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एयरपोर्ट सुरक्षा में सनसनी: दिल्ली एयरपोर्ट पर मिला मानव कंकाल, जांच में जुटी पुलिस

नई दिल्ली दिल्ली एयरपोर्ट के टर्मिनल 3 पर उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब जांच के दौरान मानव कंकाल जैसी दिखने वाली वस्तु बरामद हुई। दिल्ली पुलिस ने कंकाल को फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है। शुरुआती जांच में पता चला कि यह एक डेमो कंकाल है, जिसका उपयोग मेडिकल छात्र करते हैं।   दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के टर्मिनल 3 पर गुरुवार को सुरक्षा कर्मियों द्वारा मानव कंकाल जैसी दिखने वाली वस्तु बरामद की गई। इसकी सूचना फैलने के बाद थोड़ी देर के लिए वहां अफरा-तफरी मच गई। घटना के बाद हवाई अड्डे की सुरक्षा और दिल्ली पुलिस ने तुरंत जांच शुरू की। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि प्रारंभिक जांच में पता चला कि कंकाल एक डेमो कंकाल है, जिसका उपयोग मेडिकल छात्र आमतौर पर शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए करते हैं। यह कंकाल एक मेडिकल छात्र के सामान में मिली थी, जिससे पुष्टि होती है कि इसका किसी आपराधिक गतिविधि से कोई संबंध नहीं है। हालांकि, किसी भी संदेह को दूर करने के लिए दिल्ली पुलिस ने कंकाल को फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है। अधिकारियों ने बताया कि फोरेंसिक विश्लेषण से वैज्ञानिक रूप से यह साबित हो जाएगा कि बरामद अवशेष वास्तव में शैक्षिक प्रशिक्षण के लिए इस्तेमाल किया गया एक डेमो कंकाल है या फिर मानव का। एक रनवे 5 महीनों के लिए बंद रहेगा दिल्ली एयरपोर्ट पर इंफ्रास्ट्रक्चरल अपग्रेडेशन के काम की वजह से एयरपोर्ट का एक रनवे 16 फरवरी से लगभग 5 महीनों के लिए बंद रहेगा। दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड ने कहा कि रनवे 11R/29L की री-सर्फेसिंग की जानी है, इसके साथ ही इसका टेक्निकल अपग्रेड भी होना है। हालांकि, दिल्ली एयरपोर्ट का एक रनवे बंद होने के बावजूद फ्लाइट ऑपरेशन बिना किसी बड़ी रुकावट के सामान्य रूप से जारी रहेंगे।  

पर्यावरण से खिलवाड़ पर NGT की फटकार: युवराज मेहता मामले में यूपी सरकार से मांगा जवाब

नई नोएडा एनजीटी ने नोएडा में 16 जनवरी की रात सेक्टर 150 में पानी भरे गड्ढे में तड़पकर जान देने वाले युवराज मेहता की मौत पर कार्रवाई की है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने यूपी सरकार के सभी संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी किया है और उन्हें निर्देश दिया है कि वे कम से कम एक सप्ताह के भीतर हलफनामे के माध्यम से अपना जवाब दाखिल करें। एनजीटी ने कहा कि यह घटना पर्यावरण नियमों के पालन में गंभीर चूक और कानून के उल्लंघन की ओर इशारा करती है।   सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज की मौत के 6 दिन बाद एनजीटी ने इस मामले में नोएडा अथॉरिटी, उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (UPPCB), उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार के प्रधान सचिव (पर्यावरण) और गौतम बुद्ध नगर के जिला मजिस्ट्रेट (DM) को प्रतिवादी बनाया है। इन सभी संबंधित अधिरकारियों को नोटिस दे दिया गया है और सबसे सफ्ताह भर के भीतर जवाब मांगा गया है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने कहा कि यह घटना पर्यावरण नियमों के पालन में गंभीर चूक और कानून के उल्लंघन की ओर इशारा करती है। NGT ने अपनी रिपोर्ट में दर्ज किया है कि संबंधित जमीन मूल रूप से एक निजी मॉल प्रोजेक्ट के लिए आवंटित की गई थी। लेकिन लगभग एक दशक तक ध्यान न दिए जाने के कारण, बारिश के पानी और आस-पास की हाउसिंग सोसायटियों से निकलने वाले गंदे पानी के जमा होने से यह जगह अब एक तालाब में तब्दील हो गई थी। ट्रिब्यूनल के आदेश में स्थानीय निवासियों के उन आरोपों को भी दर्ज किया गया है, जिनमें उन्होंने नोएडा अथॉरिटी की निष्क्रियता की बात कही थी। निवासियों का कहना है कि जलजमाव की समस्या लंबे समय से बनी हुई थी, जिससे हिंडन नदी का जलस्तर बढ़ने पर पानी के वापस लौटने और खतरा पैदा होने की आशंका बनी रहती थी। प्रथम दृष्टया तथ्यों को देखने के बाद, बेंच ने माना कि समाचार रिपोर्ट में बताए गए तथ्य पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 के उल्लंघन की ओर इशारा करते हैं। इसके साथ ही, यह मामला पर्यावरण नियमों के पालन और कानूनी जिम्मेदारियों को निभाने पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है।  

