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पंजाब में स्मार्ट राशन कार्ड लॉन्च, 1.5 करोड़ लाभार्थियों को मिलेगा फायदा, पहचान प्रक्रिया होगी सरल

चंडीगढ़  पंजाब सरकार ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) को सुविधाजनक बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। बता दें कि पंजाब में अब पारंपरिक राशन कार्ड की जगह QR कोड आधारित स्मार्ट राशन कार्ड जारी किए जा रहे हैं, जिससे लाखों लाभार्थियों को सीधा फायदा मिलने की उम्मीद है। क्यों जरूरी था यह बदलाव? पुरानी व्यवस्था में कई लाभार्थियों को राशन लेने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। खासतौर पर वे लोग जिनके बायोमेट्रिक (फिंगरप्रिंट) ठीक से मैच नहीं होते थे या ई-केवाईसी बार-बार फेल हो जाती थी, उन्हें राशन मिलने में देरी होती थी। नई QR कोड तकनीक इन समस्याओं का समाधान करने के लिए लाई गई है। कितने लोगों को मिलेगा लाभ? पंजाब में करीब 1.5 करोड़ लोग PDS प्रणाली के तहत राशन लेते हैं, जबकि राज्य में लगभग 39 लाख राशन कार्ड हैं। सरकार का लक्ष्य मई से पहले 80% लाभार्थियों तक नए QR कोड कार्ड पहुंचाने का है, ताकि गेहूं वितरण शुरू होने से पहले व्यवस्था पूरी तरह लागू हो सके। यह कदम इसलिए अहम माना जा रहा है क्योंकि राज्यभर में हजारों पात्र परिवार E-KYC और बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के दौरान लगातार समस्याओं का सामना कर रहे थे। खासकर अंगूठे के निशान का मेल न होना, बुजुर्गों के घिसे हुए फिंगरप्रिंट और EPoS मशीनों में तकनीकी खराबियां बड़ी वजह रही हैं। अधिकारियों के अनुसार, नए स्मार्ट कार्ड अब राशन लाभार्थियों के लिए एक वैध पहचान माध्यम के रूप में काम करेंगे, जिससे यह सुनिश्चित होगा कि केवल बायोमेट्रिक फेल होने के कारण किसी भी पात्र परिवार को गेहूं के हक से वंचित न होना पड़े। लुधियाना वेस्ट के जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक सरताज सिंह चीमा मीडिया ने बताया कि इस चरणबद्ध योजना का उद्देश्य डिपो नेटवर्क में लाभार्थियों की पहचान प्रक्रिया को और सुगम बनाना है। उन्होंने कहा कि स्मार्ट कार्ड तैयार हैं और अगले 2-3 दिनों में डिपो होल्डरों के जरिए धीरे-धीरे लाभार्थियों तक पहुंचने शुरू हो जाएंगे। स्मार्ट कार्ड में लाभार्थियों की जरूरी जानकारी जैसे श्रेणी, राशन कार्ड नंबर, परिवार प्रमुख का विवरण और जारी करने की जानकारी शामिल होगी, जिससे गेहूं वितरण के दौरान तेज और विश्वसनीय पहचान संभव हो सकेगी। अधिकारियों का कहना है कि यह सुधार सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) में मौजूद खामियों को दूर करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे बार-बार अंगूठा सत्यापन की समस्या कम होगी और असली लाभार्थियों को समय पर उनका गेहूं मिल सकेगा। खाद्य सुरक्षा व्यवस्था के तहत पात्र लाभार्थियों को मुफ्त गेहूं दिया जाता है, ऐसे में उनकी पहचान में किसी भी प्रकार की रुकावट गरीब परिवारों के लिए बड़ी समस्या बन जाती है। राज्य स्तर पर यह योजना बड़े पैमाने पर लागू की जा रही है, जिसमें करीब 39 लाख राशन कार्ड और 1.5 करोड़ लाभार्थी शामिल हैं। अधिकारियों का मानना है कि स्मार्ट कार्ड व्यवस्था लागू होने से डिपो पर विवाद कम होंगे, लाभार्थियों की पहचान बेहतर होगी और पूरे पंजाब में गेहूं वितरण प्रक्रिया अधिक सुगम हो जाएगी। राज्य