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पंजाब में साइबर ठगी का जाल: Jalandhar में नकली NRI ने महिला को बनाया शिकार, 9 लाख ऐंठे

जालंधर. महानगर में आपने हनी ट्रैप के मामलों में लड़कियों या महिलाओं की ओर से व्यक्तियों से पैसे ठगने की बात अकसर सुनी होगी। वहीं अब हनी ट्रैप का ऐसा मामला सामने आया है जिसमें एक पुरुष ने खुद को एनआरआइ बताकर एक महिला को शिकार बनाया। उस युवक ने फेसबुक के माध्यम से महिला से दोस्ती की, उसका विश्वास जीता और फिर उसे ब्लैकमेल करके करीब नौ लाख रुपये ठग लिए। आरोपित युवक ने फेसबुक पर एक फर्जी प्रोफाइल बनाकर महिला से संपर्क किया। उसने खुद को विदेश में रहने वाला एनआरआइ बताया और धीरे-धीरे महिला के साथ बातचीत बढ़ाई। कुछ समय बाद दोनों में नजदीकियां बढ़ गईं और आरोपित ने महिला को मिलने के लिए एक होटल में बुलाया। मुलाकात के दौरान आरोपित ने चुपके से महिला की आपत्तिजनक वीडियो बना ली। इसके बाद उसने वीडियो वायरल करने की धमकी देकर उसे ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। डर के कारण महिला ने कई बार में कुल नौ लाख रुपये आरोपित को दे दिए। जब आरोपित ने और पैसे मांगे तब महिला ने हिम्मत जुटाकर अपने परिवार को पूरी बात बताई और पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस के रिकार्ड के अनुसार पहले ऐसे मामलों में अधिकतर पुरुष शिकार बनते थे, लेकिन अब महिलाएं भी निशाने पर आ रही हैं। गिफ्ट भेजने के नाम पर कस्टम चार्ज के बहाने ठगा हाल ही में देहात में रहने वाली एक महिला को इंस्टाग्राम पर दोस्ती के बाद गिफ्ट भेजने के नाम पर कस्टम चार्ज के बहाने ठगा गया। महिला के इंस्टाग्राम पर एक कैनेडियन प्रोफाइल से दोस्त बना। युवक ने कई तरह के प्रलोभन देकर महिला को विश्वास में लिया और फिर उसे भी कनाडा में सेटल करने की बात कही। महिला उसकी बातों में आ गई। इसके बाद उसने महंगे गिफ्ट भेजने की बात की और फिर कस्टम में फंसने की बात कहकर उससे करीब 50 हजार रुपये अपने अकाउंट में ट्रांसफर करवा लिए। जालंधर की ही एक कालेज छात्रा को फेसबुक फ्रेंड ने फंसाया। उसके साथ वीडियो काल करता रहा और फिर एक वीडियो काल के दौरान आपत्तिजनक रिकार्डिंग कर ब्लैकमेल किया गया और उससे हजारों रुपये ऐंठे गए। विदेशी दूल्हे की तलाश में गंवाई जमा पूंजी जालंधर की एक महिला को विदेशी दूल्हा चाहिए था। उसने इंटरनेट पर सर्च किया और एक एनआरआइ से बात शुरू की। बात दोस्ती में बदली और फिर शादी का प्रस्ताव मिला। पूरे परिवार को विदेश में सेटल करने की बात कही गई। इसके बाद महिला की सारी सेविंग उस व्यक्ति ने विश्वास में लेकर अपने खाते में डलवा ली, लेकिन न तो शादी हुई और न ही विदेश में ले जाने का वादा पूरा हुआ। हनी ट्रैप में फंसाने के लिए साइबर ठग फर्जी प्रोफाइल तैयार कर ऐसी महिलाओं की तलाश में रहते हैं जो विदेशी दूल्हे से शादी करने या विदेश में सेटल होने का सपना देखती हैं। ठग आकर्षक फोटो और झूठी पहचान के साथ इंटरनेट मीडिया पर अकाउंट बनाते हैं। इसके बाद दोस्ती और भावनात्मक जुड़ाव से अपनी तरफ खींचते हैं और बातचीत कर भरोसा जीतते हैं। इसके बाद रिकार्डिंग और ब्लैकमेल का सिलसिला शुरू होता है। आपत्तिजनक फोटो या वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करके पैसे ठगे जाते हैं। इस प्रकार के ठगी से बचने के लिए कुछ सावधानियां बरतनी चाहिए। अनजान लोगों की फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार करने से बचें। इंटरनेट मीडिया पर निजी जानकारी साझा न करें। किसी भी व्यक्ति पर भरोसा न करें, खासकर जो खुद को एनआरआइ या बड़ा कारोबारी बताए। निजी मुलाकात या वीडियो काल से पहले सावधानी बरतें। यदि आप ब्लैकमेलिंग का शिकार होते हैं, तो तुरंत पुलिस से संपर्क करें और पैसे देने की बजाय कानूनी मदद लें। साइबर एक्सपर्ट पलविंदर सिंह ने कहा किसाइबर ठग कई तरह की ठगी करते हैं, इसलिए इंटरनेट मीडिया का इस्तेमाल पूरी सावधानी के साथ करें। किसी भी प्रोफाइल पर क्लिक न  करें, यदि कोई रिक्वेस्ट आती है तो सबसे पहले यह देखें कि उसके साथ कामन फ्रेंड भी शामिल हैं या नहीं। पूरी प्रोफाइल चेक करें। यदि संदिग्ध लगे तो न रिक्वेस्ट भेजें, न स्वीकार करें। सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव है।