रेखा सरकार का बड़ा कदम: यमुना को फिर से दिल्ली की जीवनरेखा बनाने का वादा

नई दिल्ली  दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने यमुना को फिर से स्वच्छ और प्रवाहमान बनाने के लिए मिशन-मोड में ठोस एक्शन प्लान लागू करने के निर्देश दिए हैं। यमुना बनेगी फिर से दिल्ली की जीवनरेखा, एक्शन मोड में रेखा सरकार मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को ये निर्देश  दिल्ली सचिवालय में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में दिए। बैठक में यमुना की मौजूदा हालत, सीवेज ट्रीटमेंट, नालों की सफाई और अनधिकृत कॉलोनियों में सीवर लाइन बिछाने जैसे कामों की समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि यमुना केवल नदी नहीं, बल्कि दिल्ली की जीवनरेखा है। सरकार वैज्ञानिक योजना, तय समय-सीमा और पड़ोसी राज्यों के साथ समन्वय स्थापित कर इसे फिर से साफ और जीवंत बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। बैठक में सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण मंत्री प्रवेश साहिब सिंह सहित दिल्ली जल बोर्ड, पीडब्ल्यूडी, दिल्ली नगर निगम, दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति, डीडीए व अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद थे। मुख्यमंत्री ने बताया कि दिल्ली में अभी 37 सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) मिलकर रोजाना 814 मिलियन गैलन प्रतिदिन (एमजीडी) गंदा पानी साफ कर रहे हैं, जो मौजूदा जरूरत के हिसाब से काफी है। लेकिन भविष्य की जरूरतों को देखते हुए सरकार ने इस क्षमता को बढ़ाकर 1500 एमजीडी करने का बड़ा लक्ष्य रखा है। इसके लिए पुरानी मशीनों को सुधारकर दिसंबर 2027 तक 56 एमजीडी और 35 नए छोटे डिसेन्ट्रलाइज्ड सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (डीएसटीपी) लगाकर 170 एमजीडी अतिरिक्त क्षमता बढ़ाई जाएगी। इसके साथ ही नालों के पास नए बड़े प्लांट लगाकर दिसंबर 2028 तक 460 एमजीडी क्षमता और जोड़ी जाएगी, ताकि दिल्ली के सीवेज मैनेजमेंट को पूरी तरह चाक-चौबंद किया जा सके। मुख्यमंत्री ने बताया कि इससे सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि बिना साफ किया गया गंदा पानी अब यमुना में नहीं जाएगा। जैसे-जैसे सीवेज ट्रीटमेंट की क्षमता बढ़ेगी, शहर का ज्यादा से ज्यादा गंदा पानी पहले साफ होगा और फिर नदी में छोड़ा जाएगा। इससे यमुना का पानी धीरे-धीरे साफ होगा, बदबू और प्रदूषण कम होगा और नदी में दोबारा जीवन लौटेगा। लंबे समय में इससे पीने के पानी के स्रोत सुरक्षित होंगे, शहर की सेहत सुधरेगी और दिल्ली को भविष्य की बढ़ती आबादी के लिए बेहतर और टिकाऊ सीवेज व्यवस्था मिलेगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि अनधिकृत कॉलोनियों और जेजे क्लस्टर्स में सीवर लाइन बिछाने का काम तेजी से किया जा रहा है। 