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दिल्ली-NCR में कांपी धरती, भूकंप के झटकों से मचा हड़कंप

नई दिल्‍ली दिल्ली में सोमवार की सुबह भूकंप का हल्का झटका महसूस किया गया. रिक्‍टर पैमाने पर भूकंप की तीव्रता 2.8 मापी गई है. नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के अनुसार, भूकंप का केंद्र उत्तर दिल्ली में दर्ज किया गया है. सुबह 8:44 बजे भूकंप का झटका दर्ज किया गया और भूकंप का केंद्र जमीन की सतह के काफी पास रहा. दिल्‍ली में आए भूकंप का केंद्र जमीन से महज 5 किलोमीटर नीचे था. दिल्‍ली भूकंप के लिहाज से संवेदनशील है और उच्‍च जोखिम वाले सिस्‍मिक जोन 4 में आता है. भूकंप का केंद्र दिल्‍ली जरूर था, लेकिन भूकंप का झटका बेहद हल्‍का था. ऐसे में जान-माल के नुकसान की कोई खबर नहीं है. भूकंप के बाद दिल्‍ली-एनसीआर में हालात सामान्‍य हैं. विशेषज्ञों के अनुसार, 2.8 तीव्रता के भूकंप से किसी तरह के नुकसान की आशंका नहीं होती है.  इस महीने कई जगहों पर दर्ज किए गए भूकंप  भारत के विभिन्‍न इलाकों में जनवरी महीने के दौरान कई भूकंप दर्ज किए गए हैं. शुक्रवार और शनिवार की दरमियानी रात गुजरात के कच्छ जिले में 4.1 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया था, जिसके बाद स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई थी. गांधीनगर स्थित भूकंपीय अनुसंधान संस्थान (आईएसआर) ने बताया था कि भूकंप शुक्रवार देर रात एक बजकर 22 मिनट पर आया और इसका केंद्र जिले के खावड़ा से लगभग 55 किलोमीटर उत्तर-उत्तरपूर्व में था. भूकंप संवेदनशील जोन-4 में आता है दिल्ली-NCR भूकंप के झटके एक बार फिर याद दिलाते हैं कि दिल्ली-एनसीआर भूकंप संवेदनशील जोन-4 में आता है और यहां भूकंप के बड़े झटके कभी भी आ सकते हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि छोटे झटके बड़े भूकंप का संकेत भी हो सकते हैं, इसलिए लोगों को तैयार रहना चाहिए. अभी तक कोई नुकसान नहीं हुआ है, लेकिन सुबह के इस झटके ने लोगों को डरा दिया है. इससे पहले बुधवार 14 जनवरी को भी राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में भूकंप के झटके महसूस किए गए. इस भूंकप का केंद्र हरियाणा के सोनीपत स्थित गोहाना था, जिसकी तीव्रता रीक्टर स्केल पर 3.4 मापी गई. इस भूकंप के झटके दिल्ली तक झटके महसूस किए गए और कई लोग घबराकर अपने घरों और दफ्तरों से बाहर निकल आए थे. क्यों आते हैं भूकंप? भूकंप वैज्ञानिकों के अनुसार, हमारी धरती की सतह मुख्य रूप से सात बड़ी और कई छोटी टेक्टोनिक प्लेट्स से बनी है. ये प्लेट्स लगातार हरकत करती रहती हैं और अक्सर आपस में टकराती हैं. इस टक्कर के परिणामस्वरूप प्लेट्स के कोने मुड़ सकते हैं और अत्यधिक दबाव के कारण वे टूट भी सकती हैं. ऐसे में नीचे से निकली ऊर्जा बाहर की ओर फैलने का रास्ता खोजती है और यही ऊर्जा जब जमीन के अंदर से बाहर आती है, तो भूकंप आता है. भूकंप के लिहाज से संवेदनशील है दिल्‍ली  भारत के भूकंप संवेदनशील इलाकों में दिल्‍ली भी शामिल है. दिल्ली भूकंप के लिहाज से बहुत जोखिम वाले जोन 4 में है. जोन 2 कम जोखिम वाले, जोन 3 मध्यम जोखिम वाले और जोन 5 सबसे अधिक जोखिम वाले इलाके हैं. दिल्ली ऐसा इलाका है, जहां पर बहुत जोखिम वाले भूकंप आ सकते हैं. साथ ही हिमालयी इलाके में आने वाले भूकंप की जद से भी दिल्‍ली बहुत दूर नहीं है.  खासतौर पर पर सेंट्रल हिमालय जहां 8 या उससे अधिक की तीव्रता का भूकंप आने की आशंका बनी रहती है.   इसलिए आता है भूकंप  पृथ्वी की सतह के नीचे टेक्टोनिक प्लेटों में अक्‍सर हलचल है और इसके कारण ही भूकंप आते हैं. पृथ्वी की बाहरी परत कई बड़ी प्लेटों में बंटी होती है और यह धीमी गति से खिसकती हैं. हालांकि जब यह प्लेटें आपस में टकराती हैं तो ऊर्जा का बड़ा विस्फोट होता है, जिसे हम भूकंप कहते हैं.

