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विश्व मानक दिवस पर मुख्यमंत्री साय ने दिलाई गुणवत्ता शपथ, कहा — हर क्षेत्र में पारदर्शिता, उपभोक्ता अधिकार और नवाचार सर्वोपरि

रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि जीवन के हर क्षेत्र में मानकों का पालन पारदर्शिता, गुणवत्ता और उपभोक्ता अधिकारों की सुरक्षा के लिए अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) द्वारा वस्तुओं को मानक चिन्ह प्रदान कर उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा की जा रही है और इसके माध्यम से मिलावट व नकली वस्तुओं के कारोबार पर प्रभावी रोक लगी है। मुख्यमंत्री श्री साय आज राजधानी रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में विश्व मानक दिवस के अवसर पर आयोजित मानक महोत्सव को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने उपस्थित जनों को गुणवत्ता शपथ दिलाते हुए मानकीकृत उत्पादों को बढ़ावा देने और बीआईएस के प्रयासों में भागीदारी निभाने का आह्वान किया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने मानकों की स्थापना में विशेष योगदान देने वाले मानक क्लबों, संस्थाओं और मेंटर्स का सम्मान किया। उन्होंने भारतीय मानक ब्यूरो के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि यह संस्था देशभर में गुणवत्ता की संस्कृति विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि एक समय था जब सोने जैसी धातुओं की शुद्धता का पता लगाना कठिन था, लेकिन आज हर उपभोक्ता बीआईएस हॉलमार्क देखकर ही आभूषण खरीदता है। बीआईएस का हॉलमार्क अब उपभोक्ता भरोसे का प्रतीक बन चुका है। उन्होंने बताया कि बीआईएस द्वारा बोतलबंद पानी, हेलमेट, खिलौने, गहनों से लेकर करीब 22 हजार वस्तुओं को मानक चिन्ह प्रदान किए जा चुके हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उपभोक्ताओं के बीच मानक चिन्हों के प्रति जागरूकता बढ़ाना अत्यंत आवश्यक है, ताकि गुणवत्तापूर्ण उत्पादों को बढ़ावा मिल सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में अग्रसर है और इस लक्ष्य को प्राप्त करने में मानकों की अहम भूमिका होगी। उन्होंने कहा कि स्वदेशी उत्पादों की गुणवत्ता और मानकीकरण के कारण आज देश के गांव और कस्बों में बने उत्पाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में पहचान बना रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री साय ने उपस्थित जनों से मानक चिन्हों के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने का आह्वान करते हुए कहा कि “विकसित भारत का संकल्प उपभोक्ता अधिकारों की मजबूती से ही पूरा होगा।” उन्होंने कहा कि गुणवत्ता ही आत्मनिर्भर भारत की वास्तविक पहचान है। कार्यक्रम में खाद्य मंत्री श्री दयालदास बघेल ने कहा कि विश्व मानक दिवस का उद्देश्य उपभोक्ताओं और समाज में मानकीकरण के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। यह हमारे वैज्ञानिकों और तकनीकी विशेषज्ञों के प्रयासों को सराहने का अवसर भी है। उन्होंने कहा कि देश तेजी से विकास कर रहा है और गुणवत्ता सुधार अब केवल नीति नहीं, बल्कि एक संकल्प बन चुका है। श्री बघेल ने कहा कि “जागो ग्राहक जागो” का संदेश उपभोक्ताओं को सजग और जागरूक रहने की प्रेरणा देता है। उन्होंने प्रतिभागियों से आग्रह किया कि वे इस कार्यशाला से प्राप्त ज्ञान को समाज में आगे बढ़ाएं, ताकि उपभोक्ता संरक्षण और अधिक सशक्त हो सके। भारतीय मानक ब्यूरो रायपुर शाखा कार्यालय के निदेशक श्री एस. के. गुप्ता ने कहा कि बीआईएस का प्रत्येक मानक उपभोक्ता अधिकारों की रक्षा को समर्पित है। उन्होंने बताया कि उत्पाद की गुणवत्ता सुनिश्चित करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है और ब्यूरो इस दिशा में निरंतर कार्य कर रहा है। श्री गुप्ता ने ब्यूरो द्वारा संचालित गतिविधियों और विभिन्न उत्पादों के मानकीकरण की प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बीआईएस का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि देश में निर्मित हर उत्पाद वैश्विक गुणवत्ता मानकों पर खरा उतरे। मुख्यमंत्री ने मानक महोत्सव में विभिन्न स्टालों का किया अवलोकन विश्व मानक दिवस के अवसर पर आयोजित मानक महोत्सव में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) तथा अन्य संस्थानों द्वारा लगाए गए विभिन्न स्टालों का अवलोकन किया। उन्होंने मानक स्थापना से जुड़ी गतिविधियों और संस्थाओं की कार्यप्रणाली की जानकारी ली और उनके प्रयासों की सराहना की। सिपेट रायपुर के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि संस्था प्रदेश के युवाओं को लघु एवं दीर्घकालीन कौशल प्रशिक्षण प्रदान करती है, साथ ही उद्योगों को गुणवत्ता परामर्श और तकनीकी सलाह भी उपलब्ध कराती है। मुख्यमंत्री ने सिपेट की पहल की सराहना की और इसे उद्योग-शिक्षा समन्वय का उत्कृष्ट उदाहरण बताया। बीआईएस की रायपुर शाखा द्वारा लगाए गए स्टॉल में उपभोक्ता जागरूकता संबंधी गतिविधियों की जानकारी दी गई। प्रतिनिधियों ने बताया कि बीआईएस केयर ऐप के माध्यम से उपभोक्ता स्वयं आईएसआई, एचयूआईडी और हॉलमार्क युक्त आभूषणों की प्रमाणिकता जांच सकते हैं। ऐप के जरिए उत्पाद की गुणवत्ता से संबंधित शिकायतें दर्ज करने और आईएसआई मुहर के दुरुपयोग की सूचना देने की सुविधा भी उपलब्ध है। मुख्यमंत्री ने इस पहल को उपभोक्ता सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि बताया। शैक्षणिक संस्थानों के नवाचारी स्टॉल बने आकर्षण का केंद्र मानक महोत्सव में स्कूली छात्र-छात्राओं द्वारा लगाए गए नवाचार आधारित स्टॉल सभी के आकर्षण का केंद्र बने। मुख्यमंत्री श्री साय ने विद्यार्थियों द्वारा प्रदर्शित नवाचारों का अवलोकन किया और उनके रचनात्मक प्रयासों की सराहना की। गवर्नमेंट हायर सेकेंडरी स्कूल बिरकोनी के विद्यार्थियों ने रक्तचाप जांचने की मशीन और मिट्टी की नमी मापने की मशीन तैयार की। पंडित आर. डी. तिवारी गवर्नमेंट इंग्लिश मीडियम स्कूल के छात्रों ने “एक्सप्लोरर रोबोट” प्रस्तुत किया, जो अंधेरे और दुर्गम स्थानों में रास्ता खोजने में सक्षम है। यह रोबोट खदानों और औद्योगिक स्थलों पर उपयोगी सिद्ध हो सकता है। वहीं गवर्नमेंट हायर सेकेंडरी स्कूल अंडा के विद्यार्थियों ने स्मार्ट ट्रेन का मॉडल तैयार किया, जो विशेष रूप से दिव्यांगजनों के लिए उपयोगी है। मुख्यमंत्री श्री साय ने विद्यार्थियों से चर्चा की, उनके नवाचारी कार्यों की जानकारी ली और उनकी रचनात्मकता की सराहना करते हुए कहा —“युवाओं की सोच में जब गुणवत्ता और नवाचार जुड़ता है, तभी भारत विकसित राष्ट्र बनने की ओर तेजी से अग्रसर होता है।” मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि गुणवत्ता सिर्फ उद्योग या उत्पादन तक सीमित नहीं, बल्कि यह जीवन के हर पहलू का संस्कार बनना चाहिए। उन्होंने कहा कि “मानक केवल नियम नहीं, राष्ट्र निर्माण की रीढ़ हैं।” मुख्यमंत्री ने अधिकारियों, संस्थाओं और विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे “क्वालिटी को क्वांटिटी से पहले रखें” और छत्तीसगढ़ को मानकीकरण, नवाचार और पारदर्शिता में देश का अग्रणी राज्य बनाएं। उन्होंने कहा —“जब हर नागरिक गुणवत्ता को अपना धर्म समझेगा, तभी सच्चे अर्थों में विकसित भारत का स्वप्न साकार होगा।” … Read more

