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विकास कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, रायगढ़ के लिए वित्त मंत्री ओपी चौधरी का बड़ा संदेश

रायगढ़ का सुनियोजित विकास हमारी प्राथमिकता, कार्यों की गुणवत्ता और समयसीमा से समझौता नहीं- वित्त मंत्री ओपी चौधरी वित्त मंत्री ने रायगढ़ शहर में संचालित विभिन्न विकास कार्यों का किया जमीनी निरीक्षण सिंदूर पार्क, मिनी स्टेडियम और पंचतत्व गार्डन सहित कई परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की रायपुर छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने आज रायगढ़ शहर का दौरा कर वहां संचालित विभिन्न विकास कार्यों का कड़ा निरीक्षण किया और परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने सिंदूर पार्क, मिनी स्टेडियम, पंचतत्व गार्डन, जूटमिल हाउसिंग बोर्ड, मिट्ठूमुड़ा सामुदायिक भवन और फरहामुड़ा तालाब जैसी कई महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का बारीकी से अवलोकन किया। गुणवत्ता और समयसीमा पर कड़े निर्देश          निरीक्षण के दौरान वित्त मंत्री चौधरी ने अधिकारियों से निर्माण कार्यों की वर्तमान स्थिति, गुणवत्ता मानकों और समयसीमा की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को सख्त लहजे में निर्देशित किया कि सभी निर्माण कार्य उच्च गुणवत्ता के साथ तय समय के भीतर पूरे किए जाएं, ताकि आम जनता को इन नागरिक सुविधाओं का लाभ जल्द से जल्द मिल सके। रायगढ़ को मिलेगी आधुनिक पहचान          चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार रायगढ़ के समग्र और सुनियोजित विकास के लिए प्रतिबद्ध है। शहर में बनाए जा रहे पार्क, खेल परिसर, सामुदायिक भवन और जल संरक्षण परियोजनाएं न केवल नागरिकों का जीवन स्तर सुधारेंगी, बल्कि रायगढ़ को एक आधुनिक, स्वच्छ और सुविधा संपन्न शहर के रूप में नई पहचान देंगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार का मुख्य लक्ष्य विकास कार्यों की गुणवत्ता से बिना कोई समझौता किए जनता को बेहतर से बेहतर बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना है।         इस निरीक्षण के दौरान विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे, जिन्होंने वित्त मंत्री को जारी परियोजनाओं की तकनीकी और व्यावहारिक प्रगति से अवगत कराया।

पंजीकृत महिला निर्माण श्रमिकों के लिए दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना

पंजीकृत महिला निर्माण श्रमिकों के लिए दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना पात्र हितग्राहियों को डेढ़ लाख तक अनुदान राशि रायपुर  छत्तीसगढ़ शासन, श्रम विभाग के अंतर्गत भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मण्डल में निर्माण कार्य से जुडे 60 प्रकार के प्रवर्गो में पंजीकृत कर उनके लिये जन्म से मृत्यु तक लगभग 28 प्रकर की योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इसी क्रम में पंजीकृत निर्माण महिला श्रमिकों के जीवनयापन के स्तर को उंचा उठाने एवं आय में वृध्दि तथा रोजगार मुहैया कराने के उद्देश्य से मंडल में 3 वर्ष पूर्व पंजीकृत निर्माण महिला श्रमिकों के लिये दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना संचालित की जा रही हैं जिसके अंतर्गत 1,50,000 रूपये की अनुदान राशि मण्डल द्वारा प्रदाय किया जाना प्रावधानित है। इस योजना के लिये पात्र निर्माण महिला श्रमिक अपने पसंद के ई रिक्शा कंपनी का चयन कर बैंक से ऋण प्राप्त करने के पश्चात् विभाग की वेबसाईटshramevjayate.cg.gov.in, Shramev Jayate Mobile App,  नजदीकी श्रम संसाधन केन्द्र, च्वाईस सेंटर अथवा  जिला श्रम कार्यालय बलौदा बाजार के कक्ष क्रमांक 117 में आकर आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं।