पंजाब में बेअदबी कानून पर बड़ा बयान: Bhagwant Mann बोले—यह फैसला ऐतिहासिक

चंडीगढ़. श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी की साजिश की या बेअदबी की तो अब दोषी को 10 वर्ष से लेकर उम्र कैद की सजा हो सकती है। क्योंकि 13 अप्रैल को पंजाब सरकार द्वारा विधानसभा में सर्वसम्मति से पास किया गया 'जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) विधेयक, 2026 को राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने मंजूरी दे दी है। इस संबंधी जानकारी मुख्यमंत्री भगवंत मान ने खुद दी है। नीदरलैंड दौरे पर गए मुख्यमंत्री राज्यपाल द्वारा बिल को मंजूरी देने पर धन्यवाद किया है। विधान सभा में बिल पेश करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने गारंटी दी थी अब कोई पांचवां बिल नहीं आएगा। बता दें कि इस बिल से पहले तीन बार पहले ही बेअदबी की सजा का बिल पेश हो चुका था। इस बिल में बेअदबी के लिए कम से कम सात साल की कैद (जिसे बढ़ाकर 20 साल तक किया जा सकता है) और 2 लाख से 10 लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान करता है। वहीं, सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की साज़िश के तहत की गई बेअदबी के लिए और भी कड़ी सज़ाएं तय की गई हैं, जिनमें उम्रकैद (ता-उम्र) और 25 लाख रुपये तक का जुर्माना शामिल है। विधेयक सर्वसम्मति से पारित हुआ था। बिल को राष्ट्रपति के पास भेजने की जरूरत नहीं पंजाब सरकार ने दावा किया था कि यह स्टेट बिल है। इसलिए इसे राज्यपाल को राष्ट्रपति के पास भेजने की जरूरत नहीं होगी। क्योंकि विपक्षीय पार्टियां इस बात की आशंका जता रही थी की राज्यपाल इस बिल को राष्ट्रपति को भेज सकते हैं। क्या हैं संशोधन इस संशोधन के ज़रिए प्रस्तावना के शुरुआती पैराग्राफ़ को बदला गया है। इसका मकसद इस बात पर जोर देना है कि शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) या उसके द्वारा अधिकृत किसी अन्य संस्था के अलावा, कोई भी अन्य संस्था स्वरूपों की छपाई, प्रकाशन, भंडारण, वितरण या आपूर्ति न करे। यह सिख रहत मर्यादा (सिख आचार संहिता और रीति-रिवाजों) के अनुसार पवित्रता सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर देता है, साथ ही यह अपवित्रीकरण को परिभाषित करता है, उसके लिए दंड का प्रावधान करता है, और एक ऐसा "निवारक ढांचा" तैयार करता है। अपवित्रता की परिभाषा यह रिकॉर्ड को प्रिंटिंग, स्टोरेज और वितरण से संबंधित मैनुअल और इलेक्ट्रॉनिक, दोनों तरह के दस्तावेज़ों के रूप में भी परिभाषित करता है। साथ ही, यह ‘अपवित्रता’ को किसी भी जान-बूझकर और सोची-समझी गई अपमानजनक कार्रवाई के रूप में विस्तार से बताता है। जिसमें अंग को जलाने, फाड़ने या चोरी करने जैसे भौतिक नुकसान से लेकर, बोलने, लिखने, प्रतीकात्मक या इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों से की गई ऐसी हरकतें शामिल हैं जो सिखों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाती हों। एक नई धारा 3A एसजीपीसी को सभी स्वरूपों का एक केंद्रीय रजिस्टर रखने का आदेश देती है। इस रजिस्टर में हर स्वरूप को एक खास पहचान संख्या दी जाएगी और प्रिंटिंग की