पीड़िता के बयान और सहमति को देखते हुए हाईकोर्ट ने CAF जवान को बरी किया

बस्तर छत्तीसगढ़ के बस्तर में रेप के आरोप में 10 साल की सजा काट रहे सीएएफ के जवान रूपेश कुमार पुरी को हाईकोर्ट ने बरी कर दिया है। न्यायमूर्ति नरेश कुमार चंद्रवंशी की एकलपीठ ने कहा कि यह मामला प्रेम संबंध का है, झूठे विवाह वादे पर आधारित दुष्कर्म का नहीं। अदालत ने फास्ट ट्रैक कोर्ट जगदलपुर द्वारा 2022 में सुनाई गई सजा को रद्द कर दिया। कोर्ट ने क्या कहा.. हाईकोर्ट ने माना कि पीड़िता बालिग थी और लंबे समय तक अपनी मर्जी से आरोपी के साथ रही। दोनों के बीच बने शारीरिक संबंध आपसी सहमति से थे। अदालत ने कहा कि जब तक यह साबित न हो कि आरोपी ने शुरू से ही शादी का इरादा नहीं रखा था, तब तक ऐसे मामले को दुष्कर्म नहीं कहा जा सकता।   मामला कैसे शुरू हुआ साल 2020 में पीड़िता ने जवान रूपेश कुमार पुरी पर शादी का झांसा देकर रेप करने का आरोप लगाया था। कहा गया कि जवान ने उसे दो महीने तक घर में रखकर यौन शोषण किया और बाद में शादी से इनकार कर दिया। फास्ट ट्रैक कोर्ट ने रूपेश को 10 साल की सजा और 10 हजार रुपए जुर्माना लगाया था। क्या कहा बचाव पक्ष ने.. रूपेश के वकील ने दलील दी कि दोनों के बीच 2013 से प्रेम संबंध थे और पीड़िता अपनी मर्जी से आरोपी के घर गई थी। एफआईआर परिजनों के दबाव में दर्ज कराई गई। अदालत ने पाया कि पीड़िता ने खुद आरोपी को फेसबुक पर फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी थी और दोनों के बीच लंबे समय तक बातचीत होती रही। हाईकोर्ट का फैसला सभी सबूतों और बयानों की समीक्षा के बाद अदालत ने कहा कि यह मामला जबरन शोषण का नहीं, बल्कि प्रेम और सहमति का है। मेडिकल और एफएसएल रिपोर्ट में रेप के ठोस सबूत नहीं मिले। पीड़िता खुद आरोपी के घर गई और कई बार उसके साथ संबंध बनाए, जिसमें खुद युवती की भी मर्जी दिखी। इस आधार पर कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट का निर्णय रद्द करते हुए रूपेश कुमार पुरी को सभी आरोपों से बरी कर दिया।  

