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यूज न किया गया डेटा रात 12 बजे ही क्यों खत्म होता है? राघव चड्ढा ने उठाई आवाज

नई दिल्ली राज्यसभा सांसद और आम आदमी पार्टी के नेता राघव चड्ढा ने टेलीकॉम कंपनियों की विवादास्पद नीति पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने एक ट्वीट में कहा कि मोबाइल रिचार्ज प्लान में डेली डेटा लिमिट जैसे 1.5 जीबी, 2 जीबी या 3 जीबी प्रतिदिन दिए जाते हैं, जो हर 24 घंटे में रीसेट हो जाते हैं। उपयोग न होने वाला डेटा आधी रात को समाप्त हो जाता है, भले ही उपभोक्ता ने उसके लिए पूरा पेमेंट कर दिया हो। उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि अगर कोई व्यक्ति 2 जीबी का प्लान लेता है और सिर्फ 1.5 जीबी इस्तेमाल करता है, तो बाकी 0.5 जीबी बिना किसी रिफंड या रोलओवर के खत्म हो जाता है। राघव चड्ढा ने इसे संयोग नहीं, बल्कि सोची-समझी नीति करार दिया, जिसमें उपभोक्ताओं को अनावश्यक रूप से डेटा इस्तेमाल करने के लिए मजबूर किया जाता है, नहीं तो वह बर्बाद हो जाता है। यह मुद्दा करोड़ों भारतीय उपभोक्ताओं से जुड़ा है, क्योंकि ज्यादातर लोग प्रीपेड प्लान पर निर्भर हैं। टेलीकॉम कंपनियां जैसे जियो, एयरटेल और वोडाफोन-आइडिया दैनिक डेटा कोटा लागू करती हैं, जो मध्यरात्रि पर रीसेट होता है। इससे कई बार छात्र, कामकाजी लोग और ग्रामीण क्षेत्रों के उपयोगकर्ता प्रभावित होते हैं, जो कम डेटा इस्तेमाल करते हैं लेकिन पूरा भुगतान करते हैं। राघव चड्ढा ने संसद में इस मुद्दे को उठाया और सवाल किया कि भुगतान किया हुआ डेटा क्यों जब्त किया जाता है? उन्होंने मांग की कि बचे डेटा को अगले चक्र में ट्रांसफर किया जाना चाहिए, ताकि उपभोक्ता अपनी मेहनत की कमाई से की गई खरीद का पूरा लाभ उठा सकें। चड्ढा का यह बयान उपभोक्ता अधिकारों की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। उन्होंने इसे डिजिटल लूट जैसा बताया, जहां कंपनियां जानबूझकर ऐसे नियम बनाती हैं जो उनके मुनाफे को बढ़ाते हैं लेकिन आम आदमी को नुकसान पहुंचाते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि डेटा रोलओवर की सुविधा लागू करने से उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी और कंपनियों पर भी ज्यादा बोझ नहीं पड़ेगा, क्योंकि औसत उपयोग से कम डेटा ही बचेगा। यह नीति विदेशों में कई देशों में पहले से लागू है, जहां अप्रयुक्त डेटा अगले महीने या साल में कैरी फॉरवर्ड होता है। इस मुद्दे पर अब बहस तेज हो गई है। राघव चड्ढा की मांग है कि सरकार और ट्राई इस पर विचार करें और उपभोक्ता हित में नियमों में बदलाव लाएं। अगर डेली डेटा रोलओवर लागू होता है, तो लाखों-करोड़ों रुपये उपभोक्ताओं की जेब में बच सकते हैं।  

Economic Survey में खुलासा: दिल्ली में प्रति व्यक्ति आय 5.31 लाख से ज्यादा रहने का अनुमान