26 जनवरी से पहले दिल्ली के खिलाफ बांग्लादेशी आतंकी हमला कर सकते हैं, सरकार ने जारी किया हाई अलर्ट

नई दिल्ली  रिपब्लिक डे पर दिल्ली समेत भारत के कुछ शहरों पर आतंकी खतरे का साया मंडरा रहा है. खालिस्तानी और बांग्लादेशी आंतकियों को लेकर 26 जनवरी से पहले सुरक्षा एजेंसियों का बड़ा अलर्ट आया है. 26 जनवरी के पहले खुफिया विभाग ने अपने अहम अलर्ट में कहा है कि खालिस्तानी आतंकी संगठन और बांग्लादेश के आतंकी संगठन 26 जनवरी 2026 के मद्देनजर देश की राजधानी दिल्ली समेत दूसरे कई शहरों को निशाना बनाने की फिराक में हैं. इस अलर्ट को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े हो गए हैं. खुफिया विभाग के अलर्ट में यह भी कहा गया है कि पंजाब के गैंगस्टर अब विदेश में बैठे खालिस्तानी और कट्टरपंथी हैंडलरों के फुट सोल्जर बनते जा रहे हैं. खूफिया विभाग के अलर्ट के मुताबिक, ये गैंगस्टर हरियाणा, पंजाब, दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में सक्रिय हैं, जो खालिस्तानी आतंकवादियों से जुड़ रहे है. उनके इशारे पर ही ये गैंगस्टर अब आतंकी बनकर दहशत फैलाने की फिराक में हैं. खालिस्तानी आतंकी और बांग्लादेश के कुछ आतंकी मिलकर 26 जनवरी के मद्देनजर देश का माहौल खराब कर सकते हैं. खुफिया अलर्ट में यह भी कहा गया है कि पंजाब और उत्तर भारत–एनसीआर के अन्य हिस्सों में सक्रिय संगठित आपराधिक सिंडिकेट्स के पास न केवल देशी हथियार बल्कि अत्याधुनिक हथियारों की भी बड़ी खेप मौजूद है. यही आंतरिक सुरक्षा के लिहाज़ से गंभीर चिंता का विषय है. अलर्ट के मुताबिक विदेशी खालिस्तानी और कट्टरपंथी हैंडलर इन गैंगस्टर नेटवर्क का इस्तेमाल अपने एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए कर रहे हैं. वहीं, बांग्लादेश के कुछ आतंकी और प्रतिबिंबित संगठन से जुड़े ऑउटफिट दिल्ली में गड़बड़ी मचा सकते हैं. न्यूज18 इंडिया के पास खूफिया अलर्ट की कॉपी मौजूद है. फिलहाल, आतंकी संगठन के नाम का खुलासा नहीं हुआ है.