अब नहीं चलेगी देरी: श्रम विभाग को समयबद्ध तरीके से उपलब्ध करानी होगी जानकारी

श्रम विभाग में छत्तीसगढ़ लोक सेवा गारंटी अधिनियम समय सीमा में देनी होगी जानकारी  रायपुर, छत्तीसगढ़ लोक सेवा गारंटी अधिनियम, 2011 की धारा 3, 4, 5 एवं 7 द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग करते हुए तथा श्रम विभाग द्वारा कार्यालय का नाम, विभाग द्वारा उपलब्ध करायी जाने वाली सेवा, ऐसी सेवा प्रदान करने के लिए निश्चित की गई समय-सीमा के साथ, सेवा प्रदान करने वाले पदाभिहित अधिकारी (पद), सक्षम अधिकारी एवं अपीलीय प्राधिकारी का पदनाम, अधिसूचित किया है। छत्तीसगढ़ लोक सेवा गारंटी अधिनियम, 2011 के तहत सेवा जो प्रदाय की जानी है, श्रम विभाग द्वारा सेवा प्रदाय करने की समय-सीमा (कार्य दिवस) निर्धारित की गई है। इसी प्रकार सेवा प्रदाय करने वाला लोक प्राधिकारी (पद), सक्षम प्राधिकारी और अपीलीय प्राधिकारी नियुक्त किया गया है।

UPSC का सपना लेकर पहुंची छात्रा, कलेक्टर के एक वाक्य ने भर दी आंखें

बलरामपुर  छत्तीसगढ़ के बलरामपुर में एक लड़की यूपीएससी का सपना लेकर कलेक्टर से मिलने पहुंची थी। कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी कुछ काम में व्यस्त थीं। इसलिए लड़की को बाहर इंतजार करना पड़ा। कलेक्टर मीटिंग में जाने के लिए बाहर निकलीं और छात्रा के पास पहुंचीं तो वह भावुक हो गई। उसकी बातों को सुनकर उन्होंने मदद का भरोसा दिया है। कलेक्टर का कर रही थी इंतजार दरअसल, बलरामपुर जिले की रहने वाली महिमा प्रजापति अपने मन में कई सवाल और आंखों में प्रशासनिक सेवा में जाने का सपना लिए घंटों कलेक्ट्रेट परिसर में बैठी रहीं। उन्हें उम्मीद थी कि यदि एक बार कलेक्टर से मुलाकात हो जाए तो शायद उनकी पढ़ाई से जुड़ी परेशानी का समाधान निकल सके। मीटिंग के लिए जा रहीं थीं कलेक्टर इसी बीच कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी एक आवश्यक बैठक के लिए निकल रही थीं। उनकी नजर इंतजार कर रही छात्रा पर पड़ी। उन्होंने आगे बढ़कर महिमा से उसके आने का कारण पूछा। कलेक्टर के इस आत्मीय व्यवहार और अपनत्व को देखकर महिमा भावुक हो गईं और उनकी आंखें छलक उठीं। भावुक हो गई महिला कलेक्टर को अपने सामने देखकर महिमा प्रजापति भावुक हो गई। उसकी आंखों में आंसू आ गए। यह देखकर कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी ने उसे हौसला दिया और कहा कि परेशान मत हो। कलेक्टर मैम से मैं मिली हूं। मुझे यूपीएससी की तैयारी के लिए जिला ग्रंथालय से किताब उपलब्ध करवाएंगी। उनसे मिलकर बहुत अच्छा लगा।  महिमा प्रजापति, छात्रा यूपीएससी की तैयारी के लिए चाहिए किताब महिमा ने बताया कि वह संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की तैयारी कर रही हैं, लेकिन कुछ जरूरी पुस्तकों की कमी उनकी राह में बाधा बन रही है। छात्रा की बात सुनने के बाद कलेक्टर ने न केवल उसका हौसला बढ़ाया, बल्कि आवश्यक अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराने का आश्वासन भी दिया। सहजता के साथ सुनीं बातें महिमा ने कहा कि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि जिले की सबसे बड़ी प्रशासनिक अधिकारी इतनी सहजता से उनकी बात सुनेंगी। कलेक्टर से मिली प्रेरणा और सहयोग के आश्वासन ने उनके आत्मविश्वास को नई मजबूती दी है। यह मुलाकात सिर्फ एक अधिकारी और छात्रा के बीच की बातचीत नहीं थी, बल्कि एक ऐसे सपने को संबल देने की कहानी थी, जो संघर्षों के बीच भी मंजिल तक पहुंचने का हौसला रखता है। जिले में कलेक्टर की इस संवेदनशील पहल की सराहना हो रही है।