नई दिल्ली दिल्ली सरकार ने सोमवार को आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 जारी किया है, जो इस शृंखला का 17वां संस्करण है। यह सर्वेक्षण दिल्ली को विश्व स्तरीय, समावेशी, न्यायपूर्ण और रहने योग्य शहर बनाने की दिशा में सरकार के प्रयासों को रेखांकित करता है, जहां नागरिकों की आकांक्षाओं को पूरा करने पर जोर दिया गया है। अग्रिम अनुमानों के मुताबिक, वित्त वर्ष 2025-26 में दिल्ली का सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) मौजूदा कीमतों पर करीब 13 लाख 27 हजार करोड़ रुपए पहुंचने की उम्मीद है। यह 2024-25 की तुलना में 9.42 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि दर्शाता है।  इसी तरह प्रति व्यक्ति आय मौजूदा कीमतों पर लगभग 5 लाख 31 हजार 610 रुपए अनुमानित है, जो पिछले साल से 7.92 प्रतिशत अधिक है। दिल्ली की प्रति व्यक्ति आय राष्ट्रीय औसत से करीब 2.5 गुना ज्यादा रहने का अनुमान है, जो शहर की मजबूत आर्थिक स्थिति को दिखाता है। दिल्ली की अर्थव्यवस्था में सेवा क्षेत्र का दबदबा बना हुआ है। सकल राज्य मूल्य वर्धन (जीएसवीए) में इसका योगदान 86.32 प्रतिशत है। इसके बाद द्वितीयक क्षेत्र (उद्योग आदि) का 12.88 प्रतिशत और प्राथमिक क्षेत्र (कृषि आदि) का महज 0.80 प्रतिशत योगदान है। सेवा क्षेत्र की वजह से दिल्ली की अर्थव्यवस्था तेजी से बढ़ रही है। सरकार ने राजस्व अधिशेष की परंपरा बरकरार रखी है। 2025-26 के बजट अनुमान (बीई) में राजस्व अधिशेष 9,661.31 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है, जो जीएसडीपी का 0.73 प्रतिशत है। कर संग्रह में पिछले साल की तुलना में 15.54 प्रतिशत की बढ़ोतरी का लक्ष्य रखा गया है। 2025-26 का कुल बजट 1 लाख करोड़ रुपए का था, जिसमें से 59,300 करोड़ रुपए सरकार की विभिन्न योजनाओं, कार्यक्रमों और परियोजनाओं के लिए आवंटित किए गए। यह 2024-25 के बजट अनुमान (39,000 करोड़) से 20,300 करोड़ रुपए अधिक है। बजट आवंटन में परिवहन क्षेत्र को सबसे ज्यादा महत्व दिया गया है, जिसे कुल आवंटन का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा मिला। इसके बाद सामाजिक सुरक्षा और कल्याण (17 प्रतिशत), जल आपूर्ति एवं स्वच्छता (15 प्रतिशत), शिक्षा (13 प्रतिशत) और स्वास्थ्य (12 प्रतिशत) क्षेत्रों को प्राथमिकता दी गई है। महंगाई के मोर्चे पर भी दिल्ली में दबाव दिखा है। औद्योगिक श्रमिकों के लिए वार्षिक औसत उपभोक्ता मूल्य सूचकांक 2024 में 132.5 से बढ़कर 2025 में 139.4 हो गया, जो 4.9 प्रतिशत की वृद्धि है। कुल मिलाकर दिल्ली की अर्थव्यवस्था मजबूत गति से आगे बढ़ रही है। सेवा क्षेत्र की अगुवाई, राजस्व अधिशेष और विकास परियोजनाओं पर फोकस से शहर की आर्थिक स्थिति मजबूत बनी हुई है। सरकार का लक्ष्य दिल्ली को और अधिक समृद्ध, समावेशी और वैश्विक स्तर का शहर बनाना है।

4 विधायकों के निलंबन पर बवाल: आतिशी सरकार को मिली बड़ी चेतावनी

नई दिल्ली दिल्ली विधानसभा की नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने चेतावनी दी है कि यदि आम आदमी पार्टी के चार विधायकों संजीव झा, कुलदीप कुमार, सोमदत्त और जरनैल सिंह का निलंबन रद्द नहीं हुआ तो पार्टी आगामी बजट सत्र का पूर्ण बहिष्कार करेगी। उन्होंने सत्तारूढ़ भाजपा पर विशेषाधिकार हनन नोटिस और निलंबन के जरिए विपक्ष की आवाज दबाने का आरोप लगाया है। आतिशी के अनुसार, विधायकों को आधिकारिक समूहों से हटाना और समिति की बैठकों में न बुलाना असंवैधानिक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि सदन में लोकतांत्रिक मर्यादा का पालन नहीं हुआ और विधायकों का प्रवेश सुनिश्चित नहीं किया गया तो पार्टी जनता के साथ सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करेगी। आम आदमी पार्टी की आवाज दबाने का लगाया आरोप सोमवार से शुरू होने वाले सत्र से पहले आतिशी ने एक संवाददाता सम्मेलन में भाजपा पर विशेषाधिकार उल्लंघन के नोटिस और निलंबन के माध्यम से आम आदमी पार्टी की आवाज दबाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यदि विधानसभा अध्यक्ष की ओर से आम आदमी पार्टी के चार विधायकों का निलंबन रद्द नहीं किया गया तो उनकी पार्टी बजट सत्र का बहिष्कार करेगी। विधायकों के आधिकारिक व्हाट्सएप ग्रुप से भी निकाला आतिशी ने बताया कि पिछले सत्र के दौरान AAP के चार विधायकों को निलंबित कर दिया गया था और उन्हें दिल्ली के विधायकों के आधिकारिक व्हाट्सएप ग्रुप से भी बाहर कर दिया गया था। दिल्ली विधानसभा की लोक लेखा समिति के सदस्य और आम आदमी पार्टी के विधायक कुलदीप कुमार को न तो समिति की बैठकों में आमंत्रित किया गया और न ही उन्हें समिति की मसौदा रिपोर्ट भेजी गई। …तो AAP का कोई विधायक बजट सत्र में नहीं होगा शामिल आतिशी ने चेतावनी दी कि यदि संजीव झा, कुलदीप कुमार, सोमदत्त और जरनैल सिंह समेत आम आदमी पार्टी के चार विधायकों का असंवैधानिक निलंबन वापस नहीं लिया गया तो आम आदमी पार्टी का कोई भी विधायक अगले बजट सत्र में शामिल नहीं होगा। दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि उन्हें अकेले ही विशेषाधिकार उल्लंघन के चार नोटिस दिए गए हैं। आज  से शुरू होगा दिल्ली का बजट सत्र आतिशी ने कहा कि अगर स्पीकर उसके चार विधायकों का निलंबन वापस नहीं लेते हैं तो आम आदमी पार्टी बजट सत्र का बहिष्कार करेगी। यदि विपक्ष की आवाज दबाई गई तो आम आदम पार्टी लाखों लोगों के साथ उनके निर्वाचन क्षेत्रों की सड़कों पर उतरेगी। दिल्ली विधानसभा में सत्तारूढ़ भाजपा के 48 विधायक हैं, जबकि मुख्य विपक्षी दल AAP के 22 विधायक हैं। दिल्ली विधानसभा का बजट सत्र सोमवार को आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट पेश होने के साथ शुरू होगा।