दिल्ली में 20 साल का ठंडा रिकॉर्ड टूटा, जानें आपके राज्य में कब आएगी बारिश और कहां होगी ठिठुरन

नईदिल्ली  देश की राजधानी दिल्ली सहित उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड और कोहरे का डबल अटैक जारी है। भारत मौसम विज्ञान विभाग की ताजा चेतावनी ने चिंताओं को और बढ़ा दिया है। मौसम विभाग ने अगले 2-3 दिनों के लिए कई राज्यों में 'गंभीर शीतलहर' की चेतावनी जारी की है। कोहरे के कारण विजिबिलिटी कम होने से यातायात बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। 2.3 डिग्री के साथ जमी दिल्ली दिल्ली में ठंड ने पिछले दो दशकों के रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं। पालम में पारा 2.3 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया, जो पिछले 20 साल में सबसे कम है। दिल्ली का औसत न्यूनतम तापमान 2.9 डिग्री दर्ज किया गया। कड़ाके की ठंड के साथ प्रदूषण भी बढ़ गया है। दिल्ली का AQI 343 (बहुत खराब) श्रेणी में पहुंच चुका है। दिल्ली में शुक्रवार को भी शीतलहर जारी रहेगी और शाम को बादल छा सकते हैं। पहाड़ों पर बर्फबारी, मैदानी इलाकों में बारिश 16 से 21 जनवरी के बीच उत्तर भारत के मौसम में एक बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल और उत्तराखंड में मध्यम बारिश और बर्फबारी की संभावना है। कश्मीर की डल झील का पानी कई जगहों पर जम गया है। वहीं, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, राजस्थान और पश्चिमी यूपी में 18 से 20 जनवरी के बीच छिटपुट बारिश हो सकती है। यूपी में बारिश से बढ़ेगी ठंड वहीं, देश के सबसे बड़े सूबे उत्तर प्रदेश में एक बार फिर से मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा। पिछले कई दिनों से दोपहर में हो रही धूप से ठंड से कुछ राहत मिली थी, लेकिन अब एक बार फिर ठंड ने अपना प्रकोप दिखाना शुरू कर दिया है। मौसम विभाग के अनुसार, 19 और 20 जनवरी को यूपी के कुछ हिस्सों में बारिश हो सकती है। इससे ठंड में और इजाफा होगा। राजस्थान में मौसम का मिजाज राजस्थान के कई हिस्से में शीतलहर और घने कोहरे का प्रकोप जारी है। मौसम विभाग के अनुसार, आगामी कुछ दिनों में तापमान में मामूली बढ़ोतरी होने की संभावना जताई गई है। एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से 17-18 जनवरी को राज्य के उत्तरी व पश्चिमी हिस्से में कहीं-कहीं आंशिक बादल छाए रहने की संभावना है। इससे आगामी 48 घंटों में न्यूनतम तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस बढ़ोतरी होने व शीतलहर से राहत मिलने का अनुमान है। वहीं, एक और मजबूत पश्चिमी विक्षोभ 22 से 24 जनवरी के दौरान सक्रिय हो सकता है।

एयरपोर्ट पर अफरा-तफरी: दिल्ली से जा रही फ्लाइट के APU में आग, दूसरी विमान का इंजन भी क्षतिग्रस्त

नई दिल्ली दिल्ली में 24 घंटे के भीतर एयर इंडिया के दो विमानों में सवार यात्री बाल-बाल बच गए। एक विमान के एपीयू में आग लगने के बाद उसे आनन-फानन में इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर वापस उतारा गया तो दूसरे के इंजन ने एक कंटेनर को खींच लिया। गनीमत रही कि कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ।   सिंगापुर जा रहा एयर इंडिया का एक विमान तकनीकी खराबी के कारण बुधवार देर रात राष्ट्रीय राजधानी लौट आया। पीटीआई ने सूत्रों के हवाले से बताया कि विमान में करीब 190 लोग सवार थे। सूत्रों के अनुसार, ड्रीमलाइनर विमान में एपीयू (ऑक्सिलियरी पावर यूनिट) में आग की चेतावनी मिली, जिसके बाद विमान करीब एक घंटे तक हवा में रहने के बाद दिल्ली लौट आया। यात्रियों को वैकल्पिक विमान से सिंगापुर भेजा गया। इस संबंध में संपर्क करने पर एयर इंडिया के एक प्रवक्ता ने बताया कि 14 जनवरी को दिल्ली से सिंगापुर जा रही उड़ान एआई 2380 के परिचालन दल ने संभावित तकनीकी समस्या के चलते उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद एहतियातन दिल्ली लौटने का फैसला किया। रात करीब एक बजे IGI पर दोबारा उतरा प्रवक्ता ने एक बयान में कहा, 'विमान दिल्ली में सुरक्षित उतरा। दिल्ली में हमारी टीमों ने यात्रियों को सभी आवश्यक सहायता प्रदान की और उन्हें वैकल्पिक विमान से सिंगापुर के लिए रवाना किया गया।' प्रवक्ता ने इस अप्रत्याशित स्थिति के कारण यात्रियों को हुई असुविधा को लेकर खेद भी जताया। उड़ानों पर नजर रखने वाली वेबसाइट ‘फ्लाइटरडार24 डॉट कॉम’ पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार, बोइंग 787-9 विमान से संचालित यह उड़ान करीब एक घंटे तक हवा में रही और बुधवार देर रात करीब एक बजे दिल्ली में वापस उतरी। विमान के इंजन में घुसा कंटेनर एक अन्य घटना में एयर इंडिया के एक विमान ने एयरपोर्ट पर एक कंटेनर को अपनी ओर खींच लिया। इससे इंजन क्षतिग्रस्त हो गया। हिन्दुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक एयर इंडिया के A350 विमान के इंजन में गुरुवार को कंटेनर घुस गया। इससे इंजन क्षतिग्रस्त हो गया। विमान में सवार एक यात्री ने घटना को अपने मोबाइल कैमरे में कैद किया। घटना पर एयर इंडिया का बयान सामने नहीं आया है।  