चार घोटालों से 4,000 करोड़ की अवैध कमाई का आरोप, ED ने कसी शिकंजा

रायपुर  शराब व डीएमएफ घोटाले और अन्य बड़े भ्रष्टाचार मामलों में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और राज्य आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने सामूहिक कार्रवाई की है। जांच एजेंसियों ने घोटाले के मुख्य सूत्रधार अनवर ढेबर और रिटायर्ड आईएएस अनिल टुटेजा के संगठित सिंडिकेट के खिलाफ शिकंजा कसते हुए अब तक 1,400 करोड़ से अधिक की चल-अचल संपत्तियां कुर्क की हैं। जांच एजेंसी ने अकेले शराब घोटाले में कुल 85 आरोपितों को नामजद किया है। इस सिंडिकेट ने सरकारी व्यवस्था को ढाल बनाकर शराब से ही 3,200 करोड़ से ज्यादा का अवैध कालाधन बटोरा था। जबकि कुल चार बड़े घोटाले में करीब 4,000 करोड़ रुपये की कमाई की है। जांच एजेंसियों के मुताबिक, अब तक दोनों आरोपियों और उनसे जुड़े लोगों की 1400 करोड़ रुपए से अधिक की चल-अचल संपत्तियां कुर्क की जा चुकी हैं। इसी के साथ जांच का भी दायिरा बढ़ा दिया गया है। ईडी की जांच में दावा किया गया है कि कांग्रेस शासनकाल के दौरान सक्रिय रहे इस कथित सिंडिकेट ने चार बड़े घोटालों के जरिए करीब 4,000 करोड़ रुपए की अवैध कमाई की। इनमें सबसे बड़ा शराब घोटाला बताया गया है। जांच एजेंसी के अनुसार सरकारी शराब दुकानों के माध्यम से अवैध रूप से कच्ची शराब बेचकर 3,200 करोड़ रुपए से अधिक का काला धन अर्जित किया गया। इस मामले में ईडी अब तक 85 लोगों को आरोपी बना चुकी है। ढेबर–टुटेजा घोटालों के मास्टरमाइंड जांच एजेंसियों के मुताबिक अनिल टुटेजा और अनवर ढेबर इस पूरे नेटवर्क के नीति-निर्धारक और प्रमुख संचालक थे। डीएमएफ (जिला खनिज न्यास) फंड घोटाले में पद का दुरुपयोग कर चाहेते ठेकेदारों को काम दिलाने और 25 से 40 प्रतिशत तक कमीशन लेने के आरोप लगाए गए हैं। ईडी के मुताबिक, गोवा का यह होटल शराब घोटाले की 110 करोड़ रुपये की काली कमाई से खरीदा गया था। सिंडिकेट से जुड़ी तीन सप्लायर कंपनियों,ओम साई बेवरेजेस, दिशिता वेंचर्स और नेक्सजेन पावर इंजीटेक के 51 करोड़ रुपये के बैंक खाते, शेयर और म्यूचुअल फंड फ्रीज किए गए हैं। इन कंपनियों से जबरन 50-60 प्रतिशत मुनाफा वसूला जाता था। केवल शराब घोटाले से ही 2,883 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध कमाई की गई। यह खेल नकली होलोग्राम वाली अवैध देसी शराब बेचने, डिस्टिलर्स से प्रति पेटी फिक्स कमीशन वसूलने और मनमाने लाइसेंस बांटकर खेला गया। उल्लेखनीय है कि प्रवर्तन निदेशालय ने रायपुर की विशेष पीएमएलए अदालत में मामले की छठी पूरक चार्जशीट 1 जून 2026 को दाखिल की है। इस छठी पूरक चार्जशीट में ईडी ने चार नए लोगों को आरोपित किया है, जिनमें व्यवसायी विजय भाटिया , टी. भुवनेश्वर राव, प्रोबीर शर्मा और निखिल चंद्राकर शामिल हैं। चार नए नामों के जुड़ने के बाद इस पूरे मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कुल आरोपितों की संख्या बढ़कर 85 हो गई है। जांच में कई अनियमितताएं उजागर इसके अलावा नकली होलोग्राम घोटाले में सुरक्षा मानकों की अनदेखी कर अवैध टेंडर दिए गए, जबकि प्लेसमेंट एजेंसियों के जरिए 183 करोड़ रुपए के ओवरटाइम भुगतान में गड़बड़ी सामने आई। जांच एजेंसियों ने कस्टम मिलिंग मामले में भी बड़ी वित्तीय अनियमितताओं का खुलासा किया है। इतने करोड़ की ये संपत्ति जब्त     बेनाम संपत्ति: 1110 करोड़     अन्य संपत्ति(प्लॉट, बेनामी जमीनें, शेल कंपनियां,होटल): 116 करोड़     बैंक खातों, शेयरों, म्यूचुअल फंड निवेश, नकदी, फिक्स्ड डिपॉजिट: 28 करोड़     अचल संपत्ति: 15.82 करोड़ रुपए मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जांच तेज ईडी ने दोनों आरोपियों के खिलाफ पीएमएलए के तहत चार्जशीट दाखिल कर दी है। अब विशेष अदालत में मनी लॉन्ड्रिंग मामलों की सुनवाई तेज होने की संभावना है। जांच एजेंसियां इस सिंडिकेट से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी पड़ताल कर रही हैं।