तारीख, आपूर्ति की जगह, स्टोरेज की जगह और संरक्षक की पहचान जैसे विवरण दर्ज किए जाएंगे। इस रजिस्टर को भौतिक और इलेक्ट्रॉनिक, दोनों रूपों में रखा जाना है। अधिनियम के लागू होने के 45 दिनों के भीतर इसे एसजीपीसी की वेबसाइट पर उपलब्ध कराया जाना चाहिए, और हर महीने इसमें अनिवार्य रूप से अपडेट किए जाने चाहिए, जिन्हें किसी अधिकृत अधिकारी द्वारा विधिवत प्रमाणित किया गया हो। संरक्षकों के कर्तव्यों और दंड की परिभाषा धारा 3B के माध्यम से, इस संशोधन ने संरक्षकों के कर्तव्यों को परिभाषित किया है। इसके तहत संरक्षकों को यह सुनिश्चित करना होगा कि स्वरूप सुरक्षित अभिरक्षा में रहें, उनका दुरुपयोग या उन्हें नुकसान न पहुंचे, और वे 'सिख रहत मर्यादा' का सख्ती से पालन करें। नुकसान, गायब होने या अपवित्रता के किसी भी संदिग्ध मामले की सूचना तुरंत पुलिस अधिकारियों और संबंधित प्रबंधन निकाय को दी जानी चाहिए। कोई भी व्यक्ति जो इस अधिनियम के तहत गुरु ग्रंथ साहिब के स्वरूपों की अपवित्रता का अपराध करता है, उसे किसी भी प्रकार के कारावास से दंडित किया जाएगा। इस कारावास की अवधि 7 वर्ष से कम नहीं होगी, लेकिन इसे बढ़ाकर 20 वर्ष तक किया जा सकता है। साथ ही, उस पर जुर्माना भी लगाया जाएगा, जो 2 लाख रुपये से कम नहीं होगा, लेकिन इसे बढ़ाकर 10 लाख रुपये तक किया जा सकता है। कोई भी व्यक्ति जो आपराधिक षड्यंत्र के तहत, शांति या सांप्रदायिक सौहार्द को बिगाड़ने के इरादे से, इस अधिनियम के तहत गुरु ग्रंथ साहिब के स्वरूपों की अपवित्रता का अपराध करता है, उसे किसी भी प्रकार के कारावास से दंडित किया जाएगा। इस कारावास की अवधि 10 वर्ष से कम नहीं होगी, लेकिन इसे बढ़ाकर आजीवन कारावास तक किया जा सकता है। साथ ही, उस पर जुर्माना भी लगाया जाएगा, जो 5 लाख रुपये से कम नहीं होगा, लेकिन इसे बढ़ाकर 25 लाख रुपये तक किया जा सकता है। कोई भी व्यक्ति जो इस अधिनियम के तहत किसी अपराध को करने में सहायता करता है, उसे उसी दंड का भागीदार माना जाएगा जो उस अपराध के लिए निर्धारित है, जिसमें उसने सहायता की है। कोई भी व्यक्ति जो इस एक्ट के तहत कोई अपराध करने की कोशिश करता है, उसे किसी भी तरह की जेल की सज़ा दी जाएगी, जो तीन साल से कम नहीं होगी, लेकिन पांच साल तक बढ़ सकती है। उस पर जुर्माना भी लगाया जाएगा, जो 1 लाख रुपये से कम नहीं होगा, लेकिन 3 लाख रुपये तक बढ़ सकता है। वहीं, बेअदबी करने वाला अगर मनोरोगी या मानसिक स्थिति ठीक होने की बात कहता हैं तो उसकी बाकायदा जांच होगी। ऑफिशियल गैजेट में नोटिफिकेशन के बाद लागू होगा यह कानून तब लागू होगा जब सरकार इसे ऑफिशियल गैजेट में नोटिफाई करेगी। 2008 के कानून को पूरी तरह से बदलने के बजाय उसमें संशोधन करके, सरकार ने गुरु ग्रंथ साहिब की सुरक्षा, कस्टडी और पवित्रता के लिए एक ज़्यादा सख़्त और व्यवस्थित कानूनी ढांचा बनाने की कोशिश की है। बेअदबी पर तीसरा बिल पंजाब में पहले भी 2016 और 2018 में अपमान से जुड़े दो बिल पेश किए जा चुके हैं। 2016 के प्रस्ताव में गुरु ग्रंथ साहिब के अपमान के लिए उम्रकैद और दूसरे धार्मिक ग्रंथों के लिए 10 साल की सज़ा का प्रावधान था। इसे केंद्र सरकार ने कुछ आपत्तियों के साथ … Read more

