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कपिल शर्मा हाउस फायरिंग मामला फर्जी! पुलिस बोली- अफवाह फैलाने वालों पर होगी कार्रवाई

अमृतसर. मशहूर कॉमेडियन कपिल शर्मा के घर के बाहर दिन दिहाड़े फायरिंग और फिरौती की मांग की खबरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों ने दावा किया कि बाइक सवार अज्ञात हमलावरों ने घर के मुख्य द्वार पर गोलियां चलाईं, जिसके बाद परिवार में भारी दहशत फैल गई। अफवाह यह भी थी कि घटना से कुछ दिन पहले ही कथित तौर पर परिवार से फिरौती की मांग की गई थी, जिसके बाद यह कथित हमला हुआ। इलाके के निवासियों ने बताया कि गोली चलने की आवाज सुनकर लोग घरों में दुबक गए और पूरे इलाके में डर का साया छा गया। पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और आसपास के सी.सी.टी.वी. फुटेज खंगाले जा रहे थे। हालांकि अमृतसर पुलिस ने इन सभी खबरों को पूरी तरह अफवाह बताते हुए साफ इनकार कर दिया है। डी.सी.पी. रविंद्रपाल सिंह संधू सहित वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि मौके पर गहन जांच के बाद कोई फायरिंग या गोली चलने का कोई सबूत नहीं मिला। पुलिस कमिश्नरेट ने सोशल मीडिया पर अधिकारिक बयान जारी कर लोगों से अफवाहों पर विश्वास न करने और केवल आधिकारिक सूत्रों पर भरोसा करने की अपील की है। पुलिस के मुताबिक "कुछ असामाजिक तत्व जानबूझकर अफवाहें फैला रहे हैं। हमने पूरी तरह जांच कर ली है, ऐसी कोई घटना नहीं हुई।" कपिल शर्मा के नाम से जुड़ी ऐसी घटनाएं पहले भी सामने आ चुकी हैं। हाल ही में कनाडा में उनके कैफे पर फायरिंग की घटना हुई थी, जिसे कुछ गैंग वार से जोड़ा जा रहा था। अमृतसर में भी पहले टायर फटने जैसी घटनाओं को बाद में फायरिंग बताकर अफवाहें फैलाई जा चुकी हैं।

नायब सैनी बोले- पंजाब में प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में लड़ा जाएगा चुनाव