अब रजिस्ट्री के लिए रायपुर नहीं जाना पड़ेगा, धरसींवा में जून से शुरू होंगी सेवाएं

धरसींवा  धरसींवा विधानसभा क्षेत्र के ग्रामीणों को अब जमीन और संपत्ति की रजिस्ट्री के लिए रायपुर के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। छत्तीसगढ़ शासन ने धरसींवा ब्लॉक मुख्यालय में नवीन उप पंजीयक (उप रजिस्ट्रार) कार्यालय की स्थापना को मंजूरी देते हुए जून माह से इसके संचालन की उम्मीद।  क्षेत्रीय विधायक अनुज शर्मा के प्रयासों से शुरू होने जा रहे इस कार्यालय से क्षेत्र के 60 गांवों के हजारों ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर ही रजिस्ट्री और पंजीयन संबंधी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। विधायक बोले चुनाव में किये वादे पुरे किये जा रहे हैं विधायक अनुज शर्मा ने कहा कि धरसींवा मुख्यालय में उप पंजीयक कार्यालय की शुरुआत क्षेत्र के विकास और आम जनता की सुविधा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान जनता से किए गए वादे के अनुरूप अब लोगों को छोटे-छोटे शासकीय कार्यों के लिए राजधानी रायपुर नहीं जाना पड़ेगा। समय और पैसे दोनों की होगी बचत अब तक क्षेत्र के ग्रामीणों को जमीन-मकान की रजिस्ट्री सहित अन्य पंजीयन कार्यों के लिए रायपुर जाना पड़ता था। इससे उनका पूरा दिन खर्च होने के साथ आर्थिक बोझ भी बढ़ता था। नए कार्यालय के शुरू होने से लोगों को स्थानीय स्तर पर ही सुविधाएं मिलेंगी, जिससे समय, पैसा और श्रम तीनों की बचत होगी। विधायक ने बताया कि इस मांग को शासन स्तर पर लगातार उठाया गया था, जिसके बाद इसे स्वीकृति मिली। उन्होंने मुख्यमंत्री और राजस्व मंत्री के प्रति आभार भी व्यक्त किया। इन 60 गांवों को मिलेगा लाभ नए उप पंजीयक कार्यालय के अंतर्गत धरसींवा क्षेत्र के 60 गांवों को शामिल किया गया है। इनमें कुरा, भेरवा, पंडरभट्टा, मुरा, भैंसमुड़ा, बरतनारा, अकोली, मनोहरा, देवरी, मेहरशखा, कुकेरा, कुथरैल, मौहागांव, मलौद, सिलयारी, कुरूद, पथरी, तरेसर, मंगसा, पवनी, निलजा, तर्रा, बरबंदा, नेउरडीह, नगरगांव, टोर, गिधौरी, गोढ़ी, मोंहदी, रैता, धरसींवा, तिवरैया, परसतराई, सिलतरा, मुनरेठी, टाडा, मांढर, गिरौद, सौंढ़रा, बहेसर, चिखली, कुम्हारी, सारागांव, दौंदेकला, दौंदेखुर्द, जरौदा, छपोरा, भुरकोनी, टेकारी, चरौदा, बाना, कपसदा, धनेली, सांकरा, निमोरा, कन्हेरा, लालपुर, मटिया, कारा और बोरझरा शामिल हैं। ग्रामीणों में खुशी का माहौल कार्यालय की अधिसूचना जारी होने के बाद क्षेत्र के किसानों, ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों में खुशी का माहौल है। लंबे समय से लंबित इस मांग के पूरा होने को लोग बड़ी राहत के रूप में देख रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इससे प्रशासनिक सेवाएं गांवों के और करीब पहुंचेंगी तथा राजस्व संबंधी कार्यों में तेजी आएगी।  

