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नांगलोई में दर्दनाक सड़क हादसा, डीटीसी बस ने कई लोगों को कुचला

नई दिल्ली  बाहरी दिल्ली के नांगलोई इलाके में सोमवार सुबह एक बड़ा सड़क हादसा हो गया। नांगलोई–नजफगढ़ रोड पर थाना निहाल विहार क्षेत्र के कमरुद्दीन नगर गांव मोड़ के पास डीटीसी की एक बस ने कई लोगों को टक्कर मार दी। हादसा इतना गंभीर था कि मौके पर ही दो लोगों की मौत हो गई, जबकि एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। डीटीसी बस तेज रफ्तार में आ रही थी। इस दौरान बस ने पहले एक स्कूटर सवार युवक को कुचल दिया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि युवक की मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद बस आगे बढ़ते हुए एक ई-रिक्शा और सड़क किनारे मौजूद कुछ लोगों को भी अपनी चपेट में लेती चली गई। हादसे में कई लोग घायल हो गए, जिन्हें तुरंत पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास के लोग और स्थानीय निवासी बड़ी संख्या में वहां जमा हो गए। हादसे से नाराज लोगों ने बस में तोड़फोड़ शुरू कर दी और गुस्से में बस में आग भी लगा दी। स्थिति को काबू में करने के लिए दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची और आग बुझाने का काम शुरू किया। हादसे की जानकारी मिलते ही पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। डीसीपी विक्रम सिंह और ज्वाइंट सीपी जतिन नरवाल ने मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का जायजा लिया और पुलिस टीम को जांच के निर्देश दिए। पुलिस ने तुरंत स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की। दिल्ली पुलिस के मुताबिक, इस मामले में केस दर्ज कर लिया गया है और हादसे की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हादसा किस वजह से हुआ और बस चालक की क्या भूमिका रही। फिलहाल घायलों का अस्पताल में इलाज चल रहा है और पुलिस आसपास के लोगों से भी जानकारी जुटा रही है। इस हादसे के बाद इलाके में कुछ समय के लिए तनाव की स्थिति भी बन गई थी, लेकिन फिलहाल स्थिति सामान्य बताई जा रही है।

दिल्ली हाईकोर्ट में CBI की अपील पर सुनवाई, केजरीवाल और सिसोदिया सहित 23 आरोपियों को नोटिस