चंडीगढ़  पंजाब में भाजपा के प्रचार अभियान की अगुवाई कर रहे हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने संकेत दिया है कि पार्टी 2027 का विधानसभा चुनाव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लड़ेगी। राज्य में बड़े चेहरे की कमी को लेकर भाजपा के सामने मौजूद सबसे बड़ी चुनौती के बारे में 'ट्रिब्यून' के एक सवाल का जवाब देते हुए सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ही पार्टी का 'पंजाब में सबसे बड़ा चेहरा' हैं। सोमवार को दिल्ली में एक कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे सैनी ने कहा, 'हम सभी पार्टी के चेहरे हैं, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी सबसे बड़ा चेहरा हैं। राज्य में हमारे पास कई नेता हैं।' हरियाणा के मुख्यमंत्री ने पश्चिम बंगाल और पंजाब की तुलना करते हुए कहा, 'पश्चिम बंगाल में हमने पीएम नरेंद्र मोदी के चेहरे पर चुनाव लड़ा। हमारे पास एक मजबूत मुख्यमंत्री है, ऐसा मुख्यमंत्री जो राज्य को नयी ऊंचाइयों तक ले जाएगा।' भाजपा के प्रमुख ओबीसी नेताओं में शामिल सैनी को पंजाब में प्रचार के लिए आगे किया गया है, जहां लगभग 30 प्रतिशत आबादी ओबीसी और 32 प्रतिशत अनुसूचित जातियों की है। पंजाब में भाजपा ओबीसी और एससी समुदायों का व्यापक गठबंधन बनाने का प्रयोग कर रही है, साथ ही हिंदू एकजुटता पर भी जोर दे रही है, जिसका लाभ उसे बंगाल में मिला था। पंजाब की राजनीति में 'जट सिख' समुदाय के वर्चस्व के मुद्दे पर सैनी ने कहा, 'जट सिखों का पंजाब के विकास में बहुत बड़ा योगदान है। भाजपा ‘सबका साथ, सबका विकास’ में विश्वास करती है।' क्या भाजपा पंजाब में गंभीर दावेदार है? इस सवाल पर सैनी ने कहा, 'पंजाब ने भाजपा को चुनने का मन बना लिया है। कांग्रेस और आम आदमी पार्टी ने पंजाब के लोगों को धोखा दिया है। लोग अब चुनाव की तारीखों का इंतजार कर रहे हैं।' इस सवाल पर कि पंजाब भाजपा पर क्यों भरोसा करेगा, जबकि अब तक पार्टी वहां हाशिये पर रही है, सैनी ने कहा, 'क्योंकि पड़ोसी राज्य हरियाणा में भाजपा सरकार ने अपने सभी चुनावी वादे पूरे किए, खासकर महिलाओं से जुड़े वादे, जबकि पंजाब की आप सरकार ऐसा नहीं कर सकी।' सैनी ने पंजाब के अपने दौरों को सही ठहराते हुए कहा कि दोनों राज्य पहले एक ही थे। उन्होंने कहा, 'कुछ दलों ने अपने स्वार्थ के लिए मतभेद पैदा किए हैं। पंजाब एक था। मेरे अधिकतर रिश्तेदार पंजाब में हैं।' चिनाब का पानी मोड़कर सुलझ सकता है एसवाईएल विवाद सैनी ने कहा कि चिनाब नदी के पानी को पंजाब की ओर मोड़ा जा सकता है, ताकि उसे आगे हरियाणा के साथ साझा किया जा सके और सतलुज-यमुना लिंक (एसवाईएल) नहर विवाद सुलझाया जा सके। सिंधु प्रणाली की तीन पश्चिमी नदियां- सिंधु, झेलम और चिनाब, 1961 की सिंधु जल संधि के तहत पाकिस्तान को आवंटित की गई थीं, जिसे भारत ने पहलगाम आतंकी हमले के बाद निलंबित कर दिया था। इससे पहले पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान भी एसवाईएल विवाद सुलझाने के लिए चिनाब का पानी मोड़ने का सुझाव दे चुके हैं।