नई पहचान पाएगा ऐतिहासिक पंडरीतराई तालाब, 3 फीट से 8 फीट तक किया जा रहा गहरीकरण

जगदलपुर जगदलपुर शहर के छत्रपति शिवाजी वार्ड स्थित करीब 100 साल पुराने पंडरीतराई तालाब का अब व्यापक जीर्णोद्धार किया जा रहा है। लगभग 78.71 लाख रुपए की लागत से चल रहे इस कार्य के तहत तालाब को नया स्वरूप दिया जाएगा। वर्तमान में तालाब की गहराई केवल 3 से 4 फीट रह गई थी, जिसे बढ़ाकर करीब 7 से 8 फीट किया जा रहा है। तालाब के चारों तरफ सुरक्षा के लिए बाउंड्री वॉल का निर्माण किया जाएगा, वहीं RCC कास्टिंग का कार्य भी किया जा रहा है। लोगों की सुविधा के लिए तालाब के तीन तरफ पाथवे विकसित किए जाएंगे। ये काम भी होंगे दो नए घाटों का निर्माण होगा, ताकि श्रद्धालु एवं स्थानीय लोग आसानी से जल ग्रहण और पूजा-पाठ कर सकें। परियोजना के तहत शौचालय और शेड का निर्माण भी किया जाएगा। साथ ही तालाब के संरक्षण और रखरखाव के लिए स्थानीय लोगों की एक समिति गठित करने की योजना है, जिससे भविष्य में इसकी स्वच्छता और देखरेख सुनिश्चित हो सके। मेयर बोले- लोगों को मिलेगा लाभ नगर निगम के महापौर संजय पांडेय ने निर्माण कार्य का निरीक्षण करते हुए कहा कि पंडरीतराई तालाब सालों से क्षेत्र की आस्था और सामाजिक गतिविधियों का केंद्र रहा है। इसके जीर्णोद्धार से न केवल पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि आसपास के नागरिकों को भी बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। उन्होंने कहा कि तालाब का विकास होने से क्षेत्र का सौंदर्य बढ़ेगा और लोगों को स्वच्छ-सुरक्षित सार्वजनिक स्थल उपलब्ध होगा। यह तालाब पहले 1 एकड़ में फैला था, लेकिन अब 2 एकड़ में फैल गया है। महापौर ने बताया कि यह क्षेत्र पहले ग्रामीण परिवेश का हिस्सा रहा है और यहां लंबे समय से धार्मिक-सामाजिक कार्यक्रम आयोजित होते रहे हैं।

