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अप्रवासी पंजाबियों की समस्याओं का हल: हर माह दो बैठकें करेंगे समाधान की कोशिश

चंडीगढ़ पंजाब सरकार ने विदेशों में बसे पंजाबियों की समस्याओं के त्वरित और प्रभावी समाधान के लिए अहम कदम उठाया है। उनकी समस्याओं के समाधान के लिए अब हर महीने दो बैठकें आयोजित की जाएंगी।अप्रवासी भारतीय मामलों के मंत्री डॉ. रवजोत सिंह ने चंडीगढ़ में बताया कि हर महीने के दूसरे बुधवार को ऑनलाइन बैठक होगी, जबकि महीने में एक बार डिवीजन स्तर पर बैठक होगी। उन्होंने कहा कि ये बैठकें मालवा-1, मालवा-2, माझा और दोआबा डिवीजनों के अनुसार आयोजित होंगी, जिससे हर क्षेत्र के अप्रवासी भारतीय पंजाबी अपनी समस्याएं आसानी से दर्ज करवा सकें और उनका समाधान हो सके। ऑनलाइन बैठक के लिए आवेदन निर्धारित तिथि से तीन दिन पहले तक स्वीकार किए जाएंगे और बैठक वाले दिन ही उनका निपटारा किया जाएगा।मंत्री ने बताया कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य अप्रवासी भारतीय पंजाबियों के साथ सीधा संपर्क स्थापित करना और उनकी समस्याओं का जल्द समाधान करना है। इस अवसर पर अप्रवासी भारतीय मामलों के सचिव वीएन जाडे, जालंधर के डिवीजनल कमिश्नर और सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के सचिव रामवीर, विशेष सचिव अप्रवासी भारतीय मामलों की अधिकारी अमनदीप कौर, एडीजीपी अप्रवासी भारतीय मामलों के आरके जायसवाल और एआईजी अजींदर सिंह उपस्थित रहे।

Food Safety Action: तरनतारन में डेयरी और फूड आउटलेट्स पर रेड, 6 सैंपल कलेक्ट

तरनतारन. डिप्टी कमिश्नर तरनतारन राहुल और सिविल सर्जन डॉ. गुरप्रीत सिंह राय, डिस्ट्रिक्ट हेल्थ ऑफिसर डॉ. सुखबीर कौर के गाइडेंस में फूड सेफ्टी टीम ‘फूड सेफ्टी फोर्टनाइट’ के तहत बड़े लेवल पर कैंपेन चला रही है। इसी कैंपेन के तहत फूड सेफ्टी टीम ने आज तरनतारन के लोकल और बॉर्डर एरिया-द्रजके, पहलवानके, चेला और दयालपुर में डेयरियों और अलग-अलग फूड आउटलेट्स का सरप्राइज इंस्पेक्शन किया। इस दौरान टीम ने दूध, लड्डू, चिकन और पनीर के 6 सैंपल इकट्ठा किए, जिन्हें टेस्टिंग के लिए खरड़ की लैब में भेज दिया गया है। इंस्पेक्शन के साथ-साथ टीम ने अवेयरनेस कैंपेन भी जारी रखा। इस दौरान सभी फूड बिजनेस ऑपरेटर्स को दुकानों और डेयरियों में पूरी सफाई रखने की हिदायत दी गई। खाने की चीजों में किसी भी तरह की मिलावट न की जाए। इस्तेमाल किया हुआ तेल दोबारा इस्तेमाल न किया जाए और बर्तन सही टेम्परेचर पर रखे जाएं। सभी व्यापारियों को अपना फूड रजिस्ट्रेशन और लाइसेंस पूरा रखना चाहिए। इसके अलावा, टीम ने दयालपुर में एक स्पेशल ट्रेनिंग कैंप लगाया, जिसमें लोगों को शुद्ध खाने की चीजो और बाजरे के फायदों के बारे में डिटेल में जानकारी दी गई। 