पंजाबी युवकों पर कनाडा में शिकंजा, हिंसक अपराध गैंग से जुड़े होने के आरोप

चंडीगढ़. कनाडा में साउथ एशियन समुदाय, खासकर पंजाबी कारोबारियों को निशाना बनाकर कथित जबरन वसूली करने वाले बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है। Peel Regional Police ने 17  पंजाबी  युवकों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक यह गिरोह ग्रेटर टोरंटो एरिया में रेस्टोरेंट मालिकों, ट्रकिंग कंपनियों और अन्य व्यापारियों को धमकाकर पैसे वसूलता था। जांच एजेंसियों का दावा है कि आरोपी कथित तौर पर “Four Brothers” नामक अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध नेटवर्क से जुड़े थे। यह नेटवर्क ब्रैम्पटन, मिसिसॉगा, कैलेडन और ब्रिटिश कोलंबिया के कई हिस्सों में सक्रिय था। पुलिस ने यह भी कहा कि गिरोह के तार अमेरिका के कैलिफ़ोर्निया तक जुड़े हुए थे। पुलिस के अनुसार जिन लोगों ने कथित वसूली की रकम देने से इनकार किया, उन्हें हिंसक हमलों का सामना करना पड़ा। जांच में 24 घटनाओं को आरोपियों से जोड़ा गया है, जिनमें 16 हिंसक अपराध शामिल हैं। अधिकारियों के मुताबिक इन घटनाओं में कम से कम 324 राउंड गोलियां चलाई गईं। एक मामले में कैलेडन स्थित एक घर पर कथित गोलीबारी और आगजनी हुई, जिसके कुछ मिनट बाद ब्रैम्पटन में एक बिजनेस स्थल पर भी फायरिंग की गई। Nishan Duraiappah ने कहा कि जबरन वसूली अब केवल स्थानीय समस्या नहीं रही, बल्कि इसका नेटवर्क अंतरराष्ट्रीय स्तर तक फैला हुआ है। उन्होंने कहा कि ऐसे अपराधों को रोकने के लिए विभिन्न देशों और एजेंसियों के बीच मजबूत सहयोग बेहद जरूरी है।उन्होंने यह भी माना कि दक्षिण एशियाई समुदाय में डर का माहौल पैदा हुआ है, लेकिन पुलिस समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। जांच के दौरान पुलिस ने 6 हथियार, अवैध ड्रग्स, मोबाइल फोन, सिम कार्ड और फर्जी पहचान दस्तावेज जब्त किए। इस मामले में कुल 106 आपराधिक आरोप लगाए गए हैं।कनाडाई अधिकारियों के मुताबिक गिरफ्तार किए गए कुछ लोगों को आपराधिक मुकदमा पूरा होने के बाद कनाडा से निर्वासित भी किया जा सकता है। Canada Border Services Agency ने 6 लोगों को इमिग्रेशन नियमों के उल्लंघन के आधार पर हिरासत में लिया है।  हालांकि अधिकारियों ने साफ कहा है कि अदालत में अभी किसी भी आरोपी का दोष साबित नहीं हुआ है और सभी आरोप फिलहाल जांच के दायरे में हैं। गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान ब्रैम्पटन के 25 वर्षीय इकबाल सिंह भगरिया, नॉरवल के 24 वर्षीय आकाशदीप सिंह, सरे के 25 वर्षीय रविंदर सिंह, 25 वर्षीय जशनबीर सिंह, ब्रैम्पटन के 26 वर्षीय दिलावरप्रीत सिंह, 21 वर्षीय मंदीप सिंह, 22 प्रभदीप सोहल, 22 वर्षीय प्रतापबीर घुमन, 29 वर्षीय अजयदीप सिंह, 29 वर्षीय नवरूप सिंह, राजन सिंह, अमृतजोत सिंह, जशनप्रीत सिंह, सुखविंदर सिंह, मोहिंदर सिंह और गौतम गिरफ्तार किया गया है।