नगर पालिका की सफाई के दौरान तालाब में लाश बरामद, पुलिस कर रही मामले की जांच

कोंडागांव नगर पालिका की सफाई टीम को मंगलवार सुबह उस वक्त बड़ा झटका लगा, जब नियमित सफाई अभियान के दौरान बंधा तालाब में एक शख्स का शव मिला। नगर पालिका के कर्मचारी तालाब से जलकुंभी हटाने के लिए जेसीबी मशीन से सफाई कर रहे थे, तभी अचानक जलकुंभी के बीच फंसा हुआ शव पानी की सतह पर तैरने लगा। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और कर्मचारियों की मदद से शव को बाहर निकाला गया। मृतक की पहचान कोंडागांव निवासी कमल सिंह ठाकुर के रूप में हुई है। फिलहाल शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया गया है। नगर पालिका कर्मचारी संतोष ने बताया कि सुबह सफाई के दौरान जलकुंभी के बीच कुछ संदिग्ध वस्तु दिखाई दी। नजदीक जाकर देखने पर कर्मचारियों को शव नजर आया, जिसके बाद तत्काल पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस दल मौके पर पहुंचा और पंचनामा की कार्यवाही के बाद शव को अस्पताल भिजवाया गया। इस दौरान मृतक के परिजनों को भी घटना की जानकारी दी गई, जो मौके पर पहुंच गए। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों का स्पष्ट पता चल सकेगा। फिलहाल यह जांच की जा रही है कि युवक की मौत दुर्घटनावश पानी में डूबने से हुई या फिर किसी अन्य कारण से। घटना के बाद से क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और सभी संभावित पहलुओं पर गौर किया जा रहा है।

गढ़चिरौली में 1.5 करोड़ के इनामी नक्सली भूपति ने 60 साथियों के साथ आत्मसमर्पण किया