‘आओ मुझे खरीदकर दिखाओ’: भगवंत मान का भाजपा को कड़ा जवाब, AAP में बगावत के बाद चुनौती

चंडीगढ़  राघव चड्ढा की अगुवाई में राज्यसभा के सात सांसदों के इस्तीफे के बाद आम आदमी पार्टी (AAP) में भगदड़ मच गई है। पूरी पार्टी सहम सी गई है। इस बीच पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भारतीय जनता पार्टी को चुनौती दी है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा है, 'क्या बीजेपी को पंजाब के बेटे भगवंत मान का चैलेंज स्वीकार है? आओ मुझे खरीदकर दिखाओ।' इससे पहले भगवंत मान ने चंडीगढ़ में एक प्रेस वार्ता में आरोप लगाया कि केंद्र में सत्तारूढ़ भाजपा, आम आदमी पार्टी को तोड़ने की कोशिश कर रही है और उसने पंजाब की जनता के साथ विश्वासघात किया है।' भगवंत मान ने दावा किया कि 'बेअदबी' के खिलाफ सख्त कानून बनने के बाद से भाजपा की बेचैनी स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है, क्योंकि उसे पंजाब की भावनाओं से गहराई से जुड़े एक मुद्दे पर निर्णायक कार्रवाई को स्वीकार करने के लिए जद्दोजहद करनी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि पंजाब में बार-बार अस्वीकृति का सामना कर चुकी भाजपा ने राज्य और आम आदमी पार्टी (आप) दोनों के प्रति शत्रुतापूर्ण रवैया अपनाया है तथा धमकी, प्रलोभन और दल-बदल के प्रयासों के माध्यम से भ्रष्टाचार मुक्त सरकार को कमजोर करने की कोशिश की है। गौरतलब है कि ये घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आए हैं, जब अगले साल के आरंभ में पंजाब विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। पार्टी छोड़ने वालों और ऐसा कराने वालों की निंदा करते हुए मान ने कहा कि भाजपा के राजनीतिक आधार की कमी ने उसे ऐसी रणनीति अपनाने के लिए मजबूर किया है तथा स्कूलों, अस्पतालों, सड़कों और रोजगार में दिखाई देने वाले सुधारों ने उसे अस्थिर कर दिया है। भगवंत मान ने कहा कि किसी व्यक्ति से पार्टी बड़ी है, और आप छोड़ने वाले 6-7 लोग पंजाब का प्रतिनिधित्व नहीं करते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि वे गद्दार हैं। राघव चड्ढा और संदीप पाठक ने शुक्रवार को घोषणा की कि वे पार्टी के पांच अन्य सांसदों के साथ भाजपा में शामिल हो रहे हैं। इससे पहले, दिल्ली में प्रेस वार्ता में आप के राज्यसभा सदस्य राघव चड्ढा और संदीप पाठक ने कहा कि वे भाजपा में शामिल हो रहे हैं।

स्टूडेंट्स की सेहत पर फोकस: पंजाब में स्कूल-कॉलेज में Energy Drink बिक्री प्रतिबंधित

लुधियाना. स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए बड़ा फैसला लेते हुए ने राज्यभर में बच्चों को कैफीन युक्त एनर्जी ड्रिंक बेचने पर प्रतिबंध लगा दिया है।  जारी आदेश के अनुसार, अब न सिर्फ बच्चों को एनर्जी ड्रिंक बेचना मना होगा, बल्कि स्कूल-कॉलेज कैंटीन और आसपास भी इसकी बिक्री पर रोक रहेगी। ग्रामीण क्षेत्रों में स्कूल से 100 मीटर और शहरी इलाकों में 50 मीटर के दायरे में एनर्जी ड्रिंक नहीं बेची जा सकेगी। स्वास्थ्य विभाग ने अपने आदेश में बताया कि कई एनर्जी ड्रिंक्स के लेबल पर पहले ही लिखा होता है कि ये बच्चों के लिए उपयुक्त नहीं हैं, बावजूद इसके इन्हें बड़े पैमाने पर बच्चों और युवाओं को बेचा जा रहा है। इन ड्रिंक्स में कैफीन, ग्वाराना, टॉरिन, जिनसेंग जैसे तत्व होते हैं, जो शरीर पर उत्तेजक प्रभाव डालते हैं। शरीर पर पड़ सकता है नकारात्मक असर मेडिकल स्टडीज के हवाले से विभाग ने चेतावनी दी है कि ज्यादा कैफीन के सेवन से दिल, दिमाग, पाचन तंत्र और किडनी पर नकारात्मक असर पड़ सकता है। खासकर बच्चों, गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं के लिए यह अधिक खतरनाक है। एफ डी ऐ कमिश्नर कनवल प्रीत बराड़ ने बताया कि यह फैसला पब्लिक हेल्थ को ध्यान में रखते हुए लिया गया है और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। 

