किया है। एसोसिएशन के मुताबिक 7 अक्टूबर 2026 से चरणबद्ध विरोध प्रदर्शन शुरू किया जाएगा। पहले चरण में 7 अक्टूबर को भोजन अवकाश के दौरान प्रदेश के ब्लॉक और जिला स्तर पर स्वास्थ्य संस्थानों के बाहर धरना प्रदर्शन किया जाएगा। इसके बाद मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव के नाम का ज्ञापन अपने संस्था प्रमुख तथा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी और जिला कलेक्टर को सौंपा जाएगा। आंदोलन के अगले चरण में 30 अक्टूबर 2026 को राजधानी रायपुर में प्रदेश स्तरीय धरना-प्रदर्शन और महारैली प्रस्तावित है। एसोसिएशन ने बड़ी संख्या में नर्सिंग स्टाफ के इस प्रदर्शन में शामिल होने की बात कही है। वहीं, मांगों पर समाधान नहीं होने की स्थिति में 18 नवंबर 2026 से अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू करने की घोषणा की गई है। संघ की प्रदेश अध्यक्ष सुमन शर्मा ने बताया कि नर्सिंग स्टाफ का ग्रेड पे बढ़ाए जाने की मांग को लेकर 2018 में आंदोलन किया गया था। आंदोलन के दौरान नर्सेस को जेल में ठूंस दिया गया था। कठोर यातनाएं दी गईं थी, जिसके पश्चात नर्सेस की लंबित मांगों के निराकरण के लिए शासन द्वारा कमेटी गठन कर ग्रेड पे बढ़ाने संबंधी अनुशंसाएं की गई थी, लेकिन वह अनुशंसा आज 8 साल बीत जाने के बावजूद लागू नहीं की गई। उन्होंने कहा, नर्सों ने विगत कई वर्षों से लिखित, मौखिक अनेक निवेदन और पत्राचार मंत्रियों अधिकारियों से किया है, लेकिन एक भी मांग आज तक पूरी नहीं हुई। मांगों के निराकरण न होने की दशा में 2023 में भी नर्सेस द्वारा छत्तीसगढ़ हेल्थ फेडरेशन के बैनर तले आंदोलन किया गया। फिर भी कोई निराकरण नहीं हुआ। बदले में 2500 से भी अधिक कर्मचारियों को निलंबन और बर्खास्तगी की सजा भुगतनी पड़ी थी। ऐसे में अब प्रदेशभर के स्टाफ नर्स और नर्सिंग संवर्ग के कर्मचारी निराश और आक्रोशित होकर आंदोलन का रुख करने को विवश हो रहे हैं। नर्सों ने इस बार स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारियों को पत्र लिखकर चेतावनी दी है कि अगर इस बार ग्रेड पे में वृद्धि नहीं की गई तो 30 अक्टूबर को प्रदेशभर की नर्सेस राजधानी में विशाल महारैली का आयोजन करेंगे। दिवाली तक उनकी मांगें नहीं मानी गई तो उसके बाद अनिश्चितकालीन आंदोलन का आगाज होगा। इससे स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होंगी। इसकी सूचना सरकार को दे दी गई है।

विभिन्न राज्यों के सड़क निर्माण से जुड़े विभागों के मंत्री, अधिकारी, विशेषज्ञ एवं नीति निर्माता भूमि अधिग्रहण में तेजी, परियोजना क्रियान्वयन, सुरक्षित डिजाइन और गुणवत्ता पर करे रहे मंथन

रायपुर उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री  अरुण साव गुजरात के नर्मदा में आज से शुरू हुए सड़क एवं राष्ट्रीय राजमार्ग पर दो दिवसीय राष्ट्रीय चिंतन शिविर में शामिल हुए। केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा “गतिशक्ति से प्रगति” थीम पर इसका आयोजन किया गया है। केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री  नितिन गडकरी ने चिंतन शिविर का शुभारंभ किया। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्य मंत्री  हर्ष मल्होत्रा भी इस दौरान मौजूद थे। देश के विभिन्न राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के सड़क निर्माण से जुड़े विभागों के मंत्री, अधिकारी, विशेषज्ञ एवं नीति निर्माता इस राष्ट्रीय चिंतन शिविर में भागीदारी कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ की ओर से उप मुख्यमंत्री  साव के साथ लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता  वी.