बस्तर छत्तीसगढ़ में माओवादी नक्सल संगठन को बड़ा झटका लगा है। संगठन के केंद्रीय कमेटी मेंबर (सीसीएस) सोनू दादा उर्फ भूपति ने 60 साथियों के साथ पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया है। बता दें कि खूंखार नक्सली भूपति पर डेढ़ करोड़ रुपये का इनाम था। नक्सलियों ने लगभग 50 हथियार भी गढ़चिरौली पुलिस के हवाले किए हैं। आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों में 3 DKSZC मेंबर और 10 DVCM सदस्य शामिल हैं। यह माओवादी संगठन के लिए अब तक का सबसे बड़ा झटका माना जा रहा है। खूंखार नक्सली भूपति पांच राज्यों की पुलिस के निशाने पर था। छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और ओडिशा पुलिस तलाश कर रही थी। कई बड़ी नक्सली घटनाओं शामिल में रहा है। भूपति गढ़चिरौली में नक्सलियों के पोलित ब्यूरो मेंबर भी था। ये नक्सली हथियार समेत आत्मसमर्पण करने की बात पहले की कह चुके थे। सोनू दादा के बयान के बाद नक्सलियों में दो फाड़ हो गई थी। अब कई और नक्सलियों के आत्मसमर्पण की संभावना जताई जा रही है। फिलहाल पुलिस की ओर से आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों से पूछताछ जारी की जा रही है। नक्सलियों को लीडर करने वाले सीसीएम मेंबर ने आज अपने 60 साथियों के साथ मिलकर महाराष्ट्र राज्य के गढ़चिरौली में आत्मसमर्पण कर दिया, इस समर्पण के साथ ही नक्सली टीम पूरी तरह से ध्वस्त हो गई। अब गिने चुने ही टॉप नक्सली बचे हुए है, जो पुलिस के टॉप लिस्ट में है, उन्हें भी सरेंडर करने की बात कही जा रही है। बता दें कि नक्सली संगठन के शुरुआत से ही सोनू दादा उर्फ भूपति उसका बड़ा भाई किशन जी, भाभी सुजाता के अलावा सोनू दादा की पत्नी जुडी हुई थी, जहां लंबे समय से पूरा परिवार नक्सलियों की विचारधारा से जुड़कर काम कर रहे थे। सुकमा, दंतेवाड़ा, बीजापुर, नारायणपुर के अलावा राज्य हर बड़ी घटनाओं में शामिल थे। धीरे-धीरे इनका नाम हर जगह गूंजने लगा। टॉप लीडर किशन जी का छोटा भाई था भूपति नक्सलियों के टॉप लीडर किशन जी को पुलिस ने एक एनकाउंटर में मार गिराया। किशन जी की मौत के बाद उनकी पत्नी सुजाता काफी अकेले हो गई, जिसके बाद उसने तेलंगाना में जाकर आत्मसमर्पण कर दिया। वहीं सोनू दादा की पत्नी तारक्का ने भी करीब छह माह पहले गढ़चिरौली में आत्मसर्पण कर दिया था। पत्नी के बार-बार सोनू दादा को आत्मसमर्पण के लिए कहा जा रहा था, जिसके बाद सोनू ने अपने 60 साथियों के साथ आत्मसमर्पण कर दिया। ब्राह्मण परिवार से है सोनू दादा बता दे कि सोनू दादा ब्राह्मण परिवार से है, 67 वर्षीय सोनू दादा का असली नाम मल्लोजूला वेणुगोपाल राव है। वहीं  सोनू दादा के कई नाम भी हैं, जिसमें सोनू उर्फ विवेक उर्फ भूपति उर्फ सोनू दादा उर्फ भूपति है, सोनू दादा ने बी काम करने के साथ ही आईटीआई भी कर चुके है। सोनू दादा सीसीएम, पीबीएम, सीआरबी सचिव, प्रवक्ता सीपीआई माओवाद भी रह चुके हैं। टूट गई संगठन देखा जाए तो भूपति उर्फ सोनू दादा ने संगठन में हर बड़े से बड़े घटनाओं में शामिल होकर काम किया, लेकिन लगातार संगठन में चल रहे दो फाड़ के चलते सोनू दादा अकेले हो गए। वहीं सोनू ने अपने दुख को साझा करते हुए कुछ दिन पहले समर्पण करने की बात कही और आखिरकार आज समर्पण कर दिया। मिशन 2026 का डर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के मिशन 2026 में नक्सलियों के खात्मे की बात कही गई है। वहीं लगातार नक्सलियों के लीडर के खिलाफ चल रहे मुहिम के चलते किशन जी एनकाउंटर में मारा गया, सुजाता ने सरेंडर कर दिया, बसवराज भी मारा गया, नक्सली संगठन के टूट जाने से अब सोनू दादा उर्फ भूपति ने भी सरेंडर कर दिया। पहले दंतेवाड़ा जिले में 71 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया इससे पहले दंतेवाड़ा जिले में 71 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया था। इसमें 21 महिला नक्सली और 50 पुरुष नक्सली शामिल थे। सरेंडर करने वाले 30 नक्सलियों पर 64 लख रुपए का इनाम था। डेढ़ साल में करीब 400 नक्सली मारे गए हैं। इनमें बस्तर के नक्सली ज्यादा हैं।

धर्मांतरण और चंगाई पर कड़ा रुख, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने किया बड़ा ऐलान

रायपुर मुख्यमंत्री साय की अध्यक्षता में हुई कलेक्टर्स-एसपी कॉन्फ्रेंस में धर्मांतरण और चंगाई सभा को लेकर चर्चा की गई, जिसपर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने मंगलवार को बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि धर्मांतरण के खिलाफ जल्द सख्त कानून आएगा, जो देश में सबसे सशक्त कानून होगा. चंगाई सभा बंद होना चाहिए, यह लोगों को भ्रमित करने के लिए होता है. प्रदेश में कानून व्यवस्था की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने 3-4 जिलों के पुलिस अधीक्षकों को फटकार लगाई थी. इसे लेकर उपमुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि  मुख्यमंत्री ने सभी एसपी को हिदायत दी है. जिनका परफॉर्मेंस बेहतर नहीं है, उन्हें परफॉर्मेंस सुधारने का आखिरी मौका दिया गया है. मुख्यमंत्री ने साफ कहा है कि अगर परफॉर्मेंस ठीक नहीं होने पर निर्णय लिया जाएगा. कांग्रेस के बयान पर पलटवार बिहार चुनाव में भाजपा नेताओं के जाने को लेकर कांग्रेस के बयान पर पलटवार करते हुए विजय शर्मा ने कहा कि पदयात्रा का विषय अच्छा है और भाव भी अच्छा है, लेकिन कांग्रेस नेता को यह भी बताना चाहिए कि उनके नेता ने जो पदयात्रा की थी, उसका परिणाम क्या निकला. उन्होंने कहा कि भाजपा के कार्यकर्ता कैसे जाएंगे, यह कांग्रेस छोड़ दें. हमें पूरा विश्वास है कि बिहार में एनडीए की सरकार बनेगी. सीटों का बंटवारा भी पूरी तरह से हो चुका है और हम पूरी ताकत के साथ एनडीए की जीत सुनिश्चित करने में जुटे हैं. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अब देखना यह है कि वे वहां जाकर वास्तव में लड़ाई करेंगे या टिकट बेचेंगे, उम्मीद है कि इस बार वे कुछ अच्छा करेंगे.