पंजाब में एजीटीएफ की छापेमारी, लॉरेंस बिश्नोई गैंग का करीबी गिरफ्तार, भारी मात्रा में हथियार बरामद

चंडीगढ़  पंजाब में संगठित अपराध के खिलाफ चल रही मुहिम के तहत एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ) को बड़ी सफलता हाथ लगी है। एजीटीएफ ने गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े एक सक्रिय सहयोगी को गिरफ्तार किया है, जो अंतरराज्यीय आपराधिक नेटवर्क का अहम हिस्सा बताया जा रहा है। गिरफ्तारी के दौरान आरोपित के कब्जे से एक .32 बोर पिस्टल और तीन जिंदा कारतूस भी बरामद किए गए हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार पकड़ा गया आरोपित राजस्थान में दर्ज एक हत्या के मामले में वांछित था। उसकी गिरफ्तारी पर नकद इनाम भी घोषित किया गया था। लंबे समय से फरार चल रहा यह आरोपित विभिन्न राज्यों में आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देने के बाद लगातार ठिकाने बदल रहा था, जिससे उसकी गिरफ्तारी चुनौती बनी हुई थी। एजीटीएफ की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर सुनियोजित तरीके से ऑपरेशन चलाया और आरोपित को दबोच लिया। शुरुआती जांच में सामने आया है कि वह गैंगस्टर अर्जू बिश्नोई के संपर्क में था, जो लॉरेंस बिश्नोई गिरोह का सक्रिय सदस्य माना जाता है। पुलिस को आशंका है कि यह नेटवर्क पंजाब, राजस्थान और आसपास के राज्यों में सक्रिय रहकर हथियारों की सप्लाई, रंगदारी और अन्य गंभीर अपराधों को अंजाम देता रहा है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आरोपित से पूछताछ में कई अहम खुलासे होने की उम्मीद है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस नेटवर्क के पीछे और कौन-कौन लोग शामिल हैं और किन-किन राज्यों में इसकी जड़ें फैली हुई हैं। इसके साथ ही ‘बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंक’ यानी इस गैंग से जुड़े पुराने और नए संपर्कों को भी खंगाला जा रहा है। पंजाब पुलिस ने स्पष्ट किया है कि राज्य में गैंगस्टर नेटवर्क को खत्म करने के लिए अभियान लगातार जारी रहेगा। एजीटीएफ की यह कार्रवाई उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। हाल के महीनों में पुलिस ने कई बड़े गैंग्स के सदस्यों को गिरफ्तार कर उनकी गतिविधियों पर अंकुश लगाया है। डीजीपी गौरव यादव ने कहा कि आम लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी कीमत पर अपराधियों को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस ने यह भी अपील की है कि यदि किसी व्यक्ति को संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी मिलती है तो तुरंत पुलिस को सूचित करें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके। एजीटीएफ की इस कार्रवाई से यह साफ संकेत गया है कि पंजाब पुलिस राज्य में शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरी तरह सतर्क है और संगठित अपराध के खिलाफ उसकी कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

फिनलैंड यूनिवर्सिटी के साथ पंजाब सरकार का सहयोग, शिक्षा में सुधार और बेहतर क्लासरूम वातावरण