नई दिल्ली राउज एवेन्यू कोर्ट ने दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया समेत कुल 23 लोगों को शराब घोटाले में बरी कर दिया था। सीबीआई ने राउज एवेन्यू कोर्ट के इस फैसले को चुनौती दी है। हाई कोर्ट ने सभी 23 पक्षों को नोटिस जारी कर अपना रुख स्पष्ट करने को कहा है।   दिल्ली शराब नीति घोटाला मामले में दिल्ली हाईकोर्ट में आज अहम सुनवाई हुई। दिल्ली की आबकारी नीति से जुड़े भ्रष्टाचार मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने राउज एवेन्यू कोर्ट के उस फैसले को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी है, जिसमें आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक और पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया तथा कुल 23 आरोपियों को आरोपमुक्त किया था। सीबीआई की तरफ से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता पक्ष रखा।   केजरीवाल-सिसोदिया समेत 23 को नोटिस, ED केस में सुनवाई पर रोक दिल्ली हाई कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट को मनी लॉन्ड्रिंग मामले से जुड़े केस की सुनवाई से रोक दिया है। हाई कोर्ट ने निर्देश दिया है कि ट्रायल कोर्ट में चल रही ईडी मामले की कार्यवाही को तब तक के लिए टाल दिया जाए, जब तक कि सीबीआई की इस याचिका पर फैसला नहीं हो जाता। वहीं, अदालत ने ट्रायल कोर्ट के फैसले में जांच अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई के स्टेटमेंट पर भी रोक लगाई। मामले में सभी पक्षकारों को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है। आज सुनवाई के दौरान केजरीवाल मनीष सिसोदिया या अन्य किसी भी आरोपी के तरफ से कोई भी पेश नहीं हुआ था। अगली सुनवाई 16 मार्च को होगी। एसजी तुषार मेहता ने हाई कोर्ट में कहा कि यह मामला पूरी तरह से भ्रष्टाचार का है, इस मामले में आरोपियों द्वारा कुल 170 फोन नष्ट किए गए हैं। कोरोना महामारी के दौरान जिस समय पूरा देश लॉकडाउन में था और आवागमन पूरी तरह से प्रतिबंध था उस समय रिश्वत लेने देने के लिए प्राइवेट जेट तक का इस्तेमाल किया गया। ट्रायल कोर्ट के आदेश में अप्रूवर दिनेश अरोड़ा के बयानों को पूरी तरह से खारिज कर दिया गया। दिनेश अरोड़ा इस मामले में महत्वपूर्ण गवाह है। उन्होंने बताया है कि मीटिंग्स में क्या हुआ। दिनेश अरोड़ा के बयानों को आरोप तय करने के स्टेज पर स्वीकार किए जाने चाहिए। सीबीआई ने अपनी 974 पेज की लंबी याचिका में निचली अदालत के फैसले को चौंकाने वाला और गैरकानूनी करार दिया है। एजेंसी का कहना है कि ट्रायल कोर्ट ने महत्वपूर्ण सबूतों को नजरअंदाज किया और जांच में सामने आए तथ्यों पर सही से विचार नहीं किया। याचिका में दावा किया गया है कि आबकारी नीति में साजिश रचकर कुछ निजी कंपनियों को फायदा पहुंचाने का मामला स्पष्ट था, लेकिन निचली अदालत ने इसे नजरअंदाज कर दिया। मामला 2021-22 की दिल्ली उत्पाद शुल्क नीति से जुड़ा है, जिसे आप सरकार ने लागू किया था, लेकिन भ्रष्टाचार, रिश्वत और कार्टेलाइजेशन के आरोपों के बीच जुलाई 2022 में ही रद्द कर दिया गया था। सीबीआई ने आरोप लगाया था कि नीति को जानबूझकर इस तरह तैयार किया गया, ताकि शराब कारोबार में कुछ लोगों को एकाधिकार मिले और करोड़ों रुपये की रिश्वत का लेन-देन हुआ। 27 फरवरी 2026 को स्पेशल जज जितेंद्र सिंह की अदालत ने 598 पेज के आदेश में सभी 23 आरोपियों को बरी कर दिया था। अदालत ने कहा था कि सीबीआई का केस पूर्व नियोजित और बनावटी है। केवल बयानों पर केस बनाया गया। अदालत ने जांच अधिकारी के खिलाफ विभागीय जांच के भी आदेश दिए थे। सीबीआई की याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट में 9 मार्च यानी आज सुनवाई हुई। यह मामला हाईकोर्ट की जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा की एकल पीठ के समक्ष सूचीबद्ध है।

रायसीना मंच से जयशंकर का बड़ा बयान, कहा— भारत दुनिया को एक प्लेटफॉर्म पर ला सकता है

