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पूर्व कांग्रेसी केवल सिंह ढिल्लों बने BJP पंजाब के नए प्रदेश अध्यक्ष, चुनाव से पहले बड़ा फेरबदल

चंडीगढ़. पंजाब भाजपा को नया प्रदेश प्रधान मिल गया है। पार्टी हाईकमान ने बरनाला के पूर्व विधायक और वरिष्ठ नेता केवल सिंह ढिल्लों को प्रदेश भाजपा की कमान सौंप दी है। उनके नाम की घोषणा के साथ ही पंजाब भाजपा में नए राजनीतिक समीकरणों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। पार्टी नेतृत्व ने ऐसे समय में यह फैसला लिया है, जब पंजाब में संगठन को नए सिरे से मजबूत करने और ग्रामीण क्षेत्रों में पकड़ बढ़ाने की चुनौती सामने है। केवल सिंह ढिल्लों बरनाला के तल्लेवाल गांव से संबंध रखते हैं। उनका जन्म 16 मई 1950 को हुआ था। वह पंजाब के बड़े उद्योगपतियों और प्रभावशाली नेताओं में गिने जाते हैं। वह ढिल्लों ग्रुप के प्रमुख हैं और लंबे समय से कारोबार के साथ-साथ राजनीति में भी सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं। उनकी शुरुआती पढ़ाई बरनाला में हुई। 12वीं पास हैं केवल सिंह ढिल्लों वह 12वीं पास हैं और 1969-70 में एसडी कॉलेज बरनाला से बीए पार्ट-1 की पढ़ाई की थी। उनके पिता का नाम सजन सिंह ढिल्लों है, जबकि पत्नी का नाम मनजीत कौर है। उनके दो बेटे कंवरइंदर सिंह ढिल्लों और करणइंदर सिंह ढिल्लों पारिवारिक बिजनेस और रियल एस्टेट कारोबार संभाल रहे हैं। ढिल्लों पिछले करीब दो दशकों से पंजाब की राजनीति में सक्रिय हैं। कांग्रेस टिकट पर वह 2007 और 2012 में बरनाला से विधायक चुने गए थे। 2012 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने बड़े अंतर से जीत दर्ज की थी। वह पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ उपप्रधान भी रह चुके हैं और मालवा क्षेत्र में कांग्रेस का बड़ा चेहरा थे। हालांकि 2017 विधानसभा चुनाव और 2019 के संगरूर लोकसभा चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा। जून 2022 में छोड़ी थी कांग्रेस इसके बाद जून 2022 में उन्होंने कांग्रेस छोड़ भाजपा का दामन थाम लिया। भाजपा ने उन्हें संगरूर लोकसभा उपचुनाव में उम्मीदवार भी बनाया था। फिलहाल वह पंजाब भाजपा की कोर कमेटी के वरिष्ठ नेताओं में शामिल थे। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि भाजपा ने मालवा क्षेत्र में संगठन को मजबूत करने और किसान व कारोबारी वर्ग में पकड़ बढ़ाने के लिए केवल सिंह ढिल्लों पर दांव खेला है। पंजाब भाजपा में इससे पहले अश्वनी शर्मा कार्यकारी अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। वहीं, पूर्व प्रदेश प्रधान सुनील जाखड़ भी कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए थे। जाखड़ के नेतृत्व में भाजपा ने पंजाब में अपना आधार बढ़ाने की कोशिश की थी। अब केवल सिंह ढिल्लों को प्रदेश प्रधान बनाकर पार्टी ने साफ संकेत दिए हैं कि वह पंजाब में नए चेहरों और क्षेत्रीय संतुलन के साथ आगे बढ़ना चाहती है। भाजपा नेतृत्व को उम्मीद है कि केवल सिंह ढिल्लों के अनुभव, कारोबारी पृष्ठभूमि और मालवा क्षेत्र में प्रभाव का फायदा पार्टी को आगामी चुनावों में मिल सकता है। पंजाब भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने इंटरनेट मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि पंजाब भाजपा के अध्यक्ष के रूप में सेवा करना उनके लिए गौरव और बड़ी जिम्मेदारी का विषय रहा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा जताया गया विश्वास और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से लगातार मिला मार्गदर्शन उनके पूरे कार्यकाल में ताकत का स्रोत बना रहा। जाखड़ ने किया किसकी सीख का जिक्र? जाखड़ ने भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव संगठन बीएल संतोष से मिली संगठनात्मक सीख का भी जिक्र किया। साथ ही पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और मौजूदा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के सहयोग व प्रोत्साहन के लिए आभार जताया। उन्होंने कहा कि पंजाब भाजपा की असली ताकत राज्यभर के कार्यकर्ता, नेता और समर्थक हैं, जिनकी निष्ठा और सहयोग से उनका कार्यकाल यादगार बना। पूर्व अध्यक्ष ने नए प्रदेश अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि अब यह जिम्मेदारी उन्हें सौंपी जा रही है और उन्हें पूरा विश्वास है कि ढिल्लों के नेतृत्व में संगठन और मजबूत होगा। उन्होंने कहा कि पंजाब की सेवा और संगठन को आगे बढ़ाने में वह हरसंभव सहयोग देते रहेंगे। सुनील जाखड़ ने अपने संदेश में यह भी साफ किया कि उनका पंजाब, पंजाब के लोगों और संगठन के साथ रिश्ता किसी भी पद से ऊपर है। उन्होंने कहा कि यह जुड़ाव आगे भी उसी समर्पण और प्रतिबद्धता के साथ जारी रहेगा। गौरतलब है कि भाजपा ने हाल ही में बरनाला के पूर्व विधायक केवल सिंह ढिल्लों को पंजाब भाजपा का नया प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया है। ढिल्लों कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए थे। वहीं, सुनील जाखड़ भी कांग्रेस से भाजपा में आए थे और पार्टी ने उन्हें पंजाब भाजपा की कमान सौंपी थी। उनके कार्यकाल के दौरान अश्वनी शर्मा कार्यकारी अध्यक्ष की भूमिका में सक्रिय रहे। अब संगठन में बदलाव के साथ भाजपा पंजाब में नए नेतृत्व के जरिए राजनीतिक आधार मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही है।