सड़क निर्माण में पारदर्शिता: PWD लगाएगा QR कोड बोर्ड, नागरिकों को मिलेगा सीधा अधिकार

नई दिल्ली पारदर्शिता, जवाबदेही और जन-भागीदारी को मजबूत करने की दिशा में एक कदम उठाते हुए लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने दिल्ली की उन सभी सड़कों पर क्यूआर/बार कोड युक्त डिस्प्ले बोर्ड लगाने की शुरुआत करने जा रही है, जहां पर सड़कों को फिर से बनाने यानी सड़कों की स्ट्रेंथनिंग और री-कार्पेटिंग का कार्य किया जा रहा है। इस पहल के माध्यम से अब नागरिकों को सिर्फ जानकारी ही नहीं मिलेगी, बल्कि सीधे अपनी प्रतिक्रिया देने का अवसर भी मिलेगा। क्यूआर कोड से मिलेंगी कैसी जानकारियां? नए निर्देशों के अनुसार किसी भी सड़क कार्य के पूरा होने के सात दिनों के भीतर बस क्यू शेल्टर व प्रमुख चौराहों और अधिक भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर ये डिस्प्ले बोर्ड लगाए जाएंगे, ताकि अधिकतम लोगों तक इसकी पहुंच सुनिश्चित हो सके। इन क्यूआर/बार कोड को स्कैन करने पर नागरिकों को संबंधित परिियोजना की पूरी जानकारी मिलेगी, जिसमें सड़क का नाम और लंबाई, अंतिम स्ट्रेंथनिंग की तारीख, ठेकेदार/एजेंसी का विवरण, स्वीकृत लागत जैसी महत्वपूर्ण जानकारियां शामिल होंगी। 600 किलोमीटर सड़कें बनेंगी नई स्कीम से इसके साथ ही क्यूआर सिस्टम में एक इंटीग्रेटेड फीडबैक मैकेनिज्म भी जोड़ा गया है, जिसके माध्यम से नागरिक सड़क कार्य की गुणवत्ता को लेकर अपनी शिकायत, सुझाव या अनुभव सीधे विभाग तक पहुंचा सकेंगे। यहां बता दें कि दिल्ली सरकार ने इस योजना के बारे में कुछ माह पहले घोषणा की थी, जिस पर अब काम शुरू होने जा रहा है। पीडब्ल्यूडी के पास 1440 किलोमीटर लंबी सड़कों हैं, जिनमें से 600 किलोमीटर सड़कों को नई स्कीम के तहत बनाया जाना है। यह पहल जन-भागीदारी की दिशा में अहम कदम-प्रवेश वर्मा "पारदर्शिता का मतलब सिर्फ जानकारी देना नहीं, बल्कि लोगों की बात सुनना भी है। इस पहल के माध्यम से नागरिक न केवल सड़क कार्यों की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे, बल्कि अपनी प्रतिक्रिया भी सीधे दे सकेंगे। इससे व्यवस्था अधिक जवाबदेह और संवेदनशील बनेगी। सभी डिस्प्ले बोर्ड के लिए एक समान डिजाइन और सख्त मेंटेनेंस प्रोटोकाल तय किए हैं। सभी डिवीजनों को निर्देश दिए गए हैं कि बोर्ड स्पष्ट रूप से दिखाई दें, क्यूआर कोड हर समय कार्यरत रहें और किसी भी नए कार्य के बाद जानकारी तुरंत अपडेट की जाए।"  