नई दिल्ली.  भारत की राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में आयोजित रायसीना डायलॉग 2026 के 11वें संस्करण का आज आखिरी दिन है। इस मौके पर भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने कार्यक्रम को संबोधित किया और हिंद महासागर में भारत की कूटनीति की सराहना की। ईएएम जयशंकर ने बताया कि भारत के पास सभी देशों को एक प्लेटफॉर्म पर साथ लाने की काबिलियत है, क्योंकि वे हम पर ज्यादा भरोसा करते हैं। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा, "जब हिंद महासागर की बात आती है तो भारत की एक खास अहमियत है और इसलिए एक खास जिम्मेदारी और एक खास योगदान है। यह सिर्फ इसलिए नहीं है कि हम बड़े और सेंट्रल हैं, बल्कि इसलिए भी है क्योंकि हमारे पास सच में बहुत सारे देशों को टेबल पर या प्लेटफॉर्म पर साथ लाने की क्षमता है क्योंकि हमारे उनके साथ अच्छे संबंध हैं। शायद वे हम पर ज्यादा भरोसा करते हैं या वे हमारे साथ ज्यादा कम्फर्टेबल हैं, इसे आप जो चाहें कह सकते हैं।"  जयशंकर ने आगे कहा, "मेरे लिए इसका मतलब यह है कि गुरुग्राम के फ्यूजन सेंटर में इतने सारे लोग, इतने सारे देश, इतने सारे प्रतिनिधि हैं जो इस समय यहां एक साथ काम करने को तैयार हैं, साझा करने को तैयार हैं, एक समग्र तस्वीर बनाने को तैयार हैं। यह न केवल हिंद महासागर की महत्ता को दर्शाता है, बल्कि वैश्विक मंच पर भारत की भूमिका को भी रेखांकित करता है। हम निरंतर ऐसे संस्थानों का निर्माण कर रहे हैं, जिनमें आईओआर, कोलंबो सुरक्षा सम्मेलन और बिम्सटेक जैसे मंच शामिल हैं। यद्यपि हम जीसीसी जैसे कुछ समूहों का हिस्सा नहीं हैं, फिर भी ये सभी प्रयास एक वृहद हिंद महासागर की आधारशिला हैं। दूसरी ओर, प्रशांत क्षेत्र के देश भी इस व्यापक संरचना का आधार बन रहे हैं। ये एक बड़े प्रकार की समग्र तस्वीर की नींव हैं। अब इसके अलावा, यह द्विपक्षीय भी है।" भारत और इसके सहयोगियों के बारे में विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा, "जब मैं वहां अपने तीन सहयोगियों, सेशेल्स, मॉरीशस और श्रीलंका को उनकी नौसेनाओं और उनके तट रक्षकों के साथ देखता हूं, तो हमारा साथ मिलकर काम करने का एक लंबा इतिहास रहा है। उनमें से कई के पास भारतीय मूल के जहाज या शिल्प हैं। हमने एक साथ प्रशिक्षण किया है, हमने एक साथ अभ्यास किया है और सिर्फ उनके साथ ही नहीं, अगर आप वास्तव में हिंद महासागर या भारत-प्रशांत में बड़े अभ्यासों को देखें, तो ऑस्ट्रेलिया फिर से एक बहुत ही महत्वपूर्ण अभ्यास भागीदार है।" उन्होंने कहा कि आप भारतीय नौसेना या भारतीय तट रक्षक को देखें, वास्तव में उनमें से प्रत्येक में यह एक सामान्य तत्व है। मेरा मतलब है कि यदि आप समुद्री गतिविधियों की समग्रता को लेते हैं और कहते हैं कि किस देश में सबसे अधिक विशेषताएं हैं, तो हम वहां हैं। हम सिंगापुर में समुद्री डकैती का मुकाबला करने के लिए आधारित संगठन के सदस्य हैं, लेकिन इसका एक हिस्सा उपस्थिति है, एक साथ काम करना है। लेकिन हम वास्तव में व्यावहारिक रूप से मदद करते हैं; हम ड्रग्स नेटवर्क का मुकाबला करने के मामले में मदद करते हैं, हम आईयूयू मछली पकड़ने से निपटते हैं। हम एचएडीआर की स्थिति से निपटते हैं, हम ऑयल स्पिल से डील करते हैं। श्रीलंका में एक बड़ा ऑयल स्पिल हुआ था, मॉरीशस में एक बड़ा ऑयल स्पिल हुआ था। असल में इंडियन वेसल ही थे जो सबसे पहले वहां गए और सफाई में मदद की। मेरे कहने का मतलब यह है कि जब आपने "नेट सिक्योरिटी प्रोवाइडर" शब्द का इस्तेमाल किया, तो हां, हम एक नेट सिक्योरिटी प्रोवाइडर हैं।

कैंसर, दृष्टिबाधा और असफलताएं भी नहीं रोक पाईं कदम, संजय दहरिया ने तीसरे प्रयास में क्रैक की UPSC