जालंधर की अदालत का बड़ा फैसला: आतिशी से जुड़ा वीडियो फर्जी, हटाने के निर्देश

नई दिल्ली आम आदमी पार्टी की नेता आतिशी के वीडियो मामले जालंधर की एक अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। फॉरेंसिक जांच की रिपोर्ट आने के बाद कोर्ट ने पाया है कि जांच में पता चला है कि वीडियो के साथ छेड़छाड़ की गई थी। इस रिपोर्ट के आधार पर कोर्ट ने इस वीडियो को सभी सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म से हटाने के निर्देश दिए हैं।साथ ही, जिन भी अकाउंट्स से यह वीडियो पोस्ट किया गया है, उनसे संबंधित सभी लिंक भी डिलीट करने के निर्देश दिए गए हैं।

दिल्ली में लॉरेंस बिश्नोई के शार्प शूटरों के साथ मुठभेड़, एक आरोपी नाबालिग; कांस्टेबल की जान बची

नई दिल्ली दिल्ली पुलिस की नॉर्थ डिस्ट्रिक्ट एंटी-नारकोटिक्स टीम और बदमाशों के बीच बुधवार देर रात एक एनकाउंटर हुआ। गोलाबारी के बाद पुलिस ने लॉरेंस बिश्नोई गैंग के दो शार्पशूटर्स को गिरफ्तार किया। एक गुप्त सूचना के बाद पुलिस ने हीरानाकी मोड के पास जाल बिछाया था। एनकाउंटर के दौरान दोनों तरफ से गोलीबारी हुई जिसमें एक अपराधी के पैर में गोली लगने से वह जख्मी हो गया। एक पुलिस कांस्टेबल को भी गोली लगी लेकिन बुलेटप्रूफ जैकेट की वजह से वह बाल-बाल बच गया। पकड़े गए अपराधियों की पहचान दीपक और एक नाबालिग के रूप में हुई है। हथियार भी बरामद पुलिस ने इनके कब्जे से दो पिस्टल, जिंदा कारतूस और एक स्कूटर बरामद की है। आरोपी हाल ही में पश्चिम विहार और वेस्ट विनोद नगर में हुई फायरिंग की घटनाओं में शामिल थे। पुलिस ने बताया कि सोमवार रात पश्चिम विहार में एक जिम के बाहर दो अज्ञात मोटरसाइकिल सवार बदमाशों ने कथित तौर पर हवाई फायरिंग की थी। कई राउंड हुई थी फायरिंग दिल्ली पुलिस के मुताबिक, फायरिंग की घटना की सूचना करीब 11 बजे मिली थी। घटनास्थल पर पहुंचने पर पुलिस को पता चला कि दो बाइक सवार शख्स ने पश्चिम विहार में आउटर रिंग रोड पर आरके फिटनेस के बाहर कई राउंड पायरिंग की।