लाइव कैमरे में खुलासा: Ludhiana में पार्षद ने महिला को ड्रग्स के साथ रंगे हाथों पकड़ा

लुधियाना. संजय गांधी कालोनी में शुक्रवार देर रात पार्षद और स्थानीय लोगों ने इंटरनेट मीडिया पर लाइव होकर एक महिला को नशीले पदार्थ के साथ पकड़ा। अकाली दल के पार्षद छतरवीर सिंह ने आरोप लगाया कि महिला लंबे समय से इलाके में नशे का कारोबार कर रही थी। कई बार समझाने के बावजूद वह अपनी गतिविधियों से बाज नहीं आई। इसी के चलते शुक्रवार रात मोहल्ला निवासियों के सहयोग से उसे रंगे हाथ पकड़ा गया। पार्षद और लोगों का दावा है कि महिला के पास से एक प्लास्टिक डिब्बी में 5 से 7 संदिग्ध पैकेट बरामद हुए और पुलिस को बुलाकर हवाले कर दिया गया। घटना के दौरान मौजूद लोगों ने महिला को पकड़कर उससे पूछताछ भी की। वीडियो में महिला खुद को ताजपुर रोड क्षेत्र की निवासी बता रही है। हालांकि, पुलिस की प्राथमिक जांच में अलग तथ्य सामने आए। थाना डिवीजन नंबर सात की पुलिस के अनुसार, महिला नशा तस्कर नहीं बल्कि नशे की आदी है। महिला की स्वास्थ्य स्थिति भी ठीक नहीं है और उसे इलाज की जरूरत है। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि महिला को जल्द नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती करवाया जाएगा। फिलहाल मामले की जांच जारी है और रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।  

पंजाब में नशे पर बड़ा वार: Amritsar से 71 किलो हेरोइन के साथ 2 आरोपी गिरफ्तार, ड्रोन भी जब्त

अमृतसर. पंजाब में पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई की तरफ से भेजी गई हेरोइन की बड़ी खेप के साथ दो तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। स्टेट स्पेशल आपरेशन सेल और बीएसएफ ने दो मामलों में कुल 71 किलो से अधिक हेरोइन, एक मारुति और एक ड्रोन बरामद किया है। आरोपितों ने माना कि यह खेप कुछ दिन पहले पाकिस्तानी तस्करों ने ड्रोन के जरिये भेजी थी। वे इसे आगे सप्लाई करने की योजना बना रहे थे। पहले मामले में पुलिस ने नाकाबंदी कर गांव माहल के पास दो तस्करों गांव अवान वसाउ के स्वर्ण सिंह और दयाल नगर निवासी शमशेर सिंह को 64 किलो हेरोइन सहित गिरफ्तार कर एक मारुति कार बरामद की। आरोपितों को शनिवार शाम न्यायाधीश गरिमा गुप्ता की अदालत में पेश किया गया। अदालत ने पांच दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। एआईजी सुखमिंदर सिंह मान ने बताया कि यह खेप पुर्तगाल में बैठे हैंडलर ने पाकिस्तानी तस्कर मूसा के जरिये भिजवाई थी। 2019 में भारत पाकिस्तान सीमा पर कस्टम विभाग द्वारा पकड़ी गई 532 किलो हेरोइन के मामले में भी मूसा का नाम सामने आया था। दूसरे मामले में बीएसएफ ने भारत-पाकिस्तान सीमा पर स्थित बीओपी पुल मोरां के पास एक बड़ा ड्रोन और सात किलो हेरोइन बरामद की। पुलिस ने अज्ञात आरोपितों के खिलाफ केस दर्ज किया है। बरामद किए गए ड्रोन को जांच के लिए भेजा गया है। बता दें पहली जनवरी से लेकर अब तक सीमा पर कुल 48 ड्रोन बरामद हो चुके हैं।

स्मार्ट शिक्षा की ओर बढ़ते कदम: होशियारपुर में स्कूल के नए कमरों का शिलान्यास, बच्चों को मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं

होशियारपुर. होशियारपुर क्षेत्र में विद्यार्थियों के बेहतर भविष्य को ध्यान में रखते हुए सरकारी स्कूल की नई इमारत के निर्माण का कार्य आधिकारिक तौर पर शुरू हो गया है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति में इस परियोजना की नींव रखी गई। इस नई इमारत का निर्माण होने से न केवल स्कूल में कमरों की कमी दूर होगी, बल्कि छात्रों को बैठने के लिए एक सुरक्षित और व्यवस्थित स्थान भी उपलब्ध होगा। आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा नया भवन स्कूल के इस नए बुनियादी ढांचे को आधुनिक मानकों के अनुसार तैयार किया जा रहा है। इसमें हवादार कमरों के साथ-साथ स्वच्छ पेयजल और शौचालय की समुचित व्यवस्था की जाएगी। शिक्षा विभाग का मानना है कि स्कूल की अच्छी इमारत बच्चों के सीखने के स्तर को सकारात्मक रूप से प्रभावित करती है। इस परियोजना के तहत स्कूल परिसर के सौंदर्यीकरण पर भी ध्यान दिया जा रहा है ताकि बच्चे एक खुशनुमा माहौल में अपनी शिक्षा ग्रहण कर सकें। गुणवत्ता और समय सीमा पर जोर निर्माण कार्य का जायजा लेते हुए अधिकारियों ने संबंधित ठेकेदारों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि निर्माण सामग्री की गुणवत्ता के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए। इस भवन को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है ताकि अगले शैक्षणिक सत्र तक छात्र नए कमरों का लाभ उठा सकें। निर्माण कार्य की नियमित निगरानी के लिए एक विशेष टीम भी गठित की गई है जो समय-समय पर प्रगति की जांच करेगी। क्षेत्र के विकास में मील का पत्थर इस स्कूल भवन का निर्माण स्थानीय समुदाय के लिए एक बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है। ग्रामीणों ने सरकार के इस कदम की सराहना करते हुए कहा कि लंबे समय से इस क्षेत्र में शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की आवश्यकता थी। सरकारी स्कूलों के कायाकल्प से अब गरीब परिवारों के बच्चों को भी निजी स्कूलों जैसी सुविधाएं मिल सकेंगी, जिससे राज्य में शिक्षा के स्तर को ऊंचा उठाने में मदद मिलेगी।

अब बेअदबी पर उम्रकैद: पंजाब में ‘जगत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब बिल 2026’ पास, राज्यपाल की मुहर

चंडीगढ़. जगत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब बिल 2026 को राज्यपाल गुलाब चन्द कटारिया ने मंजूरी दे दी है। अब बेअदबी करने वाले को उम्र कैद की सजा मिलेगी। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने एक्स पर पोस्ट डाल कर दी जानकारी दी है। पंजाब सरकार ने बैसाखी के पावन अवसर पर एक बड़ा और महत्वपूर्ण विधायी कदम उठाते हुए ‘जगत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) विधेयक-2026’ को विधानसभा में पेश किया था। इस विधेयक का उद्देश्य गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी से जुड़े मामलों में सख्त सजा का प्रावधान करना और इसकी पवित्रता की रक्षा के लिए मजबूत कानूनी ढांचा तैयार करना है। मुख्यमंत्री भगवंत मान, जो गृह विभाग भी संभाल रहे हैं, ने यह विधेयक सदन में पेश किया था। उन्होंने स्पष्ट किया था कि बेअदबी की घटनाओं को रोकने के लिए यह कानून बेहद जरूरी है और इसमें पहले से कहीं अधिक सख्त प्रावधान किए गए हैं। बेअदबी गैर-जमानती और संज्ञेय (कॉग्निज़ेबल ऑफेंस) बनाया गया इस विधेयक में बेअदबी के अपराध को गैर-जमानती और संज्ञेय (कॉग्निज़ेबल ऑफेंस) बनाया गया है, जिससे पुलिस बिना वारंट के कार्रवाई कर सकेगी। ऐसे मामलों की सुनवाई सत्र न्यायालय में होगी और जांच केवल डीएसपी या सहायक पुलिस आयुक्त स्तर के अधिकारियों द्वारा ही की जाएगी। संशोधन के तहत कानून की भाषा में भी बदलाव किया गया है। पहले जहां “बीड़” शब्द का उपयोग होता था, उसे बदलकर “स्वरूप” किया गया है, ताकि धार्मिक परंपराओं के अनुरूप शब्दावली का इस्तेमाल किया जा सके। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि गुरु ग्रंथ साहिब के सरूपों की छपाई, प्रकाशन, भंडारण और वितरण केवल शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी या उसके अधिकृत संस्थानों द्वारा ही किया जाएगा। संरक्षक करेंगे स्वरूप की सुरक्षा मुख्यमंत्री ने बताया कि इस कानून में “संरक्षक” की परिभाषा भी जोड़ी गई है, जिसमें उन व्यक्तियों या संस्थाओं को शामिल किया गया है जो सरूप की देखभाल और मर्यादा के लिए जिम्मेदार होंगे। उनके लिए यह अनिवार्य होगा कि वे सरूप की सुरक्षा सुनिश्चित करें और किसी भी प्रकार की क्षति या बेअदबी की आशंका होने पर तुरंत संबंधित अधिकारियों को सूचित करें। बेअदबी की परिभाषा को भी इस कानून में विस्तारित किया गया है। इसमें न केवल भौतिक नुकसान जैसे जलाना, फाड़ना या चोरी करना शामिल है, बल्कि किसी भी प्रकार के मौखिक, लिखित, प्रतीकात्मक या डिजिटल माध्यम से धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले कृत्य को भी इसमें शामिल किया गया है।