निकाय चुनाव में पंजाब में तेज वोटिंग, अब तक 45.60 फीसदी मतदान दर्ज

लुधियाना. पंजाब में 8 नगर निगमों, 76 नगर परिषदों और 21 नगर पंचायतों के चुनावों के लिए मतदान का काम सुबह 8 बजे से जारी है। दोपहर 2 बजे तक राज्य भर में 45.60 % वोटिंग हुई है। भीषण गर्मी के बीच मतदाता पोलिंग बूथ पर अपने वोट का इस्तेमाल करने के लिए पहुंच रहे हैं। इन चुनावों में राज्य की सभी राजनीतिक पार्टियों के साथ-साथ कुल 7,555 उम्मीदवार चुनाव मैदान में अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। रूपनगर में दोपहर 2 बजे तक 48.39% हुई वोटिंग श्री आनंदपुर साहिब: 59.52% मोरिंडा: 48.61% नंगल: 44.80% रूपनगर: 45.10% श्री चमकौर साहिब: 53.20% कीरतपुर साहिब: 69.36% जिला लुधियाना के रायकोट में कांग्रेस उम्मदीवर जगदेव सिंह जग्गा पर बूथ में जानलेवा हमला हो गया। हालत गंभीर होने के लचते PGI रेफर कर दिया गया है। जग्गा के सिर पर गंभीर चोटें आई हैं। बरनाला नगर निगम चुनावों के लिए आज 48 वार्डों में मतदान शुरू हो गया है। शहर के 50 वार्डों में से 48 वार्डों में वोटिंग हो रही है, जबकि 2 वार्डों में उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए हैं। इस बार चुनाव EVM की बजाय बैलेट पेपर के जरिए करवाए जा रहे हैं। 48 वार्डों में 95 पोलिंग बूथ बनाए गए हैं, जहां 84,858 मतदाता 177 उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला करेंगे। समराला म्युनिसिपल काउंसिल चुनाव समराला में 15 में से 12 वार्ड के लिए वोटिंग जारी है। शहर के 3 वार्ड 1, 4 और 12 में सभी विरोधी उम्मीदवारों के नॉमिनेशन कैंसिल होने की वजह से AAP उम्मीदवार बिना चुनाव लड़े ही यहां से जीत चुके हैं। समराला में म्युनिसिपल काउंसिल चुनाव लड़ रहे उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला करने के लिए समराला के कुल 12 वार्ड में वोटिंग होगी, जहां 8,792 पुरुष वोटर, 8,372 महिला वोटर और तीन अन्य समेत कुल 17,167 वोटर चुनाव में हिस्सा लेंगे। नगर परिषद चुनाव के लिए शुरू हुई वोटिंग में आसानी से, शांति से और पारदर्शी तरीके से चुनाव कराने के लिए पूरे इंतज़ाम किए गए हैं। चुनाव प्रक्रिया के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पोलिंग स्टेशनों और संवेदनशील जगहों पर काफ़ी सुरक्षाकर्मी भी तैनात किए गए हैं। किस पार्टी के कितने उम्मीदवार इन चुनावों में कुल 7,555 उम्मीदवार मैदान में हैं, जिनमें ‘आप’ के 1,802 उम्मीदवार, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के 1,550, शिरोमणि अकाली दल के 1,251, भाजपा के 1,316, बसपा के 96 और 1,528 निर्दलीय उम्मीदवार शामिल हैं, जबकि 13 उम्मीदवार अन्य पार्टियों से संबंध रखते हैं। इस संबंध में पंजाब सरकार ने 26 मई को सभी सरकारी दफ्तरों, शैक्षणिक संस्थानों और अदालतों में छुट्टी घोषित की है। वहीं पंजीकृत दुकानों और व्यावसायिक संस्थानों में काम करने वाले कर्मचारियों को अपने मताधिकार का प्रयोग करने के लिए विशेष छूट दी गई है।

पंजाब चुनाव में विवाद! फरीदकोट में जवानों को रोकने के आरोप से गरमाई सियासत

फरीदकोट. फरीदकोट के वार्ड नंबर 17 में निकाय चुनाव के दौरान उस समय माहौल तनावपूर्ण हो गया जब आर्मी कैंट के जवानों को वोट डालने से रोकने के आरोप लगे। घटना के बाद मतदान केंद्र के बाहर भारी हंगामा शुरू हो गया और विभिन्न राजनीतिक दलों के समर्थक आमने-सामने आ गए। स्थिति बिगड़ती देख पुलिस अधिकारियों को मौके पर पहुंचकर हस्तक्षेप करना पड़ा। जानकारी के अनुसार भाजपा प्रत्याशी विमल रांझा और भाजपा नेता संदीप सिंह सनी बराड़ ने आरोप लगाया कि वार्ड नंबर 17 में आर्मी कैंट के करीब एक हजार जवानों और उनके परिवारों की वोटें बनी हुई हैं। उनका कहना है कि ये लोग लंबे समय से फरीदकोट में रह रहे हैं और नियमित मतदाता हैं। भाजपा नेताओं के अनुसार जब आर्मी कैंट के जवान मतदान करने पहुंचे तो कांग्रेस, शिरोमणि अकाली दल और आम आदमी पार्टी के उम्मीदवारों तथा समर्थकों ने उन्हें रोकने की कोशिश की। आरोप है कि जवानों को वोट डालने से मना किया गया, जिसके बाद माहौल अचानक गरमा गया। पुलिस ने किया बीच-बचाव घटना की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन हरकत में आ गया। पुलिस अधीक्षक जोगेश्वर सिंह गोराया समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने मतदान केंद्र के बाहर मौजूद सभी राजनीतिक दलों के समर्थकों को हटाकर स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की। पुलिस के हस्तक्षेप के बाद मतदान प्रक्रिया दोबारा शुरू करवाई गई। हालांकि इस दौरान भाजपा समर्थकों और अन्य दलों के कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार कुछ समय के लिए मतदान केंद्र के बाहर अफरा-तफरी जैसा माहौल बन गया था। आरोप- जानबूझ कर किया जा रहा परेशान भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान जानबूझकर उनके समर्थकों और आर्मी कैंट के मतदाताओं को परेशान किया जा रहा है। वहीं अन्य दलों की ओर से इन आरोपों पर फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि स्थिति अब पूरी तरह नियंत्रण में है और मतदान शांतिपूर्ण ढंग से जारी है। प्रशासन ने मतदान केंद्र के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी है ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोका जा सके। निकाय चुनाव के दौरान हुई इस घटना ने इलाके की राजनीति को और गर्मा दिया है। चुनावी माहौल में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है और सभी दल इस मामले को लेकर एक-दूसरे पर निशाना साध रहे हैं।