सरकार इस पहल को एक बड़े कल्याणकारी और पारदर्शिता बढ़ाने वाले सुधार के रूप में देख रही है, जिससे कोई भी पात्र परिवार तकनीकी कारणों से वंचित न रह जाए। जिला स्तर पर वितरण शुरू होने के साथ ही आने वाले दिनों में पंजाब की राशन प्रणाली में स्मार्ट कार्ड आधारित पहचान का बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। पहले ही छप चुके हैं लाखों कार्ड सरकार ने QR कोड आधारित करीब 10 लाख प्लास्टिक राशन कार्ड पहले ही तैयार कर लिए हैं। इन्हें चरणबद्ध तरीके से जिलों और राशन डिपो तक पहुंचाया जा रहा है। शेष कार्डों की आपूर्ति भी तेजी से जारी है, ताकि कोई भी पात्र परिवार इस सुविधा से वंचित न रहे। अब नहीं ले जाना होगा आधार या अन्य दस्तावेज नई व्यवस्था के तहत लाभार्थियों को सिर्फ QR कोड वाला राशन कार्ड दिखाना होगा। राशन डिपो पर अब आधार कार्ड या अन्य पहचान पत्र ले जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इससे प्रक्रिया तेज और आसान होगी। कहीं भी मिलेगा राशन इस सिस्टम की सबसे बड़ी खासियत पोर्टेबिलिटी है। यानी लाभार्थी अपने निर्धारित डिपो के अलावा किसी अन्य डिपो से भी राशन प्राप्त कर सकेंगे। QR कोड स्कैन होते ही उनकी जानकारी सामने आ जाएगी और उन्हें बिना किसी परेशानी के अनाज मिल सकेगा। नए स्मार्ट कार्ड से मिलेगी लाभार्थियों को वैध पहचान अधिकारियों के अनुसार, नए स्मार्ट कार्ड अब राशन लाभार्थियों के लिए एक वैध पहचान माध्यम के रूप में काम करेंगे, जिससे यह सुनिश्चित होगा कि केवल बायोमेट्रिक फेल होने के कारण किसी भी पात्र परिवार को राशन के हक से वंचित न होना पड़े। डिपो होल्डरों के जरिए लाभार्थियों तक पहुंचेगे स्मार्ट कार्ड लुधियाना वेस्ट के जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक सरताज सिंह चीमा मीडिया ने बताया कि इस चरणबद्ध योजना का उद्देश्य डिपो नेटवर्क में लाभार्थियों की पहचान प्रक्रिया को और सुगम बनाना है। उन्होंने कहा कि स्मार्ट कार्ड तैयार हैं और अगले 2-3 दिनों में डिपो होल्डरों के जरिए धीरे-धीरे लाभार्थियों तक पहुंचने शुरू हो जाएंगे। इससे खासकर उन मामलों में राहत मिलेगी, जहां अंगूठे के निशान के मेल न खाने से गेहूं वितरण में दिक्कत आ रही थी। यह वितरण पंजाब के राशन डिपो नेटवर्क के माध्यम से किया जाएगा, जिसमें जिला प्रशासन और डिपो धारक अंतिम स्तर तक पहुंच सुनिश्चित करेंगे। e-KYC से मिलेगी राहत स्मार्ट कार्ड में लाभार्थियों की जरूरी जानकारी जैसे श्रेणी, राशन कार्ड नंबर, परिवार प्रमुख का विवरण और जारी करने की जानकारी शामिल होगी। जिससे गेहूं वितरण के दौरान तेज और विश्वसनीय पहचान संभव हो सकेगी। इस पहल से खासकर बुजुर्गों, मजदूरों और उन परिवारों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है, जो बार-बार e-KYC में फेल हो रहे थे या बायोमेट्रिक गड़बड़ी के कारण उनका राशन अटक जाता था। पात्र लाभार्थियों को मुफ्त मिलता है राशन अधिकारियों का कहना है कि यह सुधार सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) में मौजूद खामियों को दूर करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे बार-बार अंगूठा सत्यापन की समस्या कम होगी और असली लाभार्थियों को समय पर उनका गेहूं मिल सकेगा। खाद्य सुरक्षा व्यवस्था के तहत पात्र लाभार्थियों को मुफ्त गेहूं दिया जाता है, ऐसे में उनकी पहचान में किसी भी प्रकार की रुकावट … Read more