महाराजा रणजीत सिंह की निशानी खतरे में: दीनानगर बारादरी के अस्तित्व पर संकट, दिल्ली कमेटी ने बुलाई बैठक

दीनानगर.  दीनानगर में शेर-ए-पंजाब महाराजा रणजीत सिंह की ऐतिहासिक शाही बारादरी की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। हाल ही में कुछ शरारती तत्वों द्वारा इस प्राचीन इमारत की छत और अन्य हिस्सों में तोड़फोड़ की गई, जिससे सिख समाज और विरासत प्रेमियों में भारी रोष है। दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के धर्म प्रचार कमेटी (पंजाब) के चेयरमैन मनजीत सिंह भोमा ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। भू-माफिया और राजनीतिक गठजोड़ का आरोप चेयरमैन भोमा ने बारादरी का दौरा करने के बाद प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार के पर्यटन और सांस्कृतिक मामलों के विभाग द्वारा संरक्षित घोषित की गई इस इमारत को नुकसान पहुँचाने के पीछे भू-माफिया और बड़े राजनीतिक चेहरों का हाथ हो सकता है। उन्होंने बताया कि जहाँ लोग धार्मिक स्थलों पर सोना चढ़ाते हैं, वहीं माफिया महाराजा रणजीत सिंह की इस ऐतिहासिक निशानी की ईंटें तक उखाड़ कर ले जा रहा है। उन्होंने सरकार से मांग की कि इस विनाशकारी कार्य को तुरंत रोका जाए। विरासत को बचाने के लिए पंथक बैठक का आह्वान शाही बारादरी के गिरते अस्तित्व को बचाने के लिए अब सिख समुदाय ने संगठित होने का फैसला किया है। इसके तहत आगामी 25 अप्रैल को सुबह 11 बजे शाही बारादरी परिसर में ही पंथक हितैषियों की एक विशेष बैठक बुलाई गई है। इस बैठक में इस ऐतिहासिक इमारत के संरक्षण और इसके पुनर्निर्माण के लिए रणनीति तैयार की जाएगी। भोमा ने कहा कि यह इमारत पहले से ही प्रशासनिक अनदेखी के कारण खंडहर बन चुकी थी, और अब इस पर किए गए हमले असहनीय हैं। इतिहास की गर्मियों वाली राजधानी का महत्व दीनानगर की शाही बारादरी का अपना एक गौरवशाली इतिहास रहा है। महाराजा रणजीत सिंह अक्सर गर्मियों के महीनों में यहाँ अपना दरबार लगाते थे, जिस कारण इसे 'सरकार खालसा' की गर्मियों वाली राजधानी भी कहा जाता था। यहाँ कई ऐतिहासिक संधियाँ हुईं और सैन्य योजनाएं बनाई गईं। साल 2010 में सरकार ने इसे संरक्षित इमारत का दर्जा दिया था और इसके जीर्णोद्धार के लिए करोड़ों का टेंडर भी जारी हुआ था, लेकिन धरातल पर अब तक कोई काम शुरू नहीं हो सका है। स्थानीय निवासियों और विरासत मंच के सदस्यों ने सरकार से इस ऐतिहासिक गौरव को संरक्षित करने की अपील की है।