Tribune Chowk से Zirakpur बॉर्डर तक फ्लाईओवर प्रोजेक्ट मंजूर, जल्द शुरू होगी DPR की तैयारी

चंडीगढ़ चंडीगढ़ के सबसे व्यस्त और जाम प्रभावित मार्गों में शामिल ट्रिब्यून चौक से जीरकपुर बॉर्डर तक लोगों को जल्द ट्रैफिक जाम से राहत मिलने की उम्मीद है। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने पोल्ट्री फार्म चौक से जीरकपुर बॉर्डर तक प्रस्तावित फ्लाईओवर प्रोजेक्ट को मिली मंजूरी। अधिकारियों के अनुसार एनएच-05 पर ट्रैफिक को सुगम बनाने के लिए जीएमसीएच-32 चौक से सीधे जीरकपुर बॉर्डर तक एक ही फ्लाईओवर बनाना संभव नहीं था, क्योंकि पोल्ट्री फार्म चौक के पास रेलवे ओवरब्रिज पहले से मौजूद है। इसी वजह से परियोजना को दो हिस्सों में विभाजित किया गया है। ट्रैफिक जाम से राहत मिलने की उम्मीद योजना के तहत पहला फ्लाईओवर ट्रिब्यून चौक पर बनाया जाएगा, जबकि दूसरा रेलवे ओवरब्रिज के पास से शुरू होकर जीरकपुर बॉर्डर पर हाल ही में बने फ्लाईओवर तक जाएगा। इससे पोल्ट्री फार्म चौक, हल्लोमाजरा लाइट प्वाइंट और पुराने एयरपोर्ट लाइट प्वाइंट पर लगने वाले ट्रैफिक जाम से राहत मिलने की उम्मीद है। पूरा मार्ग होगा सिग्नल-फ्री फ्लाईओवर बनने के बाद ट्रिब्यून चौक से जीरकपुर बॉर्डर तक पूरा मार्ग सिग्नल-फ्री हो जाएगा। फिलहाल सुबह और शाम ऑफिस समय में इस रूट पर भारी जाम लगना आम बात है। सलाहकार एजेंसी मौजूदा सड़क ढांचे का अध्ययन कर विभिन्न डिजाइन विकल्पों का मूल्यांकन करेगी और तकनीकी व आर्थिक दृष्टि से सबसे उपयुक्त मॉडल की सिफारिश करेगी। हाईकोर्ट ने पेड़ों की कटाई पर लगाई रोक इधर, पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने ट्रिब्यून चौक फ्लाईओवर परियोजना के लिए पेड़ों की कटाई पर फिलहाल रोक लगा दी है। यह आदेश उस याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया गया, जिसमें परियोजना को शहर की विरासत और मास्टर प्लान-2031 के विपरीत बताया गया था। याचिकाकर्ता का कहना था कि मास्टर प्लान-2031 के तहत चंडीगढ़ को पैदल यात्रियों और साइकिल चालकों के अनुकूल शहर के रूप में विकसित किया जाना है। फ्लाईओवर से शहर की दृश्य पहचान और गैर-मोटर चालित परिवहन व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। हालांकि प्रशासन ने अदालत में दलील दी कि मास्टर प्लान में फ्लाईओवर निर्माण की अनुमति है और केवल सेक्टर-1 से 30 तक का क्षेत्र हेरिटेज जोन में आता है। प्रशासन ने यह भी बताया कि पर्यावरणीय प्रभाव को कम करने के लिए 5:1 अनुपात में 2,799 पेड़ लगाने की प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है। मई 2026 से शुरू होगा निर्माण प्रशासन के अनुसार ट्रिब्यून चौक फ्लाईओवर का ठेका सिंगला कंस्ट्रक्शन को 147.98 करोड़ रुपये में दिया गया है, जो अनुमानित लागत से करीब 31 प्रतिशत कम है। लगभग 1.6 किलोमीटर लंबे इस प्रोजेक्ट में रोटरी और अंडरपास भी शामिल होंगे। निर्माण कार्य मई 2026 में शुरू होकर अगले दो वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। वर्तमान में ट्रिब्यून चौक से प्रतिदिन करीब 1.43 लाख वाहन गुजरते हैं, जिनमें अधिकांश यात्री वाहन शामिल हैं। फ्लाईओवर बनने के बाद यहां लगने वाले भारी ट्रैफिक जाम से लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।  