अस्पताल पहुंचकर मंत्री ने जानी हकीकत, महिला मरीजों की समस्याएं सुनीं

पटियाला. यहां माता कौशल्या अस्पताल में बीते दिन बुधवार को अस्पताल के एक कर्मचारी द्वारा पर्ची बनवाने के लिए लाइन में लगी महिला को थप्पड़ करने का मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य मंत्री डॉ बलबीर सिंह वीरवार सुबह नो बजे ही अस्पताल में स्थित ओपीडी में पहुंच गए। इस दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने पर्ची काउंटर पर पर्ची बनवाने के लिए लाइन में लगी महिलाओं से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनी और तुरंत अधिकारियों को समस्याओं का समाधान करने के निर्देश भी दिए। इसके बाद स्वास्थ्य मंत्री द्वारा महिला को थप्पड़ मारने के मामले को लेकर अस्पताल अधिकारियों से बातचीत की गई मौजूदा समय में स्वास्थ्य मंत्री की अस्पताल अधिकारियों से मीटिंग चल रही है। पंजाब ने बड़े पैमाने पर सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवा वितरण में एक मिसाल कायम की; डॉ. बलबीर सिंह के अनुसार, मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत 3 महीने से भी कम समय में 30.51 लाख से अधिक परिवार पंजीकृत हुए। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब ने मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत बड़े पैमाने पर सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने में एक मिसाल कायम की है। 8 जनवरी, 2026 को शुरू होने के तीन महीने के भीतर ही 30.51 लाख से अधिक परिवार इस योजना में नामांकित हो चुके हैं और 292 करोड़ रुपये के मुफ्त उपचार को मंजूरी मिल चुकी है, जिससे यह योजना राष्ट्रीय स्तर पर एक अग्रणी मॉडल के रूप में उभरी है। शुक्रवार को पंजाब के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने योजना के व्यापक कार्यान्वयन और गति पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस योजना से पंजाब भर में लाखों परिवारों को तेजी से वास्तविक वित्तीय राहत और स्वास्थ्य सेवा तक पहुंच प्राप्त हुई है।