ड्रग्स के खिलाफ महासंग्राम: राज्यपाल का आह्वान—अब एकजुट होकर लड़ना होगा पंजाब को

चंडीगढ़. पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने राज्य की सबसे बड़ी चुनौती यानी नशे की समस्या पर अपनी चिंता व्यक्त करते हुए एक महत्वपूर्ण संदेश दिया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि पंजाब को नशामुक्त बनाना केवल सरकार या पुलिस बल का कार्य नहीं है, बल्कि यह पूरे समाज की एक सामूहिक और साझा जिम्मेदारी है। राज्यपाल के अनुसार, जब तक समाज का हर व्यक्ति इस बुराई के खिलाफ अपनी भूमिका नहीं समझेगा, तब तक इस समस्या को जड़ से मिटाना संभव नहीं होगा। उन्होंने जन-जन से इस अभियान का हिस्सा बनने की अपील की है। युवा पीढ़ी के संरक्षण पर विशेष ध्यान राज्यपाल ने युवाओं को नशे की गर्त से बाहर निकालने के लिए एक ठोस रणनीति अपनाने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि पंजाब के युवा राज्य की असली शक्ति हैं और उन्हें सुरक्षित रखना ही प्राथमिक लक्ष्य होना चाहिए। शिक्षण संस्थानों, अभिभावकों और सामाजिक संस्थाओं को मिलकर एक ऐसा वातावरण तैयार करना होगा जहाँ नशे के लिए कोई स्थान न हो। कटारिया ने स्पष्ट किया कि युवाओं को खेल और रचनात्मक कार्यों की ओर प्रेरित करना इस लड़ाई का एक अहम हिस्सा है ताकि वे किसी भी प्रकार के भ्रम या गलत रास्ते पर न भटकें। पंचायतों और ग्राम सभाओं की महत्वपूर्ण भूमिका ग्रामीण क्षेत्रों में नशे के प्रभाव को कम करने के लिए राज्यपाल ने पंचायतों को आगे आने का आह्वान किया। उन्होंने सुझाव दिया कि ग्राम पंचायतों को अपने गांवों को नशामुक्त करने के लिए संकल्प लेना चाहिए। स्थानीय स्तर पर सूचना तंत्र को मजबूत करके नशे के सौदागरों की पहचान करना और उनके खिलाफ सामूहिक आवाज उठाना बेहद जरूरी है। राज्यपाल ने आश्वासन दिया कि प्रशासन ऐसे साहसी प्रयासों को पूरा सहयोग प्रदान करेगा और सूचना देने वालों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी। नशा मुक्ति और पुनर्वास का संकल्प नशे की चपेट में आ चुके व्यक्तियों के प्रति संवेदनशीलता दिखाते हुए राज्यपाल ने उनके पुनर्वास पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि पीड़ितों को अपराधी की तरह नहीं, बल्कि एक मरीज की तरह देखा जाना चाहिए जिन्हें सही इलाज और सामाजिक समर्थन की जरूरत है। सरकार और स्वयंसेवी संस्थाओं द्वारा चलाए जा रहे नशा मुक्ति केंद्रों की गुणवत्ता में सुधार और उनके विस्तार की योजना पर भी चर्चा की गई। राज्यपाल ने विश्वास जताया कि सामूहिक इच्छाशक्ति और एकजुटता के साथ पंजाब जल्द ही अपनी खोई हुई खुशहाली और गौरव वापस प्राप्त करेगा।

शहीद परिवारों का सम्मान सर्वोपरि: रक्षा सेवा कल्याण विभाग के कार्यों में तेजी लाने के निर्देश