भुल्लर केस में बड़ा एक्शन, जांच पूरी होने तक 26 खातों से पैसे निकालने पर रोक

चंडीगढ़ चंडीगढ़ में रिश्वत मामले में फंसे पंजाब पुलिस के सस्पेंड डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर और उनके परिवार की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। सीबीआई की विशेष अदालत ने आदेश दिया है कि जब तक जांच पूरी नहीं होती, तब तक भुल्लर से जुड़े सभी बैंक खाते फ्रीज रहेंगे। इसी केस में सह-आरोपी कृष्णु शारदा की मुश्किलें भी बढ़ती दिख रही हैं, क्योंकि अब सीबीआई के साथ प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भी जांच शुरू कर दी है। इसी दौरान भुल्लर के चंडीगढ़ स्थित घर समेत कुल 11 ठिकानों पर छापेमारी की गई थी। प्रारंभिक जांच से जुड़ी अर्जी को मंजूरी सूत्रों के अनुसार, ईडी जल्द ही पंजाब के कुछ आईएएस और आईपीएस अधिकारियों को पूछताछ के लिए नोटिस भेज सकती है। अदालत ने सीबीआई की प्रारंभिक जांच (पीई) से जुड़ी अर्जी को भी मंजूरी दे दी है, जिसके बाद मामले में आगे की कार्रवाई का रास्ता साफ हो गया है। इससे पहले विशेष अदालत ने डीआईजी भुल्लर और सह-आरोपी कृष्णु शारदा की उस याचिका को खारिज कर दिया था, जिसमें संज्ञान (कॉग्निजेंस) आदेश को चुनौती दी गई थी। जांच एजेंसी को कुछ नए और अहम सबूत मिले हैं, जिनके आधार पर कई आईएएस और आईपीएस अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। सीबीआई ने अज्ञात अधिकारियों के खिलाफ प्रारंभिक जांच शुरू कर दी है। CBI को अफसरों के बारे में क्या जानकारी मिली… DIG से पूछताछ में 14 अफसरों के नाम मिले: CBI ने हरचरण सिंह भुल्लर को गिरफ्तार करने के बाद पहली बार 5 दिन का रिमांड लिया। CBI सोर्सेज के मुताबिक भुल्लर ने बताया कि पंजाब के अफसर पटियाला के प्रॉपर्टी डीलर के जरिए प्रॉपर्टी में इन्वेस्टमेंट करते हैं। इस पूछताछ में CBI को ऐसे 14 अफसरों का पता चला, जिसमें 10 IPS और 4 IAS अधिकारी थे। CBI ने जब छानबीन की तो पता चला कि 10 IPS में से 8 अभी भी फील्ड में अहम पदों पर तैनात हैं। वहीं 2 पंजाब पुलिस की एकेडमी में हैं। इसके अलावा 4 IAS अफसरों का संबंध किसी ने किसी तरह से मंडी गोबिंदगढ़ से है। इसके बाद CBI ने प्रॉपर्टी डीलर के पटियाला और लुधियाना के ठिकानों पर रेड कर डॉक्यूमेंट्स जब्त किए थे। बिचौलिए कृष्नु के मोबाइल से 50 अफसरों के लिंक मिले: CBI कोर्ट में DIG हरचरण भुल्लर और बिचौलिए कृष्णु शारदा की पेशी के दौरान जांच एजेंसी ने एक प्रोग्रेस रिपोर्ट पेश की थी। इसमें कहा गया कि पिछले रिमांड में कृष्णु शारदा के मोबाइल और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस खंगाली गईं। इसके जरिए पता चला कि वह कई अफसरों की करप्ट डीलिंग में शामिल था। CBI ने डेटा के आधार पर बताया कि कृष्णु शारदा अफसरों के साथ मिलकर न केवल केसों की जांच को प्रभावित करता था बल्कि ट्रांसफर-पोस्टिंग, आर्म्स लाइसेंस बनवाने से लेकर FIR दर्ज करवाने या पहले से दर्ज FIR खारिज करवाने तक का काम करता था। ऐसे करीब 50 अफसर हैं, जिनमें IAS और IPS अफसर भी शामिल हैं।  