भगवंत मान का बड़ा बयान, राघव चड्ढा और हरभजन सिंह को लेकर कही ये बात

चंडीगढ़  आम आदमी पार्टी छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए राज्यसभा सांसदों पर पंजाब के सीएम भगवंत मान ने कहा कि उथल पुथल चलती रहती है. आना जाना लगा रहता है. मुख्यमंत्री ने कहा कि व्यक्ति नहीं बल्कि संगठन बड़ा होता है. उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव 2027 में हम अपने काम को लेकर जनता के बीच जाएंगे. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि जिस दल ने बीजेपी के साथ हाथ मिलाया वो खत्म हो गई।  राघव चड्ढा को लेकर क्या बोले सीएम मान?  राघव चड्ढा से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा, "पंजाब की जनता के साथ उनका कोई संबंध नहीं था. राज्यसभा में ऐसे भी आते हैं जो हार जाते हैं. अरुण जेटली अमृतसर से हारे, राज्यसभा आ गए. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहली कैबिनेट 70 फीसदी राज्यसभा से थी. लेकिन अगर आपको जनता से चुना तो ये बहुत बड़ी बात है. राजेंद्र नगर (दिल्ली विधानसभा की सीट) के लोगों ने राघव चड्ढा को चुन लिया था. लेकिन जब चुने हुए प्रतिनिधि इस्तीफा दे देते हैं तो पब्लिक दोबारा नहीं चुनती।  बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि बहुत सारे देश में ऐसे नेता हुए जो ये बात दिल में ही लेकर चले गए कि काश मुझे जनता चुन ले. सबसे बड़ा उदाहरण  मनमोहन सिंह हैं जो 10 सालों तक प्रधानमंत्री रहे लेकिन कभी जनता द्वारा नहीं चुने गए।  ‘पार्टी लाइन से अलग’ होने का आरोप जब राघव चड्ढा (Raghav Chadha Controversy) के संसद में सक्रिय रहने के दावे पर सवाल किया गया, तो मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि अब उनके बयानों का ज्यादा महत्व नहीं रह गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि राघव चड्ढा ने पार्टी लाइन का पालन नहीं किया, जिससे उनकी विश्वसनीयता पर सवाल उठते हैं। अमन अरोड़ा का सीधा हमला इस विवाद में पंजाब सरकार के मंत्री और पार्टी नेता अमन अरोड़ा भी खुलकर सामने आए। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी ने ही राघव चड्ढा (Raghav Chadha Controversy) को राजनीति में ऊंचाई तक पहुंचाया, लेकिन उन्होंने सदन में पंजाब से जुड़े अहम मुद्दों को उठाने के बजाय अन्य विषयों पर ध्यान दिया। अरोड़ा ने यह भी आरोप लगाया कि चड्ढा ने राज्य के हितों की अपेक्षित मजबूती से पैरवी नहीं की। ‘पंजाब के मुद्दे नहीं उठाए’ पार्टी नेताओं का कहना है कि राघव चड्ढा ने संसद में उन मुद्दों को प्राथमिकता नहीं दी, जो सीधे पंजाब से जुड़े थे। विशेष रूप से ग्रामीण विकास फंड और अन्य राज्य हितों के मुद्दों को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया गया है। नेताओं का मानना है कि ऐसे संवेदनशील विषयों पर चुप्पी पार्टी की रणनीति के विपरीत है। बीजेपी के डर का आरोप विवाद यहीं नहीं रुका। अमन अरोड़ा ने आरोप लगाया कि राघव चड्ढा ने कुछ मुद्दों को इसलिए नहीं उठाया क्योंकि वे भारतीय जनता पार्टी से टकराव से बचना चाहते थे। हालांकि, इस आरोप पर राघव चड्ढा की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।  AAP के भीतर बढ़ते मतभेद? यह पूरा घटनाक्रम आम आदमी पार्टी के भीतर संभावित मतभेदों की ओर इशारा करता है। जहां एक ओर पार्टी नेतृत्व अनुशासन और सामूहिक रणनीति पर जोर दे रहा है, वहीं दूसरी ओर व्यक्तिगत बयानों और सार्वजनिक प्रतिक्रियाओं ने अंदरूनी असहमति को उजागर कर दिया है। राजनीतिक संदेश या आंतरिक संकेत? राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह की बयानबाज़ी (Raghav Chadha Controversy) केवल व्यक्तिगत मतभेद नहीं, बल्कि पार्टी के भीतर भूमिका और प्राथमिकताओं को लेकर चल रही खींचतान का संकेत भी हो सकती है। यह विवाद आने वाले समय में पार्टी की रणनीति और नेतृत्व की दिशा को भी प्रभावित कर सकता है। पंजाब में आम आदमी पार्टी के नेताओं के बीच यह बयानबाज़ी अब एक बड़े राजनीतिक मुद्दे का रूप लेती दिख रही है। राघव चड्ढा (Raghav Chadha Controversy) के बयान से शुरू हुआ यह विवाद अब पार्टी अनुशासन, राज्य हित और राजनीतिक रणनीति तक पहुंच गया है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि यह सियासी तकरार किस दिशा में जाती है। हरभजन सिंह के आरोपों पर सीएम ने किया पलटवार सीएम भगवंत मान ने हरभजन सिंह के पैसे लेकर राज्यसभा टिकट देने के आरोपों पर भी जवाब दिया. उन्होंने कहा, "भज्जी से ही पूछ लो कि उनसे कितने पैसे लिए थे।  बता दें कि बीते महीने राघव चड्ढा, हरभजन सिंह, स्वाति मालीवाल और संदीप पाठक सहित 7 आप के राज्यसभा सांसदों ने पार्टी छोड़ दी थी और बीजेपी में शामिल हो गए। 