 चंडीगढ़ मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार और फिनलैंड की टुर्कू यूनिवर्सिटी के बीच सहयोग से पंजाब के क्लासरूम में प्रत्यक्ष बदलाव दिखने लगे हैं, जिसने शिक्षण प्रथाओं को अधिक आनंदमय और व्यावहारिक बना दिया है और विद्यार्थियों के लिए सीखने का माहौल अधिक प्रभावशाली बन रहा है।  इस पहल के हिस्से के रूप में पढ़ाई-लिखाई रट्टे मारने के तरीकों से हटकर अब अधिक आनंदमय और सहभागितापूर्ण सीखने के माहौल की ओर बढ़ रही है. पंजाब की व्यापक शिक्षा क्रांति में शामिल यह कार्यक्रम स्थानीय क्लासरूम में वैश्विक विशेषज्ञता को शामिल करने पर केंद्रित है, जो एक संरचित ट्रेन-द-ट्रेनर्स मॉडल के माध्यम से पैमाने को निर्धारित करता है, जिसमें बुनियादी शिक्षा को मजबूत करने के लिए लगभग 300 शिक्षकों को ट्रेनिंग दी जाएगी।  फिनलैंड की अपनी सरकारी यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कुकुलो-मोइकोइनेन अर्ली चाइल्डहुड एजुकेशन एंड केयर सेंटर का दौरा किया. मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल पहले से ही स्थानीय क्लासरूम के साथ वैश्विक शिक्षा विशेषज्ञता को एकीकृत करके शानदार परिणाम दे रही है।  मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आगे कहा कि स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत स्टेट काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग के माध्यम से शुरू की गई यह साझेदारी प्रारंभिक और बुनियादी शिक्षा में शिक्षक की भूमिका को मजबूत करने के प्रयासों की ओर अग्रसर है. यह अल्पकालिक हस्तक्षेप के रूप में नहीं बल्कि पंजाब की शिक्षा प्रणाली में बाल-केंद्रित और खेल-आधारित शिक्षा को शामिल करने के लिए दीर्घकालिक संस्थागत प्रयास के रूप में तैयार की गई है, जिसमें बेहतरीन शिक्षा प्रथाओं को भी शामिल किया गया है।  यह कार्यक्रम शिक्षकों को शोध-आधारित तरीकों से सुसज्जित करने पर केंद्रित है, यह सुनिश्चित करते हुए कि ये दृष्टिकोण पंजाब के सामाजिक-सांस्कृतिक संदर्भ के अनुकूल हों. उन्होंने कहा कि ये प्रशिक्षण सत्र चंडीगढ़ और फिनलैंड के शहरों टुर्कू तथा राउमा दोनों जगह आयोजित किए गए, जिसमें शिक्षकों को कार्यशालाओं, मार्गदर्शन प्रथाओं और स्कूलों के दौरों के माध्यम से क्लासरूम की नई तकनीकों से अवगत करवाना शामिल है. गौरतलब है कि मई 2026 तक चार समूहों में लगभग 300 शिक्षक प्रशिक्षण प्राप्त कर लेंगे, जिससे पूरे पंजाब भर के विद्यार्थियों को लाभ होगा।  मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने जोर देते हुए कहा, "शिक्षा को आनंदमय और दिलचस्प बनाने पर जोर दिया जा रहा है. इसलिए हम रट्टे लगाने के पुराने तरीकों के स्थान पर सक्रिय सहभागिता की ओर बढ़ रहे हैं. शिक्षकों को विशेषज्ञों की सहायता वाले संदर्भ-विशिष्ट प्रोजेक्ट डिजाइन करने के लिए भी प्रोत्साहित किया गया है ताकि इन विचारों को उनके अपने क्लासरूम में लागू किया जा सके. क्षेत्र से मिले फीडबैक से विद्यार्थियों की भागीदारी और प्रेरणा में सुधार होता है और क्लासरूम का वातावरण सकारात्मक बनता है।  उन्होंने कहा, "शिक्षकों ने नए तरीकों के साथ प्रयोग करने और सीखने की विभिन्न आवश्यकताओं के अनुसार पाठों को ढालने में अधिक विश्वास प्रकट किया है. इस पहल की एक अनूठी विशेषता विदेशी मॉडलों को सीधे लागू करने के बजाय प्रासंगिक अनुकूलन पर जोर देना है. फिनलैंड के विशेषज्ञों से निरंतर सलाह सहायता ने इस बदलाव को सक्षम बनाया है और यह सुनिश्चित किया गया है कि वैश्विक स्तर के सर्वोत्तम अभ्यासों को स्थानीय प्रणालियों में सार्थक रूप से एकीकृत किया जाए।  इस दौरान मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने विस्तृत बातचीत के लिए टुर्कू यूनिवर्सिटी और टुर्कू शिक्षक प्रशिक्षण स्कूल का भी दौरा किया. उन्होंने कहा, "सरकार अब कार्यक्रम को 'ट्रेन-द-ट्रेनर्स' दृष्टिकोण के माध्यम से विस्तारित करने की योजना बना रही है, जिससे प्रांत भर में इसकी पहुंच बढ़ाने के लिए मास्टर ट्रेनर्स का एक कैडर तैयार किया जा रहा है." उन्होंने आगे कहा, "निरंतर व्यावसायिक विकास और व्यापक पहुंच का समर्थन करने के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म और मिश्रित प्रशिक्षण फॉर्मेट भी विकसित किए जा रहे हैं।  मुख्यमंत्री ने कहा, "विस्तार के लिए एक संरचित प्रणाली और प्रशिक्षित शिक्षकों के बढ़ते पूल के साथ इस सहयोग को पंजाब के व्यापक शिक्षा सुधारों की नींव के रूप में देखा जा रहा है. प्रांत जन शिक्षा को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है ताकि विद्यार्थी सफल होने के लिए बेहतर ढंग से तैयार हो सकें और इस क्षेत्र में गति बनाए रखने के लिए इसी प्रकार की पहल की जाएंगी। 