675 जेजे क्लस्टर्स में से 574 में काम पूरा हो चुका है, जबकि 65 क्लस्टर्स में सीवेज इकट्ठा करने के लिए सिंगल पॉइंट कलेक्शन की व्यवस्था की जा रही है। इसके अलावा, 1799 अनधिकृत कॉलोनियों में सीवर नेटवर्क का काम दिसंबर 2026 से दिसंबर 2028 तक चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा। इससे गंदा पानी बिना साफ हुए यमुना में जाने से रुकेगा। मुख्यमंत्री का मानना है कि जब तक दिल्ली के हर घर का कनेक्शन सीवर लाइन से नहीं होगा, तब तक गंदा पानी यमुना में गिरना बंद नहीं होगा और नदी पूरी तरह साफ नहीं हो पाएगी। मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि अब दिल्ली के नालों की निगरानी के लिए पहली बार पुख्ता सिस्टम बनाया गया है। दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) और केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) की टीमें 47 तय जगहों पर हर महीने पानी की जांच कर रही हैं। नजफगढ़ और शाहदरा नालों से जुड़े सभी छोटे नालों की पहचान और जांच ड्रोन सर्वे के जरिए जनवरी 2026 तक पूरी कर ली जाएगी, जबकि बाकी नालों का सर्वे दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) जून 2026 तक पूरा करेगा। इस पूरी कवायद का मकसद यह पता लगाना है कि कहां से और कितना प्रदूषण नदी में मिल रहा है ताकि उसे रोका जा सके। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि यमुना को निर्मल करने के लिए पड़ोसी राज्यों से भी समन्वय बनाना होगा। बैठक में बताया गया कि नजफगढ़ ड्रेन में हरियाणा राज्य के छह नाले आकर मिलते हैं, जो कुल दूषित पानी का 33 प्रतिशत है। इसके अलावा, शाहदरा ड्रेन में उत्तर प्रदेश के चार बड़े नाले आकर गिरते हैं, जो कुल दूषित पानी का करीब 40 प्रतिशत है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मसले को लेकर वह दोनों राज्यों के मुख्यमंत्री से समाधान पर बात करेंगी। मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने कहा कि वर्ष 2028 तक यमुना पुनर्जीवन मिशन के अंतर्गत दिल्ली में सभी प्रमुख नालों और सीवर से जुड़े कार्य पूर्ण कर लिए जाएंगे। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व और निगरानी में दिल्ली सरकार और एमसीडी के सभी संबंधित विभाग एकीकृत, समयबद्ध कार्ययोजना के तहत कार्य कर रहे हैं। डीडीए भूमि सहित पूरे शहर में सीवर नेटवर्क के विस्तार का कार्य पूर्ण समन्वय के साथ तेजी से प्रगति पर है।