चंडीगढ़ BJP ऑफिस अटैक में पाकिस्तान मेड ग्रेनेड का प्रयोग, संदिग्धों के 2 और वीडियो हुए सार्वजनिक

चंडीगढ़ चंडीगढ़ के सेक्टर-37 स्थित पंजाब बीजेपी के मुख्यालय के बाहर हुए ब्लास्ट में नया खुलासा हुआ है। सूत्रों के मुताबिक इस हमले में GHD2P हैंड ग्रेनेड का इस्तेमाल किया गया था। यह ग्रेनेड पाकिस्तान में बनाया जाता है। जानकारी के अनुसार, विस्फोट के बाद यह करीब 5 से 10 मीटर के दायरे में बेहद घातक साबित हो सकता है। वहीं इसके टुकड़े 20 से 25 मीटर तक फैल सकते हैं, जिससे आसपास मौजूद लोगों के गंभीर रूप से घायल होने का खतरा रहता है। इससे पहले 2 नए वीडियो सामने आए। हमले से कुछ मिनट पहले वीडियो में BJP ऑफिस के पास स्थित एक अन्य दफ्तर के बाहर 2 संदिग्ध खड़े दिखाई दे रहे हैं। वहीं दूसरे वीडियो में हमले के बाद दोनों संदिग्ध सड़क के दूसरी ओर भागते हुए कैद हुए हैं। बुधवार शाम को पंजाब बीजेपी के मुख्यालय के बाहर ब्लास्ट हुआ था। इससे मौके पर खड़ी कई कारों के शीशे टूट गए और आसपास की दीवार पर छर्रों के निशान बन गए। घटना के 2 वीडियो वायरल हुए, जिसमें से एक में व्यक्ति ग्रेनेड बम फेंकता दिखा। जबकि, दूसरे वीडियो में बाइक पर जाते दो लोग दिखे, जिन्हें हमलवार बताया गया। वहीं, सोशल मीडिया पर एक पोस्ट भी वायरल हुई, जिसमें इस हमले की जिम्मेदारी खालिस्तानी संगठन ने ली। अब तक पुलिस ने इस मामले में कोई गिरफ्तारी नहीं की है। चंडीगढ़ की SSP कंवरदीप कौर ने कहा था कि क्रूड जैसी चीज फेंकी गई है। चंडीगढ़ पुलिस और सीएफएसएल की टीम बीजेपी ऑफिस के बाहर जांच में जुटी हुई हैं। 30 फुट दूरी से फेंका गया ग्रेनेड BJP मुख्यालय के बाहर करीब 30 फुट दूरी से ग्रेनेड फेंका गया था। दीवार की ऊंचाई लगभग 3 फुट है, जबकि उसके ऊपर करीब 2 फुट ऊंची एल्यूमीनियम ग्रिल लगी हुई है। जिस जगह ग्रेनेड गिरा, वहां से बीजेपी दफ्तर के मुख्य द्वार की दूरी करीब 25 फीट बताई जा रही है। मुख्य द्वार के पास सुरक्षा कर्मियों के लिए केबिन बना हुआ है, जहां केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के दो जवान राउंड द क्लॉक तैनात रहते हैं। वहीं मुख्य गेट पर चंडीगढ़ पुलिस के कर्मचारी भी मौजूद रहते हैं। हालांकि जिस स्थान पर ग्रेनेड गिरा, वहां अकसर आने वाले लोग अपनी गाड़ियां पार्क करते हैं और घटना के समय भी वहां वाहन खड़े थे। खालिस्तानी आतंकी सुखजिंदर सिंह बब्बर ने इस घटना की जिम्मेदारी लेने का दावा किया है। सोशल मीडिया पर जारी एक पोस्ट में कहा गया है कि चंडीगढ़ के सेक्टर-37 में हुए ग्रेनेड हमले के पीछे वही है। पोस्ट में कहा गया है कि भारतीय सिस्टम चाहे पंजाब के सिख युवाओं के खिलाफ कितने भी कदम उठा ले, इसका जवाब दिया जाएगा। खालसा पंथ उचित प्रतिक्रिया करेगा। गुरदासपुर में रणजीत सिंह की हत्या का जिक्र करते हुए उसके आरोपियों को भी न बख्शने की बात कही गई है। पंजाब की धरती खालसा की धरती पोस्ट के अंत में खालिस्तान समर्थक नारे भी लिखे गए हैं, जिनमें खालिस्तान के समर्थन और खालसा राज की बात दोहराई गई है। इस में कहा गया है कि पंजाब की धरती खालसा की धरती है। पंजाब में खालिस्तान बनेगा खालिस्तान जिंदाबाद, खालसा राज करेगा। वायरल पोस्ट में संगठन की ओर से इस वारदात को अंजाम देने का जिक्र करते हुए पंजाब के डीआईजी संदीप गोयल को भी चेतावनी दी गई है। वहीं, सोशल मीडिया पर इस घटना का एक वीडियो भी वायरल हुआ है, जिसमें एक शख़्स ग्रेनेड की पिन निकाल कर फेंकते हुए दिख रहा है। हमले की जांच में पुलिस को सीसीटीवी में दो संदिग्ध दिखे हैं। दोनों लोगों को मोटरसाइकिल पर बीजेपी ऑफिस के आसपास घूमते देखा गया। पुलिस उनकी तलाश कर रही है। कहीं पंजाब भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष तो नहीं थे निशाना? पुलिस सूत्रों के मुताबिक इस घटना के तार प्रतिबंधित आतंकी संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल से जुड़ने की आशंका है। इसके अलावा इस हमले को पंजाब भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष अश्वनी कुमार शर्मा से जोड़कर भी देखा जा रहा है। करीब 15 दिन पहले एसएसपी पठानकोट ने अश्वनी शर्मा को सतर्क रहने और सार्वजनिक स्थानों पर कम जाने की चेतावनी दी थी। घटना से दो दिन पहले तक शर्मा पार्टी कार्यालय में मौजूद थे और बुधवार सुबह ही दिल्ली में एक कार्यक्रम के लिए रवाना हुए थे। क्रूड बम का इस्तेमाल किया: एसएसपी चंडीगढ़ सेक्टर-37 में पंजाब भाजपा कार्यालय के बाहर बुधवार शाम करीब 4:48 बजे जोरदार धमाके से भाजपा कार्यालय के बाहर खड़ी कार का शीशा टूट गया। काले रंग की एक एक्टिवा क्षतिग्रस्त हो गई और चारदीवारी पर 50 से अधिक स्थानों पर छर्रों के निशान देखने को मिले। चण्डीगढ़ की एसएसपी कंवरदीप कौर ने कहा कि विस्फोट के लिए क्रूड बम का इस्तेमाल किया गया था। उन्होंने बताया कि इससे पहले क्रूड बम का इस्तेमाल पश्चिम बंगाल में एक घटना में किया गया था। घटना के बाद केंद्रीय फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (सीएफएसएल) और नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) की टीमों ने भी घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाने शुरू कर दिए। वहीं, घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।