सुरक्षा बलों ने नाकाम किया नक्सलियों का प्लान, कर्रेगुट्टा में भारी हथियारों का जखीरा मिला

बीजापुर  छत्तीसगढ़ के बीजापुर में सुरक्षाबलों को सर्च अभियान के दौरान बड़ी सफलता हाथ लगी है. ताड़पाला बेस कैम्प के पहाड़ी क्षेत्र में नक्सलियों के हथियारों का जखीरा मिला है. कार्रवाई में नुकसान पहुंचाने के लिए प्लांट किए गए 5 आईईडी को बरामद किया गया है. दरअसल, उसूर थाना अंतर्गत क्षेत्र ताड़पाला बेस कैम्प से कोबरा 206, केरिपु 229, 153 और 196 की संयुक्त टीम ने KGH Foothills क्षेत्र में सर्च अभियान चलाया. इस दौरान दोपहर करीब 3 बजे नक्सलियों द्वारा छिपाए गए भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री और बीजीएल बनाने की सामग्री बरामद किया गया. क्या-क्या हुआ बरामद ? 51 नग जिंदा बीजीएल 100 बंडल एचटी एल्युमिनियम तार स्टील पाइप 50 नग (बीजीएल निर्माण के लिए) भारी मात्रा में बिजली का तार 20 नग लोहे की शीट (बीजीएल निर्माण के लिए) 40 नग लोहे की प्लेट (बीजीएल निर्माण के लिए) 5 IED बरामद जवानों को नुकसान पहुंचाने के इरादे से नक्सलियों द्वारा प्लांट किए गए 5 आईईडी भी बरमाद किए गए.  इसके बाद बीडीएस (बम डिस्पोजल स्क्वाड) टीम ने मौके पर आईडी को सुरक्षित रूप से डिफ्यूज कर दिया.

छत्तीसगढ़/नक्सल प्रभावित क्षेत्र: भाजपा कार्यकर्ता को उतारा मौत के घाट , पर्चा छोड़कर फरार

बीजापुर छत्तीसगढ़ के बीजापुर में नक्सलियों ने एक बार फिर कायराना हरकत को अंजाम दिया है. नक्सलियों ने भाजपा कार्यकर्ता पूनम सत्यम की हत्या कर दी है. इस घटना की जिम्मेदारी भाकपा (माओवादी) की माड़ेड़ एरिया कमेटी ने ली है. बीजापुर एसपी डॉ. जितेंद्र ने मामले की पुष्टि की है. जानकारी के मुताबिक, घटना थाना इलमिडी क्षेत्र अंतर्गत ग्राम मुंजाल कांकेर की है. भाजपा कार्यकर्ता पूनम सत्यम काफी समय से नक्सलियों के निशाने पर था. उन्होंने कई बार चेतावनी भी दी थी. बताया जा रहा है कि सोमवार देर रात करीब 4 से 5 नक्सली सादे वर्दी में पूनम के घर पहुंचे. इस दौरान उन्होंने अपने पास रखे रस्सी से गला घोंटकर भाजपा कार्यकर्ता की हत्या कर दी. वारदात के बाद नक्सलियों ने शव के पास पर्चा फेंका है. इसमें मद्देड एरिया कमेटी ने इस वारदात की जिम्मेदारी ली है. एसपी ने की पुष्टि बीजापुर एसपी डॉ.जितेंद्र ने घटना की पुष्टि की है. उन्होंने बताया कि घटनास्थल के लिए बल रवाना कर दिया गया है. क्षेत्र में सर्चिंग जारी है. भाजपा कार्यकर्ता की हत्या मामले पर गृहमंत्री शर्मा का बयान नक्सलियों द्वारा भाजपा कार्यकर्ता की हत्या की घटना की गृहमंत्री विजय शर्मा ने कड़ी निंदा की और उन्होंने कहा कि बस्तर की जनता ने स्पष्ट कह दिया है कि नक्सलवाद समाप्त होना चाहिए. बड़े नक्सलियों के समूह भी नक्सवाद को खत्म करना तय कर लिया है. गृहमंत्री शर्मा ने बताया कि लगभग सालभर पहले नक्सली महिला ने गढ़चिरौली (छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र की सीमा) में आत्मसमर्पण किया था. इसके बाद उसके पति ने भी सरेंडर कर मुख्यधारा को अपना लिया. इस वक्त बस्तर में बहुत सारी गतिविधियां चल रही है. आने वाले समय में मुख्यधारा में शामिल होने वालों का स्वागत किया जाएगा. उन्हें सरकारी नीति के तहत व्यवस्थाएं दी जाएगी. और जो इस तरह की घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं, उनसे निपटने के लिए सुरक्षाबल के जवान पूरी ताकत से जुटें हैं.

मुख्यमंत्री साय की अध्यक्षता में ‘सुशासन संवाद’, जिलों के नवाचारों पर हुई गहन चर्चा