दिल्ली HC का आदेश: उत्तम नगर में ईद से रामनवमी तक पुलिस रखे विशेष चौकसी

नई दिल्ली दिल्ली हाई कोर्ट ने ईद के मौके पर शहर के उत्तम नगर इलाके में हिंसा की आशंका को देखते हुए पुलिस को वहां पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही अदालत ने पुलिस को वहां रामनवमी के त्योहार तक इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए भी कहा है। हाई कोर्ट ने इस मामले में पुलिस को एक नोटिस जारी करते हुए उससे जवाब तलब भी किया है।। हाई कोर्ट ने यह निर्देश उत्तम नगर में रहने वाले मुस्लिमों को ईद के त्योहार पर दी जा रही 'खून की होली' खेलने की धमकियों के बीच दायर एक याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए। इस मामले की अगली सुनवाई अब 6 अप्रैल को होगी। 'बार एंड बेंच' की रिपोर्ट के अनुसार गुरुवार को हुई सुनवाई के दौरान उच्च न्यायालय ने अधिकारियों से कहा, 'पुलिस की व्यवस्था से सभी में सुरक्षा की भावना पैदा होनी चाहिए। इस बात को सुनिश्चित करें कि कोई भी किसी तरह की गलत हरकत ना कर सके।' साथ ही उत्तम नगर इलाके में किसी भी अप्रिय या अवांछित स्थिति को रोकने के लिए अदालत ने अधिकारियों से सभी आवश्यक कदम उठाने को भी कहा। सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की एक डिवीजन बेंच ने दिल्ली पुलिस द्वारा इलाके में की गई सुरक्षा व्यवस्थाओं का संज्ञान लिया, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि ईद बिना किसी अप्रिय घटना के शांतिपूर्वक संपन्न हो जाए। इस दौरान कोर्ट ने इलाके की पुलिस और स्थानीय प्रशासन को निर्देश देते हुए उन सभी जरूरी कदमों को उठाने के लिए कहा, जिनसे इलाके में ईद के दिन सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित हो सके, साथ ही इलाके में कोई अप्रिय स्थिति ना बने। बता दें कि दिल्ली के उत्तम नगर में होली के दिन हुए विवाद में हिंदू युवक तरुण की मौत हो गई थी, जिसके बाद से ही इलाके का सांप्रदायिक माहौल ठीक नहीं चल रहा है। वहीं अब ईद का त्योहार करीब आने पर कुछ लोगों ने माहौल खराब करने की कोशिश करते हुए मुस्लिम समुदाय के लोगों को ‘खून की होली खेलने’ जैसी धमकियां दी हैं। जिसके बाद उत्तम नगर में रहने वाले मुस्लिम परिवारों में खौफ का माहौल है और वो अपने घर छोड़-छोड़कर भाग रहे हैं। दरअसल उत्तम नगर के हस्तसाल गांव में रहने वाले कई मुस्लिम परिवार ईद से पहले इस खून की होली वाली धमकी मिलने के बाद और स्थिति समान्य होने तक यहां से चले जाने की सोच रहे हैं। बातचीत में ऐसे कई परिवारों ने अपनी मंशा जाहिर की है। इनका कहना है कि होली पर 26 साल के युवक की हत्या के बाद अलग-अलग समुदायों से जुड़े धार्मिक समूहों ने जिस तरह धमकियां दीं उससे माहौल बहुत डरावना हो गया है। इस बीच दिल्ली पुलिस ने कहा है कि वे स्थानीय लोगों के साथ बैठकें कर रहे हैं और किसी ने उन्हें इस तरह की योजना के बारे में नहीं बताया है।

दिल्ली हाईकोर्ट में केजरीवाल की अपील मंजूर, जस्टिस शर्मा बोलीं- पहले जवाब आने दें