के. भतपहरी, अपर सचिव  एस.एन. वास्तव और राष्ट्रीय राजमार्ग परिक्षेत्र के मुख्य अभियंता  ज्ञानेश्वर कश्यप भी चिंतन शिविर में हिस्सा ले रहे हैं। चिंतन शिविर में भाग ले रहे विभिन्न राज्यों के मंत्रियों, अधिकारियों, विशेषज्ञों एवं नीति निर्माताओं ने आज तीन सत्रों में भविष्य में बनने वाले राष्ट्रीय राजमार्गों की डिजाइन, गुणवत्ता, रोड सेफ्टी और परियोजना प्रबंधन पर विस्तार से चर्चा की। उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ में रायपुर से जगदलपुर, बिलासपुर से रायगढ़, कटघोरा से अंबिकापुर और रायपुर से सारंगढ़ तक फोरलेन राष्ट्रीय राजमार्गों की कार्ययोजना पर काम किया जा रहा है।  चिंतन शिविर में निर्धारित किए जाने वाले फ्रेमवर्क्स से इन परियोजनाओं के क्रियान्वयन में सहायता मिलेगी। राष्ट्रीय चिंतन शिविर के पहले दिन आज विभिन्न सत्रों में “पीएम गतिशक्ति—समन्वित और प्रभावी परियोजना क्रियान्वयन के लिए एकीकृत अधोसंरचना नियोजन”, “भूमि अधिग्रहण में तेजी और भूमि राशि का प्रभावी उपयोग” तथा “सुदृढ़ परियोजना क्रियान्वयन और रेटिंग के लिए मॉडल कंसेशन एग्रीमेंट फ्रेमवर्क” पर गहन विचार-विमर्श किया गया। चिंतन शिविर के दूसरे दिन 6 अक्टूबर को “सुरक्षित राजमार्गों का डिजाइन—मानकों से क्रियान्वयन तक” और “गुणवत्ता आश्वासन एवं परियोजना मॉनिटरिंग” पर मंथन किया जाएगा।

राजनांदगांव में रेलवे के विकास कार्यों को मिलेगी गति : डॉ. रमन सिंह

राजनांदगांव  छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष एवं राजनांदगांव विधायक डॉ. रमन सिंह जी ने राजनांदगांव में रेलवे से जुड़े विभिन्न विकास कार्यों को लेकर SECR महाप्रबंधक (GM)  तरुण प्रकाश जी, महापौर  मधुसूदन यादव जी, पूर्व सांसद  अभिषेक सिंह जी, नागपुर DRM  दीपक गुप्ता जी एवं रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में राजनांदगांव शहर में रेलवे क्रॉसिंग से जुड़ी यातायात एवं आवागमन की समस्याओं के समाधान के लिए चल रहे एवं प्रस्तावित कार्यों की विस्तार से समीक्षा की गई। चिखली गेट (स्टेशन पारा) LC-460 एवं गौरीनगर गेट LC-459 पर अंडरब्रिज निर्माण का कार्य समाप्ति के चरण में है। कुछ कारणों से यह कार्य बीच में रुक गया था। रेलवे अधिकारियों ने आश्वस्त किया कि रुके हुए कार्य को जल्द पुनः प्रारंभ कर शीघ्र पूर्ण किया जाएगा। बैठक में बरगा, मुसरा एवं आलीवाड़ा क्षेत्र के रेलवे ओवरब्रिज की स्थिति पर भी चर्चा हुई। हाल ही में तेज बारिश के कारण ओवरब्रिज में आई दरारों को लेकर डॉ. रमन सिंह ने तत्काल जांच कर आवश्यक मरम्मत कार्य शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। साथ ही बरगा रेलवे ओवरब्रिज में सर्विस रोड निर्माण के लिए आवश्यक कार्रवाई जल्द पूर्ण करने के भी दिशानिर्देश दिए गए, ताकि क्षेत्रवासियों को सुरक्षित एवं सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके। बैठक में परमालकसा रेलवे क्रॉसिंग पर ओवरब्रिज निर्माण की आवश्यकता का विषय भी प्रमुखता से रखा गया। वर्तमान में ग्रामीण पानी निकासी के लिए बनी पुलिया के माध्यम से रेलवे पटरी पार करते हैं। रेलवे ट्रैक के दूसरी ओर खेत एवं स्कूल होने के कारण ग्रामीणों और विद्यार्थियों को प्रतिदिन आवागमन में परेशानी होती है। बारिश के दौरान पुलिया में पानी भर जाने से यह समस्या और गंभीर हो जाती है। डॉ. रमन सिंह ने कहा कि राजनांदगांव में रेलवे से जुड़े विकास कार्य