नई दिल्ली. जुनून, लगन और हार न मानने की जिद। इन सबका जीता जागता उदाहरण हैं संजय दहरिया। छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले के संजय दहरिया ने छह साल तक कैंसर से जूझने और तीन नौकरियां छोड़ने के बाद अपने तीसरे प्रयास में यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2025 में 946वीं रैंक हासिल की है। बेलटुकरी के एक किसान के 38 साल के इस पुत्र ने अपने परिवार और गांव के लोगों को अपार गर्व और खुशी दी है। दहरिया की शैक्षणिक यात्रा एक स्थानीय सरकारी स्कूल से शुरू हुई। कक्षा 5 में जवाहर नवोदय विद्यालय, माना (रायपुर) में चयन होने के बाद इसमें एक महत्वपूर्ण मोड़ आया। दहरिया के लिए सिविल सेवाओं तक का सफर पेशेवर और व्यक्तिगत दोनों ही दृष्टि से चुनौतियों से भरा था। पश्चिम बंगाल में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में 2009 से 2011 तक काम करने के बाद उन्होंने उच्च लक्ष्यों पर ध्यान केंद्रित करने के लिए इस्तीफा दे दिया। हालांकि, 2012 में उन्हें लार ग्रंथियों के कैंसर का पता चला, जिसके कारण छह साल तक उनका कठिन इलाज चला। दृष्टिबाधित होने के बावजूद दहरिया ने हार नहीं मानी और सिविल सेवाओं में अपना लक्ष्य हासिल करने के लिए लगातार प्रयास जारी रखा। उन्होंने रायपुर के एक बैंक और महासमुंद डाकघर में काम करते हुए अपने करियर को आगे बढ़ाया। उन्होंने 2022 में यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में भाग लेना शुरू किया और अपने लक्ष्य के प्रति पूरी तरह समर्पित होकर 2025 में तीसरे प्रयास में सफलता प्राप्त की। दहरिया ने अपनी सफलता का श्रेय बीमारी के दौरान अपने परिवार और मार्गदर्शकों के अटूट समर्थन को दिया। उन्होंने कहा कि मैं सिविल सेवाओं के माध्यम से देश की सेवा करने की आशा रखता हूं। चाहे मुझे आईएएस कैडर मिले या कोई अन्य सेवा, लोक सेवा के प्रति मेरी प्रतिबद्धता दृढ़ रहेगी। महासमुंद के कलेक्टर विनय कुमार लांगेह और जिला शिक्षा अधिकारी विजय कुमार लहरे ने दहरिया को बधाई देते हुए उनकी उपलब्धि की सराहना की, जो साहस और दृढ़ता का एक उदाहरण है।

ट्रैफिक नियम तोड़ना पड़ेगा महंगा: दिल्ली में जल्द लागू होगा AI-आधारित चालान सिस्टम

नई दिल्ली आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (AI) का भारत में काफी इस्तेमाल किया जा रहा है। जल्द ही दिल्ली में ट्रैफिक के नियमों का उल्लंघन करने वालों का चालान भी एआई काट सकता है। दिल्ली की पुलिस अपने ट्रैफिक सिस्टम में बड़ा बदलाव करने वाली है। ToI की रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली ट्रैफिक पुलिस AI से चलने वाला इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) लागू करने पर विचार कर रही है। इसमें स्मार्ट ट्रैफिक लाइट, ऑटोमेटेड चालान और ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) कैमरे आदि शामिल होंगे। इसका मतलब है कि इस सिस्टम के बाद ट्रैफिक पुलिस का काम काफी आसान होने वाला है और ट्रैफिक नियमों को तोड़ने वाले अब आसानी से बच नहीं पाएंगे। दिल्ली में लगेगा AI पावर्ड इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम दिल्ली पुलिस शहर में AI पावर्ड इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम लागू करने वाली है। इस सिस्टम के तहत स्मार्ट अडैप्टिव ट्रैफिक सिग्नल का इस्तेमाल किया जाएगा। साथ ही, ANPR कैमरों की मदद से ट्रैरिफ नियमों के उल्लंघन का पता लगाया जाएगा। इसके अलावा, ऑटोमेटेड चालान काटे जाएंगे। इतना ही नहीं, रियल टाइम में ट्रैफिक फ्लो को रेगुलेट करने में भी मदद मिलेगी। यह सिस्टम ट्रैफिक कर्मचारियों के मैनुअल काम को कम करेगा। रिपोर्ट की मानें तो अधिकारियों का कहना है कि इसका लक्ष्य भविष्य के लिए तैयार, स्केल करने वाला और टेक्नोलॉजी से चलने वाला ट्रैफिक इकोसिस्टम बनाना है, जो ट्रैफिक को बेहतर बनाए। कैमरा करेगा नियम तोड़ने वालों की पहचान ToI की रिपोर्ट के मुताबिक, इस सिस्टम की खासियत ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन कैमरे हैं। यह ट्रैफिक नियमों को तोड़ने वाली गाड़ियों की पहचान करेगा। इसका मतलब है नियमों का उल्लंघन का जल्द और आसानी से पता लगाया जा सकेगा। सिस्टम की मदद से तुरंत चालान बनेगा, मैन्युअल जांच पर निर्भरता कम होगी और बेहतर कंप्लायंस होगा। दिल्ली पुलिस के अनुसार, यह सिस्टम एडवांस्ड एनालिटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और रियल-टाइम मॉनिटरिंग के आधार पर चलेगा। क्या है उद्देश्य? इस प्लान के लागू होने के बाद दिल्ली में रोज गाड़ियों से यात्रा करने वाले को बड़ी रहात मिलेगी। यह सिस्टम रियल-टाइम ट्रैफिक रिपोर्ट देगा। इसकी वजह से लोग अपनी यात्रा की प्लानिंग अच्छे से कर पाएंगे। अधिकारियों के मुताबिक, इससे यात्रा का समय कम हो सकता है, फ्यूल की भी बचत हो सकती है, गाड़ियों से निकलने वाला एमिशन भी कम हो सकता है। हालांकि, यह सिस्टम कब लागू किया जाएगा, इसकी जानकारी अभी सामने नहीं आई है। फिलहाल, यह एक प्रस्तावित प्लान है।