नई दिल्ली दिल्ली हाई कोर्ट ने कथित शराब घोटाले से जुड़े केस में अरविंद केजरीवाल समेत अन्य आरोपियों की उस मांग को स्वीकार कर लिया है, जिसमें उन्होंने प्रवर्तन निदेशालय (ED) की याचिका के खिलाफ जवाब दाखिल करने की मांग की है। ईडी की ओर से इसका विरोध किया गया, लेकिन जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने आरोपियों को समय देते हुए कहा कि 2 अप्रैल तक जवाब आने दीजिए। दरअसल, ट्रायल कोर्ट ने कथित शराब घोटाले से जुड़े सीबीआई केस में पिछले दिनों अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया समेत सभी 23 आरोपियों को आरोपमुक्त कर दिया था। अदालत ने जांच को लेकर कई तीखी टिप्पणियां भी की थीं। इन टिप्पणियों पर रोक की मांग करते हुए सीबीआई के बाद ईडी ने भी हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा की अदालत में ईडी की तरफ से एएसजी एसवी राजू पेश हुए। आरोपियों की ओर से पेश हुए कुछ वकीलों ने जवाब दाखिल करने के लिए और समय की मांग की जबकि ईडी ने कहा कि इसकी आवश्यकता नहीं है। अदालत ने और क्या कहा? अदालत ने प्रतिवादियों के वकीलों से कहा, ‘मुझे समझ नहीं आ रहा है। यहां एक एजेंसी है जो कहती है कि जज ने क्षेत्राधिकार को पार किया। मैंने उन्हें कहा कि मैं भी इस तरह टिप्पणियां करती हूं। मेरा विचार था कि मुझे यह तय करना है कि उन्होंने क्षेत्राधिकार का उल्लंघन किया या नहीं। आप कह रहे हैं कि आप जवाब देंगे। अब आप कहते हैं कि आपको 600 पन्ने पढ़ने के लिए समय चाहिए। आपको एक सप्ताह और चाहिए, आप एक सप्ताह और लीजिए।’ 2 अप्रैल तक टल गई सुनवाई ईडी ने कहा कि वे केवल सुनवाई में देरी करना चाहते हैं। इस पर अदालत ने सभी को एक कॉपी देने का आदेश देकर लंच के बाद दोबारा सुनवाई की बात कही। बाद में जब दोबारा सुनवाई हुई तो एसवी राजू ने कहा कि उनकी प्रार्थना का प्रतिवादियों से कोई लेनादेना नहीं है। बेंच ने ईडी के विरोध को दरकिनार करते हुए कहा, 'हम 2 अप्रैल को इसकी सुनवाई करेंगे। यह बहुत कम समय है, उन्हें जवाब दाखिल करने दीजिए। 2 अप्रैल तक कुछ नहीं होगा, कोई बात नहीं जवाब आने दीजिए।'

आंधी-बारिश का असर: दिल्ली-NCR में ट्रैफिक प्रभावित, रेवाड़ी में गिरे ओले

नई दिल्ली दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, फरीदाबाद और गुरुग्राम सहित एनसीआर क्षेत्र में बुधवार शाम को अचानक मौसम का मिजाज बदल गया। आंधी और गरज के साथ बूंदाबांदी का दौर शुरू हो गया। जानकारी के मुताबिक, 50 किमी/घंटा की रफ्तार से हवा चल रही है और बिजली कड़क रही है। इससे सड़कों पर वाहनों के पहिए थम गए और मेट्रो भी लेट चल रही है।  इससे शाम को दफ्तर से घर जाने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।   रेवाड़ी शहर में तेज वर्षा के साथ ओलावृष्टि हुई।  पूर्वी दिल्ली की पटपड़गंज रोड पर लक्ष्मी मार्केट के पास होती वर्षा। गुरुग्राम में सुबह कोहरा, शाम को धूलभरी हवा के साथ हुई बूंदाबांदी साइबर सिटी में बुधवार को मौसम ने दिनभर कई रंग बदले। हवा में नमी के कारण सुबह के समय हल्का कोहरा छाया रहा, जिससे दृश्यता पर मामूली असर पड़ा और लोगों को ठंडक का अहसास हुआ। जैसे-जैसे दिन चढ़ा, दोपहर तक आसमान में बादल छाने लगे, हालांकि बीच-बीच में धूप भी निकलती रही। बदलते मौसम के बीच अधिकतम तापमान 31.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से थोड़ा कम रहा, जबकि न्यूनतम तापमान 15.0 डिग्री सेल्सियस रहा। पूरे जिले में मौसम बदल गया। कहीं पर बूंदाबांदी तो कहीं पर तेज हवा चलने से किसानों की भी चिंता बढ़ गई। इन दिनों खेतों में फसल कटाई का सीजन है। शाम होते-होते मौसम ने अचानक करवट ली। शाम करीब 6:30 बजे तेज धूलभरी हवा चलने लगी, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। इसके बाद हल्की बूंदाबांदी शुरू हो गई, जिससे वातावरण में ठंडक और बढ़ गई। दिनभर की गर्माहट के बाद आई इस बूंदाबांदी ने मौसम को सुहावना बना दिया और तापमान में गिरावट दर्ज की गई। दिल्ली में कल कैसा रहेगा मौसम? मौसम विभाग के मुताबिक, दिल्ली-एनसीआर में गुरुवार और शुक्रवार के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। सुबह और शाम के समय हल्की बारिश और बिजली कड़कने की संभावना है। साथ ही 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज झोंकेदार हवा की संभावना है।  इसके चलते तापमान में और गिरावट आ सकती है तथा मौसम ठंडा बना रह सकता है। मौसम के इस बदलाव ने एक ओर जहां गर्मी से राहत दी है, वहीं तेज हवाओं और धूलभरी आंधी ने कुछ देर के लिए जनजीवन को प्रभावित भी किया। बूंदाबांदी के बाद मौसम सुहाना हो गया और लोगों ने राहत महसूस की।  

पालम में बिल्डिंग में आग लगने से 8 की मौत, घर में कितने लोग थे और कैसे मची आपात स्थिति?