AAP के 7 सांसदों ने BJP में किया विलय, राघव चड्ढा भी शामिल, शिअद के नेता को AAP ने किया अपना सदस्य

कपूरथला  आम आदमी पार्टी के लिए शुक्रवार (24 अप्रैल, 2026)का दिन बहुत बुरा साबित हुआ क्योंकि आप सांसद राघव चड्ढा समेत कुल सात सांसदों ने बीजेपी में विलय कर लिया। आम आदमी पार्टी को एक तरह बहुत बड़ा झटका लगा, तो वहीं कपूरथला में पार्टी को बढ़त मिली है। दरअसल, वार्ड नंबर नौ के पूर्व पार्षद अवतार सिंह अपने साथियों सहित शिरोमणि अकाली दल छोड़कर आम आदमी पार्टी में शामिल हो गए। आप के हलका प्रभारी एडवोकेट कर्मबीर सिंह चंदी ने अवतार सिंह को सिरोपा पहनाकर पार्टी में स्वागत किया और उन्हें पूरा सम्मान देने का आश्वासन दिया। पूर्व पार्षद अवतार सिंह ने कहा कि एडवोकेट चंदी के नेतृत्व में पार्टी लगातार मजबूत हो रही है। वह पूरी लगन से आम आदमी पार्टी की नीतियों को घर-घर तक पहुंचाने का काम करेंगे। एडवोकेट चंदी ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में सरकार जनता से किए गए वादों को पूरा कर रही है और हर वर्ग पार्टी के कार्यों से संतुष्ट है। उन्होंने यह भी कहा कि आम आदमी पार्टी राजनीति से ऊपर उठकर विकास कार्यों को प्राथमिकता दे रही है।