सावधान दिल्ली-एनसीआर! आपकी सोचने-समझने की क्षमता पर मंडरा रहा है एक खतरनाक खतरा

लाइफस्टाइल और खान-पान में गड़बड़ी के साथ बढ़ती पर्यावरणीय समस्याएं कई तरह की बीमारियां बढ़ाती जा रही हैं। कम उम्र में ही दिल की बीमारी-हार्ट अटैक का खतरा हो या बढ़ते डायबिटीज और कैंसर के मामले, ये सभी स्वास्थ्य विशेषज्ञों की चिंता का कारण बने हुए हैं। आंकड़ों पर नजर डालें तो पता चलता है कि हाल के वर्षों में याददाश्त, सोचने-समझने की क्षमता को कमजोर करने वाली बीमारियों जैसे अल्जाइमर रोग-डिमेंशिया के मामले भी बढ़ते जा रहे हैं। आमतौर पर ये समस्याएं उम्रदराज लोगों, विशेषकर 60 साल के बाद वालों में अधिक देखी जाती रही हैं। हालांकि कई रिपोर्ट्स अलर्ट करते हैं कि अब 50 की उम्र में भी लोगों में अल्जाइमर के लक्षण देखे जा रहे हैं। कहीं आपकी भी  याददाश्त, सोचने-समझने की क्षमता कमजोर न हो जाए? दिल्ली जैसे शहरों में रहने वाले लोगों में इसका खतरा और भी देखा जा रहा है, आखिर इसके पीछे की वजह क्या है? आइए जान लेते हैं। वायु प्रदूषण के कारण अल्जाइमर रोग का खतरा अध्ययनकर्ताओं की एक टीम ने अलर्ट किया है कि जो लोग वायु प्रदूषण के अधिक संपर्क में रहते हैं, उनमें अल्जाइमर रोग होने का खतरा भी अधिक हो सकता है। अल्जाइमर एक गंभीर मस्तिष्क विकार है जो याददाश्त, सोचने की क्षमता और व्यवहार के तरीके को प्रभावित करती है। ऐसे लोगों में डिमेंशिया होने का जोखिम भी अधिक देखा जाता रहा है। यह मस्तिष्क कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाने वाली बीमारी है, जिससे सोचने-समझने में कठिनाई, दैनिक कार्यों में असमर्थता और व्यवहार में बदलाव जैसे गुस्सा या उलझन जैसे लक्षण होते हैं। यूएस में 27.8 मिलियन (2.78 करोड़) से अधिक लोगों पर किए गए अध्ययन में पाया गया है कि वायु प्रदूषण के संपर्क में आने से सीधे तौर पर अल्जाइमर रोग का खतरा बढ़ सकता है।       हाइपरटेंशन और स्ट्रोक जैसी पुरानी बीमारियों की तुलना में वायु प्रदूषण के संपर्क को इस बीमारी के लिए ज्यादा खतरनाक माना गया है।      जिन लोगों को पहले से ब्रेन स्ट्रोक की समस्या रही है, ऐसे लोगों में  एयर पॉल्यूशन का असर और भी गंभीर हो सकता है।     भारत में बढ़ता वायु प्रदूषण, विशेषतौर पर दिल्ली जैसे शहरों में देखा जा रहा प्रदूषण का खतरा इस बीमारी की चिंता को और बढ़ाने वाला हो सकता है। अध्ययन में क्या पता चला? प्लस वन मेडिसिन जर्नल में प्रकाशित रिपोर्ट में प्रकाशित रिपोर्ट से पता चलता है कि अल्जाइमर रोग के खतरे कम को करने के लिए वायु प्रदूषण से बचाव जरूरी है। जॉर्जिया स्थित एमोरी यूनिवर्सिटी की टीम ने कहा कि एयर क्वालिटी में सुधार डिमेंशिया को रोकने का एक जरूरी तरीका हो सकता है। इस अध्ययन के लिए शोधकर्ताओं ने साल 2000-2018 के दौरान 65 साल और उससे ज्यादा उम्र के लोगों को शामिल किया।       शोधकर्ताओं ने कहा, इस दौरान लगभग 30 लाख अल्जाइमर रोग के मामलों की पहचान की गई।     लेखकों ने कहा कि पीएम 2.5 के अधिक संपर्क वाली आबादी में अल्जाइर रोग और डिमेंशिया का खतरा ज्यादा देखा गया।     पीएम 2.5 जैसे प्रदूषकों के प्रति 3.8 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर की बढ़ोतरी से दिमाग की बीमारियों का खतरा और भी बढ़ता देखा गया है। क्या कहते हैं विशेषज्ञ? स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, वायु प्रदूषण (पीएम2.5) के अधिक संपर्क में रहने से हाइपरटेंशन, डिप्रेशन और स्ट्रोक होने का खतरा भी समय के साथ बढ़ता जाता है। ऐसे लोगों में मेंटल हेल्थ की समस्या जैसे स्ट्रेस और डिप्रेशन होने का जोखिम भी ज्यादा देखा जा रहा है। विशेषज्ञों ने कहा, ब्रेन की सेहत पर प्रदूषक तत्वों का गहरा असर होता है। अगर व्यापक उपाय अपनाकर प्रदूषण को कम कर लिया जाए तो इससे कई तरह की बीमारियों के खतरे को कम करने में मदद मिल सकती है।  