नई दिल्ली  इंदौर के बाद आज दिल्ली में आग ने कोहराम मचाया है. दिल्ली में आज सुबह अग्निकांड ने कई जिंदगियां लील लीं. दिल्ली के पालम इलाके में एक इमारत में भीषण आग लगने से कम से कम आठ लोगों की मौत हो गई. इसमें तीन बच्चे शामिल हैं. इस घटना में कई लोग घायल हो गए. आग लगने की यह घटना सुबह करीब 6-7 बजे की है. करीब 30 फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर आग बुझाने व राहत कार्य में जुटीं. जिस बिल्डिंग में आग लगी, वह इलाके में पालम कॉलोनी की गली नंबर 2 में है। दमकल सेवा के मुताबिक, पालम मेट्रो स्टेशन के पास की गली नंबर 2 में मौजूद बिल्डिंग के एक घर में आग लगने की कॉल मिली थी. इसमें कुछ लोग फसने की आशंका भी थी. दमकल की 30 गाड़ियों को मौके पर भेजा गया. इसमें राजेंद्र कश्यप का पूरा परिवार रहता है. परिवार के तकरीबन 15 लोग हैं. राजेंद्र कश्यप मार्केट के प्रधान भी है और यह पूरी बिल्डिंग उनकी ही है। इसके बेसमेंट और ग्राउंड फ्लोर पर ब्यूटी पार्लर, चूड़ी की दुकान और दूसरे व्यवसाय चलते हैं. ऊपर के फ्लोर में उनके परिवार के लोग रहते हैं. रविवार सुबह 6:30 बजे के आसपास आग लगी. जब बिल्डिंग में आग लगी तब राजेंद्र कश्यप घर पर नहीं थे. इस बिल्डिंग के ऊपर वाले फ्लोर में ही उनका परिवार रहता है। दिल्ली आग पर अधिकारी ने क्या कहा? अधिकारियों ने बताया कि बुधवार को राष्ट्रीय राजधानी के पालम इलाके में एक बहुमंजिला इमारत में आग लगने से कम से कम सात लोगों की मौत हो गई, जिनमें तीन बच्चे भी शामिल हैं, और दो अन्य घायल हो गए.  अधिकारियों ने यह भी बताया कि अभी भी कई लोगों के अंदर फंसे होने की आशंका है। पालम में आग कैसे लगी? बताया गया कि आज यानी बुधवार की सुबह 6:30 बजे के आसपास आग लगी थी. आग लगते ही हड़कंप मच गया. आग देखते ही घबरा कर परिवार के कई लोग ऊपर से कूद गए. लेकिन बाकी परिवार के लोग अंदर फस गए. इनमें महिलाएं भी शामिल थीं. फायर ब्रिगेड की टीम जब तक पहुंची, तब तक आज बहुत ज्यादा लग गई थी. आसपास के लोग भी कोशिश कर रहे थे. फिलहाल, इस घटना में आठ लोगों की जिंदा जलकर मौत हो चुकी है. मरने वालों में 3 बच्चे हैं। अधिकारियों ने पुष्टि की है कि इस घटना में अब तक सात लोगों की मौत हो चुकी है. आग की लपटों से बचने की हताश कोशिश में दो लोगों ने इमारत से छलांग लगा दी, जिससे उन्हें चोटें आईं. उन्हें इलाज के लिए पास के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है। कहां आग लगी? शुरुआती जानकारी के अनुसार, इस इमारत में एक बेसमेंट, ग्राउंड फ्लोर और चार मंजिलें हैं, साथ ही छत पर एक अस्थायी टिन का शेड भी बना हुआ है. बताया जा रहा है कि बेसमेंट, ग्राउंड और पहली मंजिल का इस्तेमाल कपड़े और कॉस्मेटिक्स के भंडारण के लिए किया जा रहा था, जबकि दूसरी और तीसरी मंजिल का इस्तेमाल रहने के लिए किया जाता था। दिल्ली पुलिस की एक टीम भी मौके पर पहुंच गई है और बचाव और सुरक्षा कार्यों को सुचारू रूप से चलाने के लिए इलाके को घेर लिया है. इसके अलावा, घायलों को तत्काल चिकित्सा सहायता और अस्पताल पहुंचाने की सुविधा के लिए सेंट्रलइज्ड एक्सीडेंट एंड ट्रॉमा सर्विसेज (CATS) की एक एम्बुलेंस और एक मेडिकल टीम को भी मौके पर तैनात किया गया है। दमकल विभाग के अधिकारियों ने बताया कि आग लगने के सही कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है. फिलहाल, उनकी प्राथमिकता आग को पूरी तरह से बुझाना और इमारत के अंदर फंसे किसी भी व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकालना है. राहत और बचाव कार्य जारी हैं और अधिकारी स्थिति पर बारीकी से नज़र रखे हुए हैं। यह घटना उसी दिन हुई, जब इससे पहले मध्य प्रदेश में भी एक और भीषण आग लगने की खबर आई थी. इंदौर में भी आग लगने से आठ लोगों की मौत हो गई थी. यह आग तब लगी, जब इलेक्ट्रिक कार को रात में चार्जिंग से लगाया गया था. सुबह करीब 4 बजे शॉर्ट सर्किट से आग लगी और घर में धमाका हुआ।