युवराज मौत मामले में पहली गिरफ्तारी, नोएडा पुलिस ने बिल्डर को दबोचा

नोएडा दिल्ली एनसीआर के नोएडा सेक्टर-150 में एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज की मौत के मामले में पहली गिरफ्तारी हो गई है। ये गिरफ्तारी MZ विशटाउन के बिल्डर और मालिक की हुई है। उसका नाम अभय कुमार है। उसे नॉलेज पार्क पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस में दर्ज FIR में दो बिल्डर एमजेड विश्टाउन और लोटस ग्रीन को नामजद किया गया है।   योगी बोले- 5 दिन में रिपोर्ट सौंपिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस घटना की जांच रिपोर्ट 5 दिन के अंदर तलब की है। इस मामले को लेकर यूपी के मुख्यमंत्री ने एक 3 सदस्यीय विशेष जांच दल गठित किया है। उत्तर प्रदेश शासन ने सोमवार को नोएडा विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी लोकेश एम को उनके पद से हटा दिया था। अभी तक नोएडा विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी के पद पर किसी की नियुक्ति नहीं हुई है। SIT जांच पर क्या बोले अधिकारी मेरठ जोन के एडीजी और एसआईटी हेड भानू भास्कर ने बताया- नोएडा प्राधिकरण टीम, नोएडा जिला अधिकारी, नोएडा पुलिस कमिश्नर समेत सभी लोग वहां मौजूद हैं। हमारी एसआईटी टीम ने जांच शुरू कर दी है। शासन के निर्देशों पर हम पांच दिनों के अंदर इसकी रिपोर्ट दे देंगे। सभी लोगों से बातचीत की जाएगी। सभी से बात करने के बाद देखेंगे कि आखिर किन कारणों से ये एक्सीडेंट हुआ है। गड्डों की पहचान, सुरक्षा के उपाय के आदेश सोमवार को जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार, जीएनआईडीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CO) एन जी रवि कुमार ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे सड़कों पर या उसके आसपास के सभी गड्ढों की पहचान करें। उन्हें तुरंत भरें तथा एक्सीडेंट की आशंका वाली जगहों को बिना किसी देरी के चिह्नित करें। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि साइन बोर्ड, रिफ्लेक्टर और ब्रेकरों सहित जरूरी सुरक्षा उपाय तीन दिनों के भीतर सभी सड़कों पर लागू किए जाएं। युवराज की हादसे में ऐसे हुई थी मौत मृतक इंजीनियर युवराज मेहता की कार 16 जनवरी को निर्माणाधीन स्थल के पास पानी से भरे गड्ढे में गिर गयी थी। उस निर्माणाधीन स्थल पर कोई अवरोधक भी नहीं था। यह गड्ढा एक मॉल के भूमिगत तल के निर्माण के लिए खोदा गया था। इस घटना में लापरवाही के आरोप लगाए जा रहे हैं।  

दिल्ली में ट्रैफिक का कहर: मेरठ एक्सप्रेसवे पर गाड़ियों की लंबी कतार, 5 किलोमीटर जाम