रायगढ़ में देर रात बरसे बादल, तेज हवाओं और बारिश के साथ मौसम विभाग की चेतावनी

रायपुर  दक्षिण-पश्चिम मानसून ने गुरुवार 4 जून को केरल में दस्तक दे दी है। सामान्य तौर पर मानसून 1 जून तक केरल पहुंच जाता है, लेकिन इस बार इसकी एंट्री तीन दिन देरी से हुई। छत्तीसगढ़ में फिलहाल मानसून नहीं पहुंचा है। हालांकि मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों तक प्रदेश के अलग-अलग इलाकों में गरज-चमक, बिजली गिरने और 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के अनुसार पिछले 24 घंटे में प्रदेश के अधिकतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ, जबकि न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई। रायपुर और राजनांदगांव प्रदेश के सबसे गर्म शहर रहे, जहां अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। वहीं सबसे कम न्यूनतम तापमान 23.3 डिग्री सेल्सियस अंबिकापुर में दर्ज हुआ। प्रदेश में पिछले 24 घंटे के दौरान केवल हल्की बारिश दर्ज की गई। छोटेडोंगर, मैनपाट और अंबिकापुर में 10-10 मिमी वर्षा रिकॉर्ड हुई। अगले 24 घंटे कैसा रहेगा मौसम मौसम विभाग के मुताबिक आज (शुक्रवार) प्रदेश के कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। कई जिलों में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। यही स्थिति अगले दो दिनों तक भी बनी रह सकती है। रायपुर में धूलभरी आंधी और बारिश के संकेत रायपुर में बादल छाए रहने, गरज-चमक, बारिश और धूलभरी आंधी की संभावना जताई गई है। शहर का अधिकतम तापमान 42 डिग्री और न्यूनतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। अगले सप्ताह से शुरू हो सकती है मानसूनी एक्टिविटी हालांकि अभी छत्तीसगढ़ में मानसून की सीधी एंट्री नहीं हुई है, लेकिन बंगाल की खाड़ी में मानसून की तेज प्रगति को देखते हुए प्रदेश में अगले एक सप्ताह के दौरान प्री-मानसून गतिविधियों में और बढ़ोतरी हो सकती है।

मुआवजा घोटाले की रकम शेयर बाजार और म्यूचुअल फंड में लगाई, ED ने कारोबारी पर कसा शिकंजा