तपिश से बेहाल लोग, तापमान 46°C के ऊपर; कई इलाकों में ऑरेंज अलर्ट लागू

अमृतसर. नौतपा की शुरुआत के बाद से ही पंजाब में तापमान लगातार बढ़ता जा रहा है। राज्य का तापमान बीते 24 घंटों में 1.4 डिग्री बढ़ गया, जो सामान्य से 4.1 डिग्री अधिक माना जा रहा है। लेकिन आज से राज्य में वेस्टर्न डिस्टरबेंस का असर देखने को मिलेगा, जिसका असर मिला जुला रहेगा। हिमाचल प्रदेश से सटे जिलों में जहां आज बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, वहीं राजस्थान से सटे जिलों में लू का अलर्ट है। मौसम विभाग से जारी आंकड़ों के अनुसार 28 से 31 जून तक पंजाब में 60-80 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं, गरज-चमक, बिजली गिरने और ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है। इसके साथ ही अलर्ट भी जारी किया गया है। अपेक्षित प्रभाव: पेड़ों की शाखाएं टूटना, बिजली के खंभों/टावरों पर बिजली गिरना, ओलों से फसलों, वाहनों और खिड़कियों को नुकसान होना तथा बिजली-पानी जैसी म्युनिसिपल सेवाओं में व्यवधान आना शामिल है। कम दृश्यता के कारण सड़क दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ सकता है। सुझाव: किसान कटी हुई फसल को सुरक्षित स्थानों पर रखें। खराब मौसम के दौरान लोग सुरक्षित इमारतों में रहें, पेड़ों और बिजली की लाइनों से दूर रहें और ओलावृष्टि की स्थिति में अपने सिर की रक्षा करें। आज राज्य में ऑरेंज अलर्ट जारी 28 मई: पठानकोट, गुरदासपुर, अमृतसर, तरनतारन, होशियारपुर, नवांशहर, कपूरथला, जालंधर, फिरोजपुर, मोगा और पटियाला में ऑरेंज अलर्ट है, जहां तेज हवाओं (40-60 किमी/घंटा), गरज-चमक की आशंकाएं हैं। शेष जिलों में लू का येलो अलर्ट जारी है। 29 मई: इस दिन मौसम सबसे खराब रहेगा। पठानकोट, रूपनगर, एसएएस नगर (मोहाली) और फतेहगढ़ साहिब में रेड अलर्ट है, जहां भारी बारिश, ओलावृष्टि और 60-80 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। अमृतसर, तरनतारन, गुरदासपुर, होशियारपुर, कपूरथला, जालंधर, फिरोजपुर, मोगा, लुधियाना और पटियाला में ऑरेंज अलर्ट के साथ भारी बारिश व तेज हवाओं की चेतावनी है। दक्षिण-पश्चिमी जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है। 30 मई: गुरदासपुर, अमृतसर, तरनतारन, फिरोजपुर, मोगा, मुक्तसर, बठिंडा, मानसा और पटियाला में ऑरेंज अलर्ट के तहत गरज-चमक और तेज हवाओं (40-60 किमी/घंटा) का पूर्वानुमान है। बाकी जिलों के लिए येलो अलर्ट रहेगा। 31 मई: पूरे पंजाब में कोई चेतावनी नहीं है और मौसम सामान्य रहने की उम्मीद है। सबसे अधिक तापमान फरीदकोट में दर्ज पटियाला में 44.8 डिग्री, अमृतसर में 44.1 डिग्री और बठिंडा में 44.4 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। लुधियाना का अधिकतम तापमान 43.8 डिग्री और चंडीगढ़ का 43.1 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम विभाग के अनुसार अधिकांश जिलों में तापमान सामान्य से ऊपर बना हुआ है, जिससे लोगों को भीषण गर्मी और उमस का सामना करना पड़ रहा है।