पंजाब सरकार की नई पहल: आंगनवाड़ी नेटवर्क से तैयार होगा ड्रग डेटा

चंडीगढ़. आंगनवाड़ी वर्करों के लिए स्मार्टफोन खरीद को लेकर पहले से चल रहे विवाद ने बुधवार को नया मोड़ ले लिया। पंजाब सरकार ने अब इन स्मार्टफोनों को ड्रग्स जनगणना में लगे एन्यूमरेटरों को देने का फैसला किया है। इस फैसले से पहले ही छह साल की देरी और दो आईएएस अधिकारियों के निलंबन को लेकर यह मामला चर्चा में रहा है। सरकार ने कुल 28,515 सैमसंग 5G स्मार्टफोन खरीदे थे। इनमें से करीब 28,000 फोन अब ड्रग्स जनगणना के एन्यूमरेटरों को दिए जाएंगे। ये फोन मूल रूप से सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से आंगनवाड़ी केंद्रों में वितरित किए जाने थे, लेकिन अब इन्हें ग्रामीण विकास एवं पंचायत विभाग को सौंपने का निर्णय लिया गया है, जो ड्रग्स जनगणना का नोडल विभाग है। इन स्मार्टफोनों की खरीद पर लगभग 57 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं और यह योजना केंद्र सरकार की ओर से वित्तपोषित है। इन स्मार्ट फोनों को कम से कम पांच जिलों में भेजा भी गया था और बाकी जिलों में वितरण की तैयारी थी। इसी बीच सरकार ने इन्हें ड्रग्स जनगणना के लिए उपयोग करने का फैसला लिया। एन्यूमरेटर महत्वपूर्ण कार्य कर रहे हैं, इसलिए उन्हें इन फोनों की जरूरत है। जनगणना पूरी होने के बाद ये फोन आंगनवाड़ी वर्करों को दे दिए जाएंगे। संसाधनों के बेहतर उपयोग को सुनिश्चित करने के लिए यह कदम उठाया गया है। वहीं, आंगनवाड़ी वर्कर हेल्पर यूनियन की पंजाब अध्यक्ष बरिंदरजीत कौर छीना ने इस फैसले पर नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि सोमवार को मंत्री ने उन्हें आश्वासन दिया था कि फोन आंगनवाड़ी वर्करों को दिए जाएंगे, लेकिन अब जानकारी मिली है कि इन्हें ड्रग्स जनगणना में लगाया जा रहा है, जो अनुचित है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में उनकी बैठक मंत्री डॉ. बलजीत कौर और विभाग के प्रशासनिक सचिव गुरकीरत किरपाल सिंह के साथ हुई थी, जिसमें उन्हें बताया गया था कि फोन खरीदे जा चुके हैं और वितरण प्रक्रिया शुरू हो रही है। यह खरीद पोषण अभियान के तहत की गई थी, जो केंद्र सरकार की प्रायोजित योजना है। इसका उद्देश्य आंगनवाड़ी वर्करों को फील्ड से डेटा भरने के लिए ऐप के माध्यम से सशक्त बनाना है, ताकि योजना की निगरानी बेहतर ढंग से हो सके। इस पूरे मामले में देरी को लेकर 7 फरवरी को आईएएस अधिकारी केके यादव और जसप्रीत सिंह को निलंबित किया गया था। उस समय वे क्रमशः उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के प्रशासनिक सचिव और इंफोटेक के एमडी थे। स्मार्टफोन की खरीद प्रक्रिया पंजाब इंफोटेक के जरिए की गई थी, जिसमें अनियमितताओं और देरी की बात सामने आई थी। शुरुआत में करीब 27,515 स्मार्टफोन के लिए टेंडर जारी किया गया था। उस समय 5G फोन उपलब्ध नहीं थे, इसलिए 4G फोन के लिए प्रक्रिया शुरू हुई और एक कंपनी को एल1 घोषित किया गया। बाद में 5G फोन की जरूरत बताते हुए नया टेंडर जारी किया गया, जिसके खिलाफ कंपनी हाई कोर्ट पहुंची थी। इसके बाद अधिकारियों पर कार्रवाई की गई और खरीद प्रक्रिया को तेज किया गया। प्रत्येक फोन की कीमत करीब 20,000 रुपये बताई गई है।

बड़ी खबर: पंजाब में शुक्रवार को अवकाश घोषित, सभी शिक्षण संस्थान बंद

जालंधर. आज से अप्रैल का महीना शुरू हो गया है। इसके साथ ही इस महीने भी कई छुट्टियां आ रही हैं, जिसकी वजह से पंजाब में स्कूल, कॉलेज बंद रहेंगे। बच्चों की मस्ती के साथ-साथ कर्मचारियों की भी मौज लगेंगी। इस दौरान स्कूल, कॉलेज और सरकारी संस्थान बंद रहने वाले हैं। इस महीने की पहली सरकारी छुट्टी 3 अप्रैल को आ रही है। 3 अप्रैल यानी शुक्रवार को गुड फ्राइडे की छुट्टी रहेगी। इसके बाद बुधवार यानी 8 अप्रैल को श्री गुरु नाभा दास जी की जयंती आ रही है, जिसकी वजह से स्कूल और कॉलेज बंद रहेंगे। 14 अप्रैल, मंगलवार को बैसाखी है और डॉ. बी. आर. अंबेडकर की जयंती आ रही है। इसके बाद 19 अप्रैल को भगवान परशु राम की जयंती आ रही है, जो रविवार को आ रही है। आपको यह भी बता दें कि इन सरकारी छुट्टियों के अलावा 4 रविवार भी आ रहे हैं। प्रसिद्ध दर्शनीय स्थल भारत के उत्तरी भाग में स्थित पंजाब में स्वर्ण मंदिर जैसे प्रसिद्ध दर्शनीय स्थल हैं और 1900 ईसा पूर्व तक सिंधु घाटी सभ्यता के केंद्र के रूप में इसका ऐतिहासिक महत्व है। आप अवकाश प्राप्त कर त्योहारों में दर्शनीय स्थल में भाग ले सकते हैं। राज्य में हवाई, रेल और सड़क नेटवर्क के माध्यम से उत्कृष्ट संपर्क है, जिससे यह देश के विभिन्न हिस्सों से आसानी से पहुँचा जा सकता है। पर्यटकों को ऐतिहासिक महलों, युद्धक्षेत्रों और राज्य की शोभा बढ़ाने वाली शानदार सिख स्थापत्य कला का अवलोकन करने का अवसर मिलता है। 2026 के लिए पंजाबी में बैंक अवकाश पंजाब में राष्ट्रीय और क्षेत्रीय छुट्टियों के अलावा बैंक अवकाश भी होते हैं। इन छुट्टियों के दौरान बैंक कर्मचारी अवकाश पर रहते हैं। इंडियन बैंक्स एसोसिएशन और ऑल इंडिया बैंक एम्प्लॉइज़ एसोसिएशन के बीच हुए समझौते के अनुसार, हर महीने के दूसरे और चौथे शनिवार को पंजाब और भारत के अन्य राज्यों के सभी सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक बंद रहते हैं।