अब जानवर खुद बताएँगे अपनी कहानी! दिल्ली चिड़ियाघर में बाड़ों के बाहर लगे QR कोड

नई दिल्ली चिड़ियाघर में घूमने आए विजिटर्स अब वन्यजीवों के बाड़े के बाहर QR कोड वाले साइन बोर्ड से वन्यजीवों की सारी जानकारी तुरंत पढ़ सकेंगे। रेनोवेशन और विजिटर्स की सुविधा के लिए नए साइन बोर्ड बदलने के साथ पहली बार कई साइन बोर्ड लगाए जा रहे हैं। 1000 से अधिक साइन बोर्ड लगाने का काम शुरू हो चुका है। नाम के साथ लगे होंगे QR कोड 20 बीटों के 72 बाड़ों में 96 प्रजातियों के करीब 1300 वन्यजीव रह रहे हैं। नए साइन बोर्ड में उस जानवर के नाम की जानकारी के साथ QR कोड लगे होंगे। मोबाइल से कोड स्कैन करने पर जानवरों की सारी जानकारी मिल जाएगी। चिड़ियाघर के एक अधिकारी ने बताया कि इससे वाइल्डलाइफ और पर्यावरण के प्रति लोगों का रूझान बढ़ाने के उद्देश्य में सफलता मिलेगी। चिड़िया घर में लगाए जाएंगे नए बोर्ड चिड़ियाघर के ज्यादातर साइन बोर्ड बहुत पुराने हो चुके थे। कई बोर्ड में ठीक से पढ़ा भी नहीं जा पा रहा था। खतरनाक जानवर की सूचना देते हुए बाड़े की रेलिंग से दूर रहने आदि के करीब 100 वॉर्निंग साइन बोर्ड, बाड़ों में बंद जानवरों के नाम के 200 से अधिक साइन बोर्ड लगाए जाएंगे। रिक्शा स्टॉप पर भी बोर्ड बैटरी रिक्शा स्टॉप पर भी नए साइन बोर्ड लगेगे। अभी उनकी हालत बहुत ठीक नहीं है। कई जगह साइन बोर्ड नहीं है। लेकिन विजिटर को बैटरी रिक्शा लेने के लिए अब इधर-उधर भटकना नहीं पड़ेगा। चिड़ियाघर के कई रास्तों की जानकारी देते हुए भी बोर्ड लगाए जा रहे है। किस रास्ते पर किस जानवर का बाड़ा है, इसकी जानकारी भी साइन बोर्ड से दी जाएगी। इससे चिड़ियाघर घूमने आए लोगों को अपना रूट तय करने में आसानी मिलेगी। उन्हें अपनी पसंद के जानवरों को ढूंढ़ने में अब ज्यादा भटकना नहीं पड़ेगा। हाथी से बाघ तक, एक दिन के लिए भी ले सकेंगे गोद चिड़ियाघर अपने राजस्व को बढ़ाने के लिए ‘वन्यजीव गोद’ योजना में बड़े सुधार करने जा रहा है। अब आप किसी वन्यजीव को एक दिन के लिए भी गोद ले सकते हैं। तिमाही और छमाही समय तक के लिए भी गोद लिया जा सकता है। मार्च से यह योजना चालू हो रही है। इसके तहत वन्यजीव की खुराक और रखरखाव का खर्चा शामिल है। 2022 में शुरू हुई वन्यजीव गोद योजना के तहत एक साल और दो साल की अवधि के लिए वन्यजीवों को गोद लिया जा सकता था। आमदनी बढ़ाने के लिए बदला जा रहा टाइम योजना सफल नहीं रही। गिनी-चुनी बड़ी कंपनियों ने ही बामुश्किल आधा दर्जन वन्यजीवों को गोद लिया था। अफ्रीकी शंकर हाथी को भी गोद लिया गया था, जिसकी पिछले साल मौत हो चुकी है। चिड़ियाघर के डायरेक्टर डॉ संजीव कुमार ने बताया कि आमदनी बढ़ाने के लिए वन्यजीव गोद योजना की समय अवधि को बदला जा रहा है।