Census 2026: पटियाला में पहले चरण की शुरुआत, आंकड़े जुटाने का काम तेज

पटियाला पंजाबी विश्वविद्यालय पटियाला के परिसर के चार निर्धारित ब्लॉकों में भारत सरकार के गृह मंत्रालय के अधीन जनगणना 2027 का पहला चरण (घर सूचीकरण कार्य) औपचारिक रूप से शुरू किया गया। विश्वविद्यालय के डीन अकादमिक मामलों के प्रो. जसविंदर सिंह बराड़ और रजिस्ट्रार डॉ. देविंदर पाल सिंह सिद्धू ने इस कार्य में शामिल विश्वविद्यालय कर्मचारियों को पहचान पत्र और नियुक्ति पत्र वितरित कर इस कार्य की औपचारिक शुरुआत आज पटियाला में की। डीन अकादमिक मामलों के प्रो. जसविंदर सिंह बराड़ ने इस अवसर पर कहा कि एक उच्च शिक्षा संस्थान के रूप में उनकी जिम्मेदारी है कि इस कार्य में अपना महत्वपूर्ण योगदान दें। उन्होंने कहा कि इस कार्य के माध्यम से एकत्र किए जाने वाले आंकड़े अगले दशक की नीतियां बनाने में सहायक सिद्ध होंगे। रजिस्ट्रार डॉ. देविंदर पाल सिंह सिद्धू ने कहा कि पहली बार जनगणना का कार्य मोबाइल एप्लिकेशनों और डिजिटल पोर्टलों के माध्यम से किया जा रहा है, जिससे इस कार्य को अधिक सुव्यवस्थित ढंग से पूरा किया जा सकेगा। उन्होंने विश्वविद्यालय के सभी अधिकारियों, शोधार्थियों और कर्मचारियों से गणनाकर्मियों को पूरा सहयोग देने और सही जानकारी उपलब्ध करवाने की अपील की। विशेष सिविल चार्ज अधिकारी इंजीनियर मनप्रीत सिंह बुढ़ैल ने इस अवसर पर जनगणना के इतिहास में पहली बार अपनाई जा रही डिजिटल प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी। उन्होंने विश्वास जताया कि यह कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा कर लिया जाएगा। इस अवसर पर लखविंदर सिंह को सुपरवाइजर तथा रमनप्रीत कौर, बिंदू बाला, कुलजीत सिंह और राज किशोर को गणनाकर्मी (एन्यूमरेटर) नियुक्त किया गया।

रेड अलर्ट जारी! तीन दिन झमाझम बारिश के आसार, लुधियाना में बदला मौसम

 पटियाला चंडीगढ़, पंजाब और हरियाणा में पिछले कई दिनों से जारी भीषण गर्मी के बीच गुरुवार सुबह लोगों को बड़ी राहत मिली। शहर में सुबह से बादल छाए रहे। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने पहले ही ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए गुरुवार से शनिवार तक बारिश, तेज आंधी, ओलावृष्टि और तूफान की चेतावनी दी थी। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से मौसम का मिजाज बदल गया है। माैसम विभाग के अनुसार, आने वाले तीन दिन कई जगहों पर 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चलेगी। ओलावृष्टि के साथ प्री-मानसून की भारी बारिश का अलर्ट जारी हुआ है। इससे पंजाब के तापमान में 6 से 8 डिग्री तक की बड़ी गिरावट दर्ज की जा सकती है। हालांकि, वीरवार को कुछ स्थानों पर हीट वेव भी चल सकती है। बुधवार को तापमान में 1.4 डिग्री की वृद्धि हुई, जो सामान्य से 4.1 डिग्री ऊपर था। फरीदकोट में सर्वाधिक 46.1 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। गुरदासपुर में न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस रहा। अमृतसर का अधिकतम पारा 44.1 डिग्री दर्ज हुआ। लुधियाना का 43.8 डिग्री, पटियाला का 44.8 डिग्री, पठानकोट का 41.6 डिग्री, फाजिल्का का 43.8 डिग्री, फिरोजपुर का 42.2 डिग्री, एसबीएस नगर का 41.5 डिग्री, होशियारपुर का 41.3 डिग्री और रूपनगर का 42.7 डिग्री दर्ज किया गया। अमृतसर का न्यूनतम पारा 23.1 डिग्री, लुधियाना का न्यूनतम पारा 25.8 डिग्री, पटियाला का 25.3 डिग्री, पठानकोट का 22.6 डिग्री, बठिंडा का 26.7 डिग्री, फाजिल्का का 25.0 डिग्री, फिरोजपुर का 23.5 डिग्री दर्ज किया गया। गर्म रातों ने दिए मौसम बदलने के संकेत मौसम विभाग के अनुसार रात के तापमान में अचानक बढ़ोतरी तूफानी और नमी वाले मौसम का संकेत है। चंडीगढ़ में गुरुवार को न्यूनतम तापमान 25.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो बुधवार रात के मुकाबले 3.1 डिग्री अधिक है। पंजाब और हरियाणा में भी न्यूनतम तापमान सामान्य से ऊपर रहा। हरियाणा के चरखी दादरी में रात का तापमान 30.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि पंजाब के बठिंडा में न्यूनतम तापमान 28.3 डिग्री सेल्सियस रहा।   बुधवार को पारा 46 डिग्री के पार गुरुवार से पहले बुधवार इस सीजन का सबसे गर्म दिन रहा। पंजाब के फरीदकोट में अधिकतम तापमान 46.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि हरियाणा के रोहतक में पारा 46.6 डिग्री तक पहुंच गया। चंडीगढ़ में अधिकतम तापमान 43.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। शुक्रवार को सबसे ज्यादा खतरा IMD के विशेष बुलेटिन के अनुसार शुक्रवार को मौसम सबसे ज्यादा खराब रह सकता है। विभाग ने पंजाब और हरियाणा के कई इलाकों में 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चलने और झोंकों की गति 90 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की चेतावनी दी है। इसके साथ ही गरज-चमक, ओलावृष्टि और भारी बारिश की संभावना जताई गई है। पंजाब के गुरदासपुर और पठानकोट तथा हरियाणा के अंबाला और यमुनानगर के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है। ट्राईसिटी का अगले पांच दिन का मौसम     गुरुवार: आंशिक बादल, गरज-चमक के साथ बारिश संभव, अधिकतम 41°C     शुक्रवार: बारिश और तेज तूफान की संभावना, अधिकतम 40°C     शनिवार: गरज-चमक और बारिश जारी, अधिकतम 39°C     रविवार: हल्की राहत, अधिकतम 36°C     सोमवार: मौसम साफ रहने की संभावना, तापमान फिर बढ़ सकता है  