मां की गलती, कबाड़ी की ईमानदारी: 1.5 लाख रुपये लौटाकर पेश की मिसाल

जलालाबाद/चंडीगढ़. जलालाबाद में एक युवक की मां ने उसके डेढ़ लाख रुपयों को कबाड़ समझ कर कबाड़ी को बेच दिए। यह रकम युवक ने डेढ़ साल की मेहनत से जमा की थी। हालांकि, तीन अलग-अलग हाथों से गुजरने के बाद यह पैसे युवक को वापस मिल गए। यह घटना जलालाबाद के गांव फलियावाला से सामने आई है। गांव कमरेवाला का रहने वाला युवक सोनू एक शेलर में काम करता है। उसने चोरी के डर से अपनी डेढ़ साल की कमाई, कुल डेढ़ लाख रुपए, सूखी रोटियों के एक थैले में छिपाकर रखे थे। आज जब युवक काम पर गया हुआ था, तो उसकी मां ने एक फेरीवाले राजकुमार को कबाड़ के साथ वह थैला भी बेच दिया, जिसमें डेढ़ लाख रुपए रखे थे। फेरीवाले ने आगे यह सामान तीर्थ नामक बड़े कबाड़ी को बेचा, जिसने फिर सूखी रोटियों वाले थैले को दूध डेरी वाले पप्पू बैटरी वाले को बेच दिया। जब नौजवान घर लौटा और उसने अपनी मां से सूखी रोटियों के थैले के बारे में पूछा, तो मां ने बताया कि उन्होंने फेरीवाले को बेच दिया है। यह सुनकर सोनू हैरान रह गया और उसने तुरंत कबाड़ी की तलाश शुरू कर दी। युवक की तलाश के बाद वह कबाड़ी तक पहुंचा और अपनी पूरी बात बताई। कबाड़ी ने पप्पू बैटरी वाले से रोटियों वाला थैला वापस लाकर ईमानदारी दिखाते हुए डेढ़ लाख रुपए युवक को वापस लौटा दिए। बड़ी बात ये रही कि तीन जगह बाइक कैश वाले थैले को किसी ने भी खोलकर नहीं देखा । गांव मोहकम अराईया के सरपंच परमिंदर सिंह ने इस अनोखे मामले की पुष्टि की है। हालांकि इसके बाद नौजवान भावुक हुआ और कहता कि मैंने ईंटें उठा-उठा पैसे जोड़ थे। यह मेरी मेहनत की कमाई है जो वापस लौट आई है।

पंजाब PCS मेन्स परीक्षा: 10 अप्रैल तक होगा आयोजन, 12 परीक्षा केंद्र स्थापित

पटियाला. पंजाब लोक सेवा आयोग द्वारा पी.सी.एस. (कार्यकारी शाखा) की मुख्य परीक्षा 1 अप्रैल से 10 अप्रैल तक करवाने के लिए पूरी तैयारी कर ली गई है। पी.पी.एस.सी. के सचिव चरणजीत सिंह ने बताया कि आयोग के चेयरमैन मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) विनायक सैनी की अगुवाई में परीक्षा को सुचारू, पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से आयोजित करवाने के लिए सभी आवश्यक प्रबंध किए गए हैं। इस परीक्षा के लिए पटियाला शहर में कुल 12 परीक्षा केंद्र स्थापित किए गए हैं। उन्होंने बताया कि यह परीक्षा सभी दिनों में दोपहर के सत्र में दोपहर 2:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक आयोजित की जाएगी। सख्त निगरानी और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर वरिष्ठ आईएएस और पी.सी.एस. अधिकारियों को ऑब्जर्वर के रूप में तैनात किया गया है। प्रबंधों के बारे में विस्तार से बताते हुए चरणजीत सिंह ने कहा कि उम्मीदवारों की सही पहचान सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक केंद्र पर बायोमेट्रिक वैरीफिकेशन सिस्टम लगाए गए हैं। इसके अलावा, परीक्षा के दौरान किसी भी इलैक्ट्रॉनिक उपकरण के उपयोग को रोकने के लिए जैमर भी लगाए गए हैं। सचिव ने कहा कि परीक्षा के सुचारू संचालन के लिए पटियाला पुलिस द्वारा व्यापक सुरक्षा और शहर में ट्रैफिक व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। उन्होंने बताया कि पी.सी.एस. कार्यकारी शाखा सहित पंजाब सरकार के विभिन्न विभागों में एलाइड अधिकारियों की 331 रिक्तियों को भरने के लिए लगभग 4,200 उम्मीदवार, जिन्होंने प्रारम्भिक परीक्षा पास की है, मुख्य परीक्षा में शामिल होंगे। 