दिल्ली/मेरठ   देश की राजधानी दिल्‍ली से बड़ी खबर सामने आ ही है. दिल्‍ली-मेरठ एक्‍सप्रेसवे पर 5 किलोमीटर लंबा जाम लग गया है. सैकड़ों-हजानों वहनों के साथ ही बड़ तादाद में आमलोग इसमें फंसे हुए हैं. बताया जा रहा है कि पूर्वी दिल्‍ली के पांडव नगर इलाके से मेरठ एक्‍सप्रेसवे पर जाम लगना शुरू हुआ. उसके बाद धीरे-धीरे गाड़ियों का रेला सराय काले खां तक पहुंच गया. तकरीबन 5 किलोमीटर तक लगे लंबे ट्रैफिक जाम की वजह से वाहन रेंगने को मजबूर हैं. बता दें कि सुबह बड़ी तादाद में नौकरीपेशा लोग दिल्‍ली से एनसीआर और आसपास के शहरों से राष्‍ट्रीय राजधानी की ओर आते हैं, ऐसे में पीक आवर में वाहनों की संख्‍या भी काफी ज्‍यादा रहती है. अब इसी समय ट्रैफिक जाम लगने से हालात बेकाबू होने लगे हैं. ऑफिस और अन्‍य काम के सिलसिले में जा रहे लोग ट्रैफिक जाम में फंसे पड़े हैं. बता दें कि इससे पहले दिल्‍ली ट्रैफिक पुलिस की ओर से कुछ रूट को लेकर एडवायजरी जारी की गई थी. इसके अनुसार, दिल्‍ली में कुछ प्रमुख रास्‍तों पर 19 जनवरी 2026 को ट्रैफिक प्रतिबंध लागू रहेंगे, जिसको लेकर दिल्‍ली ट्रैफिक पुलिस (Delhi Traffic Police) ने एडवायजरी जारी की. ये प्रतिबंध गणतंत्र दिवस परेड की तैयारियों को लेकर लागू किए गए हैं. सोमवार को सेंट्रल दिल्‍ली की कुछ सड़कों पर प्रतिबंध लागू रहेंगे. ये सड़कें परेड की रिहर्सल को लेकर प्रभावित रहेंगी. ट्रैफिक पुलिस ने बताया कि सेंट्रल दिल्ली के कई प्रमुख इलाकों में कुछ घंटों के लिए ट्रैफिक प्रतिबंध और डायवर्जन लागू रहेंगे. ऐसे में सोमवार को ऑफिस और स्‍कूल-कॉलेज को खासकर प्रभावित ट्रैफिक रूट का इस्‍तेमाल न करने की सलाह दी गई. कौन सा रूट बंद, कौन ओपन ट्रैफिक एडवायजरी के मुताबिक, परेड की रिहर्सल 17 जनवरी शनिवार से शुरू हुई. 18 जनवरी को रिहर्सल शेड्यूल नहीं थी, जबकि 19 जनवरी, 20 जनवरी और 21 जनवरी को परेड की रिहर्सल होगी. इसको लेकर सुबह करीब 10 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक सेंट्रल दिल्‍ली की कुछ सड़कें प्रभावित रहेंगी. परेड रिहर्सल का रूट विजय चौक (Vijay Chowk) से इंडिया (India Gate) तक और कर्तव्‍य पथ से C-हेक्सागन तक रहेगा. इसके अलावा विजय चौक से इंडिया गेट तक कर्तव्य पथ पूरी तरह बंद रहेगा. ऐसे में एडवायजरी में घर से निकलने से पहले रूट के बारे में जानकारी लेने की सलाह दी गई है. ट्रैफिक पुलिस का नया अभियान दिल्ली में लगातार बढ़ती जाम की समस्या और ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर लगाम कसने के लिए ट्रैफिक पुलिस ने नए अभियान की शुरुआत की है. पुलिस ने शहर के छह ऐसे स्थानों का चयन किया है, जहां दिनभर वाहन चालकों को जाम से जूझना पड़ता है. इन स्थानों को जीरो टोलरेंस जोन बनाकर यहां दिनभर ट्रैफिक पुलिस की टीमें तैनात की गई हैं जिससे जाम से राहत मिल सके. शनिवार से शुरू किए अभियान के बाद रविवार को सभी स्थानों पर लोगों को जाम से निजात मिल गई. बड़े जाम प्वाइंट आनंद विहार बस अड्डा के बाहर भी पुलिस टीमें तैनात रहीं और ट्रैफिक का संचालन सुचारू रहा. दरअसल, ट्रैफिक पुलिस ने उन स्थानों को नो टोलरेंस जोन बनाया है, जहां आए दिन जाम की शिकायत मिलती थी. आनंद विहार और अन्य स्थानों पर अवैध बस पार्किंग से जाम का मुद्दा अक्‍सर ही उठता रहता है. इन स्थानों पर बस, ऑटो और ई-रिक्शा चालक अवैध पार्किंग कर सवारी चढ़ाते-उतारते थे जिससे जाम लग जाता था.