भीषण गर्मी का असर: अस्पतालों में तेज बुखार के मरीजों की भीड़, फेब्राइल इलनेस के मामले बढ़े

चंडीगढ़. राज्य में बदलते तापमान और उमसभरी गर्मी के आगमन के साथ एक बार फिर मौसमी बीमारियों का प्रकोप बढ़ने लगा है। 'मुख्यमंत्री सेहत योजना'' के आंकड़े बताते हैं कि पिछले चार महीनों में एक्यूट फेब्राइल इलनेस कैशलेस इलाज दावों की सबसे बड़ी श्रेणियों में शामिल रहीं। राज्य स्वास्थ्य एजेंसी से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, एक्यूट फेब्राइल इलनेस के 5,840 मामले दर्ज किए गए, जिन पर 1.31 करोड़ के दावों का भुगतान किया गया। एक्यूट फेब्राइल इलनेस कोई एक बीमारी नहीं, बल्कि अचानक तेज बुखार के साथ उत्पन्न होने वाली एक ऐसी स्थिति है जिसमें कई तरह की बीमारियां शामिल हो सकती हैं। यूएस सेंटर्स फार डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (सीडीसी) के अनुसार, ऐसी स्थितियां वायरल, बैक्टीरियल या परजीवी संक्रमणों के कारण हो सकती हैं। कई बार मरीज बुखार को मुख्य लक्षण के रूप में लेकर अस्पताल पहुंचते हैं, जबकि संक्रमण का मूल कारण शुरुआती अवस्था में स्पष्ट नहीं हो पाता। इसके अलावा, पानी से फैलने वाले और श्वसन संबंधी बीमारियों के भी उल्लेखनीय मामले सामने आए। एंटरिक फीवर के 1,396 मामले दर्ज हुए, जिन पर 30.47 लाख रुपए के दावे किए गए। निमोनिया के 377 मामलों पर 11.06 लाख, जबकि एक्यूट ब्रोंकाइटिस के 326 मामलों पर 9.24 लाख रुपए खर्च हुए। वहीं मानसून के दौरान अक्सर चर्चा में रहने वाली बीमारियों के मामले अपेक्षाकृत सीमित रहे। डेंगू के सिर्फ 12 मामले आए सामने डेंगू के केवल 12 मामले दर्ज हुए, जिन पर 40,880 का दावा हुआ। मलेरिया के सिर्फ 3 मामले, चिकनगुनिया के 6 मामले, और हीट स्ट्रोक के 4 मामले सामने आए, जो अत्यधिक गर्मी से संबंधित अस्पताल भर्ती की तुलनात्मक रूप से कम संख्या को दर्शाते हैं। सिविल अस्पताल, पटियाला के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डा विकास गोयल ने बताया कि यह स्थिति हर वर्ष ओपीडी में दिखाई देने वाले समान्य मौसमी दबाव को दर्शाती है। उन्होंने यह भी कहा कि अधिकांश मामले प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल स्तर पर आसानी से संभाले जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि अत्यधिक गर्मी के कारण एक्यूट फेब्राइल इलनेस, उल्टी,दस्त, सिरदर्द, श्वसन संक्रमण और त्वचा व आँखों से जुड़ी एलर्जी के मामले बढ़ जाते हैं। गरम मौसम के कारण लोग अक्सर इलाज में देरी कर देते हैं, जिससे स्थिति गंभीर हो सकती है।