केंद्र का गेहूं अवशेष जलाने वालों पर कड़ा रुख, 10,500 अधिकारी और सैटेलाइट निगरानी के तहत होगा नियंत्रण

चंडीगढ़  पंजाब में गेहूं की कटाई के साथ अवशेष जलाने की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए इस बार केंद्र सरकार सख्त रुख में है। केंद्र खुद इन मामलों की निगरानी करेगा। राज्य सरकार ने इसके लिए एक विस्तृत एक्शन प्लान लागू किया है। आज से कटाई शुरू होने के साथ ही 10,500 अधिकारियों को तैनात किया गया है जो खेतों में नजर रखेंगे। साथ ही एक कंट्रोल रूम बनाया गया है जिससे सैटेलाइट के जरिए घटनाओं की निगरानी की जाएगी। 100 किसानों पर तैनात होगा एक नोडल अधिकारी  वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने पहले ही दिशा-निर्देश जारी करते हुए 100 किसानों पर एक नोडल अधिकारी तैनात करने को कहा है। पंजाब में हर साल 1 अप्रैल से 31 मई तक गेहूं की कटाई होती है। राज्य में करीब 34 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में गेहूं की खेती होती है जिससे लगभग 205 लाख टन भूसा निकलता है। कम समय में धान की रोपाई के दबाव के कारण किसान अवशेषों को आग लगा देते हैं जिससे पर्यावरण को नुकसान होता है और दिल्ली एनसीआर में प्रदूषण बढ़ता है। सरकार की तैयारी अवशेष जलाने पर रोक के लिए सरकार ने कस्टम हायरिंग सेंटरों पर 31 हजार स्ट्रॉ रीपर उपलब्ध कराए हैं जो अवशेषों को काटकर चारे में बदलते हैं। इसके अलावा पेलेट निर्माण, इंडस्ट्रियल बॉयलर और सीबीजी प्लांट में भी अवशेषों के उपयोग की योजना बनाई गई है। हर ब्लॉक स्तर पर जागरूकता शिविर आयोजित किए जाएंगे ताकि किसानों को वैकल्पिक उपायों के बारे में जानकारी दी जा सके। विभागों की जिम्मेदारी तय सरकार ने विभिन्न विभागों की जिम्मेदारी तय की है। खेत में अवशेष प्रबंधन का काम कृषि और सहकारिता विभाग को दिया गया है जबकि बाहरी निपटान का जिम्मा नवीकरणीय ऊर्जा विभाग, उद्योग विभाग और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को सौंपा गया है। अवशेष जलाने पर प्रतिबंध लागू कराने की जिम्मेदारी विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं पर्यावरण विभाग और जिला उपायुक्तों की होगी।  

भीषण विस्फोट से दहला लुधियाना: पटाखा फैक्ट्री ढही, एक की जान गई

लुधियाना. लुधियाना देहाती के गांव जोधां इलाके में मंगलवार रात उस समय चीख-पुकार मच गई, जब रिहायशी इमारत में चल रही एक अवैध पटाखा फैक्ट्री भीषण धमाके के साथ ताश के पत्तों की तरह ढह गई। धमाका इतना जबरदस्त था कि इसकी गूंज कई किलोमीटर दूर तक सुनाई दी और आसपास के घरों की खिड़कियां तक हिल गईं। इस दर्दनाक हादसे में मलबे के नीचे दबने से एक युवक की मौत हो गई, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हुए हैं। मृतक मोहम्मद कैफ़ है। हालात की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय पुलिस और फायर ब्रिगेड के अलावा सेना की टुकड़ी को भी मोर्चा संभालना पड़ा है। घटना की जानकारी देते हुए फायर ऑफिसर रजिंदर ने बताया कि रात करीब 8:20 बजे सूचना मिली थी कि जोधां सरकारी स्कूल के पास एक बिल्डिंग ब्लास्ट के बाद गिर गई है। मुल्लापुर और लुधियाना से पहुंची फायर ब्रिगेड की टीमों ने स्थानीय लोगों की मदद से तुरंत बचाव कार्य शुरू किया। मलबे से निकाले गए एक युवक को गंभीर हालत में लुधियाना के सिविल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। वहीं, एक महिला और एक अन्य व्यक्ति के सिर पर गंभीर चोटें आई हैं। बताया जा रहा है कि इस 'बेहड़े' यानी रिहायशी परिसर में गुपचुप तरीके से पटाखे बनाने का काम चल रहा था और हादसे के वक्त वहां 17 से 18 लोग मौजूद थे। धमाके की वजह अभी स्पष्ट नहीं हुई है। लेकिन, मृतक युवक के पिता जमील का कहना है कि शाम को अचानक तेज आंधी चली और आसमानी बिजली गिरने से शॉर्ट सर्किट हो गया, जिसके तुरंत बाद सिलेंडर फट गया। हालांकि, प्रशासनिक जांच और मौके के हालात कुछ और ही बयां कर रहे हैं। तहसीलदार कर्मजीत सिंह ने बताया कि यह पूरी इमारत एक ठेकेदार ने किराए पर ली हुई थी और यहां भारी मात्रा में 'पोटाश' और अन्य विस्फोटक सामग्री भरी हुई थी। रिहायशी इलाके के बीचों-बीच मौत का यह सामान अवैध रूप से जमा किया गया था, जो इस बड़े हादसे का कारण बना। बिल्डिंग के मलबे में अभी भी विस्फोटक पदार्थ होने की आशंका के चलते सेना के अधिकारियों ने पूरे इलाके को सील कर दिया है। सेना के अधिकारी पुष्प राज ने बताया कि अंधेरा होने और इमारत के पूरी तरह धराशायी होने के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन में सावधानी बरती जा रही है। मौके पर अभी भी भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री पड़ी है, जिसे बुधवार सुबह सुरक्षित तरीके से हटाया जाएगा। फिलहाल थाना जोधा की पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है कि आखिर घनी आबादी के बीच पटाखों का यह अवैध कारोबार किसकी शह पर फल-फूल रहा था।