जालंधर में गेहूं की 3.31 लाख मीट्रिक टन खरीद, 882 करोड़ रुपये का भुगतान हुआ

जालंधर जिले की मंडियों में गेहूं की आवक ने अब रफ्तार पकड़ ली है। पंजाब सरकार के एक-एक दाना खरीदने के वादे के बीच जिला प्रशासन ने दावा किया है कि अब तक 3,31,419 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा जा चुका है। डिप्टी कमिश्नर वरजीत वालिया ने शुक्रवार को खरीद प्रक्रिया का जायजा लेते हुए बताया कि किसानों को फसल के बदले 882 करोड़ रुपए की अदायगी भी कर दी गई है। हालांकि, कागजों में खरीद की रफ्तार जितनी तेज है, मंडियों में लिफ्टिंग की सुस्त चाल ने किसानों और आढ़तियों की चिंता बढ़ा दी है। डिप्टी कमिश्नर ने बताया कि इस सीजन में जिले में कुल 5 लाख 27 हजार मीट्रिक टन गेहूं की खरीद का लक्ष्य रखा गया है। अब तक करीब 60 फीसदी से ज्यादा आवक हो चुकी है। डीसी ने खरीद एजेंसियों को सख्त लहजे में हिदायत दी है कि खरीदी गई फसल का स्टॉक मंडियों से तुरंत उठाया जाए। असल में, अगर समय पर लिफ्टिंग नहीं हुई तो आने वाले दिनों में फसल रखने के लिए जगह कम पड़ जाएगी, जिससे जाम जैसी स्थिति बन सकती है। डीसी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि लिफ्टिंग में किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रशासन का सबसे बड़ा दावा किसानों को समय पर पेमेंट देने का है। डीसी वालिया के अनुसार, अब तक खरीदी गई फसल के बदले 882 करोड़ रुपए की अदायगी सुनिश्चित की गई है।

लॉरेंस गैंग पर शिकंजा: AGTF ने हथियारों के साथ सहयोगी को दबोचा

चंडीगढ़. पंजाब में संगठित अपराध के खिलाफ चल रही मुहिम के तहत एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ) को बड़ी सफलता हाथ लगी है। एजीटीएफ ने गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े एक सक्रिय सहयोगी को गिरफ्तार किया है, जो अंतरराज्यीय आपराधिक नेटवर्क का अहम हिस्सा बताया जा रहा है। गिरफ्तारी के दौरान आरोपित के कब्जे से एक .32 बोर पिस्टल और तीन जिंदा कारतूस भी बरामद किए गए हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार पकड़ा गया आरोपित राजस्थान में दर्ज एक हत्या के मामले में वांछित था। उसकी गिरफ्तारी पर नकद इनाम भी घोषित किया गया था। लंबे समय से फरार चल रहा यह आरोपित विभिन्न राज्यों में आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देने के बाद लगातार ठिकाने बदल रहा था, जिससे उसकी गिरफ्तारी चुनौती बनी थी। एजीटीएफ की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर सुनियोजित तरीके से ऑपरेशन चलाया और आरोपित को दबोच लिया। शुरुआती जांच में सामने आया है कि वह गैंगस्टर अर्जू बिश्नोई के संपर्क में था, जो लॉरेंस बिश्नोई गिरोह का सक्रिय सदस्य माना जाता है। पुलिस को आशंका है कि यह नेटवर्क पंजाब, राजस्थान और आसपास के राज्यों में सक्रिय रहकर हथियारों की सप्लाई, रंगदारी और अन्य गंभीर अपराधों को अंजाम देता रहा है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आरोपित से पूछताछ में कई अहम खुलासे होने की उम्मीद है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस नेटवर्क के पीछे और कौन-कौन लोग शामिल हैं और किन-किन राज्यों में इसकी जड़ें फैली हुई हैं। इसके साथ ही ‘बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंक’ यानी इस गैंग से जुड़े पुराने और नए संपर्कों को भी खंगाला जा रहा है। पंजाब पुलिस ने स्पष्ट किया है कि राज्य में गैंगस्टर नेटवर्क को खत्म करने के लिए अभियान लगातार जारी रहेगा। एजीटीएफ की यह कार्रवाई उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। हाल के महीनों में पुलिस ने कई बड़े गैंग्स के सदस्यों को गिरफ्तार कर उनकी गतिविधियों पर अंकुश लगाया है। डीजीपी गौरव यादव ने कहा कि आम लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी कीमत पर अपराधियों को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस ने यह भी अपील की है कि यदि किसी व्यक्ति को संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी मिलती है तो तुरंत पुलिस को सूचित करें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके। एजीटीएफ की इस कार्रवाई से यह साफ संकेत गया है कि पंब पुलिस राज्य में शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरी तरह सतर्क है और संगठित अपराध के खिलाफ उसकी कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