रायपुर  भारतमाला हाईवे भूमि अधिग्रहण मुआवजा घोटाला में ईडी ने बड़ी कार्रवाई की है और जय प्रकास गांधी को गिरफ्तार किया है. आरोपी को 3 जून 2026 को धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत गिरफ्तार किया गया है. जय प्रकाश छत्तीसगढ़ के रायपुर जिले के अभनपुर का निवासी हैं।  ED ने यह जांच छत्तीसगढ़ ACB/EOW द्वारा दर्ज FIR के आधार पर शुरू की थी। मामला भारतमाला परियोजना के तहत रायपुर-विशाखापट्टनम आर्थिक गलियारे (Economic Corridor) के लिए अधिग्रहित भूमि के मुआवजे के वितरण में कथित अनियमितताओं और धोखाधड़ी से जुड़ा है।  हाईवे क्षेत्र में आने वाली भूमि को छोटे क्षेत्रों में किया विभाजित जांच में सामने आया कि जय प्रकाश गांधी ने अपने परिवार के सदस्यों और कुछ लोक सेवकों के साथ मिलकर अधिसूचित हाईवे क्षेत्र में आने वाली भूमि को जानबूझकर 500 वर्ग मीटर से कम आकार के छोटे-छोटे प्लॉटों में विभाजित किया. आरोप है कि यह कदम भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) से अधिक मुआवजा प्राप्त करने के उद्देश्य से उठाया गया था।  ईडी ने आरोपी को धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) 2002 के तहत 3 जून को गिरफ्तार किया।मामले में करोड़ों रुपए के मुआवजा घोटाले और मनी लॉन्ड्रिंग की जांच जारी है। वहीं, कारोबारी पर आरोप है कि उसने 56 लाख की जमीन पर 9.83 करोड़ का मुआवजा लिया और घोटाले से मिले पैसे को छिपाने के लिए उसे शेयर बाजार, म्यूचुअल फंड और अन्य वित्तीय साधनों में निवेश किया गया। इसे मनी लॉन्ड्रिंग की प्रक्रिया का हिस्सा माना जा रहा है। ACB/EOW की दर्ज एफआईआर के आधार पर जांच ईडी की जांच छत्तीसगढ़ ACB/EOW की दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू हुई थी। यह मामला भारतमाला परियोजना के तहत रायपुर-विशाखापट्टनम आर्थिक कॉरिडोर के लिए अधिग्रहित भूमि के मुआवजा वितरण में कथित अनियमितताओं और धोखाधड़ी से जुड़ा है। अफसरों के साथ मिलकर रची साजिश जांच एजेंसी के मुताबिक जय प्रकाश गांधी ने अपने परिवार के सदस्यों और कुछ अफसरों के साथ मिलकर साजिश रची। आरोप है कि हाईवे अलाइनमेंट में आने वाली भूमि को खरीदने के बाद उसे 500 वर्गमीटर से कम के छोटे-छोटे टुकड़ों में बांटा गया। ऐसा इसलिए किया गया, ताकि एनएचएआई से अधिक दर पर मुआवजा मिल सके। 9 करोड़ 83 लाख हासिल किया ईडी के मुताबिक इस कथित फर्जीवाड़े के जरिए आरोपी और उसके परिवार ने करीब 9 करोड़ 83 लाख रुपए का मुआवजा हासिल किया। जबकि नियमों के अनुसार उन्हें केवल 56 लाख 76 हजार रुपए ही मिलने थे। जांच में सामने आया है कि इस तरह लगभग 9 करोड़ 27 लाख रुपए की अवैध आय अर्जित की गई। शेयर बाजार-म्यूचुअल फंड में इन्वेस्ट किए पैसे जांच एजेंसी का दावा है कि घोटाले से मिले पैसे को छिपाने के लिए उसे शेयर बाजार, म्यूचुअल फंड और अन्य वित्तीय साधनों में निवेश किया गया। इसे मनी लॉन्ड्रिंग की प्रक्रिया का हिस्सा माना जा रहा है। इससे पहले 28 अप्रैल 2026 को ईडी ने रायपुर, अभनपुर और धमतरी जिले में कई ठिकानों पर छापेमारी की थी। कार्रवाई के दौरान महत्वपूर्ण दस्तावेज, डिजिटल उपकरण और अन्य सबूत जब्त किए गए थे। गिरफ्तार आरोपी को विशेष पीएमएलए न्यायालय रायपुर में पेश किया गया, जहां से ईडी को तीन दिन की रिमांड मिली है। एजेंसी अब इस मामले में अन्य लाभार्थियों, बिचौलियों और संबंधित अधिकारियों की भूमिका की भी जांच कर रही है। जानिए कैसे हुआ घोटाला ? भारत-माला प्रोजेक्ट में जमीन अधिग्रहण मामले में 43 करोड़ का घोटाला हुआ है। जमीन को टुकड़ों में बांटकर NHAI को 78 करोड़ का भुगतान दिखाया गया। SDM, पटवारी और भू-माफिया के सिंडिकेट ने बैक डेट पर दस्तावेज बनाकर घोटाले को अंजाम दिया। इस केस में दैनिक भास्कर डिजिटल में खबर छपने के बाद कोरबा डिप्टी कलेक्टर शशिकांत कुर्रे को सस्पेंड किया गया था। इसके पहले जगदलपुर निगम कमिश्नर निर्भय साहू को सस्पेंड किया गया था। शशिकांत और निर्भय पर जांच रिपोर्ट तैयार होने के 6 महीने बाद कार्रवाई हुई थी। निर्भय कुमार साहू सहित 5 अधिकारी-कर्मचारियों पर 43 करोड़ 18 लाख रुपए से ज्यादा राशि की गड़बड़ी का आरोप है। 9.27 करोड़ रुपए की अर्जित की अवैध आय ED के अनुसार इस कथित फर्जीवाड़े के जरिए आरोपी और उसके परिवार ने लगभग 9.83 करोड़ रुपए का मुआवजा प्राप्त किया, जबकि वैध रूप से देय राशि केवल 56.76 लाख रुपए थी. इस प्रकार लगभग 9.27 करोड़ रुपए की अवैध आय अर्जित की गई. जांच में यह भी पता चला है कि इस अवैध धन को शेयरों, म्यूचुअल फंड और अन्य वित्तीय साधनों में निवेश कर छिपाने और वैध दिखाने की कोशिश की गई. इससे पहले 28 अप्रैल 2026 को ED ने रायपुर, अभनपुर और धमतरी में कई ठिकानों पर छापेमारी की थी. तलाशी के दौरान कई अहम दस्तावेज, डिजिटल उपकरण और अन्य साक्ष्य बरामद कर जब्त किए गए थे।  कोर्ट ने आरोपी को 3 दिन की हिरासत में भेजा गिरफ्तार आरोपी जय प्रकाश गांधी को रायपुर की विशेष PMLA अदालत में पेश किया गया, जहां अदालत ने उसे तीन दिन की ED हिरासत में भेज दिया. ED ने कहा है कि मामले की जांच जारी है और इस साजिश में शामिल अन्य लाभार्थियों, बिचौलियों तथा लोक सेवकों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। 