राजधानी में लूट का खेल खत्म: मायापुरी से 5 आरोपी दबोचे गए

पश्चिमी दिल्ली पश्चिमी दिल्ली के मायापुरी थाना पुलिस ने पिस्टल के बल पर लूटपाट करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस गिरोह के पांच आरोपितों को दबोचकर उनके कब्जे से अवैध हथियार और चोरी के वाहन बरामद किए हैं। उपायुक्त डी शरद भास्कर ने बताया कि इस कार्रवाई से पुलिस ने क्षेत्र में सक्रिय अपराधियों के नेटवर्क को तोड़ने की कोशिश की है। पकड़े गए आरोपितों पहचान निखिल (23), मोहम्मद आमिर (19), संदीप कश्यप (26), सूरज चौपाल उर्फ चौपाल (21) और रोशन उर्फ कालू (24) के रूप में हुई है। 26 फरवरी को मायापुरी इलाके में लूट की एक वारदात की सूचना मिली थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएचओ मोहिंदर पाल के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई, टीम ने घटनास्थल के आसपास के दर्जनों सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और अपराधियों के भागने के रूट का पता लगाया। तकनीकी सर्विलांस और गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने छापेमारी कर पांचों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने पकड़े गए आरोपितों की तलाशी के दौरान उनके कब्जे से एक देसी पिस्टल, 06 जिंदा कारतूस, जनकपुरी इलाके से चोरी की गई एक स्कूटी बरामद की है। पुलिस ने इनकी गिरफ्तारी से दो महत्वपूर्ण आपराधिक मामलों को सुलझाने का दावा किया है। इनमें से एक मामला मायापुरी में हुई हालिया लूट का है, जबकि दूसरा मामला जनकपुरी से स्कूटी चोरी से जुड़ा है। पुलिस अब इन आरोपितों से गहन पूछताछ कर रही है ताकि इनके अन्य साथियों और पिछली वारदातों के बारे में जानकारी जुटाई जा सके।  

फर्जी इन्वेस्टमेंट स्कीम से 17 लाख की चपत, दिल्ली साइबर सेल ने तीन आरोपियों को दबोचा