केवल यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि ये आम नागरिकों की सुरक्षा, सुविधा और क्षेत्र के समग्र विकास से सीधे जुड़े हैं। अंडरब्रिज, ओवरब्रिज और सर्विस रोड जैसे कार्यों में अनावश्यक विलंब न हो, इसके लिए रेलवे अधिकारियों के साथ लगातार समन्वय कर कार्यों को गति दी जाएगी। उन्होंने कहा कि राजनांदगांव की जनता को सुरक्षित, सुगम और बेहतर आवागमन की सुविधा उपलब्ध कराना प्राथमिकता है। जनहित से जुड़े रेलवे के आवश्यक कार्यों की नियमित समीक्षा करते हुए उनके शीघ्र क्रियान्वयन के लिए हर स्तर पर प्रयास किए जाएंगे।

कोयला घोटाला केस में कोर्ट पहुंची विधायक देवेंद्र यादव की टीम, चंद्रदेव राय और विनोद तिवारी भी साथ

रायपुर. कथित कोयला घोटाला में आज आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) की स्पेशल कोर्ट में आरोपियों की पेशी है. सुनवाई के लिए आरोपी बनाए गए कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव, पूर्व विधायक चन्द्रदेव राय और कांग्रेस नेता विनोद तिवारी कोर्ट पहुंचे. मामले में ACB-EOW ने 9 आरोपियों को समन जारी किया था. मामले में आज अंतिम चालान पेश किए जाने की संभावना है. कोर्ट पहुंचने के दौरान विधायक देवेंद्र यादव ने प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें न्यायालय पर पूरा भरोसा है, लेकिन प्रदेश की सरकार पर न तो जनता को भरोसा है, और न ही उन्हें. लंबे समय की जांच के बाद अब चार्जशीट पेश की जा रही है. उन्होंने सरकार को कुशासन की सरकार बताते हुए कहा कि वे कांग्रेस और राहुल गांधी के सिपाही हैं, और अपनी लड़ाई जारी रखेंगे. जेल की सलाखें भी पहले उनका हौसला नहीं तोड़ पाईं, ऐसे में यह षड्यंत्र उनका हौसला क्या तोड़ेगा. चिंतामणि को लेकर बीजेपी पर साधा निशाना वहीं चिंतामणि महाराज को लेकर भी देवेंद्र यादव ने बीजेपी पर निशाना साधा. उन्होंने आरोप लगाया कि जांच की शुरुआत में चिंतामणि महाराज का नाम FIR में प्रमुखता से था, लेकिन बीजेपी में शामिल होने के बाद उनका नाम ही गायब हो गया. ये बीजेपी की स्कीम है, बीजेपी में शामिल होने के बाद मामले खत्म हो जाने का यह जीता-जागता उदाहरण है. क्या है कोयला घोटाला छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित कोल लेवी प्रकरण साल 2020 से 2022 के दौरान कोयला परिवहन पर लगाया गया अवैध शुल्क था. जांच एजेंसियों के अनुसार, राज्य में ऑनलाइन ई-परमिट प्रणाली में बदलाव कर मैन्युअल अनापत्ति प्रमाण पत्र व्यवस्था लागू की गई थी. इसके तहत खदानों से कोयला निकालने और उसके सुचारू परिवहन के एवज में प्रति टन 25 रुपए की दर से अवैध वसूली (कोल लेवी) करने का एक समानांतर सिंडिकेट खड़ा किया गया था. इस प्रक्रिया से प्रतिदिन करोड़ों रुपये की काली कमाई जुटाई जाती थी, जिसका एक बड़ा हिस्सा अधिकारियों, बिचौलियों और राजनीतिक संरक्षण देने वाले व्यक्तियों के बीच नियमित रूप से वितरित किया जाता था. 500 करोड़ रुपए से अधिक की काली कमाई जांच एजेंसियों के अनुसार, वर्ष 2020 से 2022 के दौरान प्रति टन 25 रुपए की अवैध लेवी वसूली के जरिए लगभग 500 से 540 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध राशि एकत्रित किए जाने का अनुमान लगाया गया है. जांच रिपोर्टों में यह दावा किया गया है कि इस काली कमाई में से प्रतिदिन 2 से 3 करोड़ रुपये की वसूली की जाती थी, जिसका एक बड़ा हिस्सा बेनामी संपत्तियों की खरीद, राजनेताओं के चुनावी व व्यक्तिगत खर्चों तथा प्रशासनिक अधिकारियों में वितरण के लिए इस्तेमाल किया गया.