दिल्ली में प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती, मकर संक्रांति पर खुले 81 आयुष्मान आरोग्य मंदिर

नई दिल्ली मकर संक्रांति के अवसर पर दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने राष्ट्रीय राजधानी के लोगों को बड़ी सौगात दी है। बुधवार को उन्होंने दिल्ली भर में 81 नए आयुष्मान आरोग्य मंदिरों का उद्घाटन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन नए केंद्रों के शुरू होने से दिल्ली के नागरिकों को उनके घर के पास ही बेहतर, सुलभ और सम्मानजनक स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी। उद्घाटन के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि इससे पहले दिल्ली में 238 आयुष्मान आरोग्य मंदिर पहले से ही काम कर रहे थे। अब 81 नए केंद्र जुड़ने के बाद राजधानी में कुल 319 आयुष्मान आरोग्य मंदिर हो जाएंगे। उन्होंने कहा, "आज मकर संक्रांति के दिन 81 नए आरोग्य मंदिर शुरू किए गए हैं। इसके साथ ही दिल्ली के लोगों को अधिक आरामदायक और आसानी से उपलब्ध होने वाली स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी।" मुख्यमंत्री ने बताया कि आयुष्मान आरोग्य मंदिर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की तरह काम करते हैं और दिल्ली की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि ये केंद्र बड़े अस्पतालों पर बढ़ते दबाव को कम करेंगे और आम लोगों की रोजमर्रा की स्वास्थ्य जरूरतों को समय पर पूरा करने में मदद करेंगे। अब नागरिकों को छोटी-छोटी बीमारियों के इलाज के लिए दूर बड़े अस्पतालों में नहीं जाना पड़ेगा। रेखा गुप्ता ने यह भी बताया कि दिल्ली सरकार का लक्ष्य पूरे शहर में कुल 1,100 आयुष्मान आरोग्य मंदिर स्थापित करने का है और इस दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है। आने वाले महीनों में और भी केंद्र शुरू किए जाएंगे। इस मौके पर भाजपा विधायक सतीश उपाध्याय ने कहा कि जिस तरह से आयुष्मान आरोग्य मंदिरों का निर्माण किया जा रहा है, वह सराहनीय है। उन्होंने बताया कि भीम नगर और मालवीय नगर विधानसभा क्षेत्र में यह आठवां आरोग्य मंदिर है और यहां दो और आरोग्य मंदिर बनाए जाने हैं। एक दिन पहले दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री पंकज कुमार सिंह ने भी इस योजना को लेकर अहम जानकारी दी थी। उन्होंने कहा था कि आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के विस्तार से दिल्ली में सुलभ और निवारक स्वास्थ्य सेवाएं और मजबूत होंगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि 81 नए केंद्र जुड़ने के बाद दिल्ली में कुल आयुष्मान आरोग्य मंदिरों की संख्या बढ़कर 319 हो जाएगी। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि यह पहल राजधानी के दीर्घकालिक प्राथमिक स्वास्थ्य रोडमैप के तहत की जा रही है, जिसके तहत 1,100 से अधिक आयुष्मान आरोग्य मंदिर स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली सरकार 'सभी के लिए स्वास्थ्य' के राष्ट्रीय विजन के अनुरूप काम कर रही है। पंकज कुमार सिंह ने बताया कि हर आयुष्मान आरोग्य मंदिर में मुफ्त डॉक्टर परामर्श, जरूरी दवाइयां और जांच की सुविधा मिलेगी। इसके साथ ही डायबिटीज, ब्लड प्रेशर, कैंसर की स्क्रीनिंग, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएं, टीकाकरण, बच्चों की ग्रोथ मॉनिटरिंग, लाइफस्टाइल काउंसलिंग, मानसिक स्वास्थ्य सेवाएं, योग और पोषण से जुड़ी सलाह भी दी जाएगी। उन्होंने कहा कि ये मोहल्ला स्तर के स्वास्थ्य केंद्र महिलाओं, बुजुर्गों और गरीब परिवारों के लिए बेहद लाभकारी होंगे, क्योंकि इससे उन्हें लंबी दूरी तय करने और अस्पतालों की लंबी कतारों से राहत मिलेगी। स्वास्थ्य मंत्री ने यह भी जानकारी दी कि आयुष्मान भारत–प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना और आयुष्मान भारत-वय वंदना योजना के तहत दिल्ली में 13 जनवरी 2026 तक कुल 6,91,530 हेल्थ कार्ड जारी किए जा चुके हैं, जिनमें 2,65,895 वय वंदना कार्ड शामिल हैं। इसके अलावा, दिल्ली में अब 189 सूचीबद्ध अस्पताल हैं, जिनमें निजी, दिल्ली सरकार और केंद्र सरकार के अस्पताल शामिल हैं, जहां जरूरतमंद परिवारों को कैशलेस इलाज की सुविधा मिल रही है।