ट्रांसजेंडर के लिए खुशखबरी! दिल्ली की बसों में अब मिलेगा मुफ्त सफर

नई दिल्ली समावेशी और संवेदनशील शासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली सरकार ने दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) और परिवहन विभाग द्वारा संचालित सभी बस मार्गों में ट्रांसजेंडर यात्रियों को मुफ्त यात्रा योजना में शामिल करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इस महत्वपूर्ण निर्णय के तहत दिल्ली में निवास करने वाले पात्र ट्रांसजेंडर व्यक्ति अब डीटीसी और क्लस्टर बसों में मुफ्त यात्रा का लाभ उठा सकेंगे, ठीक उसी प्रकार जैसे वर्तमान में दिल्ली की बसों में महिला यात्रियों को मुफ्त यात्रा की सुविधा प्रदान की जाती है। यह पहल रेखा गुप्ता सरकार की सामाजिक समावेशन, गरिमा और सभी वर्गों के लिए सार्वजनिक सेवाओं तक समान पहुंच सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। इस निर्णय का उद्देश्य ट्रांसजेंडर समुदाय के सदस्यों को बिना किसी आर्थिक बाधा के शहर में सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा उपलब्ध कराना है। अधिकारियों के अनुसार, यह सुविधा दिल्ली की बसों में महिलाओं के लिए लागू मुफ्त यात्रा योजना के समान ही व्यवस्था और तंत्र के तहत लागू की जाएगी। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि उनकी सरकार एक अधिक समावेशी, न्यायसंगत और संवेदनशील दिल्ली के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है, जहां हर नागरिक को सम्मान के साथ अवसरों और सार्वजनिक सेवाओं तक पहुंच मिल सके। यह निर्णय राष्ट्रीय राजधानी में सामाजिक न्याय को सुदृढ़ करने और समावेशी शहरी परिवहन को बढ़ावा देने की दिशा में दिल्ली सरकार का एक और महत्वपूर्ण कदम है।