‘सरकार आपके द्वार’ शिविर में मिली नए घर की चाबी, चेहरे पर छलकी वर्षों के इंतजार की खुशी

मिट्टी की दीवारों से पक्के आशियाने तक: राजा राम के वर्षों पुराने सपने को प्रधानमंत्री आवास योजना ने दिया आकार ‘सरकार आपके द्वार’ शिविर में मिली नए घर की चाबी, चेहरे पर छलकी वर्षों के इंतजार की खुशी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘हर गरीब को पक्का आवास’ के संकल्प को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में मिल रही जमीनी मजबूती रायपुर,  कभी मिट्टी की दीवारों वाला घर ही राजा राम पोर्ते और उनके परिवार की मजबूरी था। बारिश के दिनों में घर की चिंता, ठंड में मुश्किलें और मौसम की मार के बीच परिवार की सुरक्षा की फिक्र हमेशा बनी रहती थी। मन में एक सपना जरूर था कि कभी उनका भी अपना पक्का घर होगा, जिसकी मजबूत छत के नीचे परिवार सुरक्षित और सुकून से रह सकेगा। लेकिन कमजोर आर्थिक स्थिति के कारण यह सपना वर्षों तक सपना ही बना रहा। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले की ग्राम पंचायत बस्ती के निवासी राजा राम पोर्ते के जीवन में बदलाव की शुरुआत तब हुई, जब उनका नाम प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण में शामिल हुआ। वर्षों से मन में संजोए पक्के आशियाने के सपने को पूरा करने का रास्ता खुला तो राजा राम और उनके परिवार की उम्मीदों को जैसे नए पंख मिल गए। योजना का लाभ मिलने के बाद उन्होंने बिना समय गंवाए पूरी लगन और मेहनत के साथ अपने आवास का निर्माण शुरू किया। कुछ ही महीनों में उनका पक्का मकान बनकर तैयार हो गया। जो कभी सपना था, आज वही परिवार की खुशियों का ठिकाना आज राजा राम का पक्का घर केवल ईंट, सीमेंट और छत से बना एक ढांचा नहीं है, बल्कि उनके परिवार के लिए वर्षों के संघर्ष के बाद मिली सुरक्षा, सम्मान और सुकून की नई पहचान है। मिट्टी के पुराने घर में बारिश, ठंड और बदलते मौसम के दौरान परिवार को कई परेशानियों का सामना करना पड़ता था। पक्का आवास बनने के बाद इन चिंताओं से काफी हद तक मुक्ति मिली है। अब परिवार एक सुरक्षित और बेहतर वातावरण में जीवन बिता रहा है। राजा राम के लिए अपने पक्के घर की सबसे बड़ी खुशी यह है कि अब परिवार को मौसम बदलने के साथ घर की मजबूती की चिंता नहीं करनी पड़ती। जिस छत का सपना उन्होंने वर्षों तक देखा था, आज उसी छत के नीचे परिवार के साथ उनका नया जीवन शुरू हो चुका है। हाथों में आई चाबी तो आंखों के सामने साकार हुआ वर्षों पुराना सपना इस खुशी को और यादगार बनाया सेवा सेतु अभियान के तहत आयोजित ‘सरकार आपके द्वार’ शिविर ने। ग्राम बस्ती में आयोजित शिविर के दौरान राजा राम पोर्ते को उनके नए आवास की चाबी सौंपी गई। हाथों में नए घर की चाबी आते ही वर्षों से मन में संजोया सपना जैसे एक पल में आंखों के सामने साकार हो गया। वह चाबी केवल एक मकान का दरवाजा खोलने वाली चाबी नहीं थी, बल्कि राजा राम और उनके परिवार के लिए बेहतर भविष्य, सुरक्षा और सम्मान के नए जीवन का द्वार खोलने वाली चाबी बन गई। राजा राम कहते हैं कि कमजोर आर्थिक स्थिति के कारण पक्का मकान बनाना उनके लिए आसान नहीं था। परिवार की रोजमर्रा की जरूरतों के बीच इतनी बड़ी राशि जुटा पाना संभव नहीं था। प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण ने उनके इस अधूरे सपने को पूरा करने का अवसर दिया। गरीब परिवारों के पक्के आवास के सपने को मिल रहा आधार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के माध्यम से जरूरतमंद ग्रामीण परिवारों को पक्का आवास उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व वाली राज्य सरकार भी पात्र परिवारों तक आवास योजना का लाभ पहुंचाने को प्राथमिकता दे रही है। केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से राजा राम