निकाय चुनाव में मोहाली का बढ़ा उत्साह, शुरुआती घंटों में 13.18 फीसदी वोटिंग

मोहाली. जिले में स्थानीय निकाय चुनाव के लिए मतदान सुबह से शांतिपूर्ण माहौल में जारी है। सुबह 8 बजे मतदान शुरू होने के बाद पहले दो घंटों में मोहाली नगर निगम के वार्ड 1 से 25 तक 13.18 फीसदी मतदान दर्ज किया गया। वहीं वार्ड नंबर 26 से 50 तक वोटिंग प्रतिशत 13.9 रहा। मतदान केंद्रों पर सुबह से ही मतदाताओं की कतारें देखने को मिलीं और युवाओं के साथ साथ बुजुर्ग मतदाताओं ने भी बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया। जिले के अलग अलग नगर परिषद और नगर निगम क्षेत्रों में मतदान प्रतिशत में अंतर देखने को मिला। सुबह 10 बजे तक बनूड़ में सबसे ज्यादा 19.4 फीसदी मतदान दर्ज किया गया, जबकि जीरकपुर में सबसे कम 9 फीसदी वोटिंग हुई। कुराली में 16.30 फीसदी और डेराबस्सी में 13.9 फीसदी मतदान रिकार्ड किया गया। चुनाव अधिकारियों के अनुसार मतदान प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से चल रही है और सभी बूथों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। बता दें कि इस बार चुनाव बैलट पेपर के माध्यम से करवाए जा रहे हैं। मोहाली नगर निकाय चुनाव मतदान प्रतिशत (वार्ड अनुसार) नगर निकाय का नाम (वार्ड)     मतदान प्रतिशत (%) नगर निगम मोहाली (वार्ड 1-25)     13.18 % नगर निगम मोहाली (वार्ड 26-50)     13.9 % नगर परिषद कुराली     16.30 % नगर परिषद डेराबस्सी     13.9 % नगर परिषद जीरकपुर     9 % नगर परिषद बनूड़     19.4 % नगर परिषद नयागांव     16 %