ईरान संकट पर BRICS की प्रतिक्रिया पर बहस तेज, भारत की रणनीति पर टिकी सबकी नजर

नई दिल्ली भारत ने बीते सप्ताह यह स्वीकार किया कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष पर ब्रिक्स देशों के बीच साझा रुख तय करना मुश्किल है। इसकी सबसे बड़ी वजह है इस युद्ध को लेकर सदस्य देशों के अलग-अलग विचार हैं। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक बयान में कहा था कि ब्रिक्स के कुछ सदस्य देश इस संघर्ष में सीधे शामिल हैं, जिसकी वजह से समूह के लिए एक साझा रुख तय करना कठिन हो गया है। हालांकि भारत इस मुद्दे पर सहमति बनाने की कोशिश में जुटा है। गौरतलब है कि भारत इस साल इस प्रभावशाली समूह की अध्यक्षता कर रहा है। लभारत, चीन और रूस जैसे देशों वाले इस समूह का हाल के कुछ सालों में ही विस्तार हुआ है और इसमें ईरान और संयुक्त अरब अमीरात समेत कुछ अन्य देशों को शामिल किया गया है। अब ईरान बीते 2 सप्ताह से अमेरिका और इजरायल के खिलाफ युद्ध लड़ रहा है, जिससे समूह और अध्यक्ष भारत के सामने कई चुनौतियां खड़ी हो गई हैं। ब्रिक्स के मौजूदा अध्यक्ष के रूप में भारत के सामने चुनौती है कि पश्चिम एशिया के इस संघर्ष पर ब्रिक्स का एक साझा रुख कैसे तैयार किया जाए। ब्रिक्स समूह में शुरुआत में ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका शामिल थे। 2024 में विस्तार कर मिस्र, इथोपिया, ईरान और संयुक्त अरब अमीरात को शामिल किया गया, जबकि 2025 में इंडोनेशिया भी इसमें शामिल हो गया। ब्रिक्स एक प्रभावशाली समूह बनकर उभरा है, जिसमें दुनिया की 11 बड़ी उभरती अर्थव्यवस्थाओं वाले देश शामिल हैं। हालांकि वैश्विक स्तर पर बड़ा कद रखने वाला BRICS इस युद्ध पर कोई संयुक्त बयान जारी नहीं कर पाया है। भारत की BRICS अध्यक्षता के सामने चुनौती हालांकि ईरान युद्ध ने भारत की अध्यक्षता को मुश्किल स्थिति में ला दिया है। ईरान ने सीधे भारत से BRICS को सक्रिय करने की अपील की थी। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने विदेश मंत्री एस जयशंकर से संपर्क कर अमेरिका और इजरायल के हमलों और सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की हत्या की निंदा करने के लिए BRICS से बयान जारी करने की मांग की थी। लेकिन अब तक ऐसा कोई संयुक्त बयान जारी नहीं हुआ है। इससे पहले 2025 में ब्राजील की अध्यक्षता के दौरान BRICS ने 12 दिन चले युद्ध में इजरायल के हमलों की निंदा करते हुए दो बयान जारी किए थे। इससे यह भी स्पष्ट होता है कि अध्यक्ष देश के राष्ट्रीय हित समूह की प्रतिक्रिया को प्रभावित करते हैं। संघर्ष में शामिल कई पक्षों से भारत के करीबी संबंध भारत की स्थिति इसलिए भी जटिल है क्योंकि उसके इस संघर्ष में शामिल कई देशों से करीबी संबंध हैं। भारत के इजरायल के साथ रक्षा और तकनीकी संबंध हैं। वहीं संयुक्त अरब अमीरात और सऊदी अरब के साथ ऊर्जा और भारतीय प्रवासी से जुड़े महत्वपूर्ण हित हैं। इसके अलावा अमेरिका के साथ भी संबंध तेजी से मजबूत हो रहे हैं। दूसरी ओर ईरान के साथ भी भारत के लंबे समय से संबंध हैं, जिनमें चाबहार बंदरगाह परियोजना शामिल है, जो भारत को मध्य एशिया तक पहुंच देने में अहम है। BRICS के विस्तार ने भी सहमति बनाना कठिन कर दिया है। पहले पांच देशों का यह समूह अब 11 सदस्य देशों तक बढ़ चुका है और इनमें कई देशों के हित एक-दूसरे से टकराते हैं। उदाहरण के लिए ईरान के अपने ही BRICS सदस्य देशों यूएई और सऊदी अरब के साथ तनावपूर्ण संबंध हैं। ऐसे में अध्यक्ष देश के रूप में भारत किसी तरह की जबरन एकता नहीं बना सकता, बल्कि वह केवल सहमति बनने पर उसे मजबूत कर सकता है या मतभेदों को शांत तरीके से संभाल सकता है। युद्ध से BRICS की अर्थव्यवस्थाओं पर असर ईरान ने मार्च की शुरुआत से होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों पर हमलों के जरिए आवाजाही को काफी हद तक प्रभावित कर दिया है। इससे 1000 से अधिक जहाजों को देरी या रास्ता बदलना पड़ा है। यह जलडमरूमध्य वैश्विक समुद्री तेल आपूर्ति का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा संभालता है। इसके अलावा एलएनजी, उर्वरक, अनाज और कई अन्य वस्तुएं भी इसी मार्ग से गुजरती हैं। युद्ध के कारण तेल और गैस की कीमतों में तेज बढ़ोतरी हुई है, टैंकरों का किराया बढ़ गया है और कई जहाजों को अफ्रीका के केप ऑफ गुड होप के रास्ते से गुजरना पड़ रहा है। इससे यात्रा में 10 से 14 दिन की देरी हो रही है और BRICS देशों, जिनमें भारत भी शामिल है, के लिए लागत बढ़ रही है। संकट के बीच भारत की रणनीति भारत का रुख इस समय आर्थिक स्थिरता बनाए रखने और तनाव कम करने पर केंद्रित है। भारत BRICS शेरपा चैनल के जरिए सदस्य देशों के साथ लगातार बातचीत कर रहा है और कूटनीतिक स्तर पर भी संपर्क बनाए हुए है। भारतीय प्रवक्ता ने बीते दिनों कहा है कि भारत ब्रिक्स सदस्य देशों के साथ लगातार संपर्क में हैं ताकि इस संघर्ष पर कोई साझा रुख तय किया जा सके।