चंडीगढ़ पंजाब के रक्षा सेवा कल्याण मंत्री मोहिंदर भगत ने पंजाब सचिवालय में विभाग के कामकाज का जायजा लेने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता की। इस अवसर पर विभाग के प्रमुख सचिव सुमेर सिंह गुर्जर और निदेशक भूपिंदर सिंह ढिल्लों विशेष रूप से उपस्थित रहे। बैठक का मुख्य उद्देश्य पूर्व सैनिकों, युद्ध विधवाओं और उनके आश्रितों के लिए चलाई जा रही कल्याणकारी योजनाओं की वर्तमान स्थिति का विश्लेषण करना और प्रशासनिक बाधाओं को दूर करना था। मुआवजा वितरण और लंबित मामलों पर चर्चा अधिकारियों ने कैबिनेट मंत्री को सूचित किया कि पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों से संबंधित विभिन्न मामलों में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। विभिन्न युद्धों के दौरान अपने प्राणों की आहुति देने वाले अधिकांश शहीदों के परिवारों को पंजाब सरकार द्वारा पहले ही आर्थिक मुआवजा दिया जा चुका है। बैठक के दौरान उन शेष मामलों पर भी विस्तार से चर्चा की गई जो अभी प्रक्रिया में हैं। मंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट किया कि फाइलों के निपटारे में होने वाली देरी को कम किया जाए ताकि लाभार्थियों को समय पर सहायता मिल सके। रिक्त पदों को भरने और बजट पर ध्यान विभाग की कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए खाली पड़े पदों को भरने की प्रक्रिया को तेज करने का निर्णय लिया गया है। मंत्री ने कहा कि मानव संसाधन की कमी को दूर करना आवश्यक है ताकि सेवा वितरण सुचारू रूप से चलता रहे। इसके साथ ही, विभागीय बजट के सही उपयोग और नई परियोजनाओं के लिए धन के आवंटन पर भी मंथन किया गया। सरकार का लक्ष्य रक्षा सेवाओं से जुड़े बुनियादी ढांचे को मजबूत करना है ताकि सेवानिवृत्त सैनिकों को एक ही छत के नीचे सभी जरूरी सुविधाएं मिल सकें। शहीदों के प्रति सम्मान और सरकारी प्रतिबद्धता बैठक को संबोधित करते हुए मोहिंदर भगत ने कहा कि देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले वीर जवानों के प्रति पंजाब सरकार पूरी श्रद्धा और सम्मान रखती है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों से जुड़ी हर समस्या का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाना चाहिए। सरकार शहीदों के बलिदान को व्यर्थ नहीं जाने देगी और उनके आश्रितों की हर संभव सहायता के लिए निरंतर प्रयास जारी रखेगी। यह बैठक सैनिकों के कल्याण के प्रति सरकार की अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

पंजाब शिक्षक पात्रता परीक्षा के लिए शेड्यूल जारी: शिक्षा विभाग ने दी 26 अप्रैल की हरी झंडी

चंडीगढ़. पंजाब राज्य के सरकारी स्कूलों में शिक्षक बनने का सपना देख रहे उम्मीदवारों के लिए महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। शिक्षा विभाग ने पंजाब शिक्षक पात्रता परीक्षा (P-TET) के आयोजन के लिए 26 अप्रैल की तारीख तय की है। लंबे समय से इस परीक्षा का इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों के लिए अब अपनी तैयारियों को अंतिम रूप देने का समय आ गया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा का आयोजन राज्य भर के विभिन्न केंद्रों पर पूरी पारदर्शिता के साथ किया जाएगा। प्रवेश पत्र और परीक्षा केंद्र का विवरण परीक्षा के सफल संचालन के लिए विभाग द्वारा सभी जरूरी प्रबंध पूरे कर लिए गए हैं। उम्मीदवार आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से अपने रोल नंबर और परीक्षा केंद्र की स्थिति देख सकते हैं। विभाग ने निर्देश दिए हैं कि अभ्यर्थी परीक्षा शुरू होने से कम से कम एक घंटा पहले निर्धारित केंद्र पर पहुँचें। प्रवेश पत्र के बिना किसी भी स्थिति में परीक्षा हॉल में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। साथ ही, पहचान पत्र के रूप में आधार कार्ड या अन्य वैध दस्तावेज ले जाना अनिवार्य है। परीक्षा के दौरान सुरक्षा और पारदर्शिता शिक्षा विभाग ने नकल रहित परीक्षा सुनिश्चित करने के लिए कड़े सुरक्षा इंतजाम किए हैं। सभी केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों की निगरानी रहेगी और जैमर की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। परीक्षा केंद्रों के आसपास धारा 144 लागू करने और बाहरी हस्तक्षेप को रोकने के लिए पुलिस बल की तैनाती की जाएगी। किसी भी प्रकार की अनुचित गतिविधि में संलिप्त पाए जाने वाले उम्मीदवारों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की चेतावनी भी दी गई है। भविष्य के शिक्षकों के लिए बड़ी उम्मीद P-TET परीक्षा पंजाब की शिक्षा व्यवस्था में गुणवत्ता सुधार की दिशा में एक अहम कदम है। इस परीक्षा को पास करने वाले अभ्यर्थी राज्य के विभिन्न सरकारी प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षक भर्ती प्रक्रिया के लिए पात्र हो जाएंगे। पिछले कुछ समय से रुकी हुई भर्ती प्रक्रियाओं के बाद, इस परीक्षा के आयोजन से युवाओं में रोजगार की नई उम्मीद जगी है। शिक्षा विशेषज्ञों ने उम्मीदवारों को सलाह दी है कि वे अंतिम समय में पुनरावृत्ति पर ध्यान दें और परीक्षा के दौरान समय प्रबंधन का विशेष ख्याल रखें।