राणा सोढ़ी के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने गृह मंत्री और भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष से मुलाकात कर सौंपा ज्ञापन

फिरोजपुर पंजाब के वरिष्ठ भाजपा नेता Rana Gurmit Singh Sodhi के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय गृहमंत्री Amit Shah से मुलाकात कर विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों को लेकर एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा। इस अवसर पर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष Nitin Nabin भी मौजूद रहे। दोनों वरिष्ठ नेताओं ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि उठाए गए मुद्दों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा और सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास को प्राथमिकता दी जाएगी। नितिन नवीन ने जल्द ही पंजाब दौरे का भी आश्वासन दिया। प्रतिनिधिमंडल में अनीश सिडाना (अरोड़ा खत्री समुदाय), हंसा सिंह कामरेड (राय सिख समुदाय), पूर्ण चंद (2022 विधानसभा चुनाव उम्मीदवार), बाबा बलविंदर सिंह (जिला परिषद चुनाव उम्मीदवार), दविंदर सिंह जंग (पूर्व जिला परिषद सदस्य) और पुरुषोत्तम कुमार (ओबीसी नेता) शामिल थे। राणा गुरमीत सिंह सोढ़ी ने पंजाब की रणनीतिक महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि पंजाब केवल एक सीमावर्ती राज्य ही नहीं, बल्कि देश की राष्ट्रीय सुरक्षा और खाद्य सुरक्षा का भी अहम आधार है। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों का समग्र विकास राष्ट्रीय हित से जुड़ा हुआ विषय है। ज्ञापन में खास तौर पर किसानों, बुनियादी ढांचे और रोजगार से जुड़े मुद्दों को उठाया गया। किसानों के हित में मांग की गई कि डिफेंस वायर और जीरो लाइन के पार खेती कर रहे किसानों को उनकी जमीन का मालिकाना हक दिया जाए, ताकि उन्हें सुरक्षा और स्थायित्व मिल सके। सड़क अवसंरचना को मजबूत करने के लिए फिरोजपुर–फाजिल्का मार्ग को 4 लेन कर राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित करने की मांग की गई। इसके अलावा हुसैनीवाला चेक पोस्ट को सुरक्षा मानकों के साथ पुनः खोलने की मांग भी रखी गई, ताकि व्यापार और स्थानीय रोजगार को बढ़ावा मिल सके। सीमावर्ती इलाकों में हर वर्ष आने वाली बाढ़ की समस्या को देखते हुए मजबूत बांध और सुरक्षात्मक ढांचे के निर्माण पर भी जोर दिया गया। साथ ही खूंढर घाटी से फिरोजपुर शहर को जोड़ने के लिए पुल निर्माण की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई। प्रतिनिधिमंडल ने युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने हेतु सीमावर्ती क्षेत्रों में उद्योग स्थापित करने की आवश्यकता पर बल दिया। इसके साथ ही फाजिल्का से श्री मुक्तसर साहिब होते हुए बठिंडा और नई दिल्ली तक वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन चलाने की मांग भी की गई। अंत में राणा गुरमीत सिंह सोढ़ी ने कहा कि पंजाब देश के अन्न भंडार में महत्वपूर्ण योगदान देता है, इसलिए सीमावर्ती क्षेत्रों का विकास केवल क्षेत्रीय मुद्दा नहीं, बल्कि राष्ट्रीय आवश्यकता है। ज्ञापन के माध्यम से केंद्र सरकार से अपील की गई कि इन मांगों पर शीघ्र कार्रवाई कर सीमावर्ती इलाकों में संतुलित विकास, सुरक्षा सुदृढ़ीकरण और लोगों के जीवन स्तर में सुधार सुनिश्चित किया जाए।