दिल्ली-NCR में कांपी धरती, भूकंप के झटकों से मचा हड़कंप

नई दिल्‍ली दिल्ली में सोमवार की सुबह भूकंप का हल्का झटका महसूस किया गया. रिक्‍टर पैमाने पर भूकंप की तीव्रता 2.8 मापी गई है. नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के अनुसार, भूकंप का केंद्र उत्तर दिल्ली में दर्ज किया गया है. सुबह 8:44 बजे भूकंप का झटका दर्ज किया गया और भूकंप का केंद्र जमीन की सतह के काफी पास रहा. दिल्‍ली में आए भूकंप का केंद्र जमीन से महज 5 किलोमीटर नीचे था. दिल्‍ली भूकंप के लिहाज से संवेदनशील है और उच्‍च जोखिम वाले सिस्‍मिक जोन 4 में आता है. भूकंप का केंद्र दिल्‍ली जरूर था, लेकिन भूकंप का झटका बेहद हल्‍का था. ऐसे में जान-माल के नुकसान की कोई खबर नहीं है. भूकंप के बाद दिल्‍ली-एनसीआर में हालात सामान्‍य हैं. विशेषज्ञों के अनुसार, 2.8 तीव्रता के भूकंप से किसी तरह के नुकसान की आशंका नहीं होती है.  इस महीने कई जगहों पर दर्ज किए गए भूकंप  भारत के विभिन्‍न इलाकों में जनवरी महीने के दौरान कई भूकंप दर्ज किए गए हैं. शुक्रवार और शनिवार की दरमियानी रात गुजरात के कच्छ जिले में 4.1 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया था, जिसके बाद स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई थी. गांधीनगर स्थित भूकंपीय अनुसंधान संस्थान (आईएसआर) ने बताया था कि भूकंप शुक्रवार देर रात एक बजकर 22 मिनट पर आया और इसका केंद्र जिले के खावड़ा से लगभग 55 किलोमीटर उत्तर-उत्तरपूर्व में था. भूकंप संवेदनशील जोन-4 में आता है दिल्ली-NCR भूकंप के झटके एक बार फिर याद दिलाते हैं कि दिल्ली-एनसीआर भूकंप संवेदनशील जोन-4 में आता है और यहां भूकंप के बड़े झटके कभी भी आ सकते हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि छोटे झटके बड़े भूकंप का संकेत भी हो सकते हैं, इसलिए लोगों को तैयार रहना चाहिए. अभी तक कोई नुकसान नहीं हुआ है, लेकिन सुबह के इस झटके ने लोगों को डरा दिया है. इससे पहले बुधवार 14 जनवरी को भी राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में भूकंप के झटके महसूस किए गए. इस भूंकप का केंद्र हरियाणा के सोनीपत स्थित गोहाना था, जिसकी तीव्रता रीक्टर स्केल पर 3.4 मापी गई. इस भूकंप के झटके दिल्ली तक झटके महसूस किए गए और कई लोग घबराकर अपने घरों और दफ्तरों से बाहर निकल आए थे. क्यों आते हैं भूकंप? भूकंप वैज्ञानिकों के अनुसार, हमारी धरती की सतह मुख्य रूप से सात बड़ी और कई छोटी टेक्टोनिक प्लेट्स से बनी है. ये प्लेट्स लगातार हरकत करती रहती हैं और अक्सर आपस में टकराती हैं. इस टक्कर के परिणामस्वरूप प्लेट्स के कोने मुड़ सकते हैं और अत्यधिक दबाव के कारण वे टूट भी सकती हैं. ऐसे में नीचे से निकली ऊर्जा बाहर की ओर फैलने का रास्ता खोजती है और यही ऊर्जा जब जमीन के अंदर से बाहर आती है, तो भूकंप आता है. भूकंप के लिहाज से संवेदनशील है दिल्‍ली  भारत के भूकंप संवेदनशील इलाकों में दिल्‍ली भी शामिल है. दिल्ली भूकंप के लिहाज से बहुत जोखिम वाले जोन 4 में है. जोन 2 कम जोखिम वाले, जोन 3 मध्यम जोखिम वाले और जोन 5 सबसे अधिक जोखिम वाले इलाके हैं. दिल्ली ऐसा इलाका है, जहां पर बहुत जोखिम वाले भूकंप आ सकते हैं. साथ ही हिमालयी इलाके में आने वाले भूकंप की जद से भी दिल्‍ली बहुत दूर नहीं है.  खासतौर पर पर सेंट्रल हिमालय जहां 8 या उससे अधिक की तीव्रता का भूकंप आने की आशंका बनी रहती है.   इसलिए आता है भूकंप  पृथ्वी की सतह के नीचे टेक्टोनिक प्लेटों में अक्‍सर हलचल है और इसके कारण ही भूकंप आते हैं. पृथ्वी की बाहरी परत कई बड़ी प्लेटों में बंटी होती है और यह धीमी गति से खिसकती हैं. हालांकि जब यह प्लेटें आपस में टकराती हैं तो ऊर्जा का बड़ा विस्फोट होता है, जिसे हम भूकंप कहते हैं.

26 जनवरी से पहले दिल्ली के खिलाफ बांग्लादेशी आतंकी हमला कर सकते हैं, सरकार ने जारी किया हाई अलर्ट