पर्यावरण से कमाई तक: दिल्ली सरकार का नया कार्बन क्रेडिट प्लान, कैसे होगी बंपर आमदनी?

नई दिल्ली दिल्ली कैबिनेट ने मंगलवार को कार्बन क्रेडिट मोनेटाइजेशन फ्रेमवर्क को मंजूरी दे दी है। इस फैसले से दिल्ली की हरित परियोजनाओं से होने वाली कार्बन उत्सर्जन में कमी को मापकर कार्बन क्रेडिट में बदला जाएगा और इन्हें राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय बाजारों में बेचा जाएगा। इससे पर्यावरण संरक्षण के लिए बिना सरकारी खजाने पर कोई अतिरिक्त बोझ डाले नया राजस्व स्रोत बनेगा।   दिल्ली अब हरित प्रयासों से कमाएगी राजस्व मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा, 'दिल्ली सरकार जलवायु परिवर्तन से लड़ने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इस फ्रेमवर्क से अतिरिक्त राजस्व मिलेगा, जिससे विकास कार्य तेज होंगे। यह पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देगा और राजस्व को राज्य के कंसॉलिडेटेड फंड में जमा कर सार्वजनिक कल्याण योजनाओं में लगाया जाएगा। दिल्ली कार्बन बाजार में अग्रणी राज्य बनेगी।' पर्यावरण मंत्री मंजिंदर सिंह सिरसा ने बताया कि दिल्ली पहले से ही बड़े पैमाने पर हरित बदलाव ला रही है। इसमें इलेक्ट्रिक वाहनों का विस्तार, इलेक्ट्रिक बसें, शहरी वानिकी, यमुना की सफाई, सोलर ऊर्जा का बढ़ता उपयोग, वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट और लैंडफिल से बायोगैस उत्पादन शामिल हैं। इन प्रयासों से होने वाली उत्सर्जन कटौती को वैज्ञानिक तरीके से मापा जाएगा। कैसे काम करेगा फ्रेमवर्क? एक मीट्रिक टन CO₂ (या समकक्ष ग्रीनहाउस गैस) कम होने पर एक कार्बन क्रेडिट मिलेगा। क्रेडिट को वीरा, गोल्ड सेटेंडर्ड या भारत के उभरते कार्बन मार्केट जैसे प्लेटफॉर्म पर रजिस्टर किया जाएगा। इन्हें बेचकर मिलने वाली कमाई सीधे राज्य के फंड में जाएगी। ये पूरी प्रक्रिया राजस्व-साझेदारी मॉडल पर आधारित है। सरकार को कोई शुरुआती खर्च नहीं करना पड़ेगा। विशेष एजेंसियां सफलता के बाद ही फीस लेंगी। पर्यावरण विभाग तीन विशेषज्ञ एजेंसियों को पैनल में शामिल करेगा, जो प्रोजेक्ट की पहचान, दस्तावेजीकरण, सत्यापन, क्रेडिट जारी करना और ट्रेडिंग में मदद करेंगी। मॉनिटरिंग, रिपोर्टिंग और वेरिफिकेशन (MRV) सिस्टम अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप होगा। अन्य राज्यों से प्रेरणा दिल्ली ने सफल मॉडलों से सीख ली है। इंदौर ने कंपोस्टिंग और सोलर प्रोजेक्ट्स से 50 लाख रुपये कमाए। मेघालय में किसानों को प्रति टन 40 यूरो मिले, जबकि अरुणाचल प्रदेश के छोटे हाइड्रो प्रोजेक्ट से 16,000 से ज्यादा टन क्रेडिट बने। दिल्ली अब इनसे आगे बढ़कर शहरी स्तर पर मिसाल कायम करेगी। दिल्ली फाइनेंशियल कॉर्पोरेशन बंद कैबिनेट ने दिल्ली फाइनेंशियल कॉर्पोरेशन (DFC) को बंद करने का भी फैसला लिया। यह संस्था लगातार घाटे में चल रही थी। इसकी नेट वर्थ माइनस 15.45 करोड़ रुपये हो गई और बैड लोन 55.8% तक पहुंच गए। रिकवरी की कोई संभावना नहीं बची थी। अब इन संसाधनों का बेहतर उपयोग होगा।  