बाहरी दिल्ली स्टॉक मार्केट निवेश के नाम पर 17.1 लाख रुपये की ठगी करने वाले तीन आरोपितों को उत्तर-पश्चिमी जिला साइबर सेल ने गिरफ्तार किया है। वहीं, इस मामले में एक महिला आरोपित को पाबंद किया है। इनके कब्जे से अपराध में इस्तेमाल तीन मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। गिरफ्तार आरोपितों की पहचान विनोद नगर निवासी इंदरजीत, पवन और गाजियाबाद के बालाजी विहार निवासी गौरव त्यागी के रूप में हुई है। महिला की पहचान महिमा शर्मा के रूप में हुई है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि महिमा शर्मा आरोपित इंदरजीत के साथ संयुक्त खाता धारक थी, लेकिन अधिकृत हस्ताक्षर कर्ता नहीं थी। इसलिए उसे पाबंद किया गया है। जिला के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त भीष्म सिंह ने बताया कि आरोपितों के बैंक खातों के खिलाफ नेशनल क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर 17 शिकायतें दर्ज हैं। शालीमार बाग निवासी योगेश कुमार किराना की दुकान चलाते हैं। उन्होंने 28 जनवरी में साइबर सेल में ठगी की शिकायत की। जिसमें उन्होंने बताया कि उन्हें एक वॉट्सएप समूह में जोड़ा गया, जहां ठगों ने स्टॉक मार्केट निवेश में ऊंचे रिटर्न का लालच दिया। कमीशन के बदले ठगों को दिया बैंक खाता उन्होंने 17.10 लाख रुपये निवेश किए। लाभ होने पर जब पैसे निकालने की कोशिश की तो जालसाजों ने इसके एवज में अतिरिक्त राशि जमा करने के लिए कहा। ठगी का एहसास होने पर उन्होंने पुलिस में शिकायत की। पुलिस ने मामला दर्ज कर निरीक्षक दिनेश दहिया के नेतृत्व में मामले की जांच शुरू की। जांच में पता चला कि ठगी की रकम को इंदरजीत के फर्म के खाते में ट्रांसफर किया गया था। पुलिस ने साक्ष्य मिलने पर इंदरजीत को गिरफ्तार कर लिया। उसने बताया कि कमीशन के बदले में उसने फर्म का चालू खाता साइबर ठग गिरोह को उपलब्ध कराया था। ठगी की रकम प्राप्त करने के बाद उसने पैसे को गेमिंग एप एवं अन्य डिजिटल प्लेटफार्म के माध्यम से आगे ट्रांसफर किया। पुलिस ने उसके निशानदेही पर अन्य आरोपितों को पकड़ लिया। पूछताछ में आरोपितों ने बताया कि वह संगठित गैंग का हिस्सा थे, जो ठगी करते थे। इंदरजीत कमीशन के बदले अपना बैंक खाता गिरोह को उपलब्ध कराया। पवन कुमार बैंक खातों की व्यवस्था कराने में मध्यस्थ की भूमिका निभाता था, जबकि गौरव त्यागी संचालन एवं समन्वय में सहयोग करता था। गिरोह वॉट्सएप निवेश समूहों एवं फर्जी ट्रेडिंग प्लेटफार्म के जरिए पीड़ितों को फंसाता था। ठगी की रकम म्यूल खातों में डालकर गेमिंग एप व अन्य डिजिटल माध्यमों से तुरंत आगे भेज देता था। बाद में सक्रिय सदस्यों को उनकी भूमिका के मुताबिक कमीशन दिया जाता था। पुलिस अब इनसे पूछताछ कर आगे की कार्रवाई कर रही है।  

होली पर दिल्ली में छलकेगा जाम: 4 मार्च को No Dry Day का ऐलान

नई दिल्ली दिल्ली सरकार ने शराब के शौकीन लोगों के लिए एक बड़ा ऐलान किया है। राजधानी दिल्ली में इस बार शराब की दुकानें खुली रहेंगी। सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए कहा कि 4 मार्च को राजधानी में नो ड्राई डे रहेगा। सरकार इस साल 4 मार्च को मनाई जाने वाली होली को दिल्ली सरकार ने शराब के शौकीन लोगों के लिए एक बड़ा ऐलान किया है। राजधानी दिल्ली में इस बार शराब की दुकानें खुली रहेंगी। सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए कहा कि 4 मार्च को राजधानी में नो ड्राई डे रहेगा। सरकार इस साल 4 मार्च को मनाई जाने वाली होली को 'ड्राई डे' (Dry Day) की आधिकारिक सूची से हटा दिया है। इसका सीधा मतलब यह है कि त्योहार के दिन दिल्ली में शराब के ठेके बंद नहीं रहेंगे और लोग अपनी पसंद के अनुसार खरीदारी कर सकेंगे। परंपरा से हटकर लिया गया फैसला आमतौर पर दिल्ली सहित देश के अधिकांश राज्यों में होली जैसे बड़े त्योहारों पर शराब की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध रहता है। पिछली सूचियों में भी होली को ड्राई डे माना जाता था, लेकिन सरकार के ताजा आदेश ने पुरानी व्यवस्था को बदल दिया है। इस फैसले से जहाँ शराब प्रेमियों के चेहरे खिल गए हैं, वहीं श