पोर्ते जैसे जरूरतमंद परिवारों के लिए पक्का घर केवल एक आकांक्षा नहीं रह गया है, बल्कि वास्तविकता में बदल रहा है। शासन की योजना जब जरूरतमंद परिवार तक पहुंचती है तो उसका असर केवल मकान के निर्माण तक सीमित नहीं रहता, बल्कि वह परिवार को सुरक्षा, सम्मान और बेहतर भविष्य का भरोसा भी देती है। ‘सरकार आपके द्वार’ से योजनाओं को मिल रही अंतिम छोर तक पहुंच मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सरकार द्वारा जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाने और उनकी समस्याओं का स्थानीय स्तर पर समाधान सुनिश्चित करने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। सेवा सेतु अभियान के तहत ‘सरकार आपके द्वार’ शिविर इसी उद्देश्य को आगे बढ़ा रहे हैं। इन शिविरों के माध्यम से शासन-प्रशासन ग्रामीणों के बीच पहुंचकर उनकी समस्याओं और जरूरतों से रूबरू होने के साथ पात्र हितग्राहियों को विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित कर रहा है। ग्राम बस्ती में राजा राम को नए आवास की चाबी सौंपा जाना इसी प्रयास की एक सुखद तस्वीर है। यह उस भरोसे को मजबूत करता है कि शासन की योजनाएं जब अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचती हैं, तो वे उसके जीवन में वास्तविक बदलाव का माध्यम बनती हैं। मिट्टी के घर की चिंता पीछे छूटी, अब भविष्य की नई उम्मीद नए घर में प्रवेश के साथ राजा राम और उनके परिवार के जीवन का एक नया अध्याय शुरू हुआ है। मिट्टी की कमजोर दीवारों और मौसम की चिंताओं से जुड़ी पुरानी यादें अब पीछे छूट रही हैं। उनकी जगह पक्की दीवारों की सुरक्षा, अपने घर का सुकून और बेहतर भविष्य का विश्वास ले रहा है। अपने परिवार के साथ पक्के घर में खुशहाल जीवन की शुरुआत करने वाले राजा राम पोर्ते ने प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण का लाभ मिलने पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त किया है। एक पक्का घर किसी गरीब परिवार के लिए केवल चार दीवारें और एक छत नहीं होता। वह उसकी वर्षों की मेहनत और उम्मीदों का ठिकाना, परिवार की सुरक्षा का भरोसा और सम्मान के साथ जीवन जीने का आधार होता है। कभी मिट्टी की दीवारों के बीच देखा गया राजा राम का सपना आज पक्के आशियाने में बदल चुका है और इस आशियाने की नई छत के नीचे अब उनका परिवार भविष्य के नए सपने देख रहा है।  

ढाबे पर कार्रवाई के दौरान रायपुर में हंगामा, संचालक ने खुद पर पेट्रोल डालकर दी धमकी

रायपुर. राजधानी रायपुर के सड्डू स्थित प्रिंस ढाबे में सोमवार को उस समय गहमागहमी की स्थिति बन गई, जब प्रशासन की टीम बड़ी संख्या में पुलिस बल के साथ ढाबे को अवैध बताकर तोड़ने पहुंची। इस दौरान ढाबा संचालक ने खुद पर पेट्रोल उड़ेल लिया, जिसके बाद प्रशासन ने स्थिति को देखते हुए कार्रवाई को स्थगित कर दिया। ढाबा संचालक ने लगाए आरोप प्रशासन द्वारा ढाबे को अवैध बताते हुए तोड़ने की कार्रवाई शुरू की जा रही थी। कार्रवाई के दौरान ढाबा संचालक और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच बातचीत हुई। मुख्य विवाद ढाबे की जमीन के सीमांकन को लेकर सामने आया। ढाबा संचालक ने आरोप लगाया कि बिना सीमांकन किए ही प्रशासन द्वारा कार्रवाई की जा रही है। संचालक का यह भी आरोप है कि मामला कोर्ट में विचाराधीन होने के बावजूद प्रशासन कार्रवाई कर रहा है। इसी मुद्दे को लेकर मौके पर अधिकारियों और ढाबा संचालक के बीच काफी देर तक बातचीत होती रही। ढाबा संचालक ने खुद पर उड़ेला पेट्रोल कार्रवाई के विरोध में ढाबा संचालक ने खुद पर पेट्रोल उड़ेल लिया और आग लगाने की कोशिश की, जिससे हड़कंप मच गया। स्थिति को देखते हुए मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। कोर्ट के ऑर्डर तक कार्रवाई स्थगित प्रशासन ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कार्रवाई को स्थगित कर दिया है। इस मामले में तहसीलदार का कहना है कि कोर्ट का ऑर्डर आने तक कार्रवाई को स्थगित किया गया है।