रायपुर,   मंत्रालय महानदी भवन के पंचम तल स्थित ऑडिटोरियम में आज मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में ‘सुशासन संवाद’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर वन मंत्री केदार कश्यप, स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव, मुख्य सचिव  विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, विभागीय सचिव, कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, डीएफओ सहित राज्य के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।   नवाचार जनसेवा के केंद्र में हो – मुख्यमत्री साय मुख्यमंत्री साय ने कहा कि नवाचार ऐसे हों जो दीर्घकालिक रूप से व्यवहारिक हों, नागरिकों की सुविधा बढ़ाएं, और शासन की फ्लैगशिप योजनाओं को सहयोग दें। राज्य सरकार नवाचारों का स्वागत करती है, परंतु यह ध्यान रखना आवश्यक है कि बुनियादी प्रशासनिक कार्य इससे प्रभावित न हों।  उन्होंने कहा कि नवाचार तुगलकी प्रयोग न बनें, बल्कि नागरिक जीवन को सरल बनाने का माध्यम बनें। स्थायी और व्यावहारिक नवाचारों पर जोर मुख्यमंत्री साय ने कलेक्टरों को निर्देश दिए कि जो भी नवाचार हों, उनमें लोगों की राय अवश्य शामिल की जाए और उनके प्रभाव का फीडबैक लिया जाए। उन्होंने कहा कि कई बार जिले में किए गए नवाचार आने वाले अधिकारियों की प्राथमिकता में नहीं रहते, इसलिए इनकी स्थायित्व और उपयोगिता पर विशेष ध्यान दिया जाए। नवाचार का उद्देश्य जनता की सेवा और पारदर्शिता में वृद्धि होना चाहिए। लोक सेवा गारंटी अधिनियम पर सख्त रुख मुख्यमंत्री साय ने लोक सेवा गारंटी अधिनियम को सरकार की सबसे महत्वपूर्ण पहल बताया। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी सेवाएं निर्धारित समय में गुणवत्तापूर्ण ढंग से दी जाएं और यदि देरी होती है तो जिम्मेदार अधिकारियों पर अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि अगली समीक्षा में यह देखा जाएगा कि कितने मामलों का समय पर निराकरण हुआ और कितने अधिकारियों पर कार्रवाई की गई। कार्यालयीन अनुशासन और स्वच्छता पर विशेष बल सुशासन एवं अभिसरण विभाग द्वारा आरंभ किए गए ‘पुराने दस्तावेज हटाओ’ अभियान की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कार्यालयों में वर्षों पुराने अनुपयोगी फाइलें न केवल जगह घेरती हैं, बल्कि नागरिकों में गलत छवि भी बनाती हैं। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी कलेक्टर अपने कार्यालयों को व्यवस्थित करें ताकि पारदर्शिता और कार्यक्षमता बढ़ सके। ई-ऑफिस प्रणाली का शत-प्रतिशत क्रियान्वयन सुनिश्चित करें मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सुशासन का सबसे महत्वपूर्ण माध्यम ई-ऑफिस प्रणाली है। उन्होंने सभी विभागों को निर्धारित समय सीमा में इसे पूरी तरह लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मैनुअल प्रक्रिया पर निर्भरता घटाना आवश्यक है और सभी लंबित फाइलों को डिजिटल माध्यम में लाना होगा ताकि पारदर्शिता और उत्तरदायित्व सुनिश्चित हो सके। ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल और डिजिटल गवर्नेंस को बढ़ावा मुख्यमंत्री ने कहा कि आज डिजिटल गवर्नेंस का युग है। सभी कलेक्टर सुनिश्चित करें कि ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल पर अधिकाधिक सेवाएं उपलब्ध हों और जनता ऑनलाइन सेवाओं का लाभ उठा सके। उन्होंने निर्देश दिया कि नागरिकों में डिजिटल सेवाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक नागरिक सेवा को डिजिटल करना ही पारदर्शी शासन की दिशा में सबसे बड़ा कदम है। शिकायतों के समाधान में पारदर्शी व्यवस्था मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जनता की शिकायतों का त्वरित और पारदर्शी निराकरण प्रशासन की जिम्मेदारी है। सभी कलेक्टर शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर सूचीबद्ध करें और डिजिटल माध्यम में उनके समाधान की स्थिति उपलब्ध कराएं। इससे नागरिकों का भरोसा बढ़ेगा और भ्रष्टाचार की संभावनाएं समाप्त होंगी। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों में मैनुअल गवर्नेंस से भ्रष्टाचार बढ़ा, जबकि डिजिटल प्रणाली जवाबदेही सुनिश्चित करती है। फील्ड विजिट और निरीक्षण की स्थायी प्रणाली बने मुख्यमंत्री साय ने कहा कि केवल आकस्मिक निरीक्षण से प्रशासन नहीं सुधरता। फील्ड विजिट को स्थायी प्रक्रिया के रूप में अपनाया जाए। उन्होंने कहा कि जैसे पानी की गहराई का अंदाजा पानी में उतरे बिना नहीं होता, वैसे ही योजनाओं की सच्चाई फील्ड में जाकर ही पता चलती है। नियमित निरीक्षण से न केवल सुधार होता है बल्कि आंकड़ों की बाजीगरी पर भी नियंत्रण रहता है। मुख्य सचिव विकास शील ने कहा कि ब्यूरोक्रेसी को ट्रांसफॉर्म करने का समय आ गया है। नई कार्य संस्कृति और तकनीक को अपनाए बिना सुशासन संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि जनता में विश्वास बढ़ाना है, तो उच्चाधिकारियों को खुद उदाहरण प्रस्तुत करना होगा। उन्होंने कहा कि जब हम स्वयं समय पर दफ्तर पहुंचेंगे, तभी नीचे तक अनुशासन की संस्कृति बनेगी। जिलों के नवाचारों की प्रस्तुति और कॉफी टेबल बुक का विमोचन कार्यक्रम में रायपुर, नारायणपुर, दंतेवाड़ा, जशपुर और उदंती वन अभयारण्य के नवाचारों की विस्तृत प्रस्तुति दी गई। मुख्यमंत्री ने जिलों में हो रहे नवाचारों पर आधारित ‘कॉफी टेबल बुक’ का विमोचन किया और अधिकारियों को सराहा जिन्होंने जमीनी स्तर पर योजनाओं को परिणाममुखी बनाया। कार्यक्रम के दौरान ‘जशप्योर’ ब्रांड के स्वास्थ्यवर्धक उत्पादों की सफलता का उल्लेख किया गया। महुआ को सुपरफूड के रूप में स्थापित करने वाला भारत का पहला ‘महुआ सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ जशपुर में संचालित है। जशप्योर उत्पाद अब पाँच राज्यों में बिक रहे हैं और विक्रय में 300 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। नारायणपुर जिले के 'डेटा प्लेटफॉर्म’ द्वारा नक्सल गतिविधियों की ट्रैकिंग और दंतेवाड़ा में ब्लॉकचेन तकनीक से 7 लाख भूमि अभिलेखों के डिजिटाइजेशन को मुख्यमंत्री ने अत्यंत सराहनीय बताया। उन्होंने अबूझमाड़ और दंतेवाड़ा में प्रशासन के हाई-टेक सिस्टम की प्रशंसा करते हुए कहा कि यही आधुनिक छत्तीसगढ़ की दिशा है। सुशासन संवाद में रायपुर जिले में जिला प्रशासन, नगर निगम और पुलिस की संयुक्त पहल ‘टीम प्रहरी’ के कार्यों पर प्रस्तुतीकरण दिया गया। इस पहल के तहत अवैध अतिक्रमणों को हटाने, यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने और नागरिकों की शिकायतों के त्वरित निराकरण के लिए समन्वित प्रयास किए जा रहे हैं। नारायणपुर जिले में ‘इंटिफाई’ डेटा मैनेजमेंट प्लेटफॉर्म पर प्रस्तुतिकरण दिया गया, जिसके माध्यम से नक्सल गतिविधियों की प्रभावी ट्रैकिंग की जा रही है तथा शासकीय योजनाओं से संबंधित सभी आंकड़ों को एक ही प्लेटफॉर्म पर एकत्रित किया गया है। वहीं दंतेवाड़ा जिले में ब्लॉकचेन तकनीक का उपयोग करते हुए 7 लाख भूमि अभिलेखों का डिजिटाइजेशन किया गया है, जिससे भूमि संबंधी मामलों में पारदर्शिता और त्वरित समाधान सुनिश्चित हुआ है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि सुशासन कोई एक दिन का लक्ष्य नहीं, बल्कि निरंतर सुधार की प्रक्रिया है। इसके लिए हर अधिकारी को अपने … Read more