कर्मचारियों के अधिकारों पर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, संस्थानों को दी नसीहत

चंडीगढ़. एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन में वर्षों तक ठेके के आधार पर काम लेने और फिर कर्मचारियों को बदल देने के बढ़ रहे रुझान पर पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि पब्लिक इंस्टीट्यूशन कर्मचारियों को 'यूज एंड थ्रो' जैसे इस्तेमाल नहीं कर सकती। किसी संस्था में काम की जरुरत लगातार बनी होती है तो सिर्फ पद का नाम बदल कर एक ठेका कर्मचारी को हटा कर दूसरे कर्मचारी को नहीं लगाया जा सकता। जस्टिस संदीप मोदगिल ने ये अहम फैसला रिंपी नाम की महिला पिटीशनर की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया।   पढ़ें क्या है पूरा मामला  पिटीशनर साल 2021 से सेंट्रल गवर्नमेंट के तहत डेवलपमेंट स्टडीज विभाग में गेस्ट फैकल्टी के तौर पर काम कर रही थी। उसका सिलेक्शन बकायदा चुनाव कमेटी द्वारा किया गया था। वह 4 दिसंबर, 2021 से लगातार इंस्टीट्यूशन में पढ़ा रही थी, वह 48 परसेंट डिसेबल्ड कैटेगरी से भी संबंधित है। पिटीशनर ने कोर्ट को बताया कि इंस्टीट्यूशन ने साल 2023 में फिर से कॉन्ट्रैक्ट पर असिस्टेंट प्रोफेसर की पोस्ट के लिए एडवर्टाइजमेंट दिया था और उसने उसके लिए भी अप्लाई किया था, लेकिन सिलेक्शन प्रोसेस पूरा होने से पहले ही इंस्टीट्यूशन ने एक और कॉन्ट्रैक्ट एम्प्लॉई को अपॉइंट कर दिया और 9 मार्च, 2024 को उसे सेवा मुक्त करने का ऑर्डर जारी कर दिया। पिटीशनर ने यह भी दलील दी कि उससे रेगुलर टीचर की तरह पूरा एकेडमिक काम लिया जा रहा था, लेकिन उसे हर महीने सिर्फ 52 हजार रुपये की फिक्स्ड सैलरी दी जा रही थी। यह भी कहा गया कि इंस्टीट्यूशन कॉन्ट्रैक्ट एम्प्लॉई के साथ शोषण वाला बर्ताव कर रहा है, जबकि इंस्टीट्यूशन ने कोर्ट को बताया कि पिटीशनर को सिर्फ 11 महीने के कॉन्ट्रैक्ट पर अपॉइंट किया गया था और उसे रेगुलर अपॉइंटमेंट या सर्विस जारी रखने का कोई हक नहीं है। इंस्टीट्यूशन ने यह भी दावा किया कि उसे नई सिलेक्शन प्रोसेस में सिलेक्ट नहीं किया गया था और नया अपॉइंटमेंट कॉन्ट्रैक्ट पर असिस्टेंट प्रोफेसर की एक अलग पोस्ट पर किया गया था। हाईकोर्ट ने इंस्टीट्यूशन की इन दलीलों को पूरी तरह से खारिज कर दिया। कोर्ट ने कहा कि कोर्ट सिर्फ पोस्ट का नाम नहीं देखता, बल्कि काम का असल नेचर भी देखता है। रिकॉर्ड से यह साफ है कि पिटीशनर पहले भी वही पढ़ाने का काम कर रही थी और बाद में जिस व्यक्ति को अपॉइंट किया गया, उसे भी उन्हीं एजुकेशनल जरूरतों को पूरा करने के लिए अपॉइंट किया गया था। इसलिए यह साफ तौर पर एक कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारी को हटाकर दूसरे कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारी को अपॉइंट करने का मामला है। कोर्ट ने यह भी कहा कि एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन में लगातार शॉर्ट-टर्म कॉन्ट्रैक्ट पर अपॉइंटमेंट न सिर्फ कर्मचारियों के भविष्य को असुरक्षित करते हैं, बल्कि एजुकेशन के माहौल पर भी असर डालते हैं। जब स्टूडेंट्स को पढ़ाने का काम लगातार चल रहा हो, तो इंस्टीट्यूशन टीचर्स को अस्थिरता की स्थिति में नहीं रख सकता। आखिर में हाई कोर्ट ने 9 मार्च, 2024 के रिलीफ ऑर्डर को रद्द कर दिया और पिटीशनर को तुरंत बहाल करने, सर्विस जारी रखने और सभी कॉन्सीक्वेंशियल बेनिफिट्स देने का आदेश दिया। कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया कि बकाया सैलरी चार हफ्ते के अंदर 6 परसेंट सालाना ब्याज के साथ दी जाए।