EWS-LIG आवास के लिए छत्तीसगढ़ की बड़ी पहल को राष्ट्रीय सम्मान, CM साय ने बताया उपलब्धि

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सबके लिए आवास’ के संकल्प को छत्तीसगढ़ पूरी प्रतिबद्धता से कर रहा साकार – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जमीन से लेकर किफायती घर तक प्रभावी व्यवस्था खड़ी करने के प्रयासों को मिला सम्मान – उप मुख्यमंत्री अरुण साव ईडब्ल्यूएस-एलआईजी के लिए भूमि आरक्षण और किफायती आवास उपलब्ध कराने में छत्तीसगढ़ की पहल को राष्ट्रीय सम्मान विश्व पर्यावास दिवस पर नई दिल्ली के विज्ञान भवन में छत्तीसगढ़ पुरस्कृत प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत छत्तीसगढ़ की ‘बेस्ट प्रैक्टिस’ को मिली राष्ट्रीय पहचान निजी कॉलोनियों में भूमि आरक्षण से 25,413 आवासों के लिए बिना सरकारी खर्च के उपलब्ध हुई जमीन रायपुर   आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) और निम्न आय वर्ग (LIG) के परिवारों को किफायती एवं सम्मानजनक आवास उपलब्ध कराने की दिशा में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा किए जा रहे नवाचारों और प्रभावी कार्यप्रणाली को राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी पहचान मिली है।  ईडब्ल्यूएस-एलआईजी वर्ग के लिए भूमि आरक्षण तथा एएचपी (Affordable Housing in Partnership) के माध्यम से आवास उपलब्ध कराने की उत्कृष्ट कार्यप्रणाली (Best Practice) के लिए भारत सरकार के आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय ने छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कृत किया है। विश्व पर्यावास दिवस के अवसर पर आज नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित समारोह में केंद्रीय आवासन और शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू ने छत्तीसगढ़ को यह पुरस्कार प्रदान किया। राज्य की ओर से नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा तथा राज्य शहरी विकास अभिकरण (SUDA) के मुख्य कार्यपालन अधिकारी-सह-राज्य मिशन संचालक, प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) सुमित अग्रवाल ने सम्मान ग्रहण किया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार शहरी क्षेत्रों में आर्थिक रूप से कमजोर और निम्न आय वर्ग के परिवारों के लिए आवास की उपलब्धता बढ़ाने के साथ ही उन्हें बेहतर नागरिक सुविधाओं से युक्त सम्मानजनक जीवन प्रदान करने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। उप मुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव के मार्गदर्शन में विभाग द्वारा आवासीय परियोजनाओं की स्वीकृति, भूमि की उपलब्धता, निर्माण की गुणवत्ता और समयबद्ध पूर्णता तक प्रत्येक स्तर पर प्रभावी निगरानी की जा रही है। हर पात्र परिवार को पक्का आवास हमारा संकल्प मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस राष्ट्रीय उपलब्धि के लिए नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग, SUDA तथा नगरीय निकायों की पूरी टीम को बधाई दी है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) में छत्तीसगढ़ की कार्यप्रणाली को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिलना पूरे प्रदेश के लिए गौरव का विषय है। आर्थिक रूप से कमजोर और निम्न आय वर्ग के परिवारों के लिए भूमि आरक्षण तथा एएचपी के माध्यम से किफायती आवास उपलब्ध कराने की हमारी पहल को मिली यह पहचान राज्य सरकार की जनकल्याण के प्रति प्रतिबद्धता और परिणामोन्मुख कार्यशैली का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के ‘सबके लिए आवास’ के संकल्प को छत्तीसगढ़ पूरी प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ा रहा है। पक्का घर केवल चार दीवारें और छत नहीं, बल्कि एक परिवार की सुरक्षा, सम्मान और बेहतर भविष्य का आधार है। राज्य सरकार का प्रयास है कि प्रदेश का कोई भी पात्र परिवार पक्के आवास से वंचित न रहे और जरूरतमंद परिवारों को मूलभूत सुविधाओं से युक्त बेहतर आवास उपलब्ध हो। 