यात्रियों के लिए खुशखबरी: त्योहारों पर चलेंगी 5 पूजा स्पेशल ट्रेनें, जानिए कैसे करें आरामदायक सफर की बुकिंग

बिलासपुर दीपावली, छठ पूजा और अन्य प्रमुख त्योहारों के दौरान यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) ने यात्रियों की सुविधा के लिए कई फेस्टिवल/पूजा स्पेशल ट्रेनों का संचालन शुरू किया है. रेलवे का उद्देश्य है कि लोग त्योहारों में घर तक आसानी से और आराम से पहुंच सकें, टिकट को लेकर परेशान हुए बिना. रेलवे प्रशासन ने बताया कि इन ट्रेनों में यात्रियों को “पहले आओ, पहले पाओ” के आधार पर कंफर्म सीटें उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे यात्रा के दौरान सीट की अनिश्चितता खत्म होगी और लोगों को एक सुरक्षित, सुविधाजनक और सुखद यात्रा अनुभव मिलेगा. प्रमुख फेस्टिवल/पूजा स्पेशल ट्रेनों का विस्तृत विवरण 1. बिलासपुर–यलहंका (बेंगलुरु) पूजा स्पेशल (गाड़ी संख्या 08261/08262) : यह ट्रेन 9 सितंबर से 18 नवंबर 2025 तक कुल 22 फेरे लगाएगी.     गाड़ी संख्या 08261 (बिलासपुर–यलहंका): हर मंगलवार को चलेगी.     गाड़ी संख्या 08262 (यलहंका–बिलासपुर): हर बुधवार को चलेगी. इस ट्रेन में एसी-III, एसी-III इकॉनमी और स्लीपर कोच में पर्याप्त बर्थ उपलब्ध हैं. और मुख्य ठहराव बिलासपुर, भाटापारा, रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, डोंगरगढ़ और गोंदिया हैं. 2. दुर्ग–सुल्तानपुर पूजा स्पेशल (गाड़ी संख्या 08763/08764) यह ट्रेन 13 सितंबर से 30 नवंबर 2025 तक कुल 12 फेरे लगाएगी.     गाड़ी संख्या 08763 (दुर्ग–सुल्तानपुर): हर शनिवार को चलेगी.     गाड़ी संख्या 08764 (सुल्तानपुर–दुर्ग): हर रविवार को चलेगी. यात्रियों के लिए एसी-II, एसी-III, एसी-III इकॉनमी और स्लीपर कोच में सीटें उपलब्ध हैं. साथ ही इसके मुख्य ठहराव दुर्ग, रायपुर, उस्लापुर, पेंड्रारोड, अनूपपुर, शहडोल और उमरिया हैं. 3. दुर्ग–हजरत निजामुद्दीन पूजा स्पेशल (गाड़ी संख्या 08760/08761) दिल्ली की ओर यात्रा करने वालों के लिए यह विशेष ट्रेन 5 अक्टूबर से 24 नवंबर 2025 तक 8 फेरे लगाएगी.     गाड़ी संख्या 08760 (दुर्ग–हजरत निजामुद्दीन): हर रविवार को चलेगी.     गाड़ी संख्या 08761 (हजरत निजामुद्दीन–दुर्ग): हर सोमवार को चलेगी. इसमें एसी-II, एसी-III, एसी-III इकॉनमी और स्लीपर श्रेणियों में पर्याप्त बर्थ उपलब्ध हैं. साथ ही इसके मुख्य ठहराव दुर्ग, रायपुर, उस्लापुर, पेंड्रारोड, अनूपपुर, शहडोल और उमरिया हैं. 4. नेताजी सुभाष चंद्र बोस (इतवारी)–जयनगर पूजा स्पेशल (गाड़ी संख्या 08869/08870) यह ट्रेन 16 अक्टूबर से 8 नवंबर 2025 तक बिहार और झारखंड की ओर जाने वाले यात्रियों के लिए विशेष रूप से चलाई जा रही है.     गाड़ी संख्या 08869 (इतवारी–जयनगर): हर गुरुवार को चलेगी.     गाड़ी संख्या 08870 (जयनगर–इतवारी): हर शनिवार को चलेगी. इसके मुख्य ठहराव गोंदिया, डोंगरगढ़, राजनांदगांव, दुर्ग, रायपुर, भाटापारा, बिलासपुर, चांपा और रायगढ़ हैं. 5. नेताजी सुभाष चंद्र बोस (इतवारी)–शालीमार पूजा स्पेशल (गाड़ी संख्या 08865/08866) यह ट्रेन यात्रियों को कोलकाता और आसपास के क्षेत्रों तक पहुंचाने के लिए अतिरिक्त फेरे में चलाई जा रही है.     गाड़ी संख्या 08865 (इतवारी–शालीमार): 13 और 20 अक्टूबर (सोमवार).     गाड़ी संख्या 08866 (शालीमार–इतवारी): 14 और 21 अक्टूबर (मंगलवार). इस ट्रेन के मुख्य ठहराव गोंदिया, डोंगरगढ़, राजनांदगांव, दुर्ग, रायपुर, भाटापारा, बिलासपुर, चांपा और रायगढ़ हैं.

कांग्रेस नेता भूपेश बघेल बोले, 1-2 दिन में तय होगा बिहार महागठबंधन का सीट बंटवारा

रायपुर एनडीए में सीट बंटवारे के बाद अब सब की नजर महागठबंधन पर है। राष्ट्रीय जनता दल के सुप्रीमो लालू प्रसाद और नेता प्रतिपक्ष दिल्ली में हैं। वहीं कांग्रेस के भी कई प्रमुख नेता दिल्ली में कैंप कर रहे हैं। आज कांग्रेस की केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक है। वहीं बैठक से पहले कांग्रेस नेता भूपेश बघेल ने बिहार में महागठबंधन के सीट बंटवारे पर बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि यह 1-2 दिन में हो जाएगा। सारी तैयारी हो चुकी है, ये जल्दी हो जाएगा। बिहार एनडीए में सीट शेयरिंग का फॉर्मूला तय राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) ने बिहार के विधानसभा चुनावों के लिए सीट बंटवारे की घोषणा कर दी है। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और जनता दल (यूनाइटेड) यानी जदयू दोनों 101-101 सीटों पर चुनाव लड़ेंगी। लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) को 29 सीटें मिली हैं। राष्ट्रीय लोक मोर्चा को छह सीटें दी गई हैं। हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) को भी छह सीटों पर चुनाव लड़ने का मौका मिला है। भाजपा महासचिव विनोद तावड़े ने एक्स पर लिखा, संगठित व समर्पित एनडीए…आगामी बिहार विधानसभा चुनाव के लिए एनडीए परिवार के सभी सदस्यों ने सौहार्दपूर्ण वातावरण में आपसी सहमति से सीटों का वितरण पूर्ण किया, जो कि इस प्रकार है– भाजपा – 101 सीट जदयू – 101 सीट लोजपा (रामविलास) – 29 सीट रालोमो – 06 सीट हम – 06 सीट आज दिल्ली में केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक आज कांग्रेस की केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक है। इसके बाद संभावना है कि शाम तक सीट बंटवारे की घोषणा हो जाएगी। हालांकि कई सीटों पर कांग्रेस और राजद के बीच पेज फंसा हुआ ही है। इसलिए कांग्रेस ने इस बार अलग-अलग नीति बनाने शुरू कर दी है। 2020 के विधानसभा के तरह ही इस बार भी कांग्रेस 70 सीटों पर लड़ने की तैयारी कर रही है। इतना ही नहीं कांग्रेस ने अपने उम्मीदवारों की सूची भी पूरी तरह से तैयार कर ली है। दिल्ली में केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक में इस पर मोहर भी लग जाएगी। सूत्र बता रहे हैं कि राजद और वामदल अब भी कांग्रेस को 70 सीट देने के लिए तैयार नहीं हैं।