पंजाब पुलिस की बड़ी कामयाबी, विदेश भागने से पहले पकड़े गए 2 कुख्यात गैंगस्टर

मुंबई/चंडीगढ़. पंजाब पुलिस को आज एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। मुंबई पुलिस ने एयरपोर्ट से देश छोड़कर भाग रहे 2 वांटेड खतरनाक गैंगस्टरों को गिरफ्तार कर लिया। दोनों गैंगस्टरों की पहचान जसवंत सिंह उर्फ जस्सा और करन कीड़ा के रूप में हुई है। दोनों गैंगस्टरों पर फिरौती, डराने-धमकाने, हत्या सहित अन्य कई संगीन मामले दर्ज हैं। देश छोड़ने की फिराक में थे आरोपी जानकारी के अनुसार दोनों गैंगस्टर देश छोड़कर भागने की फिराक में थे। जैसे ही पुलिस को खुफिया सूचना मिली तो सुरक्षा एजेंसियों ने मुंबई पुलिस के सहयोग से मुंबई एयरपोर्ट से दोनों गैंगस्टरों को गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी नकली दस्तावेजों और अन्य तरीकों से देश छोड़ने की फिराक में थे लेकिन मौके पर पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों द्वारा जाल बिछाकर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपियों पर दर्ज हैं कई संगीन मामले जानकारी के अनुसार आरोपी करन कीड़ा एक अकाली पार्षद की हत्या के मामले में नामजद था। उक्त अकाली पार्षद की दिनदहाड़े हत्या की गई थी। जांच दौरान करन कीड़ा का नाम भी सामने आया था। तब से पुलिस उसकी तलाश कर रही थी। इसके अलावा पकड़े गया गैंगस्टर जसवंत सिंह उर्फ जस्सा बंबीहा गैंग से जुड़ा हुआ है। उस पर फिरौती मांगने, हत्या के प्रयास सहित अन्य कई संगीन मामले दर्ज हैं। पंजाब पुलिस को लंबे समय से दोनों गैंगस्टरों की तलाश थी। आरोपियों से बड़े खुलासे होने की संभावना जानकारी के अनुसार पंजाब पुलिस की एक टीम जल्द ही आरोपियों की कस्टडी लेने के लिए रवाना होने वाली है। इसके बाद आरोपियों को मुंबई कोर्ट में पेश कर उनका रिमांड हासिल किया जाएगा। पंजाब पुलिस ने उम्मीद जताई है कि आरोपियों से रिमांड दौरान पूछताछ में कई बड़े खुलासे होने की संभावना है।

चुनाव ड्यूटी में लापरवाही भारी, 70 गैरहाजिर कर्मचारियों पर होगी सख्त कार्रवाई

तलवंडी/चंडीगढ़. ड्यूटी से गैरहाजिर रहने वाले कर्मचारियों पर कार्रवाई करने के आदेश जारी किए जा रहे हैं। दरअसल रिटर्निंग ऑफिसर-कम-उप-मंडल मजिस्ट्रेट फिरोजपुर द्वारा ड्यूटी से गैरहाजिर रहने वाले 70 कर्मचारियों पर कार्रवाई करने के लिए एक पत्र सीनियर कप्ताल पुलिस फिरोजपुर को भेजा गया है। पत्र में उन्होंने बताया कि नगर परिषद फिरोजपुर के चुनाव करवाने के लिए  माननीय एडिशनल डिप्टी कमिश्नर (V)-कम- एडिशनल डिस्ट्रिक्ट इलेक्शन ऑफिसर, फिरोजपुर द्वारा स्टाफ की नियुक्ती की गई थी। पोलिंग स्टाफ द्वारा 25.05.2026 को MLM सीनियर सेकेंडरी स्कूल फिरोजपुर कैंटोनमेंट से पोलिंग बूथों के लिए पोलिंग मटीरियल लेकर निकलना था, लेकिन अटैच्ड लिस्ट में शामिल पोलिंग स्टाफ के न आने की वजह से पोलिंग पार्टियों की रवानगी पर बुरा असर पड़ा। उन्होंने अटैच्ड लिस्ट में शामिल अधिकारियों/कर्मचारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने को कहा है।