नई दिल्ली  रिपब्लिक डे पर दिल्ली समेत भारत के कुछ शहरों पर आतंकी खतरे का साया मंडरा रहा है. खालिस्तानी और बांग्लादेशी आंतकियों को लेकर 26 जनवरी से पहले सुरक्षा एजेंसियों का बड़ा अलर्ट आया है. 26 जनवरी के पहले खुफिया विभाग ने अपने अहम अलर्ट में कहा है कि खालिस्तानी आतंकी संगठन और बांग्लादेश के आतंकी संगठन 26 जनवरी 2026 के मद्देनजर देश की राजधानी दिल्ली समेत दूसरे कई शहरों को निशाना बनाने की फिराक में हैं. इस अलर्ट को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े हो गए हैं. खुफिया विभाग के अलर्ट में यह भी कहा गया है कि पंजाब के गैंगस्टर अब विदेश में बैठे खालिस्तानी और कट्टरपंथी हैंडलरों के फुट सोल्जर बनते जा रहे हैं. खूफिया विभाग के अलर्ट के मुताबिक, ये गैंगस्टर हरियाणा, पंजाब, दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में सक्रिय हैं, जो खालिस्तानी आतंकवादियों से जुड़ रहे है. उनके इशारे पर ही ये गैंगस्टर अब आतंकी बनकर दहशत फैलाने की फिराक में हैं. खालिस्तानी आतंकी और बांग्लादेश के कुछ आतंकी मिलकर 26 जनवरी के मद्देनजर देश का माहौल खराब कर सकते हैं. खुफिया अलर्ट में यह भी कहा गया है कि पंजाब और उत्तर भारत–एनसीआर के अन्य हिस्सों में सक्रिय संगठित आपराधिक सिंडिकेट्स के पास न केवल देशी हथियार बल्कि अत्याधुनिक हथियारों की भी बड़ी खेप मौजूद है. यही आंतरिक सुरक्षा के लिहाज़ से गंभीर चिंता का विषय है. अलर्ट के मुताबिक विदेशी खालिस्तानी और कट्टरपंथी हैंडलर इन गैंगस्टर नेटवर्क का इस्तेमाल अपने एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए कर रहे हैं. वहीं, बांग्लादेश के कुछ आतंकी और प्रतिबिंबित संगठन से जुड़े ऑउटफिट दिल्ली में गड़बड़ी मचा सकते हैं. न्यूज18 इंडिया के पास खूफिया अलर्ट की कॉपी मौजूद है. फिलहाल, आतंकी संगठन के नाम का खुलासा नहीं हुआ है.

दिल्ली में 20 साल का ठंडा रिकॉर्ड टूटा, जानें आपके राज्य में कब आएगी बारिश और कहां होगी ठिठुरन

नईदिल्ली  देश की राजधानी दिल्ली सहित उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड और कोहरे का डबल अटैक जारी है। भारत मौसम विज्ञान विभाग की ताजा चेतावनी ने चिंताओं को और बढ़ा दिया है। मौसम विभाग ने अगले 2-3 दिनों के लिए कई राज्यों में 'गंभीर शीतलहर' की चेतावनी जारी की है। कोहरे के कारण विजिबिलिटी कम होने से यातायात बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। 2.3 डिग्री के साथ जमी दिल्ली दिल्ली में ठंड ने पिछले दो दशकों के रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं। पालम में पारा 2.3 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया, जो पिछले 20 साल में सबसे कम है। दिल्ली का औसत न्यूनतम तापमान 2.9 डिग्री दर्ज किया गया। कड़ाके की ठंड के साथ प्रदूषण भी बढ़ गया है। दिल्ली का AQI 343 (बहुत खराब) श्रेणी में पहुंच चुका है। दिल्ली में शुक्रवार को भी शीतलहर जारी रहेगी और शाम को बादल छा सकते हैं। पहाड़ों पर बर्फबारी, मैदानी इलाकों में बारिश 16 से 21 जनवरी के बीच उत्तर भारत के मौसम में एक बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल और उत्तराखंड में मध्यम बारिश और बर्फबारी की संभावना है। कश्मीर की डल झील का पानी कई जगहों पर जम गया है। वहीं, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, राजस्थान और पश्चिमी यूपी में 18 से 20 जनवरी के बीच छिटपुट बारिश हो सकती है। यूपी में बारिश से बढ़ेगी ठंड वहीं, देश के सबसे बड़े सूबे उत्तर प्रदेश में एक बार फिर से मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा। पिछले कई दिनों से दोपहर में हो रही धूप से ठंड से कुछ राहत मिली थी, लेकिन अब एक बार फिर ठंड ने अपना प्रकोप दिखाना शुरू कर दिया है। मौसम विभाग के अनुसार, 19 और 20 जनवरी को यूपी के कुछ हिस्सों में बारिश हो सकती है। इससे ठंड में और इजाफा होगा। राजस्थान में मौसम का मिजाज राजस्थान के कई हिस्से में शीतलहर और घने कोहरे का प्रकोप जारी है। मौसम विभाग के अनुसार, आगामी कुछ दिनों में तापमान में मामूली बढ़ोतरी होने की संभावना जताई गई है। एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से 17-18 जनवरी को राज्य के उत्तरी व पश्चिमी हिस्से में कहीं-कहीं आंशिक बादल छाए रहने की संभावना है। इससे आगामी 48 घंटों में न्यूनतम तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस बढ़ोतरी होने व शीतलहर से राहत मिलने का अनुमान है। वहीं, एक और मजबूत पश्चिमी विक्षोभ 22 से 24 जनवरी के दौरान सक्रिय हो सकता है।