वोटिंग के दौरान ED रेड से हड़कंप, रॉयल एस्टेट दफ्तर में दस्तावेज खंगाले जा रहे

चंडीगढ़. पंजाब नगर परिषद चुनाव के बीच जीरकपुर से एक बड़ी खबर सामने आई है। शहर स्थित रॉयल एस्टेट के दफ्तर पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा छापेमारी किए जाने की सूचना है। इस कार्रवाई के बाद इलाके में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है और राजनीतिक व कारोबारी हलकों में हलचल मच गई है। मिली जानकारी के अनुसार ईडी की टीम सुबह करीब साढ़े सात बजे से रॉयल एस्टेट कार्यालय में मौजूद है और वहां रखे दस्तावेजों, रिकॉर्ड तथा अन्य जरूरी कागजातों की जांच-पड़ताल की जा रही है। सूत्रों के अनुसार टीम द्वारा विभिन्न दस्तावेजों को खंगाला जा रहा है और मामले से जुड़े पहलुओं की बारीकी से जांच की जा रही है। कांसल परिवार से जुड़ा मामला भरोसेमंद सूत्रों से मिल रही जानकारी के मुताबिक यह कार्रवाई रॉयल एस्टेट के मालिक प्रवीण रोकी कांसल और नीरज कांसल से जुड़े मामलों को लेकर बताई जा रही है। हालांकि आधिकारिक स्तर पर अभी तक ईडी की ओर से कोई बयान जारी नहीं किया गया है। सूत्रों का यह भी दावा है कि चंडीगढ़ के सेक्टर-20 स्थित प्रवीण कांसल के आवास पर भी ईडी की टीम द्वारा कार्रवाई की जा रही है। चुनावों के बीच कार्रवाई पर उठे सवाल इस रेड को लेकर ईडी की तरफ से आधिकारिक पुष्टि फिलहाल नहीं हो सकी है। चुनाव के दौरान हुई इस कार्रवाई ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। शहर में लोग इस घटनाक्रम को लेकर अलग-अलग तरह की चर्चाएं कर रहे हैं। फिलहाल सभी की निगाहें ईडी की आधिकारिक जानकारी और आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।

पंजाब चुनाव को लेकर भगवंत मान की भविष्यवाणी, बोले- भाजपा सीमित रहेगी, अकाली दल रहेगा खाली हाथ