रायगढ़ में देर रात बरसे बादल, तेज हवाओं और बारिश के साथ मौसम विभाग की चेतावनी

रायपुर  दक्षिण-पश्चिम मानसून ने गुरुवार 4 जून को केरल में दस्तक दे दी है। सामान्य तौर पर मानसून 1 जून तक केरल पहुंच जाता है, लेकिन इस बार इसकी एंट्री तीन दिन देरी से हुई। छत्तीसगढ़ में फिलहाल मानसून नहीं पहुंचा है। हालांकि मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों तक प्रदेश के अलग-अलग इलाकों में गरज-चमक, बिजली गिरने और 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के अनुसार पिछले 24 घंटे में प्रदेश के अधिकतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ, जबकि न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई। रायपुर और राजनांदगांव प्रदेश के सबसे गर्म शहर रहे, जहां अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। वहीं सबसे कम न्यूनतम तापमान 23.3 डिग्री सेल्सियस अंबिकापुर में दर्ज हुआ। प्रदेश में पिछले 24 घंटे के दौरान केवल हल्की बारिश दर्ज की गई। छोटेडोंगर, मैनपाट और अंबिकापुर में 10-10 मिमी वर्षा रिकॉर्ड हुई। अगले 24 घंटे कैसा रहेगा मौसम मौसम विभाग के मुताबिक आज (शुक्रवार) प्रदेश के कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। कई जिलों में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। यही स्थिति अगले दो दिनों तक भी बनी रह सकती है। रायपुर में धूलभरी आंधी और बारिश के संकेत रायपुर में बादल छाए रहने, गरज-चमक, बारिश और धूलभरी आंधी की संभावना जताई गई है। शहर का अधिकतम तापमान 42 डिग्री और न्यूनतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। अगले सप्ताह से शुरू हो सकती है मानसूनी एक्टिविटी हालांकि अभी छत्तीसगढ़ में मानसून की सीधी एंट्री नहीं हुई है, लेकिन बंगाल की खाड़ी में मानसून की तेज प्रगति को देखते हुए प्रदेश में अगले एक सप्ताह के दौरान प्री-मानसून गतिविधियों में और बढ़ोतरी हो सकती है।