एयरपोर्ट पर अफरा-तफरी: दिल्ली से जा रही फ्लाइट के APU में आग, दूसरी विमान का इंजन भी क्षतिग्रस्त

नई दिल्ली दिल्ली में 24 घंटे के भीतर एयर इंडिया के दो विमानों में सवार यात्री बाल-बाल बच गए। एक विमान के एपीयू में आग लगने के बाद उसे आनन-फानन में इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर वापस उतारा गया तो दूसरे के इंजन ने एक कंटेनर को खींच लिया। गनीमत रही कि कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ।   सिंगापुर जा रहा एयर इंडिया का एक विमान तकनीकी खराबी के कारण बुधवार देर रात राष्ट्रीय राजधानी लौट आया। पीटीआई ने सूत्रों के हवाले से बताया कि विमान में करीब 190 लोग सवार थे। सूत्रों के अनुसार, ड्रीमलाइनर विमान में एपीयू (ऑक्सिलियरी पावर यूनिट) में आग की चेतावनी मिली, जिसके बाद विमान करीब एक घंटे तक हवा में रहने के बाद दिल्ली लौट आया। यात्रियों को वैकल्पिक विमान से सिंगापुर भेजा गया। इस संबंध में संपर्क करने पर एयर इंडिया के एक प्रवक्ता ने बताया कि 14 जनवरी को दिल्ली से सिंगापुर जा रही उड़ान एआई 2380 के परिचालन दल ने संभावित तकनीकी समस्या के चलते उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद एहतियातन दिल्ली लौटने का फैसला किया। रात करीब एक बजे IGI पर दोबारा उतरा प्रवक्ता ने एक बयान में कहा, 'विमान दिल्ली में सुरक्षित उतरा। दिल्ली में हमारी टीमों ने यात्रियों को सभी आवश्यक सहायता प्रदान की और उन्हें वैकल्पिक विमान से सिंगापुर के लिए रवाना किया गया।' प्रवक्ता ने इस अप्रत्याशित स्थिति के कारण यात्रियों को हुई असुविधा को लेकर खेद भी जताया। उड़ानों पर नजर रखने वाली वेबसाइट ‘फ्लाइटरडार24 डॉट कॉम’ पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार, बोइंग 787-9 विमान से संचालित यह उड़ान करीब एक घंटे तक हवा में रही और बुधवार देर रात करीब एक बजे दिल्ली में वापस उतरी। विमान के इंजन में घुसा कंटेनर एक अन्य घटना में एयर इंडिया के एक विमान ने एयरपोर्ट पर एक कंटेनर को अपनी ओर खींच लिया। इससे इंजन क्षतिग्रस्त हो गया। हिन्दुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक एयर इंडिया के A350 विमान के इंजन में गुरुवार को कंटेनर घुस गया। इससे इंजन क्षतिग्रस्त हो गया। विमान में सवार एक यात्री ने घटना को अपने मोबाइल कैमरे में कैद किया। घटना पर एयर इंडिया का बयान सामने नहीं आया है।  

जालंधर की अदालत का बड़ा फैसला: आतिशी से जुड़ा वीडियो फर्जी, हटाने के निर्देश

नई दिल्ली आम आदमी पार्टी की नेता आतिशी के वीडियो मामले जालंधर की एक अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। फॉरेंसिक जांच की रिपोर्ट आने के बाद कोर्ट ने पाया है कि जांच में पता चला है कि वीडियो के साथ छेड़छाड़ की गई थी। इस रिपोर्ट के आधार पर कोर्ट ने इस वीडियो को सभी सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म से हटाने के निर्देश दिए हैं।साथ ही, जिन भी अकाउंट्स से यह वीडियो पोस्ट किया गया है, उनसे संबंधित सभी लिंक भी डिलीट करने के निर्देश दिए गए हैं।