25,413 आवासों के लिए बिना सरकारी खर्च के मिली जमीन शहरी क्षेत्रों में गरीब और निम्न आय वर्ग के लिए आवास निर्माण की सबसे बड़ी चुनौतियों में भूमि की उपलब्धता प्रमुख रही है। छत्तीसगढ़ सरकार ने इस चुनौती के समाधान के लिए निजी कॉलोनियों में ईडब्ल्यूएस और एलआईजी वर्ग के लिए भूमि आरक्षण के प्रावधान को प्रभावी ढंग से लागू किया है। इस व्यवस्था के परिणामस्वरूप राज्य में 25 हजार 413 आवासों के निर्माण के लिए बिना सरकारी खर्च के भूमि उपलब्ध हुई है। इनमें प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 1.0 के अंतर्गत 17 हजार 790 और प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के अंतर्गत 7 हजार 623 आवास शामिल हैं। इस पहल की विशेषता यह है कि कमजोर एवं निम्न आय वर्ग के परिवारों के लिए आवास केवल शहरों के बाहरी क्षेत्रों तक सीमित न रहकर नियोजित कॉलोनियों और विकसित शहरी क्षेत्रों का हिस्सा बन रहे हैं। इससे लाभार्थी परिवारों को सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा सहित अन्य आवश्यक शहरी सुविधाओं तक बेहतर पहुंच सुनिश्चित करने का मार्ग प्रशस्त हुआ है। भूमि से लेकर आवास तक छत्तीसगढ़ ने विकसित की प्रभावी व्यवस्था राज्य सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत एएचपी मॉडल के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया है। भूमि की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ ही परियोजनाओं की स्वीकृति, निर्माण की प्रगति, गुणवत्ता और समयबद्ध पूर्णता की नियमित निगरानी की जा रही है। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग तथा SUDA द्वारा नगरीय निकायों के साथ समन्वय कर ऐसी व्यवस्था विकसित की गई है, जिससे शहरी गरीब परिवारों के लिए किफायती आवास की उपलब्धता को गति मिली है। इसी समग्र कार्यप्रणाली को भारत सरकार ने ‘बेस्ट प्रैक्टिस’ के रूप में राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता दी है। उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव ने राष्ट्रीय सम्मान के लिए विभागीय अधिकारियों-कर्मचारियों और नगरीय निकायों की टीम को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि शहरी गरीब और निम्न आय वर्ग के परिवारों को किफायती आवास उपलब्ध कराने की दिशा में छत्तीसगढ़ द्वारा किए जा रहे ठोस प्रयासों की पहचान है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ ने शहरी गरीबों के आवास के लिए केवल योजना बनाने तक स्वयं को सीमित नहीं रखा, बल्कि जमीन की उपलब्धता से लेकर किफायती घर के निर्माण तक प्रभावी व्यवस्था विकसित की है। ईडब्ल्यूएस-एलआईजी वर्ग के लिए भूमि आरक्षण और एएचपी मॉडल को राष्ट्रीय सम्मान मिलना इसी कार्य का परिणाम है। साव ने कहा कि विभाग का लक्ष्य है कि शहरों में जरूरतमंद परिवारों को तेजी से सम्मानजनक और किफायती आवास उपलब्ध हों। यह राष्ट्रीय सम्मान पूरी टीम को और बेहतर परिणाम देने के लिए प्रेरित करने के साथ हमारी जिम्मेदारी भी बढ़ाता है। ‘सबके लिए आवास’ की दिशा में छत्तीसगढ़ का मजबूत कदम राज्य सरकार की इस पहल से 25 हजार से अधिक शहरी गरीब एवं निम्न आय वर्ग के परिवारों के पक्के घर का सपना साकार होने की दिशा में आगे बढ़ा है। निजी कॉलोनियों में भूमि आरक्षण के प्रभावी क्रियान्वयन ने एक ओर … Read more