पंजाब के लुधियाना में बिजली गुल, मॉक ड्रिल के दौरान 30 लोगों का रेस्क्यू

लुधियाना. शहर में आपदा प्रबंधन की तैयारियों को परखने के लिए शुक्रवार रात जिला प्रशासन ने 15 मिनट का ब्लैकआउट मॉक ड्रिल आयोजित कर अपनी तत्परता का दमदार प्रदर्शन किया। रात 7:55 बजे सायरन बजते ही पूरे इलाके में अलर्ट जारी हुआ और ठीक 8 बजे पीएयू, किचलू नगर, अग्र नगर सहित कई क्षेत्रों की बिजली सप्लाई बंद कर दी गई। अंधेरे में डूबे इन इलाकों में अचानक बना आपातकालीन माहौल वास्तविक स्थिति जैसा प्रतीत हुआ। इस दौरान विभिन्न एजेंसियों ने मिलकर राहत व बचाव कार्यों का अभ्यास किया। खासतौर पर पंजाब कृषि विश्वविद्यालय (पीएयू) परिसर में एयर स्ट्राइक जैसी स्थिति का दृश्य तैयार कर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया, जिसमें 30 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। घायलों को सुरक्षित निकालने का हुआ अभ्यास मॉक ड्रिल के दौरान एनडीआरएफ, फायर ब्रिगेड, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, सिविल डिफेंस, नगर निगम और पंजाब होम गार्ड्स की टीमों ने संयुक्त रूप से अपनी जिम्मेदारियां निभाईं। टीमों ने यह अभ्यास किया कि आपदा के समय घायलों को सुरक्षित कैसे निकाला जाए, मौके पर प्राथमिक उपचार कैसे दिया जाए और उन्हें तेजी से अस्पताल कैसे पहुंचाया जाए। मॉक ड्रिल के दौरान ट्रैफिक कंट्रोल और भीड़ प्रबंधन की भी रिहर्सल की गई। एंबुलेंस के जरिए डमी घायलों को अस्पताल पहुंचाकर आपातकालीन सेवाओं की तत्परता और प्रतिक्रिया समय का आकलन किया गया। पूरी प्रक्रिया मानक संचालन प्रक्रियाओं (एसओपी) के तहत संचालित की गई। एडिशनल डिप्टी कमिश्नर पूनम सिंह ने कहा कि ऐसे अभ्यास किसी भी संभावित आपदा से निपटने के लिए बेहद जरूरी हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि मॉक ड्रिल के दौरान घबराएं नहीं और अफवाहों पर ध्यान न दें। दो मिनट तक लगातार बजा सायरन मॉक ड्रिल समाप्त होने के बाद ‘आल क्लियर’ सिग्नल के तौर पर दो मिनट तक लगातार सायरन बजाया गया, जिसके बाद बिजली सप्लाई बहाल कर दी गई। नायब तहसीलदार रंजीत सिंह ने इसे सफल बताते हुए कहा कि इस तरह के अभ्यास से विभागों के बीच समन्वय मजबूत होता है और रिस्पान्स टाइम बेहतर होता है। इस दौरान सभी संबंधित विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मौके पर मौजूद रहे, जिन्होंने मिलकर शहर की सुरक्षा तैयारियों की मजबूत झलक पेश की।