अब तय! दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे कब खुलेगा? पूरी जानकारी—टोल चार्ज से रूट तक

नई दिल्ली दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर सफर का इंतजार अब बहुत जल्द खत्म होने वाला है। दिल्ली के अक्षरधाम मेट्रो स्टेशन से देहरादून तक 213 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेस फरवरी के पहले हफ्ते के बाद कभी भी ट्रैफिक के लिए खुल सकता है। इसके शुरू होने से दोनों शहरों के बीच सड़क यात्रा 3 घंटे से भी कम समय में पूरी हो जाएगी। 11000 करोड़ रुपये की लागत से हुआ 3 राज्यों को जोड़ने वाला यह एक्सप्रेसेव अब करीब-करीब तैयार है। इस कॉरिडोर पर अब बस कुछ ही काम बाकी बचा है। छोटे-छोटे हिस्सों को फाइनल किया जा रहा है, स्ट्रक्चर को ठीक किया जा रहा है और पिट स्टॉप को जल्दी-जल्दी तैयार किया जा रहा है ताकि यात्रियों को चाय, पानी और टॉयलेट मिल सकें। अक्षरधाम मेट्रो स्टेशन से लोनी तक इस रोड को गाड़ियों के लिए खोल दिया गया है, लेकिन फिनिशिंग का काम जारी होने से उससे आगे अभी ट्रैफिक को जाने की इजाजत नहीं दी गई है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे अब लगभग पूरा हो गया है, बस कुछ छोटा-मोटा काम ही बाकी है। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) के अनुसार कॉरिडोर लगभग तैयार है। एनएचएआई अधिकारियों ने कहा कि सभी चार चरणों में औसत फिजिकल प्रोग्रेस 99% से ज्यादा है और बचा हुआ काम कुछ ही दिनों में पूरा होने वाला है। एनएचएआई के एक अधिकारी ने बताया कि मेरठ-बागपत नेशनल हाईवे 334B पर 8 किमी इंटरचेंज पर कुछ छोटा-मोटा काम बचा हुआ है, जो अगले 10 दिनों में पूरा होने की उम्मीद है। दिल्ली देहरादून एक्सप्रेसवे स्पीड लिमिट और टोल चार्ज दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे खुलने के बाद दिल्ली से देहरादून तक कार से यात्रा में तीन घंटे से भी कम समय लगेगा। इस रूट पर चार टोल प्लाजा बनाए गए हैं। फास्टैग सालाना पास के जरिये यात्री सिर्फ 60 रुपये में एक साइड की यात्रा पूरी कर सकते हैं। सालाना पास नहीं होने पर उन्हें लगभग 500 रुपये टोल चुकाना होगा। कारों के लिए अधिकतम स्पीड लिमिट 100 किमी प्रति घंटा और बस एवं ट्रकों के लिए 80 किमी प्रति घंटा तय की गई है। चार फेज में बनाया गया दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे फेज- I (31.6 KM) : अक्षरधाम से ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे तक, यह ब्राउनफील्ड स्ट्रेच मौजूदा सड़क को सर्विस रोड के साथ छह-लेन एलिवेटेड कॉरिडोर में बदलता है। फेज-II (120 KM): बागपत से सहारनपुर बाईपास तक यह पूरी तरह से ग्रीनफील्ड सेक्शन है। फेज-III (42 KM): सहारनपुर बाईपास से उत्तराखंड में गणेशपुर तक यह स्ट्रेच पूरी तरह से तैयार है। फेज-IV (20 KM): गणेशपुर से देहरादून तक इस सेक्शन में ब्राउनफील्ड और ग्रीनफील्ड दोनों हिस्से शामिल हैं और यह सबसे बड़ी चुनौती थी।  