 पठानकोट  पंजाब में शहरी निकाय चुनावों के लिए मतदान जारी है। इस बीच, मुख्यमंत्री भगवंत मान ने आगामी विधानसभा चुनाव नतीजों को लेकर एक बड़ी भविष्यवाणी कर प्रदेश का सियासी पारा चढ़ा दिया है। मुख्यमंत्री का दावा है कि विधानसभा चुनावों में विपक्षी दलों का सूपड़ा साफ होने वाला है। उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब प्रदेश में निकाय चुनावों के लिए वोट डाले जा रहे हैं, जिन्हें मिनी चुनाव भी कहा जा रहा है। विपक्ष पर साधा निशाना एक निजी मीडिया हाउस के कार्यक्रम के दौरान सोमवार शाम मान ने दावा किया कि आगामी विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी पठानकोट जिले में महज एक या दो सीटों तक सीमित रह जाएगी। वहीं, कांग्रेस अधिकतम नौ सीटें हासिल कर सकती है, जबकि शिरोमणि अकाली दल का खाता तक नहीं खुलेगा। मुख्यमंत्री ने बाकायदा एक हस्ताक्षर किए हुए नोट के जरिए यह दावा किया। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि मान का यह बयान चुनावी आंकड़ों के विज्ञान पर आधारित होने के बजाय, मंगलवार को हो रहे शहरी निकाय चुनावों से ठीक पहले पार्टी कैडर का मनोबल बढ़ाने की एक मजबूत कोशिश है। शुक्रवार को आएंगे नतीजे कानून-व्यवस्था और शासन की चुनौतियों से जुड़ी चिंताओं के बीच इन निकाय चुनावों को जनता के मूड का बैरोमीटर माना जा रहा है। शहरी क्षेत्रों में अक्सर सत्ता विरोधी लहर यानी एंटी इनकंबेंसी का प्रभाव ग्रामीण इलाकों से अधिक माना जाता है। कांग्रेस को अधिकतम नौ सीटें देने की बात कहकर मुख्यमंत्री ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वे मुख्य मुकाबला कांग्रेस से ही मान रहे हैं। संगठन बनाने के लिए संघर्षरत है भाजपा पठानकोट में भाजपा को सीमित बताने वाला बयान इस बात का संकेत है कि दल-बदल और केंद्र सरकार की पहुंच के बावजूद, भाजपा अभी भी पंजाब में एक मजबूत जमीनी संगठन बनाने के लिए संघर्ष कर रही है। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री भगवंत मान ने आम आदमी पार्टी के 1801 उम्मीदवारों के लिए सीधे तौर पर प्रचार नहीं किया है, हालांकि उनकी माता ने कुछ प्रत्याशियों के पक्ष में चुनाव प्रचार जरूर किया था। इन निकाय चुनावों के नतीजे शुक्रवार को घोषित किए जाएंगे।

तेल कीमतों के विरोध में राजा वड़िंग का अलग अंदाज, बैलगाड़ी से पहुंचे मतदान केंद्र

श्री मुक्तसर साहिब. पंजाब कांग्रेस के प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग मंगलवार को पत्नी अमृता वड़िंग के साथ बैलगाड़ी पर सवार होकर मुक्तसर के वार्ड नंबर पांच में वोट डालने पहुंचे। महंगाई के खिलाफ सांकेतिक विरोध जताते हुए उन्होंने कहा कि पेट्रोल-डीजल के दाम इस कदर बढ़ गए हैं कि आम आदमी के लिए गाड़ी चलाना मुश्किल हो गया है। राजा वड़िंग ने कहा कि पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने से ऐसे हालात बन गए हैं कि लोगों को अपने वाहन घरों में खड़े करने पड़ रहे हैं। गरीब व्यक्ति कैसे चलेगा? जिसकी आमदनी कम है, वो घर चलाएगा या वाहन चलाएगा? उन्होंने बताया कि पंजाब में औसतन पेट्रोल 105.44 और डीजल 95.38 प्रति लीटर तक पहुंच गया है। केंद्र सरकार पर साधा निशाना उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि नरेंद्र मोदी को केवल चुनाव जीतने के लिए प्रधानमंत्री नहीं बनाया गया है। जनता को राहत देना भी सरकार की जिम्मेदारी है। बैलगाड़ी से वोट डालने का मकसद सरकार को संदेश देना था कि महंगाई ने हालात इतने खराब कर दिए हैं कि लोगों को फिर से बैलगाड़ियों का सहारा लेना पड़ेगा। राजा वड़िंग ने ऐलान किया कि कांग्रेस देशभर और पंजाब में पेट्रोल-डीजल की बढ़ी कीमतों के खिलाफ बड़ा प्रदर्शन करेगी। उन्होंने कहा कि बीते 10 दिनों में चौथी बार दाम बढ़े हैं। लगातार बढ़ रहे दामों से ट्रांसपोर्ट महंगा हो रहा है और सब्जी, राशन समेत जरूरी सामान के दाम भी बढ़ने की आशंका है। राजा वड़िंग ने कहा कि महंगाई ने आम घर का बजट 10 से 15 प्रतिशत तक बढ़ा दिया है। किसानों पर भी बोझ बढ़ रहा है। कांग्रेस जनता की आवाज बनकर सड़क से संसद तक यह मुद्दा उठाएगी।