अब और मरीजों को मिलेगा मुफ्त इलाज, दिल्ली सरकार ने लागू किया नया कदम

नई दिल्ली रेखा गुप्ता सरकार ने दिल्ली हाई कोर्ट को जानकारी देते हुए बताया है कि ज्यादा से ज्यादा लोगों तक मुफ्त इलाज की सुविधा का फायदा पहुंचाने के उद्देश्य से सरकार ने EWS (आर्थिक रूप से कमजोर) वर्ग की सालाना आय सीमा तो बढ़ाकर 5 लाख रुपए तक कर दिया गया है। राज्य सरकार ने बताया कि निम्न आय वर्ग के लोगों को यह सुविधा सभी सरकारी अस्पतालों और रियायती दरों पर दी गई जमीन पर बने शहर के अस्पतालों में मिलेगी। जिसके बाद हाई कोर्ट ने भी दिल्ली सरकार की दलीलों को रिकॉर्ड पर लिया।   9 साल पहले लिया था स्वतः संज्ञान इस दौरान उच्च न्यायालय ने बताया कि सक्षम अथॉरिटी ने EWS सीमा की सालाना आय 2.20 लाख रुपए से बढ़ाकर 5 लाख रुपए करने को सहमति दे दी है। जस्टिस प्रतिभा एम सिंह और मनमीत पीएस अरोड़ा की बेंच ने यह बात 8 जनवरी को रेखा गुप्ता सरकार की दलीलों को रिकॉर्ड पर लेते हुए कही। कोर्ट सरकारी अस्पतालों में क्रिटिकल केयर की कमी पर स्वतः संज्ञान लेकर शुरू हुए एक मामले की सुनवाई कर रहा था। सालाना 5 लाख रुपए तक की आय वाले उठा सकेंगे फायदा कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए कहा, 'दिल्ली में स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ उठाने के इच्छुक सभी व्यक्ति अब जरूरी शर्तों को पूरा करने के बाद 5 लाख रुपए की निम्न आय वर्ग सीमा के तहत लाभ पाने के हकदार होंगे। सालाना आय की सीमा में यह बढ़ोतरी दिल्ली के सभी सरकारी अस्पतालों और रियायती दरों पर आवंटित ज़मीन पर बने सभी पहचाने गए प्राइवेट अस्पतालों पर लागू होगी, जहां EWS नियम लागू हैं।' इससे पहले तक वार्षिक इतनी इनकम वालों को ही मिलता था फायदा अपने फैसले में कोर्ट ने राज्य सरकार व संबंधित विभागों को इस बढ़ोतरी का पर्याप्त प्रचार करने का निर्देश भी दिया ताकि नागरिकों को इसके बारे में पता चले और वे इसका लाभ उठा सकें। बेंच को बताया गया कि डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ हेल्थ सर्विसेज़ ने कोर्ट के पिछले निर्देशों का पालन करते हुए 2 जनवरी को EWS की सालाना आय सीमा को 2.20 लाख रुपए से बढ़ाकर 5 लाख रुपए करने का आदेश पारित किया था। कोर्ट ने यह बात साल 2017 में स्वतः संज्ञान लेते हुए किए एक मामले की सुनवाई के दौरान कही, जिसमें राष्ट्रीय राजधानी के सरकारी अस्पतालों में आपातकालीन इलाज में कमी की वजह से साल 2017 में शुरू किए गए एक स्वतः संज्ञान मामले की सुनवाई कर रहा था। हाई कोर्ट ने पहले AIIMS के डायरेक्टर को डॉ. एसके सरीन समिति की सिफारिशों को लागू करने की जिम्मेदारी लेने का निर्देश दिया था, जिसने स्वास्थ्य प्रणाली में कई कमियों की ओर इशारा किया था, जिसमें खाली पद, महत्वपूर्ण फैकल्टी सदस्यों की कमी और इंफ्रास्ट्रक्चर शामिल हैं। इस मामले में वकील अशोक अग्रवाल को एमिकस क्यूरी नियुक्त किया गया था।